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राहत देने वाला हीटर बना जानलेवा, नानी और नाती की मौत से मचा हड़कंप

धनबाद झारखंड के धनबाद में हीटर ने 2 लोगों की जान ले ली है जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मामला जिले के सरायढेला थाना क्षेत्र के विकास नगर का है। बताया जा रहा है कि एक महिला हीटर चलाकर कमरे में सो रही थीं। इसी दौरान अचानक आग लग गई और आग ने विकराल रूप ले लिया। महिला और 15 दिन पहले नानी के घर आया उसका नाती आग की चपेट में आ गए जिससे दोनों की मौत हो गई। इतना ही नहीं आग की चपेट में आने से परिवार के ही छह अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। इलाके में पसरा मातम कहा जा रहा है कि सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे। सूचना मिलते ही पहुंची दमकल की गाड़ियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वहीं, घटना के बाद इलाके में मातम पसर गया है।  

पारिवारिक और क्षेत्रीय जिम्मेदारियों का हवाला: रतलाम के जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने छोड़ा पद

रतलाम  रतलाम ग्रामीण कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हर्ष विजय गहलोत ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को भेजा है. बता दें कि कल ही कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा हुई है, ऐसे में हर्ष विजय गहलोत का इस्तीफा होने से सियासी गलियारों में कई तरह की अटकलें भी चल रही हैं. हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह पारिवारिक और विधानसभा क्षेत्र में लगातार व्यस्तता को बताया है. जिसके बाद एमपी में भोपाल से लेकर रतलाम तक सियासी हलचल फिलहाल देखी जा रही है.  पूर्व विधायक हैं हर्ष विजय गहलोत   बता दें कि हर्ष विजय गहलोत कांग्रेस के पूर्व विधायक हैं, वह 2018 में रतलाम ग्रामीण सीट से विधायक बने थे. हालांकि 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. गहलोत को कांग्रेस ने अगस्त 2025 में बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए रतलाम ग्रामीण का जिलाध्यक्ष बनाया था. लेकिन अब उन्होंने इस पोस्ट से इस्तीफा दे दिया है. सियासी गलियारों में चर्चा चल रही है कि मनमुताबिक ब्लॉक अध्यक्ष नियुक्त न होने की वजह से भी इस्तीफा हुआ है. हालांकि अब तक इस पर कोई आधिकारिक बात सामने नहीं आई है. जीतू पटवारी दिसंबर 2023 में मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने थे। इसके करीब 18 महीने बाद अगस्त 2025 में उन्होंने 71 जिला अध्यक्षों की घोषणा की थी। इसमें हर्ष विजय गहलोत का भी नाम शामिल है। उन्हें पहले से रिक्त रतलाम ग्रामीण का अध्यक्ष बनाया गया था। नियुक्ति के करीब 4 महीने बाद ही गहलोत ने पद से इस्तीफा दे दिया। 6 दिसंबर को आलीराजपुर के जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश पटेल ने इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने लिखा था कि व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे रहा हूं। मैंने अपने कार्यकाल में संगठन को मजबूत करने का पूरा प्रयास किया है। 780 ब्लॉक अध्यक्षों की हुई है नियुक्तियां  पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने 16 दिसंबर की रात में मध्य प्रदेश कांग्रेस के 780 ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा की है. पटवारी ने 2 साल का कार्यकाल पूरा होने पर ब्लॉक और उप ब्लॉक अध्यक्षों का ऐलान कर दिया है. लेकिन अगले ही दिन रतलाम ग्रामीण जिला अध्यक्ष का इस्तीफा आना बड़ी वजह माना जा रहा है. कांग्रेस का कहना है कि यह एक लंबी प्रक्रिया थी, जिसके बाद ब्लॉक अध्यक्षों का ऐलान किया गया है.  हर्ष विजय गहलोत ने अपना इस्तीफा पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को भेजा है. उनका कहना है कि वह लगातार विधानसभा क्षेत्र में एक्टिव रहते हैं, जबकि पारिवारिक समस्याओं के चलते भी वह जिलाध्यक्ष के पद पर समय नहीं दे पा रहे हैं, ऐसे में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है. लेकिन उनके इस्तीफे से फिलहाल एमपी कांग्रेस में एक बार फिर सियासी हलचल देखने को मिल रही है.   एक दिन पहले ही हुई ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 2 साल का कार्यकाल पूरा करते हुए मंगलवार को ही 780 ब्लॉक और उप ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की है। नियुक्ति के दूसरे ही दिन रतलाम जिला अध्यक्ष का इस्तीफा आ गया। कहीं न कहीं नियुक्ति में चूक हुई कांग्रेस जिला अध्यक्षों के इस्तीफा को लेकर बड़वानी के कांग्रेस विधायक मोंटू सोलंकी ने कहा कि संगठन सृजन अभियान में इतनी लंबी प्रक्रिया करके नियुक्तियां हुई और उसके बाद अध्यक्ष यदि इस्तीफा दे रहे हैं तो कहीं ना कहीं इसमें चूक है। हालांकि वे यह भी कहते हैं कि ऐसे मामलों पर संगठन संज्ञान लेगा।

