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ओरछा में हो रहे हैं 239 करोड़ रूपए से अधिक लागत के कई निर्माण कार्य

प्रदेश में ओरछा सहित हो रहा 18 लोकों का निर्माण निवाड़ी प्रदेश का दूसरा जिला, जहां हर घर नल से पहुंच रहा है जल पृथ्वीपुर में 3200 करोड़ रूपए से 300 हेक्टेयर में हो रही इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट की स्थापना श्रीराम राजा लोक के निर्माण के दूसरे चरण के कार्यों का हुआ भूमिपूजन मुख्यमंत्री ने 332.85 करोड़ के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन एवं लोकार्पण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीराम का नाम ही काफी है। यथा नाम तथा गुण। राम अपने गुणों से, अपने आचरण से, अपनी पितृभक्ति से और प्रजाजन का पालनहार बनकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम बने। ओरछावासी बड़े ही भाग्यशाली हैं कि भगवान श्रीराम ने अपने दरबार के लिए ओरछा को चुना। ओरछा के लोगों को हर दिन अवधपति श्रीराम राजा सरकार के दरबार दर्शन का पुण्य मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को निवाड़ी जिले के ओरछा में श्रीराम राजा लोक के दूसरे चरण के निर्माण कार्यों के भूमिपूजन सहित अन्य‍ विकास कार्यों के भूमिपूजन एवं लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूर्ण विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर श्रीराम राजा लोक में दूसरे चरण के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओरछा के प्रमुख मंदिर पहुंचकर श्रीराम राजा सरकार के दरबार में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने श्रीराम राजा लोक के भव्य निर्माण के लिए पहले चरण में मंजूर एवं वर्तमान में निर्माणाधीन कार्यों का मौके पर जाकर अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा के साथ चित्रकूट में भी करीब 2200 करोड़ रूपए के निर्माण कार्य चल रहे हैं। श्रीराम वन गमन पथ और श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ क्षेत्र बनाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने राशि मंजूर कर दी है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश इलेक्ट्रानिक विकास निगम एवं एक एनजीओ के बीच करार की प्रक्रिया पूरी होने पर संस्था को लेटर ऑफ अवार्ड भी प्रदान किया। निवाड़ी को नगर पालिका परिषद का दर्जा शीघ्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी शहर को 'नगर पालिका परिषद' का दर्जा देने के लिए जल्द ही परीक्षण कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ओरछा को धार्मिक पर्यटन सहित एयर एम्बुलेंस एवं हेलीकॉप्टर सेवाओं से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए एयर स्ट्रीप बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने नेंदुआ के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नयन कर नया अस्पताल बनाने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए नए सड़क मार्गों के निर्माण की भी घोषणा की गई। 332 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अयोध्या और ओरछा का 500 साल से अधिक पुराना नाता है। ओरछा के बुंदेला शासक मधुकर शाह की महारानी कुंवरि गणेश जो भगवान श्रीराम की उपासक थीं, 16वीं शताब्दी में भगवान श्रीराम को अयोध्या से लेकर ओरछा आई थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा में जिस रूप में श्रीराम राजा पूजे जाते हैं, वैसे कहीं और नहीं पूजे जाते। उन्होंने ओरछा के विषय में बताया कि मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम अपना दिन ओरछा में ही बिताते हैं, केवल शयन करने के लिए ही अयोध्या जाते हैं। उन्होंने कहा‍कि आज निवाड़ी जिले को 332.85 करोड़ रुपए की लागत के 21 से अधिक विकास कार्यों की सौगात मिली है। क्षेत्रवासियों को नया सांदीपनि विद्यालय और नया शासकीय महाविद्यालय भी आज मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभु श्रीराम की अनंत कृपा से हम ओरछा में एक दिव्य और भव्य श्रीराम राजा लोक का निर्माण कर रहे हैं। आज श्रीराम राजा लोक निर्माण के पहले चरण के 130 करोड़ रुपए की लागत वाले विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज ही श्रीराम राजा लोक के दूसरे चरण के लगभग 125 करोड़ रूपए की लागत वाले दूसरे चरण के निर्माण कार्यों की आधारशिला भी रखी जा रही है। साथ ही यहां के ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण एवं पुरातात्विक परिसर का भूमिपूजन भी किया जा रहा है। देशी-विदेशी पयर्टकों को मिलेगी सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा‍कि श्रीराम राजा लोक के पहले चरण में लगभग 5.50 करोड़ रूपए की लागत से तैयार 103 नवीन दुकानों एवं प्लाज़ा का लोकार्पण भी आज ही किया जा रहा है। यह विकास कार्य ओरछा आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों की सुविधाओं में और अधिक इजाफा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ओरछा में श्रीराम राजा लोक के निर्माण के दोनों चरणों सहित सात विभिन्न प्रकार की विकास परियोजनाओं पर करीब 239 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के कई निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। यह सभी कार्य श्रीराम राजा सरकार के चरणों में अर्पित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवाड़ी प्रदेश का दूसरा जिला जहां हर घर में नल से जल इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट की स्थापना होगी। प्रदेश का दूसरा ऐसा जिला है, जहां हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। निवाड़ी केन-बेतवा परियोजना से भी लाभान्वित होने जा रहा है। इससे संपूर्ण क्षेत्र को भरपूर लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रीराम राजा लोक के निर्माण से ओरछा में धार्मिक एवं पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था का निर्माण होगा। क्षेत्र का विकास होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि लाड़पुरा खास एवं राधापुर ग्राम की महिलाओं द्वारा संचालित होम-स्टे मध्यप्रदेश में पहले एवं दूसरे स्थान पर रहे हैं। इस वर्ष चंदपुरा तथा जमुनियां खास में एक दर्जन नए होमस्टे प्रारंभ किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया‍कि निवाड़ी औद्योगिक विकास में भी आगे आ रहा है। जिले के पृथ्वीपुर में पेसिफिक इंडस्ट्री मेटल लिमिटेड द्वारा 3200 करोड़ रूपए की लागत से करीब 300 हेक्टेयर भूमि में 'इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट' की स्थापना की जा रही है। इससे बड़ी संख्या में जिले के युवाओं को ही रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ओरछा अब वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा ओरछा में पर्यटन अधोसंरचनाओं और सुविधाओं के विकास के लिए स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत टूरिस्ट एक्सपीरियंस सेंटर, हुनरशाला, एंट्री प्लाजा के साथ यात्रा पथ का विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ओरछा को यूनेस्को की एच.यू.एल. (हिस्टोरिकल अर्बन लैंडस्केप) पहल के तहत चुना गया है। … Read more

