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पंजाब में भारी बारिश ने मचाई तबाही, चंडीगढ़ में छत गिरी, 3 बच्चे दबे, लुधियाना-मानसा में जलभराव

अमृतसर वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होने के बाद बीती रात से ही पंजाब व आसपास के राज्यों में लगातार बारिश का दौर जारी है। रातभर हुई बारिश के बाद राज्य के कई जिले जलमग्न हो गए। वहीं, मौसम विभाग ने बारिश को लेकर राज्य में ओरेंज अलर्ट जारी कर रखा है। बारिश के बाद अब आने वाले कुछ दिन धुंध का येलो अलर्ट रहेगा।  इसी बीच पंजाब के लोग बसंत पंचमी पर पतंग उड़ाने से महरूम हो गए हैं। कुछ इलाकों में बारिश थमने के बाद लोग छतों पर पतंग उड़ाने लगे हैं। जबकि कई जिलों में लोग बारिश के थमने व सूरज के निकलने का इंतजार कर रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार सुबह 8.30 बजे तक राज्य के अधिकतर जिलों में 48mm तक बारिश रिकॉर्ड की गई है।  चंडीगढ़ में बारिश के बीच मनीमाजरा में एक मकान की छत गिर गई। जिससे घर में मौजूद 3 बच्चे दब गए। तीनों को तुरंत मलबे से निकालकर अस्पताल ले जाया गया। जहां 2 बच्चों की हालत स्थिर बनी हुई है प्राथमिक जांच में सामने आया है कि मकान काफी पुराना था। बारिश की वजह से उसकी हालत और कमजोर हो गई और छत गिर गई। चंडीगढ़ में सेक्टर 32 स्थित सरकारी अस्पताल की छत की फॉल सीलिंग अचानक गिर गई। यह 6 महीने पहले ही बनाई गई थी। हालांकि किसी तरह के जानी नुकसान से बचाव रहा। चंडीगढ़ के सेक्टर 32 में चलती स्कूटी पर पेड़ गिर गया। जिससे स्कूटी पूरी तरह से दब गई और युवक भी जख्मी हो गया। पार्षद प्रेमलता ने बताया कि युवक ने हेलमेट पहना हुआ था, इस वजह से उसकी जान बच गई। पार्षद ने कहा कि उन्होंने निगम अफसरों को इसकी टहनी हटाने को कहा था लेकिन नियमों की दुहाई देकर उन्होंने कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा चंडीगढ़ में बारिश के बीच तेज हवाओं से कई जगह पेड़ों की टहनियां गिर गईं। चंडीगढ़ की सड़कों पर भी जबरदस्त जलभराव हुआ। वहीं मौसम बदलने की वजह से इंडिगो की फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। कंपनी ने बताया कि जम्मू, श्रीनगर, लेह, धर्मशाला और चंडीगढ़ में खराब मौसम के चलते फ्लाइटों का शेड्यूल प्रभावित हुआ है। हम मौसम पर लगातार नजर रखे हुए हैं। जालंधर और फाजिल्का के अबोहर में बारिश के बीच ओले गिरे। लुधियाना और मानसा की सड़कों पर जलभराव हो गया। मौसम विभाग ने 2 बजे तक प्रदेश में तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। खासकर, पटियाला और मोहाली में एहतियात बरतने के लिए कहा गया है। मौसम विभाग के अनुसार आज पूरा दिन मौसम खराब रहेगा। अगले 2 दिन बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। पंजाब के गुरदासपुर में सुबह तक 48.7 mm बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा अमृतसर में 25.2, लुधियाना में 21.4, पटियाला में 14.8, पठानकोट में 34.2, बठिंडा में 7, फरीदकोट में 6.4 और संगरूर में 20 एमएम बारिश दर्ज की गई है।   वहीं, रातभर बादल रहने के कारण हीट लॉक की स्थिति बनी, जिसके चलते तापमान में बढ़ौतरी दर्ज की गई है। राज्य के तापमान में बीते 24 घंटों के मुकाबले 6.7 डिग्री का उछाल आया है। जिसके बाद राज्य का औसत न्यूनतम तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री अधिक बना हुआ है।  बसंत पंचमी पर पतंग उड़ाने से लोग हुए महरू बसंत पंचमी को लेकर फतेहगढ़ साहिब के युवाओं में कई दिनों से खासा उत्साह था। युवाओं ने पहले से ही पतंगें खरीदकर रख ली थीं और तय किया था कि बसंत पंचमी के दिन छतों पर चढ़कर डीजे की धुनों के बीच पतंगबाजी का आनंद लिया जाएगा। लेकिन शुक्रवार सुबह से शुरू हुई लगातार बारिश ने उनके सारे अरमानों पर पानी फेर दिया। बारिश के कारण न केवल मौसम ठंडा हो गया, बल्कि युवाओं का उत्साह भी फीका पड़ गया। जिन हजारों पतंगों को आसमान में लहराने की तैयारी थी, वे अब घरों में ही बंद रह गईं। पतंग उड़ाने के शौकीन युवाओं ने निराशा जताते हुए कहा कि वे बसंत पंचमी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, लेकिन मौसम ने साथ नहीं दिया। युवाओं का कहना है कि अब उनके पास भगवान से प्रार्थना करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। वे उम्मीद कर रहे हैं कि बारिश जल्द रुके, ताकि वे अपने पसंदीदा त्योहार पर पतंग उड़ाने का सपना पूरा कर सकें।  

भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट में अड़चन, सांसद ने ब्लू लाइन का काम रोका, सियासी चर्चाएं तेज

भोपाल  भोपाल में प्रस्तावित मेट्रो प्रोजेक्ट (Bhopal Metro) को लेकर यातायात समिति की बैठक में बड़ा मुद्दा उठा। गुरुवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में आयोजित बैठक में भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने भदभदा से रत्नागिरी तिराहा तक प्रस्तावित मेट्रो की ब्लू लाइन पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई।सांसद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत माता चौराहे से लिली टॉकीज, जहांगीराबाद तक मेट्रो को एलिवेटेड की बजाय अंडरग्राउंड किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस हिस्से में अब तक जो भी काम हुआ है, उसे तुरंत रोका जाए और पूरे प्रोजेक्ट की नए सिरे से प्लानिंग की जाए। सांसद ने जाहिर की आपत्ति सांसद आलोक शर्मा (MP Alok Sharma) का कहना था कि यह इलाका शहर का अत्यंत व्यस्त और संवेदनशील क्षेत्र है, जहां मेट्रो का एलिवेटेड निर्माण यातायात, व्यापार और आम नागरिकों की आवाजाही को गंभीर रूप से प्रभावित करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की सुविधा और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अंडरग्राउंड मेट्रो पर गंभीरता से विचार किया जाए।बैठक में नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन, पुलिस कमिश्नर हरि नारायण चारी मिश्रा, एडीएम सुमित कुमार पांडे, अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अवधेश गोस्वामी सहित नगर निगम, पुलिस और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में उठे ये मुद्दे बैठक में शहर के ब्लैक स्पॉट और लेफ्ट टर्न सुधार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। अधिकारियों ने बताया कि भोपाल में कुल 16 ब्लैक स्पॉट, 37 लेफ्ट टर्न और करीब 200 बिजली के पोल व डीपी शिफ्टिंग की समीक्षा की गई है। इनमें से 11 ब्लैक स्पॉट और 27 लेफ्ट टर्न पर निर्माण कार्य के लिए एजेंसी चयन और टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बैठक में यह भी तय किया गया कि अगली यातायात समिति की बैठक में पीडब्ल्यूडी के ईएनसी, एनएचएआई, सड़क यातायात के वरिष्ठ अधिकारी और रोड सेफ्टी विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा, ताकि निर्णय प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके और शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।  

महू में फिर ‘जहरीला पानी’, 25 लोग बीमार, क्लेक्टर ने रात को किया दौरा, अलर्ट जारी

