samacharsecretary.com

राज्य के 24 हजार से भी अधिक गांवों को पक्की सड़कों की मिली सौगात

ग्रामीण सड़कों के निर्माण में लक्ष्य का 80 प्रतिशत कार्य पूर्ण राज्य के 24 हजार से भी अधिक गांवों को पक्की सड़कों की मिली सौगात 500 से कम आबादी वाले टोलों को संपर्कता देने के लिए राज्य में चलाई जा रही है मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना पटना बिहार सरकार ने ग्रामीण सड़कों के विकास को माध्यम बनाकर राज्य के सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य को एक नई दिशा देने का सफल प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना (एमएमजीएसवाय) के अंतर्गत राज्य में अबतक 40 हजार 893 किमी से भी अधिक सड़कों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। जबकि ग्रामीण कार्य विभाग ने कुल 49 हजार, 541.7 किलोमीटर सड़क के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यानी लक्ष्य का 80 प्रतिशत से भी अधिक निर्माण कार्य को पूरा कर लिया गया।         इन सड़कों के निर्माण से राज्य के 24 हजार से भी अधिक गांवों को पक्की सड़कों की सौगात मिली है। चूंकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 500 तक की आबादी वाले टोलों को ही शामिल लिया जा सकता है। इसलिए इससे छोटी आबादी वाले टोलों को संपर्कता देने के लिए मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना की शुरुआत वर्ष 2013 में की गई थी। अब हर टोले को पक्की बारहमासी सड़क से जोड़ने की दिशा में ग्रामीण कार्य विभाग जुटा हुआ है।        ग्रामीण कार्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत 49 हजार, 541.309 किमी लंबाई की कुल 33 हजार 618 किमी सड़कों के निर्माण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें अबतक 80 प्रतिशत से भी अधिक परियोजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं। यह राज्य में ग्रामीण संपर्कता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। ग्रामीण सड़कों की निर्माण का जिलावार आंकड़ा सड़क निर्माण की संख्या और लंबाई के आधार पर मुजफ्फरपुर जिला इस योजना के क्रियान्वयन में राज्यभर में अव्वल है। मुजफ्फरपुर के लिए निर्धारित अबतक 2830.99 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य है। जिसके विरुद्ध 2581.278 किमी सड़क का निर्माण पूरा कर लिया गया है। इसके बाद मधुबनी जिला में कुल 2455.21 किमी का निर्माण पूर्ण हो चुका है। जबकि, अररिया में 2628.175 किमी के लक्ष्य के विरुद्ध 2305.858 किमी और पूर्वी चंपारण में 2770.415 किमी के लक्ष्य के विरुद्ध 2180.896 किमी सड़क का निर्माण पूरा किया जा चुका है। ग्रामीण सड़कों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम हुआ है, बल्कि सड़क सुरक्षा में भी व्यापक सुधार दर्ज की गई है। इससे न केवल स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिला है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। साथ ही राज्य में कृषि व औद्योगिक गतिविधियों को रफ़्तार मिल रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी से ग्रामीण आबादी को शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य सेवाओं तक आसान पहुंच मिली है, जिससे सामाजिक और आर्थिक विकास को मजबूती मिली है।

लव जिहाद पर सख्त होंगे CM मोहन यादव, कहा- अपराधियों को किया जाएगा खत्म

भोपाल  मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने लव जिहाद को लेकर बड़ा बयान दिया है. कहा कि महिलाओं पर कुदृष्टि डालने वाले, ड्रग माफिया और लव जिहादियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा. लव जिहाद हो या ड्रग माफिया, इनके माध्यम से जो भी आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए शिकंजा कसा जा रहा है. राज्य सरकार किसी अपराधी को छोड़ने वाली नहीं है. सबको एक-एक कर ठिकाने लगाएंगे. सभी प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाते हुए बहन-बेटियों को हर संभव सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है.  CM यादव नर्मदापुरम रोड स्थित आमिर मैजेस्टिक पार्क में आयोजित रक्षाबंधन महोत्सव को संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहनों से राखियां भी बंधवाईं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है. रक्षाबंधन से पहले बहनों को लाड़ली बहना योजना की मासिक किश्त सहित 250 रुपए का शगुन अलग से भेजा गया है. बहनों के हाथ में यश होता है, लक्ष्मी पूजन भी उन्हीं के माध्यम से होता है. अब दीपावली के बाद भाई-दूज से प्रदेश भर की लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात मिलेगी. बहनों का स्नेह मेरे जीवन का सबसे बड़ा आधार है. CM के कार्यक्रम में लगे लव जिहाद के खिलाफ बैनर. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को बहनों की ओर से बड़ी राखी भेंट की गई, इसके बाद अनेक लाड़ली बहनों ने उन्हें राखियां बांधीं. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी बहनों का अभिनंदन किया. उन्होंने कहा कि बहनों के साथ बैठने से माता और पिता दोनों का प्रेम एक साथ मिल जाता है, जीवन धन्य हो जाता है. परिवार में बहन-भाई का रिश्ता युगों-युगों से अटूट है. महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण और द्रोपदी का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम का उत्कृष्ट उदाहरण है.  सीएम यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र में 200 करोड़ की लागत से सीवर लाइन सहित अन्य विकास कार्य किए जाएंगे.   CM मोहन यादव के भाषण की खास बातें:-  – राज्य सरकार बहनों को शीघ्र ही, दीपावली भाईदूज से लाड़ली बहन योजना में 1500 रुपए मासिक की राशि देना प्रारंभ करेगी. – शासकीय सेवाओं में मध्यप्रदेश सरकार बहनों को 35% आरक्षण दे रही है. पीएम मोदी जी ने प्रजातांत्रिक व्यवस्था में लोकसभा विधानसभा सहित अन्य संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है. अब हमारी बहनें विधायक, सांसद ही नहीं अन्य पदों पर भी निर्वाचित होंगी. – देवी अहिल्याबाई होल्कर, वीरांगना रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मीबाई, रानी कमलापति हमारे समाज में साहस शौर्य और सुशासन की प्रतीक हैं. – उद्योगों में काम करने वाली बहनों को विशेष रूप से गारमेंट जैसे रोजगार परक उद्योग में कार्यरत बहनों को 5 हजार रुपए प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है. – हाल ही में रक्षाबंधन पर बहनों को 250 रूपए शगुन की राशि भी प्रदान की गई.

