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15 सर्वोदय स्कूलों में सुधरेगा इंफ्रास्ट्रक्चर, 1.50 करोड़ रुपये की राशि मंजूर

सर्वोदय विद्यालयों में सुविधाओं की सौगात, 15 स्कूलों के कायाकल्प के लिए 1.50 करोड़ रुपए जारी  आवासीय स्कूलों में मजबूत होगा इंफ्रास्ट्रक्चर, विद्यार्थियों को मिलेंगी बेहतर शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं हॉस्टल से स्मार्ट क्लास तक सुधरेंगी व्यवस्थाएं, पेयजल और स्वच्छता पर भी जोर बरेली से रायबरेली तक 15 सर्वोदय विद्यालयों को मिलेगा विकास कार्यों का लाभ सुरक्षित और आधुनिक माहौल में सर्वांगीण विकास की दिशा में योगी सरकार का कदम लखनऊ  योगी सरकार प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर आवासीय और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार जोर दे रही है। इसी कड़ी में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों की अवस्थापना सुविधाओं को और मजबूत करने की पहल की गई है। प्रदेश के 15 सर्वोदय विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए 1.50 करोड़ रुपये (150 लाख रुपये) की धनराशि स्वीकृत की गई है। इससे बरेली, कौशाम्बी, अयोध्या, ललितपुर, हरदोई, आजमगढ़, बलिया, प्रयागराज, इटावा, फर्रूखाबाद, बांदा, चित्रकूट, जालौन और रायबरेली के सर्वोदय विद्यालय लाभान्वित होंगे। सरकार की इस पहल से इन आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी। हॉस्टल से स्मार्ट क्लास तक सुविधाएं होंगी मजबूत स्वीकृत धनराशि से विद्यालयों में हॉस्टल सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ स्मार्ट क्लासरूम और प्रयोगशालाओं के रख-रखाव व आवश्यक मरम्मत कार्य कराए जाएंगे। इसके अलावा पेयजल, स्वच्छता और अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर रहेगा। खेल परिसर के जीर्णोद्धार से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ खेल और शारीरिक विकास के लिए भी बेहतर माहौल मिलेगा। शिक्षा के साथ सर्वांगीण विकास पर फोकस योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल विद्यालयों की इमारत और सुविधाओं को बेहतर करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। आधुनिक संसाधनों से लैस विद्यालय विद्यार्थियों को शिक्षा, तकनीक, प्रयोगात्मक अध्ययन और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक होंगे। तकनीक और आधुनिक सुविधाओं का बढ़ेगा समन्वय सरकार की ओर से विद्यालयों में तकनीक और आधुनिक सुविधाओं के समन्वय को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। स्मार्ट क्लासरूम और प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं का रख-रखाव बेहतर होने से विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का लाभ मिल सकेगा। आवासीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा। हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करें विद्यार्थी सरकार का लक्ष्य है कि सर्वोदय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को ऐसा वातावरण मिले, जहां वे अपनी प्रतिभा को निखारकर आगे बढ़ सकें। विभाग की ओर से कहा गया है कि लक्ष्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सुरक्षित, आधुनिक और बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार करना है। आने वाले समय में तकनीक और आधुनिक सुविधाओं का समन्वय और मजबूत किया जाएगा, ताकि सर्वोदय विद्यालयों के छात्र हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर सकें।

सपा के उपदेशक नेता गिनते जाएं, हम छह महीने में एक लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति देंगे- सीएम योगी

