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कोर्ट में राहुल गांधी का बड़ा आरोप—हाइलाइट होने के लिए केस दर्ज, सबूतों से छेड़छाड़

नई दिल्ली गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए बयान और मानहानि के मुकदमे में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को अपने पक्ष रखने के लिए यूपी की सुल्तानपुर कोर्ट में पेश हुए। राहुल गांधी ने कोर्ट में कहा कि राजनीतिक द्वेष की भावना से मेरी और मेरी पार्टी की छवि धूमिल करने के लिए सत्ता पक्ष की तरफ से यह साजिश रची गई है। राहुल ने कहा कि सीडी सत्यापित नहीं है, इसमें छेड़छाड़ की गई है। मेरे ऊपर लगाए गए सारे आरोप गलत और बेबुनियाद हैं। मेरे बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है। कहा कि मेरा आशय किसी का अपमान करने का नहीं था। कहा कि हमारी छवि खराब करने के लिए दुर्भावना वश केवल हाईलाइट होने के लिए मेरे खिलाफ यह मुकदमा दायर किया गया है। राहुल गांधी के साथ इस दौरान कोर्ट में अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल के अलावा राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी, यूपी प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, प्रदेश महासचिव विवेकानंद पाठक व अन्य लोग भी मौजूद रहे। राहुल गांधी पर करीब 8 वर्ष पहले मानहानि का मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में दाखिल किया गया था। मामला कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अमित शाह पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है। भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ परिवाद दायर किया था। पिछली सुनवाई में अदालत ने उन्हे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बयान दर्ज कराने का अंतिम मौका दिया था। फिलहाल राहुल गांधी इस मामले में जमानत पर हैं। राहुल की पेशी को देखते हुए कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल की पहले से तैनाती की गई थी। बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता भी इस दौरान कोर्ट के बाहर पहुंचे। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने बताया कि उनका बयान कोर्ट नंबर 19 में हुई है। अब अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। वहीं, राहुल गांधी पर परिवाद दाखिल कराने वाले विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कहा कि 2018 में राहुल गांधी ने बंगलुरु की प्रेस कांफ्रेंस में अमित शाह को हत्या का अभियुक्त बताया था। इसी से क्षुब्ध होकर विजय मिश्रा ने परिवाद दाखिल किया था। प्रथमदृष्टया कोर्ट ने केस को स्वीकार किया था। 313 के मामले में स्वयं उपस्थित होना था। आज वह खुद उपस्थित हुए और कहा कि इस बारे में हम साक्ष्य उपलब्ध कराएंगे। राहुल गांधी ने सभी आरोपों से इनकार किया है। अपने पक्ष में बयान और सफाई साक्ष्य उन्हें उपलब्ध कराना होगा। इसके लिए जो भी दस्तावेज हों वह दाखिल कर सकते हैं। यह भी कहा कि मेरा केस बहुत मजबूत है। इस मामले में दो साल तक की सजा का प्रावधान है।  