आस्था और विकास का संतुलन: इंदौर-इच्छापुर हाईवे के विस्तार में शांतिपूर्ण कार्रवाई

बुरहानपुर शहर से गुजरे इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे पर मौजूद धार्मिक स्थल और पेड़ लंबे समय से सुगम आवागमन में बाधा बने हुए थे। बुधवार को जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सभी 14 धार्मिक स्थलों को हटा दिया। इनमें मजारें और मंदिर शामिल थे। इसके साथ ही सड़क पर मौजूद पेड़ों को भी हटाया गया है। राजपुरा गेट और गुड हास्पिटल के पास मौजूद पीपल के पेड़ों को शिफ्ट करने पर भी विचार किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने बस स्टैंड के पास बेरिकेड लगा कर शिकारपुरा थाने तक के मार्ग को बंद कर दिया था। मजारों और मूर्तियों को ससम्मान वाहनों में रखकर ले जाया गया। हाइवे को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई थी। बड़ी बात यह रही कि इस कार्रवाई का किसी भी पक्ष ने विरोध नहीं किया, बल्कि लोग स्वयं आगे आए और मंदिरों व महारों को तोड़ने में सहयोग दिया। कलेक्टर हर्ष सिंह और एसपी देवेंद्र पाटीदार की सटीक प्लानिंग के कारण कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से निपट गई।   तड़के पहुंच गए थे अफसर-कर्मचारी इस कार्रवाई की पूरी तैयारी पुलिस और प्रशासन ने मंगलवार को ही कर ली थी। बुधवार सुबह साढ़े छह बजे से अधिकारी, कर्मचारी व पुलिस बल अंकिता टाकीज क्षेत्र के पास एकत्र होने शुरू हो गए थे। आसपास के चार जिलों से बुलाए गए पुलिस बल, जिला बल, नगर निगम आदि के कर्मचारियों को मिलाकर 500 से ज्यादा कर्मचारी मैदान में उतरे। मौके पर कलेक्टर हर्ष सिंह, एसपी देवेंद्र पाटीदार, अपर कलेक्टर वीरसिंह चौहान, एडिशनल एसपी अंतर सिंह कनेश, एसडीएम अजमेर सिंह गौड़, निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव, आधा दर्जन थानों के प्रभारियों ने मोर्चा संभाला और कार्रवाई शुरू कर दी। तारवाला बोरवेल के पास स्थित दो मजारों के बाद मंदिर को हटाया गया। इसके बाद राजपुरा गेट के पास मंदिर हटाए गए। प्रशासन की कार्रवाई देख मोमिनपुरा के पास स्थित एक अन्य मजार को लोगों ने स्वयं ही सड़क किनारे से हटा लिया। हाइवे निर्माण को मिलेगी गति उल्लेखनीय है कि आने वाले समय में इंदौर-इच्छापुर नेशनल हाइवे झिरी के पास से बन रहे बायपास मार्ग से डायवर्ट होकर इच्छापुर में मिलेगा। इसके बाद झिरी से शाहपुर व इच्छापुर तक के करीब 40 किमी के मार्ग को भी सीसी फोरलेन बनाया जाना है। निर्माण एजेंसी को काम के दौरान कोई बाधा न आए, इसलिए हाईकोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा कि आस्था विकास में बाधा नहीं बनेगी। नागरिकों ने प्रशासन को जिस तरह सहयोग दिया है, वह प्रेरणादायी है। अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री दिनेश सुगंधी और प्रदेश प्रवक्ता ओम आजाद ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। सड़क पर ही खोद दिया था बोरवेल प्रशासनिक कार्रवाई के बाद तत्काल विद्युत वितरण कंपनी और नगर निगम ने अपना काम शुरू कर दिया था। सड़क से आधा दर्जन छोटे पेड़ हटाए गए तो पता चला कि नगर निगम के अधिकारियों ने सड़क पर ही बोरवेल भी खोद दिया था। निगम ने इसकी मोटर व पाइप निकलवा कर बोरवेल को बंद किया। विद्युत वितरण कंपनी ने भी टूटे बिजली के तार जोड़े और सड़क पर बिखरे मलबे और टहनियों को हटवाया।

