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भारत vs पाकिस्तान U19 एशिया कप: तारीख, समय, वेन्यू और LIVE स्ट्रीमिंग की पूरी जानकारी

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस पाकिस्तान U19 एशिया कप 2025 का 5वां मुकाबला रविवार, 14 दिसंबर को दुबई के आईसीसी अकैडमी ग्राउंड पर खेला जाना है। भारत और पाकिस्तान दोनों ही टीमें अपना-अपना पिछला मुकाबला बड़े अंतर से जीतकर यहां पहुंची है, ऐसे में दोनों टीमों के खिलाड़ियों का कॉन्फिडेंस काफी हाई होगा। भारत ने यूएई को 234 रनों से तो पाकिस्तान ने मलेशिया को 297 रनों से धूल चटाई। भारत के लिए पहले मैच में वैभव सूर्यवंशी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 171 रन बनाए, वहीं पाकिस्तान के लिए समीर मिन्हास चमके जिन्होंने 177 रनों की धुआंधार पारी खेली। भारत बनाम पाकिस्तान मैच के दौरान इन दोनों ही खिलाड़ियों पर हर किसी की नजरें रहेगी। आईए एक नजर India U19 vs Pakistan U19 मुकाबले से जुड़ी कुछ अहम जानकारियों पर नजर डालते हैं-   वैभव सूर्यवंशी का यह रिकॉर्ड उड़ा देगा होश, U19 के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा इंडिया बनाम पाकिस्तान U19 एशिया कप 2025 मैच रविवा, 14 दिसंबर को होगा। इंडिया बनाम पाकिस्तान U19 एशिया कप 2025 मैच ICC एकेडमी ग्राउंड, दुबई में होगा। इंडिया बनाम पाकिस्तान U19 एशिया कप 2025 मैच 10:30 AM IST पर शुरू होगा।

रायपुर: रेडियोलॉजी में एआई का उपयोग, दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए वरदान – स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

रायपुर : रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए बनेगा वरदान : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पंडित नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित आईरा सीजीकॉन 2025 (IRIA-CGCON-2025) के 15वें वार्षिक राज्यस्तरीय कॉन्फ्रेंस का हुआ शुभारंभ रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग विज्ञान में ज्ञान और सहयोग की नई दिशा रायपुर इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) – छत्तीसगढ़ चैप्टर, पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के रेडियोडायग्नोसिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आईरा सीजीकॉन 2025 (IRIA-CGCON-2025) के 15वें वार्षिक राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन चिकित्सा महाविद्यालय स्थित स्व. अटल बिहारी वाजपेई सभागार में किया जा रहा है। दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन माननीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। पूरे देशभर से 150 से भी अधिक रेडियोलॉजिस्ट इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं।  रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों के लिए बनेगा वरदान : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल   सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए अपने उद्बोधन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग तकनीक के क्षेत्र में एआई का समावेश चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया विभिन्न क्षेत्रों में एआई का उपयोग कर तेजी से आगे बढ़ रही है, ऐसे में मेडिकल और विशेषकर रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई का उपयोग समय की आवश्यकता बन चुका है।   स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि एआई आधारित इमेजिंग तकनीक से जांच की गुणवत्ता में सुधार, रिपोर्टिंग में तेजी और रेडियोलॉजिस्ट विशेषज्ञों की कमी वाले दूरस्थ क्षेत्रों में भी सटीक निदान संभव हो सकेगा। इससे मरीजों को बड़े शहरों तक आने की आवश्यकता कम होगी और समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।  उन्होंने सम्मेलन में जुटे देश भर के रेडियोलॉजिस्टों से आह्वान किया कि वे तकनीकी नवाचारों को अपनाते हुए एआई के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, सटीक और प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य करें, ताकि छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर रहने वाले मरीजों को भी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सके। स्वास्थ्य मंत्री के इस विचारोत्तेजक वक्तव्य को सम्मेलन में उपस्थित विशेषज्ञों एवं प्रतिभागियों ने सराहा और रेडियोलॉजी के क्षेत्र में एआई के व्यापक उपयोग पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता पर सहमति व्यक्त की।   इस अवसर पर आयोजन समिति के पेट्रन एवं मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. विवेक चौधरी, अम्बेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर, आयोजन अध्यक्ष डॉ. आनंद जायसवाल (अध्यक्ष IRIA-CGCON), उपाध्यक्ष डॉ. विवेक पात्रे (विभागाध्यक्ष, रेडियोडायग्नोसिस विभाग), आईरा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. ए. ए. उस्मान, सचिव डॉ. विकास भोजसिया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।   सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से पधारे प्रख्यात विशेषज्ञों एवं प्रतिष्ठित वक्ताओं में डॉ. सी. कृष्णा, डॉ. वर्षा जोशी, डॉ. प्रशांत ओंकार, डॉ. नितिन सहित अनेक फैकल्टी मेंबर्स ने सहभागिता की।    सम्मेलन की थीम रेडियोलॉजी एवं इमेजिंग विज्ञान में ज्ञान और सहयोग की नई दिशा (Advancing Knowledge and Collaboration in Radiology and Imaging Science) रखी गई है।

