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चुनाव का दूसरा चरण: दिग्गज नेताओं की साख दांव पर, एनडीए के 122 और महागठबंधन के 126 उम्मीदवार मैदान में

पटना 11 नवंबर यानी कल दूसरे चरण का मतदान होगा। 20 जिलों में 122 विधानसभा सीटों पर चुनाव हो रहा है। चुनाव प्रचार थम चुका है। प्रत्याशी घर-घर जाकर मतदाताओं से मिल रहे। अंतिम चरण में राष्ट्रीय जनतांत्रिक के 122, महागठबंधन के 126 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें भाजपा के 53, जदयू के 44, लोजपा-रामविलास 15, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चार और हम के छह प्रत्याशी शामिल हैं। वहीं राजद के 70, कांग्रेस के 37, वीआईपी के आठ, सीपीआई के चार, सीपीआई एमएल के छह और सीपीआई के एक प्रत्याशी के भाग्य का फैसला दूसरे चरण के मतदान में होना है। वहीं जनसुराज पार्टी के 120 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर है… इस चरण में पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, मंत्री विजेंद्र यादव, नीतीश मिश्रा, प्रेम कुमार, कृष्णनंदन पासवान, प्रमोद कुमार, शीला मंडल, लेशी सिंह, जयंत राज,  कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, लोजपा रामविलास के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी की प्रतिष्ठा, राजद के वरिष्ठ नेता उदय नारायण चौधरी, रालोमो के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता, कांग्रेस के विधायक दल के नेता शकील अहमद खान, भाकपा माले के विधायक दल के नेता महबूब आलम जैसे दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।   तेजस्वी बोले- बदलाव निश्चित है दूसरे चरण के मतदान से पहले राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रथम चरण के बाद एनडीए खेमे में भारी गमगीन माहौल है। इस बार बदलाव निश्चित है इसलिए अधिकारी फ़ोन करने वाले का स्क्रीनशॉट तक हमें भेज रहे है। बिहार सरकार के ईमानदार अधिकारी बिना रिटायर्ड अधिकारियों के दबाव में आए संविधान सम्मत अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। दो गुजराती येनकेन प्रकारेण बिहार पर कब्जा करना चाहते है। वो बिहार को अपना उपनिवेश बनाना चाहते है। बिहार की जनता संविधान विरोधी कार्य करने वाले बेगैरत बे-ज़मीर सत्ताधारी नेताओं को कड़ा सबक सिखाने के लिए एक पैर पर खड़ी है। गणतंत्र की जननी बिहार में इनकी वोट चोरी हरगिज नहीं चलेगी। जनता हर प्रकार से यानि हर प्रकार से इनकी वोट चोरी और लोकतंत्र की डकैती रोकने के लिए तैयार है। सम्राट बोले- एनडीए प्रचंड जीत हासिल करेगा बिहार की जनता पूरी तरह से एनडीए के साथ है। उन्होंने दावा किया कि 11 नवंबर को होने वाले मतदान में एनडीए प्रचंड जीत हासिल करेगा। तारापुर विधानसभा के प्रत्याशी सम्राट चौधरी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि 11 नवंबर को भारी संख्या में मतदान करें और विकास, सुरक्षा व स्थिरता के लिए एनडीए की सरकार दोबारा बनाएं। सम्राट चौधरी ने कहा कि भाजपा शासनकाल में रोजगार, शिक्षा और उद्यमिता को लेकर बड़े पैमाने पर काम हुआ है। विपक्ष पर हमला बोलते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि यह लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं। जनता तय करेगी कि राजा कौन बनेगा, न कि कोई परिवार।

वोटिंग डे पर बड़ा फैसला: सुप्रीम कोर्ट में SIR के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई

पटना/नई दिल्ली उच्चतम न्यायालय ने पूरे भारत में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 11 नवंबर को सुनवाई करने पर शुक्रवार को सहमति जताई। गैर सरकारी संगठन ‘एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ की ओर से पेश हुए अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि यह मुद्दा लोकतंत्र की जड़ों तक जाता है जिसके बाद न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि वह 11 नवंबर से इन याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करेगी। पीठ ने कहा कि हालांकि 11 नवंबर से कई महत्वपूर्ण मामले सूचीबद्ध हैं, फिर भी वह SIR मामलों की सुनवाई के लिए अन्य मामलों की सुनवाई को समायोजित करने का प्रयास करेगी। भूषण ने कहा कि मामले की तत्काल सुनवाई इसलिए आवश्यक है क्योंकि विभिन्न राज्यों में SIR प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। शीर्ष अदालत बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण करने के निर्वाचन आयोग के फैसले की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर पहले से ही सुनवाई कर रही है। चुनाव आयोग ने क्या कहा निर्वाचन आयोग ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की कवायद को ‘सटीक’ बताते हुए न्यायालय से 16 अक्टूबर को कहा था कि याचिकाकर्ता राजनीतिक दल और गैर सरकारी संगठन इस प्रक्रिया को केवल बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगाकर संतुष्ट हैं। आयोग ने न्यायालय से यह भी कहा था कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद से नाम हटाने के खिलाफ किसी मतदाता ने एक भी अपील दायर नहीं की है। उसने याचिकाकर्ताओं के इस आरोप का खंडन किया था कि महीनों तक चली SIR प्रक्रिया के बाद तैयार की गई राज्य की अंतिम मतदाता सूची में 'मुसलमानों को अनुपातहीन तरीके से बाहर' किया गया। निर्वाचन आयोग ने 30 सितंबर को बिहार की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करते हुए कहा था कि इसमें मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 47 लाख घटकर 7.42 करोड़ रह गई है जो निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले 7.89 करोड़ थी। अंतिम संख्या हालांकि एक अगस्त को जारी की गई मसौदा सूची में दर्ज 7.24 करोड़ मतदाताओं से 17.87 लाख अधिक है। मृत्यु, प्रवास और मतदाताओं के दोहराव सहित विभिन्न कारणों से 65 लाख मतदाताओं के नाम मूल सूची से हटा दिए गए थे। मसौदा सूची में 21.53 लाख नए मतदाता जोड़े गए जबकि 3.66 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए जिससे कुल मतदाताओं की संख्या में 17.87 लाख की वृद्धि हुई है। बिहार में 243 सदस्यीय विधानसभा की 121 सीट पर पहले चरण का चुनाव गुरुवार को हो गया, जबकि शेष 122 निर्वाचन क्षेत्रों में 11 नवंबर को मतदान होगा। मतों की गिनती 14 नवंबर को होगी।  

बिहार विधानसभा चुनाव का असर सरहद पार? पाकिस्तान में भी उठे सियासी सवाल

नई दिल्ली  बिहार विधानसभा चुनाव में भले ही अब तक पाकिस्तान की चर्चा नहीं हुई है, लेकिन पाकिस्तान में जरूर बिहार की चर्चा है। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने अपने पहले पन्ने पर आज बिहार विधानसभा चुनाव को जगह दी है। अखबार ने लिखा है कि बिहार इलेक्शन मोदी सरकार के लिए लिटमस टेस्ट की तरह है। अखबार लिखता है कि मोदी की सरकार फिलहाल अल्पमत में है और सहयोगी दलों के सहारे ही चल रही है। इनमें नीतीश कुमार की जेडीयू अहम है। यदि बिहार चुनाव में नतीजा थोड़ा अलग रहा और नीतीश कुमार के साथ रिश्ते बदले तो फिर केंद्र सरकार भी खतरे में हो सकती है। 'बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की JDU मोदी सरकार को सहारा देने में अहम है। भाजपा 2024 के आम चुनावों में 240 सीटों पर सिमट कर रह गई थी। इसके बाद जेडीयू और चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी ने समर्थन किया था और सरकार ने 272 के आंकड़े को छुआ है। नीतीश कुमार की जेडीयू 12 सांसदों के साथ और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू 16 तेलुगु देशम सांसदों के साथ मोदी का भाग्य अपने हाथों में पकड़े हुए हैं। एनडीए का नेतृत्व कर रहे पीएम मोदी के पास साधारण बहुमत से केवल 21 सांसद ऊपर हैं। बिहार और आंध्र प्रदेश के दो सहयोगी मिलकर 28 सांसदों का समर्थन देते हैं।' अखबार लिखता हैं कि ऐसी स्थिति में नीतीश और चंद्रबाबू दोनों ही अहम हैं। ऐसी स्थिति में यदि नीतीश कुमार की सरकार पर खतरा आया तो वे रास्ता बदलकर दांव चल सकते हैं। भाजपा ऐसी स्थिति नहीं चाहेगी क्योंकि चंद्रबाबू नायडू भी हार्ड बारगेनर हैं। यही नहीं पाकिस्तानी अखबार लिखता है कि राहुल गांधी के लिए भी यह चुनाव अहम हैं। डॉन का कहना है कि राहुल गांधी ने 2024 के चुनाव में अच्छी वापसी की थी और वह अब नेता विपक्ष हैं। खासतौर पर यूपी में कांग्रेस, सपा के प्रदर्शन का जिक्र डॉन ने किया है। अखबार लिखता है कि यूपी में कमजोर प्रदर्शन के चलते ही केंद्र में मोदी सरकार का समर्थन कम हुआ है।  