योगी सरकार लगाएगी सभी मंडलों में प्रदर्शनी, दिव्यांगजन के हुनर को मिलेगा मंच

वोकल फॉर लोकल के साथ दिव्यांगजन की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में जुटी योगी सरकार लखनऊ इस दीपावली, उत्तर प्रदेश के घर-घर में न केवल मिट्टी के दीये जलेंगे, बल्कि दिव्यांगजन के हुनर और आत्मनिर्भरता की चमक भी समाज को रोशन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी मंडलों में 16-17 अक्टूबर को 'दिव्य दीपावली मेला-2025' का आयोजन होगा, जिसमें दिव्यांगजन द्वारा निर्मित उत्पादों की भव्य प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी।  योगी सरकार की यह पहल न केवल 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' के मंत्र को साकार करने से साथ-साथ दिव्यांगजन को आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सम्मान का नया मंच भी प्रदान करेगी। मिट्टी के दीपकों से लेकर कृत्रिम आभूषण और खाद्य सामग्री तक, इन प्रदर्शनियों में दिव्यांगजन का कौशल दीपोत्सव की रौनक को दोगुना करेगा। योगी सरकार दिव्यांगजनों के न केवल आर्थिक विकास पर ध्यान दे रही है, बल्कि सामाजिक समावेशिता को भी प्राथमिकता देती है। इस दीपावली, जब घर-घर दीये जलेंगे, तो दिव्यांगजन के हुनर की रोशनी पूरे प्रदेश को नई दिशा देगी।  इन उत्पादों की लगेगी प्रदर्शनी दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा आयोजित इस मेले में हस्तनिर्मित मिट्टी के दीपक, आकर्षक मोमबत्तियां, कृत्रिम आभूषण, हथकरघा उत्पाद, घरेलू सजावटी सामान, पूजा सामग्री, आचार, मुरब्बा, मसाले और अन्य खाद्य सामग्री प्रदर्शित होंगी। ये उत्पाद विभिन्न दिव्यांग प्रशिक्षण केंद्रों, स्वयं सहायता समूहों और एनजीओ के सहयोग से तैयार किए गए हैं।  प्रदेश सरकार ने सभी मंडल मुख्यालयों में प्रदर्शनियों के लिए उचित स्थान चिह्नित करने और व्यापक प्रचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, दिव्यांगजन के उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से जोड़ा जाएगा, ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकें। यह पहल 'वोकल फॉर लोकल' के साथ दीपोत्सव को स्वदेशी रंग देने का प्रयास है। गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर, मेरठ जैसे मंडलों में मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बस्ती, अलीगढ, वाराणसी, झांसी, प्रयागराज, बरेली आदि में भी मेले का आयोजन किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक लोग इन प्रदर्शनियों में शामिल हों और स्वदेशी उत्पादों को अपनाएं। यह आयोजन दीपावली की रौनक को बढ़ाने के साथ-साथ समाज में संवेदनशीलता का संदेश देगा। पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि योगी सरकार ने दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। 'दिव्य दीपावली मेला-2025' न केवल उनके हुनर को मंच देगा, बल्कि समाज को यह संदेश देगा कि हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा से समाज को रोशन कर सकता है।

अंबेडकर प्रतिमा विवाद के बीच ग्वालियर में हाई अलर्ट, हर मोड़ पर चौकसी

ग्वालियर ग्वालियर में चल रहे अंबेडकर प्रतिमा विवाद के बाद बढ़े तनाव के बीच 15 अक्टूबर को अंबेडकर समर्थकों ने एक बड़े आंदोलन चेतावनी दी थी। इस चेतावनी को देखते हुए बुधवार को पुलिस ने भी कमर कस ली है। चप्पे-चप्पे और हर आने-जाने वाले पर पुलिस की नजर है। इन हालातों के बीच आंदोलन करने वाले कुछ संगठन बैकफुट पर चले गए हैं, लेकिन पुलिस अब भी दो अप्रैल के दंगों को लेकर एहतियाद बरत रही है। पूरा ग्वालियर पुलिस ने छावनी में बदल दिया। इस दौरान कलेक्टर ने आदेश देकर धारा 163 भी लागू की हुई है। छह महीने पहले शुरू हुआ था विवाद ग्वालियर में 6 महीने पहले एक विवाद शुरू हुआ था। ये विवाद ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा लगाने को लेकर हुआ था। वकीलों का एक पक्ष चाहता था कि, हाई कोर्ट परिसर में प्रतिमा लगायी जाए, लेकिन वहीं बार काउंसिल अध्यक्ष और पूर्व अध्यक्ष समेत वकीलों का एक धड़ा इसके विरोध में था। नतीजा हाई कोर्ट परसर में हंगामा हुआ और प्रतिमा विवाद बढ़ गया। आपत्तिजनक टिप्पणी ने भड़काई थी आग इस विवाद की आग यहाँ खत्म नहीं हुई, बल्कि इसमें राजनैतिक और सामाजिक संगठनों की एंट्री हो गई। प्रतिमा लगाने के पक्षकार और विरोधी दोनों ही पक्षों में टिप्पणियाँ और शिकायतों का दौर शुरू हो गया। इसी बीच बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष एड अनिल मिश्रा ने डॉ भीमराव अंबेडकर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी। इस टिप्पणी ने आग में घी का काम किया और अंबेडकर समर्थकों और आजाद समाज पार्टी भीम आर्मी समते संगठनों ने 15 अक्टूबर को एक बड़े प्रदर्शन का ऐलान कर दिया। जिसके चलते आज पूरा ग्वालियर छावनी में तब्दील है। 4 हजार पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा, सोशल मीडिया पर भी नज़र कोई भी अप्रिय घटना ना हो इसके लिए पूरे ग्वालियर में 3 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी चप्पे चप्पे पर तैनात हैं। ग्वालियर के अलावा बाहर से भी 800 सुरक्षाकर्मियों का अतिरिक्त बल ग्वालियर में बुलाया गया है। सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसके साथ ही लगातार सोशल मीडिया पर हो रही पोस्ट पर भी नजर रखी जा रही है। अब तक 500 से अधिक भड़काऊ पोस्ट को हटवाया जा चुका है और सौ से अधिक लीगों को इस तरह की पोस्ट के लिए नोटिस भी दिया चुका है। सीएसपी बोली- हालात नियंत्रण में ग्वालियर सीएसपी हिना खानन से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि हालत पूरी तरह नियंत्रण में हैं। पुलिस कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। आम जन को किसी तरह की परेशानी ना हो और उनको आम दिनचर्या पर किसी तरह का प्रभाव ना पड़े ये प्रयास कर रहे हैं और लोगों से भी सहयोग की अपील है। शहर की सीमाओं पर भी नाकेबंदी बहरहाल पुलिस ने शहर की सीमाओं से लेकर बाजार और मुख्य स्थानों पर तैनात है। शिवपुरी, मुरैना, झाँसी और भिंड सभी हाईवे सीमाओं पर नाकेबंदी की अगायी है और आने जाने वालों की जाँच की जा रही है।  

