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कई केंद्रों पर देरी से शुरू हुई CUET परीक्षा, समय में बदलाव के बाद NTA का बड़ा अपडेट

नई दिल्ली  देश में पहले से ही मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट  को लेकर भारी घमासान मचा हुआ है और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी चौतरफा विवादों से घिरी है. इसी बीच, आज यानी 30 मई 2026 को एनटीए की एक और परीक्षा सीयूईटी यूजी 2026 के परीक्षा केंद्रों पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली. देश के कई परीक्षा केंद्रों पर सुबह की शिफ्ट का पेपर अपने तय समय पर शुरू नहीं हो सका, जिससे सेंटर्स के बाहर तपती धूप में खड़े उम्मीदवारों और उनके माता-पिता का गुस्सा फूट पड़ा. इस हंगामे के बाद आनन-फानन में एनटीए को आधिकारिक नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देना पड़ा है।  एनटीए ने अपने ऑफिशियल नोटिस में स्वीकार किया है कि सीयूईटी यूजी परीक्षा कराने वाली टेक्निकल पार्टनर कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (M/s TCS) के एंड पर एक बड़ी तकनीकी खराबी आ गई थी. इस तकनीकी गड़बड़ी के कारण सुबह की शिफ्ट की परीक्षा में देरी हुई. इस बड़ी चूक का सीधा असर अब दोपहर की शिफ्ट पर भी पड़ा है, जिसके चलते एनटीए को दोपहर के सत्र के समय में बड़ा बदलाव करना पड़ा है. एजेंसी ने इस असुविधा के लिए छात्रों और अभिभावकों से खेद जताया है और भरोसा दिया है कि किसी भी उम्मीदवार का समय का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।  TCS के सर्वर में खराबी: अटकी सीयूईटी परीक्षा! भारत की ज्यादातर यूनिवर्सिटीज में सीयूईटी यूजी स्कोर के आधार पर एडमिशन मिलता है. आज, 30 मई को सीयूईटी परीक्षा शुरू होते ही टीसीएस के सिस्टम ने जवाब दे दिया. एनटीए ने बताया कि टीसीएस की तरफ से आई इस तकनीकी खराबी के कारण कुछ चुनिंदा सेंटर्स पर परीक्षा समय से शुरू नहीं हो सकी. कंप्यूटर स्क्रीन और सर्वर डाउन होने की वजह से छात्र अपनी सीटों पर बैठे इंतजार करते रहे. हालांकि, एनटीए का दावा है कि अब इस तकनीकी खराबी को पूरी तरह से ठीक कर लिया गया है और प्रभावित सेंटर्स पर परीक्षा दोबारा सुचारू रूप से शुरू करा दी गई है।  नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोपहर के सत्र के समय में बदलाव किया है और छात्रों के लिए एक जरूरी नोटिस जारी किया है। दोपहर के सत्र की परीक्षा 4 बजे से होगी शुरू एनटीए ने दोपहर के सत्र की परीक्षा को एक घंटा आगे बढ़ा दिया है। अब रिपोर्टिंग और एंट्री का समय दोपहर 2:30 बजे से तय किया गया है। परीक्षा शुरू होने का समय दोपहर 4:00 बजे से (पहले यह परीक्षा दोपहर 3:00 बजे शुरू होने वाली थी) निर्धारित किया गया है। शनिवार सुबह से ही देश के कई परीक्षा केंद्रों से छात्रों और अभिभावकों की शिकायतें आ रही थीं कि कंप्यूटर स्क्रीन काम नहीं कर रही हैं और लॉगिन करने में दिक्कत आ रही है। टीसीएस ने आधिकारिक तौर पर माना है कि उनकी तरफ से एक तकनीकी खराबी हुई थी, जिसकी वजह से सुबह का सत्र समय पर शुरू नहीं हो सका। सुबह की पाली के छात्रों को दिया जा रहा पूरा समय एनटीए ने आश्वासन दिया है कि सुबह के सत्र के जिन छात्रों की परीक्षा देरी से शुरू हुई थी, उन्हें पूरा समय दिया जा रहा है। छात्र अपना पूरा पेपर खत्म करने के बाद ही परीक्षा केंद्र से बाहर आ सकेंगे, ताकि किसी भी छात्र का नुकसान न हो। NTA ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर एनटीए ने छात्रों और अभिभावकों को हुई इस असुविधा के लिए खेद जताया है और कहा है कि अब इस तकनीकी समस्या को पूरी तरह सुलझा लिया गया है। यदि किसी छात्र को परीक्षा से जुड़ी कोई अन्य समस्या आ रही है, तो वे हेल्पलाइन नंबर +91-11-40759000 पर संपर्क कर सकते हैं।   दोपहर की शिफ्ट का समय बदला: अब 3 नहीं, 4 बजे से शुरू होगा पेपर सुबह की शिफ्ट में हुई इस देरी का सीधा असर दोपहर के सत्र पर पड़ा है. एनटीए ने तुरंत एडवाइजरी जारी कर दोपहर की शिफ्ट के समय को री-शेड्यूल कर दिया है. नए टाइमिंग के मुताबिक:     रिपोर्टिंग और एंट्री का समय: दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगा.     परीक्षा शुरू होने का समय: अब दोपहर 3:00 बजे के बजाय शाम 4:00 बजे से परीक्षा शुरू होगी. एनटीए ने सभी संबंधित परीक्षा केंद्रों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे नए टाइमिंग के हिसाब से ही उम्मीदवारों को एंट्री दें, जिससे सेंटर्स पर अफरा-तफरी का माहौल न बने।  सुबह वाले छात्रों को मिलेगा पूरा समय, बीच में निकलने पर रोक देरी से परेशान सुबह की शिफ्ट के उम्मीदवारों को राहत देते हुए एनटीए ने साफ किया है कि किसी भी उम्मीदवार के साथ नाइंसाफी नहीं होगी. तकनीकी खराबी के कारण जितना भी समय बर्बाद हुआ है, उसकी पूरी भरपाई ‘कंपनसेटरी टाइम’ (Compensatory Time) देकर की जा रही है. छात्रों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए निर्धारित पूरा समय दिया जाएगा. इसके साथ ही एनटीए ने सुरक्षा और गोपनीयता का हवाला देते हुए सख्त नियम लागू किया है कि सुबह की शिफ्ट का कोई भी उम्मीदवार अपना पेपर पूरा किए बिना या निर्धारित समय से पहले एग्जाम हॉल से बाहर नहीं निकल सकेगा।  एनटीए ने जताया खेद, हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी पहले से ही विश्वसनीयता के संकट से जूझ रही एनटीए ने इस घटना के तुरंत बाद उम्मीदवारों और अभिभावकों को हुई मानसिक परेशानी और असुविधा के लिए खेद प्रकट किया है. इसके साथ ही, किसी भी तरह की शंका, शिकायत या मदद के लिए एनटीए ने हेल्पलाइन नंबर और आधिकारिक ईमेल आईडी भी जारी की है. उम्मीदवार और पेरेंट्स किसी भी अपडेट के लिए ऑफिशियल वेबसाइट पर नजर बनाए रख सकते हैं:     हेल्पलाइन नंबर: +91-11-40759000     ऑफिशियल ईमेल: cuet-ug@nta.ac.in     ऑफिशियल वेबसाइट: https://cuet.nta.ac.in कई केंद्रों से परीक्षा रद्द होने की सूचना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एनटीए के ट्वीट के नीचे कमेंट सेक्शन में कई उम्मीदवार आज की सीयूईटी यूजी परीक्षा रद्द होने की जानकारी दे रहे हैं. इन उम्मीदवारों ने कमेंट में लिखा है कि नोएडा के सेक्टर 64 समेत कई केंद्रों में परीक्षा शुरू ही नहीं हुई।  कई अभिभावकों का कहना है कि जो सीयूईटी यूजी परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होकर 10.30 बजे खत्म होनी थी, वो शायद अब तक शुरू … Read more

