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अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई! पांढुर्णा में तहसीलदार और SDM ने खुद लिया जिम्मा

पांढुर्णा  शहर में अवैध निर्माण पर प्रशासन एक्शन ले रहा है। अवैध लेआउट और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चला दिया। कलेक्टर के निर्देश पर वरुड मार्ग, अमरावती रोड और वानखड़े सभागृह के पीछे विकसित किए जा रहे अवैध लेआउट को जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान कॉलोनियों की सड़कें, बाउंड्री वॉल, बिजली के खंभे और अन्य निर्माण तोड़े गए। उपजाऊ जमीन पर काटे जा रहे थे प्लॉट प्रशासनिक जांच में सामने आया कि अमरावती रोड स्थित उपजाऊ कृषि भूमि को अवैध रूप से प्लॉटिंग में बदलकर बेचा जा रहा था। सौसर निवासी प्रदीप नेहारे पर बिना शासकीय अनुमति सड़क निर्माण कर लेआउट विकसित करने के आरोप हैं। शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग ने जांच की और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। एसडीएम ने संभाली जेसीबी की कमान कार्रवाई के दौरान एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जब एसडीएम अलका इक्का ने खुद जेसीबी मशीन चलाकर अवैध निर्माण ढहाया। तहसीलदार विनय प्रकाश ठाकुर ने भी ट्रैक्टर चलाकर मौके पर पड़ी निर्माण सामग्री जब्त करवाई और उसे प्रशासनिक वाहन में भरवाया। इसी अभियान के तहत गुरु नानक वार्ड में संजय भांगे द्वारा बनाई गई अवैध बाउंड्री वॉल को भी तोड़ा गया। माप-जोख में यह निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में पाया गया था। आगे भी जारी रहेगा अभियान अधिकारियों ने साफ किया कि शहर में अवैध लेआउट के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। संतोषी माता वार्ड, नागपुर रोड, भोपाल रोड और अमरावती रोड सहित अन्य इलाकों में बने अवैध कॉलोनियों पर भी चरणबद्ध तरीके से सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान नगर पालिका की टीम, राजस्व अमला और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। प्रशासन की सख्ती से अवैध प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।

मध्य प्रदेश सरकार फिर लेगी ₹5200 करोड़ का कर्ज, चालू वित्तीय वर्ष में कुल ऋण इतना पहुंचा

