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अनमोल बिश्नोई गैंग पर शिकंजा: दिल्ली पुलिस ने 5 शूटर दबोचे, कई सनसनीखेज हत्याकांडों का खुलासा

पंजाब  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बड़ी कामयाबी मिली है. दिल्ली पुलिस ने कुख्यात आर्जू-अनमोल बिश्नोई और हैरी बॉक्सर गैंग से जुड़े पांच खतरनाक अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, जिन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, वे इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी, राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी सोनू नोल्टा और लाइन बार एंड रेस्टोरेंट के मालिक आशु महाजन की हत्या में शामिल रहे हैं. इन सभी शूटर्स को लंबे समय से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ पुलिस ढूंढ़ रही थी. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का कहना है कि यह गिरोह सुपारी किलिंग, गैंगवार और संगठित अपराध में सक्रिय था. आरोपियों की गिरफ्तारी से गैंग के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. पुलिस अब इनके हथियार सप्लायर, फंडिंग और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है.   बता दें, ताजा मामला चंडीगढ़ में इंद्रप्रीत सिंह उर्फ पैरी की हत्या का है, जिनमें ये अपराधी शामिल थे. बिश्नोई गैंग ने उनकी एसयूवी पर हमला कर दिया था. बिश्नोई गैंग ने इंद्रप्रीत सिंह को ‘गद्दार’ बताया था. इंद्रप्रीत की करीब 11 राउंड फायरिंग करके हत्या कर दी गई थी. इससे पहले इसी गैंग ने नेशनल कबड्डी प्लेयर सोनू नोल्टा की पिंजौर में जून 2025 में गोली मारकर हत्या की थी. इस मर्डर केस की बिश्नोई गैंग ने वीडियो जारी करके जिम्मेदारी ली थी. वहीं, तीसरा मर्डर केस सितंबर 2025 में अमृतसर में हुआ. यहां हमलावर बाइक पर सवार होकर लाइन बार एंड रेस्टोरेंट पहुंचे थे. इसके बाद ये अंदर घुसे और रेस्तरां मालिक मालिक आशु महाजन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरू कर दिया. इस मर्डर केस की जिम्मेदारी हैरी बॉक्सर गैंग ने ली थी.

