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छत्तीसगढ़: राजभवन में तीन नए मंत्रियों ने ली शपथ, राज्यपाल रमेन डेका ने दिलाई गोपनीयता की शपथ

राज्यपाल रमेन डेका ने सर्वगजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल और गुरु खुशवंत साहेब को मंत्री पद की शपथ दिलाई छत्तीसगढ़: राजभवन में तीन नए मंत्रियों ने ली शपथ, राज्यपाल रमेन डेका ने दिलाई गोपनीयता की शपथ सर्वगजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल और गुरु खुशवंत साहेब बने मंत्री, राज्यपाल ने दिलाई शपथ राज्यपाल डेका ने दिलाई मंत्रियों को शपथ, राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने आज राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में सर्वगजेन्द्र यादव, राजेश अग्रवाल एवं गुरू खुशवंत साहेब को मंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव एवं विजय शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रीपरिषद के सदस्यगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने किया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना भी उपस्थित थे।

CM ने किया बड़ा ऐलान: एमपी में किसानों को जल्द मिलेगा 5.60 लाख टन यूरिया

भोपाल  एमपी में यूरिया की जबर्दस्त कमी है। इसके लिए प्रदेशभर के किसान परेशान हो रहे हैं। छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रीवा जैसे जिलों में खाद के लिए किसान रात 3 बजे से लाइन में लग रहे हैं तब भी मायूस होकर लौट रहे हैं। पिछले करीब एक महीने से यूरिया के लिए मारामारी मच रही है। किसानों ने इसके लिए धरना, प्रदर्शन, आंदोलन सब कुछ किया है पर यूरिया की जगह उन्हें सिर्फ़ आश्वासन और पुलिस की लाठियां मिल रहीं हैं। इससे प्रदेश के किसानों में खासी नाराजगी है। ऐसे माहौल में सीएम मोहन यादव का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने प्रदेश के किसानों के लिए 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया जल्द उपलब्ध कराने का ऐलान किया है। प्रदेश के रीवा में कई दिनों के इंतजार के बाद सोमवार को खाद वितरण केन्द्र खुले तो किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिले के कई केन्द्रों में रात्रि के तीन बजे से ही लंबी लाइनें लग गई थी। बीते कई दिनों से कृषि सेवा सहकारी समितियां और डबल लॉक सेंटर में खाद नहीं मिल रही थी। कुछ दिन पहले आई एक रैक की खाद सभी डबललॉक सेंटर और 148 में केवल 42 समितियों में भेजा गया था। भाकियू के अध्यक्ष सुब्रतमणि त्रिपाठी बताते हैं कि किसानों के सामने बड़ा संकट है। सहकारी समितियों में खाद नहीं है, डबल लॉक में कई दिनों बाद आई। इसलिए भीड़ जमा हो गई। कई किसान दिनभर लाइन में लगे रहे फिर भी बिना खाद के लिए वापस लौटे हैं।   आंदोलन का ऐलान छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में भी यूरिया के लिए ऐसा ही हाहाकार मचा हुआ है। छिंदवाड़ा में कांग्रेस ने यूरिया के लिए आंदोलन का ऐलान किया है। इधर सरकार दावा कर रही है कि यूरिया की कोई कमी नहीं है, प्रदेश में पर्याप्त खाद है। हालांकि हकीकत यही है कि प्रदेशभर में किसान यूरिया के लिए तरस रहे हैं। 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना इस बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूरिया की उपलब्धता के संबंध में अहम बयान दिया। मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रियों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना है। यह मात्रा आगामी डेढ़ माह में मिल जाएगी। डेढ़ माह में मिलेगा यूरिया सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि यूरिया का कुल भंडारण 15.60 लाख मेट्रिक टन है। इसमें से 13.92 लाख मेट्रिक टन यूरिया किसानों को वितरित की जा चुकी है और 1.68 लाख मेट्रिक टन यूरिया शेष है। सीएम ने बताया कि प्रदेश में मक्का का क्षेत्रफल करीब 5 लाख हेक्टेयर बढ़ जाने के कारण यूरिया की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आगामी डेढ़ माह में 5.60 लाख मेट्रिक टन यूरिया प्राप्त होने की संभावना है।

भारत दुनिया का सबसे सक्षम देश बन रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