बीजेपी ने तोड़ा LDF का 40 साल पुराना दबदबा, तिरुवनंतपुरम निकाय चुनाव में मिली ऐतिहासिक सफलता

तिरुवनंतपुरम  केरल निकाय चुनाव में कांग्रेस की अगुवाई वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) को बड़ी जीत मिली है। वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) को करारी हार का सामना करना पड़ा है। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने पहली बार ऐतिहासिक जीत हासिल की है। इसके अलावा पलक्कड़ नगर पालिका चुनाव में बीजेपी ने लगातार तीसरी बार जीत हासिल की।  2020 के चुनाव में बीजेपी ने 28 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अबकी बार तीन सीटें कम आई। सत्तारूढ़ यूडीएफ ने पिछले चुनाव के मुकाबले तीन अधिक सीटें जीती। उसके खाते में 17 सीट आई। एलडीएफ को आठ सीटों पर जीत मिली। बीजेपी ने केरल के स्थानीय निकाय चुनाव में पहली जीत पलक्कड़ में साल 2015 में दर्ज की थी। तब से यहां पार्टी का दबदबा बरकरार है। 2020 में पलक्कड़ में कांग्रेस को 10 और मुस्लिम लीग को चार सीटों पर कामयाबी मिली थी। राजधानी में सत्ता परिवर्तन, वाम मोर्चे को बड़ा झटका तिरुवनंतपुरम न सिर्फ केरल की प्रशासनिक राजधानी है, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम मानी जाती है। लंबे समय से यह क्षेत्र कांग्रेस और LDF के प्रभाव वाला रहा है। ऐसे में यहां बीजेपी की जीत को वाम राजनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। शशि थरूर का गढ़, फिर भी बीजेपी की सेंध बता दें कि तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर लगातार चार बार सांसद चुने जा चुके हैं। इस कारण यह इलाका पारंपरिक रूप से गैर-बीजेपी माना जाता रहा है, लेकिन नगर निगम चुनाव परिणाम ने इस धारणा को तोड़ दिया है। पीएम मोदी ने दी बधाई तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहर की जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “Thank you Thiruvananthapuram!”  पीएम मोदी ने इस जनादेश को केरल की राजनीति में एक ‘वॉटरशेड मोमेंट’ करार देते हुए कहा कि तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी-एनडीए को मिला समर्थन इस बात का संकेत है कि राज्य के लोग मानते हैं कि केरल की विकासात्मक आकांक्षाओं को केवल बीजेपी ही पूरा कर सकती है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी तिरुवनंतपुरम जैसे जीवंत शहर के विकास के लिए काम करेगी और आम लोगों के लिए ‘Ease of Living’ को और बेहतर बनाएगी.  शहरी मतदाताओं का बदला रुझान राजनीतिक विशेषज्ञों की माने तो , यह जीत विधानसभा चुनाव में 2-3 सीटें जीतने से कहीं अधिक प्रभावशाली है। शहरी स्थानीय निकाय में सत्ता हासिल करना इस बात का संकेत है कि शहरी मतदाता अब पारंपरिक LDF-UDF ध्रुवीकरण से बाहर निकाल कर बेहतर विकल्प तलाश रहा है। चार नगर निगमों में यूडीएफ का कब्जा केरल की छह में से चार नगर निगमों में यूडीएफ ने जीत हासिल की है। इनमें कोल्लम, कोच्चि, त्रिशूर और कन्नूर शामिल है। इन क्षेत्रों को वामपंथियों का गढ़ कहा जाता है। मगर कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन ने एलडीएफ से कई सीटें छीन ली। तिरुवनंतपुरम में एनडीए ने पहली बार जीत हासिल की है। त्रिपुनिथुरा नगर पालिका पर भी बीजेपी को जीत मिली है। हालांकि थोडुपुझा और कन्हंगड नगरपालिका में उसे मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा। एलडीएफ को बड़ा झटका कोझिकोड एकमात्र नगर निगम है, जहां एलडीएफ का जलवा बरकरार है। 2020 में एलडीएफ ने शानदार प्रदर्शन किया था। उसने छह में से पांच नगर निगमों पर अपना कब्जा जमाया था। वहीं यूडीएफ के खाते में सिर्फ कन्नूर नगर निगम सीट आई थी। बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर का कहना है कि स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजे केरल में एलडीएफ के एक दशक लंबे शासन के खात्मे में का प्रतीक हैं। 54 नगर पालिकाओं पर यूडीएफ की जीत यूडीएफ ने नगर निगम, नगरपालिका से ब्लॉक और ग्राम स्तर के चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया। सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) भारी नुकसान पहुंचाया। यूडीएफ ने 86 में से 54 नगरपालिकाओं पर जीत हासिल की। 9 और 11 दिसंबर को दो चरणों में केरल के छह नगर निगमों, 14 जिला पंचायतों, 87 नगरपालिकाओं, 152 ब्लॉक पंचायतों और 941 ग्राम पंचायतों में मतदान हुआ। यूडीएफ: मध्य और उत्तरी केरल के बड़े हिस्से में यूडीएफ की पकड़ मजबूत रही। मोर्चा ने एर्नाकुलम, अलाप्पुझा, मलप्पुरम, कोट्टायम और पलक्कड़ जिले में अपना जलवा बरकरार रखा। इसके अलावा इडुक्की और पथानामथिट्टा में अपना प्रदर्शन बेहतरीन किया। एलडीएफ: अबकी चुनाव में एलडीएफ को अपने कुछ गढ़ खोने पड़े। पिछले चुनाव में जहां 5 नगर निगमों पर जीत हासिल की थी। अबकी सिर्फ एक ही सीट खाते में आई। नगर पालिकाओं की बात करें तो पार्टी अपने पारंपरिक गढ़ जैसे तिरुवनंतपुरम, कोल्लम और कोझिकोड जिलों में अपना दबदबा बरकरार रखने में कामयाबी रही।    

