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कूनो ने फिर दिखाई उम्मीद की किरण, चीता गामिनी ने 4 स्वस्थ शावकों को दिया जन्म

  श्योपुर मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बार फिर बड़ी और सुखद खबर सामने आई है. यहां मादा चीता गामिनी ने 4 शावकों को जन्म दिया है, जिससे भारत में चीता प्रोजेक्ट को एक नई मजबूती मिली है।  केंद्रीय पर्यावरण और वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर शावकों की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, दक्षिण अफ्रीका से लाई गई 25 माह की मादा चीता गामिनी ने अपनी पहली संतान के रूप में इन 4 शावकों को जन्म दिया है. यह कूनो में चीतों की वंशवृद्धि की दिशा में एक बड़ी सफलता है।  चीतों का कुनबा बढ़ा इन 4 नए नन्हे मेहमानों के आने के बाद अब भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 57 हो गई है. इसमें कूनो में जन्मे शावक और बाहर से लाए गए चीते शामिल हैं।  प्रोजेक्ट चीता की सफलता  केंद्रीय मंत्री ने गामिनी और उसके शावकों की तस्वीरें शेयर करते हुए पार्क के अधिकारियों और डॉक्टरों की टीम को बधाई दी. उन्होंने इसे 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। गामिनी और उसके चारों शावक फिलहाल पूरी तरह स्वस्थ हैं और वन विभाग की टीम उन पर 24 घंटे निगरानी रख रही है.

रायपुर : विशेष लेख – स्वाभिमान की नई पहचान, छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम दौर

रायपुर : विशेष लेख : स्वाभिमान की नई पहचान : छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण का स्वर्णिम दौर रायपुर छत्तीसगढ़ में वर्ष 2026 को “महतारी गौरव वर्ष” के रूप में मनाते हुए महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा दी जा रही है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की योजनाएं अब जमीनी स्तर पर प्रभावी परिणाम दे रही हैं, जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब आंकड़ों में दिखाई देता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि महतारी गौरव वर्ष महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का व्यापक अभियान है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने बजट में महिलाओं और बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आंगनबाड़ी संचालन के लिए 800 करोड़ रुपए, पूरक पोषण आहार के लिए 650 करोड़ रुपए तथा कुपोषण मुक्ति व पोषण अभियान के लिए 235 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है, जो आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निवेश है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि राज्य में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महतारी वंदन योजना एक मील का पत्थर साबित हुई है। 10 मार्च 2024 को प्रारंभ इस योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1 हजार रुपए की सहायता मिल रही है। अब तक 26 किस्तों के माध्यम से 16 हजार 881 करोड़ रुपए से अधिक राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में अंतरित की जा चुकी है, वहीं इस योजना के लिए 8 हजार 200 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रस्तावित रानी दुर्गावती योजना के तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 1 लाख 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी, जिसके लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। राज्य में महिलाओं के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। महतारी सदनों के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत अब तक 368 सदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है और 137 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। साथ ही 500 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं, जिससे ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी। मातृत्व सुरक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के अंतर्गत 3 लाख 73 हजार से अधिक पंजीयन दर्ज किए गए हैं तथा 235 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है। वर्ष 2023-24 में जहां 1 लाख 75 हजार से अधिक पंजीकरण हुए, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 2 लाख 19 हजार से अधिक हो गई। वर्ष 2025-26 में फरवरी तक 2 लाख 4 हजार से अधिक पंजीयन हो चुके हैं, जो निर्धारित लक्ष्य का 93 प्रतिशत से अधिक है। पोषण अभियान में भी राज्य ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। पोषण माह 2024 के दौरान प्रति केंद्र प्रदर्शन में प्रदेश को प्रथम स्थान तथा कुल गतिविधियों में तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। वहीं न्योता भोज जैसे नवाचारों के तहत 9 हजार 700 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे 1 लाख 83 हजार से अधिक बच्चों को लाभ मिला। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्व-सहायता समूहों को रेडी-टू-ईट जैसे कार्यों से जोड़ा जा रहा है तथा लखपति दीदी योजना के माध्यम से उन्हें व्यवसायिक अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 38 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं, जिससे उन्हें स्वच्छ ईंधन की सुविधा मिली है। वहीं सखी वन स्टॉप सेंटरों की संख्या 27 से बढ़ाकर 34 कर दी गई है, जहां 14 हजार 300 से अधिक प्रकरणों में से 8 हजार 900 से अधिक का निराकरण किया जा चुका है। स्पष्ट है कि “महतारी गौरव वर्ष” केवल एक प्रतीकात्मक पहल नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देने वाला अभियान है। विष्णु देव साय और लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में महिलाएं अब विकास की धुरी बनकर उभर रही हैं और राज्य को नई दिशा दे रही हैं। •    डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक   

वंदे मातरम पर इंदौर पार्षद रुबीना का बयान, पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने जताया कड़ा विरोध

