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सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई: मंत्री विजय शाह पर कर्नल कुरैशी के मामले में चार बार माफी की मांग

भोपाल  मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए गए विवादित बयान के मामले में आज, 9 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। कोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार पहले ही अपनी रिपोर्ट दाखिल कर चुकी है। अब अदालत के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ाई जाए या नहीं। सरकार इस मामले को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट के रुख और संभावित निर्देशों को देखते हुए कानूनी, राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर लगातार समन्वय किया जा रहा है। दिल्ली में मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक सुनवाई से ठीक पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में मंत्री विजय शाह को लेकर बने राजनीतिक और कानूनी हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली प्रवास के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मिले थे। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री शाह को लेकर बने हालात पर चर्चा की। सीनियर वकीलों से भी इस मामले में सलाह ली गई है, ताकि कोर्ट में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सके। सरकार कुछ मामलों में जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग कोर्ट से कर सकती है। इस मुद्दे पर भी पार्टी और सरकार स्तर पर मंथन हुआ है। दो दिन पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह को फिर से माफी मांगने के लिए कहा गया था। इसके बाद 7 फरवरी को मंत्री शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। पूरे मामले में यह उनकी चौथी माफी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सुनवाई को देखते हुए सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और कोर्ट के रुख पर लगातार नजर बनाए हुए है। बता दें, मंत्री विजय शाह ने 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा में ऑपरेशन सिंदूर के बाद सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। बताया जा रहा है कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ वकीलों से भी सलाह ली है, ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखा जा सके। सरकार यह भी विचार कर रही है कि कुछ बिंदुओं पर जांच के आधार पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग अदालत से की जाए। इस पहलू पर पार्टी और सरकार, दोनों स्तरों पर मंथन हुआ है। प्रदेश अध्यक्ष की मुलाकात और माफी का दबाव इस पूरे घटनाक्रम से पहले, दो दिन पूर्व बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से मिले थे। इसके बाद ही मंत्री विजय शाह से एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया। इसी क्रम में 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने लिखित माफी पढ़कर सार्वजनिक रूप से क्षमा याचना की, जिसका वीडियो भी जारी किया गया। यह इस पूरे विवाद में उनकी चौथी माफी थी। क्या है पूरा विवाद? मामले की जड़ 11 मई 2025 की है, जब मंत्री विजय शाह ने महू के रायकुंडा क्षेत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। यह बयान सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया हुई। इस बयान को सेना, महिलाओं और एक समुदाय के प्रति आपत्तिजनक बताते हुए विरोध दर्ज कराया गया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। पहली और दूसरी माफी: विवाद बढ़ने पर मंत्री विजय शाह ने 13 मई 2025 को पहली बार माफी मांगी। उन्होंने कहा, “सोफिया बहन ने देश का मान-सम्मान बढ़ाया है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। दुखी मन से और इतनी विपरीत परिस्थितियों में अगर मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया है, तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं।” अगले दिन, 14 मई 2025 को लगभग इसी शब्दों में उन्होंने दोबारा माफी दोहराई। हालांकि, इन दोनों माफियों को लेकर यह सवाल उठता रहा कि क्या वे पर्याप्त और बिना शर्त थीं। तीसरी माफी: 23 मई 2025 का विस्तृत बयान 23 मई 2025 को मंत्री विजय शाह ने एक लंबा बयान जारी करते हुए तीसरी बार माफी मांगी। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुए जघन्य हत्याकांड से उनका मन विचलित था और उसी मानसिक स्थिति में उनसे भाषाई भूल हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति या समुदाय को ठेस पहुंचाना नहीं था और वे भारतीय सेना, कर्नल सोफिया कुरैशी तथा देशवासियों से पूरी तरह क्षमा प्रार्थी हैं। चौथी माफी: 7 फरवरी 2026, कोर्ट की सुनवाई से पहले सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से ठीक पहले, 7 फरवरी को मंत्री विजय शाह ने चौथी बार सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनके शब्द देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकल गए थे, जो उनकी वास्तविक भावना के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा और संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है, इस घटना से उन्होंने आत्ममंथन किया है और भविष्य में ऐसी गलती दोहराई नहीं जाएगी। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी नजर अब पूरे मामले की दिशा सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई से तय होगी। अदालत यह निर्णय कर सकती है कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी या राज्य सरकार की दलीलों और माफियों को देखते हुए कोई अन्य रास्ता अपनाया जाएगा।  

