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‘SIR’ में लापरवाही, भोपाल कलेक्टर ने बीएलओ को सेवा से हटाया

भोपाल मध्य प्रदेश में भी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानि SIR का सर्वे शुरू हो गया है. इस दौरान प्रशासन की टीमें अब घर-घर जाकर वोटर्स को फॉर्म दे रही हैं और उनकी जानकारी भी बता रही है. राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में इसका काम शुरू हो गया है. खास बात यह है कि प्रशासन ने इस काम में किसी तरह की लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए हैं. जबकि भोपाल कलेक्टर ने पहले ही दिन बड़ा एक्शन लिया है, जहां एक बीएलओ को अभियान में लापरवाही करने पर बर्खास्त किया गया है. क्योंकि वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे थे.  भोपाल कलेक्टर ने की कार्रवाई  भोपाल के कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने यह कार्रवाई की है, उन्होंने बताया कि राजधानी के बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ प्रशांत दुबे को गोविंदपुरा विधानसभा के बूथ नंबर-150 पर ड्यूटी लगाई गई थी. लेकिन वे मंगलवार को अपने काम पर नहीं मौके पहुंचे थे, इस पर कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे सभी कर्मचारियों की सूची तैयार की जा रही है, जो इस जिम्मेदारी में लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी. सभी के लिए Alert! आपको बता दें कि, राजधानी भोपाल में एसआईआर के तहत कुल 2029 हीएलओ और 250 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं, जो डोर-टू-डोर जाकर वोटर्स से गणना प्रपत्र भरवा रहे हैं। कलेक्टर खुद भी मंगलवार को हुजूर विधानसभा के कई बूथों पर पहुंचे और मतदाताओं से फॉर्म भरवाए। उन्होंने एसडीएम, तहसीलदारों को भी काम में किसी तरह की लापरवाही ना बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं। कार्रवाई ने सेट किया एग्जामपल SIR प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी, जिसमें हर मतदाता से दो प्रतियों में प्रपत्र भरवाया जाएगा। एक प्रति रसीद के रूप में मतदाता को दी जाएगी। ये पहली बड़ी कार्रवाई प्रदेशभर के लिए एसआईआर को गंभीरता से लेने का उदाहरण बन गई है। जिला निर्वाचन कार्यालय ने सभी BLO को चेतावनी जारी की गई है कि, ड्यूटी में चूक पर सीधी कड़ी कारर्वाई ही होगी। भोपाल जिले में SIR सर्वे के लिए 2029 BLO और 250 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं, जो घर-घर जाकर मतदाताओं से प्रपत्र भरवा रहे हैं। कलेक्टर सिंह ने मंगलवार को स्वयं हुजूर विधानसभा क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया और मतदाताओं से बातचीत करते हुए प्रक्रिया की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित एसडीएम और तहसीलदारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी कर्मचारी की अनुपस्थिति या लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जाए। यह विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया 4 दिसंबर तक चलेगी। प्रत्येक मतदाता से दो प्रतियों में फॉर्म भरवाया जाएगा, जिनमें से एक प्रति मतदाता को रसीद के रूप में दी जाएगी। कलेक्टर द्वारा की गई यह त्वरित कार्रवाई पूरे मध्य प्रदेश के लिए एक उदाहरण बन गई है। जिला निर्वाचन कार्यालय ने सभी BLO को चेतावनी दी है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की चूक पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 2029 बीएलओ और 250 सुपरवाइजर तैनात बता दें कि एसआईआर के कार्य में कुल 2029 बीएलओ और 250 सुपरवाइजर को सर्वे का जिम्मा सौंपा गया है। ये डोर-टू-डोर जाकर वोटर्स को फॉर्म देंगे, जिन्हें भरकर वोटर वापस इन्हें लौटाएंगे। 1 महीने तक यह काम चलेगा। प्रत्येक बीएलओ को 3 बार तक घर जाना होगा और मतदाता को ‘गणना पत्रक’ देना होगा, जो दो प्रति में होगा। एक मतदाता के पास रहेगी और दूसरी बीएलओ के पास। वर्तमान में भोपाल जिले में कुल 21 लाख वोटर्स हैं। मंगलवार से इसकी शुरुआत कर दी गई। भोपाल में कलेक्टर सिंह खुद हुजूर विधानसभा के कई बूथ पर पहुंचे और वोटर्स को फॉर्म देकर भरवाया। बुधवार को भी यह काम चलेगा। कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों की ड्यूटी भी लगाई गई है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया, अगले पांच-छह दिन तक डोर-टू-डोर फॉर्म दिए जाएंगे। इसके बाद इन्हें कलेक्ट किया जाएगा। इस काम में एक अलग से टीम भी लगाई गई है। साल 2023 के बाद इस तरह से सर्वे बता दें कि साल 2003 के बाद पहली बार वोटर लिस्ट का डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है। जिन लोगों के नाम 2003 की लिस्ट में नहीं हैं और वर्तमान लिस्ट में हैं, उन्हें बताना होगा कि परिवार में किसका नाम 2003 की लिस्ट में था। बीएलओ फॉर्म में दी गई जानकारी के आधार पर इसे वेरिफाई करेंगे। जानकारी सही होने पर ही नाम जुड़ेगा।  

