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68 लाख के गेहूं का घोटाला! करनाल फूड इंस्पेक्टर की गिरफ्तारी से खुला सच

करनाल  करनाल जिले के कुंजपुरा अनाज केंद्र से 68 लाख रुपये के गेहूं गबन के मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक अशोक शर्मा को पुलिस ने शाहबाद से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ 6 सितंबर को केस दर्ज हुआ था और तब से वह फरार चल रहा था। पुलिस का कहना है कि आरोपी को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। जांच में खुलासा हुआ कि अप्रैल और मई 2025 में खरीदे गए गेहूं के बैगों में जानबूझकर वजन में गड़बड़ी की गई। जहां 50 किलो के बैग होने चाहिए थे, वहां 20-25 किलो गेहूं भरकर स्टॉक दिखाया गया। बाकी गेहूं बाजार में बेच दिया गया। विभाग की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 10 जून तक करीब 2,427 क्विंटल गेहूं, जिसकी कीमत 68 लाख 61 हजार रुपये थी, बाजार में बेचा जा चुका था। मामला तब खुला जब बैगों का वजन कम होने की शिकायत विभाग तक पहुंची। करीब 4902 बैग कम निकले डीएफएससी अनिल कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने मौके पर पहुंचकर गड़बड़ी पकड़ी थी। जांच में पाया गया कि बैगों में 10 से 15 किलो तक वजन कम था और करीब 4,902 बैग कम निकले। मुख्यालय से गठित जांच कमेटी ने 12 अगस्त से जांच शुरू की और पांच सितंबर को रिपोर्ट सौंपी।    बैगों पर किया जाता था पानी का छिड़काव इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि खुले में रखे कई बैग आधे भरे हुए और फटे मिले, जिनसे गेहूं निकालकर बेच दिया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि बैगों का वजन सही दिखाने के लिए गेहूं पर पानी का छिड़काव किया जाता था ताकि चोरी का पता न चले। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

नरेंद्र सिंधु की वीरता को सलाम: कुलगाम में शहीद हुए जवान को लोगों ने किया भावभीनी श्रद्धांजलि

कैथल जम्मू-कश्मीर के कुलगाम के गुद्दार ऑपरेशन में आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए कैथल जिले के नरेंद्र सिंधु (28) का पार्थिव शरीर बुधवार दोपहर उनके पैतृक गांव रोहेड़ा पहुंचा, जहां हजारों नम आंखों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। घर पर अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरा वातावरण भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। शहीद नरेंद्र सिंधु अमर रहे के नारों से पूरा गांव मानों गूंज रहा हो। नरेंद्र की शहादत के बाद उनकी मां रोशनी देवी गुमसुम बैठी हैं। नम आंखों से उन्होंने कहा कि बचपन में बेटा कहता था कि बड़ा होकर सेना में जाऊंगा और उसने अपना सपना पूरा कर लिया। परिजनों के मुताबिक नरेंद्र करीब आठ साल पहले फौज में भर्ती हुए थे। इस समय वे राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। चार साल पहले ही उनकी पोस्टिंग श्रीनगर में हुई थी। वे अभी अविवाहित थे। नरेंद्र अंतिम बार करीब साढ़े तीन महीने पहले अपने घर पर छुट्टी पर आए थे। करीब एक महीना घर रहने के बाद करीब तीन महीने पहले वे अपनी ड्यूटी पर लौट गए थे। गत सोमवार को उनके शहीद होने की सूचना कैथल पहुंची थी। इसके बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। नरेंद्र ने अपनी 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई की और बाद में सेना की तैयारी की और सेना में भर्ती हो गए। उनके परिवार में पिता दलबीर सिंह किसान हैं और माता रोशनी देवी गृहिणी हैं। परिवार में दो बहनें और एक छोटा भाई है। बहनों की शादी हो चुकी है। उधर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जम्मू कश्मीर के कुलगांव में आतंकवादियों से मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए हरियाणा की माटी के वीर सपूत गांव रोहेड़ा निवासी शहीद लांस नायक नरेंद्र सिंधु को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी मुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि इस दुख की घड़ी में हम सब शहीद परिवार के साथ एकजुट हैl पिता किसान, मां गृहिणी, दो बहनें और एक भाई नरेंद्र का जन्म 5 अक्टूबर 1996 को गांव रोहेड़ा में हुआ था। उन्होंने अपनी 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई गांव के एक प्राइवेट स्कूल से की थी। पिता दलबीर सिंह किसान हैं और माता रोशनी देवी गृहिणी हैं। परिवार में दो बहनें और एक छोटा भाई है। बहनों की शादी हो चुकी है। नरेंद्र का छोटा भाई वीरेंद्र अमेरिका में रहता है। वह 2023 में अमेरिका में गया था, जहां अब वह एक होटल में सहायक की नौकरी करता है। 4 साल पहले ही श्रीनगर हुई थी पोस्टिंग वर्तमान में नरेंद्र राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। 4 साल पहले ही उनकी पोस्टिंग श्रीनगर में हुई थी। अभी तक नरेंद्र की शादी नहीं हुई थी। ताऊ के बेटे विक्रम ने बताया कि नरेंद्र की शादी के बारे में परिवार के लोगों की बातचीत चल रही थी। परिवार का कहना था कि जम्मू कश्मीर में नरेंद्र की ड्यूटी का समय पूरा होने वाला था। उन्होंने नया घर बनाया था। वह अक्टूबर में छुट्टी आने वाले थे।

