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दिल्ली दंगों के आरोपियों की रोक लगाने की याचिका खारिज, अब जल्द रिलीज होगी विवादित फिल्म

नई दिल्ली/ इंदौर  भारत की पहली वन-शॉट हिंदी फीचर फिल्म ‘2020 दिल्ली’ अब 14 नवंबर 2025 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। यह फिल्म पूरी तरह इंदौर में शूट की गई है। फिल्म को लेकर लंबे समय से विवाद और विरोध चलते रहे, लेकिन आखिरकार दिल्ली हाईकोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज करते हुए इसे रिलीज की हरी झंडी दे दी।दिल्ली दंगों के 7 आरोपियों ने हाईकोर्ट में फिल्म पर रोक लगाने की अपील की थी। वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने फिल्म की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की फिल्म बनती रहना चाहिए। CAA का मुद्दा तो उस दौरान भी सही था और आज भी सही है। आरोपियों की रोक लगाने की मांग खारिज दिल्ली दंगों से जुड़े सात आरोपियों ने कोर्ट में फिल्म पर रोक लगाने की अपील की थी। उनका कहना था कि फिल्म से लोगों की नजरों में उनके खिलाफ नकारात्मक छवि बनेगी। लेकिन हाईकोर्ट ने साफ कह दिया कि रचनात्मक आज़ादी पर रोक नहीं लगाई जा सकती। फिल्म को सेंसर बोर्ड से UA 16+ सर्टिफिकेट मिला है।  दंगों के आरोपियों ने क्यों की थी बैन की मांग भारतीय सिनेमा में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए, पूरी तरह से इंदौर में शूट की गई देश की पहली वन-शॉट हिंदी फीचर फिल्म “2020 दिल्ली” 14 नवंबर, 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। देवेंद्र मालवीय द्वारा निर्देशित यह फिल्म अपनी अनूठी तकनीक और संवेदनशील विषय के कारण रिलीज से पहले ही काफी विवादों में घिर गई थी, लेकिन अंततः सेंसर बोर्ड और दिल्ली हाईकोर्ट से इसे हरी झंडी मिल गई है। विवादों और कानूनी लड़ाई को पार किया निर्देशक देवेंद्र मालवीय ने बताया कि फिल्म का ट्रेलर सामने आते ही इस पर राजनीतिक बहस छिड़ गई थी। कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने इसे “भाजपा का प्रोपेगेंडा” बताते हुए चुनाव आयोग से इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। इसके अलावा, दिल्ली दंगों के सात आरोपियों, जिनमें शरजील इमाम भी शामिल हैं, ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर कर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की। उनका तर्क था कि फिल्म उनके खिलाफ जनमानस में पूर्वाग्रह पैदा कर सकती है। हालांकि, कोर्ट ने रचनात्मक स्वतंत्रता का सम्मान करते हुए सभी सात याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिसके बाद सेंसर बोर्ड ने फिल्म को UA 16+ सर्टिफिकेट प्रदान किया। भारतीय सिनेमा में एक नया कीर्तिमान “2020 दिल्ली” को बिना किसी कट के एक ही टेक में शूट किया गया है, जिसकी कुल अवधि 2 घंटे 16 मिनट है। यह भारतीय सिनेमा में अपनी तरह का पहला प्रयोग है। अब तक इस तकनीक का इस्तेमाल केवल हॉलीवुड और वर्ल्ड सिनेमा में ही देखा गया है। फिल्म का लेखन, निर्देशन और निर्माण देवेंद्र मालवीय ने किया है। मध्य प्रदेश की प्रतिभा को मिला मंच यह फिल्म मध्य प्रदेश के फिल्म उद्योग के लिए एक मील का पत्थर मानी जा रही है। इसकी पूरी शूटिंग इंदौर में हुई है और इसमें 300 से अधिक स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों ने काम किया है। फिल्म का पोस्ट-प्रोडक्शन और संगीत भी इंदौर में ही तैयार किया गया है, जो स्थानीय प्रतिभा को बढ़ावा देने का एक बड़ा उदाहरण है। CAA और दिल्ली दंगों पर आधारित कहानी फिल्म की कहानी नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए हिंदू शरणार्थियों की पीड़ा और 2020 में हुए दिल्ली दंगों की घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म यह दर्शाने का प्रयास करती है कि कैसे CAA के विरोध की आड़ में देश के खिलाफ एक वैचारिक और सांस्कृतिक हमला किया गया। आय का हिस्सा हिंदू शरणार्थियों को निर्देशक देवेंद्र मालवीय ने घोषणा की है कि फिल्म से होने वाली आय का एक हिस्सा पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए दान किया जाएगा। उन्होंने कहा, “यह फिल्म प्रोपेगेंडा नहीं, बल्कि मेरी 5 साल की मेहनत और सच्चाई का पक्ष है।” बुधवार को भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने फिल्म का शीर्षक गीत “युद्ध कर” लॉन्च किया, जिसे संस्कृत और हिंदी शब्दों में लिखा गया है।  डायरेक्टर बोले- हमने पूरी ताकत लगाई फिल्म के लेखक, डायरेक्टर और निर्माता देवेंद्र मालवीय का कहना है कि शुरुआत से ही फिल्म को लेकर उनका अनुभव शानदार रहा। लेकिन जब विवाद खड़ा हुआ तो टीम ने और ज्यादा मेहनत की। उन्होंने कहा – “कुछ लोग किसी भी हाल में इस फिल्म को रोकना चाहते थे, लेकिन हमने हिम्मत नहीं हारी। आखिरकार हमारी मेहनत रंग लाई।” “बीमारी का इलाज नाम लेने से ही होता है” देवेंद्र मालवीय ने फिल्म के विरोध करने वालों पर तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी बीमारी का नाम ही न लिया जाए तो उसका इलाज कैसे होगा? इसी तरह समाज की समस्याओं पर खुलकर बात करना ज़रूरी है। विजयवर्गीय ने की तारीफ, टैक्स फ्री कराने का वादा भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने फिल्म के टाइटल सॉन्ग ‘युद्ध कर’ को लॉन्च किया। इस गीत को हिंदी और संस्कृत शब्दों में लिखा गया है और इसे भी डायरेक्टर मालवीय ने ही लिखा है। विजयवर्गीय ने कहा कि वह चाहते हैं यह फिल्म ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार से बात कर फिल्म को टैक्स फ्री कराने की कोशिश करेंगे। इंदौर से निकली आग पूरे देश में फैलेगी विजयवर्गीय ने कहा कि यह गर्व की बात है कि इंदौर के निर्देशक ने इतनी बड़ी फिल्म बनाई है। उन्होंने कहा – “फिल्म में जो आग दिखाई गई है, वह इंदौर से उठकर पूरे देश में असर दिखाए।”

