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समृद्धि यात्रा पर सीतामढ़ी पहुंचे नीतीश

पटना. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज समृद्धि यात्रा पर सीतामढ़ी पहुंच गए हैं। उन्होंने करोड़ों की लागत वाली याजनों का शिलान्यास और उद्घाटन किया। नीतीश कुमार के बेटे निशांत के पॉलिटिक्स जॉइन करने पर घमासान छिड़ गया है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अपने पुस्तैनी गांव पुहंचे और एक निजी समारोह में शामिल होने के बाद विकास कार्यों की जानकारी ली। उनकी सक्रियता से एक बार फिर पॉलिटिक्स में उनकी एंट्री पर चर्चा तेज हो गई है। इस मसले पर राजनीति भी गर्म हो गई है। कांग्रेस ने जहां उन्हें अपनी पार्टी से राजनीतिक पारी शुरू करने की सलाह दी है। इधर पटना में NEET छात्रा की मौत के मामले को लेकर बिहार में हंगामा जारी है। सोमवार को इस घटना के विरोध में बिहार कांग्रेस के नेताओं ने पटना में विरोध मार्च निकाला। बिहार कांग्रेस के नेता सड़क पर उतरे और उनके हाथों में तख्तियां थीं। इस प्रदर्शन में बिहार कांग्रेस चीफ राजेश राम और बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू भी मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले में न्याय की मांग की है। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं का कहना था कि पुलिस का रवैया शुरू से ही संदेह के घेरे में रहा है। कांग्रेस नेताओं ने नीट छात्रा की मौत की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। इधर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार के डीजीपी और पटना के आईजी खुद इस केस पर नजर रख रहे हैं। सम्राट चौधरी ने कहा कि घटना की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी अपना काम कर रही है। पुलिस को भी इस केस में पूरी छूट दी गई है। इस केस में जो भी दोषी होंगे वो किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे।

मुख्यमंत्री नितीश ने सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भवन का किया निरीक्षण

पटना. मुख्यमंत्री नीतीष कुमार ने आज राजवंषी नगर स्थित लोकनायक जयप्रकाष नारायण सुपर स्पेषयलिटी अस्पताल के भवन निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देष दिया कि इस 400 बेड के हड्डी रोग के अति विषिष्ट अस्पताल भवन के निर्माण कार्य को तेजी से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि हमलोगों का उद्देष्य है कि मरीजों को एक ही छत के नीचे व्यापक और इलाज की अत्याधुनिक सुविधायें उपलब्ध हो। इसी के तहत लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल, राजवंशी नगर, पटना को हड्डी रोग के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया गया है और इस अति विषिष्ट अस्पताल का नया भवन बनाया जा रहा है। यहां हड्डी रोग से संबंधित बीमारियों के इलाज की आधुनिक सुविधाओं से युक्त बेहतर व्यवस्था की गयी है। मुख्यमंत्री ने लोकनायक जयप्रकाष नारायण अस्पताल का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। वहां उपस्थित मरीजों एवं उनके अभिभावकों से स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों निर्देष दिया कि मरीजों का इलाज बेहतर ढंग से हो, इसमें किसी प्रकार की कोताही न हो। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2012 में लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्पताल, राजवंशीनगर, पटना को हड्डी रोग के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने की घोषणा की गयी थी, जहां पर हड्डी रोग से संबंधित सभी प्रकार के इलाज की अच्छी व्यवस्था रहे। इसके आलोक में इस अस्पताल परिसर में ही 215 करोड़ रुपये की लागत से 400 बेड के अति विशिष्ट अस्पताल भवन के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी। इस 6 मंजिला अस्पताल भवन का निर्माण कार्य जारी है जो मार्च 2026 तक पूरा हो जाएगा। इसमें 250 वाहनों के पार्किंग, 6 लिफ्ट, 6 ऑपरेशन थियेटर, 42 आई0सी0यू0 बेड, 15 प्राइवेट वार्ड इत्यादि की व्यवस्था है। इस अति विशिष्ट अस्पताल में समुचित इलाज के लिए 66 चिकित्सकों सहित कुल 140 पदों का सृजन किया गया है। इस अति विशिष्ट अस्पताल के शुरू हो जाने से हड्डी रोग के मरीजों को काफी फायदा होगा। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेष कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, मुख्यमंत्री के सचिव डाॅ. चन्द्रषेखर सिंह, जिलाधिकारी डाॅ. त्यागराजन एस0एम0 सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।    

