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अखिलेश के रथ पर राजभर का तंज- ‘दलित-पिछड़ों को अछूत मानते हैं, सत्ता में जनता स्पेस नहीं देगी’

‘दलित-पिछड़ों को अछूत मानते हैं अखिलेश’, ओमप्रकाश राजभर ने सपा की रथयात्रा पर साधा निशाना अखिलेश के रथ पर राजभर का तंज- ‘दलित-पिछड़ों को अछूत मानते हैं, सत्ता में जनता स्पेस नहीं देगी’ ‘फाइव स्टार रथ में घूम रहे, दलित-पिछड़ों से हाथ नहीं मिलाते’, अखिलेश पर ओमप्रकाश राजभर का हमला ‘2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए’, अखिलेश की रथयात्रा पर राजभर का तीखा तंज 'संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम', अखिलेश की रथयात्रा पर राजभर का तंज लखनऊ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की रथयात्रा पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव के रथ को लेकर तंज कसा और दलितों-पिछड़ों से उनके जुड़ाव पर सवाल उठाए। 'रथ में कितने दलितों-पिछड़ों से हाथ मिलाया?' ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए लिखा, 'महाराज, आपका रथ तो एकदम फाइव स्टार है। ये बताइए कल रथ में बैठकर कितने दलितों और कितने पिछड़ों से आपने हाथ मिलाया?'उन्होंने आगे तंज कसते हुए लिखा कि अखिलेश यादव दलितों और पिछड़ों से हाथ नहीं मिलाना चाहते और उन्हें अछूत मानते हैं। 'संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम' राजभर ने अखिलेश यादव के रथ को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि अखिलेश यादव रथ के नाम पर 'हॉलीवुड वाली वैनिटी वैन' या 'पहियों पर बने फाइव स्टार सुइट' में घूम सकते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश की दलित, अति पिछड़ी और गरीब जनता उन्हें सत्ता में कोई 'स्पेस' नहीं देने वाली। उन्होंने आगे लिखा कि उन्होंने अखिलेश यादव को रथयात्रा के दौरान देखा कि वह 'लग्जरी रथ' में सवार थे और हाइड्रोलिक ट्रॉली से निकलकर हाथ हिला रहे थे। राजभर ने इसे लेकर तंज किया कि संघर्ष के नाम पर लग्जरी का पूरा इंतजाम था, लेकिन सत्ता में स्पेस का इंतजाम नहीं हो पा रहा। '2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए' ओमप्रकाश राजभर ने अपनी पोस्ट में अखिलेश यादव के राजनीतिक भविष्य को लेकर भी कटाक्ष किया। उन्होंने लिखा, '2027 का सपना देखिए, 2032 तक संघर्ष कीजिए। उसके बाद भी कुछ होने नहीं वाला है।'

नितिन गडकरी-CM मोहन ने शुरू की सुगम परिवहन सेवा, 351 बसें दौड़ेंगी

भोपाल मध्यप्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी हुई है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और CM मोहन यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया। 351 बसें 7 शहरों में इंटरसिटी और इंट्रासिटी सेवा देंगी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं पीएम ई-बस सेवा" कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। CM मोहन यादव ने कहा- नई सेवा के तहत 180 इलेक्ट्रिक बसें भी सड़कों पर उतारी गई हैं। इसका मकसद शहरों के साथ गांवों को भी बेहतर बस कनेक्टिविटी से जोड़ना है। सरकार ने 75% ग्राम पंचायतों तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। बसों में आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षा और रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जी को "रोड नेटवर्क ऑफ मध्यप्रदेश विजन-2047" से अवगत कराया।इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में जारी विभिन्न विकास एवं सड़क परियोजनाओं की प्रगति की भी जानकारी दी।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी ने भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा एवं पीएम ई-बस सेवा" कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा- सरकार ने पहले साल 1,500 बसें चलाने और 2031 तक इनकी संख्या बढ़ाकर 15 हजार करने का लक्ष्य रखा है। सेवा PPP मॉडल पर संचालित होगी, जिसमें निजी ऑपरेटर भी शामिल होंगे। उन्हें विज्ञापन और कार्गो से अतिरिक्त आय के अवसर भी मिलेंगे। – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने आज भोपाल के लालघाटी में अंत्योदय एवं एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता श्रद्धेय स्व. पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की एवं उन्हें नमन किया। – इस अवसर पर उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के राष्ट्रसेवा, समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान एवं मानव कल्याण के प्रति समर्पित विचारों का स्मरण किया। साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा – * प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा और पीएम ई-बस सेवा के जरिए प्रदेशवासियों का सपना पूरा हो रहा है। * पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जी के कर कमलों से 351 इंटरसिटी एवं इंट्रासिटी बसों की सौगात मिली है। * प्रदेश में 21 साल बाद फिर से राज्य परिवहन सेवा की शुरुआत हो रही है। * राज्य परिवहन सेवा की लंबे समय से मांग की जा रही थी, जो आज पूरी हो रही है। * आज का दिन प्रदेश के इतिहास में ऐतिहासिक है। * यह परिवहन सेवा प्रदेश के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। * मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक सुगम, सुरक्षित और आधुनिक बनेगी। * इस सेवा की शुरुआत में बस मालिकों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। * मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा प्रदेशवासियों को बेहतर यात्री परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा – – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कनेक्टिविटी, मोबिलिटी और पर्यावरण संरक्षण के साथ सुगम यातायात सुविधा देने वाले देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है। * प्रदेश में परिवहन सुविधा के क्षेत्र में आज स्वर्णिम दिन है। * सर्वसुविधायुक्त बसें प्रदेश के यात्रियों के लिए बड़ी सौगात हैं। * लोक निर्माण विभाग सभी विभागों के साथ समन्वय कर कार्य कर रहा है। * सड़कों के गड्ढे सुधारने के लिए विभाग ने लोकपथ ऐप बनाया है। * लोकपथ ऐप नागरिकों के लिए स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर बन चुका है। * लोकपथ ऐप पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की बसों की समय-सारणी भी उपलब्ध होगी। * केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश में जारी हाईवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण कार्यों की समीक्षा की है। * केंद्रीय मंत्री  गडकरी ने शहपुरा टोल नाके को अस्थायी रूप से बंद करने की मंजूरी दी है। *