प्रधानमंत्री मोदी स्वदेशी के हैं ब्रांड एम्बेसडर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हमने हर काल में आई चुनौतियों का सामना स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की ताकत से किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री  मोदी स्वदेशी के हैं ब्रांड एम्बेसडर स्वावलंबन और स्वदेशी के बीज से ही आत्मनिर्भरता का बनेगा वटवृक्ष मुख्यमंत्री ने त्यौहारी सीजन में प्रदेशवासियों को स्वदेशी वस्तुएं खरीदने के लिए किया प्रेरित स्वदेशी अभियान की सफलता के लिए समाज की सक्रिय सहभागिता आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी जागरण सप्ताह का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वदेशी जनजागरण रैली में हुए शामिल पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से महात्मा गांधी की जयंती तक चलेगा स्वदेशी जागरण सप्ताह रवीन्द्र भवन में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वदेशी की ताकत से ही हमारी संस्कृति, हजारों हजार साल से अपने गौरव-गरिमा और समृद्धता के साथ विद्यमान है। हर युग और हर काल में आई चुनौतियों का हमने स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की ताकत से ही सामना किया है। महात्मा गांधी ने स्वदेशी के बल पर ही देश को आजादी दिलाई थी। उन्होंने ने जन-जन को विदेशी वस्तुओं को त्यागने और विदेशी वस्त्रों की होली जलाने के लिए प्रेरित किया। अपनी माटी, अपने देश और स्वदेशी व्यवस्था के प्रति हम सबके मन में सम्मान होना चाहिए। महात्मा गांधी और पं. दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में बहुत समानता थी। महात्मा गांधी और पं. दीनदयाल उपाध्याय भारतीय संस्कृति की लंबी विचार प्रक्रिया के संवाहक हैं। दोनों का ही विचार था कि स्वावलंबन और स्वदेशी के बीज से ही आत्मनिर्भरता का वटवृक्ष बनेगा और भारत, विश्व की प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय की जंयती के अवसर पर मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद और स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राज्य स्तरीय स्वदेशी जागरण सप्ताह के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। रवीन्द्र भवन में आयोजित कार्यक्रम का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलाचरण के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैली में पैदल मार्च कर स्वदेशी अपनाने के लिए जन-जन को किया प्रेरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माँ भारती, महात्मा गांधी और पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर गायत्री परिवार, ब्रह्म कुमारी संगठन, पंतजलि समूह और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं ने स्वदेशी के प्रति अपनी प्रतिबद्धिता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्वदेशी संकल्प समर्थन-पत्र सौंपे। कार्यक्रम में स्वदेशी पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव स्वदेशी जागरण सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर निकाली गई रैली में मानस भवन से पैदल मार्च करते हुए शामिल हुए। रैली के माध्यम से उद्योग जगत, व्यापारी बन्धुओं, दुकानदारों, विक्रेताओं, छात्र-छात्राओं और समस्त समाज के सदस्यों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। रैली स्वदेशी पर केंद्रित नारों के माध्यम से जन-जागरण करती हुई रवीन्द्र भवन पहुंची। भोपाल, बैतूल, शिवपुरी और उज्जैन में लगेंगे स्वदेशी मेले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वदेशी जागरण सप्ताह में स्वदेशी वस्तुओं का प्रचार-प्रसार करने और बढ़ावा देने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में स्वदेशी जागरण सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। यह महाअभियान प्रदेश के 313 विकासखंडों में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितम्बर से महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक चलेगा। प्रसन्नता का विषय है कि आगामी माहों में भोपाल, बैतूल, शिवपुरी और उज्जैन में स्वदेशी मेले आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी स्वदेशी के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेसडर हैं। उनके मार्गदर्शन में देश की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। आत्मनिर्भर बनते भारत की विकास यात्रा का मार्ग स्वदेशी से ही खुलता है। किसानों और कारीगरों के परिश्रम का सम्मान जरूरी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रामायण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी मिट्टी, अपनी भूमि के प्रति विश्वास के भाव से ही हम अपने जीवन को सफल और धन्य कर सकते हैं। किसान मिट्टी में श्रम से ही अपने अन्न के भंडार भरते हैं। लघु उद्योग चलाने और उसमें काम करने वाले कारीगर के भी स्वावलंबन के मार्ग पर चलते हैं, उनके परिश्रम का सम्मान आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवरात्रि, दशहरा और दीपावली के त्योहारी सीजन में प्रदेशवासियों को स्वदेशी वस्तुएं खरीदने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अभियान की सफलता समाज के सहयोग के बिना मंजिल तक नहीं पहुंच सकती है। दीपक और उसकी बाती के लिए जिस प्रकार ऑक्सीजन जरूरी है, उसी प्रकार स्वदेशी जैसे अभियान की सफलता के लिए समाज की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन-अभियान परिषद के उपाध्यक्ष  मोहन नागर, स्वर्णिम भारत वर्ष फाउण्डेशन, अखिल भारतीय सह प्रमुख स्वदेशी मेला, स्वाबलंबी भारत अभियान और सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मध्यप्रदेश के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में स्कूल-कॉलेज के छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।  

बेटियों को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम, लाडो लक्ष्मी ऐप से सीधे खाते में आएंगे ₹2100

चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने आज पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना (DDLLYP) का मोबाइल एप लॉन्च किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे महिलाओं के लिए ऐतिहासिक पहल बताया। हरियाणा की लाखों महिलाओं के लिए आज 25 सितंबर का दिन काफी खास है। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना (DDLLY) का मोबाइल एप लॉन्‍च हो गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पंचकूला से इस योजना के मोबाइल एप को लॉन्‍च कर द‍िया है। इसके साथ ही पात्र महिलाओं के खाते में 2100 रुपये आने का रास्ता साफ हो गया है। 1 नवंबर से खाते में पैसा आना शुरू हो जाएगा। इस योजना के लिए फॉर्म कैसे भरा जाएगा? मोबाइल से कैसे रजिस्ट्रेशन होगा? सीएम ने बताया कि एप लॉन्च होते ही 50 हजार महिलाओं ने इसे डाउनलोड कर लिया और 8 हजार महिलाओं ने पंजीकरण करवा लिया। उन्होंने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सहज बनाने के लिए दो टोल-फ्री नंबर भी जारी किए, ताकि हरियाणा की कोई भी महिला योजना का लाभ लेने में अड़चन न महसूस करे। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने 5,000 करोड़ रुपए का बजट रखा है और पहले फेज में 21 लाख महिलाओं को लाभ दिया जाएगा। हर पात्र महिला को सीधे उनके बैंक खाते में हर महीने 2,100 रुपए दिए जाएंगे। CM ने अपने संबोधन में कहीं 5 बड़ी बातें….     सीएम ने एप को बताया ऐतिहासिक: सीएम नायब सिंह ने लाडो लक्ष्मी एप को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह एप योजना को पारदर्शी ढंग से लागू करने के लिए बनाया गया है। उन्होंने इसे महिलाओं के लिए आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर बताया।     लॉन्च होते ही 50 हजार डाउनलोड, 8 हजार रजिस्ट्रेशन: सैनी ने कहा कि जैसे ही एप लॉन्च हुआ, प्रदेश में 50 हजार महिलाओं ने इसे डाउनलोड कर लिया और 8 हजार महिलाओं ने अपना रजिस्ट्रेशन भी करवा लिया। उन्होंने इस तेजी को प्रदेश की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी का संकेत बताया।     टोल-फ्री नंबर महिलाओं के लिए मददगार: सीएम ने पंजीकरण में किसी भी दिक्कत को दूर करने के लिए दो टोल-फ्री नंबर 01724880500 और 18001802231 जारी किए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हरियाणा की किसी भी महिला को फॉर्म अप्लाई करने में कोई बाधा न आए।     पहले फेज में 21 लाख महिलाएं, कुल बजट 5,000 करोड़: सैनी ने कहा कि इस योजना के पहले फेज में 21 लाख महिलाओं को लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपए का बजट रखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवार में जितनी भी महिलाएं हों, सभी इसका लाभ ले सकेंगी।     851 करोड़ की नई योजनाओं और अस्पतालों का उद्घाटन: मुख्यमंत्री ने बताया कि आज 851 करोड़ रुपए की योजनाओं का उद्घाटन किया गया। उन्होंने 10 नए अस्पतालों का उद्घाटन भी किया और बताया कि प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना के तहत गंभीर बीमारियों का इलाज 5 लाख रुपए तक फ्री है। सरकार ने 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए भी फ्री चिकित्सा सेवा लागू की है। लाडो लक्ष्मी योजना का विस्तार कब होगा लाडो लक्ष्मी योजना के पहले चरण में वो महिलाएं फॉर्म भर सकती हैं, जिनके परिवार की सालाना आय 1 लाख रुपये या उससे कम है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 21 लाख महिलाओं को पहले चरण में 2100 रुपये मिलेंगे। माना जा रहा है कि दूसरे चरण में 1.80 लाख रुपये सालाना आय वाले परिवारों को शामिल किया जा सकेगा। तीसरे चरण में 3 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों की महिलाओं को शामिल किया जा सकेगा। हालांकि तीसरे चरण के लिए 2028-29 तक का इंतजार करना पड़ सकता है। लाडो लक्ष्मी योजना क्या है दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस योजना का मोबाइल एप लॉन्च कर दिया है। यह योजना क्या है, इसके लिए क्या पात्रता है, इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए आप 'दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना' पर क्लिक कर सकते हैं। लाडो लक्ष्मी योजना: अविवाहित महिलाओं को चाहिए ये कागज लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा की पात्रता की बात करें तो इस योजना के तहत अविवाहित और विवाहित दोनों महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा आवेदन के लिए मोबाइल में एप डाउनलोड करना होगा। अगर आप अविवाहित महिला हैं तो आपको कुछ कागजों की जरूरत होगी, इन्हें नोट कर लें.. आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर परिवार के सभी सदस्यों के आधार नंबर बिजली कनेक्शन/मीटर नंबर हरियाणा कौशल विकास पंजीकरण नंबर (अगर है तो)अगर घर में किसी के पास वाहन है तो उसका पंजीकरण नंबर महिला के नाम से सक्रिय बैंक खाता नंबर और IFSC Code लाडो लक्ष्मी योजना: मोबाइल से ऐसे करें रजिस्ट्रेशन सबसे पहले अपने मोबाइल में लाडो लक्ष्मी योजना का एप डाउनलोड करें अपना मोबाइल नंबर भरें और OTP से वेरिफिकेशन करें अब जिस महिला के नाम से फॉर्म भरना है, उसका पूरा विवरण दर्ज करें इसके बाद लाभार्थी महिला के घर का पूरा पता भरें फिर लाभार्थी महिला के परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी भरें अगले चरण में परिवार की सालाना आय का पूरा विवरण दें अब अपने बैंक खाते की पूरी जानकारी भरें, जिसमें IFSC Code हो आखिरी में मोबाइल कैमरे से लाइव फोटो क्लिक करें। लाडो लक्ष्मी योजना: मोबाइल से ऐसे करें रजिस्ट्रेशन लाडो लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन सिर्फ मोबाइल एप से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ कर दिया है कि 2100 रुपये वाली लाडो लक्ष्मी योजना के लिए आवेदन सिर्फ मोबाइल एप से ही होगा। इसके लिए सरल सेंटर या सीएससी जाने की कोई जरूरत नहीं है। न ही किसी अनजान लिंक पर क्लिक करें। लाडो लक्ष्मी योजना का हेल्पलाइन नंबर लाडो लक्ष्मी योजना का मोबाइल एप लॉन्च कर दिया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 2100 रुपये वाली योजना के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। यह टोल फ्री नंबर हैं: 0172-880500 1800-180-2231 मोबाइल एप लॉन्च होते ही 50000 से ज्यादा डाउनलोड मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में मंच से बताया कि लाडो लक्ष्मी योजना का मोबाइल एप लॉन्च होते ही 50 हजार से … Read more