Triumph ने पेश की Tracker 400, 400cc लाइन-अप में हुआ इजाफा

मुंबई  प्रीमियम मोटरसाइकिल निर्माता कंपनी Triumph Motorcycle ने यूके में अपनी 400cc लाइन-अप को बढ़ाते हुए एक नई Triumph Tracker 400 को लॉन्च किया है. यह एक रेट्रो-स्टाइल रोडस्टर मोटरसाइकिल है, जो क्लासिक फ्लैट-ट्रैक मोटरसाइकिलों से प्रेरित है. हालांकि यह Speed 400 के प्लेटफॉर्म पर आधारित है, और Tracker 400 में Thruxton 400 का स्पोर्टी इंजन ट्यून मिलता है. यह कंपनी की छोटी-कैपेसिटी रेंज में एक ज़्यादा आकर्षक और परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड पेशकश बन जाती है. Triumph Tracker 400 की डिजाइन इसके डिजाइन की बात करें तो Tracker 400 को एक क्लीन, मिनिमलिस्ट डिज़ाइन दिया गया है, जो फ्लैट-ट्रैक एस्थेटिक्स के हिसाब से है. इसकी मुख्य खासियतों में एक फ्लैट और लंबी सीट, घुटनों के लिए जगह वाला एक पतला फ्यूल टैंक, और एक छोटा, मोटा टेल सेक्शन मिलता है, जो मोटरसाइकिल को एक बेहतरीन लुक प्रदान करता है. अगले हिस्से में गोल LED हेडलैंप, ट्रैकर-स्टाइल साइड पैनल, सीट काउल, और कम बॉडीवर्क जैसी डिटेल्स इसके पुराने ज़माने के लुक को और मज़बूत बनाते हैं. मोटरसाइकिल के ज़्यादातर पार्ट्स Triumph Speed 400 से लिए गए हैं. Triumph Tracker 400 के हार्डवेयर Tracker 400 में हाइब्रिड पेरिमीटर स्टील फ्रेम का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें सस्पेंशन का काम अपसाइड-डाउन फ्रंट फोर्क्स और गैस-चार्ज्ड रियर मोनोशॉक से लिया गया है. ब्रेकिंग दोनों सिरों पर डिस्क ब्रेक से मैनेज होती है, जिसे डुअल-चैनल ABS सपोर्ट करता है. यह मोटरसाइकिल 17-इंच के अलॉय व्हील्स पर चलती है, जिसमें रोड-फोकस्ड, नॉबी-स्टाइल टायर्स लगे हैं जो इसके ट्रैकर-प्रेरित लुक को पूरा करते हैं. Triumph Tracker 400 के फीचर्स फीचर्स की बात करें तो Tracker 400 काफी अच्छी तरह से इक्विप्ड है, जिसमें फुल-LED लाइटिंग, सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, राइड-बाय-वायर थ्रॉटल, ट्रैक्शन कंट्रोल और डुअल-चैनल ABS स्टैंडर्ड के तौर पर मिलते हैं. Triumph Tracker 400 का पावरट्रेन पावरट्रेन की बात करें तो इसमें जाना-पहचाना 398.15cc, सिंगल-सिलेंडर, लिक्विड-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो Speed 400 के साथ शेयर किया गया है, लेकिन Thruxton 400 स्पेसिफिकेशन्स के हिसाब से ट्यून किया गया है. यह इंजन 9,000rpm पर लगभग 41.5bhp की पावर और 7,500rpm पर 37.5Nm का टॉर्क प्रदान करता है, जिससे एक ज़बरदस्त मिड-रेंज पंच मिलता है. यह इंजन 6-स्पीड गियरबॉक्स और स्लिप-एंड-असिस्ट क्लच के साथ आती है. भारतीय बाजार में लॉन्च की बात करें तो Triumph Tracker 400 को भारत में ही बनाया जाएगा, लेकिन फिलहाल इसे भारत में लॉन्च किए जाने की संभावना कम है. इसका मुख्य कारण हाल ही में GST से जुड़ी कीमतों में बढ़ोतरी है. हालांकि, न्यूज रिपोर्ट्स की माने तो Bajaj रिवाइज्ड GST नियमों के हिसाब से एक नए 350cc इंजन पर काम कर रहा है, इसलिए इस बाइक के 350cc इंजन वाले वर्जन को भारत में लॉन्च करने पर विचार किया जा सकता है.