गंदगी देख भड़के प्रद्युमन सिंह तोमर, बोले- आज माला पहनाई, कल विदा करूंगा

शिवपुरी  मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर लगातार चर्चा में बने रहते हैं. एक बार फिर मंत्री चर्चा में आ गए हैं. शिवपुरी में ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर जिला अस्पताल में टॉयलेट में गंदगी और बदबू देख नाराज हो गए. मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए खुद ही अपने हाथों से टॉयलेट साफ किया. इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को भी चेतावनी दी है.  फावड़ा उठाकर की सफाई अस्पताल में टॉयलेट साफ करने के बाद जब प्रद्युमन सिंह तोमर लुहारपुरा की पुलिया से गुरज रहे थे. तब वहां लगे कचरे को ढेर को देखकर उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाई. फिर फावड़ा उठाकर सफाई करने में जुट गए. वहीं स्थानीय लोगों ने शहर में साफ-सफाई को लेकर मंत्री से शिकायत की.  अधिकारी को दी चेतावनी लोगों की समस्या सुनने के बाद प्रद्युमन सिंह तोमर ने मौके पर नगर पालिका के स्वास्थ्य अधिकारी योगेश शर्मा को माला पहनाई. माला पहनाकर उन्होंने कहा कि आज तुम्हें माला पहनाई है, कल सम्मान के साथ विदा कर दूंगा. मेरी बोत को गंभीरता से लेना. फिर उन्होंने सफाई मशीन बुलवाने के निर्देश दिए और मौके से निकल गए.  व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए कुछ दिन पहले जिला अस्पताल के गेट पर आदिवासी महिला की डिलीवरी और इलाज में लापरवाही की शिकायतें सामने आई थीं. इसके बाद प्रबंधन ने मीडिया के आने पर रोक लगा दी थी. शिकायतों के बाद मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे. मंत्री ने सिविल सर्जन डॉ. बीएल यादव को व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए.  . 

माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय कार्यक्रम में बोले CM मोहन यादव – पत्रकारिता समाज का दर्पण बने

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में आयोजित सत्रारंभ समारोह ‘अभ्युदय-2025’ में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने हिन्दी रचनाकार, कवि, लेखक और पत्रकार पद्म भूषण से अलंकृत पं. माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर सीएम ने विश्वविद्यालय में चलाए गए पौधरोपण अभियान के अंतर्गत 1111वें पौधे के रूप में कृष्णवट का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में राज्य मंत्री कृष्णा गौर, प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास, कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। माखनलाल विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में आयोजित तीन दिवसीय सत्रारंभ समारोह ‘अभ्युदय-2025’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में ‘अभ्युदय’ का अर्थ मात्र आरंभ नहीं, बल्कि निरंतर जागरूकता, सत्य की खोज और समाज को नई दिशा देने वाले उत्तरदायित्व की यात्रा है। सीएम ने कहा कि नारद जी को पत्रकारिता का आद्य प्रवर्तक माना जाता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका होती है और उन्हें विश्वास है कि यहां पढ़ने वाले छात्र आगे बढ़कर देश दुनिया में नाम रोशन करेंगे। ‘पत्रकारिता के क्षेत्र में विश्वविद्यालय का विशिष्ट स्थान’ सीएम मोहन यादव ने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय की पूरे देश में विशिष्ट पहचान है। उन्होंने हिंदी भाषा को पुनर्प्रतिष्ठित करने का महत्वपूर्ण अभियान चलाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें गर्व है कि ऐसे महापुरुष और महान कवि का जन्म मध्यप्रदेश की धरती पर हुआ और ये विश्वविद्यालय उनकी परंपरा को आगे बढ़ाने का का काम कर रहा है। इस अवसर पर सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश के विश्वविद्यालयों में हमने कुलपति के स्थान पर ‘कुलगुरु’ शब्द के प्रयोग की परंपरा प्रारंभ की। यह हमारी शिक्षा परंपरा में गुरु को सर्वोच्च स्थान देने का प्रतीक है। कुमार विश्वास ने छात्रों को दिए अनमोल सुझाव कार्यक्रम में सम्मिलित प्रख्यात कवि कुमार विश्वास ने कहा कि पत्रकार की सबसे बड़ी विशेषता और आवश्यकता है ‘विश्वसनीयता’। उन्होंने कहा कि एक पत्रकार का दायित्व होता है कि वो अपनी निजी वैचारिकी से उठकर सही तथ्य सामने लाएं। कुमार विश्वास ने कहा कि किसी विचार को केंद्र में रखने के बाद तठस्थ होकर लिखना ही पत्रकारिता है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि यदि वे वास्त्व में एक सच्चे पत्रकार बनना चाहते हैं तो उन्हें अपने करियर की शुरुआत में कम से कम तीन साल प्रिंट में काम ज़रूर करना चाहिए। विभिन्न उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकार का मूल उद्देश्य सिर्फ धन कमाना नहीं होना चाहिए। धन अवश्य कमाएं लेकिन वो नैतिकता से कमाया हुआ होना चाहिए। कुमार विश्वास ने विश्वास जताया कि कि तठस्थता, ईमानदारी और कड़ी मेहनत के बल पर ये छात्र भविष्य के सम्मानजनक पत्रकार बनेंगे और देश दुनिया में अपना नाम उज्जवल करेंगे।

