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ED की सख्त कार्रवाई: सट्टेबाजी एप मामले में नेहा शर्मा की करोड़ों की संपत्ति जब्त

भागलपुर सट्टेबाजी एप और एक्स-बेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भागलपुर से तीन बार विधायक रह चुके अजीत शर्मा की बेटी तथा बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा शर्मा की 1.26 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है। यह कार्रवाई पीएमएलए के तहत जारी अंतिम आदेश के बाद की गई है। ईडी की जांच में सामने आया है कि अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी ऐप आईबेट भारत में बिना किसी वैधानिक अनुमति के संचालित किया जा रहा था। इस ऐप के प्रचार-प्रसार में फिल्म जगत से जुड़ी कई अभिनेत्रियों की भूमिका सामने आई है। नेहा शर्मा पर भी मीडिया, विज्ञापन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस ऐप का प्रमोशन करने और उससे प्राप्त राशि को मनी लॉन्ड्रिंग के माध्यम से निवेश करने का आरोप है। ईडी सूत्रों के अनुसार, ऐप के प्रचार से मिली रकम को अलग-अलग माध्यमों से निवेश किया गया, जिसके बाद जांच एजेंसी ने कार्रवाई करते हुए 1.26 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है। नेहा शर्मा मूल रूप से बिहार के भागलपुर की रहने वाली हैं। उनके पिता अजीत शर्मा कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता रहे हैं और भागलपुर विधानसभा सीट से तीन बार विधायक चुने जा चुके हैं। गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अजीत शर्मा को भागलपुर सीट से हार का सामना करना पड़ा था, और चुनाव परिणाम के महज एक माह बाद ईडी की यह कार्रवाई सामने आई है। हालांकि, अब तक ईडी की टीम ने भागलपुर में कोई छापेमारी नहीं की है। 50 करोड़ की संपत्ति का दावा सूत्रों के मुताबिक, अभिनेत्री नेहा शर्मा की कुल संपत्ति करीब 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। मुंबई में उनके फ्लैट हैं, जबकि भागलपुर में भी उनके नाम से जमीन होने की जानकारी है। फिल्मों और वेब सीरीज के अलावा उनकी आय का बड़ा स्रोत ब्रांड एंडोर्समेंट, सोशल मीडिया प्रमोशन और फैशन ब्रांडिंग है। बताया जाता है कि वह एक फिल्म साइन करने के लिए लगभग एक करोड़ रुपये तक फीस लेती हैं। भागलपुर से बॉलीवुड तक का सफर नेहा शर्मा का जन्म 21 नवंबर 1987 को बिहार के भागलपुर में हुआ था। उन्होंने महेश भट्ट की फिल्म ‘क्रूक’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कई हिंदी फिल्मों और वेब सीरीज में काम किया। उनकी पहचान को नई मजबूती अजय देवगन अभिनीत फिल्म ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ (2020) से मिली, जिसमें उन्होंने छोटे लेकिन प्रभावशाली किरदार निभाया। नेहा शर्मा नवंबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान अपने पिता अजीत शर्मा के समर्थन में रोड शो में शामिल होने के लिए भागलपुर आई थीं और कांग्रेस प्रत्याशी के लिए वोट की अपील की थी।

