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रेल किराए में बढ़ोतरी: बिलासपुर‑दिल्ली स्लीपर और AC कोच महंगे, नया फेयर आज से लागू

बिलासपुर  भारतीय रेलवे की तरफ से ट्रेनों के टिकट में बढ़ाया गया किराया शुक्रवार से लागू हो रहा है. 26 दिसंबर से ट्रेनों का किराया बढ़ रहा है. बिलासपुर से दिल्ली की यात्रा भी अब महंगी होने वाली है. क्योंकि भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए फेयर स्ट्रक्चर में जो बदलाव किया है उसका संशोधित किराया अब लागू हो जाएगा. जिसमें लंबी दूरी की ट्रेनों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा. बिलासपुर से दिल्ली की यात्रा भी आज से महंगी हो गई है. एसी, स्लीपर के टिकट पर किराया बढ़ गया है. जिसका बढ़ा किराया आज से देना होगा.  13 से 26 रुपए बढ़ा किराया  बताया जा रहा है कि लंबी दूरी की मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के नॉन-एसी और एसी श्रेणियों हर किलोमीटर पर 1 से 2 पैसे की बढ़ोतरी हुई है. बिलासपुर से दिल्ली जाने के लिए अब यात्रियों को 13 से 26 रुपए टिकट पर अतिरिक्त चुकाना होगा. क्योंकि बिलासपुर-दिल्ली की दूरी ज्यादा है और यहां ट्रेनों की संख्या भी सीमित होती है. स्लीपर और प्रथम श्रेणी साधारण कोच में लगने वाले टिकट का किराया बढ़ा दिया गया है. हालांकि भारतीय रेलवे की तरफ से यह भी क्लीयर किया गया है कि सुपरफास्ट अधिभार, आरक्षण शुल्क, और अन्य सहायक शुल्कों में फिलहाल किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है.  नए साल से पहले लागू हुई इस Railway Ticket Fare Hike का असर जबलपुर से चलने वाली लगभग सभी प्रमुख ट्रेनों पर पड़ेगा। रेलवे ने जबलपुर से देश के बड़े स्टेशनों तक यात्रा करने वाले यात्रियों के किराए में 5 रुपये से लेकर 40 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। गौरतलब है कि जबलपुर मध्य प्रदेश का एक प्रमुख रेलवे जंक्शन है, जहां से दिल्ली, मुंबई सहित कई बड़े शहरों के लिए सीधी ट्रेनें संचालित होती हैं। रेलवे के अनुसार, जबलपुर से दिल्ली के सफर में एसी फर्स्ट क्लास के किराए में प्रति किलोमीटर दो पैसे की बढ़ोतरी की गई है। इसके चलते दिल्ली जाने पर यात्रियों को 18 रुपये और मुंबई जाने पर करीब 20 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। हालांकि, रोजाना अप-डाउन करने वाले यात्रियों को कुछ हद तक राहत दी गई है। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सामान्य श्रेणी के यात्रियों को 215 किलोमीटर तक की दूरी के लिए कोई अतिरिक्त भार नहीं उठाना पड़ेगा। 216 से 750 किलोमीटर तक के सफर पर 5 रुपये, 751 से 1250 किलोमीटर पर 10 रुपये, 1251 से 1750 किलोमीटर पर 15 रुपये और 1751 से 2250 किलोमीटर की दूरी के लिए 20 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। अलग-अलग श्रेणी में बढ़ा ट्रेन का किराया रेलवे अफसरों ने बताया कि संशोधित किराया संरचना के तहत 215 किलोमीटर तक की द्वितीय श्रेणी साधारण यात्रा पर कोई वृद्धि नहीं की गई है, जिससे कम दूरी और दैनिक यात्रियों को राहत मिली है। 216 किलोमीटर से 750 किलोमीटर तक की दूरी के लिए किराया 5 रुपए बढ़ाया गया है, जबकि 751 से 1250 किमी पर 10 रुपए, 1251 से 1750 किमी पर 15 रुपए और 1751 से 2250 किमी पर 20 रुपए की बढ़ोतरी चरणबद्ध रूप से लागू होगी। बिलासपुर से दिल्ली के लिए तकरीबन 9-10 ट्रेनें बिलासपुर से दिल्ली तक करीब 9-10 ट्रेनें सीधा जाती हैं, जिनमें दैनिक और साप्ताहिक सेवाएं शामिल हैं। इनमें प्रमुख ट्रेनें हैं राजधानी/राजधानी, संपर्क क्रांति, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, हीराकुंड एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस हैं। इनमें रोजाना 5 से 7 हजार यात्री सफर करते हैं। ऐसे में अब ट्रेन टिकट बढ़ने पर यात्रियों की जेब में सीधा असर होगा। बिलासपुर से दिल्ली के लिए हर दिन 9 से 10 ट्रेनें  दरअसल, बिलासपुर से दिल्ली जाने के लिए हर दिन छत्तीसगढ़ में 9 से 10 ट्रेनें चलती हैं, जिसमें स्पेशल ट्रेनें भी शामिल रहती हैं. बिलासपुर से राजधानी, संपर्क क्रांति, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, हमसफर एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, हीराकुंड एक्सप्रेस, बिलासपुर दिल्ली साप्ताहिक जैसी ट्रेनें लगभग हर दिन चलती हैं. जहां बिलासपुर से दिल्ली के बीच हर दिन 5 से 7 हजार यात्री सफर करते हैं. ऐसे में बिलासपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेनों के टिकट में भी बढ़ोत्तरी हो गई हैं, जिसका सीधा असर यात्रियों की जेबों पर पढ़ेगा. क्योंकि ट्रेनों का बढ़ा हुआ किराया आज से लागू हो गया है.  भारतीय रेलवे ने बताया कि नया किराया दर 26 दिसंबर 2025 से लागू होगा, उसके पहले बुक किए हुए टिकटों पर बढ़ा किराया नहीं लगेगा. केवल 26 तारीख से जो टिकट बुक होंगे उसी पर बढ़ा हुआ किराया लागू होगा, इसके अलावा और कोई भी अतिरिक्त शुल्क रेलवे की तरफ से नहीं लिया जा रहा है. इसलिए अगर कोई एक्स्ट्रा पैसा मांगते हैं तो उस पर तुरंत शिकायत करनी चाहिए. छत्तीसगढ़ से चलने वाली लंबी दूरी की सभी ट्रेनों के टिकट में इजाफा हो गया है.  

मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड, पचमढ़ी में पारा 4.2°C, 25 शहरों में 10°C से नीचे; कई जिलों में घना कोहरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में ठंड और कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। प्रदेश (MP Weather Update) के हिल स्टेशन पचमढ़ी में शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान 4.2°C दर्ज हुआ। भोपाल में 7°C, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में 9°C के आसपास तापमान रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के कई जिलों में सड़कों पर घना कोहरा छाया रहा, जिससे वाहन चालकों को अलाव और लाइट के सहारे चलना पड़ा। दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में भी देरी का असर देखने को मिला। सड़कों पर चलने वाले वाहन दिन में भी हेडलाइट जलाने को मजबूर रहे। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि ठंड से राहत फिलहाल नहीं मिलने वाली। 27 दिसंबर को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर 2 से 3 दिन के भीतर मध्य प्रदेश में दिखाई देगा। इसका मतलब है कि नए साल की शुरुआत कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के साथ होगी। भोपाल, मंडला, रीवा, सतना, पचमढ़ी, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, नौगांव, अशोकनगर, झाबुआ, खंडवा, शाजापुर और सीहोर समेत कई जिलों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ और सड़कों पर विजिबिलिटी कम होने से वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। भोपाल में 7, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में 9 डिग्री मिनिमम टेंपरेचर मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश के करीब 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा। पचमढ़ी के अलावा रीवा में 5.5 डिग्री, शिवपुरी और खजुराहो में 6 डिग्री, नौगांव और दतिया में 6.2 डिग्री तथा उमरिया में 6.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल में पारा 7 डिग्री, जबकि इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह अलाव का सहारा ठंड और कोहरे के चलते आम जनजीवन पर असर दिखने लगा है। कई इलाकों में सुबह लोग अलाव तापते नजर आए। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत के आसार कम हैं और आने वाले दिनों में रात का तापमान और गिर सकता है। पचमढ़ी में तापमान 4 डिग्री से नीचे, कई शहरों में छाया घना कोहरा बुधवार-गुरुवार की रात प्रदेश में लगातार दूसरे दिन तापमान 4 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं खजुराहो, नौगांव, मंडला, रीवा, सतना, भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, रतलाम और दमोह जैसे शहरों में घना कोहरा देखने को मिला। कोहरे की मार,ट्रेनों की रफ्तार थमी कोहरे का सबसे ज्यादा असर रेल यातायात पर पड़ रहा है। दिल्ली से भोपाल, उज्जैन और इंदौर आने वाली एक दर्जन से ज्यादा ट्रेनें 5 से 8 घंटे तक देरी से चल रही हैं। मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और सचखंड एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें भी लेट हैं। शुक्रवार को भी हालात सामान्य होने के आसार कम हैं। 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे प्रदेश के 25 से अधिक शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। ग्वालियर में पारा 7 डिग्री, इंदौर में 7.5 डिग्री, भोपाल में 8.4 डिग्री और जबलपुर में 10 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ (5 डिग्री), रीवा (5.4), शाजापुर (5.5), शिवपुरी (6) और नौगांव (6.4) जैसे इलाके सबसे ज्यादा ठंडे रहे।रात के साथ-साथ दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है। भोपाल में दिन का अधिकतम तापमान 23.7 डिग्री, ग्वालियर में 24.1, जबलपुर में 25.4 और इंदौर में 26 डिग्री रहा।बालाघाट का मलाजखंड दिन में भी सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान सिर्फ 21.2 डिग्री दर्ज किया गया। जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ी ठंड मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार ठंड के पीछे जेट स्ट्रीम की बड़ी भूमिका है। यह हवा जमीन से करीब 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर 260 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं के साथ मिलकर यह ठंड को और तीखा बना रही है। जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, सर्द हवाओं का असर और तेज हो सकता है। इस साल नवंबर और दिसंबर में ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में नवंबर के महीने में लगातार 15 दिन शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। 17 नवंबर की रात तापमान 5.2 डिग्री तक गिर गया था। इंदौर में भी 25 साल बाद इतनी सर्द रात दर्ज की गई। 