रायपुर: विशेष लेख – छत्तीसगढ़ में महिला विकास की नई दिशा

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने के लिए बीते दो वर्षों के दौरान महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर परिवर्तनकारी कार्य हुए हैं, उन्होंने राज्य को राष्ट्रीय पटल पर एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित किया है। सरकार ने महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और निर्णय क्षमता को अपनी नीतियों का मूल आधार बनाते हुए सामाजिक-आर्थिक बदलाव की एक नई दिशा तय की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कहते हैं कि हमारा संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर महिला आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सम्मानित जीवन जिए। बीते दो वर्षों में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर जो कार्य किए गए हैं, वे एक विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव हैं। सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य, आजीविका, सुरक्षा और भागीदारी को हर नीति के केंद्र में रखकर आगे भी योजनाएँ लागू करती रहेगी। शासन की महत्वकांक्षी योजना महतारी वंदन योजना ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को नई मजबूती दी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को वर्चुअली लॉन्च की गई इस योजना के तहत राज्य की लगभग 70 लाख विवाहित महिलाओं को हर माह 1,000 रुपये की प्रत्यक्ष सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक 14,306 करोड़ 33 लाख रुपये की राशि 22 किश्तों में उनके बैंक खातों में पहुंचाई जा चुकी है। महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य और आर्थिक मजबूती के लिए 5,500 करोड़ रुपये का प्रावधान भी यह दर्शाता है कि महिला कल्याण राज्य की विकास-यात्रा का केंद्र बिंदु है। महिलाओं को संपत्ति में अधिकार देने के लिए रजिस्ट्री शुल्क में 1 प्रतिशत की छूट जैसे निर्णयों ने उन्हें न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण भी प्रदान की है। इसी क्रम में 368 महतारी सदनों का निर्माण स्वीकृत किया गया है, जहाँ महिलाओं को प्रशिक्षण, परामर्श, कौशल विकास और सहायक सेवाएँ एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय एवं प्रोत्साहन राशि का ऑनलाइन भुगतान शुरू कर सरकार ने सुशासन और पारदर्शिता को और भी मजबूत किया है। ग्रामीण और वंचित वर्ग की महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने के लिए राज्य सरकार ने स्व-सहायता समूहों को नए अवसर प्रदान किए हैं। छह जिलों बस्तर, दंतेवाड़ा, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़ और सूरजपुर में रेडी-टू-ईट का कार्य महिला समूहों को सौंपा गया है। वहीं 42 हजार 878 महिला समूहों को 12,946.65 लाख रुपये का रियायती ऋण प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाया गया है। इसके साथ ही निर्माण श्रमिक परिवारों की महिलाओं और बेटियों के लिए मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना, सिलाई मशीन सहायता और दीदी ई-रिक्शा योजना जैसी पहलों ने आजीविका के नए विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं। मिनीमाता महतारी जतन योजना गर्भवती श्रमिक महिलाओं को स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार प्रदान कर रही है। कन्याओं के विवाह में सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को और सशक्त बनाते हुए 50,000 रुपये की सहायता में से 35,000 रुपये सीधे कन्या के खाते में जमा करने का निर्णय लिया गया है। वर्ष 2024-25 में 8,000 कन्याओं के विवाह हेतु 40 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की महत्वपूर्ण भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एनआरएलएम के तहत लखपति दीदी और ड्रोन दीदी जैसी पहलों पर 800 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं, जो देश में महिला उद्यमिता के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। नवाबिहान योजना घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को कानूनी, चिकित्सा और मनोसामाजिक सहायता प्रदान कर रही है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है, जिसने सखी वन-स्टॉप सेंटर का डिजिटल वर्जन तैयार किया और इसके लिए मानक प्रक्रिया (ैव्च्) लागू की। 181 महिला हेल्पलाइन और डायल 112 के एकीकृत संचालन ने संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की है। इसी तरह सुखद सहारा योजना के अंतर्गत 2 लाख 18 हजार से अधिक विधवा और परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह 500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। किशोरियों के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए शुचिता योजना के तहत 2,000 स्कूलों में नैपकिन वेंडिंग मशीनें स्थापित की गई हैं, जबकि 3 लाख से अधिक किशोरियों को स्वच्छता सामग्री उपलब्ध कराई गई है। हाई स्कूल छात्राओं को साइकिल वितरण के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नवा रायपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल का निर्माण महिला समूहों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जशपुर जिले की आदिवासी महिलाओं द्वारा संचालित जशप्योर ब्रांड को वैश्विक पहचान दिलाने के प्रयास भी महिलाओं के लिए नए अवसर खोल रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि, महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के साथ-साथ उनके लिए सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल तैयार करना हमारी प्राथमिकता है। महतारी वंदन योजना से लेकर नवाबिहान, लखपति दीदी, शुचिता और महतारी सदन जैसी पहलें महिलाओं के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त कर रही हैं। आने वाले समय में विभाग इन योजनाओं को और प्रभावी रूप से विस्तार देगा ताकि हर महिला अपने सपनों को साकार कर सके। महिला एवं बाल विकास विभाग को वर्ष 2025-26 में 8,245 करोड़ रुपये का बजट देकर सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि महिला कल्याण और सुरक्षा उसकी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बीते दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में हुए परिवर्तन यह प्रमाणित करते हैं कि महिलाओं को केंद्र में रखकर किया गया विकास न केवल सुशासन की पहचान है बल्कि एक प्रगतिशील समाज की आधारशिला भी है। छत्तीसगढ़ आज महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक नई दिशा, नई उम्मीद और नए परिवर्तन का प्रतीक बनकर उभर रहा है।   डॉ. दानेश्वरी संभाकर, उप संचालक (जनसंपर्क)