जासूसी केस में ज्योति मल्होत्रा की 11वीं पेशी, अधूरी चार्जशीट को लेकर वकील तैयार

हिसार  पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में पकड़ी गई ज्योति मल्होत्रा की आज कोर्ट में 11वीं पेशी होगी। ज्योति व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होगी। ज्योति की इससे पहले 3 सितंबर को हिसार कोर्ट ने ज्योति की डिफॉल्ट बेल को खारिज कर दिया था। ज्योति के वकील कुमार मुकेश का कहना था कि 90 दिन का समय पुलिस को चालान पेश करने के लिए मिला था मगर पुलिस पूरी जांच नहीं कर पाई। ज्योति के खिलाफ पुलिस को कुछ नहीं मिला और अधूरी चार्जशीट के आधार पर बेल मिलनी चाहिए मगर कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया। इसके अलावा पुलिस ने कोर्ट में 3 एप्लीकेशन लगाई थी। कोर्ट ने 2 एप्लीकेशन को स्वीकार कर लिया था। इसके अनुसार वकील कुमार मुकेश को अधूरी चार्जशीट दी जाएगी और चालान के पार्ट को प्रकाशित नहीं किया जा सकेगा। हालांकि रूटीन मीडिया ब्रीफिंग पर कोर्ट ने रोक नहीं लगाई है। ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने बताया कि अदालत के फैसले का सम्मान है, लेकिन मैं इनसे संतुष्ट नहीं हूं। चारों आदेशों की कॉपियां शीघ्र लेकर उनके खिलाफ रिविजन फाइल की जाएगी। ज्योति की पिछली पेशी 2 सितंबर को हुई थी। 25 अगस्त से चार्जशीट को लेकर चल रहा विवाद पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की चार्जशीट को लेकर विवाद चल रहा है। 25 अगस्त को ज्योति को चार्जशीट सौंपने के लिए कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। कोर्ट में चार्जशीट सौंपने की प्रक्रिया चल ही रही थी, इस दौरान हिसार पुलिस ने कोर्ट में 3 एप्लिकेशन दी कि ज्योति के वकील कुमार मुकेश को चार्जशीट के कुछ हिस्से न दिए जाएं। पुलिस ने इसके पीछे तर्क दिया है कि वकील को चार्जशीट कॉपी देने से रिपोर्ट सार्वजनिक हो सकती है, जो काफी संवेदनशील है। पुलिस ने कहा कि पंचकूला सीएफएल का डेटा गोपनीय है और देश की सुरक्षा के लिए इसे सार्वजनिक करना ठीक नहीं है। पुलिस ने कहा कि पाक एजेंटों के साथ ज्योति की चैटिंग सार्वजनिक नहीं की जा सकती। पुलिस ने कहा कि पूरे मामले के मीडिया ब्रीफिंग पर रोक लगाई जाए। वहीं कुमार मुकेश ने कोर्ट में कहा था कि यह एप्लिकेशन अवैध हैं। कुछ प्रावधानों को तरोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। इसका कोई प्रावधान नहीं है। इसके बाद वकील कुमार मुकेश ने अपनी तरफ से डिफॉल्ट बेल की एप्लिकेशन कोर्ट में लगाई थी। पाकिस्तान और चीन की यात्रा से शक के घेरे में आई थी ज्योति ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा सुरक्षा एजेंसियों की नजर में तब आई जब वह पिछले साल 2024 में 2 महीने के भीतर पाकिस्तान और फिर चीन गई थी। ज्योति मल्होत्रा के यूट्यूब पर अपलोड वीडियो की डेट के अनुसार वह 17 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान गई थी। 15 मई तक वह पाकिस्तान में ही रही। इसके बाद भारत लौटी। पाकिस्तान से लौटने के 25 दिन बाद ही 10 जून को वह चीन चली गई। 9 जुलाई तक चीन में रही और फिर वहीं से 10 जुलाई को नेपाल में काठमांडू पहुंच गई। इससे पहले वह करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तान गई तो वहां पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ से मिली और उनका इंटरव्यू तक किया। ज्योति को 15 मई को किया था गिरफ्तार बता दें कि हिसार पुलिस ने ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी के शक में 15 मई को गिरफ्तार किया था। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत जासूसी, राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और गोपनीय जानकारी साझा करने जैसे गंभीर आरोप हैं।

