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पत्रकारिता में निष्पक्षता ही लोकतंत्र की ताकत : मुख्यमंत्री का बयान

निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र की असली ताकत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा आयुध अपडेट्स पत्रिका के कार्यक्रम से जुड़े भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता लोकतंत्र की असली ताकत है। प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को जनमाध्यमों में स्थान मिल रहा है। हमारे पत्रकार बंधुओं ने ही पूरे राष्ट्र और विश्व को अवगत करवाया है कि मध्यप्रदेश के चंदेरी और रायसेन जैसे स्थान प्राचीन काल में जोहर के साक्षी रहे हैं। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के ट्ंटया भील  और भीमानायक जैसे जनजातीय नायकों ने स्वतंत्रता संग्राम में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। लोककल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम नागरिकों तक आसानी से पहुंचती है।  मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम रीवा से वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा भोपाल में मासिक पत्रिका आयुध अपडेट्स के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयुध अपडेट्स को इस समारोह के आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि पत्रिका द्वारा प्रदेश की सांस्कृतिक परम्पराओं और विकास से जुड़ी समाचार कथाओं की प्रस्तुति प्रशंसनीय है। मध्यप्रदेश की धरती पंडित माखनलाल चतुर्वेदी से लेकर डॉ. वेद प्रताप वैदिक तक अनेक प्रख्यात कलमकारों के कृतित्व की साक्षी रही है। भारत रत्न स्व. अटल जी भी मूलत: पत्रकार और कवि थे। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के संस्कारों को आत्मसात कर अलग पहचान बनाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज नई तकनीक और सोशल मीडिया का चलन अधिक है। लेकिन पत्रकारिता के इस स्वरूप के समक्ष चुनौतियां भी अनेक हैं। तेज गति के मान से डिजिटल मीडिया का अपना प्रभाव है। कुछ ही पल में लाखों लोगों तक संदेश पहुंच जाता है। लेकिन मुद्रत माध्यमों की धरोहर दीर्घ अवधि तक बनी रहती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य सरकार द्वारा पत्रकारों को अधिमान्यता, बीमा योजनाओं के साथ ही वृद्ध पत्रकारों को सम्मान निधि के रूप में दी जा रही सुविधाओं की भी जानकारी दी। इस अवसर पर अनेक सामाजिक कार्यकर्ता  हेमंत मुक्ति बोध ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में अनेक प्रबुद्धजन और मीडियाकर्मी उपस्थित थे।      

धनबल पर रोक: चुनाव में अनियमित खर्च, आयोग ने तीन दिन में जब्त किए 33.97 करोड़

 नई दिल्ली बिहार विधानसभा चुनाव और सात राज्यों की आठ विधानसभा में होने वाले उपचुनाव को लेकर चुनाव आयोग सख्त है। चुनाव के दौरान पैसों के दुरुपयोग और मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयासों पर रोक लगाने के लिए निर्वाचन आयोग ने बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में व्यय पर्यवेक्षकों की तैनाती की है। जो उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर पैनी नजर रखेंगे। आगामी चुनावों में धनबल, मुफ्तखोरी के साथ-साथ नशीली दवाओं, नशीले पदार्थों और शराब के इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए आयोग ने दो चरणों में होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों और 8 विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनावों के लिए सभी प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश जारी किए हैं। एक बयान में चुनाव आयोग ने कहा कि उम्मीदवारों द्वारा किए जाने वाले चुनावी खर्च की निगरानी के लिए व्यय पर्यवेक्षकों को पहले ही तैनात कर दिया गया है और वे चुनाव की अधिसूचना के दिन अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पहुंच गए हैं। तीन दिन में 33.97 करोड़ जब्त चुनाव आयोग ने कहा, "अपने दौरे के दौरान वे व्यय निगरानी में लगी सभी टीमों से मिलेंगे। उड़न दस्ते, निगरानी दल, वीडियो निगरानी दल मतदाताओं को लुभाने के लिए धनबल या अन्य प्रलोभनों के किसी भी संदिग्ध मामले पर नजर रखने के लिए चौबीसों घंटे सतर्क रहेंगे।" इसी के साथ चुनाव आयोग ने बताया कि चुनाव की घोषणा के बाद से विभिन्न प्रवर्तन एजेंसियों ने कुल 33.97 करोड़ रुपए की नकदी, शराब, ड्रग्स और मुफ्त सामान जब्त किया है। NDA में सीट बंटवारा इससे पहले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने बिहार चुनावों के लिए अपनी सीट-बंटवारे की घोषणा की। भाजपा और जेडीयू 101-101 सीटों पर, लोजपा (रामविलास) 29 सीटों पर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा छह सीटों पर और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) छह सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है। बता दें कि बिहार चुनाव में एनडीए का मुकाबला राजद के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले इंडिया ब्लॉक, कांग्रेस, दीपांकर भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली सीपीआई (एमएल), सीपीआई, सीपीएम और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) से होगा। वहीं इस बार बिहार में प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी जन सुराज पार्टी के रूप में एक नए खिलाड़ी की एंट्री भी देखने को मिल रही है।

