samacharsecretary.com

BCCI से टकराव अब नहीं रुकेगा! बांग्लादेश को ‘NO’ का क्या असर पड़ेगा?

 नई दिल्ली बांग्लादेश क्रिकेट आज ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां से वापसी आसान नहीं. टी20 वर्ल्ड कप सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, यह वो मंच है, जहां टीमें अपनी पहचान, क्षमता और भविष्य गढ़ती हैं… और बांग्लादेश? वह आज वर्ल्ड क्रिकेट की मुख्यधारा से कटने की कगार पर है. सवाल सिर्फ इतना नहीं कि बांग्लादेश T20 वर्ल्ड कप खेलेगा या नहीं.असली सवाल यह है- खेलेगा तो कैसे? और न खेले तो फिर बचेगा क्या? सरकार की ‘ना’, BCB की मजबूरी और खिलाड़ियों के सपनों की बलि ढाका की काबिना ने सुरक्षा के नाम पर टीम को भारत भेजने से मना कर दिया है. BCB हाथ बांधे खड़ा है और खिलाड़ी? वे सिर्फ तमाशा देख रहे हैं- क्योंकि फैसला उनके हाथ में है ही नहीं. मेहदी हसन का बयान कि 'सरकार और BCB ही हमारे अभिभावक हैं. 'साफ समझाता है कि खिलाड़ियों के सपने किसी और की राजनीति में कुर्बान हो रहे हैं. 2000 में टेस्ट दर्जा पाया, अब क्या फिर हाशिए पर चला जाएगा? बांग्लादेश अभी तक कोई ICC खिताब नहीं जीत पाया. ऐसे में वर्ल्ड कप से बाहर होना सिर्फ एक टूर्नामेंट गंवाना नहीं-यह उनकी क्रिकेट इकोसिस्टम पर खुली चोट है. यह चोट सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहेगी-  – स्पॉन्सर हटेंगे – रैंकिंग गिरेगी – भविष्य के टूर्नामेंट खतरे में पड़ेंगे – 2031 में भारत के साथ संयुक्त मेजबानी का सपना भी धराशायी (इस विवाद की आंच 2031 ODI World Cup तक पहुंच सकती है, जिसे भारत और बांग्लादेश संयुक्त रूप से होस्ट करने वाले हैं.) ये चेतावनी कोई आम आलोचक नहीं- क्रिकेट इंडस्ट्री के अंदर बैठे लोग दे रहे हैं, जो जानते हैं कि वर्ल्ड कप जैसे मंच का ‘बैक-अप’ नहीं होता. ICC से टकराव, वैश्विक अलगाव का जोखिम…और समय निकलता जा रहा अगर बांग्लादेश मैदान में नहीं उतरा तो सबसे बड़ा सवाल उठेगा- आगे कैसे क्वालिफाई करेगा? निचली रैंकिंग वाले बोर्डों का हश्र सब जानते हैं. क्वालिफायर की कठिन राह, ICC से संबंधों में तनाव और वैश्विक क्रिकेट मंच पर कम होती मौजूदगी- ये दोनों खतरे बांग्लादेश के सामने खड़े हैं. खिलाड़ी सबसे बड़े शिकार- सपने टूट रहे, करियर डूब रहे सबसे ज्यादा नुकसान किसका? सरकार का? ICC का? नहीं, खिलाड़ियों का. परवेज इमोन, सैफ हसन- जिन्होंने कभी वर्ल्ड कप नहीं खेला… उनका सपना किसी और की लड़ाई में राख हो रहा है. और यह बात सच है- बांग्लादेशी खिलाड़ियों के पास IPL, BBL या काउंटी जैसी वैकल्पिक लीग नहीं. वर्ल्ड कप = एक्सपोजर + अनुभव + अस्तित्व…और वह छिन रहा है. क्या राजनीति ने क्रिकेट को निगल लिया? जवाब है- हां यह भ्रम छोड़ दीजिए कि खेल और राजनीति अलग हैं.यहाँ राजनीति ने क्रिकेट को सीधा जमीन पर पटक दिया है. सब कुछ तब शुरू हुआ जब KKR ने मुस्ताफिजुर रहमान को सुरक्षा के नाम पर IPL से बाहर किया. सरकार ने इसे राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का सवाल बना दिया और अब पूरा बोर्ड उसी रास्ते पर खड़ा है. उधर, ढाका-नई दिल्ली रिश्तों में दरार अब क्रिकेट में भी छलक रही है— – भारत का पुरुषों का दौरा रद्द – महिला टीम का दौरा रद्द – अब वर्ल्ड कप पर ताला! पश्चिमी देशों के दोहरे मानदंड भी आग में घी BCB अंदर से कहां तर्क ले रहा है? वही जगह जहां पश्चिमी क्रिकेट बोर्डों की पाखंड राजनीति है-  – ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान दौरे बार-बार रद्द किए – ICC ने सिर हिलाया – सबने सुरक्षा को प्राथमिकता माना तो फिर बांग्लादेश सुरक्षा बोले तो अपराध क्यों? यही बांग्लादेश का सबसे बड़ा सवाल और शायद सबसे आक्रामक हथियार भी. क्रिकेट को आगे करना होगा- वरना देश क्रिकेट से पीछे छूट जाएगा. बांग्लादेश क्रिकेट हमेशा विवादों में रहा है, लेकिन मैदान पर कभी-कभार चमक भी दिखाई है गवर्नेंस हालांकि अस्थिर रही है. नजमुल हसन पापोन के 12 साल के कार्यकाल में बांग्लादेश ने वनडे विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, चैम्पियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल तक पहुंचा और टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया तथा इंग्लैंड जैसी शीर्ष टीमों को हराने वाली उपलब्धियां दर्ज कीं.' लेकिन पिछले डेढ़ साल में प्रगति रुक गई. आज हालत यह है कि BCB, सरकार और ICC की तीन दिशाओं में खींचतान ने टीम को रस्साकशी की रस्सी बना दिया है.  यह सिर्फ बॉयकॉट नहीं, क्रिकेट का आत्मघात है विश्व क्रिकेट में अपनी जगह बनाना कठिन है, खोना बेहद आसान. बांग्लादेश इस समय उसी किनारे खड़ा है. अगर बांग्लादेश वर्ल्ड कप छोड़ता है, तो दुनिया कहेगी- 'खेल से नहीं, राजनीति से हार गए.'