दुनिया के सबसे बड़े AI गठबंधन में भारत शामिल, चीन-पाकिस्तान रह गए किनारे

वाशिंगटन भारत ने AI समिट से इतर शुक्रवार को अमेरिका के नेतृत्व वाले Pax Silica अलायंस को जॉइन कर लिया है। यह समझौता नई दिल्ली में हुआ और इसके साथ ही भारत सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया के सबसे बड़े गठबंधन का हिस्सा बन गया है। इस संगठन का उद्देश्य यह है कि सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ्स मैटीरियल्स की सप्लाई किसी भी तरह से बाधित ना हो। खासतौर पर ऐसे देशों पर निर्भरता कम की जा सके, डो इस अलायंस का हिस्सा नहीं हैं। किसी का नाम इस समझौते में नहीं लिया गया है, लेकिन संगठन के मकसद से साफ है कि इशारा चीन की ओर है। पाकिस्तान भी इसका हिस्सा नहीं है। अमेरिका और भारत के अलावा Pax Silica में ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इजरायल, जापान, कतर, साउथ कोरिया, सिंगापुर, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं। इस समझौते के तहत यह तय हुआ है कि संबंधित देश सप्लाई चेन को मजबूत करेंगे और एक अच्छा ग्लोबल टेक ईकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। AI समिट के आखिरी दिन इस समझौते पर साइन किए गए हैं। 5 दिन के इस आयोजन में दुनिया भर के टेक लीडर्स पहुंचे हैं। इसके अलावा AI सेक्टर में काम करने वाले करीब 600 स्टार्टअप्स भी इसका हिस्सा बने हैं। इस समझौते की जानकारी देते हुए आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'दुनिया का भारत पर भरोसा है। हमारे पास एक बड़ा टैलेंट पूल है। इसके साथ ही हम ऐसी विदेश नीति अपनाते हैं, जिससे लोगों में भरोसा पैदा होता है। हमने Pax Silica में शामिल होने पर सहमति दी है। यह ग्रुप सेमीकंडक्टर की सप्लाई चेन, मैन्युफैक्चरिंग और चिप डिजाइन के लिहाज से अहम है।' उन्होंने कहा कि इसका हिस्सा बनने से भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। अश्विनी वैष्णव बोले- 10 प्लांट तैयार, बननी शुरू होगी चिप वैष्णव ने कहा कि देश में 10 प्लांट तैयार हो चुके हैं। जल्दी ही पहला सेमीकंडक्टर प्लांट उत्पादन शुरू कर देगा। फिलहाल भारत में सबसे अडवांस नैनोमीटर चिप्स को डिजाइन किया जा रहा है। भारत में तेजी से AI और सेमीकंडक्टर बिजनेस में ईकोसिस्टम खड़ा हो रहा है और Pax Silica समझौता इस दिशा में अहम कड़ी है। इस समझौते के साइन होने के मौके पर अमेरिकी राजदूत सेरजियो गोर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हम इसमें भारत का स्वागत करते हैं। Pax Silica एक ऐसा समझौता है, जो फ्री सोसायटी तैयार करेगा। इसके माध्यम से कहीं भी आविष्कार हो, सभी लोग साथ होंगे और सप्लाई चेन में किसी भी तरह से प्रभाव नहीं पड़ेगा। बता दें कि एआई समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि भविष्य में एआई यदि अहम है तो उसकी दिशा में भारत और अमेरिका का समझौता मायने रखता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की पार्टनरशिप से AI का फायदा हर किसी को मिल सकेगा। पिचाई ने कहा कि गूगल को इस बात पर गर्व है कि हम दोनों देशों के बीच संबंधों में एक सेतु बने हैं।  

सरकार का लक्ष्य गांव-गांव तक सड़क, सिंचाई और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना : मंत्री केदार कश्यप

