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MP के 7 जिलों में बारिश का अलर्ट: ग्वालियर सहित अगले 3 दिन रहेगा मौसम में बदलाव

भोपाल मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है. वेस्टर्न डिस्टरबेंस और सक्रिय चक्रवातीय सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश और तेज आंधी के आसार बन रहे हैं. जहां मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के भीतर ग्वालियर समेत प्रदेश के 7 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है।  मार्च के महीने में यह तीसरी बार है जब प्रदेश में बारिश की स्थिति बन रही है. प्रदेश में पिछले 24 घंटे में भीषण गर्मी का असर देखा गया, जहां दिन का पारा 38.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा और नर्मदापुरम सीजन का सबसे गर्म इलाका रहा. हालांकि अब सक्रिय हुए नए वेदर सिस्टम से तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आज शुक्रवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. इस दौरान इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है।  अगले 3 दिन रहेगा भारी मौसम का असर मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना है। इन जिलों में हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और अन्य संभागों में भी हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। यह मौसम परिवर्तन 30 मार्च तक जारी रहने की संभावना है। प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस और चक्रवात मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में दो चक्रवात सक्रिय हैं। इन सिस्टम्स की वजह से मार्च के इस महीने में गर्मी और बारिश का असंतुलित मौसम देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ दिनों में दिन का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था, और नर्मदापुरम इस सीजन का सबसे गर्म शहर रहा। मार्च में तीसरी बार बदलेगा मौसम का मिजाज मार्च महीने में अब तक दो बार आंधी और बारिश का दौर देखा गया है। पहले दौर में लगभग 45 जिलों में तेज हवाओं और बारिश की वजह से फसलें प्रभावित हुई थीं। 17 जिलों में ओले भी गिरे थे, जिससे गेहूं, पपीता और केला की फसलें बर्बाद हुईं। अब तीसरे दौर के तहत 27 मार्च से 30 मार्च तक बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। अप्रैल-मई में तेज गर्मी का अनुमान मौसम विभाग ने चेताया है कि अप्रैल और मई में प्रदेश में तापमान अधिक रहेगा। खासकर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान दर्ज होने की संभावना है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। इस बार मार्च में मौसम तीनों प्रकार के बदलावों का असर दिखा रहा है: दिन गर्म, रातें ठंडी और बीच-बीच में बारिश और आंधी। 30 मार्च तक बना रहेगा सिस्टम का असर मौसम विभाग की मानें तो यह वेदर सिस्टम 30 मार्च तक सक्रिय रहेगा. राजधानी भोपाल समेत इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 28 जिलों में पानी गिरने का अनुमान है. 28 मार्च को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि 30 मार्च को इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखने को मिलेगा।  27 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट… ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना. 29 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट… ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी टीकमगढ़, छतरपुर, राजगढ़ आगर मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम. 30 मार्च को इन जिलों में बारिश का येलो अलर्ट… इंदौर, उज्जैन, भोपाल ग्वालियर, शिवपुरी, भिंड मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, शिवपुरी गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, आगर मालवा, नीमच, मंदसौर, रतलाम झाबुआ और धार।  इस तरह रहा बड़े शहरों अधिकतम तापमान  भोपाल में 37.4°C इंदौर में 37.2°C जबलपुर में 37.5°C ग्वालियर में 36.8°C उज्जैन में 37.7°C बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान भोपाल में 17.8°C इंदौर में 18.8°C जबलपुर में 19.0°C ग्वालियर में 18.3°C उज्जैन में 17.8°C  

भोपाल, इंदौर, उज्जैन में पेट्रोल की बिक्री 25% बढ़ी, LPG सिलेंडर के लिए भी लंबी लाइनें; सरकार का दावा- MP में भरपूर ईंधन

