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CM मोहन यादव की अहम भूमिका, भाजपा अध्यक्ष चुनाव और MP में 8 लाख करोड़ के 209 कामों की शुरुआत

भोपाल  मध्य प्रदेश में 8 लाख करोड़ की 209 केंद्रीय परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें से कुछ कामों के लिए जमीन समय पर नहीं मिलने, समय रहते पेड़ों की कटाई नहीं होने, गांव खाली नहीं होने, एजेंसियां तय करने में समय लगने जैसे 423 अड़गे आए, जिनकी वजह से काम रोकना पड़ा। इसे देखते हुए केंद्र ने राज्य के साथ मिलकर ऐसी परियोजनाओं को प्रोजेक्ट मॉनीटरिंग ग्रुप व प्रोएक्टिव गवर्नेस एंड टाइमली इंप्लीमेंटेशन (प्रगति) के जरिए दोबारा सक्रिय किया और हाईटेक निगरानी भी की। इस आधार पर मप्र ने समय रहते इनमें से 97 फीसद अड़ंगों को दूर कर लिया है। कम समय में तेजी से बाधाओं को दूर कर केंद्रीय परियोजनाओं (Central Projects) पर तेजी से काम करने वाले राज्यों में मप्र टॉप-10 में शामिल हो गया है। अब कामों में और तेजी आई है। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सीएम निवास पर पत्रकारों से रूबरू होते हुए कही। ऐसे पकड़ में आईं बाधाएं सीएस अनुराग जैन ने बताया, पीएमजी समीक्षा में 322 बाधाओं को पहचाना गया और 312 को दूर किया। जबकि प्रगति पोर्टल से 39 परियोजनाओं की समीक्षा में 124 बांधाएं मिली, 120 का समाधान कर चुके। इस तरह राज्य ने पीएमजी और प्रगति दोनों के 97% बाधाओं को दूर कर दिया। हाईटेक होगी निगरानी केंद्रीय योजनाओं की निगरानी के लिए पीएमजी, प्रगति, पीएम गति शक्ति समेत कई अहम पोर्टल हैं। इसी की तर्ज पर राज्य सरकार की योजनाओं की हाईटेक निगरानी के लिए सीएम प्रगति पोर्टल डिजाइन कराया गया है। मुख्यमंत्री जल्द ही इसे लॉन्च करेंगे। पीएम भी इनकी समीक्षा करेंगे और विलंब पर सीएस जिम्मेदार होंगे। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव में सीएम का रोल अहम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव (BJP national president election) की तारीख लगभग तय हो गई है। 19 जनवरी को प्रक्रिया शुरू होगी और 20 की शाम तक नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा हो जाएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) का उक्त चुनावी प्रक्रिया में अहम रोल हो सकता है। वे प्रस्तावक या समर्थक बनाए जा सकते हैं, साथ ही चुनाव की अन्य प्रक्रियाओं में भी शामिल हो सकते हैं। इस चुनाव प्रक्रिया में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, सावित्री ठाकुर, डीडी उड़के, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी शामिल हो सकते हैं। वहीं दिल्ली से इसके संकेत मिलने के बाद सीएम ने अपना स्विट्जरलैंड दौरा आगे बढ़ा दिया है। उनके स्थान पर दावोस के लिए एसीएस नीरज मंडलोई के नेतृत्व टीम रवाना होगी। वहीं सीएम 19 व 20 को दिल्ली में रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, वे दिल्ली प्रवास के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर प्रदेश की दो साल के कार्यकाल से अवगत करा सकते हैं। केंद्र से मिली परियोजनाओं की प्रगति 261,340 करोड़ निवेश वाली 108 परियोजनाओं की बाधाएं दूर। अभी 5,24,471 करोड़ के 101 परियोजनाओं पर काम चल रहा। रेल की 14, सड़‌क परिवहन की 13, विद्युत की 5 और नवकरणीय ऊर्जा की परियोजनाएं शामिल हैं। कूनो नेशनल पार्क में चीते बसाए हैं जबकि धार के पीएम मित्र पार्क में काम शुरू हो चुका है। 

मकर संक्रांति पर नर्मदा स्नान की इच्छा हुई अधूरी, हादसे में पिता, बेटा और दादी की मौत, 5 घर उजड़े