रेल लॉन्चर से अग्नि-प्राइम का पहला परीक्षण सफल, भारत की मारक क्षमता को नई उड़ान

नईदिल्ली  भारत ने एक बड़ा कदम उठाया है. डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने इंटरमीडिएट रेंज अग्नि-प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया. यह नई पीढ़ी की मिसाइल रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर से छोड़ी गई. परीक्षण पूरी तरह सफल रहा. यह पहली बार है जब खास डिजाइन वाली रेल लॉन्चर से मिसाइल दागी गई. इससे भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जिनके पास 'कैनिस्टराइज्ड' लॉन्च सिस्टम है, जो रेल नेटवर्क पर चलते हुए मिसाइल छोड़ सकता है.      मिसाइल के सफल टेस्ट की डिटेल्स पर नजर डालें तो यह लॉन्च विशेष रूप से डिजाइन किए गए रेल-बेस्ड मोबाइल लॉन्चर सिस्टम से किया गया. इस सिस्टम की खासियत है कि यह बिना किसी पूर्व शर्त के देश के रेल नेटवर्क पर कहीं भी मूवमेंट कर सकता है. इससे लॉन्च में कम समय लगता है और दुश्मन की नजर से बचाव आसान होता है. डीआरडीओ यानी डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन, स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड (एसएफसी) और सशस्त्र बलों की टीम ने इस परीक्षण को अंजाम दिया है. हालांकि, परीक्षण का सटीक स्थान सार्वजनिक नहीं किया गया, लेकिन यह रेल नेटवर्क की मोबिलिटी पर फोकस करता है, जो युद्धकाल में मिसाइल की सरवाइवेबिलिटी बढ़ाता है. क्या है अग्नि प्राइम मिसाइल की खासियत अग्नि प्राइम मिसाइल की विशेषताएं इसे और भी खास बनाती हैं. यह इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है. यह 2000 किलोमीटर तक के टारगेट को हिट कर सकती है. इसमें एडवांस्ड टेक्नोलॉजी शामिल हैं. मसलन बेहतर एक्यूरेसी, कैनिस्टराइज्ड कॉन्फिगरेशन और फास्ट ऑपरेशनल रेडीनेस. यह अग्नि सीरीज की नई पीढ़ी की मिसाइल है, जो पुरानी अग्नि-1 और अग्नि-2 को रिप्लेस करने के लिए डिजाइन की गई है. कैनिस्टराइज्ड सिस्टम से मिसाइल को लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है और लॉन्च के लिए तैयार रखा जा सकता है, जो इसे रोड-मोबाइल, सबमरीन-लॉन्च और साइलो-बेस्ड सिस्टम्स के साथ कंप्लीमेंट करता है. इसकी हाई मोबिलिटी और लो विजिबिलिटी दुश्मन के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होगी. अब सवाल है कि आखिर यह टेस्ट क्यों खास है? सबसे बड़ा कमाल यह है कि भारत ने पहली बार रेल से मिसाइल लॉन्च की क्षमता हासिल की है. यह दुनियाभर में अपने आप में दुर्लभ कारनामा है. रेल नेटवर्क की विशालता का फायदा उठाते हुए यह सिस्टम मिसाइल को तेजी से डिप्लॉय करने की अनुमति देता है. इससे स्ट्रैटेजिक सरप्राइज एलिमेंट बढ़ता है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन से जुड़ा है, क्योंकि पूरा सिस्टम स्वदेशी रूप से विकसित है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों के लिए सिग्नल है, जहां बॉर्डर टेंशन के बीच भारत अपनी मिसाइल क्षमताओं को मजबूत कर रहा है. रेल-बेस्ड लॉन्च से न्यूक्लियर डिटरेंस गेम चेंजर साबित होगा, क्योंकि यह दुश्मन की सैटेलाइट मॉनिटरिंग से बचाव प्रदान करता है. यह टेस्ट इसलिए भी खास है क्योंकि ट्रेन से मिसाइल दागी जाएगी और फिर आगे बढ़ जाएगी. इससे दुश्मन ट्रैक नहीं कर पाएगा. राजनाथ सिंह ने क्या कहा? रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘भारत ने इंटरमीडिएट रेंज अग्नि प्राइम मिसाइल का सफल लॉन्च रेल-बेस्ड मोबाइल लॉन्चर सिस्टम से किया है. यह नेक्स्ट जेनरेशन मिसाइल 2000 किमी तक की रेंज कवर करती है और विभिन्न एडवांस्ड फीचर्स से लैस है. उन्होंने डीआरडीओ, एसएफसी और सशस्त्र बलों को बधाई दी, साथ ही कहा कि यह भारत को रेल नेटवर्क से कैनिस्टराइज्ड लॉन्च सिस्टम विकसित करने वाले चुनिंदा देशों में शामिल करता है. यह उपलब्धि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. इस तरह से देखा जाए तो यह परीक्षण भारत की मिसाइल टेक्नोलॉजी में मील का पत्थर है. अग्नि-प्राइम क्या है? नई पीढ़ी की सुपर मिसाइल अग्नि-प्राइम अग्नि सीरीज की सबसे आधुनिक मिसाइल है. यह इंटरमीडिएट रेंज (मध्यम दूरी) वाली है, जो 2000 किलोमीटर तक निशाना साध सकती है. इसमें कई एडवांस्ड फीचर्स हैं…     सटीक निशाना: उन्नत नेविगेशन सिस्टम से दुश्मन के ठिकाने को सटीक मार सकती है.     तेज रिएक्शन: छोटे समय में लॉन्च हो सकती है, भले ही कम दिखाई दे.     मजबूत डिजाइन: कैनिस्टर (बंद बॉक्स) में रखी जाती है, जो इसे बारिश, धूल या गर्मी से बचाता है. यह मिसाइल भारत की स्ट्रेटेजिक फोर्सेस कमांड (एसएफसी) के लिए बनी है. परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया. रेल लॉन्चर की खासियत: कहीं भी, कभी भी हमला इस परीक्षण की सबसे बड़ी बात रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर है. यह खास डिजाइन वाला सिस्टम है, जो…     रेल नेटवर्क पर बिना किसी तैयारी के चल सकता है.     क्रॉस कंट्री मोबिलिटी देता है, यानी जंगल, पहाड़ या मैदान में आसानी से ले जाया जा सकता है.     कम समय में लॉन्च: रुकते ही मिसाइल दाग सकता है.     कम विजिबिलिटी में काम: धुंध या रात में भी सुरक्षित. पहले मिसाइलें फिक्स्ड साइट्स से दागी जाती थीं, लेकिन यह लॉन्चर दुश्मन को चकमा दे सकता है. रेल पर चलते हुए लॉन्च करने की क्षमता से भारत की मिसाइल ताकत कई गुना बढ़ गई. परीक्षण की सफलता: भारत का गौरव डीआरडीओ, एसएफसी और भारतीय सेनाओं ने मिलकर यह परीक्षण किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बधाई दी. उन्होंने कहा कि अग्नि-प्राइम के सफल टेस्ट से भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जिनके पास रेल नेटवर्क पर चलते हुए कैनिस्टर लॉन्च सिस्टम है. यह परीक्षण भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' योजना का हिस्सा है. अग्नि सीरीज की यह छठी मिसाइल है, जो पहले से ही सेना में तैनात हैं. क्यों महत्वपूर्ण है यह परीक्षण?     रणनीतिक ताकत: दुश्मन को कहीं भी, कभी भी जवाब देने की क्षमता.     सुरक्षा बढ़ेगी: सीमाओं पर तेज रिएक्शन, घुसपैठ रोकेगी.     वैश्विक स्तर: अमेरिका, रूस जैसे देशों के साथ भारत की बराबरी.     भविष्य: अग्नि-प्राइम को जल्द सेना में शामिल किया जाएगा.  