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब उससे करीब 20–25 किलोमीटर दूर महू में भी गंदे पानी ने कहर बरपाया है। महू के पत्ती बाजार और चंदर मार्ग इलाके में दूषित पानी पीने से पीलिया जैसी बीमारियों के मामले सामने आए हैं। बीते 10 से 15 दिनों में यहां करीब 25 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे शामिल हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। देर रात कलेक्टर शिवम वर्मा महू पहुंचे और हालात का जायजा लिया। बदबूदार पानी की सप्लाई जानकारी के अनुसार पत्ती बाजार, चंदर मार्ग और मोती महल क्षेत्र में नलों से मटमैला और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। इसी पानी को पीने से लोग बीमार पड़ने लगे। वर्तमान में 9 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं जबकि अन्य लोग घर पर ही उपचार ले रहे हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि संक्रमितों में छह बच्चे एक ही परिवार के बताएं जा रहे है। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं रहवासियों का कहना है कि गंदे पानी की शिकायत वे लंबे समय से कर रहे थे लेकिन समय रहते न तो पाइपलाइन बदली गई और न ही लीकेज को ठीक किया गया। लोगों के अनुसार पेयजल पाइपलाइन नालियों के बीच से होकर गुजर रही है। कई जगहों पर पाइप फटने और जोड़ कमजोर होने के कारण नालियों का गंदा पानी सीधे पाइपलाइन में मिल रहा है। इसी कारण नलों से गाद, बदबू और पीले रंग का पानी आ रहा है। रहवासियों का आरोप है कि बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने अनदेखी की जिसका नतीजा अब बीमारी के रूप में सामने आ रहा है। कलेक्टर पहुंचे महू पूरे मामले को देखते हुए देर रात इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा स्वयं महू पहुंचे। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों से मुलाकात की और उनके परिजनों से बातचीत कर हालात की जानकारी ली। परिजनों ने कलेक्टर को बताया कि 14 तारीख से ही इलाके में लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। इसके बाद कलेक्टर ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बच्चों के हालचाल भी जाने। कलेक्टर ने बताया कि कुछ बच्चों में पोलियो जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। कलेक्टर ने बताया कि हालात को देखते हुए कल से पूरे महू क्षेत्र में स्वास्थ्य सर्वे शुरू किया जाएगा। जिन लोगों में बीमारी के लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें घर पर ही उपचार उपलब्ध कराया जाएगा जबकि गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा।

रायपुर के पहले पुलिस कमिश्नर बने संजीव शुक्ला, श्वेता बनीं ग्रामीण SP, 15 IPS अफसरों का ट्रांसफर

रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए पुलिस विभाग में एक बड़ा फेरबदल किया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 15 अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इस फेरबदल की सबसे खास बात राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली के तहत पहली नियुक्ति और कई जिलों में नए कप्तानों की तैनाती है। रायपुर को मिला पहला पुलिस कमिश्नर राजधानी रायपुर की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए संजीव शुक्ला (2004 बैच) को रायपुर का पहला पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे बिलासपुर में आईजी (IG) के पद पर तैनात थे। रायपुर में अब पुलिसिंग का स्वरूप पूरी तरह प्रोफेशनल और हाई-टेक होने की उम्मीद है। राज्य के तीन प्रमुख रेंजों में भी नए आईजी की तैनाती की गई है:     रामगोपाल गर्ग (2007 बैच): बिलासपुर रेंज के नए आईजी।     अभिषेक शांडिल्य (2007 बैच): दुर्ग रेंज की कमान संभालेंगे।     बालाजी राव सोमावार (2007 बैच): राजनांदगांव रेंज के नए आईजी बनाए गए हैं। जिलों के नए कप्तान (SP) कुछ महत्वपूर्ण जिलों में भी अनुभवी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है:     लाल उमेद सिंह: जशपुर के नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP)।     शशि मोहन सिंह: रायगढ़ जिले की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।     दिव्यांग पटेल: सेनानी, 14वीं वाहिनी, बालोद।     उमेश प्रसाद गुप्ता: पुलिस अधीक्षक (रेल), रायपुर। रायपुर नगरीय पुलिस का नया ढांचा शहर की बढ़ती आबादी और क्राइम कंट्रोल के लिए रायपुर नगरीय पुलिस में विशेषज्ञों की टीम तैनात की गई है:     अमित तुकाराम काम्बले: अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, रायपुर।     संदीप पटेल: पुलिस उपायुक्त (मध्य)।     मयंक गुर्जर: पुलिस उपायुक्त (उत्तर)।     विकास कुमार: पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल)।     राजनाला स्मृतिक: पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर)।     श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा: सहायक पुलिस आयुक्त (आजाद चौक)। अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर और ग्रामीण एसपी की नियुक्ति 2009 बैच के आईपीएस अमित तुकाराम कांबले को रायपुर का अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। वहीं रेल एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा को रायपुर ग्रामीण एसपी के पद पर पदस्थ किया गया है। एसएसपी स्तर पर तबादले रायपुर के एसएसपी लाल उम्मेद सिंह का तबादला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृहक्षेत्र जशपुर किया गया है। जशपुर के एसएसपी शशिमोहन सिंह को रायगढ़ भेजा गया है। आईजी और एसपी स्तर पर बड़ा फेरबदल आदेश के अनुसार दुर्ग रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग को बिलासपुर रेंज भेजा गया है। अभिषेक शांडिल्य को राजनांदगांव से दुर्ग रेंज, बालाजी राव सोमावार को पुलिस मुख्यालय से राजनांदगांव रेंज और रायगढ़ एसपी दिव्यांग पटेल को रेल एसपी बनाया गया है। रायपुर में रह चुके हैं संजीव शुक्ला संजीव शुक्ला पूर्व में रायपुर के एसपी रह चुके हैं और स्थानीय अनुभव व मजबूत प्रशासनिक नेटवर्क के लिए जाने जाते हैं। हालांकि वे जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त होंगे, जिससे उन्हें करीब 11 माह का कार्यकाल मिलेगा। क्यों खास है यह फेरबदल? यह आदेश राज्यपाल के नाम से गृह सचिव हितेश शिखर गुप्ता द्वारा जारी किया गया है। इन नियुक्तियों के पीछे मुख्य उद्देश्य वीआईपी मूवमेंट, बढ़ते साइबर अपराध और शहरी यातायात को बेहतर ढंग से मैनेज करना है। संजीव शुक्ला जैसे अनुभवी अधिकारी का रायपुर कमिश्नर बनना शहर की सुरक्षा के लिहाज से एक नया अध्याय माना जा रहा है। SP के रूप में संभाला चुके हैं दुर्ग की कमान  संजीव शुक्ला ने दुर्ग जिले में पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्य किया. इससे पहले उन्होंने इसी जिले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का पद भी संभाला था. दुर्ग में उनका काम करने का तरीका सख्त, अनुशासित और अपराध नियंत्रण में प्रभावी माना जाता था. बाद में उन्हें बिलासपुर रेंज का पुलिस महानिरीक्षक नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में समस्याओं को सुलझाने और रेंज स्तर पर संगठित अपराध से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. दो बार प्रेसिडेंट पुलिस मेडल से नवाजे जा चुके हैं संजीव शुक्ला बता दें कि संजीव शुक्ला CID के हेड के तौर पर भी काम कर चुके हैं. उन्हें उनके बेहतरीन काम के लिए प्रेसिडेंट मेडल से सम्मानित किया गया है, जिससे उनका सर्विस रिकॉर्ड और भी मजबूत हुआ है. उन्हें 2010 और 2022 में दो अलग-अलग कैटेगरी में दो बार प्रेसिडेंट पुलिस मेडल मिला. संजीव शुक्ला कांकेर में डीआईजी के पद पर तैनात थे. उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस अकादमी, चंदखुरी (रायपुर) में उप निदेशक के रूप में काम करने का भी अनुभव है.   रायपुर कमिश्नरी में DCP की नियुक्ति रायपुर में कमिश्नरी व्यवस्था लागू होने के बाद नगरीय पुलिस ढांचे को मजबूत करते हुए पुलिस उपायुक्त (DCP) स्तर पर अहम नियुक्तियां की गई हैं। इसके तहत वर्ष 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी उमेश प्रसाद गुप्ता को पुलिस उपायुक्त (मध्य) रायपुर, संदीप पटेल को पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) रायपुर और मयंक गुर्जर को पुलिस उपायुक्त (उत्तर) रायपुर नगरीय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा विकास कुमार (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (ट्रैफिक एवं प्रोटोकॉल) और राजनाला स्मृतिक (IPS-2020) को पुलिस उपायुक्त (क्राइम और साइबर) रायपुर नगरीय नियुक्त किया गया है। वहीं ईशु अग्रवाल (IPS-2022), जो अब तक नगर पुलिस अधीक्षक, आजाद चौक रायपुर थे, उन्हें पुलिस सहायक आयुक्त, आजाद चौक, रायपुर नगरीय पदस्थ किया गया है। आधे जिले में पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू रायपुर के आधे जिले में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम आज यानी 23 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गई है। रायपुर के 21 थाने कमिश्नर और 12 थाने SP संभालेंगे। गृह विभाग ने इसे लेकर बुधवार शाम नोटिफिकेशन जारी किया गया था। रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने के लिए शहर की पुलिस फोर्स को 2 हिस्सों में बांटा गया।