  भोपाल मध्य प्रदेश सरकार एक बार फिर 5200 करोड़ का कर्ज लेगी। साल 2026 में सरकार दूसरी बार ऋण लेने जा रही है। जबकि चालू वित्तीय वर्ष में 57,100 करोड़ का कर्ज लिया जा चुका हैं। अब यह लोन 62,300 करोड़ रुपए का हो गया है। एमपी सरकार साल 2026 में दूसरी बार कर्ज ले रही हैं। 7 फरवरी को 5200 करोड़ की राशि मिलेगी। जिसकी पहली किस्त 1200 करोड़ रुपए 7 साल के लिए ब्याज समेत भुगतान की तारीख 4 फरवरी 2033 तारीख की है। 2000 करोड़ का कर्ज 17 साल के लिए लिया जा रहा है, जो 4 फरवरी 2043 तक के लिए है। मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार लगातार कर्ज के बढ़ते बोझ तले दबती जा रही है। राज्य सरकार ने एक बार फिर 5200 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने का निर्णय लिया है। यह कर्ज इस वित्तीय वर्ष में दूसरी बार लिया जा रहा है।सरकारी जानकारी के अनुसार, इस कर्ज का भुगतान ब्याज सहित 4 फरवरी 2033 तक किया जाएगा। इसमें से 2000 करोड़ रुपये का कर्ज 17 साल की अवधि के लिए लिया गया है, जिसका भुगतान 4 फरवरी 2043 तक होगा। वहीं, 2000 करोड़ रुपये की तीसरी किस्त 22 साल की अवधि के लिए ली गई है, जिसे ब्याज सहित चुकाया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष में कुल कर्ज 62,300 करोड़ तक पहुँचा चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक मध्य प्रदेश सरकार कुल 57,100 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी थी। ताजा 5200 करोड़ रुपये के कर्ज के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 62,300 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। जानिए मोहन सरकार ने कब-कब लिया कर्ज? वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक लिए गए कर्ज का विवरण इस प्रकार है: 7 जनवरी 2026 – 400 करोड़ 30 दिसंबर 2025 – 3500 करोड़ 2 दिसंबर 2025 – 3000 करोड़ 11 नवंबर 2025 – 4000 करोड़ 28 अक्टूबर 2025 – 5200 करोड़ 30 सितंबर 2025 – 3000 करोड़ 23 सितंबर 2025 – 3000 करोड़ 9 सितंबर 2025 – 4000 करोड़ 26 अगस्त 2025 – 4800 करोड़ 5 अगस्त 2025 – 4000 करोड़ 30 जुलाई 2025 – 4300 करोड़ 8 जुलाई 2025 – 4800 करोड़ 4 जून 2025 – 4500 करोड़ 7 मई 2025 – 5000 करोड़ इस तरह लगातार कर्ज लेने के कारण राज्य की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ता जा रहा है। विपक्ष के निशाने पर मोहन सरकार मध्य प्रदेश पर लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर कांग्रेस भाजपा सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि विकास कार्यों की सही योजना न होने के कारण सरकार बार-बार कर्ज लेने को मजबूर हो रही है।  

विजय शाह फंसे हुए, दिल्ली करेगी अंतिम फैसला; कर्नल सोफिया मामले में अभी तक कोई राहत नहीं

भोपाल  कर्नल सोफिया को लेकर बेशर्म बयान देने वाले मोहन सरकार के मंत्री विजय शाह को लेकर भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व निर्णय लेगा। माना जा रहा है कि सरकार फैसले के बाद 6 फरवरी तक कोर्ट को अपने निर्णय से अवगत कराएगी। ऐसा इसलिए क्योंकि 9 फरवरी को उक्त मामले में सुनवाई होनी है। पूर्व में यह माना जा रहा था कि शाह के खिलाफ हुई एसआइटी जांच पर स़त्ता व संगठन द्वारा सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई दो हफ्ते की अवधि में निर्णय ले लिया जाएगा। मंत्री सांसत में, कहीं से नहीं मिली राहत मामला बुरी तरह फंसा है। उधर मंत्री शाह की जान सांसत में है, वे भोपाल से लेकर दिल्ली तक सभी स्तर पर अपना पक्ष रख चुके हैं। बताया जा रहा है कि  देर रात तक उन्हें किसी भी स्तर से कोई राहत नहीं मिली है। सूत्रों के मुताबिक उन्हें दो टूक कह दिया है कि जो कुछ होगा, वह दिल्ली नेतृत्व ही तय करेगा। उसके आधार पर अवगत कराया जाएगा।  वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के अफसरों का कहना है कि अभी तक उनके पास कोई निर्देश नहीं आए हैं। मामला कैबिनेट मंत्री की अभियोजन स्वीकृति का है, जिसके लिए मुख्यमंत्री का अनुमोदन जरूरी है। लेकिन अभी तक कोई भी दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी को राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि विजय शाह के विरुद्ध एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर लंबित अभियोजन स्वीकृति पर दो सप्ताह के अंदर निर्णय लिया जाए। यह अवधि 2 फरवरी को पूरी हो गई है। लेकिन अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। सरकार के सूत्रों को कहना है कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 9 फरवरी को है, लेकिन कार्यदिवस के आधार पर 2 सप्ताह की मोहलत 5 फरवरी तक है। इसलिए सरकार के पास अभी 3 दिन का वक्त और है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी 6 माह पहले ही अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज चुकी है। रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि के साथ ही मुकदमा चलाने की स्वीकृति देने की सिफारिश की गई है। क्यों फंसे मंत्री शाह चुनौती देकर फंसे मंत्री शाह ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद इंदौर में कर्नल सोफिया कुरैशी पर बेशर्म टिप्पणी(Minister Vijay Shah Statement Controversy) की। इस पर हाईकोर्ट के एफआइआर के आदेश को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। यहां राहत तो नहीं, उलटा एसआइटी गठित करने के आदेश हुए। कोर्ट ने सरकार से अभियोजन की स्वीकृति पर दो हफ्ते में निर्णय लेने को कहा है।