घर में बहन-बेटियों के साथ आती है हर सिद्धि, बहनों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत दुनिया का सबसे सक्षम देश बन रहा है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव को चांदबड़ के वार्ड 37 में बहनों ने बांधी राखी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारी संस्कृति में रक्षाबंधन का विशेष महत्व है। जब तक घर में बेटा न आए सिद्धि नहीं होती, लेकिन घर में जब तक बेटी न जाए हर सिद्धि अर्थात पूर्णता प्राप्त नहीं हो सकती है। रक्षाबंधन त्यौहारों का राजा है। बहनों के आशीर्वाद से जीवन सफल हो जाता है। बहनों के कल्याण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के चांदबड़ क्षेत्र के वार्ड 37 में आयोजित विशाल रक्षाबंधन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का सिर धड़ से अलग किया तब भगवान श्रीकृष्ण की उंगली में चोट लग गई थी। इस पर द्रौपदी ने साड़ी का पल्लू फाड़कर भगवान श्रीकृष्ण की अंगुली पर बांधा था। यह राखी का प्रतीक था। इसके बाद से रक्षाबंधन की परम्परा प्रारंभ हो गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गरीब परिवारों को आवास, गैस चूल्हा और अन्य सुविधाएं देने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बहनों को लोकसभा और राज्यसभा में अधिक प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे किसानों और जवानों की क्षमताओं पर भरोसा करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया का सबसे सक्षम देश बन रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कतिपय लोग चुनाव आयोग और सेना का भी सम्मान नहीं करते। रक्षाबंधन कार्यक्रम के पूर्व चांदबड़ क्षेत्र में हुए रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नागरिकों ने पुष्पहारों से और गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बहनों ने रक्षासूत्र बांधे। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि नरेला क्षेत्र में 16 साल से भव्य रक्षाबंधन महोत्सव मनाया जा रहा है। पिछले साल डेढ़ लाख बहनों ने महोत्सव में राखियां बांधी थीं। भाई-बहन का रिश्ता अटूट होता है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश भी विकास के पथ पर अग्रसर है। हमें लव जिहाद के कुचक्र के खिलाफ और नशा मुक्ति के लिए संकल्प लेने की आवश्यकता है। रक्षाबंधन महोत्सव में महापौर श्रीमती मालती राय, पार्षद श्रीमती वंदना हेमराज कुशवाहा, रविंद्र यति सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लाड़ली बहनें उपस्थित थीं।  

CM रेखा गुप्ता पर हमले की वारदात, BJP का दावा- सिर पर मेज लगने से चोट आई

नई दिल्ली दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को साप्ताहिक जन सुनवाई के दौरान हमला हुआ है. यह घटना मुख्यमंत्री आवास पर जन सुनवाई के दौरान की है. आरोपी शख्स को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है. मुख्यमंत्री आवास के अधिकारियों के मुताबिक, जिस समय सीएम जन सुनवाई कर रही थी. उसी समय एक शख्स अपनी शिकायत लेकर वहां पहुंचा. इस दौरान उसने मुख्यमंत्री को थप्पड़ मार दिया. शख्स को हिरासत में ले लिया गया है. आरोपी को सिविल लाइन पुलिस स्टेशन ले जाया गया है.  शुरुआती जानकारी में आरोपी ने अपना नाम राजेश भाई खिमजी सकरिया बताया है. आरोपी राजकोट का रहने वाला है. उसकी उम्र 41 साल है. गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्रालय को दिल्ली की मुख्यमंत्री पर हुए हमले की जानकारी दी है. दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण शंकर ने भी बताया कि जन सुनवाई के बहाने एक शख्स सीएम गुप्ता के पास पहुंचा. उसने पहले सीएम को कुछ कागज दिया, फिर चिल्लाने लगा और थप्पड़ मार दिया. हालांकि, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने दिल्ली सीएम को थप्पड़ मारे जाने से इनकार किया है. दिल्ली BJP अध्यक्ष ने हमले पर क्या कहा? दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस पूरी घटना का ब्योरा बताते हुए कहा कि आज सुबह जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जनता के बीच में थी और उनसे बात कर रही थी. इस बीच एक शख्स उनके पास आता है, कुछ कागज रखता है और अचानक उनका हाथ पड़कर उन्होंने खींचने की कोशिश करता है. इस दौरान धक्का-मुक्की होती है और उनका सिर शायद मेज के एक कोने पर लगा. वहां मौजूद लोगों ने उसे व्यक्ति को पकड़ लिया. पुलिस अभी जांच कर रही है कि वह शख्स कौन है अभी पुलिस पूरी जांच में जुटी है. मुख्यमंत्री की हालत स्थिर है. डॉक्टर उन्हें देख चुके हैं. उन्हें सदमा लगा है. मैंने मुख्यमंत्री से मुलाकात की है वह मजबूत महिला है,  जानती हैं कि दिल्ली को लेकर एक कमिटमेंट है. उन्होंने कहा है कि वह अपने रोजमर्रा के कामों से नहीं रुकेंगी. उन्हें पत्थर नहीं मारा, थप्पड़ नहीं मारा है, जो भी यह चल रहा है वह गलत है. दिल्ली सीएम पर हमले करने वाले आरोपी शख्स की उम्र 35 साल बताई जा रही है. दिल्ली बीजेपी ने इस घटना की निंदा की है. बीजेपी नेता रमेश बिधूड़ी ने कहा कि मुझे लगता है कि रेखा गुप्ता पर हमले की यह कोशिश जन सुनवाई को डीरेल करने की मंशा से की गई है. बीजेपी नेता तेजिंदर बग्गा ने कहा कि जन सुनवाई के दौरान दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता पर हमले की खबर से हैरान हूं. मैं उनकी सुरक्षा और जल्द ठीक होने की कामना करता हूं. बजरंग बली आप पर कृपा बनाए रखें.  आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सीएम पर हमले की निंदा की है. आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है. हमारी पार्टी का इस तरह के मामलों पर स्पष्ट रुख है.  पुलिस का कहना है कि डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस मुख्यमंत्री आवास पर पहुंच गए हैं और मामले की जांच कर रहे हैं. इस घटना पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने कहा कि दिल्ली सीएम पर हुआ  हमला निंदनीय है. लोकतंत्र में असहमति और विरोध की जगह होती है लेकिन हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी. आशा है कि मुख्यमंत्री पूरी तरह सुरक्षित है.  इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली कांग्रेस प्रमुश देवेंद्र यादव ने कहा कि यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. मुख्यमंत्री पूरी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करती है और मुझे लगता है कि इस तरह की घटनाओं की निंदा होनी चाहिए. लेकिन इस घटना ने महिला सुरक्षा की पोल खोल दी है. अगर दिल्ली की मुख्यमंत्री ही सुरक्षित  नहीं है तो एक आम महिला राजधानी में कैसे सुरक्षित हो सकती है? सूत्रों का कहना है कि आरोपी ने अपना जो नाम और पता बताया है, उसे वेरिफाई किया जा रहा है. इसके िलए दिल्ली पुलिस ने गुजरात पुलिस से संपर्क किया है.

