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झीरम घाटी हमले के दोषियों पर कोर्ट का फैसला, 13 साल बाद सभी 10 आरोपी दोषी करार

रायपुर  छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे काले और दहला देने वाले अध्यायों में से एक, झीरम घाटी नक्सल हमले के मामले में आखिरकार न्याय की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। एनआईए की विशेष अदालत ने करीब 13 साल पुराने इस मामले में शनिवार को अहम फैसला सुनाते हुए सभी 10 बचे हुए आरोपियों को दोषी करार दिया है। लंबे समय से फैसले का इंतजार कर रहे पीड़ित परिवारों और समर्थकों के लिए यह एक महत्वपूर्ण निर्णय है। 25 मई 2013 को हुआ था नरसंहार यह वीभत्स घटना 25 मई 2013 की है, जब कांग्रेस पार्टी की 'परिवर्तन यात्रा' के दौरान दरभा की झीरम घाटी में नक्सलियों ने घात लगाकर सुनियोजित हमला किया था। इस भीषण नक्सल हमले में तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा, और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 32 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी। घटना के दो दिन बाद 27 मई 2013 को केंद्र सरकार ने इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी थी। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) की विशेष अदालत ने 2013 के झीरम घाटी माओवादी हमले के मामले में सभी 10 आरोपियों को शनिवार को दोषी ठहराया. इस हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं समेत 29 लोगों की मौत हुई थी.बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद चौधरी ने बताया कि जगदलपुर में एनआईए के विशेष न्यायाधीश अभय सिंह राजपूत की अदालत ने दो महिलाओं समेत सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया।  उन्होंने बताया कि अदालत ने सजा की अवधि पर आदेश 16 सितंबर के लिए सुरक्षित रख लिया है. सुनवाई के दौरान 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए.चौधरी ने कहा कि हम इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील करेंगे. हमें अभी तक फैसले की प्रति नहीं मिली है. इसके बाद ही अपील के आधार के बारे में बता पाएंगे।  कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर घात लगाकर हुआ था हमला यह हमला 25 मई 2013 को हुआ था जब माओवादियों ने बस्तर जिले के दरभा थाना क्षेत्र के झीरम घाटी इलाके में एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांग्रेस की ‘परिवर्तन यात्रा' पर घात लगाकर हमला किया था।  इस हमले में कांग्रेस नेताओं, आम नागरिकों और 10 सुरक्षाकर्मियों समेत कम से कम 29 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हुए थे.मारे गए लोगों में कांग्रेस की प्रदेश इकाई के तत्कालीन अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश, विपक्ष के पूर्व नेता महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल तथा वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक उदय मुदलियार शामिल थे।  एनआईए ने 40 मुख्य आरोपियों समेत 150 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की थी, जिनमें से 11 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत हो गई थी, जबकि शेष 10 आरोपी हिरासत में थे। इस केस में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। न्यायिक आयोग का भी हुआ था गठन यह रैली 2013 के अंत में हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले आयोजित की गई थी.घटना के बाद राज्य पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन रमन सिंह नीत तत्कालीन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने हमले के दो दिन के भीतर ही इसकी जांच एनआईए को सौंप दी थी. राज्य सरकार ने घटना की जांच के लिए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा की अध्यक्षता में एक न्यायिक आयोग का भी गठन किया था।  अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए 10 आरोपियों के नाम एनआईए कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए गए 10 आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:     प्रमिला मोडियम     चैतु लेकाम उर्फ मुन्ना     सुमित्रा उर्फ सुमित्रा पुनेम मोडियम     मुक्का मांडवी     कोसा कवासी उर्फ कोसाराम     आयत मरकाम     मड़कामी देवा     जोग मड़कामी     बंजमी सेना उर्फ चमरू उर्फ देंगा     महादेव

पटना में बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट, 13 जिलों की निगरानी के लिए मंत्रियों और सचिवों की तैनाती