सीरीज जीत के लिए मैदान में उतरेगी भारत, तिरुवनंतपुरम की पिच पर कैसा रहेगा खेल का मिजाज?

तिरुवनंतपुरम  इंडिया वुमेंस वर्सेस श्रीलंका वुमेंस 5 मैच की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला आज तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाना है। सीरीज में 2-0 से आगे चल रही हरमनप्रीत कौर की टीम की नजरें जीत की हैट्रिक लगाते हुए सीरीज में अजेय बढ़त बनाने पर होगी। पहले दो मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने श्रीलंका पर पूरी तरह से डोमिनेट किया। पहला टी20 भारत ने 8 विकेट से तो दूसरा 7 विकेट से जीता। हालांकि दीप्ति शर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स ने टीम इंडिया की मुश्किल बढ़ाई हुई है। नंबर-1 टी20 बॉलर दीप्ति शर्मा बीमार होने की वजह से दूसरा टी20 नहीं खेल पाई थी, मगर अब वह फिट हैं। मगर जेमिमा को तीसरे टी20 से पहले अपनी फिटनेस साबित करनी होगी। आईए एक नजर India Womens vs Sri Lanka Womens मुकाबले से जुड़ी कुछ अहम जानकारियों पर नजर डालते हैं- India Womens vs Sri Lanka Womens पिच रिपोर्ट तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच गेंदबाजों के लिए अच्छी मानी जाती है। पहले दो मुकाबलों में महफिल लूटने वाले बल्लेबाजों को तीसरे T20I में इस पिच पर मुश्किल हो सकती है। हालांकि, पहले इस मैदान पर ओस नतीजा तय करने में अहम भूमिका अदा कर सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम की नजरें एक बार फिर पहले फील्डिंग करने पर होगी, ताकि वह बाद में टारगेट को आसानी से चेज कर पाए। तिरुवनंतपुरम के इस मैदान पर पहला वुमेंस क्रिकेट का मैच होने वाला है। ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम, तिरुवनंतपुरम टी20 रिकॉर्ड मैच- 4 पहले बैटिंग करके जीते गए मैच – 2 (50.00%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 2 (50.00%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 2 (50.00%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 2 (50.00%) हाईएस्ट स्कोर- 235/4 हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 173/2 प्रति विकेट औसत रन- 25.88 प्रति ओवर औसत रन- 8.49 पहले बैटिंग करने का औसत स्कोर- 145 इंडिया वुमेंस वर्सेस श्रीलंका वुमेंस स्क्वॉड भारतीय महिला टीम: स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, हरलीन देयोल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (डब्ल्यू), स्नेह राणा, अमनजोत कौर, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, अरुंधति रेड्डी, वैष्णवी शर्मा, जी कमलिनी श्रीलंका महिला टीम: विशमी गुणरत्ने, चमारी अथापथु (कप्तान), हासिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षी डी सिल्वा, कौशानी नुथ्यांगना (डब्ल्यू), रश्मिका सेवंदी, इमेशा दुलानी, काव्या कविंदी, निमेश मदुशानी, मल्की मदारा, इनोका राणावीरा, मालशा शेहानी, शशिनी गिम्हानी

‘परमाणु हथियारों से लैस सैन्य शासन है पाकिस्तान’—पुतिन की बुश से बातचीत का खुलासा