महिला क्रिकेट टीम का सम्मान: आज पीएम से मुलाकात, कल राष्ट्रपति से सम्मान समारोह

नई दिल्ली  वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज (बुधवार) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेगी. टीम का रवाना होने का समय शाम 4:10 बजे तय किया गया है, जबकि प्रधानमंत्री का आगमन और बैठक का आरंभ शाम 6 बजे होगा.  सूत्रों के अनुसार, महिला टीम कल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात कर सकती है. हालांकि इस मुलाकात का समय अभी पुष्टि किया जाना बाकी है.  /ध्यान रहे भारतीय टीम ने रविवार (2 नवंबर) को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में हुए आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराकर खिताब अपने नाम किया था; भारतीय महिला टीम ने पहली बार वर्ल्ड कप खिताब जीता था.  माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस दौरान महिला टीम की खिलाड़ियों से बातचीत करेंगे और उनके अनुभव सुनेंगे. प्रधानमंत्री के साथ यह मुलाकात महिला खिलाड़ियों के लिए एक यादगार पल होगा. वहीं पीएम मोदी ने महिला टीम की जीत पर एक पोस्ट भी क‍िया था.  पीएम मोदी ने महिला टीम की ऐतिहासिक जीत के बाद अपने X अकाउंट पर  पोस्ट क‍िया था. पीएम मोदी ने लिखा था, 'आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप 2025 के फाइनल में भारतीय टीम की शानदार जीत हुई. खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन स्किल, आत्मविश्वास और टीमवर्क दिखाया. यह ऐतिहासिक जीत भविष्य की चैम्पियंस को इस खेल को अपनाने और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करेगी. टीम इंडिया को ढेरों बधाइयां.' भारतीय महिला टीम को खिताब जीतने के बाद आईसीसी (अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद) से प्राइज मनी के तौर पर 4.48 मिलियन डॉलर (लगभग 40 करोड़ रुपये) मिले. यह राशि साल 2022 के वर्ल्ड कप में चैम्पियन बनने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को मिली राशि (1.32 मिलियन डॉलर) से 239 प्रतिशत ज्यादा थी.

गुरु नानक देव जी उच्च कोटि के आध्यात्मिक महापुरुष, 500 वर्ष पहले ही समाज के संगठन, समानता और सेवा का दिया संदेश: योगी

गुरु नानक देव जी के उपदेश आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत: मुख्यमंत्री योगी 556वें प्रकाश पर्व पर बोले योगी आदित्यनाथ- जब देश विदेशी आक्रांताओं से कांप रहा था, तब गुरु नानक देव जी ने समाज को आध्यात्मिक शक्ति और एकता का संदेश दिया गुरु नानक देव जी उच्च कोटि के आध्यात्मिक महापुरुष, 500 वर्ष पहले ही समाज के संगठन, समानता और सेवा का दिया संदेश: योगी मुश्किल समय में भी उन्होंने मिल-बांटकर खाने, गरीबों की मदद करने और एकजुट समाज बनाने का संदेश दिया: मुख्यमंत्री भारत संतों और महापुरुषों की उस परंपरा का देश है, जिसने संकट के समय भी राष्ट्र की आत्मा को जीवित रखा: सीएम जब विदेशी आक्रांताओं के आगे कई राजा-रजवाड़े झुक गए, तब गुरु नानक देव जी ने बाबर को ‘जाबर’ यानी जल्लाद कहने का साहस दिखाया: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को सिख पंथ के संस्थापक एवं प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 556वें प्रकाश पर्व पर राजधानी लखनऊ के डीएवी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस दौरान उन्होंने सिख गुरुओं के सम्मान में अपना शीश नवाया और दर्शन किए। समारोह में कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री का स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु नानक देव जी भारत के एक उच्च कोटि के आध्यात्मिक महापुरुष थे, जिन्होंने 500 वर्ष पहले समाज के संगठन, समानता और सेवा का जो संदेश दिया, वही आज भारत की सामाजिक व्यवस्था की नींव है। सीएम योगी ने कहा कि उस काल में जब देश बाबर जैसे विदेशी आक्रांताओं की बर्बरता झेल रहा था, जब मंदिर तोड़े जा रहे थे, आस्था पर प्रहार हो रहे थे, तब भी गुरु नानक देव जी बिना भय, बिना दबाव समाज को मार्गदर्शन दे रहे थे। उन्होंने मिल-बांटकर खाने, गरीबों की मदद करने और एकजुट समाज बनाने का संदेश दिया। भारत के संतों ने संकट के समय भी राष्ट्र की आत्मा को जीवित रखा मुख्यमंत्री ने गुरु नानक देव जी की आध्यात्मिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि भारत संतों और महापुरुषों की उस परंपरा का देश है, जिसने संकट के समय भी राष्ट्र की आत्मा को जीवित रखा। योगी ने कहा कि जब विदेशी आक्रांताओं के आगे कई राजा-रजवाड़े झुक गए, तब गुरु नानक देव जी ने बाबर को ‘जाबर’ यानी जल्लाद कहने का साहस दिखाया। यही भारत की संत परंपरा की शक्ति थी। समाज में एकता और धर्म की मजबूती का आह्वान मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर समाज में एकता और धर्म की मजबूती का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज जब कुछ क्षेत्रों में धर्मांतरण जैसी गतिविधियां दिखाई देती हैं, तो हमें सिख पंथ की मूल भावना — एकता, संगठन और सेवा — को और सशक्त करना होगा। योगी ने कहा कि अगर कहीं कोई कमी है, तो हमें उसे दूर करना होगा। गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने जब खालसा पंथ की स्थापना की, तब उन्होंने समाज के हर वर्ग को जोड़ा। उसी भावना को हमें फिर से जीवंत करना होगा। मजबूत रहेंगे तो हर कोई आस्था का सम्मान करेगा मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हम मजबूत रहेंगे, तो हर कोई हमारी आस्था का सम्मान करेगा। सिख गुरुओं और महापुरुषों का बलिदान हमारे लिए प्रेरणा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को प्रकाश पर्व की हार्दिक बधाई दी और कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं हमारे जीवन और समाज को दिशा देती रहें।