महंगाई भत्ता बढ़ोतरी: MP वित्त विभाग ने तय की लिमिट, 2028-29 तक 94% होगा डीए

भोपाल  मध्यप्रदेश में अधिकारी-कर्मचारियों का अगले 3 साल में 30 प्रतिशत तक महंगाई भत्ता (DA) बढ़ेगा। अभी कर्मचारियों को 55 प्रतिशत डीए मिल रहा है। चालू वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक इसे 9 प्रतिशत बढ़ाकर 64 प्रतिशत करने का टारगेट है। इसमें से 4 प्रतिशत तो दिवाली तक ही बढ़ेगा। जबकि शेष 5 प्रतिशत मार्च के आखिर से पहले दिया जाएगा।सरकार हर साल डीए बढ़ाकर चुनावी साल 2028-29 तक महंगाई भत्ता 94 प्रतिशत कर देगी। दरअसल, सरकार ने रोलिंग बजट की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें ये प्रावधान किए गए हैं। वहीं, विभागवार बजट की लिमिट भी तय कर दी है। अब अलग-अलग कार्यों के लिए विभाग प्रमुख इसी बजट में बदलाव कर सकेंगे। लेकिन, विभागों को तय लिमिट से अधिक बजट का प्रावधान नहीं होगा। अभी आधा वित्तीय वर्ष न बीता हो पर सरकार ने 2026-27 के बजट की तैयारी शुरू कर दी है। अभी कर्मचारियों को 55 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है, जो अगले साल बढ़कर 74 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। यानी एक साल में 19 प्रतिशत तक की महंगाई भत्ता की वृद्धि होगी। इसके हिसाब से सभी विभागों को स्थापना व्यय की गणना करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश में पहली बार सरकार एक साथ तीन वर्ष की वित्तीय आवश्यकताओं का आकलन करके बजट तैयार करा रही है। हर वर्ष स्थापना बजट बढ़ता जा रहा है। भारत सरकार बढ़ा सकती महंगाई भत्ता आगामी वर्षों में ढाई लाख से अधिक रिक्त पदों की पूर्ति किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसे देखते हुए वित्त विभाग ने सभी विभागों से कहा है कि वे स्थापना का आकलन भी उसी हिसाब से करते हुए बजट प्रस्ताव तैयार करें। वर्ष 2026-27 के लिए कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में संभावित वृद्धि को देखते हुए 74 प्रतिशत की दर से स्थापना व्यय की गणना करने के लिए कहा गया है। दरअसल, वर्ष 2025-26 की शेष अवधि के लिए भारत सरकार तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ा सकती है। इसके अनुरूप प्रदेश में भी वृद्धि होगी, जिससे यह 58 प्रतिशत हो जाएगा। प्रदेश सरकार ने तय किया है कि भारत सरकार जब से महंगाई भत्ता बढ़ाएगी तब से ही प्रदेश के कर्मचारियों को उसका लाभ दिया जाएगा। यद्यपि, पेंशनरों के मामले में ऐसा नहीं है। अभी भी उन्हें 53 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत मिल रही है क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार में 55 प्रतिशत करने को लेकर सहमति अब तक नहीं दी है। राज्य पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार महंगाई राहत में वृद्धि के लिए दोनों के मध्य सहमति होना आवश्यक है। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी का कहना है कि पेंशनरों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। अभी भी कर्मचारियों की तुलना में हमें दो प्रतिशत महंगाई राहत कम दी जा रही है। पुराना एरियर भी अभी तक नहीं दिया गया है। मार्च तक 9 प्रतिशत महंगाई भत्ता देगी सरकार रोलिंग बजट की सरकार की कवायद के बीच यह बात भी सामने आई है कि 2026-27 के बजट के लिए प्रस्तावित महंगाई भत्ते के पहले सरकार को इसे 64 प्रतिशत तक पहुंचाएगी। अभी प्रदेश के कर्मचारियों को राज्य सरकार सातवें वेतनमान पर 55 फीसदी महंगाई भत्ता दे रही है। माना जा रहा है कि इस साल दिवाली के समय और फिर अगले साल फरवरी-मार्च में सरकार 2 किस्तों में 4 प्रतिशत और 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता देकर इसे 31 मार्च के पहले 64 प्रतिशत तक पहुंचा देगी। 5वें और 6वें वेतनमान वालों को भी मिलेगा फायदा वित्त विभाग ने कहा है कि जिन विभागों में छठवें या पांचवें वेतनमान पाने वाले कर्मचारी हैं, उन्हें भी हर साल 10 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाकर दिया जाएगा। छठवें वेतनमान में वर्तमान में 252% तक महंगाई भत्ता दिया जाता है। इसके आधार पर वर्ष 2026-27 में 265 प्रतिशत, वर्ष 2027-28 में 280 और वर्ष 2028-29 में 295 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा। इसके हिसाब से विभागों को रोलिंग बजट में प्रावधान करना होगा। प्रदेश सरकार के उपक्रम, निगम, मंडल में काम करने वाले कर्मचारियों को भी इसी तर्ज पर महंगाई भत्ता दिया जाना है। 85 हजार करोड़ रुपये से अधिक होंगे खर्च प्रदेश में स्थापना व्यय पर सरकार प्रतिवर्ष बजट का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा व्यय करती है। 2023-24 में वेतन-भत्ते और पेंशन मिलकर व्यय 72 हजार करोड़ रुपये के आसपास था, जो 2024-25 में 75 हजार करोड रुपये से अधिक हो गया 2025-26 में 79 हजार करोड़ रुपये व्यय अनुमानित है। इसे देखते हुए 26-27 में यह राशि 85 हजार करोड रुपये तक पहुंच सकती है। आठवें वेतनमान को लेकर भी तैयारी उधर, भारत सरकार ने आठवें वेतनमान आयोग का गठन कर दिया है। इसे देखते हुए प्रदेश के साढ़े सात लाख नियमित सरकारी कर्मचारियों और साढ़े चार लाख पेंशनरों को नया वेतनमान देने की तैयारी राज्य सरकार ने भी शुरू कर दी है। सातवां वेतनमान मूल वेतन में 2.75 का गुणा करके निर्धारित हुआ था। तब लगभग सात से 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन में वृद्धि हुई थी।