वाशिंगटन पाकिस्तान के परमाणु संयंत्र को लेकर पश्चिमी देशों और रूस की चिंता नई नहीं है। अब इस पर मुहर लगाती हुई अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी आर्काइव की गोपनीय जानकारी साझा की गई हैं। आर्काइव की तरफ से 2001 से लेकर 2008 के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के बीच हुई निजी जानकारी को सार्वजनिक किया गया है। इन दस्तावेजों में पुतिन और बुश दोनों ही पाकिस्तानी परमाणु अस्थिरता को लेकर अपनी चिंता जाहिर करते नजर आते हैं। दस्तावेजों के मुताबिक जून 2001 में स्लोवेनिया में हुई अपनी पहली व्यक्तिगत मुलाकात में पुतिन पाकिस्तान की आलोचना करते उसे एक परमाणु हथियार से संपन्न जुंटा (सैन्य शासन) बताया था। जारी किए गए दस्तावेजों के मुताबिक बाहर से भले ही अमेरिका 9/11 के बाद पाकिस्तान से अपनी साझेदारी बढ़ा रहा था, लेकिन वह पाकिस्तान की परमाणु शक्ति से चिंतित भी था। इसी बातचीत में पुतिन ने खास तौर पर पश्चिमी देशों की यह कहते हुए आलोचना की थी कि वह पाकिस्तान के ऊपर लोकतंत्र का दबाव बनाने में नाकामयाब रहे। पुतिन और बुश के बीच यह बातचीत जिस समय में हो रही थी, उस समय दुनिया को इस बात की जानकारी नहीं थी कि क्या पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक कहे जाने वाले ए.क्यू.खान इसकी डिजाइन को किसी को बेच रहे हैं। हालांकि दोनों ही परमाणु ताकत के प्रसार के खिलाफ दिखाई देते हैं। बुश और पुतिन की बातचीत इन दस्तावेजों में सबसे अहम रूप से दोनों ही देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताते हैं। पुतिन कहते हैं कि अभी तक यह साफ नहीं है कि ईरान के पास प्रयोगशालाओं में क्या है और वह कहां है लेकिन उनका पाकिस्तान के साथ सहयोग मौजूद है। इस पर बुश कहते हैं, 'मैंने इस बारे में मुशर्रफ से बात की है। मैंने उनसे कहा कि हमें ईरान और उत्तर कोरिया को ट्रांसफर को लेकर चिंता है। उन्होंने ए. क्यू. खान और उसके कुछ साथियों को जेल में डाला, फिर हाउस अरेस्ट में रखा। हम जानना चाहते हैं कि उन्हें क्या बताया गया है। मैं मुशर्रफ को लगातार याद दिलाता रहता हूं। या तो उन्हें कुछ पता नहीं है या फिर वे पूरी जानकारी नहीं दे रहे हैं।" इसका जवाब देते हुए पुतिन कहते हैं, 'मेरी समझ के मुताबिक सेंट्रीफ्यूज में पाकिस्तानी मूल का यूरेनियम मिला है।' इस पर बुश ने कहा,' हां, वही चीज जिसके बारे में ईरान ने आईएईए को नहीं बताया था। यह नियमों का उल्लंघन है। पुतिन-वह पाकिस्तानी मूल का था, यह मुझे परेशान करता है। बुश-हमें भी यह बात परेशान करती है। पुतिन- हमारे बारे में भी सोचिए बुश-हमें परमाणु हथियारों लिए ढेर सारे धार्मिक उन्मादी नहीं चाहिए, ईरान में तो वही सरकार चला रहे हैं। गौरतलब है कि पाकिस्तान को लेकर भारत यह बात शुरुआत से ही कहता आ रहा है। लेकिन वैश्विक राजनीति की वजह से अमेरिका पाकिस्तान का समर्थन करते नजर आता है। अफगानिस्तान में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के दौरान अमेरिका ने पाकिस्तान के हजारों गुनाह माफ किए, क्योंकि उस वक्त उसे पाकिस्तान की जरूरत थी। बाइडन प्रशासन के दौर में जैसे ही अमेरिकी सैनिक पाकिस्तान से बाहर निकले, वाशिंगटन में इस्लामाबाद की पहुंच कमजोर हो गई। शुरुआत में खबरें यह तक आईं कि बाइडन ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का फोन उठाना बंद कर दिया है। हालांकि, राजनीति ने फिर करवट ली और पाकिस्तान आज के समय में एक बार फिर से अमेरिका की गोद में जाकर बैठ गया है।

देशभर में फूड डिलीवरी पर संकट, Zomato–Swiggy–Zepto हड़ताल की तैयारी; 10 मिनट डिलीवरी नियम बना मुद्दा