दावोस में भारत की नई पहचान: अब विकासशील देश नहीं, एक शक्तिशाली राष्ट्र

नई दिल्ली 1.2 ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति का प्रबंधन करने वाली कंपनी ब्लैकस्टोन के प्रमुख स्टीफन श्वार्जमैन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की बदलती भूमिका पर मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि भारत उभर चुका है और यह बात उन अधिकांश देशों के लिए नहीं कही जा सकती जिन्हें आप आमतौर पर 'इमर्जिंग मार्केट्स' की श्रेणी में रखते हैं। हाल के दिनों में भारतीय शेयर बाजारों से विदेशी निवेशकों की निकासी पर श्वार्जमैन ने एक अलग नजरिया पेश किया। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार अक्सर बेहद भावुक और अप्रत्याशित होते हैं। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों में भारतीय बाजार का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी खास समय पर भारत का 'कम फैशनेबल' होना या शेयरों का गिरना एक अल्पकालिक घटना है, जबकि लंबी अवधि में भारत का शेयर बाजार एक 'बुल मार्केट' बना रहेगा। विकास की अपार संभावनाएं श्वार्जमैन ने भारत के विकास पथ को आंकड़ों के जरिए समझाया। उन्होंने तुलना करते हुए बताया कि भारत की प्रति व्यक्ति जीडीपी लगभग 3,000 डॉलर है। चीन की प्रति व्यक्ति जीडीपी लगभग 13,000 डॉलर है वहीं, अमेरिका की प्रति व्यक्ति जीडीपी 70,000 से अधिक है। उन्होंने कहा, "भारत के पास विकास का एक बहुत लंबा रास्ता है। यहां एक स्थिर सरकार है, पूंजी की आवश्यकता है और आबादी के जीवन स्तर में सुधार की गुंजाइश है। यहां के लोग काफी बुद्धिमान और मेहनती हैं। यही भारत के उज्ज्वल भविष्य का फॉर्मूला है।" 10 साल में बदल जाएगी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर चर्चा करते हुए 78 वर्षीय श्वार्जमैन ने इसे बिजली के विकास और स्टीम इंजन के आविष्कार के समान क्रांतिकारी बताया। उन्होंने कहा कि जहां पिछली क्रांतियों को दुनिया बदलने में 50 साल लगे, वहीं AI यह काम महज 10 साल में कर देगा। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में AI को लेकर कुछ अतिशयोक्ति है और कुछ कम पूंजी वाली कंपनियों का मूल्यांकन बहुत ज्यादा हो गया है, लेकिन उन्होंने 1999 या 2007 जैसी किसी बड़ी मार्केट उन्माद की संभावना से इनकार किया। भारत में ब्लैकस्टोन का विस्तार ब्लैकस्टोन वर्तमान में भारत में रियल एस्टेट और प्राइवेट इक्विटी में सबसे बड़ा विदेशी प्रत्यक्ष निवेशक है। श्वार्जमैन ने संकेत दिए कि कंपनी अब भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्राइवेट क्रेडिट के क्षेत्र में भी अपना विस्तार करने की योजना बना रही है। इंटरव्यू के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब श्वार्जमैन ने अपनी पत्नी का फोन सुनने के लिए थोड़ा ब्रेक लिया। फोन पर उन्हें खबर मिली कि उनके बेटे और फिल्म निर्माता टेडी श्वार्जमैन की फिल्म 'ट्रेन ड्रीम्स' को 98वें एकेडमी अवार्ड्स (ऑस्कर) के लिए नामांकित किया गया है। यह खबर सुनते ही उन्होंने खुशी में हवा में मुक्का मारते हुए अपनी जीत का जश्न मनाया।