बीड़ी-खनन श्रमिकों के बच्चों के लिए सरकार की बड़ी योजना, छात्रवृत्ति 1,000–25,000 रुपये

बीड़ी और खनन श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई में सरकार देगी सहयोग, ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ राज्य सरकार देगी 1,000 से 25,000 रुपये तक की छात्रवृत्ति बीड़ी-खनन श्रमिकों के बच्चों के लिए सरकार की बड़ी योजना, छात्रवृत्ति 1,000–25,000 रुपये सरकारी छात्रवृत्ति योजना: बीड़ी और खनन श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई में मदद, ऑनलाइन आवेदन शुरू बीड़ी व खनन श्रमिकों के बच्चों के लिए 25,000 रुपये तक की छात्रवृत्ति, आवेदन ऑनलाइन शिक्षा में समान अवसर: श्रमिक परिवारों के बच्चों को मिलेगी आर्थिक सहायता, ऑनलाइन आवेदन जारी बीड़ी-खनन श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई को बढ़ावा, सरकार देगी 1,000–25,000 रुपये की छात्रवृत्ति भोपाल  शैक्षणिक सत्र-2025-26 के लिए शिक्षा के लिये वित्तीय सहायता योजना के अंतर्गत मान्यता प्राप्त शिक्षण-संस्थाओं में अध्ययनरत प्रदेश के बीड़ी, चूना पत्थर एवं डोलोमाट और लौह-मैग्रीज-क्रोम अयस्क खनन श्रमिक एवं उनके पुत्र-पुत्रियों को शिक्षा के लिये कक्षा एक से उच्च शिक्षा तक छात्रवृत्ति की राशि रूपये 1000/- से 25000/- स्वीकृत की गई है। योजनांतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिये पात्र विद्यार्थियों के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (https://scholarships.gov.in) पर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया दिनांक-02.06.2025 से प्रारम्भ हो चुकी है। इसकी अंतिम तिथि प्री. मेट्रिक के लिये 31 अगस्त 2025 एवं पोस्ट मेट्रिक के लिये 31 अक्टूबर 2025 निर्धारित है। छात्रवृत्ति के लिये आवेदन करने के लिए ओ.टी.आर (वन टाइम रजिस्ट्रेशन) और फेस ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य है। आवेदन की पात्रता व संबंधित अन्य जानकारी/शर्तें नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर उपलब्ध है। ऑनलाइन आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेजों को स्कैन कर अपलोड करें जो कि स्पष्ट और पठनीय हो। ऑनलाइन आवेदन करने संबंधी अन्य किसी भी प्रकार की जानकारी के लिये जबलपुर मुख्यालय के दूरभाष क्रमांक 0761-4039511, 4039510 या e-mail ID -wc.jabalpur@rediffmail.com. wcjab@mp.gov.in तथा कल्याण प्रशासक कार्यालय, इन्दौर के दूरभाष क्रमांक- 0731-2703530 व e-mail-ID waind@mp.gov.in पर संपर्क स्थापित किया जा सकता है। मध्यप्रदेश परिक्षेत्र में संचालित अपने नजदीकी औषधालयों एवं केन्द्रीय चिकित्सालय सागर में व्यक्तिगत रूप से भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। शिक्षण संस्थान द्वारा सत्यापित नहीं किए गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जायेगा। सभी विद्यार्थियों से अनुरोध है कि आवेदन के पश्चात् अपने विद्यालय/महाविद्यालय में संपर्क स्थापित कर अपने आवेदन को स्कॉलरशिप पोर्टल (https://scholarships.gov.in) के माध्यम से ही सत्यापित करवाना सुनिश्चित करें।  