जदयू में बड़ा कड़ा कदम, पार्टी से बाहर किए गए आठ नेता

पूर्णिया बिहार विधानसभा चुनाव में भीतरघात और गठबंधन विरोधी गतिविधियों को लेकर जदयू नेतृत्व ने पूर्णिया जिले में कड़ा अनुशासनात्मक हंटर चलाया है। पार्टी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो पूर्व जिला अध्यक्षों सहित कुल आठ पदाधिकारियों को पदमुक्त कर छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाला नाम दो कद्दावर नेताओं का है, जिन्होंने संगठन में लंबे समय तक जिला कमान संभाली थी। प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के निर्देश पर पार्टी ने संगठन की मजबूती और अनुशासन को सर्वोपरि रखते हुए यह फैसला लिया है। इन नेताओं पर गिरी गाज प्रदेश अध्यक्ष ने राकेश कुमार (पूर्व जिला अध्यक्ष), सचिन मेहता (पूर्व जिला अध्यक्ष युवा जदयू, नीलू सिंह पटेल (प्रदेश सचिव) आजाद (प्रदेश महासचिव, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ), पूरन सिंह पटेल (जिला महासचिव) और इसके साथ ही रितेश आनंद (कसबा), मनोज कुमार दर्वे (डगरूआ) और मीडिया संयोजक प्रदीप कुमार मेहता पर भी निष्कासन की गाज गिरी है। रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद कार्रवाई पार्टी सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के दौरान इन नेताओं द्वारा गठबंधन के प्रत्याशियों को नुकसान पहुंचाने की गुप्त शिकायतें मिली थीं। मुख्यालय प्रभारी अनिल कुमार द्वारा जारी पत्र के अनुसार, एक तीन सदस्यीय विशेष जांच दल ने इन शिकायतों की जमीनी स्तर पर पड़ताल की। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद ही इन दिग्गज नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस कार्रवाई को जदयू की क्लीनअप ड्राइव के रूप में देखा जा रहा है। दो पूर्व जिला अध्यक्षों पर कार्रवाई कर नेतृत्व ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा।

बिहार की सियासत में भूचाल! राजद बोला— भाजपा और नीतीश के बीच टूट चुका है भरोसा

पटना  बिहार की सियासत में इन दिनों 'विधायकों की टूट' और 'कुर्सी के खेल' को लेकर घमासान मचा हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच दावों और प्रति-दावों का दौर जारी है। जहां एनडीए (NDA) खेमा राजद के 25 विधायकों के टूटने की बात कह रहा है, वहीं राजद ने हुंकार भरी है कि सत्ता पक्ष के 65 विधायक उनके संपर्क में हैं। नीतीश कुमार को हटाने का 'प्लान' राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कुर्सी से हटाने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। राजद का आरोप है कि भाजपा बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपने ही सहयोगी दलों को कमजोर कर रही है। इसी कड़ी में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी 'राष्ट्रीय लोक मोर्चा' (RLM) में मचे घमासान को सीएम की कुर्सी हथियाने के खेल से जोड़कर देखा जा रहा है।   कुशवाहा की पार्टी में कलह की वजह आरएलएम में विवाद तब गहराया जब उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बना दिया गया। इससे पार्टी के विधायक नाराज बताए जा रहे हैं। विधायकों की नाराजगी उस समय सार्वजनिक हो गई जब वे कुशवाहा द्वारा आयोजित 'लिट्टी भोज' से नदारद रहे और उनकी भाजपा नेता नितिन नवीन से मुलाकात की तस्वीरें वायरल हुईं। बीजेपी और आरएलएम का पलटवार इन आरोपों पर भाजपा ने इसे आरएलएम का आंतरिक मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया है। वहीं, आरएलएम प्रवक्ता ने दावा किया कि तीनों विधायक पार्टी के प्रति समर्पित हैं और व्यक्तिगत कारणों से भोज में शामिल नहीं हो सके थे। फिलहाल, बिहार की राजनीति में मचे इस उथल-पुथल ने आगामी चुनावों से पहले नए समीकरणों की आहट दे दी है।  

पीएम मोदी–अमित शाह के साथ नीतीश कुमार की बैठक, दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां तेज