छत्तीसगढ़ के 25 वर्षों की विकास गाथा : वनोपज, जल संरक्षण और ईको टूरिज्म से समृद्ध हुआ राज्य

रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 वर्षों की सफलता की कहानी, वनोपज, जल संरक्षण और ईको टूरिज्म से बढ़ी समृद्धि रायपुर छत्तीसगढ़ ने अपने 25 साल के सफर में विकास, पर्यावरण संरक्षण और लोगों की आजीविका के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियाँ हासिल की हैं। इस सफर ने राज्य के ग्रामीण और वन क्षेत्रों के जीवन में खुशहाली और बदलाव लाया है। वनवासियों की आय और आर्थिक सुरक्षा में काफी बढ़ोतरी राज्य की सबसे बड़ी सफलता लघु वनोपज के क्षेत्र में मिली है। वर्ष 2000 में तेंदूपत्ता का मानक बोरा मूल्य जहाँ मात्र 400 रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर 5,500 रुपये हो गया है। पहले जहाँ केवल 7 प्रकार की लघु वनोपजों की खरीद समर्थन मूल्य पर होती थी, अब यह संख्या बढ़कर 67 हो गई है। इससे वनवासियों की आय और आर्थिक सुरक्षा में काफी बढ़ोतरी हुई है। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को वनोपज संग्रहण से मिली नियमित रोजगार वन धन विकास योजना ने इस दिशा में नई ऊर्जा दी है। इस योजना के तहत 190 स्व-सहायता समूहों की 2364 महिलाओं को वनोपज संग्रहण और प्रसंस्करण से नियमित रोजगार मिला है। अब तक संग्राहकों को 190 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में डीबीटी के माध्यम से दी गई है। इससे व्यवस्था में पारदर्शिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती आई है। जल संरक्षण और ईको टूरिज्म का विकास आजीविका के साथ-साथ जल संरक्षण और ईको टूरिज्म (पर्यावरण पर्यटन) ने भी विकास को नई दिशा दी है। नरवा उपचार योजना के तहत राज्य में अब तक 7 लाख से अधिक जल संरक्षण संरचनाएँ बनाई गई हैं, जिससे लगभग 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुधार हुआ है। इन कार्यों से 40 करोड़ रुपये से अधिक का रोजगार सृजन हुआ और भूजल स्तर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इससे किसानों की खेती अधिक उत्पादक बनी है। पर्यटन से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर आईएसएफआर 2023 रिपोर्ट के अनुसार, इन प्रयासों से मृदा नमी और वन घनत्व दोनों में सुधार दर्ज किया गया है। साथ ही, ईको टूरिज्म को भी राज्य में रोजगार का नया माध्यम बनाया गया है। प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के पास नेचर ट्रेल, मिनी गोवा और खुर्साकोटा जैसे कई पर्यटक स्थलों का विकास किया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं और क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी है। वन क्षेत्र में 94.75 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि राज्य के किसान भी हरित विकास के भागीदार बने हैं। अब तक 19 हज़ार से अधिक किसानों ने गैर-वन भूमि पर लगभग 2 करोड़ 42 लाख पौधे लगाए हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ के वन क्षेत्र में 94.75 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। हरियाली से खुशहाली की कहानी गढ़ता छत्तीसगढ छत्तीसगढ़ की यह 25 वर्षों की विकास यात्रा बताती है कि राज्य ने प्रकृति की सुरक्षा और मानव कल्याण के बीच एक मजबूत संतुलन स्थापित किया है। यह सचमुच हरियाली और खुशहाली की ओर अग्रसर होने की कहानी है।

माफियाओं को सीएम योगी ने दी चेतावनी, कहा- अवैध कब्जा कर समाज को डराने-धमकाने का काम करोगे तो लेने के देने पड़ जाएंगे

  सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को देना होगा हिसाब- सीएम योगी – माफियाओं को सीएम योगी ने दी चेतावनी, कहा- अवैध कब्जा कर समाज को डराने-धमकाने का काम करोगे तो लेने के देने पड़ जाएंगे – सीएम योगी ने लखनऊ में माफिया से मुक्त कराई गई जमीन पर दुर्बल आय वर्ग के 72 परिवारों को दिए फ्लैट – मुख्यमंत्री ने लाभार्थी परिवारों से की मुलाकात, उन्हें गृह प्रवेश का सामान किया भेंट – सीएम योगी ने नन्हीं बच्चियों को गोद में लेकर दुलारा और बांटे चॉकलेट, आवास परिसर में किया वृक्षारोपण – वर्षों इंतजार के बाद लखनऊ में अपना आवास पाकर भावुक हुए लाभार्थी, जताया सीएम योगी का आभार – ग्राउंड प्लस थ्री स्ट्रक्चर के 3 ब्लॉक में 36.65 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनाए गए 72 फ्लैट – माफिया को गले लगाने वाले विपक्षी गरीबों के हक पर डकैती डालती हैं- सीएम योगी – प्रदेश में जातीय नरसंहार कराने वाले व अपहरण उद्योग चलाने वाले अब माफिया की कब्र पर पढ़ते हैं फातिहा – सीएम योगी ने कहा- यह नए भारत का नया उत्तर प्रदेश है, यहां विकास भी है और विरासत का सम्मान भी है – सभी 75 जिलों में खुलेगा ‘सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लॉयमेंट सेंटर’, युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ेगी सरकार- सीएम योगी लखनऊ कार्तिक पूर्णिमा के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में माफिया से मुक्त कराई गई भूमि पर सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना का लोकार्पण किया। जियामऊ, डालीबाग स्थित एकता वन में आयोजित भव्य समारोह में सीएम ने दुर्बल आय वर्ग के 72 परिवारों को फ्लैट के आवंटन पत्र वितरित किए। इस दौरान सीएम योगी ने कहा कि यह केवल आवास वितरण नहीं, बल्कि संदेश है कि माफिया से छीनी गई भूमि पर गरीबों का आशियाना बनेगा। उन्होंने कहा कि यह उन लोगों के लिए चेतावनी है जो माफिया को शागिर्द बनाते हैं, उनकी कब्र पर फातिहा पढ़ते हैं, वे गरीबों का शोषण करवाते हैं। अब यूपी में ऐसा नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अगर कोई गरीबों की जमीन पर कब्जा करेगा, अगर कोई सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करके समाज को डराने-धमकाने का काम करेगा, तो लेने के देने पड़ जाएंगे। यह सरकार जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी दृढ़ता के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यही नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की पहचान है, जहां विकास के साथ धर्म, संस्कृति और परंपरा का संगम है। मुख्यमंत्री ने लाभार्थी परिवारों से मुलाकात की, उन्हें गृह प्रवेश का सामान भेंट किया, नन्हीं बच्चियों को गोद में लेकर दुलार किया और चॉकलेट बांटी। इस दौरान आवास परिसर में सीएम योगी ने वृक्षारोपण भी किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने लोगों को कार्तिक पूर्णिमा की बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज लाखों श्रद्धालु गढ़मुक्तेश्वर, टिकरी, सुखतीर्थ, बदायूं, प्रयागराज, काशी, अयोध्या में स्नान कर पुण्य लाभ ले रहे हैं। काशी में सायं देव दीपावली पर देवता दीप जलाएंगे। इस पावन अवसर पर लखनऊ में माफिया से मुक्त भूमि पर लाभार्थियों को आवास देना सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि इस प्राइम लोकेशन पर लखनऊ विकास प्राधिकरण ने 10.70 लाख में फ्लैट दिए, इसकी कीमत बाजार में करीब 1 करोड़ रुपये है। जिन पात्र लोगों को अभी आवास नहीं मिला है, उनके लिए नई आवासीय स्कीम लाएगी सरकार उन्होंने कहा कि 8000 आवेदनों में 5700 आवदेन योग्य लोगों का था, इसमें से 72 को पहले आवंटन मिला है। मुख्यमंत्री ने सभी 72 लाभार्थियों को आवास की सुविधा मिलने पर उन्हें और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि इन लोगों को अब अपना सिर उठाकर सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर मिला है। यह प्रधानमंत्री आवास योजना से कवर होगा तो यह और सस्ता व लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि आज लखनऊ में कितना सुंदर वातावरण बना है, कितने अच्छे पार्क विकसित हो चुके हैं। सरकार चाहती है कि हर नागरिक खुशहाली से अपना जीवन व्यतीत करे और प्रदेश के विकास में भागीदार बने। सीएम योगी ने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है अब यह अभियान पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा ताकि हर गरीब, हर जरूरतमंद को उसका सम्मानजनक आवास मिल सके। 2017 से तय किया था कि यूपी की नकारात्मक छवि बदलेंगे- सीएम योगी माफियाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि 2017 से तय किया था कि यूपी की नकारात्मक छवि बदलेंगे। अपराध-अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू करेंगे। 8.5 वर्षों में बिना रुके, बिना झुके माफियाओं पर कार्रवाई की। माफिया संविधान का अपमान करते, कानून का मजाक उड़ाते, अधिकारी भी उनके सामने झुक जाते थे। यही नहीं पूर्व सरकारें भी ऐसे माफियाओं के सामने घुटने टेकती थीं। उन्होंने कहा कि पूरब से पश्चिम, उत्तर से दक्षिण, बुंदेलखंड क्षेत्र और हर जगह माफिया हावी थे, लेकिन आज ऐसा नहीं है। माफियाओं को संरक्षण देने वालों को सीएम योगी ने चेताया सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जीरो टॉलरेंस की नीति ने इन माफियाओं की कमर तोड़ दी। सीएम योगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो माफिया को सहानुभूति देते हैं, वे प्रदेश की क्षति कर रहे हैं। जालिम माफिया किसी के नहीं हैं इनसे गरीब, शोषित, व्यापारी, बहन-बेटियां सब असुरक्षित हैं। सरकार ऐसे माफियाओं और उन्हें प्रक्षय देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती रहेगी। विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जो लोग माफियाओं को शागिर्द बनाते थे और गरीबों का शोषण करवाते। आज उनकी कब्र पर फातिहा पढ़ते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज माफियाओं की कब्जे वाली संपत्ति जब्त कर गरीबों को घर बनवाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि प्रदेश में अबतक 60 लाख गरीबों को आवास दिए हैं। इसके आलवा निवेश 15 लाख करोड़ जमीनी, 5 लाख पाइपलाइन, 45 लाख कुल। यूपी अनलिमिटेड पोटेंशियल वाला प्रदेश है। दंगे खत्म हुए और आज हर पर्व शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा रहा है। दुनिया भर से उद्यमी निवेश को तैयार हैं। उन्होंने का कहा कि एकता वन सरदार पटेल को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि कुकरेल-गोमती तट से माफिया मॉल हटाए, सौमित्र वन बनाया गया। घुसपैठिए-रोहिंग्या को हटाए गया। सभी 75 … Read more