सीएम योगी ने यूपी में एक लाख नई नौकरियों का किया ‘श्रीगणेश’  विभिन्न विभागों में नवनियुक्त 818 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सौंपे नियुक्ति पत्र  सपा के उपदेशक नेता गिनते जाएं, हम छह महीने में एक लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति देंगे- सीएम योगी रविवार को भी मिलेगा लगभग हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र, पुलिस-होमगार्ड में करीब 77 हजार भर्तियों की प्रक्रिया जारी यूपीएसएसएससी परिणामों से 25-30 हजार और उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से भी 20-25 हजार भर्तियां होंगी सपा शासनकाल में बहुत सारी भर्तियां ऐसी हुईं, जिसमें आवेदन न करने वालों को भी मिला नियुक्ति पत्र- मुख्यमंत्री सीएम की दो टूक- 2017 के पहले सरकार ने आयोग-बोर्ड में भाई-भतीजों को बैठाकर बदनाम किया था यूपी को लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मिशन रोजगार’ के अंतर्गत शनिवार को एक लाख नई नौकरियों का शुभारंभ किया। उन्होंने नवचयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और उन्हें शुभकामनाएं दीं। सरकार पर प्रश्न खड़ा करने वाले समाजवादी पार्टी के नेताओं से सीएम योगी ने कहा, आप गिनते जाइए, हम छह महीने में एक लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति देंगे। आज तीन विभागों के नियुक्ति पत्र दे रहे हैं। रविवार को भी लगभग हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र देंगे। यह प्रक्रिया अनवरत चलेगी। यूपी पुलिस में 36 हजार, होमगार्ड में 41-42 हजार युवाओं की नियुक्ति करेंगे। इनके मेडिकल व फिजिकल की प्रक्रिया चल रही है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) के अगले छह महीने में जारी होने वाले परिणामों से 25-30 हजार नए युवाओं को अवसर मिलेंगे। उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से भी 20-25 हजार युवाओं की भर्ती होगी। तीन-चार महीने में इसके परिणाम आ जाएंगे। यूपीपीएससी की परीक्षाओं के उपरांत भी 15-16 हजार युवाओं को अलग-अलग विभागों में नियुक्ति मिलेगी।  सीएम योगी ने लोकभवन सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में चयनित 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान मिशन रोजगार पर लघु फिल्म भी दिखाई गई। सीएम ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग व उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि आयोग व बोर्ड जब शासन की राजनीति का शिकार नहीं होते और परीक्षा की शुचितापूर्ण प्रक्रिया संपन्न होती है तो परिणाम भी ऐसे ही दिखते हैं। गदर मचाने वाले गिनती करें, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक साढ़े 9 लाख नौजवानों को नियुक्ति दी गई है। हम छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं। 2017 के पहले गदर मचाने वाले काउंट करें, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे। 2017 के पहले तत्कालीन सरकार ने आयोगों-बोर्डों में भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर दिया था। एक भी भर्ती ईमानदारी से नहीं होती थी। युवाओं के सामने एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई थी। यूपी में नौकरी थी नहीं और बाहर पहचान का संकट था, जिससे उनके सपने तार-तार होते थे। तत्कालीन सरकार की भ्रष्ट-भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली व बीमारू मानसिकता के कारण यूपी बीमारू हो गया था।  हमने यूपी की स्ट्रेंथ को इकॉनमिक अपॉर्च्युनिटी माना सीएम ने कहा कि 2017 के पहले एक अयोग्य व्यक्ति को उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन का चेयरमैन बना दिया गया। उसके गदर के कारण न्यायालय को और सड़क पर उतर कर युवाओं को कहना पड़ा कि इसे जिंदगी भर जेल में सड़ाओ। 2017 में युवाओं ने सरकार बदलने का बड़ा फैसला भी लिया। हमारी सरकार ने पीएम मोदी के विजन के अनुरूप मिशन रोजगार के कार्यक्रम को बढ़ाया। पिछली सरकार नौजवान की शक्ति, ताकत व प्रतिभा को सम्मान नहीं दे पाई, हमने यूपी की स्ट्रेंथ को इकॉनमिक अपॉर्च्युनिटी माना। उन्होंने यूपी के अंदर अवसरों को लॉक कर दिया था, हमने उस पोटेंशियल को प्रतिभाशाली युवाओं के जरिए अनलॉक करने का प्रयास किया। इसका परिणाम अब दिख रहा है। राजनीतिक संक्रमण के दौर से गुजरना पड़ा यूपी को  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली युवा जब यूपी की ताकत बनेंगे तो प्रदेश नंबर-1 इकॉनमी के रूप में खुद को स्थापित करेगा। हर क्षेत्र में नए भारत के नए यूपी के रूप में अपना स्थान बनाएगा। देश का हृदय स्थल, सबसे उर्वरा भूमि, सर्वाधिक जल संसाधन, परंपरागत उद्यम के साथ आगे बढ़ने वाला राज्य है यूपी। कभी प्रति व्यक्ति सर्वाधिक आय वाला यह राज्य राजनीतिक संक्रमण के ऐसे दौर से गुजरा कि नौजवान के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया। उस दौर में कोई भी सुरक्षित नहीं था। नौजवान को रुचि के अनुरूप प्लेटफॉर्म नहीं मिलता था।  काले धब्बे से अब मुक्त हो गया यूपी सीएम ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले उपदेशक चाचा-भतीजे की जोड़ी बेखौफ नौकरियों पर डकैती डालने निकलती थी, लेकिन 2027 के बाद ये उपदेश देने लायक भी नहीं रह पाएंगे। उत्सव प्रदेश को उपद्रव प्रदेश बनाने वालों को, किसानों को आत्महत्या और यूपी के नागरिकों को भूखे मरने के लिए उनके हाल पर छोड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह मामला गलती का नहीं, बल्कि शरारत का था। हम अब इस काले धब्बे से मुक्त हुए हैं।  सपा शासन में आवेदन न करने वालों को भी नियुक्ति पत्र  सीएम ने आरोप लगाया कि सपा में बहुत सारी भर्तियां ऐसी हुई थीं, जिसमें आवेदन न करने वालों को भी नियुक्ति पत्र मिल गया और आवेदन करने वाले देखते रह गए। सीएम ने युवाओं से अपील की कि आपके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के भविष्य से आप खिलवाड़ करें। आपको यह ताकत बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से दी है।  हमने चुनौती को समाधान तक पहुंचाया सीएम ने कहा कि सरकार बनने के बाद हर क्षेत्र में जीरो टॉलरेंस लागू किया गया। अब यूपी के किसी व्यक्ति के समक्ष पहचान का संकट नहीं है। यूपी की उपलब्धियों को देखकर अन्य प्रदेश के लोग भी अभिभूत होते हैं। सपा सरकार ने चुनौतियों को समस्या माना। वे परिवार-सिंडिकेट से बेईमानी व भ्रष्टाचार कराते रहे। 2017 के पहले यूपी सबसे गरीब राज्यों में माना जाता था, लेकिन हमने चुनौती को समाधान तक पहुंचाया, जिससे यूपी की प्रति व्यक्ति आय, अर्थव्यवस्था, महिला वर्कफोर्स व बजट को तीन गुना करने में सफलता मिली। यूपी 6 वर्ष से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट, भारत के ग्रोथ इंजन का महत्वपूर्ण अंग और टॉप-3 इकॉनमी में गिना जा रहा … Read more

छात्रों के सपनों को मिलेगी उड़ान, आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को सरकार संकल्पित: CM यादव

विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने को सरकार है संकल्पित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्कूटी केवल वाहन नहीं, विद्यार्थियों की प्रतिभा, परिश्रम और आत्मविश्वास का है पुरस्कार सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को मिल रहे आगे बढ़ने के बेहतर अवसर बेटियों को अवसर मिलने से परिवार और समाज दोनों होते हैं सशक्त प्रदेश में शिक्षा का बजट बढ़कर हुआ 38 हजार करोड़ रुपये युवाओं के सामर्थ्य से साकार होगा विकसित मध्यप्रदेश और विकसित भारत का सपना मुख्यमंत्री स्कूटी योजना अंतर्गत 7,400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को मिली स्कूटी की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेधावी विद्यार्थियों से किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विद्यार्थियों की मेहनत और उपलब्धियों को पुरस्कृत करना परिवार , समाज और सरकार का दायित्व है। विद्यार्थियों के सपनों को पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। आर्थिक कठिनाइयों अथवा संसाधनों की कमी के कारण किसी भी प्रतिभावान विद्यार्थी की प्रगति नहीं रुकनी चाहिए। मेधावी विद्यार्थियों को प्रदान की जा रही स्कूटी केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा और परिश्रम के पुरस्कार के साथ आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रोत्साहन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के सुभाष स्कूल में शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा-12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री स्कूटी योजना अंतर्गत स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कक्षा 12 वीं में प्रथम प्रयास में ही 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक के साथ स्कूल में प्रथम स्थान पर आना जरूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा शनिवार को समारोहपूर्वक प्रदेश के 7400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की गई। कक्षा की सफलता से कैरियर के सपनों तक, विद्यार्थियों को सतत प्रोत्साहन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री स्कूटी योजना उन विद्यार्थियों के परिश्रम और प्रतिभा का सम्मान है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अध्ययन कर के बीच अपने परिवार और समाज को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार विद्यार्थियों को नि:शुल्क किताबें, गणवेश और साइकिलें भी उपलब्ध करा रही है, ताकि आर्थिक परिस्थितियां उनकी पढ़ाई में बाधा न बनें। आज प्रदेश के बच्चे पढ़-लिखकर पारंपरिक व्यवसायों और खेती-किसानी में भी नई संभावनाएं तलाश रहे हैं। कई विद्यार्थी एग्रीकल्चर स्टार्ट-अप शुरू कर परिवार की आय बढ़ाने का सपना देख रहे हैं। आधुनिक तकनीक और नवाचार से कृषि को लाभ का बेहतर माध्यम बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और भविष्य के प्रति उनकी स्पष्ट सोच की सराहना करते हुए कहा , हमारे लिए प्रसन्नता की बात है कि किसान और सामान्य परिवारों से आने वाले विद्यार्थी भी आज चार्टेड एकांटेंट, चिकित्सक, अधिवक्ता, कृषि वैज्ञानिक और उद्यमी बनने के सपने देख रहे हैं। विद्यार्थियों की यह सोच नए और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की पहचान है। देश और प्रदेश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने के साथ उन्हें साकार करने के लिए परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। बेटियों को स्कूटी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेटियों को शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिलने से केवल उनका जीवन नहीं बदलता, बल्कि पूरे परिवार और समाज का वातावरण सकारात्मक बनता है। मेधावी बेटियों को स्कूटी मिलने से उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने की राह अधिक सुगम होगी। राज्य सरकार विद्यार्थियों को न्यूनतम आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर और समर्थ बनाना चाहती है। राज्य सरकार शिक्षा, विद्यार्थियों और प्रदेश के सर्वांगीण विकास को दे रही है सर्वोच्च प्राथमिकता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के विस्तार और गुणवत्ता सुधार के लिए बजट में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। आजादी के बाद 1956 में मध्यप्रदेश की स्थापना हुई। राज्य का कुल बजट 55 साल में केवल 22 हजार करोड़ रुपए था और वर्ष 2002-03 तक स्कूल शिक्षा विभाग का बजट मात्र 2600 करोड़ रुपए था। हमारी सरकार ने वर्ष 2025-26 में कुल 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया , इसमें स्कूल शिक्षा के लिए 38 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान है। यह वृद्धि बताती है कि राज्य सरकार शिक्षा, विद्यार्थियों और प्रदेश के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर काम कर रही है। सांदीपनि विद्यालय सुविधाओं और पढ़ाई में निजी स्कूलों को पीछे छोड़ रहें हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 2002-03 तक प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉप आउट दर 16 प्रतिशत थी, जो वर्तमान में शून्य हो चुकी है। प्रदेश में सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय खोले जा रहे हैं, जो सुविधाओं और पढ़ाई के मामले में निजी स्कूलों को भी पीछे छोड़ रहे हैं। इन विद्यालयों में आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। अब बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट में 50 प्रतिशत विद्यार्थी सांदीपनि और शासकीय स्कूलों से आ रहे हैं। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए तैयार करना और उन्हें उनकी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने के अवसर देना है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहा है डिजिटल सुविधाओं का विस्तार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कठिनाई के दौर से निकले और तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। हम सबने 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक जन्मोत्सव मनाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनधन खातों, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी), डिजिटल भुगतान व्यवस्था और कोविड-19 टीकाकरण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डीबीटी के माध्यम से सरकारी योजनाओं की सहायता सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। सभी चुनौतियों से निपटने के लिए सक्षम है भारत की युवा शक्ति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश-प्रदेश का भविष्य युवाओं के हाथों में है। हमारे बच्चे पढ़-लिखकर सीए बनना चाहते हैं, यह देश की निरंतर बेहतर होती अर्थव्यवस्था का संकेत है। भारत आज दुनिया में चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है, कुछ वर्षों में भारत, दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनकर … Read more

नियुक्ति पत्र मिलते ही चेहरे पर आई खुशी, अभ्यर्थियों ने कहा- पारदर्शी तरीके से मिली नौकरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर खिले अभ्यर्थियों के चेहरे, बोले- बिना भेदभाव मिली नौकरी योगी सरकार में मेहनत को मिला मुकाम, लगनशील अभ्यर्थियों को मिले नियुक्ति पत्र अभ्यर्थियों ने एक स्वर में कहा- निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती से साकार हुआ सरकारी नौकरी का सपना लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए युवाओं को सरकारी नौकरी मिलने का सिलसिला जारी है। शनिवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। युवाओं ने एक स्वर में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मेहनत का फल आज उन्हें मिला है। नियुक्ति पत्र पाने वाले अभ्यर्थियों ने कहा कि इस सरकार में बिना किसी भेदभाव और लेनदेन के चयन प्रक्रिया पूरी हुई है। युवाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकारी नौकरी का उनका सपना साकार हुआ है। फॉर्म भरने में खर्च हुए मात्र 150 रुपये, मिल गई सरकारी नौकरी अयोध्या निवासी एक्सरे टेक्नीशियन पद पर चयनित प्रिंस सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके और परिवार के लिए सौभाग्य की बात है। पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रही और किसी तरह का भेदभाव या लेनदेन नहीं हुआ। फॉर्म भरने में केवल 150 रुपये खर्च हुए थे, इसके अलावा एक भी रुपया नहीं लगा। उन्होंने कहा कि मात्र 150 रुपये में नौकरी मिलना योगी सरकार में ही संभव है। मेहनत करने वालों को मिल रहा हक होम्योपैथिक फार्मासिस्ट पद पर चयनित आकाश शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर बेहद खुशी हो रही है। पिछली बार 400 और इस बार 393 रिक्तियां निकलना बड़ी बात है। इससे दूसरे अभ्यर्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब भर्तियों की जानकारी समय से मिल रही है, जिससे युवा आवेदन कर तैयारी कर पा रहे हैं। यह नियुक्ति उन लोगों के लिए सबक है जो पहले नियुक्तियों में गड़बड़ी कर अभ्यर्थियों का हक मारते थे। वाराणसी निवासी होम्योपैथिक फार्मासिस्ट साक्षी सिंह ने कहा कि पूरी पारदर्शिता के साथ नियुक्ति हुई है। जिन्होंने मेहनत की, उन्हें नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि और सपना साकार होने जैसा है।  योगी सरकार में दूसरी बार नियुक्ति पत्र पाने का सौभाग्य मिला बलरामपुर निवासी एक्सरे टेक्नीशियन पद पर चयनित शिव शंकर ने कहा कि योगी सरकार में दूसरी बार नियुक्ति पत्र पाने का सौभाग्य मिला है। इस प्रक्रिया में किसी तरह का पैसा नहीं लगा। शिव शंकर ने बताया कि वर्ष 2015 में भी उनका चयन हुआ था, लेकिन इंटरव्यू में छांट दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय इंटरव्यू में पैसे चले थे, जिसके कारण उनकी नियुक्ति नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने इंटरव्यू हटा दिया है और पूरी ईमानदारी से नियुक्तियां हो रही हैं। पहले की सरकारों में पैसे देने वालों को नौकरी मिलती थी, जबकि आज पढ़ने-लिखने वाले छात्रों को अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर परिवार गौरवान्वित सहारनपुर निवासी होम्योपैथिक फार्मासिस्ट आराधना चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उनका पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रही और कहीं भी गलत तरीके से काम नहीं हुआ। इसी पर चयनित प्रिंसी गुप्ता ने कहा कि उन्हें मेहनत के आधार पर नौकरी मिली है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना बेहद खास पल है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। वहीं होम्योपैथिक फार्मासिस्ट पल्लवी देवी ने कहा कि वह दो साल से तैयारी कर रही थीं। आज उनकी मेहनत का फल मिल गया है। उन्होंने पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को निष्पक्ष बताया। योगी सरकार में ईमानदारी से काम हो रहा गोरखपुर निवासी डॉ. सफिया बानो का चयन प्रवक्ता यूनानी के पद पर हुआ है। उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया 15 महीने में पूरी हो गई। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में ईमानदारी से काम हो रहा है और नियुक्तियां पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न हो रही हैं।