MP को मिला नया हेलीकॉप्टर, पायलटों की कनाडा में होगी ट्रेनिंग

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार के हवाई बेड़े में जल्द ही दो नए विमान शामिल होने जा रहे हैं। सरकार ने करीब 225 करोड़ रुपए की लागत से एयरबस ACH160 हेलीकॉप्टर खरीदा है। वहीं, करीब 350 करोड़ रुपए की कीमत वाला बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 बिजनेस जेट भी सरकारी बेड़े में शामिल होने वाला है। जानकारी के मुताबिक, जेट की डिलीवरी सितंबर के आखिरी तक होने की संभावना है। नए हेलीकॉप्टर को राज्य सरकार के वीआईपी और आधिकारिक यात्राओं के लिए इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। एयरबस ACH160 आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस हेलीकॉप्टर है। इसके शामिल होने के बाद राज्य सरकार के पास मौजूद हेलीकॉप्टर बेड़े में एक और आधुनिक विमान जुड़ जाएगा। वहीं, बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट को लंबी दूरी की आधिकारिक यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। करीब 350 करोड़ रुपए की लागत वाले इस विमान की डिलीवरी सितंबर के अंत तक होने की संभावना बताई जा रही है। जेट के शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की लंबी दूरी की यात्राओं के लिए सरकारी स्तर पर एक नया विकल्प उपलब्ध होगा। सरकारी हवाई बेड़े में नए हेलीकॉप्टर और जेट को शामिल किए जाने के पीछे प्रशासनिक और आधिकारिक यात्राओं को सुगम बनाने का उद्देश्य बताया जा रहा है। मध्य प्रदेश का क्षेत्रफल बड़ा होने के कारण मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नियमित रूप से दौरे करने पड़ते हैं। ऐसे में सरकारी विमान और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल यात्रा के समय को कम करने में मदद करता है। एयरबस ACH160 अपनी आधुनिक तकनीक के कारण दुनिया के नए पीढ़ी के हेलीकॉप्टरों में शामिल है। वहीं बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 को बिजनेस एविएशन श्रेणी के आधुनिक जेट के तौर पर जाना जाता है। इसमें लंबी दूरी की उड़ानों और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी कई आधुनिक सुविधाएं होती हैं। दोनों विमानों की खरीद और बेड़े में शामिल होने की जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब सरकारी परिवहन व्यवस्था में आधुनिक संसाधनों को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, इन विमानों के संचालन, रखरखाव और उपयोग से जुड़ी विस्तृत जानकारी तथा कुल वार्षिक खर्च अलग-अलग प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल एयरबस ACH160 हेलीकॉप्टर करीब 225 करोड़ रुपए की लागत से खरीदे जाने की जानकारी है, जबकि बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट की अनुमानित कीमत करीब 350 करोड़ रुपए बताई जा रही है। जेट की डिलीवरी सितंबर के अंतिम सप्ताह तक होने की संभावना है। इसके बाद दोनों आधुनिक विमान मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक हवाई बेड़े का हिस्सा होंगे अधिकतम उड़ान अवधि 4 घंटे 30 मिनट मध्यप्रदेश सरकार फ्रांस की एयरबस से ACH160 हेलीकॉप्टर खरीद रही है। टैक्स और शुल्क समेत इसकी कीमत करीब 225 करोड़ रुपए बताई गई है। इसकी डिलीवरी नवंबर में प्रस्तावित है। सरकार के लिए तैयार हेलीकॉप्टर में दो पायलट समेत 9 लोग बैठ सकेंगे। एयरबस के आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक ACH160 को अधिकतम 10 यात्रियों की क्षमता के साथ तैयार किया जा सकता है। इसकी अधिकतम उड़ान अवधि 4 घंटे 30 मिनट और क्रूज स्पीड 155 नॉट है। हेलीकॉप्टर में आधुनिक तकनीक और कैमरों की सुविधा भी रहेगी। MP के पायलटों ने कनाडा में ली ट्रेनिंग नए जेट के संचालन की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। मध्यप्रदेश के पायलट विश्वास राय और अरविंद सिंह जुलाई में कनाडा गए थे। दोनों ने बॉम्बार्डियर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया है। सरकार नए हेलीकॉप्टर और जेट को बेड़े में शामिल करने के साथ उनके इस्तेमाल के लिए एयर कनेक्टिविटी का ढांचा भी तैयार कर रही है। एक तरफ 63 नए हेलीपैड बनाने की योजना है, वहीं दूसरी तरफ करीब 20 हवाई पट्टियों के विस्तार की तैयारी है। नए जेट के लिए कम से कम 1800 मीटर रनवे चाहिए सरकार के सामने नए बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट को ज्यादा से ज्यादा एयरफील्ड पर उतारने की चुनौती है। यह मिड-साइज जेट है। इसके लिए कम से कम करीब 1800 मीटर और बेहतर संचालन के लिए करीब 2100 मीटर लंबे रनवे की जरूरत है। विभागीय आकलन के मुताबिक प्रदेश के 28 एयरफील्ड में से करीब 10 जगहों पर यह जेट अभी उतर सकता है। इनमें 7 एयरपोर्ट और 3 हवाई पट्टियां शामिल हैं। सिर्फ 3 हवाई पट्टियों पर 1800 मीटर से लंबा रनवे प्रदेश की करीब 20 हवाई पट्टियों में फिलहाल सिर्फ तीन ऐसी हैं, जहां रनवे की लंबाई 1800 मीटर या उससे ज्यादा है। इनमें मंदसौर की नौलखा बीड, सिवनी और मंडला की कान्हा हवाई पट्टी शामिल हैं। सतना में एयरपोर्ट बन चुका है, लेकिन यहां रनवे करीब 1300 मीटर लंबा है। इसलिए नया चैलेंजर-3500 यहां नहीं उतर पाएगा। एयरपोर्ट बन जाना ही काफी नहीं है। इस जेट के लिए रनवे की लंबाई और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी बढ़ानी होंगी। वीआईपी यात्राओं के लिए किया जाएगा इस्तेमाल करीब 350 करोड़ रुपए का बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट सरकार के लिए तैयार कराया जा रहा है। इसमें 9 यात्री और 2 पायलट बैठ सकेंगे। इसका इस्तेमाल मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी यात्राओं के लिए किया जाएगा। विमान का इंटीरियर मध्यप्रदेश सरकार की जरूरत के हिसाब से तैयार कराया गया है। इसकी अधिकतम रेंज करीब 3500 समुद्री मील और क्रूज स्पीड करीब 870 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। विभागीय जानकारी के मुताबिक इसकी फ्यूल क्षमता लंबी दूरी की उड़ान के लिए पर्याप्त है, जिससे बीच में ईंधन भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 20 हवाई पट्टियों के विस्तार पर 300 से 400 करोड़ खर्च विमानन विभाग ने हवाई पट्टियों वाले जिलों के कलेक्टरों को पत्र भेजकर विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध होने की जानकारी मांगी है। एक हवाई पट्टी के विस्तार में औसतन 10 से 15 करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं। विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगर निजी जमीन लेनी पड़ी तो खर्च करीब 30 से 40 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। रनवे बढ़ाने के साथ जमीन, एप्रोच रोड, सुरक्षा क्षेत्र और दूसरी जरूरी विमानन सुविधाओं पर काम करना होगा। करीब 20 हवाई पट्टियों के विस्तार पर 300 से 400 करोड़ रुपए तक खर्च का अनुमान है। हर साल बचेंगे 60-70 करोड़ रुपए ढाई साल में मोहन सरकार को विमान और हेलीकॉप्टर किराए पर औसतन 60-70 करोड़ रुपए सालाना खर्च करने पड़े। नया जेट और हेलीकॉप्टर आने के बाद यह किराया बचेगा। … Read more