अर्चना तिवारी ट्रेन से गायब, यूपी में लखीमपुर खीरी के पास नेपाल बॉर्डर से मिली पुलिस को

भोपाल/ ग्वालियर  मध्य प्रदेश में ट्रेन से गायब अर्चना तिवारी 12 दिनों बाद मिल गई है. भोपाल की रानी कमलापति थाना जीआरपी ने यूपी के लखीमपुर खीरी से नेपाल बॉर्डर के पास से अर्चना को बरामद किया है. अब टीम यहां से अर्चना को लेकर भोपाल जाएगी और पूछताछ करेगी. पूछताछ में ही पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी मिलेगी. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लगभग दो हफ़्ते पहले ट्रेन में यात्रा के दौरान लापता हुई महिला वकील और सिविल जज बनने की इच्छुक अर्चना तिवारी मंगलवार को नेपाल सीमा पर स्थित उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी शहर में मिलीं. रक्षाबंधन के त्योहार के लिए 7-8 अगस्त की रात को इंदौर से कटनी जा रही तिवारी अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाईं थी और लापता हो गई थी. पूछताछ में सामने आएगा घटनाक्रम का विवरण एसपी (रेलवे) राहुल कुमार लोढ़ा ने कहा कि राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के जवानों ने 12 दिनों की कड़ी तलाशी के बाद आखिरकार भारत-नेपाल सीमा पर स्थित लखीमपुर-खीरी शहर में अर्चना तिवारी का पता लगा लिया. उन्होंने कहा कि पुलिस अर्चना को वापस भोपाल ला रही है और बयान दर्ज करने के बाद पूरे घटनाक्रम का विवरण सामने आएगा. पुलिस के अनुसार 29 वर्षीय अर्चना की आखिरी लोकेशन इटारसी स्टेशन पर मिली थी. उसके बाद मोबाइल फोन बंद पाया गया और संपर्क नहीं हो पाया. तिवारी मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में प्रैक्टिसिंग वकील थीं. वह सिविल जज परीक्षा की तैयारी भी कर रही थीं. नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से गायब हुई थी अर्चना वह 7 अगस्त को नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से कटनी के लिए रवाना हुईं, लेकिन अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचीं. बाद में तिवारी के परिवार वालों ने भोपाल के रानी कमलापति जीआरपी थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने रानी कमलापति स्टेशन से लेकर इटारसी और कटनी तक के इलाकों में सुराग तलाशे और स्टेशनों व आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरे खंगाले. लोढ़ा ने बताया कि तिवारी की आखिरी लोकेशन इटारसी स्टेशन थी. मैंने कभी अर्चना तिवारी को सामने से नहीं देखा  ट्रेन से 12 दिन पहले मध्य प्रदेश की अर्चना तिवारी के गायब होने के मामले में नया मोड़ सामने आया है. इंदौर से कटनी के लिए निकली अर्चना तिवारी वैसे तो अब यूपी के लखीमपुर खीरी के पास से बरामद कर ली गई है लेकिन इस मामने में कई गुत्थी अब भी अनसुलझी हैं. इस केस में उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड ने पुलिस को ग्वालियर तक भी पहुंचा दिया. वहीं से कहानी में एक नया किरदार सामने आया. वह अर्चना से डेढ़ साल से संपर्क में था और उसने ही उसके लिए टिकट भी बुक कराए थे. पुलिस ने लिया हिरासत में जांच के दौरान युवती की कॉल डिटेल में पुलिस की नजर ग्वालियर में तैनात एक सिपाही तक पहुंची. आरोप है कि इसी सिपाही ने इंदौर से ग्वालियर का टिकट बुक कराया था. पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसने अर्चना को कभी सामने से नहीं देखा, केवल फोन पर ही बात हुई थी. उसका कहना है कि अर्चना की गुमशुदगी से उसका कोई लेना-देना नहीं है. सिपाही ने यह भी कबूल किया कि उसने बस का टिकट जरूर बुक कराया था, लेकिन ट्रेन की यात्रा से उसका कोई वास्ता नहीं था. जीआरपी ने इस आधार पर उससे लगातार पूछताछ की. पुलिस की पड़ताल और सवाल-जवाब झांसी रोड थाने में रखे गए इस आरक्षक से घंटों सवाल-जवाब किए गए. उसने बयान दिया कि उसकी युवती से केवल कोर्ट से जुड़े एक काम के सिलसिले में बात हुई थी, और वह भी महज़ एक मिनट की. उसने दोहराया कि वह उससे कभी व्यक्तिगत तौर पर नहीं मिला. एडिशनल एसपी ने मीडिया को जानकारी दी कि पूछताछ में स्पष्ट हुआ है कि सिपाही पिछले डेढ़ साल से युवती को जानता था और फोन पर कई बार बातचीत भी हुई. उसने इंदौर से कटनी तक का बस टिकट बुक कराया था, जबकि युवती ट्रेन से यात्रा कर रही थी. यही बात जांच का अहम हिस्सा बनी. रक्षाबंधन पर घर लौट रही थी इस गुमशुदगी की कहानी की शुरुआत रक्षाबंधन के मौके से होती है. युवती इंदौर के एक हॉस्टल में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी. त्यौहार पर वह कटनी लौट रही थी. उसके पास इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस की AC कोच B3 में बर्थ नंबर 3 का रिजर्वेशन था. 7 अगस्त को वह हॉस्टल से निकली और सीसीटीवी फुटेज में भी देखी गई, जिसमें वह ऑरेंज रंग की ड्रेस पहने, बैग और झोले में सामान लेकर स्टेशन जाती हुई दिख रही है. रात करीब दस बजे उसकी चाची से आखिरी बार फोन पर बातचीत हुई, जब उसने बताया कि वह भोपाल के पास है. ट्रेन से गायब, मिला सिर्फ बैग 8 अगस्त की सुबह जब कटनी साउथ स्टेशन पर परिजन उसे लेने पहुंचे तो युवती वहां नहीं उतरी. उसका मोबाइल भी बंद मिला. घबराए परिजन उमरिया स्टेशन तक गए, जहां उसके मामा ने ट्रेन के कोच में तलाश की. सीट पर उसका बैग जरूर मिला, जिसमें राखी, रुमाल और बच्चों के लिए गिफ्ट रखे थे. युवती के अचानक गायब हो जाने से परिवार सकते में आ गया. जीआरपी को तुरंत सूचना दी गई. कटनी रेल पुलिस ने गुम इंसान का मामला दर्ज कर जांच शुरू की. चूंकि आखिरी लोकेशन भोपाल की तरफ मिली थी, इसलिए डायरी भोपाल रेल पुलिस को भेज दी गई. सीसीटीवी और लोकेशन से नहीं मिला सुराग भोपाल, रानी कमलापति और नर्मदापुरम स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, लेकिन युवती का स्पष्ट सुराग नहीं मिला. मोबाइल की लोकेशन नर्मदापुरम ब्रिज के पास तक मिली. इस आधार पर एनडीआरएफ ने नर्मदा नदी में सर्चिंग ऑपरेशन भी चलाया, लेकिन वहां से भी कुछ हाथ नहीं लगा. इस मामले ने छात्र राजनीति से लेकर स्थानीय समाज तक हलचल मचा दी. कांग्रेस से जुड़े एक युवा नेता ने युवती को अपनी बहन बताते हुए उसकी तलाश में मदद करने वाले को 51 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की. उनका कहना था कि हर राखी पर वह उन्हें राखी बांधती थी. आखिरकार मिला सुराग लंबे समय तक रहस्यमय तरीके से लापता रहने के बाद युवती को आखिरकार लखीमपुर खीरी से बरामद कर लिया गया. पुलिस … Read more