18 व 19 अक्टूबर को होगा ड्रोन व लेजर शो

जय श्रीराम, धनुषधारी श्री राम, संजीवनी पर्वत उठाए हनुमान, रामसेतु, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जैसी मनमोहक आकृतियां होंगी शामिल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रतिवर्ष नई ऊंचाई छू रहा दीपोत्सव लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव-2025 में आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। राम की पैड़ी सहित 56 घाटों पर जलने वाले 26 लाख दीपों की आभा जहां भक्ति-उल्लास का प्रतीक बनेगी, वहीं कोरियोग्राफ्ड म्यूजिकल ड्रोन शो और 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो श्रद्धालुओं को अनूठा अनुभव देंगे। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने ड्रोन शो और लेजर शो की प्रस्तुतियों को दो दिन (18 व 19 अक्टूबर) कराने का निर्णय लिया है।   पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि स्वदेश निर्मित 1,100 ड्रोन आसमान में रामायण के विभिन्न प्रसंगों की झलकियां प्रस्तुत करेंगे। आकाश में अद्भुत कलाकृतियां उभरकर दिव्य दृश्य प्रस्तुत करेंगी। वहीं, 3-डी होलोग्राफिक म्यूजिकल लेजर शो दर्शकों के सामने वास्तविक प्रतीत होने वाली छवियों के माध्यम से अनुभव को यादगार बनाएंगी। 18 को भी आयोजित होगा एक अतिरिक्त ड्रोन शो उन्होंने बताया कि पर्यटन एवं संस्कृति विभाग सदैव आस्था, संस्कृति और नवाचार के समन्वय को प्राथमिकता देता आया है। पिछले वर्ष आयोजित दीपोत्सव में पहली बार 500 ड्रोन के माध्यम से भव्य शो किया गया था।  दीपोत्सव-2025 को और अधिक आकर्षक एवं भव्य बनाने के उद्देश्य से 1,100 ड्रोन के जरिए अद्भुत ड्रोन शो प्रस्तुत करने की योजना बनाई गई है। पर्यटन विभाग ने दीपोत्सव से पहले 18 अक्टूबर को भी एक अतिरिक्त ड्रोन शो आयोजित करने का निर्णय लिया है।  शो में 'त्रेता युग से नव अयोध्या' की प्रतीकात्मक झांकी भी दिखेगी संगीत और रोशनी से सजे लेज़र शो में प्रभु श्रीराम के जीवन और आदर्शों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से चित्रित किया जाएगा। 1,100 स्वदेशी ड्रोन रामायण के विभिन्न प्रसंगों को आकाश में प्रस्तुत करेगा, जिनमें जय श्रीराम, धनुषधारी श्री राम, संजीवनी पर्वत उठाए हनुमान, रामसेतु, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जैसी कई मनमोहक आकृतियां शामिल होंगी। शो का समापन ‘त्रेता युग से नव अयोध्या’ की प्रतीकात्मक झांकी के साथ होगा, जो शहर के आध्यात्मिक अतीत और आधुनिक वर्तमान को जोड़ता है।