हाफिज सईद पर पत्रकार ने पूछा सवाल, UN में शहबाज शरीफ चुप

लाहौर  पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में में किरकिरी झेलनी पड़ गई। उनसे जब पत्रकारों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक आतंकवादी हाफिज सईद के बारे सवाल पूछा तो वह वहां से भाग खड़े हुए। उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया। बताते चलें कि 81वीं UN जनरल असेंबली के लि जैसे जब शहबाज शरीफ UN मुख्यालय में दाखिल हुए तो पत्रकारों ने उनसे पूछा, "प्रधानमंत्री आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?" शरीफ ने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में जब वे वहां से निकले तो उनसे फिर पूछा गया कि पाकिस्तान हाफिज सईद पर कब मुकदमा चलाएगा, लेकिन प्रधानमंत्री ने एक बार फिर जवाब देने से इनकार कर दिया। इससे एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाते हुए आईना दिखाया। भारत ने साफ शब्दों में कहा कि पाक को सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के बजाय कर्ज में डूबी बदहाल अर्थव्यवस्था को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के ध्यान भटकाने वाले एजेंडे की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की प्राथमिकताएं पूरी तरह गलत हैं और उसका भारतविरोधी रवैया उसकी डूबती अर्थव्यवस्था को नहीं बचा सकता। त्यागी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नागरिकों के दमन को उजागर किया। उन्होंने बताया कि पीओके में भोजन, ईंधन और दवाओं की आपूर्ति रोककर पाकिस्तानी सरकार किस तरह प्रदर्शनकारियों के साथ जानलेवा हिंसा कर रही है। 26/11 हमले में आरोपी है हाफिज सईद हाफिज मोहम्मद सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और भारत में उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत नामित आतंकवादी किया गया है. वह 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में भारत में वांटेड आरोपी है. कई हमलों का मास्टरमाइंड है. पाकिस्तान में वह खुला घूमता है और आईएसआई पर उसे सुरक्षा देने के आरोप लगते हैं।  हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले की जांच से जुड़े मामले में भी NIA ने हाफिज सईद का नाम अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी नंबर 8 के तौर पर रखा है. NIA का आरोप है कि 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम हमले की बड़ी साजिश में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव शामिल थे।  UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा शहबाज शरीफ से ये सवाल ऐसे वक्त पूछे गए, जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान पर आतंकवाद और आर्थिक संकट को लेकर हमला बोला था. भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान से कहा कि उसे दूसरे देशों की जमीन पर नजर रखने और सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के बजाय अपनी अर्थव्यवस्था और विकास पर ध्यान देना चाहिए।  भारत ने पाकिस्तान में मानवाधिकारों के हालात का भी मुद्दा उठाया. क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में नागरिकों के मारे जाने और जरूरी सामान की सप्लाई से जुड़े आरोपों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दूसरे देशों के मामलों पर सवाल उठाने के बजाय अपने यहां के हालात पर ध्यान देना चाहिए।  कश्मीर भारत का अहम हिस्सा जम्मू-कश्मीर के भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा होने की बात दोहराते हुए भारत ने मांग की कि पाकिस्तान अपने गैरकानूनी कब्जे वाले सभी इलाकों को तुरंत खाली करे। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र में सिंधु जल संधि के मसले पर पाकिस्तान की ओर से बांटे गए पाकिस्तनी पत्र को खारिज कर दिया। पाकिस्तान ने कथित ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ के फैसले को लेकर ये पत्र वितरित किए थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने कहा कि पाकिस्तान झूठ फैलाकर अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं को गलत तरीके से पेश कर रहा है।