सुख-शांति में डाल सकती है खलल बाथरूम की खाली बाल्टी, वास्तु शास्त्र से जानें सही उपाय

अक्सर हम घर की सजावट और मुख्य कमरों के वास्तु पर तो बहुत ध्यान देते हैं, लेकिन बाथरूम जैसी महत्वपूर्ण जगह को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम का सीधा संबंध हमारी आर्थिक स्थिति और मानसिक शांति से होता है। कई बार हम अनजाने में बाथरूम में खाली बाल्टी छोड़ देते हैं, जिसे वास्तु में एक बड़ा दोष माना गया है। यह छोटी सी लापरवाही घर में कंगाली और नकारात्मकता का कारण बन सकती है। खाली बाल्टी क्यों है अशुभ? वास्तु विज्ञान में पानी को 'सम्पन्नता' और 'प्रवाह' का प्रतीक माना गया है। प्राचीन वास्तु शास्त्रों के अनुसार, बाथरूम में खाली बाल्टी रखना खालीपन और अभाव को दर्शाता है। जब बाल्टी खाली होती है, तो यह घर में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को रोकती है और आर्थिक तंगी का संकेत देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आप रात के समय बाल्टी को खाली छोड़ देते हैं, तो इससे घर में तनाव और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी जल का संबंध चंद्रमा से है, और खाली बर्तन मानसिक अशांति का कारण बन सकते हैं। बाल्टी का रंग और दिशा भी है महत्वपूर्ण बाल्टी के इस्तेमाल में केवल उसका भरा होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसका रंग भी मायने रखता है: नीले रंग का महत्व: वास्तु में नीले रंग की बाल्टी को सबसे शुभ माना गया है। नीला रंग जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है और इसे बाथरूम में रखने से राहु-केतु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। सफाई का ध्यान: बाल्टी कभी भी टूटी हुई या बहुत पुरानी नहीं होनी चाहिए। गंदी बाल्टी घर में दरिद्रता लाती है।

रायपुर में आज मौसम में बदलाव, सुबह धुंध, दिन में गर्मी, रात में ठंड, उत्तरी हिस्सों में बढ़ेगी ठंड

रायपुर  छत्तीसगढ़ में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक ठंड से राहत मिलने का अनुमान जताया है। हालांकि, इसके बाद एक बार फिर ठंड का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटों में पूरे प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे रात की ठंड से कुछ राहत मिलेगी। इसके बाद उत्तरी छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है, हालांकि बाद में मौसम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। छत्तीसगढ़  में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश में लगातार तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सुबह के समय ठंडक बढ़ रही है, जबकि दोपहर में हल्की गर्मी महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 48 घंटों में प्रदेश में ठंड बढ़ने की संभावना है, क्योंकि उत्तर दिशा से आ रही सर्द हवाओं का असर तेज हो रहा है। अगले 48 घंटे में बढ़ेगी ठंड मौसम विभाग ने बताया कि उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। ठंड के साथ हल्की धुंध देखने को मिल सकती है, लेकिन घने कोहरे की संभावना फिलहाल नहीं जताई गई है। तापमान का हाल हाल के दिनों में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री अधिक था। वहीं दिन का अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से ऊपर रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज न्यूनतम तापमान करीब 14 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 25 साल का रिकॉर्ड टूटा इस बार जनवरी का महीना छत्तीसगढ़ में काफी ठंडा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर छत्तीसगढ़ में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले 25 वर्षों में सबसे कम तापमान में से एक माना जा रहा है। पूरे जनवरी माह में ठंड का असर सामान्य से ज्यादा रहा है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है, इसलिए सतर्क रहने की जरूरत है।

