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योगी सरकार का आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाबलंबन पर जोर

मिशन शक्ति : उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति को मिली नई उड़ान  योगी सरकार का आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वाबलंबन पर जोर  आत्मनिर्भर दीदी बना रहीं समृद्ध उत्तर प्रदेश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की कमान संभालने के बाद से ही आधी आबादी की सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन पर जोर दिया है। नारी को सशक्त बनाने के लिए मिशन शक्ति पर सरकार का जोर है। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश नारी सम्मान का ऐसा मॉडल बना है, जहां सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से महिलाओं को नई दिशा मिल रही है। मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश की नारी शक्ति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया मॉडल है।  मिशन शक्ति 5.0- उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति का नया दौर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश है 'नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है'। 24 दिसंबर तक चलने वाले अभियान के अंतर्गत हर विभाग प्रतिदिन जागरूकता अभियान चला रहा है। पुलिस चौपालों से लेकर सड़क रैलियों तक 'सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार' का उद्घोष गूंज रहा है।  प्रदेश के 1647 थानों में हेल्प डेस्क सक्रिय, अब हर महिला का सहारा ग्रामीण-शहरी हर क्षेत्र में व्यापक महिला बीट प्रणाली और एंटी रोमियो स्क्वॉड के माध्यम से हर महिला को अभूतपूर्व सुरक्षा का कवच प्रदान किया जा रहा है। पिंक पेट्रोल 24×7 उपलब्धता के साथ स्कूल, कॉलेज और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तुरंत पहुंच रहा है। तकनीक का व्यापक उपयोग – 1090, साइबर मॉनिटरिंग सेल और डिजिटल ट्रैकिंग ने स्टॉकिंग, फर्जी अकाउंट्स पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की है। कॉलेजों में साइबर सुरक्षा वर्कशॉप से छात्राओं को सशक्त बनाया जा रहा है।  सुरक्षा-सम्मान का यूपी मॉडल, नारी उत्थान से समृद्ध प्रदेश महिला अपराधों में त्वरित जांच से हर पीड़िता को पूर्ण न्याय सुनिश्चित, अभूतपूर्व निस्तारण दर के साथ कठोर सजाएं दी जा रही हैं। मिशन शक्ति केंद्रों में प्रशिक्षित अधिकारी 3-5 वर्ष तक तैनात रहेंगे। आर्थिक सशक्तिकरण में भी क्रांति आ रही है। ग्राम पंचायतों में बीसी सखी, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर हो रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला, सामूहिक विवाह योजना, निराश्रित महिला पेंशन ने बेटियों को नई उड़ान दी है। हर नारी को मिलेगा सम्मान और अपराधियों पर होगी दो-गुनी तेजी से कार्रवाई  मिशन शक्ति के साथ ही उज्ज्वला और स्वामित्व योजना ने घर-घर तक सशक्तिकरण पहुंचाया है। पोषण अभियान, रानी लक्ष्मीबाई कोष ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य को मजबूत किया।  मिशन शक्ति 5.0 सशक्त नारी से समृद्ध प्रदेश का आधार बन गया है।

खंडवा में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए शुरू की बड़ी कार्रवाई, सिहाड़ा गांव में दरगाह पर चला बुलडोजर