भोपाल  मध्य प्रदेश के कई जिलों में  रात अचानक तेल का हाहाकार मच गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजराइल के बीच बढते तनाव और युद्ध की चर्चाओं ने सोशल मीडिया के जरिए आम जनता में ऐसा खौफ पैदा किया कि लोग आधी रात को अपने वाहनों के साथ पेट्रोल पंपों पर टूट पडे। नीमच, उज्जैन और पांढुर्णा जैसे शहरों में हालात बेकाबू हो गए, जहां पेट्रोल भरवाने की होड में लोगों के बीच तीखी झडपें और हाथापाई तक हुई। प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत यह रही कि रात होते-होते अधिकांश पंपों पर 'स्टॉक खत्म' के बोर्ड लटक गए और हजारों लोग खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हुए। अमेरिका, इजराइल और ईरान में तनाव की खबरों के बीच मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर तीन दिनों से भीड़ बढ़ गई है। कई शहरों में लोग सुबह 5 बजे से ही गाड़ियों के साथ लाइन में लग रहे हैं और देर रात तक पंपों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, सरकार और प्रशासन ने साफ किया है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक, अफवाहों के चलते ईंधन की खपत में तेजी आई है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भीड़ अपेक्षाकृत कम है, लेकिन खपत करीब 25% तक बढ़ गई है। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे दबाव बढ़ रहा है। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि शहर में 192 पेट्रोल पंपों पर सप्लाई सामान्य बनी हुई है। खाद्य विभाग की टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं और जहां कमी की सूचना मिली, वहां तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। इंदौर और उज्जैन के डिपो में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और टैंकरों के जरिए नियमित सप्लाई जारी है। इधर, घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी शहरों में लोगों की लाइनें देखने को मिल रही हैं। कई जगह बुकिंग के बाद 6 से 8 दिन में डिलीवरी हो रही है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। इंदौर में टीमें तैनात, डिपो में पर्याप्त स्टॉक इंदौर और उज्जैन में भी पर्याप्त स्टॉक है। इंदौर के मांगलिया स्थित एचपीसीएल, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के डिपो पर टैंकरों में ईंधन भरा जा रहा है, जो पंपों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि डिपो में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। इसके लिए खाद्य विभाग की टीमें तैनात की गई हैं। छोटे जिलों में अफवाह का ज्यादा असर अफवाहों का ज्यादा असर छोटे जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां किसान फसल कटाई को देखते हुए बड़ी मात्रा में डीजल लेने पहुंच रहे हैं। रीवा में अफवाह फैलने के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ईंधन की कमी नहीं है और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। रायसेन में बढ़ती मांग को देखते हुए बिक्री पर सीमा तय कर दी गई है। यहां पेट्रोल की खपत लगभग दोगुनी हो गई है, जबकि डीजल की मांग भी तेजी से बढ़ी है। दमोह में भी पंपों पर भीड़ बनी हुई है, जहां लोग टैंक फुल कराने में जुटे हैं। पंप संचालकों का कहना है कि स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन अफवाहों के कारण अनावश्यक दबाव बन रहा है।

जबलपुर के NICU वार्ड में लगी आग, डॉक्टर ने फायर एक्सटिंग्विशर से 27 बच्चों की जान बचाई