अमित शाह का तोहफा: MP में 550 करोड़ की मदद, बिजली बिल में आएगी राहत

भोपाल भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल (IISER) में जल्द ही ऐसा रिसर्च पार्क तैयार किया जाएगा जहां भविष्य की बिजली तैयार करने के फॉर्मूले खोजे जाएंगे। 550 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस सोलर रिसर्च पार्क एवं सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी सेंटर के लिए सरकार ने 52 एकड़ जमीन दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिर्फ सोलर प्लांट नहीं, बल्कि क्लीन एनर्जी की नई तकनीकों की प्रयोगशाला होगा जहां सूरज, हवा, पानी और और हाइड्रोजन से सस्ती और ज्यादा बिजली बनाने पर काम होगा। यह रिसर्च सेंटर आइसर के केमिस्ट्री, फिजिक्स, अर्थ एंड एनवायरनमेंटल केमिस्ट्री, इलेक्ट्रिकल और केमिकल इंजीनियरिंग, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभागों द्वारा मिलकर स्थापित किया जा रहा है।   क्या होगा यहां खास यहां वैज्ञानिक सिर्फ सोलर पैनल नहीं लगाएंगे, बल्कि यह समझेंगे कि पैनल ज्यादा बिजली कैसे बनाएं, बादलों और रात में ऊर्जा कैसे स्टोर हो और बिजली बिना नुकसान घरों तक कैसे पहुंचे। सेंटर में एआइ आधारित ऊर्जा प्रबंधन, क्वांटम सेमीकंडक्टर, स्मार्ट ग्रिड और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी भविष्य की तकनीकों पर भी काम होगा।   छात्रों के लिए नई राह आइसर और अन्य तकनीकी संस्थानों के छात्रों को यहां किताबों से हटकर जानकारी मिलेगी। वे लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री एक्सपेरिमेंट और हाईटेक लैब में रिसर्च कर सकेंगे। इससे स्टार्टअप, पेटेंट और इंटरनेशनल कोलेबोरेशन बढ़ेंगे। ऊर्जा क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। इसके साथ ही आइसर में एमटेक रिन्यूएबल एनर्जी कोर्स भी शुरू किया जाएगा।   सोलर रिसर्च पार्क का भूमिपूजन गृह मंत्री 13 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। कार्यक्रम में ऊर्जा कंपनियों के प्रतिनिधि, वैज्ञानिक और नीति निर्माता शामिल होंगे। भूमिपूजन के साथ ही परियोजना का निर्माण औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। शहर को क्या मिलेगा     ग्रीन एनर्जी उपयोग बढ़ेगा     प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी     लोकल जॉब्स बढ़ेंगी     नई इंडस्ट्री निवेश आएगा     स्मार्ट बिजली सप्लाई मॉडल विकसित होंगे। इन 5 कामों पर फोकस     ज्यादा बिजली बनाने वाले सोलर सेल     सस्ता ग्रीन हाइड्रोजन     बिजली सप्लाई में कम नुकसान     कार्बन उत्सर्जन में कमी     विंड एनर्जी को सस्ता बनाना 52 करोड़ की भूमि होगी चिन्हित- आइसर निदेशक हमें ऊर्जा अनुसंधान के लिए 52 एकड़ भूमि मिली है, जहां रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल्स और ग्रीन हाइड्रोजन पर शोध होगा। हमारा लक्ष्य है सौर पैनलों से अधिकतम ऊर्जा कैप्चर और हाइड्रोजन परिवहन को अधिक कुशल बनाना।- प्रो. गोवर्धन वास, निदेशक, आइसर

गंभीर के घर हुआ टीम इंडिया का शानदार ‘फैमिली गेट-टुगेदर’, खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ एक साथ