किसानों को दिया बड़ा आश्वासन- उपज का एक-एक दाना खरीदेगी सरकार- मंत्री राजेश अग्रवाल

रायपुर : कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर-उदयपुर क्षेत्र में करोड़ों के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन-लोकार्पण किसानों को दिया बड़ा आश्वासन- उपज का एक-एक दाना खरीदेगी सरकार- मंत्री राजेश अग्रवाल रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने विधानसभा क्षेत्र लखनपुर और उदयपुर में करोड़ों रुपये की लागत से विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं से क्षेत्रीय संपर्क सुविधाएं मजबूत होंगी तथा ग्रामीणों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। मंत्री ने क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता देते हुए कहा कि सभी आवश्यक परियोजनाओं को शीघ्रता से पूरा किया जाएगा। उदयपुर विकासखंड के चैनपुर-खमरिया मार्ग पर रेहंड नदी में उच्च स्तरीय पुल और पहुंच मार्ग निर्माण के लिए 11 करोड़ 86 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्री अग्रवाल ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन किया, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को नदी पार करने में होने वाली कठिनाइयों से मुक्ति मिलेगी। पुल बनने के बाद स्थानीय बाजारों, स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच आसान हो जाएगी। ग्राम पंचायत लाटोरी में 5 लाख रुपये की लागत से बनने वाली पुलिया का भी भूमिपूजन किया गया। इस समारोह में स्थानीय सरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। यह पुलिया क्षेत्रीय संपर्क को और सशक्त बनाएगी, जिससे किसानों और ग्रामीणों को दैनिक कार्यों में सुगमता मिलेगी। मंत्री राजेश अग्रवाल ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार आपकी उपज का एक-एक दाना खरीदेगी और उचित मूल्य दिलवाएगी। यदि किसी समिति में कर्मचारी द्वारा अवैध वसूली, परेशानी या अनुचित व्यवहार होता है, तो टोल-फ्री नंबर पर शिकायत करें। शिकायत मिलते ही तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने क्षेत्र के विकास के प्रति समर्पण जताते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण विकास के लिए कटिबद्ध है।

पंजाब में डिजिटल राजस्व प्रणाली का नया मॉडल, 99 प्रतिशत गांवों में रिकॉर्ड हुए डिजिटाइज

