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PM सूर्य घर योजना: पात्र उपभोक्ताओं को जल्द मिले लोन, आवेदनों की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश

पीएम सूर्य घर योजना में ऋण वितरण की गति बढ़ाने पर जोर पात्र उपभोक्ताओं के आवेदनों का समयबद्ध प्रक्रिया को किया जाए सुनिश्चित यूपी नेडा निदेशक ने पीएसयू बैंकों को दिए निर्देश लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सोलर रूफटॉप उपभोक्ताओं को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूपी नेडा के निदेशक की अध्यक्षता में प्रमुख पीएसयू बैंकों, आरईसी, एसएलबीसी एवं संबंधित हितधारकों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।     यूपी नेडा के निदेशक रविन्दर सिंह ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि ऋण आवेदनों के अनावश्यक रिजेक्शन को न्यूनतम किया जाए। पात्र उपभोक्ताओं के आवेदनों का समयबद्ध प्रक्रिया एवं स्वीकृति सुनिश्चित किया जाए। स्वीकृत ऋण का शीघ्र वितरण किया जाए, ताकि रूफटॉप सोलर की स्थापना में देरी न हो। लंबित मामलों की नियमित बैंकवार समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लंबित ऋण आवेदनों, ऋण स्वीकृति, दस्तावेजी प्रक्रिया एवं ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई।      पीएम सूर्य घर योजना के पोर्टल एवं जन सार्मथ्य से संबंधित प्रक्रियात्मक समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए। बैठक में एसएलबीसी के माध्यम से बैंकों के साथ नियमित समन्वय एवं लंबित प्रकरणों की मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। आरईसी एवं संबंधित हितधारकों से बैंकिंग प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में सहयोग का आग्रह किया गया।     इससे पूर्व,  बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लंबित ऋण आवेदनों, ऋण स्वीकृति, दस्तावेजी प्रक्रिया एवं ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। यूपी नेडा का उद्देश्य है कि सौर ऊर्जा अपनाने के इच्छुक प्रत्येक पात्र परिवार को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध ऋण सुविधा उपलब्ध हो, जिससे उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर स्थापना की गति और तेज हो सके।     बैठक में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया,.इंडियन बैंक, यूको बैंक सहित प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा एसएलबीसी एवं आरईसी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बांग्लादेश में सिलसिलेवार 7 ब्लास्ट से सनसनी, 200 स्थानों पर देसी बमों का खौफ

