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28 दिसंबर का भविष्यफल: सभी 12 राशियों के लिए क्या कहता है सितारों का हाल

मेष आज का दिन आपके लिए एनर्जी से भरपूर होगा। आज आप जिस भी काम में हाथ डालेंगे, उसे पूरे कॉन्फिडेंस के साथ पूरा करेंगे। आज आपको ऑफिस या बिजनेस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है इस वजह से मन खुश रहेगा। काफी लंबे समय के बाद आपको अपने परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। बस इस चीज का ध्यान रखें कि गुस्से में आकर आपको कोई भी फैसला नहीं लेना है। वृषभ आज वृषभ राशि वालों की मेहनत रंग लाती दिख रही है। पैसों से जुड़ा कोई मामला आज सुलझ सकता है। नौकरीपेशा लोगों की मेहनत आज रंग लाएगी। आज परिवार में खुशियों का माहौल होगा। बस आज अपनी सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी बरतें। खानपान को लेकर लापरवाही ना करें। मिथुन आज नए लोगों से संपर्क करने के लिए अच्छा दिन है। आपकी बातों से लोग इन्फ्लुएंस होते हैं और आज भी होंगे। ऐसे में सही चीजों पर ही बोलें। आपकी यात्रा के योग बन रहे हैं तो आने वाले समय में आप यात्रा कर सकते हैं। हो सकता है कि मन आज थोड़ा सा भटके। ऐसे में आज सिर्फ जरूरी काम में ही फोकस बनाकर रखें। कर्क आज आप इमोशनल तौर से थोड़े से सेंसेटिव हो सकते हैं। किसी पुराने मुद्दे पर फिर से सोच-विचार कर सकते हैं। परिवार के साथ रहें। इससे आपको मानसिक शांति मिलेगी। काम के मामले में थोड़ा धैर्य बनाकर रखना होगा। सिंह आज आपका कॉन्फिडेंस एकदम नेक्स्ट लेवल होगा। ऑफिस में आपके काम की तारीफ हो सकती है। लव लाइफ फिर से ट्रैक पर आएगी और आज पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आपके खर्चे अब बढ़ सकते हैं। ऐसे में अपने बजट का पूरा ख्याल रखें। कन्या आज आप काम का प्रेशर फील कर सकते हैं। अपने मेहनत से आप हर चुनौती को पार कर लेंगे। सीनियर्स का सपोर्ट मिलेगा। परिवार में कोई गुड न्यूज मिल सकती है। अच्छी सेहत के लिए आराम की भी जरूरत है। रूटीन को हमेशा फॉलो करें। तुला आज आप प्रोफेशनल लाइफ में काफी फोकस्ड रहने वाले हैं। जो प्लानिंग आप लंबे समय से कर रहे थे, उसमें आज सफलता मिलेगी। सेहत में सुधार आने के चांस हैं। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात हो सकती है। अपनी सेहत का ध्यान रखें। वृश्चिक आज आपके मन में नए विचार आएंगे। ऑफिस में काम की तारीफ होगी। कलीग्स का सपोर्ट मिलेगा। आर्थिक स्थिति अब धीरे-धीरे सुधरेगी। स्क्रीन टाइमिंग कम करें और रात में सोने का समय निर्धारित करें। देर रात भारी खाना ना खाएं। धनु आज हर एक चीज में बैलेंस बनाकर चलने की जरूरत है। हो सकता है कि आज पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर गलतफहमी हो। ऐसे में आज क्लैरिटी के साथ बात करने की जरूरत है। बस इस बात का ध्यान रखें कि जल्दबाजी में कोई भी फैसला ना लें। मकर आज आप मानसिक रूप से मजबूत महसूस करेंगे। कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में ना लें। चीजों को सोच-समझकर ही आगे बढे़ं। आज लव लाइफ मजबूत होगी। कामकाज के मामले में सही प्लानिंग की जरूरत होगी। अपनी पर्सनल बातें किसी से भी शेयर ना करें। कुंभ आज भाग्य आपका पूरा साथ देने वाला है। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन अच्छा है। आज आपको अच्छा रिजल्ट मिल सकता है। सीनियर्स का पूरा सपोर्ट मिलने वाला है। यात्रा के योग बन रहे हैं। बाहर का खाना कम ही खाएं। अपनों के साथ वक्त बिताने की सोचें। मीन आज मन शांत रहेगा। अंदर से आप काफी इमोशनल फील करने वाले हैं। हो सकता है कि आज धार्मिक काम में मन लगे। लव लाइफ में चीजें आसान होती दिखेंगी। आज कोई भी फैसला लेने से पहले उसके हर पहलू को सोच लें।  

