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वेनेजुएला जहाज पर अमेरिकी हमला, ड्रग तस्करी के आरोप में 11 की हुई जान

कैरेकस अमेरिका ने वेनेजुएला के जहाज पोत पर सैन्य हमला कर दिया है. इस हमले में 11 की मौत हो गई है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट कर खुद इसकी जानकारी दी. ट्रंप ने कहा कि आज सुबह मेरे आदेश पर अमेरिकी सैन्यबलों ने SOUTHCOM क्षेत्र में Tren de Aragua नार्को गैंग पर सैन्य कार्रवाई की. टीडीए एक विदेशी आतंकी संगठन है, जो निकोलस मादुरो के नियंत्रण में काम करता है और जिसने सामूहिक हत्याओं, नशीले पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी और अमेरिका एवं पूरे पश्चिमी गोलार्ध में हिंसा व आतंक की घटनाओं को अंजाम दिया है. ट्रंप ने बताया कि ये सैन्य कार्रवाई उस समय की गई, जब आतंकी अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में नशीले पदार्थों की खेप लेकर अमेरिका की ओर जा रहे थे. इस हमले में 11 आतंकियों को मार गिराया गया है. इस कार्रवाई में अमेरिकी सेना को किसी तरह की क्षति नहीं पहुंची. यह संदेश हर उस व्यक्ति के लिए चेतावनी है, जो अमेरिका में ड्रग्स लाने के बारे में सोच भी रहा है. सावधान हो जाइए! इस मामले पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद. बता दें कि मौजूदा समय में अमेरिकी नौसेना की एक बड़ी टुकड़ी कैरीबिया में तैनात है, जो उस जगह के पास है, जहां से वेनेजुएला के जहाज पर स्ट्राइक की गई. 4500 नौसैनिकों के साथ चार विध्वंसक और टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों को तैनात किया गया है. मादुरो पर अमेरिका सरकार पर आरोप वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका पर उनकी सरकार के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का आरोप लगाया है. उन्होंने एक सितंबर को कहा था कि ट्रंप सरकार सैन्य धमकियों के जरिए वेनेजुएला में सरकार बदलना चाहती है. मादुरो ने कहा था कि हम अमेरिका के किसी भी तरह के हमले का मुकाबा करने के लिए तैयार हैं.

रायपुर : प्रदेश में अब तक 916.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 916.8 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बलरामपुर जिले में सर्वाधिक 1313.4 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 448.0 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है। रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 794.9 मि.मी., बलौदाबाजार में 650.6 मि.मी., गरियाबंद में 773.4 मि.मी., महासमुंद में 670.4 मि.मी. और धमतरी में 825.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 904.0 मि.मी., मुंगेली में 877.4 मि.मी., रायगढ़ में 1090.5 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 748.4 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1077.8 मि.मी., सक्ती में 955.1 मि.मी., कोरबा में 894.3 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 891.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 728.8 मि.मी., कबीरधाम में 648.7 मि.मी., राजनांदगांव में 823.3 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1156.9 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 680.4 मि.मी. और बालोद में 1004.2 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 655.0 मि.मी., सूरजपुर में 980.4 मि.मी., जशपुर में 892.5 मि.मी., कोरिया में 998.2 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 908.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1304.9 मि.मी., कोण्डागांव जिले में 845.0 मि.मी., कांकेर में 1062.4 मि.मी., नारायणपुर में 1136.7 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1258.7 मि.मी., सुकमा में 1006.0 मि.मी. और बीजापुर में 1246.6 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।

रायपुर : दो सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 6.78 करोड़ रूपए स्वीकृत

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन जल संसाधन विभाग द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले की दो सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 6 करोड़ 78 लाख 16 हजार रूपए स्वीकृत किए है। सिंचाई योजना के कार्यों में विकासखण्ड बलौदाबाजार की कोटानाला व्यपवर्तन के नहर लाईनिंग एवं जीर्णोद्धार कार्य के लिए तीन करोड़ 33 लाख 20 हजार रूपए और मल्लीन नाला पर घुलघुल स्टापडेम निर्माण कार्य के लिए तीन करोड़ 44 लाख 96 हजार रूपए स्वीकृत किए है। स्वीकृत इन कार्यों को पूर्ण कराने जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से मुख्य अभियंता महानदी गोदावरी कछार जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।