भोपाल  मकर संक्रांति के पावन पर्व पर नर्मदा स्नान की इच्छा लेकर घर से निकले श्रद्धालुओं का वाहन बैरसिया के पास काल का ग्रास बन गया. विद्या विहार स्कूल के पास तेज रफ्तार लोडिंग पिकअप और ट्रैक्टर-ट्रॉली के बीच हुई सीधी भिड़ंत में 5 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद पिकअप वाहन सड़क पर ही पलट गया. हादसे में 5 लोगों की मृत्यु हुई है और 9 लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं. घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. सभी मृतक और घायल विदिशा के सिरोंज के रहने वाले हैं. मृतकों में पिता, पुत्र और दादी भी शामिल हैं. वे मकर संक्रांति मनाने के लिए पिकअप में सवार होकर होशंगाबाद (नर्मदापुरम) नर्मदा स्नान के लिए जा रहे थे. भोपाल में ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडिंग वाहन के बीच आमने-सामने की टक्कर में 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। 12 घायल हुए हैं। हादसा बैरसिया थाना इलाके में बुधवार रात करीब साढ़े 9 बजे हुआ। घायलों में से कुछ की हालत गंभीर है। टीआई वीरेंद्र सेन ने बताया कि सिरोंज के एक ही परिवार के 15 लोग लोडिंग वाहन में थे। इनमें से पांच की मौत हो गई है। नौ घायल हुए हैं। ट्रैक्टर सवार 3 लोग भी घायल हुए हैं। सभी घायलों को बैरसिया शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोडिंग वाहन में सवार परिवार किसी परिजन की अंतिम क्रिया के लिए नर्मदापुरम जा रहा था। जैसे ही उनका वाहन बैरसिया थाना इलाके में ठाकुर लाल सिंह स्कूल के पास पहुंचा, सामने से आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से टक्कर हो गई। इसमें लोडिंग वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उसमें सवार कई लोग अंदर ही फंस गए। हादसे में इनकी गई जान     लक्ष्मीबाई अहिरवार     बबली बाई     हरि बाई     दीपक     मुकेश ये हुए घायल     सूरज     विनीता     पुनीत     मोनिका     महक     नूरी बाई     लल्लू     प्रदीप     ज्योति     सूरज

उज्जैन के बृहस्पति मंदिर में मुख्यमंत्री यादव ने सपत्नीक पूजा की

उज्जैन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज यहां स्थित देवगुरु श्री बृहस्पति मंदिर पहुंचकर सपत्नीक भगवान बृहस्पति के दर्शन कर पूजा अर्चना कर अभिषेक किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव को ये पूजा अर्चना मंदिर के पंडित आलोक गुरु द्वारा संपन्न कराई गई। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने उज्जैन के बृहस्पति मंदिर में दर्शन के बाद तेलीवाड़ा क्षेत्र में आम नागरिकों के साथ चाय के साथ चर्चा भी की।

श्रीमहाकाल महोत्सव श्रद्धालुओं को आध्यात्म, धर्म और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा से जोड़ने का माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