खंडवा  खंडवा के सिहाड़ा गांव में मंगलवार सुबह प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। यहां जेसीबी मशीनों के जरिए दरगाह का अतिक्रमण हटाया जा रहा है।वक्फ बोर्ड द्वारा जमीन को आबादी क्षेत्र घोषित किए जाने और ग्राम पंचायत के पक्ष में फैसला आने के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है। मौके पर एसडीएम समेत आला अधिकारी मौजूद हैं। सुरक्षा के लिहाज से पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। ग्राम पंचायत ने ट्रिब्यूनल में अपील की थी समिति के दावे के खिलाफ ग्राम पंचायत ने ट्रिब्यूनल में अपील की थी, जिसमें वक्फ बोर्ड के इस दावे को गलत बताते हुए उल्टे सरकारी जमीन पर दरगाह कमेटी द्वारा कब्जा करने की बात कही गई थी। ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद ग्राम पंचायत द्वारा मंगलवार को शासकीय भूमि से कब्जा हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। राजस्व व पुलिस के आला अधिकारी और पुलिस फोर्स की मौजूदगी में दरगाह क्षेत्र से तार फेंसिंग सहित गांव के अन्य अतिक्रमण को हटाया गया। नईदुनिया को ग्रामीणों ने कहा धन्यवाद वक्फ बोर्ड का दावा खारिज होने से ग्रामीणों में खुशी की लहर है। इस मामले को नईदुनिया द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित करने पर सरपंच प्रतिनिधि सहित ग्रामीणों ने धन्यवाद ज्ञापित किया है। करीब एक माह पूर्व न्यायालय मप्र स्टेट वक्फ ट्रिब्यूनल भोपाल द्वारा वक्फ बोर्ड की ओर से खसरा क्रमांक 781 रकबा 14.500 हेक्टयर को अपनी संपत्ति बताने का नोटिस जारी किया था। इस रकबे पर पूरा गांव बसा होने से नोटिस को लेकर सिहाड़ा के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया था। ग्राम पंचायत को 10 नवंबर को वक्फ बोर्ड भोपाल ने पेशी पर उपस्थित होने के लिए कहा था। सिहाड़ा गांव में करीब 10 हजार हिन्दू- मुस्लिम परिवार सिहाड़ा गांव में करीब 10 हजार हिन्दू- मुस्लिम परिवार निवासरत हैं। सरपंच प्रतिनिधि हेमंत चौहान ने वक्फ बोर्ड के नोटिस को अपने अधिवक्ता के माध्यम से ट्रिब्यूनल में चुनौती दी थी। इसमें खसरा क्रमांक 781 रकबा 14.500 हेक्टयर को सरकारी व आबादी की संपत्ति बताया था। विदित हो कि सिहाड़ा में ग्राम पंचायत द्वारा शासकीय जमीन पर दुकान निर्माण के लिए दरगाह कमेटी को उस स्थान से तार फेंसिंग हटाने का नोटिस दिया गया था। इस पर दरगाह कमेटी ने इस जमीन सहित पूरे सिहाड़ा गांव की 14.500 हेक्टयर जमीन को अपनी जमीन बताया था।   वक्फ बोर्ड ने पंचायत के पक्ष में सुनाया था फैसला अतिक्रमण का नोटिस मिलने पर मुस्लिम समाज ने इस जमीन पर अपना दावा जताते हुए वक्फ बोर्ड में शिकायत की थी। हालांकि, 5 दिसंबर को वक्फ बोर्ड कमेटी ने मामले की सुनवाई करते हुए दस्तावेज देखे और अपना फैसला सुनाया। बोर्ड ने इस जमीन को आबादी क्षेत्र माना, जिसके बाद ग्राम पंचायत यह केस जीत गई।

IMF का पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर का और वित्तीय सहायता देने का फैसला, बावजूद इसके देश की स्थिति पर चिंता

इस्लामाबाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान की आर्थिक अस्थिरता और सुधारों में कमी पर चिंता जताने के बावजूद देश को 1.2 अरब डॉलर की नई किस्त जारी कर दी है। यह राशि पाकिस्तान की विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने और महंगाई को नियंत्रित करने में सहायक होगी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दीर्घकालिक सुधारों के बिना जोखिम भरा हो सकता है। IMF ने पाकिस्तान को 1.2 अरब डॉलर की तीसरी किस्त जारी करने की घोषणा की। यह धनराशि उन दो कार्यक्रमों के तहत दी गई है, जिनका उद्देश्य देश में आर्थिक सुधारों को समर्थन देना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना है। इस ताजा किस्त के साथ वाशिंगटन स्थित संस्था द्वारा इस्लामाबाद को अब तक कुल 3.3 अरब डॉलर जारी किए जा चुके हैं। आईएमएफ के उप प्रबंध निदेशक नाइजल क्लार्क ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान द्वारा लागू किए गए सुधारों ने हालिया झटकों के बावजूद मैक्रोइकॉनॉमिक स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विशेष रूप से इस वर्ष की मॉनसून बाढ़ों का उल्लेख किया, जिनमें सितंबर तक 1,000 से अधिक लोगों की जान चली गई थी। क्लार्क ने कहा कि पाकिस्तान सरकार द्वारा प्राथमिक राजकोषीय संतुलन लक्ष्य को हासिल करने की प्रतिबद्धता, साथ ही बाढ़ प्रभावितों को जरूरी आपात सहायता प्रदान करना, उनकी वित्तीय विश्वसनीयता को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, आईएमएफ अधिकारी ने सरकार से आर्थिक डेटा कलेक्शन में सुधार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण और निवेश को बढ़ावा देने जैसे प्रमुख सुधारों की गति तेज करने का आग्रह भी किया। गंभीर आर्थिक संकट में फंसा पाकिस्तान पाकिस्तान पिछले कई वर्षों से लंबे आर्थिक और राजनीतिक संकट से जूझ रहा है। विदेशी कर्ज पर भारी निर्भरता रखने वाला देश 2023 में डिफॉल्टर होने से बाल-बाल बचा। तब 2024 में आईएमएफ द्वारा 7 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की मंजूरी मिली थी। दक्षिण एशियाई यह देश अर्जेंटीना और यूक्रेन के बाद आईएमएफ का तीसरा सबसे बड़ा देनदार है। वित्तीय मोर्चे पर राहत पाने के लिए पाकिस्तान ने जनवरी 2024 में विश्व बैंक से 10 वर्षों के लिए 20 अरब डॉलर के वित्तीय पैकेज पर भी समझौता किया था। आईएमएफ की ताजा किश्त से पाकिस्तान को विदेशी मुद्रा भंडार को स्थिर रखने और सुधार प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार वास्तविक आर्थिक सुधारों को तेज़ी से लागू किए बिना स्थिति में स्थायी सुधार की संभावना अभी सीमित है।