ढाका  बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक के बाद एक हुए कई धमाकों और आगजनी की घटनाओं ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है. शहर के अलग-अलग 7 प्रमुख इलाकों में देसी बम यानी कॉकटेल बम के धमाके हुए एक बस फूंक दी गई है. इन अचानक हुई वारदातों के बाद ढाका में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. हालात पर काबू पाने और उपद्रवियों को पकड़ने के लिए ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने शहरभर में 200 से भी ज्यादा नाके लगा दिए हैं. पुलिस की गाड़ियां हर सड़क पर गश्त कर रही हैं और आने-जाने वाली गाड़ियों की कड़ी तलाशी ली जा रही है. सुरक्षा के इस कड़े घेरे के बीच पुलिस उन चेहरों की तलाश में जुटी है जिन्होंने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया है।  7 अलग-अलग इलाकों में धमाके और दहशत का माहौल ढाका शहर में यह दहशत किसी एक जगह तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक साथ कई इलाकों को निशाना बनाया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर के कम से कम 7 बड़े और व्यस्त इलाकों में धमाके सुने गए. इनमें मालीबाग, मोहाखाली, अगरगांव, जात्राबारी, मोगबाजार, बाबूबाजार और रामपुरा जैसे इलाके शामिल हैं. इसके अलावा ढाका कॉलेज और साइंस लैबोरेटरी के पास भी एक धमाके की खबर सामने आई है. इन धमाकों में कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. धमाकों की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि काफरुल पुलिस स्टेशन के पास खड़ी एक बस में उपद्रवियों ने आग लगा दी. धुएं के गुबार और जलती बस की तस्वीरों ने लोगों के मन में डर का माहौल पैदा कर दिया।  पूरा शहर बना छावनी, 200 से ज्यादा जगहों पर नाकेबंदी धमाकों और आगजनी की इस श्रृंखला के बाद ढाका पुलिस तुरंत हरकत में आ गई. शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे ढाका में पुलिस की मौजूदगी अचानक बढ़ा दी गई है. ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) के मीडिया एंड पब्लिक रिलेशंस विंग के अतिरिक्त उप आयुक्त नियाज मेहदी ने बताया कि इन घटनाओं के बाद जनता की सुरक्षा को देखते हुए शहरभर में 200 से अधिक चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं. पुलिस हर छोटी-बड़ी गाड़ी को रोककर उसकी जांच कर रही है. क्या आप जानते हैं कि इतनी बड़ी संख्या में नाके लगाने का मकसद सिर्फ संदिग्धों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि आम लोगों के बीच सुरक्षा का अहसास कायम करना भी है? पुलिस की टीमें चौबीसों घंटे गश्त कर रही हैं और पूरे शहर पर कड़ी नजर रखी जा रही है।  24 घंटे में 515 लोग गिरफ्तार, क्या धमाकों से जुड़ा है कनेक्शन? घटना के बाद पुलिस ने सिर्फ नाकेबंदी ही नहीं की, बल्कि पूरे शहर में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन भी शुरू कर दिया. पिछले 24 घंटों के दौरान (सुबह 10 बजे तक) ढाका पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 515 लोगों को गिरफ्तार किया है और 47 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं. हालांकि पुलिस का स्पष्ट कहना है कि यह आंकड़े पूरे शहर में चलाए गए एक व्यापक पुलिस अभियान के हैं और गिरफ्तार किए गए सभी लोग सीधे तौर पर इन बम धमाकों या आगजनी से जुड़े हों, ऐसा जरूरी नहीं है. लेकिन इस कार्रवाई से यह साफ है कि पुलिस किसी भी कीमत पर शहर का माहौल खराब नहीं होने देना चाहती।  किस इलाके से पकड़े गए कितने आरोपी? देखें पूरा ब्योरा पुलिस की इस विशाल कार्रवाई का ब्योरा देखें तो पता चलता है कि ढाका का कोई भी हिस्सा जांच से अछूता नहीं रहा. अलग-अलग डिवीजनों में हुई गिरफ्तारियों के आंकड़े पुलिस की सख्ती को बयां करते हैं:         मीरपुर डिवीजन: यहां सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई और 120 लोगों को हिरासत में लिया गया.         तेजगांव डिवीजन: दूसरे नंबर पर तेजगांव रहा, जहां से 92 लोगों की गिरफ्तारी हुई.         मोतीझील डिवीजन: इस इलाके से पुलिस ने 76 लोगों को पकड़ा.         वारी डिवीजन: यहां पुलिस ने 64 लोगों को गिरफ्तार किया.         उत्तरा डिवीजन: इस क्षेत्र से 46 संदिग्ध पुलिस की गिरफ्त में आए.         गुल्शन डिवीजन: यहां से 37 लोगों को हिरासत में लिया गया.         लालबाग डिवीजन: इस इलाके से 34 लोगों को पकड़ा गया.         रमना डिवीजन: यहां 30 लोगों की गिरफ्तारी दर्ज की गई.         डिटेक्टिव ब्रांच (DB): इसके अलावा पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच ने भी अलग से कार्रवाई करते हुए 16 लोगों को गिरफ्तार किया. हथियारों का जखीरा बरामद, 53 लोहे की कीलों से खुला राज इस तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को सिर्फ संदिग्ध ही नहीं मिले, बल्कि भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है. पुलिस ने छापेमारी के दौरान 2 विदेशी पिस्टल, 2 मैगजीन और 10 राउंड जिंदा कारतूस जब्त किए हैं. इसके अलावा 3 बड़े कुल्हाड़े (मछेटे) और 5 चाकू भी बरामद किए गए हैं. लेकिन सबसे चौंकाने वाला खुलासा फटे हुए कॉकटेल बमों के मलबे से हुआ. पुलिस को धमाके की जगहों से 53 लोहे की कीलें मिली हैं. इन कीलों से यह साफ पता चलता है कि इन बमों को बहुत ही देसी और खतरनाक तरीके से तैयार किया गया था ताकि वे फटने पर ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकें. हालांकि, पुलिस ने अभी तक इसके फोरेंसिक ब्योरे को पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया है और न ही यह पुष्टि की है कि ये कीलें सभी 7 धमाकों से जुड़ी हैं या नहीं।  नशीले पदार्थों और नकदी की बड़ी बरामदगी सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस के हाथ सिर्फ हथियार ही नहीं लगे, बल्कि भारी मात्रा में ड्रग्स और अन्य सामान भी जब्त किया गया है. इस दौरान पुलिस ने 94.35 किलोग्राम गांजा, 11,167 याबा गोलियां और 121.3 ग्राम हेरोइन जब्त की. इसके साथ ही विदेशी शराब की 3 बोतलें, बियर के 20 कैन, एक प्राइवेट कार, 5 मोबाइल फोन और 7,200 टका नकद बरामद किए गए हैं. पुलिस की यह व्यापक कार्रवाई यह दर्शाती है कि शहर में आपराधिक तत्वों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छिड़ चुका है।  आरोपियों … Read more

पंजाब में AAP का चुनावी अभियान तेज, CM मान ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

लुधियाना. पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आम आदमी पार्टी ने लुधियाना से अपना चुनावी कैंपेन लॉन्च किया। पक्खोवाल रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी का चुनावी पम्पलेट जारी किया। सीएम ने कहा कि हमने जितनी गारंटी लोगों को दी उससे ज्यादा काम किया। उन्होंने कहा कि हमने सड़क सुरक्षा योजना के तहत सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) से हर साल 2700 लोगों की जान बचाई। इसकी तारीफ तो खुद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की। CM मान ने आगे कहा कि भाजपा-अकाली सरकारों के दौरान पंजाब में नशे की समस्या बढ़ी, अब वही लोग नशा विरोधी यात्रा निकाल रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी नशा खत्म करने के नाम पर लोगों से वोट मांगे थे, लेकिन पंजाब से नशा खत्म नहीं हुआ। सीएम भगवंत मान ने कहा कि 1 अक्तूबर को फिर से अगले 3 महीने की टूं-टूं होगी। महिलाओं को पैसे दिए जाएंगे। सभी विरोधियों ने भी फार्म भरे है लेकिन कह कुछ नहीं सकते। कभी विरोधियों ने नहीं खुलकर बताया कि उनका रोड मेप चुनाव में क्या है। पक्खोवाल रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी का चुनावी पम्पलेट जारी किया। पक्खोवाल रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी का चुनावी पम्पलेट जारी किया। सिसोदिया बोले- भगवंत मान पर रब का हाथ इससे पहले पंजाब के AAP प्रभारी मनीष सिसोदिया ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र ने ईडी-सीबीआई भेजकर खूब कोशिश की कि इनका काम रुक जाए, लेकिन भगवंत मान पर रब का हाथ है। कोई उनका कुछ बिगाड़ नहीं सका। वहीं, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि 2.68 लाख बूथ सदस्य सरकार के काम घर-घर पहुंचाएंगे और लोगों के मुद्दे सरकार तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो काम आप सरकार ने किए वो पिछली किसी सरकार ने नहीं किए। 25,332 बूथों तक पहुंचेगा संगठन AAP के मुताबिक पंजाब में 25,332 बूथ हैं और कैंपेन में 2,68,553 बूथ कमेटी सदस्य शामिल होंगे। कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकार के साढ़े चार साल के काम, योजनाओं और चुनावी गारंटियों की जानकारी देंगे। इसके साथ ही पार्टी का सदस्यता कैंपेन भी चलाया जाएगा। पार्टी ने कैंपेन को करीब एक महीने तक चलाने की बात कही है। 20 सितंबर से धूरी से घर-घर जाएंगे CM मान चुनावी कैंपेन के अगले चरण में मुख्यमंत्री भगवंत मान 20 सितंबर को धूरी में कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जाएंगे। इसके बाद बूथ कमेटियों के जरिए पूरे पंजाब में कैंपेन चलाया जाएगा। पार्टी का फोकस सरकार के काम और योजनाओं को सीधे मतदाताओं तक पहुंचाने पर रहेगा।