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह, एक महीने पहले  मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार का राष्ट्रीय राजधानी का पहला दौरा है। इस दौरान राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। वहीं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी साथ में मौजूद रहे। सम्राट चौधरी ने इस संबंधी सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर की। सम्राट चौधरी ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि बिहार में NDA को मिले भारी जनादेश के बाद आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  से बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात हुई। पीएम मोदी के निर्देशन और नेतृत्व में देश और बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है। इस दौरान विकसित बिहार के लक्ष्यों पर बहुमूल्य मार्गदर्शन भी मिला। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से कर रही काम सम्राट चौधरी ने अमित शाह से हुई मुलाकात को लेकर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि आज नई दिल्ली में NDA की बड़ी जीत के बाद, देश के यशस्वी गृह और सहकारिता मंत्री माननीय अमित शाह और बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिला। डबल इंजन सरकार "विकसित बिहार" के लिए डबल स्पीड से काम कर रही है। बता दें सीएम नीतीश कुमार रविवार को दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे थे। बैठक में मकर संक्रांति के बाद संभावित राज्य मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है।

शोक में नीतीश कुमार: सास का IGIMS में निधन, बेटे के साथ बांस घाट पहुंचे सीएम

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सास विद्यावती देवी का निधन हो गया है। उन्होंने 90 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहीं विद्यावती देवी को 47 दिन पहले इलाज के लिए पटना के आईजीआईएमएस (IGIMS) में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार शाम करीब 6:40 बजे उनका निधन हो गया। इधर, आज सुबह अंतिम दर्शन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना स्थित बांस घाट पहुंचे। उनके साथ उनके पुत्र निशांत कुमार भी मौजूद रहे। इस दौरान दोनों की आखें नम दिखीं। इसके अलावा मंत्री अशोक चौधरी, न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रणवीर नंदन समेत NDA के कई वरिष्ठ नेता भी बांस घाट पहुंचे और अंतिम दर्शन किए।  बताया जा रहा है कि विद्यावती देवी पिछले काफी समय से अस्वस्थ थीं और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन से मुख्यमंत्री परिवार में शोक की लहर है। राजनीतिक और सामाजिक जगत से जुड़े कई लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। बांस घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गईं, जहां परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने लिखा कि प्यारी नानी मां के देहांत की दुखद खबर से मन अत्यंत व्यथित और शोकाकुल है। वे केवल एक नानी ही नहीं, बल्कि स्नेह और ममता की वह छांव थीं, जिनके किस्से, दुलार और सदा मुस्कुराता चेहरा हमेशा हमारे हृदयों में जीवित रहेगा। उनका प्रेम, अपनापन और आशीर्वाद हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने आगे लिखा कि आपने हमें प्यार, संस्कार और अच्छाई का पाठ पढ़ाया। मैं वादा करता हूं कि आपकी दी हुई सीख और मूल्यों को जीवन भर आत्मसात रखूंगा। आप जहाँ भी हों, सदैव सुखी रहें और ऊपर से हम सबको अपना आशीर्वाद देती रहें। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकसंतप्त परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

‘नीतीश माफी मांग लें वरना…’ हिजाब मुद्दे पर पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी का बड़ा बयान

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला के चेहरे से हिजाब खींचने के विवाद में अब एक पाकिस्तानी डॉन भी कूद पड़ा है। पाकिस्तान के कुख्यात डॉन शहजाद भट्टी ने अपना एक वीडियो जारी कर धमकी दी है कि सीएम नीतीश माफी मांग लें वरना फिर ये मत कहना है कि चेतावनी नहीं दी गई थी। सबसे पहले हम आपको बताते हैं कि हिजाब को लेकर सीएम नीतीश के साथ यह विवाद जुड़ा कैसे। दरअसल सोमवार को बिहार की राजधानी पटना में नवनियुक्त एक आयुष चिकित्सक उस समय असहज हो गई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियुक्ति पत्र प्रदान करने के दौरान उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया। इस घटना का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। यह घटना मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में सोमवार को आयोजित उस कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां एक हजार से अधिक आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे। नियुक्ति पत्र देने के दौरान जब नुसरत परवीन की बारी आई, जो चेहरे पर हिजाब डाले हुई थीं, तो 75 वर्षीय मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, “यह क्या है?” इसके बाद मुख्यमंत्री उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया। घबराई हुई नवनियुक्त चिकित्सक को इसके बाद वहां मौजूद एक अधिकारी ने तुरंत एक ओर कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री के बगल में खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें रोकने के प्रयास में उनकी आस्तीन खींचते हुए नजर आए। क्या बोला पाकिस्तान डॉन शहजाद भट्टी पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने अपना एक वीडियो जारी कर कहा है कि सभी लोगों ने देेखा होगा कि बिहार में क्या हुआ। एक बड़े पद पर बैठा व्यक्ति एक मुस्लिम महिला के साथ व्यवहार करता है। फिर बाद में मुझपर आरोप लगाए जाते हैं कि शहजाद भट्टी ने यह कर दिया, वह कर दिया। उस व्यक्ति के पास अभी भी समय है कि वह उस बच्ची और उस महिला से माफी मांगे। अगर आज माफी नहीं मांगी गई तो जिम्मेदार संस्थानों को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। बाद में यह मत कहना है कि चेतावनी नहीं दी गई थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शहजाद भट्टी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला है। शहाजद भट्टी के बारे में बताया जाता है कि वो भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियां फैलाने में भी शामिल रहा है। सोशल मीडिया पर वो खुद को इस्लाम और पाकिस्तान का सिपाही भी बनाता है।