सीसी सड़क निर्माण में घोटाला! घुघरी जनपद की इमली टोला पंचायत में जवाबदेही नहीं

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी CC सड़क, बोल्डर डाल कर दी ढलाई गुणवत्ताविहीन सामग्री का किया उपयोग, ग्रामीणों ने सरपंच सचिव पर लगाए गंभीर आरोप घुघरी जनपद आने वाली पंचायत इमली टोला में सीसी सड़क निर्माण में जमकर हो रहा भ्रष्टाचार… जवाबदार मौन घुघरी आदिवासी बाहुल्य जिले में लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के नाम पर हो रहे निर्माण कार्यों में लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामले आए दिन उजागर हो रहे हैं फिर चाहे भवन, पुलिया निर्माण के मामले हो, या फिर सीसी सड़क निर्माण किए जाने के मामले हो लेकिन जिले में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और  सुस्त रवैया के चलते भ्रष्टाचार्यों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैंऔर सरपंच सचिव एवं जनपद में बैठे जवाबदारों की मिली भगत से जम कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है  जिसका सीधा खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पढ़ रहा है ऐसा ही मामला जनपद पंचायत घुघरी अंतर्गत ग्राम पंचायत इमलीटोला के पोषक ग्राम भोका देवरी का सामने आया है जहां पांचवा वित्त मद से 3 लाख 21 हजार रूपये की लागत से मेनरोड से मुरली के घर तक सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है जिसमें बिना समतलीकरण के बोल्डर  डाल कर सीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है वहीं ग्रामीणों का कहना है . सरपंच, सचिव के द्वारा बोल्डर के ऊपर सीसी रोड का निर्माण कार्य कराया गया है जिसमें नियमों को ताक में रखकर भ्रष्टाचार के उद्देश्य से पूरी तरह गुणवत्ताहीन सी सी सड़क  बनाई जा रही है वही ग्रामीणों का आरोप है कि सीसी रोड का निर्माण कार्य कराया जा रहा है जहां बड़े-बड़े बोल्डर के ऊपर से ही सीसी रोड की ढलाई करा दी गई है जिससे सीसी रोड का समय से पूर्व ही टूटने की संभावना बनी हुई है जो की ग्राम विकास में क्षति है अगर गुणवत्तापूर्ण सीसी रोड बनाया जाता तो रोड अपने समय सीमा तक चल सकता था।अगर सी सी सड़क समय से पूर्व ही क्षतिग्रस्त हो जाएगा ऐसे में ग्रामीणों को आवाजाही में समस्या होगी।वही ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। ऐसा लगता है की विकासखंड घुघरी के इंजीनियर एसडीओपी सीईओ साहब पंचायत को बढ़ावा दे रहे हैं ताकि परसेंट मिल सके अब देखना यह है कि प्रशासन कार्रवाई करता है या फिर भ्रष्टाचार पर चुप्पी साधे रहता है।