DUSU चुनाव में ABVP का दबदबा, तीन पद जीते; निर्दलीय दीपांशु शौकीन बने उपाध्यक्ष

नई दिल्ली दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में ABVP ने बाजी मार ली है. ABVP ने अध्यक्ष सहित तीन पदों पर जीत हासिल की है. वहीं उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की है. शुरुआत में 10 राउंड तक ABVP और NSUI की फाइट देखी गई. अध्यक्ष पद पर शुरू में कभी ABVP तो कभी NSUI आगे चल रही थी. इसके बाद एबीवीपी के यश डबास फिर आगे निकल गए।  मालूम हो कि शुक्रवार को छात्रसंघ चुनाव में 40.46 प्रतिशत मतदान हुआ था. चुनाव में RSS समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और कांग्रेस समर्थित भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के बीच मुख्य मुकाबला था. भारतीय राजनीति की नर्सरी कहे जाने वाले दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ चुनाव पर सबकी निगाहें टिकी रहती हैं. इस बार का चुनाव और खास था, क्योंकि यह जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद हो रहा था. चुनाव के दौरान ही सत्य निकेतन में पीजी गिरने का मामला भी खूब सुर्खियों में रहा था, जिसमें कई बच्चों की मौत हुई थी।  यश बने अध्यक्ष अध्यक्ष पद के लिए ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा.  मतगणना के कई राउंड में दोनों उम्मीदवारों के बीच बढ़त बदलती रही. अंतिम नतीजे में यश डबास ने अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया।  यश डबास के साथ ABVP के पैनल से सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने भी जीत दर्ज की। इस तरह ABVP ने केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पदों पर कब्जा किया।  अध्यक्ष पद के लिए ABVP के यश डबास और NSUI के विजय शंकर मीणा के बीच मुकाबला काफी करीबी रहा. मतगणना के कई राउंड में दोनों उम्मीदवारों के बीच बढ़त बदलती रही. अंतिम नतीजे में यश डबास ने अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया।  यश डबास के साथ ABVP के पैनल से सचिव पद पर रिया छाबड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्य राज सिंह ने भी जीत दर्ज की। इस तरह ABVP ने केंद्रीय पैनल के चार में से तीन पदों पर कब्जा किया।  उपाध्यक्ष पद पर दीपांशु शौकीन की जीत उपाध्यक्ष पद का नतीजा ABVP और NSUI से अलग रहा. इस पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने जीत हासिल की है. मतगणना के दौरान शौकीन लगातार मजबूत बढ़त बनाए हुए थे और आखिरकार उन्होंने उपाध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया।  चारों पदों की तस्वीर      अध्यक्ष: यश डबास (ABVP)     उपाध्यक्ष: दीपांशु शौकीन (निर्दलीय)     सचिव: रिया छाबड़ी (ABVP)     संयुक्त सचिव: लक्ष्य राज सिंह (ABVP) अध्यक्ष पद यश डबास (एबीवीपी)- 18786 वोट विजय शंकर मीना (एनएसयूआई)- 18707 वोट उपाध्यक्ष पद ईशू मौर्य (एबीवीपी)- 12739 वोट वीर चतरथ (एनएसयूआई)- 3496 वोट दीपांशु शौकीन (निर्दलीय)- 24943 वोट सचिव पद रिया छावड़ी (एबीवीपी)- 16145 वोट नम्रता चौधरी (एनएसयूआई)- 12223 वोट संयुक्त सचिव पद लक्ष्य राज सिंह (एबीवीपी)- 12435 वोट गोपाल चौधरी (एनएसयूआई)- 12647 वोट विशेष यादव (एससीएस)- 12638 वोट डूसू चुनाव 2026 की मतगणना के 16वें राउंड के नतीजे अध्यक्ष पद यश डबास (एबीवीपी)- 1471 विजय शंकर मीना (एनएसयूआई)- 1686 उपाध्यक्ष पद ईशू मौर्य (एबीवीपी)- 1069 वीर चतरथ (एनएसयूआई)- 223 दीपांशु शौकीन (स्वतंत्र)- 2261 सचिव पद रिया छावड़ी (एबीवीपी)- 1414 नम्रता चौधरी (एनएसयूआई)- 922 संयुक्त सचिव पद लक्ष्य राज सिंह (एबीवीपी)- 1020 गोपाल चौधरी (एनएसयूआई)- 735 विशेष यादव (एससीएस)- 1510  डूसू चुनाव 2026 की मतगणना के 15 राउंड के बाद ABVP के यश डबास निकले आगे कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुआ मतगणना  DUSU चुनाव की मतगणना आद सुबह 8 बजे शुरू हो गई थी. मिली जानकारियों  के मुताबिक, दिल्ली यूनिवर्सिटी में 2,000 से ज्यादा पुलिस और पैरामिलिट्री जवानों की तैनाती की गई है. मतगणना केंद्र के आसपास सुरक्षा बढ़ाने के साथ प्रमुख सड़कों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं. चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने कैंपस में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे. अलग-अलग जगहों पर बैरिकेडिंग की गई थी और वैलिड आईडी कार्ड के बिना छात्रों को कॉलेज परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। 