जबलपुर नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिशु रोग विभाग में डॉक्टर ने ही फायर एक्सटिंग्विशर उठाकर शॉर्ट सर्किट लगी आग को काबू में पा लिया. जिस समय एनआईसीयू में आग लगी थी उस दौरान वार्ड में 27 नवजात भर्ती थे. हालांकि इस घटना के तुरंत पहले एक बच्चे की मौत हो गई थी. उनके परिजनो ने अस्पताल में भारी हंगामा भी मचाया था. आगजनी की घटना गुरुवार देर रात की है. एनआईसीयू वार्ड से निकलने लगा धुआं जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में शिशु रोग विभाग में उसे समय अफरा तफरी फैल गई. जब एक पंख से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आज बढ़ने लगी. यह पंखा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के NICU वार्ड के बाहर वेटिंग एरिया में लगा हुआ था. देखते ही देखते वेटिंग एरिया के साथ ही NICU के भीतर भी धुआ पहुंच गया. वार्ड में भर्ती थे 27 बच्चे जिस समय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चा वार्ड में आग फैली उस समय वार्ड में 27 बच्चे भर्ती थे, इसलिए परिजन भी घबरा गए और लोगों ने बार्ड के भीतर जाना शुरू कर दिया. समस्या को देखते हुए तुरंत बच्चा वार्ड की बिजली को बंद कर दिया गया ताकि आज आगे न फैल सके. हालांकि मौके पर पहुंचे सिक्योरिटी और अग्निशमन दल ने तुरंत ही आग पर काबू पा लिया. इस बीच में तुरंत बच्चों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया. हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद दोबारा उन्हें एनआईसीयू में भर्ती कर दिया गया. लेकिन शिफ्टिंग की वजह से नवजात बच्चों की माताएं परेशान नजर आए और अफरा तफरी में वह अपने बच्चों को ढूंढती हुई देखी गई. लेकिन इसी दौरान अस्पताल में इलाज करवा रहे एक बच्चे की मौत हो गई. पीड़ित परिजन ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया. मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार को लोगों को समझाया दी. ड्यूटी डॉक्टर ने वक्त रहते बुझाई आग मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि, ''जैसे ही पंखे से धुआं निकला मौके पर मौजूद ड्यूटी डॉक्टर ने ही फायर एक्सटिंग्विशर उठाकर आग बुझा दी.'' मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बिल्डिंग 70 साल पुरानी है कुछ दिनों पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने करोड़ों रुपया खर्च करके फायर सेफ्टी के समान लिए थे लेकिन अस्पताल की बिजली की वायरिंग अभी भी पुरानी है और उसमें ऐसी घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है. काफी पुरानी हो चुकी है अस्पताल की बिल्डिंग जबलपुर का मेडिकल कॉलेज अस्पताल महाकौशल की सबसे बड़ी स्वास्थ्य इकाई है, इसमें केवल जबलपुर ही नहीं महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के लोग इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं. इसलिए इस इमारत में हमेशा हजारों लोग मौजूद रहते हैं. लेकिन इमारत अब इतनी पुरानी हो गई है कि मरीज के बढ़ते दबाव को यहां महसूस किया जा सकता है. मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में पहले भी आग की घटनाएं हुई हैं, जहां बच्चों की जलने से मौत हो गई. हालांकि जबलपुर के ड्यूटी डॉक्टर्स की सूझबूझ की वजह से जबलपुर का हादसा टल गया. आग की स्थिति में यदि तुरंत काबू पा लिया जाए तो आग को फैलने से रोका जा सकता है.

राज्यपाल पटेल ने रामनवमी पर लोकभवन मंदिर में की पूजा-अर्चना

राज्यपाल पटेल ने रामनवमी पर लोकभवन मंदिर में की पूजा-अर्चना कन्या-पूजन कर उपहार प्रदान किए, प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने शुक्रवार को रामनवमी के पावन पर्व पर लोकभवन स्थित मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने कन्या-पूजन किया और कन्याओं को उपहार भी प्रदान किए। राज्यपाल पटेल ने श्रीराम जन्मोत्सव के अवसर पर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की है। कार्यक्रम में नियंत्रक हाउस होल्ड श्रीमती शिल्पी दिवाकर और लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।  

भोपाल में पॉश इलाकों में PNG कनेक्शन जरूरी, LPG सप्लाई 3 महीने में बंद हो सकती है नियमों का पालन न करने पर