नई दिल्ली आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम अपना दूसरा ग्रुप मुकाबला 12 फरवरी को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में नामीबिया से खेलेगी. इस मुकाबले से पहले टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने रविवार को दिल्ली स्थित अपने आवास पर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए खास डिनर पार्टी रखी. डिफेंडिंग चैम्पियन टीम इंडिया नामीबिया के खिलाफ होने वाले महत्वपूर्ण मैच से पहले यहां टीम बॉन्डिंग, रणनीति और मानसिक मजबूती पर फोकस करती दिखी. समाचार एजेंसी ANI की ओर से शेयर किए गए वीडियो में गंभीर अपने घर पहुंचते नजर आए, जहां बैटिंग कोच सितांशु कोटक समेत कई सपोर्ट स्टाफ सदस्य मौजूद थे. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला भी इस खास आयोजन में शामिल हुए. खिलाड़ियों ने यहां हल्के-फुल्के माहौल में समय बिताया और अगले मैच की तैयारियों पर अनौपचारिक चर्चा भी की.     अमेरिका के खिलाफ सूर्या का धमाका     भारत ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में अपने पहले मुकाबले में संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) को 29 रनों से हराया था, लेकिन मैच आसान नहीं रहा. भारतीय टॉप ऑर्डर पूरी तरह बिखर गया था और टीम 77 रनों पर 6 विकेट गंवा चुकी थी. ऐसे मुश्किल वक्त में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जिम्मेदारी संभालते हुए 49 गेंदों पर नाबाद 84 रनों की शानदार पारी खेली. गौतम गंभीर पहले भी टीम इंडिया के लिए ऐसे आयोजन करते रहे हैं. इससे पहले दिल्ली में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के दौरान भी उन्होंने टीम को अपने घर आमंत्रित किया था. माना जाता है कि गंभीर टीम में पारिवारिक माहौल बनाने और खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के लिए ऐसे कदम उठाते हैं, खासकर जब टीम किसी बड़े टूर्नामेंट के लिए उतरती है. सूर्यकुमार यादव की इस पारी में 10 चौके और 4 छक्के शामिल थे. उन्होंने लगभग अकेले दम पर टीम को 9 विकेट पर 161 रनों तक पहुंचाया, जबकि 18 ओवर में भारत का स्कोर 7 विकेट पर 128 रन ही था. मुश्किल पिच पर जहां बाकी बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए, वहीं सूर्यकुमार ने शानदार संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाया. जसप्रीत बुमराह की जगह प्लेइंग-11 में शामिल हुए मोहम्मद सिराज ने भी अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा. उन्होंने चार ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट झटके और मैच भारत के पक्ष में मोड़ दिया. इससे पहले साउथ अफ्रीका में जन्मे शैडली वैन शल्कविक ने भारतीय बल्लेबाजी को एक ही ओवर में तीन विकेट झटक लिए थे, जिससे भारत एक समय मुश्किल स्थिति में था. यूएसए पर जीत के बाद अब टीम इंडिया की नजर नामीबिया के खिलाफ होने वाले अगले मुकाबले पर है. इस मैच में जीत भारत की सुपर 8 में जगह लगभग पक्की कर सकती है. गंभीर के घर आयोजित यह खास डिनर खिलाड़ियों के लिए मानसिक रूप से तरोताजा होने, पिछले मैच की कमियों पर चर्चा करने और अगले मुकाबले से पहले नई ऊर्जा के साथ मैदान में उतरने का बेहतरीन मौका माना जा रहा है.