खुशखबरी: धनतेरस से पहले किसानों के खाते में आएंगे फसल मुआवजे के पैसे

राजगढ़  मध्य प्रदेश के किसानों के लिए धनतेरस का त्योहार इस बार खास खुशियां लाने वाला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अगुवाई वाली राज्य सरकार धनतेरस यानी 29 अक्टूबर 2025 को प्रदेश के किसानों के बैंक खातों में करोड़ों रुपये की सौगात देंगे। राजगढ़ जिले के ब्यावर में होने वाले इस मेगा इवेंट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद उपस्थित होंगे और मंच से सिंगल क्लिक पर संबंधित किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर करेंगे। इसका लाभ प्रदेश के लाखों किसानों को होगा। मध्य प्रदेश सरकार ने धनतेरस के मौके पर किसानों को राहत राशि बांटने का फैसला लिया है। सीएम मोहन यादव सिंगल क्लिक पर फसल मुआवजे की राशि किसानों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करेंगे। ये इवेंट राजगढ़ जिले के ब्यावर में आयोजित होने जा रहा है, जो पूरे प्रदेश के लिए खास होगा। कार्यक्रम ब्यावर के दशहरा मैदान में होगा, जहां से किसानों को फसल मुआवजे की राशि वितरित की जाएगी। त्योहारी सीजन में होंगी खुशियां डबल यह राशि उन किसानों को ट्रांसफर की जाएगी, जिनकी फसलें प्राकृतिक आपदाओं या दूसरी वजहों से खराब हुईं हैं। इस पहल से किसानों को अपनी फसल के नुकसान की भरपाई करने में मदद मिलेगी। ये पहल किसानों को दिवाली से पहले आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इससे उनकी त्योहारी खुशियां डबल हो जाएंगी। किसानों को लंबे समय से प्रतीक्षित ये राशि सीधे उनके बैंक खातों में डाली जाएगी।   आपको बता दें कि, इस साल के मानसूनी सीजन में प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश का प्रभाव रहा है। 16 जून, 2025 को मॉनसून आने के बाद प्रदेश में औसत से 120 फीसदी अदिक बारिश हुई, जिससे किसानों को खासा नुकसान का सामना करना पड़ा है।