क्राइम कंट्रोल का नया तरीका: हरियाणा की जेलों में हाई-टेक सिस्टम से अपराधियों पर नजर

चंडीगढ़  अब अपराधियों की पहचान को और अधिक सटीक व आधुनिक बनाने के लिए हरियाणा की 20 जेलों में मेजरमेंट कलेक्शन यूनिट (एमसीयू) और फिंगर एनरोल्ड डिवाइस (एफईडी) लगाए जाएंगे। इससे अपराधियों की यूनिक पहचान तैयार होगी जिसमें उंगलियों के निशान, चेहरे की विशेषताएं, डीएनए नमूने और रेटिना स्कैन शामिल होंगे।  महानिदेशक कारागार आलोक कुमार राय ने बताया कि अपराधियों के पुराने परंपरागत पहचान के तरीकों से आगे बढ़ते हुए ये तकनीक अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने, उनकी ट्रैकिंग और गतिविधियों का पता लगाने में मददगार साबित होगी। एमसीयू से जुटाए गए आंकड़े स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) के पास सुरक्षित रहेंगे और इन्हें राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के साथ भी साझा किया जाएगा। यह जानकारी 75 साल तक संग्रहित रखी जा सकेगी। आसानी से ट्रैक होंगे अपराधियों के नेटवर्क इन यूनिट्स से मिलने वाले अपराधियों के फिंगर प्रिंट्स और रेटिना स्कैन सीधे नेशनल ऑटोमेटिक फिंगर प्रिंट्स इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एनएएफआईएस) में अपलोड होंगे। नेशनल ऑटोमेटेड फिंगर प्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (नैफिस) में देशभर के अपराधियों, बंदियों और संदिग्धों का डेटा दर्ज होता है, जिससे अपराधियों का नेटवर्क ट्रैक करना और आसान होगा।  पंचकूला सेक्टर-14 स्थित दफ्तर में महानिदेशक कारागार ने कहा कि ये पहल आपराधिक न्याय प्रणाली को और मजबूत करेगी। अपराधियों का विस्तृत यूनिक डेटा उपलब्ध होने से न केवल उनकी पहचान पुख्ता होगी बल्कि लंबे समय तक उनकी गतिविधियों पर भी नजर रखी जा सकेगी। यह कदम प्रदेश में अपराध पर अंकुश लगाने और कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।  