रेयर अर्थ एलिमेंट्स का भंडार MP में, चीन से आज़ादी की राह आसान: मुख्यमंत्री यादव

मध्यप्रदेश अब बनेगा क्रिटिकल मिनरल्स हब: मुख्यमंत्री डॉ. यादव रेयर अर्थ एलिमेंट्स का भंडार MP में, चीन से आज़ादी की राह आसान: मुख्यमंत्री यादव मध्यप्रदेश में मिला रेयर अर्थ एलिमेंट्स का भंडार, चीन पर निर्भरता होगी समाप्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब क्रिटिकल मिनरल्स हब बनेगा। मध्यप्रदेश ऊर्जा राजधानी के साथ क्रिटिकल मिनरल्स की राजधानी भी कहलाएगा। इसके साथ ही भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी देश बनेगा। सिंगरौली जिले में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (आरईई) का अकूत भंडार मिलने से अब भारत की चीन जैसे देशों पर निर्भरता नहीं रहेगी। केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने संसद में जानकारी दी थी कि भारत में पहली बार इतनी विशाल मात्रा में इन दुर्लभ तत्वों का पता चला है। यह उपलब्धि भारत को ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। भारत को आत्मनिर्भर बनाने की ओर बड़ा कदम रेयर अर्थ एलिमेंट्स को आधुनिक तकनीक का आधार कहा जाता है। अब तक भारत इन खनिजों के लिए चीन और अन्य देशों पर निर्भर रहा है। प्रदेश के सिंगरौली की यह खोज भारत को आयात-निर्भरता से मुक्त कर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएगी। आने वाले समय में यह खोज आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देने के साथ ही औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देगी। सिंगरौली : भविष्य का क्रिटिकल मिनरल हब कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा किए गए शोध में सिंगरौली की कोयला खदानों और चट्टानों में REEs (जैसे स्कैंडियम, यिट्रियम आदि) की आशाजनक सांद्रता पाई गई है। कोयले में इनकी औसत मात्रा 250 पीपीएम और गैर-कोयला स्तर पर लगभग 400 पीपीएम आंकी गई है। जुलाई 2025 में इस खोज की आधिकारिक घोषणा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में कोयले की राख और ओवरबर्डन भी क्रिटिकल मिनरल्स का सैकण्डरी स्रोत बन सकते हैं। आईआरईएल के साथ सहयोग रेयर अर्थ एलिमेंट्स की खोज को देखते हुए राज्य सरकार अब इनके प्रसंस्करण और शोध-अन्वेषण के लिए बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में जुटी है। हाल ही में खनिज संसाधन विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन रेयर अर्थ लिमिटेड (आईआरईएल) की भोपाल इकाई का दौरा किया और संभावित सहयोग पर चर्चा की। विभाग रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रहा है, जो अनुसंधान, प्रशिक्षण और उद्योग को विश्वस्तरीय आधार प्रदान करेगा। वैश्विक नेतृत्व की ओर भारत सिंगरौली जिले में मिले इस खजाने से भारत ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों और उच्च तकनीकी उद्योगों में आत्मनिर्भर बनेगा। आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश केवल ऊर्जा राजधानी ही नहीं बल्कि क्रिटिकल मिनरल्स की राजधानी भी कहलाएगा। चीन पर निर्भरता समाप्त होगी और भारत वैश्विक मंच पर शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित होगा। प्रमुख स्रोत और भूगर्भीय संरचनाएँ रेयर अर्थ एलिमेंट्स प्राकृतिक रूप से कई खनिज संरचनाओं में पाए जाते हैं। इनमें बास्टनेसाइट, जेनोटाइम, लोपेराइट और मोनाजाइट प्रमुख हैं। भारत के तटीय क्षेत्रों की रेत और अपक्षयित ग्रेनाइट मिट्टी भी इन तत्वों से समृद्ध मानी जाती है। रेयर अर्थ एलिमेंट्स के उपयोग रेयर अर्थ एलिमेंट्स का उपयोग अनेक आधुनिक उद्योगों में किया जाता है, इसमें प्रमुख हैं:-     रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक : सैमरियम-कोबाल्ट और नियोडिमियम चुम्बक उच्च-प्रदर्शन वाले हथियारों, उपग्रह संचार और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में अनिवार्य हैं।     पेट्रोलियम उद्योग : लैंथेनम और सेरियम का उपयोग ऑटोमोटिव कैटेलिटिक कन्वर्टर्स और रिफाइनिंग में उत्सर्जन कम करने में होता है।     स्थायी चुम्बक : नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन तथा सैमरियम-कोबाल्ट चुम्बक इलेक्ट्रिक वाहनों और पवन ऊर्जा संयंत्रों के लिए आवश्यक हैं।     डिस्प्ले और प्रकाश उपकरण : यूरोपियम, टर्बियम और यिट्रियम एलईडी, एलसीडी और फ्लैट पैनल डिस्प्ले में उपयोग में आते हैं। कैमरा और स्मार्टफोन लेंस 50% तक लैथेनम से निर्मित होता है।     ऑटोमोबाइल सेक्टर : हाइब्रिड वाहनों की बैटरियों में लैथेनम आधारित मिश्र धातुओं का प्रयोग होता है।     इस्पात और मिश्रधातु : मिशमेटल (सेरियम, लैथेनम, नियोडिमियम और प्रेजोडायमियम का मिश्रण) इस्पात की गुणवत्ता सुधारने में उपयोगी है।     स्वास्थ्य क्षेत्र : गैडोलीनियम MRI स्कैन में कंट्रास्ट एजेंट के रूप में प्रयोग होता है, जबकि ल्यूटेटियम और यिट्रियम समस्थानिक कैंसर उपचार और PET इमेजिंग में सहायक हैं।  