रायपुर सरकार का लक्ष्य गांव-गांव तक सड़क, सिंचाई और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना : मंत्री  केदार कश्यप वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि सरकार का उद्देश्य दूरस्थ गांवों तक सड़क, सिंचाई और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाकर ग्रामीण जीवन को आसान बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि करोड़ों रुपये के इन विकास कार्यों से किसानों को बेहतर सिंचाई व्यवस्था मिलेगी, आवागमन सुगम होगा और सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को नई पहचान मिलेगी। वन मंत्री  केदार कश्यप ने  नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विकास कार्यों को नई गति देते हुए सालेमेटा और घोटिया में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान कुल लगभग 65 करोड़ 96 लाख रूपए से अधिक के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। भूमिपूजन किए गए कार्यो में सालेमेटा क्षेत्र के 6276.65 लाख रुपये और घोटिया क्षेत्र के 320.12 लाख रुपये के कार्य शामिल हैं। सालेमेटा क्षेत्र में 6276.65 लाख रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ सालेमेटा में सबसे बड़ा कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा कोसारटेडा परियोजना की मुख्य नहर के 24 किमी जीर्णोद्धार का है, जिसकी लागत 4132.58 लाख रूपए है। इसके साथ ही कोरारटेडा नाला पर एनीकट सह सौर उद्वहन सिंचाई योजना के लिए 402.59 लाख, खण्डसरा क्षेत्र में गिरलकोना एनीकट सह सौर उद्ववहन सिंचाई के लिए 423.68 लाख रुपए के कार्य का भूमिपूजन किया l इसी प्रकार मुण्डागुड़ा क्षेत्र में योजना के लिए 421.35 लाख तथा सोलगुड़ा स्टॉपडैम सह सौर उद्वहन निर्माण के लिए 422.41 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। भानपुरी स्थित सिंचाई कॉलोनी में सड़क, नाली, बाउंड्रीवाल, पानी टंकी और पाइपलाइन, क्रीडा परिसर निर्माण हेतु 350.75 लाख रूपए का कार्य भी शामिल है, जबकि पीएमजीएसवाई अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए 98.29 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा छोटे स्तर पर पुलिया निर्माण के कार्य 4.50 लाख, 09 लाख और 11.50 लाख रुपये की लागत से किए जाएंगे। जहां इन सभी कार्यों का कुल योग 6276.65 लाख रुपये है। घोटिया क्षेत्र में 320.12 लाख रुपये के विकास कार्य का भूमिपूजन दूसरे चरण में घोटिया में आयोजित कार्यक्रम में कुल 320.12 लाख रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ। यहां गुनपुर के पास नारंगी नदी पर तटरक्षण कार्य के लिए 298.62 लाख रुपये का प्रावधान है, जबकि हाई स्कूल के पास पुलिया निर्माण हेतु 09 लाख रुपए के स्वीकृत हुए। इसी तरह गुड़ीपारा और तिरथा में सांस्कृतिक भवन निर्माण के लिए पांच-पांच लाख रुपये तथा ग्राम पंचायत गुरिया में पानी टैंकर वितरण 2.50 लाख रुपये निर्धारित किए गए हैं। जहां विकास कार्यों की कुल लागत 320.12 लाख रुपये है। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष  बलदेव मंडावी,  संतोष बघेल, जिला पंचायत सदस्य  निर्देश दिवान सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन की मौजूद थे।

ट्रैफिक से छुटकारा! भारत में एयर टैक्सी की एंट्री, AI समिट में दिखा फ्यूचर ट्रांसपोर्ट