4500 फ्लाइट्स कैंसिल होने के बाद इंडिगो संकट गहरा, एयरपोर्ट्स पर बढ़ी अफरातफरी

 नई दिल्ली देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का संकट आठवें दिन भी जारी है और कम होने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले एक हफ्ते में 4,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं. संकट को लेकर बेशक इंडिगो की तरफ से तमाम दावे किए जा रहे हैं लेकिन अभी भी स्थिति सामान्य नहीं है. दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर अभी भी कई सारे पैसेंजर्स कई घंटे से अपनी फ्लाइट्स का इंतजार कर रहे हैं. यह संकट पायलट्स की फ्लाइट ड्यूटी और रेगुलेशन में बदलाव के बाद शुरू हुआ था. शमशाबाद एयरपोर्ट से आज भी 38 फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गई हैं जिसकी वजह से यात्री बेहद परेशान दिखे. इससे पहले सोमवार को दिल्ली और बेंगलुरु एयरपोर्ट से 250 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं थी. वहीं लखनऊ एयरपोर्ट पर सोमवार को इंडिगो की 26 फ्लाइट्स कैंसिल हुई. हालांकि बीते चार दिनों से कैंसिल हो रही उड़ानों की संख्या में कमी आ रही है. इंडिगो मामले में हवाई अड्डे पर हालात पर नज़र रखने के लिए उड्डयन मंत्रालय ने 10 अधिकारियों को अलग-अलग हवाई अड्डे भेजा है. ये अधिकारी अगले 2-3 दिन वहां रहेंगे लोगो को की मदद के लिए जो भी कदम उठाये गए है उसकी निगरानी करेंगे. -चेन्नई एयरपोर्ट से अराइवल कैंसलेशन की संख्या आज 42 रही जबकि डिपार्चर कैंसलेशन की संख्या 39 रही. -हैदराबाद एयरपोर्ट से अराइवल कैंसलेशन की संख्या आज 14 रही जबकि डिपार्चर कैंसलेशन की संख्या 44 रही. – यह वीडियो अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट का है जहां इंडिगो की फ्लाइट्स में रुकावट और कैंसलेशन से यात्री परेशान नजर आए. -सूत्रों के मुताबिक, नागर विमानन मंत्रालय आज सभी एयरलाइन ऑपरेटर्स के साथ बैठक करेगा. बीते रोज राम मोहन नायडू द्वारा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ हाई लेवल बैठक की गई थी.  आज सभी एयरलाइन ऑपरेटरों के शीर्ष अधिकारियों को राजीव भवन में रिव्यू मीटिंग के लिए बुलाया गया है. – बैठक का मुख्य फोकस- इडिगो फियास्को जैसी किसी भी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने पर होगा.रिव्यू के दौरान इंडिगो के संचालन, पैसेंजर लोड, यात्रियों की देखभाल और रिफंड प्रक्रिया की भी विस्तार से समीक्षा की जाएगी. इंडिगो अपनी सेवाओं को फुल स्ट्रेंथ पर कैसे बहाल करेगा, इस पर भी चर्चा होगी.एयरफेयर कैपिंग के कार्यान्वयन पर अपडेट भी बैठक में लिया जा सकता है. यदि एयरलाइन ऑपरेटरों की कोई चिंता या सुझाव हैं, तो वे भी राजीव भवन की इस बैठक में लिए जाएंगे. सरकार करेगी सख्ती इस बीच सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने सोमवार को कहा कि सरकार IndiGo के विंटर फ्लाइट शेड्यूल में कटौती करेगी और उसके स्लॉट अन्य ऑपरेटरों को आवंटित किए जाएंगे. उन्होंने  कहा, "हम IndiGo के रूट में कटौती करेंगे. वे वर्तमान में 2,200 उड़ानें संचालित कर रहे हैं. हम निश्चित रूप से उनमें कटौती करेंगे." नायडू ने यह भी बताया कि 1 दिसंबर से 8 दिसंबर (शाम 5 बजे तक) के बीच रद्द हुए 7,30,655 पीएनआर (PNR) के लिए 745 करोड़ रुपये का रिफंड दिया जा चुका है. इसके अलावा, 9,000 यात्री बैग में से 6,000 वितरित किए जा चुके हैं, और शेष आज रात या मंगलवार सुबह तक वितरित कर दिए जाएंगे. IndiGo ने मांगी माफी, DGCA करेगा कार्रवाई विमानन सुरक्षा नियामक DGCA ने सोमवार को कहा कि उसे IndiGo के सीईओ पीटर एल्बर्स और अकाउंटेबल मैनेजर इसिड्रो पोरक्वेरास से कारण बताओ नोटिस का जवाब मिल गया है. नियामक ने बताया कि एयरलाइन ने "गहरा खेद" व्यक्त किया है और ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए माफी मांगी है. DGCA अब जवाब की जाँच कर रहा है, और उचित माने जाने पर प्रवर्तन कार्रवाई करेगा.