सोनारपुर में Abhishek Banerjee के काफिले पर हमला, कपड़े फाड़ने तक पहुंची हिंसा

सोनारपुर  पश्चिम बंगाल के सोनारपुर इलाके में उस समय भारी राजनीतिक बवाल खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित तौर पर जानलेवा हमला कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, अभिषेक बनर्जी सोनारपुर में हाल ही में हुई चुनावी हिंसा में घायल हुए टीएमसी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने और उनका हालचाल जानने पहुंचे थे। लेकिन उनके वहां पहुंचते ही माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और देखते ही देखते हिंसक झड़प शुरू हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि जैसे ही अभिषेक बनर्जी का काफिला सोनारपुर पहुंचा, वहां पहले से मौजूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ तीखी नारेबाजी शुरू कर दी, जो कुछ ही पलों में हिंसक मारपीट में बदल गई। उग्र भीड़ ने टीएमसी सांसद पर अंडे फेंके और उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिसमें अभिषेक बनर्जी की शर्ट तक फट गई। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई थी कि सुरक्षाकर्मियों को अभिषेक बनर्जी के सिर को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें आनन-फानन में हेलमेट पहनाना पड़ा और किसी तरह सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के दौरान, स्थानीय लोगों ने ने कथित तौर पर बनर्जी के खिलाफ चोर चोर के नारे लगाए। घटनास्थल से मिले दृश्यों में तनाव बढ़ने पर सुरक्षाकर्मी उन्हें घेरते और उनकी सुरक्षा करते हुए दिखाई दिए। इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह घटना भाजपा द्वारा प्रायोजित है। उन्होंने कहा, “यह सब भाजपा द्वारा प्रायोजित है। देखिए उन्होंने क्या किया है। यही उनका लोकतंत्र का उदाहरण है। अभी एक महीना भी नहीं बीता है और पुलिस का नामोनिशान नहीं है।” टीएमसी सांसद ने आगे कहा, “वे मुझे मार डालना चाहते थे। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। हम निश्चित रूप से हाई कोर्ट को इस बारे में जानकारी देंगे। हम राज्यपाल को भी इस बारे में अवगत कराएंगे। मैं निश्चित रूप से कोर्ट का रुख करूंगा। ये लोग मुझे जान से मारना चाहते थे: अभिषेकइस भीषण हमले के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने मीडिया के सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने अत्यंत आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, "ये लोग पूरी तैयारी के साथ आए थे और मुझे जान से मारना चाहते थे। भीड़ ने हमला करके मेरी शर्ट तक फाड़ दी। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इतने संवेदनशील मौके पर वहां एक भी पुलिसकर्मी तैनात नहीं था।" उन्होंने आगे कहा कि हेलमेट की वजह से आज उनका सिर बच गया, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। अभिषेक बनर्जी ने विपक्षी दलों को ललकारते हुए साफ किया कि टीएमसी इस तरह के कायराना हमलों से डरने वाली नहीं है और वे जनता के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। स्थानीय लोगों ने क्या कहा? स्थानीय लोगों ने कहा कि हम लोग मजदूर आदमी हैं. हम लोग कोई पार्टी के नहीं हैं. हम लोगों का रास्ता कभी नहीं बना. जितना पैसा आया, सब खा लिया. हम लोग आज भी परेशान हैं, इसलिए गुस्सा है. एक और शख्स ने कहा कि हम कोई बीजेपी नहीं करते. हम यहीं के रहने वाले हैं. हम दीघा के आदमी हैं. यहां दो कट्ठा जमीन लेकर रहते हैं।  अभिषेक के खिलाफ क्यों फूटा लोगों का गुस्सा? इस इलाके के सड़क का हाल बुहत खराब है. इस इलाके में करीब एक किलोमीटर तक सड़क की स्थिति बेहद खराब है. बारिश के दौरान यहां पानी भर जाता है।  लोगों का कहना है कि जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब कई बार उनसे गुजारिश की गई, आवेदन दिए गए कि सड़कें ठीक कराई जाएं और पानी की सप्लाई व्यवस्था सुधारी जाए. लेकिन लोगों का आरोप है कि उनकी समस्याओं पर कभी ध्यान नहीं दिया गया. उनके मुताबिक, किसी ने उनके बारे में नहीं सोचा।  इसी वजह से जब सांसद होने के नाते अभिषेक बनर्जी यहां पहुंचे, तो लोगों ने सवाल उठाया कि पंद्रह साल से सत्ता में रहने के बावजूद इस इलाके का विकास क्यों नहीं हुआ. इन्हीं मुद्दों को लेकर लोगों में गुस्सा था. उनके खिलाफ लगातार नारेबाजी की गई और उन पर अंडे भी फेंके गए।  'यह बीजेपी का प्रायोजित हमला, पुलिस गायब थी' इस हमले और तीखे विरोध के बाद उन्होंने विपक्ष पर सीधा निशाना साधा है. उन्होंने अपनी स्थिति दिखाते हुए मीडिया से कहा, "यह सब पूरी तरह से बीजेपी द्वारा प्रायोजित है. आप खुद देख सकते हैं कि आज मेरा क्या हाल किया गया है. यह इनके लोकतंत्र का असली नमूना है. सबसे बड़ी बात यह है कि मौके पर कहीं भी पुलिस दिखाई नहीं दे रही थी।  इस घटना के बाद पूरे सोनारपुर इलाके में भारी राजनीतिक तनाव पैदा हो गया है. टीएमसी जहां इसे विपक्षी दल की सोची-समझी साजिश बता रही है, वहीं दूसरी तरफ से इसे स्थानीय लोगों का गुस्सा कहा जा रहा है. फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। 

शुजालपुर में ऊर्जीकृत हुआ 200 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