सैनी सरकार का बड़ा तोहफा: दिवाली से पहले 25 हजार परिवारों को मिलेगा अपना प्लॉट

चंडीगढ़   हरियाणा के लोगों के लिए दिवाली से पहले एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार करीब 25,000 पात्र परिवारों को प्लॉट आवंटित करने जा रही है। ये प्लॉट उन लोगों को दिए जाएंगे जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक है। सूत्रों के अनुसार, इस योजना के तहत सरकार 17 अक्टूबर को राज्यस्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर सकती है, जिसकी तैयारियां जोरों पर हैं। सभी जिलों से डीसी की रिपोर्ट भी सरकार को प्राप्त हो चुकी है, और आवंटन की प्रक्रिया पंचायत विभाग द्वारा पूरी की जाएगी। ड्रॉ पहले से हो चुका है, सूची तैयार जिन लाभार्थियों ने पहले आवेदन किया था, उन्हीं में से ड्रॉ के माध्यम से चयन किया गया है। राज्य सरकार ने 561 गांवों और 16 कस्बों की सूची तैयार की है, जहां यह प्लॉट दिए जाएंगे। ये प्लॉट करीब 50 गज क्षेत्रफल के होंगे। इस योजना के तहत 14 जिलों के 55 ब्लॉकों को शामिल किया गया है। यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, यानी जैसे-जैसे ज़मीन उपलब्ध होगी, वैसे-वैसे प्लॉटों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। इस संबंध में सभी जिलों से डीसी की रिपोर्ट भी सरकार को मिल गई है। सभी तरह की कार्यवाही पंचायत विभाग की ओर से की जाएगी।  सभी के ड्रॉ पहले ही कर दिए जाएंगे। सरकार ने प्रदेश के 561 गांवों की सूची तैयार की है, जिनमें यह प्लॉट मुहैया कराए जाएंगे। इनके अलावा 16 अन्य कस्बों में भी 50 गज के प्लॉट दिए जाएंगे, यानी कुल मिलाकर आंकड़ा 25 हजार प्लॉट तक पहुंचेगा। 14 जिलों के 55 ब्लॉकों के गांवों में यह प्लाट मिलेंगे। जिनको ये मकान मिलेंगे, उन्होंने पहले से आवेदन किया है। आवेदनों में से ही ड्रॉ निकाले जाएंगे। हरियाणा में जिला के हिसाब से मिलेंगे प्लाट हरियाणा सरकार ने बीपीएल परिवारों को प्लाट देने की योजना बना ली है। जहां पर हर जिले के हिसाब से प्लाटों का निर्धारण कर लिया गया है। इसके तहत भिवानी 39 प्लाट, फरीदाबाद में 33 प्लाट, फतेहाबाद में 165 प्लाट, हिसार में 766 प्लाट,  कैथल में 87 प्लाट, करनाल में 2111 प्लाट, कुरुक्षेत्र में 1834 प्लाट, महेंद्रगढ में 313 प्लाट, नूंह में 449 प्लाट, पानीपत में 258 प्लाट, रोहतक में 252 प्लाट, सिरसा में 2398 प्लाट, सोनीपत में 784 प्लाट, यमुनानगर में 86 प्लाट दिए जाएंगे।  सरकार पंचायतों को देगी राशि सरकार की योजना है कि प्रति एकड़ पंचायत को राशि भी दी जाएगी। इसके तहत महाग्राम में प्रति एकड़ 50 लाख रुपए और अन्य गांवों में प्रति एकड़ 35 लाख रुपए की राशि पंचायत के खाते में जाएगी। इसके तहत चरण वाइज काम होगा। यानी जैसे-जैसे जमीन उपलब्ध होगी, प्लॉटों की संख्या बढ़ती जाएगी। जिला अनुसार प्लॉटों का आवंटन     भिवानी- 39 प्लाट     फरीदाबाद- 33 प्लाट     फतेहाबाद-165 प्लाट     हिसार- 766 प्लाट     कैथल- 87 प्लाट     करनाल- 2111 प्लाट     कुरुक्षेत्र- 1834 प्लाट     महेंद्रगढ़- 313 प्लाट     नूंह- 449 प्लाट     पानीपत- 258 प्लाट     रोहतक- 252 प्लाट     सिरसा- 2398 प्लाट     सोनीपत- 784 प्लाट     यमुनानगर- 86 प्लाट पंचायतों को मिलेगी वित्तीय सहायता इस योजना के तहत राज्य सरकार पंचायतों को प्रति एकड़ के हिसाब से वित्तीय सहायता भी देगी। महाग्रामों में: प्रति एकड़ ₹50 लाख अन्य गांवों में: प्रति एकड़ ₹35 लाख यह राशि पंचायतों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जाएगी ताकि विकास कार्यों को गति मिल सके। 

हरियाणा 2036 ओलिंपिक की तैयारी में, विजेंद्र सिंह ने CM सैनी से खेल अकादमी खोलने का कहा