योगी मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव? UP में तीसरे डिप्टी सीएम को लेकर सियासी हलचल

नई दिल्ली  उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को नया अध्यक्ष मिल चुका है। इसके बाद अब कैबिनेट विस्तार की अटकलें चल रही हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश को जल्द नया उपमुख्यमंत्री मिल सकता है। इस पद के लिए पूर्व सांसद साध्वी निरंजन ज्योति को सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द किया जा सकता है। इस दौरान छह तक नए मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। फिलहाल योगी सरकार में 54 मंत्री हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 60 है।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस फेरबदल में कुछ मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है। इसके साथ ही समाजवादी पार्टी से बगावत कर चुके नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना है। ऐसे दो से तीन नेताओं को शामिल किए जाने की चर्चा है। सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र और नोएडा से विधायक पंकज सिंह को भी मंत्री बनाए जाने पर विचार चल रहा है। इसके अलावा वर्तमान यूपी बीजेपी अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के भी राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। समाजवादी पार्टी के बागी नेताओं में पूजा पाल, मनोज पांडेय और महेंद्र सिंह के नाम चर्चा में हैं। वहीं, मंत्रिमंडल विस्तार में केवल बीजेपी ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) और अपना दल के नेताओं को भी प्रतिनिधित्व मिल सकता है। भूपेंद्र चौधरी फिर बनेंगे मंत्री? पंकज चौधरी के नए प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद अब सबकी निगाहें भूपेंद्र चौधरी पर है, जो कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जाट नेता की तौर पर अपनी पहचान बना चुके हैं। वह प्रदेश अध्यक्ष से पहले योगी कैबिनेट में मंत्री भी थी। इस बात की संभावना है कि उन्हें फिर से मंत्री पद दिया जा सकता है। एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा, "BJP के पूर्व अध्यक्ष को कैबिनेट में शामिल करना तय है, क्योंकि ऐसा करना पश्चिमी UP में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जाट समुदाय को भरोसा दिलाने के लिए राजनीतिक रूप से फायदेमंद है। यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां चुनावी समीकरण बदलते रहते हैं।" आपको बता दें कि अगस्त 2022 में पार्टी संगठन में अध्यक्ष बनने से पहले, भूपेंद्र चौधरी सरकार में पंचायती राज मंत्री थे। नए नियुक्त BJP प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी OBC समुदाय से आते हैं, इसलिए पार्टी सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार में एक अनुसूचित जाति (SC) नेता को महत्वपूर्ण पद पर लाने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। सरकार में फिलहाल CM के बाद दो सबसे महत्वपूर्ण पद डिप्टी CM के एक पद पर OBC से केशव प्रसाद मौर्य और एक पद पर ब्राह्मण समुदाय के बृजेश पाठक हैं। ऐसी अटकलें हैं कि तीसरे डिप्टी CM की नियुक्ति की जा सकती है, जो इस बार SC समुदाय से होंगे।  