लोकभवन में 818 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री योगी बोले- भर्ती का सिलसिला लगातार रहेगा

जो नहीं कर पाए वे गिनते जाएं, हम नौकरियां देते जाएंगे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ   लोकभवन में 818 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र, मुख्यमंत्री योगी बोले- भर्ती का सिलसिला लगातार रहेगा   मिशन रोजगार के तहत UPPSC और UPSSSC से विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र   पुलिस में 36 हजार और होमगार्ड में 41 से 42 हजार नियुक्तियों की प्रक्रिया का किया जिक्र   बोले- अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को देंगे सरकारी नौकरी   पूर्ववर्ती सरकारों पर साधा निशाना, कहा- भर्ती बोर्ड और आयोगों में भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को किया था बदनाम   कहा- बीमार उत्तर प्रदेश नहीं था, सरकारों की मानसिकता बीमार थी, कार्यप्रणाली भ्रष्ट और भेदभावपूर्ण थी   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो लोग रोजगार नहीं दे पाए, वे आज सवाल खड़े कर रहे हैं। वे गिनते जाएं, हम नौकरियां देते जाएंगे। अगले छह महीने में एक लाख से कम नहीं, बल्कि एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली युवा जब उत्तर प्रदेश की ताकत बनेंगे तो प्रदेश देश की नंबर वन अर्थव्यवस्था के रूप में खुद को स्थापित करेगा।   मुख्यमंत्री योगी शुक्रवार को लोकभवन सभागार में मिशन रोजगार के तहत आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से आयुष, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम समेत विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री योगी ने नवचयनित युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें उनके परिश्रम का प्रतिफल मिला है और अब वे उत्तर प्रदेश सरकार के अलग-अलग विभागों का हिस्सा बन रहे हैं।   साढ़े नौ लाख युवाओं को मिल चुकी सरकारी नौकरी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब तक प्रदेश के साढ़े नौ लाख युवाओं को पारदर्शी तरीके से विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दी गई है। नियुक्तियों का क्रम आगे भी जारी रहेगा। शनिवार को भी करीब एक हजार लोगों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे।   उन्होंने कहा कि अगले छह महीने में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है। जो लोग यह काम नहीं कर पाए, वे आज प्रश्न खड़े कर रहे हैं। वे गिनते जाएं, हम देते जाएंगे। एक लाख से कम युवाओं को नौकरी देने पर नहीं, उससे ज्यादा पर ही चर्चा होगी।   पुलिस में 36 हजार, होमगार्ड में 41 से 42 हजार नियुक्तियां मुख्यमंत्री योगी ने आगामी नियुक्तियों का ब्योरा देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस में 36 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जाने हैं। उनकी परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं और फिजिकल व मेडिकल की प्रक्रिया चल रही है। होमगार्ड में भी 41 से 42 हजार नियुक्तियां हो रही हैं।   उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से अगले छह महीने में आने वाले परिणामों के माध्यम से 25 से 30 हजार नए युवाओं को अवसर मिलेगा। उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से करीब 20 से 25 हजार नौजवानों को अवसर मिलने वाला है। कुछ के परिणाम आने शुरू हो गए हैं और कुछ की परीक्षाएं चल रही हैं। अगले तीन से चार महीने में इनके परिणाम भी सामने आ जाएंगे। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से भी अलग-अलग विभागों में 15 से 16 हजार युवाओं को अवसर मिलेगा।   भर्ती बोर्ड राजनीति का शिकार न हों तो ऐसे मिलते हैं परिणाम मुख्यमंत्री योगी ने भर्ती प्रक्रिया समयबद्ध, पारदर्शी और शुचितापूर्ण तरीके से पूरी करने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्षों एवं सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भर्ती बोर्ड और आयोग शासन की राजनीति का शिकार नहीं होते और परीक्षाएं पारदर्शी व शुचितापूर्ण तरीके से संपन्न होती हैं तो उसके परिणाम ऐसे ही देखने को मिलते हैं।   भाई-भतीजों को बैठाकर भर्ती प्रक्रिया को किया बदनाम मुख्यमंत्री योगी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से पहले आयोग और भर्ती बोर्डों में तत्कालीन सरकारों ने अपने भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर रखा था। एक भी भर्ती ईमानदारीपूर्वक नहीं होती थी। युवा पलायन करता था और प्रदेश के बाहर उसके सामने पहचान का संकट खड़ा था।   उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग का चेयरमैन ऐसे व्यक्ति को बनाया गया था, जो स्वयं उस पद के लिए योग्य नहीं था। इसके बाद वहां जो स्थिति बनी, उसके खिलाफ न्यायालय को कहना पड़ा और प्रदेश के युवाओं को सड़कों पर उतरना पड़ा।   मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार में ऐसी भर्तियां भी हुईं, जिनमें आवेदन नहीं करने वालों को नियुक्ति पत्र मिल गया और आवेदन करने वाले देखते रह गए। विज्ञापन जारी होते ही वसूली के लिए अलग-अलग गिरोह और सिंडिकेट सक्रिय हो जाते थे। सरकार ने समूह ग और घ की भर्तियों से साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त कर दी।   बीमार यूपी नहीं, सरकारों की मानसिकता बीमार थी मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के नौजवानों की प्रतिभा को सम्मान नहीं मिला। उस समय की सरकारों की बीमारू मानसिकता के कारण उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य बन गया था। उन्होंने कहा कि बीमार उत्तर प्रदेश नहीं था, सरकारों की मानसिकता बीमार थी। उनकी कार्यप्रणाली भ्रष्ट और भेदभावपूर्ण थी।   उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें प्रदेश की युवा शक्ति को समस्या मानती थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे उत्तर प्रदेश की आर्थिक ताकत और अवसर के रूप में देखा। प्रदेश की संभावनाओं को प्रतिभाशाली युवाओं के माध्यम से आगे बढ़ाने का काम किया गया।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जो उत्तर प्रदेश 2017 से पहले सबसे गरीब राज्यों में माना जाता था और पहचान के संकट से गुजर रहा था, वही प्रदेश पिछले छह वर्षों से लगातार रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। आज उत्तर प्रदेश भारत के ग्रोथ इंजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और देश की टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है।   उन्होंने कहा कि नौ वर्षों में प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय और अर्थव्यवस्था तीन गुना हुई है। महिला कार्यबल … Read more