एसआईआर की बड़ी उपलब्धि: सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता गणना पत्रकों का शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन कार्य पूरा

एसआईआर :-जिले ने तीन दिन पहले हासिल की बड़ी उपलब्धि सभी आठ विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं के गणना पत्रकों के शत-प्रतिशत डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण. जबलपुर   मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के अंतर्गत जबलपुर जिले के नाम बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। विधानसभा क्षेत्र जबलपुर केंट के मतदाताओं के गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के साथ ही आज सोमवार को जिले की सभी आठ विधानसभा क्षेत्र में तीन दिन शेष रहते शत-प्रतिशत गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन पूर्ण कर लिया गया है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों पाटन, बरगी, सिहोरा, पनागर, जबलपुर उत्‍तर, जबलपुर पश्चिम एवं जबलपुर पूर्व में यह काम पहले ही पूरा कर लिया गया था।  जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्‍टर राघवेन्‍द्र सिंह ने जिले की आठों विधानसभा क्षेत्र में शत-प्रतिशत मतदाताओं के गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन का कार्य पूरा होने पर सभी बीएलओ एवं बीएलओ के सहायकों, बीएलओ सुपरवाईजर, सेक्‍टर अधिकारियों तथा निर्वाचक रजिस्ट्रिकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रिकरण अधिकारी को बधाई दी है। श्री सिंह ने एसआईआर के अंतर्गत मतदाताओं के घर-घर सत्‍यापन, गणना पत्रकों का वितरण और गणना पत्रकों के डिजिटाइजेशन के कार्य के प्रति इन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लगन और निष्‍ठा की सराहना भी की है।  जिला निवार्चन कार्यालय से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम जिले के 19 लाख 25 हजार 472 मतदाताओं में से 2 लाख 62 हजार 722 मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्‍त नहीं हुए हैं। इन मतदाताओं में 50 हजार 992 मृत, 77 हजार 450 अनुपस्थित, 1 लाख 18 हजार 898 स्‍थाई तौर पर स्‍थानांतरित मतदाता भी शामिल है। गणना प्रपत्र प्राप्‍त नहीं होने पर ऐसे मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाये जा सकते हैं।   जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र नहीं भरे हैं, वे अभी भी 9, 10 और 11 दिसम्‍बर को अपने बीएलओ से संपर्क कर अपने गणना प्रपत्र भरकर सौंप सकते हैं, अन्‍यथा उनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जा सकेगा। ऐसे मतदाताओं जिनके गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुये हैं उनके नाम 16 दिसम्‍बर को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में मतदान केन्‍द्रों पर रखे जायेंगे तथा इन पर दावे-आपत्तियां प्रस्‍तुत की प्रक्रिया की जा सकेंगी।  जिला निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक ऐसे मतदाता जिनके गणना प्रपत्र डिजिटाइज्ड किये जा चुके हैं उनमें 1 लाख 15 हजार 490 ऐसे मतदाता भी हैं जिनका 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सकी हैं, उन्‍हें नोटिस जारी किये जायेंगे। ऐसे मतदाताओं को 16 दिसम्‍बर को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद दावे-आपत्ति प्राप्‍त करने की प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्‍तावेजों में से आवश्‍यक दस्‍तावेज प्रस्‍तुत करने होंगे।  जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्‍त जानकारी के अनुसार एएसडीआर (अनुपस्थित, स्‍थानांतरित, मृत और रिपिटेड) श्रेणी के ऐसे मतदाता जिनके गणना प्रपत्र प्राप्‍त नहीं हुए हैं, उनमें विधानसभा क्षेत्र पाटन के 21 हजार 608, बरगी में 24 हजार 308, जबलपुर पूर्व में 51 हजार 015, जबलपुर उत्‍तर में 27 हजार 176, जबलपुर केंट में 41 हजार 801, जबलपुर पश्चिम 47 हजार 139, पनागर 31 हजार 123 एवं सिहोरा विधानसभा क्षेत्र के 18 हजार 552 मतदाता शामिल हैं। एएसडीआर श्रेणी के ये मतदाता जिले के कुल मतदाताओं का 13.64 प्रतिशत हैं।

भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 21 दिसंबर को, CM मोहन यादव ने खजुराहो में किया ऐलान, PM के आने पर संशय

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। झीलों की नगरी भोपाल के लिए दिसंबर का महीना ऐतिहासिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने खजुराहो कन्वेंशन सेंटर से यह बड़ा ऐलान किया है कि 21 दिसंबर को भोपाल मेट्रो ट्रेन की शुरुआत होगी। सीएमआरएस (CMRS) से हरी झंडी मिलने के बाद अब शहरवासियों का बरसों पुराना इंतजार खत्म होने जा रहा है। क्या कहा सीएम ने मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने पिछले दो साल के कार्यों की समीक्षा की है और अगले तीन साल के लक्ष्यों को भी तय कर लिया है। उन्होंने कहा कि 21 दिसंबर को मेट्रो के साथ विकास की कई अन्य सौगातें भी राजधानी को मिलेंगी। इसके साथ ही 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के अवसर पर राज्य में दो लाख करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश की आधारशिला भी रखी जाएगी।सीएम ने कहा- तकनीकी लिहाज से भोपाल मेट्रो अब पूरी तरह तैयार है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) नीलाभ्र सेनगुप्ता की टीम ने नवंबर में तीन दिनों तक ट्रैक, डिपो और ट्रेन के नट-बोल्ट तक का गहन निरीक्षण किया था। अधिकारियों के मुताबिक, ऑरेंज लाइन का 6.22 किलोमीटर लंबा प्रायोरिटी कॉरिडोर कमर्शियल रन के लिए तैयार है। इसमें सुभाष नगर से एम्स (AIIMS) तक कुल 8 स्टेशन बनाए गए हैं। क्या है पूरा मामला? मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को पहली मेट्रो रेल की सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने सोमवार को खजुराहो के कन्वेंशन सेंटर में प्रेस से चर्चा करते हुए यह बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि भोपाल मेट्रो की शुरुआत 21 दिसंबर को होगी। ​मुख्यमंत्री ने कहा, "21 तारीख को भोपाल में मेट्रो ट्रेन समेत विकास की कुछ और सौगातें जनता को दिलाई जाएंगी।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसके अलावा, 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म शताब्दी के समापन के अवसर पर दो लाख करोड़ रुपये के उद्योगों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया जाएगा। ​बता दें कि मेट्रो रेल सेफ्टी कमिश्नर (CMRS) भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर के लिए पहले ही 'ग्रीन सिग्नल' दे चुके हैं। कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता के नेतृत्व में CMRS टीम ने 12 से 15 नवंबर के बीच तीन दिनों तक डिपो, ट्रैक और ट्रेन का गहन निरीक्षण किया था, जिसमें मेट्रो के नट-बोल्ट तक की जांच की गई थी। हालांकि, भोपाल मेट्रो के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मध्य प्रदेश आना अभी तय नहीं हुआ है। गौरतलब है कि बीते कई महीनों से भोपालवासियों को इस पल का इंतजार था। अब जब इसकी तारीख की घोषणा हो गई है, तो शहरवासी खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं। खुद सीएम मोहन यादव की घोषणा के बाद जनता को यकीन है कि तय समय पर मेट्रो शुरू हो जाएगी। कौन-कौन से स्टेशन में होगा स्टॉपेज अधिकारियों ने बताया कि सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। हालांकि स्टेशनों पर फिनिशिंग का कुछ काम शेष है, लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि इससे मेट्रो के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भोपाल अब उस क्लब में शामिल होने जा रहा है जहां आधुनिक यातायात प्रणाली न केवल समय बचाएगी, बल्कि शहर के प्रदूषण और जाम की समस्या से भी निजात दिलाएगी। कितना होगा किराया मेट्रो का किराया पहले से ही तय कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, मेट्रो संचालन के पहले 7 दिन तक लोग मेट्रो में फ्री सफर कर सकेंगे। उसके बाद लोग अगले तीन महीने तक कम छूट पर मेट्रो का सपर कर सकते हैं। अफसर बोले- काम बचा लेकिन कमर्शियल रन पर असर नहीं भोपाल मेट्रो से जुड़े अफसरों का कहना है कि ऑरेंज लाइन के कमर्शियल रन के लिए वे सभी काम पूरे हो चुके हैं, जो जरूरी हैं। स्टेशनों का कुछ काम जरूर बचा है, लेकिन उससे कमर्शियल रन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भोपाल मेट्रो की ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर लंबा है। इसमें कुल 8 स्टेशन- सुभाष नगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। किराया तय, 7 दिन फ्री सफर मेट्रो में सफर के लिए किराया भी लगभग तय किया जा चुका है। एमपी नगर स्टेशन पर तो किराया सूची भी चस्पा कर दी गई है। हालांकि, मेट्रो कॉर्पोरेशन ने आधिकारिक रूप से किराए का खुलासा नहीं किया है, लेकिन इंदौर जैसा मॉडल ही अपनाए जाने की बात कही जा रही है। अफसरों की मानें तो 7 दिन तक लोग मेट्रो में फ्री सफर कर सकेंगे। वहीं, 3 महीने तक टिकट पर 75%, 50% और 25% की छूट दी जाएगी। छूट खत्म होने के बाद सिर्फ 20 रुपए में मेट्रो का सफर किया जा सकेगा। अधिकतम किराया 80 रुपए होगा। 31 मई को इंदौर में चलाई गई मेट्रो के लिए भी यही मॉडल रहा था। अधिकतम 80 रुपए किराया तब होगा, जब ऑरेंज लाइन के रूट का काम पूरा हो जाएगा। 30 से 80 किमी प्रति घंटा रहेगी मेट्रो की स्पीड भोपाल के सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो कोच को ट्रैक पर दौड़ाकर ट्रायल रन किया जा रहा है। ट्रायल रन में न्यूनतम 30 और अधिकतम 80 किमी प्रतिघंटा रफ्तार रखी जा रही है। बीच-बीच में 100 से 120 किमी की रफ्तार से भी मेट्रो दौड़ाई जा रही है। ट्रेन की तर्ज पर मेट्रो में भी मैनुअल टिकट लेनी पड़ेगी मेट्रो का टिकट सिस्टम ऑनलाइन न होकर मैनुअल ही रहेगा। जैसे आप ट्रेन में टिकट लेकर सफर करते हैं, वैसे ही मेट्रो में भी कर सकेंगे। इंदौर में अभी यही सिस्टम है। भोपाल और इंदौर मेट्रो में ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगाने वाली तुर्किए की कंपनी 'असिस गार्ड’ से काम छिनने और नई कंपनी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू किए जाने से यह स्थिति बनेगी। बता दें कि असिस गार्ड का मामला पिछले 4 महीने से सुर्खियों में था। आखिरकार अगस्त में असिस गार्ड का टेंडर कैंसिल कर दिया गया। नई कंपनी के लिए टेंडर भी कॉल किए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में दो से तीन महीने का वक्त लग सकता है। मैनुअल टिकट ही एकमात्र ऑप्शन अफसरों ने बताया कि असिस … Read more