अलीबाग जमीन विवाद: सुहाना खान से जुड़ी डील पर उठा सवाल

मुंबई  बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान और गौरी खान की बेटी सुहाना खान इन दिनों अपनी फिल्म ‘किंग’ की शूटिंग में बिजी हैं. इस फिल्म से उनका थिएट्रिकल डेब्यू होने वाला है. ‘किंग’ की चर्चाओं के बीच वो मुश्किलों में फंस गई हैं. मामला जमीन विवाद से जुड़ा है. मामला बड़ा तो अब सरकारी फाइलें खुलने लगी है. क्या है ये पूरा मामला चलिए आपको बताते हैं. 25 साल की सुहाना खान ने हाल ही में करोड़ों की एक डील की. लेकिन इस डील के बाद वो मुश्किल में फंस गई हैं. दरअसल, अलीबाग के थल गांव में उन्होंने जमीन का सौदा किया. करोड़ों का लेन-देन सब हो गया था. लेकिन अब आरोप ये है कि सुहाना ने उस जमीन का सौदा कर डाला, जिसको महाराष्ट्र सरकार ने खेती के लिए किसानों को दिया है. 2023 में हुई 12 करोड़ से ज्यादा की डील दरअसल, सुहाना खान ने अलीबाग के थाल गांव में मई 2023 में 12 करोड़ रुपए से ज्यादा की जमीन खरीदी थी. इसके लिए एक्ट्रेस ने स्टाम्प ड्यूटी भी दी. मगर अब कहा जा रहा है कि यह डील सही नहीं है. असल में ये जमीन सरकार ने किसानों को खेती के लिए दी थी और सुहाना खान ने बिना अनुमति इसे खरीद लिया. यही नहीं, जो दस्तावेज जमा किए गए हैं उनमें सुहाना को किसान दिखाया गया है. इस प्रॉपर्टी को देजा वू प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पंजीकृत किया गया है. यह कंपनी गौरी खान के परिवार की है, जिसमें वह और उनकी भाभी डायरेक्टर हैं. अलीबाग तहसीलदार से मांगी रिपोर्ट जानकारी के मुताबिक, सुहाना ने यह जमीन मुंबई के कफ परेड में रहने वाले खोटे परिवार से करीब 12.91 करोड़ रुपए में खरीदी दी. उन्होंने 77.46 लाख रुपए स्टांप ड्यूटी भी दी. ट्रांसफर 30 मई 2023 को स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के जरिए हुआ. अब इस मामले में अलीबाग तहसीलदार से निष्पक्ष जांच रिपोर्ट मांगी गई है. इसका आदेश रेजिडेंट डिप्टी कलेक्टर ने जारी किया है. महाराष्ट्र कृषि भूमि अधिनियम क्या है महाराष्ट्र कृषि भूमि अधिनियम, 1961 के अनुसार, खेती की जमीन केवल वही व्यक्ति खरीद सकता है जो खुद किसान हो या जिसके परिवार के पास पहले से कृषि भूमि मौजूद हो. गैर-किसान सीधे इस तरह की जमीन नहीं खरीद सकते. अगर कोई जमीन सरकार ने किसी किसान परिवार को विशेष तौर पर खेती के लिए दी है, तो उसे बेचने के लिए सीधी अनुमति नहीं होती. ऐसे मामलों में कलेक्टर की मंजूरी जरूरी होती है. लेन-देन पूरा करने से पहले खरीदार और विक्रेता-दोनों को तहसीलदार या कलेक्टर से NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेना अनिवार्य है. जमीन खरीदने बाद फिर सुहाना के नाम नई प्रॉपर्टी यही नहीं, इस प्रॉपर्टी को खरीदने के बाद सुहाना खान के नाम पर वहां पर समंदर किनारे 10 करोड़ रुपये की एक और प्रॉपर्टी खरीदी थी. अभी तक सुहाना खान या शाहरुख खान की तरफ से इस पर कोई बयान सामने नहीं आया है. डैड शाहरुख के साथ आएगी नजर वर्क फ्रंट की बात करें तो सुहाना ओटीटी पर आर्चीज से डेब्यू कर चुकी हैं तो अब डैड शाहरुख खान के साथ जल्द ही पर्दे पर दिखाई देंगी. डायरेक्शन सिद्धार्थ आनंद का है, जिन्होंने शाहरुख की पठान का निर्देशन किया था. उनके अलावा मूवी में अभिषेक बच्चन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, अरशद वारसी, जयदीप अहलावत और अभय वर्मा जैसे सितारे हैं. इसे अगले साल रिलीज किया जा सकता है फिलहाल इस फिल्म की शूटिंग जारी है. इसमें अभिषेक बच्चन विलेन के रोल में दिखाई देंगे.