हैंडशेक विवाद पर थरूर का संदेश – ‘शांति के लिए जरूरी है व्यवहार में समझदारी’

 नई दिल्ली एशिया कप के फाइनल में भारत और पाकिस्तान के आमने-सामने होने की संभावना के बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय खिलाड़ियों की ओर से पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ हाथ न मिलाने को लेकर उठे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.  बातचीत में थरूर ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ भावनाएं समझ में आती हैं, लेकिन खेल की भावना को राजनीति और सैन्य संघर्ष से अलग रखना चाहिए. उन्होंने कहा, 'व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है कि अगर हमें पाकिस्तान के खिलाफ इतना गुस्सा है, तो हमें खेलना ही नहीं चाहिए था. लेकिन अगर हम खेल रहे हैं, तो खेल की भावना के तहत खेलना चाहिए और उनसे हाथ मिलाने चाहिए थे. हमने यह पहले 1999 में भी किया था, जब करगिल युद्ध चल रहा था. उसी दिन जब हमारे सैनिक देश के लिए जान गंवा रहे थे, हम इंग्लैंड में वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेल रहे थे. तब भी हमने उनसे हाथ मिलाया था क्योंकि खेल की भावना अलग होती है और इसका देशों या सेनाओं के बीच चल रहे संघर्ष से कोई संबंध नहीं होता. यह मेरी राय है.' 'दोनों पक्षों में दिख रही खेल भावना की कमी' कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाओं से खेल भावना की कमी झलक रही है. उन्होंने कहा, 'अगर पाकिस्तानी टीम ने पहले अपमानित होने के बाद दूसरी बार हमें अपमानित किया, तो यह दर्शाता है कि दोनों पक्षों में खेल भावना की कमी है.' गौरतलब है कि गुरुवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों साहिबजादा फरहान और हारिस रऊफ के खिलाफ एशिया कप सुपर फोर मुकाबले (21 सितंबर) में उनके अनुचित व्यवहार के लिए आधिकारिक शिकायत दर्ज की. BCCI ने इसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट के पास भेजा. भारतीय टीम ने दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

‘मेक इन इंडिया’ को नई रफ्तार, पीएम मोदी बोले – अब चिप से शिप तक सब भारत में बनेगा