लेडी टीचर मनीषा की मौत रहस्य में घिरी, दिल्ली भेजी गई डेडबॉडी; हत्या या आत्महत्या पर सस्पेंस

भिवानी हरियाणा के भिवानी की लेडी टीचर मनीषा की हत्या हुई या उसने आत्महत्या की, इसका राज अब CBI खोलेगी। सरकार ने मनीषा डेथ मिस्ट्री की जांच CBI को सौंपने का ऐलान कर दिया है।CM नायब सैनी ने कहा कि परिवार की मांग पर जांच CBI को सौंपी जा रही है। इस मामले में पूरा न्याय किया जाएगा।वहीं भिवानी सिविल अस्पताल और रोहतक PGI के बाद अब मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स (AIIMS) में पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। इसके लिए मनीषा की डेडबॉडी दिल्ली भेज दी गई है। वहां से पोस्टमॉर्टम होने के बाद मनीषा का उनके गांव ढाणी लक्ष्मण में अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। फिलहाल लोग धरने पर बैठे हुए हैं।हालात बिगड़ने की आशंका से पुलिस भी हाईअलर्ट पर है। भिवानी और चरखी दादरी में 19 अगस्त की सुबह 11 बजे से 21 अगस्त सुबह 11 बजे तक इंटरनेट बंद किया जा चुका है। गांव से 5 किमी दूर दंगा रोकू वाहन, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और 3 जिलों की पुलिस फोर्स तैनात है। पुलिस ने गांव की चारों तरफ से नाकाबंदी कर रखी है। ग्रामीणों के बंद किए रास्तों को साफ करने के लिए जेसीबी मंगा ली गई है। इससे पहले प्रशासन ने सोमवार देर रात मनीषा के पिता को अंतिम संस्कार के लिए राजी कर लिया था। मगर, मंगलवार को इसका पता चलने पर ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने ऐलान कर दिया कि गांव में अंतिम संस्कार नहीं होने देंगे। इसके बाद पुलिस-प्रशासन पीछे हट गया। ग्रामीणों ने संघर्ष के लिए नई गांव कमेटी बनाते हुए आज (20 अगस्त) से पक्के मोर्चे का ऐलान कर दिया। मनीषा के पिता ने बताया कि सरकार ने हमारी मांगे मान ली है और धरना खत्म किया जाएगा। बता दें कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होने के बाद पहले परिजनों के मनीषा के अंतिम संस्कार के लिए मानने की बात सामने आई थी लेकिन अब तक मनीषा का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है।    13 अगस्त को मनीषा का शव झाड़ियों में मिला था जिसके बाद परिवार ने रेप के बाद हत्या का शक जताया है। मनीषा का दो बार पोस्टमार्टम किया गया है। पहले भिवानी और फिर रोहतक पीजीआई में। दोनों पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर खाने से मौत का कारण सामने आया है। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनु पहुंची ढिगावा, शव का दिल्ली एम्स में पोस्टमार्टम शिक्षिका मनीषा मौत मामले में बुधवार दोपहर डेढ़ बजे हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनु भाटिया ढिगावामंडी के रेस्ट हाउस में पहुंची। जहां मनीषा मौत मामले में संज्ञान लेते हुए पीड़ित परिवार के लोगों से बातचीत की वहीं पुलिस की अब तक इस मामले में की गई कार्रवाई को लेकर भी मंथन किया। रेनु भाटिया ने परिजनों को विश्वास दिलाया कि हरियाणा सरकार और महिला आयोग इस मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। हर पहलु से मामले की जांच होगी। मनीषा को न्याय दिलाया जाएगा। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत की और इस मामले में हत्या या आत्महत्या दोनों ही पहलु की जांच के दौरान परिजनों की संतुष्टि कराने की भी बात कही। वहीं मनीषा के शव का तीसरी बार एम्स दिल्ली में पोस्टमार्टम पर भी भाटिया ने संज्ञान लिया।  शिक्षिका मनीषा मौत मामले में हरियाणा सरकार द्वारा सीबीआई जांच और दिल्ली एम्स में तीसरी बार पोस्टमार्टम कराने की मंजूरी देने के बाद परिजनों का रुख नरम पड़ा है। बुधवार सुबह भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखे मनीषा के शव को लेने के लिए आईपीएस प्रतीक अग्रवाल पहुंचे। उनके साथ कमांडों और भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। एंबुलेंस में मनीषा के शव को दिल्ली एम्स में रिसेपलिंग के लिए ले जाया गया है। शव के साथ एंबुलेंस में दो परिजन भी साथ गए हैं। दिल्ली एम्स में मनीषा के बिसरा सैंपल के साथ तीसरी बार पोस्टमार्टम के लिए शव से भी कुछ नए सैंपल लिए जाएंगे। जिसके आधार पर ही तीसरी बार चिकित्सकों की टीम इस नतीजे पर पहुंचेगी कि आखिर मनीषा की हत्या हुई है या फिर ये आत्महत्या है। अब तक मनीषा के दो पोस्टमार्टम हो चुके हैं। जिसमें पहला पोस्टमार्टम भिवानी जिला नागरिक अस्पताल में हुआ है। उसमें मनीषा के गले को तेजधार हथियार से काटे जाने, दोनों आगे गायब होने और श्वास व भोजन नली कटी होने की बातें सामने आई थी। इसके बाद ही भिवानी पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच के लिए एसआईटी गठित की थी। पुलिस की छह टीमें भी मामले की जांच में जुटी हैं। इसी बीच रोहतक पीजीआई में भी मनीषा का दूसरी बार पोस्टमार्टम हो चुका है। एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सकों ने मनीषा की मौत जहरीला पदार्थ निगलने और शव को कुत्तों व जंगली जानवरों द्वारा नोंच खाने की बातें सामने आई थी। जिससे परिजन व ग्रामीण संतुष्ट नहीं थे। इसी के चलते गांव ढाणी लक्ष्मण में सोमवार देर रात से ही पक्का मोर्चा डालकर आंदोलन किया जा रहा था। इससे पहले सिंघानी के पास अनिश्चित कालीन धरना देकर परिजन शव लेने से इंकार कर रहे थे। अब हरियाणा सरकार ने तीसरी बार दिल्ली एम्स में मनीषा के पोस्टमार्टम् और मामले की सीबीलआई जांच की मांग स्वीकार की है। जिसके बाद मनीषा के शव काे दिल्ली एम्स में सैंपलिंग के लिए ले जाया गया है।  सुबह गांव में ढिगावा तक लाया गया था मनीषा का शव बुधवार सुबह मनीषा के शव को अंतिम संस्कार के लिए एंबुलेंस में ढिगावा तक लाया गया था, लेकिन परिजनों ने शव काे लेने से इंकार कर दिया। जिसके बाद वापस शव को जिला नागरिक अस्पताल के शवगृह में वापस लाया गया। इसके बाद आईपीएस प्रतीक अग्रवाल की अगुवाई में शव को दिलली एम्स में ले जाया गया।  ढाणी लक्ष्मण में चल रहा है धरना, जुटे सैकड़ों लोग बुधवार को भी मनीषा के पैतृक गांव ढाणी लक्ष्मण में धरना चल रहा है। जहां भारी संख्या में लोग जुट रहे हैं। धरना पर विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी भी पहुंच रहे हैं और मनीषा की मौत में न्याय मांग रहे हैं। मनीषा की मौत को लेकर मंगलवार को किसान नेता गुरनाम सिंह चंडूनी, सुरेश कौथ सहित अन्य किसान नेता भी पहुंचे थे। जिसके बाद ये मामला एक बार … Read more

JOB ALART :12,543 पद पर जल्‍द आने है बहाली! बिहार एसएससी की परीक्षाओं से सरकारी नौकरी का मौका