बंगाली मजदूरों पर कथित उत्पीड़न को लेकर ममता बनर्जी का केंद्र और भाजपा शासित राज्यों पर तीखा हमला

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों के साथ हो रहे कथित अत्याचारों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाली बोलने वाले प्रवासी मजदूरों और उनके परिवारों पर हो रहे हमलों और परेशानियों की वह निंदा करती हैं। साथ ही, ममता सरकार दबे-कुचले, डरे-सहमे और परेशान बंगाली भाषी प्रवासी परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। सीएम ममता बनर्जी ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "हम भाजपा शासित हर राज्य में बंगाली बोलने वाले लोगों पर हुए क्रूर अत्याचार और परेशानी की कड़ी निंदा करते हैं। हम दबे-कुचले, डरे-सहमे और परेशान बंगाली बोलने वाले प्रवासी परिवारों के साथ खड़े हैं, हम उन परिवारों को हर मुमकिन मदद देंगे।  इंसान की जान की कोई कीमत नहीं होती, लेकिन अगर मौत होती है, तो हमने पैसे का मुआवजा देने का वादा किया है।" ओडिशा में हुई हालिया घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में भाजपा शासित राज्य ओडिशा में जंगीपुर इलाके के कुछ प्रवासी मजदूरों पर कई तरह के अत्याचार हुए हैं। यह बहुत दुख की बात है कि 24 दिसंबर को जंगीपुर के सुती इलाके के एक युवा प्रवासी मजदूर की संबलपुर में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मुर्शिदाबाद में प्रवासी मजदूर डर के मारे ओडिशा से घर लौट रहे हैं। इस दिल दहला देने वाली घटना में, हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं, और मृतक के परिवार को हमारी तरफ से आर्थिक मदद भी उन तक पहुंचेगी। सीएम ममता ने एक्स पोस्ट में आगे लिखा, "भाजपा शासित राज्यों में हुई इन सभी घटनाओं में हम दोषियों की निंदा करते हैं और पीड़ितों को हर मुमकिन मदद का वादा करते हैं। बंगाली बोलना कोई जुर्म नहीं हो सकता।" मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने ज्वेल राणा की मौत के मामले में सुती पुलिस स्टेशन में पहले ही जीरो FIR दर्ज कर ली है और 6 लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है। मेरी राज्य पुलिस टीम जांच के लिए ओडिशा गई है।