नई दिल्ली माना जा रहा है कि भविष्य में भारत को एयर टैक्सी की सुविधा जल्दी ही मिल सकती है। चर्चा है कि जल्दी ही भारत को यह मिलेगी और यह स्वदेशी तकनीक और लोगों द्वारा ही तैयार की गई है। इसे ईप्लेन नाम की कंपनी ने आईआईटी मद्रास के साथ मिलकर तैयार किया है। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI समिट में कई अलग-अलग चीजें दुनिया को देखने को मिली हैं। यहां चीनी रोबोडॉग को अपना बताने के चलते गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर सवाल उठे तो वहीं कुछ ऐसे प्रयोग भी सामने आए हैं, जिनकी काफी सराहना हो रही है। इनमें से ही एक AI संचालित एयर टैक्सी का एक मॉडल है। इसे लेकर माना जा रहा है कि भविष्य में भारत को एयर टैक्सी की सुविधा जल्दी ही मिल सकती है। चर्चा है कि जल्दी ही भारत को यह मिलेगी और यह स्वदेशी तकनीक और लोगों द्वारा ही तैयार की गई है। इसे ईप्लेन नाम की कंपनी ने आईआईटी मद्रास के साथ मिलकर तैयार किया है। इसे लेकर कंपनी का कहना है कि भारी जाम वाले शहरों में इसके इस्तेमाल से राहत मिल सकेगी। दिलचस्प बात यह है कि इसके लिए किसी तरह के रनवे की भी जरूरत नहीं होगी। कंपनी का दावा है कि 8 मिनट में यह टैक्सी 36 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है। हालांकि इसका किराया थोड़ा अधिक रहेगा। कंपनी ने उदाहरण देते हुए बताया है कि यदि बेंगलुरु के केंपेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से यूबी सिटी जाना हो तो दो घंटे का वक्त लगता है। सड़क से जाने पर कैन का किराया 1000 रुपये देना होता है। लेकिन इस एयरटैक्सी से यह सफर महज 8 मिनट में ही पूरा होगा। इसके लिए 1700 रुपये किराये के तौर पर चुकाने होंगे। एक बार की चार्जिंग पर लगा सकेगी कई राउंड इसके अलावा एक बड़ा फीचर यह भी बताया जा रहा है कि एक बार चार्ज करने के बाद यह कई ट्रिप मार सकती है। इसका नाम कंपनी ने (e-VTOL) रखा है, जिसका अर्थ है- इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेकऑफ ऐंड लैंडिंग। आमतौर पर एयरप्लेन और हेलिकॉप्टर जब उड़ान भरते हैं तो काफी आवाज आती है, लेकिन इसमें ऐसा नहीं होगा। इसकी आवाज 120 डेसिबल से कम ही होगी। यहां तक कि नीचे चल रहे लोगों को यह भी अहसास नहीं होगा कि ऊपर कोई एयर टैक्सी उड़ रही है। इसका उड़ान भरना बेहद आसान होगा और उसकी लैंडिंग में भी कोई समस्या नहीं होगी। बैटरी से ही चलेगी यह टैक्सी, खर्च भी काफी कम; डिजाइन मंजूर कंपनी के फाउंडर विकल्प मित्तल का कहना है कि इसका संचालन बैटरी से ही होगा। इसके चलते इसकी परिवहन लागत भी कम होगी। हेलिकॉप्टर्स का संचालन काफी महंगा होता है क्योंकि उनमें तेल काफी खर्च होता है। मित्तल के अनुसार इस एयरटैक्सी को पूरी तरह भारत में ही मद्रास आईआईटी में तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि चिप्स और मोटर जैसी जरूरी चीजों को भारत में ही डिजाइन किया गया है। बस उनकी मैन्युफैक्चरिंग बाहर हुई थी। मित्तल ने कहा कि उड्डयन महानिदेशालय से इसके डिजाइन के लिए अप्रूवल लिया था और उसके बाद ही इसे तैयार करने का प्रयास हुआ है। उन्होंने कहा कि पहला प्रोडक्शन मॉडल जब तैयार हो जाएगा तो इसकी टेस्टिंग की जाएगी।  

जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

रायपुर. जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज लखनपुर स्थित अपने निज निवास पर क्षेत्र के नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों से भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने न केवल आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना, बल्कि संबंधित अधिकारियों को त्वरित निराकरण हेतु निर्देशित भी किया। मंत्री  राजेश अग्रवाल का यह जनसंपर्क कार्यक्रम औपचारिकता से परे, संवेदनशील संवाद का उदाहरण बनकर सामने आया। उनके व्यवहार में सहजता, सहृदयता और आत्मीयता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। क्षेत्रवासियों ने खुलकर सड़क, पेयजल, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुविधाओं से जुड़ी मांगें मंत्री के समक्ष रखीं, जिन पर उन्होंने तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने का भरोसा दिलाया। मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याण एवं क्षेत्रीय विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक नागरिक की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।  राजेश अग्रवाल का मानना है कि जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना ही वास्तविक जनसेवा है।  अग्रवाल जनता से निरंतर संपर्क में रहकर समस्याओं के समाधान के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उनकी कार्यशैली में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता झलकती है। वे क्षेत्र के विकास को केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व मानते हैं। यही कारण है कि क्षेत्र के लोग उन्हें सहज, सुलभ और संवेदनशील जनप्रतिनिधि के रूप में देखते हैं।  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री के रूप में  राजेश अग्रवाल जहां प्रदेश में पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सक्रिय हैं, वहीं अपने विधानसभा क्षेत्र और लखनपुर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में विकास कार्यों की सतत निगरानी भी कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों ने इस अवसर पर मंत्री की संवेदनशील कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे हमेशा आमजन की बात सुनने और समाधान सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध रहते हैं। लखनपुर में आयोजित यह भेंट-मुलाकात केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम ही नहीं, बल्कि मंत्री  राजेश अग्रवाल और क्षेत्र की जनता के बीच गहरे विश्वास और आत्मिक संबंध का सशक्त प्रमाण भी है।