भोपाल   मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट का असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है. देश में लोगों को LPG गैस सिलेंडर को लेकर कई दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं. इसी बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है कि जिन इलाकों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) उपलब्ध है, वहां के परिवार यदि इसे अपनाते नहीं हैं, तो उनकी LPG सिलेंडर सप्लाई 3 महीने बाद बंद कर दी जाएगी. यह आदेश पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा नए नियमों, 'प्राकृतिक गैस तथा पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026' को अधिसूचित करते हुए जारी किया गया है. इसी कड़ी में आज हम आपको बताने जा रहे हैं, कि नया PNG कनेक्शन कैसे लिया जा सकता है और इसके लिए किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होती है।  शहर के अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा सहित कई पॉश इलाकों में पीएनजी लाइन बिछाई जा चुकी है। ऐसे में इन सभी इलाकों के एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन लेना अब अनिवार्य हो गया है। यदि वह नए नियमों का पालन नहीं करते हैं तो तीन महीने बाद एलपीजी आपूर्ति बंद की जा सकती है। इनमें से शहरी क्षेत्र में करीब साढ़े तीन लाख उपभोक्ता हैं, जिनमें से बाग मुगलिया, बागसेवनियां, रोहित नगर, सलैया और पिपलानी क्षेत्र में करीब 36 हजार घरों में पीएनजी कनेक्शन लगाए जा चुके हैं और आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है। जबकि अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा, गुलमोहर, बावड़िया कलां, कोलार रोड, होशंगाबाद रोड, कटारा हिल्स, अयोध्या बायपास और करोंद सहित कई इलाकों में लाइन बिछाई जा चुकी है। ऐसे में अब इन इलाकों के करीब एक लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन देने की तैयारी है। इन उपभोक्ताओं को नए नियमों के अनुसार पीएनजी कनेक्शन लेना होगा, यदि वह नहीं लेते हैं तो एलपीजी कनेक्शन काट दिया जाएगा। अब नए नियमों के तहत एक उपभोक्ता के पास एलपीजी-पीएनजी दोनों कनेक्शन नहीं हो सकते हैं, इनमें से उन उपभोक्ताओं को पीएनजी देने की तैयारी है, जिनके घर से तीन किमी दूर थिंक गैस की पाइपलाइन गुजरी है। नए PNG कनेक्शन के लिए कैसे अप्लाई करें?     सबसे पहले अपने स्थानीय गैस प्रोवाइडर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, जैसे इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) और महानगर गैस लिमिटेड (MGL)     वेबसाइट पर जाकर 'New PNG Connection' के ऑप्शन पर क्लिक करें.     वहां मांगी गई पर्सनल डिटेल्स और एड्रेस से जुड़ी जानकारी दर्ज करें.     इसके बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड करें.     अब इंस्टॉलेशन या रजिस्ट्रेशन फीस का ऑनलाइन पेमेंट करें.     एप्लिकेशन सबमिट करने के बाद रेफरेंस नंबर नोट कर लें, ताकि भविष्य में एप्लिकेशन का स्टेटस चेक किया जा सके. किन डॉक्यूमेंट्स की होती है जरूरत?     फोटो आइडेंटिटी प्रूफ (कोई एक): आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस     एड्रेस प्रूफ (कोई एक): हाल का बिजली बिल, BSNL टेलीफोन बिल, रेंट एग्रीमेंट, राशन कार्ड या प्रॉपर्टी टैक्स बिल     ओनरशिप प्रूफ (कोई एक): रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी डॉक्यूमेंट या सेल डीड, सोसाइटी का लेटर या शेयर सर्टिफिकेट, या प्रॉपर्टी टैक्स रिसिप्ट     किराएदारों के लिए: मकान मालिक का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) और उनके ओनरशिप प्रूफ     पासपोर्ट साइज फोटो कितना होता है खर्चा? PNG गैस कनेक्शन लेते समय सिक्योरिटी डिपॉजिट एक अहम खर्च होता है. इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक घरेलू PNG कनेक्शन के लिए एक रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट लिया जाता है. यह राशि आमतौर पर करीब 5,000 रुपये से 10,000 रुपये के बीच होती है, जो कनेक्शन के टाइप और गैस की खपत पर निर्भर करती है. IGL के अनुसार, नए PNG कनेक्शन के लिए 7,000 रुपये की रिफंडेबल सिक्योरिटी डिपॉजिट ली जाती है. इस सिक्योरिटी डिपॉजिट में 15 मीटर तक की GI या कॉपर पाइपलाइन शामिल होती है. अन्य सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां भी इसी तरह का डिपॉजिट सिस्टम अपनाती हैं, लेकिन अलग‑अलग शहरों और गैस प्रोवाइडर्स के हिसाब से डिपॉजिट की राशि में थोड़ा फर्क हो सकता है। 