 पटना बिहार में भारी बारिश और प्रमुख नदियों में उफान के बाद बाढ़ से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 13 मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में बाढ़ की निगरानी का काम सौंपा है। उनके साथ प्रभारी सचिवों की भी ड्यूटी लगाई गई है। बक्सर से पटना, समस्तीपुर और भागलपुर तक कई इलाके जलमग्न हैं। पटना में बाढ़ के चलते अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है। सीएम सम्राट लगातार दूसरे दिन बाढ़ प्रभावित इलाके के हवाई सर्वे पर निकले हैं। शनिवार को वह भागलपुर में बाढ़ से राहत एवं बचाव कार्य का जायजा ले रहे हैं। बिहार सरकार की ओर से गंगा किनारे स्थित जिलों में राहत और बचाव कार्यों की सघन निगरानी का काम प्रभारी मंत्रियों और सचिवों को सौंपा है। जिन 13 जिलों के लिए निर्देश जारी हुए हैं, उनमें बक्सर, भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, समस्तीपुर, लखीसराय, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर और कटिहार शामिल हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, प्रभारी मंत्री और प्रभारी सचिव संबंधित जिले में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे और जमीन पर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करेंगे। पटना में बाढ़ से हाई अलर्ट सीएम सम्राट ने पटना के शहरी क्षेत्र में गंगा के बढ़ते जलस्तर की विशेष निगरानी के आदेश दिए हैं। पटना में तटबंध और आसपास के क्षेत्र पर खास ध्यान दिया जाएगा। पटना नगर निगम, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग को हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है। गंगा नदी का जलस्तर पटना में गांधी घाट के पास गंगा नदी खतरे के निशान ऊपर बह रही है। शनिवार सुबह 10 बजे गांधी घाट गेज साइट पर जलस्तर 50.53 मीटर दर्ज किया गया, जो 48.60 मीटर के खतरे के निशान से लगभग 1.93 मीटर ऊपर है। नदी अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 50.52 मीटर के करीब बह रही है। अधिकारियों ने जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की चेतावनी दी है। बिहार बाढ़ की स्थिति बिहार में बाढ़ की वर्तमान स्थिति की जानकारी डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने ली। वह शनिवार को फिर पटना में सिंचाई भवन स्थित जल संसाधन विभाग के कंट्रोल कमांड सेंटर पहुंचे। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पूरे राज्य के विभिन्न संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया। अधिकारियों को तटबंधों पर सतत निगरानी के निर्देश दिए। बिहार बाढ़ से 10 लाख आबादी प्रभावित- सरकार आपदा प्रबंधन विभाग ने शनिवार को कहा कि बिहार के 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में 10.28 लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। यहां राहत एवं बचाव कार्य जारी है। इन जिलों में बाढ़ की निगरानी करेंगे प्रभारी मंत्री-     बक्सर – नंद किशोर राम     भोजपुर – अरुण शंकर प्रसाद     पटना – विजय चौधरी     सारण – बिजेंद्र प्रसाद यादव     वैशाली – निशांत कुमार     बेगूसराय – रामकृपाल यादव     समस्तीपुर – दामोदर रावत     लखीसराय – सुनील कुमार     खगड़िया – मदन सहनी     मुंगेर – संजय पासवान     भागलपुर – नीतीश मिश्रा     कटिहार – प्रमोद चंद्रवंशी

यूपी में बाढ़ के बीच योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थान पहुंचाया

बाढ़ के बीच योगी सरकार का राहत अभियान तेज, 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया 4.02 लाख लंच पैकेट और 79 हजार से अधिक बाढ़ राहत किट प्रभावितों को वितरित की गईं 1072 मेडिकल टीमें रख रहीं स्वास्थ्य का ध्यान, 24 जिलों में राहत-बचाव अभियान जारी   बाढ़ संकट में सरकार की तत्परता बनी सुरक्षा कवच, अब तक नहीं होने दी कोई जनहानि अयोध्या में जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया से सूचना मिलते ही परिवार को पहुंचाई मदद रायबरेली में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने प्रभावित परिवारों को वितरित की राहत सामग्री लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार का राहत और बचाव अभियान लगातार तेज गति से जारी है। सरकार की सक्रियता और प्रशासन की तत्परता से बाढ़ प्रभावित लोगों तक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक अब तक 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जबकि शुक्रवार को ही 4,799 लोगों का रेस्क्यू किया गया। राहत अभियान के तहत अब तक 4.02 लाख से अधिक लंच पैकेट और 79,666 बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। 1,821 नाव एवं मोटरबोट रेस्क्यू कार्य में लगाई गई हैं। बाढ़ से अब तक कोई जनहानि की सूचना नहीं है। 6 हजार से ज्यादा लोग शरणालय में रह रहे वर्तमान में 24 जिलों में बाढ़ का असर है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी और राहत कार्य किया जा रहा है। अब तक 18,810 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके साथ ही 1,313 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें 6 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं। 4 लाख से ज्यादा लंच पैकेट किए वितरित बाढ़ के बीच प्रभावित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चल रहा है। बाढ़ की शुरूआत से अब तक 4.02 लाख से अधिक लंच पैकेट और 79 हजार से अधिक बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। शुक्रवार को भी 38 हजार से ज्यादा लंच पैकेट और 6 हजार से ज्यादा बाढ़ राहत किट बांटी गईं। इससे प्रभावित लोगों को संकट की स्थिति में तत्काल भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी सरकार का विशेष फोकस बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी सक्रिय रखा गया है। प्रदेश में अब तक 1,072 मेडिकल टीमें गठित की जा चुकी हैं। स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 5.75 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 2 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। 1,821 नाव-मोटरबोट से लगातार रेस्क्यू जलभराव और बाढ़ के कारण जहां सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है, वहां नाव और मोटरबोट के जरिए राहत एवं बचाव दल पहुंच रहे हैं। अब तक 1,821 नाव एवं मोटरबोट का प्रयोग किया जा चुका है। इससे प्रभावित गांवों में फंसे लोगों को निकालने और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में महत्वपूर्ण मदद मिल रही है। अब तक बाढ़ से कोई व्यक्ति या पशुहानि दर्ज नहीं हुई है, जो रेस्क्यू ऑपरेशंस और निगरानी व्यवस्था की अहम उपलब्धि है। बाढ़ से मकान क्षतिग्रस्त होने के 485 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता वितरित की जा चुकी है। प्रभावित 24 जिले अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर नगर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी। सोशल मीडिया से सूचना पर पहुंची मदद, आवास का दिया भरोसा अयोध्या में सोशल मीडिया के माध्यम से परिवार की परेशानी की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। बीकापुर के खजुराहट गांव के बरगदीया मजरे में प्रभावित अर्पिता पाण्डेय के परिवार को खाद्य सामग्री, सब्जियां, तिरपाल, बर्तन, गैस सिलेंडर सहित जरूरी गृह उपयोगी सामान उपलब्ध कराया गया। विधायक डॉ. अमित चौहान भी राहत सामग्री लेकर पहुंचे। प्रशासन ने परिवार को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी प्राथमिकता से शुरू कर दी है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे राज्यमंत्री रायबरेली में उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर राहत सामग्री वितरित की। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की शिथिलता न बरतने और प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक समयबद्ध तरीके से राहत व सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।