स्मार्ट मीटरिंग और निगरानी से मजबूत हुई बिजली वितरण प्रणाली

15,26,801 डीटी मीटर स्वीकृत, 2,29,898 स्थापित, बिजली वितरण प्रणाली में तकनीकी मजबूती 25,224 फीडर मीटर  स्थापित, फीडर स्तर पर निगरानी से लाइन लॉस पर नियंत्रण लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में जिस गति और स्तर पर तकनीकी परिवर्तन का साक्षी बन रहा है, वह न केवल प्रदेश का बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल बनता जा रहा है। वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था में स्मार्ट मीटरिंग के जरिए पारदर्शिता, दक्षता और उपभोक्ता हितों के संरक्षण का वर्ष साबित हुआ है। यूपी में अब तक लगभग 68,24,654 (68 लाख, 24 हजार, 654) स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश लगातार अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अभी तक प्रदेश में पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत 3,20,187 सौर ऊर्जा इंस्टॉलेशन हो चुके हैं। यही नहीं यूपी सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में सुधार को प्राथमिकता देते हुए उपभोक्ताओं के हितों को केंद्र में रखकर काम किया है। डिजिटल तकनीक आधारित ‘स्मार्ट मीटरिंग प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत न केवल बिजली वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आई है, बल्कि राजस्व संग्रहण में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्मार्ट मीटरिंग से पारदर्शिता और नियंत्रण उत्तर प्रदेश में 3,09,78,280 (3 करोड़, 9 लाख 78 हजार 280) स्मार्ट मीटर स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 68,24,654 (68 लाख 24 हजार 654) मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोग को डिजिटल रूप से ट्रैक करने और बिलिंग प्रक्रिया को सटीक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया है। स्मार्ट मीटरों से उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग, वास्तविक खपत का आकलन और बिजली चोरी पर अंकुश जैसे अनेक लाभ मिल रहे हैं। पहले जहां अनुमान आधारित बिलिंग से उपभोक्ताओं को शिकायतें रहती थीं, वहीं अब वास्तविक उपयोग के आधार पर पारदर्शी बिल मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार कहा है, “स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम न केवल तकनीकी सुधार है, बल्कि उपभोक्ता के प्रति जवाबदेही का प्रतीक भी है।” डीटी मीटरों से बिजली वितरण में सुधार बिजली वितरण को और अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने के लिए योगी सरकार ने डिस्ट्रिब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (डीटी) मीटरिंग पर विशेष ध्यान दिया है। अब तक 15,26,801 (15 लाख 26 हजार 801) डीटी मीटर स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 2,29,898 (2 लाख 29 हजार 898) मीटर स्थापित हो चुके हैं। यह व्यवस्था हर ट्रांसफॉर्मर पर बिजली के प्रवाह और खपत की निगरानी को सटीक बनाती है। डीटी मीटर से यह पता लगाना आसान होता है कि किन क्षेत्रों में बिजली की हानि सबसे अधिक है और कहां पर तकनीकी सुधार की आवश्यकता है? इस तकनीक के माध्यम से बिजली चोरी में कमी आई है और लाइन लॉस कम हो रहा है। फीडर मीटरिंग से मजबूत हुआ बिजली आपूर्ति नेटवर्क उत्तर प्रदेश में बिजली नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए 25,224 फीडर मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। यह व्यवस्था यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक फीडर स्तर पर बिजली आपूर्ति और उपभोग का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहे। फीडर मीटरिंग से आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और ग्रामीण व शहरी दोनों इलाकों में बिजली वितरण की विश्वसनीयता बढ़ी है। उपभोक्ताओं के हित में तकनीक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार का लक्ष्य केवल तकनीकी उन्नयन ही नहीं, उपभोक्ताओं के हितों को भी सशक्त बनाना है। स्मार्ट मीटर से अब उपभोक्ता अपने मोबाइल या ऑनलाइन पोर्टल के जरिए बिजली उपयोग का रियल टाइम डेटा देख सकते हैं। इससे बिलिंग विवाद घटे हैं और उपभोक्ता अपनी खपत पर खुद नियंत्रण रख पा रहे हैं। साथ ही भुगतान प्रणाली को भी ऑनलाइन और पारदर्शी बनाकर सरकार ने डिजिटल इंडिया के विजन को दृढ़ता प्रदान करने का काम किया है। बिजली बिल राहत योजना का उपभोक्ताओं को मिल रहा लाभ  बिजली बिल राहत योजना में 16 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने पंजीकरण कराया है। 1323 करोड़ की राजस्व धनराशि प्राप्त हुई। सबसे अधिक पूर्वांचल डिस्काम में 6 लाख से ज्यादा पंजीकरण हुआ है।

अरावली पर्वतमाला हमारी अमूल्य धरोहर: अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के लिए विशेष अभियान की घोषणा

जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अरावली पर्वतमाला प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है और राज्य सरकार इसके संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट रुख है कि अरावली के स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए अरावली जिलों में वन एवं पर्यावरण, खान तथा पुलिस सहित संबंधित विभागों की ओर से संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय से इस संबंध में कड़ी कार्रवाई करें। शर्मा ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित वन एवं पर्यावरण और खान विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अरावली क्षेत्र में किसी भी प्रकार के नए खनन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस संबंध में केन्द्र सरकार की ओर से भी निर्देश जारी किए गए हैं। ये निर्देश पूरे अरावली भू-भाग पर समान रूप से लागू होंगे। इससे पर्वत श्रंृखला के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखा जा सकेगा और अनियमित व अवैध खनन पर प्रभावी रूप से रोक लग सकेगी।   मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने खनन लीज जारी करने में सुप्रीम कोर्ट और सीईसी द्वारा समय-समय पर जारी की गई गाइडलाइंस के साथ ही सभी पर्यावरण सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि अरावली पर्वतमाला को हरा-भरा बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये की हरित अरावली विकास परियोजना बनाई गई है। परियोजना के तहत अरावली जिलों के 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सघन वृक्षारोपण करवाया जा रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय, वन एवं पर्यावरण तथा खान विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

डर से उम्मीद तक: पहलगाम हमले के बाद घाटी में लौटी रौनक, सैलानियों ने बढ़ाया उत्साह

पहलगाम 22 अप्रैल 2025 की तारीख को कभी भुलाया नहीं जा सकता है, क्योंकि इस दिन कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 26 मासूम लोगों को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद ऑपरेशन सिंदूर हुआ और कश्मीर के स्थानीय लोगों पर भी सवाल उठे। इस दर्दनाक घटना के बाद जम्मू-कश्मीर में पर्यटकों की संख्या में कमी देखने को मिली थी, लेकिन आठ महीनों बाद फिर से घाटियों में रौनक लौट आई है। नया साल मनाने के लिए पर्यटकों की भीड़ पहलगाम में दिख रही है। पहलगाम पहुंचे पर्यटकों से बातचीत की है।  दीक्षा नाम की टूरिस्ट ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कश्मीर के लोग बहुत अच्छे हैं और वे पहली बार कश्मीर आई हैं। उन्होंने कहा, "मैं हरियाणा के हिसार से आई हूं। कश्मीर में यह मेरा पहला अनुभव है और यह सचमुच बहुत सुंदर है। यहां सुरक्षा व्यवस्था बहुत अच्छी है और हम नव वर्ष मनाने आए हैं। कश्मीरी लोगों का पूरा सहयोग मिल रहा है और वे हर छोटी मदद करने के लिए तैयार हैं। दीक्षा के पति गौतम ने बताया कि पहलगाम, सोनमर्ग और गुलमर्ग में भारी बर्फबारी हुई है और कश्मीर की वादियां किसी को भी आकर्षित कर सकती हैं। बहुत सारे लोग दूर-दूर से घूमने के लिए पहुंच रहे हैं। व्यवस्था भी बहुत अच्छी है। हम यहां अच्छी यादें संजोने के लिए आए हैं। एक अन्य पर्यटक ने बताया कि वे तीसरी बार पहलगाम आए हैं और अब पहले से माहौल अच्छा हो गया है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोग बहुत सपोर्टिव हैं और हर तरह की मदद कर रहे हैं। उनका बोलने का लहजा बहुत प्यारा है। नए साल को देखते हुए देश के अलग-अलग राज्यों से पर्यटक बर्फबारी का मजा लेने के लिए कश्मीर पहुंच रहे हैं और सुंदर वादियों के नजारों का लुफ्त उठा रहे हैं। पहलगाम हमले के बाद जम्मू और कश्मीर के पर्यटन पर बड़ा प्रभाव पड़ा था। जम्मू और कश्मीर का मुख्य व्यवसाय ही पर्यटन है, जहां की दुकानों से लेकर होटल पर्यटकों के आने पर चलते हैं। ऑफ सीजन में स्थानीय लोगों की कमाई कम होती है, लेकिन बर्फबारी के सीजन में घाटी और स्थानीय लोगों के चेहरों पर मुस्कान आ जाती है।