चाणक्य नीति के ये उपाय दिलाएंगे हर काम में सफलता

कई बार व्यक्ति के काम सिर्फ इसलिए नहीं बन पाते क्योंकि वह सही समय पर सही निर्णय नहीं ले पाता है। सही समय पर लिया गया सही निर्णय व्यक्ति की सफलता की राह को आसान बना देता है। हर निर्णय लेने के लिए एक सही समय होता है। लेकिन आप अगर सही समय पर सही निर्णय नहीं ले पाते हैं, तो आप अच्छे अवसर खो सकते हैं या गलत दिशा में जाने लगते हैं। जबकि सही समय पर लिया गया सही निर्णय आपका समय और प्रयास दोनों को बचाने में मदद करता है। यह आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मदद करता है। अगर आपको भी लगता है कि आपके साथ यह समस्या है तो चाणक्य नीति के ये 7 उपाय आपकी हर उलझन को दूर करने वाले हैं। चाणक्य नीति के ये 5 उपाय व्यक्ति को बताते हैं कि कैसे कोई व्यक्ति सही समय पर सही निर्णय लेकर अपने लिए सफलता की राह को आसान बना सकता है। सफलता की राह आसान बना देंगे चाणक्य नीति के ये उपाय विवेकपूर्ण विश्लेषण करें चाणक्य के अनुसार, किसी भी निर्णय को लेने से पहले स्थिति का गहन विश्लेषण करें। तथ्यों, परिणामों, और संभावित जोखिमों का आकलन करने के बाद ही किसी निर्णय पर पहुंचें। अनुभवी लोगों से लें सलाह बुद्धिमान और अनुभवी व्यक्तियों की सलाह आपको हमेशा जीवन में सही निर्णय लेने में मदद करती है। चाणक्य कहते हैं कि दूसरों का अनुभव आपका मार्गदर्शन कर सकता है। भावनाओं पर रखें नियंत्रण व्यक्ति को हमेशा भावना या आवेग में किसी तरह का कोई निर्णय लेने से बचना चाहिए। सफलता पाने के लिए व्यक्ति को अपने शांत मन से सोच-विचार करने के बाद ही कोई फैसला लेना चाहिए। याद रखें, क्रोध या उत्साह में लिए गए निर्णय अक्सर बाद में गलत साबित होते हैं। दूर की सोचकर कोई कार्य करें चाणक्य नीति के अनुसार व्यक्ति को हमेशा तात्कालिक लाभ की जगह दीर्घकालिक परिणामों को देखते हुए ही किसी कार्य को प्राथमिकता देनी चाहिए। आत्मविश्वास चाणक्य नीति के अनुसार, कोई भी निर्णय लेने के बाद उस पर हमेशा अडिग रहें और आत्मविश्वास के साथ उसे लागू करें। चाणक्य कहते हैं कि संकोच करने से कई बार अवसर खो जाते हैं। नैतिकता को दें प्राथमिकता चाणक्य नीति के अनुसार, सही निर्णय वही है जो नैतिक और धर्म के अनुरूप हो। अनैतिक फैसले भविष्य में परेशानी ला सकते हैं। सही समय का इंतजार करें चाणक्य नीति के अनुसार, सही समय पर लिया गया निर्णय सफलता की कुंजी है। जल्दबाजी करने से बचें और उचित समय का आकलन करने के बाद ही कोई फैसला करें।

राजस्थान: बाड़मेर में चल रही थी एमडी ड्रग फैक्टरी, करोड़ों की नशीली सामग्री जब्त

बाड़मेर बाड़मेर जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस थाना सदर क्षेत्र के केरली, आदर्श चवा इलाके में छापामारी कर अवैध एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्टरी का पर्दाफाश किया गया। कार्रवाई के दौरान मौके से करीब 40 किलो एमडी ड्रग बरामद की गई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 80 करोड़ रुपये आंकी गई है।   भारी मात्रा में रसायन और उपकरण जब्त पुलिस ने फैक्टरी से भारी मात्रा में ड्रग्स बनाने में प्रयुक्त रसायन, मशीनें और अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं। जब्त सामग्री से लगभग 50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त एमडी ड्रग्स तैयार की जा सकती थी। इस पूरी सामग्री की कुल कीमत करीब 85 करोड़ रुपये बताई गई है, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो जाता है।   डीएसटी की सूचना पर की गई संयुक्त कार्रवाई एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि डीएसटी टीम को सूचना मिली थी कि सदर थाना क्षेत्र के आदर्श चवा इलाके में एक मकान में अवैध एमडी फैक्टरी संचालित हो रही है। सूचना के आधार पर डीएसटी और सदर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने भैराराम पुत्र हनुमानाराम जाट के मकान पर दबिश दी, जहां से अवैध मादक पदार्थ और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई।   मकान मालिक गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार पुलिस ने मौके से मकान मालिक भैराराम पुत्र हनुमानाराम जाट निवासी केरली, आदर्श चवा को गिरफ्तार कर लिया है। इस फैक्ट्री का मास्टरमाइंड कुख्यात तस्कर मोटाराम पुत्र वीरमाराम जाट निवासी आदर्श चवा बताया गया है। उसके साथ दिनेश गिरी पुत्र अचलगिरी स्वामी निवासी रावतसर और एक अन्य फौजी को भी नामजद किया गया है, जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस टीमें उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।   बरामदगी और आगे की जांच एसपी ने बताया कि मौके से 39 किलो 777 ग्राम अवैध एमडी और 99 किलो 931 ग्राम केमिकल बरामद किए गए हैं। इसके अलावा कांच के बर्तन, वैक्यूम पंप, सेक्शन पाइप, डिजिटल थर्मामीटर, भट्टियां, मशीनें, प्लास्टिक टंकियां, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और दो लग्जरी वाहन भी जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी एमडी तैयार करने के बाद मशीनों के पार्ट्स खोलकर अलग-अलग स्थानों पर छिपा देते थे। पुलिस ने थाना सदर में मामला दर्ज कर तस्करी नेटवर्क की गहन जांच शुरू कर दी है।