इंदौर मेट्रो का बढ़ा दायरा, 17 किमी रूट पर दौड़ी ट्रेन; CM मोहन यादव ने गिनाए विकास के फायदे

इंदौर  इंदौर में 17 किलोमीटर लंबे मेट्रो ट्रैक पर सेवा दोबारा शुरू किए जाने को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इंदौर केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक समृद्धि का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में शहर के भीतर आवागमन को सुगम बनाने और बाहर से आने वाले लोगों के लिए बेहतर यातायात सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मेट्रो जैसी आधुनिक सेवाओं का विस्तार बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री ने इंदौरवासियों और प्रदेशवासियों को मेट्रो सेवा शुरू होने पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इंदौर लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मेट्रो परियोजना शहर के यातायात को बेहतर बनाने के साथ ही भविष्य में इंदौर के विकास को नई गति देने का काम करेगी। शहर की बढ़ती आबादी और यातायात के बढ़ते दबाव को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन के आधुनिक साधनों की जरूरत लगातार बढ़ रही है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का इंदौर में स्वागत है, लेकिन कांग्रेस को अपने शासनकाल में युवाओं की स्थिति को लेकर भी जवाब देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंकड़े उठाकर देखे जाएं तो वर्ष 1956 से 2003 तक प्रदेश में कांग्रेस की सरकारें रहीं। ऐसे में युवाओं और महिलाओं की स्थिति को लेकर कांग्रेस को भी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में बिजली उत्पादन का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मध्यप्रदेश में बिजली की उपलब्धता बेहद कम थी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में बिजली उत्पादन को लगातार बढ़ाया गया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में बिजली उत्पादन क्षमता करीब 5 हजार मेगावाट से बढ़ाकर 25 हजार मेगावाट तक पहुंचाई गई है और बिजली की उपलब्धता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश आर्थिक और विकास के कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में विपक्ष को केवल आरोप लगाने के बजाय अपने शासनकाल के कामकाज का हिसाब भी जनता के सामने रखना चाहिए।

J&K में बड़ा ऑपरेशन, सुरक्षाबलों ने लश्कर कमांडर यासिर को किया ढेर; पाकिस्तानी नागरिक था आतंकी

श्रीनगर यूसमर्ग में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. संयुक्त बलों के साथ हुई इस मुठभेड़ में पाकिस्तानी लश्कर कमांडर यासिर मारा गया. सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ में मारा गया लश्कर कमांडर यासिर पहले सुलेमान मूसा के बड़े लश्कर ग्रुप का हिस्सा था. हालांकि, करीब एक साल पहले वह इस ग्रुप से अलग हो गया था। सुरक्षाबलों ने जिस आतंकी को मार गिराया था, उसकी पहचान यासिर के रूप में हुई है। यासिर पाकिस्तान का नागरिक था और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़ा हुआ था। सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन अशदर के तहत कार्रवाई करते हुए आतंकी को मार गिराया। उसकी पहचान सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां उसके नेटवर्क और गतिविधियों से जुड़ी अन्य जानकारियां जुटाने में लगी हैं। आतंकी नेटवर्क पर सुरक्षा बलों की नजर इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की मुहिम में अहम सफलता माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इलाके में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और उनके मददगारों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यूसमर्ग में ऑपरेशन अशदर के दूसरे दिन सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई पिछले दो दिनों से चल रहा आतंकवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षाबलों को मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के यूसमर्ग में शुक्रवार को बड़ी सफलता मिली। सेना और पुलिस ने अशदर गली के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में जारी मुठभेड़ के दूसरे दिन ऑपरेशन अशदर के तहत एक आतंकी को मार गिराया। उसके कब्जे से एके-47 राइफल और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई है। सुरक्षाबलों को इलाके में चार से पांच और आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। जंगल व पहाड़ी क्षेत्र में उनकी तलाश के लिए घेराबंदी जारी है। सेना की चिनार कोर के अनुसार, सटीक खुफिया सूचना पर अशदर गली क्षेत्र में आतंकियों की तलाश के लिए संयुक्त अभियान चलाया जा रहा था।यह क्षेत्र यूसमर्ग के दूधपथरी से करीब आठ घंटे की कठिन पैदल चढ़ाई वाला है। सेना की 53 राष्ट्रीय राइफल्स, 10 पैरा कमांडो, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) की टीमें बुधवार से ही इस इलाके में आतंकियों की तलाश में जुटी थीं। वीरवार को जंगल में संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर जवानों ने आतंकियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। इसके जवाब में आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों पक्षों के बीच भीषण गोलीबारी के बाद आतंकी घने जंगल में छिप गए। शुक्रवार सुबह अभियान दोबारा तेज किया गया और मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया। मारे गए आतंकी की अभी पहचान नहीं हो पाई है। सूत्रों के अनुसार, उसके पाकिस्तानी होने की आशंका है। साथ ही लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े होने की बात भी सामने आ रही है। वहीं, कश्मीर जोन के आईजीपी सुजीत कुमार भी मुठभेड़ स्थल के पास पहुंचे और अभियान का जायजा लिया। यासिर की गतिविधियों का पता यूसमर्ग के ऊपरी इलाकों में चलने के बाद संयुक्त बलों ने ऑपरेशन चलाया. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, सुलेमान उर्फ मूसा उस लश्कर ग्रुप का सदस्य था, मूसा पिछले साल श्रीनगर के डाचीगाम जंगल इलाके में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।  रात में घेरे के भीतर ही छिप गए थे आतंकी रक्षा सूत्रों के अनुसार, कुछ देर की गोलीबारी के बाद आतंकी घने जंगल और रात के अंधेरे का फायदा उठाकर घेरे के भीतर ही छिप गए। रात में दृश्यता कम होने के कारण सुरक्षाबलों ने जंगल से बाहर निकलने के संभावित रास्तों को सील कर घेराबंदी बनाए रखी। शुक्रवार सुबह रोशनी होते ही तलाशी अभियान को फिर से चलाया और एक आतंकी ढेर कर दिया। आतंकियों के खात्मे के लिए स्निफर डॉग्स भी लगाए सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ में शामिल आतंकियों की संख्या चार से पांच हो सकती है। आशंका है कि आतंकियों का यह गुट पीर पंजाल की ऊंची पहाड़ियों के रास्ते दक्षिण कश्मीर की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहा था। घने जंगलों, प्राकृतिक गुफाओं और खड़ी चट्टानों वाले इस इलाके में अन्य आतंकियों के छिपे होने की आशंका को देखते हुए सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है। आतंकियों की मौजूदगी को पूरी तरह खत्म करने के लिए स्निफर डॉग्स और आधुनिक उपकरणों की मदद से जंगल में अभियान जारी है। लेफ्टिनेंट जनरल ने चिनार कोर की कार्रवाई को सराहा नॉर्दर्न कमांड के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने अशदर गली इलाके में एक आतंकी को मार गिराने की त्वरित व सटीक कार्रवाई के लिए चिनार कोर की सराहना की। नॉर्दर्न कमांड ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वह जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। स्थानीय सूत्रों ने दो आतंकियों के मारे जाने का दावा किया है, लेकिन रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, मुठभेड़स्थल से अभी तक एक ही आतंकी का शव, एक एसाल्ट राइफल व अन्य युद्धक सामग्री मिली है। जब तक दूसरे आतंकी का शव नही मिल जाता उसके मारे जाने की पुष्टि नहीं हो सकती। प्रवक्ता ने बताया कि मारे गए आतंकियों के वहीं आस पास छिने होने की संभावना को देखते हुए अभियान को जारी रखा गया है। ऊपरी युसमर्ग पीर पंजाल पर्वतीय क्षेत्र में स्थित है और घने जंगलों तथा दुर्गम पहाड़ी भूभाग के कारण सुरक्षा अभियानों के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। युसमर्ग एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी है। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद इसे पर्यटकों के लिए बंद किया गया था। यहां से राजौरी-पुंछ क्षेत्र की ओर जाने वाले मार्ग भी निकलते हैं। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में घेराबंदी और तलाशी बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार, अभियान पूरा होने के बाद ही मारे गए आतंकी की पहचान और अन्य विवरण साझा किए जाएंगे।    