PM मोदी ने कहा- जनता की परेशानी के लिए कोई भी नियम या कानून नहीं होना चाहिए

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल या देरी होने का सिलसिला आठवें दिन भी जारी है. इससे हवाई सफर करने वाले यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच इंडिगो संकट पर बड़ा बयान देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नियम-कानून बनाने का मकसद सिस्टम को बेहतर करना होना चाहिए, न कि आम नागरिकों को परेशान करना. पीएम मोदी ने एनडीए सांसदों की बैठक के दौरान इंडिगो संकट पर ये बात कही. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को एनडीए के सांसदों की बैठक में पीएम के बयान का हवाला देते हुए यह जानकारी शेयर की है. एनडीए संसदीय दल की बैठक के बाद रिजिजू ने कहा, “…प्रधानमंत्री मोदी ने सभी NDA सांसदों को देश के लिए और अपने संसदीय क्षेत्र के लिए, राज्य के लिए क्या-क्या करना है, उसके लिए मार्गदर्शन दिया है…प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों की जिंदगी को सुधारने के लिए सुधारों पर बहुत जोर दिया है…देश के आम लोगों की जिंदगी को आसान और आरामदायक बनाने के लिए सुधार, हर क्षेत्र में सुधार होने चाहिए…प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत साफ शब्दों में कहा है कि कोई भी ऐसा कानून, नियम नहीं होना चाहिए, जो बिना मतलब नागरिकों को परेशान करें…कानून लोगों पर बोझ नहीं बल्कि उनकी सुविधा के लिए होना चाहिए…प्रधानमंत्री मोदी ने तीसरे कार्यकाल में देश को और तेजी से आगे ले जाने के लिए और तेजी से काम करने के लिए कहा है…बहुत अच्छी बैठक हुई है…” IndiGo पर सरकार की कड़ी कार्रवाई, फ्लाइट्स में 5% कटौती का लिया फैसला इंडिगो संकट के बीच देश के एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने बड़ा एक्शन लिया है. डीजीसीए ने नोटिस जारी कर कहा है इंडिगो ने अपने शेड्यूल को अच्छे से चलाने की काबिलियत नहीं दिखाई है. इसे सभी सेक्टर में शेड्यूल 5 फीसदी कम करने का निर्देश दिया गया है. इंडिगो को 10 दिसंबर को शाम 5 बजे तक बदला हुआ शेड्यूल जमा करना होगा. एक्शन में MoCA, बड़े एयरपोर्ट्स का जायजा लेंगे अधिकारी इंडिगो की चल रही ऑपरेशनल दिक्कतों को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है. मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी, डायरेक्टर और ज्वाइंट सेक्रेटरी जैसे बड़े अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे जल्द ही देश के बड़े एयरपोर्ट पर जाकर जमीनी हकीकत का जायजा लें. ये अधिकारी मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, गुवाहाटी, गोवा और तिरुवनंतपुरम जैसे एयरपोर्ट्स का दौरा करेंगे.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा: नक्सलवाद उन्मूलन में छत्तीसगढ़ ने रचा नया इतिहास