नेशनल पार्क की खास पेशकश: बांधवगढ़ में सीमित समय के लिए फ्री सफारी

उमरिया   बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में सफारी की इच्छा रखने वालों के लिए गुड न्यूज है. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 17 दिसंबर बुधवार से 1 सप्ताह के लिए टाइगर सफारी फ्री रहेगी. नेशनल पार्क के प्रबंधन ने ज्वालामुखी गेट से टाइगर सवारी के लिए प्रवेश निशुल्क कर दिया गया है. हालांकि, इसे लेकर कुछ नियम और शर्तें भी बताई गई हैं. ज्वालामुखी गेट में नो एंट्री फीस बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने पत्र जारी करते हुए बताया, '' पर्यटन व स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ज्वालामुखी बफर जोन के लिए ये फैसला लिया गया है. पार्क भ्रमण के लिए जिप्सी से प्रवेश पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. ये संपूर्ण जिप्सी के टिकट लेने पर प्रभाव प्रभावित होगा, ये सुविधा 17 दिसंबर से 23 दिसंबर एक सप्ताह तक सुबह और दोपहर पार्क भ्रमण पर प्रभावी रहेगी. हालांकि, जारी पत्र में उन्होंने ये भी कहा है कि जिप्सी और गाइड का शुल्क प्रचलित नियमानुसार देना होगा. ये सुविधा पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी. इसके लिए टिकट काउंटर से संपर्क कर फ्री सेवा हासिल कर सकते हैं. साथ ही ये भी कहा गया है कि ये सुविधा सिर्फ ज्वालामुखी गेट के ऑफलाइन काउंटर से बुकिंग वाहनों के लिए उपलब्ध है. खास है बांधवगढ़ का ज्वालामुखी गेट बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के ज्वालामुखी गेट बफर जोन में है और यहां पर मांसाहारी व शाकाहारी हर तरह के वन्य प्राणी देखने को मिलते हैं. इसके अलावा यहां प्रकृति का अद्भुत मनोरम दृश्य भी देखने को मिलता है. अगर आप भी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व घूमने जाने वाले हैं, तो इस ऑफर का आनंद ले सकते हैं. बाघों का गढ़ है बांधवगढ़ नेशनल पार्क मध्य प्रदेश का बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों का गढ़ कहा जाता है, और यहां पर काफी संख्या में बाघ पाए जाते हैं. इसके अलावा अब तो ये हाथियों के भी पर्यटन का बड़ा जोन बन चुका है. पिछले कुछ सालों से काफी संख्या में यहां हाथी भी स्थाई रूप से रह रहे हैं, और पर्यटकों के रोमांच का कारण बन रहे हैं. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में टाइगर्स के अलावा कई तरह के शाकाहारी, मांसाहारी जीवों के साथ प्रकृति का अद्भुत मनोरम दृश्य भी देखने मिलता है. यहां अद्भुत वादियां, जंगल झरने, नदी तालाब और पुरातात्विक महत्व की चीजें भी देखने को मिलती हैं.

ट्रक ड्रायवर के बेटे का क्रिकेट कारनामा: मंगेश का बेस प्राइस 30 लाख, IPL 2026 में 5 करोड़ में खरीदा गया