छोटे किसानों के लिए खुशखबरी, पेराई सत्र 2025-26 की गन्ना नीति जारी

लखनऊ पेराई सत्र-2025-26 के लिए गन्ना सट्टा एवं आपूर्ति नीति जारी कर दी गई है। इस बार गन्ना समिति के नये किसान सदस्यों को सट्टा पेराई सत्र 2024-25 में संबंधित चीनी मिल की औसत गन्ना आपूर्ति या संबंधित जिले की गन्ना उत्पादकता का 70 प्रतिशत में जो भी अधिक होगा, उसकी सीमा तक गन्ना सट्टा का लाभ दिया जाएगा। नीति में छोटे किसानों और लघु महिला किसानों को भी प्राथमिकता दी गई है। छोटे गन्ना किसानों (81 क्विंटल सट्टाधारक) की पेड़ी गन्ने की पर्चियां एक से तीन पक्ष में और पौधे गन्ने की पर्चियां सात से नौ पक्ष में जारी करने की सुविधा दी गई है। वहीं अति लघु गन्ना किसानों (36 क्विंटल या चार पर्ची बेसिक मोड) और लघु महिला गन्ना किसान (81 क्विंटल या नौ पर्ची बेसिक मोड) को पेड़ी पौधा को 52:48 के अनुपात से मुक्त रखते हुए अति लघु गन्ना किसानों को शत-प्रतिशत पेड़ी गन्ने की पर्चियां प्रथम पक्ष में व पौधे गन्ने की पर्चियां सातवें पक्ष में, जबकि लघु महिला गन्ना किसानों को शत-प्रतिशत पेड़ी गन्ने की पर्चियां एक से तीन पक्ष में व पौधे गन्ना की पर्चियां सात से नौ पक्ष में जारी की जाएंगी। इससे 13.12 लाख छोटे गन्ना किसानों, 3.75 लाख अति लघु गन्ना किसानों व 6,268 लघु महिला गन्ना किसानों के लाभांवित होने का अनुमान है। गन्ना आयुक्त मिनस्ती एस. ने बताया कि गन्ना शोध परिषद की ओर से जारी गन्ना किस्म को.15023 की परिपक्वता के हिसाब से अतिशीघ्र मानते हुए गन्ने की कैलेंडरिंग में प्राथमिकता दी गई है। इसकी पेड़ी की पर्चियां एक से दो पक्ष में और पौधे की पर्चियां सात से आठ पक्ष में अंकित की जाएंगी। इससके चीनी मिलों के चीनी परता में वृद्धि होगी, जिससे किसानों को शीघ्र गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा। वहीं पेड़ी या शरदकालीन पौधे वाले नये समिति सदस्यों की पर्चियां पहली बार पांचवें पक्ष से 12वें पक्ष में लगाए जाने की सुविधा मिलेगी। जिनके पास पौधा गन्ना है, उनकी पर्चियां पिछले वर्ष की तरह सातवें पक्ष से लगेगीं। वर्तमान में पेराई सत्र 2025-26 के लिए जारी सट्टा नीति के तहत गन्ना किसानों को सामान्यतः कैलेंडर के किसी एक कालम में अधिकतम बेसिक मोड की चार पर्चियां ही अंकित की जाएंगी, लेकिन 2,500 क्विंटल या उससे अधिक बेसिक सट्टा धारक किसान के एक कालम में अधिकतम आठ पर्चियां अंकित की जा सकती हैं। ऐसे किसान जिनके पास शत-प्रतिशत पेड़ी गन्ना है, उनकी 52 प्रतिशत पर्चियां छठवें पखवाड़े तक और शेष 48 प्रतिशत पर्चियां सातवें से 10वें पखवाड़े में लगाई जाएंगीं। पेराई सत्र 2025-26 में यदि किसान मेकेनिकल हार्वेस्टिंग के लिए आवेदन करता है तो उसे पारिवारिक कैलेंडर की सुविधा दी जाएगी। ऐसे पुराने गन्ना किसान सदस्यों, जिन्होंने केवल वर्ष 2024-25 में ही गन्ना आपूर्ति की है, उनके बेसिक कोटा का निर्धारण चीनी मिल की औसत आपूर्ति या उस किसान की पेराई सत्र 2024-2025 की आपूर्ति, दोनों में जो भी अधिक हो, दी जाएगी।

GST रेट कट का बड़ा ऐलान कल, रोजमर्रा की चीजें और इलेक्ट्रॉनिक्स हो सकते हैं सस्ते