ICC ने दिया फैसला: रऊफ सस्पेंड, सूर्या पर जुर्माना, एशिया कप विवाद का अंत

मुंबई  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की बैठक से दुबई में शुरू हुई है. इस मीटिंग में एशिया कप विवाद का मुद्दा उठा. जिसके बाद आईसीसी ने पाकिस्तानी खिलाड़ी हारिस रऊफ को दो मुकाबले के लिए सस्पेंड कर दिया जबकि भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव पर 30 फीसदी मैच फीस का जुर्माना लगा है. बता दें कि एशिया कप 2025 में भारत-पाक के बीच फाइनल समेत 3 मैच खेले गए थे. इन मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच तनातनी का माहौल था, जिसे आईसीसी ने आचार संहिता का उल्लंघन माना है.   दुबई में चल रही इस मीटिंग में आईसीसी ने भारत-पाक मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों द्वारा आचार संहिता उल्लंघन (Code of Conduct Breach) के मामलों पर अपना फैसला सुनाया. आईसीसी ने अपने फैसले में बताया कि कुल 5 खिलाड़ियों के खिलाफ अलग-अलग मैचों में कार्रवाई की गई है, जिनमें सूर्यकुमार यादव, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, हरीस रऊफ और साहिबजादा फरहान शामिल हैं. ये सभी मामले सितंबर 2025 में खेले गए एशिया कप के तीन मैचों यानी 14 सितंबर, 21 सितंबर और 28 सितंबर से जुड़े हैं. इन मामलों की सुनवाई एमिरेट्स आईसीसी एलीट पैनल ऑफ मैच रेफरीज के सदस्यों द्वारा की गई. 14 सितंबर 2025 14 सितंबर को भारत-पाकिस्तान के बीच एशिया कप की पहली भिड़ंत हुई थी. इस मैच में हुए विवाद को लेकर सुनवाई मैच रेफरी रिची रिचर्डसन ने की. इसमें सूर्यकुमार यादव को आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.21 का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया, जो खेल की साख को ठेस पहुंचाने वाले व्यवहार से संबंधित है. उन्हें मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना और दो डिमेरिट पॉइंट दिए गए. वहीं साहिबजादा फरहान (पाकिस्तान) को इसी अनुच्छेद के उल्लंघन पर आधिकारिक चेतावनी और एक डिमेरिट पॉइंट दिया गया. जबकि हारिस रऊफ (पाकिस्तान) को भी इसी उल्लंघन का दोषी पाया गया. उन्हें मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना और दो डिमेरिट पॉइंट्स मिले. 21 सितंबर 2025 – भारत बनाम पाकिस्तान इस मैच की सुनवाई मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट ने की. इसके लिए अर्शदीप सिंह (भारत) पर अनुच्छेद 2.6 के तहत आरोप लगाया गया था, जो अशोभनीय या आपत्तिजनक इशारों से संबंधित है. लेकिन जांच के बाद उन्हें निर्दोष पाया गया और कोई सजा नहीं दी गई. लेकिन टूर्नामेंट के फाइनल में दो खिलाड़ियों पर कार्रवाई हुई. जसप्रीत बुमराह (भारत) पर अनुच्छेद 2.21 के तहत आरोप लगाया गया और आधिकारिक चेतावनी और एक डिमेरिट पॉइंट की सजा मिली. उन्होंने सजा स्वीकार की, इसलिए औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी. वहीं हारिस रऊफ (पाकिस्तान) को एक बार फिर इसी अनुच्छेद का उल्लंघन करने का दोषी पाया गया. रिची रिचर्डसन की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में उन्हें मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना और दो अतिरिक्त डिमेरिट पॉइंट्स मिले. इसलिए 2 मैच से बैन हुए रऊफ रऊफ को दो बार दोषी पाया गया. इसके साथ ही रऊफ के कुल चार डिमेरिट पॉइंट्स पूरे हो गए हैं, जिससे उन्हें दो सस्पेंशन पॉइंट्स मिले हैं. आईसीसी के अनुशासनात्मक ढांचे के अनुसार, यह सजा उन्हें 4 और 6 नवंबर 2025 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले दो वनडे मैचों से निलंबित कर देती है. दरअसल, आईसीसी नियमों के अनुसार, 24 महीनों में यदि खिलाड़ी के 4 या अधिक डिमेरिट पॉइंट्स हो जाते हैं, तो उन्हें सस्पेंशन पॉइंट्स में बदला जाता है. दो सस्पेंशन पॉइंट्स का मतलब होता है एक टेस्ट या दो वनडे/टी20 मैचों से प्रतिबंध. डिमेरिट पॉइंट्स 24 महीने बाद समाप्त  हो जाते हैं.