JOB ALART : बिहार एसएससी से बड़ी खुशखबरी! इस साल 12,543 पदों पर होगी बहाली, युवाओं को मिलेगा रोजगार  JOB ALART :12,543 पद पर जल्‍द आने है बहाली! बिहार एसएससी की परीक्षाओं से सरकारी नौकरी का मौका  JOB Vacancy :1 करोड़ रोजगार के मिशन की ओर सरकार ने बढ़ाया कदम, एसएससी से इस साल होगी 12,543 पदों पर बहाली  JOB Vacancy : अब इंतजार खत्म! बिहार एसएससी की तेज रफ्तार भर्ती प्रक्रिया, 12,543 पदों पर बहाली शुरू पटना  बिहार सरकार बहाली का जल्‍द मौका आने वाला है। युवाओं के लिए अब सरकारी नौकरी का दरवाज़ा पहले से कहीं ज्यादा तेज़ी से खुल रहा है। राज्य सरकार ने 50 लाख युवाओं को रोजगार और नौकरी देने का लक्ष्य पूरा करने के बाद अब 1 करोड़ का नया लक्ष्य तय किया है। इस अभियान में सबसे अहम भूमिका निभा रहा है बिहार कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी)। इस साल आयोग की ओर से 12,543 पदों पर बहाली की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अगस्त में क्षेत्र सहायक के 201 पदों के लिए लिखित परीक्षा हो चुकी है। इसके साथ ही द्वितीय इंटर स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के तहत 12,199 पदों पर और प्रयोगशाला सहायक के 143 पदों पर नियुक्ति की तैयारी है। कई जिलों का रिजल्ट जारी, बाकी जल्द कार्यालय परिचारी (विशिष्ट) पदों के लिए गया और सीवान को छोड़कर 25 जिलों का रिजल्ट प्रकाशित कर दिया गया है। इन दोनों जिलों का परिणाम भी जल्द आने वाला है। वहीं, कार्यालय परिचारी के 238 पदों के लिए इस साल 11 मई को और कल्याण व्यवस्थापक या निम्नवर्गीय लिपिक के 56 पदों के लिए 29 जून को परीक्षा आयोजित की गई थी। आने वाले महीनों में बड़ी भर्ती इसके अलावा चतुर्थ स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा की 1481 पदों की बहाली जल्‍द आने वाली है। कार्यालय परिचारी या परिचारी (विशिष्ट) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर 3727 पदों के लिए भी बहाली प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इन परीक्षाओं की तैयारी आयोग की ओर से लगभग पूरी कर ली गई है। पहले की तुलना में बड़ा बदलाव कुछ साल पहले तक एसएससी सिर्फ 1-2 परीक्षाएं ही आयोजित करता था। उनका भी रिजल्ट आने में महीनों और कभी कभी तो सालों लग जाते थे। लेकिन अब बिहार में बहाली के हालात बदल चुके हैं। एसएससी हर साल 3 से 5 प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित कर रहा है और तय समय पर रिजल्ट भी दे रहा है। बहाली का इंतजार करने वालों का इंतजार खत्‍म ऐसे में राज्‍य सरकार में बहाली का इंतजार करने वालों का सपना जल्‍द साकार होने वाला है। राज्य एसएससी के अध्यक्ष आलोक राज का कहना है कि अब निर्धारित समय में परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं और रिजल्ट भी समय पर घोषित किए जा रहे हैं। इससे विभागों में खाली पड़े पदों को जल्दी भरा जा रहा है। सरकार के 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने के संकल्प को पूरा करने में आयोग अहम भूमिका निभा रहा है।

हाईकोर्ट के आदेश पर भोपाल विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ केस, फर्जी दस्तावेज से कॉलेज मान्यता का मामला

भोपाल राजधानी भोपाल से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। शहर की मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कोहेफिजा थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश पर ये कार्रवाई की गई है। आरोप है कि, विधायक आरिफ मसूद ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने कॉलेज को मान्यता दिलाई है। इसी को मद्देनजर रखते हुए पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने उनके कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, छात्रों के शेक्षणिक हित को मद्दनेजर रखते हुए हाईकोर्ट ने