नई दिल्ली देश में जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विस टैक्स में सुधार को लेकर तैयारियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते 15 अगस्त को लाल किले से किए गए ऐलान के बाद से ही तेज हैं, अब आज से जीएसटी काउंसिल की बैठक शुरू हो रही है और दो दिवसीय इस बैठक में जीएसटी रेट्स में बदलाव से लेकर चार की जगह दो टैक्स स्लैब को लेकर अंतिम मुहर लगेगी. जीएसटी रिफॉर्म के जरिए सरकार का लक्ष्य दरअसल, टैक्स स्ट्रक्चर को आसान बनाना और उपभोक्ताओं को सीधा फायदा पहुंचाना है. उम्मीद है कि नए बदलाव के बाद रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले दूध-पनीर से लेकर टीवी-एसी और कार-बाइक तक की कीमतें कम हो सकती हैं.  जीएसटी सुधारों पर क्या बोलीं वित्त मंत्री?  बता दें कि देश में तमाम अलग-अलग टैक्स को खत्म करते हुए जीएसटी 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था. हालांकि, विपक्ष इस गुड्स एंड सर्विस टैक्स को हमेशा से ही 'गब्बर सिंह टैक्स' कहकर सरकार पर निशाना साधती रही है, लेकिन केंद्र सरकार इसे आर्थिक सुधार की दिशा में उठाया गया अपना बड़ा कदम करार देती है. अब इसे और आसान बनाने की तैयारी के तहत इसमें शामिल टैक्स स्लैब की संख्या को घटाने और तमाम रेट्स को युक्तिसंगत बनाने के लिए आज से तमाम प्रस्तावों पर मंथन शुरू हो रहा है. बैठक शुरू होने से पहले मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जीएसटी सुधारों को लेकर बड़ा बयान दिया था और कहा कि इसका लक्ष्‍य अर्थव्‍यवस्‍था को पूरी तरह से खोलना और पारदर्शिता लाना है, जिससे छोटे उद्योगों की बड़ी मदद होगी. चार स्लैब नहीं, अब रहेंगे सिर्फ दो केंद्र सरकार ने जीएसटी के तहत आने वाले चार टैक्स स्लैब (5%, 12%, 18%, और 28%)  को कम करके 12% और 28% टैक्स को हटाने की की तैयारी की है. मतलब सिर्फ 5% और 18% वाले जीएसटी स्लैब बचेंगे. पीएम नरेंद्र मोदी के ऐलान के बाद हुई मंत्री समूह (GoM) की बैठक में भी 12% और 28% स्लैब को खत्म करने के प्रपोजल को मंजूरी दी जा चुकी है. प्रधानमंत्री ने इस जीएसटी सुधार को देशवासियों के लिए दिवाली गिफ्ट के तौर पर संबोधित किया है. हालांकि, सरकार द्वारा किए जाने वाले जीएसटी रेट्स में इन बदलाव से रेवेन्यू का करीब 40,000 करोड़ के नुकसान का अनुमान जताया गया है, लेकिन ये देश के आम आदमी के लिए बड़ी राहत भरे सुधार साबित होंगे.   क्या-क्या चीजें हो सकती हैं सस्ती?  जीएसटी रिफॉर्म से जुड़े प्रस्ताव लागू होते हैं, तो फिर रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले तमाम सामान सस्ते हो जाएंगे, जिनमें दूध-पनीर, से लेकर नमकीन, साबुन, तेल, कपड़े शामिल हैं, इसके साथ ही स्लैब चेंज होने पर जूते, TV, AC, मोबाइल और कार-बाइक्स के दाम में भी बड़ी कमी देखने को मिल सकती है. प्रस्ताव के तहत जिन सामानों पर जीएसटी स्लैब को 12 फीसदी से कम करते 5 फीसदी के दायरे में लाने की तैयारी यानी इन्हें सस्ता करने का प्लान है, उनमें पैकेज्ड फूड्स जैसे: नमकीन (भुजिया), चिप्स, पास्ता, नूडल्स, जैम, Ketchup, पैकेज्ड जूस, कंडेंस्ड मिल्क, घी, मक्खन, चीज और दूध से बने बेवरेजेस हैं.  