मध्यप्रदेश ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ट्रांसमिशन योजना क्राइटेरिया का किया पालन शुजालपुर में ऊर्जीकृत हुआ 200 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर शुजालपुर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ट्रांसमिशन प्लानिंग क्राइटेरिया का पालन करते हुए शाजापुर जिले के  220 के वी सब स्टेशन शुजालपुर मे एक नया 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है। मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने सीईए की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करते  हुए इस ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत करने में सफलता प्राप्त की है। शाजापुर जिले की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी में हुई वृद्धि  एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता उज्जैन अनिल सक्सेना ने जानकारी दी कि इस क्षमता वृद्धि से शुजालपुर 220 के वी सब स्टेशन की क्षमता बढ़कर 793 एम वी ए की हो गई है, वहीँ शाजापुर जिले की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी बढकर 1926 एमवीए की हो गई है। शाजापुर जिले मे एमपी ट्रांसको अपने 11 सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है जिसमें 220 केवी के दो सब स्टेशन शुजालपुर, शाजापुर एवं 132 के वी के 9 सबस्टेशन पोलाइकलां, अरनिया कलां, मक्सी, बेरछा, मोहन बादोदिया,  कालापीपल, शुजालपुर,  शाजापुर,  पनवाडी  शामिल हैं।  

भीषण गर्मी के बीच मौसम का यू-टर्न, श्योपुर-शिवपुरी में ओले; 9 जिलों में तूफान की चेतावनी

भोपाल  मध्यप्रदेश में नौतपा की तपिश के बीच मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में एक साथ 4 ताकतवर मौसम प्रणालियाँ सक्रिय हैं, जो प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण मध्य पाकिस्तान से राजस्थान और मध्यप्रदेश होते हुए ओडिशा तक जाने वाली ट्रफ लाइन है। इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण मानसून को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। इन प्रणालियों के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के बीच अचानक धूलभरी आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मध्य प्रदेश में इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। बुंदेलखंड, बघेलखंड, चंबल से लेकर पूरा इलाका गर्म हवाओं, सीधी तीखी जलाने वाली धूप के कारण लाल हो रहा है। बीते 24 घंटों में खजुराहो और राजगढ़ में 46.5 और 46.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इसके अलावा दतिया में 45.7 डिग्री, मलाजखंड बालाघाट, नौगांव छतरपुर, दमोह और विदिशा में 45.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। रात में सिवनी और राजगढ़ में न्यूनतम तापमान ही 31 डिग्री तक पहुंच रहा है। एक दर्जन जिलों में वार्म नाइट का अलर्ट चल रहा है। मध्य प्रदेश में बीते एक महीने से भीषण गर्मी और झुलसाने वाली गर्मी 46-47 डिग्री तापमान और हीटवेव के बीच राहत मिलने की खबर सामने आई है। आईएमडी ने बताया कि पाकिस्तान से ओडिशा तक ट्रफ लाइन बनी है। मध्य पाकिस्तान से राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए आंतरिक ओडिशा तक 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक ट्रफ लाइन गुजरी है, जिससे प्रदेश में नमी और अस्थिरता बढ़ गई है। आसमान में बन रही इस ट्रफ लाइन के प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ धूलभरी आंधी और हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में इसका असर सबसे ज्यादा दिखेगा। आज 9 जिलों में अलर्ट जारी रात से आंधी, बारिश और ओले गिरने का सिलसिला शुरू हो गया. ग्वालियर-चंबल इलाके में शुक्रवार रात अचानक मौसम बदल गया. ठंडी हवाएं चलने लगी. श्योपुर और शिवपुरी में तूफानी बारिश के साथ ओले गिरे. सिंगरौली के चितरंगी में सबसे अधिक 40.1 मिमी वर्षा रिकार्ड हुई. रीवा के हनुमाना में 16 मिमी, मुरैना में 18 मिमी और गोहद में 17 मिमी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने शनिवार को मध्य प्रदश के 9 जिलों के लिए बारिश और ओले का अलर्ट जारी किया है. नौतपा आधा बीत जाने के बाद मौसम की ये करवट लोगों के लिए राहत लेकर आई है।  इन जिलों में बारिश के साथ ओले की चेतावनी भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को ग्वालियर के साथ ही 9 जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट है. ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, नीमच और मंदसौर में तूफानी बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है. वहीं नौतपा के दौरान गर्मी से झुलस रहे लोगों को मौसम बदलने से काफी राहत मिली. भले ही ओले व बारिश का अलर्ट 9 जिलों में हो लेकिन इसका असर पूरे प्रदेश में दिखाई देगा. शुक्रवार रात से ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान में गिरावट देखी गई।      नौतपा के बीच एमपी में मौसम का बड़ा यू-टर्न     4 शक्तिशाली वेदर सिस्टम एक साथ एक्टिव     कई जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट     धूलभरी आंधी के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना     भीषण गर्मी के बीच मिल सकती है राहत गर्म हवाएं नौतपा में भी भीषण गर्मी मध्य पाकिस्तान के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके कारण राजस्थान से होकर आ रही गर्म और शुष्क हवाएं प्रदेश के तापमान को सामान्य से ऊपर बनाए हुए हैं, जिससे नौतपा की तपिश बरकरार है। हालांकि शुक्रवार—शनिवार से गर्मी में राहत की उम्मीद जताई गई है। इन जिलों में भीषण आंधी का अलर्ट इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में भी 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. वहीं, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, दमोह और सागर जिलों में भी मौसम बिगड़ने के संकेत हैं. यहां आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  अगले 3 से 4 दिन कई जिलों में आंधी-बारिश मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 मई से 2 जून तक भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा. मालवा क्षेत्र के अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों में लगातार तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. वहीं 1 जून को रतलाम में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि अलीराजपुर और झाबुआ में भी तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है. इसके साथ ही कई जिलों में 40 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।  इसलिए बदला मौसम का मिजाज मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार "उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान-पाकिस्तान क्षेत्र में बने चक्रवातीय परिसंचरण के कारण मध्यप्रदेश में नमी लगातार पहुंच रही है. इसी सिस्टम से जुड़ी ट्रफ लाइन मध्यप्रदेश से गुजर रही है, जिससे प्रदेशभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं. इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बादलों का विकास तेजी से हो रहा है और कई क्षेत्रों में आंधी, बारिश तथा ओलावृष्टि की परिस्थितियां बन रही हैं।  शिवपुरी में गिरे ओले, पारा 32 पर पहुंचा शुक्रवार रात शिवपुरी जिले में अचानक मौसम ने करवट ली. आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से तापमान काफी गिर गया. लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. तापमान गिरकर 44 डिग्री सेल्सियस से 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचल में बारिश रिकॉर्ड की गई है. सतन बाड़ा, नयागांव, सुभाषपुरा इलाकों के साथ बैराड़ और अन्य इलाकों में बारिश हुई. ठंडी हवाओं के झोंके चलने से लोगों को भारी सुकून मिला।  श्योपुर … Read more