नईदिल्ली  Amazon, Zomato, Zepto, Blinkit, Swiggy और Flipkart जैसे बड़े फूड डिलीवरी और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स से जुड़े डिलीवरी वर्कर्स ने  31 दिसंबर 2025 को देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है। इन कर्मचारियों का कहना है कि यह फैसला कंपनियों पर दबाव बढ़ाने के लिए उठाया गया है क्योंकि यूनियनों के मुताबिक गिग इकोनॉमी में काम करने की परिस्थितियां लगातार खराब होती जा रही हैं। इस हड़ताल का ऐलान तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (Telangana Gig and Platform Workers Union) और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (Indian Federation of App-Based Transport Workers) ने किया है। इसमें मेट्रो शहरों और प्रमुख टियर-2 शहरों के डिलीवरी वर्कर्स के शामिल होने की संभावना है। स्विगी-जोमैटो की हड़ताल तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) और इंडियन फेडरेशन ऑफ एप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स (IFAT) ने एक बयान में कहा कि "खासकर व्यस्त समय में और त्योहारों के दौरान डिलीवरी वर्करों को लंबे समय तक काम करना होता है। देशभर में हड़ताल- क्या चाहते हैं गिग वर्कर्स? गिग वर्कर्स की यूनियनों का मानना है कि प्लेटफॉर्म कंपनियों का एल्गोरिदम पर जरूरत से ज्यादा नियंत्रण है जो काम के टारगेट और भुगतान तय करता है। उनका कहना है कि रिस्क कर्मचारियों पर डाले जा रहे हैं जबकि डिलीवरी की समय-सीमा लगातार सख्त होती जा रही है और इंसेंटिव के नियम बार-बार बदले जा रहे हैं। यूनियनों ने अपने बयान में कहा है कि डिलीवरी वर्कर्स- जो खासकर त्योहारों और व्यस्त समय में लोगों तक खाना और पार्सल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इनमें घटती आमदनी, लंबे और अनिश्चित काम के घंटे, असुरक्षित डिलीवरी डेडलाइन, बिना चेतावनी के वर्क आईडी ब्लॉक होना और किसी भी तरह की बुनियादी सामाजिक सुरक्षा या वेलफेयर सपोर्ट का अभाव शामिल है। यूनियनों ने ऐप्स में शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने की मांग भी की है। खासकर रूट से जुड़ी समस्याओं और पेमेंट फेल होने जैसे मामलों के लिए। ये वर्कर्स जॉब सिक्योरिटी से जुड़े उपाय चाहते हैं- जैसे तय रेस्ट ब्रेक, हेल्थ इंश्योरेंस, दुर्घटना की स्थिति में कवर और पेंशन लाभ। इसके अलावा फे पेयर सिस्टम उनकी प्रमुख मांगों में शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्कर्स 10 मिनट में अल्ट्रा-फास्ट डिलीवरी मॉडल को खत्म करने की भी मांग कर रहे हैं। सरकार से क्या मांग कर रही हैं यूनियनें? वर्कर्स यूनियन ने केंद्र और राज्य सरकारों से उनकी मांग पर तुरंत कार्रवाई करने को कहा है। वे प्लेटफॉर्म कंपनियों के लिए सख्त नियम, लेबल लॉ का सही तरीके से पालन, गिग वर्कर्स के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएं और यूनियन बनाने व सामूहिक रूप से बातचीत करने के अधिकार की आधिकारिक मान्यता की मांग कर रहे हैं। यूनियन नेता शेख सल्लाउद्दीन ने कहा कि असुरक्षित कार्य प्रणालियों, घटती कमाई और किसी भी तरह की सामाजिक सुरक्षा के अभाव के कारण डिलीवरी वर्कर्स को उनकी सीमाओं से परे धकेला जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह हड़ताल न्याय, गरिमा और जिम्मेदारी की मांग के लिए है और सरकार मूकदर्शक नहीं बनी रह सकती। जबकि कंपनियां वर्कर्स की जान की कीमत पर मुनाफा कमा रही हैं। अब तक सरकार ने गिग वर्कर्स की क्या मदद की है? यह हड़ताल ऐसे समय में हो रही है, जब सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को औपचारिक मान्यता देने के लिए नए श्रम सुधार लागू किए हैं। 21 नवंबर 2025 से लागू हुए संशोधित सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security) के तहत अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अपने वार्षिक टर्नओवर का 1–2% एक सोशल सिक्योरिटी फंड में जमा करना होगा। हालांकि, यह योगदान गिग वर्कर्स को किए गए कुल भुगतान के अधिकतम 5% तक सीमित रहेगा। इस फंड का उद्देश्य हेल्थ इंश्योरेंस, दुर्घटना बीमा और मातृत्व लाभ जैसी कल्याणकारी योजनाओं को सपोर्ट देना है। नए नियमों में आधार से जुड़े यूनिवर्सल अकाउंट नंबर को भी अनिवार्य किया गया है ताकि वर्कर्स अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर काम करते समय अपने लाभों को साथ ले जा सकें। इसके साथ ही गिग और प्लेटफॉर्म वर्क की कानूनी परिभाषा का भी विस्तार किया गया है। हालांकि कई कंपनियों ने इन बदलावों का स्वागत किया है और कहा है कि इससे स्पष्टता आएगी और वर्कर्स को बेहतर सुरक्षा मिलेगी। लेकिन यूनियनों का कहना है कि यह सिर्फ पहला कदम है। उनके मुताबिक न्यूनतम वेतन, वर्कर्स की सुरक्षा और एल्गोरिदम आधारित नियंत्रण जैसी गहरी समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।  