पहला चरण मतदान जारी: बिहार में अब तक 42% से अधिक वोटिंग, दोपहर तक बढ़ी रफ्तार

पटना  बिहार के 18 जिलों में 121 विधानसभा सीटों पर वोटिंग जा रही है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में मतदाताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। दोपहर 1 बजे तक 42.31% मतदान दर्ज किया गया है। पहले चरण में यूं तो कई दिगग्जों की किस्मत दांव पर है लेकिन वैशाली जिले के राघोपुर सीट की काफी चर्चा हो रही है। इस सीट से महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव खुद मैदान में हैं। हालांकि, इस सीट पर उनक मुकाबला सतीश यादव से है।   सतीश यादव बीजेपी के प्रत्याशी हैं औऱ एक बार तेजस्वी यादव की मां राबड़ी देवी को यहां पटखनी भी दे चुके हैं। राघोपुर विधानसभा सीट पर सुबह से ही वोटिंग जारी है। मतदाता अपने-अपने बूथों पर कतार में लग कर मतदान का इस्तेमाल करते नजर आए हैंं। सुबह 9 बजे तक यहां 13.78 फीसदी वोटिंग हुई है। राजद नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा, "हम सबको मिलकर बिहार को नंबर वन बनाना है, एक नया बिहार बनाना है जहां पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई, सुनवाई और कार्रवाई वाली सरकार हो, भ्रष्टाचार और अपराध मुक्त सरकार हो। हमें ऐसी सरकार बनानी है जो युवाओं पर लाठी न बरसाए और पेपर लीक न करे…" हॉट सीट कहे जाने वाले राघोपुर विधानसभा में तेजस्वी यादव का सीधा मुकाबला बीजेपी के प्रत्याशी सतीश कुमार यादव से है। भले ही सतीश यादव साल 2010 में राबड़ी देवी को इस सीट से हरा चुके हैं लेकिन साल 2015 और 2020 में तेजस्वी यादव ने सतीश यादव को लगातार हार का स्वाद चखाया था। इस बार तेजस्वी यादव हैट्रिक मारने की चाहत रखत हैं। इस बार इस सीट पर मुकाबला कई मायनों में खास है। तेजस्वी यादव पहली बार मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर इस सीट से चुनावी जंग में हैं। तेजस्वी यादव युवा चेहरे हैं और महागठबंधन ने अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है। वही सतीश याादव के साथ जीत का इतिहास है सत्तारूढ़ गठबंधन की ताकत।  