सीएम मोहन यादव की सख्ती, भ्रष्टाचार के आरोपी बैंक CEO को राहत नहीं, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सीधी में औचक निरीक्षण के समय जनप्रतिनिधियों ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीएस धनवाल की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत की थी। इस पर उन्होंने धनवाल को निलंबित करने के निर्देश दिए थे। अपेक्स बैंक ने उन्हें बैंक की गड़बड़ियों, कर्मचारियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और जांच में असहयोग करने के आधार पर निलंबित कर दिया। इस आदेश को उन्होंने जबलपुर हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए आदेश को स्थगित करने की मांग की, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। बैंक अधिकारियों के अनुसार, याचिका पर हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की पीठ ने गुरुवार को सुनवाई की। मुख्यमंत्री का साफ संदेश जवाबदेही जरूरी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा कि किसी भी अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। उन्होंने कहा कि पद के साथ जवाबदेही भी जुड़ी होती है और अगर शिकायतें मिलती हैं तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। यह संदेश सभी अधिकारियों के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। जनता की शिकायतें बनी बड़ी वजह इस पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका जनता और जनप्रतिनिधियों की शिकायतों ने निभाई। लोगों ने प्रशासन और बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर समीक्षा की गई और फिर सख्त फैसला लिया गया। जिले में बढ़ी प्रशासनिक हलचल इस कार्रवाई के बाद सीधी जिले में प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अधिकारी अब ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं और कामकाज में सुधार की कोशिश कर रहे हैं। राज्य सरकार ने भी साफ कर दिया है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। सरकार का बड़ा संदेश साफ और सख्त इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ हो गया है कि सरकार अब कामकाज में पारदर्शिता और जिम्मेदारी चाहती है। जो अधिकारी अपने काम में लापरवाही करेंगे उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होगी। इससे आम जनता को भी भरोसा मिला है कि उनकी आवाज सुनी जा रही है।

भोपाल-ओरछा हेलीकॉप्टर सेवा आज से शुरू, सीएम यादव ने राम नवमी पर दी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राम नवमी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन और उनके आदर्शों पर जोर देते हुए कहा कि उनका जीवन संयम, समर्पण और सत्य के मार्ग का उदाहरण है। डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम ने कठिन परिस्थितियों में भी अनाचार का विरोध किया और जीवन की चुनौतियों का साहस के साथ सामना किया। उन्होंने यह भी बताया कि मध्य प्रदेशवासियों के लिए यह गर्व की बात है कि अयोध्या की तरह चित्रकूट धाम और ओरछा तीर्थ यहाँ स्थित हैं, जो मर्यादा पुरुषोत्तम राम के जीवन और योगदान का स्मरण कराते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श सदैव मानवता के पथ-प्रदर्शक बने रहेंगे।  उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी राम नवमी पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा और धर्म का सर्वोच्च उदाहरण है। उनका जीवन हमें कर्तव्यनिष्ठा, परोपकार और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उप मुख्यमंत्री ने राम नवमी का पर्व आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संदेश देने वाला बताया और प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।  इसके साथ ही  आज भोपाल से ओरछा के लिए हेलीकॉप्टर सेवा की भी होगी। यह सेवा यात्रियों के लिए समय की बचत और यात्रा को आसान बनाने में मदद करेगी। 