झारखंड शराब घोटाले में CBI का हाथ खींचना, रायपुर जोनल ऑफिस ने किया इंकार, HCमें सुनवाई होगी अगले हफ्ते

रायपुर झारखंड में सामने आए करोड़ों रुपये के शराब घोटाले की जांच को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। छत्तीसगढ़ की तर्ज पर दर्ज इस मामले की जांच से केंद्रीय जांच ब्यूरो ने हाथ खींच लिए हैं। सीबीआइ के रायपुर जोनल कार्यालय ने इस प्रकरण की जांच करने से इन्कार कर दिया है। इससे संबंधित सीबीआइ का पत्र छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान पेश किया गया, जिसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय की है। यह मामला रांची निवासी विकास सिंह की शिकायत से जुड़ा है, जिसके आधार पर झारखंड-छत्तीसगढ़ शराब घोटाले को लेकर छत्तीसगढ़ में प्रकरण दर्ज किया गया था। वर्तमान में इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय और छत्तीसगढ़ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा की जा रही है। हाई कोर्ट में तीन याचिकाएं लंबित ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज प्राथमिकी से संबंधित इस प्रकरण में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में तीन याचिकाएं विचाराधीन हैं। इनमें झारखंड के तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे, संयुक्त उत्पाद आयुक्त गजेंद्र सिंह और शिकायतकर्ता विकास सिंह की याचिकाएं शामिल हैं। इन याचिकाओं पर मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार अग्रवाल की खंडपीठ में सुनवाई हुई। महाधिवक्ता ने कोर्ट में रखा सीबीआइ का पत्र सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता विवेक शर्मा ने न्यायालय के समक्ष सीबीआइ रायपुर के हेड ऑफ ब्रांच द्वारा भेजे गए पत्र की प्रति प्रस्तुत की। पत्र में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव की ओर से भेजा गया जांच संबंधी पत्र सीबीआइ ने वापस कर दिया है, क्योंकि एजेंसी इस मामले की जांच करने के लिए इच्छुक नहीं है। महाधिवक्ता ने कहा कि वे मामले के मेरिट पर अदालत के समक्ष पक्ष रखना चाहते हैं। इस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई में दलीलें सुनने का निर्णय लिया।  

हरियाणा में मौसम का मिजाज बिगड़ा, 12 जिलों में बारिश, सिरसा में ओले, 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

हिसार  हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने खतरनाक रुख अख्तियार कर लिया है। शुक्रवार सुबह प्रदेश के 12 जिलों में तेज गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सिरसा में जहां देर रात भारी ओलावृष्टि हुई, वहीं पानीपत में सुबह 8 बजे तक घने बादलों के कारण अंधेरा छाया रहा। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और ओले गिरने की चेतावनी जारी की है। 60 किमी की रफ्तार से चल रही बर्फीली हवाएं प्रदेश में सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही तेज ठंडी हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। दिल्ली-चंडीगढ़ बेल्ट समेत सोनीपत, यमुनानगर, हिसार, गुरुग्राम, और रेवाड़ी जैसे जिलों में सुबह से ही लगातार बूंदाबांदी का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 25 जनवरी तक प्रदेश में बारिश के आसार बने रहेंगे, जिससे दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है। 7 जिलों में ओलावृष्टि का 'ऑरेंज अलर्ट' मौसम विभाग ने उत्तर हरियाणा के कैथल, करनाल, पानीपत, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और ओले गिरने की प्रबल आशंका है। वहीं, प्रदेश के बाकी जिलों को 'यलो अलर्ट' पर रखा गया है, जहां मध्यम बारिश के साथ बिजली कड़कने की संभावना है। तापमान का गणित: रात में राहत, दिन में आफत बादलों की सघन आवाजाही के कारण रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे रात की ठिठुरन में मामूली कमी आई है। हालांकि, दिन में धूप न निकलने और बारिश के चलते अधिकतम तापमान में बड़ी गिरावट आई है, जिससे दिन भर गलन वाली सर्दी महसूस की जा रही है।

बलौदाबाजार प्लांट में हादसा, 6 मजदूर जलकर मरे, कंपनी ने 20 लाख की मदद की घोषणा, कांग्रेस करेगी जांच