दिवाली 2025: रोजमर्रा के सामान पर GST कटौती, टीवी-एसी की कीमत में बड़ा राहत

नई दिल्ली  इस त्‍योहारी सीजन में आम आदमी को बड़ी राहत मिलने वाली है. सरकार रोजमर्रा के उपयोग की चीजों पर जीएसटी घटाने का ऐलान कर चुकी है. जीएसटी की नई दरें दिवाली से पहले ही लागू होने की संभावना है. ऐसा होने से बहुत सी चीजों के दाम कम हो जाएंगे. सरकार  32 इंच से बड़े टीवी सेट, एसी और डिशवॉशर पर भी जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर सकती है. जीएसटी घटने से टीवी के रेट दस हजार रुपये तक कम हो जाएंगे. होम अप्लायंस बनाने वाली कंपनियों को इससे इस त्योहारी सीजन में अच्छी बिक्री की उम्मीद है. उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि दिवाली जैसे बड़े त्योहार से पहले जीएसटी में यह कटौती मेगा फेस्टिव सेल्स को बढ़ावा देगी. जानकारों के मुताबिक, जीएसटी में यह कमी उपभोक्ता कीमतों में पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट साबित हो सकती है. खासकर उन खरीदारों के लिए राहत होगी, जिनकी आय शुरुआती श्रेणी के प्रोडक्ट्स की बढ़ती कीमतों के मुकाबले नहीं बढ़ पाई थी और यह बाजार लंबे समय से ठहराव का शिकार था. 2500 रुपये तक घटेगी एसी की कीमत एयर कंडीशनर (AC) पर लगने वाले जीएसटी स्लैब को मौजूदा 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा है. सरकार के इस कदम से एसी की कीमत मॉडल के आधार पर करीब 1500 रुपये से 2500 रुपये तक कम होने की संभावना है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार Blue Star के मैनेजिंग डायरेक्टर बी थियागराजन ने इसे बेहतरीन कदम बताते हुए सरकार से इसे जल्दी लागू करने की अपील की है. ग्राहक को होने वाले लाभ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी कीमत पर करीब 10 फीसदी का असर होगा क्योंकि जीएसटी फाइनल प्राइस पर लगाया जाता है. पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया के चेयरमैन मनीष शर्मा का कहना है कि अगर एसी और अन्य उपकरणों पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया जाता है तो बाजार में सीधे 6-7 फीसदी तक की कीमत में कमी आएगी, क्योंकि जीएसटी सामान्यत: बेस प्राइस पर लगता है. यह सरकार का बहुत अच्‍छा कदम है. शर्मा ने कहा कि एसी की कीमत मॉडल के हिसाब से 1500 से 2500 रुपये तक घट जाएगी. गोदरेज अप्लायंसेस का कहना है कि टैक्स स्लैब में यह प्रस्तावित कमी कंजम्पशन को बढ़ाने और अप्लायंस डिमांड को बढ़ावा देने में अहम योगदान देगी. कारें भी होंगी सस्‍ती एंट्री-लेवल हैचबैक, छोटी सेडान और मिनी-एसयूवी को जीएसटी के 18 फीसदी टैक्‍स स्‍लैब में लाया जा सकता है. अभी इनपर 28% जीएसटी और 1-3% सेस लगता है जिससे देय कर 31 फीसदी तक पहुंच जाता है. अगर जीएसटी में कटौती होती है तो मारुति सुजुकी ऑल्टो K10,मारुति सुजुकी S-प्रेसो,रेनॉल्ट क्विड,मारुति सुजुकी वैगन,मारुति सुजुकी डिजायर,हुंडई औरा,टाटा टिगोर,टाटा पंच,हुंडई एक्स्टर और रेनॉल्ट काइगर जैसी गाडियां सस्‍ती हो जाएंगी.

सरकारी केंद्रीय कर्मचारियों-पेंशनर्स के लिए खुशखबरी: दिवाली से पहले सैलरी में बड़ा इजाफा