शूटिंग में भारत का डबल धमाका, कमलजीत-सुरुचि को गोल्ड; पुरुष टीम को सिल्वर

नागोया  एशियन गेम्स 2026 में भारत ने शुक्रवार को 2 मिनट के अंदर 2 पदक जीते। इनमें एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल शामिल है। पहले भारत की पुरुष टीम ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसके तुरंत बाद मिश्रित टीम ने गोल्ड जीता। इन दो पदकों के दम पर भारत ने पदक तालिका में लंबी छलांग लगाई और 12वें स्थान पर पहुंच गया। भारत को एशियन गेम्स 2026 में सबसे ज्यादा 10 पदक शूटिंग में ही मिले हैं। इनमें एक स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल हैं। 5 शूटरों ने किया कमाल पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने सटीक निशानेबाजी का मुआयना पेश करते हुए भारत के खाते में सिल्वर मेडल जोड़ दिया। क्वालिफिकेशन और टीम इवेंट में निरंतरता दिखाते हुए भारतीय शूटर्स ने दूसरा स्थान हासिल कर पोडियम पर तिरंगा लहराया। इसके तुरंत बाद मिक्स इवेंट में कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने गोल्ड मेडल जीता। पांचों शूटर के बारे में जानिए… हरियाणा के रेवाड़ी के सुलखा के रहने वाले कमलजीत एक इंडियन पिस्टल शूटर हैं, जो 10 मीटर एयर पिस्टल और 50 मीटर पिस्टल में एक्सपर्ट हैं। उन्होंने 2019 में शूटिंग शुरू की, जब एक चोट की वजह से उन्हें अपना ट्रैक-एंड-फील्ड एथलेटिक्स करियर छोड़ना पड़ा। एक मिडिल-क्लास परिवार से आने वाले कमलजीत को अपने शूटिंग करियर के शुरुआती दौर में पैसे की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कोचिंग, कोर्स की फीस और कॉम्पिटिशन के लिए अपने खर्चे खुद मैनेज किए और कई बार उन्होंने यह खेल छोड़ने के बारे में भी सोचा। इन दिक्कतों के बावजूद, उनके माता-पिता ने लगातार उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए जो कुछ भी जरूरी था, वह दिया। अगले दो से तीन सालों में उनकी लगन ने उन्हें पैसे और खेल की दिक्कतों से उबरने और खुद को एक कॉम्पिटिटिव शूटर के तौर पर स्थापित करने में मदद की। कमलजीत ने जूनियर इंटरनेशनल सर्किट में अपनी मजबूत पहचान बनाई, कोरिया के चांगवोन में 2023 ISSF जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 50 मीटर पिस्टल जूनियर मेन इवेंट में गोल्ड जीता। सुरुचि इंदर सिंह हरियाणा के झज्जर की रहने वाली एक भारतीय 10 मीटर एयर पिस्टल शूटर हैं, जिनका जन्म 28 अप्रैल 2006 को हुआ था। अपने परिवार के मजबूत स्पोर्टिंग बैकग्राउंड की वजह से, शुरू में उन्हें रेसलिंग में हाथ आजमाने के लिए बढ़ावा मिला, जिसके बाद उन्होंने 13 साल की उम्र में शूटिंग शुरू की। उन्होंने भिवानी में गुरु द्रोणाचार्य शूटिंग एकेडमी में कोच सुरेश सिंह के अंडर ट्रेनिंग शुरू की। सुरुचि ने 2025 में सीनियर इंटरनेशनल सर्किट पर एक बड़ी कामयाबी हासिल की, ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में लगातार तीन इंडिविजुअल ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल जीते। उन्होंने लीमा वर्ल्ड कप में मिक्स्ड टीम इवेंट में भी गोल्ड जीता। उनके शानदार 2025 सीज़न का अंत दोहा में ISSF वर्ल्ड कप फाइनल में गोल्ड मेडल जीतने के साथ हुआ, जहाँ उन्होंने 10m एयर पिस्टल फाइनल में 245.1 का जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। 2026 में, उन्होंने म्यूनिख में ISSF वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतकर अपना शानदार फॉर्म जारी रखा, जिससे वह भारत की टॉप इंटरनेशनल 10 मीटर एयर पिस्टल शूटर्स में से एक बन गईं। उन्होंने 2026 एशियन चैंपियनशिप में 10 एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में सिल्वर भी जीता। 