दुलारचंद हत्याकांड: कोर्ट का सख्त रुख, अनंत सिंह जेल में ही रहेंगे

पटना बिहार की राजधानी पटना स्थित एक विशेष सत्र अदालत ने बहुचर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में मंगलवार को विधायक अनंत सिंह की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। सांसदों एवं विधायकों के आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष सत्र अदालत के न्यायाधीश धनंजय कुमार मिश्रा की अदालत में जमानत याचिका पर बहस करते हुए अनंत सिंह के अधिवक्ता सुनील कुमार ने अपने मुवक्किल को इस मामले में निर्दोष बताया और नियमित जमानत पर मुक्त किए जाने की प्रार्थना की थी। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने अनंत सिंह को नियमित जमानत पर मुक्त करने से इनकार कर दिया। इससे पहले 20 नवंबर 2025 को विशेष निचली अदालत ने विधायक सिंह की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद अनंत सिंह की ओर से सत्र अदालत में उपरोक्त नियमित जमानत याचिका दाखिल की गई थी। क्या है पूरा मामला? गौरतलब है कि पटना जिले के घोसवारी थाना क्षेत्र स्थित बसावनचक गांव में 30 अक्टूबर 2025 को एक राजनीतिक पार्टी के नेता दुलारचंद यादव की उस समय हत्या कर दी गई थी जब वह विधानसभा चुनाव में प्रचार कर रहे थे। इस संबंध में मृतक के पौत्र नीरज कुमार ने गोसवारी थाना में प्राथमिकी संख्या -110/2025 दर्ज करवाई थी है। यह प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) तथा 3(5) एवं शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस मामले में अनंत सिंह समेत तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। 

जब अटल को राष्ट्रपति और आडवाणी को PM बनाने की थी तैयारी — कलाम की एंट्री ने कैसे पलट दिया पूरा खेल?

नई दिल्ली  एपीजे अब्दुल कलाम को राष्ट्रपति का उम्मीदवार बनाने से पहले अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर भी विचार हुआ था। पार्टी के स्तर पर यह चर्चा हुई थी कि क्यों ना मौजूदा प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को ही राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया जाए और उनके स्थान पर पीएम का पद लालकृष्ण आडवाणी को दे दिया जाए। अब्दुल कलाम 2002 में राष्ट्रपति चुने गए थे और उस दौरान लालकृष्ण आडवाणी भाजपा में बेहद मजबूत स्थिति में थे और उन्हें आरएसएस का समर्थन भी अटल बिहारी वाजपेयी के मुकाबले ज्यादा मिला हुआ था। यही कारण था कि अटल बिहारी वाजपेयी को राष्ट्रपति बनने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे खारिज कर दिया था। अटल बिहारी वाजपेयी ने दलील दी थी कि इससे गलत परंपरा शुरू हो जाएगी। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मीडिया सलाहकार रहे अशोक टंडन ने अपनी पुस्तक अटल स्मरण में यह दावा किया है। इस पुस्तक को प्रभात प्रकाशन ने छापा है। अब्दुल कलाम को 11वें राष्ट्रपति के तौर पर चुना गया था। उनके इलेक्शन की दिलचस्प बात यह थी कि सत्ताधारी एनडीए के साथ ही विपक्षी दलों ने भी उनके नाम का समर्थन किया था। वह 2007 तक इस पद पर रहे थे। अशोक टंडन लिखते हैं कि जब अटल जी के सामने राष्ट्रपति बनने का ऑफर रखा गया तो उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया। वह 1998 से 2004 तक प्रधानमंत्री रहे थे। कई दलों के साथ मिलकर गठबंधन सरकार अटल बिहारी वाजपेयी ने चलाई थी। उन्हें गठबंधन राजनीति में एक सफल सरकार चलाने का श्रेय अब भी दिया जाता है। अशोक टंडन लिखते हैं, 'अटल बिहारी वाजपेयी ऐसे किसी ऑफर के लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि वह एक लोकप्रिय प्रधानमंत्री हैं। ऐसी स्थिति में उनका राष्ट्रपति बन जाना भारतीय लोकतंत्र के लिए अच्छी परंपरा स्थापित नहीं करेगा। यह बहुत गलत होगा और वह ऐसे किसी भी कदम का समर्थन करने वाले आखिरी व्यक्ति होंगे।' इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए गति बढ़ा दी। उन्होंने कांग्रेस से संपर्क किया और आम सहमति बनाकर कलाम को राष्ट्रपति चुनवा दिया। सोनिया गांधी भी ऐसा प्रस्ताव मिलने से हो गई थीं हैरान अशोक टंडन लिखते हैं, 'मुझे याद है कि सोनिया गांधी, प्रणब मुखर्जी और मनमोहन सिंह उनसे मिलने आए थे। इसी दौरान पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि एनडीए की ओर से अब्दुल कलाम के नाम का प्रस्ताव रखा जाएगा। इस मीटिंग में कलाम का नाम सुनते ही सन्नाटा हो गया था। इस सन्नाटे को सोनिया गांधी ने ही तोड़ा था और उनका कहना था कि हम लोग कलाम का नाम सुनकर हैरान हैं। हमारे पास उनका समर्थन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। हम इस पर बात करेंगे और फिर फैसला लिया जाएगा।'  