हिसार  हरियाणा में खेलों को लेकर नया उत्साह देखने को मिल रहा है। मशहूर बॉक्सर विजेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर खेलों को नई दिशा देने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि हर अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी के गांव में उसी खेल से जुड़ी खेल अकादमी खोली जाए, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण मिल सके और वे आगे बढ़ें। यह कदम 2036 ओलिंपिक की तैयारी का हिस्सा है। विजेंद्र का मानना है कि अभी से योजनाबद्ध तरीके से प्रशिक्षण शुरू किया जाए तो हरियाणा ओलिंपिक में ज्यादा से ज्यादा मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर सकता है।  हरियाणा से मेडल जीतने की बड़ी योजना बैठक के बाद विजेंद्र बैनीवाल ने कहा कि भारत 2036 में ओलिंपिक की मेजबानी करेगा और हरियाणा से ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी मेडल जीतें, यही हमारा सपना है। इसके लिए अभी से तैयारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर खिलाड़ियों को सही मंच और प्रशिक्षण मिलेगा तो मेडल की संख्या बढ़ेगी। इसी सोच के साथ हर गांव में खेल अकादमी खोलने का प्रस्ताव दिया गया है, ताकि छोटे खिलाड़ियों को मौके मिलें।  हर अर्जुन अवार्डी के गांव में बनेगी खेल अकादमी बैठक में विजेंद्र ने प्रस्ताव दिया कि हर अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी के गांव में उसी खेल से जुड़ी खेल अकादमी खोली जाए। इससे आसपास के बच्चों को खेल में प्रशिक्षण मिलेगा। अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी खुद बच्चों को खेल सिखाकर आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और कहा कि खेलों के लिए यह अच्छा कदम हो सकता है। इससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और ओलिंपिक में मेडल जीतना आसान होगा।  दिल्ली CM से भी मिल चुके हैं विजेंद्र सिंह यह पहली बार नहीं है जब विजेंद्र सिंह ने खेलों को बढ़ावा देने की कोशिश की। जून में वे दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी मिले थे। तब उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और आत्मरक्षा के लिए बॉक्सिंग के उपयोग पर चर्चा की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि बॉक्सिंग के जरिए युवाओं को ओलिंपिक पदक विजेता बनाया जा सकता है। विजेंद्र का मानना है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर खेलों में युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है।  खेलों से बदलेगा हरियाणा का नाम विजेंद्र सिंह का मानना है कि अगर खेलों को सही दिशा दी जाए तो हरियाणा देश में खेलों का हब बन सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश है कि खेलों के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए। मुख्यमंत्री सैनी ने भी खेलों को बढ़ावा देने में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। अब सबकी नजर इस योजना पर है, जिससे हरियाणा 2036 ओलिंपिक में मेडल तालिका में अपना नाम रोशन कर सके।

हरियाणा में NMMS स्कॉलरशिप 2025, नौवीं से बारहवीं तक छात्रों को मिलेगी मासिक ₹1000 की सुविधा

हिसार  हरियाणा शिक्षा विभाग की ओर से राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति (NMMS) परीक्षा 2025 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो गया है। इच्छुक विद्यार्थी 8 सितंबर से 15 अक्तूबर 2025 तक हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा का आयोजन 30 नवंबर 2025 को होगा। एनएमएमएस योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों को प्रतिमाह 1000 रुपये और वार्षिक 12,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। यह राशि कक्षा 9 से 12वीं तक मिलेगी। यानी कि विद्यार्थी कुल मिलाकर चार वर्षों में 48,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं। क्या है एनएमएमएस छात्रवृत्ति मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) के अंतर्गत स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से वर्ष 2008 में राष्ट्रीय साधन सह पात्रता छात्रवृत्ति की केंद्र स्तर पर शुरुआत की गई थी। ये छात्रवृत्ति आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को वित्तीय मदद प्रदान करने के लिए बनाई गई है। सालाना 12 हजार रुपये की राशि प्रदान कर इस छात्रवृत्ति का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा कक्षा 9 से कक्षा 12 तक की पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित करना है। पिछले वर्ष 143 विद्यार्थियों का हुआ था चयन पिछले वर्ष परीक्षा में जिले से कुल 2348 ने आवेदन किया था। इसमें से 2199 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी। इसमें से उत्तीर्ण 143 विद्यार्थियों का चयन हुआ था, जिन्हें प्रतिमाह विभाग की ओर से 1 हजार रुपये की राशि दी जा रही है। पात्रता मानदंड यह छात्रवृत्ति योजना केवल उन्हीं विद्यार्थियों के लिए है जो इस समय कक्षा 8 में पढ़ाई कर रहे हैं। चयनित विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ कक्षा 9 से लेकर कक्षा 12 तक मिलेगा। योजना के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के परिवार की वार्षिक आय 3.30 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इस प्रकार यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी विद्यार्थियों को उनकी पढ़ाई जारी रखने में सहयोग प्रदान करती है। 30 नवंबर को होगी स्कॉलरशिप परीक्षा हरियाणा एनएमएमएस स्कॉलरशिप परीक्षा 30 नवंबर 2025 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी। परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के एडमिट कार्ड परीक्षा तिथि से लगभग 10 दिन पहले हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।  