चुनावी सुरक्षा पुख्ता: 1650 अर्द्धसैनिक बल मैदान में, DGP ने दिया सख्त संदेश

पटना बिहार में कल यानी 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान होगा। पहले चरण में 18 जिलों में 121 सीटों पर वोटिंग होगी। चुनावों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किेए गए। बिहार DGP विनय कुमार ने बयान जारी करते हुए कहा है कि 1650 अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की जाएगी। 35,000 महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा। बूथों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। घोड़े दस्तों से पैट्रोलिंग करवाई जाएगी। असमाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रहेगी। संवेदनशील क्षेत्रों पर भी नजर रहेगी। मैदान में 1314 प्रत्याशी बता दें कि पहले चरण के चुनाव में 1314 उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे। NDA के घटक जदयू ने 57, भाजपा ने 48, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने 13 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) ने 02 प्रत्याशी चुनावी अखाड़े में उतारे हैं। एक अन्य सीट मढ़ौरा में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) प्रत्याशी भोजपुरी फिल्म अभिनेत्री सीमा सिंह का नामांकन रद्द हो गया था। राजग ने इस सीट पर निर्दलीय अंकित कुमार को समर्थन दिया है। वहीं महागठबंधन के घटक राजद ने 71, कांग्रेस ने 24, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा माले) ने 14, भाकपा ने पांच, माकपा और आईआईपी ने तीन-तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किये है। ' पहले चरण के मतदान के लिए 45,341 बूथ स्थापित प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने प्रथम चरण में 118 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे हैं। इन 121 विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण के मतदान में 45341 मतदान केंद्र पर तीन करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर 122 महिला और 1192 पुरुष प्रत्याशी समेत कुल 1314 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 6 नवंबर को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में बंद कर देंगे। गौरतलब हो कि मतदाताओं में एक करोड़ 98 लाख 35 हजार 325 पुरुष, एक करोड़ 76 लाख 77 हजार 219 महिला और 758 थर्ड जेंडर शामिल हैं। पहले चरण के चुनाव में सबसे अधिक 20 उम्मीदवार कुढ़नी और मुजफ्फरपुर में वहीं भोरे, अलौली और परबत्ता में सबसे कम पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे हैं। जानकारी हो कि बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरण में 06 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान कराया जाना है। 14 नवंबर को मतगणना होगी और चुनाव की प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी हो जायेगी। बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है।

महागठबंधन का घोषणापत्र जारी, बिहार में नए एजेंडे के तहत ‘तेजस्वी प्रण’

पटना  महागठबंधन ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया है. इसका नाम 'तेजस्वी प्रण' रखा गया है. इस घोषणापत्र के कवर फोटो पर तेजस्वी यादव का ही फोटो छपा है. बता दें कि तेजस्वी यादव ही महागठबंधन की ओर से सीएम फेस हैं. महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव, पवन खेड़ा, दीपांकर भट्टाचार्य, मुकेश सहनी मौजूद हैं. 'हमें बिहार को पटरी पर लाना है' कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, 'महागठबंधन ने सबसे पहले अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा की. हमने अपना घोषणापत्र भी सबसे पहले जारी किया. इससे पता चलता है कि बिहार को लेकर कौन गंभीर है. हमने पहले दिन से ही तय कर लिया था कि हम बिहार के लिए क्या करेंगे. हमें बिहार को पटरी पर लाना है. आज का दिन बहुत ही शुभ है क्योंकि बिहार राज्य इस 'प्रण' का इंतजार कर रहा था.' तेजस्वी का प्रण नाम से घोषणा पत्र जारी किए जाने के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि महागठबंधन ने सबसे पहले सीएम फेस घोषित किया और सबसे पहले मेनिफेस्टो भी किया जारी. उन्होंने कहा कि आज बहुत पावन दिन है जिसमें हम यह संकल्प पत्र जारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बिहार 20 साल पीछे चला गया है. सीपीआई राज्य सचिव रामनरेश पांडेय ने बयान दिया कि बिहार के इतिहास में पहला घोषणा पत्र है जिसमें सरकार हर परिवार के सदस्य को नौकरी और 5 डिसमिल जमीन देगी. महागठबंधन के नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने बयान दिया कि ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग इस घोषणा पत्र में है. युवाओं को नौकरी, रोजगार समेत सभी वायदों को हम पूरा करेंगे. शिक्षकों,स्वास्थ्यकर्मियों समेत सभी की मांगे पूरी होंगी. पहले दिन से ही हम घोषणा पत्र के हिसाब से काम करेंगे. '30-35 वर्ष बिहार की सेवा करेंगे' इस मौके पर वीआईपी प्रमुख और महागठबंधन के डिप्टी सीएम चेहरे मुकेश सहनी ने कहा, '…आज हमने एक नए बिहार के लिए संकल्प पत्र लॉन्च किया है. अगले 30-35 वर्षों तक हम बिहार के लोगों की सेवा के लिए काम करेंगे. हम जनता की सभी आकांक्षाओं को पूरा करेंगे. हम जनता से किए गए सभी वादों को पूरा करेंगे. राज्य की जनता महागठबंधन के समर्थन में खड़ी है और हम बिहार में सरकार बना रहे हैं. दूसरी ओर, एनडीए के पास कोई 'संकल्प' नहीं है.'

बिहार के बाहुबली उम्मीदवारों की संपत्ति का खुलासा, अमीरी-गरीबी का चौंकाने वाला अंतर!