इंदौर  जिले में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर छिड़े विवाद ने एक बार फिर सियासी माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस की मुस्लिम पार्षद रुबीना इकबाल खान के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस पूरे मामले पर पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है और कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा है। 'संविधान सर्वोपरि, अपमान नहीं होगा सहन' उषा ठाकुर ने कहा कि जो लोग भारत में रहते हैं उन्हें ‘वंदे मातरम’ का सम्मान करना ही होगा। यह देश किसी एक धर्म का नहीं बल्कि सभी नागरिकों का है और यहां संविधान सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि अगर कोई ‘वंदे मातरम’ बोलने से इनकार करता है तो यह राष्ट्र के प्रति अनादर माना जाएगा। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस तरह की सोच देशहित के खिलाफ है। आजादी का प्रतीक है वंदे मातरम विधायक ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि आजादी के आंदोलन का प्रतीक रहा है। इस गीत के लिए देश के लाखों लोगों ने बलिदान दिया है। ऐसे में अगर कोई नागरिक इसे गाने से मना करता है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश में रहने वाले हर व्यक्ति को राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। कांग्रेस की मानसिकता पर सीधा प्रहार उषा ठाकुर ने कांग्रेस पर भी हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी की मानसिकता अब जनता के सामने आ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस तरह के बयानों को बढ़ावा देती है जिससे समाज में गलत संदेश जाता है। उनका कहना है कि जनता समय आने पर इसका जवाब जरूर देगी। इंदौर में पहले भी इस तरह के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है जहां कथित तौर पर फंडिंग के जरिए इस तरह की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा था। समाज को इस विषय में जागरूक होने की जरूरत है और परिवारों को अपनी बेटियों की सुरक्षा और संस्कारों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। लव जिहाद पर भी चेतावनी इसी दौरान उषा ठाकुर ने प्रयागराज की एक वायरल युवती के मामले पर भी बयान दिया। उन्होंने इसे ‘लव जिहाद’ से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए चिंता का विषय हैं। उनके अनुसार कुछ संगठित ताकतें युवतियों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित करती हैं। आकाश सिकरवार

लाड़ली बहना योजना के तहत सीएम सीहोर में 12 अप्रैल को 35वीं किस्त जारी करेंगे, 184 करोड़ के विकास कार्यों का ऐलान

सीहोर  मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के खाते में जल्द ही पैसे आने वाले हैं। मुख्यमंत्री 1.25 करोड़ महिलाओं के खाते में योजना की 35वीं किश्त जारी करेंगे। 12 अप्रैल को सीहोर के आष्टा में सीएम विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे और वहीं से महिलाओं के खाते में पैसे भी डालेंगे। लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी महिलाएं 12 अप्रैल की शाम तक अपना खाता चेक कर सकती हैं। मुख्यमंत्री यादव 12 अप्रैल को सीहोर के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के साथ ही सीहोर की 2,40,287 लाड़ली बहनों के खाते में 35 करोड़ 39 लाख 32 हजार 500 रूपये की राशि अंतरित करेंगे। इस अवसर मुख्यमंत्री डॉ यादव 184 करोड़ 92 लाख रूपये लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। इन कार्यों में 115 करोड़ 32 लाख रूपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 69 करोड़ 60 लाख रूपये के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। नवंबर में बढ़ाई गई थी योजना की राशि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में योजना के अंतर्गत नवंबर माह से मासिक सहायता में 250 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे अब पात्र हितग्राही बहनों को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। प्रदेश में जून 2023 से प्रारंभ हुई यह योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान का नया आधार बनी है। जून 2023 से मार्च 2026 तक योजना के तहत 34 किश्तों का नियमित अंतरण किया जा चुका है। इन कार्यों का करेंगे लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव आष्टा में 115 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जिनमें नगर पालिका आष्टा के वार्ड-16 घनश्यामपुरा में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य (10.76 लाख रुपये), पार्वती नदी पर घाट निर्माण कार्य (97.31 लाख रुपये), नगर परिषद जावर में नेवज नदी रीज्यूवेशन कार्य (188.00 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में नेवज नदी पर पुलिया निर्माण कार्य (88.00 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आष्टा में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (6100.00 लाख रुपये) एवं जावर में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (3954.00 लाख रुपये), सिद्दीगंज में उपतहसील कार्यालय भवन निर्माण (85.00 लाख रुपये) तथा आष्टा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय भवन निर्माण (131.00 लाख रुपये) भी शामिल हैं। साथ ही ग्राम मेहतवाड़ा में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण (295.45 लाख रुपये) तथा आष्टा-शुजालपुर मार्ग से धनाना खड़ी अरनिया गाजी करमनखेड़ी मार्ग पर पुल निर्माण कार्य (582.50 लाख रुपये) का भी लोकार्पण किया जाएगा। इन कार्यों का करेंगे भूमिपूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव 69 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें आष्टा सिद्दीगंज से धर्मपुरी मार्ग निर्माण (200.78 लाख रुपये), हुसैनपुरखेड़ी से ओल्ड आष्टा बडला मार्ग निर्माण (160.11 लाख रुपये) तथा भंवरा से सिद्धेश्वर महादेव मंदिर तक मार्ग निर्माण (401.15 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सिद्दीगंज, कुरावर, मेहतवाड़ा, खड़ी, लोरासकला एवं धुराड़ाकला में शासकीय स्कूलों के निर्माण कार्य (894.51 लाख रुपये), मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना अंतर्गत 12 एनजीओ एवं 48 आरक्षक आवास निर्माण (1143.20 लाख रुपये), इछावर में महाविद्यालयीन बालक छात्रावास निर्माण (450.00 लाख रुपये) तथा पार्वती अर्द्धशहरी पुलिस थाना भवन निर्माण (192.13 लाख रुपये) शामिल हैं। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 96 निर्माण कार्य (1368.00 लाख रुपये) एवं 54 सामुदायिक भवन निर्माण (1320.00 लाख रुपये), नगर परिषद कोठरी में अमृत 2.0 अंतर्गत पेयजल योजना (114.00 लाख रुपये), आष्टा में पपनाश नदी से भोपाल नाका तक आरसीसी नाला निर्माण (240.39 लाख रुपये), सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य (410.39 लाख रुपये), वार्ड-14 में सब्जी मंडी विकास कार्य (26.25 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में पाण्डू शिला के पास सौंदर्यीकरण कार्य (39.19 लाख रुपये) का भूमिपूजन किया जाएगा।