JDU के वरिष्ठ नेता को मिलेगी अहम जिम्मेदारी, नीतीश के करीबी का नाम सबसे आगे

पटना बिहार की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, JDU के वरिष्ठ नेता नरेंद्र नारायण यादव  बिहार विधानसभा के डिप्टी स्पीकर हो सकते हैं। बस अभी औपचारिक ऐलान होना बाकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नरेंद्र नारायण यादव के नाम पर मुहर लग गई है और 4 दिसंबर को इसका ऐलान होगा। बता दें कि नरेंद्र नारायण यादव 1995 में पहली बार आलमनगर सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। तब से वह लगातार आठ बार इस सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं। नरेंद्र नारायण यादव को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी नेता माना जाता है। वह मधेपुरा जिला के पुरैनी प्रखंड अन्तर्गत बालाटोल के रहने वाले हैं और जेपी आंदोलन के दौरान चर्चा में आए। नरेंद्र नारायण यादव  पूर्व में बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। बता दें कि इससे पहले आज बीजेपी के विधायक डॉ. प्रेम कुमार को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। प्रेम कुमार निर्विरोध स्पीकर चुने गए हैं। उन्होंने सोमवार को विधानसभा सचिवालय में अपना नामांकन भरा था।

किसे मिला कौन-सा विभाग? नीतीश के नए मंत्रिमंडल का पूरा ब्योरा

पटना बिहार में नीतीश सरकार के गठन के बाद अब मंत्रियों के विभाग का भी बटवारा कर दिया गया है. विभाग बटवार से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक के बाद बिहार कैबिनेट के सभी विभागों का मंत्रियों में बांट दिया गया. इस सूची को राज्यपाल को भी सौंपा गया है. मिली जानकारी के मुताबिक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के पास गृहमंत्रालय है जबकि विजय कुमार सिन्हा को भूमि एवं राजस्व, खान एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. खास बात यह है कि विभागों के आवंटन में वरिष्ठता, अनुभव और क्षेत्रीय एवं जातीय संतुलन को बड़ा ध्यान में रखा गया है. आइए जानते हैं कि विभाग बटवारे में किस को क्या मिला है? मुख्य चेहरे और उनकी जिम्मेदारियां – सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम) को गृह मंत्रालय की कमान मिली है, जो उनकी बढ़ती राजनीतिक मौजूदगी और भरोसे का संकेत है. – विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी सीएम) को भूमि एवं राजस्व के साथ-साथ खान एवं भू-तत्व मंत्रालय सौंपा गया है- यह उनके प्रशासकीय अनुभव और क्षेत्रीय दायित्व को दिखाता है. – विजय कुमार चौधरीजल संसाधन और भवन मंत्रालय संभालेंगे, जो विकास एवं अवसंरचना दोनों के लिए अहम हैं. – वहीं दिलीप जायसवाल को उद्योग मंत्री बनाया गया है, जिससे बिहार की आर्थिक वृद्धि और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. – श्रवण कुमारग्रामीण विकास कार्य और परिवहन विभाग की कमान संभालेंगे, ग्रामीण इलाकों में बेहतर संपर्क और विकास को उनकी जिम्मेदारी दी गई है. – अशोक चौधरीग्रामीण कार्य मंत्रालय में रहेंगे, जिससे स्थानीय सुदृढीकरण और सरकारी योजनाओं की पहुंच बनी रहेगी. – मदन सहनीसमाज कल्याण मंत्री होंगे, उनका ध्यान कमजोर वर्गों की सेवा पर रहेगा. – रमा निषाद पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा कल्याण विभाग का नेतृत्व करेंगी, जिससे समाज में समानता और अवसरों का विस्तार सुनिश्चित हो सके. – लखेन्द्र पासवान को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्रालय मिला है, जो सामाजिक न्याय को और मजबूत करेगा. अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय – मंगल पांडेय स्वास्थ्य एवं विधि विभाग का जिम्मा सौंपा गया है. उनकी जिम्मेदारी सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानूनी सुधार दोनों पर रहेगी. – लेशी सिंह खाद्य उपभोक्ता मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगी, जो खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता हितों के लिए अहम है. – नितिन नवीन पथ निर्माण, नगर विकास और आवास विभाग देखेंगे, जिससे शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार को बल मिलेगा. – सुनील कुमार शिक्षा मंत्री होंगे, जो विद्यार्थियों की शिक्षा-ज्‍यादा अपनत्व सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे. – रामकृपाल यादव हरित क्रांति को आगे बढ़ाते हुए कृषि मंत्रालय का नेतृत्व