हरियाणा के पानीपत में ट्रैफिक नियम में बदलाव: ई-रिक्शा व ऑटो पर ऑड-ईवन, यूनियन नाराज

पानीपत  पानीपत प्रदेश का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहां पर ऑटो व ई-रिक्शा के लिए ऑड-ईवन नियम लागू किया गया है। प्रशासन ने 7 दिन के ट्रायल के बाद 8 सितंबर से ऑड ईवन नियम नियमित रूप से लागू करने का फैसला लिया है पानीपत: पानीपत प्रदेश का पहला ऐसा शहर बन गया है, जहां पर ऑटो व ई-रिक्शा के लिए ऑड-ईवन नियम लागू किया गया है। प्रशासन ने 7 दिन के ट्रायल के बाद 8 सितंबर से ऑड ईवन नियम नियमित रूप से लागू करने का फैसला लिया है। इससे शहर की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम हो गया, वाहन चालक कम समय में गंतव्य पर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा प्रदूषण के स्तर में भी गिरावट आई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार शहर में 4632 ई-रिक्शा और 3414 ऑटो रजिस्टर्ड हैं, जिन्हें 4 अंक का एक कोड जारी किया है। जबकि 15 हजार के आसपास ऑटो-ई-रिक्शा चल रहे थे। जिनकी वजह से शहर की सड़कों पर जाम लगा रहा था। 10 मिनट के सफर को पूरा करने में 30 से 45 मिनट तक लगते थे। ऑटो यूनियन के प्रधान नरेश डाहर ने 10 सितंबर तक प्रशासन को नियम वापस लेने का अल्टीमेटम दिया है। उनकी मांग है कि प्रशासन ऑड-ईवन के बजाय रूट निर्धारित करे। डीएसपी ट्रैफिक सुरेश सैनी और नगर निगम कमिश्नर पंकज कुमार का कहना है कि यातायात सुचारू रहे इसलिए नियम पूर्णतया लागू रखने का फैसला लिया गया है। यह व्यवस्था दो बार फेल हो चुकी है, इस कारण इस बार पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस ली है। शहर के सभी प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदी की जाएगी। जीटी रोड पर नांगल खेड़ी और टोल प्लाजा पर नाके लगाए जाएंगे। सनौली रोड पर बबैल नाका, गोहना रोड पर पुराना शुगर मिल और असंध रोड पर गाबा ढाबा पर नाकेबंदी की जाएगी। वहीं 150 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। शहर में करीब आठ हजार ऑटो व ई-रिक्शा प्रतिदिन दौड़ते हैं। जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है।  