UP में 81 शिक्षकों का सम्मान, बेसिक के 61 और माध्यमिक शिक्षा के 20 शिक्षक हुए पुरस्कृत

सभी 81 शिक्षकों को सीएम योगी ने अपने हाथों से दिया पुरस्कार शिक्षक दिवस पर बेसिक शिक्षा के 61 और माध्यमिक शिक्षा के 20 शिक्षक हुए पुरस्कृत 10 शिक्षकों को ही सीएम के हाथों मिलना था पुरस्कार, मुख्यमंत्री ने पहले से तय कार्यक्रम को बदलकर सभी को किया सम्मानित गोरखपुर,  शिक्षा व्यवस्था के उत्थान और शिक्षकों के सम्मान के प्रति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कितने संवेदनशील हैं, इसकी बानगी शनिवार को शिक्षक दिवस पर योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित सम्मान समारोह में देखने को मिली। राज्य अध्यापक पुरस्कार और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित सभी 81 शिक्षकों को सीएम ने अपने हाथों पुरस्कार दिया, जबकि तय कार्यक्रम के अनुसार उन्हें सिर्फ 10 शिक्षकों को ही सम्मानित करना था। मुख्यमंत्री की इस पहल से प्रदेश भर से आए शिक्षक मुदित हो गए। सीएम योगी को मंच पर राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए चयनित बेसिक शिक्षा विभाग के 5 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 5 यानी कुल 10 शिक्षकों को ही अपने हाथ से पुरस्कृत करना था। पर, जब शिक्षकों को पुरस्कृत करने की बारी आई तो मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी चयनित 81 शिक्षकों की भावनाओं का सम्मान किया जाएगा और वह सभी को खुद पुरस्कृत करेंगे। इसके बाद पहले से तय 10 शिक्षकों के बाद सीएम योगी ने अन्य सभी 71 शिक्षकों को भी मंच पर बुलवाकर खुद पुरस्कृत किया।  मुख्यमंत्री ने पुरस्कृत हुए शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार राशि के रूप में 25 हजार रुपये का प्रतीकात्मक चेक सौंपा। महिला शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने और पुरुष शिक्षकों को बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने अंगवस्त्र पहनाया। बाद में सभी पुरस्कृत शिक्षकों को मां सरस्वती की प्रतिमा भी भेंट की गई। उल्लेखनीय है कि राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त इन शिक्षकों को आजीवन उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में प्रतिवर्ष 4000 किलोमीटर की निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। साथ ही इनकी सेवानिवृत्ति की सीमा भी दो वर्ष बढ़ जाएगी।  बेसिक शिक्षा के इन शिक्षकों को सीएम योगी ने दिया राज्य अध्यापक पुरस्कार 1. संगीता शर्मा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय धनौली, अकोला, आगरा) 2. गीता वर्मा (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय चौबारा, गजरौला, अमरोहा) 3. प्रीति मिश्रा (सहायक अध्यापक, पीएम श्री उच्च विद्यालय बेलवा, पयागपुर, बहराइच) 4. सलमा खान (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय आदर्श, नगर क्षेत्र, बलरामपुर) 5. उर्मिला देवी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय खेमईपुर, भदोही) 6. रचना कपूर (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय नंगली छोइया, हल्दौर, बिजनौर) 7. किरन देवी (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय अंबियापुर, बदायूं) 8. जूही मलिक (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय स्याना, बुलंदशहर) 9. उषा सिंह (सहायक अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय सैदपुर, शहबादगंज, चंदौली) 10. गीता वर्मा (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय अमानाबाद, फर्रुखाबाद) 11. अर्चना पांडेय (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट स्कूल पर्थला खंजरपुर, गौतमबुद्धनगर) 12. ज्योत्स्ना गोस्वामी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय ननकागढ़ी, राजापुर, गाजियाबाद) 13. शुचि त्यागी (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय पिपलैडा, दहौलाना, हापुड़) 14. विजया अवस्थी (सहायक अध्यापक, संविलियन विद्यालय मंसूरनगर, पिहानी, हरदोई) 15. पल्लवी चतुर्वेदी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय सासनी, हाथरस) 16. प्रीति श्रीवास्तव (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय पठाकरका, बंगरा, झांसी) 17. डॉ. सुमनलता यादव (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय कुंवरपुर बनवारी, छिबरामऊ, कन्नौज) 18. डॉ. कामायनी शर्मा (सहायक अध्यापक, संविलियन विद्यालय औरोताहरपुर, ककवन, कानपुर नगर) 19. सुमन कुशवाहा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर, नेवादा, कौशाम्बी) 20. प्रीति गुप्ता (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय चौकी बस स्टैंड, बिरधा, ललितपुर) 21. विनीता (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय अमेठी उर्दू, गोसाईगंज, लखनऊ) 22. सीमा