महतारी वंदन योजना : बृजबाई कर रही है घर गृहस्थी के कार्यों में राशि का उपयोग

महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिल रहा आर्थिक संबल रायपुर, राज्य सरकार की फ्लैगशिप महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत महिलाओं को प्रति माह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम सकरी निवासी बृज बाई साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उन्हें अब तक 22 किश्तों में कुल 22,000 रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खाते में प्राप्त हो चुकी है। इस राशि का उपयोग वे सब्जी-भाजी, राशन सहित अन्य घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में कर रही हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। बृज बाई साहू ने बताया कि महिलाओं को आगे बढ़ाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा किया जा रहा यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने इस योजना के लिए मुख्यमंत्री जी का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा अब तक 22 किश्तें जारी की जा चुकी हैं। हाल ही में 3 दिसंबर 2025 को मोहला-मानपुर जिले से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 22वीं किश्त की राशि महिलाओं के खातों में अंतरित की गई। बृजबाई ने मुख्यमंत्री के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

घना कोहरा बना हवाई सफर में बाधा, पटना से उड़ानों पर लगा ब्रेक

पटना बिहार में धुंध और कोहरे का असर धीरे-धीरे शुरू हो गया है। कम विजिबिलिटी के कारण विमान सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। धुंध और कोहरे के कारण विजिबिलिटी घटने से पटना हवाई अड्डे की विमान सेवाओं पर असर पड़ा है। नए विंटर शेड्यूल के मुताबिक, कोहरे के कारण पटना एयरपोर्ट से कई उड़ानें रद्द कर दी गई है। केवल 41 जोड़ी उड़ानों का संचालन किया जाएगा। यह शेड्यूल 17 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। इनमें इंडिगो एयरलाइंस की 29 जोड़ी उड़ानें शामिल है। वहीं एयर इंडिया 6 जोड़ी फ्लाइट्स का संचालन करेगी। स्पाइसजेट और एयर इंडिया एक्सप्रेस की 3-3 जोड़ी उड़ानें होंगी। साथ ही इस अवधि तक गुवाहाटी, देवघर और जयपुर के लिए कोई भी विमान सीधी उड़ान नहीं भरेगी। यात्रियों को अब कनेक्टिंग फ्लाइट्स के जरिए इन शहरों का सफर करना होगा। वहीं उड़ानों के समय में भी बदलाव किया गया है। पटना से दिल्ली के लिए पहली फ्लाइट एयर इंडिया की होगी। यह फ्लाइट सुबह 9:40 बजे दिल्ली से पटना पहुंचेगी। इसके बाद 10:25 बजे पटना से दिल्ली के लिए उड़ान भरेगी। वहीं दिल्ली के लिए आखिरी फ्लाइट पटना से स्पाइसजेट की होगी। यह 10:25 बजे पटना से रवाना होगी। अन्य शहरों के लिए भी उड़ानों का संचालन सीमित और तय समय के भीतर किया जाएगा। विमान यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति की जानकारी जरूर लें, ताकि किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।

अकड़ मुर्दों की होती है… कुंभ भगदड़ के मुद्दे पर अभिषेक बनर्जी का तीखा पलटवार, ममता के समर्थन में उतरे