अनुभव पर भरोसा: रिटायर्ड IAS अधिकारी को मिली अहम भूमिका, अधिसूचना जारी

चंडीगढ भारत सरकार ने एक गजट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें रिटायर्ड इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) ऑफिसर श्री आर. एस. वर्मा को स्टेट एनवायरनमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (SEIAA), हरियाणा का मेंबर अपॉइंट किया गया है। श्री आर. एस. वर्मा के पास BA, LLB, और MBA की डिग्री है और हरियाणा सरकार में उनका 32 साल से ज़्यादा का शानदार एडमिनिस्ट्रेटिव करियर रहा है। अपनी लंबी और शानदार सर्विस के दौरान, उन्होंने कई अहम और सेंसिटिव पोस्ट पर काम किया है और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन और एनवायरनमेंटल गवर्नेंस में अहम योगदान दिया है। उन्होंने पहले राज्य सरकार में डायरेक्टर, एनवायरनमेंट, स्पेशल सेक्रेटरी, एनवायरनमेंट, और डिप्टी कमिश्नर, रोहतक जैसे कई दूसरे अहम एडमिनिस्ट्रेटिव पोस्ट पर काम किया है। एडमिनिस्ट्रेशन, कानून, मैनेजमेंट और एनवायरनमेंटल मामलों में उनके बहुत ज़्यादा अनुभव से SEIAA, हरियाणा के कामकाज को मज़बूती मिलने की उम्मीद है। यह अपॉइंटमेंट भारत सरकार के तय नियमों के मुताबिक किया गया है, और इस बारे में ऑफिशियल गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। सरकार ने भरोसा जताया है कि श्री आर.एस. वर्मा का अनुभव, ईमानदारी और पर्यावरण और एडमिनिस्ट्रेटिव मामलों की गहरी समझ हरियाणा में असरदार पर्यावरण मूल्यांकन और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में अहम योगदान देगी।

मौसम बना आफत: कोहरे के चलते अमृतसर–चंडीगढ़ की हवाई सेवाएं प्रभावित

अमृतसर  पंजाब में कोहरे का असर न सिर्फ रोड ट्रैफिक बल्कि एयर ट्रैफिक पर भी पड़ने लगा है। आज पंजाब के साथ-साथ चंडीगढ़ के कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी जीरो रही। इस घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर एयर ट्रैफिक पर पड़ा है। जानकारी के मुताबिक, कोहरे की वजह से अमृतसर एयरपोर्ट पर कुल चार फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ीं। हालात तब और बिगड़ गए जब दिल्ली से अमृतसर जा रही पैसेंजर्स से भरी एक फ्लाइट को कोहरे की वजह से लैंड नहीं करने की इजाजत नहीं  मिली और उसे वापस लौटना पड़ा। इसके अलावा, कतर एयरवेज की फ्लाइट जो सुबह 4:20 बजे अमृतसर से दोहा के लिए निकलने वाली थी, वह भी टेक ऑफ नहीं कर सकी। दिल्ली, श्रीनगर, बेंगलुरु, हैदराबाद और शिमला समेत दूसरे शहरों से आने-जाने वाली कई घरेलू फ्लाइट्स भी देरी से शुरू हुईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर क्या हुआ कोहरे की वजह से चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर भी फ्लाइट्स पर असर पड़ा। चंडीगढ़ से दिल्ली जाने वाली सुबह 5:45 बजे की फ्लाइट कैंसिल कर दी गई। इसके अलावा जयपुर से सुबह 7:15 बजे आने वाली फ्लाइट और बेंगलुरु से सुबह 7:30 बजे आने वाली फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट कर दिया गया। अबू धाबी से सुबह 7:45 बजे आने वाली फ्लाइट भी देर से पहुंची। इसके अलावा सुबह 9:00 बजे तक जाने वाली सभी फ्लाइट्स देरी से चल रही हैं। 

जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठी अयोध्या, दर्शन के लिए लगी लंबी कतारें