रायपुर : नक्सलवाद उन्मूलन में छत्तीसगढ़ ने रचा नया इतिहास: मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  राजनांदगांव में आयोजित  प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यकाल के दो वर्ष राज्य के इतिहास में निर्णायक मोड़ साबित हुए हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह द्वारा निर्धारित लक्ष्य—“31 मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद का पूर्ण उन्मूलन”—की दिशा में छत्तीसगढ़ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की कमर टूट चुकी है और यह अब अंतिम सांसें गिन रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सुरक्षा बलों ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। 500 से अधिक माओवादी मुठभेड़ों में न्यूट्रलाइज हुए, जबकि 4,000 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण या गिरफ्तारी दी, जो नक्सलवाद के कमजोर पड़ने का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम से बस्तर में दशकों से जमी हिंसा के विरुद्ध निर्णायक बढ़त मिली है। उन्होंने राज्य सरकार की नई पुनर्वास नीति की भी विस्तृत जानकारी दी। इसके तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15,000 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति, 3 वर्षों तक 10,000 रुपये मासिक वित्तीय सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण और रोजगार-संबंधी कार्यक्रम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि "गोलीबारी की भाषा छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना" अब बस्तर में हकीकत बन रहा है। पंडुम कैफ़े जैसे नवाचार आज सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में तेजी से सुरक्षा कैंप खुलने और प्रशासन की पहुंच बढ़ने के साथ ही 400 से अधिक गाँव पुनः आबाद हो चुके हैं। नियद नेल्ला नार  योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएँ और शिक्षा जैसी बुनियादी सेवाएँ पहुँच रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा—“जहाँ कभी गोलीबारी की आवाज आती थी, आज वहाँ स्कूल की घंटियाँ बज रही हैं। कई गाँवों में वर्षों बाद ध्वजारोहण हुआ, चुनाव में लोग निर्भीक होकर भाग ले रहे हैं और राशन-कार्ड से लेकर मोबाइल नेटवर्क तक की सुविधाएँ अब सुगमता से उपलब्ध हो रही हैं।” मुख्यमंत्री  साय ने बस्तर को भविष्य के विकास का बड़ा केंद्र बताते हुए कहा कि कृषि, सिंचाई, वन-उत्पाद, पशुपालन और छोटे उद्योगों के लिए अभूतपूर्व संभावनाएँ बन रही हैं। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक नीति (2024–30) में नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। वनोपज आधारित वैल्यू एडिशन, प्रसंस्करण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देकर स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्थायी आय से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से बस्तर अब वैश्विक नक्शे पर तेजी से पहचान बना रहा है। कुटुमसर गुफा, झरने, अबूझमाड़ के जंगल और जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर विश्व आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। होम-स्टे मॉडल तेजी से फल-फूल रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद उन्मूलन की यह ऐतिहासिक प्रगति राज्य के शहीद जवानों, सुरक्षा बलों के अथक परिश्रम और जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री  अमित शाह के संकल्प के अनुरूप बस्तर नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास की मुख्यधारा में शामिल होगा।

फूड पॉइजनिंग से 4 कर्मचारियों की मौत, 5 को ग्वालियर अस्पताल रेफर, छतरपुर में मची अफरातफरी