    नई दिल्ली सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए इस बार की दिवाली बेहद खास हो सकती है. बता दें कि केंद्र सरकार उनके लिए एक बड़ा तोहफा लेकर आने की तैयारी कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार दिवाली से पहले महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है. DA में बढ़त का ऐलान सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में हो सकता है. खास बात ये है कि इस बार महंगाई भत्ते में जो बढ़ोतरी होगी, वो 7वें वेतन आयोग के तहत आखिरी हो सकती है, क्योंकि 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू होने की संभावना है. 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशखबरी है।जुलाई में श्रम मंत्रालय ने अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के जनवरी से जून के आंकड़ें जारी कर दिए है, ऐसे में संभावना है कि दिवाली से पहले केन्द्र की मोदी सरकार कर्मचारियों पेंशनरों का महंगाई भत्ता बढ़ा सकती है। इसका लाभ 50 लाख कर्मचारियों और 67 लाख पेंशनरों को मिलेगा।यह 7वें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्‍ते में आखिरी वृद्धि हो सकती है, क्योंकि 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू होने की उम्मीद है। जुलाई 2025 से फिर बढ़ेगा महंगाई भत्ता केन्द्र सरकार द्वारा महंगाई की दर को देखते हुए हर साल 2 बार जनवरी और जुलाई में केन्द्रीय कर्मचारियों व पेंशनरों का महंगाई भत्ता/महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह आंकड़े जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर के बीच जारी किए जाते है। 7वें वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचारियों पेंशनरों का जनवरी 2025 से 2% डीए बढ़ाया गया था, जिसका ऐलान मार्च में हुआ था, जिसके बाद डीए 53% से बढ़कर 55% पहुंच गया है और अब जुलाई 2025 से फिर डीए की दरों में बदलाव होना है जो जनवरी से जून के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करेगा। कितना बढ़ सकता है DA? फिलहाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 55% DA मिल रहा है लेकिन अब इसमें 3 से 4 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है. अगर सरकार 4% DA बढ़ाती है, तो यह बढ़कर 59% हो जाएगा. वहीं अगर 3% बढ़ोतरी होती है, तो DA 58% तक पहुंचेगा. कितनी बढ़ेगी सैलरी? अगर DA 3% बढ़ता है, तो जिन कर्मचारियों का बेसिक वेतन ₹18,000 है, उन्हें हर महीने ₹540 ज्यादा मिलेंगे. वहीं जिन पेंशनर्स की बेसिक पेंशन ₹9,000 है, उन्हें ₹270 प्रति माह का फायदा होगा. यानी दिवाली से पहले उनकी जेब में अतिरिक्त पैसा आ सकता है. हालांकि DA की नई दरें 1 जुलाई से लागू मानी जाएंगी, लेकिन सरकार इसका ऐलान सितंबरअक्टूबर में करती है. ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई, अगस्त और सितंबर के तीन महीनों का एरियर भी मिलेगा. साल में दो बार होता है DA का संशोधन सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते में संशोधन करती है. पहली बार जनवरी में और दूसरी बार जुलाई में. हर बार इसका ऐलान कुछ महीनों बाद किया जाता है, ताकि CPI-IW यानी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स का डेटा पूरा मिल सके और इसी आधार पर सरकार DA की दरें तय करती है. DA बढ़ाने के लिए सरकार श्रम ब्यूरो द्वारा जारी किए जाने वाले CPI-IW आंकड़ों का इस्तेमाल करती है. बीते 12 महीनों के औसत CPI-IW के आधार पर सरकार DA में बदलाव करती है और ये पूरी प्रक्रिया 7वें वेतन आयोग के नियमों के अनुसार होती है. इस बार 3 फीसदी डीए वृद्धि संभव, एरियर भी मिलेगा अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर गौर करें तो अंक 145 पर रहा और डीए स्कोर 58.18% के आसपास आ गया ,जो 3 % वृद्धि की ओर संकेत दे रहा है।संभावना है कि जुलाई 2025 से केन्द्र सरकार 3% डीए बढ़ा सकती है जिसके बाद डीए 55% से बढ़कर 58% पहुंच जाएगा।नई दरें जुलाई 2025 से लागू होंगी ऐसे में एरियर का भी भुगतान होगा। कयास लगाए जा रहे है कि दिवाली से पहले होने वाली कैबिनेट बैठक में वित्त मंत्रालय द्वारा डीए वृद्धि का प्रस्ताव रखा सकता है, जिसमें मंजूरी मिलने के बाद आदेश जारी किए जाएंगे। यह दर जुलाई-दिसंबर के लिए होगी।अगर सितंबर में नई दरों का ऐलान होता है तो अक्टूबर में खाते में सैलरी बढ़कर आएगी और अगर अक्टूबर में लाभ मिलता है तो नवंबर में सैलरी बढ़कर मिलेगी। आईए जानते है कैसे होती है महंगाई भत्ते की गणना     केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की गणना करने का एक फॉर्मूला है। फॉर्मूला है: 7वां सीपीसी डीए% = [{पिछले 12 महीनों के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (आधार वर्ष 2001=100) का 12 महीने का औसत – 261.42}/261.42×100]     यह फॉर्मूला उन केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर लागू होगा जिन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन मिलता है। डीए%= (392.83-261.42)/261.42×100 = 50.26     पिछले 12 महीनों का औसत सीपीआई-आईडब्ल्यू 392.83 है। फॉर्मूले के मुताबिक, डीए मूल वेतन का 50.28 फीसदी आ रहा है। इसलिए, केंद्र सरकार महंगाई भत्ते को 50% (दशमलव बिंदुओं को नजरअंदाज करते हुए) तक बढ़ा सकती है।  