PM मोदी का मतुआ-नामशूद्र को संदेश: ‘आप यहां किसी TMC नेता की कृपा से नहीं

बर्धमान  पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार जोरों पर है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सबसे बड़े चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव प्रचार के मैदान में उतार दिया है. पीएम मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के बर्धमान जिले के कटवा में चुनावी जनसभा को संबोधित किया और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जमकर निशाना साधा।  उन्होंने  कहा कि टीएमसी सरकार ने केंद्र की तमाम योजनाओं पर ब्रेक लगा रखा है. बीजेपी की सरकार बनते ही योजनाएं लागू की जाएंगी. पीएम मोदी ने दावा किया कि बर्धमान में हजारों-हजार लोगों का ये रैला बंगाल में खेला करने वाला है. यह दृश्य 4 मई के नतीजे का ट्रेलर है. उन्होंने कहा कि चुनाव में आपका उमंग, आपका उत्साह, आपकी ऊर्जा, आपका संकल्प देख रहा हूं. यह भय पर भरोसे की विजय का उद्घोष है. बंगाल परिवर्तन के लिए तैयार है।  पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी ने संकल्प लिया है कि बंगाल को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाएंगे. उन्होंने कहा कि कल ही बंगाल बीजेपी ने अपना घोषणापत्र जारी किया है. इसमें मैंने जो आपको 6 गारंटियां दी हैं, उन्हें लागू करने का रोडमैप है. पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल बीजेपी के सभी साथियों को इस शानदार घोषणापत्र के लिए बधाई देता हूं।  उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी, टीएमसी की निर्मम सरकार के भय को हटाकर भरोसे में बदलने की है. ये गारंटी पूरी कैसे होगी यह पूरा खाका बीजेपी के घोषणापत्र में है. पीएम मोदी ने कहा कि असम, केरल और पुडुचेरी में वोट पड़ चुके हैं. वहां भारी मतदान हुआ है. बहुत बड़ी संख्या में लोग मतदान के लिए निकले हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं ने बड़ी संख्या में वोट डाला है. चुनाव आयोग को बधाई देता हूं कि बिना किसी अप्रिय घटना के तीनों राज्यों में मतदान हुआ है।  पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी की सरकार बनने पर पहली कैबिनेट मीटिंग में आयुष्मान भारत योजना लागू की जाएगी. उन्होंने कहा कि मतुआ समुदाय, नामशूद्र और सभी शरणार्थियों को गारंटी देने आया हूं कि आप यहां किसी टीएमसी नेता की कृपा से नहीं हैं. पीएम ने कहा कि मोदी ने सीएए का कानून बनाकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि आप सभी यहां भारत के संविधान के संरक्षण में हैं।  उन्होंने कहा कि सीएए के तहत नागरिकता देने का काम और तेज किया जाएगा. पीएम मोदी ने कहा कि जो भारत में घुसपैठ कर आया है, वह भारत से खदेड़ा जाएगा. हर घुसपैठिए से कहूंगा कि वो अपना बोरिया बिस्तर बांध ले. जिन लोगों ने कागज बनाए, उनका भी हिसाब होगा. उन्होंने कहा कि सबका साथ, सबका विकास बीजेपी का मंत्र है ही, लूटेरे और अत्याचारियों का भी पूरा हिसाब होगा।  पीएम मोदी ने कहा कि किसी घुसपैठिए को फर्जी राशन कार्ड दिया जाएगा, तो वह आपके हक का चावल लूटेगा. वह किसान के हक का पैसा भी लूट लेगा. अब टीएमसी को हरगिज मौका नहीं देना है. उन्होंने मतदान के दिन बीजेपी उम्मीदवारों को विजयी बनाने की अपील की. पीएम मोदी ने कहा कि आप यहां से जब जाएंगे, आप लोगों के पास जब जाएंगे, तब कहना कि मोदी जी आए थे और मोदी जी ने सबको पोइला बैसाख की शुभकामना दी है. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी सत्ता में आई तो कोई भी योजना बंद नहीं की जाएगी, जो चल रही है. टीएमसी की भ्रष्टाचार की दुकान बंद हो जाएगी। 