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस में एक बड़ा कदम उठाते हुए राजस्व विभाग को पूरी तरह तकनीक-आधारित और भ्रष्टाचारमुक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। ईजी रजिस्ट्री और ईजी जमाबंदी जैसी पहलें अब राज्य में संपत्ति पंजीकरण और भूमि रिकॉर्ड सेवाओं को नया स्वरूप दे रही हैं, जिससे लाखों नागरिकों का समय और पैसा बच रहा है। ईजी रजिस्ट्री, जो मई 2025 में मोहाली से शुरू होकर पूरे राज्य में लागू हो चुकी है, आधुनिक डिजिटल सिस्टम पर आधारित है। इसके माध्यम से कोई भी नागरिक घर बैठे ऑनलाइन शुल्क भुगतान, दस्तावेज़ अपलोड और संपत्ति पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर सकता है—और 48 घंटे के भीतर अनुमोदित रजिस्ट्री प्राप्त कर सकता है। 1076 हेल्पलाइन के जरिए दस्तावेज़ कलेक्शन सेवा भी उपलब्ध है, जिससे बुजुर्गों और एनआरआई नागरिकों को बड़ी राहत मिली है। ईजी जमाबंदी, जिसे जून 2025 में लॉन्च किया गया, विशेष रूप से किसानों के लिए क्रांतिकारी बदलाव लाया है। easyjamabandi.punjab.gov.in पोर्टल तथा व्हाट्सएप सेवा के माध्यम से गांवों का भूमि रिकॉर्ड अब सिर्फ कुछ मिनटों में डिजिटल हस्ताक्षरित और QR कोड युक्त फ्री कॉपी के रूप में उपलब्ध है। पहले महीनों लगने वाली इंतकाल प्रक्रिया अब 30 दिनों के भीतर पूरी हो जाती है। राज्य के 99 प्रतिशत गांवों के रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटाइज हो चुके हैं, जिससे दलालों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है। सरकार के अनुसार इन सेवाओं के चलते हर वर्ष करीब 100 करोड़ रुपये जनता की बचत हो रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि “अब सिस्टम जनता के दरवाज़े तक पहुँच रहा है, न कि जनता सिस्टम के पीछे।” इन डिजिटल सुधारों ने पंजाब को देश का सबसे पारदर्शी और कुशल ई-गवर्नेंस मॉडल बनाने की दिशा में अग्रणी राज्य बना दिया है।

मेस्सी के नाम पर मचा बवाल: ममता बनर्जी ने जताया खेद, कोलकाता स्टेडियम घटना की जांच के निर्देश

कोलकाता  लियोनेल मेस्सी के भारत पहुंचने से पहले ही फुटबॉल प्रेमियों पर उनका खुमार चढ़ गया। वहीं शनिवार को उनकी एक झलक पाने के लिए कोलकाता के युवा भारती क्रीड़ांगन में बड़ी संख्या में फैन इकट्ठा हुए। मेस्सी के आते ही थोड़ी देर में वहां बवाल शुरू हो गया। लोग बोतल फेंकने लगे और कुर्सियों पर खड़े हो गए। इसके बाद आपस में ही मारपीट