अब वंदे भारत में सफर होगा इंटरनेशनल लेवल का — नई टेक्नोलॉजी से लैस होगी ट्रेन

नई दिल्ली स्वदेशी तकनीक के माध्यम से भारत रेलवे के क्षेत्र में निर्माता से निर्यातक बन चुका है। अब वैश्विक स्तर पर भारत में निर्मित रेल इंजन और कोच की मांग अब अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और कई अन्य देशों से आ रही है। रेलवे अब वंदे भारत का अगला संस्करण लाने की तैयारी में है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को भारत मंडपम में आयोजित 16वें अंतरराष्ट्रीय रेल उपकरण प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह विश्व की दूसरी सबसे बड़ा रेलवे प्रदर्शनी है। 'फ्यूचर-रेडी रेलवे' थीम पर आधारित यह प्रदर्शनी 17 अक्टूबर तक भारत मंडपम में चलेगी, जिसमें 15 से भी अधिक देशों के 450 से अधिक कंपनियां आधुनिक रेल, मेट्रो उत्पाद, नवाचार एवं समाधान प्रदर्शित कर रही हैं। 7 हजार KM लंबा यात्री कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी रेलमंत्री ने कहा कि विकसित भारत विजन के तहत वर्ष 2047 तक लगभग सात हजार किमी लंबे समर्पित यात्री कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। ये कॉरिडोर अधिकतम 350 किमी प्रतिघंटा और परिचालन गति 320 किमी प्रतिघंटा तक के लिए डिजाइन किए जाएंगे। ये पूरी तरह स्वदेशी सिग्नलिंग सिस्टम और आधुनिक आपरेशन कंट्रोल सेंटर से सुसज्जित होंगे।   जल्द ही आएगा वंदे भारत ट्रेनों का चौथा संस्करण वैष्णव ने वंदे भारत ट्रेन को देश की बड़ी सफलता करार दिया और कहा कि यह तकनीकी मानकों पर विश्व की सर्वश्रेष्ठ ट्रेनों की बराबरी करती है। भारत में अभी वंदे भारत-3 ट्रेनें चल रही हैं, जो अपने पिछले संस्करणों से काफी उन्नत है। यह जीरो से सौ किमी प्रतिघंटा की रफ्तार सिर्फ 52 सेकंड में पकड़ लेती है, जो जापान और यूरोप की कई ट्रेनों से अधिक है। उन्होंने कहा कि अगले 18 महीनों में वंदे भारत-4 लाने का लक्ष्य है, जो प्रदर्शन और यात्री सुविधा के हर पहलू में वैश्विक मानक स्थापित करेगी। नए संस्करण में बेहतर टॉयलेट्स, आरामदायक सीटें और उच्च गुणवत्ता वाले कोच होंगे, ताकि यह ट्रेन दुनिया की सर्वश्रेष्ठ यात्री ट्रेन के रूप में पहचानी जाए। अमृत भारत ट्रेनों पर क्या बोलें अश्विनी वैष्णव? इसी तरह अभी अमृत भारत-2 का परिचालन हो रहा, जबकि संस्करण-3 पुश-पुल तकनीक पर आधारित है, जो लंबी दूरी की यात्रा के लिए उपयुक्त होगी। उन्होंने कहा कि अमृत भारत-4 में अगली पीढ़ी के ट्रेनसेट और लोकोमोटिव शामिल होंगे, जिनका डिजाइन और निर्माण अगले 36 महीनों में पूरा कर लिया जाएगा। वैष्णव ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में 35,000 किमी नई लाइनें बिछाई गईं और 46,000 किमी रेलमार्गों का विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। देश में अभी 156 वंदे भारत, 30 अमृत भारत और चार नमो भारत चल रही हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में रिकार्ड सात हजार से अधिक कोच, लगभग 42,000 वैगन और 1,681 लोकोमोटिव का निर्माण किया गया। देश का पहला 9,000 हार्सपावर का इलेक्टि्रक लोकोमोटिव शुरू किया गया। इसी तरह 12 हजार एचपी इंजन पहले से ही चल रहे हैं। भारतीय रेल अमेरिका को पीछे छोड़कर अब दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी माल ढुलाई नेटवर्क बन चुकी है। बुलेट ट्रेन परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। नवाचार पर विशेष ध्यान है। इसके लिए चालू वर्ष में एक लाख 16 हजार करोड़ का बजट आवंटित किया गया है, जिसमें स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली 'कवच' भी शामिल है।  