फोटो विवाद पर अखिलेश यादव का पलटवार: कफ सिरप आरोपियों के साथ दिखने वालों पर चले बुलडोजर

लखनऊ  सपा प्रमुख के साथ दिख रहे व्यक्ति को कफ सिरप का वांछित बताए जाने पर अखिलेश यादव ने भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, कई तस्वीरें दिखाई जा रही हैं। अगर तस्वीर में जो दिख रहा है, उसमें सपाई हैं तो उन सभी के यहां बुलडोर चलवाएं। कालीन भैया, कोडीन भैया सभी के यहाँ बुलडोजर चले। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, मेरे साथ खड़ा होने वाला अगर माफिया है तो मेरी तस्वीर मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री के साथ भी है। उन्होंने कहा, भाजपा दूसरों पर आरोप लगाती रहती है। भाजपा झूठ बोलती है। अखिलेश ने शेरो-शायरी के जरिए भी भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा, अपना चेहरा न पोछा गया आपसे आइना बेवजह तोड़ कर रख दिया। यही कसूर है कि अपनों को बचाते रहे और दूसरों पर लगाते है।   पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा पर हमलावर हुए अखिलेश ने कहा, कोडीन मामले में स्टोरी को फालो करे तो पता चल जाएगा। 136 जिलों में एक से अधिक एफआईआर है। पूर्व आईपीएस मामले पर अखिलेश बोले, अमिताभ ठाकुर पुलिस के सामने पत्रकारों से कुछ कहना चाहते थे तो सारी पुलिस सीटी बजाने लगी। आजम खां के ऊपर कितने मुक़दमे लगा दिए गए। ऐसे न जाने कितने मुक़दमे लगा दिए गए। सपा प्रमुख बोले, भाजपा सरकार पर्यावरण को लेकर बिलकुल चिंतित नहीं है। ये सरकार उधोगपतियों के लिए कुछ भी कर सकती है इसीलिए पर्यावरण का अधिक खतरा है। फसल बीमा योजना में किसानो से ज्यादा बीमा कम्पनियो को फायदा है। ये सरकार स्वजातीय लोगो पर कार्रवाई नहीं करती। अखिलेश ने सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग दोहराई समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को भारतीय सेना में अहीर रेजिमेंट बनाने की अपनी पुरानी मांग को दोहराते हुए कहा कि यह समुदाय के सैनिकों की बहादुरी और बलिदान के लिए एक सही श्रद्धांजलि होगी। यादव ने केंद्र से देश में, खासकर उत्तर प्रदेश में और मिलिट्री स्कूल स्थापित करने का भी आग्रह किया। पूर्व सैनिकों और 1962 के भारत-चीन युद्ध के दिग्गजों को सम्मानित करने के बाद यादव ने कहा कि अहीर रेजिमेंट की मांग नई नहीं है, और इसे पहले भी समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र में शामिल किया गया था। उन्होंने कहा, "आज, जब हम इन बहादुर सैनिकों का सम्मान करते हैं जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना लड़ाई लड़ी, तो हम उनके सम्मान और रेजिमेंट के सम्मान के लिए सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग को भी दोहराते हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर अन्य रेजिमेंट बनाने की मांगें हैं, तो उन्हें भी आगे लाया जाना चाहिए।  

मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बनाई गईं जिला स्तरीय सत्यापन समितियां, अवैध ईंट भट्टे के संचालन और वायु प्रदूषण के मामले में कमी दर्ज

ईंट भट्टों के विनियमन से प्राप्त हुई 193.5 करोड़ की आय, प्रदूषण नियंत्रण में भी उल्लेखनीय सफलता मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बनाई गईं जिला स्तरीय सत्यापन समितियां, अवैध ईंट भट्टे के संचालन और वायु प्रदूषण के मामले में कमी दर्ज एनजीटी के मानकों के अनुरूप हो रहा यूपी में ईंट भट्टों का संचालन, लखनऊ, कानपुर, आगरा और वाराणसी में वायु प्रदूषण के मामलों में आयी कमी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में ईंट भट्टों के विनियमन के लिए जनपद स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। जिससे एक ओर प्रदेश में ईंट भट्टों के संचालन का नियमितीकरण हुआ है, साथ ही एनजीटी के मानकों के अनुरूप प्रदूषण स्तर में कमी लाने में भी महत्वपूर्ण उपाय लागू किये जा सके हैं। वहीं दूसरी ओर वित्तीय वर्ष 2025-26 में ईंट भट्टों से लगभग 193.5 करोड़ रुपये विनियमन शुल्क के रूप में आय की प्राप्ति हुई है। जो न केवल प्रदेश के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। प्रदेश में ईंट भट्टों के नियमित संचालन और एनजीटी के मानकों के अनुपालन के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर जनपद स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। जिनके माध्यम से प्रदेश में ईंट भट्टों के सत्यापन अभियान को सफलतापूर्वक संचालित किया गया। मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक में विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सत्यापन समितियों ने भट्टा मालिकों से विनियमन शुल्क का शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की, जिसके फलस्वरूप राज्य को लगभग 193.5 करोड़ रुपये की आय प्राप्त हुई है, जो पिछले वर्षों में प्राप्त विनियम शुल्क की तुलना में अधिक है। साथ ही उन्होंने बताया कि सत्यापन अभियान के तहत प्रदेश में चल रहे हजारों की संख्या में अवैध ईंट भट्टों को बंद कराया गया, साथ ही कई भट्टों में मानक के अनुरूप प्रबंधन करा कर उन्हें मानकीकृत किया गया है। इन समितियों का संचालन जिला अधिकारी, अपर जिला अधिकारी, एसडीएम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, स्थानीय पुलिस और पर्यावरण विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है ।  ईंट भट्टों के जनपद स्तरीय सत्यापन से न केवल राजस्व में वृद्धि हुई है, बल्कि अवैध ईंट भट्टों के संचालन में 70 प्रतिशत से अधिक की कमी दर्ज की गई है। साथ ही ईंट भट्टों का संचालन में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के मानकों के कड़ाई से अनुपालन ने वायु प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। एनजीटी के दिशा-निर्देशों के तहत सभी वैध भट्टों को जिग-जैग तकनीक, ऊंची चिमनियां और कम प्रदूषणकारी ईंधन का उपयोग अनिवार्य किया गया। समितियों ने सत्यापन के दौरान 80 प्रतिशत भट्टों को एनजीटी अनुपालन प्रमाणित किया गया, जबकि बाकी को सुधार के लिए समय दिया गया है। वायु प्रदूषण के मामले में लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा के साथ राज्य के दिल्ली एनसीआर के जिलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। ईंट भट्टों के सत्यापन के लिए बनाई गईं जनपद स्तरीय समितियों के सफल संचालन से न केवल प्रदेश को आर्थिक लाभ हुआ है, बल्कि सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपल्ब्धि हासिल की है।