मां बिरासिनी धाम बिलासपुर में चैत्र नवरात्रि के नवमी के दिन श्रद्धा का उमड़ा सैलाब

मां बिरासिनी धाम बिलासपुर में चैत्र नवरात्रि के नवमी के दिन श्रद्धा का उमड़ा सैलाब  उमरिया  उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत के पावन अवसर पर नवमी के दिन माता रानी का भक्ति श्रृंगार किया गया।श्रद्धालुओं के द्वारा माता रानी की विधिवत पूजन आराधना कर ढोल नगाड़े के साथ दंड भरते हुए माता रानी के दरबार में भक्त लोग पहुंचे। और अठवाइन रोट का भोग प्रसाद अर्पित किए। माता रानीके दरबार मैं नवरात्रि पर्व पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। जो पूजा आराधना के साथ विविध धार्मिक अनुष्ठान कर मनोकामनाएं की पूर्ति कर रहे हैं। माता रानी के कलश ग्रह में जवारे ज्योति कलश की जगमगाहट से पूरा प्रांगण सुभोषित है। माता रानी के दरबार में प्रतिदिन भंडारे का आयोजन किया जाता है।दूर-दूर से लोग पहुंचकर माता रानी के भंडारे का प्रसाद ग्रहण करते हैं।आपको हम बता दें कि कल शनिवार को माता रानी के दरबार में भव्य मनोकामना कलसों का विसर्जन पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ शाम 5:00 बजे किया जाएगा।मंदिर के पंडा बाबा के द्वारा पूजा पाठ और काली खप्पर की पूजा किया जाएगा।  

छिंदवाड़ा हादसे पर CM यादव का शोक, मृतकों के परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता देने का किया ऐलान

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छिंदवाड़ा के पास हुई सड़क दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा जिला प्रभारी मंत्री राकेश सिंह को घटना में प्रभावित लोगों से मिलने के लिये निर्देशित किया है। जिक्रयोग है कि गुरुवार की शाम को छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हृदय विदारक सड़क दुर्घटना हुई है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभावित परिवारों के प्रति  संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परम पिता परमात्मा से प्रार्थना  की है कि सभी दिवंगत नागरिकों की आत्मा को शांति प्रदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना में घायलों के शीघ्र स्वास्थ लाभ की कामना की है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मृतकों के निकटतम परिजनों को चार-चार लाख रूपये की सहायता राशि और गंभीर रूप से घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायत राशि प्रदान की जाएगी। सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। राजधानी भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में नियंत्रण कक्ष  बनाकर सभी घायलों के उपचार की सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संबंधित अधिकारियों को घायलों के समुचित इलाज के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर से डॉक्टर्स के दल पैरामेडिकल स्टाफ सहित  छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री डॉ. यादव ने छिंदवाड़ा के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह  को भी अपने कार्यक्रम परिवर्तित कर तत्काल छिंदवाड़ा पहुँचने के लिए निर्देशित किया है।  कार्यक्रम से लौट रही बस हादसे का शिकार, 10 लोगों की मौत, 45 से ज्यादा घायल  मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में हुए दर्दनाक बस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। सीएम डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम से लौट रही एक बस हादसे का शिकार हो गई, जिसमें 10 लोगों की मौत और 41 लोग घायल हो गए। लेकिन इस हादसे ने सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की बड़ी लापरवाही को भी उजागर कर दिया है। मौके पर राहत और बचाव कार्य हादसे के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन ने मिलकर तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। ट्रैफिक को रोककर घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने का काम किया गया, जिससे समय रहते कई लोगों की जान बचाई जा सकी। एक ही गांव के थे सभी यात्री हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि बस में सवार सभी लोग मोहखेड़ ब्लॉक के करेर पंचायत के निवासी थे। एक ही गांव के 10 लोगों की मौत से पूरा इलाका गम में डूब गया है। हादसे के बाद का मंजर घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। जैसे ही गांव में खबर पहुंची, लोग अस्पतालों की ओर दौड़ पड़े। कई लोग अपने परिजनों को तलाशते नजर आए, तो कईयों को अपनों की मौत की खबर ने तोड़ दिया।