21 जनवरी 2000 को जन्मे नीरज कुमार 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में स्पेशलिस्ट हैं। वह इंटरनेशनल लेवल पर लगातार अच्छे परफॉर्मेंस से भारत के लीडिंग राइफल शूटर्स में से एक बन गए हैं। नीरज ने कई ISSF वर्ल्ड कप, ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन चैंपियनशिप में भारत को रिप्रेजेंट किया है, जिससे उनकी वर्ल्ड रैंकिंग लगातार बेहतर हुई है और उन्होंने इस इवेंट में दुनिया के टॉप कॉम्पिटिटर्स में अपनी जगह बनाई है। वह अभी पुरुषों के 50मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में दुनिया के टॉप 15 शूटर्स में शामिल हैं। नीरज ने काहिरा में 2022 ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप में टीम ब्रॉन्ज मेडल के साथ अपना पहला सीनियर ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीता। उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में मेडल जीतकर अपनी तरक्की जारी रखी, जिसमें नई दिल्ली में 2026 एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप में इंडिविजुअल सिल्वर मेडल भी शामिल है, जहां उन्होंने भारत के टीम गोल्ड में भी योगदान दिया। रुद्रान्क्ष बालासाहेब पाटिल का जन्म 16 दिसंबर 2003 को महाराष्ट्र ठाणे में हुआ था। वह 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में स्पेशलिस्ट हैं और भारत के सबसे अच्छे राइफल शूटरों में से एक हैं। वह काहिरा में 2022 ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप में पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल में गोल्ड मेडल जीतने के बाद इंटरनेशनल लेवल पर मशहूर हुए और इस इवेंट में इंडिविजुअल वर्ल्ड टाइटल जीतने वाले अभिनव बिंद्रा के बाद दूसरे भारतीय बने। इस जीत ने भारत को पेरिस 2024 गेम्स के लिए ओलंपिक कोटा भी दिलाया। रुद्रान्क्ष ने ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप, ISSF वर्ल्ड कप, एशियन चैंपियनशिप, एशियन गेम्स और पेरिस 2024 ओलंपिक गेम्स में भारत को रिप्रेजेंट किया है। कई बार ISSF मेडलिस्ट रहे रुद्रांक ने दो वर्ल्ड चैंपियनशिप गोल्ड मेडल, एक जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल, एक ISSF प्रेसिडेंट्स कप टाइटल, तीन ISSF वर्ल्ड कप गोल्ड मेडल और एशियन चैंपियनशिप में कई मेडल जीते हैं। 2022 में उनके शानदार परफॉर्मेंस के बाद उन्हें पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में वर्ल्ड नंबर 1 रैंक मिली और वे दुनिया के टॉप राइफल शूटर्स में से एक बने हुए हैं। प्रेशर में अपनी कंसिस्टेंसी और शांत रहने के लिए जाने जाने वाले रुद्रांक भारतीय शूटिंग टीम के एक अहम सदस्य बने हुए हैं और बड़े इंटरनेशनल कॉम्पिटिशन में देश के सबसे मजबूत मेडल प्रॉस्पेक्ट्स में से एक हैं। ऐश्वर्य का जन्म 3 फरवरी 2001 को हुआ था। वह भारत के जाने-माने राइफल शूटर्स में से एक हैं, जो 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में स्पेशलिस्ट हैं। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के रतनपुर गांव के रहने वाले तोमर ने अपने चचेरे भाई और ओलंपियन नवदीप सिंह राठौर को देखकर शूटिंग शुरू की। उन्होंने 2015 में भोपाल की मध्य प्रदेश शूटिंग एकेडमी में फॉर्मल ट्रेनिंग शुरू की। तोमर 2019 में सुहल में ISSF जूनियर वर्ल्ड कप में गोल्ड जीतने के बाद मशहूर हुए, जहां उन्होंने 50 … Read more