बलौदाबाजार  बलौदाबाजार जिले के भाटापारा क्षेत्र के बकुलाही गांव में स्थित एक निजी इस्पात स्पंज आयरन फैक्ट्री(Chhattisgarh Steel Plant Blast) में गुरुवार सुबह भीषण विस्फोट होने से कम से कम छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 10 से अधिक अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं। घटना की खबर मिलने पर क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। 10 बजे की है घटना घटना सुबह करीब 10 बजे उस समय हुई, जब फैक्ट्री के स्पंज आयरन प्लांट के कोल कीलन में अचानक जोरदार धमाका हो गया। इसकी चपेट में आए अधिकांश मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी चीख-पुकार से पूरा परिसर गूंज उठा। प्राप्त जानकारी के अनुसार विस्फोट इतना भयानक था कि आसपास काम कर रहे लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। मौके पर दमकल, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत पहुंच गए और घायलों को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और कुछ की हालत नाजुक है। पुलिस ने दर्ज किया मामला पुलिस ने पूरे मामले में केस दर्ज कर आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री की तकनीकी खराबी या मशीनरी में दबाव वृद्धि को विस्फोट का संभावित कारण बताया जा रहा है। अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और घायलों के बेहतर इलाज की भी बात कही है। भाटापारा के ग्रामीणों और मजदूर संगठनों ने इस हादसे को सुरक्षा मानकों की उपेक्षा का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि कारखानों में सुरक्षा उपायों की कमी अनेक बार जानलेवा साबित हो चुकी है और इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना की हाई-लेवल जांच की जाए : भूपेश बघेल पूर्व सीएम बघेल ने आगे लिखा कि हम सरकार और प्रशासन से अनुरोध करते हैं कि घायलों को सही इलाज दिया जाए. हम यह भी मांग करते हैं कि मरने वालों के परिवारों को सही मुआवजा दिया जाए, घटना की हाई-लेवल जांच की जाए और इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. हालांकि विष्णु देव साई की छत्तीसगढ़ सरकार ने अभी तक किसी भी पीड़ित के लिए कोई एक्स-ग्रेसिया अनाउंस नहीं किया है. मुख्यमंत्री ने क्या कहा? सीएम विष्णु देव साय ने लिखा है कि "बलौदा बाजार के बकुलाही स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए भयावह विस्फोट की घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है. इस हादसे में 6 श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 5 घायलों को बिलासपुर उच्च स्तरीय इलाज हेतु भेजा गया है. मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी शोक संवेदना। इस दुख की घड़ी में उनकी हर संभव सहायता सुनिश्चित की जाएगी. जिला प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार और हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं. छत्तीसगढ़ सरकार पीड़ित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है. ॐ शान्ति" राहत कार्य जारी पुलिस और राहत कर्मी अब भी बचाव कार्य में जुटे हैं और मृतकों की पहचान तथा विस्तृत राहत गतिविधियों के बारे में अपडेट जारी किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य ने गहरा शोक व्यक्त किया इस दर्दनाक हादसे पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गहरा शोक व्यक्त किया है। क्लिनिकल फर्नेस के दौरान हुए विस्फोट में श्रमिकों के असामयिक निधन को अत्यंत दुःखद बताते हुए उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति तथा शोकाकुल परिवारजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हादसे में गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को बेहतर उपचार हेतु सिम्स, बिलासपुर में भर्ती कराया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायलों को हर संभव उत्तम एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके उपचार में किसी प्रकार की कमी न रहे।

रायपुर में IND-NZ टी-20 मैच, भीड़ से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने रूट और पार्किंग तय किए