कन्या सुमंगला, घरौनी, सामूहिक विवाह और स्वयं सहायता समूह जैसी योजनाओं से आधी आबादी को मिला नया आत्मविश्वास

लखनऊ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश की 1.86 करोड़ पात्र महिलाओं के खाते में 1500 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान करने के अलावा योगी सरकार आधी आबादी के सशक्तिकरण को मिशन के रूप में आगे बढ़ा रही है।  उत्तर प्रदेश में नारी सम्मान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए बीते वर्षों में अनेक योजनाएं लागू की गई हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। लगातार चल रहे इन प्रयासों ने न केवल महिलाओं के जीवन स्तर को ऊंचा किया है, बल्कि समाज में सम्मान, आत्मविश्वास और समानता की भावना को भी मजबूत किया है। उत्तर प्रदेश आज नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश कर रहा है। * कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत अब तक 26 लाख 34 हजार बेटियों को आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। यह योजना बालिकाओं की शिक्षा, पोषण और भविष्य की सुरक्षा के लिए एक मजबूत आधार साबित हुई है। * महिलाओं को संपत्ति का स्वामित्व दिलाने के लिए घरौनी योजना चलाई गई है, जिसके तहत 1 करोड़ 10 लाख महिलाओं को गृहस्वामित्व प्रमाणपत्र प्राप्त हुए हैं। इस योजना ने ग्रामीण महिलाओं को अधिकार और आत्मसम्मान दोनों प्रदान किए हैं। * आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए प्रदेश में 10 लाख स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) गठित किए गए हैं, जिनसे 1 करोड़ महिलाएं जुड़ी हैं। इन समूहों को समय-समय पर रिवॉल्विंग फंड के माध्यम से सहयोग प्रदान किया जा रहा है, जिससे महिलाएं स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर रही हैं। * मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से 4 लाख 67 हजार से अधिक महिलाओं का विवाह संपन्न कराया गया है। प्रत्येक विवाह पर ₹1 लाख की आर्थिक सहायता ने गरीब परिवारों के आर्थिक बोझ को कम किया है। * महिलाओं की दैनिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 2 करोड़ 41 लाख घरों में नल से जल उपलब्ध कराया गया है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। * महिला स्वामित्व को प्रोत्साहित करने के लिए ₹1 करोड़ तक की संपत्ति खरीद पर महिलाओं को 1% स्टाम्प शुल्क की छूट दी गई है। * सरकारी सेवाओं में 20% आरक्षण के प्रावधान से अब तक 1 लाख 75 हजार महिलाओं को रोजगार मिला है, जिनमें से 44,177 महिलाओं की भर्ती पुलिस विभाग में हुई है। * नारी सुरक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। अपराधियों को सजा दिलाने में प्रदेश देश में अग्रणी है। कई मामलों में रिपोर्ट दर्ज होने से लेकर सजा तक का समय सिर्फ 40 दिन रहा है। * निराश्रित महिलाओं को ₹1,000 मासिक भत्ता देने की व्यवस्था से 36 लाख 75 हजार महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। * इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से 2 लाख महिलाएं और बीसी सखी योजना के तहत 39 हजार महिलाएं ग्रामीण वित्तीय व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनी हैं। लाभार्थी महिलाओं ने सीएम योगी का जताया आभार  निशुल्क सिलेंडर प्राप्त करने वाली लाभार्थी महिलाओं ने लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दीपावली के इस उपहार के लिए धन्यवाद दिया और महिलाओं की समृद्धि और उनके सशक्तिकरण के लिए लगातार काम करने को लेकर आभार जताया। लाभार्थी लीलावती ने कहा कि इस निशुल्क सिलेंडर के लिए मुख्यमंत्री जी का हार्दिक धन्यवाद करते हैं। यह दीपावली के पावन अवसर पर हमारे लिए अमूल्य उपहार है। वहीं, लखनऊ की निशा चौहान ने कहा कि इस सब्सिडी का लाभ प्रदान करने के लिए हम मुख्यमंत्री जी का आभार प्रकट करते हैं। पहले हम चूल्हे में खाना बनाते थे, जिसके चलते हमें बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब मुख्यमंत्री जी द्वारा दिए गए इस उपहार से हमें बहुत लाभ मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का इस उपहार के लिए धन्यवाद करते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली के अवसर पर साजिश रचने वालों दी चेतावनी