छिन्दवाड़ा   आईपीएल 2026 के लिए हुए मिनी ऑक्शन में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा के लाल मंगेश यादव की किस्मत चमक गई है. RCB ने मंगेश को 5 करोड़ 20 लाख रु बोली लगाते हुए अपनी टीम में रखा है और इसी के साथ उस पिता के सपने पूरे हो गए हैं जो बेटे को क्रिकेटर बनाने के लिए महीनों घर से बाहर रहकर ट्रक चलाते हैं. ये कहानी है छिंदवाड़ा के क्रिकेटर मंगेश यादव और उनके पिता रामअवध यादव की जो पेशेसे ट्रक ड्राइवर हैं. मंगेश का बेस प्राइस 30 लाख, 5 करोड़ 20 लाख में हुआ ऑक्शन आईपीएल टीमों के लिए मंगलवार को अबूधाबी में खिलाड़ियों की नीलामी हुई. इस नीलामी में एक ऐसा खिलाड़ी भी निकलकर आया, जिसकी बेस प्राइस तो 30 लाख रुपए थी लेकिन आईपीएल क्रिकेट टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु में 5 करोड़ 20 लाख रुपए में खरीदा है. तेज रफ्तार और यॉर्कर के लिए पहचाने जाने वाले 24 साल के मंगेश ने मध्य प्रदेश टी-20 लीग में 14 विकेट चटकाए थे. 6 मैचों में उन्होंने 3 बार 4 विकेट हॉल लिए. एक मैच में उन्होंने 3 ओवर में 18 रन देकर 4 विकेट अपने नाम किए थे और इसी परफॉर्मेंस ने आईपीएल सिलेक्टर्स का ध्यान खींचा. इतना ही नहीं, मंगेश ने इसी साल सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मध्य प्रदेश के लिए डेब्यू किया, जहां लीग चरण में 2 मैचों में 3 विकेट झटके और 12 गेंदों पर 28 रन बनाए थे. 70 किमी दूर प्रैक्टिस करने जाते रहे मंगेश मंगेश के पिता ने उन्हें क्रिकेटर बनाने के लिए महीनों घर से बाहर रहकर ट्रक ड्राइवरी की तो वहीं, मंगेश उनके सपने पूरे करने के लिए जमकर मेहनत करते रहे. पिता की मेहनत की कद्र करते हुए मंगेश घर से करीब 70 किलोमीटर दूर क्रिकेट प्रैक्टिस करने रोज जाते थे. आज उनकी कड़ी मेहनत ये रंग लाई है कि देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका नाम चमका है. मंगलवार रात जैसे ही मंगेश के पिता को फोन पर उनके आईपीएल ऑक्शन की बात पता चली तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. कौन हैं मंगेश यादव? छिंदवाड़ा में मंगेश यादव के क्रिकेट कोच उत्सव बैरागी बताते हैं, '' मंगेश यादव का जन्म 10 अक्टूबर 2002 को छिन्दवाड़ा के बोरगांव में हुआ जो अब पांढुर्णा जिले का हिस्सा है. मंगेश को बचपन से ही क्रिकेट खेलने का शौक था हालांकि उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बाद भी मंगेश लगातार क्रिकेट की प्रैक्टिस करने छिंदवाड़ा आते थे. मंगेश की क्रिकेट खेलने की शुरुआत छिंदवाड़ा के इंदिरा गांधी क्रिकेट स्टेडियम से ही हुई है और वे यूट्यूब क्रिकेट क्लब के खिलाड़ी भी हैं. मध्य प्रदेश के क्रिकेटर मंगेश बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और एक बेहतरीन ऑलराउंडर हैं.'' इनाम में मिले पैसे और साइकिल भी ग्राउंडमैन को दे दी मंगेश यादव के कोच उत्सव बैरागी ने बताया, '' मंगेश का कॉन्फिडेंस लेवल हमेशा हाई होता था, उसकी बातों से लगता था कि भले ही वह आर्थिक रूप से कमजोर हो लेकिन अपने खेल के दम पर खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लेकर जाएगा. वही हमेशा लोगों को बहुत इज्जत देता था, बड़े हों या छोटे उसके लिए सब सम्मानजनक होते थे. इंदौर में जब उन्हें बेस्ट प्लेयर का अवॉर्ड मिला और इनाम में 10 हजार रु मिले तो उन्होंने ग्राउंड की सफाई करने वाले ग्राउंडमैन को ये राशि दे दी थी. इसके साथ ही 2022 में छिंदवाड़ा में आयोजित सांसद क्रिकेट कप के दौरान उन्हें बेस्ट ऑलराउंडर का अवॉर्ड मिला था, इस दौरान उन्हें एक साइकिल इनाम में मिली थी वह साइकिल भी उन्होंने ग्राउंडमैन को गिफ्ट में दे दी थी. ये उनका बड़ा दिला दिखाता है.'' आरसीबी की टीम में एमपी के तीन खिलाड़ी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने IPL 2026 के लिए मध्य प्रदेश के तीन खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया है। इसमें इंदौर के कप्तान रजत पाटीदार, अनुभवी ऑलराउंडर वेंकटेश अय्यर और छिंदवाड़ा के युवा ऑलराउंडर मंगेश यादव शामिल हैं। यह कदम टीम की मध्य प्रदेश कनेक्शन को मजबूत करता है, क्योंकि ये खिलाड़ी लंबे समय से राज्य की टीम के लिए साथ खेल रहे हैं। वेंकटेश अय्यर को सात करोड़ में खरीदा वेंकटेश अय्यर को RCB ने 7 करोड़ रुपए में खरीदा है। पिछले सीजन में वह कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए 23.75 करोड़ रुपए में खेले थे। उनकी पिछली फॉर्म को देखते हुए यह एक बड़ी गिरावट है। हालांकि, अय्यर का अनुभव और पिछला प्रदर्शन RCB के लिए महत्वपूर्ण है। एमपी के खिलाड़ियों का रहा जलवा आईपीएल 2026 मिनी-ऑक्शन में मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों का जलवा रहा। इस बार मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों को आईपीएल में सबसे ज़्यादा मौके मिले हैं। आरसीबी (RCB) ने मध्य प्रदेश लीग (MPL) में शानदार प्रदर्शन करने वाले मंगेश यादव को खरीदा है। वहीं, लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) ने अक्षत रघुवंशी को और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने शिवंग कुमार को पहली बार आईपीएल में खेलने का मौका दिया है। यह सब मध्य प्रदेश लीग में खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन का नतीजा है। ट्रक ड्राइवर के बेटे मंगेश यादव को आरसीबी ने खरीदा आईपीएल 2026 के मिनी-ऑक्शन में मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। इस बार मध्य प्रदेश के कुल मिलाकर सबसे ज़्यादा खिलाड़ी आईपीएल में खेलते नज़र आएंगे। आरसीबी (RCB) ने मंगेश यादव को अपनी टीम में शामिल किया है। मंगेश ने मध्य प्रदेश लीग 2025 में ग्वालियर चीताज़ (Gwalior Cheetahs) के लिए खेलते हुए अच्छा प्रदर्शन किया था। उन्होंने टीम के साथी खिलाड़ी पाटीदार के साथ मिलकर एक मजबूत जोड़ी बनाई थी। मंगेश की लगातार विकेट लेने की क्षमता ने उन्हें आरसीबी (RCB) में जगह दिलाई है। यह दिखाता है कि घरेलू लीग में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आईपीएल में मौका मिल रहा है। एमपीएल का असर दिखा ऑक्शन में मध्य प्रदेश लीग (MPL) का असर साफ दिखा। अक्षत रघुवंशी और शिवांग कुमार जैसे अनकैप्ड (जिन्हें पहले आईपीएल में खेलने का मौका नहीं मिला था) खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के दम पर आईपीएल में डेब्यू कॉन्ट्रैक्ट मिला। अक्षत रघुवंशी लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) से खेलेंगे, जबकि शिवांग कुमार सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) का हिस्सा बने हैं। … Read more