रायपुर  भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी-20 सीरीज का दूसरा मैच आज 23 जनवरी को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है। राज्य के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में दर्शक रायपुर पहुंच रहे हैं। इसी को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने दर्शकों और खिलाड़ियों की सुविधा के लिए विशेष यातायात और पार्किंग व्यवस्था लागू की है। विजय अभियान जारी रखने उतरेगा भारत न्यूजीलैंड के विरुद्ध नागपुर में पहला टी-20 इंटरनेशनल मुकाबला 48 रन से जीतकर भारतीय टीम आत्मविश्वास से लबरेज है। अब शुक्रवार को रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में होने वाला दूसरा मुकाबला सीरीज के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। कप्तान सूर्यकुमार यादव की नजरें इस मुकाबले को जीतकर सीरीज में 2-0 की बढ़त लेने पर होंगी, ताकि आगे के मैचों में टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिल सके। वहीं, न्यूजीलैंड की टीम इस मैच को हर हाल में जीतकर सीरीज में बराबरी करना चाहेगी। पहले मैच में अभिषेक शर्मा और रिंकू सिंह की तूफानी बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 238 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने कीवी टीम को 200 रन के भीतर रोक दिया। अभिषेक-संजू से विस्फोट पारी की उम्मीद पहले टी-20 में संजू सैमसन भले ही बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन अभिषेक शर्मा ने 35 गेंदों पर 84 रन की विस्फोटक पारी खेलकर मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया था। रायपुर में भी टीम मैनेजमेंट बाएं-दाएं के इस काम्बिनेशन को बरकरार रख सकता है। वहीं, नागपुर में इशान किशन और संजू सैमसन की बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी। ऐसे में दूसरे टी-20 में श्रेयस अय्यर को मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। तिलक वर्मा के चोटिल होने के बाद टीम में लौटे अय्यर को टी-20 विश्व कप से पहले आजमाना टीम मैनेजमेंट की प्राथमिकता हो सकती है। स्पिन ट्रैक पर भारत की रणनीति रायपुर की पिच आमतौर पर स्पिनरों को मदद देती है। ऐसे में भारत अपनी अंतिम एकादश में बदलाव कर सकता है। शिवम दुबे की जगह कुलदीप यादव या रवि बिश्नोई को मौका मिल सकता है। स्पिन विभाग की कमान उप-कप्तान अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती संभालेंगे। हालांकि, अक्षर पटेल की फिटनेस पर नजर रहेगी, क्योंकि वह पिछले मैच में चोटिल हो गए थे। तेज गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह की जोड़ी शानदार लय में है। न्यूजीलैंड करना चाहेगा वापसी पहले मुकाबले में हार के बाद न्यूजीलैंड की टीम रायपुर में नई रणनीति के साथ उतर सकती है। कप्तान मिशेल सेंटनर टाप आर्डर को अधिक आक्रामक बनाने और अतिरिक्त स्पिनर को शामिल करने पर विचार कर सकते हैं। डेवोन कान्वे, ग्लेन फिलिप्स और डेरिल मिचेल से बड़ी पारियों की उम्मीद होगी। भारत : सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, इशान किशन, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, रिंकू सिंह, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा। न्यूजीलैंड : मिशेल सैंटनर (कप्तान), डेवोन कान्वे, बेवोन जैकब्स, डेरिल मिशेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम राबिंसन, जिमी नीशम, ईश सोढी, जैक फाल्क्स, मार्क चैपमैन, माइकल ब्रेसवेल, रचिन रवींद्र, काइल जेमीसन, मैट हेनरी, जैकब डफी, क्रिस्टियन क्लार्क। शहर से स्टेडियम जाने वाले दर्शक रायपुर शहर से आने वाले दर्शक तेलीबांधा थाना तिराहा होते हुए नेशनल हाईवे-53 से सेरीखेड़ी ओवरब्रिज पार कर नया रायपुर मार्ग से स्टेडियम तिराहा पहुंचेंगे। यहां से साईं अस्पताल रोड होते हुए साईं अस्पताल और सेंध तालाब पार्किंग में वाहन खड़े कर पैदल स्टेडियम जाना होगा। बिलासपुर, बलौदाबाजार और महासमुंद से आने वाले दर्शक बिलासपुर, बलौदाबाजार, खरोरा और महासमुंद की ओर से आने वाले दर्शकों को नेशनल हाईवे-53 के रास्ते मंदिर हसौद और नवागांव होकर स्टेडियम टर्निंग पहुंचना होगा। वाहन परसदा और कोसा पार्किंग में खड़े कर पैदल स्टेडियम जाना होगा। धमतरी-जगदलपुर मार्ग से आने वाले दर्शक इस दिशा से आने वाले दर्शक अभनपुर, केन्द्री, उपरवारा और मंत्रालय चौक होते हुए सेंध तालाब और साईं अस्पताल पार्किंग में वाहन खड़े कर सकेंगे। दुर्ग-भिलाई से आने वाले दर्शक दुर्ग-भिलाई की ओर से आने वालों को टाटीबंध, रिंग रोड और तेलीबांधा तिराहा होकर नेशनल हाईवे-53 से नया रायपुर मार्ग अपनाना होगा। पासधारी वाहनों के लिए अलग व्यवस्था जिन वाहनों को A से G तक के पार्किंग पास जारी किए गए हैं, वे सेरीखेड़ी ओवरब्रिज होकर नया रायपुर प्रवेश मार्ग से सीधे स्टेडियम के निर्धारित पार्किंग जोन में वाहन पार्क कर सकेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने दर्शकों से अपील की है कि तय मार्गों और पार्किंग व्यवस्था का पालन करें, ताकि मैच के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो और सभी सुरक्षित व समय पर स्टेडियम पहुंच सकें।  13 गेट पर लोहे की रेलिंग लगाई गई CSCS छत्तीसगढ़ क्रिकेट संघ ने साफ किया है कि, फर्स्ट इनिंग खत्म होने के बाद किसी भी दर्शक को स्टेडियम में एंट्री नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 350 से ज्यादा प्राइवेट बाउंसर्स भी तैनात किए जा रहे हैं। इस दौरान क्रिकेट संघ के 45 अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था के लिए मौजूद रहेंगे। 13 गेट पर लोहे की रेलिंग लगा दी गई है। 800 रुपए से 25 हजार रुपए तक की टिकट इस बार मैच के जनरल टिकट के दाम पिछले वनडे मुकाबले के लगभग समान रखे गए हैं। टिकट 800 रुपए से शुरू होकर 25 हजार रुपए तक बिके हैं। टिकट विंडो ओपन होने के शुरुआती तीन दिनों तक मैच की टिकट नहीं बिक पाई थी। लेकिन चौथे दिन सारी 35,000 टिकट बिक गईं। एंट्री गेट्स पर तिहरी निगरानी स्टेडियम के सभी एंट्री गेट्स पर पुलिस, प्राइवेट गार्ड्स और क्रिकेट संघ के कर्मचारियों की संयुक्त ड्यूटी लगाई जाएगी। जिससे किसी तरह का विवाद या अव्यवस्था न हो। पिछले ODI में 2 दर्शक रेलिंग जंप करते हुए मैदान के बीच खिलाड़ियों तक पहुंच गए थे। इस बार बाउंसर्स को बाउंड्री पर तैनात किया जाएगा, ताकि दर्शक दीर्घा से कोई जंप कर खिलाड़ियों तक न पहुंच पाएं।