धार भोजशाला पर हाईकोर्ट का अहम फैसला, हिंदुओं को 24 घंटे पूजा का हक, मस्जिद या मंदिर?

धार  भारत के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर भी एक है। राजा भोज ने उज्जैन को अपनी राजधानी बनाया था। उन्होंने यहां कई निर्माण कराए, जिनमें महाकालेश्वर मंदिर स्थित जूना महाकाल मंदिर भी शामिल है। यहां पत्थरों पर जिस लिपि में संस्कृत श्लोक, शिलालेख के रूप में मौजूद हैं, उसी तरह के शिलालेख परमार राजाओं के खरगोन में बनाए मंदिर में भी हैं और भोजशाला के शिलालेखों पर भी मिलते हैं। इससे साबित होता है कि यहां राजा भोज ने मंदिर का निर्माण कराया था। पांचवें दिन सुनवाई में क्या हुआ धार भोजशाला विवाद को लेकर लगातार पांचवें दिन हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। याचिका दायर करने वाले कुलदीप तिवारी की ओर से वकील मनीष गुप्ता ने जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की युगलपीठ के समक्ष भोजशाला के हिंदू मंदिर होने को लेकर दलीलें रखीं।  याचिकाकर्ता कुलदीप तिवारी के वकील मनीष गुप्ता ने मांग की कि भोजशाला में 24 घंटे पूजा का अधिकार दिया जाए और इसके परिसर में गैर हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रकांड विद्वान राजा भोज ने शिक्षा के क्षेत्र में अद्भुत काम किए। सिर्फ धार की भोजशाला ही नहीं, परमार काल में कई अन्य स्थानों पर शिक्षा के मंदिर बनाए गए थे। इन मंदिरों में मिले पत्थर और भोजशाला में मिले पत्थर एक ही काल के हैं, जो यह सिद्ध करते हैं कि भोजशाला का निर्माण परमार काल में हो चुका था। वाग्देवी की मूर्ति और लिपियों का साक्ष्य राजा भोज द्वारा लिखित पुस्तकों में 'समराड्गण सूत्रधार' और 'सरस्वती कंठाभरण' प्रमुख हैं। समराड्गण सूत्रधार में यहां तक बताया गया है कि देवताओं की मूर्ति कितनी बड़ी होनी चाहिए। भोजशाला में स्थापित रही वाग्देवी की मूर्ति का वर्णन इससे शत-प्रतिशत मिलता है। उज्जैन के जूना महाकालेश्वर मंदिर में लगे पत्थर पर उकेरी गई और भोजशाला के पत्थरों की लिपि समकालीन है। इससे यह सिद्ध होता है कि भोजशाला मंदिर है और इसका निर्माण मस्जिद से बहुत पहले हो चुका था। अब इस मामले में सुनवाई 15 अप्रैल को होगी। इस दिन भी मनीष गुप्ता की ओर से ही तर्क रखे जाएंगे। डेढ़ घंटे चली बहस डेढ़ घंटे की बहस में उन्होंने पुराने साहित्य के साथ ही दार्शनिकों और भारत भ्रमण पर आए विदेशियों की किताबों का हवाला दिया। अब 15 अप्रेल से दोबारा शुरु होगी सुनवाई 5 दिन चली बहस के बाद अब भोजशाला मामले में 15 अप्रेल से दोबारा सुनवाई शुरू होगी। हिंदुओं को मिले पूजा का अधिकार गुप्ता ने अपनी दलीलों की शुरुआत करते हुए अपनी याचिका में आठ मांगें रखीं, जिनमें प्रमुख मांग है कि पुरातत्व अधिनियम के तहत यहां पर अन्य लोगों को पूजा का अधिकार खत्म किया जाए। चूंकि ये मंदिर है, इसलिए यहां हिंदुओं को पूजा का अधिकार दिया जाए। उन्होंने आगे कहा कि, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने वर्ष 2003 में जो आदेश दिया था, वो गलत है। उसे खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि राजा भोज शिक्षा और शिक्षकों का सम्मान करते थे। उन्होंने कई ग्रंथों की रचना की थी, जिसमें समरांगण सूत्रधार भी है। यह ग्रंथ मुख्य रूप से वास्तुशास्त्र और शिल्पशास्त्र पर आधारित है। इसमें उन्होंने उस समय की वास्तुकला, मूर्तिकला और चित्रकला के सिद्धांतों का विवरण दिया है। उनके समय के निर्माणों में इसकी छाप भी मिलती है। भोजशाला में जो वास्तुकला और अन्य बातें मिली हैं, वो भी इसमें दिए गए वर्णन के मुताबिक हैं। राजाभोज की किताब का उल्लेख सरस्वती कंठाभरण की कथाओं में राजा भोज ने भोजशाला का महत्व बताया था, अभिभाषक गुप्ता ने कहा कि राजा भोज ने अपनी किताब में लिखा है कि राजा पर उसके मंत्री अंकुश लगाते हैं, इसी तरह यहां (भोजशाला) में मौजूद 500 पंडित उनके मद पर अंकुश लगाएंगे, इन्हें समय पर ग्रास देने के लिए शासन की ओर से सहायता दी जाएगी। इसी तरह से सरस्वती कंठाभरण जो कि भोजशाला का ही एक नाम है। उसको लेकर राजाभोज की किताब है। ये संस्कृत रचना है। इसमें भोजशाला के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है। मुस्लिम लेखक इब्न बतूता की किताब में भी सबूत कोर्ट में मुस्लिम विद्वान और दार्शनिक इब्न बतूता की किताब रिहला का भी उल्लेख किया गया। इसमें जिक्र मिलता है कि खिलजी के मालवा जीतने के बाद मंदिर को तोड़कर उसके सामान का ही उपयोग करते हुए कमाल मौला की मस्जिद बनाई गई थी। जैन दार्शनिक का भी जिक्र वर्ष 1303 में गुजरात से धार आए जैन दार्शनिक के अपनी किताब में भोजशाला के वर्णन की दलीलें भी कोर्ट में रखी गईं। वकील गुप्ता ने ललित सा के शिलालेखों का वर्णन कर उनकी यात्रा के समय यहां दी जाने वाली शिक्षा के बारे में बताया। सर्वे के तथ्यों से मंदिर होने का दावा मनीष गुप्ता ने कोर्ट को बताया कि भोजशाला के भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) के सर्वे में जो तथ्य सामने आए हैं, वे भोजशाला को मंदिर सिद्ध करने के लिए पर्याप्त हैं। वह राजा भोज और अन्य शोधार्थियों द्वारा लिखी गई पुस्तकों के माध्यम से यह स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं कि भोजशाला का निर्माण राजा भोज के समय यानी परमार काल में हुआ था। उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि भोजकाल में शिक्षालयों को सरस्वती कंठाभरण, मंदिर को प्रसाद और घर को मंदिर भी कहा जाता था, जिसका उल्लेख पुस्तकों में मिलता है। परमारकालीन बनावट और शिलालेख सर्वे में मिले खंभे और पत्थरों पर संस्कृत में उकेरी बातें सिद्ध कर रही हैं कि भोजशाला के पत्थरों से मस्जिद बनाई गई थी। परमारकालीन अन्य मंदिरों में देवताओं की मूर्तियों की बनावट और मुद्राएं वैसी ही हैं, जैसी भोजशाला के सर्वे में मिली मूर्तियों की हैं। वकील ने जोर देकर कहा कि मंदिर के पत्थरों से ही मस्जिद का निर्माण हुआ था, जो पुरातात्विक साक्ष्यों से स्पष्ट होता है।    