मध्यप्रदेश में मानसून का 89.3% कोटा पूरा, 21 सितंबर तक बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून अब अपने अंतिम पड़ाव में है। सीजन खत्म होने में महज 11 दिन बाकी हैं और प्रदेश में अब तक 33.2 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। यह सामान्य बारिश के कोटे का 89.3 प्रतिशत है। यानी करीब 4.1 इंच पानी की कमी अभी बनी हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार दिन प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद महीने के आखिरी सप्ताह में किसी मजबूत मौसम प्रणाली के सक्रिय होने पर कुछ जिलों में तेज बारिश हो सकती है। इससे प्रदेश बारिश के सामान्य आंकड़े के करीब पहुंच सकता है ।हालांकि, सभी जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य तक पहुंचना आसान नहीं होगा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग के कई जिलों में बारिश की कमी बनी है। इंदौर, धार, आलीराजपुर, रायसेन, विदिशा, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, सागर, उज्जैन, रतलाम और शाजापुर में अभी सामान्य बारिश का 80 प्रतिशत पानी भी नहीं गिरा है। इन जिलों में सामान्य आंकड़ा पूरा करने के लिए मानसून के बचे दिनों में लगातार बारिश की जरूरत होगी। वहीं, मऊगंज और निवाड़ी में सामान्य से दोगुने से अधिक पानी गिर चुका है। 37 जिलों में अभी सामान्य से कम बारिश प्रदेश के भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया में सामान्य या उससे अधिक बारिश दर्ज हो चुकी है। इसके उलट बाकी 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम है।प्रदेश की सामान्य मानसूनी बारिश 37.3 इंच है। इस लिहाज से सामान्य आंकड़ा पूरा करने के लिए अब करीब 4.1 इंच बारिश की जरूरत है। मऊगंज और निवाड़ी में दोगुने से ज्यादा पानी दूसरी ओर, प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश सामान्य आंकड़े से काफी आगे निकल चुकी है। मऊगंज और निवाड़ी में सामान्य कोटे की तुलना में दोगुनी बारिश हो चुकी है। यानी जहां कुछ जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं, वहीं इन जिलों में सामान्य से काफी ज्यादा पानी गिर चुका है। इन जिलों में सामान्य या ज्यादा बारिश प्रदेश के भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया में सामान्य या उससे ज्यादा बारिश दर्ज की जा चुकी है। इसके अलावा प्रदेश के 37 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। अब मानसून के अंतिम 11 दिन इन जिलों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। यदि इस दौरान अच्छी बारिश होती है तो कई जिलों का बारिश का आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंच सकता है। 22 सितंबर तक होगी हल्की बारिश मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, अगले चार दिन यानी 22 सितंबर तक प्रदेश में हल्की बारिश का दौर बना रह सकता है। पश्चिमी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय होने से कुछ जिलों में बारिश हो रही है। वहीं, 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश तट की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के संकेत हैं। इसके असर से प्रदेश में मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। जून की कमी अब तक पूरी नहीं हुई इस मानसून में सबसे बड़ी कमी जून में रही। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून में दो बार ब्रेक आया और कई दिन बारिश थमी रही। जुलाई और अगस्त में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी की पूरी भरपाई नहीं हो सकी। सितंबर में बारिश होने के बावजूद पूरे मानसून में अब तक करीब 7 प्रतिशत की कमी बनी हुई है। 22 सितंबर तक हल्की बारिश का दौर मौसम विभाग ने अगले चार दिन यानी, 22 सितंबर तक प्रदेश में हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया, इस समय पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम (चक्रवात) एक्टिव है। इस वजह से पश्चिमी हिस्से के जिलों में बारिश का दौर बना हुआ है। 19 सितंबर की शाम के आसपास उत्तर अंडमान सागर में नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके बाद इसके दक्षिण ओडिशा–उत्तर आंध्र प्रदेश तट की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के संकेत हैं। इस सिस्टम से एमपी के मौसम में एक और बदलाव का आधार बन सकती है। जून में सूखा, जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई के शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई। आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई और फिर अगस्त का भी कोटा फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह है कि अब तक भी प्रदेश में 7 प्रतिशत कम पानी गिरा है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है। भोपाल में 4 साल से कोटे से ज्यादा बारिश भोपाल में सितंबर महीने की औसत बारिश 7 इंच है, लेकिन पिछले 5 साल से कोटे से ज्यादा पानी बरस रहा है। ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1961 में पूरे सितंबर माह में 30 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक 9.2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 2 सितंबर 1947 को बना था। इस महीने औसत 8 से 10 दिन बारिश होती है। वहीं, दिन में तापमान 31.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।  