जीएसटी की बैठक में  जीरो जीएसटी स्लैब के दायरे में भी सरकार द्वारा इजाफा करने की उम्मीद जताई जा रही है और ऐसे में इस लिस्ट में कई रोजमर्रा के जरूरी सामानों को शामिल किया जा सकता है, जो फिलहाल 5% और 18% जीएसटी के दायरे में आते हैं. बीते दिनों आई बिजनेस टुडे की एक रिपोर्ट की मानें, तो इन सामानों में खासतौर पर फूड प्रोडक्ट शामिल होंगे, जिनमें यूएचटी दूध, प्री-पैकेज्ड पनीर, पिज्जा ब्रेड और रोटी को Zero GST स्लैब में लाया जा सकता है. इसके अलावा पराठा भी शामिल हो सकता है, जिस पर 18% जीएसटी लागू है. कोको बेस्ड चॉकलेट, फ्लेक्स, पेस्ट्री से लेकर आइसक्रीम तक पर लागू जीएसटी स्लैब में बदलाव किया जा सकता है और ये 18% से कम करते हुए 5% हो सकता है.  GST Reforms में क्या-क्या बदलेगा? GST Reforms में होने वाले बदलावों को अगर कम शब्दों में बताए तो जीएसटी के तहत चार स्लैब कम होकर दो स्लैब रह जाएंगे। इसकी वजह से कई चीजों पर टैक्स कम हो जाएगा। ये टैक्स 10 फीसदी तक घट सकता है। वहीं कुछ वस्तु ऐसे भी होने वाले हैं, जिनमें कोई टैक्स नहीं देना होगा। अब उन वस्तुओं के बारे में बात करते हैं, जिनमें शून्य टैक्स लग सकता है। इसका मतलब है कि इन वस्तुओं के खरीद पर जल्द कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा। GST Rate Cut किन वस्तुओं पर नहीं है कोई टैक्स? मीडिया रिपोर्ट के अनुसार GST Reforms के बाद रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाली जरूरी वस्तुओं पर शून्य टैक्स हो जाएगा। देश में बहुत जल्द जीएसटी के तहत चार टैक्स स्लैब की जगह अब दो टैक्स स्लैब ही रहने वाले हैं। अब 5% और 12% के दो टैक्स स्लैब होंगे। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो जरूरी वस्तुएं जैसे पनीर, पिज्जा ब्रेड, खाखरा, चपाती और रोटी जैसी खाद्य वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं लगेगा या फिर 5 फीसदी टैक्स लगाया जा सकता है। ऐसे ही स्टेशनरी, चिकित्सा उपकरण और दवाइयों पर कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा या फिर 5 फीसदी टैक्स लिया जा सकता है। किस पर कितना टैक्स, क्या-क्या सस्ता? मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी टैक्स स्लैब में कुछ इस तरह से बदलाव हो सकता है-     12 फीसदी टैक्स स्लैब वाले 99 फीसदी प्रोडक्ट 5 फीसदी वाली कैटेगरी आ जाएंगे।     28 फीसदी टैक्स स्लैब में आने वाली वस्तु 18 फीसदी टैक्स स्लैब में शामिल हो जाएंगे। इस तरह से 10 फीसदी तक टैक्स कम हो जाएगा। वहीं लग्जरी और हानिकारक वस्तुओं पर 40 फीसदी टैक्स लगेगा। इसकी साथ ही पेट्रोलियम और सोने और हीरों जैसी वस्तु पर पहले जैसे ही टैक्स लगेगा। हालांकि सरकार की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई है। शिक्षा से जुड़े सामान भी हो सकते हैं जीएसटी फ्री   सरकार के पास शिक्षा से जुड़ी तमाम चीजों को भी जीएसटी से फ्री करने का भी प्रस्ताव है. काउंसिल की बैठक में  मानचित्र, वॉटर सर्वे चार्ट, एटलस, दीवार मानचित्रों, ग्लोब, मुद्रित शैक्षिक चार्ट, पेंसिल-शार्पनर के साथ ही प्रैक्टिस बुक, ग्राफ बुक और लैबोरेटरी नोटबुक को जीएसटी से छूट मिल सकती है, … Read more