श्रीलंका का शानदार शुरुआत: हसारंगा-तीक्ष्णा की घातक गेंदबाजी से आयरलैंड हारा

कोलंबो टी20 वर्ल्ड का छठा मैच 8 फऱवरी श्रीलंका और आयरलैंड के बीच खेला गया. ये मुकाबला कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में हुआ. आयरलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए आयरलैंड के सामने 164 रनों का लक्ष्य रखा था. जवाब में आयरिश टीम 19.5 ओवरों में 143 रनों पर सिमट गई. श्रीलंका की ओर से स्पिन गेंदबाजों वानिंदु हसारंगा और महीश तीक्ष्णा ने तीन-तीन विकेट लिए. ग्रुप चरण की शुरुआत में ही दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम था क्योंकि शुरुआती जीत आगे की राह आसान कर सकती है. श्रीलंका (प्लेइंग इलेवन): पथुम निसंका, कामिल मिशारा, कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), पवन रथनायके, कामिंदु मेंडिस, दासुन शनाका (कप्तान), डुनिथ वेलालगे, वानिंदु हसारंगा, दुष्मंथा चमीरा, महीश तीक्ष्णा, मथीशा पथिराना. आयरलैंड (प्लेइंग इलेवन): पॉल स्टर्लिंग (कप्तान), रॉस अडायर, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (विकेटकीपर), कर्टिस कैम्फर, बेंजामिन कैलिट्ज, जॉर्ज डॉकरेल, गैरेथ डेलानी, मार्क अडायर, बैरी मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज. श्रीलंका ने इस मुकाबले में घरेलू परिस्थितियों फायदा उठाया. कोलंबो की पिच और माहौल से अच्छी तरह वाकिफ श्रीलंकाई टीम के पास संतुलित बल्लेबाजी और मजबूत गेंदबाजी आक्रमण है. बल्लेबाजी की जिम्मेदारी पथुम निसंका, कुसल मेंडिस और कप्तान दासुन शनाका के कंधों पर है, जो शुरुआत से ही रन गति बनाए रखने की कोशिश करते हैं. आयरलैंड की टीम इस टूर्नामेंट में आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरने और आक्रामक क्रिकेट खेलने का इरादा लेकर उतरी है. कप्तान पॉल स्टर्लिंग टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज हैं और अगर उन्हें अच्छी शुरुआत मिलती है तो वे अकेले दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं. जोश लिटिल नई गेंद से श्रीलंका के शीर्ष क्रम को चुनौती दे रहे, जबकि कर्टिस कैम्फर बल्ले और गेंद दोनों से टीम को संतुलन देने की भूमिका निभा रहे. कैसा रहता है पिच का मिजाज कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम की पिच आमतौर पर धीमी रहती है और यहां स्पिन गेंदबाज़ों को मदद मिलती है. अब तक खेले गए टी20 मुकाबलों में यहां औसत स्कोर 140 के आसपास रहा है. इस मैदान पर लक्ष्य का पीछा करने वाली टीमों को ज़्यादा सफलता मिली है, जिससे टॉस की भूमिका अहम हो सकती है. टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में श्रीलंका और आयरलैंड की अब तक 4 बार भिड़ंत हुई है और चारों मुकाबले श्रीलंका ने जीते हैं. आंकड़ों के लिहाज से मेजबान टीम का पलड़ा भारी रहा है. इस मुकाबले में भी ऐसा ही देखने को मिला.

कानपुर अस्पताल में हादसा: नर्सिंग स्टाफ की लापरवाही से नवजात की मौत, डॉक्टरों का भागना

 कानपुर कानपुर के बिठूर इलाके में स्थित राजा नर्सिंग होम में शाम अरुण निषाद की नवजात बच्ची की वार्मर मशीन में जलने से मौत हो गई. शालू नाम की महिला ने शाम करीब 4-5 बजे एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था. अस्पताल की नर्सों ने बच्ची को ठंड से बचाने के लिए उसे आईसीयू की वार्मर मशीन पर रखा था. नर्सिंग स्टाफ मशीन चलाकर उसकी निगरानी करना भूल गया, जिससे मशीन का तापमान अत्यधिक बढ़ गया. इस तकनीकी और मानवीय लापरवाही के कारण मासूम का शरीर काला पड़ गया और उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई. परिजनों का हंगामा, डॉक्टर फरार  बच्ची के जन्म के बाद परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन लापरवाही ने इसे मातम में बदल दिया. जब परिजनों ने बच्ची को देखने की जिद की, तो नर्सों ने उन्हें टाल दिया. शक होने पर परिजन जबरन आईसीयू में घुसे तो देखा कि मासूम का सिर और हाथ बुरी तरह जल चुके थे. इस घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा मच गया. स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर विवेक मिश्रा और पूरा स्टाफ अस्पताल छोड़कर मौके से फरार हो गया. पुलिस की कार्रवाई   सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला. डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और अस्पताल के आईसीयू को सील कर दिया गया है.स्वास्थ्य विभाग को भी इस संबंध में सूचित किया गया है. पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उधर, अस्पताल संचालक ने इसे महज एक 'हादसा' करार दिया है. पीड़ित परिवार का बुरा हाल यह अरुण की पहली संतान थी, जिसकी मौत ने परिवार को तोड़कर रख दिया है. बच्ची की दादी प्रेमा और अन्य रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है. सबसे दुखद पहलू यह है कि अभी तक बच्ची की मां शालू को उसकी मौत की खबर नहीं दी गई है. परिजनों की मांग है कि इस आपराधिक लापरवाही के जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और अस्पताल का लाइसेंस रद्द हो.