अयोध्या साल 2025 खत्म होने वाला है और नया साल 2026 दस्तक देने को तैयार है। इस बीच, नए साल की शुरुआत आध्यात्मिक तरीके से करने के लिए देशभर से श्रद्धालु तीर्थ स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। शनिवार को भारी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। यहां भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा और लंबी कतारों में खड़े भक्त मंदिर में प्रवेश करने के लिए आतुर नजर आए। उनके चेहरों पर वह ताजगी और उत्साह साफ झलक रहा था, मानो कुछ ही पलों में भगवान राम से मिलने का उनका सपना पूरा होने वाला हो। प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में चल रहे आयोजनों और नए साल के अवसर पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी आमद हो रही है। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं, जिसमें दर्शन समय बढ़ाना और अतिरिक्त कतारें शामिल हैं। कुछ पर्यटकों के साथ आईएएनएस ने बातचीत की। एक पर्यटक ने कहा कि हम लाइन में काफी देर से हैं। राम मंदिर के बारे में काफी सुना है, इसीलिए उन्हें देखने की लालसा कोलकाता से मुझे यहां खींचकर लाई है। उन्होंने कहा कि अब तक सब अच्छा लग रहा है। हम बस अंदर जाने वाले हैं और यह बहुत अच्छा होगा। अलग-अलग जगहों से लोग आए हैं, यह अच्छी बात है। अब तक कोई दिक्कत नहीं हुई है। लोग आध्यात्मिकता में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हैं और भगवान के विभिन्न रूपों के दर्शन कर रहे हैं। एक अन्य पर्यटक ने बताया कि मैं अभी अंदर जा रहा हूं; अंदर जाने के बाद मैनेजमेंट का पता चलेगा। मैं पहली बार आया हूं। मेरी यह यात्रा मेरे परिवार के लिए अच्छी हो, सबके लिए अच्छी हो। एक भक्त ने कहा कि यहां बहुत अच्छा लग रहा है। हम नए साल की शुरुआत यहीं करने का प्लान बना रहे हैं। अभी बहुत ठंड है, लेकिन हम देखेंगे कि दिन कैसा बीतता है और दर्शन कैसे होते हैं। राम मंदिर के अलावा नए साल से पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। शनिवार होने के कारण भीड़ और बढ़ गई है। गोरखपुर से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से अच्छी व्यवस्थाएं की गई हैं। एक भक्त ने बताया कि भीड़ बहुत ज्यादा है; हम आधे घंटे लाइन में लगे रहे, लेकिन व्यवस्था अच्छी है।  

दुग्ध संकलन के साथ किसानों की आय बढ़ाने हो रहे हैं समन्वित प्रयास : पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री पटेल