जबलपुर में 5 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन रद्द, 121 क्लीनिक पर भी हुआ कार्रवाई

जबलपुर  जबलपुर शहर के पांच निजी अस्पतालों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। इसी तरह जिले के 240 निजी क्लीनिकों का पंजीयन नवीनीकरण प्रस्तावित था, पंजीयन की आवश्यक औपचारिकता पूर्ण न करने पर कुल 121 क्लीनिकों का संचालन बंद करने का आदेश मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी ने दिए हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के नर्सिंग होम शाखा प्रभारी डॉ. आदर्श विश्नोई ने बताया कि नियमानुसार निजी अस्पतालों व क्लीनिकों को पंजीयन तीन साल की अवधि के लिए प्रदान किया जाता है। निर्धारित अवधि पूर्ण होने पर संबंधित संस्थानों को पंजीयन नवीनीकरण हेतु आवेदन करना अनिवार्य है। इस साल नवीनीकरण की प्रक्रिया पोर्टल के माध्यम से एक जनवरी से 28 फरवरी तक संचालित हुई। इसके बाद मार्च में संबंधित अस्पतालों व क्लीनिकों का निरीक्षण किया गया और आवश्यक सुविधाओं का आकलन किया गया। 55 में से पांच बंद, जिसमें दो ने स्वयं अस्पताल में लगाया ताला वर्ष 2025-26 में कुल 55 अस्पतालों का पंजीयन नवीनीकरण प्रस्तावित था, जिसमें दो अस्पतालों बटालिया आई हास्पिटल, सरकार हास्पिटल ने स्वयं अस्पताल बंद करने आवेदन प्रस्तुत किया। वहीं एक अस्पताल नामदेव नर्सिंग होम ने आवेदन ही नहीं किया। जबकि संकल्प हॉस्पिटल ने दस्तावेज नगर निगम व अन्य विभागों से सत्यापित नहीं कराए। इस तरह एससी गुप्ता मेमोरियल हॉस्पिटल व रिसर्च सेंटर में निरीक्षण के दौरान उपयुक्त स्टाफ उपस्थित नहीं था। जिसके बाद अब इनका संचालन नहीं हो सकेगा। 89 क्लीनिक ने आवेदन नहीं किया, 32 के पास दस्तावेज कम जबलपुर जिले में कुल 240 निजी क्लीनिकों का पंजीयन नवीनीकरण इस बार प्रस्तावित था। जिनमें से 89 क्लीनिकों द्वारा नवीनीकरण के लिए आवेदन ही प्रस्तुत नहीं किया। जबकि 32 क्लीनिक ने नियमानुसार पूरे दस्तावेज ही नवीनीकरण टीम को नहीं सौंपे। जिसके चलते पंजीयन नवीनीकरण नहीं हो सका। पंजीयन नवीनीकरण प्रक्रिया को ऐसे समझें स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पताल व क्लीनिकों संचालन के लिए नियमानुसार प्रत्येक तीन साल में एक बार पंजीयन नवीनीकरण प्रक्रिया से गुजरना होता है। अस्पताल-क्लीनिकों के पंजीयन का नवीनीकरण एक अनिवार्य प्रक्रिया है। प्रदेश के 126 अस्पतालों की आयुष्मान मान्यता खत्म मध्यप्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 126 अस्पतालों की मान्यता खत्म कर दी है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में यह कदम उन अस्पतालों पर उठाया गया है, जिन्होंने NABH सर्टिफिकेट की जानकारी तय समय में नहीं दी। आयुष्मान कार्यालय ने पहले अस्पतालों को नोटिस देकर मौका दिया था, लेकिन इन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। रविवार 12 बजे इन अस्पतालों को नोटिस देकर जानकारी दी जाएगी। अब इन अस्पतालों में आयुष्मान के तहत मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा। 4 शहरों में 398 में से 126 अस्पताल प्रभावित प्रदेश के चार बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में कुल 398 अस्पताल योजना से जुड़े हैं। इनमें से 126 अस्पताल NABH सर्टिफिकेट की जानकारी नहीं दे सके, जिस कारण उन पर कार्रवाई हुई। इनमें भोपाल के 51, इंदौर-30, ग्वालियर-33 और जबलपुर के 12 अस्पताल शामिल हैं। आयुष्मान CEO बोले- मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश के CEO डॉ. योगेश भरसट ने कहा, यह कदम अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, ताकि मरीजों को सुरक्षित और बेहतर इलाज मिल सके। एनएबीएच सर्टिफिकेट न देने वाले अस्पतालों की आयुष्मान संबद्धता रद्द कर दी गई है। कई नोटिस देने के बावजूद डॉक्यूमेंट नहीं जमा हुए। निजी अस्पतालों का कहना है कि सर्टिफिकेट प्रक्रिया महंगी और लंबी है, इसलिए छोटे अस्पताल समय पर पूरा नहीं कर पाए। डॉ. योगेश भरसट ने कहा, अब इन अस्पतालों के मरीजों को अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया जाएगा। नए मरीजों के क्लेम स्वीकार नहीं होंगे। पुराने पेमेंट के बाद भी सर्टिफिकेट जमा होने तक ये अस्पताल इंपैनल्ड सूची में नहीं लौटेंगे।

वंदे मातरम के अपमान पर भड़के सीएम मोहन यादव, कांग्रेस से इस्तीफा मांगा: ‘नहीं गाऊंगी’ का बयान बड़ी बेशर्मी