कोलकाता  फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी के कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मची अव्यवस्था को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल सरकार का बचाव किया है। उन्होंने इसके लिए प्रयागराज महाकुंभ में मची भगदड़ का उदाहरण दिया है, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना के एक घंटे के भीतर माफी मांग ली थी, जबकि भाजपा शासित राज्यों में हुई बड़ी घटनाओं पर ऐसी जवाबदेही देखने को नहीं मिलती। अभिषेक बनर्जी ने कहा, “भाजपा शासित राज्यों में कुंभ के दौरान कितने लोग मरे, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की भगदड़ में जानें गईं, क्या वहां किसी ने जिम्मेदारी ली? क्या आपने योगी आदित्यनाथ से सवाल किया? बंगाल में जो हुआ उस पर मुख्यमंत्री ने एक घंटे के भीतर माफी मांगी।” उन्होंने एक शेर के जरिए भी हमला बोला। अभिषेक बनर्जी ने कहा, “झुकता वही है जिसमें जान है, अकड़ तो मुर्दों की पहचान है। हमने जनता के सामने सिर झुकाया है। जिन पर आरोप हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यही वजह है कि भाजपा हारती है और तृणमूल जीतती है।” आपको बता दें कि मेसी की कोलकाता यात्रा GOAT टूर 2025 का पहला पड़ाव थी। यह अव्यवस्था की भेंट चढ़ गई। विश्व कप विजेता खिलाड़ी के स्वागत का जश्न उस समय तनाव में बदल गया, जब मैदान पर बड़ी संख्या में वीआईपी और राजनेताओं की मौजूदगी से प्रशंसकों में नाराजगी फैल गई। कई दर्शकों ने आरोप लगाया कि उन्होंने टिकट खरीदने के बावजूद मेसी की एक झलक तक नहीं देखी। घटना के बाद गुस्साए प्रशंसकों ने स्टेडियम में तोड़फोड़ भी की और आयोजकों पर कुप्रबंधन के गंभीर आरोप लगाए। खेल मंत्री का इस्तीफा, SIT गठित इस पूरे मामले के बाद राज्य के खेल मंत्री अरूप बिस्वास ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्वीकार कर लिया। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जिसमें आईपीएस अधिकारी पीयूष पांडेय, जावेद शमीम, सुप्रतीम सरकार और मुरलीधर शामिल हैं। इसके साथ ही सरकार ने डीजीपी राजीव कुमार को नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर यह स्पष्ट करने को कहा है कि स्टेडियम में इतनी बड़ी अव्यवस्था क्यों हुई और निजी आयोजकों समेत संबंधित एजेंसियों के साथ समुचित समन्वय क्यों नहीं किया गया।  राज्य सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।  

ई-बुक्स, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और क्विज के जरिए तैयार किए जाएंगे यूपी के युवा

योगी सरकार की डिजिटल क्रांति : गांव में होगी सिविल सर्विसेज की तैयारी, 35 जिलों में किया गया पुस्तकों का चयन ई-बुक्स, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और क्विज के जरिए तैयार किए जाएंगे यूपी के युवा हर लाइब्रेरी को हाइटेक बनाने के लिए 1.30 लाख रुपए के आईटी इक्यूपमेंट और 70 हजार के फर्नीचर लिए जाएंगे पहले चरण में 11350 पंचायतों में चार लाख रुपए प्रति लाइब्रेरी के हिसाब से होगा खर्च दो लाख रुपए की किताबें रहेंगी, जिसमें छात्रों के लिए रहेंगे 20 हजार डिजिटल कंटेंट प्रदेश के सभी जिलों की ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से खोली जाएगी डिजिटल लाइब्रेरी ग्राम प्रधान और सचिव लाइब्रेरी का प्रबंधन करेंगे, सहायक अधिकारी करेंगे देखरेख लखनऊ उत्तर प्रदेश के ग्रामीण युवाओं को आधुनिक शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर देने के लिए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पहले चरण में प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही है, जिससे गांव के छात्र अब शहरों पर निर्भर हुए बिना सिविल सर्विसेज सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। हर डिजिटल लाइब्रेरी पर 4 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 2 लाख रुपये की पुस्तकों की व्यवस्था होगी, जबकि 1.30 लाख रुपये के आईटी इक्यूपमेंट और 70 हजार रुपये के आधुनिक फर्नीचर लिए जाएंगे। लाइब्रेरी में ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो कंटेंट, क्विज और करीब 20 हजार डिजिटल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध रहेगी। सभी जिलों की पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएंगी पंचायतीराज निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों की ग्राम पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएंगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर सुधरेगा और युवा रोजगार के लिए अधिक सक्षम बन सकेंगे। डिजिटल लाइब्रेरी का प्रबंधन ग्राम प्रधान और सचिव करेंगे, जबकि सहायक अधिकारी इसकी नियमित देखरेख करेंगे। ग्रामीण प्रतिभाओं को डिजिटली मजबूत बनाया जाएगा योगी आदित्यनाथ सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत 35 जिलों में पुस्तकों का चयन पूरा कर लिया गया है। राजधानी लखनऊ समेत इन जिलों की ग्राम पंचायतों में जल्द ही डिजिटल लाइब्रेरी शुरू होंगी। योगी सरकार की यह पहल ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में ग्रामीण प्रतिभाओं को डिजिटल शक्ति देने का मजबूत कदम मानी जा रही है। पुस्तकों का चयन करने वाले 35 जिले अमरोहा, आजमगढ़, बांदा, बलिया, बागपत, बदायूं, बरेली, बिजनौर, चित्रकूट, एटा, फतेहपुर, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गाजीपुर, हरदोई, हापुड़, जालौन, कानपुर देहात, कन्नौज, कौशाम्बी, कासगंज, लखनऊ, मऊ, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, रायबरेली, सम्भल, शामली, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, सुल्तानपुर, सीतापुर