महाकाल महोत्सव का हुआ शुभारंभ श्रीमहाकाल महोत्सव श्रद्धालुओं को आध्यात्म, धर्म और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा से जोड़ने का माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में हुआ महाकाल महोत्सव का भव्य आयोजन शुरू मुख्यमंत्री ने महाकालेश्वर मंदिर की नवीन आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल का किया शुभारंभ 600 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले महाकालेश्वर भक्त निवास के दान एवं सीआरएस पोर्टल का शुभारंभ पार्श्व गायक शंकर महादेवन के भजनों की सुमधुर प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया महाकाल महोत्सव का शुभारंभ उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि महाकाल महोत्सव से उज्जैन की सुंदरता को स्वर्ग के समान बना दिया है। आज की उज्जैन नगरी महाकवि कालिदास की रचनाओं की अवंतिका के समान हो गई है। सम्राट विक्रमादित्य  और राजा भोज के काल से अवंतिका नगरी न्याय और प्रशासनिक दक्षता की वाहक है। सम्राट विक्रमादित्य, राजा भोज और अवंतिका नगरी की अन्य महान विभूतियों और प्रेरक कहानियों को महाकाल महालोक में मूर्ति कला और दीवारों पर चित्रों के माध्यम से बड़ी सुंदर तरीके से दर्शाया गया है। महाकाल की नगरी काल की नगरी है। महाकाल की कृपा से हमारी प्रत्येक सांस है और प्रेरणा से यह जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित है। प्रदेश ने धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर अपनी नवीन पहचान स्थापित की है । महाकाल महोत्सव  श्रद्धालुओं को आध्यात्म, धर्म  और प्रदेश  की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा से जोड़ने का माध्यम है। इससे श्रद्धालुओं को बाबा का आशीर्वाद भी मिलेगा, और उज्जैन की जानकारी भी मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मकर संक्रांति पर्व की पावन संध्या पर पूजन अर्चन कर महाकाल महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर  प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल,राज्य सभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सत्य नारायण जटिया,संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, रवि सोलंकी, नरेश शर्मा, श्रीराम तिवारी,रूप पमनानी  आदि जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग है ,दोनों ज्योतिर्लिंग की कनेक्टविटी सड़क ,वायु और रेल मार्ग से बढ़ाकर श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान की जा रही है। उज्जैन में तो शक्ति पीठ माता गढ़ कालिका भी है साथ ही यहाँ शिप्रा के किनारे गुरुद्वारा  है जहां गुरु नानक जी आए और उज्जैन का उल्लेख अपने पदों में किया है। उज्जैन की विविधता और समरसता निराली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन में सावन महोत्सव 2003 के बाद शुरू किया गया।  अब शिवरात्रि से लेकर गुड़ी पड़वा तक उज्जैन में मेला आयोजित हो रहे हैं। उज्जैन में आयोजित विविध कार्यक्रमों और मेलों के माध्यम से पर्यटनों  को इतिहास और संस्कृत से जोड़ रहे है और सभी का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन और ग्वालियर में आयोजित व्यापार मेले में वाहनों में कर की छूट भी सरकार द्वारा प्रदान की जा रही है। इस परम्परा को ओर समृद्ध बनाकर अब भोपाल के साथ उज्जैन में भी 5 दिवसीय वन मेला दशहरा मैदान पर आयोजित किया जाएगा। इसमें विभिन्न वन उत्पाद नागरिक प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संगीत की समृद्ध परंपरा में डमरू सबसे पहला वाद्य यंत्र है। संगीत की समृद्ध परंपरा में अन्य यंत्र इसके बाद बने है। शंकर महादेवन द्वारा दी जाने वाली डमरू वाद्य यंत्र पर प्रस्तुति अद्भुत होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल्द ही जिले को इंदौर उज्जैन सिक्स लेन,  हरिफटक पुल सिक्स लेन, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स आदि की सौगात मिलेगी। साथ ही जिले में अन्य विकास के कार्य भी किए जा रहे है। जिले में 25 जनवरी को राहगीरी का आनंद उत्सव भी आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकालेश्वर मंदिर की नवीन आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in का शुभारंभ किया। साथ ही 600 करोड़ की लागत से निर्मित होने वाले महाकालेश्वर भक्त निवास के दानदाताओं के लिए वेबसाइट www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/bhaktniwas का भी शुभारंभ किया। महाकाल महोत्सव में पार्श्व गायक शंकर महादेवन की आकर्षक प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वीर भारत न्यास, विक्रमादित्य शोध पीठ तथा महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह महोत्सव 18 जनवरी 2026 (विक्रम संवत 2082) तक चलेगा।  

एमपी बोर्ड परीक्षा में सामूहिक नकल पर कड़ा एक्शन, पूरी परीक्षा होगी निरस्त, 3 साल तक की सजा