और तोड़फोड़ शुरू हो गई। दुनिया के सबसे लोकप्रिय फुटबॉल खिलाड़ी की झलक नहीं देखने पर नाराज प्रशंसकों ने सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया और मैदान में घुस गए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस कुप्रबंधन पर हैरानी जताई है और इस बवाल की जांच के आदेश दे दिए हैं। ममता बनर्जी ने लियोनेल मेस्सी और उनके फैन्स से इस उपद्रव के लिए माफी मांगी है।   बनर्जी ने कहा, साल्ट लेक स्टेडियम में हुए उपद्रव से मैं बहुत दुखी और हैरान हूं। मैं लियोनेल मेस्सी और उनके फैन्स से माफी मांगती हूं। बता दें कि ममता बनर्जी इस कार्यक्रम में शामिल होने जा रही रही थीं। वह रास्ते में ही थीं तब तक स्डेडियम में बवाल शुरू हो गया। ‘सिटी ऑफ जॉय’ में फुटबॉल प्रशंसकों के लिए जो दिन यादगार होना चाहिए था, वह एक बुरे सपने में बदल गया। स्टेडियम के अंदर अव्यवस्था के चलते मेस्सी की मौजूदगी से अधिक अफरा-तफरी मची रही। मेस्सी के मैदान में आते ही स्थिति बेकाबू हो गई। अराजकता के कारण कार्यक्रम को बीच में ही रोक दिया गया। जिससे स्टेडियम में इस कार्यक्रम के लिए मौजूद बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की इस दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी से मुलाकात नहीं हो सकी। सॉल्ट लेक स्टेडियम राजनीतिक दांव-पेच का अड्डा बन गया और सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के समर्थक सुरक्षा घेरा तोड़कर मैदान में घुस आए थे। हालात इतने बिगड़ गए कि ‘जीओएटी टूर’ के आयोजक शतद्रु दत्ता और सुरक्षाकर्मियों को मेस्सी को स्टेडियम से सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। अर्जेंटीना के इस स्टार खिलाड़ी को देखने के लिए 4,500 से 10,000 रुपये तक के टिकट खरीदने वाले प्रशंसकों ने निराशा में बोतलें फेंकी और सीटों को तोड़ दिया। इसके स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अजय शाह नाम के एक नाराज प्रशंसक ने कहा, ‘‘ यहां एक गिलास कोल्ड ड्रिंक की कीमत 150-200 रुपये है, फिर भी हमें मेस्सी की एक झलक भी नहीं मिली। लोग उन्हें देखने के लिए अपनी एक महीने की तनख्वाह खर्च कर चुके हैं। मैंने टिकट के लिए 5000 रुपये दिए और अपने बेटे के साथ मेस्सी को देखने आया था, नेताओं को नहीं। पुलिस और सैन्यकर्मी सेल्फी ले रहे थे और इसके लिए प्रबंधन जिम्मेदार है। पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं था।’  