CM का संदेश: हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में संगठन पहुंचेगा नई ऊंचाइयों पर

भोपाल भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल का आज जन्मदिन है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पार्टी नेताओं ने उन्हें बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया  पर संदेश साझा करते हुए लिखा कि खंडेलवाल के नेतृत्व में भाजपा और अधिक सशक्त व संगठित होकर जनसेवा के नए कीर्तिमान स्थापित करेगी। उन्होंने बाबा महाकाल से उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सफल जीवन की कामना की। वहीं, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने भी हेमंत खंडेलवाल को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि “त्वं जीव शतं वर्धमानः” संगठननिष्ठा और अनुशासन के प्रतीक, सादगी और सेवा के पर्याय, कुशल संगठनकर्ता, भाजपा मध्यप्रदेश के अध्यक्ष आदरणीय श्री हेमंत खंडेलवाल जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मां ताप्ती से आपके स्वस्थ, सुदीर्घ, सफल एवं सुयशपूर्ण जीवन की कामना है।   

बारिश से तबाही, राजस्थान में बाढ़ और हादसे, 13 जिलों में सतर्कता

जयपुर राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर सिस्टम बनने के बाद प्रदेश में लगातार बरसात का दौर जारी है। मौसम विभाग ने अगले चार दिन तक बारिश के आसार जताए हैं। 3 सितंबर को झालावाड़, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा में भारी बरसात का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि चित्तौड़गढ़, बूंदी, कोटा, बारां, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, दौसा और अलवर में यलो अलर्ट रहेगा। लगातार हो रही बरसात से प्रदेश के कई जिलों में हादसे सामने आए हैं। जालोर, सिरोही, दौसा, जोधपुर और प्रतापगढ़ सहित कई जगहों पर हालात बिगड़े। दौसा जिले के लालसोट क्षेत्र में नालावास डैम टूटने से जयपुर के कई गांव डूब गए। कोटखावदा और चाकसू तहसील के पांच से ज्यादा गांव पानी से प्रभावित हुए। सैकड़ों लोग बांध के पानी में फंस गए। प्रतापगढ़ में भीषण बरसात के बीच एक शिक्षक पुलिया से माही नदी में गिर गया। वहीं, सवाई माधोपुर में बांध पर स्टंट कर रहा युवक बह गया। जोधपुर के तिंवरी इलाके में मंगलवार सुबह एक मकान अचानक ढह गया। पाली जिले के सोजत-बिलाड़ा स्टेट हाईवे पर मंडला गांव के पास नदी का पानी सड़क पर चढ़ गया और एक ट्रक फंस गया। उधर, जालोर के आहोर क्षेत्र में सोमवार शाम तीन बाइक सवार एक बरसाती नाले में बह गए। इनमें से दो लोगों को बचा लिया गया, जबकि एक युवक की तलाश जारी है। लालसोट के नालावास डैम के टूटने के बाद हालात सबसे ज्यादा गंभीर बने। बांध का पानी तेजी से गांवों में घुस गया, जिससे खेत-खलिहान जलमग्न हो गए। कई घरों में पानी भर गया और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशासन ने रेस्क्यू शुरू किया। प्रभावित गांवों में हालात बिगड़ते देख पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटे में कई जगहों पर भारी बरसात दर्ज की गई। दौसा जिले के नांगल राजावतान में 53 मिमी, रामगढ़ पचवारा में 50, राहुवास में 31 और लवाण में 30 मिमी बारिश हुई। भरतपुर के सीकरी और नदबई में 29-29 मिमी, नागौर के नावां में 35, जयपुर के तूंगा में 34, करौली के सपोटरा में 30, अलवर के तिजारा में 25, गोविंदगढ़ में 32 और बहरोड़ में 29 मिमी बरसात दर्ज की गई। बारां जिले के शाहबाद में 33, सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में 34 और तलवाड़ा में 30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में सबसे ज्यादा बरसात हुई है। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि मानसून ट्रफ वर्तमान में बीकानेर, जयपुर, दतिया, सीधी और पुरी होते हुए बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके अलावा एक अन्य ट्रफ पंजाब, हरियाणा और नॉर्थ-ईस्ट राजस्थान से गुजर रही है। इसी कारण प्रदेश में बरसात का दौर तेज हुआ है। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर लो-प्रेशर सिस्टम बना है, जिसके चलते राजस्थान में सात सितंबर तक लगातार बारिश का सिलसिला बना रहेगा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान नदियों-नालों और बांधों के उफान पर आने की संभावना है, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन सकते हैं। भारी बारिश और हादसों के मद्देनजर प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नदियों और बांधों के पास जाने से मना किया गया है। कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है और राहत-बचाव दल अलर्ट पर हैं। ग्रामीण इलाकों में पानी भरने से बिजली व्यवस्था और यातायात भी प्रभावित हुआ है। बारिश से एक ओर जहां किसानों को राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ लगातार हो रही बरसात अब लोगों के लिए आफत बन गई है। आने वाले दिनों में मौसम का यही मिजाज बना रहा तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