पंजाब CM का दरबार साहिब दौरा: विवादित बयान पर शांतिपूर्ण नसीहत, करतारपुर कॉरिडोर पर उठाया मुद्दा

अमृतसर सिखों के पहले गुरु श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज अपनी पत्नी गुरप्रीत कौर के साथ सच्चखंड श्री हरमंदिर साहिब पहुंचे और नतमस्तक हुए। इस दौरान उन्होंने गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका और अरदास की। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरु नानक देव के प्रकाश उत्सव के अवसर पर बुधवार को परिवार सहित सचखंड हरिमंदिर साहिब में माथा टेका। मुख्यमंत्री ने दरबार साहिब में नतमस्तक होकर सरबत के भले, पंजाब की तरक्की और लोगों की सुख-शांति की अरदास की। भगवंत मान ने कहा कि आज पूरी दुनिया में लाखों-करोड़ों नानक नाम लेवा संगत गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थानों पर माथा टेक रही है और उनकी वाणी को श्रवण कर रही है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के दिन श्री दरबार साहिब में आकर श्रद्धा के भाव से नतमस्तक होने का अवसर मिला। दरबार साहिब में नतमस्तक होने के बाद भगवंत मान ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि पहले पातशाह, जगत गुरु धन-धन साहिब श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर सचखंड श्री दरबार साहिब, श्री अमृतसर साहिब में नतमस्तक होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। श्री गुरु ग्रंथ साहिब महाराज के आगे शीश झुकाया। गुरबाणी कीर्तन का आनंद लिया और नानक नाम लेवा संगतों के दर्शन किए। गुरु साहिब के आगे पंजाब में सामाजिक सौहार्द, भाईचारा और एकता बनी रहने की प्रार्थना की। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार अमृतसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही है। दरबार साहिब तक पहुंचने वाली सड़कों और पार्किंग सुविधाओं को आधुनिक तकनीक से सुधारने की योजना बनाई जा रही है। गुरु नानक देव जी ने मानवता का संदेश दिया — मान ने दी नसीहत राजा वडिंग की धर्म और जाति से जुड़ी टिप्पणी पर कहा- ”मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता। मैं गुरु के घर आया हूं। जो लोग इस तरह की भावना रखते हैं, उन्हें स्वयं ही इसका एहसास हो जाएगा कि वो गलत है । मैं उनके लिए भी प्रार्थना करता हूं कि परमात्मा उन्हें समझ और मार्गदर्शन प्रदान करें।” श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अमृतसर में आधुनिक व्यवस्थाएं भगवंत मान ने आगे कहा कि राज्य सरकार अमृतसर में श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कार्य कर रही है। दरबार साहिब तक पहुंचने वाली सड़कों और पार्किंग सुविधाओं को आधुनिक तकनीक से सुधारने की योजना बनाई जा रही है। करतारपुर का लांघा खुलना चाहिए — भगवंत मान का बयान करतारपुर कॉरिडोर पर बयान देते हुए उन्होंने कहा, जब भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच तक हो रहे हैं, तो करतारपुर का लांघा भी खुला रहना चाहिए। इससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और दोनों देशों में व्यापार, रोजगार और आपसी भरोसे के नए रास्ते खुलेंगे। पंजाब गुरु, पीर और शहीदों की धरती है मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब गुरु, पीर और शहीदों की धरती है, और उनकी प्रार्थना है कि परमात्मा इस धरती पर बसने वाले लोगों को समझ, बल और सही मार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करे। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु साहिब ने जो जिम्मेदारी हमें दी है, उसे पूरी ईमानदारी से निभाने की ताकत हमें मिले।

पहले चरण की वोटिंग से पहले बड़ा झटका, संजय सिंह ने जन सुराज छोड़ BJP में किया शामिल