कैसे मोदी के तीसरे कार्यकाल में और मजबूत हुए बीजेपी-संघ के रिश्ते

नई दिल्ली आम तौर पर भारतीय जनमानस में यह मान लिया गया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी एक ही है. इसके पीछे विपक्ष का दुष्प्रचार भी रहा है. पर इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता है कि बीजेपी और संघ आपस में इस तरह घुल मिले हैं कि ये कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि ये दो जिस्म एक जान हैं. पर ऐसा भी नहीं है कि दोनों में मतभेद नहीं होते रहे हैं. संघ और बीजेपी के रिश्ते साल दर साल बनते बिगड़ते रहे हैं. बहुत ऊंचे दर्जे के मतभेद दोनों ही संगठनों के बीच पैदा होते रहे हैं . पर खासियत यह रही है कि बहुत जल्दी दोनों ही संगठनों के नेता आपस में मेल मिलाप भी करते रहे हैं. 2024 में भी दोनों के बीच रिश्ते बहुत हद तक बिगड़ गए. लोकसभा चुनावों के परिणामों के बाद  बीजीपी और संघ के रिश्तों की तल्खी खुल कर जनता के सामने आ गई थी. पर नरेंद्र मोदी का तीसरा कार्यकाल, जो जून 2024 में शुरू हुआ, अप्रत्याशित रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रिश्तों का स्वर्णकाल बन गया. 30 मार्च 2025 को मोदी का नागपुर दौरा इस पुनर्मिलन का प्रतीक बना, जहां उन्होंने RSS संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी और मोहन भागवत के साथ भविष्य की रणनीति तैयार की. उसके बाद से लगातार यह देखा गया कि बीजेपी और आरएसएस का रिश्ता और मजबूत होता जा रहा है. लाल किले की प्राचीर से संघ की उपलब्धियों की बखान हो या उपराष्ट्रपति पद के लिए संघ बैकग्राउंड वाले सीपी राधाकृष्णन का चयन हो, ऐसा लगता है कि आरएसएस-बीजेपी के रिश्तों का स्वर्ण काल चल रहा हो.   1-मोदी और संघ का संदेश, ताली दोनों हाथ से बजती  जनता में ऐसा समझा जाता है कि संघ बीजेपी का अभिभावक है. इसलिए स्वाभाविक तौर पर यह सवाल बनता है कि पिछले क़रीब ग्यारह साल से केंद्र में काम कर रही बीजेपी सरकार के प्रदर्शन को संघ कैसे आंकता है? इसी साल मार्च में बेंगलुरु में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा बैठक की तीसरी और आख़िरी पत्रकार वार्ता में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि बीजेपी का आंकलन देश के लोगों ने किया है. संघ देश से अलग नहीं है. और अभिभावक की बात है तो हम किसी भी सरकार के अभिभावक बनने को तैयार हैं, सिर्फ़ भाजपा के नहीं. होसबाले ने स्पष्ट कहा कि कोई भी पार्टी आए और हमारे विचार मिलें तो हम अभिभावक बन सकते हैं. कोई आता नहीं है वो अलग बात है. होसबाले की बातों से हम समझ सकते हैं कि बीजेपी और संघ के बारे में हम जितना समझते हैं, वास्तविकता उससे कहीं अलग है. कहा जाता है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी कई मौकों पर आरएसएस से सलाह लिया करतीं थीं. वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी ने अपनी एक किताब में इंदिरा गांधी के करीबी सहयोगी अनिल बाली के हवाले से लिखा है कि, आरएसएस ने 1980 में इंदिरा गांधी को सत्ता में आने में मदद की थी. नीरजा चौधरी ने पुस्तक में लिखा है कि कांग्रेस के प्रति मुसलमानों की नाराजगी को देखते हुए वह अपनी राजनीति का हिंदूकरण करना चाहती थीं, क्योंकि उन्हें पता था कि आरएसएस की ओर से एक मौन संकेत या यहां तक कि उनके प्रति मुसलमानों का एक तटस्थ रुख भी इसमें मददगार हो सकता है. उपरोक्त बातें लिखने का मतलब सिर्फ इतना है कि संघ और बीजेपी किसी कानून से बंधे हुए नहीं हैं. दोनों अपने रास्ते कभी भी अलग करने के लिए स्वतंत्र हैं. पर नरेंद्र मोदी दूरदर्शी राजनीतिज्ञ हैं. वो बीजेपी को आगे ले जाने के लिए दूसरी विचारधारा वालों से समझौते करते रहे हैं. आरएसएस की विचारधारा तो उनके रगों में दौड़ रहा है. जाहिर है कि मोदी ने यही सोचकर संघ के साथ बीजेपी के रिश्तों को उस ऊंचाई पर ले जाने की कोशिश की है, जहां तक दोनों आज तक नहीं पहुंचे थे.  2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, और उसे एनडीए सहयोगियों पर निर्भर रहना पड़ा. इससे पार्टी को अपनी संगठनात्मक ताकत को मजबूत करने की जरूरत महसूस हुई है. हरियाणा और महाराष्ट्र और दिल्ली विधानसभा चुनावों में संघ ने बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए छोटी-छोटी बैठकों का आयोजन किया, जिससे दोनों के बीच सहयोग बढ़ा.  शायद यही कारण है कि बीजेपी के संगठनात्मक चुनावों में संघ की पृष्ठभूमि वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है. कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) या संघ से जुड़े नेताओं को चुना गया. यह कदम दोनों संगठनों के बीच समन्वय को दर्शाता है.  उपराष्ट्रुपति पद के लिए कैंडिडेट के चयन में भी संघ बैकग्राउंड वाले सीपी राधाकृष्‍णन को प्राथमिकता और लालकिले के प्राचीर से तारीफ ने इस संबंध को और मजबूती प्रदान की है. उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में बीजेपी का अध्यक्ष भी कोई संघ बैकग्राउंड वाला व्यक्ति ही आएगा. 2-पिछले 2 सालों में संघ और बीजेपी के रिश्ते 30 मार्च 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का RSS मुख्यालय, नागपुर में मोदी ने RSS संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी और मोहन भागवत से मुलाकात की. इसी तरह, 15 अगस्त 2024 को लाल किले से स्वतंत्रता दिवस भाषण में मोदी ने राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक संगठनों की तारीफ की, जिसे अप्रत्यक्ष रूप से RSS के प्रति संकेत माना गया. 15 अगस्त 2025 के अपने भाषण में पीएम मोदी ने आरएसएस की भूरि-भूरि तारीफ की.  हालांकि, इस अवधि में कई मौकों पर RSS और बीजेपी के बीच दूरी बढ़ती नजर आई. नवंबर 2024 में मोहन भागवत का 75 साल की उम्र में रिटायरमेंट बयान को मोदी और शाह पर निशाना माना गया. फरवरी 2025 में बीजेपी अध्यक्ष के चयन में देरी और RSS के पसंदीदा उम्मीदवारों को नजरअंदाज करना भी तनाव को बढ़ाने वाला समझा गया. RSS बीजेपी को अपनी वैचारिक संतान मानता है, लेकिन वह अपनी स्वतंत्र पहचान और प्रभाव बनाए रखना चाहता है. बीजेपी, विशेषकर मोदी-शाह युग में, केंद्रीकृत शक्ति और चुनावी रणनीति पर जोर देती है, जो कभी-कभी RSS की सांस्कृतिक और संगठनात्मक प्राथमिकताओं से टकराती है.  3-नड्डा के एक बयान के चलते … Read more