कहाः पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में सभी त्योहार शांति, सौहार्द और उमंग के साथ मनाए गए  यह सरकार जो जिस भाषा में समझेगा, उसी भाषा में जवाब देना जानती हैः सीएम  मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना के 1.86 करोड़ लाभार्थियों को दी दीपावली की सौगात पात्र गरीब एवं वंचित परिवार की महिलाओं को गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी का किया वितरण  सीएम योगी ने कहा- गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सरकार का संकल्प उज्ज्वला योजना ने नारी गरिमा को सम्मान दिया, घर-घर में स्वास्थ्य और सुविधा का उजाला फैलायाः सीएम योगी  मुख्यमंत्री की अपील, दीपावली पर स्वदेशी उत्पाद ही अपनाएं, गरीबों की मदद करें   लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि दीपावली के पहले यह प्रदेश के गरीब परिवारों के लिए एक बड़ा उपहार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों का उद्देश्य यही है कि हम अकेले नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से इस उत्साह का हिस्सा बनें। 2021 में राज्य सरकार ने तय किया था कि वर्ष में दो बार होली और दीपावली के अवसर पर उज्ज्वला योजना के सभी लाभार्थियों को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर दिए जाएंगे। इसी क्रम में आज प्रदेश के 1.86 करोड़ परिवारों को यह सौगात दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में प्रदेश में सभी त्योहार, होली, दीपावली, ईद, क्रिसमस, गुरु पर्व, जन्माष्टमी या रामनवमी  पूरी शांति, सौहार्द और उमंग के साथ मनाए गए हैं। अब वह सरकार नहीं है जो दंगाइयों के सामने घुटने टेक दे। यह सरकार जो जिस भाषा में समझेगा, उसी भाषा में जवाब देना जानती है। उत्साह और उमंग के त्योहार में यदि किसी ने व्यवधान डाला तो जेल की सलाखें उसका इंतजार कर रही हैं।  पहली बार बिना भेदभाव के गरीबों तक पहुंची योजनाएं  मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी लोककल्याणकारी सरकार का दायित्व होता है कि वह शासन की योजनाओं का लाभ ईमानदारी से उन गरीबों, वंचितों और दलितों तक पहुंचाए, जो इसके पात्र हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार गरीबों को बिना भेदभाव के योजनाओं का लाभ तब मिलना शुरू हुआ जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने। 2014 के पहले गैस कनेक्शन लेना भी एक संघर्ष था, लेकिन मोदी जी ने 11 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिलाए। अकेले उत्तर प्रदेश के 1.86 करोड़ परिवारों को इसका लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि पहले गरीब लकड़ी, कोयले या उपलों में खाना पकाते थे जिससे परिवार बीमार पड़ते थे। आज उज्ज्वला योजना ने नारी गरिमा को सम्मान दिया है और घर-घर में स्वास्थ्य और सुविधा का उजाला फैलाया है। 2017 से पहले सैफई परिवार के बाहर किसी की सोच नहीं थी मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 के पहले प्रदेश में परिवार से ऊपर कोई सोच नहीं थी। सैफई परिवार के अलावा किसी और की चिंता नहीं होती थी। चाचा-भतीजा और महाभारत के किरदारों की राजनीति में गरीबों की योजनाएं लूट ली जाती थीं। नौकरियों में डकैती, विकास के पैसे में छीना-झपटी होती थी और त्योहार भी दंगों की भेंट चढ़ जाते थे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार आने के बाद अब प्रदेश को परिवार मानकर काम हो रहा है। किसी की जाति नहीं पूछी जाती, किसी से भेदभाव नहीं होता। सबका साथ, सबका विकास, यही हमारा मंत्र है। बेटियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया तो यमराज टिकट काटेंगे मुख्यमंत्री योगी ने सख्त लहजे में कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है। अगर किसी ने बेटी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया, तो अगले चौराहे पर यमराज टिकट काटने के लिए खड़ा होगा। यदि किसी को यमराज से टिकट कटवाना हो तो वह किसी राह चलती बेटी के साथ छेड़खानी करके देख ले। यह हमारी वचनबद्धता है कि हर बेटी, हर व्यापारी, हर राहगीर को सुरक्षा देंगे। जो भी रंग में भंग डालने की कोशिश करेगा, जेल की सलाखें उसका इंतजार कर रही हैं। स्वदेशी अपनाएं, स्थानीय कारीगरों की समृद्धि में ही देश का विकास है मुख्यमंत्री ने दीपावली पर ‘स्वदेशी’ को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि दीपावली पर हर परिवार कुछ न कुछ खरीदता है। जो भी खरीदे, वह स्वदेशी हो। हमारे कारीगर, हस्तशिल्पी, स्थानीय उद्यमी जो भी बनाएं, वही खरीदें। हमारे घर में जो दीपक जले, वह हमारे ही कुम्हार द्वारा बना हो। लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां हमारे कारीगरों की बनाई हों, विदेश से नहीं। उन्होंने कहा कि जब यह पैसा स्थानीय कारीगरों, श्रमिकों और हस्तशिल्पियों तक पहुंचेगा, तभी समृद्धि देश तक पहुंचेगी और भारत विकसित बनेगा। गरीबों की सहायता करें, तभी पर्व का आनंद सार्थक होगा मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और आचार्य शंकराचार्य के उदाहरण का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस घर में गरीबों के प्रति संवेदना नहीं होती, वहां ईश्वर का वास नहीं होता। हमें हर त्योहार पर किसी एक गरीब, बेसहारा या जरूरतमंद बच्चे की मदद करनी चाहिए। तभी त्योहारों की खुशी और भी अर्थपूर्ण हो जाएगी। इस अवसर पर वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ दिनेश शर्मा, सांसद संजय सेठ, बृजलाल, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक डॉ नीरज बोरा समेत अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण मौजूद रहे।  इन महिलाओं के खाते में सीएम ने मंच से अंतरित की सब्सिडी  सोनी रीता निशा चौहान सबीना सईदा बानो सारिका यादव पार्वती बीना कुमारी रेशमा खान