लुधियाना में सियासी हलचल, CM मान के काफिले पर टमाटर फेंकने की कोशिश; BJP नेता हिरासत में

 लुधियाना पंजाब के लुधियाना में शनिवार दोपहर करीब दो बजे के करीब बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. वे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले पर टमाटर और अंडे फेंकने की कोशिश कर रहे थे. उन्हें पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी यानी पीएयू के गेट से हिरासत में लेकर वहां से ले जाया गया. बताया जा रहा है कि बिट्टू काफिले के ज्यादा करीब नहीं पहुंच पाए थे, लेकिन वे पीएयू गेट तक जरूर पहुंच गए थे।  आम आदमी पार्टी ने आज लुधियाना में एक बड़ा कार्यक्रम रखा था. इसमें मुख्यमंत्री भगवंत मान, मनीष सिसोदिया और पार्टी के कई दूसरे नेताओं को शामिल होना था. सभी नेता कार्यक्रम के लिए लुधियाना पहुंच रहे थे. मुख्यमंत्री का काफिला पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी के बाहर से गुजरना था।  इसी रास्ते पर रवनीत बिट्टू हाथ में टमाटर लेकर पहुंच गए. पुलिस ने उन्हें पहले ही आगे बढ़ने से रोक दिया. इसके बाद जब मुख्यमंत्री का काफिला वहां से निकला, तो बिट्टू ने भगवंत मान की गाड़ी पर टमाटर फेंकने की कोशिश की. पुलिस मौके पर मौजूद थी और उसने बिट्टू को हिरासत में ले लिया।  इस पूरे मामले की जड़ कल की घटना बताई जा रही है. कल बटाला के पास रवनीत बिट्टू के काफिले पर आम आदमी पार्टी के वर्करों ने अंडे और टमाटर फेंके थे. उसी घटना के विरोध में बिट्टू आज लुधियाना पहुंचे थे. उनका मकसद था कि वे भी भगवंत मान के काफिले पर टमाटर फेंककर इसका जवाब दें।  सीएम भगवंत मान के आने से मीडिया से बात करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सीएम मान पर जमकर निशाना साधा। हाथों में अंडे-टमाटर और शराब की बॉटल लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भगवंत मान को अपनी शराब का मजा लेना चाहिए। उन्हें पंजाब की जिम्मेदारी आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को सौंप देनी चाहिए। बता दें, पश्चिम बंगाल के बाद पंजाब में भी अंडा वाली राजनीति जोर पकड़ रही है। शुक्रवार को भाजपा नेता के काफिले के ऊपर अंडे फेंके गए थे। भाजपा नेता बोले- हमला कर सकता था लेकिन नहीं किया पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पंजाब आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरह वह भी सीएम मान के काफिले पर हमला कर सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा, "मैं भी इसी तरह से हमला कर सकता था। लेकिन भाजपा की राजनीति कभी भी इतना नीचे नहीं गिर सकती।" बिट्टू ने इस मामले में एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आने पर कहा कि अगर उनके ऊपर इस प्रदर्शन के लिए एफआईआर दर्ज होती है, तो फिर उन आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के ऊपर एफआईआर होनी चाहिए, जिन्होंने उनके काफिले पर हमला किया था। बता दें, भाजपा की तरफ से आरोप लगाया गया है कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूर्व केंद्रीय मंत्री बिट्टू के काफिले के ऊपर अंडे और टमाटर फेंके हैं। भाजपा की नशामुक्त पंजाब यात्रा का विरोध कर रही आप- पूर्व केंद्रीय मंत्री बिट्टू पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आम आदमी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नशामुक्त पंजाब यात्रा की शुरुआत कर रही है लेकिन आप उसका विरोध कर रही है। पंजाब आप के नेता काले झंड़े दिखा रहे हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसे विरोध प्रदर्शनों को तुरंत रोका जाना चाहिए। अगर सत्ताधारी पार्टी भाजपा के कार्यक्रमों में रुकावट पैदा करती है,तो उसे भी ऐसे ही नतीजों का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान में पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीति सिंह बिट्टू को लुधियाना पुलिस ने हिरासत में ले रखा है। यानी दो दिन में दो बार राजनीतिक टकराव सामने आया. पहले बटाला के पास बिट्टू के काफिले पर अंडे और टमाटर फेंके गए और अब लुधियाना में बिट्टू खुद टमाटर लेकर मुख्यमंत्री के काफिले के रास्ते पर पहुंच गए. घटना ने बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच की खींचतान को सामने ला दिया।  पूरे मामले में बिट्टू के हाथ में टमाटर होने और काफिले पर फेंकने की कोशिश की बात सामने आई है. हालांकि वे काफिले के करीब नहीं पहुंच सके, क्योंकि पुलिस ने उन्हें रोक लिया था. पुलिस उन्हें पीएयू से अपने साथ ले गई. फिलहाल यह जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है। 

UPI चार्ज को लेकर इंदौर में व्यापारी नाराज, दुकानों पर पोस्टर; कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