भोपाल  इंदौर नगर निगम के बजट सम्मेलन के दौरान शुरू हुआ 'वंदे मातरम' विवाद अब पूरे प्रदेश की राजनीति का केंद्र बन गया है। कांग्रेस पार्षदों द्वारा सार्वजनिक रूप से राष्ट्रगीत गाने से इनकार करने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बेहद कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने इसे देशभक्तों का अपमान बताते हुए कहा कि अगर कांग्रेस नेतृत्व इस पर कार्रवाई नहीं कर सकता, तो पूरी प्रदेश इकाई को इस्तीफा दे देना चाहिए। सीएम ने बताई बेशर्मी की राजनीति इंदौर नगर निगम में कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम ने धर्म का हवाला देकर 'वंदे मातरम' गाने से मना कर दिया था। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री ने भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि 'बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि कांग्रेस की पार्षद ने बेशर्मी के साथ कहा कि मैं नहीं गाऊंगी। यह केवल एक पार्षद का बयान नहीं, बल्कि कांग्रेस के उस चरित्र को दर्शाता है जो हमेशा से राष्ट्र प्रतीकों के खिलाफ रहा है।' जीतू पटवारी और राहुल गांधी से सीधे सवाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि हर छोटी बात पर मुखर रहने वाले प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी इस 'राष्ट्रद्रोह' जैसे कृत्य पर चुप क्यों हैं? सीएम ने कहा कि राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे इस तरह की मानसिकता को पार्टी में प्रोत्साहित कर रहे हैं। हजारों देशभक्तों ने भारत माता की जय बोलते-बोलते अपने प्राणों की आहुति दे दी। जब कांग्रेस पार्षद भगवान राम और हिंदुओं की निंदा करते हैं, तब पार्टी चुप रहती है। लेकिन अब राष्ट्रगीत के अपमान पर मौन रहना यह बताता है कि वे देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं। डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश पुरानी है वंदे मातरम की खींचतान? मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के इतिहास को कुरेदते हुए कहा कि यह पार्टी आजादी के पहले से ही वंदे मातरम पर बखेड़ा खड़ा करती रही है। डॉ. यादव के अनुसार, कांग्रेस की पुरानी सरकारों ने राष्ट्रगीत के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की थी। विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनाव से पहले राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरकर बीजेपी अपनी पैठ और मजबूत करना चाहती है, खासकर तब जब मामला सीधे तौर पर राष्ट्रगीत के सम्मान से जुड़ा हो।  

मध्य प्रदेश में मौसम में बदलाव, बारिश-आंधी के बाद अब गर्मी की बढ़ी आहट, पारा बढ़ा

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। आंधी-बारिश का दौर खत्म होते ही अब गर्मी ने जोर पकड़ लिया है और खास बात यह है कि सिर्फ दिन ही नहीं, रातें भी अब गर्म महसूस होने लगी हैं। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 1 से 5.4 डिग्री तक बढ़ गया। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में बढ़ोतरी ज्यादा रही, जबकि भोपाल और रतलाम में भी गर्मी का असर साफ नजर आया। रतलाम में सबसे ज्यादा 5.4 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शनिवार को तापमान में और इजाफा होने की संभावना है, यानी गर्मी का असर लगातार तेज होता जाएगा।  मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। आंधी-बारिश का दौर खत्म होते ही अब गर्मी ने जोर पकड़ लिया है और खास बात यह है कि सिर्फ दिन ही नहीं, रातें भी अब गर्म महसूस होने लगी हैं। शुक्रवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 1 से 5.4 डिग्री तक बढ़ गया। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर में बढ़ोतरी ज्यादा रही, जबकि भोपाल और रतलाम में भी गर्मी का असर साफ नजर आया। रतलाम में सबसे ज्यादा 5.4 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शनिवार को तापमान में और इजाफा होने की संभावना है, यानी गर्मी का असर लगातार तेज होता जाएगा।  इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर के तापमान में सबसे तेज उछाल दर्ज किया गया, जबकि भोपाल और रतलाम में भी गर्मी का असर साफ नजर आया। रतलाम में सबसे ज्यादा 5.4 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। शनिवार को तापमान में और इजाफा होने की संभावना है, यानी गर्मी का असर लगातार तेज होगा। लंबे समय राहत की आस नहीं मौसम विभाग के अनुसार, आने वाली 15 अप्रैल से एक नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। लेकिन इसके ज्यादा मजबूत न होने से प्रदेश के मौसम में खासा बदलाव नहीं आएगा। यानी प्रदेश में तेज गर्मी का दौर जारी रहने के आसार है। यानी फिलहाल प्रदेशभर के लिए कोई बड़ी राहत आसपास नजर नहीं आ रही है। गर्मी का असर बढ़ते ही मौसम विभाग ने बचाव की एडवायजरी भी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। दोपहर के समय लंबे समय तक धूप में न रहे। हल्के वजन और रंग के सूती कपड़े पहनें। बच्चे और बुजुर्ग खासतौर पर ध्यान रखें। नर्मदापुरम में पारा 40 डिग्री के करीब, रतलाम-खरगोन भी गर्म रहे शुक्रवार को दिन के तापमान में खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई। नर्मदापुरम प्रदेश में सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 39.3 डिग्री दर्ज किया गया। रतलाम में 38.6 डिग्री, खरगोन में 38 डिग्री रहा। वहीं, धार, खंडवा, नरसिंहपुर और खजुराहो में पारा 36 डिग्री या इससे अधिक दर्ज किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 35.5 डिग्री रहा। भोपाल में 34.6 डिग्री, इंदौर में 35 डिग्री, ग्वालियर में 33.4 डिग्री और जबलपुर में 34.6 डिग्री सेल्सियस रहा। 15 अप्रैल का सिस्टम, लेकिन राहत की उम्मीद कम मौसम विभाग के अनुसार 15 अप्रैल को एक नया सिस्टम एक्टिव होगा, लेकिन यह ज्यादा मजबूत नहीं है। ऐसे में प्रदेश में तेज गर्मी का दौर जारी रहने के आसार हैं और फिलहाल बड़ी राहत मिलती नहीं दिख रही। गर्मी से बचने के लिए बदल रही आदतें तापमान बढ़ते ही लोगों की दिनचर्या भी बदलने लगी है। कोई चेहरे को कपड़े से ढककर बाहर निकल रहा है, तो कोई गन्ने का रस, कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम के जरिए राहत तलाश रहा है। भोपाल में गन्ने के जूस की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है। इन शहरों में ज्यादा असर नर्मदापुरम प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 39.3 डिग्री दर्ज किया गया। रतलाम 38.6 डिग्री और खरगोन 38 डिग्री पर रहे। धार, खंडवा, नरसिंहपुर और खजुराहो में भी तापमान 36 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म (35.5 डिग्री) रहा। भोपाल और जबलपुर 34.6 डिग्री, इंदौर 35 डिग्री और ग्वालियर 33.4 डिग्री दर्ज हुआ। अप्रैल का बदला ट्रेंड इस बार अप्रैल की शुरुआत तेज गर्मी से नहीं, बल्कि आंधी-बारिश और ओलों से हुई। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बदला रहा। करीब 45 जिलों में बारिश और 15 से ज्यादा जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। अब शुरू होगा असली गर्मी का दौर मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अप्रैल का दूसरा पखवाड़ा हर साल तेज गर्मी लेकर आता है। जैसे सर्दियों में दिसंबर-जनवरी और बारिश में जुलाई-अगस्त पीक होते हैं, वैसे ही गर्मी का पीक अप्रैल-मई में होता है। इस बार भी वही ट्रेंड नजर आने लगा है। बचाव के लिए जरूरी सलाह – दिनभर पर्याप्त पानी पिएं – दोपहर की धूप से बचें – हल्के और सूती कपड़े पहनें – बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें मौसम का बैकग्राउंड इस साल फरवरी और मार्च में चार-चार बार मौसम बदला। कई दौर में बारिश, आंधी और ओलों ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। मार्च के आखिर तक भी मौसम अस्थिर रहा, लेकिन अब प्रदेश में गर्मी ने स्थायी रूप से दस्तक दे दी है।  