संघर्ष के बीच गाज़ा में 8 नागरिकों की हत्या, हमास पर गंभीर आरोप

गाजा गाजा शांति प्रस्ताव मिस्र की धरती पर पारित हो गया है। इसमें अमेरिका, तुर्की और मिस्र और कतर शामिल थे। इसके अलावा अन्य कई देशों ने सहमति जताई और इजरायल भी राजी है। सीजफायर का ऐलान हो चुका है और हमास ने हथियार छोड़न पर सहमति जताई है। फिर भी जमीन पर ऐसा होता नहीं दिख रहा है। हमास का एक नया वीडियो सामने आया है, जो सोमवार की शाम का बताया जा रहा है। इसमें दिखता है कि हमास के हथियारबंद कमांडर 8 लोगों को घुटनों पर बिठाकर गोली मार देते हैं। इन लोगों के हाथ बंधे होते हैं और उनकी आंखों पर भी पट्टी बांध दी जाती है। इसके बाद उन्हें घुटनों पर बैठने के लिए मजबूर किया जाता है। फिर उनके सिरों में गोलियां मार दी जाती हैं। गोलियों की इन तड़तड़ाहट के बीच भीड़ की ओर से अल्लाह हू अकबर के नारे लगते सुने जा रहे हैं। इस वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसे शेयर करना भी मुश्किल है। कहा जा रहा है कि इन लोगों पर हमास के लड़ाकों ने आरोप लगाया कि वे हमास से मिले हुए हैं। यह कार्रवाई हमास ने गाजा पर अपना कब्जा मजबूत करने के लिए की है। यदि ऐसा है तो यह शर्त का खुला उल्लंघन है और इजरायल के लिए भी चुनौती बढ़ाने वाला है। इजरायल ने पहले कहा था कि सीजफायर की यह शर्त होगी कि हमास हथियार छोड़ दे या फिर गाजा से निकल जाए। फिलहाल वह दोनों में से किसी भी स्थिति पर काम करता नहीं दिख रहा है। वायरल फुटेज में दिखता है कि मारे गए लोगों को सड़क पर घुटनों के बल बिठाया जाता है। इसके बाद उनकी जमकर पिटाई की जाती है और फिर सभी के सिर पर गोलियां मारकर कत्ल कर दिया जाता है। यह बेहद ही खूंखार तरीका इस्लामिक स्टेट से मिलता जुलता है। वह भी इसी तरह से कत्ल को अंजाम दिया करता था। वीडियो में दिखता है कि हमास के कमांडरों ने हरे रंग का स्कार्फ पहना हुआ है, जो हमास से जुड़ा हुआ है। इस दौरान भीड़ अल्लाह हू अकबर के नारे लगाती रहती है। हमास ने एक बयान में कहा है कि मारे गए लोग अपराधी थे और इजरायल के साथ मिले थे। हालांकि इसके बारे में उनकी ओर से कोई सबूत नहीं दिया गया है।  

इंदौर-ग्वालियर में लोकायुक्त ने रिटायर्ड अधिकारी के घर-ऑफिस पर छापा मारा, भारी मात्रा में कैश और सोना जब्त

ग्वालियर  मध्य प्रदेश में लोकायुक्त ने दीपावली से पहले छापेमार कार्रवाई की है। रिटायर्ड आबकारी अधिकारी के ठिकानों तड़के सुबह दबिश दी है। लोकायुक्त के कई वरिष्ठ अधिकारी इंदौर और ग्वालियर में दस्तावेज खंगाल रहे है। बताया जा रहा है कि आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर रेड मारी है। फिलहाल जांच पड़ताल जारी है। लोकायुक्त की टीम बुधवार तड़के सुबह रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के ठिकानों पर पहुंची। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के बाद लोकायुक्त ने छापा मारा। इंदौर के पलासिया स्थित फ्लैट पर टीम कार्रवाई कर रही है। वहीं ग्वालियर के विवेक नगर स्थित कान्ति कुन्ज मकान पर दबिश दी है। फिलहाल लोकायुक्त की टीम दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई है। आपको बता दें कि धर्मेंद्र सिंह भदौरिया इंदौर के सहा. जिला आबकारी अधिकारी है। वे एक महीने पहले ही सेवानिवृत हुए है।     जानकारी के अनुसार, टीम को यहां से 2 किलो सोने की सिल्लियां, 1 किलो सोने के गहने, 5000 यूरो और 75 लाख रुपय नगद मिले हैं। कुल मिलाकर करीब 8 करोड़ रुपए की रकम सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि रिटायर्ड अधिकारी के ठिकानों पर यह छापा आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के बाद मारा गया है। टीम अब तक फ्लैट से मिले दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड्स और इन्वेस्टमेंट डिटेल्स की जांच कर रही है। कौन हैं धर्मेंद्र सिंह भदौरिया धर्मेंद्र सिंह भदौरिया आबकारी विभाग में लंबे समय तक पदस्थ रहे हैं। •    वे इंदौर, भोपाल, और उज्जैन जोन में पदस्थ रह चुके हैं। •    उन्होंने फ्लाइंग स्क्वाड में भी काम किया था, जहां पर जांच कार्रवाइयों में इनका नाम कई बार सुर्खियों में रहा। •    पहले भी उनका नाम प्रभावशाली लोगों से मिलीभगत और विभागीय अनुशासनहीनता के मामलों में चर्चा में आया था। लोकायुक्त टीम अब उनकी पूर्व तैनाती के दौरान हुई संपत्तियों की खरीद-बिक्री की जांच भी करने की तैयारी में है। ऐसे विवादों में रहे पूर्व आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया 1.    होटल बिल विवाद     जून 2022 में इंदौर के एक फाइव-स्टार होटल में आयोजित पार्टी का लगभग 2 लाख रुपए का बिल आया। होटल प्रबंधन ने आरोप लगाया कि भदौरिया और एक अन्य अधिकारी (संतोष कुशवाह) ने यह बिल चुकाने से मना कर दिया।     इसमें यह भी दावा था कि बिल न चुकाने पर दबाव व धमकियों का सहारा लिया गया।     इस मामले को गंभीर माना गया और दोनों अधिकारियों को सस्पेंड किया गया। 2.    फ्लाइंग स्क्वाड (Flying Squad) से हटाना     इसी विवाद के सिलसिले में भदौरिया को फ्लाइंग स्क्वाड से हटाने का आदेश जारी किया गया।     बाद में उन्हें अन्य विभागीय पदस्थापना दी गई। 3.  नीलामी और अनुशासनहीनता के आरोप     उनके खिलाफ यह भी आरोप लगे हैं कि जनरल ठेके/दुकानों की नीलामी प्रक्रिया में लापरवाही की गई।     प्रशासन ने माना कि उनकी कार्यशैली और निष्पादन “असंतोषजनक” रही है, जिससे निलंबन तक का कदम उठा। 4.  स्थानांतरण / अटैचमेंट आदेश     विवाद के बाद, उन्हें निर्वाचन कार्यालय या अन्य विभागों में अटैचमेंट (कार्यालयांतर) का आदेश दिया गया। रिटायर्ड डीजी जेल आईपीएस संजय चौधरी की बेनामी कमाई, संपत्ति की जांच लोकायुक्त में ऐसे बंद पीडब्ल्यूडी के पूर्व चीफ इंजीनियर जीपी मेहरा के घर लोकायुक्त का छापा, इन आरोपों में घिरे आय से अधिक संपत्ति की जांच जारी लोकायुक्त एसपी स्तर के अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मिले सबूतों के आधार पर धर्मेंद्र सिंह भदौरिया की संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया है। जांच टीम बैंक खातों, फिक्स्ड डिपॉजिट, बीमा पॉलिसी, और संपत्ति रजिस्ट्री के रिकॉर्ड खंगाल रही है। लोकायुक्त की सख्ती से हड़कंप इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग के कई अधिकारी लोकायुक्त की जांच के रडार पर बताए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में कई और सेवानिवृत्त व वर्तमान अधिकारी भी इस जांच की जद में आ सकते हैं। शराब के ठेके से लिंक धर्मेंद्र सिंह भदोरिया 31 अगस्त को रिटायर हुए हैं। वे आलीराजपुर में पदस्थ थे। सूत्रों के मुताबिक, वे अभी भी आलीराजपुर में रहते हैं और वहां शराब के ठेके और गुजरात की अवैध शराब लाइन को संभालते हैं। भदोरिया शराब ठेकेदार एके सिंह के समधी हैं। वे लंबे समय से सरकारी नौकरी करते हुए भी अपना कारोबार संभाल रहे थे। इस पर हमेशा आरोप लगते रहे हैं। आलीराजपुर में पहले रिंकू भाटिया का ठेका था। सूत्रों के मुताबिक, रिंकू भाटिया से उनकी भागीदारी भी थी। इन सब कारणों से उन्होंने काफी कमाई की। इसी आधार पर लोकायुक्त के पास उनकी शिकायत पहुंची थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