स्वास्थ्य सेवाओं के साथ युवाओं को मिलेगा रोजगार: नवा रायपुर बनेगा सेंट्रल इंडिया का हेल्थकेयर हब – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर : मेडिसिटी विकास की दिशा में बड़ी उपलब्धि: चार माह में जमीन लीज और रजिस्ट्री पूरी, ₹680 करोड़ की लागत से बनेगा 300 बिस्तरों का बॉम्बे हॉस्पिटल स्वास्थ्य सेवाओं के साथ युवाओं को मिलेगा रोजगार: नवा रायपुर बनेगा सेंट्रल इंडिया का हेल्थकेयर हब – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर नवा रायपुर को देश के प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर स्थित मंत्रालय महानदी भवन में देश के प्रतिष्ठित बॉम्बे हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के मध्य 15 एकड़ भूमि के लीज एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता नवा रायपुर में प्रस्तावित मेडिसिटी के विकास को नई गति देगा। यह परियोजना न केवल राज्य के हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करेगी, बल्कि निवेश के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की तेज़ और भरोसेमंद प्रशासनिक कार्यप्रणाली का भी उदाहरण बनेगी। राज्य सरकार द्वारा 24 सितंबर 2025 को निवेश आमंत्रण जारी किए जाने के बाद मात्र चार माह के भीतर भूमि चिन्हांकन, आवश्यक स्वीकृतियां और रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर ली गई, जो अपने आप में एक नया बेंचमार्क है। नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा आबंटित 15 एकड़ भूमि पर बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा लगभग ₹680 करोड़ की लागत से 300 बिस्तरों का अत्याधुनिक मल्टी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थापित किया जाएगा। यह अस्पताल ट्रस्ट का देश में चौथा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। इससे पूर्व मुंबई, इंदौर और जयपुर में ट्रस्ट के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। बॉम्बे हॉस्पिटल के माध्यम से कार्डियक साइंसेज, कैंसर उपचार, न्यूरोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, क्रिटिकल केयर, ऑर्गन ट्रांसप्लांट सहित कई उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ और आसपास के राज्यों के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुंबई या दिल्ली जैसे महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। इस परियोजना से 500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है, जिनमें डॉक्टर, सर्जन, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और मेडिकल टेक्नीशियन शामिल होंगे। इसके साथ ही हेल्थकेयर सप्लाई चेन, सेवाओं और सहयोगी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि बॉम्बे हॉस्पिटल की स्थापना से नवा रायपुर में मेडिसिटी का सपना साकार होने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने ही राज्य में विश्वस्तरीय सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी और युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के निरंतर विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। बॉम्बे हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का नवा रायपुर में निवेश करना राज्य की नीतिगत स्थिरता, तेज़ निर्णय क्षमता और निवेशक-अनुकूल वातावरण पर विश्वास का प्रमाण है। यह परियोजना छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास नीति 2024–30 के अंतर्गत स्वास्थ्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को दिए जा रहे विशेष प्रोत्साहनों और समयबद्ध क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है। इससे नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया के प्रमुख हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, नवा रायपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ चंदन कुमार, बॉम्बे हॉस्पिटल ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं चेयरमैन भरत तापड़िया, सचिव श्याम जी सहित ट्रस्ट एवं शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

ग्वालियर के बेटे की शहादत, पत्नी को आखिरी शब्द: ‘मैं ऊंचाई पर जा रहा हूं’, डोडा में बलिदान