 भोपाल मध्य प्रदेश में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर जरूरी दिशा निर्देश जारी किया गया हैं। सामूहिक नकल पर पूरे केंद्र की परीक्षा निरस्त होगी। एग्जाम में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। नकल करने वाले परीक्षार्थियों पर 3 साल की जेल या 5 हजार रुपये का जुर्माने का प्रावधान है। अगर कोई व्यक्ति छात्रों की मदद करता है तो उसे भी 3 साल की जेल होगी। एमपी बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षा 13 फरवरी से 6 मार्च 2026 तक संचालित की जाएगी। वहीं 12वीं कक्षा का एग्जाम 10 फरवरी से 7 मार्च 2026 तक होगा। सभी परीक्षाएं सुबह 9 बजे से 12 बजे तक आयोजित की जाएंगी। माशिमं ने संबंध में जारी किए दिशा-निर्देश मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करता है या कोई व्यक्ति इसमें उसकी सहायता करता है तो तीन वर्ष की सजा का प्रावधान है। कक्षा में सामूहिक नकल या अन्य व्यक्ति द्वारा नकल करवाने पर उस केंद्र की सभी परीक्षाएं निरस्त होंगी। प्रदेश में 16 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हो रहे हैं। प्रदेश भर में 3856 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। वहीं राजधानी में 104 परीक्षा केंद्र रहेंगे। यह भी नकल की श्रेणी में आएगा एक उत्तर पुस्तिका में एक से अधिक हस्तलिपि में प्रश्न हल किए हो तो व्यक्तिगत नकल प्रकरण की श्रेणी में रखा जाएगा और सभी विषयों की परीक्षा और परीक्षाफल निरस्त किया जाएगा। साथ ही उस केंद्र के केंद्राध्यक्षों, सहायक केंद्राध्यक्षों व पर्यवेक्षकों को पांच साल तक परीक्षा कार्य से वंचित किया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान भी रहेगी पैनी नजर माशिमं ने स्पष्ट किया है कि सामूहिक नकल की पहचान केवल परीक्षा हाल तक सीमित नहीं रहेगी। यदि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के समय किसी एक परीक्षा केंद्र की कम से कम 10 उत्तर पुस्तिकाएं एक ही तरीके (समान उत्तर और समान शैली) से लिखी हुई पाई जाती हैं, तो इसे सामूहिक नकल की श्रेणी में माना जाएगा। ऐसी स्थिति में संबंधित केंद्र की परीक्षा को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाएगा। स्कूलों और परीक्षा केंद्रों को निर्देश एमपी बोर्ड ने सभी स्कूलों और परीक्षा केंद्रों को निर्देश दिए हैं कि वे परीक्षार्थियों को नकल न करने और परीक्षा नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करें. परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. बोर्ड अधिकारियों ने यह भी बताया कि परीक्षा में शांति और अनुशासन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी कर्मियों और कैमरों को मैनेज किया जाएगा. छात्र और शिक्षक दोनों को इसके महत्व को समझते हुए परीक्षा का निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करना होगा. इस कदम का मकसद परीक्षा में ईमानदारी बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन कायम रखना है. बोर्ड ने छात्रों, अभिभावकों और स्कूल प्रशासन से अपील की है कि वे सभी नियमों का पालन करें और परीक्षा को सफल बनाने में सहयोग करें. इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पर प्रतिबंध रहेगा मंडल द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक बोर्ड परीक्षाओं में यदि कोई परीक्षार्थी अनुचित साधनों का प्रयोग करता है, या कोई व्यक्ति इसमें उसकी सहायता करता है तो तीन साल की सजा का प्रविधान है। अनुचित साधनों का प्रयोग करते पाए जाने पर विद्यार्थी की पूरी परीक्षा निरस्त होगी। बोर्ड परीक्षा में कैलकुलेटर का उपयोग अनुचित साधन की श्रेणी में माना जाएगा। साधारण केलकुलेटर, साइंटिफिक कैलकुलेटर, पेजर, सेल्युलर फोन, कंप्यूटर के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। 20 विद्यार्थियों पर एक पर्यवेक्षक तैनात होगा परीक्षा केंद्रों पर 20 विद्यार्थियों पर पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा। एक कक्षा में 20 से अधिक व 40 से कम विद्यार्थियों पर दो पर्यवेक्षक नियुक्त रहेंगे। विद्यार्थियों की 40 से अधिक संख्या होने पर 15 परीक्षार्थियों पर एक पर्यवेक्षक रहेगा।     10वीं व 12वीं परीक्षा में नकल करने वाले परीक्षार्थियों पर कड़ा प्रतिबंध होगा। सामूहिक नकल की श्रेणी में आने पर पूरी परीक्षा निरस्त होगी। परीक्षा की तैयारियां पूरी हो चुकी है- बलवंत वर्मा, परीक्षा नियंत्रक, माशिमं।  