ममता बनर्जी के लिए चुनौती: बंगाल में हुमायूं कबीर समेत तीन मुस्लिम नेताओं की सक्रियता

कलकत्ता पश्चिम बंगाल की राजनीति तेजी से गरमा रही है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव होना है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए यहां सत्ता बचाने की चुनौती है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) यहां पहली बार सरकार बनाने तमन्ना लिए बैठी है। इस सबके बीच चुनावी बिसात पर बागी विधायक हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी की दिक्कतें बढ़ा दी है। कबीर के एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन औवेसी और इंडिया सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के प्रमुख पीरजादा अब्बास सिद्दीकी से संपर्क साधने से राज्य की राजनीति में गरमाहट आ गई है। दूसरी तरफ तो भाजपा ने अपने मजबूत बूथ प्रबंधन से बदलाव की स्थिति बनाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच लगभग सीधा मुकाबला है। कांग्रेस और तीन दशक तक राज्य में सत्ता पर काबिज रही माकपा और उसके सहयोगी दल हाशिए पर जा चुके हैं। ऐसे में तृणमूल से बाहर निकले हुमायूं तीसरी ताकत के रूप में उभरने की कोशिश में है। हालांकि वह अकेले एक क्षेत्र विशेष तक सीमित है पर यदि उनको औवेसी व पीरजादा का साथ मिला तो कई सीटों पर समीकरण प्रभावित कर सकते हैं। तीन मुस्लिम नेता एक साथ औवेसी ने हाल में बिहार में जो सफलता हासिल की है उससे साफ हुआ है कि मुस्लिम मतदाताओं ने इस पार्टी को स्वीकार करना शुरू कर दिया है। आईएसएफ ने पिछले चुनाव में ही अपनी स्थिति साफ कर दी थी, जब उसने एक सीट जीत ली थी। ऐसे में अगर तीन प्रमुख मुस्लिम नेता एक मंच पर आते हैं तो मुसलमानों के बीच वह अपनी पैठ बढ़ा सकते हैं। ध्रुवीकरण से ममता को नुकसान बंगाल की लगभग 30% मुस्लिम आबादी है। हुमायूं कबीर जिस तरह से माहौल बना रहे हैं उसमें वह अगर मुस्लिम मतों का थोड़ा भी ध्रुवीकरण करने में सफल रहते हैं तो ममता बनर्जी को काफी नुकसान हो सकता है। इसका फायदा भाजपा को मिल सकता है। भाजपा विधायक भी मैदान में डटे भाजपा ने तमाम विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भी अपना विस्तार किया है। उसके विधायक मैदान में डटे रहे हैं। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व पहले से ही आक्रामक और राज्य की मौजूदा स्थितियों में और ज्यादा आक्रामकता दिखाकर ममता बनर्जी की दिक्कतें बढ़ाएगा। पिछली बार भाजपा अपने बूथ प्रबंधन में कमजोर रही थी, इसलिए पार्टी ने इस बार पूरा जोर बूथ प्रबंधन पर लगाया है।