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को बम की धमकी, पुलिस ने खाली कराया पूरा परिसर

 चंडीगढ़   पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद शुक्रवार सुबह हड़कंप मच गया। धमकी भरी कॉल मिलने की सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया। हाई कोर्ट परिसर में तत्काल पीसीआर वाहन, दमकल की गाड़ियां और एंबुलेंस पहुंच गईं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की टीमें हाईकोर्ट परिसर में संदिग्ध वस्तुओं और वाहनों की जांच कर रही हैं। फिलहाल जांच के दौरान पुलिस को परिसर से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। धमकी देने वाले व्यक्ति और कॉल के स्रोत के संबंध में अभी आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। सूचना मिलते ही पुलिस ने हाई कोर्ट परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। बम की धमकी को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई हैं। परिसर में संदिग्ध वस्तुओं और वाहनों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल धमकी देने वाले व्यक्ति और कॉल के स्रोत के संबंध में आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। सुरक्षा के मद्देनजर हाई कोर्ट परिसर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पहले भी कई सरकारी जगहों को मिल चुकी धमकी चंडीगढ़ में इससे पहले भी स्कूल, पासपोर्ट ऑफिस और हाईकोर्ट को कई बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। चंडीगढ़ जिला अदालत को भी बम से उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है। इसके अलावा पंजाब सचिवालय और सेक्टर-43 बस स्टैंड को भी बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। इन सभी मामलों में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी, लेकिन जांच के दौरान वहां से कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली थी। कॉल के स्रोत की जांच जारी धमकी भरी कॉल मिलने के बाद पुलिस कॉल के स्रोत और धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे परिसर की जांच कर रही हैं और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है।  

सोना ₹2,500 सस्ता, चांदी में ₹7,000 की गिरावट; अब क्या होगा?

इंदौर  सोमवार से गुरुवार तक सोने-चांदी के भाव लगातार 4 दिन तक गिरे। क्या गिरावट आगे भी जारी रहेगी या फिर से गोल्ड-सिल्वर के भाव चढ़ेंगे। क्योंकि, आगे करवाचौथ, धनतेरस और दिवाली जैसे बड़े त्योहार हैं। इन त्योहारों में सोने-चांदी की डिमांड बढ़ जाती है। अगर पिछले चार दिनों की बात करें तो इस अवधि में चांदी करीब 7000 रुपये और सोना करीब 2,500 रुपये सस्ता हो चुका है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक गुरुवार को भी 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,231 रुपये सस्ता होकर 1.51 लाख रुपये पर आ गया। वहीं, एक किलो चांदी 4,518 रुपये टूटकर 2.28 लाख रुपये पर पहुंच गई। क्या सोने-चांदी में यह गिरावट आगे भी रहेगी जारी ऑस्ट्रेलिया के हेज फंड मैनेजर राफेल लैम का मानना है कि सोने में हाल की गिरावट टेंपरेरी है। उनका लॉन्ग-शॉर्ट गोल्ड फंड पिछले साल लॉन्च होने के बाद से निवेशकों को 200% से ज्यादा नेट रिटर्न दे चुका है। लैम का तर्क है कि सोने की लॉन्ग-टर्म तेजी को सहारा देने वाली मुख्य ताकतें अभी भी बरकरार हैं। क्यों बढ़ेंगे सोने के दाम ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक लैम ने कहा कि “बड़े बाजारों की राजकोषीय हालत टिकाऊ नहीं है”, खासकर अमेरिकी सरकार का 40 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का कर्ज और केंद्रीय बैंकों की बढ़ती खरीदारी सोने को मीडियम से लॉन्ग टर्म में सपोर्ट देगी। उन्होंने कहा कि नजदीकी समय में कीमतें अमेरिका-ईरान युद्ध, रियल ब्याज दरों और महंगाई के आंकड़ों से तय होंगी। लैम, मार्क लांडाऊ के साथ 1.5 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (1.1 अरब अमेरिकी डॉलर) के एल1 गोल्ड फंड को को-मैनेज करते हैं। ईरान युद्ध और ब्याज दरों का दबाव जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद से सोने पर दबाव है। एनर्जी की कीमतें चढ़ने और फेडरल रिजर्व के ब्याज दरें बढ़ाने के दांवों से सोने जैसी ब्याज न देने वाली धातु पर असर पड़ा है। फरवरी के आखिर में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से सोना करीब 16% गिर चुका है। लैम ने एक इंटरव्यू में कहा, “ईरान युद्ध के बाद से सोने के बाजार और कीमतों के लिए कुछ विपरीत हवाएं जरूर आई हैं, लेकिन हमारे हिसाब से ये बहुत टेंपरेरी हैं। सोने की मांग को चलाने वाले ज्यादातर मुख्य कारक मीडियम टर्म में बने रहेंगे, बल्कि और मजबूत होंगे।” सोना 4,286 डॉलर प्रति औंस पर सिडनी में गुरुवार शाम सोना 4,286.01 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। लैम ने कहा, “जब सोने की कीमत 4,000 डॉलर के नीचे गई, तो हमने अपनी लॉन्ग पोजिशन काफी आक्रामक तरीके से बढ़ानी शुरू की। अब हम इसे वहीं रखे हुए हैं, यानी लो-टू-मिड 60% नेट लॉन्ग।” उन्होंने कहा कि अगर सोने की कीमत में और तेजी की उम्मीद सच होती है, तभी फंड लॉन्ग पोजिशन घटाने पर विचार करेगा।