कॉलेज में पढ़ाई जारी रखने की अनुमति दी है। लेकिन, अगले सत्र के लिए नए एडमिशन पूरी तरह से प्रतिबंधित किए गए हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि, बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने सालों तक ऐसा कॉलेज नहीं चल सकता। मामले की गंभीरता देखते हुए अब सभी की नजरें इसपर टिकी हैं कि, आगामी दिनों में इस केस को लेकर क्या दिशा बनती है। यह कार्रवाई जबलपुर हाईकोर्ट के निर्देश पर की गई है। एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित ने एफआईआर की पुष्टि करते हुए बताया कि कोर्ट के आदेश के अनुसार केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। हालांकि, छात्रों के हित को देखते हुए कोर्ट ने कॉलेज को जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन नए एडमिशन पर पूरी तरह रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा था कि बिना राजनीतिक संरक्षण के इतने सालों तक ऐसा कॉलेज नहीं चल सकता। कोर्ट ने कहा था- 3 दिन के अंदर एफआईआर दर्ज करें हाईकोर्ट ने सोमवार को फर्जी दस्तावेजों के जरिए कॉलेज की मान्यता प्राप्त करने के मामले में सुनवाई करते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने भोपाल कमिश्नर को आदेश दिया कि वे तीन दिन के भीतर एफआईआर दर्ज कर इसकी जानकारी कोर्ट को दें। जस्टिस अतुल श्रीधरन की कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से कॉलेज की मान्यता ली थी। कोर्ट ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज में नए दाखिलों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। एसआईटी करेगी मामले की जांच हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि इस पूरे मामले की अब एसआईटी जांच करेगी। ADG संजीव शमी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम जांच करेगी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा है कि 90 दिन में एसआईटी अपनी जांच रिपोर्ट पेश करें। बता दें कि पिछले दिनों उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता को रद्द कर दिया था, लेकिन छात्र हित को देखते हुए कॉलेज में छात्रों की पढ़ाई को कंटिन्यू रखा गया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि बिना राजनीतिक संरक्षण इतने सालों तक कॉलेज नहीं चल सकता था। कॉलेज की संचालन समिति में सचिव हैं आरिफ मसूद इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज का संचालन अमन एजुकेशन सोसाइटी करती है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद इस सोसाइटी के सचिव हैं। इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज भोपाल के खानूगांव में स्थित है। पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने की थी शिकायत पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह ने इस पूरे मामले की शिकायत की थी। जांच के बाद आयुक्त उच्च शिक्षा ने माना कि अमन एजुकेशन सोसाइटी ने इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज के संचालन के लिए फर्जी दस्तावेजों पर एनओसी और मान्यता ली। इसके बाद कॉलेज की मान्यता रद्द की गई। जांच में पता चला कि कूटरचित दस्तावेजों के जरिए सेल डीड तैयार करवाई और इसे पंजीयन कार्यालय में फर्जी तरीके से दर्ज भी बताया गया। ये है मामला भोपाल से विधायक आरिफ मसूद की अमन एजुकेशन द्वारा संचालित कॉलेज की पिछले दिनों मान्यता रद्द कर दी गई थी। उच्च शिक्षा विभाग ने इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी। इसके पहले कॉलेज को अंतरिम मान्यता मिली थी, लेकिन कॉलेज की ओर से जरूरी कागजात और शर्तें पूरी नहीं करने पर विभाग ने मान्यता रद्द करने की बात कही थी। विधायक पर आरोप है कि, उन्होंने संस्था के फर्जी दस्तावेज लगाकर कॉलेज की मान्यता ली थी, जिसमें संबंधित अधिकारियों पर भी मिलीभगत का आरोप है।