शिकायतकर्ता शिक्षक पर गिरी गाज, दो वेतनवृद्धियाँ रोकी

बड़वानी   नरेश रायक मिली जानकारी बताया कि जिस शिक्षक ने खुद को “न्याय का योद्धा” बताकर मोर्चा खोला था, वही अब प्रशासन की फाइलों में आरोपी बनकर दर्ज हो चुका है। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-01 बड़वानी में छात्र से मारपीट का आरोप लगाने वाले शिक्षक जगदीश गुजराती अब खुद फर्जी पत्राचार, दबाव बनाने और अधिकारों के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों में घिर चुके हैं। कहते हैं — जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है, वही पहले उसमें गिरता है। बड़वानी में यह कहावत अब सरकारी कागज़ों में दर्ज हो चुकी है।  शिकायत से शुरू हुआ खेल शिक्षक जगदीश गुजराती ने सहायक आयुक्त जनजातीय विभाग में शिकायत दर्ज कराई कि 18 जुलाई को कक्षा 9वीं ‘सी’ में अतिथि शिक्षक पंकज गुर्जवार ने छात्रों सहित उनकी पुत्री को लकड़ी के डंडे से पीटा, जिससे हाथ में “फ्रैक्चर” हो गया। मामला सुर्खियों में आया, पर जब जांच शुरू हुई तो कहानी की परतें खुद ही उखड़ने लगीं।  जांच में फिसली शिकायत की ज़मीन सहायक आयुक्त द्वारा गठित जांच दल ने विद्यार्थियों, स्टाफ, तत्कालीन प्राचार्य आर.एस. जाधव सहित सभी पक्षों के बयान लिए। प्रतिवेदन दिनांक 06 नवंबर 2025 में साफ लिखा गया — घटना उतनी गंभीर नहीं है जितनी दिखाई गई। रिपोर्ट में दर्ज है कि यदि हाथ में फ्रैक्चर होता तो छात्रा नियमित रूप से विद्यालय नहीं आती, हाथ में प्लास्टर होता और चिकित्सकीय प्रमाण सामने आते। यानि शिकायत की नींव ही कमजोर निकली।  फर्जी आदेश बनवाकर प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। जांच बंद होते ही शिक्षक जगदीश गुजराती पर सबसे बड़ा आरोप लगा — सहायक आयुक्त के नाम से फर्जी पत्र जारी करवा कर जावक तक कराने का। सहायक आयुक्त बड़वानी ने पत्र क्रमांक 11755 दिनांक 10 दिसंबर 2025 में साफ लिखा कि शिकायतकर्ता ने अपने प्रभाव से कूट रचित पत्र क्रमांक 11555 दिनांक 08 दिसंबर 2025 जारी कराया, जिसे तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया। यह सिर्फ अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि सीधा-सीधा प्रशासनिक विश्वासघात है।  निलंबन की तलवार, नोटिस की चोट फर्जीवाड़ा सामने आते ही संभागीय उपायुक्त जनजातीय कार्य विभाग इंदौर ने कारण बताओ नोटिस जारी किया। पत्र में उल्लेख है कि प्रकरण के आधार पर निलंबन की कार्रवाई प्रस्तावित है और शिक्षक को इंदौर तलब किया गया। अब शिक्षक की कुर्सी डगमगा रही है और फाइलें तेजी से ऊपर बढ़ रही हैं।  पर्दे के पीछे संरक्षण का खेल सूत्र बताते हैं कि जैसे ही कार्रवाई की आहट हुई, कुछ नेता और अफसर शिक्षक के बचाव में मैदान में उतर आए। जिले के एक बीईओ तक इंदौर पहुँच गए। यानी सवाल उठता है — क्या नियम सबके लिए समान हैं या सिफारिश से गुनाह धुल जाते हैं? उत्कृष्ट स्कूल की चमक पर दाग शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय-01 बड़वानी जिले का सबसे प्रतिष्ठित स्कूल है, जहाँ प्रवेश परीक्षा से चयन होता है। यहाँ “क्रीमी लेयर” विद्यार्थी आते हैं, इसलिए परिणाम भी चमकदार रहते हैं। लेकिन सवाल यह है कि यदि यहाँ के शिक्षक इतने ही काबिल हैं, तो उन्हें सामान्य स्कूलों में भेजकर क्यों नहीं परखा जाता? कागज़ों की तारीफ और ज़मीन की हकीकत में फर्क साफ दिख रहा है।  गिरी सज़ा —  दो वेतनवृद्धियाँ जब्त सूत्रों के अनुसार पूरे मामले में शिक्षक जगदीश गुजराती की दो वेतनवृद्धियाँ रोकने का आदेश जारी हो चुका है। यह कार्रवाई फर्जी पत्राचार और विभागीय अनुशासनहीनता के आधार पर की गई। यह सिर्फ शुरुआत है या अंतिम फैसला — अब सबकी निगाहें प्रशासन पर हैं।   अब असली सवाल क्या शिक्षक कानून से ऊपर हैं? क्या फर्जी पत्र बनवाना “न्याय” कहलाता है? क्या संरक्षण से सच्चाई दबाई जा सकती है? बड़वानी का यह मामला अब सिर्फ स्कूल का नहीं, बल्कि प्रशासनिक ईमानदारी की खुली परीक्षा बन चुका है।