इंदौर/ग्वालियर केंद्र सरकार द्वारा जब से यूपीआई ट्रांजेक्शन पर एमडीआर यानि मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू करने की घोषणा की गई है, तब से ही देश भर में व्यापारियों की नाराजगी जाहिर हो रही है. एक तरफ लोग इस नई व्यवस्था से परेशान हैं तो वहीं विपक्ष भी सरकार को निशाने पर लिए हुए है. ग्वालियर में कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने भी इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. वहीं, इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों ने दुकानों पर इस संबंध में पोस्टर लगाए हैं।  इंदौर में व्यापारियों ने लगाए पोस्टर, 125 संगठनों की बैठक इंदौर में एमडीआर के खिलाफ मैदान में उतरे व्यापारियों का कहना है कि, ''यदि ऐसे भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लागू होता है तो इससे डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों और व्यापारियों पर अतिरिक्त लागत का असर पड़ सकता है. इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने बताया कि, ''अभियान के अगले चरण में सोशल मीडिया के माध्यम से इस मुद्दे को आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की तैयारी है. संगठन की ओर से चार दिनों में करीब 10 लाख उपभोक्ताओं को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इसके जरिए व्यापारियों की आपत्ति और उनकी मांग को व्यापक स्तर पर सामने रखने का प्रयास किया जाएगा।  इंदौर निकलने से पहले सरकार पर निशाना इंदौर में शनिवार को राहुल गांधी के आने से पहले ही प्रदेश भर से कांग्रेस विधायकों नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी द्वारा बुलाया गया है. ग्वालियर से कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार भी इंदौर पहुंच रहे हैं. लेकिन ग्वालियर से रवाना होने से पहले विधायक सतीश सिकरवार मीडिया से मुखातिब हुए. इस दौरान उन्होंने 15 अक्टूबर को लागू होने जा रहे यूपी ट्रांजेक्शन पर एमडीआर को लेकर सरकार पर हमला बोला।  अलग-अलग टैक्स लगाकर सरकार कर रही जनता को परेशान विधायक सतीश सिकरवार का कहना है कि, ''जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है तब से ही कोई ना कोई टैक्स लगाकर जानता को परेशान किया जा रहा है. पहले के समय में जैसे जज़िया कर लगा करता था, अंग्रेजों के जमाने में भी टैक्स लगते थे. उसी तरह सरकार हिटलरशाही चला रही है और आम आदमी को परेशान करने का काम कर रही है। एक तरफ ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा दूसरी और टैक्स की मार कांग्रेस ने विधायक का कहना है कि, सरकार एक तरफ आम आदमी से ऑनलाइन पेमेंट करने की बात कह रही है. सारा काम नगद में बंद करने की बात कहती है. वहीं दूसरी तरफ इस टैक्स लगाकर जनता के साथ खिलवाड़ कर रही है. ये निंदनीय है आने वाले समय में जनता इसका जवाब जरूर देगी।  एमपी चेंबर ऑफ कॉमर्स ने की एमडीआर स्थगित करने की मांग मध्य प्रदेश चैम्बर ऑफ कॉमर्स ग्वालियर के अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल का भी कहना है कि, ''डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के चक्कर में पहले ही कई व्यापारी वर्ग कई बार यूपीआई ट्रांजेक्शन से साइबर फ्रॉड्स, उनकी वजह से अकाउंट फ्रीज और फिर रिकवरी जैसी परेशानियों से गुजर रहे हैं. ऐसे में MDR भी व्यापारियों के लिए एक नए टैक्स की तरह होगा. कई बार छोटे व्यापारी को तो एक लाख तक का माल बेचने पर बमुश्किल 500-700 रुपये का ही मुनाफा होता है. ऐसे में एमडीआर की वजह से वह मुनाफा भी एमडीआर में चला जाएगा. इन हालातों को अगर देखा जाए तो व्यापारियों के हित में सरकार को यह नया शुल्क स्थगित करना चाहिए।   

बगलामुखी मंदिर दर्शन को गए 8 श्रद्धालुओं की मौत, नाले में गिरी कार

आगर-मालवा  आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में मां बगलामुखी मंदिर के पास शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के समीप बरसाती नाले में श्रद्धालुओं से भरी कार बह गई। हादसे में कार सवार 8 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों में 3 बच्चे, 2 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल है।  जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालु मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए नलखेड़ा पहुंचे थे। बरसाती नाले को पार करते समय उनकी कार तेज बहाव की चपेट में आकर पानी में बह गई। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। बचाव अभियान शुरू किया गया। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। कार सवार श्रद्धालु नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे. इसी दौरान मंदिर के पास मौजूद बरसाती नाले को पार करते समय उनकी कार अचानक तेज पानी के बहाव की चपेट में आ गई. देखते ही देखते पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि कार नाले में बह गई।  तेज बहाव के आगे नहीं टिक सकी कार बताया जा रहा है कि बारिश के बाद बरसाती नाले में पानी का बहाव काफी तेज था. इसी दौरान कार चालक ने नाले को पार करने की कोशिश की. पानी की तेज धार में वाहन असंतुलित हो गया और बह गया. हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. जिस कार के हादसे का शिकार होने की जानकारी सामने आई है, उसका नंबर मध्य प्रदेश का ही है।  सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई. नाले में बही कार और उसमें सवार लोगों की तलाश के लिए तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया. रेस्क्यू टीम ने नाले के आसपास के हिस्से में भी तलाशी अभियान चलाया. एक अधिकारी ने बताया कि शवों को बाहर निकाल लिया गया है. उनकी पहचान की जा रही है. सभी शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा. प्रशासन ने अपील की है नाले के आसपास न आएं।  हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए. मौके पर लोगों की भीड़ जुटने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया. प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने और राहत-बचाव अभियान को व्यवस्थित तरीके से चलाने का प्रयास किया जा रहा है।  बरसाती नाले में बह गई कार बताया जा रहा है कि बारिश के बाद बरसाती नाले में पानी का बहाव तेज था। श्रद्धालुओं की कार नाले के पास पहुंची। तेज बहाव में संतुलन बिगड़ने के बाद बह गई। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में कार सवार सभी 8 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। हालांकि, अभी तक मृतकों की आधिकारिक पहचान नहीं हो पाई है। प्रशासन की टीम शवों को बाहर निकालने और पहचान की प्रक्रिया में जुटी है। प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। नाले में बही कार और उसमें सवार लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस और प्रशासन की टीम ने राहत-बचाव कार्य संभाला। बताया जा रहा है कि कार सवार श्रद्धालु नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। मां बगलामुखी मंदिर आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में लखुंदर नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