न्यू ईयर से पहले बड़ा फैसला: दिल्ली की क्रिसमस पार्टियों में नहीं होंगे पटाखे

नई दिल्ली  साल 2025 खत्म होने को है। राजधानी दिल्ली नए साल का जश्न मनाने को तैयार है। क्रिसमस की रौनक और न्यू ईयर की धूम के लिए दिल्ली के क्लब, रेस्टोरेंट और बार पूरी तरह तैयार हैं। लेकिन इस बार पार्टी में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। अब इन जगहों पर पटाखे फोड़ने की सख्त मनाही है। गोवा के नाइट क्लब में हुए खौफनाक हादसे के बाद ये फैसला लिया गया। हाल ही में गोवा के एक नाइटक्लब में लगी भीषण आग ने सबको हिला कर रख दिया। इस हादसे में कम से कम 25 लोगों की जान चली गई। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के आबकारी विभाग ने फैसला लिया है कि पार्टी की मस्ती में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। क्लब और रेस्टोरेंट वालों को सख्त हिदायत 10 दिसंबर को जारी आदेश में विभाग ने सभी होटल, क्लब और रेस्टोरेंट (HCR) लाइसेंस धारकों को चेतावनी दी है। फायर NOC हमेशा वैलिड रखें। फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह चालू हालत में हों। इसके अलावा परिसर में किसी भी तरह के पटाखे चाहे पारंपरिक हों या इलेक्ट्रिक पूरी तरह बैन हैं। अगर कोई गलती हुई तो दिल्ली एक्साइज एक्ट 2009 और नियम 2010 के तहत सख्त कार्रवाई होगी। लाइसेंस सस्पेंड या कैंसल तक हो सकता है। दिल्ली में कितने जगहों पर लागू होगा ये नियम? शहर में करीब 950 रेस्टोरेंट, बार और क्लब आबकारी विभाग के साथ रजिस्टर्ड हैं। खास बात ये कि 90 वर्ग मीटर या उससे ज्यादा एरिया वाले सभी प्रतिष्ठानों को अपना फायर NOC समय पर रिन्यू कराना अनिवार्य है। कोई बहाना नहीं चलेगा।  