आसमान में दिखा शौर्य का नजारा, मेरठ में पहली बार सूर्यकिरण एयर शो का आयोजन

गरजा आसमान, थम गईं निगाहें, सूर्यकिरण ने मेरठ में लिखी शौर्य की नई इबारत सेवा संकल्प अभियान के तहत पहली बार क्रांतिधरा में हुआ एयर शो, नौ हॉक जेट की कलाबाजियों ने हजारों दर्शकों को किया रोमांचित तिरंगे की लकीरों से सजा आसमान, मेरठ के तीन जांबाजों ने वायुसेना के प्रदर्शन में जोड़ा शहर का गौरव मेरठ,   एक साथ नौ लड़ाकू विमान। देखते ही देखते बदलते फॉर्मेशन। कभी जमीन को छू लेने जैसी उड़ान तो कभी आसमान में उल्टी कलाबाजी। फिर दो विमान आमने-सामने बढ़े और पलक झपकते एक-दूसरे को क्रास करते निकल गए। शनिवार को मोहिउद्दीनपुर स्थित न्यू इंटीग्रेटिड टाउनशिप में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम ने पहली बार मेरठ के आसमान को अपना प्रदर्शन मंच बनाया तो हजारों लोगों की निगाहें ऊपर टिक गईं। हॉक एमके-132 विमानों की गर्जना के बीच आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की लकीरें उभरीं और पूरा माहौल वंदेमातरम् के उद्घोष के साथ राष्ट्रभक्ति से भर उठा। केंद्र और प्रदेश की योगी सरकार की पहल पर सेवा संकल्प अभियान के तहत हुए इस ऐतिहासिक एयर शो में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई रोमांच से भर गया। हिंडन एयरबेस से उड़ान भरकर नौ हॉक जेट विमान सुबह करीब 10 बजकर 25 मिनट पर मेरठ के आसमान में पहुंचे। मैदान में मौजूद दर्शकों ने तालियों तथा जय हिंद और वंदेमातरम के उद्घोष से इन विमानों का स्वागत किया। इससे पहले सुबह साढ़े सात बजे से ही न्यू इंटीग्रेटेड टाउनशिप में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। दर्जनभर से अधिक स्कूलों के छात्र, एनसीसी कैडेट्स और एनएसएस स्वयंसेवक इस रोमांचकारी क्षण का साक्षी बनने पहुंचे। परिवारों के साथ चिकित्सक, व्यापारी और उद्यमियों ने भी इस ऐतिहासिक प्रदर्शन का आनंद लिया। पलक झपकते बदलते रहे फॉर्मेशन सूर्यकिरण के विमानों ने आसमान में ऐसा तालमेल दिखाया कि हर करतब के साथ दर्शकों की तालियां तेज होती गईं। नौ विमानों ने पहले वी-आकार में उड़ान भरी, फिर अलग-अलग दिशाओं में बिखरते हुए अगले ही पल दोबारा सटीक फॉर्मेशन बना लिया। लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और डीएनए मैन्यूवर ने रोमांच बढ़ाया। करीब 100 से 150 फीट की ऊंचाई पर विमानों की सटीक उड़ान देखकर लोग सांस थामे रहे। दो जेट आमने-सामने बढ़े और ऐन वक्त पर एक-दूसरे को क्रास करते हुए निकल गए तो मैदान तालियों से गूंज उठा। विमानों के पीछे केसरिया, सफेद और हरे रंग की लकीरों ने आसमान को तिरंगे में रंग दिया। इन स्मोक पॉड्स को नासिक स्थित वायुसेना के बेस रिपेयर डिपो में विकसित किया गया है। हवाई करतबों के बीच तिरंगे की यह छटा बच्चों के लिए खास आकर्षण रही। तिरंगे की छटा के साथ मेरठ के तीन जांबाजों ने बढ़ाया गौरव मेरठ में हुए इस एयर शो का शहर से सीधा जुड़ाव भी रहा। सूर्यकिरण एयरोबैटिक टीम में मेरठ के तीन स्क्वाड्रन लीडर शामिल हैं। स्क्वाड्रन लीडर अमन गोयल और राहुल सिंह ने आसमान में हॉक जेट उड़ाते हुए करतब दिखाए, जबकि स्क्वाड्रन लीडर शरद गोयल ने जमीन से पूरे प्रदर्शन के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली। अपने शहर के तीन जांबाजों को इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बना देखकर दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया। योगी सरकार के सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस आयोजन ने मनोरंजन से आगे बढ़कर युवाओं को राष्ट्रसेवा और अनुशासन का संदेश दिया। स्कूली बच्चों ने भारतीय वायुसेना की क्षमता, साहस और तकनीकी दक्षता को प्रत्यक्ष देखा। ऐसे आयोजनों के जरिए युवाओं में देश के प्रति जिम्मेदारी और रक्षा सेवाओं के प्रति रुचि बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। 1996 में बनी सूर्यकिरण, 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा सूर्यकिरण भारतीय वायुसेना की एयरोबैटिक प्रदर्शन टीम है और 52वें स्क्वाड्रन का हिस्सा है। इसकी स्थापना 1996 में हुई थी। टीम में 13 पायलट होते हैं, जबकि प्रदर्शन के दौरान नौ पायलट एक साथ उड़ान भरते हैं। लड़ाकू विमान उड़ाने का अनुभव रखने वाले पायलटों को टीम के लिए चुना जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी हवाई कलाबाजियों से दर्शकों को रोमांचित कर चुकी सूर्यकिरण का मेरठ में यह पहला प्रदर्शन था। राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के अनुसार, मेरठ में एयर शो के आयोजन का प्रस्ताव 13 मई को भेजा गया था और 8 सितंबर को इसे आधिकारिक मंजूरी मिली। छात्र-छात्राओं में रोमांच, हर पल मोबाइल में कैद करने की होड़ सूर्य किरण के विमानों ने जैसे ही आसमान में फॉर्मेशन बदला, स्कूली बच्चों में उत्साह की लहर दौड़ गई। कोई हाथ हिलाकर पायलटों का अभिवादन कर रहा था तो कोई मोबाइल कैमरा आसमान की ओर किए हर करतब रिकॉर्ड करने में जुटा था। एयर शो देखने आए अनुभव ने कहा, पहली बार इतनी नजदीक से लड़ाकू विमानों को उड़ते देखा। जब दो विमान आमने-सामने आए तो सच में सांस रुक गई। अब वह भी वायुसेना में कैरियर बनाना चाहते हैं। छात्रा अनन्या बोलीं, योगी सरकार ने युवाओं को वायुसेना से परिचित कराकर उनमें जोश भर दिया है। तिरंगे के रंगों वाली लकीरों के बीच विमानों की उड़ान देखकर बहुत गर्व हुआ। यह दिन स्कूल में पढ़े किसी भी अध्याय से ज्यादा याद रहेगा। युवाओं में हर रोमांचक पल को कैमरे में सहेजने की होड़ रही। ट्रैफिक-पार्किंग-पेयजल समेत पुख्ता रही समस्त व्यवस्था कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष इंतजाम किए। वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गई, जबकि दर्शकों की सुविधा के लिए पेयजल उपलब्ध कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने के लिए मोहिउद्दीनपुर के आसपास 10 नॉटिकल मील यानी करीब 18.5 किलोमीटर क्षेत्र को 21 सितंबर तक अस्थायी रेड और नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में ड्रोन, रिमोट संचालित विमान, हॉट एयर बैलून और अन्य यूएवी उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। एयर शो के दौरान राज्यसभा सांसद डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी, जिलाधिकारी डॉ वीके सिंह, सीडीओ नुपूर गोयल, एडीएम सिटी, नगरायुक्त समेत सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