तमिलनाडु मॉडल अपनाएगा चंडीगढ़ प्रशासन, फाइलों के झंझट से मिलेगी राहत

चंडीगढ़ प्रशासन ने नागरिक सेवाओं को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए यूटी में सिंगल विंडो सिस्टम-यूनिफाइड पोर्टल के प्रभावी तरीके से लागू और सुधार के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी विभिन्न राज्यों में लागू बेहतर व्यवस्थाओं का अध्ययन कर चंडीगढ़ में लोगो के लिए सुविधाजनक और आधुनिक प्रणाली विकसित करने पर काम करेगी। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार कमेटी का गठन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद किया गया। बैठक में तमिलनाडु सरकार की “सिंपल गव” पहल और डी-रेगुलेशन मॉडल पर चर्चा की गई थी। कमेटी में डिप्टी कमिश्नर निशांत कुमार यादव, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव डी. कार्तिकेयन, निदेशक आईटी अविकेश गुप्ता, निदेशक स्कूल शिक्षा नितिश सिंगला और एनआईसी के वरिष्ठ अधिकारी विवेक वर्मा सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया है। कमेटी विभिन्न राज्यों में लागू सिंगल विंडो सिस्टम की कार्यप्रणाली का अध्ययन करेगी और चंडीगढ़ के लिए उपयुक्त मॉडल की सिफारिश करेगी। साथ ही विभिन्न सरकारी सेवाओं की प्रक्रिया को सरल बनाने, प्रोसेस री-इंजीनियरिंग करने और अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करने पर भी काम किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने से राहत देना और अधिकतर सेवाओं को एकीकृत पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराना है। इससे मंजूरियों और सरकारी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिक हितैषी बनाने में मदद मिलेगी। क्या है तमिलनाडु का मॉडल प्रशासन यदि तमिलनाडु की सिंपल गव और डी-रेगुलेशन नीति लागू करता है तो नागरिक सेवाओं और उद्योगों को बड़ा लाभ मिल सकता है। इस मॉडल के तहत सिंगल विंडो सिस्टम, आनलाइन मंजूरियां, सेल्फ-सर्टिफिकेशन और अनावश्यक नियमों में कमी से लोगों को दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। भवन नक्शा, व्यापार लाइसेंस, एनओसी और विभिन्न प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी हो सकती है। इससे भ्रष्टाचार और फाइलों में देरी कम होगी। उद्योगों और कारोबारियों को भी कम समय में मंजूरी मिलने से निवेश बढ़ने तथा “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” में सुधार की संभावना है। DPR लोड करते ही बन जाएगा एस्टीमेट लोकल बॉडीज महकमे की ओर से तैयार कराए गए EPM सॉफ्टवेयर में तमाम तरह की कैलकुलेशन से लेकर एस्टीमेट बनाने तक सबकुछ किया जा सकता है। अब अफसरों को 50 लाख रुपए से अधिक लागत वाले प्रोजेक्ट की DPR तैयार कर उसे EPM सॉफ्टवेयर में अपलोड करना होगा। उसके बाद सॉफ्टवेयर खुद ही पहले से फीड आइटम और रेट्स के अनुसार एस्टीमेट तैयार कर देगा। अधिकारियों को सॉफ्टवेयर में सिर्फ आइटम के कोड सिलेक्ट करने होंगे। भागदौड़, कागज, पैसा और समय सबकुछ बचेगा लोकल बॉडीज महकमे में EPM सॉफ्टवेयर लागू होने के बाद सबसे बड़ी राहत अधिकारियों को मिलेगी। उन्हें DPR तैयार कर उसकी फाइल लेकर चंडीगढ़ तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। चंडीगढ़ के चक्कर लगाने में लगने वाला उनका समय और पैसा-दोनों बचेंगे। एस्टीमेट ऑनलाइन चंडीगढ़ मुख्यालय जाने से कागज-स्टेशनरी भी बचेगी। काम शुरू होने के बाद ही पता चलेगी कमियां EPM सॉफ्टवेयर की कमियों के बारे में पूछे जाने पर अधिकारियों ने कहा कि अभी तो सिस्टम लॉन्च हुआ है। जब इस पर काम शुरू होगा, तब धीरे-धीरे इसके बाकी फंक्शन वगैरह पता लगेंगे। उसके बाद अगर किसी तरह की कोई कमी सामने आएगी तो उसे संबंधित प्लेटफॉर्म पर रखा जाएगा। ठेकेदारों को एक करोड़ से ऊपर का भुगतान अब सिर्फ ऑनलाइन अभी तक लोकल बॉडीज महकमे में जिन ठेकेदारों के काम एक करोड़ रुपए से ऊपर के होते थे, उन्हें अपनी पेमेंट के लिए बिल और वर्क कम्प्लीशन की फाइल पास कराने के लिए चंडीगढ़ ले जानी पड़ती थी। इसमें भ्रष्टाचार की गुंजाइश रहती थी। अब ये सारी जानकारी EPM सॉफ्टवेयर की मार्फत एसडीओ, एक्सईएन, एसई से होते हुए आगे तक जाएगी। हर अधिकारी देख पाएगा कि संबंधित पेमेंट को लेकर किसने क्या रिमार्क दिया है। पेमेंट को मंजूरी मिलने के बाद ठेकेदारों को भुगतान भी ऑनलाइन होगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को मिली नई गति : जिलों को 2677 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा – हर जरूरतमंद परिवार को सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवास निर्माण, ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक घर पूर्ण- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  भवन सामग्री आपूर्ति से जुड़कर 10 हजार से अधिक महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी' रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन को नई गति मिली है। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों को 2677.15 करोड़ रुपए की केंद्रीय एवं राज्यांश राशि जारी की गई है। यह राशि एसएनए स्पर्श (SNA SPARSH) मॉड्यूल के माध्यम से जिलों को आवंटित की गई है, ताकि पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरे किए जा सकें। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में “हर गरीब को पक्का घर” का संकल्प छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार हो रहा है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश का कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे। पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि एक परिवार के सम्मान, सुरक्षा, स्थायित्व और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। राज्य में प्रतिदिन 1600 से अधिक पक्के आवासों का निर्माण किया जा रहा है तथा विगत ढाई वर्षों में 10.60 लाख से अधिक आवास पूर्ण कराए जा चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में ही 6 लाख से अधिक आवासों का निर्माण कर छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि लाखों गरीब परिवारों के सपनों, आत्मसम्मान और सुरक्षित जीवन की कहानी है। मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जारी राशि का उपयोग प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशा-निर्देशों के अनुरूप करते हुए पात्र हितग्राहियों के आवास शीघ्र पूर्ण कराए जाएं, ताकि प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को समय पर सुरक्षित एवं सम्मानजनक पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में महिला स्व-सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्रदेश में हजारों स्व सहायता समूह सामग्री आपूर्ति से जुड़कर आजीविका अर्जित कर रहे हैं, इनमें से 10 हजार से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी’ बनीं हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला सशक्तीकरण, आजीविका संवर्धन और सामाजिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। ऐसे परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सुरक्षा, स्थायित्व और विश्वास का नया वातावरण तैयार किया जा रहा है।     उन्होंने कहा कि प्रदेश में नवाचार के तहत 1.5 लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया गया है, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। साथ ही हितग्राहियों की शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-233-1290 संचालित की जा रही है तथा योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड भी प्रदर्शित किए गए हैं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार सुशासन, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