टोरंटो यूनिवर्सिटी के नजदीक गोलीबारी से दहशत, भारतीय छात्र की हत्या

टोरंटो कनाडा के टोरंटो शहर में यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो स्कारबोरो (UTSC) परिसर के पास गोलीबारी में 20 साल के एक भारतीय छात्र शिवांक अवस्थी की मौत हो गई। यह घटना टोरंटो में भारतीय नागरिकों से जुड़ी दूसरी गंभीर हिंसक वारदात के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है। इससे पहले हाल ही में 30 वर्षीय भारतीय मूल की महिला हिमांशी खुराना की भी हत्या कर दी गई थी। पुलिस इस मामले में टोरंटो निवासी अब्दुल गफूरी की तलाश कर रही है। उनकी मौत पर टोरंटो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने गहरा शोक व्यक्त किया है। शिवांक भारत से जाकर वहां पीएचडी कर रहे थे। भारतीय दूतावास ने एक्स पर बयान जारी कर इस घटना पर शोक जताया है। दूतावास ने कहा, “यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो स्कारबोरो परिसर के पास हुई गोलीबारी की घटना में युवा भारतीय डॉक्टोरल छात्र श्री शिवांक अवस्थी की दुखद मृत्यु से हमें गहरा आघात पहुंचा है। इस कठिन समय में वाणिज्य दूतावास शोकाकुल परिवार के संपर्क में है और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय में हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है।” पुलिस के अनुसार, शिवांक अवस्थी को मंगलवार को हाइलैंड क्रीक ट्रेल और ओल्ड किंग्स्टन रोड इलाके में गोली मारी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें गंभीर हालत में पाया और घटनास्थल पर ही मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि हमलावर पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए थे। घटना के बाद सुरक्षा कारणों से विश्वविद्यालय परिसर को कुछ समय के लिए लॉकडाउन किया गया। यह हत्या इस वर्ष टोरंटो में दर्ज की गई 41वीं हत्या है। छात्रों में भय और आक्रोश इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो स्कारबोरो के छात्रों में भय और गुस्से का माहौल है। सोशल मीडिया मंच रेडिट पर एक छात्र ने लिखा कि शिवांक को दिनदहाड़े परिसर के भीतर स्थित घाटी क्षेत्र में गोली मारी गई, जो छात्रों द्वारा अक्सर इस्तेमाल किया जाता है और जिसे विश्वविद्यालय प्रमुख क्षेत्र के रूप में प्रचारित करता रहा है। छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं और कहा है कि वे पहले भी सुरक्षा की कमी को लेकर शिकायतें कर चुके हैं। कई छात्रों ने आशंका जताई कि सीमित जानकारी और संदिग्धों के बारे में स्पष्ट विवरण न होने के कारण अब वे देर शाम की कक्षाओं और परीक्षाओं में शामिल होने से डर रहे हैं। कौन थे शिवांक? शिवांक अवस्थी यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो स्कारबोरो की चीयरलीडिंग टीम के भी सक्रिय सदस्य थे। टीम ने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “हम अपने प्रिय साथी शिवांक अवस्थी के अचानक चले जाने से स्तब्ध और बेहद दुखी हैं। वह अभ्यास के दौरान हमेशा सबका हौसला बढ़ाते थे और सभी के चेहरे पर मुस्कान ले आते थे। वह हमेशा हमारे UTSC चीयर परिवार का हिस्सा रहेंगे।”

बॉक्सिंग डे टेस्ट: जोश टंग के ‘पंजे’ से ऑस्ट्रेलियाई टीम ध्वस्त, दिन का स्कोर 152

सिडनी  ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट मैच के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया 152 रनों के स्कोर पर ऑलआउट हो गई है। मैच के पहले दिन इंग्लैंड के गेंदबाजों का कहर देखने को मिला है। इंग्लिश गेंदबाज जोश टंग ने 5 विकेट हासिल किए हैं। वहीं, एस्किंटन को 2, कार्स को 1 और बेनस्टोक्स को 1 सफलता मिली है। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी इंग्लिश टीम ने शुरुआत से ही ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाजों को पिच पर टिकने नहीं दिया। 27 रन के स्कोर पर ही ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड को आउट करके इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत की। उसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। ऑस्ट्रेलिया की ओर से माइकल नेसर ने सर्वाधिक 35 रन बनाए। उस्मान ख्वाजा ने 29 और एलेक्स कैरी ने 20 रनों की पारी खेली। ऑस्ट्रिलियाई दिग्गज स्टीव स्मिथ 9 रन के निजी स्कोर पर आउट हुए। ट्रेविस हेड भी 12 रन के स्कोर पर चलते बने। इंग्लैंड के गेंदबाज जोश टंग ने शानदार गेंदबाजी करते हुए सलामी बल्लेबाज जेक वेदरलैंड को उनके निजी स्कोर 10 रन पर चलता किया। उसके बाद टंग ने दिग्गज मानर्स लाबुशेन को भी जो रूट के हाथों कैच आउट करा दिया। टंग ने स्टीव स्मिथ के सामने भी आग उगली। उन्हें ज्यादा समय टिकने नहीं दिया और 9 के व्यक्तिगत स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। जोश टंग ने अपनी धारदार गेंदबाजी से इस पारी के सर्वाधिक स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज माइकल नेसर को भी आउट किया। इसके बाद आखिरी विकेट को भी गिराने में उन्होंने देर नहीं लगाई स्कॉट बोलेंड को भी तुरंत आउट करके ऑस्ट्रेलिया को 152 के स्कोर पर धराशायी कर दिया। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया की इस पारी में कैमरून ग्रीन को रन आउट होकर पवेलियन जाना पड़ा। उन्हें कार्स ने रन आउट किया।