किसान की बेटी बनी प्रोफेसर, बोलीं- पारदर्शी चयन से युवाओं में बढ़ा भरोसा

नियुक्ति पत्र पाकर खिले चेहरे, अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी का जताया आभार   किसान की बेटी बनी प्रोफेसर, बोलीं- निष्पक्ष और पारदर्शी चयन ने युवाओं में भरा नया भरोसा   फार्मासिस्ट और एक्स-रे टेक्नीशियन ने कहा- योग्यता के आधार पर मिली नौकरी, पूरी निष्ठा से निभाएंगे जिम्मेदारी   लखनऊ  लोकभवन सभागार में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) एवं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा विभिन्न विभागीय पदों पर चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर नवचयनित अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए उनका आभार जताया। किसी ने किसान परिवार से निकलकर प्रोफेसर बनने की अपनी यात्रा साझा की तो किसी ने बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार का अवसर मिलने के लिए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। अभ्यर्थियों ने कहा कि योग्यता के आधार पर हुए चयन से युवाओं में मेहनत के बल पर सरकारी सेवा में आने का भरोसा बढ़ा है।   किसान की बेटी बोलीं- निष्पक्ष चयन से युवाओं में नई ऊर्जा हाथरस की डॉ. रेखा पलावत का लोक सेवा आयोग से प्रोफेसर शल्य तंत्र के पद पर चयन हुआ है। मुख्यमंत्री से संवाद में उन्होंने कहा कि उनके पिता किसान हैं और वह मध्यमवर्गीय परिवार से आती हैं। माता-पिता के कठिन परिश्रम से वह इस मुकाम तक पहुंची हैं। उन्होंने आवेदन से चयन और नियुक्ति तक की प्रक्रिया कम समय में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी और आयुष मंत्री का आभार जताया।   डॉ. रेखा ने कहा कि मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशन में योग्यता के आधार पर परिणाम आने से अभ्यर्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह आया है। अब युवाओं में यह विश्वास है कि सच्चे मन से मेहनत करेंगे तो सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री को भरोसा दिलाया कि मिली जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाएंगी।   अंशु ने मुख्यमंत्री को दिया पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का श्रेय लखनऊ की अंशु गुप्ता का चयन होम्योपैथिक फार्मासिस्ट के पद पर हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने अपनी खुशी साझा करते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली का श्रेय उन्हें दिया। अंशु ने कहा कि वर्ष 2022 से 2026 तक 800 से अधिक होम्योपैथिक फार्मासिस्टों का चयन हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को विश्वास दिलाया कि अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा और ईमानदारी से पालन करेंगी।   बेटियों को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार के लिए जताया आभार एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर चयनित सरिता सोनी ने मुख्यमंत्री योगी और प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनकी नियुक्ति निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से हुई है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बेटियों को न केवल सुरक्षा और सम्मान से जीने का अवसर मिला है, बल्कि आगे बढ़ने के लिए रोजगार का अवसर भी मिला है। उन्होंने अपने दायित्व का निष्ठा और ईमानदारी से निर्वहन करने की बात कही।   लखनऊ के अनुराग गौतम का भी एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर चयन हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को दिल से धन्यवाद देते हुए पूरी निष्ठा से सेवा करने का भरोसा दिलाया।   निष्पक्ष चयन पर सचिन ने मुख्यमंत्री को कहा धन्यवाद भदोही के सचिन कुमार सिंह का उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से वायरमैन अनुदेशक के पद पर चयन हुआ है। उन्हें आलापुर, अंबेडकरनगर में तैनाती मिली है। उन्होंने निष्पक्ष और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया और मिली जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाने की बात कही।   प्रयागराज के महेश कुमार यादव का चयन प्लंबर अनुदेशक के पद पर हुआ है। उन्हें गोंडा में तैनाती मिली है। उन्होंने भी नियुक्ति मिलने पर आभार जताते हुए अपने दायित्व का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का भरोसा दिया।   पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया को दिया सफलता का श्रेय उद्योग विभाग में सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर चयनित दिलीप कुमार पांडे ने कहा कि उनकी सफलता केवल उनकी मेहनत का परिणाम नहीं है। इसमें माता-पिता, शिक्षकों और उत्तर प्रदेश सरकार की पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया का भी योगदान है। उन्होंने इस दिन को अपने लिए ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री का हृदय से आभार जताया।   सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर चयनित यशवंत सिंह ने भी नियुक्ति मिलने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।   इन्हें मुख्यमंत्री के हाथों मिले नियुक्ति पत्र आयुष विभाग में डॉ. सुधीर चौहान को प्रोफेसर होम्योपैथ, आराधना चौधरी, रोशनी, प्रिंसी गुप्ता, साक्षी सिंह, पल्लवी देवी और आकाश शुक्ला को फार्मासिस्ट होम्योपैथ, डॉ. हिमानी और डॉ. रोमा आनंद को रीडर आयुर्वेद तथा डॉ. सफिया बानो और डॉ. मोहम्मद कासिफ को प्रवक्ता यूनानी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।   चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में प्रिंस सिंह, पंकज कुमार वर्मा, शिवानंद शुक्ल, मोहम्मद अफरोज, ट्विंकल पटेल, सरिता सोनी, सविता देवी और अनुराग गौतम को एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर नियुक्ति पत्र मिले। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में तृप्ति श्रीवास्तव और ललित कुमार वर्मा को सहायक सांख्यिकी अधिकारी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