ग्वालियर  शहर का सपूत शैलेंद्र सिंह भदौरिया देश की रक्षा करते हुए जम्मू-कश्मीर में बलिदानी हो गया। डोडा जिले के भद्रवाह-चांबा मार्ग पर स्थित खानी टाप क्षेत्र में सेना की बुलेट प्रूफ बस गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में 10 जवान बलिदान हुए, जिनमें शैलेंद्र सिंह भदौरिया भी शामिल थे। हादसे से पहले  रात शैलेंद्र ने फोन पर पत्नी शिवानी और बेटे भावेश से बात की थी। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि "ख्याल रखना, मैं ऊंचाई पर जा रहा हूं।" नेटवर्क की समस्या के कारण वीडियो कॉल पूरी नहीं हो सकी थी और कुछ देर बाद फोन कट गया। इसके बाद गुरुवार दोपहर उनकी यूनिट से बलिदान की सूचना स्वजनों को दी गई। शव सेना द्वारा ग्वालियर लाया जा रहा बलिदानी जवान का शव सेना द्वारा ग्वालियर लाया जा रहा है, जो शुक्रवार को पहुंचेगा। ग्वालियर में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी। इस दौरान सेना और स्थानीय पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। शैलेंद्र सिंह भदौरिया, पिता हनुमंत सिंह भदौरिया, मूल रूप से भिंड जिले के निवासी थे। वर्ष 2007 में वे भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और वर्तमान में भारतीय सेना की 4-आरआर यूनिट में हवलदार के पद पर पदस्थ थे। ग्वालियर के गोला का मंदिर स्थित पिंटो पार्क क्षेत्र की प्रीतम विहार कॉलोनी में उनका निवास है, जहां पिता, दो भाई, पत्नी और तीन बच्चे रहते हैं। बलिदान की खबर मिलते ही ग्वालियर स्थित उनके घर पर रिश्तेदार, परिचित और सेना के अधिकारी पहुंचने लगे। पत्नी शिवानी बेसुध हो गईं। छह वर्षीय बेटा भावेश और बेटियां अक्षिता व राधिका का रो-रोकर बुरा हाल है। शैलेंद्र तीन भाइयों में मझले थे।  

2026 में शादियों का रुका सिलसिला, 25 जुलाई से 20 नवंबर तक नहीं होंगे विवाह, फरवरी में सबसे ज्यादा मुहूर्त

भगवान भास्कर के उत्तरायण होने के साथ ही खरमास उतर गया है। लेकिन इस साल शादी की शहनाइयां तो पांच फरवरी से बजनी शुरू होगी। फरवरी से शुरू हो रहे विवाह का पूरे वर्ष में लगभग 59 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। इनमें सबसे अधिक 12 मुहूर्त फरवरी महीने में ही पड़ रहा है। इसके बाद मार्च, अप्रैल, मई और जून माह में शादियों का आठ-आठ मुहूर्त बन रहे हैं। जुलाई में चार, नवंबर में चार और दिसंबर 2026 में सात मुहूर्त बन रहे हैं। फरवरी में उदित हो रहा शुक्र ग्रह : खरमास समाप्त होने के बावजूद शुक्र ग्रह अस्त होने के कारण अभी शादियां नहीं हो रही हैं। बताया जा रहा है कि एक फरवरी को शुक्र ग्रह का उदय हो रहा है। इस बाबत जानकारी देते हुए ज्योतिषाचार्य पीके युग ने बताया कि कि शादी- विवाह के लिए गुरु और शुक्र ग्रह का उदित होना और अच्छे योग में होना बेहद जरूरी होता है। इन दोनों में से एक भी ग्रह के नहीं रहने पर शादी-विवाह का शुभ मुहूर्त नहीं बनता है। वसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि हालांकि शादी का मुहूर्त 5 फरवरी से बन रहा है। लेकिन वसंत पंचमी के दिन 23 जनवरी को अबूझ मुहूर्त होने से इस दिन शादी-विवाह सहित अन्य शुभ कार्य किया जा सकता है। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि अबूझ मुहूर्त में किसी भी शुभ काम के लिए शुभ योग और ग्रह विचार आदि शिथिल हो जाते हैं। इस वर्ष पांच महीने शहनाइयां नहीं बजेंगी वर्ष का दूसरा खरमास महीना 14 मार्च से 13 अप्रैल के बीच होगा। इस दौरान सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ लगेगा। खरमास के दौरान शादी-विवाह का आयोजन नहीं होता है। ज्योतिषाचार्य पीके युग बताते हैं कि जिस वर्ष दो ज्येष्ठ माह हो उस वर्ष पहले ज्येष्ठ माह में शादियां नहीं होती है। 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास पड़ रहा है। इस वर्ष 17 मई से 15 जून और 16 जून से 14 जुलाई के बीच ज्येष्ठ माह रहेगा। इसलिए 17 मई से 15 जून के बीच ज्येष्ठ माह में शादियां नहीं होंगी। इसके बाद 25 जुलाई से 20 नवंबर के बीच चातुर्मास में भगवान श्री हरि चार माह के योग निद्रा में चले जाएंगे। भगवान विष्णु के जाग्रत नहीं होने की स्थिति में भी लग्न आदि कार्य नहीं होते है।

