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बेसिक शिक्षा में यूपी ने बनाई नई पहचान, परिषदीय विद्यालयों का बदलता स्वरूप बना ‘योगी मॉडल’

बेसिक शिक्षा में यूपी ने बनाई नई पहचान, परिषदीय विद्यालयों का बदलता स्वरूप बना ‘योगी मॉडल’ – ऑपरेशन कायाकल्प से 1.32 लाख विद्यालयों की बदली तस्वीर, संतृप्तिकरण 36% से बढ़कर 96.30% हुआ – स्मार्ट स्कूल, मॉडल कम्पोजिट विद्यालय और आधुनिक सुविधाओं से बदल रही सरकारी स्कूलों की पहचान – 75 जिलों में 150 मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों की स्थापना, 141 के लिए भूमि चयन का कार्य पूर्ण – बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए नए आवासीय विद्यालयों की स्थापना का निर्णय लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा अब भवनों और नामांकन पर जोर देने के साथ-साथ परिषदीय विद्यालयों को आधुनिक, स्मार्ट और तकनीक आधारित शिक्षा केंद्रों में बदलने का व्यापक अभियान चल रहा है। कभी जर्जर भवनों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के लिए चर्चा में रहने वाले सरकारी स्कूल अब 'योगी मॉडल' के अंतर्गत नई पहचान बना रहे हैं। योगी सरकार की बड़ी उपलब्धियों में शामिल 'ऑपरेशन कायाकल्प' ने प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर बदल दी है। अभियान के अंतर्गत अब तक 1.32 लाख विद्यालय आच्छादित किए जा चुके हैं। वर्ष 2017-18 में जहां विद्यालयों का संतृप्तिकरण केवल 36 प्रतिशत था, वहीं अब यह बढ़कर 96.30 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह बदलाव अब गांवों के सरकारी स्कूलों में साफ दिखाई दे रहा है। 3.42 लाख डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने की कार्यवाही तेज विद्यालयों में बच्चों के लिए बेहतर बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु 3.42 लाख डेस्क-बेंच उपलब्ध कराने की कार्यवाही तेजी से की जा रही है। इसके साथ ही सभी प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित करने की विशेष योजना पर काम चल रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी तकनीक आधारित शिक्षा से जुड़ सकें। मॉडल विद्यालयों से शिक्षा व्यवस्था को मिल रही नई दिशा योगी सरकार अब परिषदीय शिक्षा को आधुनिक और समग्र शिक्षा मॉडल से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है। इसी क्रम में प्रदेश के सभी 75 जिलों में दो-दो मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्थापित किए जाने का निर्णय लिया गया है। प्री-प्राइमरी से कक्षा-12 तक संचालित होने वाले 150 मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों में से 141 के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन विद्यालयों को आधुनिक कक्षाओं, डिजिटल शिक्षण संसाधनों, स्मार्ट क्लास, प्रयोगशालाओं और खेल सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि सरकारी स्कूलों के बच्चे भी निजी विद्यालयों जैसी सुविधाएं प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही 75 मुख्यमंत्री अभ्युदय कम्पोजिट विद्यालय भी विकसित किए जा रहे हैं, जहां प्री-प्राइमरी से कक्षा-8 तक के बच्चों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। बालिका शिक्षा पर विशेष फोकस योगी सरकार ने बालिका शिक्षा को मजबूत करने के लिए भी बड़ा कदम उठाया है। जिन विकास खंडों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय नहीं हैं, वहां नए आवासीय बालिका विद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इससे दूरदराज और वंचित क्षेत्रों की बेटियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सकेगा। राष्ट्रीय स्तर पर उभर रहा ‘योगी मॉडल’ उत्तर प्रदेश में जिस तेजी से परिषदीय विद्यालयों का कायाकल्प हुआ है, वह देश के लिए एक बड़े मॉडल के रूप में उभर रहा है। योगी सरकार की रणनीति अब केवल स्कूल खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी विद्यालयों को आधुनिक, तकनीक आधारित और परिणामोन्मुखी शिक्षा केंद्रों में बदलने की दिशा में काम किया जा रहा है। डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट स्कूल, मॉडल कम्पोजिट विद्यालय और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से उत्तर प्रदेश अब बेसिक शिक्षा में नई राष्ट्रीय पहचान बनाने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

खेल और तकनीक से नौनिहालों को नई उड़ान, डिजिटल दीदी पूनम की अनोखी पहल

डिजिटल दीदी पूनम खेल-खेल में संवार रही नौनिहालों का भविष्य भोपाल  डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही इस्तेमाल अगर समाज को बदलने के लिए किया जाए, तो परिणाम कितने सुखद हो सकते हैं, इसकी मिसाल पेश की है मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने। परासिया परियोजना के वार्ड क्रमांक 12 की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पूनम चौरसिया आज सोशल मीडिया पर एक चर्चित नाम बन चुकी हैं। पूनम अपनी आंगनवाड़ी के बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने और उनके संपूर्ण विकास के लिए अनूठे प्रयोग कर रही हैं। पूनम चौरसिया के यूट्यूब चैनल '@parasiawalipoonam' की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस चैनल पर 71 हजार 600 से अधिक सब्सक्राइबर्स जुड़ चुके हैं। खेल-खेल में प्रारंभिक बाल्याव्यस्था, देखभाल और शिक्षा गतिविधियों को सिखाते हुए पूनम अब तक 6 हजार 800 से ज्यादा वीडियो अपलोड कर चुकी हैं, जिन्हें 7 करोड़ 48 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। यूट्यूब ही नहीं, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर भी उनकी वीडियो खूब पसंद किए जा रहे हैं। स्थानीय संसाधनों से शिक्षा को बनाया मजेदार एम.कॉम (M.Com) शिक्षित पूनम साल 2020 से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के रूप में सेवाएं दे रही हैं। वे भारत सरकार के 48 सप्ताह के 'आधारशिला पाठ्यक्रम' को रटाने के बजाय बेहद मनोरंजक तरीके से बच्चों को सिखाती हैं। पूनम बच्चों के लिये पाठ्यक्रम को इतना आसान और मजेदार बना देती हैं कि बच्चे खुद व खुद पढ़ाई की ओर खिचें चले आते है। खास बात यह है कि इन गतिविधियों के लिए वे किसी महंगे सामान का इस्तेमाल नहीं करतीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों जैसे कंकड़, पत्थर, रंग-बिरंगे कागज और घरेलू वस्तुओं के जरिए बच्चों को अक्षर ज्ञान, रंगों की पहचान, शेप और शैडो (आकृतियां और परछाईं) जैसी पेचीदा चीजें सहजता से सिखा देती हैं। पढ़ाई भी और पोषण भी: आंगनवाड़ी बनी 'स्मार्ट क्लास' मध्यप्रदेश के 98 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में 30 लाख से अधिक बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और शाला पूर्व शिक्षा दी जा रही है। आंगनवाड़ी देश का एकमात्र ऐसा संस्थान है जहां पोषण के साथ पढ़ाई भी होती है। पूनम ने इस अवधारणा को पूरी तरह धरातल पर उतारा है। उन्होंने भारत सरकार के 'पोषण भी-पढ़ाई भी' (PBPB) अभियान के तहत प्रथम चरण का प्रशिक्षण लिया और उत्कृष्ट कार्य के चलते दूसरे चरण में वे 'स्टार चैंपियन कार्यकर्ता' के रूप में चुनी गईं। इसके बाद उन्होंने 'निपसिड' (NIPCCD) से मास्टर ट्रेनर के रूप में भी प्रशिक्षण प्राप्त किया। वर्तमान में उनके केंद्र में 3 से 6 आयु वर्ग के 43 बच्चे दर्ज हैं, जिनमें से 22 बच्चे नियमित रूप से शाला पूर्व शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। अभिभावकों में बढ़ा भरोसा, निजी स्कूलों को मिल रही टक्कर पूनम के इस अभिनव प्रयास का सबसे बड़ा असर स्थानीय समाज पर पड़ा है। क्षेत्र के अभिभावक निजी स्कूलों को छोड़कर अपने बच्चों को पूनम की आंगनवाड़ी केंद्र में भेज रहे हैं। माता-पिता स्वयं बच्चों को केंद्र पर छोड़ने और लेने आते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूनम ने आंगनवाड़ी के पारंपरिक ढर्रे को बदलकर उसे एक आधुनिक शिक्षा केंद्र का रूप दे दिया है। स्थिति यह है कि जब यहां के बच्चे आगे चलकर प्राथमिक स्कूलों में प्रवेश लेते हैं, तो अभिभावक गर्व से कहते हैं कि 'ये पूनम की आंगनवाड़ी से पढ़कर आए हैं।' अन्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्त्रोत पूनम चौरसिया की यह अनूठी पहल अन्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिये प्रेरणा है। डिजिटल माध्यमों का सही उपयोग कर सरल गतिविधियों और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों से बच्चों को शिक्षा के प्रति आकर्षित किया जा सकता है।  

नोवाक जोकोविच ने रचा इतिहास, फ्रेंच ओपन के पहले मैच में फेडरर का रिकॉर्ड टूटा

पेरिस   टेनिस का बड़ा ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट 'फ्रेंच ओपन' 24 मई को पहले राउंड के मैचों के साथ शुरू हो गया. सर्बिया के स्टार खिलाड़ी नोवाक जोकोविच पहले राउंड में अपना पहला सेट गंवाने के बाद शानदार वापसी की. उन्होंने फ्रांसीसी खिलाड़ी जियोवानी एम्पेटशी पेरिकार्ड के खिलाफ 5-7, 7-5, 6-1 और 6-4 से शानदार जीत दर्ज की।  जोकोविच 2016, 2021 और 2023 में फ्रेंच ओपन जीतने के बाद अब अपना चौथा फ्रेंच ओपन खिताब जीतने का लक्ष्य बना रहे हैं. गौरतलब है कि 2023 यूएस ओपन के बाद से उन्होंने कोई बड़ा खिताब नहीं जीता है, लेकिन वे सेमीफाइनल और फाइनल तक पहुंचने में कामयाब रहे हैं।  जोकोविच ने मैच जीतने से पहले ही कोर्ट पर उतरकर इतिहास रच दिया था. 39 साल के इस खिलाड़ी ने रोजर फेडरर का रिकॉर्ड तोड़कर इतिहास की किताबों में अपना नाम दर्ज करा लिया. 24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता जोकोविच ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में 82वीं बार हिस्सा ले रहे है, जो की एक रिकॉर्ड उपस्थिति है. जबकि फ्रेंच ओपन में यह उनकी 22वीं उपस्थिति है।  जोकोविच ने रचा इतिहास सर्बियाई टेनिस स्टार ने अब पुरुषों की श्रेणी में किसी ग्रैंड स्लैम के 'मेन ड्रॉ' में सबसे ज्यादा बार हिस्सा लेने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. पुरुषों के सिंगल्स खिलाड़ियों में, उन्होंने ग्रैंड स्लैम के राउंड ऑफ 128, राउंड ऑफ 64, राउंड ऑफ 32, राउंड ऑफ 16, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में सबसे ज्यादा बार खेला है. जोकोविच के नाम अब ग्रैंड स्लैम के मेन ड्रॉ में 82 बार हिस्सा लेने का रिकॉर्ड है, जबकि फेडरर के नाम 81 बार हिस्सा लेने का रिकॉर्ड दर्ज है।  जोकोविच का फ्रेंच ओपन में नया कीर्तिमान इसके अलावा जोकोविच अब रोलांड गैरोस (फ्रेंच ओपन) में सबसे ज्यादा बार हिस्सा लेकर संयुक्त रूप से पहले स्थान पर पहुंच गए हैं. इससे पहले इस नंबर पर फ्रेंच स्टार रिचर्ड गैस्केट थे. जिन्हों 22 बार रोलांड गैरोस टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुके हैं. अब जोकोविच भी 22 बार इस टूर्नामेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।  सर्बियाई खिलाड़ी के नाम पहले से ही रोलांड गैरोस में सबसे ज्यादा पुरुषों के सिंगल्स मैच खेलने का रिकॉर्ड है, उन्होंने 119 मैच खेले हैं. उन्होंने 2025 के टूर्नामेंट के दौरान राफेल नडाल के रिकॉर्ड (116) को पीछे छोड़ दिया. इस टूर्नामेंट में उनका सफर सेमीफाइनल में जानिक सिनर से हार के साथ खत्म हुआ था। 

कोर्ट का बड़ा फैसला: बहू की मौत के बाद सास को मिलेगा 18 लाख रुपये हर्जाना

बिलासपुर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी मनीषा ठाकुर की अदालत ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाली 22 वर्षीय विवाहिता अंजनी ध्रुव की मृत्यु पर उसके परिजनों के पक्ष में 18,03,720 रुपये का क्लेम अवार्ड पारित किया है। घटना 16 दिसंबर 2023 की है, जब ग्राम भिलाई (मस्तुरी) निवासी अंजनी अपने पति चोलाराम ध्रुव के साथ मोटर साइकिल पर पीछे बैठकर अस्पताल जा रही थी। भिलाई पुल के पास पति ने वाहन को तेजी व लापरवाही से चलाया, जिससे गिरकर अंजनी की मौत हो गई। थाना मस्तुरी में आरोपी पति के खिलाफ मर्ग दर्ज था। बीमा कंपनी ने मृतिका की लापरवाही और चालक के पास वैध लाइसेंस न होने की दलीलें दीं, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पति के पास वर्ष 2035 तक वैध लाइसेंस मौजूद था। आय का पुख्ता प्रमाण न होने पर कोर्ट ने श्रमायुक्त की न्यूनतम मजदूरी दर से ₹10,100 मासिक आय तय की। चूंकि मृतिका पति के साथ पृथक रहती थी, इसलिए कोर्ट ने जेठ-जेठानी को आश्रित न मानकर केवल सास (कमला बाई) को मुख्य आश्रित माना। वित्तीय सुरक्षा के लिए कोर्ट ने आदेश दिया कि जेठ-जेठानी व उनके बच्चों को स्नेह हानि के एवज में कुल 1,92,000 रुपए नगद दिए जाएंगे। वहीं, मुख्य आश्रित (सास) की राशि का 30% हिस्सा 3 वर्ष के लिए बैंक में फिक्स रहेगा, ताकि उन्हें नियमित ब्याज मिलता रहे और रकम सुरक्षित रहे। शेष 70% राशि तत्काल ट्रांसफर होगी।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे दिल्ली, रेखा गुप्ता संग शहरी विकास मुद्दों पर हुई अहम बैठक

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दिल्ली दौरे पर हैं. अपने व्यस्त दिल्ली दौरे पर सीएम ने आज दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की. ये मुलाकात वैसे तो सौजन्य मुलाकात रही, लेकिन दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच कई अहम विषयों पर भी चर्चा हुई।  विष्णु देव साय की सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सीएम रेखा गुप्ता के साथ सुशासन, जनहित और शहरी विकास के मुद्दों पर अहम चर्चा की. दोनों की ये मुलाकात सीएम रेखा गुप्ता के आवास पर हुई. मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने अपने-अपने राज्यों में चल रही योजनाओं को लेकर भी चर्चा की. मुलाकात के दौरान जनहित, सुशासन, शहरी विकास और सार्वजनिक सुविधाओं में विस्तार और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हुई. मुलाकात के दौरान सीएम विष्णु देव साय ने सीएम रेखा गुप्ता को छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी. सीएम साय ने रेखा गुप्ता को बताया कि कैसे हम जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए छत्तीसगढ़ की जनता को लाभ पहुंचा रहे हैं।  सुशासन, जनहित और शहरी विकास के मुद्दों पर चर्चा मुलाकात के दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों ने देश के विकास में अपने-अपने राज्यों की अहम भूमिका और आपसी सहयोग पर भी जोर दिया. दोनों नेताओं के बीच समसायमिक मुद्दों पर भी विचार विमर्श किया गया है. सीएम विष्णु देव साय ने सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात के दौरान उनको छत्तीसगढ़िया संस्कृति से जुड़ी कई भेंट भी गिफ्ट किए।  विकास योजनाओं पर सरकार का फोकस बीते दिनों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर थे. अमित शाह ने छत्तीसगढ़ और बस्तर में चल रहे विकास के कार्यों को लेकर साय सरकार की तारीफ की थी. छत्तीसगढ़ और देश से नक्सलवाद के खत्म होने के ऐलान के बाद से छत्तीसगढ़ लगातार विकास योजनाओं पर फोकस करने में लगा है. सीएम कई मंचों से खुद ये कह चुके हैं कि वो बस्तर के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। 

छत्तीसगढ़ तप रहा आग की तरह, नौतपा शुरू होते ही रायपुर में पारा 45°C

रायपुर नौतपा की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ में गर्मी और ज्यादा बढ़ने वाली है। मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले 4 दिनों तक हीटवेव चलने की संभावना जताई है। राजधानी रायपुर में पारा 45 डिग्री तक पहुंच गया है। यहां रात में हवा भी हल्की गर्म चल रही है। फिलहाल प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क है और तापमान में कोई बड़ी गिरावट नहीं हुई है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ।सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजनांदगांव सबसे गर्म, अंबिकापुर सबसे ठंडा बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार नौतपा के शुरुआती दिनों में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार और महासमुंद जैसे जिलों में तेज धूप और लू का असर अधिक रहेगा। अगले 4 दिन तक राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 4 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव है। हालांकि फिलहाल प्रदेश में सूखा और बेहद गर्म मौसम बना रहेगा। रायपुर के लिए जारी पूर्वानुमान में आसमान साफ रहने और दिनभर गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। भीषण गर्मी से चमगादड़ों की मौत कोरबा जिले में भीषण गर्मी और हीटस्ट्रोक के कारण करीब 200 चमगादड़ों की मौत हो गई। पाली विकासखंड के नौकोनिया तालाब क्षेत्र में सैकड़ों चमगादड़ पेड़ों से गिरकर मर गए। वन विभाग ने लू के कारण उनकी मौत की पुष्टि की है। इलाके में तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी बिलासपुर में तापमान 44 डिग्री पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचने, ज्यादा पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

उत्तर प्रदेश में नई व्यवस्था लागू, योगी सरकार ने जिलों के लिए जारी किए सख्त निर्देश

 लखनऊ यूपी में लोगों की समस्याओं को लेकर सीएम योगी ने बड़ा फैसला लिया है. अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में हर सप्ताह विकास खंड स्तर पर विशेष चौपाल लगाई जाएगी, जहां जमीन विवाद, घरेलू हिंसा, पुलिस शिकायत, अवैध वसूली और सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का तुरंत निस्तारण करने की कोशिश होगी।  सीएम योगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों से दो टूक कहा कि जनता की समस्या का औपचारिक निस्तारण नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान होना चाहिए. यानी अब सिर्फ फाइल बंद कर देना काफी नहीं होगा. अधिकारी को यह सुनिश्चित करना होगा कि शिकायतकर्ता को वास्तव में राहत मिली या नहीं. सरकार की योजना के मुताबिक हर विकास खंड में सप्ताह में एक दिन चौपाल लगेगी. इसमें जिले के बड़े अधिकारी भी मौजूद रहेंगे. लोगों की शिकायतें सीधे सुनी जाएंगी और मौके पर कार्रवाई की जाएगी।  किन समस्याओं पर होगा फोकस सरकार ने साफ किया है कि इन चौपालों में सिर्फ सामान्य शिकायतें नहीं, बल्कि रोजमर्रा की बड़ी परेशानियों पर खास फोकस रहेगा. इनमें प्रमुख रूप से राजस्व और जमीन विवाद, घरेलू हिंसा के मामले,  पुलिस द्वारा शिकायत दर्ज न करना,  अवैध वसूली की शिकायतें, सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलना पेंशन, राशन, आवास और आयुष्मान जैसी योजनाओं से जुड़ी दिक्कतों पर सुनवाई होगी.  सरकार चाहती है कि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचे और उन्हें महीनों तक अधिकारियों के चक्कर न काटने पड़ें।  अफसरों को मिला सख्त संदेश बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि शिकायतों को हल्के में लेने की आदत अब नहीं चलेगी. उन्होंने कहा कि आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाए. कई बार देखा गया है कि अधिकारी सिर्फ जवाब अपलोड कर मामले को बंद कर देते हैं, जबकि जमीन पर समस्या जस की तस बनी रहती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  त्योहारों को लेकर भी सख्त निर्देश बैठक में सिर्फ चौपाल योजना ही नहीं, बल्कि आने वाले गंगा दशहरा और बकरीद को लेकर भी बड़े निर्देश दिए गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि बकरीद पर सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी. प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पर पूरी तरह रोक रहेगी और कुर्बानी सिर्फ तय स्थानों पर ही की जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि किसी भी नई परंपरा को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा. इसके साथ ही नमाज को लेकर भी निर्देश दिए गए कि सड़क जाम करके नमाज पढ़ने की अनुमति किसी भी हालत में नहीं दी जाए. नमाज सिर्फ पारंपरिक स्थानों पर ही अदा होगी।  खुले में मांस बिक्री और अवैध स्लॉटर हाउस पर सख्ती सरकार ने त्योहारों के दौरान साफ-सफाई और कानून व्यवस्था को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि खुले में मांस की बिक्री नहीं होनी चाहिए. अवैध स्लॉटर हाउस किसी भी हालत में संचालित न हों. साथ ही वैध बूचड़खानों में भी तय क्षमता से अधिक पशु रखने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. बैठक में अलीगढ़, बिजनौर, सहारनपुर, रामपुर और संभल जैसे संवेदनशील जिलों के अधिकारियों से अलग से बात की गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों की घटनाओं का अध्ययन किया जाए और संभावित उपद्रवियों की सूची पहले से तैयार रखी जाए. जरूरत पड़ने पर निषेधात्मक कार्रवाई भी की जाए. साथ ही सभी जिलों में पीस कमेटी की बैठकों और फ्लैग मार्च बढ़ाने के निर्देश दिए गए. साथ ही तेज गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए छायादार स्थान और मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।  बिना नंबर प्लेट वाहनों पर चलेगा अभियान बैठक में सड़क सुरक्षा और अपराध नियंत्रण पर भी चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ अभियान चलाने के आदेश दिए. इसके अलावा अवैध खनन पर भी सरकार ने सख्त रुख दिखाया. टास्क फोर्स बनाकर कार्रवाई करने और किसी भी दबाव में न आने के निर्देश दिए गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई हो, लेकिन आम नागरिकों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।  भू-माफियाओं पर और सख्त होगी कार्रवाई सरकार ने भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान तेज करने के भी निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि अवैध कब्जा करने वालों पर कार्रवाई हो, लेकिन किसी भी आम नागरिक के वैध अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए. इसी दौरान जिन जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की नियुक्ति नहीं है, वहां जल्द तैनाती करने के भी निर्देश दिए गए. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में प्रदेश के सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर, आईजी, एसएसपी और एसपी मौजूद रहे। 

खेल जगत में पंजाब की बेटियों का जलवा, बेसबॉल में शानदार प्रदर्शन पर मिला बड़ा सम्मान

चंडीगढ़  पंजाब बेसबॉल के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व के पल में, बेहतरीन खिलाड़ी अमनजोत कौर बैंस, अर्शदीप कौर और वीरपाल को बेसबॉल के क्षेत्र में उनके शानदार योगदान और उपलब्धियों के लिए पंजाब सरकार ने प्रतिष्ठित महाराजा रणजीत सिंह अवॉर्ड और 5 लाख रुपये के कैश प्राइज़ से सम्मानित किया है। यह सम्मान पंजाब के सबसे बड़े स्पोर्ट्स अवॉर्ड में से एक माना जाता है और यह स्पोर्ट्स में बेहतरीन काम, लगन और इंटरनेशनल लेवल के परफॉर्मेंस को पहचान देता है। इन खिलाड़ियों ने नेशनल और इंटरनेशनल चैंपियनशिप में अपने शानदार परफॉर्मेंस से पंजाब का नाम रोशन किया है और स्पोर्ट्स में युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा सोर्स बन गई हैं। इनकी उपलब्धियां नीचे दी गई हैं:- अमनजोत कौर बैंस ने गोवा में हुई 29वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, कर्नाटक में हुई 30वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, ओडिशा में हुई 31वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है।  अमनजोत कौर बैंस 2016 में कोरिया के गिजांग शहर में हुए 7वें विमेंस बेसबॉल वर्ल्ड कप में इंडियन विमेंस बेसबॉल टीम की कैप्टन थीं। अर्शदीप कौर ने 2015 में आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी में हुई ऑल इंडिया बेसबॉल यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, 2015 में गोवा में हुई 29वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता  जो 2016 में कर्नाटक में हुई,  30वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने 2017 में पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में भी सिल्वर मेडल, 2017 में ओडिशा में हुई 31वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और बाद में 2018 में छत्तीसगढ़ में हुई 32वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। उन्होंने कोरिया के गिजांग शहर में हुए 7वें विमेंस बेसबॉल वर्ल्ड कप में भी हिस्सा लिया।  वीरपाल ने 2015 में आचार्य नागार्जुन यूनिवर्सिटी में हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल, 2015 में गोवा में हुई 29वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, 2016 में कर्नाटक में हुई 30वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल और 2017 में ओडिशा में हुई 31वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर पंजाब का नाम रोशन किया। उन्होंने 2018 में छत्तीसगढ़ में हुई 32वीं सीनियर नेशनल बेसबॉल चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता, साथ ही 2017 में पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में हुई ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। उन्होंने कोरिया के गिजांग शहर में हुई 7वीं महिला बेसबॉल वर्ल्ड कप चैंपियनशिप में भी भारत को रिप्रेजेंट किया। इस गर्व के मौके पर, पंजाब बेसबॉल एसोसिएशन के सेक्रेटरी इंजीनियर हरबीर सिंह गिल और प्रधान सरदार सुखदेव सिंह औलाख ने तीनों खिलाड़ियों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये सम्मान न केवल खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए बल्कि पूरे पंजाब बेसबॉल समुदाय के लिए गर्व की बात है।  उन्होंने आगे कहा कि इन लड़कियों की सफलता कई युवा एथलीटों, खासकर लड़कियों को खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने और राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। 

शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान, बोले- अब हर मौत का हिसाब होगा

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर हुए हमलों को लेकर ऐक्शन मोड में हैं। उन्होंने चेतावनी दे दी है कि 2021 चुनाव के बाद हुए कथित हमलों की कानूनी जांच की जाएगी। साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी कानून हाथ में नहीं लेने की हिदायत दी है। खास बात है कि 2026 विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अधिकारी पहली बार रविवार को नंदीग्राम पहुंचे थे। हमलों का रखा है रिकॉर्ड नंदीग्राम में अधिकारी ने कहा कि भाजपा ने उसके कार्यकर्ताओं पर हुए तृणमूल कांग्रेस के कथित हमलों का रिकॉर्ड रखा है। उन्होंने कहा, '2021 विधानसभा चुनावों के बाद कई भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों को तोड़ा गया और कई पार्टी समर्थकों को मारा गया। सभी का हिसाब रखा गया है और सभी को कानूनी न्याय मिलेगा।' उन्होंने कहा, 'अगर आप चाहें, तो तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घरों की ईंटें खींच लें, लेकिन ऐसा कभी नहीं करना। भाजपा ऐसे कामों को बढ़ावा नहीं देती है। मुझे सब याद है और मैं किसी भी बात को नहीं छोड़ूंगा।' मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा, 'मेरे लिए वोट करने में कई लोग मारे गए हैं।' उन्होंने कहा, 'मैंने पूरा रिकॉर्ड रखा है। भरोसा कीजिए, मैं नंदीग्राम का कर्ज चुकाऊंगा।' नंदीग्राम से वादा रविवार को नंदीग्राम में आयोजित रैली में, अधिकारी ने विधायक पद से अपने इस्तीफे को लेकर समर्थकों के बीच फैली चिंताओं को दूर करने की कोशिश की और इस बात पर जोर दिया कि सीट छोड़ने से इस क्षेत्र से उनका जुड़ाव कमजोर नहीं होगा। नंदीग्राम को अपना 'घर' और अपने राजनीतिक उत्थान की जन्मस्थली बताते हुए अधिकारी ने कहा कि 2003 से संघर्ष के दौरान बना उनका रिश्ता भवानीपुर जाने के बावजूद पहले की तरह कायम रहेगा। अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। जीत के बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट खाली कर दी। इससे पहले 2021 में भी नंदीग्राम में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को मामलू अंतर से हरा दिया। हालांकि, 2026 में उन्होंने बनर्जी के सामने ही 15 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की है। छोटे भाई को दी जिम्मेदारी खास बात है कि सीएम अधिकारी ने नंदीग्राम की जिम्मेदारी छोटे भाई सोमेंदु अधिकारी को दी है। उन्होंने कहा, 'फिलहाल मेरे ऊपर पूरे राज्य की ज़िम्मेदारी है। सरकार चलाने के काम के दबाव के कारण मैंने सोमेंदु अधिकारी को यह खास जिम्मेदारी सौंपी है। नंदीग्राम में पंचायत, प्रशासन और जनता की सेवा से जुड़े मामलों में पांच विधायक उनकी मदद करेंगे।'

छात्रों के लिए बड़ा अपडेट! 28 मई की CUET UG परीक्षा स्थगित, जल्द आएगी नई डेट

 लखनऊ नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (यूजी) के तहत 28 मई को होने वाली परीक्षा को ईद-उल-अजहा (बकरीद) के चलते स्थगित कर दिया है। यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जानी थी। अब जल्द ही इसकी नई तिथि घोषित की जाएगी। इसकी सूचना रविवार को एनटीए ने अपनी वेबसाइट पर जारी की है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे एनटीए की अधिकारिक वेबसाइट (https://nta.ac.in) और https://cuet.nta.nic.in/) को नियमित रूप से देखते रहें। क्यों टाली गई परीक्षा NTA के मुताबिक, सरकार की ओर से ईद-उल-जुहा (बकरीद) की छुट्टी की तारीख में बदलाव किया गया है. इसी को ध्यान में रखते हुए 28 मई 2026 को होने वाली CUET-UG परीक्षा की दोनों शिफ्ट्स को स्थगित कर दिया गया है।  दोनों शिफ्ट्स प्रभावित एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि 28 मई को निर्धारित सुबह और दोपहर दोनों शिफ्ट्स की परीक्षाएं अब नहीं होंगी. इस दिन परीक्षा देने वाले सभी उम्मीदवारों पर यह फैसला लागू होगा. न्यूज एजेंसी ANI ने भी इस जानकारी अपने एक्स हैंडल से शेयर किया है।  नई तारीख का इंतजार NTA ने कहा है कि प्रभावित उम्मीदवारों के लिए नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी. छात्रों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट चेक करते रहें, ताकि उन्हें ताजा अपडेट मिल सके।  क्या है CUET-UG परीक्षा CUET-UG (कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट) देशभर में आयोजित होने वाली एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है. इसके जरिए केंद्रीय, राज्य और निजी विश्वविद्यालयों समेत 280 से ज्यादा संस्थानों में स्नातक कोर्स में दाखिला मिलता है।  आधिकारिक नोटिस भी जारी NTA ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी किया है, जिसमें 22 मई के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के मेमोरेंडम का हवाला दिया गया है. साथ ही छात्रों को हेल्पलाइन नंबर और ईमेल के जरिए सहायता लेने की सुविधा भी दी गई है.