सुनियोजित रणनीति अपनाते हुए किये जा रहे हैं नवाचार गौवंश के अवैध परिवहन पर वाहन किये जायेंगे राजसात पशुओं की नस्ल सुधार के लिए संचालित है हिरण्यगर्भा अभियान दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की भागीदारी 9 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य दो वर्ष की उपलब्धि और आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना की दी जानकारी भोपाल  पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने तथा पशुपालकों की आय में वृद्धि एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये निरंतर प्रयास कर रही है। हमारा यह सतत प्रयास रहा है कि पशुपालन को आजीविका का मजबूत आधार बनाया जाए। श्री पटेल ने बताया कि पिछले 02 वर्षों में प्रदेश ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के पथ पर निरंतर प्रगति की है। हमने शासन की विभिन्न योजनाओं और कार्यकमों के माध्यम से समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने का संकल्प दृढ़ता से निभाया है। हमारी सरकार ने गौवंश के संरक्षण और संवर्धन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में निराश्रित पशुओं के लिए नवीन गौशाला नीति बनाई है। राज्यमंत्री श्री पटेल शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभा हॉल में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी मीडिया प्रतिनिधियों से साझा कर रहे थे। गौसंवर्धन राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा कि गौवंश की संख्या के मामले में मध्यप्रदेश का देश में दूसरा स्थान है। प्रदेश के 1.87 करोड़ गौवंश में से लगभग 70 प्रतिशत गौवंश अवर्णित नस्ल के हैं। शासन द्वारा निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन के लिए लगभग 2500 से अधिक गौशालाओं में 4 लाख 75 हजार से अधिक निराश्रित गौवंश को आश्रय दिया गया है। इसके अतिरिक्त गौशालाओं में निराश्रित गौवंश के व्यवस्थापन हेतु दिए जाने वाले अनुदान की राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रूपये प्रतिदिन/गौवंश की गई है। राज्य शासन द्वारा गौशालाओं के अनुदान के बजट को 250 करोड प्रति वर्ष से बढ़ाकर 505 करोड़ कर दिया गया है, जिसमे से 369.02 करोड़ की राशि गौशालाओ को वितरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता और संकल्पशक्ति के प्रतिफल से हमारी सरकार ने 'स्वावलंबी गौशालाओं (कामधेनु निवास) की स्थापना नीति 2025' लागू की है। निवेशकों को परियोजनाओं की स्थापना के लिए 5 हजार गौवंश के लिये अधिकतम 130 एकड़ भूमि उपयोग हेतु दी जाएगी। साथ ही प्रत्येक 1000 गौवंश की वृद्धि पर 25 एकड़ दी जा सकेगी। इस योजना में 20 स्वावलम्बी गौशाला की स्थापना हेतु निविदा जारी की गयी, जिसकी अंतिम दिनांक 29 दिसम्बर है। दुग्ध उत्पादन मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा अनुसार देश के दुग्ध उत्पादन में प्रदेश की भागीदारी 09 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने के उददेश्य से अभिनव योजना "डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना" प्रारंभ की गई है। एक हितग्राही को एक आवेदन पर एक इकाई (25 दुधारू पशु) या एक से अधिक इकाई (अधिकतम 08 इकाईयों, 200 दुधारू पशु) लेने की पात्रता होगी। योजना अंतर्गत देशी नस्ल की गाय की इकाई की लागत 36 रूपये लाख तथा संकर नस्ल की गाय तथा भैंस की इकाई की लागत 42 लाख रूपये है। मुख्यमंत्री डेयरी प्लस कार्यक्रम के अंतर्गत पशुपालकों के भैसपालन की रूचि के अनुरूप दो दुधारू भैंस उपलब्ध करायी जाती है। पहले इस योजना को मात्र 3 जिलों सीहोर, विदिशा एवं रायसेन जिलों में थी, जिसे वर्ष 2024-25 से पूरे प्रदेश में लागू किया गया है। सहकारिता के माध्यम से दुग्ध संकलन व प्रसंस्करण सरकार द्वारा सहकारी प्रणाली और सांची ब्राण्ड को उन्नयन करने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड तथा संबद्ध दुग्ध संघों के संचालन एवं प्रबंधन के लिए मध्यप्रदेश शासन, एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के मध्य होने वाले सहकार्यता अनुबंध पर सहमति दी गई तथा सहकार्यता अनुबंध किया गया। हमारा लक्ष्य राज्य में औसत दुग्ध संकलन तीन वर्षों में 33 लाख लीटर प्रतिदिन से अधिक करना। सहकारिता अंतर्गत ग्रामों का कवरेज आगामी 3 वर्षों में बढ़ाकर 15 हजार से अधिक ग्रामों को कवर करना तथा दुग्ध सहकारी समिति सदस्यों की संख्या बढ़ाकर कुल 470 हजार करना। इस हेतु राज्य में 4000 करोड से अधिक का निवेश होगा। दुग्ध संघो द्वारा दूध खरीद मूल्यों में 2.50 रूपये से 8.50 रूपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई। हिरण्यगर्भा अभियान प्रदेश में पशुपालकों को समृद्ध करने हेतु पशुओं का नस्ल सुधार एक महत्वपूर्ण साधन है, इस हेतु "हिरण्यगर्भा अभियान" संचालित किया जा रहा है। परम्परागत सीमन डोज की जगह सॉर्टेड सेक्सड सीमन के ज्यादा से ज्यादा उपयोग हेतु जागरूक किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर लगभग 11500 हजार कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता (मैत्री) को प्रशिक्षित किया गया है। इन प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं में से अक्रियाशील कार्यकर्ता की पहचान कर उन्हें क्रियाशील तथा क्रियाशील कार्यकर्ताओं को रिफेंशर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दुग्ध संपर्क समृद्धि अभियान प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को दो गुना करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य पूर्ती हेतु आयोजित इस अभियान में पशुपालकों को पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य एवं नस्ल सुधार से होने वाले आर्थिक लाभ के विषय पर गृह भेंट कर उन्नत पशुपालन हेतु प्रेरित किया जा रहा है। अभियान तीन चरणों में संचालित होना है। प्रथम चरण में 10 या अधिक गाय भैंस के पशुपालक, द्वितीय में 5 या अधिक के पशुपालक तथा तृतीय चरण में 5 से कम पशुसंख्या वाले पशुपालक सम्मिलित होंगे। 