मुंगेर  विधानसभा चुनाव से ठीक एक दिन पहले मुंगेर सीट पर बड़ा उलटफेर हो गया है. जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार संजय सिंह ने अचानक पार्टी छोड़कर भाजपा (एनडीए) का दामन थाम लिया है. संजय सिंह ने आज भाजपा प्रत्याशी कुमार प्रणय की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली और उनके समर्थन में उतर आए. इस कदम से मुंगेर में चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं. मतदान से ठीक पहले जन सुराज के उम्मीदवार का भाजपा में शामिल होना विपक्ष के लिए झटका साबित हो सकता है. अब देखना यह होगा कि इस फैसले का असर मतदान पर कितना पड़ता है. बता दें कि मुंगेर में कल वोटिंग है. इससे पहले अक्टूबर में जन सुराज के तीन और उम्मीदवारों ने नाम वापल ले लिए थे. ये कैंडिडेट दानापुर, ब्रह्मपुर और गोपालगंज शामिल थे. और अब इस लिस्ट में मुंगेर का नाम शामिल हो गया है. जोरदार स्वागत मुंगेर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जन सुराज के पूर्व प्रत्याशी संजय सिंह का भाजपा में जोरदार स्वागत किया गया. इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष अरुण पोद्दार, जिला प्रभारी विकास सिंह, क्षेत्रीय प्रभारी राजेश झा, प्रीति सिंह समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे. भाजपा में शामिल होते हुए संजय सिंह ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही बिहार और देश का विकास संभव है. जन सुराज की सोच अच्छी थी, लेकिन जनता भाजपा के विकास मॉडल पर भरोसा करती है. अब मैं भाजपा प्रत्याशी कुमार प्रणय की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करूंगा.” मुकाबले में अब नए समीकरण संजय सिंह के भाजपा में शामिल होने के बाद मुंगेर की सियासत में हलचल तेज हो गई है. माना जा रहा है कि यह कदम विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर ला सकता है. सूत्रों के मुताबिक, भाजपा इसे “मास्टरस्ट्रोक” मान रही है, जबकि जन सुराज समर्थकों में नाराजगी देखने को मिल रही है. पहले से ही त्रिकोणीय माने जा रहे मुकाबले में अब नए समीकरण बनते दिख रहे हैं. चर्चा में कुमार प्रणय की प्रॉपर्टी बता दें कि मुंगेर सीट से बीजेपी उम्मीदवार कुमार प्रणय इन दिनों अपनी संपत्ति को लेकर चर्चा में हैं. नामांकन के दौरान दिए गए हलफनामे में उन्होंने इतनी बड़ी संपत्ति की जानकारी दी है कि लोग हैरान रह गए. प्रणय की कुल संपत्ति करीब 177 करोड़ रुपये बताई गई है, जिससे वे बिहार चुनाव के सबसे अमीर उम्मीदवारों में शामिल हो गए हैं.

छत्तीसगढ़ का मॉडल — वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण की मिसाल

रायपुर : विशेष लेख : वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और कल्याण के लिए प्रतिबद्ध – छत्तीसगढ़ का आदर्श मॉडल रायपुर भारतीय संस्कृति के केंद्र में हमारे बुजुर्ग हैं – जिनके अनुभव समाज को दिशा देते हैं और जिनकी स्मृतियाँ हमारी सभ्यता की नींव हैं, लेकिन बदलते सामाजिक परिदृश्य में पारिवारिक संरचना और सामाजिक दायरे सिमटने लगे हैं। ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सहभागिता और गरिमामय जीवन सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता बन जाता है। इसी भावना को साकार करती है – छत्तीसगढ़ सरकार की संवेदनशील नीतियाँ और सशक्त क्रियान्वयन। बुजुर्ग – संस्कृति, अनुभव और मूल्यों के स्तंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने वरिष्ठजनों के सम्मान को शासन प्रणाली में प्रमुख स्थान दिया है। उनका मानना है “माता-पिता की पूजा ही ईश्वर की पूजा है।” इसी सोच के साथ राज्य में ऐसे प्रकल्पों का विस्तार हो रहा है जो बुजुर्गों के जीवन की गुणवत्ता बढ़ाते हैं। एक अक्टूबर अंतर्राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने रायपुर, बिलासपुर, कोरबा और दुर्ग में पीपीपी मॉडल के तहत आधुनिक वृद्धाश्रम स्थापित करने तथा असहाय बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए रायपुर में उपकरण सर्विस सेंटर खोलने की घोषणा की। इसी के साथ राज्य में “सियान गुड़ी” जैसे सामाजिक-आध्यात्मिक केंद्रों का विस्तार बुजुर्गों को मानसिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक सहारा प्रदान कर रहा है। छत्तीसगढ़ की समाज कल्याण मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े ने वृद्धजन केंद्रित कार्यक्रमों को जमीनी स्तर तक पहुँचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उनका कहना है “संवेदनशील शासन का अर्थ है, हर बुजुर्ग तक सेवा और सुरक्षा पहुँचाना।” राज्य में 35 वृद्धाश्रम सक्रिय रूप से संचालित हैं, जहाँ लगभग 1049 वरिष्ठ नागरिक भोजन, आवास, स्वास्थ्य, परामर्श और मनोरंजन की सुविधाएँ प्राप्त कर रहे हैं। गंभीर रोगों या असहाय स्थिति में रह रहे बुजुर्गों के लिए रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम, रायगढ़, बालोद और बेमेतरा इन 6 जिलों में प्रशामक देखभाल गृह संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ 128 वरिष्ठजनों को निःशुल्क उपचार, दवाइयाँ और नियमित स्वास्थ्य देखभाल मिल रहा है। वरिष्ठजनों की समस्याओं के निवारण हेतु स्थापित हेल्पलाइन सेवा द्वारा अब तक 2 लाख 70 हजार से अधिक प्रकरणों का समाधान किया जा चुका है। यह सेवा न केवल उनकी पहुँच बढ़ाती है, बल्कि आत्मविश्वास और सुरक्षा बोध भी जगाती है। वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम – 2007 का राज्य में सख्ती से पालन किया जा रहा है। अनुविभाग स्तर पर – भरण-पोषण अधिकरण, जिला स्तर पर – अपीलीय अधिकरण इन व्यवस्थाओं ने बुजुर्गों को संपत्ति, सुरक्षा और भरण-पोषण से जुड़े मामलों में त्वरित न्याय दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है। गरीबी रेखा के नीचे जीवन-यापन करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को नियमित पेंशन सहायता प्रदान की जा रही है 60 से 79 वर्ष तक की आयु के बुजुर्गों को 500 रुपए प्रति माह और 80 वर्ष से अधिक आयु वाले वरिष्ठजनों को 650 रुपए प्रति माह सहायता राशि दी जा रही है। वर्तमान में 14 लाख से अधिक बुजुर्ग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। यह सहायता उनके जीवन में आर्थिक सुरक्षा का आधार बनती है। राज्य सरकार की योजनाएँ गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा के अधिकार को सुदृढ़ कर रही हैं। आयुष्मान भारत और शहीद वीर नारायण सिंह स्वास्थ्य सहायता योजनाओं के तहत 8 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क उपचार मिला है। साथ ही वरिष्ठ नागरिक सहायक उपकरण प्रदाय योजना के अंतर्गत 50 हजार से अधिक बुजुर्गों को व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, छड़ी, चश्मा जैसे उपकरण प्रदान किए गए हैं। आध्यात्मिक संतोष बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य का आधार है। इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना और  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से 2.5 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक, 278 व्यक्ति तीर्थयात्राओं का लाभ ले चुके हैं। यात्रा के दौरान भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। प्रत्येक वर्ष एक अक्टूबर वृद्धजन दिवस राज्य और जिला स्तर पर मनाया जाता है। इन कार्यक्रमों से समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदना और सहयोग की भावना को प्रोत्साहन मिलता है। वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान केवल एक सामाजिक मूल्य नहीं, बल्कि एक कर्तव्य है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और समाज कल्याण मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध किया है कि संवेदनशील शासन, सुचारु क्रियान्वयन और मानवीय दृष्टिकोण मिलकर बुजुर्गों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन ला सकते हैं। बुजुर्ग – संस्कृति, अनुभव और मूल्यों के स्तंभ     डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक जनसंपर्क विभाग  