पटना बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए दो चरण में 06 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान कराया जाना है। 14 नवंबर को मतगणना होगी और चुनाव की प्रक्रिया 16 नवंबर तक पूरी हो जाएगी। वहीं, इस बार बड़े बाहुबली या उनके परिवार के कोई सदस्य चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे हैं।  तो आइए जानते हैं कि बाहुबली उम्मीदवारों में कौन सबसे ज्यादा अमीर और कौन सबसे ज्यादा गरीब है। जानें अनंत सिंह का नेटवर्थ बिहार के सबसे अमीर बाहुबली उम्मीदवारों की सूची में पहले नंबर पर मोकामा विधानसभा क्षेत्र से जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार अनंत सिंह हैं, जिनकी संपत्ति 37.88 करोड़ रुपये है। बाहुबली की छवि वाले सिंह के खिलाफ 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। अनंत सिंह को उनके समर्थक ‘छोटे सरकार' के नाम से पुकारते हैं। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे के मुताबिक, अनंत सिंह के पास 26.66 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 11.22 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। उनकी पत्नी नीलम देवी के पास 13.07 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 49.65 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। हलफनामे में जानकारी दी गई है कि अनंत सिंह के पास 15.61 लाख रुपये नकद हैं, जबकि उनकी पत्नी के पास 34.60 लाख रुपये नकद हैं। सिंह के नाम कई बैंक खाते और करीब 15 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण हैं, जबकि नीलम देवी के पास 76.61 लाख रुपये के सोने के आभूषण हैं। सिंह के पास तीन लग्जरी एसयूवी वाहन हैं जिनकी कीमत 3.23 करोड़ रुपये है, वहीं उनकी पत्नी के पास तीन कारें हैं जिनकी कीमत 77.62 लाख रुपये बताई गई है। इनके अलावा उनकी संपत्ति में घोड़े और गायें भी शामिल हैं। बाहुबली लल्लू मुखिया की संपत्ति वहीं, दूसरे स्थान पर बाढ़ से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के उम्मीदवार व बाहुबली कर्णवीर सिंह उर्फ लल्लू मुखिया हैं। उनके पास 17.72 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति है। कितनी संपत्ति की मालकिन हैं वीणा देवी? वहीं, मोकामा सीट से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रत्याशी वीणा देवी और उनके पति सूरजभान सिंह भी करोड़पति हैं। वीणा के पास 8.67 करोड़ रुपए की संपत्ति है। इसमें चल संपत्ति 1.72 करोड़ रुपये है, जबकि 6.95 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति है। करोड़ों के मालिक हैं बाहुबली हुलास पांडेय वहीं, बात करें बक्सर जिले के ब्रह्मपुर सीट से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) उम्मीदवार बाहुबली हुलास पांडेय की तो उनके पास 12.19 करोड़ रुपए की संपत्ति है। इसमें  चल संपत्ति 3.74 करोड़ रुपए और अचल संपत्ति 8.45 करोड़ रुपए है। सबसे गरीब मुन्ना शुक्ला की बेटी वहीं, लालगंज से बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला आरजेडी की प्रत्याशी हैं। उनके पास 21.28 लाख रुपए की संपत्ति है, जबकि कर्ज 36.57 लाख रुपए है। शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब के पास कितनी संपत्ति? इन करोड़पति उम्मीदवारों की सूची में बिहार के चर्चित दबंग नेता रहे मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब भी शामिल हैं। वह रघुनाथपुर विधानसभा सीट से राजद उम्मीदवार हैं। ओसामा शहाब के पास 2.31 करोड़ रुपए की संपत्ति है। चल संपत्ति 66.65 लाख और अचल संपत्ति 1.65 करोड़ रुपए की है। वहीं, नबीनगर विधानसभा सीट से जनता दल (यूनाइटेड) के उम्मीदवार बाहुबली आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद के पास 1.46 करोड़ रुपए की संपत्ति है।