टेस्ट में लगातार नाकामी के बाद गंभीर पर सवाल, BCCI की दिग्गज से बैकडोर मीटिंग

नई दिल्ली  भारत की टेस्ट टीम को हाल ही में घरेलू मैदान पर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के भीतर टेस्ट टीम की कोचिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खबर है कि बोर्ड के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने अनौपचारिक रूप से दिग्गज क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण से संपर्क कर यह जानने की कोशिश की कि क्या वह टेस्ट टीम के कोच की भूमिका संभालने में रुचि रखते हैं। टेस्ट क्रिकेट में गंभीर का रिकॉर्ड चिंता का विषय गौतम गंभीर का व्हाइट-बॉल कोच के तौर पर रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है। उनके कार्यकाल में भारत ने एक ICC और एक ACC ट्रॉफी जीती है। हालांकि टेस्ट क्रिकेट में तस्वीर अलग नजर आती है। SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) के खिलाफ भारत को 10 टेस्ट मैचों में हार झेलनी पड़ी है, जिसने बोर्ड की चिंता बढ़ा दी है। लक्ष्मण की दिलचस्पी नहीं सूत्रों के मुताबिक, वीवीएस लक्ष्मण फिलहाल बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में ‘हेड ऑफ क्रिकेट’ की भूमिका से संतुष्ट हैं और वह सीनियर टेस्ट टीम की कोचिंग लेने के इच्छुक नहीं हैं। यही वजह है कि BCCI के पास फिलहाल गंभीर का कोई मजबूत विकल्प नहीं दिख रहा। कॉन्ट्रैक्ट पर दोबारा हो सकता है विचार गौतम गंभीर का BCCI के साथ करार 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक का है, लेकिन यह पूरी तरह भारत के आगामी T20 वर्ल्ड कप प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। यदि भारत खिताब बरकरार रखता है या फाइनल तक पहुंचता है, तो गंभीर की स्थिति और मजबूत हो सकती है। इसके उलट खराब प्रदर्शन की स्थिति में उनके कॉन्ट्रैक्ट पर पुनर्विचार संभव है। ड्रेसिंग रूम का माहौल रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा भारतीय ड्रेसिंग रूम में असमंजस की स्थिति है। कई खिलाड़ी गंभीर के कार्यकाल में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे, जबकि राहुल द्रविड़ के दौर में खिलाड़ियों की भूमिकाएं स्पष्ट थीं और उन्हें लंबा मौका मिलता था। शुभमन गिल का T20 वर्ल्ड कप टीम से बाहर होना भी इसी नीति का उदाहरण माना जा रहा है। आगे का फैसला IPL के बाद T20 वर्ल्ड कप के बाद दो महीने का IPL सीजन होगा, जिसके दौरान BCCI के शीर्ष अधिकारी भारत के प्रदर्शन का गहन विश्लेषण करेंगे। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग कोच हों या सभी फॉर्मेट के लिए एक ही कोच रखा जाए। आने वाले दो महीने ‘गुरु गंभीर’ के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं, भले ही उन्हें अभी भी BCCI के कुछ प्रभावशाली वर्गों का समर्थन हासिल है।