विश्व मानक दिवस पर मुख्यमंत्री ने दिलाई गुणवत्ता शपथ, कहा — हर क्षेत्र में पारदर्शिता, उपभोक्ता अधिकार और नवाचार सर्वोपरि

रायपुर : गुणवत्ता और मानक ही आत्मनिर्भर भारत की पहचान — मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय गुणवत्ता और मानक ही आत्मनिर्भर भारत की पहचान — मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय विश्व मानक दिवस पर मुख्यमंत्री ने दिलाई गुणवत्ता शपथ, कहा — हर क्षेत्र में पारदर्शिता, उपभोक्ता अधिकार और नवाचार सर्वोपरि विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में मानकों का पालन पारदर्शिता, गुणवत्ता और उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा वस्तुओं को मानक चिन्ह प्रदान कर उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा रही है और इसके माध्यम से मिलावट व नकली वस्तुओं के कारोबार पर प्रभावी रोक लगी है। मुख्यमंत्री  साय आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनों को गुणवत्ता शपथ दिलाते हुए मानकीकृत उत्पादों को बढ़ावा देने और बीआईएस के प्रयासों में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मानकों की स्थापना में विशेष योगदान देने वाले मानक क्लबों, संस्थाओं और मेंटर्स का सम्मान किया। उन्होंने भारतीय मानक ब्यूरो के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था देशभर में गुणवत्ता की संस्कृति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि एक समय था जब सोने जैसी धातुओं की शुद्धता का पता लगाना कठिन था, लेकिन आज हर उपभोक्ता बीआईएस हॉलमार्क देखकर ही आभूषण खरीदता है। बीआईएस का हॉलमार्क अब उपभोक्ता भरोसे का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने बताया कि बीआईएस द्वारा बोतलबंद पानी, हेलमेट, खिलौने, गहनों से लेकर करीब 22 हजार वस्तुओं को मानक चिन्ह प्रदान किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं के बीच मानक चिन्हों के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को बढ़ावा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने में मानकों की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादों की गुणवत्ता और मानकीकरण के कारण आज देश के गांव और कस्बों में बने उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री  साय ने उपस्थित जनों से मानक चिन्हों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का आह्वान करते हुए कहा कि “विकसित भारत का संकल्प उपभोक्ता अधिकारों की मजबूती से ही पूरा होगा।” उन्होंने कहा कि गुणवत्ता ही आत्मनिर्भर भारत की वास्तविक पहचान है। कार्यक्रम में खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल ने कहा कि विश्व मानक दिवस का उद्देश्य उपभोक्ताओं और समाज में मानकीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह हमारे वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों के प्रयासों को सराहने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से विकास कर रहा है और गुणवत्ता सुधार अब केवल नीति नहीं, बल्कि एक संकल्प बन चुका है।  बघेल ने कहा कि “जागो ग्राहक जागो” का संदेश उपभोक्ताओं को सजग और जागरूक रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को समाज में आगे बढ़ाएं, ताकि उपभोक्ता संरक्षण और अधिक सशक्त हो सके। भारतीय मानक ब्यूरो रायपुर शाखा कार्यालय के निदेशक  एस. के. गुप्ता ने कहा कि बीआईएस का प्रत्येक मानक उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा को समर्पित है। उन्होंने बताया कि उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और ब्यूरो इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।  गुप्ता ने ब्यूरो द्वारा संचालित गतिविधियों और विभिन्न उत्पादों के मानकीकरण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीआईएस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश में निर्मित हर उत्पाद वैश्विक गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरे। मुख्यमंत्री ने मानक महोत्सव में विभिन्न स्टालों का किया अवलोकन विश्व मानक दिवस के अवसर पर आयोजित मानक महोत्सव में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) तथा अन्य संस्थानों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने मानक स्थापना से जुड़ी गतिविधियों और संस्थाओं की कार्यप्रणाली की जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना की। सिपेट रायपुर के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि संस्था प्रदेश के युवाओं को लघु एवं दीर्घकालीन कौशल प्रशिक्षण प्रदान करती है, साथ ही उद्योगों को गुणवत्ता परामर्श और तकनीकी सलाह भी उपलब्ध कराती है। मुख्यमंत्री ने सिपेट की पहल की सराहना की और इसे उद्योग-शिक्षा समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। बीआईएस की रायपुर शाखा द्वारा लगाए गए स्टॉल में उपभोक्ता जागरूकता संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी गई। प्रतिनिधियों ने बताया कि बीआईएस केयर ऐप के माध्यम से उपभोक्ता स्वयं आईएसआई, एचयूआईडी और हॉलमार्क युक्त आभूषणों की प्रमाणिकता जांच सकते हैं। ऐप के जरिए उत्पाद की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतें दर्ज करने और आईएसआई मुहर के दुरुपयोग की सूचना देने की सुविधा भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने इस पहल को उपभोक्ता सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। शैक्षणिक संस्थानों के नवाचारी स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र मानक महोत्सव में स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा लगाए गए नवाचार आधारित स्टॉल सभी के आकर्षण का केंद्र बने। मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवाचारों का अवलोकन किया और उनके रचनात्मक प्रयासों की सराहना की। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल बिरकोनी के विद्यार्थियों ने रक्तचाप जांचने की मशीन और मिट्टी की नमी मापने की मशीन तैयार की। पंडित आर. डी. तिवारी गवर्नमेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल के छात्रों ने “एक्सप्लोरर रोबोट” प्रस्तुत किया, जो अंधेरे और दुर्गम स्थानों में रास्ता खोजने में सक्षम है। यह रोबोट खदानों और औद्योगिक स्थलों पर उपयोगी सिद्ध हो सकता है। वहीं गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल अंडा के विद्यार्थियों ने स्मार्ट ट्रेन का मॉडल तैयार किया, जो विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए उपयोगी है। मुख्यमंत्री  साय ने विद्यार्थियों से चर्चा की, उनके नवाचारी कार्यों की जानकारी ली और उनकी रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा —“युवाओं की सोच में जब गुणवत्ता और नवाचार जुड़ता है, तभी भारत विकसित राष्ट्र बनने की ओर तेजी से अग्रसर होता है।” मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि गुणवत्ता सिर्फ उद्योग या उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन के हर पहलू का संस्कार बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि “मानक केवल नियम नहीं, राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं।” मुख्यमंत्री … Read more