CM साय बोले- विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट बनेगा भागीदार

विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की होगी अहम भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में हुए शामिल मुख्यमंत्री ने कहा – 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण आवास और मजबूत अधोसंरचना पर रहेगा विशेष जोर स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा प्रदेश के विकास का नया ग्रोथ इंजन, रायपुर के साथ दुर्ग-भिलाई और राजनांदगांव के विकास को मिलेगी नई गति सुशासन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 400 से अधिक सुधार, प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से बढ़ी पारदर्शिता नई औद्योगिक विकास नीति के बाद छत्तीसगढ़ को मिले 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में रियल एस्टेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और शहरीकरण के साथ प्रदेश में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ आवास तथा मजबूत अधोसंरचना की आवश्यकता भी बढ़ रही है। राज्य सरकार रियल एस्टेट सेक्टर के विकास के लिए पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाओं और निवेश के अनुकूल वातावरण के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अपना घर प्रत्येक परिवार का सपना होता है। समाज के हर वर्ग की आकांक्षा होती है कि उसके पास सुरक्षित और सुविधाजनक आवास हो। पिछले पौने तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट सेक्टर ने तेजी से प्रगति की है। आने वाले वर्षों में प्रदेश में बढ़ते निवेश, औद्योगिकीकरण, बेहतर कनेक्टिविटी और नए शहरी केंद्रों के विकास के साथ इस क्षेत्र में संभावनाएं और बढ़ेंगी। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े उद्यमियों से कहा कि वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनें और गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं के निर्माण में योगदान दें। विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप तैयार किया ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ तैयार किया है। राज्य ने अपनी अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास इस लक्ष्य को प्राप्त करने की अपार क्षमता है। प्रदेश का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। यहां प्रचुर खनिज संपदा, पर्याप्त बिजली और जल संसाधन उपलब्ध हैं। देश के प्रमुख क्षेत्रों से प्रदेश की कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है और यहां के मेहनतकश लोग हमारी सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ केवल एक कहावत नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों की सरलता, परिश्रम और सामर्थ्य की पहचान है। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कार्य करने के अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली को निकट से देखा है। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत आधुनिक अधोसंरचना, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और जनकल्याण के नए अध्याय लिख रहा है। हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने देश के करोड़ों परिवारों के पक्के घर के सपने को साकार किया है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में भी बड़ा परिवर्तन दिखाई दे रहा है और पक्के आवास तेजी से ग्रामीण जीवन की तस्वीर बदल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति दी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए भी आवास बनाए जा रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए तैयार नीति के अंतर्गत 15 हजार आवासों के निर्माण को भी स्वीकृति मिली है। स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा छत्तीसगढ़ का नया ग्रोथ इंजन मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित एवं दीर्घकालीन विकास के लिए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत रायपुर के साथ दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव क्षेत्र को जोड़ते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की योजना बनाई जा रही है। स्टेट कैपिटल रीजन से आवास, उद्योग, व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण को अवसर में बदलने के लिए सुनियोजित विकास आवश्यक है। शहरों में नागरिक सुविधाओं, परिवहन, आवास और अन्य बुनियादी अधोसंरचनाओं का विकास भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसमें रियल एस्टेट सेक्टर की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। नक्सलवाद की समाप्ति के साथ बस्तर में खुल रहे विकास के नए द्वार मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में बड़ी बाधा रहा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है और आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होकर विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता ने लगभग चार दशकों तक नक्सल हिंसा का दंश झेला। नक्सलियों द्वारा स्कूल, अस्पताल, सड़क और अन्य विकास कार्यों का विरोध किए जाने के कारण अनेक क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे। राज्य सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। गोंडी भाषा में ‘नियद नेल्लानार’ का अर्थ ‘आपका अच्छा गांव’ है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और लगभग 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है। ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय अमला गांवों में ठहरकर पात्र परिवारों … Read more