मध्यप्रदेश के 8 जिलों में बारिश की चेतावनी, ग्वालियर-चंबल में मावठा, फिर होगी सर्दी की लहर

भोपाल  मध्य प्रदेश (MP Weather Today) में पहाड़ी राज्यों के कारण ठंड फिर लौट आई है. प्रदेश में शुक्रवार (23 जनवरी) को ग्वालियर संग 8 से ज्यादा जिलों में बारिश का अलर्ट दिया गया है. जिसके बाद इन जिलों में हल्की बारिश का भी अनुमान देखा जा रहा है. इसी बीच प्रदेश में मावठा भी गिरने का अनुमान है और 8 जिलों में मौसम विभाग ने कोहरा पड़ने का अलर्ट भी जारी किया है. इस रिपोर्ट में जाने, कैसा रहेगा आज का मौसम. एमपी के इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के 8 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जिसमें ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ जिले शामिल हैं. इसके साथ ही भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में बादल छाए रहने का अनुमान है. यहां छाए रहेंगे बादल इधर भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में भी बादल छाए रहेंगे, जिससे मौसम सुहावना लेकिन नम रहेगा। हालांकि, तेज ठंड या शीतलहर का अलर्ट नहीं है, लेकिन सुबह-शाम ठंडी हवाएं और कोहरा लोगों को ठिठुरा सकता है। 2 से 3 डिग्री गिरेगा तापमान पिछले 24 घंटों में कटनी का करोंदी इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 5 डिग्री से भी नीचे दर्ज किया गया। उत्तरी भारत में हो रही बर्फबारी का असर एमपी में भी दिखाई दे रहा है, जिससे तापमान में अचानक बदलाव आया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, 25 जनवरी से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट हो सकती है, जिससे ठंड फिर से तेज हो जाएगी। देश के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी होने के बाद बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी असर दिखा रहा है। इस वजह से एमपी में भी मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। गुरुवार को भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, रायसेन, विदिशा समेत कई जिलों में बादल छा गए। वहीं, सर्द हवा चलने लगी। शुक्रवार को भोपाल में बारिश होने का अलर्ट नहीं है, लेकिन बादल जरूर छाए रहेंगे। यदि बारिश होती है तो इस सीजन में पहली बार मावठा गिरेगा। मानसूनी सीजन खत्म होने के बाद नवंबर-दिसंबर में प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश नहीं हुई, लेकिन जनवरी में मावठा गिरने के आसार हैं। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच आज कटनी का करौंदी और शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान रिकॉर्ड किया गया है. यहां का तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं नौगांव में 6.5 डिग्री सेल्सियस, उमरिया में 6.9 डिग्री और रीवा में 7.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ है. इसके साथ ही खजुराहो में तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है. एक और सिस्टम कराएगा बारिश सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, गुरुवार से ही मौसम में बदलाव देखने को मिला है। शुक्रवार के लिए उत्तरी हिस्से में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत को 26 जनवरी से एक और वेस्टर्न डिस्टरबेंस प्रभावित कर सकता है। फिलहाल यह सिस्टम स्ट्रॉन्ग दिखाई दे रहा है। जिससे एमपी में भी बारिश होने का अनुमान है। दो दिन तेज ठंड का अनुमान नहीं मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक तेज ठंड पड़ने का अनुमान नहीं जताया है। वहीं, सुबह के समय हल्के से मध्यम कोहरा छाया रह सकता है। गुरुवार को ग्वालियर, सतना, रीवा, गुना, इंदौर, राजगढ़, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, नौगांव, सिवनी में कोहरे की स्थिति देखने को मिली थी। कटनी का करौंदी सबसे ठंडा, पारा 5 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार-गुरुवार की रात में कटनी का करौंदी प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, छतरपुर के नौगांव में 6.5 डिग्री, उमरिया में 6.9 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, खजुराहो में 7.4 डिग्री, दतिया में 7.6 डिग्री, दमोह-सतना में 8.8 डिग्री, मंडला में 9 डिग्री, राजगढ़-सीधी में तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 9 डिग्री, जबलपुर में 10.9 डिग्री, भोपाल में 11.2 डिग्री, इंदौर में 13.6 डिग्री और उज्जैन में तापमान 13.8 डिग्री दर्ज किया गया। क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस मौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शुरू हो गया है।