MP में 10वीं-12वीं परीक्षा होगी सुपरवाइज्ड, CCTV से होगी पूरी निगरानी

भोपाल मप्र माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं की वार्षिक परीक्षा सात फरवरी से शुरू होना है। नकल रोकने की कोशिशों में इस बार माशिमं नई शुरुआत करने जा रहा है। पहली बार बोर्ड परीक्षा सीसीटीवी की निगरानी में होगी। इसके लिए माशिमं चुने हुए 200 केंद्रों पर प्रत्येक कक्ष में कैमरे लगवाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अभी तक उन स्कूलों को प्राथमिकता से परीक्षा केंद्र बनाया जाता रहा है, जहां सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था हो। लेकिन प्रदेश में ऐसे स्कूलों की संख्या बेहद कम है। ऐसे में मंडल ने खुद सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी की है। यह कैमरे किराए के होंगे, जिन्हें परीक्षा से पहले लगाया जाएगा और परीक्षा खत्म होने के बाद हटा लिया जाएगा।   इसके लिए निविदा प्रक्रिया जल्दी ही शुरू होगी। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि 200 स्कूलों में कैमरा लगवाने पर कितना खर्च आता है। संवदेनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। जिन स्कूलों में कैमरे चालू हालत में नहीं होंगे, वहां इन्हें चालू करवाया जाएगा। इस बार वीडियो रिकार्डिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। माशिमं के भोपाल स्थित मुख्यालय में एक कंट्रोल रूम बनेगा, जहां सभी केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज लाइव दिखेंगे। यानी कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी कैमरों के जरिए प्रत्येक परीक्षा कक्ष को उसी समय देख पाएंगे। फिलहाल इस साल यह व्यवस्था प्रायोगिक तौर पर होगी। प्रयोग सफल रहा, तो अगले वर्ष से सभी केंद्र सीसीटीवी निगरानी के दायरे में होंगे। बोर्ड परीक्षा में हर साल करीब चार हजार केंद्र बनाए जाते हैं। इस साल यहां 18 लाख परीक्षार्थी बैठने वाले हैं। परीक्षा केंद्रों की चयन प्रक्रिया शुरू इस बीच परीक्षा केंद्र तय करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। मंडल ने सभी कलेक्टरों को केंद्र चिह्नित करने को निर्देशित किया गया है। कहा गया है कि उन स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर केंद्र बनाया जाए, जहां शौचालय, फर्नीचर, बिजली, पानी, कंप्यूटर, प्रिंटर जैसी सुविधा हो।

रीवा-सतना में एयरफोर्स सर्वे, जल्द बन सकता है नया रडार स्टेशन

सतना पिछले कुछ दिनों से सतना और मैहर के आसमान में उड़ते फाइटर प्लेन लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। तेज गर्जना और धुएं की लकीरों के साथ उड़ान भरते इन विमानों को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की अटकलें और अफवाहें फैल रही थीं। लेकिन अब स्पष्ट हो गया है कि यह कोई रहस्यमयी गतिविधि नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना का रणनीतिक अभ्यास है। जानकारी के अनुसार, ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरने वाले एयरफोर्स के फाइटर जेट्स इन दिनों विंध्य क्षेत्र में नियमित रिहर्सल और निगरानी अभ्यास कर रहे हैं। सतना, मैहर और रीवा के आसमान को वायुसेना ने अपने रणनीतिक प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त माना है।   विभिन्न मौसम परिस्थितियों में, दिन और रात दोनों समय, ये उड़ानें लगातार जारी हैं। इस गतिविधि को लेकर स्थानीय प्रशासन को पूर्व सूचना दी गई है। विशेष रूप से रीवा जिला प्रशासन को भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर सूचित किया था कि विंध्य क्षेत्र में कुछ समय के लिए एयर सर्विलांस और फ्लाइट रिहर्सल किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, वायुसेना इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, ऊंचाई और मौसमीय परिस्थितियों का बारीकी से अध्ययन कर रही है। माना जा रहा है कि यहां एक नया एयर सर्विलांस रडार स्टेशन या ट्रैकिंग यूनिट स्थापित करने की योजना पर विचार चल रहा है। इस दिशा में वायुसेना अधिकारियों ने रीवा और सतना के कुछ हिस्सों का सर्वे भी पूरा कर लिया है। विंध्य का आसमान इन दिनों देश की सुरक्षा तैयारियों का साक्षी बन गया है और संभव है कि आने वाले दिनों में यह क्षेत्र भारतीय वायुसेना की निगरानी क्षमताओं का एक नया केंद्र बन जाए। 

समग्र आईडी बंद हो गई? सिर्फ आधार से मिनटों में फिर से चालू करें!