स्टॉकयार्ड में पानी भरने से 300 नई मारुति कारें डूबीं, झज्जर में हड़कंप

झज्जर   हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां आई बाढ़ में करीब 300 नई मारुति सुजुकी कारें एक साथ डूब गईं। आमतौर पर बाढ़ में गाड़ियां डूबने की खबरें आती रहती हैं, लेकिन इतने बड़े पैमाने पर नई कारों का डूबना काफी असामान्य है।  वायरल हुआ वीडियो न्यूज एजेंसी एएनआई द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि मारुति सुजुकी के स्टॉकयार्ड में खड़ी सैकड़ों नई गाड़ियां पानी में डूबी हुई हैं। इन कारों में अल्टो K10, वैगनआर, ब्रेजा और इनविक्टो जैसे मॉडल शामिल हैं। वीडियो में यह भी नजर आता है कि कई कारों के एयरबैग खुल चुके हैं और कई गाड़ियों के ड्राइवर साइड के शीशे भी निकाले गए हैं।   सात दिनों से पानी में डूबी गाड़ियां रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये कारें करीब सात दिनों से पानी में फंसी हुई हैं, जिससे उन्हें बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया है। कई गाड़ियों में पानी इतना ऊपर तक भर गया है कि उनके इंजन तक डूब चुके हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि इन कारों को दोबारा चलने लायक बनाना बेहद कठिन होगा। फैक्ट्रियों और इलाकों पर भी असर स्थानीय फैक्ट्री कर्मचारियों ने बताया कि ये गाड़ियां बहादुरगढ़ के मारुति सुजुकी शो-रूम मालिकों की थीं। रात में जब अचानक पानी आया, तो वॉचमैन को इसकी जानकारी दी गई। लेकिन तब तक गाड़ियां डूब चुकी थीं और कई कारों के अलार्म बजने लगे थे। फिलहाल इलाके में बाढ़ का हाल और बिगड़ रहा है। पानी बढ़ने से लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। वहीं, औद्योगिक क्षेत्रों में भी असर दिख रहा है। दिल्ली से लगे आधुनिक इंडस्ट्रियल एरिया की कई फैक्ट्रियों में 4 से 5 फीट तक पानी भर गया है और वहां कामकाज बंद करना पड़ा है।  

स्वास्थ्य में सुधार: हरियाणा ने एनीमिया के ग्राफ को सुधारा, देश में दूसरी रैंक पर आया

चंडीगढ़  हरियाणा अपनी दशकों पुरानी लोगों में एनीमिया की कमी की समस्या से दूर हो रहा है। राज्य ने साल की पहली तिमाही में इस मामले में सुधार दर्ज किया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की नई रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष की पहली तिमाही में हरियाणा एनीमिया उन्मूलन में हुआ खुलासा।  रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा 59 महीने तक की आयु के 77 % बच्चों तथा पांच से नौ वर्ष की आयु के 95% बच्चों की जरूरतों को पूरा करने में सफल रहा। राज्य ने 'किशोरों' की श्रेणी के 95% व्यक्तियों और 93% लोगों को भी कवर किया है। एनीमिया से निपटने के लिए हरियाणा सरकार की ओर से लाभार्थियों के लिए रोग निरोधी आयरन-फोलिक एसिड (IFA), आयरन से खाद्य पदार्थों का सुदृढ़ीकरण, समुदायों और स्कूलों में एनीमिया की जांच और उपचार; मलेरिया और फ्लोरोसिस जैसे गैर-पोषण संबंधी कारणों का समाधान; और अटल (संपूर्ण एनीमिया सीमा सुनिश्चित करना) अभियान के लागू किया। इसके अलावा अभियान के तहत लाभार्थी ट्रैकिंग और डेटा विश्लेषण के लिए एक आईटी प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया गया है। हरियाणा में सबसे अधिक पीड़ित एनीमिया मामलों में देशभर में हरियाणा 11वें और चंडीगढ़ 12वें नंबर पर हैं, जहां 15 से 49 वर्ष की महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं। तीन महीने पहले की एक रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में स्थिति चंडीगढ़ से अधिक खराब है, जहां 60.4 फीसद महिलाएं एनीमिया से पीड़ित है। पंजाब में यह दर 58.7 और हिमाचल में यह दर 53.0 फीसद है। वहीं, हरियाणा प्रदेश में एनीमिया से ग्रसित महिलाओं की संख्या पंजाब से 3.2 और हिमाचल से 7.5 प्रतिशत ज्यादा है। क्या बोले अधिकारी… हरियाणा एनएचएम निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया, हम '6x6x6' एप्रोच को लागू करने में सफल रहे, जिससे हमारे प्रदर्शन में सुधार हुआ। हमने छह संस्थागत तंत्रों के माध्यम से छह हस्तक्षेपों के साथ छह आयु समूहों को लक्षित किया। हम समझते हैं कि स्तनपान कराने वाली माताओं को शामिल करना एक चुनौती है जिसका समाधान किया जाना आवश्यक है। हम इस चुनौती से पार पाने और हरियाणा को सौ प्रतिशत एनीमिया मुक्त बनाने की पहल पर काम कर रहे हैं।