कुमारी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय महटौली, घिरोर, मैनपुरी) 23. प्रतिभा रानी भारती (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय, हर्रा, सरूरपुर, मेरठ) 24. सुनीता रानी (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय सिरसवां, भगतपुर, मुरादाबाद) 25. आरती शर्मा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय रुस्तमगढ़, मुज्जफरनगर) 26. वैलेंटिना विक्टर (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय अहमदनगर, नगर क्षेत्र, रामपुर) 27. अमिता टंडन (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय राजपुर रानी, श्रावस्ती) 28. मीरा सिंह (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय गड़ईडीह, चोपन, सोनभद्र) 29. प्रीति भारती (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय नेवलगंज, हसनगंज, उन्नाव) 30. नीलम राय (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय मंडुआडीह, वाराणसी) 31. सय्यदा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय पिपरिया अगरु, मरौरी, पीलीभीत) 32. सुनीत मित्र पांडेय (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय गोकुला, नवाबगंज, गोंडा) 33. अमर सिंह (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय बहरावद, अतरौली, अलीगढ़) 34. राम मिलन गुप्ता (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च विद्यालय, नसीरपुर छितौना, जहांगीरगंज, अम्बेडकरनगर) 35. पंकज कुमार द्विवेदी (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय, ठेउंगा, सोहावल, अयोध्या) 36. प्रदीप कुमार सिंह (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय भैरवपुर, कोयलसा, आजमगढ़) 37. अजीत कुमार श्रीवास्तव (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, इब्राहिमाबाद, मुरली छपरा, बलिया) 38. राहुल कुमार शुक्ल (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय बहुता, त्रिवेदीगंज, बाराबंकी) 39. हरिशंकर त्रिपाठी (प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय गढ़चपा, मानिकपुर, चित्रकूट) 40. ओमवीर सिंह (प्रधानाध्यापक, पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय पिदौरा, मरेहरा, एटा) 41. वीरेंद्र सिंह (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय ताखा, इटावा) 42. आनंद कुमार मिश्र (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय मलूकपुर, ऐरायां, फतेहपुर) 43. संतोष कुशवाहा (सहायक अध्यापक, कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय मनिहारी, गाजीपुर) 44. नीतिराज सिंह (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय, चुनकी का डेरा, सुमेरपुर, हमीरपुर) 45. राजेश कुमार उपाध्याय (सहायक अध्यापक, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बारीगांव, घुघली, महराजगंज) 46. संजय कुमार मिश्र (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय गरियांव, मुंगरा बादशाहपुर, जौनपुर) 47. विनीत कुमार मिश्र (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय अन्ता, रसूलाबाद, कानपुर देहात) 48. धनंजय प्रताप सिंह (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय सलेमपुर लाला, कासगंज) 49. प्रमोद कुमार (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय रतासिया, बेहजम, लखीमपुर खीरी) 50. नवीन कुमार त्रिपाठी (सहायक अध्यापक, पीएम श्री कम्पोजिट विद्यालय उनवल प्रथम, बांसगांव, गोरखपुर) 51. ओमप्रकाश तिवारी (सहायक अध्यापक, कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय बिलखी, कबरई, महोबा) 52. अनिल कुमार मौर्य (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय दौलसेपुर, रानीपुर, मऊ) 53. दयानंद मिश्रा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय सिद्धि, पहारी, मिर्जापुर) 54. डॉ. देवेंद्र सिंह (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय बरना, प्रतापगढ़) 55. रामलखन मौर्या (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, सिरसा, प्रतापपुर, प्रयागराज) 56. बृजकिशोर (प्रधानाध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय रसूलपुर, गुन्नौर, सम्भल) 57. अरुण कुमार गुप्ता (सहायक अध्यापक, कम्पोजिट विद्यालय धनौरा, ददरौल, शाहजहांपुर) 58. दिनकर चौहान (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय गंगेरू प्रथम, कांधला, शामली) 59. महेश कुमार (सहायक अध्यापक, प्राथमिक विद्यालय बूड़ा, बर्डपुर, सिद्धार्थनगर) 60. अतुल शर्मा (प्रधानाध्यापक, प्राथमिक विद्यालय अडावेनिया ग्रांट, एलिया, सीतापुर) 61. सत्येंद्र कुमार सिंह (सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय साढापुर, प्रतापपुर कमैचा, सुल्तानपुर) सीएम के हाथों माध्यमिक विद्यालयों के इन शिक्षकों को मिला राज्य अध्यापक पुरस्कार 1. रेनू तोमर (प्रधानाचार्य, जवाहर … Read more