दिल्ली के 9 स्कूलों को बम धमकी, जांच में जुटी बम स्क्वाड और पुलिस

 नई दिल्ली दिल्ली के कई इलाकों में सोमवार सुबह अफरा-तफरी मच गई, जब सुबह करीब 8.30 से 9 बजे के बीच शहर के 9 बड़े स्कूलों को बम की धमकी वाली कॉल मिली. स्कूलों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. इसके बाद दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और बम स्क्वॉड मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. सुरक्षा के लिए बच्चों और स्टाफ को बाहर निकालकर स्कूल की पूरी तलाशी ली गई. बताया जा रहा है कि सभी कॉल लगभग एक ही समय पर आईं, इसलिए एजेंसियां सतर्क हैं. फिलहाल पुलिस कॉल करने वाले की पहचान करने की कोशिश कर रही है. जिन 9 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है, उनमें दिल्ली कैंट का लॉरेटो कॉन्वेंट स्कूल, श्रीनिवासपुरी का केम्ब्रिज स्कूल, रोहिणी का वेंकटेश्वर स्कूल, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी का केम्ब्रिज स्कूल, सादिक नगर का इंडियन स्कूल, रोहिणी का CM श्री स्कूल, आईएनए का DTA स्कूल, रोहिणी का बाल भारती स्कूल और न्यू राजेंद्र नगर का वनस्थली स्कूल शामिल हैं. इन सभी स्कूलों में सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है और एहतियाती कदम उठाए गए हैं. ईमेल में क्या लिखा है? धमकी भरे ईमेल में उकसावे और भड़काऊ संदेश लिखे गए हैं, जिसमें "दिल्ली बनेगा खालिस्तान", "अफजल गुरु की याद में" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया. मेल में यह भी दावा किया गया कि 13 फरवरी को दोपहर 1:11 बजे स्कूल में धमाका होगा और अंत में खुद को "खालिस्तान नेशनल आर्मी" के नाम से जोड़ा गया. हालांकि इस तरह के संदेशों को सुरक्षा एजेंसियां बेहद गंभीरता से लेते हुए जांच करती हैं और आमतौर पर लोगों से अपील की जाती है कि ऐसे दावों पर घबराने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें. जनवरी से फरवरी 2026 के बीच दिल्ली-एनसीआर में स्कूलों को बम की धमकियों का सिलसिला लगातार देखा गया है. 7 फरवरी को बड़े पैमाने पर भेजे गए एक ईमेल के बाद 50 से अधिक स्कूलों को खाली कराया गया था, जिसे बाद में गृह मंत्रालय ने फर्जी बताया. इससे पहले 28-29 जनवरी को सरदार पटेल विद्यालय, लॉरेटो कॉन्वेंट और डॉन बॉस्को समेत पांच स्कूलों को धमकियां मिली थीं, लेकिन जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला और कुछ ही घंटों में परिसर सुरक्षित घोषित कर दिए गए.