छतरपुर   मध्य प्रदेश के खजुराहो में एक बड़ा हादसा हुआ है। एक रिसॉर्ट में खाना खाने के बाद नौ कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद इलाज के लिए कर्मचारियों को ग्वालियर और झांसी भेजा गया है। वहीं, पांच कर्मचारियों को इलाज के लिए ग्वालियर भेजा गया है। बताया जा रहा है कि फूड पॉइजनिंग की वजह से यह हादसा हुआ है। हादसा तब हुआ है, जब पूरी सरकार खजुराहो में ही मौजूद है। गौतम रिसॉर्ट का है मामला छतरपुर के खजुराहो में स्थित गौतम रिसॉर्ट में सोमवार शाम को खाना खाने के बाद 9 कर्मचारियों की हालत गंभीर हो गई। सभी को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुखद बात यह है कि इलाज के दौरान 4 कर्मचारियों की जान चली गई। बाकी 5 कर्मचारियों को बेहतर इलाज के लिए छतरपुर से ग्वालियर के अस्पताल में रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। आलू-गोभी की सब्जी खाने के बाद बीमार हुए जानकारी के अनुसार, गौतम रिसॉर्ट में कर्मचारियों ने सोमवार शाम करीब 5 बजे रोज की तरह भोजन किया था, जिसमें आलू-गोभी की सब्जी शामिल थी। भोजन के कुछ ही मिनट बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी, चक्कर और घबराहट जैसे लक्षण महसूस हुए। इन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। खाने के बाद उल्टी और चक्कर आने लगे यह घटना सोमवार शाम करीब 5 बजे हुई। रिसॉर्ट के कर्मचारी रोज की तरह ही खाना खा रहे थे। उनके भोजन में आलू-गोभी की सब्जी भी शामिल थी। खाना खाने के कुछ ही देर बाद कर्मचारियों को उल्टी, चक्कर और घबराहट जैसे लक्षण महसूस होने लगे। उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। जिन कर्मचारियों की तबीयत बिगड़ी, उनमें हार्दिक सोनी (20), प्रागीलाल कुशवाहा (54), गोलू अग्निहोत्री (25), बिहारी लाल पटेल (60), रामस्वरूप कुशवाहा (47), रवि कौदर (19), दयाराम कुशवाहा (65), रोशनी रजक (30) और गिरजा रजक (35) शामिल हैं। ये सभी खजुराहो और आसपास के गांवों के रहने वाले थे। सभी कर्मचारियों को गंभीर हालत में छतरपुर जिला अस्पताल लाया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर रोशन द्विवेदी ने बताया कि सभी मरीज फूड पॉइजनिंग के लक्षणों के साथ आए थे। उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। लेकिन देर रात उनकी हालत और बिगड़ने लगी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जिला अस्पताल प्रशासन ने सभी 9 कर्मचारियों को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर करने का फैसला किया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें झांसी भेजा। खाने के सैंपल जब्त किए घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस महकमा हरकत में आ गया। पुलिस की टीम रिसॉर्ट पहुंची। उन्होंने रिसॉर्ट से खाने के नमूने जब्त किए। साथ ही, रिसॉर्ट के स्टाफ से पूछताछ भी शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने भी इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। उन्होंने भोजन, पानी और किचन की साफ-सफाई से जुड़े सभी सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी का असली कारण पता चल पाएगा। प्रशासन ने रिसॉर्ट प्रबंधन को किचन की स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता को लेकर सख्त हिदायत दी है। पूरी सरकार है खजुराहो में मौजूद वहीं, यह हादसा ऐसे समय में हुआ है, जब पूरी मोहन सरकार खजुराहो में मौजूद है। सोमवार की सीएम मोहन यादव ने विभागों की समीक्षा बैठक की थी। मंगलवार को वहां कैबिनेट की बैठक है। इस बीच ऐसा हादसा हुआ है। गौरतलब है कि कलेक्टर ने इस मामले में तुरंत मृतक के परिवारों के लिए 20-20 हजार रुपए के मुआवजा की घोषणा की है।

विभिन्न जनपदों में पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मिल रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से मतदाता पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया विभिन्न जनपदों में पहुंचकर कार्यकर्ताओं से मिल रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ    जनता के लिए हमेशा तत्पर रहें जनप्रतिनिधिः सीएम योगी   लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को निरंतर जागरूक रहने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न जनपदों के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता आम जनता के बीच जाकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए और अपात्र का नाम सूची में दर्ज न हो। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हर पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल होना एक मजबूत और समावेशी लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। जनजागरूकता पर जोर  मुख्यमंत्री ने पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को संदेश दिया कि वे सरकार के कल्याणकारी कार्यों के साथ-साथ मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के प्रति भी जनता में जागरूकता फैलाएं। बूथ लेवल संपर्क सीएम योगी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के साथ सहयोग करते हुए प्रत्येक बूथ पर गहन संपर्क स्थापित करें और आम नागरिकों को इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। धरातल पर प्रयास उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे संगठन के साथ समन्वय बनाते हुए इस प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने में सहयोग करें। उनका एकमात्र उद्देश्य यह होना चाहिए कि वास्तविक और पात्र मतदाता का नाम सूची में दर्ज हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच और जनता के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए और मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। सरकार व संगठन के बीच संवाद के जरिए समन्वय बना रहे सीएम योगी  सरकार के मुखिया के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विभिन्न जनपदों का निरंतर दौरा कर रहे हैं। वे जनपदों में जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों से सीधा संवाद कर रहे हैं। सीएम योगी आगामी चुनावों में जीत का मंत्र देने के साथ ही मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा भी कर रहे हैं।