शराब घोटाले में बड़ा खुलासा: सौम्या चौरसिया को दिए गए 115 करोड़, ED ने विशेष अदालत से रिमांड की मांग

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद ईडी ने उन्हें विशेष अदालत में पेश किया, जहां आगे की पूछताछ के लिए तीन दिन की रिमांड मांगी गई है। ईडी का दावा है कि जांच में शराब और कोयला घोटाले से जुड़े कई अहम आर्थिक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं। बता दें कि ईडी ने सौम्या चौरसिया को मंगलवार को शराब घोटाला मामले में पूछताछ के लिए तलब किया था। घंटों चली पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद बुधवार को उन्हें रायपुर स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया। जहां बचाव पक्ष की ओर से हर्षवर्धन परघनिया और डॉ. सौरभ कुमार पांडे ने, जबकि ईडी की ओर से पक्ष रखा गया। ईडी का दावा है कि जांच में शराब और कोयला घोटाले से जुड़े कई अहम आर्थिक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्य सामने आए हैं। ईडी ने सौम्या से पूछताछ के लिए विशेष अदालत से तीन दिन की रिमांड मांगी है।दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। 3200 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच ईडी के अनुसार, यह मामला करीब 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ा है। आरोप है कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में राज्य की शराब नीति में बदलाव कर चहेती कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया। लाइसेंस की शर्तें इस तरह तय की गईं कि कुछ चुनिंदा कंपनियों को ही काम मिल सके। नकली होलोग्राम और टैक्स चोरी का खेल जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों ने नोएडा की एक फर्म के माध्यम से नकली होलोग्राम और सील तैयार करवाई। इन्हीं नकली होलोग्राम लगी महंगी शराब की बोतलों को सरकारी दुकानों के जरिए बेचा गया। चूंकि होलोग्राम फर्जी थे, इसलिए बिक्री का पूरा रिकॉर्ड शासन के सिस्टम में दर्ज नहीं हो पाया और बिना एक्साइज टैक्स दिए शराब की बिक्री होती रही। इससे राज्य सरकार को करीब 2165 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। सौम्या चौरसिया तक पहुंची 115 करोड़ की रकम ईडी के रिमांड आवेदन में दावा किया गया है कि शराब घोटाले से जुड़े करीब 115 करोड़ रुपये लक्ष्मीनारायण बंसल के माध्यम से सौम्या चौरसिया तक पहुंचे। इसके अलावा, आरोपी तांत्रिक केके श्रीवास्तव से पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि घोटाले की करीब 72 करोड़ रुपये की राशि हवाला के जरिए इधर-उधर की गई। कोयला घोटाले की डायरी से भी खुलासा ईडी ने यह भी बताया कि कोयला घोटाले की जांच के दौरान मिली एक डायरी में 43 करोड़ रुपये की ऐसी रकम का जिक्र है, जिसका संबंध शराब घोटाले से बताया जा रहा है। इस डायरी में अनवर ढेबर और पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा के नामों का भी उल्लेख है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई ईडी के अनुसार, लक्ष्मीनारायण बंसल और केके श्रीवास्तव से मिली जानकारियों के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी की गई है। ईडी के वकील सौरभ पांडे ने अदालत को बताया कि मामले में गहन पूछताछ जरूरी है, इसलिए रिमांड की मांग की गई है। पहले भी रह चुकी हैं जेल में गौरतलब है कि सौम्या चौरसिया कोयला घोटाला मामले में भी प्रमुख आरोपियों में शामिल रही हैं। इससे पहले मई महीने में सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर सौम्या चौरसिया समेत छह आरोपियों को जमानत पर रिहा किया गया था। उस दौरान अदालत ने उन्हें राज्य से बाहर रहने के निर्देश भी दिए थे। अब तक कई बड़े नाम गिरफ्तार शराब घोटाला मामले में अब तक कई बड़े नामों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा और एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर शामिल हैं। इसके अलावा आबकारी विभाग के 28 अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। अब सबकी निगाहें विशेष अदालत के फैसले और ईडी की आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि रिमांड मिलती है, तो जांच एजेंसी को उम्मीद है कि शराब और कोयला घोटाले के बीच कथित आर्थिक कड़ियों को लेकर और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