कलियासोत नदी के मुहाने पर धंसी जमीन, कारें दबीं और पेड़ गिरे; मौके पर पहुंचा प्रशासन

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जमीन धंस रही है। कलियासोत नदी के मुहाने पर जमीन धंस गई जिससे कई कारें दब गईं। भारी बारिश के चलते यह घटना घटी। जमीन धंसने से आसपास के इलाके में दहशत पसर गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। जमीन में दबी कारों को देर रात क्रेन से निकाला गया। कलियासोत नदी के मुहाने पर जमीन धंसने से 8 मंजिला इमारत आम्रवेली की नींव पर खतरा उत्पन्न होने की बात कही जा रही है। पता चला है कि आसपास की इमारतों की नींव भी कमजोर हो गई है। भोपाल के बाहरी इलाके में देर रात उस समय सनसनी फैल गई जब यहां जमीन धंसने लगी। इससे आसपास के कई क्षेत्र में कई पेड़ गिर गए, रोड फट गईं। जमीन धंसने से रहवासियों की कारें दब गईं। मामले की सूचना तुरंत पुलिस और प्रशासन को दी गई। जमीन धंसने की सूचना मिलते ही अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जमीन में दबी कारों को क्रेन से निकालने का काम शुरु किया गया। कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों व अमले की भी भरपूर मदद की। जमीन धंसने के इस मामले में 8 मंजिला इमारत आम्रवेली की नींव भी हिल गई है। सलैया इलाके में मौजूद यह प्रोजेक्ट कलियासोत नदी के बेहद नजदीक बना हुआ है। जमीन धंसने से आसपास की अन्य इमारतों को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रही है। घटना के बाद आसपास रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। सबसे बड़ी चिंता 8 मंजिला आम्रवेली बिल्डिंग की नींव को लेकर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि जमीन धंसने का असर आसपास की इमारतों की नींव पर भी पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन की ओर से मौके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जमीन धंसने की वास्तविक वजह और इमारतों की सुरक्षा को लेकर तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। देर रात शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन के अधिकारी देर रात अपना अमला लेकर मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से जमीन में धंसी कारों को बाहर निकालने का अभियान चलाया गया। कारों को कड़ी मशक्कत के बाद निकाला जा सका। इमारतों में रह रहे लोगों पर मंडराया खतरा इलाके में लगातार और तेज बारिश हो रही है। इसके बीच जमीन धंसने की घटना ने इलाके में रह रहे लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन धंसने से इमारतों की नींव को नुकसान पहुंचने की आशंका है जिससे इनमें रह रहे लोगों को खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोग अब दहशत के साए में रह रहे हैं। यदि तेज बारिश का दौर जारी रहा तो जमीन और धंसने की आशंका है। फिलहाल जिला प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है। जमीन धंसने की वजह जानने की कोेशिश की जा रही है।

कौशल विकास से युवाओं को मिलेगी नई दिशा, केदार कश्यप बोले- हुनरमंद युवा बनाएंगे स्वर्णिम भविष्य