UPI चार्ज का असर? पेट्रोल पंपों पर ऑनलाइन पेमेंट से बचने की अपील, कैश लेने पर जोर

नई दिल्ली  देशभर में UPI पर चार्ज के खिलाफ अब विरोध तेज होता जा रहा है। दिल्ली-NCR समेत देशभर में कई जगहों पर अब "No UPI, Only Cash" के पोस्टर लगा दिए गए हैं। दिल्ली के कई पेट्रोल और सीएनजी पंप से ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जहां पर ये पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। ग्राहकों से पेमेंट कैश या कार्ड में लेने की मांग की जा रही है। आपको बता दें कि पेट्रोल पंप एसोसिएशन ट्रेड यूनियन समेत कई संगठनों ने इस चार्ज का विरोध किया है और कहा है कि चार्ज लगेगा तो धीरे-धीरे सभी जगहों पर "No UPI, Only Cash" का बोर्ड लग जाएगा। दिल्ली के व्यापारियों ने किया विरोध दिल्ली के कश्मीरी गेट मार्केट के व्यापारियों ने यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज लगाने के सरकार के फैसले का विरोध करने के लिए अपनी दुकानों पर 'नो यूपीआई' के पोस्टर लगाए हैं। व्यापारियों का ये विरोध प्रदर्शन गुरुवार को चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) के अध्यक्ष बृजेश गोयल के नेतृत्व में हुआ। पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने क्लियर कर दिया है कि इस चार्ज से ग्राहकों की ही परेशानी बढ़ेगी। क्योंकि पहले से ही काफी कम मार्जिन मिलता है। एक और बोझ पेट्रोप पंप मालिक नहीं संभाल पाएंगे और यूपीआई का ट्रांजेक्शन कम करना पड़ जाएगा। होलसेल कारोबारी भी खिलाफ दिल्ली के होलसेल मार्केट के कारोबारी भी यूपीआई ट्रांजेक्शन पर चार्ज के खिलाफ हैं। दुकानदारों ने 'नो यूपीआई' के पोस्टर लगा दिए हैं। नए चार्ज के खिलाफ प्रोटेस्ट किया गया है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष ने कहा कि ये फैसला डिजिटल इंडिया की मुहिम को बड़ा झटका साबित हो सकता है। ग्रेटर नोएडा के एक सीएनजी पंप से भी नो यूपीआई ओनली कैश के पोस्टर लगा वीडियो सामने आया है। जहां यूपीआई से पेमेंट लेने पर पेट्रोल पंप की ओर मना करते हुए सिर्फ कैश देने की अपील की गई। व्यापारियों ने कहा कि सरकार को चार्ज लगाने के बजाय UPI ट्रांजैक्शन के लिए सब्सिडी देनी चाहिए और चेतावनी दी कि अगर प्रस्तावित MDR लागू किया गया तो वे आंदोलन करेंगे।  उत्तराखंड में भी व्यापारियों का विरोध दून उद्योग व्यापार मंडल और अन्य स्थानीय व्यापारी संगठनों ने कहा कि व्यापारी पहले से ही इनकम टैक्स और GST दे रहे हैं और UPI ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त लागत उठाने को तैयार नहीं होंगे। पलटन बाजार व्यापार मंडल के अध्यक्ष पारस गुप्ता ने कहा कि व्यापारियों ने सरकार के डिजिटल ट्रांजैक्शन और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के बाद UPI पेमेंट अपनाना शुरू किया था। उन्होंने कहा, "जैसा कि सरकार शुरू से कहती आ रही है, हम पारदर्शिता लाने के लिए UPI पेमेंट स्वीकार करेंगे, ऑनलाइन काम करेंगे और ऑनलाइन पेमेंट लेंगे। लेकिन इसके बावजूद, अगर टैक्स सिर्फ हम कारोबारियों पर लगाया जाएगा और इसका नुकसान कारोबारियों को ही उठाना पड़ेगा। मैं इसका कड़ा विरोध करता हूं।" UPI ट्रांजैक्शन पर लगेगा चार्ज बता दें कि जगह-जगह से ये प्रतिक्रियाएं तब आई हैं, जब नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मंगलवार को एक नया मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क पेश किया, जिसके तहत 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा, जबकि ग्राहक UPI का इस्तेमाल करके मुफ़्त में ट्रांजैक्शन करते रहेंगे। संशोधित UPI MDR फ्रेमवर्क 15 अक्टूबर, 2026 से लागू होगा और यह केवल चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। नए फ्रेमवर्क के तहत, 2,000 रुपये से ज़्यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत का MDR लगेगा, जिसमें प्रति ट्रांजैक्शन MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये होगी।