ट्विशा केस: गिरिबाला सिंह के बयान से मचा हड़कंप, स्टेटस और स्किल ने बढ़ाई CBI की चिंता

भोपाल  ट्विशा शर्मा डेथ केस में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह कानून के शिकंजे में हैं। कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की रिमांड पर सीबीआई को सौंप दिया है। देशभर में सुर्खियोें में आने के बाद इस केस की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी यानि सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई के जांच अधिकारी मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे ट्विशा के पति समर्थ सिंह से कई घंटों की पूछताछ कर चुके हैं। इस दौरान सीबीआई अधिकारियों द्वारा उनपर उठे एक सवाल पर पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने स्वीकारोक्ति भी की। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने उनसे कहा कि आप खुद एक जिम्मेदार न्यायिक अधिकारी रह चुकीं हैं, ऐसे में मामले में बेटे समर्थ को फरार क्योें होने दिया! इस पर गिरिबाला सिंह ने माना कि हम दोनों से यह गलती तो हुई है। बयानों के साथ ही साक्ष्य जुटाने के काम में भी लगी सीबीआई एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सास रिटायर्ड जज गिरिबाला को रिमांड पर लेने के बाद सीबीआई फिर पूछताछ में जुट गई है। उन्हें बेटे समर्थ सिंह के साथ बैठाकर सवाल जवाब किए जाने की तैयारी चल रही है। सीबीआई बयानों के साथ ही साक्ष्य जुटाने के काम में भी लगी है। मुद्दे पर अपनी गलती स्वीकार कर ली सीबीआई की पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने एक बड़ी बात कही। शुरुआती ना नुकुर के बाद उन्होंने एक मुद्दे पर अपनी गलती स्वीकार कर ली। गिरिबाला सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैसे अहम पद पर रह चुकी हैं। इसी बात का उल्लेख करते हुए सीबीआई ने उनसे बेटे समर्थ सिंह की फरारी की वजह पूछी थी जिसपर पूर्व जज ने मान लिया कि यह हमारी गलती थी। बेटा समर्थ सिंह फरार कैसे और क्यों हो गया? दरअसल जांच अधिकारियों ने गिरिबाला सिंह से सीधा सवाल किया कि आप अहम न्यायिक पदों पर रही हैं, नियम-कानूनों की आपको हर जानकारी है। ऐसे में भी 12 मई को बहू ट्विशा शर्मा की मौत के बाद बेटा समर्थ सिंह फरार कैसे और क्यों हो गया? इस सवाल पर गिरिबाला सिंह पहले तो कुछ असहज हुईं लेकिन बाद में इसे गलती के रूप में स्वीकार कर लिया। उन्होंने यह स्पष्टीकरण भी दिया कि वे परिस्थितियों का ठीक से अंदाजा नहीं लगा सकीं थीं। डरे सीबीआई अधिकारी, 5 वजहों से घिरीं सीबीआई ने भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 5-5 दिन की रिमांड पर ले लिया है। भोपाल कोर्ट ने शुक्रवार को दोनों को 2 जून तक के लिए सीबीआई को सुपुर्द कर दिया। ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह करीब पौने दो साल तक भोपाल की जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर रहीं हैं। इतना ही नहीं, वे क्राइम सीन मैनेजमेंट में भी दक्ष हैं। गिरिबाला सिंह के इस स्टेटस और स्किल का हवाला देते हुए ही सीबीआई ने उनका रिमांड मांगा। जांच अधिकारियों को डर है कि बाहर रहकर वे सबूतों और गवाहों को प्रभावित कर सकती हैं। कोर्ट ने उनके तर्क स्वीकार कर लिए। 7 दिन की रिमांड मांगी पर कोर्ट ने 5 दिन की ही मंजूरी दी सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को भोपाल जिला कोर्ट में पेश किया यहां जस्टिस शोभना भलावे की अदालत के समक्ष वे दो घंटे से ज्यादा कठघरे में खड़ी रहीं। सीबीआइ कोर्ट से पूछताछ के लिए 7 दिन की रिमांड मांगी पर कोर्ट ने 5 दिन की ही मंजूरी दी। मायके वालों ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया बता दें कि ट्विशा शर्मा की कटारा हिल्स स्थित आवास पर जब संदिग्ध हालात में मौत हुई तब सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह की घर पर मौजूद थे। दोनों ने कहा कि ट्विशा ने सुसाइड की जबकि मायके वालों ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया। पहले समर्थ सिंह और बाद में गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश किया पहले सीबीआइ ने समर्थ सिंह और बाद में गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश किया। बेटे को यहां दोपहर 12.35 बजे लाया गया जबकि 10 मिनट बाद पूर्व जज को लाए। आशंका जताई कि यदि रिमांड पर नहीं रहीं तो जांच प्रभावित कर सकती हैं सीबीआइ ने रिमांड के लिए गिरिबाला सिंह के स्टेटस और स्किल को आधार बनाया। अधिकारियों ने कोर्ट में आशंका जताई कि यदि रिमांड पर नहीं रहीं तो इनके बल पर वे जांच प्रभावित कर सकती हैं। 15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक भोपाल की जिला जज रहीं अदालत से सीबीआई ने कहा कि गिरिबाला बड़े न्यायिक पद पर रहीं हैं। उन्होंने गुजरात से क्राइम सीन मैनेजमेंट की ट्रेनिंग भी ले रखी है। ऐसे में गिरिबाला सिंह को बाहर रखने से साक्ष्य प्रभावित कर सकती हैं। इसका बचाव पक्ष के वकीलों ने विरोध नहीं किया। बता दें कि 15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक गिरिबाला सिंह भोपाल की जिला जज रहीं हैं। इस प्रकार वे करीब 19 माह तक यहां पदस्थ थीं। इन 5 आधारों पर जांच एजेंसी ने मांगा रिमांड सीबीआइ ने तर्क दिया, गिरिबाला सिंह बड़े न्यायिक पद पर रहीं हैं। यदि रिमांड पर नहीं रहीं तो जांच प्रभावित कर सकती हैं। जिला कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के बाद लगातार घटनाक्रम को लेकर वे मीडिया में बनी रहीं। गिरिबाला सिंह ने केस को दूसरी ओर मोल्ड करने की भरपूर कोशिश की है। पूर्व जज गिरिबाला सिंह क्राइम मैनेजमेंट में दक्ष हैं, उन्होंने गुजरात से क्राइम सीन मैनेजमेंट की ट्रेनिंग ले रखी है। सीबीआई ने कोर्ट से कहा कि गिरिबाला सिंह को बाहर रखने से वे साक्ष्य प्रभावित कर सकती है। इसका बचाव पक्ष के वकीलों ने विरोध नहीं किया।