दिल्ली के प्रदूषण पर CM भगवंत मान का तीखा सवाल— जब पराली बंद, तो स्मॉग की वजह क्या?

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधा और कहा कि उसके नेता पराली जलाने को लेकर पंजाब के किसानों को ‘बदनाम' करते थे। दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता के लिए उन्हें दोषी ठहराते थे, लेकिन अब यहां कोई पराली नहीं जलाई जा रही फिर राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण का संकट क्यों है। मान ने कहा कि धान की कटाई होते ही भाजपा नेता दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता के लिए पंजाब और उसके किसानों को दोषी ठहराने लगते थे। उन्होंने कहा कि वे पहले दावा करते थे कि पंजाब के किसानों द्वारा पराली जलाने से दिल्ली में प्रदूषण होता है। वर्तमान में पंजाब के प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 70 से 130 के बीच है। मान ने एक वीडियो संदेश में कहा कि फिलहाल दिल्ली का एक्यूआई 450 से 500 के बीच है और पंजाब से कोई धुआं नहीं आ रहा है। दिल्ली में स्थिति बदतर है। कम से कम अब तो उन्हें यह मानना ​​चाहिए कि दिल्ली की खराब वायु गुणवत्ता के लिए पंजाब की कोई भूमिका नहीं है। मान की ये टिप्पणी उस दिन आई जब दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण संकट के लिए माफी मांगी और बच्चों के स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को स्वीकार किया। हालांकि सिरसा ने दावा किया कि यह पिछली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा अपनाई गई नीतियों का परिणाम हैं।

हेमंत खंडेलवाल की सहमति से अंशुल तिवारी को बीजेपी प्रदेश सह मीडिया प्रभारी नियुक्त

भोपाल मध्य प्रदेश बीजेपी ने एक बड़ी नियुक्ति कर दी है। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति के बाद  अंशुल तिवारी को भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है। भाजपा युवा मोर्चा (भाजयुमो) भोपाल के पूर्व जिलाध्यक्ष अंशुल तिवारी को मध्य प्रदेश भाजपा का सह मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। अंशुल तिवारी इससे पूर्व भाजयुमो में भोपाल जिला अध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर रह चुके हैं। वे पार्टी के सक्रिय युवा नेताओं में से एक हैं और संगठनात्मक कार्यों में लंबा अनुभव रखते हैं। इस नियुक्ति से मीडिया विभाग को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।   