खौफनाक मामला: रैपिडो ड्राइवर ने किया रेप, AI ने ही पुलिस तक पहुंचाई सूचना

इंदौर   इंदौर शहर से डराने वाली खबर सामने आई है। रावजी बाजार थाना क्षेत्र में एक किशोरी के साथ दुष्कर्म मामले का खुलासा हुआ है। आरोप है कि एक रैपिडो चालक ने बातों के जाल में फंसाकर किशोरी को अपने कमरे पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़ता ने सूझबूझ दिखाते हुए मोबाइल पर चैट जीपीटी के माध्यम से चाइल्ड हेल्पलाइन और थाने का नंबर निकाला और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी अंकित नागर (22) निवासी राजगढ़ को गिरफ्तार कर लिया है। बातों के जाल में फंसाया, फिर ले गया रूम पर रविवार को किशोरी सामान खरीदने निकली थी। रैपिडो चालक अंकित से उसकी बातचीत हुई। अंकित ने उसे झांसा दिया कि उसे भी अपने भांजे के लिए कपड़े खरीदने हैं। दोनों के साथ में खरीदारी करने के बाद किशोरी ने पैसे खत्म होने की बात कही तो आरोपी झांसे में लेकर उसे नेहरू नगर स्थित अपने कमरे पर ले गया। चैट जीपीटी से मांगी मदद वारदात के बाद आरोपी पीड़िता को उसके घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया। हैरानी की बात यह है कि वहां से थाना कुछ कदम दूर है, लेकिन घबराहट में पीड़ता सीधे थाने नहीं गई। उसने अपने मोबाइल पर 'चैट जीपीटी' का उपयोग किया और चाइल्ड हेल्प लाइन के नंबर निकाले। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और किशोरी को समझा-बुझाकर थाने लाया गया। 8 दिन पहले ही शुरू किया था काम थाना प्रभारी के मुताबिक, आरोपी अंकित नागर (22) मूलत: राजगढ़ का रहने वाला है और इंदौर में पढ़ाई के साथ रैपिडो चलाता है। पूछताछ में बताया कि 8 दिन पहले ही उसने रैपिडो का काम शुरू किया है। अब रैपिडो कंपनी को नोटिस जारी किया है। जांच की जा रही है कि आरोपी का पुलिस वेरिफिकेशन करवाया गया था या नहीं। मामले में आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और बलात्कार की गंभीर धाराओं में एफआइआर दर्ज की है। बयानों के उलझन में जांच जारी शुरुआती पूछताछ में पीड़ता और आरोपी के बयानों में कुछ विरोधाभास भी सामने आए हैं। थाना प्रभारी के मुताबिक, घटनाक्रम की कडिय़ों को जोड़ा जा रहा है। महिला पुलिस की मौजूदगी में पीडि़ता के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें उसने बलात्कार की पुष्टि की है। चूंकि मामला किशोरी से जुड़ा है, इसलिए पुलिस इसे अत्यंत संवेदनशीलता और गंभीरता से ले रही है।