टिमरनी में RSS कार्यक्रम में भाग लेने पर कांग्रेस विधायक पर उठे सवाल, आला कमान ने लिया संज्ञान

टिमरनी  मध्य प्रदेश के हरदा जिले की टिमरनी सीट से कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह का आरएसएस के हिंदू कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए अब बड़ी राजनीतिक मुसीबत बन गया है। बताया जा रहा है कि, मामले पर अब सीधे तौर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी यानी एआईसीसी तक ने संज्ञान ले लिया है, जिसके चलते पार्टी ने विधायक शाह से इस पूरे घटनाक्रम पर जवाब मांगा है। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी को मामले की पूरी रिपोर्ट सौंप दी है। साथ ही विधायक से इस संबंध में जवाब मांगा है। बता दें कि, अभिजीत शाह हरदा जिले के टिमरनी से विधायक हैं। बढ़ता जा रहा विवाद बीते दिनों टिमरनी विधानसभा के रहटगांव तहसील मुख्यालय पर आरएसएस का कार्यक्रम हुआ था। उस कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह शामिल हुए थे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उनके ऐसा करने पर सबसे पहले हरदा जिले के कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई थी, तभी से ये मामला प्रदेश कांग्रेस की गंभीर चर्चा में जुड़ गया है। अब इस मामले में आलाकमान भी जुड़ गई है। देखना दिलचस्प होगा कि, इसपर टिमरनी विधायक की ओर से क्या प्रतिक्रिया दी जाती है।

भारत ने 2026 पासपोर्ट रैंकिंग में किया शानदार सुधार, पाकिस्तान को मिली बड़ी झटका

नई दिल्ली दुनिया में घूमने फिरने की आजादी किसी देश की ताकत का बड़ा संकेत बन चुकी है. इसी आधार पर जारी हुई Henley Passport Index 2026 की नई रैंकिंग ने एक बार फिर वैश्विक ताकत के संतुलन की तस्वीर दिखा दी है. इस साल सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया का सबसे शक्तिशाली घोषित किया गया है. यानी सिंगापुर का पासपोर्ट रखने वाला व्यक्ति बिना वीजा 192 देशों में यात्रा कर सकते हैं. एशिया की बढ़ती ताकत इस लिस्ट में साफ दिखती है. सिंगापुर के बाद दूसरे स्थान पर जापान और साउथ कोरिया हैं, जिन्हें 188 देशों में वीजा फ्री एंट्री मिलती है. यूरोप के कई देश तीसरे और चौथे पायदान पर हैं, जबकि संयुक्त अरब अमीरात ने बीते दो दशकों में 57 पायदान की छलांग लगाते हुए खुद को टॉप 5 में पहुंचा दिया है. हालांकि एक ही पायदान पर कई देश हैं. पासपोर्ट इंडेक्स में किसका हाल खराब? अमेरिका की स्थिति भी चर्चा में है. पिछले साल गिरावट के बाद अमेरिका फिर टॉप 10 में लौट आया है और 179 देशों में वीजा फ्री पहुंच के साथ 10वें स्थान पर है. ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और मलेशिया भी टॉप 10 में जगह बनाने में सफल रहे हैं. इसके उलट दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट की सूची में अफगानिस्तान सबसे नीचे है. अफगान पासपोर्ट के साथ केवल 24 देशों में बिना वीजा यात्रा संभव है. उसके बाद सीरिया (100वें), इराक (99वें), पाकिस्तान (98वें), यमन और सोमालिया जैसे देश हैं. पाकिस्तान 98वें रैंक में आकर टॉप 100 में आने में कामयाब हो गया. पिछले साल यह 103 पर था. हालांकि रैंकिंग में सुधार होकर भी पाकिस्तान फिसड्डी रहा. पिछले साल 103 रैंक पर होकर भी पाकिस्तानी 33 देशों की यात्रा वीजा फ्री कर सकते थे. इस साल जब रैंक 98 है तो सिर्फ 31 देशों की यात्रा हो सकती है, यानी 2 देश कम हुए हैं. रिपोर्ट बताती है कि आज सबसे मजबूत और सबसे कमजोर पासपोर्ट के बीच 168 देशों का अंतर हो चुका है. साल 2006 में यह अंतर केवल 118 देशों का था. भारत का क्या है हाल? भारत की स्थिति भी इस रिपोर्ट में खास है. 2026 में भारत 80वें स्थान पर है, जो पिछले साल के मुकाबले पांच पायदान ऊपर है. 2025 में भारत 85वें पायदान पर था. भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब 55 देशों में वीजा फ्री या वीजा ऑन अराइवल सुविधा मिलती है. यह सुधार भले ही छोटा लगे, लेकिन इसे सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. टॉप 10 सबसे ताकतवर पासपोर्ट 2026 रैंकिंग देश का नाम कितने देश वीजा फ्री 1 सिंगापुर 192 देश 2 जापान, साउथ कोरिया 188 देश 3 डेनमार्क, लक्जमबर्ग, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड 186 देश 4 ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, ग्रीस, आयरलैंड, इटली, नीदरलैंड, नॉर्वे 185 देश 5 हंगरी, पुर्तगाल, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया, यूएई 184 देश 6 क्रोएशिया, चेकिया, एस्टोनिया, माल्टा, न्यूजीलैंड, पोलैंड 183 देश 7 ऑस्ट्रेलिया, लातविया, लिकटेंस्टाइन, यूनाइटेड किंगडम 182 देश 8 कनाडा, आइसलैंड, लिथुआनिया 181 देश 9 मलेशिया 180 देश 10 अमेरिका 179 देश टॉप 10 सबसे कमजोर पासपोर्ट 2026 रैंकिंग देश का नाम कितने देश वीजा फ्री 101 अफगानिस्तान 24 देश 100 सीरिया 26 देश 99 इराक 29 देश 98 पाकिस्तान, यमन 31 देश 97 सोमालिया 33 देश 96 नेपाल 35 देश 95 बांग्लादेश 37 देश 94 इरिट्रिया, नॉर्थ कोरिया, फिलिस्तीनी क्षेत्र 38 देश 93 लीबिया, श्रीलंका 39 देश 92 ईरान 40 देश      