ट्रेड डील से बढ़ा भरोसा, शेयर बाजार ने पकड़ी रफ्तार, सेंसेक्स 84,000 के ऊपर

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को तूफानी तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत ही है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE Sensex) खुलने के साथ ही लंबी छलांग लगाते हुए 84,000 के पार निकल गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) भी अपनी ओपनिंग के साथ ही 26,000 के करीब जा पहुंचा. इस बीच SBI, Tata Steel, Titan के साथ ही आईटी सेक्टर की कंपनियों TCS, HCL Tech, Infosys के शेयर भी रफ्तार पकड़ते हुए नजर आए. बाजार में ये जोरदार तेजी भारत-अमेरिका ट्रेड डील का फ्रेमवर्क (India-US Trade Deal Framework) जारी होने के बाद देखने को मिली है.  सेंसेक्स-निफ्टी की तूफानी शुरुआत  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,580.40 की तुलना में रॉकेट की रफ्तार से भागते हुए 84,177 पर ओपन हुआ और अगले ही पल करीब 700 अंकों से ज्यादा की उछाल मारकर 84,314.68 के लेवल पर जा पहुंचा. Sensex के साथ ही एनएसई का निफ्टी भी अपने शुक्रवार के बंद 25,693.70 की तुलना में उछलकर 25,888.70 पर खुला और फिर 25,922 के स्तर तक उछल गया.  ये बड़े शेयर खुलते ही भागने लगे  भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आई इस तेजी के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही रॉकेट की रफ्तार से भागने लगे. इनमें आईटी सेक्टर की कंपनियों के स्टॉक्स भी शामिल थे. बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल SBI Share (6.20%), Titan Share (2%), Eternal Share (1.50%), Kotak Bank Share (1.46%), Tata Steel Share (1.30%) की शुरुआती तेजी में ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा लार्जकैप में टीसीएस, रिलायंस, बीईएल, टीसीएस, एचसीएल टेक और इंफोसिस भी ग्रीन जोन में थे.  मिडकैप में Godrej Properties Share (4.90%), Bharat Forge Share (2.10%), Policy Bazar Share (2.10%). Bhel Share (1.80%) उछलकर कारोबार करते नजर आए, तो स्मॉलकैप कैटेगरी में Hindustan Copper Share (4.30%), Poonawalla Share (2.50%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहा था.  विदेशों से मिल रहे थे ग्रीन सिग्नल  Indian Stock Market में तेजी के पॉजिटिव सिग्नल पहले से ही विदेशों से मिल रहे थे. जहां अमेरिकी शेयर बाजार बीते शुक्रवार को धुआंधार तेजी के साथ क्लोज हुए थे, तो वहीं सोमवार को Gift Nifty समेत तमाम एशियाई बाजारों में भी तूफानी तेजी देखने को मिली. जापान का निक्केई (Japan Nikkei) करीब 5 फीसदी या 2400 अंकों के आसपास की उछाल के साथ 56,600 के पार ट्रेड कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स (Hang Seng) 390 अंक या 1.50 फीसदी चढ़कर 26,950 पर कारोबार करता दिखाई दिया. साउथ कोरिया के कोस्पी (KOSPI Index) में भी रॉकेट सी तेजी नजर आई और ये इंडेक्स करीब 4 फीसदी की उछाल के साथ 5290 पर पहुंच गया.  ट्रेड डील की डिटेल आ गई समझ बीते दिनों जब डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील (India-US Trade Deal) पर सहमति का बड़ा ऐलान किया था, तो उसके तुरंत बाद शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स तूफानी तेजी के साथ भागे थे और फिर जैसे-जैसे इसे लेकर अपडेट आते गए बाजार उछलता गया. बीते सप्ताह सेंसेक्स 2800 अंक से ज्यादा की बढ़त में रहा था और सेंसेक्स की टॉप-10 कंपनियों में से आठ की मार्केट वैल्यू में कंबाइंड रूप से 4.55 लाख करोड़ का इजाफा हुआ था.  अब ट्रेड डील को लेकर फ्रेमवर्क भी जारी किया जा चुका है और शेयर बाजार को भी इस व्यापार समझौते के नफा नुकसान साफ समझ आने लगे हैं, जिसका सीधा असर बाजार पर देखने को मिल रहा है. बता दें कि डील के तहत कई सामानों पर Zero Tariff, तो कई पर लागू टैरिफ कम करने का प्रस्ताव है, वहीं अमेरिका द्वारा भारत पर लागू रेसिप्रोकल टैरिफ भी 18% किया गया है. 