AAP सरकार का बड़ा दावा, किसानों के खेतों तक पहुंचाया गया रिकॉर्ड 21,000 क्यूसिक पानी

जालंधर  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने  संत बाबा अवतार सिंह जी की 38वीं सालाना बरसी संबंधी आयोजित समागम के दौरान गांव सीचेवाल में माथा टेका। इस मौके पर एक प्रगतिशील और आत्मनिर्भर पंजाब का सपना देखते हुए भगवंत सिंह मान ने राज्यसभा सदस्य संत बलवीर सिंह सीचेवाल के साथ संत अवतार सिंह मेमोरियल हॉकी स्टेडियम में एक नए एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन किया। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ओर से खेल बुनियादी ढांचे, सिंचाई, भूजल रिचार्ज और लोक कल्याण संबंधी किए गए उपायों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने खेतों तक 21,000 क्यूसिक पानी पहुंचाया है, जो दो भाखड़ा नहरों के बराबर है। पर्यावरण अनुकूल उपायों से 21 लाख क्यूबिक मीटर पानी भूमिगत रिचार्ज करने में मदद मिली है, जिससे कई क्षेत्रों में पानी के स्तर में 2 से 4 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्व स्तरीय सरकारी स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और खेल सुविधाओं के माध्यम से तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि एक जीवंत “रंगला पंजाब” के रंग अब पूरे राज्य में दिखने शुरू हो गए हैं। इस मौके पर भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहां नफरत और वैर के अलावा सब कुछ उग सकता है। पंजाब महान गुरुओं, संतों और पैगंबरों की पवित्र धरती है, जिन्होंने हमें आपसी प्यार और सहिष्णुता का रास्ता दिखाया है। लोगों के बीच सामाजिक ताने-बाने पहले से ही बहुत मजबूत हैं और इसे और मजबूत करने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए।” उन्होंने कहा, “यह सही समय है कि पंजाबी एकजुट होकर फूट डालने वाली ताकतों को उचित जवाब दें जो राज्य की शांति, सद्भावना और भाईचारे की साझेदारी को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं। जो लोग भाईचारे की सद्भावना को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, वे पंजाब के दुश्मन हैं क्योंकि वे राज्य को फिर से अंधेरे में धकेलना चाहते हैं। ये ताकतें सांप्रदायिक झगड़ा पैदा करके सत्ता हासिल करना चाहती हैं, लेकिन उनकी संकीर्ण चालें सफल नहीं होंगी क्योंकि पंजाब के लोग हर मौके पर एकजुट रहते हैं।” लोगों को एकजुट रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ राजनीतिक पार्टियां धर्म के नाम पर लोगों में फूट डालने की कोशिश कर रही हैं। उनकी राजनीति समुदायों में विभाजन पैदा करने और फिर वोटों के लिए दोनों पक्षों को डराने पर केंद्रित है। लोगों को ऐसी राजनीति से सतर्क रहना चाहिए। ये लोग जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटकर नफरत फैलाते हैं, लेकिन ‘आप’ ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं रखती।” गुरबाणी की तुक “पवणु गुरू पानी पिता माता धरति महतु” का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “महान गुरुओं ने हवा को गुरु, पानी को पिता और धरती को माता का दर्जा दिया था। गुरु साहिब ने आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति का सम्मान करने की शिक्षा दी थी, लेकिन बदकिस्मती से मनुष्य प्रकृति को सुरक्षित रखने में असफल रहा है। अब समय आ गया है कि गुरबाणी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाया जाए और पर्यावरण बचाने का संकल्प लेकर पंजाब की शान को बहाल किया जाए।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है और लोगों को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर सरकार का साथ देना चाहिए। मैं हमेशा धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं से मिलने के लिए उत्सुक रहता हूं क्योंकि उनका काम कभी भी सांसारिक या सरकारी पदों से संबंधित नहीं होता। वे धार्मिक स्थानों तक जाने वाली सड़कें बनाने, संगत के लिए शेड बनाने, श्रद्धालुओं के लिए लंगर का प्रबंध करने, नहरों और पानी की नालियों की सफाई करने, पर्यावरण की रक्षा करने और मानवता की निस्वार्थ सेवा करने की बात करते हैं। यह बेहद गर्व और संतोष की बात है कि प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी और राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह जी सीचेवाल, ‘सीचेवाल मॉडल’ के माध्यम से बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।” पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, “38 साल पहले, यह जगह रेत के टीबों से ढकी हुई थी जहां मूंगफली और छोटी फसलें उगती थी। बाबा जी के प्रयासों से, यह जगह अब हरे-भरे पर्यावरण में बदल गई है। यहां हजारों पेड़ और सैकड़ों किस्मों के पौधे लगाए गए हैं। ये पेड़ पूरे फल और छांव प्रदान करते हैं और लोग नर्सरी से पौधे लेने यहां आते हैं।” उन्होंने कहा, “प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए सिर्फ कुछ समर्पित आत्माएं ही प्रयासरत हैं और पंजाब भाग्यशाली है कि संत बाबा बलवीर सिंह जी उनमें से एक हैं। जब भी बाबा जी संसद में बोलते हैं, कोई उन्हें नहीं रोकता क्योंकि हर कोई जानता है कि वे हमेशा समाज, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए बोलते हैं। बहुत कम लोगों को ऐसी बहुमूल्य सेवा करने का मौका मिलता है और बाबा जी ने हमेशा मानवता, ईमानदारी से जीवन जीने, मिलजुलकर रहने और नेकी का संदेश फैलाया है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “हाल के वर्षों में गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से संबंधित कई घटनाएं हुई हैं। हर कुछ दिनों बाद सड़कों पर, कूड़े के ढेरों में या अपमानजनक स्थितियों में फटे या जले हुए अंगों की दिल दहला देने वाली खबरें सामने आई हैं। यह बेहद दुखदाई था, लेकिन दुख और भी गहरा हो गया जब दोषियों को कोई ठोस कानून न होने और खामियों के कारण जमानत पर रिहा कर दिया गया।” उन्होंने आगे कहा, “इस मामले पर संपूर्ण संत समाज से सलाह-मशविरा करने, अमृतसर और चंडीगढ़ में मीटिंगें करने और वकीलों तथा सेवानिवृत्त जजों से चर्चा करने के बाद राज्य सरकार ने बिना किसी ढिलाई के ‘बेअदबी’ के खिलाफ एक सख्त कानून बनाया। वाहेगुरु ने मुझे जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का बल बख्शा, जिसमें ‘बेअदबी’ के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। इस कानून के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा के साथ-साथ 50 लाख रुपए का जुर्माना भी हो सकता है।” मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “अगर दोषी जुर्माना नहीं भर सकता, तो उनकी … Read more

Chandigarh Parking Rule: 4 मार्केट में लागू होगा नया सिस्टम, ज्यादा देर पार्किंग पर ज्यादा देना होगा शुल्क