मध्य प्रदेश में विधायकों को मिलेगा वेतन और भत्तों में इज़ाफा, विधानसभा की कार्यवाही डिजिटल होगी

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार अब प्रशासनिक कामकाज के बाद विधायी कामकाज को भी पूरी तरह हाई-टेक बनाने जा रही है।  विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश विधानसभा को 'डिजिटल' करने और विधायकों की सुख-सुविधाओं को लेकर बड़े फैसले लिए गए हैं। बजट सत्र से लागू होगा 'ई-विधान' सरकार ने निर्णय लिया है कि आगामी बजट सत्र से विधानसभा में 'ई-विधान' प्रणाली लागू कर दी जाएगी। जिस तरह कैबिनेट बैठकों में अब कागज की जगह टैबलेट का उपयोग हो रहा है, उसी तरह अब विधानसभा की कार्यवाही भी पेपरलेस होगी। हालांकि, इसे पिछले सत्रों में ही लागू किया जाना था, लेकिन तकनीकी तैयारियों के चलते अब इसे फरवरी में होने वाले बजट सत्र से अनिवार्य रूप से शुरू करने की योजना है। विधायकों के वेतन-भत्ते और आवास पर चर्चा बैठक में विधायकों के वेतन और भत्तों में वृद्धि को लेकर भी गंभीर मंथन हुआ। वेतन वृद्धि के लिए गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। लंबे समय से विधायक अपना भत्ता बढ़ाने का दबाव बना रहे थे, जिस पर अब सरकार बजट सत्र के दौरान अंतिम मुहर लगा सकती है। इसके साथ ही, विधायक विश्राम गृह (रेस्ट हाउस) परिसर में विधायकों के लिए बन रहे नए लग्जरी आवासों के निर्माण और वहां आ रही तकनीकी बाधाओं को दूर करने पर भी सहमति बनी है। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में लंबे समय ई-विधानसभा की मांग चल रही है। इसके लिए विधायकों को टैब भी दिए जाने की योजना है।

मध्यप्रदेश में पेंशनर्स को बड़ा झटका, 5 लाख पेंशनर्स के लिए बंद होंगे कार्यालय

भोपाल आने वाले दिनों में मध्यप्रदेश में पेंशनरों को एक बड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।  पेंशनरों के लिए एक ऐसा झटका  लगा है जो  मुश्किलें खड़ी करने वाला है। करीब 5 लाख पेंशनरों के सामने एक बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है। दिक्कत का कारण है  1 अप्रैल से जिला पेंशन कार्यालय बंद हो जाएंगे,  जिससे पेंशनरों की बैचेनी बढ गई है। ऐसा होने से इन पेंशनर्स को काम के लिए राजधानी भोपाल का रुख करना पड़ेगा वित्त विभाग ने नई व्यवस्था को लागू करने के लिए तैयारियां शुरु की वहीं वित्त विभाग ने इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए तैयारियां शुरू भी कर दी हैं। जानकारी के मुताबिक इसका मुख्य उद्देश्य पेंशन वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और त्वरित बनाना है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल काम में तेजी आएगी बल्कि अनावश्यक कागजी कार्रवाई में भी कमी आएगी।  पेंशन समस्या निवारण एसोसिएशन समिति विरोध में इस फैसले के बाद प्रदेश भर के पैशनरों को छोटी से छोटी समस्या के निपटारे के लिए राजधानी भोपाल आना पड़ेगा। इससे  प्रदेश भर के लाखों पेंशनर्स को भारी परेशानी से दो-चार होना पड सकता है। पेंशनर्स पाने वाले ज्यादातर बुजुर्ग ही होते हैं और उन्हें भोपाल पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है । पेंशन समस्या निवारण एसोसिएशन समिति के द्वारा इस कार्रवाई को रोकने की मांग की गई है। जिसमें हवाला दिया गया है कि यदि कोई छोटी समस्या होती है तो भी उन्हें भोपाल जाना होगा, जो न केवल आर्थिक परेशाना पैदा करेगा बल्कि शारीरिक दवाब भी बनाएगा। इस तरह से मध्य प्रदेश में पेंशन व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से प्रदेश के सभी जिला पेंशन कार्यालयों को बंद करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का सीधा असर लाखों पेंशनभोगियों और सरकारी कामकाज की शैली पर पड़ेगा। अब पेंशन से जुड़े तमाम काम जिला स्तर के बजाय सीधे राजधानी भोपाल से संचालित होंगे।