CM साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को जयंती पर किया नमन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें किया नमन अंत्योदय के संकल्प के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एकात्म मानववाद के प्रणेता और प्रखर राष्ट्रचिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।             मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपने विचारों और सिद्धांतों के माध्यम से राष्ट्र के समग्र विकास की ऐसी दृष्टि प्रस्तुत की, जिसके केंद्र में समाज का अंतिम व्यक्ति है। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि विकास की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उनका ‘अंत्योदय’ का सिद्धांत गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की प्रेरणा देता है।               मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को ‘अंत्योदय दिवस’ के रूप में मनाना उनके विचारों के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के संकल्प को अभिव्यक्त करता है। एकात्म मानववाद और अंत्योदय का उनका दर्शन आज भी राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण की दिशा में प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार, आदर्श और राष्ट्रसेवा का भाव सदैव देश और समाज को प्रेरित करता रहेगा।

CM यादव ने खनि निरीक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, 85 हजार युवाओं को रोजगार

मध्यप्रदेश सरकार ने विगत एक वर्ष में उपलब्ध कराये है 85 हजार युवाओं को रोजगार और सेवा के अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनि निरीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। प्रदेश की धरती से हीरा भी निकलता है। कोयले के मामले में भी प्रदेश समृद्ध हैं। खनिज महत्वपूर्ण विभाग है जिसमें पारदर्शिता और दक्षता के साथ कार्य करने वाले प्रदेश की आर्थिक समृद्धि में भी सहायक होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास में नवनियुक्त 62 खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्य सरकार ने बीते एक वर्ष में 85 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया है। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर भी उपस्थित थी।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रत्नगर्भा, वसुंधरा से जुड़कर नवनियुक्त खनि निरीक्षकों का भाग्योदय हो रहा है। आज का दिन इन युवाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, साथ ही उनके जीवन में नया प्रकाश लाने वाला दिन भी है। नवनियुक्त खनि निरीक्षक शासन से जुड़कर सिर्फ नौकरी ही प्राप्त नहीं कर रहे बल्कि सेवा का एक नया अवसर प्राप्त कर अपनी नई पहचान भी प्रारंभ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवनियुक्त खनि निरीक्षक आज जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसमें उनके माता-पिता और परिजन का आशीर्वाद एवं सहयोग भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राष्ट्र आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश भी प्रगति के मार्ग पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी युवाओं को शासकीय सेवा में आने पर कर्मचारी नहीं बल्कि कर्मयोगी मानते हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र के साथ ही विश्वास पत्र भी सौंपा है। सुशासन और लोक कल्याण के उद्देश्य से कार्य करते हुए ये युवा निश्चित ही सभी के लिए गर्व का कारण बनेंगे।   खनिज आय में वृद्धि प्रमुख सचिव खनिज साधन विवेक पोरवाल ने कहा कि प्रदेश में खनिजों से होने वाली आय आठ-नौ हजार करोड़ से बढ़कर 12 हजार करोड़ रुपए हो गई है। वित्त वर्ष 2026-27 में 72 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति की पहल की गई। नवनियुक्त खनि निरीक्षक प्रदेश के खनिज राजस्व को बढ़ाने का कार्य करेंगे। प्रमुख सचिव पोरवाल ने बताया कि भारत सरकार ने नीलामी के माध्यम से 33 कोयला खनन ब्लॉक आवंटित किए, जिसमें से 8 ब्लॉक में कोयला का उत्पादन शुरू हो गया हैं। छह अन्य कोयला खनन ब्लॉक में उत्पादन प्रारंभ करने के लिए माइन डेवलपमेंट का कार्य प्रारंभ किया गया है। छतरपुर जिले में 2 नए क्षेत्रों में हीरे की खोज के लिए अन्वेषण कार्य चल रहा है। पन्ना जिले के अंतर्गत एक हीरा ब्लॉक आवंटित किया गया है। स्वर्ण अयस्क की प्रोसेसिंग के लिए सिंगरौली में ग्रीनफील्ड गोल्ड कंसंट्रेट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। सिंगरौली और कटनी में 6 स्वर्ण ब्लॉक नीलाम किए गए हैं। भारत सरकार ने खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मध्यप्रदेश को सम्मानित किया है। नीलामी प्रक्रिया और खनन क्षेत्र में सुधारों के लिए मध्यप्रदेश ने अग्रणी राज्य की पहचान बनाई है। नवनियुक्त खनि निरीक्षक बोले-"हमारे लिए आज होली और दीपावली दोनों की खुशी है" मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनियुक्त खनि निरीक्षकों में से 5 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया और नवनियुक्त खनि निरीक्षकों के साथ छायाचित्र खिंचवाया। कार्यक्रम में नवनियुक्त खनि निरीक्षकों ने कहा कि आज उनके लिए होली और दीपावली जैसा खुशी का दिन है। वे अपने दायित्व को पूरी लगन से पूरा करेंगे।