सुपर-8 मुकाबले से पहले अश्विन की चेतावनी: वैभव की तरह खेलो, पर भूल न करो ये गलती

नई दिल्ली चोट के बाद टीम इंडिया में वापसी कर रहे तिलक वर्मा अभी तक उस लय में नहीं दिखे हैं जिसके लिए वह जाने जाते हैं। टी20 वर्ल्ड कप में उनकी धीमी बल्लेबाजी की खूब आलोचना हो रही है। हालांकि अब पूर्व भारतीय स्पिनर आर अश्विन उनके सपोर्ट में उतरे हैं। अश्विन का कहना है कि आप वैभव (सूर्यवंशी) की तरह खेल सकते हैं, लेकिन आप तिलक की तरह भी खेल सकते हैं, जो टाइमिंग पर भरोसा करते हैं और गैप चुनते हैं। भारत ग्रुप स्टेज के अपने सभी मुकाबले जीतकर सुपर-8 में पहुंच चुका है। टीम इंडिया सेमीफाइनल की ओर कदम 22 फरवरी को बढ़ाएगी, जब उनका सुपर-8 का पहला मुकाबला साउथ अफ्रीका से होगा। इसके बाद टीम इंडिया जिम्बाब्वे और न्यूजीलैंड से भिड़ेगी। रविचंद्रन अश्विन ने ऐश की बात पर कहा, "सूर्या ने बहुत मेहनत से पारी खेली। एक्सेलरेशन पॉइंट के लिए, दुबे, हार्दिक और रिंकू थे। उन्हें पता था कि वे स्कोरिंग रेट पकड़ सकते हैं। लेकिन इंडिया आज (नीदरलैंड के खिलाफ) बैट से बहुत अच्छा नहीं था, बहुत एफिशिएंट नहीं था। लेकिन यह इतनी सॉलिड टीम है कि अपने आम दिन में भी, वे आपको हरा सकते हैं। वे उम्मीद से कम थे, अपने बेस्ट पर नहीं थे। लेकिन फिर भी, वरुण चक्रवर्ती की इतनी अच्छी बॉलिंग के बावजूद, नीदरलैंड्स उन्हें नहीं चुन सका। जसप्रीत बुमराह को पावरप्ले में स्विंग मिली और उन्होंने यॉर्कर भी फेंके।" अश्विन ने सबसे छोटे फॉर्मेट में तिलक वर्मा के अप्रोच पर भी बात की, खासकर जब वह चोट के बाद वापसी कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि T20 में सफलता हमेशा ताकत पर निर्भर नहीं करती और टाइमिंग और प्लेसमेंट की वैल्यू पर जोर दिया। अश्विन ने कहा, "तिलक वर्मा चोट के बाद वापस आ रहे हैं। हम पावर और ताकत की बात करते हैं, लेकिन स्वीट स्पॉट और टाइमिंग बैटिंग का बेसिक हिस्सा हैं। तिलक कोई बड़े पावर हिटर नहीं हैं। उनके लिए टाइमिंग और स्वीट स्पॉट ढूंढना सबसे जरूरी है। प्लीज याद रखें, आप वैभव (सूर्यवंशी) की तरह खेल सकते हैं, लेकिन आप तिलक की तरह भी खेल सकते हैं, जो टाइमिंग पर भरोसा करते हैं और गैप चुनते हैं।"

प्रेस क्लब बिलासपुर में शपथ ग्रहण: उप मुख्यमंत्री अरुण साव बोले—पत्रकारों की ताकत से मिलेगा नया आयाम

बिलासपुर प्रेस क्लब बिलासपुर के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि  अरुण साव ने नई टीम को शपथ दिलाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता बिल्हा विधायक  धरमलाल कौशिक ने की। विशेष अतिथियों के रूप में कोटा विधायक  अटल वास्तव, बेलतरा विधायक  सुशांत शुक्ला, महापौर मती पूजा विधानी, नगर निगम सभापति  विनोद सोनी तथा नेता प्रतिपक्ष  भरत कश्यप उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि हाल ही में संपन्न चुनाव में  अजीत मिश्रा प्रेस क्लब बिलासपुर के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। उपाध्यक्ष पद पर  विजय क्रांति तिवारी, सचिव  संदीप परिहार, कोषाध्यक्ष  किशोर कुमार सिंह, सह सचिव  हरिशंकर गंगवानी तथा कार्यकारी सदस्य के रूप में  कैलाश यादव चुने गए हैं। मुख्य अतिथि एवं उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने नई टीम को बधाई देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत और एकजुटता के साथ यह टीम बिलासपुर का नाम और ऊंचा करेगी। उन्होंने कहा कि बिलासपुर प्रेस क्लब से अनेक वरिष्ठ पत्रकार निकले हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर बिलासपुर को पहचान बनाई है। नई टीम इस गौरव को और आगे बढ़ाएगी। उन्होंने पत्रकारिता को चुनौतीपूर्ण क्षेत्र बताते हुए कहा कि इसमें निरंतर मेहनत, प्रतिबद्धता और निष्पक्षता की आवश्यकता होती है। बड़ी संख्या में जुड़े नए पत्रकारों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने इसमें राष्ट्रीय स्तर के पत्रकारों को भी आमंत्रित करने का सुझाव दिया। उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बिरकोना स्थित पत्रकार कॉलोनी में सड़क निर्माण के लिए 8 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही प्रेस क्लब भवन के कायाकल्प का कार्य भी प्रगति पर है। उन्होंने न्यायधानी की गरिमा के अनुरूप प्रेस क्लब को मजबूत बनाने में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।    अध्यक्षीय उद्बोधन में विधायक  धरमलाल कौशिक ने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ प्रेस को माना गया है। मीडिया न केवल राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखती है, बल्कि बिलासपुर के हितों के लिए संघर्ष में भी अग्रणी भूमिका निभाती है। उन्होंने बताया कि प्रेस द्वारा उठाए गए मुद्दों पर राजधानी रायपुर में उच्च स्तरीय बैठकों में चर्चा कर निर्णय लिया जाना इसकी प्रभावशीलता का प्रमाण है विधायक  अटल वास्तव ने कहा कि प्रेस क्लब केवल समाचार प्रकाशन तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय हितों की रक्षा में भी सक्रिय भूमिका निभाती है। बिलासपुर में रेलवे जोन और केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना में प्रेस क्लब की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विधायक सुशांत शुक्ला ने प्रेस क्लब की निष्पक्ष पत्रकारिता की सराहना करते हुए कहा कि बिलासपुर को उसका वाजिब हक दिलाने में मीडिया ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नव निर्वाचित प्रेस क्लब अध्यक्ष  अजीत मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया। उपाध्यक्ष  विजय क्रांति तिवारी ने आभार व्यक्त किया। गरिमामय आयोजन में बड़ी संख्या में पत्रकार, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह ने प्रेस क्लब की नई टीम के प्रति विश्वास और अपेक्षाओं को नई दिशा दी।