हुनरमंद युवा ही गढ़ेंगे स्वर्णिम भविष्य, कौशल विकास से निखरेगी नई पीढ़ी -वन मंत्री केदार कश्यप ​जिज्ञासा से हुनर तक, युवाओं के कौशल विकास से ही संभव है प्रगति -विश्व विजय सिंह तोमर विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के संकल्प से जुड़ेगा युवा, नारायणपुर में ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम का आयोजन ​मेधावी विद्यार्थियों, राष्ट्रीय खिलाड़ियों व मलखंभ विजेताओं को खेल एवं शिक्षा सम्मान से नवाजा गया ​रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य गठन के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में प्रदेश के युवाओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ विजन और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के संकल्प से जोड़ने के उद्देश्य से नारायणपुर स्थित ए.जी. ऑडिटोरियम में ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 16 से 24 वर्ष आयु वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों, राष्ट्रीय- राज्य स्तरीय खिलाड़ियों, दिव्यांगजनों, कौशल विकास प्रशिक्षणार्थियों और आत्मसमर्पित पूर्व नक्सली युवाओं की व्यापक सहभागिता रही। युवाओं के हुनर, शिक्षा और खेल प्रतिभा का राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका        छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने ‘युवा उड़ान’ कार्यक्रम में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ गठन के इस रजत जयंती वर्ष में प्रदेश की युवा शक्ति ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के विजन को साकार करेगी। बस्तर क्षेत्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों, राष्ट्रीय खिलाड़ियों और कौशल विकास से जुड़ रहे युवाओं की सक्रिय भागीदारी राज्य की प्रगति की नई दिशा तय कर रही है। राज्य सरकार युवाओं के हुनर, शिक्षा और खेल प्रतिभा को बढ़ावा देकर उन्हें आत्मविश्वास के साथ राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए हर संभव अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।        ​ ​हुनर और जिज्ञासा से बनेगी युवाओं की पहचान- तोमर      ​राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है; युवाओं को अपने हुनर, कौशल, जिज्ञासा और रचनात्मकता को लगातार विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिभा को सही दिशा और मंच देना ही श्युवा उड़ानश् का मुख्य ध्येय है, जिससे युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण की सोच विकसित हो सके। उन्होंने पंजीयन के लिए युवा आयोग की वेबसाइट और क्यूआर कोड/गूगल फॉर्म की जानकारी भी साझा की। ​विशेषज्ञों ने साझा किए राष्ट्र निर्माण के मंत्र        ​कार्यक्रम के बौद्धिक सत्रों में विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।​ युवा शक्ति-राष्ट्र शक्ति पर केंद्रित डॉ. मीनाक्षी ठाकुर ने विकसित भारत 2047, आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया में युवाओं की निर्णायक भूमिका पर प्रकाश डाला।​ डॉ. विश्वजीत ने विद्यार्थियों को इस राष्ट्रीय विषय के संवैधानिक व व्यावहारिक पहलुओं को सरल भाषा में समझाया तथा एक देश-एक चुनाव की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसी तरह डॉ. सतीश पाण्डेय ने प्रेरक कहानियों के माध्यम से सकारात्मक सोच और निरंतर सीखने की ललक बनाए रखने का आह्वान किया। ​प्रतिभावान विद्यार्थियों और उत्कृष्ट खिलाड़ियों का किया गया सम्मान      ​शिक्षा और खेल के क्षेत्र में जिले का नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। ​शिक्षा क्षेत्र में कक्षा 10वीं में 94.33 प्रतिशत अंक लाकर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा भाविका देवांगन तथा 94ः अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कोविता कोर्राम को सम्मानित किया गया। ​खेल क्षेत्र में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के मलखंभ विजेता संताय पोटाई व मोनिका पोटाई, खेलो इंडिया फुटबॉल उपविजेता शशिकांत कुमेटी व मनीष कोवाची; ऑल इंडिया खो-खो क्वालीफायर अमृता गोटा, नेशनल स्कूल गेम्स खो-खो विजेता शामुएल कल्लो व किशोर कावड़ो तथा राष्ट्रीय खिलाड़ी दिव्या कांगे को खेल पुरस्कार से नवाजा गया।      ​इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष, जनपद अध्यक्ष, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, डीएफओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षक और युवा उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश में 11 IAS अफसरों की नई पोस्टिंग, दिलीप कुमार को सागर संभाग की कमान; 5 को अतिरिक्त प्रभार