पूर्वी भारत के प्रसिद्ध मंदिरों तक ले जाएगी भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन, देखें यात्रा योजना

नई दिल्ली पूर्वी भारत के प्रमुख हिंदू मंदिरों के दर्शन की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) की ओर से संचालित भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को पूर्वी भारत के दिव्य मंदिरों की यात्रा कराई जाएगी। यह 10 दिन की यात्रा श्रद्धालुओं को वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम (ज्योतिर्लिंग) सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करवाएगी। इस यात्रा के दौरान यात्रियों को सुविधाजनक ट्रेन यात्रा के साथ पूजा स्थल भ्रमण और स्थानीय अनुभव का अवसर भी मिलेगा। IRCTC की साइट से टिकट बुकिंग कर पाएंगे यात्री दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन 9 मार्च को रवाना होगी। इस यात्रा में लगभग 150 यात्रियों के जाने की व्यवस्था है। इच्छुक यात्री IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट से टिकट बुक कर सकते हैं। इस बार के टूर के माध्यम से यात्रियों को पूर्वी भारत के प्रमुख दिव्य मंदिरों के दर्शन कराए जाएंगे, जिनमें वाराणसी, कोलकाता, गंगासागर, पुरी, भुवनेश्वर, कोणार्क, चिलिका और बैद्यनाथ धाम (ज्योतिर्लिंग) शामिल हैं। यात्रा के दौरान न केवल मंदिरों बल्कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों पर भी भ्रमण कराया जाएगा। IRCTC की यह पहल देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रियों को धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभव एक साथ उपलब्ध कराने के लिए की जा रही है। 18 मार्च को सफदरजंग वापस लौटेगी गाड़ी इस 10 दिन की यात्रा में श्रद्धालुओं को वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन का अवसर मिलेगा और साथ ही गंगा आरती का भी अनुभव कराया जाएगा। इसके अलावा, कोलकाता में यात्रियों को विक्टोरिया मेमोरियल, काली घाट और दक्षिणेश्वर काली मंदिर का दर्शन कराया जाएगा। यात्रा का अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा पुरी के जगन्नाथ मंदिर और झारखंड स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर की यात्रा है। यह धार्मिक और सांस्कृतिक यात्रा 9 मार्च को दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और 18 मार्च को वहीं वापस लौटेगी। इस दौरान यात्रियों को उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भी भ्रमण कराए जाने की योजना है, जिससे यह यात्रा धार्मिक श्रद्धा और सांस्कृतिक अनुभव दोनों के लिए यादगार बनेगी। पैकेज में क्या-क्या शामिल भारत गौरव डीलक्स टूरिस्ट ट्रेन में एसी की तीनों श्रेणियों के कोच उपलब्ध होंगे। यात्रियों को इस पैकेज में शाकाहारी भोजन और सुरक्षा का पूरा बंदोबस्त भी मिलेगा। किराया विवरण (प्रति यात्री) फर्स्ट एसी: ₹1,06,940, सेकंड एसी: ₹98,925, थर्ड एसी: ₹79,285 इस पैकेज में यात्रियों के होटल में ठहरने, खाने, एसी गाड़ी, यात्रा बीमा (इंश्योरेंस) का खर्च शामिल है, जिससे श्रद्धालु आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव कर सकें।

रांची समेत पूरे झारखंड में बढ़ी ठिठुरन, कड़ाके की ठंड और कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें

रांची झारखंड में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। बीते कुछ दिनों से तापमान में आई बढ़ोतरी के बाद अब राज्य में कड़ाके की ठंड ने जोर पकड़ लिया है। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान गिरकर 6.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को ठिठुरन भरी ठंड का सामना करना पड़ रहा है। राज्य के अन्य जिलों में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है। शीतलहर अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है मौसम विभाग के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में हो रही भारी बफर्बारी और वहां से आने वाली ठंडी हवाओं का सीधा असर झारखंड के मौसम पर पड़ रहा है। विभाग का कहना है कि यह शीतलहर अगले एक सप्ताह तक बनी रह सकती है। पिछले 24 घंटों में कई जिलों में न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। डाल्टनगंज में तापमान 8.02 डिग्री, खूंटी में 8.6 डिग्री, जबकि लातेहार और लोहरदगा में यह 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। राज्य के कम से कम 13 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। इनमें रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, हजारीबाग, रामगढ़ और पलामू प्रमुख हैं। ठंड के साथ-साथ सुबह के समय घना कोहरा भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। "सूर्योदय के बाद ही घर से निकलें" मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, पलामू और रांची में सुबह के समय द्दश्यता घटकर मात्र 50 मीटर तक रह सकती है। ऐसे में वाहन चालकों और यात्रियों को विशेष सतकर्ता बरतने तथा सूर्योदय के बाद ही घर से निकलने की सलाह दी गई है। हालांकि, दिन के अधिकतम तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है। अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि जमशेदपुर में यह 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।  