 चंडीगढ़  शहर की पेड पार्किंग व्यवस्था में बड़े बदलाव होंगे। सेक्टर-17, 35 और 22 मोबाइल मार्केट में पार्किंग रेट बढ़ेंगे। नगर निगम ने इसका ड्राफ्ट टेंडर दस्तावेज तैयार कर लिया है। इस टेंडर दस्तावेज की शुक्रवार को मेयर सौरभ जोशी की अध्यक्षता में आयोजित निगम अधिकारियों की बैठक में समीक्षा की गई। पेड पार्किंग साइट्स को चार ऑपरेशनल जोन में बांटकर आवंटित किया जाएगा। इसमें प्रमुख कामर्शियल और अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में पहले स्मार्ट पार्किंग के लिए निर्धारित की गई पार्किंग फीस को लागू करने पर विचार किया गया। यह रेट घंटों के हिसाब से तय किए गए हैं। सेक्टर-17, सेक्टर-35 सी मार्केट और सेक्टर-22 बी मोबाइल मार्केट जैसी प्रमुख पार्किंग साइट्स के लिए संशोधित पार्किंग दरों पर भी चर्चा हुई ताकि सेक्टर-17 की अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। अभी मल्टीलेवल पार्किंग खाली रहती है।  वहीं, समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने स्मार्ट पार्किंग सिस्टम लागू करने संबंधी प्रस्तावों की जानकारी दी, जिसमें ई-टिकटिंग, सीसीटीवी आधारित सेंट्रल मानिटरिंग, बूम बैरियर, रियल टाइम पार्किंग मैनेजमेंट और मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सुविधा देने जैसे प्रविधान शामिल हैं। इससे पार्किंग व्यवस्था तो बेहतर होगी ही निगम का राजस्व भी बढ़ेगा। बैठक के अंत में मेयर और कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतिम नीति ढांचे में सभी जनहित और पब्लिक फ्रेंडली प्रावधान शामिल किए जाएं ताकि चंडीगढ़ में पारदर्शी, तकनीक आधारित और प्रभावी नागरिक प्रशासन सुनिश्चित किया जा सके। नए सिस्टम में क्या-क्या होगा, सब कुछ जानिए:-     टाइम के हिसाब से बढ़ते जाएंगे रेट: चंडीगढ़ में अभी एक घंटे और 12 घंटे के लिए पार्किंग का एक ही रेट है। लोग सुबह गाड़ी खड़ी कर चले जाते हैं और फिर शाम को ले जाते हैं। ऐसे में एक तरफ पार्किंग फुल रहती है और दूसरी तरफ निगम को भी रेवेन्यू का नुकसान होता है।     अब क्या सिस्टम बनेगा: निगम के प्लान के मुताबिक अब हर घंटे या 2 घंटे के हिसाब से पार्किंग की फीस में बढोतरी होती जाएगी। मान लीजिए कि पहले घंटे के लिए अगर पार्किंग की फीस 40 रुपए है तो दूसरे घंटे के लिए यह 60 रुपए हो सकती है। अगर किसी को पूरे 12 घंटे के लिए गाड़ी खड़ी करनी है तो उसका 100 से 200 रुपए रेट रखा जा सकता है।     टाइमिंग सुनिश्वित कैसे होगी: निगम सूत्रों के मुताबिक इसके लिए ई-टिकटिंग की व्यवस्था की जाएगी। पार्किंग में गाड़ी के एंटर करते ही ई-टिकट दिया जाएगा। गाड़ी पार्किंग में कब आई, वह इसका टाइम टिकट पर होगा। जब कोई गाड़ी वहां से बाहर निकालेगा तो एग्जिट वाली जगह पर टाइम देखकर रेट वसूला जाएगा।     निगम पहले इसे कहां लागू करेगा: निगम अफसरों के मुताबिक सेक्टर-17, सेक्टर-35, सेक्टर-22 की मोबाइल मार्केट सहित प्रमुख पार्किंग स्थलों के लिए इस पर विचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सेक्टर-17 की अंडरग्राउंड मल्टीलेवल पार्किंग का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है, क्योंकि यह पार्किंग अक्सर खाली रहती है।     नई व्यवस्था में और क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी: निगम अफसरों के मुताबिक इसमें ई-टिकटिंग के अलावा सीसीटीवी आधारित सेंट्रल मॉनिटरिंग, बूम बैरियर, रियल टाइम पार्किंग मैनेजमेंट और मोबाइल एप्लीकेशन जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल पार्किंग व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि निगम की कमाई भी बढ़ेगी।     बिना शुल्क किसी वाहन की एंट्री नहीं: किसी भी वाहन को बिना शुल्क पार्किंग स्थल में प्रवेश न दिया जाए। पार्किंग कर्मचारियों की ड्यूटी और कार्यप्रणाली पर भी नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. इंदरजीत ने कहा कि पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शिता लाना जरूरी है। इससे लोगों को सुविधा मिलेगी और नगर निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। कर्मचारियों का रिकॉर्ड और फिजिकल जांच होगी नगर निगम ने पार्किंग स्थलों पर तैनात कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड तैयार करने और समय-समय पर उनकी फिजिकल जांच करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर तुरंत रिपोर्ट तैयार की जाए। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने की जिम्मेदारी भी दी गई है, ताकि पार्किंग स्थलों पर अवैध वसूली और नियमों के उल्लंघन को रोका जा सके। करीब 90 पार्किंग साइट्स चिन्हित बता दें कि, शहर में करीब 90 पार्किंग साइट्स चिन्हित हैं, जिनमें से लगभग 60 पेड पार्किंग साइट्स वर्तमान में संचालित हो रही हैं। इन पार्किंग स्थलों से नगर निगम को सालाना करीब 8 से 12 करोड़ रुपए तक का राजस्व प्राप्त होता रहा है। फिलहाल सभी जगह एक ही प्रकार की पर्ची कटती है, जिसमें वाहन पार्किंग के लिए समय की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। इसी व्यवस्था के चलते पार्किंग संचालन में कई तरह की अनियमितताओं और भीड़भाड़ की समस्या भी सामने आती रही है। सफाई सेवाओं की सख्त माॅनिटरिंग होगी सफाई सेवाओं की सख्त माॅनिटरिंग और लोगों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए।यह निर्देश मेयर सौरभ जोशी ने अधिकारियों को दिए। बैठक में एमसी कमिश्नर अमित कुमार, जाइंट कमिश्नर, चीफ इंजीनियर समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा हुई। इसमें वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन, डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन, नए एमएसडब्ल्यू रूल्स-2026 के क्रियान्वयन और शहर के सभी सेक्टरों, गांवों और काॅलोनियों में सफाई मानकों को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। मेयर ने सफाई कर्मचारियों और नगर निगम के अन्य कर्मचारियों के कल्याण एवं नौकरी सुरक्षा के मुद्दों पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों में सुधार, सुरक्षा उपकरणों की समय पर उपलब्धता, वेलफेयर सुविधाओं और लंबित मामलों के समाधान के निर्देश अधिकारियों को दिए। वेंडिंग जोन हों व्यवस्थित स्ट्रीट वेंडरों के पुनर्वास और उन्हें बेहतर सुविधाएं देने के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वेंडिंग जोन व्यवस्थित किए जाएं और वास्तविक वेंडरों की आजीविका सुरक्षित रखते हुए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। बैठक में बी एंड आर, पब्लिक हेल्थ, हार्टिकल्चर और इलेक्ट्रिसिटी विभागों से जुड़े विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। मेयर ने लंबित परियोजनाओं में तेजी लाने और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  

ब्रह्मोस की गूंज से तुर्की परेशान! साइप्रस कनेक्शन के पीछे ग्रीस वाला बड़ा प्लान?