आपदा प्रभावितों के लिए योगी सरकार की पहल, 18 सितंबर तक 249.76 करोड़ रुपये की मदद

01 अप्रैल से 18 सितंबर तक आपदाओं से प्रभावित लोगों को दी गई 249.76 करोड़ रुपये की सहायता आपदा प्रभावितों को शीघ्र राहत देने के लिए योगी सरकार की संवेदनशील पहल किसानों की फसल, क्षतिग्रस्त मकानों और पशुहानि के मामलों में भी प्रभावित परिवारों को जल्द मिली आर्थिक मदद लखनऊ  उत्तर प्रदेश में विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों और परिवारों को समय पर राहत पहुंचाने के लिए योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में अतिवृष्टि, वज्रपात, सर्पदंश, बाढ़, मानव-वन्यजीव द्वंद्व, ओलावृष्टि, डूबने की घटनाओं, अग्निकांड और आंधी-तूफान जैसी विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, 01 अप्रैल 2026 से 18 सितंबर 2026 तक विभिन्न आपदाओं से बचाव और राहत के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों को अलग-अलग मदों में कुल 249.76 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है।  राज्य सरकार की ओर से घोषित विभिन्न आपदाओं में राहत के लिए अब तक 206.19 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं, ओलावृष्टि से हुए नुकसान के सापेक्ष राहत के लिए 111.67 करोड़ रुपये, बाढ़ राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 114.04 करोड़ रुपये और अग्निकांड से प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए 36.85 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सरकार की ओर से अलग-अलग आपदाओं की प्रकृति और नुकसान के अनुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जा रही है। जनहानि से प्रभावित परिवारों को 156.92 करोड़ रुपये की सहायता वज्रपात, सर्पदंश, डूबने, आंधी-तूफान, मानव-वन्यजीव द्वंद्व, अग्निकांड और अतिवृष्टि से हुई जनहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों और परिजनों को भी राहत सहायता दी गई है। ऐसे मामलों में अब तक 156.92 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। फसल क्षति के लिए 1.16 लाख किसानों को 72.31 करोड़ रुपये वितरित योगी सरकार की राहत व्यवस्था में किसानों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। ओलावृष्टि, बाढ़, अतिवृष्टि और अग्निकांड से प्रभावित 1,16,000 किसानों की फसल क्षति के सापेक्ष अब तक 72.31 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने से प्रभावित किसानों को इस सहायता से आर्थिक राहत मिली है। इसी तरह बाढ़, अतिवृष्टि, अग्निकांड, आंधी-तूफान और वज्रपात से क्षतिग्रस्त 23,595 मकानों के सापेक्ष प्रभावित लोगों को 15.09 करोड़ रुपये की राहत सहायता दी जा चुकी है। सरकार ने पशुहानि के मामलों में भी प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। अग्निकांड, वज्रपात, आंधी-तूफान, सर्पदंश और अतिवृष्टि से हुई कुल 1,519 पशुहानि के सापेक्ष 5.25 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की गई है। आपदाओं के दौरान घायल हुए लोगों को भी राहत सहायता प्रदान की गई है। आंधी-तूफान, ओलावृष्टि, अग्निकांड, वज्रपात और मानव-वन्यजीव द्वंद्व से घायल हुए कुल 183 लोगों को 19.90 लाख रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। इस प्रकार, 01 अप्रैल से 18 सितंबर 2026 तक प्रदेश में विभिन्न आपदाओं से प्रभावित लोगों और परिवारों को कुल 249.76 करोड़ रुपये की राहत सहायता वितरित की जा चुकी है। इसमें जनहानि से प्रभावित परिवारों, फसल क्षति झेलने वाले किसानों, मकान क्षति के मामलों, पशुहानि से प्रभावित लोगों और आपदाओं में घायल हुए लोगों को शामिल किया गया है। योगी सरकार की ओर से आपदा प्रभावितों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देना है। विभिन्न प्रकार की आपदाओं के लिए अलग-अलग मदों में धनराशि जारी करने और प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने की व्यवस्था के माध्यम से सरकार ने आपदा के बाद लोगों को संभालने और उनके नुकसान को कम करने पर जोर दिया है।