सफर होगा आसान! यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे उतारेगा लगभग 1500 ट्रेनें

नई दिल्ली होली का त्योहार नजदीक है और इस त्योहार पर घर लौटने वाले यात्रियों की संख्या हर साल बढ़ जाती है। इसे देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए मार्च महीने में 1,410 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। ये संख्या मांग बढ़ने पर 1,500 तक बढ़ाई जा सकती है। आपको बता दें कि पिछले साल 2025 में 1,144 स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। रेलवे का यह कदम सुनिश्चित करता है कि त्योहार के दौरान यात्रियों को सुगम और सुरक्षित यात्रा मिल सके। स्पेशल ट्रेनों का संचालन न केवल भीड़ को नियंत्रित करेगा, बल्कि प्रमुख शहरों और ग्रामीण इलाकों के बीच कनेक्टिविटी भी मजबूत करेगा। इस बार के अभियान में हर जोन ने यात्रियों की बढ़ती मांग के अनुसार ट्रेन परिचालन में वृद्धि की है। आइए जानते हैं कि किस रूट पर कितनी ट्रेनें चलेंगी।   पूर्व मध्य रेलवे     पूर्व मध्य रेलवे इस होली पर सबसे ज्यादा 285 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।     यह जोन बिहार, झारखंड और आसपास के क्षेत्रों को कवर करता है।      इन ट्रेनों का मुख्य उद्देश्य त्योहार के समय भारी भीड़ में यात्रियों को सुविधा प्रदान करना है। पश्चिम रेलवे     पश्चिम रेलवे ने 231 स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है।      मुंबई और गुजरात से जुड़े मार्गों पर यह ट्रेनों का संचालन किया जाएगा।     इसकी वजह से यात्रियों को भीड़-भाड़ से बचते हुए यात्रा का बेहतर अनुभव मिल सकेगा।  मध्य रेलवे     मध्य रेलवे 209 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।     ये विशेष ट्रेनें मुख्य रूप से मध्य भारत के प्रमुख शहरों और छोटे कस्बों के बीच यात्रा को आसान बनाएंगी। दक्षिण मध्य रेलवे     दक्षिण मध्य रेलवे कुल 160 ट्रेनें चलाएगा।     ये जोन हैदराबाद, विजयवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों को कवर करता है और यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल ट्रेन परिचालन करेगा। उत्तर रेलवे     उत्तर रेलवे 108 स्पेशल ट्रेनें संचालित करेगा।     दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मार्गों पर ये ट्रेनें होली के अवसर पर यात्रियों को सुविधा प्रदान करेंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे उत्तर पश्चिम रेलवे 71 स्पेशल ट्रेनें चलाएगा।     राजस्थान और आसपास के राज्यों में इन ट्रेनों से यात्रा आसान और सुरक्षित होगी। उत्तर मध्य रेलवे     उत्तर मध्य रेलवे द्वारा 66 स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना है।     यह जोन मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में कनेक्टिविटी बढ़ाने का काम करेगा।     दोनों जोन 62-62 स्पेशल ट्रेनें चलाएंगे।     ये ट्रेनें पूर्वोत्तर राज्यों और तटीय क्षेत्रों में त्योहार के समय यात्रियों को सुविधा देंगी।       दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR): 47 ट्रेनें     पश्चिम मध्य रेलवे (WCR): 43 ट्रेनें     दक्षिण रेलवे (SR): 39 ट्रेनें     दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR): 15 ट्रेनें      कोंकण रेलवे (KR): 9 ट्रेनें      पूर्वोत्तर सीमा रेलवे (NFR): 2 ट्रेनें