MP के शहरों में विकास का बड़ा मौका! केंद्र बजट से बड़े शहरों को मिलेगा खास फंड

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल आज राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट की खूबियां बताएंगे। बीजेपी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा रहेंगे शामिल।  रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कह चुके हैं कि केंद्रीय बजट में गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं पर विशेष फोकस है। इसमें 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास और सभी शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 साल में 5000 करोड रुपए खर्च करने, छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित करने, हर जिले में एक महिला छात्रावास के निर्माण और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की व्यवस्था से प्रदेश को बहुत लाभ प्राप्त होगा। क्लिनिकल ट्रायल स्थलों का भी विकास होगा। केंद्रीय बजट में केयर इकोसिस्टम पर विशेष ध्यान देने के प्रावधान किए गए हैं। इससे बुजुर्गों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था होगी। गंभीर बीमारियों की दवाऐं भी सस्ती होंगी, जिससे सभी वर्गों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी कहा है कि केंद्रीय बजट में वस्त्र उद्योग सेक्टर में रिफॉर्म पर बल दिया गया है, इससे मध्य प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने मध्य प्रदेश को पीएम मित्र पार्क के रूप में टेक्सटाइल क्षेत्र की बड़ी सौगात दी है, इससे तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही 6 लाख किसानों को लाभ होगा। इस पार्क से प्रदेश का मालवा निमाड़ अंचल नई उड़ान के लिए तैयार है। बजट में देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट और एआई के अधिक से अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया गया है, इसका आने वाले दिनों में प्रदेश और देश को तरक्की में बड़ा योगदान होगा। दूसरी ओर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने बजट के बाद कहा था कि केंद्रीय बजट आने वाले 10 वर्षों में भारत के विकास की दिशा तय करेगा। जिन क्षेत्रों में दुनिया के केवल दो-तीन देशों का दबदबा है, उन रणनीतिक उत्पादों के निर्माण पर बजट में विशेष ध्यान दिया गया है। बजट में पहली बार अलग मालगाड़ी कॉरिडोर बनाने की बात की गई है, जिससे लॉजिस्टिक्स खर्च कम होगा और व्यापार बढ़ेगा। खण्डेलवाल ने कहा है यह बजट डर से मुक्त टैक्स व्यवस्था की ओर एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह बजट हर वर्ग को राहत देने वाला बजट है।

MP में बदलता मौसम: रायसेन में ओस, उज्जैन-इंदौर-धार-अंबाह में घना कोहरा, ग्वालियर में ओले गिरे

