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स्कूल टीचर ने ट्रेन के सामने कूदकर जीवन समाप्त किया, पुलिस मामले की जांच में जुटी

कोरबा कुसमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत गेवरा रोड रेलवे स्टेशन के पास रविवार की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई. दीपका के बीकन इंग्लिश स्कूल में कार्यरत शिक्षक ने कथित तौर पर मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना में शिक्षक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला. घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन मास्टर ने रेल पुलिस और स्थानीय थाने को सूचित किया. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के पास से एक मोबाइल बरामद किया है. अनुमान लगाया जा रहा है कि मृतक ने मौत से पहले किसी से आखिरी बार बातचीत की थी. मृतक की पहचान 50 वर्षीय संतोष नायर, निवासी ऊर्जा नगर, दीपका के रूप में हुई है. वह बीकन इंग्लिश मीडियम स्कूल में शिक्षक थे और करीब दो साल पहले केरल से कोरबा आए थे. घटना की खबर मिलते ही स्कूल के अन्य शिक्षक भी मौके पर पहुंच गए. कुसमुंडा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर परिजनों के बयान लिए हैं. पुलिस ने मृतक का मोबाइल जब्त कर लिया है, जिसमें पैटर्न लॉक होने के कारण डेटा तक पहुंच नहीं हो सकी है. पुलिस ने बताया कि मोबाइल अनलॉक कर मौत के कारणों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि शिक्षक की मौत आत्महत्या थी या किसी अन्य वजह से हुई. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.

अख्तर बानो की गिरफ्तारी: नेपाल से भागकर भारत में पकड़ी गई संदिग्ध, संदिग्ध पाकिस्तानी संपर्कों का खुलासा

कोलकाता दक्षिण त्रिपुरा के सबरूम रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस ने कथित तौर पर नेपाल जेल से भागी हुई पाकिस्तानी मूल की 50 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कहा कि महिला नेपाल में नशीले पदार्थों की तस्करी करती थी। उसे कोलकाता से कंचनजंगा एक्सप्रेस से रेलवे स्टेशन पहुंचने पर संदिग्ध व्यवहार करने के बाद हिरासत में लिया गया। शुरुआत में उसने अपनी पहचान दिल्ली के पुरानी बस्ती शाहिना परवीन बताई, लेकिन कोई वैध पहचान पत्र उपलब्ध नहीं करा सकी। बाद में पुलिस ने उसके पास मौजूद सामानों की तलाशी ली तो उन्हें पाकिस्तान के कई नंबर मिले। उन्होंने बताया कि पूछताछ में महिला ने कबूल किया कि वह तीन साल पहले बंगलादेश पहुंची थी, वहां से फिर अवैध तरीके से पश्चिम बंगाल होते हुए एक एजेंट की मदद से भारत आई। वह दिल्ली में घरेलू कामकाज करती है और अब बंगलादेश होते हुए पाकिस्तान जाने की कोशिश कर रही थी। उसने अपनी असली पहचान लुईस निगहत अख्तर बानो बताई और कहा कि वह पाकिस्तान के शेखपुरा जिले के चक नंबर 371, गांव यंगनाबाद के मोहम्मद गोलाफ फराज की पत्नी है। बानो लगभग 12 वर्ष पूर्व पाकिस्तानी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके नेपाल चली गई थी और नशीली दवाओं से जुड़ी गतिविधियों में शामिल हो गई थी। वर्ष 2014 में उसे नेपाली अधिकारियों ने एक किलोग्राम ब्राउन शुगर रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था और उसे 15 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने बताया कि महिला पिछले महीने तक काठमांडू में कैद थी, फिर वहां हुई हिंसा के बीच वह भाग निकली। दो सप्ताह पहले वह एजेंट के बताये गये अवैध तरीकों से भारत में दाखिल हुई और त्रिपुरा या पश्चिम बंगाल से होते हुए बंगलादेश पहुंचकर अपने घर लौटना चाहती थी। पश्चिम बंगाल में घुसने में असफल रहने के बाद बानो ने त्रिपुरा जाने वाली ट्रेन पकड़ी और सबरूम पहुंची जहां से वह बंगलादेश जाना चाहती थी। फिलहाल वह पुलिस हिरासत में है और अपने बयानों की पुष्टि करने तथा सीमा पार तस्करी से उसके संबंधों का पता लगाने के लिए उससे आगे की पूछताछ की जा रही है।