नोएडा  पीएम मोदी ने नोएडा में इंडिया एक्सपो मार्ट में गुरुवार को यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का शुभारंभ किया। उन्होंने कारोबारियों से कहा कि हम चिप से शिप तक भारत में बनाना चाहते हैं। इसलिए अपना बिजनेस मॉडल ऐसा बनाइए जो आत्मनिर्भर भारत को मजबूती देता हो। बदलती हुई दुनिया में जो देश जितना ज्यादा दूसरों पर निर्भर रहेगा, उसकी ग्रोथ उतनी ही कॉम्प्रोमाइज रहने वाली है। इसलिए भारत को किसी पर निर्भर रहना अब मंजूर नहीं है। भारत को आत्मनिर्भर बनाना होगा। इससे पहले पीएम ने कारोबारियों से बात की। मोदी प्रोड्यूसर बोनी कपूर और उनके बेटे अर्जुन से भी मिले। प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रेड शो के उद्घाटन के दौरान कहा कि इस ट्रेड शो का लक्ष्य देश को आत्मनिर्भर बनाना है. ‘मेक इन इंडिया’ पर हमारा जोर है. हम किसी भी चीज को लेकर दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहते. चिप से शिप तक भारत में ही बनाना चाहते हैं. उन्होंने अपने भाषण में कहा कि हम विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं. पीएम ने बताया कि इस बार इंटरनेशनल ट्रेड शो में रूस भारत का साझेदार होगा. स्टॉल में लगेगा एक जिले का एक उत्पाद आयोजकों ने बताया कि हॉल नंबर-9 में सजने वाला एक जिला एक उत्पाद पवेलियन 343 स्टॉल हर जिले का एक फेमस उत्पाद पेश करेगा, जिसमें भदोही का कालीन, फिरोजाबाद का ग्लासवर्क, मुरादाबाद का मेटलवेयर और सहारनपुर की नक्काशी जैसे उत्पाद शामिल होंगे, जो ‘लोकल से ग्लोबल’ बनने तक की यात्रा को नई दिशा देंगे. आयोजकों ने बताया कि यह पवेलियन न केवल शिल्प और हस्तकला को वैश्विक पहचान देगा, बल्कि स्टार्टअप, डिजाइनरों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए नेटवर्किंग, व्यापारिक सौदे और साझेदारी के अवसर भी खोलेगा. रूस होगा भागीदार देश इस ट्रेड शो में इस बार रूस बतौर भागीदार देश शामिल हो रहा है. 26 सितंबर को रूसइंडिया बिजनेस डायलॉग आयोजित किया जाएगा, जिसमें भारत और रूस के उद्योगपतियों, वित्तीय संस्थानों, बीमा कंपनियों, शिक्षा क्षेत्र और सरकारी नीति-निर्माताओं के लिए एक साझा मंच उपलब्ध होगा. यह मंच उत्तर प्रदेश के उद्योगों और कारोबारियों के लिए एक नया अवसर लेकर आएगा. हर संस्करण को मिली सफलता इस ट्रेड शो के पहले संस्करण का उद्घाटन 2023 में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने किया था. दूसरे संस्करण का उद्घाटन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा किया गया. वहीं आज इस मेगा ट्रेड शो का तीसरा संस्करण आयोजित हुआ है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया. हमारा संकल्प, हमारा मंत्र है – 'आत्मनिर्भर भारत' पीएम मोदी ने कहा, "आज भारत 2047 तक विकसित होने की लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। दुनिया में हो रहे विघटन और अनिश्चितता के बावजूद, भारत की वृद्धि आकर्षक है। विघटन हमें गुमराह नहीं करता; उस स्थिति में भी, हम नई दिशाएं खोजते हैं। इसलिए, इन विघटनों के बीच, आज भारत आने वाले दशकों की नींव को मजबूत कर रहा है। हमारा संकल्प, हमारा मंत्र है – आत्मनिर्भर भारत"। उन्‍होंने कहा, "आज सरकार मेक इन इंडिया, मैन्युफैक्चरिंग पर इतना जोर दे रही है। हम चिप से लेकर जहाज तक, सब कुछ भारत में बनाना चाहते हैं, इसलिए हम आपके व्यापार में आसानी के लिए काम कर रहे हैं। सरकार आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है, लेकिन सरकार की कुछ अपेक्षाएं भी हैं कि आप जो भी निर्माण कर रहे हैं, वह सर्वोत्तम गुणवत्ता का हो। आज देशवासियों के मन में ये बात है कि स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता निरंतर बेहतर हो, इसलिए गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।" भारत को आत्मनिर्भर बनाना ही होगा- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, 'हर वो प्रोडक्ट जो हम भारत में बना सकते हैं… वो हमें भारत में बनाना है। क्‍योंकि हमें हर हाल में भारत को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्‍होंने कहा, आज पूरे भारत में जितने मोबाइल फोन बनते हैं, उसमें से 55% मोबाइल उत्तर प्रदेश में बनते हैं। यूपी अब सेमीकंडक्टर सेक्टर में भी भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूती देगा। यहां से कुछ किलोमीटर दूर ही एक बड़ी सेमीकंडक्टर फैसिलिटी पर काम शुरू होने वाला है। यह ट्रेड शो 25 से 29 सितंबर तक चलेगा, जिसमें 75 से अधिक देशों के 2,400 से ज्यादा प्रदर्शक, 1.25 लाख B2B विजिटर्स और 4.5 लाख B2C विजिटर्स हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी के दौरे को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। नोएडा में कई रास्तों को डायवर्ट भी किया गया है। यूपी ट्रेड शो से जुड़े बड़े अपडेट जानने के लिए बने रहिए लाइव हिंदुस्तान के साथ। उन्‍होंने देशवासियों से आग्रह करते हुए कहा कि 'मैं आप सभी का आह्वान करता हूं — यूपी में निवेश कीजिए, यूपी में मैन्युफैक्चर कीजिए। यहां लाखों MSMEs का मजबूत नेटवर्क है, उनका सामर्थ्य इस्तेमाल कीजिए और एक कंप्लीट प्रोडक्ट यहीं तैयार कीजिए। इसके लिए हर मदद के साथ यूपी सरकार और भारत सरकार आपके साथ है। सेनाएं भी चाहती हैं मेक इन इंडिया पीएम मोदी ने कहा, हमारी सेनाएं स्वदेशी चाहती हैं और दूसरों पर निर्भरता को कम करना चाहती हैं। इसलिए हम भारत में ही एक वाइब्रेंट डिफेंस सिस्टम विकसित कर रहे हैं, पुर्जे पुर्जे पर मेड इन इंडिया की छाप हो, हम ऐसा एक इकोसिस्टम बना रहे हैं, और यूपी इसमें भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। उन्‍होंने कहा, "आज, भारत रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म की प्रतिबद्धता के साथ अपने उद्योग, व्यापारियों और नागरिकों के साथ खड़ा है। तीन दिन पहले GST में अगली पीढ़ी के सुधार लागू हुए। GST में ये बदलाव संरचनात्मक सुधार हैं जो भारत की विकास गाथा को नई उड़ान देंगे। ये GST पंजीकरण को सरल बनाएंगे, कर विवादों को कम करेंगे और एमएसएमई को तेजी से रिफंड सुनिश्चित करेंगे।" पहले और दूसरे आयोजन के दौरान यूपीआईटीएस ने आकार, संख्या और प्रभाव में दोगुना प्रगति की है. पहले आयोजन में लगभग 2 हजार प्रदर्शक और 400 विदेशी खरीदार आए थे, जबकि दूसरे संस्करण में 2 हजार से अधिक प्रदर्शक और 350 विदेशी खरीदार थे. इसके अलावा पांच लाख विजिटर्स भी शामिल हुए थे. इस मेगा ट्रेड शो के दौरान 2,200 करोड़ रुपये से अधिक के निर्यात ऑर्डर हुए थे, जिस वजह से निवेश और निर्यात का केंद्र बनाया गया. उम्मीद लगाई जा रही है कि इस तीसरे संस्करण में 2,500 से ज्यादा प्रदर्शक, 500 … Read more

निवेशकों से पीएम मोदी की अपील- यूपी में करें निवेश, यह विकास के नए आयाम गढ़ रहा है- प्रधानमंत्री