लॉन्ग वीकेंड ब्रेक: 4 दिन बंद रहेगा शेयर बाजार, दिवाली पर खुलेगा सिर्फ 60 मिनट के लिए

नई दिल्ली दिवाली का पर्व केवल घरों में ही नहीं, बल्कि शेयर बाजार में भी विशेष महत्व रखता है। हर साल की तरह इस साल भी दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग होगी, लेकिन उससे पहले बाजार में लगातार चार दिनों की छुट्टियों का सिलसिला देखने को मिलेगा। निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए यह ब्रेक किसी अलर्ट से कम नहीं है। बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) की आधिकारिक छुट्टियों की सूची के अनुसार, बाजार 19 अक्टूबर (शनिवार) से लेकर 22 अक्टूबर (मंगलवार) तक पूरी तरह बंद रहेगा: 19 अक्टूबर (शनिवार): धनतेरस इस दौरान न केवल स्टॉक मार्केट, बल्कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और करेंसी डेरिवेटिव्स मार्केट भी बंद रहेंगे।  दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग कब होगी? BSE और NSE ने संयुक्त रूप से घोषणा की है कि इस साल दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र 21 अक्टूबर को दोपहर 1:45 से 2:45 बजे तक आयोजित किया जाएगा। ऑर्डर एंट्री में बदलाव की अंतिम समय सीमा: 2:55 PM यह सत्र केवल एक घंटे के लिए होगा और नए संवत 2082 की शुरुआत का प्रतीक होगा। कौन-कौन से सेगमेंट होंगे शामिल? इस एक घंटे के विशेष सत्र में निम्नलिखित बाजार खुलेंगे: इक्विटी इक्विटी फ्यूचर्स और ऑप्शंस कमोडिटी डेरिवेटिव्स करेंसी डेरिवेटिव्स सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB)  ऐतिहासिक नजरिया: शुभ साबित होता है ये ट्रेड मुहूर्त ट्रेडिंग परंपरागत रूप से शुभ मानी जाती है। पिछले 16 वर्षों में से 13 बार बाजार हरे निशान पर बंद हुआ है, भले ही ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहा हो। 2024 में, BSE सेंसेक्स में 335 अंकों की तेजी दर्ज की गई निफ्टी 50 भी 99 अंक चढ़कर बंद हुआ  निवेशकों के लिए सलाह लंबी छुट्टी से पहले अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करें तरलता सुनिश्चित करें, क्योंकि अगले 4 दिन कोई लेनदेन नहीं हो सकेगा मुहूर्त ट्रेडिंग के लिए रणनीति तैयार रखें — यह सत्र प्रतीकात्मक जरूर है, लेकिन मूड सेट करता है आने वाली छुट्टियां भी जान लें 5 नवंबर: श्री गुरु नानक देव जयंती 25 दिसंबर: क्रिसमस