मध्यप्रदेश सरकार की 900 करोड़ की परियोजना, किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, दो जिले में बनेंगे बांध

भोपाल  रायसेन में दो और राजगढ़ में एक नया बांध बनाया जाएगा। इन पर 898.42 करोड़ रुपए खर्च आएगा। इनके बनने से 18 हजार 420 हेक्टेयर जमीन सिंचित होगी। 20 हजार 300 किसान परिवारों को लाभ होगा। सिंहस्थ से पहले 1133 करोड़ के खर्च से पीने के पानी की व्यवस्था वहीं सिंहस्थ को देखते हुए उज्जैन में पीने के पानी की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए 1133.76 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। पानी से जुड़ी इन चार बड़ी परियोजनाओं को मोहन सरकार ने मंजूरी दे दी है। हर खेत तक पहुंचाएंगे पानी रायसेन व राजगढ़ में तीन बांध बनाए जाने से खुश सारंगपुर, भोजपुर और उदयपुरा के किसानों के एक प्रतिनिधि मंडल ने सीएम डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर उनका आभार जताया। सीएम ने कहा, खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए सरकार हर खेत तक पानी पहुंचाने का काम करेगी। दो सोलर सह स्टोरेज परियोजनाओं को भी हरी झंडी साथ ही दो सोलर सह स्टोरेज परियोजनाओं को भी हरी झंडी दी गई। प्रत्येक 300 मेगावाट की होगी। एक में स्टोरेज की जाने वाली बिजली से 4 घंटे और दूसरी में स्टोरेज की जाने वाली बिजली से 6 घंटे आपूर्ति की जा सकेगी। मंत्रियों को मुख्यमंत्री ने ये निर्देश दिए -एमपी में संकल्प से समाधान अभियान, स्वच्छ जल अभियान, प्रदेश में जैव विविधता को समृद्ध करने जैसे विषयों को सफल बनाएं। -अपने-अपने विभागों से जुड़े कामों की नियमित निगरानी-समीक्षा करें। -स्वच्छ जल अभियान की समीक्षा की जाए, जहां कमी हो, उसे पूरी की जाए। -मकर संक्रांति का दिन शुभ परिवर्तन, आत्मबल और सकारात्मक सोच का प्रतीक है, आम जन के साथ इसे भव्यता के साथ मनाएं। -कृषक कल्याण वर्ष में जिन विभागों की सहभागिता है, वे अपने-अपने स्तर के काम करें। परिणाम लाने हैं, यह सभी की जिम्मेदारी है। -असम सरकार के साथ जंगली भैंसे, गैंडे व कोबरा समेत अन्य वन्यप्राणियों को लाने सहमति बनाई है।

महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं ने खरीदी तीन करोड़ की लड्डू, 12 दिन में 573 क्विंटल बेसन लड्डू की बिक्री