चुनाव से पहले बड़ा झटका! JDU ने 5 शीर्ष नेताओं को पार्टी से निष्कासित किया

पटना  बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) ने विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Election 2025) से पहले बड़ा एक्शन लिया है। पार्टी ने अपने विवादित बयानों और गतिविधियों के लिए सुर्खियों में रहने वाले विधायक गोपाल मंडल (Gopal mandal) समेत कुल पांच नेताओं को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। जेडीयू ने जारी किया आधिकारिक पत्र जेडीयू के प्रदेश महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी चंदन कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि इन नेताओं ने पार्टी की विचारधारा और संगठनात्मक आचरण के विपरीत कार्य किए हैं। पार्टी-विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण इनकी प्राथमिक सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती है। निष्कासित नेताओं की सूची     नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल, विधायक, गोपालपुर (भागलपुर)     हिमराज सिंह, पूर्व मंत्री, कदवा (कटिहार)     संजीत श्याम सिंह, पूर्व विधायक, गया जी     महेश्वर प्रसाद यादव, पूर्व विधायक, गयाघाट (मुजफ्फरपुर)     प्रभात किरण, गयाघाट, मुजफ्फरपुर  

महागठबंधन की ताकत दिखाएंगे ये 20 स्टार प्रचारक, सपा ने ब‍िहार चुनाव के लिए की ल‍िस्‍ट जारी

लखनऊ बिहार चुनाव में सीधे लड़ने के बजाय इंडी गठबंधन को समर्थन दे रही सपा अब प्रचार युद्ध में भागीदारी को भी तैयार है। पार्टी गठबंधन के प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार के लिए 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। सूची में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, उनकी पत्नी मैनपुरी सांसद डिंपल यादव के साथ हाल ही जेल से रिहा हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां का नाम भी शामिल है। नवंबर की शुरुआत में सपा प्रमुख की जनसभा का कार्यक्रम भी तय किया जा रहा है। सपा की ओर से जारी स्टार प्रचारकों की सूची में प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगाेपाल यादव और राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल यादव का नाम शामिल रही है। परिवार के सदस्यों के मामले में अखिलेश व डिंपल के साथ केवल पूर्व सांसद एवं विधायक तेज प्रताप सिंह यादव को ही जगह दी गई है। सूची में ज्यादातर सांसद को जगह दी गई है और जातीय समीकरणों के हिसाब से नाम से तय किए गए हैं। सूची में दूसरे नंबर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरणमय नंदा का नाम है। उनके अलावा सांसद अफजाल असांरी, अवधेश प्रसाद, बाबू सिंह कुशवाहा, नरेश उत्तम पटेल, रमाशंकर विद्यार्थी राजभर, लाल जी वर्मा, छोटेलाल खरवार, राजीव राय, सनातन पांडेय, इकरा हसन, प्रिया सरोज व लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद, विधायक ओम प्रकाश सिंह, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष काशीनाथ यादव और प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सोलंकी का नाम भी शामिल हैं। वहीं सपा प्रमुख ने बिहार में तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के लिए गठबंधन को बधाई दी। शुक्रवार को अजमेर में उन्होंने कहा कि हमें भरोसा है कि बिहार की जनता तेजस्वी यादव और इंडी गठबंधन को बिहार का विकास करने और युवाओं का भविष्य संवारने का मौका देगी।  

बिहार चुनाव: JMM के लिए चर्चा जारी, सुदिव्य कुमार सोनू ने तेजस्वी यादव से मुलाकात की

रांची झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव को उन सीटों के बारे में सूचित कर दिया है, जिन पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) बिहार में चुनाव लड़ने को इच्छुक है। घाटशिला सीट पारंपरिक रूप से झामुमो का गढ़ रही है बिहार विधानसभा के लिए दो चरणों में, छह नवंबर और 11 नवंबर को मतदान होना है तथा मतगणना 14 नवंबर को होगी। सोनू ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने हाल में पटना में एक बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा की थी, जिसमें झामुमो की भागीदारी से ‘इंडिया' गठबंधन को मिलने वाले संभावित लाभों को रेखांकित किया गया था, विशेष रूप से मतों के एकीकरण के संदर्भ में। मंत्री ने कहा कि उन्होंने छह अक्टूबर को राजद के साथ हुई गठबंधन की बैठक में ये मुद्दे उठाए थे। मंत्री ने बताया कि उसी बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और राजद नेता तेजस्वी यादव आपस में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। घाटशिला में 11 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के बारे में सोनू ने कहा कि यह सीट पारंपरिक रूप से झामुमो का गढ़ रही है। मालूम हो कि घाटशिला उपचुनाव मतदान 11 नवंबर को होगा जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस निर्वाचन क्षेत्र में 2.56 लाख मतदाता हैं, जिनमें 1.31 लाख महिला मतदाता हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कुल 231 स्थानों पर 300 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे।