samacharsecretary.com

भोपाल गैस त्रासदी से लेकर आपातकाल तक,रघु राय ने कैमरे में कैद किया भारत का इतिहास

नई दिल्ली भारत के विविध रूपों को अपने कैमरे में कैद करने वाले देश के प्रख्यात छायाकारों (फोटोग्राफर) में से एक रघु राय का रविवार तड़के यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वह 83 वर्ष के थे. रघु राय के बेटे एवं छायाकार नितिन राय ने बताया ‘‘पिताजी को दो साल पहले प्रोस्टेट कैंसर हुआ था, लेकिन बाद में उन्हें राहत मिलने लगी थी. फिर कैंसर पेट तक फैल गया, जो ठीक हो गया. हाल में यह मस्तिष्क तक पहुंच गया था और उन्हें उम्र संबंधी अन्य तकलीफें भी थीं.'' रघु राय के परिवार में उनकी पत्नी गुरमीत, बेटे नितिन और तीन बेटियां- लगन, अवनि और पूर्वाई हैं. उनका अंतिम संस्कार रविवार शाम चार बजे लोधी श्मशान में किया जाएगा. रघु राय का जन्म 18 दिसंबर 1942 को पंजाब के झंग (पाकिस्तान वाले हिस्से) में हुआ था. उन्होंने फोटोग्राफी पर कई किताबें भी लिखी थीं. रघु राय का भारतीय फोटोग्राफी और फोटो पत्रकारिता (Photo Journalist) में करियर 5 दशक से भी ज्यादा रहा है. उन्होंने आपातकाल से लेकर भोपाल गैस त्रासदी को अपने कैमरे में कैद किया था. इसके अलावा उन्होंने देश और दुनिया की कई महत्वपूर्ण घटनाओं को भी अपने कैमरे में उतारा था. उनकी ली हुई आज भी कई ऐतिहासिक तस्वीरें ऐसे ही हैं, जो महज फोटो नहीं बल्कि एक जीवंत दस्तावेज मानी जाती हैं. भोपाल त्रासदी की यह तस्वीर नहीं भूल सकता कोई उनकी भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal Gas Tragedy) की वह तस्वीर तो कई भी नहीं भूल सकता जो उन्होंने 4 दिसंबर 1984 को ली थी. यह उस समय की ब्लैक एंड व्हाइट फोटो थी. जब यह फोटो सामने आई तो पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया था. अगर भी कोई तस्वीर देखता है तो वह उस वक्त के हादसे के दर्द को बयान करती है. रघु द्वारा ली गई भोपाल त्रासदी की इस तस्वीर को बाद में स्‍वतंत्र फोटो जर्नलिस्‍ट पाब्‍लो बार्थोलमियो कलर इमेज के साथ नया रूप दे दिया था. 42 साल भी ताजा लगते हैं गैस त्रासदी के जख्म भोपाल में यूनियन कार्बाइड लिमिटेड (Union Carbide Limited Fctory) नाम की एक फैक्ट्री थी, जहां कीटनाशक दवाओं का निर्माण किया जाता था. फैक्ट्री स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का एक बड़ा जरिया हुआ करती थी. दो दिसंबर 1984 को कर्मचारी अपनी रात की ड्यूटी पर थे. इसी बीच संयंत्र से खतरनाक गैस (मिथाइल आइसोसाइनेट) का रिसाव शुरू हो गया. टैंक नंबर 610, जहां सबसे पहले गैस रिसाव हुआ. बताया जाता है कि इसी टैंक से निकली गैस पानी से मिल जाने की वजह से बहुत जल्द भोपाल के एक हिस्से को अपने आगोश में लपेट लिया. 3 दिसंबर की सुबह, पूरी दुनिया को इस प्रलय के बारे में पता चला और उन्हें यकीन नहीं हुआ. इस हादसे में तुरंत लगभग 3000 लोगों की जान चली गई और हजारों लोग हमेशा के लिए शारीरिक रूप से कमजोर हो गए.

कूलर चलाने का सही समय: सुबह 5–6 बजे शुरू करें, पूरे दिन घर रहेगा ठंडा और बिजली की होगी बचत

 क्या आप जानते हैं कि कूलर आपका कमरा ही नहीं पूरे घर का ठंडा रख सकता है, अगर उसे सही समय पर चलाया जाए। दरअसल कूलर के काम करने की टेक्नोलॉजी AC से काफी अलग है। एयर कंडीशनर कमरे में मौजूद गर्म हवा को बाहर निकालता है और ठंडा और शुष्क बनाकर कमरे में वापस छोड़ता है। यही वजह है कि AC को किसी भी समय चलाया जाए, वह कमरा ठंडा कर सकता है। वहीं कूलर अलग तरह से काम करता है। वह बाहर की हवा को ठंडा करके कमरे में छोड़ता है। ऐसे में कूलर के लिए ठंडक देने के लिए जरूरी हो जाता है कि उसके आस-पास का माहौल बहुत ज्यादा गर्म ना हो। ऐसे में कूलर को अगर कूलर सही समय पर चलाया जाए, तो वह गर्मी बढ़ने से पहले दीवारों, फर्श और छत को ठंडा कर देता है। ऐसे में दिनभर ठंडा माहौल घर में बना रहेगा। इससे AC चलाने की जरूरत भी कम महसूस होगी और लंबी अवधि में आप पैसों की बचत भी कर पाएंगे। किस समय चलाना चाहिए कूलर? अगर आप चाहते हैं कि आपका कूलर दिनभर घर या कमरे को (जहां तक कूलर की हवा की रेंज है) को ठंडा करे, तो उसे तब चलाएं जब बाहर मौसम गर्म ना हो। इसके लिए आप सुबह 5-6 बजे का समय चुन सकते हैं। इस समय कूलर बाहर से हवा खींचकर उसे काफी ज्यादा ठंडा कर पाएगा क्योंकि बाहर ज्यादा गर्मी नहीं होगी। यह समय कूलर चलाने के लिए बेस्ट समझा जाता है और इसके बाद अगर 9-10 बजे तक कूलर को चलने दिया जाए, तो आपके घर या कमरे का तापमान दिनभर मेंटेन रहने के लिए सेट हो जाता है।(REF.) कूलर की टेक्नोलॉजी का कनेक्शन जैसा कि हमने बताया कूलर बाहर की हवा खींचकर उसे पानी से गुजाकर ठंडा करता है और उस ठंडी हवा को कमरे में छोड़ता है। अगर कूलर को बाहर गर्म हवा मिले, तो पानी से गुजारने के बावजूद वह ठंडी नहीं हो पाती और नतीजतन कूलर ठंडक नहीं दे पाता। यही वजह है कि कूलर उस समय चलाने की सलाह दी जाती है, जब बाहर वातावरण में गर्मी न हो। दिनभर कैसे बनी रहती है ठंडक? दिन के समय में कूलर चलाने की वजह से घर का फर्श, दीवारें और छंत ठंडक अपने भीतर स्टोर कर लेती हैं। इसके बाद जब दिन में तापमान बढ़ता है, तो वे पहले से ठंडी दीवारों और छत को उस तरह से नहीं तपा पाता, जैसे कि साधारण दीवारें या छत तप जाती हैं। इसका नतीजा यह रहता है कि आपका कूलर पूरा दिन घर का तापमान मेंटेन रख पाता है। इसके चलते आपको AC चलाने की जरूरत भी महसूस नहीं होती या 1-2 घंटे AC चलाकर और बाकी समय कूलर के साथ घर को चिल्ड रख सकते हैं। शाम और रात को चलाना कैसा? लोग कूलर को शाम या रात में चलाने की सलाह भी देते हैं और इसमें कोई बुराई भी नहीं है। हालांकि यह गर्मियों में झुलसने वाले उत्तर भारत के लिए ज्यादा ठीक समय नहीं है। दरअसल उत्तर भारत में तापमान 40-45 या कई बार 50 डिग्री तक भी पहुंचता है। ऐसे में कूलर दिन में ना चलाकर अगर शाम या रात में चलाया जाए, तो वह बुरी तरह से तप चुकी दीवारों और छत को ठंडा नहीं कर पाता। इसका सबसे ज्यादा फायदा तभी मिलता है, जब आप सुबह से ही दीवारों और छत का तापमान ठंडा कर लें। वहीं जहां गर्मी का ऐसा प्रकोप नहीं पड़ता, उनके लिए शाम या रात में कूलर चलाना भी अच्छा रहता है।  

एक्सपर्ट्स की सलाह,IRFC, पॉलीकैब और बजाज फाइनेंस में सोमवार को खरीदारी के संकेत

नई दिल्ली सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवर को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी हलचल हो सकती है। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बरकरार है। इस माहौल के बीच कुछ शेयर पर निवेशकों की नजर रहेगी। ये शेयर- इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्प यानी आईआरएफसी, पॉलीकैब इंडिया, बजाज फाइनेंस, एसबीआई, कोल इंडिया और ग्रासिम हैं। एक्सपर्ट ने खरीदने की दी सलाह आनंद राठी में टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर गणेश डोंगरे ने इन तीनों शेयर को सोमवार को खरीदने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्प के शेयर को ₹103-106 पर खरीदा जा सकता है। इस शेयर का टारगेट प्राइस ₹111 और स्टॉप लॉस ₹98 रखने की सलाह दी गई है। इसी तरह, पॉलीकैब इंडिया के शेयर को ₹8040-8070 रेंज पर खरीदने की सलाह दी गई है। शेयर के लिए टारगेट प्राइस ₹8300 और स्टॉप लॉस ₹7900 तय किया है। वहीं, बजाज फाइनेंस की बात करें तो ₹921 पर खरीदने और टारगेट प्राइस ₹965 तय किया है। इस शेयर के लिए स्टॉप लॉस ₹900 तय है। बाजार पर क्या बोले? गणेश डोंगरे ने कहा कि हाल के जियो पॉलिटिक्स के हालात ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। आने वाला सप्ताह बहुत अहम होगा, क्योंकि निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत से जुड़ी अपडेट्स पर नजर रखेंगे। ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे सोच-समझकर दांव लगाएं, रिस्क मैनेजमेंट में अनुशासन बनाए रखें और खबरों से होने वाली उतार-चढ़ाव के प्रति सतर्क रहें। उन्होंने कहा कि ग्लोबल स्तर पर किसी भी तरह के तनाव या समाधान का बाजार की दिशा पर बड़ा असर पड़ सकता है। Nifty 50 के आउटलुक पर डोंगरे ने कहा कि लगातार तीसरे सप्ताह इस इंडेक्स ने अपनी रिकवरी जारी रखी, जो घरेलू बाजारों में बेहतर होते सेंटिमेंट को दिखाता है। हालांकि, इंडेक्स ने 25,000 के मनोवैज्ञानिक रूप से अहम स्तर के पास कुछ हिचकिचाहट दिखाई। टेक्नीकल नजरिए से Nifty के लिए तुरंत सपोर्ट 23,500–23,800 की रेंज में है जबकि 24,800–25,000 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है। किसी भी करेक्शन के दौर में 23,000–23,500 का जोन एक मजबूत डिमांड एरिया के तौर पर काम करने की उम्मीद है। एसबीआई, कोल इंडिया और ग्रासिम एक अन्य एक्सपर्ट और चॉइस ब्रोकिंग के कार्यकारी निदेशक सुमीत बगड़िया ने भी तीन शेयरों पर दांव लगाने की सलाह दी है। सुमीत बगड़िया ने SBI, कोल इंडिया और ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयर खरीदने की सलाह दी। एक्सपर्ट ने SBI के लिए ₹1101 पर खरीदने की सलाह दी है। शेयर के लिए टारगेट ₹1180 और स्टॉप लॉस ₹1048 रखा है। वहीं, कोल इंडिया को ₹456 पर खरीदने की सलाह दी गई है। इस शेयर का टारगेट ₹488 और स्टॉप लॉस ₹440 है। इसके अलावा, ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयर को ₹2739 पर खरीदने की सलाह है। शेयर का टारगेट ₹2915 और स्टॉप लॉस ₹2626 तय किया गया है।

इन 7 फलों से बनाएं नेचुरल फेस पैक, चेहरा रहेगा फ्रेश और हेल्दी

 गर्मी के मौसम में तेज धूप और गर्म हवाएं चेहरे को नुकसान पहुंचाती हैं. डिहाइड्रेशन की वजह से स्किन ड्राई, बेजान और रफ दिखने लगती है. ऐसे में जरूरी है कि आप अपने चेहरे का खास ख्याल रखें. इसके लिए महंगे प्रोडक्ट्स की बजाय आप घर में मौजूद मौसमी फलों का इस्तेमाल कर सकते हैं जो आपकी स्किन को नेचुरल तरीके से हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखने में मदद करते हैं. पपीता पपीते में मौजूद एंजाइम्स स्किन को एक्सफोलिएट करते हैं और कोलेजन बढ़ाने में मदद करते हैं. पपीते को मैश करके चेहरे पर लगाएं, इससे चेहरा सॉफ्ट और ग्लोइंग बनेगा. स्ट्रॉबेरी स्ट्रॉबेरी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो किल-मुहांसों को कम करने में मदद करते हैं. इसे मैश करके शहद के साथ मिलाएं और फेस पैक की तरह लगाएं. तरबूज तरबूज त्वचा को अंदर से हाइड्रेट करता है. इसके गूदे को सीधे चेहरे पर लगाएं या टोनर की तरह इस्तेमाल करें. ब्लूबेरी ब्लूबेरी स्किन को डैमेज से बचाती है और चमक बढ़ाती है. इसे दही के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाने से बेहतर रिजल्ट मिलते हैं. अनानास अनानास डार्क स्पॉट्स को कम करने में मदद करता है. इसका रस निकालकर पिंपल या दाग वाली जगह पर लगाएं. कीवी कीवी स्किन को सॉफ्ट बनाती है और एजिंग के लक्षण कम करती है. इसे मैश करके नारियल तेल के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएं. आम आम त्वचा को मॉइश्चराइज करता है और एक्ने को कम करने में मदद करता है. इसे मैश कर फेस मास्क की तरह इस्तेमाल करें. इन आसान घरेलू उपायों को अपनाकर आप गर्मियों में अपनी चेहरे को हेल्दी, फ्रेश और ग्लोइंग बनाए रख सकते हैं.  

आम से बनाएं असरदार फेस पैक, स्किन बनेगी मुलायम और चमकदार

 गर्मियों के मौसम में सिर्फ लू और कब्ज जैसी दिक्कतें ही परेशान नहीं करती हैं, बल्कि इस मौमस में चेहरा भी मुरझा जाता है. यह मौसम अपने साथ धूप, पसीना और त्वचा से जुड़ी कई परेशानियां लेकर आता है. तेज धूप की वजह से चेहरा बेजान दिखने लगता है, स्किन टैन हो जाती है और उसका नेचुरल ग्लो कहीं खो जाता है. इन सबकी वजह से लोग फिर बाजार में मिलनेव वाले महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार घरेलू नुस्खे ज्यादा असरदार साबित होते हैं. अगर आप इस गर्मी अपनी स्किन को ठंडक, पोषण और नेचुरल चमक देना चाहती हैं, तो आम आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. आम सिर्फ फलों का राजा नहीं है, बल्कि इसमें कुछ ऐसे पोषण तत्व मौजूद होते हैं जो आपकी स्किन की खोई हुई चमक वापस लाने में मदद कर सकते हैं. इसलिए गर्मी के दिनों में आप आम से बना फेस पैक ट्राई कर सकते हैं. स्किन के लिए वरदान है आम आम को फलों का राजा कहा जाता है, लेकिन यह सिर्फ स्वाद के लिए ही मशहूर नहीं है. इसमें विटामिन A, C, E और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो स्किन को हेल्दी बनाने में मदद करते हैं. आम त्वचा को हाइड्रेट करता है, डेड स्किन हटाने में कारगार है और चेहरे पर एक प्राकृतिक निखार लाता है. गर्मियों में आम आसानी से मिल जाते हैं, इसलिए इसे ब्यूटी रूटीन में शामिल करना काफी आसान होता है. ड्राई स्किन वाले ऐसे बनाएं मैंगो फेस पैक     अगर आपकी स्किन ड्राई है, तो पके हुए आम का दो चम्मच गूदा लें.     उसमें एक चम्मच शहद और एक चम्मच दही मिलाकर अच्छी तरह पेस्ट तैयार करें.     इस फेस पैक को चेहरे और गर्दन पर लगाएं और 15 से 20 मिनट तक छोड़ दें.     बाद में ठंडे पानी से धो लें. इससे त्वचा को गहराई से नमी मिलेगी और चेहरा मुलायम बनेगा. ऑयली स्किन वाले ऐसे करें इस्तेमाल     जिन लोगों की स्किन ऑयली होती है वो आम का गूदा, एक चम्मच बेसन और थोड़ा गुलाबजल मिलाकर पैक तैयार करें.     यह उनके फेस के एक्स्ट्रा ऑयल को कंट्रोल करेगा और स्किन को फ्रेशनेस देगा.     चेहरे पर टैनिंग हो गई है, तो आम के गूदे में थोड़ा नींबू रस और दही मिलाकर लगाएं.     नींबू, आम और दही के मिक्सर से स्किन टोन को बेहतर बनाने में मदद करेगा. फेस पैक के बाद लगाएं ये चीजें फेस पैक लगाने से पहले चेहरा अच्छी तरह साफ करना जरूरी है. पैक हटाने के बाद हल्का मॉइस्चराइजर जरूर लगाएं. यदि आपकी स्किन सेंसेटिव है, तो पहले पैच टेस्ट करना न भूलें.

AAP को बड़ा झटका: राघव चड्ढा समेत 7 सांसद बीजेपी में शामिल

नई दिल्ली राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और हरभजन सिंह समेत सात सांसदों के बीजेपी में शामिल होने से आम आदमी पार्टी (AAP) को तगड़ा झटका लगा है। इस मामले को लेकर AAP नेताओँ और जानकारों का कहना है कि अब पार्टी राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्णन और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से इन सांसदों के खिलाफ एक्शन की मांग कर सकती है। बता दें कि पंजाब में विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले यह आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा झटका है। इसका असर निश्चित तौर पर विधानसभा चुनाव में दिखाई देगा। राज्यसभा सांसद और AAP के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि वह इन सांसदों के खिलाफ ऐक्शन के लिए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन को पत्र लिखेंगे और सातों सांसदों को अयोग्य ठहराने की मांग करेंगे। संजय सिंह ने कहा, जिस तरह से सात सांसद बीजेपी में गए हैं, यह असंवैधानिक और संसदीय नियमों के खिलाफ है। मैं राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखूंगा और मांग करूंगा कि इन सांसदों को अयोग्य ठहराया जाए। दल बदल कानून का सहारा लेना चाहती है AAP उन्होंने कहा, 'दलबदल विरोधी कानून के अनुसार राज्यसभा और लोकसभा में किसी तरह का अलग गुट मान्य नहीं होता, चाहे उसमें दो-तिहाई सदस्य ही क्यों न हों।' उन्होंने यह भी कहा कि इन सात सांसदों का भाजपा में जाना पूरी तरह "असंवैधानिक" और "गैरकानूनी" है। संवैधानिक स्तर पर मामला उठाना चाहती है AAP आम आदमी पार्टी इस पूरे मामले को संवैधानिक स्तर पर आगे बढ़ाना चाहती है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात करने के लिए अपॉइनमेंट मांगा है। जानकारों का कहना है कि आम आदमी पार्टी चाहती है कि इन सभी सांसदों से राज्यसभा की सदस्यता वापस ले ली जाए। इसके लिए वह ‘राइट टु रीकॉल’ का इस्तेमाल करना चाहती है। हालांकि जानकारों का कहना है कि संविधान में इस तरह का प्रावधान नहीं है। अगर जनता चाहे तो चुने गए प्रतिनिधि को कार्यकाल खत्म होने से पहले हटा सकती है। इसे 'राइट टु रिकॉल' कहते हैं। शुक्रवार को एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में, आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सदस्य भाजपा में शामिल हो गए, जिनमें से छह पंजाब से हैं। ये सात सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, स्वाति मालीवाल और विक्रमजीत साहनी हैं। आम आदमी पार्टी (आप) के सूत्रों के अनुसार, मान ने शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगा, ताकि वे सांसदों की ''सदस्यता समाप्त करने'' के मुद्दे पर अपनी पार्टी का पक्ष रख सकें।

पायलट की सूझबूझ से बची 228 यात्रियों की जान, इमरजेंसी स्लाइड्स से सुरक्षित निकाले गए सभी यात्री

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार तड़के एक बड़ा विमान हादसा टल गया. जब स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट LX 147 के टेकऑफ के दौरान इंजन में खराबी आ गई. इसके बाद उसमें आग लग गई. पायलटों की सूझबूझ व त्वरित कार्रवाई के चलते विमान को रनवे पर ही रोक लिया गया. सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. हालांकि इस दौरान छह यात्री मामूली रूप से घायल हो गए. प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह फ्लाइट दिल्ली से स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख के लिए रवाना हो रही थी. विमान ने जैसे ही रनवे पर टेकऑफ के लिए गति पकड़ी तभी उसके एक इंजन में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके बाद आग लगने की घटना सामने आई. स्थिति को भांपते हुए पायलट ने तत्काल टेकऑफ को रद्द कर दिया. आपातकालीन प्रक्रियाएं लागू कर दी गईं. विमान में कुल 228 यात्री सवार विमान में कुल 228 यात्री व चार बच्चे सवार थे. सभी यात्रियों को इमरजेंसी स्लाइड्स व सीढ़ियों के माध्यम से बाहर निकाला गया. निकासी के दौरान अफरा-तफरी की स्थिति में छह यात्रियों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया. राहत की बात ये है कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई हैं. दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने जारी किया बयान दिल्ली एयरपोर्ट प्रशासन ने घटना पर बयान जारी करते हुए कहा कि आज सुबह के शुरुआती घंटों में दिल्ली एयरपोर्ट पर स्विस इंटरनेशनल एयरलाइंस की फ्लाइट LX 147 (दिल्ली-ज्यूरिख) से जुड़ी एक पूर्ण आपात स्थिति घोषित की गई थी. यह घटना रनवे 28/10 पर हुई. सभी निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का तत्काल पालन किया गया. यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. एयरपोर्ट संचालन सामान्य रूप से जारी रहा. एयरलाइन की ओर से भी बयान जारी कर कहा गया है कि घटना की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है. इसके साथ ही प्रभावित यात्रियों को हर संभव सहायता, वैकल्पिक उड़ान, होटल व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. घटना के दौरान एयरपोर्ट की आपातकालीन सेवाएं तुरंत सक्रिय हो गईं और दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया. इस त्वरित प्रतिक्रिया के कारण बड़ा हादसा टल गया. विशेषज्ञों का कहना है कि टेकऑफ के दौरान इंजन फेल होना बेहद संवेदनशील स्थिति होती है, लेकिन पायलट व क्रू की ट्रेनिंग ऐसे ही हालात से निपटने के लिए होती है. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन यात्रियों की जान बचाने में कितना अहम होता है. फिलहाल तकनीकी टीम इस बात की जांच कर रही है कि इंजन में खराबी कैसे आई. आग लगने के पीछे क्या कारण रहे. घटना के बाद कुछ समय के लिए सतर्कता बढ़ाई गई लेकिन एयरपोर्ट का संचालन पूरी तरह सामान्य बना रहा.

भारत की वैज्ञानिक ताकत और शांति का संदेश: मन की बात में पीएम मोदी की बड़ी बातें

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश की वैज्ञानिक उपलब्धियों से लेकर वैश्विक मौजूदा हालात पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दुनिया से भगवान बुद्ध के आदर्शों को अपनाने की अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत विंड एनर्जी में दुनिया की चौथी बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा “चुनावों की भागदौड़ के बीच, आपके संदेशों और पत्रों के जरिए हम नागरिकों की उपलब्धियों की खुशियां साझा करते रहे हैं। इस बार आइए ‘मन की बात’ की शुरुआत देश की ऐसी ही एक बहुत बड़ी उपलब्धि से करें। कुछ दिन पहले भारत के परमाणु वैज्ञानिकों ने देश को एक और बड़ी उपलब्धि से गौरवान्वित किया है। तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल कर ली है, जिसका मतलब है कि अब यह रिएक्टर संचालन के चरण में प्रवेश कर चुका है। पवन ऊर्जा में भारत अब बड़ी बात पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि आज वह एक ऐसी शक्ति की बात करना चाहते हैं जो दिखाई नहीं देती, लेकिन उसके बिना जीवन एक पल भी संभव नहीं है- यह शक्ति है पवन ऊर्जा। उन्होंने कहा कि यही ताकत भारत को आगे बढ़ा रही है और आज पवन ऊर्जा देश के विकास की नई कहानी लिख रही है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत ने हाल ही में इस क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है और देश की पवन ऊर्जा क्षमता 56 गीगावाट से अधिक हो गई है, जिससे भारत दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हो गया है। वैश्विक तनाव पर बुद्ध का संदेश पीएम मोदी ने कहा कि मई का महीना एक शुभ अवसर के साथ शुरू हो रहा है और कुछ ही दिनों में हम बुद्ध पूर्णिमा मनाएंगे। उन्होंने देशवासियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गौतम बुद्ध का जीवन संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध ने हमें सिखाया कि शांति की शुरुआत हमारे भीतर से होती है और स्वयं पर विजय सबसे बड़ी जीत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि आज दुनिया जिस तरह के तनाव और संघर्ष से गुजर रही है, उसमें बुद्ध के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। थलसेना, नौसेना और सीएपीएफ के बैंड्स की तारीफ की पीएम मोदी ने ने कहा कि हमारे देश में 23 जनवरी, यानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती से लेकर 30 जनवरी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि तक ‘गणतंत्र उत्सव’ मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस उत्सव का एक अहम हिस्सा बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी है, और इसके पीछे एक खास वजह है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समारोह विभिन्न बैंड्स के जरिए देश की विविध संगीत परंपराओं को दर्शाता है, और पिछले कुछ वर्षों में इसमें भारतीय संगीत का समावेश बढ़ा है, जिसे देशवासियों ने खूब सराहा है। उन्होंने बताया कि इस साल का बीटिंग रिट्रीट समारोह बेहद यादगार रहा, जिसमें वायुसेना, थलसेना, नौसेना और सीएपीएफ के बैंड्स ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।

अजिंक्य रहाणे और ऋषभ पंत पर दबाव, जीत जरूरी

लखनऊ अंक तालिका में नीचे चल रही कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) और लखनऊ सुपर जाएंट्स के बीच रविवार को आईपीएल 2026 का मुकाबला खेला जाएगा। दोनों ही टीमों का प्रदर्शन इस सीजन अच्छा नहीं रहा है। ऐसे में अपनी संभावनाओं को जीवंत रखने के लिए इन्हें हर हाल में जीत चाहिए होगी। केकेआर के लिए राहत की बात है कि उसके श्रीलंकाई तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना टीम से जुड़ गए हैं और इस मैच के लिए प्लेइंग-11 में शामिल हो सकते हैं। रहाणे की कप्तानी पर उठ रहे सवाल आईपीएल 2025 के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भी केकेआर ने रहाणे को कप्तान बनाए रखकर साहसिक फैसला किया, लेकिन उनकी अगुआई में टीम इस सत्र में भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है। केकेआर को अपनी पहली जीत दर्ज करने में सात मैच लगे। यह जीत भी उसे सामूहिक प्रयास से नहीं बल्कि रिंकू सिंह के व्यक्तिगत प्रदर्शन की बदौलत मिली। रहाणे ने अब तक कुछ मैच में अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन वह अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाए हैं जो कि इस प्रारूप में जरूरी है। उनकी उम्र लगभग 38 वर्ष है और ऐसे में उन्हें लंबी अवधि तक टी20 टीम का कप्तान बनाए रखना इस प्रारूप की मांगों के अनुरूप नहीं लगता है। स्पष्ट नहीं है केकेआर की रणनीति कमजोर तेज गेंदबाजी आक्रमण और स्पिन गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती के नहीं चल पाने से भी रहाणे की मुश्किलें बढ़ी। यही नहीं टीम अभी तक सही संयोजन भी तैयार नहीं कर पाई है। रचिन रवींद्र को अभी तक एक भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला है, जबकि उनके देश न्यूजीलैंड के फिन एलेन और टिम सीफर्ट के बीच बिना किसी स्पष्टता के अदला-बदली का खेल चल रहा है। पंत की फॉर्म ने बढ़ाई चिंता दूसरी ओर, लखनऊ का अभियान भी अब तक अच्छा नहीं रहा है। ऋषभ पंत की अगुआई वाली इस टीम ने केवल दो मैच जीते हैं और उस पर जल्दी बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है। लगातार चार हार और कप्तान के कई फैसलों ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है। पंत स्वयं अच्छा प्रदर्शन नहीं कर का रहे हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 67 रन की पारी के बाद से उन्होंने पांच पारियों में केवल 72 रन बनाए हैं, जिसमें राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ तीन गेंदों पर शून्य पर आउट होना भी शामिल है। एलएसजी का अपने घरेलू मैदान पर खराब प्रदर्शन इस साल भी जारी रहा। पिछले सत्र में उसे यहां खेले गए आठ मैचों में से छह में हार मिली, जिसमें लगातार पांच हार शामिल हैं। इस साल उसने यहां तीन मैच गंवाए हैं। एलएसजी ने इस मैदान पर खेले गए कुल 24 मैचों में से केवल नौ में जीत हासिल की है। उनकी बल्लेबाजी में निरंतरता की कमी रही है और शीर्ष क्रम के बार-बार लड़खड़ाने से मध्य क्रम की कमजोरियां उजागर हो गई हैं। इस मैच के लिए दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11: केकेआर: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), सुनील नरेन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, रोवमैन पॉवेल, रिंकू सिंह, अनुकूल रॉय, रमनदीप सिंह, कार्तिक त्यागी, मथीशा पथिराना, वरुण चक्रवर्ती। लखनऊ: मिचेल मार्श, आयुष बदोनी, ऋषभ पंत (कप्तान और विकेटकीपर), एडेन मार्करम, निकोलस पूरन, हिम्मत सिंह, मुकुल चौधरी, दिग्वेश राठी, मोहम्मद शमी, प्रिंस यादव, मयंक यादव। केकेआर और लखनऊ के बीच आईपीएल 2026 का मैच कब खेला जाएगा? केकेआर और लखनऊ के बीच आईपीएल 2026 का मैच 26 अप्रैल यानी रविवार को खेला जाएगा। केकेआर और लखनऊ के बीच आईपीएल 2026 का मैच कहां खेला जाएगा? केकेआर और लखनऊ के बीच आईपीएल 2026 का मैच लखनऊ के अटल विहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। केकेआर और लखनऊ के बीच आईपीएल 2026 का मैच कितने बजे से खेला जाएगा? केकेआर और लखनऊ के बीच आईपीएल 2026 का मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। टॉस इससे आधे घंटे पहले यानी शाम 7:00 बजे होगा। केकेआर और लखनऊ के बीच आईपीएल 2026 का मैच कहां देख पाएंगे? आईपीएल 2026 के प्रसारण अधिकार स्टार स्पोर्ट्स के पास है और दर्शक इसके मुकाबले स्टार स्पोर्ट्स के चैनलों पर देख सकेंगे।

वास्तु शास्त्र के अनुसार मायके और ससुराल से किन चीजों को लाना होता है अशुभ, जानें जरूरी नियम

वास्तु शास्त्र के अनुसार, विवाहित महिलाओं को मायके से ससुराल आते समय कुछ विशेष चीजों को अपने साथ नहीं लाना चाहिए। ऐसा करने से पति और परिवार को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा पति को भी ससुराल से कुछ चीजों को भूलकर भी नहीं लेना चाहिए। ऐसा करने से शुक्र और शनि ग्रह खराब हो सकते हैं। जो आगे चलकर घर में अशांति और पैसे की दिक्कत का कारण बनते हैं। आइए वास्तु गुरु मान्या जी से जानते हैं कि ससुराल और मायके से किन चीजों को लेने से बचना चाहिए। इलेक्ट्रॉनिक्स सामान इलेक्ट्रॉनिक सामान का संबंध राहु से माना गया है। अगर आप ससुराल से बिना वजह या मुफ्त में इलेक्ट्रॉनिक्स सामान लेते हैं, तो आपको राहु का दोष का सामना करना पड़ सकता है। इससे आपके अप्रत्याशित खर्चे बढ़ते हैं। काले कपड़े या कंबल काले रंग का रिश्ता शनिदेव से होता है। ऐसे में ससुराल वालों से उपहार के रूप में कोई भी काला कपड़ा या कंबल नहीं लेना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में संघर्ष बढ़ सकता है और काम में रुकावट आने लगती है। मायके से झाड़ू नहीं लाना चाहिए झाड़ू को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। ऐसे में मायके से झाड़ू लाना मतलब अपनी संपत्ति और समृद्धि को खतरे में डालना। माना जाता है कि झाड़ू लाने से घर की बरकत रुक जाती है। लोहा और नुकीली वस्तुएं महिलाओं को मायके से कभी भी चाकू, कैंची या कोई भी नुकीली चीज नहीं लेनी चाहिए। ऐसा करने से रिश्तों में कड़वाहट आती है। इसके अलावा ससुराल से लोहे का भारी सामान मुफ्त में लेने से अचानक दुर्घटना का कारण बन सकता है। पहने हुए जूते न लें किसी के पहने हुए जूते लेना मतलब उसके संघर्ष और बुरी किस्मत को अपनी तरफ आकर्षित करना। किसी के पुराने जूते लेने से राहु खराब होता है। जिससे आपको करियर में समस्या का सामना करना पड़ता है। पुरानी किताबें या अखबार महिलाओं को अपने मायके से कभी भी रद्दी या पुराने अखबार या किताबें अपने साथ नहीं लानी चाहिए। इसे आप अपने घर की अव्यवस्था अपने ससुराल चली आती है। इसके कारण आपको भ्रम और निर्णय लेने में समस्या होने लगती है।