एलेक्स कैरी की सेंचुरी और ख्वाजा की शानदार पारी से ऑस्ट्रेलिया मजबूत, इंग्लैंड बैकफुट पर

नई दिल्ली  एडिलेड में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज का तीसरा मैच जारी है। पहले दिन का खेल खत्म हो चुका है। ऑस्ट्रेलिया इस सीरीज में 2-0 से आगे चल रही है और तीसरे मैच में भी ऑस्ट्रेलिया ने पकड़ बना ली है। हालांकि, एडिलेड टेस्ट के पहले दिन कुछ ट्विस्ट जरूर देखने को मिले, लेकिन फिर भी ऑस्ट्रेलिया ने दमदार खेल दिखाया। खासकर विकेटकीपर बल्लेबाज एलेक्स कैरी और स्टीव स्मिथ की जगह खेल रहे उस्मान ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलिया को इस मैच में भी टॉप पर रखा। एलेक्स कैरी ने शतकीय पारी खेली और उस्मान ख्वाजा ने 80 से ज्यादा रन बनाए। तीसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया की टीम के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी। हालांकि, शुरुआत ऑस्ट्रेलिया की अच्छी नहीं रही। 33 पर दो विकेट गिर गए थे और 94 पर 4 विकेट गिर चुके थे। बावजूद इसके दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 83 ओवर के बाद 8 विकेट पर 326 रन था। एलेक्स कैरी ने 143 गेंदों में 8 चौके और एक छक्के की मदद से 106 रनों की पारी खेली। 82 रन 126 गेंदों में उस्मान ख्वाजा ने बनाए। 10 चौके अपनी इस पारी में उस्मान ख्वाजा ने जड़े। 33 रन मिचेल स्टार्क बनाकर नाबाद हैं। 32 रन जोश इंग्लिस ने भी बनाए। इनके अलावा कोई बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया। जोफ्रा आर्चर ने 3 विकेट चटकाए। 2-2 विकेट ब्रायडन कार्स और विल जैक्स ने भी चटकाए। तीन बदलाव ऑस्ट्रेलिया को इस मैच में करने पड़े। दो बदलावों की घोषणा पहले ही हो गई थी, जबकि तीसरा बदलाव मैच से कुछ देर पहले हुए। स्टीव स्मिथ की तबीयत ठीक नहीं थी। ऐसे में उनकी जगह उस्मान ख्वाजा को मौका दिया गया। इसके अलावा पैट कमिंस और नाथन लियोन की वापसी प्लेइंग इलेवन में हुई। ब्रैंडन डॉगेट और माइकल नेसर को बाहर किया गया। पैट कमिंस काफी समय के बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम में लौटे हैं। वहीं, नाथन लियोन पहले टेस्ट में खेले थे, लेकिन दूसरे टेस्ट से उनको बाहर किया गया था। दूसरे दिन नाथन लियोन गेंदबाजी करते दिखेंगे। पैट कमिंस भी मैदान पर गेंदबाजी करते नजर आएंगे।