यूपी अब निवेश और प्रगति का नया केंद्र है- पीएम मोदी – निवेशकों से पीएम मोदी की अपील- यूपी में करें निवेश, यह विकास के नए आयाम गढ़ रहा है- प्रधानमंत्री – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-3rd Edition) का किया शुभारंभ  – ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-3rd Edition) के शुभारंभ पर सीएम योगी भी रहे मौजूद – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तेजी के साथ प्रगति कर रहा है उत्तर प्रदेश- पीएम  – आत्मनिर्भरता अब एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है, यूजर फ्रेंडली और टिकाऊ उत्पाद ही स्वदेशी की साख बनाएंगे- पीएम मोदी  – नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म से उपभोक्ताओं से लेकर व्यापार और उद्योग को भी मिली नई ऊर्जा- पीएम मोदी  – आज देशवासी गर्व से कहते हैं—‘यह स्वदेशी है’। हमें इस भावना को और मजबूत करना होगा- पीएम – पीएम मोदी ने कहा- यूपी अब निवेश और विकास का गढ़ है, यह अद्भुत संभावनाओं से भरा है – यूपी में बीते कुछ वर्षों में कनेक्टिविटी में क्रांति आई है, यूपी अब सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला और इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स वाला प्रदेश बन चुका है- पीएम गौतमबुद्ध नगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-3rd Edition) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने हाल ही में लागू किए गए नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म को देश की अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इस बदलाव से न केवल उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है, बल्कि व्यापार और उद्योग को भी नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने कहा कि “जीएसटी सुधार आम परिवारों की जेब में हर महीने बचत का जरिया बन रहे हैं और यही बचत भारत की विकास गाथा को और मजबूत करेगी।” साथ ही उन्होंने निवेशकों से अपील करते हुए कहा कि यूपी में इन्वेस्ट करें, क्योंकि यह प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्नाथ के नेतृत्व में विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। यह अब निवेश और प्रगति का नया केंद्र बन गया है। प्रधानमंत्री ने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और उनकी वैश्विक पहचान बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आज देशवासी गर्व से कहते हैं—‘यह स्वदेशी है’। हमें इस भावना को और मजबूत करना होगा। जो भारत में बन सकता है, उसे भारत में ही बनाना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भरता अब एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है, क्योंकि दूसरों पर निर्भरता विकास को सीमित करती है। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे अपने बिजनेस मॉडल को इस तरह डिजाइन करें, जो आत्मनिर्भर भारत को बल दे। गुणवत्ता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जो भी मैन्युफैक्चर करें, वह उत्तम से उत्तम हो। यूजर फ्रेंडली और टिकाऊ उत्पाद ही स्वदेशी की साख बनाएंगे।  उत्तर प्रदेश अद्भुत संभावनाओं से भरा है- पीएम मोदी पीएम मोदी ने यूपी को निवेश और विकास का गढ़ बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अद्भुत संभावनाओं से भरा है। बीते कुछ वर्षों में कनेक्टिविटी में क्रांति आई है, जिसने लॉजिस्टिक लागत को कम किया है। यूपी अब सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला और इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स वाला प्रदेश बन चुका है। उन्होंने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और डिफेंस कॉरिडोर जैसे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उल्लेख किया, जो यूपी को औद्योगिक केंद्र बनाते हैं। नमामि गंगे और वन जिला वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) जैसी पहलें क्रूज टूरिज्म और हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे यूपी वैश्विक मानचित्र पर उभर रहा है। पीएम ने बताया कि 55% मोबाइल फोन उत्पादन यूपी से होता है और जल्द ही यहां सेमीकंडक्टर फैसिलिटी शुरू होने वाली है, जो भारत की आत्मनिर्भरता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। अंत्योदय का मॉडल ही समावेशी विकास की नींव- पीएम पीएम ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर अंत्योदय के सिद्धांत को याद किया, जो गरीब से गरीब तक विकास पहुंचाने का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय में ही सामाजिक न्याय की मजबूती है और यही मॉडल भारत दुनिया को दे रहा है। फिनटेक क्रांति का उदाहरण देते हुए उन्होंने यूपीआई, आधार और डिजिलॉकर जैसे ओपन प्लेटफॉर्म्स का जिक्र किया, जो हर नागरिक चाहे मॉल में शॉपिंग करने वाला हो या सड़क पर चाय बेचने वाला सभी को समृद्धि का अवसर दे रहे हैं। गर्वनमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के जरिए 25 लाख सेलर्स, जिसमें छोटे दुकानदार भी शामिल हैं, सरकार को सप्लाई कर रहे हैं। पीएम ने बताया कि GeM के माध्यम से 15 लाख करोड़ रुपये का सामान खरीदा गया, जिसमें 7 लाख करोड़ रुपये लघु उद्योगों से है यही अंत्योदय का साकार रूप है। डिफेंस और सेमीकंडक्टर में आत्मनिर्भर हो रहा भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए पीएम  मोदी ने कहा कि सेनाएं स्वदेशी उत्पाद चाहती हैं। यूपी में रूस के सहयोग से एके-203 राइफल्स का उत्पादन शुरू होने जा रहा है और डिफेंस कॉरिडोर अस्त्र-शस्त्र निर्माण का केंद्र बनेगा। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भी यूपी बड़ी भूमिका निभाएगा, क्योंकि ग्रेटर नोएडा से कुछ किलोमीटर दूर एक बड़ी फैसिलिटी का निर्माण शुरू होने वाला है। यह कदम भारत को टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पीएम ने निवेशकों से अपील की कि यूपी में इन्वेस्ट करें, क्योंकि यह प्रदेश विकास के नए आयाम गढ़ रहा है। जीएसटी रिफॉर्म्स आर्थिक बचत और ग्रोथ का नया अध्याय है- पीएम मोदी पीएम मोदी ने हाल ही में लागू नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म्स को भारत की ग्रोथ स्टोरी का आधार बताया। उन्होंने उदाहरण दिया कि 2014 से पहले 1000 रुपये की शर्ट पर 170 रुपये टैक्स लगता था, जो जीएसटी के बाद 50 रुपये और अब 35 रुपये हो गया। इसी तरह, हेयर ऑयल और फेस क्रीम पर 100 रुपये के सामान पर टैक्स 31 से घटकर 5 रुपये हो गया, जो 26 रुपये की बचत है। एक ट्रैक्टर पर 70,000 रुपये से घटकर 30,000 रुपये, थ्री-व्हीलर पर 55,000 से 35,000 रुपये, और स्कूटर-मोटरसाइकिल पर 8000-9000 रुपये की बचत हुई। पीएम ने कहा कि इससे एक औसत परिवार की सालाना 25,000 रुपये की बचत होगी और कुल मिलाकर देश 2.5 लाख करोड़ रुपये बचा रहा है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते … Read more

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीआईटीएस (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को किया संबोधित