संभालेंगे. – जमा खान अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री होंगे, समुदायों के सशक्तिकरण पर ध्यान देंगे. – संजय टाइगर श्रम संसाधन मंत्री होंगे, रोजगार और मजदूरों के हितों की रक्षा करेंगे. – अरुण शंकर प्रसाद पर्यटन, कला और संस्कृति मंत्रालय देखेंगे, जिससे सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. – सुरेन्द्र मेहता पशु एवं मत्स्य विभाग संभालेंगे, जो कृषि से जुड़े पशु-उत्पादन को सुदृढ़ बनाएगा. – नारायण प्रसाद आपदा प्रबंधन मंत्रालय में काम करेंगे- प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की जिम्मेदारी उनकी होगी. – श्रेयसी सिंह सूचना और खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी लेंगी, जिससे खेल और संचार दोनों को बढ़ावा मिलेगा. – प्रमोद कुमार चंद्रवंशी सहकारिता, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को संभालेंगे, जो सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है. – दीपक प्रकाश और संजय पासवान को भी मंत्री बनाया गया है, हालांकि उनके विभागों की भूमिका अभी विस्तृत नहीं की गई है. राजनीतिक संतुलन और चुनौतियां इस विभाग-वितरण ने यह दर्शाया है कि नीतीश कुमार की अगुवाई वाली नई सरकार में अनुभव और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को बराबर महत्व मिला है. वरिष्ठ मंत्रियों को उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र में रखा गया है, जबकि सामाजिक न्याय और विकास मंत्रालयों में पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को भी भरोसे का दायित्व सौंपा गया है. अब अगला कदम नई कैबिनेट की पहली बैठक होगी, जिसमें सरकार की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी और नई नीतिगत दिशा का खाका तैयार किया जाएगा.

नितीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम योगी

लखनऊ  बिहार में नई सरकार के गठन के अवसर पर आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। नितीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत एनडीए के तमाम मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया था। मुख्यमंत्री योगी जैसे ही पटना एयरपोर्ट पर पहुंचे तो समर्थकों के बीच अद्भुत उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखते ही लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाए। बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार ने गुरुवार को 10वीं बार शपथ ली। मुख्यमंत्री योगी की यह उपस्थिति न सिर्फ दोनों राज्यों के बीच बढ़ते राजनीतिक और विकासात्मक संबंधों को मजबूत करती है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और समन्वय को नई दिशा प्रदान करती है। हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने एनडीए के पक्ष में सक्रिय भूमिका निभाई थी। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने बिहार के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अनेक जनसभाओं को संबोधित किया था। उनके प्रभावशाली वक्तव्यों, जनसंपर्क शैली और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता ने पार्टी के पक्ष में सकारात्मक माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चलाए गए चुनाव अभियान के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति ने पार्टी और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा भरी थी। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित भारत के लिए सुरक्षा, विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पहचान जैसे मुद्दों पर जनता के बीच स्पष्ट और सशक्त संदेश दिए। बिहार की जनता के प्रति उनकी आत्मीयता और भरोसेमंद नेतृत्व शैली ने न केवल मतदाताओं को प्रभावित किया बल्कि भाजपा संगठन को भी मजबूत आधार प्रदान किया। शपथ ग्रहण समारोह में उनकी उपस्थिति इस बात का भी प्रतीक है कि भारतीय जनता पार्टी केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि विकासात्मक और सामाजिक सहयोग के दृष्टिकोण से भी दोनों राज्यों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश और बिहार, दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक रिश्ते सदियों से जुड़े रहे हैं। ऐसे में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों का एक साथ आना भविष्य में आपसी सहयोग की संभावनाओं को और व्यापक बनाता है।