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के बिसात पर भारत ने एक बहुत बड़ा दांव चला है, जिसने तुर्की और उसके सदाबहार दोस्त पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। हाल ही में भारत और साइप्रस के बीच 'रणनीतिक साझेदारी' हुई है, जिसके तहत भारत की सबसे घातक मिसाइल 'ब्रह्मोस' के साइप्रस और ग्रीस तक पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है। भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के हालिया साइप्रस दौरे ने इस पूरे घटनाक्रम में आग में घी का काम किया है, जिससे तुर्की में दहशत का माहौल है। साइप्रस द्वारा भारत से 'ब्रह्मोस' सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और कामिकाजे ड्रोन्स खरीदने की गहरी दिलचस्पी दिखाने के बाद, तुर्की के रणनीतिक और सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया है। क्या है पूरा विवाद और ब्रह्मोस की एंट्री? हाल ही में साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिड्स ने भारत का दौरा किया था, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम बैठक हुई। इसके तुरंत बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर साइप्रस पहुंच गए। इन दौरों के बाद एक रक्षा सहयोग रोडमैप तैयार किया गया है। ताजा रक्षा रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइप्रस ने दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक 'ब्रह्मोस' के साथ-साथ भारत के घातक कामिकाजे ड्रोन (जैसे नागास्त्र-1 और स्काईस्ट्राइकर) हासिल करने की इच्छा जताई है। यह संभावित ब्रह्मोस खरीद यूरोपीय संघ (EU) के 'SAFE' प्रोग्राम के तहत ग्रीक साइप्रस प्रशासन को आवंटित लगभग 1.2 बिलियन यूरो के रक्षा पैकेज के अंतर्गत की जा सकती है। तुर्की की नींद क्यों उड़ी है? तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और अंकारा के रक्षा विश्लेषकों के लिए यह एक बड़ा झटका है। इसके पीछे कई ठोस कारण हैं। तुर्की ने दशकों से उत्तरी साइप्रस पर अवैध कब्जा कर रखा है। साइप्रस के पास ब्रह्मोस और घातक ड्रोन्स जैसी मारक क्षमता आने से क्षेत्रीय सैन्य संतुलन पूरी तरह से बदल सकता है और तुर्की की सुरक्षा को सीधा खतरा पैदा हो सकता है। तुर्की की मीडिया और रक्षा विशेषज्ञों को डर है कि भारतीय हथियारों की मदद से साइप्रस और ग्रीस मिलकर तुर्की के खिलाफ एक मजबूत और अजेय रक्षा दीवार तैयार कर लेंगे। तुर्की के लोगों का मानना है कि भारत के लिए 'साइप्रस तो बहाना है, अपनी ब्रह्मोस को ग्रीस तक पहुंचाना है।' क्योंकि ग्रीस और तुर्की के बीच भी गहरे भू-राजनीतिक और समुद्री सीमा विवाद हैं। भारत का रणनीतिक पलटवार मई 2025 में हुए भारत-पाक संघर्ष के दौरान तुर्की ने पाकिस्तान को गुपचुप तरीके से सैकड़ों ड्रोन मुहैया कराए थे। इसके अलावा एर्दोगन कश्मीर मुद्दे पर लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के सुर में सुर मिलाते रहे हैं। अब भूमध्य सागर में तुर्की की नाक के नीचे भारतीय हथियारों की संभावित तैनाती को नई दिल्ली द्वारा एर्दोगन को दिया गया करारा जवाब माना जा रहा है। साइप्रस और ग्रीस (यूनान) दोनों तुर्की के कट्टर प्रतिद्वंद्वी हैं। अगर ब्रह्मोस साइप्रस के पास आती है, तो यह सीधे तौर पर तुर्की के लिए एक बड़ा सैन्य खतरा बन जाएगा, क्योंकि यह मिसाइल मैक 2.8 से मैक 3 की गति से अचूक हमला करने में सक्षम है। भारत और साइप्रस के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग (2026-2031) के लिए एक अहम रोडमैप पर मुहर लगी है, जो दोनों देशों को रणनीतिक साझेदार बनाता है। मंडराए ग्रीक फाइटर जेट्स कि तुर्की को लगी मिर्ची? तुर्की और ग्रीस के बीच पूर्वी एजियन सागर के द्वीपों को लेकर पुराना विवाद फिर से भड़क गया है। हाल ही में तुर्की के F-16 फाइटर जेट्स और CN-235 सर्विलांस विमानों ने ग्रीस के हवाई क्षेत्र का बार-बार उल्लंघन किया। इसके जवाब में ग्रीस के लड़ाकू विमानों ने तुरंत उड़ान भरी और दोनों देशों के जेट्स के बीच आसमान में ही 'सिम्युलेटेड डॉगफाइट' (छद्म युद्ध जैसी स्थिति) देखने को मिली। तुर्की के रक्षा मंत्री यासर गुलर ने पश्चिमी तुर्की के सैन्य बेस से बौखलाहट में बयान दिया कि ग्रीस पूर्वी एजियन द्वीपों का अवैध रूप से सैन्यीकरण कर रहा है। उन्होंने ग्रीस को धमकी देते हुए कहा कि तुर्की एजियन सागर, पूर्वी भूमध्यसागर और साइप्रस में अपने हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। एथेंस ने इस पर पलटवार करते हुए तुर्की के दावों को मनगढ़ंत बताकर सिरे से खारिज कर दिया। सोशल मीडिया पर बहस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर तुर्की के यूजर्स ग्रीस और साइप्रस पर जमकर निशाना साध रहे हैं। उनका आरोप है कि ग्रीस भारत को मोहरा बनाकर तुर्की को घेरने की साजिश रच रहा है। तुर्की के रक्षा विशेषज्ञ और राष्ट्रवादी इस बात से खफा हैं कि भारत का इस क्षेत्र में आना उनके देश की रणनीतिक सुरक्षा के लिए सीधा खतरा है। दूसरी ओर, ग्रीस और साइप्रस के नागरिक 'X' पर भारत की जमकर तारीफ कर रहे हैं। ग्रीक यूजर्स इस बात से बेहद खुश हैं कि भारत जैसा शक्तिशाली देश उन्हें आधुनिक हथियार और कूटनीतिक समर्थन उपलब्ध कराएगा, जिससे वे तुर्की की धमकियों का डटकर मुकाबला कर सकेंगे।