पंजाब में बढ़ती ठंड से जनजीवन प्रभावित, कोहरे–शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट; 6 फ्लाइट्स कैंसिल

चंडीगढ़  पंजाब और चंडीगढ़ में ठंड ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक शीतलहर और घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे दिन और रात दोनों समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। हालांकि इस दौरान मौसम शुष्क बना रहेगा। बीते 24 घंटों में राज्य के न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सबसे कम तापमान फरीदकोट में 4.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। आदमपुर में शीतलहर का असर देखा गया, जबकि गुरदासपुर और पठानकोट में घना कोहरा छाया रहा। कोहरे के चलते चंडीगढ़ एयरपोर्ट से 6 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। सुबह के समय चंडीगढ़, मोहाली और आसपास के इलाकों में घनी धुंध छाई रही। कई जगहों पर विजिबिलिटी घटकर 50 से 199 मीटर तक पहुंच गई, जिससे आम जनजीवन और यातायात प्रभावित हुआ। इन जिलों में घना कोहरा मौसम विभाग के अनुसार आज पठानकोट, नवांशहर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली में घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है।वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर और बठिंडा में शीतलहर के साथ घना कोहरा रहने के आसार हैं। तापमान में तेज गिरावट अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में तापमान 0.2 से 5.2 डिग्री तक नीचे गया है। चंडीगढ़: 17.4°C अमृतसर: 19.7°C लुधियाना: 21.2°C पटियाला: 14.6°C पठानकोट: 20.6°C बठिंडा: 23.5°C रूपनगर: 20.1°C मानसा: 24.1°C आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार 27 से 29 दिसंबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा और शीतलहर बनी रहेगी। हालांकि इस दौरान मौसम शुष्क रहेगा।27 दिसंबर को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जबकि 30–31 दिसंबर को नया सिस्टम सक्रिय होने से पहाड़ों पर बर्फबारी और पंजाब के कुछ जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी है।

शीतलहर से राजस्थान कांपा, सीकर में बर्फबारी जैसे हालात; 11 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी

 जयपुर  राजस्थान में सर्दी ने एक बार फिर तीखा तेवर दिखाया है। प्रदेश में शीतलहर का असर तेज हो गया है और तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विज्ञान केंद्र ने अगले 3 से 4 दिनों तक कड़ाके की ठंड बने रहने की चेतावनी जारी करते हुए उत्तर-पूर्वी राजस्थान के 11 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया है। शुक्रवार सुबह जयपुर सहित आसपास के जिलों में आसमान में बादल छाए रहे। ठंडी हवाओं के चलते सुबह और शाम गलन बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में तापमान गिरने से पाला जमने लगा है, जिससे फसलों को नुकसान की आशंका भी बढ़ गई है। सीकर, जयपुर, नागौर और अलवर समेत कई जिलों में बीते दो दिनों में तापमान 8 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। सीकर और अलवर के कुछ इलाकों में खेतों पर बर्फ की पतली परत जमने की खबर है। वहीं फतेहपुर में इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अलवर में करीब 18 दिन बाद न्यूनतम तापमान फिर 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे पहले 19 दिसंबर को प्रदेश का सबसे कम तापमान 4.8 डिग्री दर्ज किया गया था। जैसलमेर में सुबह और शाम घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता प्रभावित हुई। मौसम विभाग के अनुसार शेखावाटी क्षेत्र के सीकर, चूरू, झुंझुनूं, साथ ही नागौर, अलवर, करौली, धौलपुर और भरतपुर में शीतलहर का असर सबसे ज्यादा है। इन इलाकों में दिन में भी ठंडी हवाएं चलती रहीं। गुरुवार को कई शहरों में इस सीजन की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई।जयपुर में न्यूनतम तापमान 8.8°C, नागौर 1.9°C, सीकर 3°C, कोटा 8.2°C, बारां 5.8°C, फतेहपुर 1.6°C और करौली में 4.6°C रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह-शाम अतिरिक्त सतर्कता बरतने, गर्म कपड़े पहनने और किसानों को फसलों की सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी है।