PM सूर्य घर योजना: पात्र उपभोक्ताओं को जल्द मिले लोन, आवेदनों की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश

पीएम सूर्य घर योजना में ऋण वितरण की गति बढ़ाने पर जोर पात्र उपभोक्ताओं के आवेदनों का समयबद्ध प्रक्रिया को किया जाए सुनिश्चित यूपी नेडा निदेशक ने पीएसयू बैंकों को दिए निर्देश लखनऊ उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सोलर रूफटॉप उपभोक्ताओं को समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूपी नेडा के निदेशक की अध्यक्षता में प्रमुख पीएसयू बैंकों, आरईसी, एसएलबीसी एवं संबंधित हितधारकों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।     यूपी नेडा के निदेशक रविन्दर सिंह ने सभी बैंकों को निर्देशित किया कि ऋण आवेदनों के अनावश्यक रिजेक्शन को न्यूनतम किया जाए। पात्र उपभोक्ताओं के आवेदनों का समयबद्ध प्रक्रिया एवं स्वीकृति सुनिश्चित किया जाए। स्वीकृत ऋण का शीघ्र वितरण किया जाए, ताकि रूफटॉप सोलर की स्थापना में देरी न हो। लंबित मामलों की नियमित बैंकवार समीक्षा कर उनका शीघ्र निस्तारण किया जाए। बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लंबित ऋण आवेदनों, ऋण स्वीकृति, दस्तावेजी प्रक्रिया एवं ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई।      पीएम सूर्य घर योजना के पोर्टल एवं जन सार्मथ्य से संबंधित प्रक्रियात्मक समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान किया जाए। बैठक में एसएलबीसी के माध्यम से बैंकों के साथ नियमित समन्वय एवं लंबित प्रकरणों की मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। आरईसी एवं संबंधित हितधारकों से बैंकिंग प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान में सहयोग का आग्रह किया गया।     इससे पूर्व,  बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लंबित ऋण आवेदनों, ऋण स्वीकृति, दस्तावेजी प्रक्रिया एवं ऋण वितरण की स्थिति की समीक्षा की गई। यूपी नेडा का उद्देश्य है कि सौर ऊर्जा अपनाने के इच्छुक प्रत्येक पात्र परिवार को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध ऋण सुविधा उपलब्ध हो, जिससे उत्तर प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर स्थापना की गति और तेज हो सके।     बैठक में भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया,.इंडियन बैंक, यूको बैंक सहित प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों तथा एसएलबीसी एवं आरईसी के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बांग्लादेश में सिलसिलेवार 7 ब्लास्ट से सनसनी, 200 स्थानों पर देसी बमों का खौफ

ढाका  बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक के बाद एक हुए कई धमाकों और आगजनी की घटनाओं ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है. शहर के अलग-अलग 7 प्रमुख इलाकों में देसी बम यानी कॉकटेल बम के धमाके हुए एक बस फूंक दी गई है. इन अचानक हुई वारदातों के बाद ढाका में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. हालात पर काबू पाने और उपद्रवियों को पकड़ने के लिए ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने शहरभर में 200 से भी ज्यादा नाके लगा दिए हैं. पुलिस की गाड़ियां हर सड़क पर गश्त कर रही हैं और आने-जाने वाली गाड़ियों की कड़ी तलाशी ली जा रही है. सुरक्षा के इस कड़े घेरे के बीच पुलिस उन चेहरों की तलाश में जुटी है जिन्होंने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया है।  7 अलग-अलग इलाकों में धमाके और दहशत का माहौल ढाका शहर में यह दहशत किसी एक जगह तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक साथ कई इलाकों को निशाना बनाया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर के कम से कम 7 बड़े और व्यस्त इलाकों में धमाके सुने गए. इनमें मालीबाग, मोहाखाली, अगरगांव, जात्राबारी, मोगबाजार, बाबूबाजार और रामपुरा जैसे इलाके शामिल हैं. इसके अलावा ढाका कॉलेज और साइंस लैबोरेटरी के पास भी एक धमाके की खबर सामने आई है. इन धमाकों में कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. धमाकों की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि काफरुल पुलिस स्टेशन के पास खड़ी एक बस में उपद्रवियों ने आग लगा दी. धुएं के गुबार और जलती बस की तस्वीरों ने लोगों के मन में डर का माहौल पैदा कर दिया।  पूरा शहर बना छावनी, 200 से ज्यादा जगहों पर नाकेबंदी धमाकों और आगजनी की इस श्रृंखला के बाद ढाका पुलिस तुरंत हरकत में आ गई. शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे ढाका में पुलिस की मौजूदगी अचानक बढ़ा दी गई है. ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (DMP) के मीडिया एंड पब्लिक रिलेशंस विंग के अतिरिक्त उप आयुक्त नियाज मेहदी ने बताया कि इन घटनाओं के बाद जनता की सुरक्षा को देखते हुए शहरभर में 200 से अधिक चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं. पुलिस हर छोटी-बड़ी गाड़ी को रोककर उसकी जांच कर रही है. क्या आप जानते हैं कि इतनी बड़ी संख्या में नाके लगाने का मकसद सिर्फ संदिग्धों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि आम लोगों के बीच सुरक्षा का अहसास कायम करना भी है? पुलिस की टीमें चौबीसों घंटे गश्त कर रही हैं और पूरे शहर पर कड़ी नजर रखी जा रही है।  24 घंटे में 515 लोग गिरफ्तार, क्या धमाकों से जुड़ा है कनेक्शन? घटना के बाद पुलिस ने सिर्फ नाकेबंदी ही नहीं की, बल्कि पूरे शहर में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन भी शुरू कर दिया. पिछले 24 घंटों के दौरान (सुबह 10 बजे तक) ढाका पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 515 लोगों को गिरफ्तार किया है और 47 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं. हालांकि पुलिस का स्पष्ट कहना है कि यह आंकड़े पूरे शहर में चलाए गए एक व्यापक पुलिस अभियान के हैं और गिरफ्तार किए गए सभी लोग सीधे तौर पर इन बम धमाकों या आगजनी से जुड़े हों, ऐसा जरूरी नहीं है. लेकिन इस कार्रवाई से यह साफ है कि पुलिस किसी भी कीमत पर शहर का माहौल खराब नहीं होने देना चाहती।  किस इलाके से पकड़े गए कितने आरोपी? देखें पूरा ब्योरा पुलिस की इस विशाल कार्रवाई का ब्योरा देखें तो पता चलता है कि ढाका का कोई भी हिस्सा जांच से अछूता नहीं रहा. अलग-अलग डिवीजनों में हुई गिरफ्तारियों के आंकड़े पुलिस की सख्ती को बयां करते हैं:         मीरपुर डिवीजन: यहां सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई और 120 लोगों को हिरासत में लिया गया.         तेजगांव डिवीजन: दूसरे नंबर पर तेजगांव रहा, जहां से 92 लोगों की गिरफ्तारी हुई.         मोतीझील डिवीजन: इस इलाके से पुलिस ने 76 लोगों को पकड़ा.         वारी डिवीजन: यहां पुलिस ने 64 लोगों को गिरफ्तार किया.         उत्तरा डिवीजन: इस क्षेत्र से 46 संदिग्ध पुलिस की गिरफ्त में आए.         गुल्शन डिवीजन: यहां से 37 लोगों को हिरासत में लिया गया.         लालबाग डिवीजन: इस इलाके से 34 लोगों को पकड़ा गया.         रमना डिवीजन: यहां 30 लोगों की गिरफ्तारी दर्ज की गई.         डिटेक्टिव ब्रांच (DB): इसके अलावा पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच ने भी अलग से कार्रवाई करते हुए 16 लोगों को गिरफ्तार किया. हथियारों का जखीरा बरामद, 53 लोहे की कीलों से खुला राज इस तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को सिर्फ संदिग्ध ही नहीं मिले, बल्कि भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है. पुलिस ने छापेमारी के दौरान 2 विदेशी पिस्टल, 2 मैगजीन और 10 राउंड जिंदा कारतूस जब्त किए हैं. इसके अलावा 3 बड़े कुल्हाड़े (मछेटे) और 5 चाकू भी बरामद किए गए हैं. लेकिन सबसे चौंकाने वाला खुलासा फटे हुए कॉकटेल बमों के मलबे से हुआ. पुलिस को धमाके की जगहों से 53 लोहे की कीलें मिली हैं. इन कीलों से यह साफ पता चलता है कि इन बमों को बहुत ही देसी और खतरनाक तरीके से तैयार किया गया था ताकि वे फटने पर ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचा सकें. हालांकि, पुलिस ने अभी तक इसके फोरेंसिक ब्योरे को पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया है और न ही यह पुष्टि की है कि ये कीलें सभी 7 धमाकों से जुड़ी हैं या नहीं।  नशीले पदार्थों और नकदी की बड़ी बरामदगी सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस के हाथ सिर्फ हथियार ही नहीं लगे, बल्कि भारी मात्रा में ड्रग्स और अन्य सामान भी जब्त किया गया है. इस दौरान पुलिस ने 94.35 किलोग्राम गांजा, 11,167 याबा गोलियां और 121.3 ग्राम हेरोइन जब्त की. इसके साथ ही विदेशी शराब की 3 बोतलें, बियर के 20 कैन, एक प्राइवेट कार, 5 मोबाइल फोन और 7,200 टका नकद बरामद किए गए हैं. पुलिस की यह व्यापक कार्रवाई यह दर्शाती है कि शहर में आपराधिक तत्वों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छिड़ चुका है।  आरोपियों … Read more