ईरान शांति वार्ता के लिए है, होर्मुज खुलेगा ही – ट्रंप की चेतावनी शांति प्रयासों से पहले

वाशिंगटन अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में आज शांति वार्ता होने वाली है. दूसरी तरफ, वार्ता से कुछ घंटे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है. ट्रंप ने दावा किया है कि 'ईरान के पास कोई ऑप्शन नहीं है और वो सिर्फ बातचीत के लिए जिंदा है.' उन्होंने होर्मुज खोलने को लेकर भी बड़ा बयान दिया।  ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट शेयर किया है. इसमें उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर कंट्रोल करके दुनिया को जबरन वसूली का शिकार बना रहा है।  अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में लिखा, 'ईरानियों को शायद ये अहसास नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल करके दुनिया को डराने के अलावा उनके पास कोई कार्ड नहीं है. वो आज अगर जिंदा हैं, तो सिर्फ बातचीत करने के लिए।  शांति वार्ता नाकाम होने पर फिर शुरू हो सकती है जंग बता दें कि एक अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शांति वार्ता के लिए अपनी टीम के साथ इस्लामाबाद पहुंचे हैं. ट्रंप ने 'न्यूयॉर्क पोस्ट' को दिए इंटरव्यू में ये इशारा किया है कि अगर ये शांति वार्ता नाकाम साबित होती है, तो ईरान पर फिर से हमले शुरू हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिकी युद्धपोतों को बेहतरीन गोला-बारूद से लैस कर दिया गया है और वो हमलों के लिए तैयार हैं।  अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान की सहमति हो या न हो, वाशिंगटन जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल देगा. उन्होंने कहा, 'ये आसान नहीं होगा. मैं बस इतना कहूंगा कि हम इसे जल्द ही खोल देंगे।  ट्रंप ने इस दौरान ईरान को लेकर कहा, 'हम ऐसे लोगों से निपट रहे हैं जिनके बारे में हमें नहीं पता कि वे सच बोलते हैं या नहीं. हमारे सामने वो कहते हैं कि वो परमाणु हथियार खत्म कर रहे हैं और फिर प्रेस में जाकर कहते हैं कि वो यूरेनियम संवर्धन करना चाहते हैं।  ट्रंप के मुताबिक, ईरान के लोग लड़ने से बेहतर फेक न्यूज मीडिया और पब्लिक रिलेशंस संभालने में माहिर हैं।  बता दें कि ईरान-अमेरिका के बीच होने वाली शांति वार्ता में पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है. इस्लामाबाद में आज ईरानी-अमेरिकी अधिकारी आमने-सामने होंगे और अपना-अपना पक्ष रखेंगे।