इंदौर समग्र आईडी प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के लिए शुरू की गई महत्वपूर्ण पहचान प्रणाली है। इसके तहत प्रदेश के सभी परिवारों और सदस्यों का एकीकृत डेटा बेस बनाया गया है। सरकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, पेंशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य सहायता के लिए यह जरूरी है। शहरी क्षेत्र में रहने वाले जोनल कार्यालय और ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले ग्राम पंचायत में समग्र आईडी बनवा सकते हैं। ई-केवाइसी नहीं होने पर बंद हो चुकी या डिलीट हो चुकी समग्र आईडी को आधार वेरिफिकेशन से दोबारा एक्टिव कराया जा सकता है। समग्र में नाम, जन्म तारीख की जानकारी आधार से अपडेट होती है, इसलिए आधार से समग्र का ई-केवाइसी कराना जरूरी है।   यह बात अतुल दुबे, जिला ई-गवर्नेंस प्रबंधक इंदौर ने मंगलवार को हेलो नईदुनिया कार्यक्रम में पाठकों के सवालों के जवाब देते हुए कही। दुबे ने बताया कि पता बदलने पर पुराने वार्ड या ग्राम से अपने समग्र की रिक्वेस्ट नए स्थान के वार्ड या ग्राम में देनी होती है और संबंधित स्थान पर उनकी आईडी को एक्टिव कर दिया जाता है। स्थान बदलने पर नया समग्र नहीं बनता है, पुराने समग्र को स्थानांतरित कराना पड़ता है। समग्र बनवाने के दौरान जाति का प्रमाण नहीं देने पर सामान्य जाति दर्ज की जाती है। बाद में आवेदक अपना जाति प्रमाण पत्र देकर जाति दर्ज करवा सकते हैं। जाति व्यक्तिगत दर्ज होती है और इसके लिए हर सदस्य का जाति प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। परिवार के मुखिया के जाति प्रमाण के आधार पर पूरे परिवार की जाति दर्ज नहीं होती है।  

यूपी वालों के लिए खुशखबरी! अब इस शहर में भी शुरू होगी मेट्रो सेवा

वाराणसी  यूपी के वाराणसी में लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कैंट रेलवे स्टेशन तक मेट्रो रेल सेवा शुरू होगी। इसके लिए विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से रेलवे मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है। इस सेवा को शुरू करने का उद्देश्य विमान से उतरने के बाद यात्री मेट्रो से शहर तक पहुंच जाएं। इससे यात्रियों को सुविधा होने के साथ किराये में बचत होगी। बाबतपुर एयरपोर्ट से प्रतिदिन लगभग 80 विमानों का संचालन होता है। इन उड़ानों से 10,000 से 12,000 यात्रियों का आवागमन होता है। इस समय हवाई अड्डे के विस्तारीकरण का काम तेजी के साथ चल रहा है। इसमें मल्टी लेवल पार्किंग, आठ एयरोब्रिज के साथ पांच हजार यात्री क्षमता वाला नया टर्मिनल भवन, रनवे के नीचे अत्याधुनिक सुविधा और सुरक्षा युक्त टनल निर्माण शामिल है। इससे यहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमानों की संख्या बढ़ जाएगी। यात्री संख्या भी बढ़ेगी। एयरपोर्ट विस्तारीकरण में काशी की ऐतिहासिकता और पौराणिकता की छाप भी होगी ताकि यात्रियों को बाबा विश्वनाथ की नगरी में होने का अहसास हो। एयरपोर्ट से कैंट स्टेशन की दूरी करीब 22 किलोमीटर है। यहां से यात्री टैक्सी, ऑटो और ई-बस से गंतत्व को जाते हैं। इस दूरी को तय करने में खासकर टैक्सी और ऑटो चालक अच्छा-खासा किराया यात्रियों से वसूल लेते हैं। इसको देखते हुए मेट्रो सेवा कारगर साबित होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए भेजा प्रस्ताव: निदेशक एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि विस्तारीकरण के बाद विमानों के बढ़ने से यात्रियों का आवागमन भी बढ़ेगा। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर हवाई अड्डे से बाबतपुर रेलवे स्टेशन होकर शहर तक मेट्रो सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भेजा गया है। इस बारे में रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो सेवा के लिए फिजिबिलिटी सर्वे के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में माओवादी शक्ति कमजोर, 100+ आतंकियों ने आत्मसमर्पण किया