मौसम अपडेट: महाराष्ट्र में जोरदार बारिश, ट्रेनों पर असर और 12 की मौत

मुंबई महाराष्ट्र में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्यभर में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। कई जिलों में नदियां खतरे के निशान पर हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने बताया कि अकेले नांदेड जिले में ही बाढ़ जैसे हालात के कारण 9 लोगों ने अपनी जान गंवाई। मुंबई में 8 घंटे में 170 मिमी बारिश दर्ज हुई है। मराठवाड़ा और विदर्भ में भारी तबाही मराठवाड़ा, विदर्भ और कोकण क्षेत्र में भारी बारिश से हालात बिगड़ गए। मराठवाड़ा के पानलोट क्षेत्र में कई गांव पानी में डूब गए। बादल फटने जैसी बारिश ने सैकड़ों मवेशों की जान ले ली और कई लोगों के घर जलमग्न हो गए। बड़ी संख्या में ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। नांदेड जिले में हालात सबसे ज्यादा गंभीर रही और 9 लोगों की मौत हुई। हालांकि अब बारिश थम गई है और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सरकार ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया है और भोजन-पानी की व्यवस्था की है। मंत्री महाजन ने बताया कि जरूरत पड़ने पर सेना की मदद भी ली गई। नांदेड़ जिला कलेक्टर राहुल कार्डिले ने बताया कि सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण मुखेड़ तालुका के 4 गांवों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। SDRF की टीम ने 300 लोगों को बचाया, लेकिन दुर्भाग्य से हसनद गांव में 5-6 लोगों की मौत हो गई। उनके शव आज बरामद किए गए…बारिश कम होने के बाद जलस्तर कम हो रहा है और स्थिति अभी नियंत्रण में है… लेकिन पैनगंगा और गोदावरी का बहाव अभी भी तेज है। हम स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। मुंबई में रेल और सड़क यातायात बाधित भारी बारिश का असर मुंबई पर भी पड़ा है। यहां लोकल ट्रेन सेवाएं प्रभावित रहीं। मध्य और हार्बर लाइन पर पटरियों पर पानी भर जाने से सेवाएं ठप हो गईं। जबकि पश्चिम रेलवे की उपनगरीय सेवाएं भी प्रभावित हुई और लोकल ट्रेनें धीमी गति से चलीं। मध्य और पश्चिम रेलवे की कुल 16 लंबी दूरी की ट्रनों को रद्द कर दिया गया। भारी बारिश और जलभराव के कारण मध्य रेलवे ने 14 लंबी दूरी की ट्रेनें (7 जोड़ी) रद्द कर दी हैं। जबकि पश्चिम रेलवे ने दो पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया है। मुंबई की सड़कों पर भी भीषण जलभराव हुआ, जिसके कारण जगह-जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही। मिलन सबवे समेत कई अहम मार्गों पर वाहनों की आवाजाही घंटों तक रोकनी पड़ी। हालात को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और बिना जरूरत घरों से बाहर न निकलें। मुंबई (महाराष्ट्र) में लगातार बारिश से मीठी नदी का जलस्तर 3.9 मीटर तक बढ़ गया है। एहतियात के तौर पर कुर्ला के क्रांतीनगर इलाके से 350 लोगों को बीएमसी के स्कूल में शिफ्ट किया गया है। यहां उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई है। हालांकि अब पानी का स्तर घट रहा है। मौसम विभाग ने मुंबई समेत कोंकण के लिए 20 अगस्त को ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है।