उज्जैन उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं में लड्डू प्रसादी को लेकर खास रुझान देखने को मिल रहा है। पौष्टिकता से भरपूर होने के बावजूद रागी अन्न प्रसाद का लड्डू श्रद्धालुओं को अपेक्षाकृत कम पसंद आ रहा है, जबकि बेसन का लड्डू उनकी पहली पसंद बनता जा रहा है। मांग और बिक्री के आंकड़े इस बदलते रुझान को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।   रविवार को हुई बेसन लड्डू की रिकॉर्ड बिक्री रविवार को मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस दौरान मंदिर समिति के 10 काउंटरों से कुल 58.528 क्विंटल बेसन का लड्डू बिके, जिससे 28 लाख 3 हजार 50 रुपये की आय हुई। वहीं रागी लड्डू की बिक्री मात्र 6.11 क्विंटल रही, जिससे 2 लाख 84 हजार 100 रुपये प्राप्त हुए। आंकड़ों के अनुसार, रागी की तुलना में बेसन लड्डू की मांग लगभग दस गुना अधिक रही।   100 रुपये वाला पैकेट सबसे ज्यादा लोकप्रिय लड्डू प्रसादी की खरीद में श्रद्धालुओं ने अलग-अलग पैकेटों को प्राथमिकता दी। सबसे अधिक मांग 100 रुपये वाले पैकेट की रही, जिसमें बेसन के 18,540 और रागी के 1,215 पैकेट बिके। 50 रुपये वाले पैकेट में बेसन के 9,113 और रागी के 1,540 पैकेट की बिक्री हुई। वहीं 200 रुपये वाले आधा किलो के पैकेट में बेसन के 2,467 और रागी के 428 पैकेट श्रद्धालुओं ने खरीदे। एक दिन में 30 लाख से अधिक का विक्रय मंदिर समिति ने अकेले रविवार को रागी और बेसन दोनों प्रकार के लड्डू प्रसादी से कुल 30 लाख 87 हजार रुपये से अधिक का विक्रय किया। समिति का कहना है कि लड्डू प्रसादी श्रद्धालुओं को ‘नो लॉस, नो प्रॉफिट’ के आधार पर उपलब्ध कराई जाती है, ताकि आस्था के साथ गुणवत्ता भी बनी रहे।   12 दिनों में 643 क्विंटल लड्डू की बिक्री शीतकालीन अवकाश के दौरान 25 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026 तक के 12 दिनों में मंदिर समिति ने कुल 643.409 क्विंटल लड्डू प्रसादी का विक्रय किया। इस अवधि में 573.118 क्विंटल बेसन लड्डू से 2 करोड़ 73 लाख 93 हजार 600 रुपये और 70.291 क्विंटल रागी लड्डू से 32 लाख 50 हजार 800 रुपये की बिक्री दर्ज की गई।   गुणवत्ता और भविष्य की उम्मीद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि लड्डू निर्माण में गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखा जाता है। प्रतिदिन खाद्य प्रशासन के निरीक्षक नमूने लेकर जांच करते हैं और शुद्ध सामग्री का ही उपयोग होता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में श्री अन्नप्रसाद यानी रागी लड्डू की स्वीकार्यता भी बढ़ेगी।  

सीएम मोहन यादव का देवोस दौरा, स्विट्जरलैंड जाने से पहले किया जाएगा अंतिम मंथन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्विट्जरलैंड के दावोस जाने की तैयारी कर रहे हैं। स्विट्जरलैंड का उनका ये दौरा महज एक विदेश यात्रा नहीं, बल्कि इसके माध्यम से मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने का अहम कदम होगा। वर्ल्ड इकोननॉमिक फोरम के वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने से पहले सीएम मोहन यादव ने मंत्रालय में वरिष्ठ अफसरों के साथ एक रणनीतिक बैठक आयोजित की। बैठक में तय हुआ एमपी खुद को कैसे करेगा पेश बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत उद्योग, निवेश, ऊर्जा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़े विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में तय किया गया कि दावोस के मंच पर मध्यप्रदेश को खुद को किन प्रमुख बिंदुओं और संभावनाओं पर पेश करना चाहिए। खासतौर पर राज्य की औद्योगिक नीतियों, निवेश के अनुकूल माहौल और हाल के सालों में हुए सुधारों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने पर जोर दिया। प्राथमिक एजेंडे में क्या जानकारी के मुताबिक सीएम ने अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि दावोस में सिर्फ योजनाओं का ब्योरा नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की 'ग्राउंड रियलिटी' और निवेश की वास्तविक संभावनाएं सामने रखी जाएं। राज्य में लॉजिस्टिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन सेक्टर में मौजूद अवसरों को प्राथमिक एजेंडे में शामिल किया जा रहा है। जाने से पहले एक और उच्चस्तरीय बैठक होगी बैठक में यह भी तय किया गया कि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले एक और उच्चस्तरीय बैठक की जाएगी, जिसमें दावोस में होने वाली संभावित द्विपक्षीय बैठकों और निवेश प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अगले सप्ताह स्विट्जरलैंड के दावोस रवाना होंगे। ऐसे में यह दौरा मध्यप्रदेश के लिए केवल अंतरराष्ट्रीय मंच नहीं, बल्कि राज्य के आर्थिक भविष्य को नई दिशा देने का प्रयास माना जा रहा है।