MP में रामनवमी का महापर्व: भोपाल से उज्जैन तक भक्ति की धारा, जबलपुर-ग्वालियर में विशेष पूजा

भोपाल  रामनवमी के अवसर पर राजधानी भोपाल इस बार भक्ति और उत्सव के रंग में पूरी तरह सराबोर रहेगा। शहर में करीब 2500 से 3000 स्थानों पर भंडारों का आयोजन होगा, वहीं मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और भव्य कार्यक्रम दिनभर चलते रहेंगे।हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस बार भोपाल में राम जन्मोत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाएगा। शहर के न्यू मार्केट, पुराने भोपाल के प्रमुख राम मंदिरों और जहां-जहां भगवान राम के मंदिर हैं, वहां विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि दोपहर 12 बजे भगवान राम के जन्म का मुख्य आयोजन होगा। इस दौरान मंदिरों में भोग, आरती और जन्मोत्सव का उल्लासपूर्ण आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।  रामनवमी के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में आस्था और उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। राजधानी भोपाल से लेकर उज्जैन, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर तक मंदिरों में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना, शोभायात्राएं, भंडारे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यापक तैयारियां की गई हैं। भोपाल में हजारों भंडारे और शोभायात्राएं भोपाल में इस वर्ष रामनवमी का उत्सव बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। शहर के विभिन्न इलाकों में लगभग 2500 से 3000 स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना होगी और दोपहर 12 बजे भगवान राम के जन्मोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान आरती, भोग और भजन-कीर्तन का कार्यक्रम रहेगा। भवानी चौक सोमवारा क्षेत्र से घोड़ा निकास के साथ भव्य जुलूस भी निकलेगा, जिसमें आकर्षक झांकियां और पारंपरिक प्रस्तुतियां लोगों को आकर्षित करेंगी। हर गली में भंडारे, सेवा का माहौल समिति के अनुसार, शहर के अलग-अलग इलाकों में हजारों भंडारे आयोजित किए जाएंगे, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा। इससे पूरे भोपाल में सेवा और भक्ति का माहौल बनेगा। घोड़ा निकास के साथ निकलेगा भव्य जुलूस रामनवमी पर भवानी चौक सोमवारा क्षेत्र से घोड़ा निकास के साथ भव्य जुलूस निकलेगा। इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों में भी कई शोभायात्राएं आयोजित होंगी। जुलूस में आकर्षक झांकियां, भजन-कीर्तन और पारंपरिक प्रस्तुतियां खास आकर्षण रहेंगी। मंदिरों में खास तैयारियां खेड़ापति मंदिर, सब्जी मंडी क्षेत्र सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में सजावट, लाइटिंग और भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। गर्मी को देखते हुए व्यवस्थाओं को भी मजबूत किया गया है। आयोजकों के मुताबिक, इस बार रामनवमी पर भोपाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी और पूरा शहर भक्ति, उत्साह और सेवा भाव से सराबोर नजर आएगा।  