पटना के घर और दुकानों पर बढ़ा टैक्स, जानें क्या है वजह

पटना पटना शहर के मकान मालिकों और दुकानदारों के लिए एक अहम खबर है। दरअसल यहां पटना नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स में इजाफा कर दिया है। अब शहर के कई इलाके में लोगों को  पहले की तुलना में डेढ़ गुना तक अधिक संपत्ति कर का भुगतान करना होगा। बता दें कि यह बढ़ा हुआ संपत्ति कर उन लोगों की संपत्तियों पर लागू होगा जो अब ‘प्रधान मुख्य सड़क’ की श्रेणी में आ गई हैं। दरअसल, पटना नगर निगम ने शहर की सड़कों के पुनर्वर्गीकरण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया के तहत प्रधान मुख्य सड़कों की संख्या बढ़ा दी है। पहले 24 सड़कें प्रधान मुख्य सड़क की श्रेणी में थीं। 19 नई सड़कों को ‘प्रधान मुख्य सड़क’ की श्रेणी में घोषित कर दिया है।  इन सड़कों पर करीब 5,500 से अधिक मकान और दुकानें स्थित है। जिस कारण ये मकान और दुकान अब बढ़े हुए प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में आ जाएंगे। नई टैक्स दरें 19 मई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी।  बता दें कि प्रधान मुख्य सड़क की श्रेणी में आने वाली संपत्तियों से 30 रुपये प्रति यूनिट प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली की जाएगी। 

विधानसभा में बड़ा फैसला: लाड़ली बहनों को अब हर माह मिलेंगे 5000 रुपये

भोपाल मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए राहत और उम्मीद की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संकेत दिए हैं कि सरकार भविष्य में योजना की मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर 5000 रुपये तक ले जाने को तैयार है। यह बात उन्होंने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कही। आइए जानते हैं कि सीएम मोहन यादव ने और क्या कुछ कहा है। विपक्ष पर पलटवार, योजना जारी रहने का भरोसा मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष बार-बार तीन हजार रुपये की मांग उठा रहा है और योजना बंद होने की आशंका जता रहा है, जबकि हकीकत यह है कि सरकार ने शुरुआत से ही राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया है। उन्होंने याद दिलाया कि जून 2023 में लागू हुई योजना को लेकर चुनाव के समय भी शंकाएं जताई गई थीं, लेकिन सरकार ने लगातार भुगतान जारी रखा।   2028 तक 5000 रुपये का लक्ष्य सीएम ने बताया कि पहले बहनों को 1000 रुपये दिए गए, फिर 1250 और अब 1500 रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का इरादा इसे यहीं रोकने का नहीं है 2028 तक 5000 रुपये प्रतिमाह देने की दिशा में काम किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने नारी सशक्तिकरण पर विपक्ष से रचनात्मक सुझाव भी मांगे, ताकि कामकाजी महिलाओं की आय 10 से 15 हजार रुपये तक पहुंचाने के प्रयास किए जा सकें।    मुख्यमंत्री ने अपने विचारों का वीडियो X पर साझा करते हुए लिखा कि लाड़ली बहनों को सहायता राशि लगातार मिल रही है और आगे भी इसमें बढ़ोतरी जारी रहेगी। उसमें उन्होंने लिखा है, कि विपक्ष कहता है कि लाड़ली बहना योजना बंद हो जाएगी, लेकिन हमारी बहनों को लगातार रुपए दिए जा रहे हैं। लाड़ली बहनों को सबसे पहले 1000 रुपए दिए, फिर 1250 रुपए, इसके बाद बढ़ाकर 1500 रुपए कर दिए हैं। अब और आगे बढ़ाते रहेंगे।   अगली किस्त का इंतजार जानकारी के मुताबिक, दिसंबर में योजना की 31वीं किस्त 9 तारीख को जारी की गई थी। ऐसे में अब 32वीं किस्त को लेकर महिलाओं में उत्सुकता बनी हुई है। अनुमान है कि यह नए साल में 10 जनवरी तक आ सकती है, हालांकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।

बलिदान और कर्तव्य के गौरवशाली इतिहास से नई पीढ़ी को परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व : मुख्यमंत्री