यूपी चुनार में बड़ा रेल हादसा, ट्रैक पार कर रहे श्रद्धालुओं पर चली ट्रेन

मिर्जापुर देव दीपावली के मौके पर वाराणसी में गंगा स्नान करने जा रहे श्रद्धालु चुनार रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पार करते वक्त ट्रैन की चपेट में आ गए. इस हादसे में 8 महिला यात्रियों की मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक सभी चोपन से वाराणसी जा रही थीं. सभी पैसेंजर ट्रेन से चुनार पहुंचे थे. वहां से वाराणसी के लिए ट्रेन पकड़ने के लिए रेलवे ट्रैक क्रॉस कर रहे थे. फ़िलहाल RPF के जवानों ने घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया है. जानकारी के मुताबिक चोपन से चुनार पहुंची पैसेंजर ट्रेन प्लेटफार्म नंबर चार पर खड़ी थी. जिससे उतरकर यात्री वाराणसी जाने के लिए प्लेटफार्म नंबर एक पर जाने के लिए फुट ओवर ब्रिज की जगह ट्रैक क्रॉस करने लगे.  तभी ट्रैक से गुजर रही कालका एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गईं. बताया जा रहा है कि इस हादसे में आठ लोगों की मौत हुई है. जबकि कई अन्य घायल हैं. सभी महिला श्रद्धालु देव दीपावली के मौके पर वाराणसी में गंगा स्नान के लिए जा रहे थे. शवों के चीथड़े उड़े कालका एक्सप्रेस के चपेट में आए श्रद्धालुओं के चीथड़े उड़ गए. जिसे देख मौके पर भगदड़ की स्थिति हो गई, मृत लोगों के परिजनों में कोहराम मच गया. चारों तरफ चीफ पुकार मच गई. जानकारी मिलते ही एसडीएम, अपर पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे घटना का जायजा लिया. पैसेंजर ट्रेन से पहुंचे थे चुनार स्टेशन पर मिर्जापुर जिले के राजगढ़ थाना क्षेत्र के कमरिया गांव निवासी सविता (उम्र 28 वर्ष) पत्नी राजकुमार, साधना पुत्री विजय शंकर (उम्र 16 वर्ष), शिवकुमारी पुत्री विजय शंकर (उम्र 12 वर्ष), अंजू पुत्री श्याम प्रसाद (उम्र 20 वर्ष), पडरी निवासी सुशीला देवी (उम्र 60 वर्ष) पत्नी स्वर्गीय मेवालाल और सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र के बसवा गांव निवासी कलावती देवी (उम्र 21 वर्ष) पत्नी जनार्दन चोपन प्रयागराज पैसेंजर से चुनार स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार पर उतरे थे। फुट ओवरब्रिज की बजाए ऐसे की ट्रैक पार करने की कोशिश पुलिस के मुताबिक फुटओवर ब्रिज की बजाय सभी श्रद्धालु रेलवे ट्रैक पार कर तीन नंबर प्लेटफार्म पर जा रहे थे। इसी बीच पीडीडीयू जंक्शन की तरफ से मिर्जापुर जा रही तेज रफ्तार कालका मेल आ गई। ट्रेन की चपेट में आने से सभी श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई। परिवारीजनों के मुताबिक सभी गंगा स्नान करने चुनार घाट जा रहे थे। मौके पर पहुंचे परिवारीजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। पुलिस ने मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। CM योगी ने जताया दुख चुनार रेलवे स्टेशन पर हुए इस हादसे का संज्ञा लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को बेहतर इलाज मुहैया करवाई जाए.