वैवाहिक मुहूर्त पर रोक: आज से थमी शादियों की रौनक, वजह जानकर होंगे हैरान

जैतो  हिंदू रीति-रिवाजों को मानने वाले लोग विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, नया वाहन और मकान लेने जैसे कार्यों के लिए शुभ दिन तय करवाते हैं। मान्यता है कि किसी शुभ मुहूर्त में किया गया मंगल कार्य ही शुभ फल देता है। लेकिन अगर इस दौरान विवाह की खुशियों की बात करें तो अब शहनाइयां नहीं बजेंगी, क्योंकि शुक्र 12 दिसंबर की रात को अस्त हो जाएगा और 1 फरवरी 2026 तक इसी स्थिति में रहेगा। इस अवधि के दौरान भारत में सनातन धर्म को मानने वाले लोग अपने बच्चों का विवाह नहीं कर सकेंगे। बताया जाता है कि स्वर्गीय पंडित कल्याण स्वरूप शास्त्री ‘विद्यालंकार’ के पुत्र पंडित शिवकुमार शर्मा के अनुसार, प्रसिद्ध हिंदू धार्मिक ग्रंथ ‘मुहूर्त चिंतामणि’ में कहा गया है कि जब बुध, गुरु और शुक्र अस्त होते हैं, तब विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार, देवताओं या तीर्थ स्थलों की पहली यात्रा, तालाब और कुआं खुदवाने तथा अन्य शुभ कार्यों की मनाही होती है। उन्होंने कहा कि अब लाखों कुंवारे लोगों को अपने विवाह की शहनाइयों के लिए 1 फरवरी 2026 तक इंतजार करना पड़ेगा। सनातन धर्म को मानने वाले लोग अपने बच्चों का विवाह केवल शुभ समय में ही करना चाहते हैं। इसके बाद नए साल के दूसरे महीने में विवाह और सगाई जैसे सभी शुभ कार्य 4 फरवरी से दोबारा शुरू हो सकेंगे। फरवरी–मार्च 2026 में कुल 18 शुभ विवाह मुहूर्त हैं। फरवरी 2026 में 13 शुभ मुहूर्त हैं, जिनमें 4, 5, 6, 10, 11, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी शामिल हैं। वहीं मार्च 2026 में 5 शुभ मुहूर्त 9, 10, 11, 12 और 14 मार्च को हैं। 

रेलवे ने गंदगी फैलाने वालों पर लगाया भारी जुर्माना, आठ माह में वसूली 24.82 लाख रुपये से अधिक

  जबलपुर  पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मण्डलों के सभी स्टेशनों पर स्टेशन परिसर एवं गाड़ियों में स्वच्छ, सुखद एवं पर्यावरण अनुकूल वातावरण मुहैया कराने के प्रति लगातार प्रयासरत है। मण्डलों के रेलवे स्टेशनों एवं रेलगाड़ियों में नियमित साफ सफाई सुनिश्चित की जाती है, साथ ही नियमित उद्घोषणा के माध्यम से यात्रियों को जागरुक भी किया जाता है। इसके अंतर्गत यात्रियों से स्टेशन परिसर को साफ सुथरा रखने, धूम्रपान नहीं करने तथा यहां वहां गंदगी नहीं करने के लिए जागरूक किया जाता है। बार-बार समझाइश के बावजूद कुछ लोग लापरवाही बरतते हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ रेल प्रशासन द्वारा समय-समय पर रेलवे अधिनियम के अंतर्गत जुर्माने की कार्यवाही की जाती है। पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के अप्रैल से  नवम्बर कुल आठ माह में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 12,550 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 24 लाख 82 हजार 940 रूपये जुर्माना वसूला गया।         अकेले नवम्बर माह में गन्दगी फैलाने वालों के विरुद्ध चलाये गए अभियान में कुल 1331 व्यक्तियों के मामले पकडे गए, जिनसे कुल 02 लाख 70 हजार 850 रूपये जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा जुर्माने के साथ साथ ऐसे लोगों को समझाईश भी दी जाती है। साथ ही गंदगी से होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए स्टेशन परिसर स्वच्छ रखने के लिए अनुरोध भी किया जाता है।         रेल प्रशासन यात्रियों से अनुरोध करता है कि रेलवे आपकी अपनी संपत्ति है, रेल परिसर में कृपया गंदगी न फैलाएं। स्टेशन का वातावरण स्वच्छ, सुंदर रखने में रेल प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों में सहभागी बनें। गंदगी करने वालों के विरुद्ध आगे भी ऐसे अभियान निरंतर जारी रहेंगे।