भोपाल  मध्य प्रदेश में घने कोहरे के साथ बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। इसी के साथ आज भी कई जिलों में मावठा गिरने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अगले तीन दिन कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छा सकता है। जबकि, कहीं-कहीं हल्की बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के चलते एमपी में ओले और बारिश का दौर जारी है। जबकि 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा, जिससे 10 फरवरी तक प्रदेश में बारिश और ओलों का दौर फिर से शुरू हो सकता है। इन जिलों में बारिश के आसार मंगलवार को ग्वालियर, राजगढ़, रीवा विदिशा, गुना, मुरैना, भिंड, आगर मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, सागर, दमोह, दतिया, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और निवाड़ी में गरज चमक के साथ पानी गिरने की संभावना है। जबकि, भोपाल समेत कई जिलों में सुबह मध्यम कोहरा भी देखने को मिला। आफत बनी बारिश और ओलावृष्टि मौसम विभाग ने 3 फरवरी के लिए 19 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक 6 फरवरी के बाद ही बारिश से राहत मिलेगी. पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से मौसम में अचानक से बदलाव हुआ है. रविवार और सोमवार को निमाड़ क्षेत्र में तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है, जबकि ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में आंधी के साथ बरसात हुई है. इससे प्रदेश में फसलों को भारी नुकसान हुआ है. इन जिलों के लिए जारी की गई चेतावनी मौसम वैज्ञानिक ई दिव्या बताती हैं, "वेस्टर्न डिस्टरबेंस पंजाब और इससे लगे हरियाणा के ऊपर समुद्र तल से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इसकी वजह से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की स्थिति बनी हुई है. इसके अलावा 5 फरवरी की रात को नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करेगा. इसकी वजह से प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश की संभावना बन सकती है. हालांकि, अब ओलावृष्टि की संभावना तो नहीं है, लेकिन कई जिलों में गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है." इन जिलों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के मुताबिक 3 फरवरी को आगर मालवा, राजगढ़ गुना, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, सागर, दमोह, टीकमगढ़ निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिले में बारिश हो सकती है. जबकि 4 फरवरी को श्योपुर, शिवपुरी, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिले में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. 5 और 6 फरवरी को यहां बरसेगा पानी 5 फरवरी को राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, दतिया, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा जिले में बारिश हो सकती है. 6 फरवरी को गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली में बारिश हो सकती है. एक साथ सक्रिय है 3 सिस्टम आईएमडी के अनुसार वर्तमान में 3 सिस्टम एक साथ एक्टिव है, जिस वजह से रविवार और सोमवार को ओरछा, निवाड़ी, टीकमगढ़, आगर, उज्जैन, दतिया जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा नीमच और मंदसौर में ओले गिरे हैं, जबकि आगर में तेज हवाएं चली. छतरपुर में घना कोहरा छाया रहा, वहीं ग्वालियर, उज्जैन रीवा में हल्का कोहरा छाया रहा.  टेम्प्रेचर में कोई बदलाव नहीं मौसम विभाग के मुताबिक तापमान में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है. प्रदेश में अधिकतम तापमान खरगौन में 30.2 रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 8.4 रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग के मुताबिक फरवरी माह में धीरे-धीरे तापमान बढ़ेगा. खासतौर से ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा संभाग में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा.  एमपी के इन जिलों में 3 दिन मौसम का हाल 4 फरवरी बुधवार को ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, सतना, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर और पन्ना में मध्यम कोहरा रहेगा। -5 फरवरी गुरुवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, राजगढ़, मऊगंज, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सतना, दतिया, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी और छतरपुर में कोहरे का असर देखने को मिलेगा। -6 फरवरी शुक्रवार को ग्वालियर, गुना, रीवा, शिवपुरी, श्योपुर, सिंगरौली, सतना, सीधी, अशोकनगर, मऊगंज, मुरैना, भिंड, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में कोहरा रहेगा।