जंगली जानवरों की रहस्यमयी मौतों पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख, स्वतः संज्ञान लेकर PCCF से मांगा जवाब

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में हो रही जंगली जानवरों की संदिग्ध मौतों और अवैध शिकार की आशंका से जुड़े मामलों को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बिभु दत्त गुरु की डिवीजन बेंच ने मीडिया में लगातार सामने आ रही खबरों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई जनहित याचिका के रूप में की। मामले में कोर्ट ने राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक सह मुख्य वन्यजीव वार्डन को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि प्रदेश में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। मामले की अगली सुनवाई 19 दिसंबर 2025 को निर्धारित की गई है। बता दें कि हाल के दिनों में प्रदेश में वन्यजीवों की मौत की कई घटनाएं सामने आई हैं। खैरागढ़-डोंगरगढ़ के बीच स्थित वन ग्राम बनबोड़ क्षेत्र में एक वयस्क तेंदुए की निर्मम हत्या कर दी गई। शिकारियों ने तेंदुए के पंजे, नाखून और जबड़े के दांत काटकर ले गए। इसके अलावा कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण्य अंतर्गत जामपानी क्षेत्र में करंट की चपेट में आने से दो बाइसन की मौत हो गई। आशंका है कि शिकारियों ने करंट लगाकर बाइसन का शिकार किया। वहीं मोतीनपुर और बोटेसूर गांव के बीच जंगल में भी एक तेंदुए का शव मिला है।

स्वच्छता और इनोवेशन में आगे इंदौर: पुराने कपड़े धागे में, पशु शवों का सुरक्षित प्रबंधन

इंदौर  स्वच्छता और नवाचार में देश को दिशा दिखाने वाला इंदौर अब शहरी प्रबंधन के नए अध्याय लिखने की ओर बढ़ रहा है। नगर निगम ने कचरे को संसाधन में बदलने और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में एक साथ कई बड़े कदम उठाए हैं। शहर में जहां अब पुराने कपड़ों से धागा तैयार कर पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं मृत पशुओं को दफनाने की परंपरा को समाप्त कर उन्हें अत्याधुनिक संयंत्र में सम्मानजनक अग्निदाह की व्यवस्था की जा रही है। ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में आधुनिक फायर स्टेशन भी इसके साथ ही नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में एक आधुनिक फायर स्टेशन भी विकसित किया जाएगा। ये सभी परियोजनाएं पीपीपी मोड पर स्थापित की जा रही हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड पर इन नवाचारी परियोजनाओं का भूमिपूजन कर इंदौर को टिकाऊ, सुरक्षित और भविष्य के शहर के रूप में आगे बढ़ाने का संदेश दिया। इस अवसर पर महापौर ने कहा कि इंदौर का ट्रेंचिंग ग्राउंड न केवल देश, बल्कि दुनिया में सबसे अधिक सर्च और अध्ययन किया जाने वाला स्थल बन चुका है। हमारे नवाचार ही हमारी असली ताकत हैं। इंदौर वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में आगे बढ़ रहा है अनुपयोगी कपड़ों से धागा बनाने, मृत पशुओं और मीट अपशिष्ट का पर्यावरण अनुकूल निपटान करने जैसे कार्य इंदौर को स्वच्छता के अगले स्तर पर ले जाएंगे। भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर परिषद सदस्य अश्विनी शुक्ल, अभिषेक शर्मा बबलू, नंदकिशोर पहाड़िया, मनीष शर्मा मामा, नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान 16 दिसंबर विजय दिवस के अवसर पर महापौर ने उपस्थित सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान भी किया। कचरे से संसाधन रोजाना 25 टन पुराने कपड़ों से बनेगा धागा नगर निगम ने शहर के सभी जोन क्षेत्र में थ्री-आर सेंटर स्थापित किए हैं। इन पर रोजाना बड़ी मात्रा में नागरिक पुराने कपड़े देते हैं। इसके अलावा नेकी की दीवार पर भी बड़ी मात्रा में अनुपयोगी कपड़े एकत्र होते हैं। इन पुराने कपड़ों से धागा बनाने के लिए ट्रेंचिंग ग्राउंड पर पीपीपी मोड पर पुराने कपड़ों से धागा बनाने का संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। पशु शवदाह स्थापित किया जा रहा दुर्गंध और प्रदूषण से भी मिलेगी राहत नगरीय सीमा में रोजाना करीब 50 पशुओं की मृत्यु होती है। इन पशुओं के शव को फिलहाल ट्रेंचिंग ग्राउंड लाकर दफनाया जाता है। इसके अलावा शहरभर से एकत्र होने वाले मीट अपशिष्ट को भी ट्रेंचिंग ग्राउंड लाया जाता है। यहां जमीन में गड्ढा कर अपशिष्ट को गाढ़ा जाता है। इससे उठने वाली बदबू से वायु प्रदूषण होता है। भूजल भी दूषित होता है। इससे बचने के लिए अब पीपीपी मोड पर पशुओं के शव के लिए शवदाह स्थापित किया जा रहा है। आग पर काबू अब मिनटों में देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड में नया फायर स्टेशन शहर के पूर्वी क्षेत्र में अग्निशमन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम देवगुराड़िया ट्रेंचिंग ग्राउंड परिसर में नया फायर स्टेशन विकसित करने जा रहा है। पालदा और नेमावर रोड क्षेत्र में पिछले दो दशक में बड़ी संख्या में रहवासी कॉलोनियां विकसित हुई हैं। हजारों की संख्या में लोग इन क्षेत्रों में रह रहे हैं। आग लगने की स्थिति में दमकलों को कई किमी दूर स्थित फायर स्टेशन से बुलाना पड़ता है। ट्रेंचिंग ग्राउंड पर फायर स्टेशन विकसित होने से दमकलें कुछ ही मिनट में मौके पर पहुंच सकेंगी।  