अंत्योदय को राष्ट्रोदय में बदलने का विशिष्ट अवसर है यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शोः सीएम योगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपीआईटीएस (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को किया संबोधित  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जयंती पर उनकी स्मृतियों को किया नमन   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू करने के उपरांत यूपी में प्रथम आगमन पर प्रधानमंत्री मोदी का किया स्वागत  दूसरे देशों पर निर्भरता को कम करना और स्वदेशी साधनों का बेहतर उपयोग ही प्रधानमंत्री का आह्वानः सीएम योगी  बोले सीएम- चार दिन में ही मार्केट में आई नई जीवंतता, गरीब, श्रमिक, व्यापारी, किसान समेत हर तबके को मिला जीवनदान  एक वर्ष से भी कम समय में 90 हजार से अधिक युवा ले चुके सीएम युवा उद्यमी स्कीम का लाभ: मुख्यमंत्री  ग्रेटर नोएडा/लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस 2025) के मंच पर अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जयंती पर उन्हें याद किया। बोले कि उन्होंने अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के बारे में 70 वर्ष पहले नया चिंतन दिया था। उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो अंत्योदय को राष्ट्रोदय में बदलने का विशिष्ट अवसर है। यह अवसर केवल ट्रेड शो का नहीं, बल्कि वर्तमान आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के साथ ही आत्मनिर्भर भारत के स्वदेशी मॉडल व मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड के पीएम मोदी के विजन का स्वरूप भी है। यूपीआईटीएस के तीसरे संस्करण में 80 देशों के साढ़े पांच सौ से अधिक बायर्स भी हिस्सा ले रहे हैं। यूपी के सभी 75 जनपदों से 2250 से अधिक एग्जीबिटर्स सहभागी बने हैं। ब्रांड यूपी के उत्सव की चर्चा कर योगी ने कहा कि पिछले आठ-साढ़े आठ वर्ष में आई औद्योगिक क्रांति, परंपरागत उद्यम को फिर से दिया गया जीवनदान यूपी की समृद्ध- सांस्कृतिक विरासत तथा सामाजिक विविधता को ट्रेड शो प्रतिबिंबित कर रहा है। इसके जरिए यूपी को देश व दुनिया के सामने शोकेस करने का बेहतरीन प्लेटफॉर्म प्राप्त हुआ है।  नए भारत के नए यूपी व विकसित भारत के विकसित यूपी को बढ़ाने में कारगर साबित होगा आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो (तृतीय संस्करण) के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने फिरोजाबाद के शिल्पियों द्वारा बनाई गई मां दुर्गा की प्रतिमा प्रधानमंत्री को भेंट की। सीएम ने पार्टनर कंट्री के रूप में रूस के साथ ही यूपीआईटीएस में आए 532 से अधिक फॉरेन बायर्स का भी स्वागत किया। सीएम ने कहा कि यह आयोजन नए भारत के नए यूपी व विकसित भारत के विकसित यूपी को बढ़ाने में कारगर साबित होगा।   दीपावली का बेहतरीन उपहार देने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति जताया आभार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू करने के उपरांत यूपी में प्रथम आगमन पर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। गरीब, किसान, महिला, युवा, मध्यम, व्यापारी, लघु एवं कुटीर उद्योग सहित सभी वर्ग व समुदायों को दीपावली का बेहतरीन उपहार देने के लिए उन्होंने यूपी वासियों की तरफ से पीएम का आभार जताया। सीएम ने कहा कि अपैरल व टेक्सटाइल, लेदर उत्पाद, हस्तशिल्प व कॉरपेट्स में यूपी देश में शीर्ष पर है। बदलते वैश्विक आर्थिक परिवेश की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करने के लिए प्रधानमंत्री जी ने जीएसटी रिफॉर्म्स के माध्यम से बहुत ही महत्वपूर्ण व क्रांतिकारी कदम उठाया है।  चार दिन में ही मार्केट में आई नई जीवंतता सीएम योगी ने कहा कि जुलाई 2017 में वन नेशन, वन टैक्स लागू हुआ था। टैक्स के अलग-अलग चार स्लैब थे, लेकिन नए सुधार के अंदर अब दो स्लैब ही जीएसटी रिफॉर्म के माध्यम से दिखेंगे। इसमें अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। पिछले चार दिनों के अंदर हम लोगों ने अहसास किया है कि मार्केट में नई जीवंतता आई है। उपभोक्ता का बाजार की तरफ तेजी से रूख हुआ है। गरीब, श्रमिक, व्यापाारी, किसान हर तबके को जीवनदान मिला है। इससे व्यापक पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ-साथ यूपी जैसे राज्य के लिए ओडीओपी सेक्टर के उद्यमियों को नया जीवनदान प्राप्त हुआ है।  एक वर्ष से भी कम समय में 90 हजार से अधिक युवा ले चुके सीएम युवा उद्यमी स्कीम का लाभ  मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम ने 10 वर्ष पहले कहा था कि भारत के युवा को अब जॉब सीकर नहीं,  बल्कि जॉब क्रिएटर बनना होगा। पीएम स्टार्टअप, पीएम स्टैंडअप योजना,  पीएम इंटर्नशिप समेत अनेक योजनाओं ने बैकबोन का कार्य किया है। यूपी में हम लोगों ने सीएम युवा उद्यमी योजना के माध्यम से युवाओं को नया उद्यमी बनने की तरफ कदम उठाया है। 24 जनवरी 2025 को यूपी स्थापना दिवस पर यह स्कीम लागू हुई थी। एक वर्ष से भी कम समय में अब तक 90 हजार से अधिक युवा इस स्कीम का लाभ ले चुके हैं।  हुनरमंद कारीगर व हस्तशिल्पी के उत्थान के लिए अत्यंत संवेदनशील हैं पीएम   सीएम योगी ने कहा कि उद्यम पंक्ति में खड़े अंतिम हुनरमंद कारीगर व हस्तशिल्पी के उत्थान के लिए पीएम अत्यंत संवेदनशील हैं। परंपरागत कारीगरों व हस्तशिल्पियों को पीएम विश्वकर्मा योजना उपहार में दी गई है। राज्य सरकार की ओर से संचालित ओडीओपी के साथ ही विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से चार लाख से अधिक हस्तशिल्पियों व कारीगरों को ट्रेनिंग देकर, वोकल फॉर लोकल मंत्र को स्वदेशी का संकल्प देकर हुनरमंद कारीगरों को नया बाजार उपलब्ध कराने का प्लेटफॉर्म बना है।   77 जीआई उत्पाद के साथ यूपी देश का शीर्ष कैपिटल बना, 75 नए उत्पादों के लिए करने जा रहे आवेदन मुख्यमंत्री ने कहा कि 77 जीआई उत्पाद के साथ यूपी देश का शीर्ष जीआई कैपिटल बना है। 75 नए उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हो, इसके लिए इस वर्ष आवेदन करने जा रहे हैं। धरोहर के रूप में मौजूद प्रदेश में हजारों वर्ष की विरासत को इसके माध्यम से सजाने, संवारने व संरक्षण करने का कार्य करने जा रहे हैं। यहां भी 60 से अधिक जीआई टैग के स्टाल देखने को मिलेंगे। यूपीआईटीएस में स्टार्टअप, ओडीओपी, उभरते एक्सपोर्टर्स, महिला, नए उद्यमी, हस्तशिल्पी, आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, कौशल विकास, महिला स्वयंसेवी समूह, वन व पर्यावरण विभाग के उत्पाद व प्रयास भी प्रस्तुत किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कर कमलों से फरवरी 2023 में यूपी ग्लोबल … Read more

नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में सीएम योगी की प्रतिबद्धता का दिख रहा असर

महिला सशक्तीकरण की दिशा में नए कीर्तिमान गढ़ रही योगी सरकार – नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में सीएम योगी की प्रतिबद्धता का दिख रहा असर – महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य व पोषण को लेकर भी योगी सरकार ने की  अहम कई पहलें – निर्धन परिवारों की बेटियों का सहारा बनी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना – योगी सरकार ने महिलाओं की राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी को भी किया मजबूत  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की महिलाओं की स्थिति में अभूतपूर्व बदलाव आया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रोजगार और जागरूकता के क्षेत्र में योगी सरकार की योजनाओं ने नारी सशक्तीकरण की दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन किया है। संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों ने महिलाओं को आर्थिक स्वावलंबन के साथ सुरक्षा और सम्मान की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इसी सोच और दूरदृष्टि को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि में उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को केंद्र में रखकर मिशन शक्ति 5.0 की शुरुआत की। यह अभियान महज एक सरकारी कार्यक्रम भर नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन बन चुका है।  महिलाओं को जागरूक बनाने के लिए सरकार के हर विभाग की तरफ से प्रतिदिन अलग अलग जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का स्पष्ट कहना है कि नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है और अब कोई बेटी अपने सपनों को अधूरा नहीं छोड़ेगी। महिला सुरक्षा एवं सशक्तीकरण के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान के क्रम में  पुलिस टीम द्वारा चौपाल लगाकर महिलाओं और बालिकाओं को किया गया जागरूक किया जा रहा है।  महिला सुरक्षा के मोर्चे पर योगी सरकार ने उठाए ठोस और कारगर कदम  महिला सुरक्षा के मोर्चे पर योगी सरकार ने ठोस और कारगर कदम उठाए हैं। प्रदेश के सभी 1,647 थानों में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गईं, जो महिलाओं की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करती हैं। बीते वर्ष इन हेल्प डेस्कों पर कुल 6,48,664 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 6,47,095 का समाधान किया गया। इतना ही नहीं, महिलाओं को फोन पर परेशान करने से लेकर साइबर उत्पीड़न तक की शिकायतों को दर्ज करने के लिए वीमेन पावर लाइन-1090 को और सशक्त बनाया गया। जनवरी 2024 से अगस्त 2025 के बीच इस हेल्पलाइन पर 7.75 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं और लगभग 99 प्रतिशत मामलों का निस्तारण हुआ। महिला सुरक्षा को लेकर शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण क्षेत्रों तक किए विशेष इंतजाम महिला सुरक्षा को लेकर सरकार ने सिर्फ शहरी इलाकों तक सीमित नहीं रखा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष इंतजाम किए। महिला बीट प्रणाली और महिला रिपोर्टिंग पुलिस चौकियों की स्थापना ने गांव-गांव तक सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया है। प्रदेश में अब तक 9,172 महिला बीटों का गठन किया जा चुका है और करीब 19,839 महिला पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। वहीं, एंटी रोमियो स्क्वॉड ने 1.18 करोड़ से अधिक सार्वजनिक स्थानों पर चेकिंग कर असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाई और 33 हजार से अधिक गिरफ्तारियाँ कीं। महिला अपराधों पर त्वरित कार्रवाई और कठोर सजा दिलाने में उत्तर प्रदेश ने देश में उदाहरण पेश किया है। अब तक 9,513 वादों में 12,271 अभियुक्तों पर दोष तय किए गए, जिनमें 12 अपराधियों को मृत्युदंड और 987 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। आईटीएसएसओ पोर्टल के अनुसार महिला अपराधों के मामलों में 98.80 प्रतिशत निस्तारण दर के साथ उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। केंद्रों पर 3 से 5 वर्ष की अवधि के लिए तैनात होंगे पुलिसकर्मी डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मिशन शक्ति केंद्र में एक प्रभारी निरीक्षक/उपनिरीक्षक (प्राथमिकता महिला अधिकारी), 1 से 4 उपनिरीक्षक, 4 से 15 आरक्षी (जिनमें 50 प्रतिशत महिलाएं), 1 से 2 महिला होमगार्ड तथा आवश्यकता पड़ने पर परामर्शदाताओं की नियुक्ति के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि सभी केंद्रों पर कर्मियों को 3 से 5 वर्ष की अवधि तक तैनात रखा जाएगा और प्रशिक्षित कर्मियों के स्थानांतरण का प्रावधान भी होगा। डीजीपी द्वारा जारी गाइडलाइन में थानों के प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है कि मिशन शक्ति केन्द्र के लिए एक अलग कक्ष, कम्प्यूटर, अभिलेख, स्टेशनरी, महिला शौचालय और अन्य आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाए। सुरक्षा और सम्मान के नारों से गूंज उठीं सड़कें सीएम योगी के निर्देश पर रविवार सुबह से ही सभी जिलों में महिला पुलिस कर्मी बाइक लेकर सड़क पर उतरीं। “सुरक्षा और सम्मान, नारी का अधिकार” जैसे नारों से सड़कें गूंज उठीं। जगह-जगह आमजन ने तालियों और पुष्पवर्षा के साथ रैली का स्वागत कर महिला सुरक्षा के संकल्प को मजबूती दी। सीएम ने अपने सम्बोधन में कहा गया था कि “नारी सुरक्षा और सम्मान ही हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” इसी विचार को जन-जन तक पहुँचाने के लिए यह बाइक रैली निकाली गई। लोकभवन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 1,663 थानों में मिशन शक्ति केंद्रों की शुरुआत की थी। इसके साथ ही ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ फोल्डर एवं महिला सुरक्षा से जुड़ी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी जारी की गई। नवरात्रि और आगामी त्योहारों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतज़ाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सुरक्षा और न्याय के साथ-साथ योगी सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता सुरक्षा और न्याय के साथ-साथ योगी सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी प्राथमिकता दी है। प्रदेश की सभी 57,000 ग्राम पंचायतों में बैंकिंग कॉरेस्पॉडेंट सखी योजना शुरू की गई है, जिसके तहत 49,376 बीसी सखियों का प्रमाणीकरण पूरा हुआ है। इनमें से लगभग 40 हजार महिलाएँ सरकार के साथ काम करते हुए अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ अर्जित कर चुकी हैं। यह पहल न केवल महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत कर रही है बल्कि ग्रामीण स्तर पर डिजिटल लेन-देन को भी प्रोत्साहित कर रही है। इसके अलावा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 95 लाख से अधिक महिलाओं को 8,73,534 स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा गया है। इन समूहों को स्टार्टअप फंड, रिवॉल्विंग फंड और उचित मूल्य की दुकानों का आवंटन कर आर्थिक गतिविधियों में शामिल किया गया है। लखपति महिला योजना के अंतर्गत अब तक 31 लाख से अधिक दीदियों का चिन्हांकन हो चुका है और इनमें से 2 लाख से अधिक महिलाएँ … Read more