धार्मिक कार्यक्रम में अलका लांबा ने कही बात, काम से बनती है असली पहचान

उज्जैन  अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचीं। उन्होंने श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन कर भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया। अलका लांबा ने महाकाल मंदिर में पहले नंदी हाल और फिर देहरी से भगवान महाकाल के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने नंदी मंडपम में बैठकर ध्यान लगाया। धार्मिक वातावरण के बीच उनका दौरा आध्यात्मिक दिखा, लेकिन बाहर निकलते ही सुर सियासी हो गए। मीडिया से चर्चा में लांबा ने नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और राज्य सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि नाम में “भगवान” जोड़ लेना काफी नहीं, असली पहचान काम से होती है। उनके मुताबिक, आज प्रदेश में कुछ नेताओं के काम समाज को जोड़ने के बजाय तोड़ने वाले नजर आ रहे हैं। उन्होंने भगवान शिव के नीलकंठ स्वरूप का उदाहरण देते हुए कहा कि शिव ने सृष्टि बचाने के लिए विष पिया था, लेकिन आज के कुछ सत्ताधारी समाज में जहर घोलने का काम कर रहे हैं। उनका आरोप था कि इस तरह की भाषा और राजनीति लोगों के बीच नफरत बढ़ा रही है। लांबा ने यात्रा के दौरान देखी एक घटना का जिक्र करते हुए और गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इंदौर से उज्जैन आते समय उन्होंने एक ऑटो पर ऐसा प्रचार देखा जिसमें एक ऐसे दोषी अपराधी का महिमामंडन किया गया था, जिसे नाबालिग बेटियों से जुड़े जघन्य अपराधों में सजा हो चुकी है। इसे उन्होंने बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि अपराधियों को हीरो बनाकर पेश करना महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरनाक सोच है। महिला कांग्रेस की नेता ने साफ कहा कि उनकी पार्टी ऐसी मानसिकता के खिलाफ लगातार आवाज उठाएगी और समाज में अपराधियों की छवि चमकाने की कोशिशों का विरोध करेगी। धार्मिक यात्रा के बहाने शुरू हुआ यह दौरा, आखिरकार प्रदेश की सियासत में तीखा संदेश छोड़ गया।  

न्याय हुआ पूरा! डिप्टी कलेक्टर अभय सिंह खराड़ी दोषी, 10 साल की जेल

बड़वानी बड़वानी की तृतीय जिला एवं सत्र न्यायालय ने महिला पटवारी के साथ दुष्कर्म और प्रताड़ना के गंभीर मामले में तत्कालीन एसडीएम (सेंधवा) और वर्तमान उज्जैन डिप्टी कलेक्टर अभय सिंह खराड़ी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने आरोपी अफसर को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1 लाख 1 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसले के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी डिप्टी कलेक्टर को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। इस मामले में एफआईआर के बाद फरार होने पर 4 मई 2024 को बड़वानी पुलिस ने खराड़ी को भोपाल से गिरफ्तार किया गया था। उस वक्त तत्कालीन उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने उन्हें सस्पेंड किया था। तभी से वह सस्पेंड थे। अभियोजन के अनुसार, आरोपी अभय सिंह खराड़ी वर्ष 2016 से 2024 के बीच महिला का लगातार यौन शोषण करता रहा। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने अपने पद का रसूख दिखाकर 4 से 5 बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। दिसंबर 2023 में आरोपी ने पीड़िता के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी थी। ब्लैकमेलिंग और सिंदूर भरकर तस्वीरें लीं न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार, आरोपी अफसर महिला को मानसिक रूप से भी प्रताड़ित करता था। वह महिला के आने वाले रिश्तों को तुड़वा देता था और फोन पर तेजाब डालने और अपहरण करने की धमकी देता था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे बेहोश कर उसकी मांग में सिंदूर भर फोटो खींची थी, ताकि समाज में उसे अपनी पत्नी बताकर बदनाम और ब्लैकमेल कर सके। पत्नी को जान से मारने के आरोप भी लग चुके 31 अक्तूबर 2017 में खराड़ी पर पत्नी को बेहोशी का इंजेक्शन देकर जान से मारने के आरोप भी लगे थे। खराड़ी उस वक्त झाबुआ डिप्टी कलेक्टर थे और पत्नी सुनीता खराड़ी धार जिले के दीनदयालपुरम में रहती थीं। कोतवाली पुलिस ने खराड़ी को बेहोशी की हालत में मिलने पर इलाज करवाया था। सुनीता खराड़ी ने पुलिस को बताया उनके पति ने गुंडे बुलाकर उनके साथ मारपीट की और उसको बेहोशी का इंजेक्शन लगाया। घटना के दिन रात 3 बजे उनके पति ने उनकी दूसरी पत्नी के तीन भाइयों के साथ दो और लोगों को बुलाया। दूसरी पत्नी का मुंह दबा दिया और अपने साथियों के साथ मिलकर बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया, जिसके बाद जान से मारने की कोशिश की। कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।