मैदान से अस्पताल तक: SMAT मुकाबले के बाद यशस्वी जायसवाल अचानक बीमार

नई दिल्ली  भारत के स्टार बैटर यशस्वी जायसवाल को मंगलवार को पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का मैच खेलने के कुछ घंटे बाद ही जायसवाल को एक्यूट गैस्ट्रोएंटराइटिस की वजह से अस्पताल जाना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक जायसवाल को मैच के दौरान भी पेट में दर्द हो रहा था जो मैच खत्म होने के बाद बहुत ज्यादा बढ़ गया। वह मुंबई टीम की तरफ से खेल रहे थे जिसका सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के सुपर लीग चरण में राजस्थान के साथ पुणे में मुकाबला था। मैच में 23 साल के जायसवाल ने पेट में दर्द के बावजूद 16 गेंद में 15 रन बनाए और उनकी टीम मुंबई ने 217 रन के बड़े लक्ष्य को 3 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। जायसवाल का पेट दर्द जब असहनीय हो गया तब उन्हें तत्काल पिंपरी चिंचवाड़ के आदित्य बिरला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें एक्यूट गैस्ट्रोएंटराइटिस की पुष्टि की। अस्पातल में उनका सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड हुआ। डॉक्टरों ने उन्हें पर्याप्त आराम करने की सलाह दी है। जायसवाल को जब अस्पताल ले जाना पड़ा तब अबू धाबी में आईपीएल की मिनी नीलामी हो रही थी। उनके स्वास्थ्य या उनकी तबीयत खराब होने को लेकर अभी बीसीसीआई की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। जायसवाल पिछले कुछ हफ्तों से बहुत ही अच्छे फॉर्म में हैं। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के 3 मैचों में 48.33 की औसत और 168.6 के स्ट्राइक रेट से 145 रन बनाए हैं। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में भी उन्होंने 3 मैच में 78 की शानदार औसत से 156 रन बनाए थे। इस दौरान उन्होंने ओडीआई में अपना पहला शतक भी लगाया।