जनता को मिल सकती है और राहत, PM मोदी ने दिए GST में और कटौती के संकेत

 नोएडा नवरात्रि के पहले दिन (22 सितंबर) गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में भारी कटौती का तोहफा देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और खुशखबरी दी है। पीएम मोदी ने भविष्य में टैक्स में और ज्यादा कमी का संकेत दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि अर्थव्यवस्था की मजबूती के साथ टैक्स कम होता जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 में एक लाख की खरीदारी पर करीब 25 हजार का टैक्स लगता था, जो अब घटकर 5-6 हजार रह गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूपी इंटरनेशल ट्रेड शो का आगाज करते हुए गुरुवार को जीएसटी में हुई कटौती और इससे हो रही बचत का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने भविष्य में भी इसमें कमी का संकेत देते हुए कहा, 'आज देश जीएसटी बचत उत्सव मना रहा है। मैं आपको बताना चाहता हूं हम यहीं नहीं रुकने वाले। 2017 में हम जीएसटी लाए, आर्थिक मजबूती का काम किया। 2025 में फिर से लाए, फिर आर्थिक मजबूती करेंगे और जैसे-जैसे आर्थिक मजबूती होगी टैक्स का बोझ कम होता जाएगा। देशवासियों के आशीर्वाद से जीएसटी रिफॉर्म का सिलसिला निरंतर चलता रहेगा।' पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले इतने सारे टैक्स थे। एक प्रकार से टैक्स का जंजाल था। उसके कारण बिजनेस की कॉस्ट और परिवार का बजट दोनों ही कभी भी संतुलित नहीं हो पाते थे। एक हजार रुपये की शर्ट पर 117 रुपये टैक्स लगता था। 2017 में जब हम जीएसटी लाए तो पहले जीएसटी में 170 रुपये से कम होकर 50 हो गया और अब 22 सितंबर के बाद उसी शर्ट पर सिर्फ 35 रुपये देने होंगे। 2014 में टूथपेस्ट, तेल शैंपू आदि पर कोई 100 रुपये खर्च करता था तो 31 रुपये टैक्स लगता था। 2017 में टैक्स 18 रुपये रह गया। अब यही सामान 105 रुपये में मिलेगा। 131 रुपये का सामान एक 105 पर आ गया। प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर कोई परिवार 2014 से पहले साल में एक लाख रुपये का सामान खरीदता था तो उसे उस समय में करीब 25 हजार रुपये टैक्स देना पड़ता था। लेकिन अब नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी के बाद करीब 5-6 हजार रुपये टैक्स ही देना पड़ेगा। क्योंकि जरूरत के ज्यादातर सामान पर अब सिर्फ पांच फीसदी जीएसटी हो गया है। ट्रैक्टर से स्कूटर तक सस्ता पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले एक ट्रैक्टर खरीदने पर 70 हजार रुपये से अधिक टैक्स देना पड़ता था। अब उसी ट्रैक्टर पर सिर्फ 30 हजार का टैक्स देना पड़ता है। किसान को एक ट्रैक्टर पर 40 हजार की बचत हो रही है। थ्री व्हीलर पर तब 55 हजार का टैक्स लगता था, अब उसी पर जीएसटी करीब 35 हजार रह गया है। सीधे 20 हजार की बचत। जीएसटी कम होने की वजह से स्कूटर 2014 की तुलना में 8 हजार और मोटरसाइकिल 9 हजार सस्ती हो गई है। गरीब और मिडिल क्लास सबकी बचत हुई है। कांग्रेस पर जोरदार हमला पीएम मोदी ने टैक्स छूट का विस्तार से जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'कुछ राजनीतिक दल देश के लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। 2014 से पहले जो सरकार चला रहे थे उसकी नाकामियां छिपाने के लिए कांग्रेस और उसके साथी दल जनता से झूठ बोल रहे हैं। सच यह है कि कांग्रेस सरकार में टैक्स की लूट थी और लूटे धन में से भी लूट होती थी। आम नागरिक को टैक्स की मार से निचोड़ा जा रहा था। हमारी सरकार ने टैक्स और महंगाई को कम किया है। देश के लोगों की आमदनी और बचत बढ़ाई है। कांग्रेस सरकार में 2 लाख रुपये की आमदनी तक इनकम टैक्स माफ था, आज 12 लाख रुपये की आमदनी टैक्स फ्री है। इनकम टैक्स और जीएसटी में छूट से लोगों को ढाई लाख करोड़ की बचत हुई है।'