सोना-चांदी की रफ्तार तेज, आज फिर बढ़े दाम, जानें ताजा कीमतें

इंदौर   देशभर में सोने-चांदी के भाव साल के पहले महीने जनवरी में ही सारे रिकॉर्ड तोड़ते नजर आ रहे हैं. बीते दिन ही जहां सोने में ₹3 हजार रुपये की गिरावट दर्ज हुई थी तो वहीं चांदी भी ₹10 हजार सस्ती हुई थी. लेकिन इसके अगले हीं दिन एमपी की राजधानी भोपाल में आज शुक्रवार (23 जनवरी) को फिर सोने-चांदी ने रफ्तार पकड़ ली है.  फिर बढ़े सोने-चांदी के दाम राजधानी भोपाल समेत देशभर में बीते दिन सोने-चांदी के भाव में तेज गिरावट दर्ज हुई थी लेकिन इसके अगले ही दिन यानी आज फिर सोने के रेट में बाजार खुलते ही ₹1,930 की बढ़त दर्ज हुई है. इसके साथ ही आज चांदी भी सुबह ही ₹9,440 रुपये महंगी हुई है. अब बाजार शुरू होने के साथ ही सोने और चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं. भोपाल में 24 कैरेट सोने के दाम आज: 1,59,080 रुपए प्रति 10 ग्राम भोपाल में चांदी का भाव आज: 3,36,470 रुपए प्रति 1 किलो देशभर में सोने-चांदी फिर महंगे सोने-चांदी के दाम की बात करें तो आज फिर देशभर के बाजारों में सोने-चांदी के भाव ने रफ्तार पकड़ ली है. इसी बीच जानें नई दिल्ली में सोने-चांदी का ताजा भाव, जो कुछ इस प्रकार हैं. नई दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड रेट आज: 1,58,710 रुपए प्रति 10 ग्राम भारत में चांदी का भाव आज: 3,35,510 रुपए प्रति 1 किलो हालमार्क ही है असली सोने की पहचान अगर आप सोने के गहने खरीदने जा रहे हैं तो कभी भी क्वालिटी से समझौता न करें. हॉलमार्क देखकर ही गहने खरीदें, क्योंकि यही सोने की सरकारी गारंटी है. भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क का निर्धारण करता है. हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग होते हैं, जिसे ध्यान से रखकर ही सोना खरीदें. अगर आप ऐसा नही करते हैं तो आपके सोने में मिलावट भी हो सकती है तो हमेशा जांच परख कर ही खरीदी करें.