तराना में बजरंग दल कार्यकर्ता की पिटाई पर भड़का तनाव, भीड़ ने की बसों और दुकानों में तोड़फोड़

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में एक हिंदूवादी नेता की पिटाई के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया. आक्रोशित भीड़ ने थाने का घेराव किया और दुकानों के साथ ही वाहनों में भी तोड़फोड़ की. घटना उज्जैन जिले के तराना तहसील क्षेत्र की है. इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस का दावा है कि हालात नियंत्रण में है. जानकारी के मुताबिक उज्जैन के तराना निवासी बजरंग दल के सदस्य सोहेल ठाकुर पर गुरुवार की शाम 10 से 15 की संख्या में पहुंचे युवाओं ने हमला कर दिया. सोहन पर हमला करने वाले लोग दूसरे समुदाय के बताए जा रहे हैं. घटना की जानकारी मिलते ही हिंदूवादी संगठन के लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और जमकर उत्पात मचाया. आक्रोशित लोगों ने बसों और अन्य वाहनों के साथ ही बस स्टैंड क्षेत्र की दुकानों में भी तोड़फोड़ की. तब तक दूसरे पक्ष के लोग भी मौके पर जुट गए और दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ. सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन भी एक्टिव हुआ और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे. उज्जैन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रदीप शर्मा ने हालात नियंत्रण में होने का दावा करते हुए कहा है कि इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. तराना बस स्टैंड क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद हालात शांतिपूर्ण हैं, लेकिन तनाव की स्थिति बनी हुई है. मामला हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता की पिटाई से जुड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन सतर्क है. वहीं, घायल बजरंग दल कार्यकर्ता सोहेल ठाकुर को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर्स ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. उज्जैन जिला अस्पताल में सोहेल का उपचार चल रहा है. मारपीट की घटना में घायल बजरंग दल कार्यकर्ता का कहना है कि संघ कार्यालय के बाहर बैठा हुआ था, तभी 10-15 लड़के आए और लोहे की रॉड से सिर पर वार कर दिया. पीड़ित का दावा है कि सिर पर प्रहार से उसे चक्कर आ गया और वह बेहोश हो गया. सोहेल ठाकुर ने आगे कहा कि मुझ पर हमला देख मेरे भाई दौड़कर वहां पहुंचे, जिसके बाद लड़के वहां से भाग गए. इस हमले के पीछे लव जिहाद से जुड़े मामलों को वजह बताते हुए घायल ने कहा कि ये लोग अवैध गतिविधियों में संलिप्त हैं और बहुत समय से मुझे मारने की योजना बना रहे थे.