उपचुनाव से पहले सुरक्षा समीक्षा: झारखंड पुलिस ने पड़ोसी राज्यों के साथ की बैठक

रांची झारखंड में 11 नवंबर को होने वाले घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए सुरक्षा प्रबंधों को अंतिम रूप देने में पुलिस सक्रिय हो गई है। इस कड़ी में आईजी अभियान ने बीते शुक्रवार को रांची स्थित पुलिस मुख्यालय सभागार में पश्चिम बंगाल और ओडिशा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में चुनाव से पहले सुरक्षा-व्यवस्था को मजबूत बनाना था। बैठक में तीनों राज्यों के बीच अंतररज्यीय समन्वय को बढ़ावा देने और संयुक्त कारर्वाई पर जोर दिया गया। विशेष रूप से अवैध शराब, मादक पदार्थों, अवैध हथियारों और अवैध धन की आवाजाही को रोकने की रूपरेखा पर चर्चा हुई। इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में मिरर चेक पोस्ट स्थापित करने और उनकी सक्रियता बढ़ाने का निर्णय लिया गया। घाटशिला निर्वाचन क्षेत्र के आसपास के जिलों जैसे पश्चिम बंगाल के झारग्राम और पुरुलिया तथा ओडिशा के मयूरभंज में विशेष मिरर चेक पोस्ट बनाए जाएंगे और उन्हें चौबीसों घंटे सक्रिय रखा जाएगा। यह कदम न सिर्फ अवैध गतिविधियों को रोकने में मदद करेगा, बल्कि सीमा पार से अपराधियों और नक्सलियों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखने में सहायक होगा। बैठक में अंतररज्यीय वांछित अपराधियों, वारंटियों और हिस्ट्रीशीटरों के खिलाफ संयुक्त रूप से कार्रवाई करने और खुफिया जानकारी साझा करने पर भी सहमति बनी। इससे प्रभावी और तेज पुलिसिया कार्रवाई सुनिश्चित होगी और संगठित अपराधियों की सक्रियता को कम करने में मदद मिलेगी। इन सभी तैयारियों का उद्देश्य उपचुनाव के दौरान एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और स्वतंत्र मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करना है, ताकि सभी मतदाता भयमुक्त होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।  

पुलिसकर्मियों की बेरहमी से DSP के साले की मौत, भोपाल में बवाल और जांच शुरू

भोपाल  पिपलानी थाना क्षेत्र के सी-सेक्टर इंद्रपुरी में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी देर रात इसी थाने के  दो पुलिसकर्मियों ने बीटेक पास एक युवक को बीच सड़क पर इतना पीटा की उसकी मौत हो गई। मौत के बाद उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि उसकी मौत अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी। पुलिसकर्मियों की मारपीट में जिस युवक की मौत हुई है, उसके जीजा बालाघाट में डीएसपी हैं। साले की मौत की सूचना के बाद वह भी भोपाल के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिसकर्मियों की पिटाई में युवक की मौत के बाद उसके परिजन और दोस्तों ने आज सुबह पिपलानी थाने का घेराव कर हंगामा मचाया। हंगामा मचने के बाद पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्रा ने दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर जांच के आदेश दिए हैं। पिपलानी थाना पुलिस के अनुसार  22 वर्षीय उचित गायकी पिता राजकुमार गायकी अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में रहता था। उसने  वीआईटी कॉलेज सीहोर से बीटेक की पढ़ाई की है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात दो दोस्तों के साथ कहीं जाने के लिए निकला था। परिजनों का आरोप है कि इंद्रपुरी सी-सेक्टर में पिपलानी थाने के दो पुलिसकर्मियों संतोष बामनिया और सौरभ आर्य ने उसके साथ इतनी अधिक मारपीट कर दी की उसकी मौत हो गई।  इधर, पुलिस का मानना है कि युवक की मौत घबराहट के कारण हार्ट अटैक से हुई है। डीसीपी जोन 2 विवेक सिंह ने बताया कि इस मामले में पेट्रोलिंग पर तैनात दो पुलिस कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है। स्पेशल पैनल बनाकर मृतक के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है। उदित के दोस्तों के बयान भी लिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, उदित गाइकी टीआईटी कॉलेज का छात्र था। उसके पिता भेलकर्मी और मां टीचर है। जबकि बहनोई बालाघाट एंटी नक्सल में डीएसपी के पद पर पदस्थ हैं। उसके दोस्तों के अनुसार इंद्रपुरी सेक्टर- सी में वह पार्टी करके लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उदित और उसके साथियों के साथ मारपीट की और थाने ले गई। इधर, परिजनों का आरोप है कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई। वहां उसकी हालत बिगजड गई। जिसके बाद पुलिस उसे इलाज के लिए एम्स ले गई। इधर, पुलिस का दावा है कि युवक को थाने नहीं लाया गया था। एसीपी ने कहा- पुलिस अभिरक्षा में नहीं हुई मौत  गोविंदपुरा की सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) अदिति भावसार सक्सेना ने बताया कि बीती रात पिपलानी थाने के इंद्रपुरी सी-सेक्टर में चार-पांच युवकों के सड़क किनारे शराब पीने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद विवाद की स्थिति बनी। उदित को पिपलानी थाने नहीं लाया गया था, ऐसे में पुलिस अभिरक्षा में मौत होना नहीं माना जा सकता। पुलिस मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम उदित की मौत की सूचना के बाद वीआईटी सीहोर के डेढ़ दर्जन से अधिक छात्र आज सुबह पिपलानी थाने पहुंचे और जमकर हंगामा मचाया। मृतक के पिता बिजली कंपनी में कार्य करते हैं, जबकि मां शिक्षिका हैं। परिजनों ने मीडिया को बताया कि जहां पर पुलिसकर्मियों ने उदित के साथ बीच सड़क पर मारपीट की है, उसके पास ही एक सीसीटीवी कैमरा लगा था, जिसमें पुलिसकर्मियों द्वारा की जा रही मारपीट की पूरी घटना कैद हो गई है। पुलिसकर्मियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज कर न्यायिक जांच कराई जाए।

हत्या के मामले मे बमीठा पुलिस ने 6 लोगो को किया गिरफ्तार

हत्या के मामले मे बमीठा पुलिस ने 6 लोगो को किया गिरफ्तार 2 दिन पूर्व कामता आदिवासी की गयी थी हत्या छतरपुर  2 दिन पूर्व बमीठा थाना अंतर्गत ग्राम झमटुली मे जादू टोना के शक मे एक 55 वर्षीय वृद्ध की हाथ पैर बांध कर पीट पीट कर हत्या का मामला सामने आया था जिसमे बमीठा पुलिस ने कुल 6 लोगो पर हत्या का मामला दर्ज किया था जिसमे बमीठा पुलिस ने सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यालय भेज दिया है

तीन राज्यों में सक्रिय ब्लैकमेलिंग गैंग पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, झालावाड़ से गिरफ़्तारी और 3 लग्जरी कारें बरामद

  जयपुर झालावाड़ पुलिस ने एक बड़े संगठित अपराध रैकेट का पर्दाफाश करते हुए हेमराज सुमन हिस्ट्रीशीटर द्वारा संचालित गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यह गैंग पिछले 10 वर्षों से राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश राज्यों में सक्रिय थी और धोखाधड़ी, वाहनों की चोरी और खुर्द-बुर्द करने के साथ-साथ हनीट्रैप के जरिए व्यापारियों को ब्लैकमेल करने में संलिप्त थी। पुलिस ने इस गिरोह के तीन और इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। गैंग दो मुख्य तरीकों से वारदातों को अंजाम देती थी: 1. ट्रेक्टर खुर्द-बुर्द: गैंग के सदस्य गरीब व्यक्तियों को झांसे में फंसाकर उनकी जमीन पर लोन/फाइनेंस करवाकर नए ट्रेक्टर उठवाते थे। इसके बाद वे ट्रेक्टरों को खुर्द-बुर्द करके झूठी चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाते थे और बीमा कंपनी से क्लेम की राशि हड़प लेते थे। अवैध बेचान के लिए फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी भी तैयार की जाती थी। 2. हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग: गैंग में 10 से अधिक महिला सदस्य शामिल थीं। ये महिलाएं कारोबारी और व्यापारी वर्ग के लोगों को अपने जाल में फंसाती थीं। गैंग के सदस्य, जिनमें कुछ पुलिस की वर्दी में भी होते थे, फिर झूठे बलात्कार, छेड़छाड़ के मुकदमे दर्ज करवाने या धमकी देकर लोगों से लाखों रुपये की मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस का शिकंजा पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर संगठित अपराधों में सक्रिय हेमराज सुमन गैंग के कुल 13 सदस्यों को पहले गिरफ्तार किया गया था। उनसे गहन पूछताछ के बाद वाहन खुर्द-बुर्द की वारदातों में शामिल तीन इनामी अभियुक्तों सुनील माली (25) निवासी सारोला, गोलू बंजारा (23) निवासी सांगोद और प्रदीप धाकड (32) निवासी तेजगढ़ थाना सदर बारां को रविवार 05 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। इन अभियुक्तों की निशानदेही पर 3 लग्जरी कारें (स्विफ्ट और आई-20) भी जब्त की गई हैं। इस मामले में अब तक कुल 16 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जिनमें गैंग लीडर हेमराज सुमन और मुख्य महिला आरोपी सीमा मीणा शामिल हैं। गैंग की संलिप्तता को देखते हुए गहन जांच के लिए एक एस.आई.टी. विशेष जांच दल का गठन किया गया है। जाँच में यह भी पुष्टि हुई है कि गैंग ने अवैध आय से कई स्थानों पर सम्पत्ति खरीदने और अन्य धंधों में निवेश करने का काम भी किया है। गैंग की 10 महिला सदस्य सीमा शर्मा उर्फ सीमा मीणा निवासी बारां हाल अकलेरा, सीमा राजपूत निवासी मध्य प्रदेश, हेमलता मीणा निवासी कोटा शहर, भूरी बाई उर्फ सुनीता निवासी झालावाड़ हाल मध्य प्रदेश, मुस्कान राजपूत निवासी इंदौर मध्य प्रदेश हाल सारोला, संध्या उर्फ गोलू वाल्मीकि निवासी इंदौर मध्य प्रदेश लीलाबाई भील निवासी मध्य प्रदेश और मनीषा ढोली, छोटी बाई माली और लाड बाई माली निवासी सारोला जिला झालावाड़ पूर्व में अलग-अलग थानों (कोटा, बारां, खानपुर) में हनीट्रैप के मामलों में गिरफ्तार हो चुकी हैं, जिससे गैंग के बड़े और संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

हजारीबाग में कुख्यात गैंगस्टर दानिश इकबाल गिरफ्तार

हजारीबाग झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर रविवार की देर रात नगवा हवाई अड्डा के पास कुख्यात अपराधी दानिश इकबाल को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। 23 वर्षीय दानिश इकबाल बिहार के गया जिले के शेरघाटी थाना अंतर्गत रमना मोहल्ला का निवासी है और वह हत्या, रंगदारी, लूट, अपहरण, फिरौती तथा गोलीबारी जैसे संगीन अपराधों में सक्रिय रहा है। वह कई राज्यों की पुलिस की भी तलाश में था। पुलिस को सूचना मिली कि दानिश इकबाल अपने साथियों के साथ नगवा टोल प्लाजा के आसपास आने वाला है। थाना प्रभारी लोहसिंघना के नेतृत्व में सशस्त्र बल ने घेराबंदी कर दानिश को धर दबोचा। तलाशी में उसके पास से कई मोबाइल फोन, 11 सिम काडर्, फर्जी आधार और पैन काडर्, एक राउटर, नोटबुक व अन्य संदिग्ध सामान बरामद हुआ। आरोपी ने पूछताछ में अपने आपराधिक गिरोह की विस्तार से जानकारी दी। हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बड़ी सफलता की जानकारी दी तथा कहा कि पुलिस अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। पूछताछ के दौरान दानिश ने बताया कि वह उत्तम यादव, शक्ति गिरी उफर् साईको टाइगर, फोटो खान समेत 15-20 युवकों के साथ मिलकर संगठित अपराध करता है। उनका मुख्य काम विभिन्न कारोबारियों व कंपनियों से रंगदारी वसूलना है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दानिश दिसंबर 2024 में हजारीबाग के उदय साव हत्याकांड में शामिल था। इसके अलावा गया जिले के आमस में अनवर अली हत्या कांड, गुरुआ थाना क्षेत्र में भारत माला प्रोजेक्ट कैंप में मजदूरों पर हमला और 4 जनवरी 2025 को डॉ. तपेश्वर प्रसाद के क्लिनिक पर बम फेंकने का मामला भी उसके गिरोह की ओर से किया गया था। दानिश इकबाल पर गया, शेरघाटी, आमस, गुरुआ और हजारीबाग थानों में हत्या, रंगदारी, विस्फोटक अधिनियम और हथियार अधिनियम के तहत कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक यह गिरफ्तारी क्षेत्र में अपराध रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस छापेमारी को थाना प्रभारी लोहसिंघना और सशस्त्र बल की टीम ने अंजाम दिया।  

AAP नेताओं की कार्रवाई: बरेली में पुलिस ने घर और दफ्तर पर रोका, संजय सिंह का विरोध जारी

लखनऊ आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल राजधानी लखनऊ से बरेली जाने के लिए निकला तो कार्यालय गेट पर पुलिस से सामना हुआ। पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें जाने से रोका। लेकिन, आप कार्यकर्ता जाने पर अड़े रहे। इस पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच खींचतान देखी गई। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने आप नेता नदीम अशरफ और सरबजीत मक्कड़ को हाउस अरेस्ट किया। जबकि, इमरान लतीफ को गोमती नगर स्थित पार्टी कार्यालय पर रोक लिया गया। पार्टी नेताओं के बरेली जाने की सूचना पर पुलिस प्रशासन पहले से ही सतर्क था। पार्टी कार्यालय पर सुबह से ही पुलिस तैनात हो गई। दूसरी तरफ पूर्व विधायक दिलीप पांडेय अपने दिल्ली आवास से दोपहर 2 बजे बरेली के लिए निकलेंगे। हालांकि, उनको भी पुलिस जाने देगी, इसकी कम संभावना है। वहीं पार्टी ने इस मामले में प्रदेश सरकार की नीति को दमनकारी बताते हुए, आगे भी अपना विरोध जारी रखने की घोषणा की है। नफरत फैलाने और गुंडागर्दी करने की खुली छूट-सजंय सिंह आप कार्यकर्ताओं को कार्यालय और घर में रोका गया तो सांसद और यूपी प्रभारी संजय सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा कि 'न कोई आदेश है, न कोई कानून। यूपी पुलिस मनमानी तरीके से लोकतांत्रिक ढंग से आवाज उठाना भी बंद कर रही है। बरेली के पीड़ितों से मिलने की भी इजाजत नहीं है। यहां नफरत फैलाने और गुंडागर्दी करने की खुली छूट है।' सजंय सिंह ने आगे लिखा कि 'बौद्ध प्रांत के अध्यक्ष इमरान लतीफ, अयोध्या प्रांत के अध्यक्ष विनय पटेल और मुख्य प्रवक्ता वंशराज दुबे, अभिषेक सिंह को पुलिस ने बिना किसी आदेश के रोका है। तानाशाही के खिलाफ AAP की आवाज को रोका नहीं जा सकता है।'   पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोका बताते चलें कि बरेली में 26 सितंबर 2025 को हुए बवाल के बाद सूबे में सियासत जारी है। इसको लेकर राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आप के प्रतिनिधिमंडल के बरेली जाने का एलान किया था। तय समय के अनुसार 7 अक्तूबर को कार्यकर्ता निकले। लेकिन, गोमती नगर के विवेकखंड स्थित कार्यालय के बाहर ही पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। इससे पहले कानून व्यवस्था का हवाला देकर सपा के प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने बरेली जाने से रोक दिया था।  

दुर्ग पुलिस महकमे में बदलाव, 11 अफसरों के तबादले के साथ 7 पदस्थापना अपडेट

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रविवार देर रात सीनियर एसपी ने पुलिस विभाग में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की है। इस आदेश के तहत 5 थानों के टीआई और 2 पुलिस चौकियों के प्रभारी सहित कुल 11 पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। जारी आदेश के मुताबिक— जितेंद्र वर्मा बने भिलाई नगर टीआई रामेंद्र कुमार सिंह को जामुल थाना प्रभारी की जिम्मेदारी बसंत कुमार बघेल अमलेश्वर थाना प्रभारी नियुक्त प्रशांत मिश्रा अब वैशाली नगर टीआई राजेश मिश्रा को भेजा गया रक्षित केंद्र दुर्ग प्रकाशकांत को भी रक्षित केंद्र दुर्ग में पदस्थ किया गया अमित अंदानी बने पुलगांव थाना प्रभारी खेलन साहू को अंजोरा चौकी प्रभारी बनाया गया संतोष साहू साइबर सेल दुर्ग भेजे गए मनोज यादव को भिलाई-3 में पदस्थ किया गया आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। त्योहारी सीजन और कानून-व्यवस्था की तैयारियों को देखते हुए यह तबादले किए गए हैं। पुलिस विभाग का दावा है कि इस कदम से पुलिसिंग की कार्यकुशलता, बेहतर समन्वय और क्षेत्रीय नियंत्रण मजबूत होगा। दुर्ग जिले में यह फेरबदल सुरक्षा व्यवस्था और शांति बनाए रखने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़, सहारनपुर में इनामी इमरान ढेर

 सहारनपुर  उत्तर प्रदेश में अपराधियों पर पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। रविवार देर रात सहारनपुर जिले के गागलहेड़ी थाना क्षेत्र में पुलिस और एक लाख के इनामी बदमाश इमरान के बीच हुई मुठभेड़ में पुलिस ने इमरान को मार गिराया। यह मुठभेड़ उस समय हुई जब इमरान एक बाइक लूटकर फरार हो रहा था। पुलिस टीम ने जब उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां लगने से इमरान गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान गागलहेड़ी के इंस्पेक्टर परवेश शर्मा और थानाध्यक्ष सरसावा विनोद कुमार भी घायल हुए। एसएसपी आशीष तिवारी के अनुसार, इंस्पेक्टर के हाथ में गोली लगी, जबकि थानाध्यक्ष की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली फंसी, जिससे उनकी जान बच गई। दोनों अधिकारियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है और हालत खतरे से बाहर बताई गई है। इमरान पर थे कई संगीन मामले मारा गया बदमाश इमरान पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधियों में से एक था। सहारनपुर, मेरठ, शामली और मुजफ्फरनगर जिलों में उसके खिलाफ लूट, डकैती, अवैध हथियारबंदी और हमले के कई गंभीर मामले दर्ज थे। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। इमरान पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एनकाउंटर स्थल से पुलिस ने दो 32 बोर की पिस्टल, 18 खोखे, 10 जिंदा कारतूस और लूटी गई बाइक बरामद की है। यूपी पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति जारी इमरान का एनकाउंटर शनिवार रात फिरोजाबाद में मारे गए बदमाश नरेश पंडित उर्फ पंकज के मारे जाने के महज छह घंटे बाद हुआ। नरेश पर भी कई गंभीर अपराधों के केस दर्ज थे। लगातार हो रही मुठभेड़ों से साफ है कि यूपी पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल कर रही है। इमरान का साथी मेहताब पहले ही ढेर हो चुका था बताया जा रहा है कि इमरान का साथी मेहताब पहले ही तीन अक्टूबर को मुजफ्फरनगर में पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका था। उस समय मेहताब पर भी एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए कहा था, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी थी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलियां लगने से उसकी मौत हो गई थी, जबकि उसी दौरान इमरान मौके से फरार हो गया था।