भोपाल मध्य प्रदेश में आज राज्य शासन ने 11 अधिकारियों के तबादले आदेश जारी किए हैं। सागर के कमिश्नर अनिल सुचारी को राज्य भंडार गृह निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है। आयुक्त उद्योग दिलीप कुमार को सागर का संभागीय कमिश्नर पदस्थ किया गया है।साथ ही महिला और बाल विकास विभाग की आयुक्त निधि निवेदिता को अब ओएसडी शहर राजस्व आयुक्त और आयुक्त भू अभिलेख की अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी सौंप गई है।सरकार ने ओएसडी शाह श्रम आयुक्त संदीप जीआर को भी बदला है और उन्हें ओएसडी सह आयुक्त महिला और बाल विकास तथा पड़े मिशन संचालक अटल बिहारी वाजपेई बाल आरोग्य एवं पोषण मिशन के पद पर पदस्थ किया है। 6 जिला पंचायत CEO भी बदले गए सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने एक अन्य तबादला आदेश में 6 राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के अफसर के तबादले करते हुए उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी और अपर मेला अधिकारी सिंहस्थ उज्जैन के पद पर पदस्थ किया है। जारी आदेश के अनुसार प्रमुख राजस्व आयुक्त अनुभा श्रीवास्तव को अब सचिव राजस्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, आयुक्त सहसंचालक पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण सतेंद्र सिंह को अब सचिव पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का जिम्मा सौंपा है। इसके अलावा राजस्व, महिला एवं बाल विकास, नगर निगम और निगम-मंडल स्तर के कई पदों पर भी बदलाव हुए हैं। नीचे पूरी सूची दी गई है। ट्रांसफर सूची (नई पदस्थापना)     आईएएस अनिल सुचारी (2006): आयुक्त, सागर संभाग, सागर से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे मध्यप्रदेश भण्डार गृह निगम, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (समकक्ष घोषित पद: सचिव, मध्यप्रदेश शासन)     आईएएस दिलीप कुमार (2008): आयुक्त उद्योग तथा प्रबंध संचालक लघु उद्योग निगम, भोपाल (अतिरिक्त प्रभार सहित) से उन्हें आयुक्त बनाया गया है। अब वे सागर संभाग, सागर में पोस्टेड होंगे।     आईएएस अनुभा श्रीवास्तव (2009): प्रमुख राजस्व आयुक्त तथा आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोवस्त, ग्वालियर (अतिरिक्त प्रभार सहित) से उन्हें सचिव बनाया गया है। अब वे राजस्व विभाग, मंत्रालय भोपाल में पोस्टेड होंगी।     आईएएस सतेन्द्र सिंह (2009): आयुक्त-सह-संचालक, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, भोपाल से उन्हें सचिव बनाया गया है। अब वे पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पोस्टेड होंगे। (अतिरिक्त प्रभार: सचिव-अनुसूचित जाति कल्याण विभाग, आयुक्त-अनुसूचित जाति विकास, प्रबंध संचालक-अनुसूचित जाति वित्त निगम एवं आयुक्त-सह-संचालक पिछड़ा वर्ग कल्याण)     आईएएस नेहा मारव्या सिंह (2011): संचालक, आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं एवं अन्य प्रभार, भोपाल से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, भोपाल में पोस्टेड होंगी। (समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)     आईएएस निधि निवेदिता (2012): वि.क.अ.-सह-आयुक्त, महिला एवं बाल विकास, भोपाल से उन्हें वि.क.अ.-सह-प्रमुख राजस्व आयुक्त बनाया गया है। अब वे भोपाल में पोस्टेड होंगी। (अतिरिक्त प्रभार: आयुक्त, भू-अभिलेख एवं बंदोवस्त, ग्वालियर; समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)     आईएएस अनुराग वर्मा (2012): प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश भण्डार गृह निगम एवं राज्य नागरिक आपूर्ति निगम (अतिरिक्त प्रभार सहित), भोपाल से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)     आईएएस मयंक अग्रवाल (2013): प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन, भोपाल से उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। अब वे विकसित भारत-रोजगार गारंटी आजीविका मिशन (VB-GRAMG), भोपाल में पोस्टेड होंगे। (अतिरिक्त प्रभार: मिशन संचालक, समग्र नर्मदा मिशन; समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)     आईएएस संदीप जी.आर. (2013): वि.क.अ.-सह-श्रम आयुक्त, इंदौर से उन्हें वि.क.अ.-सह-आयुक्त बनाया गया है। अब वे महिला एवं बाल विकास विभाग, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (समकक्ष घोषित पद: अपर सचिव, मध्यप्रदेश शासन)     आईएएस अवि प्रसाद (2014): मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रोजगार गारंटी परिषद, भोपाल से उन्हें प्रबंध संचालक बनाया गया है। अब वे मध्यप्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विसेस कॉर्पोरेशन, भोपाल में पोस्टेड होंगे। (अतिरिक्त प्रभार: अपर सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग; समकक्ष घोषित पद: उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन)     आईएएस नेहा जैन (2018): अपर संचालक, नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण, इंदौर से उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है। अब वे स्मार्ट सिटी, उज्जैन में पोस्टेड होंगी। (अतिरिक्त प्रभार: अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम उज्जैन; समकक्ष घोषित पद: उप सचिव, मध्यप्रदेश शासन) अतिरिक्त प्रभार (मूल पद यथावत)     आईएएस रघुराज एम.आर. (2004): सचिव, श्रम विभाग, भोपाल के मूल पद पर बने रहेंगे। उन्हें सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।     आईएएस तरुण राठी (2010): आयुक्त, आदिवासी विकास, भोपाल के मूल पद पर बने रहेंगे। उन्हें आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाएं, MAPCET एवं आदिम जाति अनुसंधान संस्थान का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।     आईएएस कुमार पुरूषोत्तम (2012): अपर सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय, भोपाल के मूल पद पर बने रहेंगे। उन्हें आयुक्त उद्योग एवं प्रबंध संचालक लघु उद्योग निगम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।     आईएएस शीतला पटले (2014): सचिव, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इंदौर के मूल पद पर बनी रहेंगी। उन्हें श्रम आयुक्त, इंदौर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।     आईएएस अनिशा श्रीवास्तव (2021): कार्यकारी संचालक, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम, ग्वालियर के मूल पद पर बनी रहेंगी। उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्वालियर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

शिक्षकों के सम्मान में सजा मंच, केदार कश्यप ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षा दूतों को दिए सम्मान

मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह- वन मंत्री केदार कश्यप ने सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षा दूतों को किया सम्मानित रायपुर  शिक्षक दिवस के अवसर पर नारायणपुर के ए.जी. ऑडिटोरियम में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण सम्मान समारोह का आयोजन भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप और राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर उपस्थित रहे। अनुशासन और संस्कारों से ही मिलती है सफलतारू केदार कश्यप     वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अनुशासन, संस्कार, धैर्य और संकल्प के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने परिवार को पहली पाठशाला बताते हुए कहा कि माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करना हमारी संस्कृति का मूल आधार है। विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्होंने मोबाइल फोन का उपयोग केवल पढ़ाई और ज्ञानवर्धक गतिविधियों के लिए करने तथा इसके दुरुपयोग से बचने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके साथ सेल्फी भी ली। पुस्तक विमोचन और शिक्षकों का सम्मान        समारोह के दौरान लेखक श्री शिव कुमार पाण्डेय द्वारा अबूझमाड़ की संस्कृति पर आधारित लिखित पुस्तक ‘बस्तर के लोक जीवन में वनस्पतियां’ का विमोचन किया गया। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 15 सेवानिवृत्त शिक्षकों (श्री सुमेर सिंह मंडावी, श्रीमती उषा किरण बैस, श्री धनसिंह बघेल आदि) को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। विकासखंड स्तर पर 6 शिक्षकों को शिक्षा दूत पुरस्कार और जिला स्तर पर 3 शिक्षकों को ज्ञानदीप पुरस्कार से नवाजा गया।         इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रस्थ बघेल, जनपद अध्यक्ष श्रीमती पिंकी उसेंडी, कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन, पुलिस अधीक्षक श्री संदीप कुमार पटेल, डीएफओ डॉ. वेंकटेशा एमजी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रही।