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के माओवादी हिंसा प्रभावित बस्तर अंचल में माओवाद विरोधी अभियानों को अभूतपूर्व सफलता मिली है। राज्य सरकार की प्रभावी 'माओवादी समर्पण नीति' की बदौलत कांकेर और सुकमा जिलों में एक साथ 100 से अधिक माओवादियों ने हथियार डाल दिए हैं। इस सामूहिक आत्मसमर्पण को बस्तर में शांति की वापसी की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है। कांकेर में शीर्ष कैडरों का समर्पण कांकेर जिले के पखांजुर थाना क्षेत्र में सक्रिय 60 से अधिक माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में राजू सलाम, कमांडर प्रसाद और मीना सहित कई बड़े माओवादी भी शामिल हैं। अधिकारियों ने इस घटना को सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटने का परिणाम बताया। सभी समर्पित माओवादियों को सरकारी नीति के तहत नकद प्रोत्साहन, आवास और व्यावसायिक प्रशिक्षण पैकेज प्रदान किए जाएंगे।   सुकमा- 27 माओवादियों का आत्मसमर्पण, माओवादी मोर्चे पर बड़ी कामयाबी सुकमा जिले में माओवादी विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। कुल 27 सक्रिय माओवादियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें दो हार्डकोर माओवादी शामिल हैं, जो पीएलजीए बटालियन-01 में सक्रिय थे। आत्मसमर्पित माओवादियों पर कुल 50 लाख रुपये का इनाम था, जिसमें एक पर 10 लाख, तीन पर 8-8 लाख, एक पर 3 लाख, दो पर 2-2 लाख और नौ पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित था। समर्पण करने वालों में 10 महिलाएं और 17 पुरुष शामिल हैं। इनमें एक सीवायसीएम, 15 पार्टी सदस्य और 11 अग्र संगठन से जुड़े सदस्य हैं। यह आत्मसमर्पण सुकमा पुलिस मुख्यालय में बुधवार को आयोजित एक समारोह में हुआ। सुकमा एसपी सुनील शर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की “आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति” और “नियद नेल्ला नार योजना” के साथ-साथ अंदरूनी इलाकों में बढ़ते सुरक्षा कैंपों के दबाव ने माओवादियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया। इस सफलता में जिला बल, डीआरजी, विआशा, एसटीएफ, सीआरपीएफ की 02, 74, 131, 151, 216, 217 वाहिनी और कोबरा 203 बटालियन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आत्मसमर्पित माओवादियों ने संगठन में जबरन भर्ती, हिंसा और संसाधनों की कमी को समर्पण का कारण बताया। शांति प्रक्रिया को मिली गति यह सामूहिक आत्मसमर्पण इस बात का प्रमाण है कि माओवादियों की विचारधारा खोखली साबित हो रही है। अब तक 500 से अधिक माओवादियों का पुनर्वास किया जा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन बड़े समर्पणों से बस्तर में विकास कार्य और शांति प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ेगी। यह न केवल सुरक्षा बलों की बड़ी जीत है, बल्कि उन स्थानीय समुदायों की भी जीत है, जो अब हिंसा मुक्त भविष्य की ओर देख रहे हैं। बस्तर अब 'बंदूक' नहीं, बल्कि 'विकास' की बात कर रहा है।