77 दिन की मोहब्बत और फिर त्रासदी, कानपुर में लव मैरिज के बाद पति-पत्नी की मौत

कानपुर  कानपुर शहर के नौबस्ता इलाके से ऐसी खबर सामने आई जिसने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया. मोहब्बत की कसम खाकर, परिवार की रजामंदी से निकाह करने वाला एक प्रेमी-प्रेमिका का रिश्ता महज़ 77 दिन ही चल पाया. निकाह के ढाई महीने बाद ही पति और पत्नी एक ही दुपट्टे के सहारे फंदे से झूलते मिले. घटना इतनी अचानक और रहस्यमय थी कि परिवारजन, पड़ोसी और पुलिस सभी हैरान रह गए. बाजार से लौटे और मौत को गले लगाया घटना मंगलवार दोपहर की है. मोहम्मद सईद का बेटा साजिद अपनी पत्नी सोफिया को लेकर पास के बाजार गया था. दोनों सामान्य दिख रहे थे, न हंसी-खुशी में कोई कमी और न ही किसी तरह का झगड़ा. आधे घंटे में दोनों घर लौट आए. किसी को अंदाजा भी नहीं था कि बाजार से घर लौटने के बाद वे जीवन से विदा लेने का मन बना चुके हैं. थोड़ी ही देर बाद जब घर का दरवाज़ा खोला गया तो वहां का नज़ारा देखकर सबके पैरों तले जमीन खिसक गई. ऊपर कमरे में साजिद और सोफिया, एक ही दुपट्टे में फंदा लगाकर झूल रहे थे. दोनों को नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. घरवालों में चीख-पुकार मच गई और आस-पड़ोस में सन्नाटा पसर गया. परिवार की रजामंदी से हुआ था निकाह मामले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि साजिद और सोफिया का रिश्ता परिवार की रज़ामंदी से ही तय हुआ था. मोहम्मद सईद के छह बेटों में साजिद चौथे नंबर पर था. मोहल्ले में ही रहने वाली सोफिया से उसका लंबे समय से प्रेम संबंध था. सोफिया अपने माता-पिता की इकलौती बेटी थी. दोनों की मोहब्बत को देखते हुए परिवारों ने विरोध करने के बजाय उनका साथ दिया. 17 जून को दोनों ने पूरे रीति-रिवाज और गवाहों की मौजूदगी में निकाह किया. निकाह की दावत में दोनों परिवारों के लोग शामिल हुए. यही वजह थी कि किसी को कभी शक नहीं हुआ कि यह रिश्ता इतनी जल्दी त्रासदी में बदल जाएगा. परिजन भी हैरान घटना के बाद दोनों परिवार पूरी तरह से सदमे में हैं. सोफिया के पिता ने रोते हुए कहा, हमने तो अपनी बेटी की खुशियों के लिए उसकी पसंद को अपनाया. किसी तरह की कोई मनमुटाव की बात हमारे सामने कभी नहीं आई. वहीं साजिद के पिता मोहम्मद सईद ने बताया,साजिद हमेशा खुश दिखता था. हमने कभी नहीं सोचा था कि वो ऐसा कदम उठा लेगा. क्या बाजार से खरीदी थी दवा पड़ोसियों का कहना है कि घटना से आधा घंटा पहले ही दोनों बाजार गए थे. शक जताया जा रहा है कि संभव है वहां से दोनों ने कोई सुसाइड की दवा खरीदी हो. हालांकि, यह केवल अनुमान है. इस पर अभी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है. पुलिस की कार्रवाई घटना की जानकारी मिलते ही नौबस्ता थाना पुलिस मौके पर पहुंची. शुरू में परिवारजन पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थे, लेकिन पुलिस ने समझाया कि जांच के लिए यह जरूरी है. दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं. डीसीपी साउथ डीएन चौधरी ने बताया, साजिद और सोफिया ने ढाई महीने पहले प्रेम विवाह किया था. वे परिवार के साथ ही रह रहे थे. फिलहाल यह मामला सुसाइड का ही प्रतीत हो रहा है. मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है. असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो सकेगी. मोहल्ले में पसरा मातम इस घटना के बाद पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है. पड़ोसियों का कहना है कि साजिद और सोफिया बहुत अच्छे स्वभाव के थे. दोनों अक्सर साथ दिखाई देते थे. किसी ने कभी यह नहीं सोचा था कि इतनी मोहब्बत करने वाला यह जोड़ा जिंदगी से हार मान लेगा. सवालों के घेरे में वजह इस दर्दनाक घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर ऐसा क्या हुआ कि दोनों ने एक साथ जीवन खत्म करने का फैसला ले लिया? क्या कोई मानसिक दबाव था, या कोई ऐसा राज था जिसे वे बता नहीं पा रहे थे? परिजन और पुलिस दोनों ही इस रहस्य से अनजान हैं. समाजशास्त्रियों का मानना है कि कभी-कभी प्रेम संबंधों में छोटी-छोटी बातों से बड़ा तनाव जन्म ले लेता है, जो भीतर ही भीतर इंसान को तोड़ देता है. मोहब्बत की ऐसी दास्तां, जिसने सबको रुला दिया साजिद और सोफिया की कहानी इस बात की गवाह है कि मोहब्बत का रिश्ता जितना खूबसूरत होता है, उतना ही नाज़ुक भी. जिनके लिए दोनों परिवारों ने अपने दरवाजे खोले, जिन्होंने अपनी पसंद के साथी को पाया, वही जोड़ा आज मौत को गले लगाकर सबको दर्द दे गया. 