पंजाब में AAP का चुनावी अभियान तेज, CM मान ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

लुधियाना. पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आम आदमी पार्टी ने लुधियाना से अपना चुनावी कैंपेन लॉन्च किया। पक्खोवाल रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी का चुनावी पम्पलेट जारी किया। सीएम ने कहा कि हमने जितनी गारंटी लोगों को दी उससे ज्यादा काम किया। उन्होंने कहा कि हमने सड़क सुरक्षा योजना के तहत सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) से हर साल 2700 लोगों की जान बचाई। इसकी तारीफ तो खुद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की। CM मान ने आगे कहा कि भाजपा-अकाली सरकारों के दौरान पंजाब में नशे की समस्या बढ़ी, अब वही लोग नशा विरोधी यात्रा निकाल रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी नशा खत्म करने के नाम पर लोगों से वोट मांगे थे, लेकिन पंजाब से नशा खत्म नहीं हुआ। सीएम भगवंत मान ने कहा कि 1 अक्तूबर को फिर से अगले 3 महीने की टूं-टूं होगी। महिलाओं को पैसे दिए जाएंगे। सभी विरोधियों ने भी फार्म भरे है लेकिन कह कुछ नहीं सकते। कभी विरोधियों ने नहीं खुलकर बताया कि उनका रोड मेप चुनाव में क्या है। पक्खोवाल रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी का चुनावी पम्पलेट जारी किया। पक्खोवाल रोड स्थित इंडोर स्टेडियम में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी का चुनावी पम्पलेट जारी किया। सिसोदिया बोले- भगवंत मान पर रब का हाथ इससे पहले पंजाब के AAP प्रभारी मनीष सिसोदिया ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र ने ईडी-सीबीआई भेजकर खूब कोशिश की कि इनका काम रुक जाए, लेकिन भगवंत मान पर रब का हाथ है। कोई उनका कुछ बिगाड़ नहीं सका। वहीं, कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि 2.68 लाख बूथ सदस्य सरकार के काम घर-घर पहुंचाएंगे और लोगों के मुद्दे सरकार तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि जो काम आप सरकार ने किए वो पिछली किसी सरकार ने नहीं किए। 25,332 बूथों तक पहुंचेगा संगठन AAP के मुताबिक पंजाब में 25,332 बूथ हैं और कैंपेन में 2,68,553 बूथ कमेटी सदस्य शामिल होंगे। कार्यकर्ता घर-घर जाकर सरकार के साढ़े चार साल के काम, योजनाओं और चुनावी गारंटियों की जानकारी देंगे। इसके साथ ही पार्टी का सदस्यता कैंपेन भी चलाया जाएगा। पार्टी ने कैंपेन को करीब एक महीने तक चलाने की बात कही है। 20 सितंबर से धूरी से घर-घर जाएंगे CM मान चुनावी कैंपेन के अगले चरण में मुख्यमंत्री भगवंत मान 20 सितंबर को धूरी में कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जाएंगे। इसके बाद बूथ कमेटियों के जरिए पूरे पंजाब में कैंपेन चलाया जाएगा। पार्टी का फोकस सरकार के काम और योजनाओं को सीधे मतदाताओं तक पहुंचाने पर रहेगा।