साहसिक गतिविधियों और भव्य झांकियों के साथ 5 हजार से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं ने निकाली ऐतिहासिक रैली रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग द्वारा  आयोजित वीर बाल रैली में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने राजधानी रायपुर के मरीन ड्राइव से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस भव्य रैली में लगभग 5,000 से अधिक स्कूली छात्र-छात्राओं, स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स ने सहभागिता की। रैली में सिख परंपरा की वीरता को दर्शाती गतका जैसी साहसिक गतिविधियों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं प्रेरणादायी झांकियों ने उपस्थित जनसमूह को गहरे भावनात्मक स्तर पर जोड़ा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में हम दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों — बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी — के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल 9 वर्ष और 7 वर्ष की अल्पायु में साहिबजादों ने जिस अदम्य साहस, आस्था और बलिदान का परिचय दिया, वह मानव इतिहास में अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी छोटी उम्र में भी साहिबजादे किसी दबाव के आगे नहीं झुके, अपनी आस्था से विचलित नहीं हुए और धर्म एवं सत्य की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह बलिदान केवल सिख समाज ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है। साय ने कहा कि सिख धर्म की यह गौरवशाली परंपरा हम सभी के लिए गर्व का विषय है। नई पीढ़ी को साहिबजादों के बलिदान और मूल्यों से परिचित कराना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2022 से वीर बाल दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने की पहल अत्यंत सराहनीय है। इससे बच्चों और युवाओं में शौर्य, साहस और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रबल हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम साहिबजादों के जीवन को देखते हैं, तो हमें दशम गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा दिए गए संस्कारों और शिक्षाओं पर गर्व होता है। उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना कर अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग दिखाया। उनकी प्रेरक पंक्तियाँ “सवा लाख से एक लड़ाऊँ, चिड़ियन ते मैं बाज लड़ाऊँ, तबै गुरु गोबिंद सिंह नाम कहलाऊँ।” आज भी हर भारतीय के भीतर साहस और संघर्ष की चेतना जागृत करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंक्तियाँ हमें सिखाती हैं कि साधन नहीं, साहस और संकल्प ही विजय का मार्ग प्रशस्त करते हैं। भारत की धरती धन्य है, जिसने ऐसे महान गुरुओं और साहिबजादों को जन्म दिया। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग एवं शिक्षा विभाग को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। कैबिनेट मंत्री खुशवंत साहेब ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान हमें निर्भीकता, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रथम की भावना का मार्ग दिखाता है। उनका जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है। छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा ने साहिबजादों की शहादत के ऐतिहासिक प्रसंगों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया। इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा सहित सिख समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि, समाजसेवी एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

तापमान में तेज गिरावट के संकेत, अगले सप्ताह प्रदेश में ठंड और घना कोहरा—IMD की चेतावनी

जयपुर राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से उत्तरी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं, जिससे प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पाली, करौली, उदयपुर, अजमेर सहित कई शहरों में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान बढ़ने से सुबह और शाम की सर्दी से लोगों को कुछ राहत मिली। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, प्रदेश में 21 दिसंबर तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा और तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। हालांकि 22 और 23 दिसंबर को 10 जिलों में घने कोहरे और शीतलहर की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 24 दिसंबर से तापमान में गिरावट आने के आसार हैं। शुक्रवार को दिन के समय अधिकांश जिलों में मौसम साफ रहा और तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई। प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बाड़मेर में 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका सीकर का फतेहपुर और सिरोही का माउंट आबू रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अगले तीन दिन छाए रहेंगे बादल विक्षोभ का असर अगले 3 दिन रहने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि  22 दिसंबर तक पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। इसके बाद न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि, राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा।

कफ सिरप कांड पर यूपी सरकार सख्त: मंत्री सुरेश खन्ना बोले– किसी कीमत पर नहीं बचेंगे दोषी

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कोडिंग युक्त कफ सिरप मामले को लेकर सरकार की गंभीरता के बारे में बात की उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा… साथ ही उन्होंने कफ़ सिरप मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्ति है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव आरोपियों को बचाना चाहते हैं और जिस तरह से अखिलेश यादव का फोटो आरोपी के साथ सामने आया है उस पर अखिलेश यादव को देश को यह बताना चाहिए कि उनका इनके साथ क्या संबंध है देश यह जवाब चाहता है। अखिलेश यादव लगातार सरकार के ऊपर इसलिए हमला बोलते हैं कि उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचा है सरकार ने कफ सिरप मामले में गंभीर धाराओं में आरोपियों के साथ-साथ 140 फर्म के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।