इंदौर के रणजीत हनुमान में साकेतधाम इंदौर के प्राचीन रणजीत हनुमान मंदिर में रामनवमी का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इसे लेकर पूरी तैयारी भी की जा चुकी है। रामनवमी पर मंदिर में साकेतधाम सजाया गया है। जहां प्रभू राम के दर्शन होंगे। गुरुवार से ही मंदिर में सजावट शुरू कर दी गई थी। भक्तों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि गर्मी में उन्हें परेशानी का सामना ना करना पड़े। मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित दीपेश व्यास ने बताया कि रामनवमी के पर्व पर मंदिर में साकेतधाम सजाया गया है। ये अयोध्या का ही प्राचीन नाम है साकेत। रणजीत हनुमान मंदिर में साकेतधाम का स्वरूप दिया है। मंदिर में फूलों से सजावट भी की गई है। जिक-जैक पैटर्न में भक्त लाइन से भगवान के दर्शन कर सकेंगे। गर्मी को देखते हुए भक्तों को दिक्कत ना हो इसके लिए यहां 24 कूलर भी लगाए है। अखंड रामायण की होगी स्थापना, पंचामृत से होगा अभिषेक उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में रामनवमी पर सुबह 6 बजे सात दिवसीय अखंड रामायणजी की स्थापना की जाएगी। 3 अप्रैल को हनुमान जयंती के अगले दिन काकड़ आरती के बाद अखंड रामायणजी का समापन होगा। शुक्रवार को सुबह 8 बजे रामजी का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद रामजी का शृंगार होगा। 12 बजे रामजी की जन्मोत्सव आरती होगी। भक्तों को प्रसाद वितरत किया जाएगा और शाम को भजन संध्या का आयोजन होगा। इसके अलावा शहर के अन्य मंदिरों में भी रामनवमी का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। कई मंदिरों में सुंदर सजावट करने के साथ ही आकर्षक लाइटिंग भी की गई है। मंदिरों को फूलों से भी सजाया जा रहा है। उज्जैन में यज्ञ अनुष्ठान के साथ महाआरती उज्जैन में राम नवमी पर शिप्रा नदी के पास राम मंदिर में यज्ञ अनुष्ठान के साथ 12 बजे महाआरती होगी। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्त आरती में शामिल होंगे, साथ ही प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी रामनवमी पर्व पर ऐतिहासिक वीरभद्र ध्वज चल समारोह का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह ध्वज चल समारोह महाकाल इंटरनेशनल चौराहे से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए रात्रि 9:30 बजे गोपाल मंदिर पहुंचेगा। जबलपुर में आविर्भाव समारोह जबलपुर में रामनवमी के अवसर पर 27 मार्च को मां नर्मदा तट गौरीघाट पर 'आविर्भाव समारोह' का आयोजन किया जाएगा। श्रीरामचंद्र पथ गमन न्यास द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित यह सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 6:30 बजे से शुरू होगा। समारोह की शुरुआत नरसिंहपुर के लोकगायक सुमित दुबे और उनके साथियों के लोक-भक्ति गायन से होगी। इसमें बुंदेली लोकधारा के माध्यम से भगवान श्रीराम की महिमा का गुणगान किया जाएगा। इसके बाद नूपुर माहौर एवं उनकी टीम भरतनाट्यम शैली में 'लव-कुश की रामायण' पर आधारित नृत्य-नाटिका प्रस्तुत करेगी। इस प्रस्तुति में श्रीराम के आदर्श, त्याग और धर्मनिष्ठा को सांस्कृतिक रूप में मंचित किया जाएगा। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति सिवनी के रुद्रकांत ठाकुर के भक्ति गायन की होगी। आयोजकों के अनुसार, इस सांस्कृतिक संध्या का उद्देश्य जनमानस को रामकथा, लोकभक्ति और भारतीय परंपरा से जोड़ना है। ग्वालियर के शीतला माता मंदिर में ‌विशाल भंडारा ग्वालियर में रामनवमी के अवसर माता मंदिरों पर पूजा अर्चना की जाएगी। सुबह 5:00 बजे से ही मंदिरों के पट खोल दिए जाएंगे और श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे। उसके साथ ही मंदिरों में विशाल भंडारों का आयोजन भी किया जाएगा। ग्वालियर से लगभग 25 किलोमीटर दूर शीतला माता मंदिर पर भी बड़ा भंडारा आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा ग्वालियर की मंदिर वाली माता पर भी विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। साथ ही छोटी करौली माता मंदिर पर भी भक्तों की भीड़ देखने को मिलेगी। महाअष्टमी पर प्रदेश की मंदिरों में आस्था और … Read more