महाराष्ट्र ATS की बड़ी कार्रवाई, खंडवा में अकील खिलजी के बेटे को गिरफ्तार

खंडवा  खंडवा शहर में दो स्थानों से अवांछनीय गतिविधियों की शंका में महाराष्ट्र एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की टीम ने दो युवकों को पकड़ा है। चर्चा है कि मंगलवार तड़के सिमी के पूर्व पदाधिकारी अकील खिलजी के पुत्र जलील खिलजी व जमील पुत्र मोहम्मद खलील को एटीएस ने दबोचा है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त जलील खिलजी को एटीएस ने उठाया तब उनके साथ खंडवा के पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। टीम ने शहर की गुलमोहर कॉलोनी और कहारवाड़ी के चार युवकों को पकड़ा था। पूछताछ के बाद दो युवकों को छोड़ दिया जबकि एक को अपने साथ ले गए। जलील के साथ जुनेद पुत्र खलील चौहान को भी महाराष्ट्र एटीएस अपने साथ ले गई। सोमवार-मंगलवार दो दिन रहकर महाराष्ट्र एटीएस ने खंडवा के चार युवकों को उठाया और पूछताछ की। चाराें युवक शहर के गुलमोहर कॉलोनी और कहारवाड़ी क्षेत्र के थे। इस दौरान एटीएस ने जलील खिलजी के साथ जुनेद पिता खलील चौहान को भी उठाया था। जुनेद के पिता खलील ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से शिकायत की कि उन्हें बिना सूचना दिए पुलिस उनके बेटे को उठाकर ले गई हैं। उसे बाजार से बोलेरो वाहन में बैठाया और कहीं गुप्त जगह पर ले गए है। खलील ने कहा कि बेटे जुनेद के साथ कोई भी गंभीर घटना या दुर्घटना हो सकती है। उसे झूठे केस में भी फंसा सकते हैं। आरोपी जलील के कब्जे से पिस्टल, 7 कारतूस बरामद इधर, कोतवाली टीआई अशोकसिंह चौहान के मुताबिक, महाराष्ट्र एटीएस ने शहर के कुछ युवकों से पूछताछ की थी। इनपुट मिलने के आधार पर एटीएस खंडवा पहुंची थी। एटीएस ने जलील पिता अकील खिलजी (34) निवासी गुलमोहर कॉलोनी से पूछताछ की थी। एटीएस के जाने के बाद मंगलवार रात 11 बजे सूचना मिली कि सियाराम चौक स्थित मालगोदाम शेड में एक युवक बैठा है, जिसके पास पिस्टल हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो वह युवक जलील खिलजी निकला। तलाशी लेने पर एक पिस्टल, एक मैगजीन और 7 कारतूस मिले। आरोपी को थाने लेकर आए, आज बुधवार सुबह उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया हैं। आरोपी का पूर्व का भी आपराधिक रिकॉर्ड है। जिसमें आर्म्स एक्ट सहित विस्फोटक सामग्री मिलने जैसे केस हैं। आरोपी जलील खिलजी को आज न्यायालय में पेश करेंगे। बिना कोई सूचना दिए बेटे को ले गए घटना के बाद जुनेद के पिता खलील ने कोतवाली पुलिस व पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित सूचना देकर उसके पुत्र को बिना किसी कारण व सूचना दिए बाजार से बोलेरा वाहन में बैठाकर गुप्त स्थान पर पुलिस ले जाने की शिकायत की है। खलील ने कहा कि मुझे आशंका है कि मेरे पुत्र मोहम्मद जुनेद के साथ कोई भी गंभीर घटना या दुर्घटना, कारित कर सकते है या उसे झूठे केस में भी फंसा सकते हैं। मैंने शहर के थाना सिटी कोतवाली, थाना मोघट और थाना पदमनगर खंडवा व अन्य स्थानो पर भी अपने पुत्र की जानकारी प्राप्त करना चाही, लेकिन उनके द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई। मेरे बेटे का अपहरण किया गया है। यदि उसके साथ कोई भी घटना या दुर्घटना घटित होती है तो उसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी। हालांकि इस मामले को लेकर खंडवा पुलिस कोई जानकारी देने या युवकों को उठाने की पुष्टि नहीं कर रही है।