योगी सरकार ने दी सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी

प्रदेश में कहीं भी उर्वरक की दिक्कत नहीं, कालाबाजारी पर योगी सरकार सख्त योगी सरकार ने दी सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी सीएम योगी ने किसानों से की अपील- भंडारण न करें, जब चाहें, आवश्यकतानुरूप लें खाद   पहली अप्रैल से 18 अगस्त 2025 तक हुई 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री  पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की हुई बिक्री मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश- जनपदों में निरंतर मॉनीटरिंग करें अधिकारी, किसानों को न हो परेशानी सीएम योगी ने किसानों से की अपील- भंडारण न करें, जब चाहें, आवश्यकतानुरूप लें खाद   लखनऊ योगी सरकार ने एक बार फिर साफ किया है कि प्रदेश में कहीं भी उर्वरकों की दिक्कत या कमी नहीं है। किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। सरकार ने खाद के अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। कृषि विभाग ने सभी 18 मंडलों में खाद की उपलब्धता व बिक्री की जानकारी दी। खरीफ सत्र 2024 में इस अवधि (18 अगस्त) तक 36.76 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हुई थी, वहीं इस वर्ष अब तक 42.64 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री की जा चुकी है।  मुख्यमंत्री ने की किसानों से अपील  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों से अपील की कि खाद का भंडारण न करें। जितनी आवश्यकता है, उतना खाद लें, जब-जब आवश्यकता है, तब-तब खाद लें। हर जनपद में शिकायत प्रकोष्ठ है। किसी भी परेशानी की स्थिति में अवगत कराएं। मुख्यमंत्री ने उर्वरक की ओवररेटिंग, कालाबाजारी करने वालों को कड़ी चेतावनी भी दी है। उन्होंने जनपद में तैनात अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने, किसानों से संवाद स्थापित करने और समस्याओं का निस्तारण करने का निर्देश दिया है। कृषि विभाग ने बताया कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है। पिछले वर्ष से अधिक हुआ खाद वितरण प्रदेश में पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अभी तक अधिक खाद वितरण किया जा चुका है। विगत वर्ष 27.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हुआ था, इस वर्ष अभी तक 31.62 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। डीएपी 2024 में वितरण 5.28 लाख मीट्रिक टन का रहा, इस वर्ष यह बिक्री 5.38 लाख मीट्रिक टन हुई। एनपीके उर्वरक (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस व पोटेशियम मिश्रण) का वितरण विगत वर्ष 2.07 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष 2.39 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश) 0.25 लाख मीट्रिक टन के सापेक्ष इस वर्ष 0.46 लाख मीट्रिक टन वितरित हुआ। वहीं एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट) का वितरण 2024 में 1.91 लाख मीट्रिक टन रहा, इस वर्ष किसानों को 2.79 लाख मीट्रिक टन वितरण किया जा चुका है। खाद की उपलब्धता यूरियाः 18 अगस्त तक प्रदेश में 37.70 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धता रही। इसमें से 31.62 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों द्वारा की जा चुकी है।  डीएपी: 18 अगस्त तक 9.25 लाख मी. टन की उपलब्धता रही, जिसमें से 5.38 लाख मी. टन की खरीद किसानों ने कर ली है।   एनपीके: 18 अगस्त तक 5.40 लाख मी०टन की उपलब्धता रही। इसमें से 2.39 लाख मीट्रिक टन की खरीद किसानों ने कर ली।  गत वर्ष की तुलना में 4.37 लाख मीट्रिक टन अधिक यूरिया की बिक्री खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य पूर्ण हो गया है। मुख्य फसल धान में टॉप-ड्रेसिंग हेतु प्रतिदिन औसतन 49564 मी०टन यूरिया की खपत/बिक्री हो रही है। गतवर्ष की तुलना में इस वर्ष 16.04% (मात्रा 4.37 लाख मी०टन) अधिक यूरिया उर्वरक की बिक्री हुई है। खाद उपलब्धता की सम्पूर्ण स्थिति (को-ऑपरेटिव स्टॉक और प्राइवेट स्टॉक) मंडल                  यूरिया           डीएपी         एनपीके                           सहारनपुर               18734         4577         3075 मेरठ                       39089       17195        8858 आगरा                    43824        28329       21502 अलीगढ़                 29597        18377       16464 बरेली                    41610         20790       28159 मुरादाबाद              46450         18159       27402 कानपुर                  52100         41168       30301 प्रयागराज               57212         21286       25580 झांसी                     28267        27164       16506   चित्रकूट                  25650          9110         3975 वाराणसी                43294         27689       14627 मीरजापुर                13626          7840         3804    आजमगढ़               34184         24481        9070 गोरखपुर                 34126         25756        15755 बस्ती                     12306        10439            4611 देवीपाटन               17955         18681          9017 लखनऊ                 41066         37964         36736 अयोध्या                28960          27997         25250 कुल-                  608049         387003     300693  नोटः यह आंकड़े खऱीफ सत्र 2025 में 18 अगस्त तक के हैं। यह मात्रा मीट्रिक टन में है।