कोलगेट ने राहुल द्रविड़ को किया नया ब्रांड एंबेसडर नियुक्त

मुंबई कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड ने दिग्गज क्रिकेटर और भारतीय टीम के पूर्व कोच राहुल द्रविड़ को कोलगेट टोटल का नया ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया है। इस अवसर पर कोलगेट टोटल के ब्रांड एंबेसडर राहुल द्रविड़ ने कहा, “खेलों में प्रदर्शन की बात हो तो हर छोटी चीज मायने रखती है। मौखिक स्वास्थ्य भी ऐसा ही एक अहम पहलू है। इतना कि दुनिया भर की कई टीमें और हंसी फ्लिक जैसे कोच अब खिलाड़ियों के लिए डेंटल चेक-अप अनिवार्य करते हैं। मेरे लिए कोलगेट टोटल इसलिए खास है क्योंकि यह 8 डेंटल समस्याओं को रोकता है और आपको वह प्रोएक्टिव बढ़त देता है।” कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड के मार्केटिंग, ईवीपी, गुंजित जैन ने कहा, “अच्छा स्वास्थ्य हमेशा से खेल प्रदर्शन से जुड़ा रहा है। नींद, व्यायाम और पोषण के बारे में सभी जानते हैं, लेकिन जिस छिपे हुए पहलू पर अब तक बात नहीं हुई, वह है मौखिक स्वास्थ्य। मुंह के जर्म्स शरीर में जाकर सूजन बढ़ा सकते हैं, मसल रिकवरी को धीमा कर सकते हैं और स्टैमिना को प्रभावित कर सकते हैं। राहुल द्रविड़ जैसे निरंतरता और विश्वसनीयता के प्रतीक के साथ साझेदारी कर, हम इस वैज्ञानिक तथ्य को मुख्यधारा में ला रहे हैं और कोलगेट टोटल की श्रेष्ठ तकनीक को उजागर कर रहे हैं, जो जर्म बिल्ड-अप से तीना गुना बेहतर लड़ती है और 8 डेंटल समस्याओं से बचाव करती है।”  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में की इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में सहभागिता

निर्भय होकर एआई से प्रदेश के विकास की सभी संभावनाओं पर करेंगे काम प्रदेश में एआई बेस्ड डेटा सेंटर की स्थापना के लिए निवेशक आमंत्रित मध्यप्रदेश जल्द लांच करेगा स्टेट एआई मिशन कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सुशासन में एआई का करेंगे उपयोग धार्मिक पर्यटन बढ़ाने और सिंहस्थ महाकुंभ के समुचित नियोजन एवं प्रबंधन में करेंगे एआई का इस्तेमाल   भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कोई भी नई तकनीक तभी सार्थक है, जब वह मानवता के हित में अवसरों से भरपूर और कारगर हो। हमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को नवाचार के साथ सबके विकास, सामाजिक समरसता, सुशासन और देश-प्रदेश के सर्वांगीण विकास के साधन के रूप में अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि भारत आज डिजिटल परिवर्तनों को अपनाकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में एआई कृषि, सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन उद्योग और प्रशासन में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एआई के माध्यम से पारदर्शिता बढ़ेगी, निर्णय प्रक्रिया तेज होगी और आम नागरिक तक योजनाओं का लाभ भी अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय एकता और सामूहिक संकल्प का आह्वान करते हुए कहा कि देश के विकास के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना होगा। हम सब एकजुट होकर एआई के माध्यम से भारत को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। एआई तकनीक हमारे लिए अवसर भी है और जिम्मेदारी भी। शीघ्र ही मध्यप्रदेश स्टेट एआई मिशन लांच करेगा, जो शासन प्रणाली, सार्वजनिक सेवाओं और आर्थिक अवसरों को तकनीक आधारित रूप में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम् में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 के समापन सत्र में सहभागिता की। उन्होंने भारत मंडपम् स्थित भोपाल मीडिया सेंटर में नेशनल मीडिया करेस्पांडेंट्स से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के भविष्य और इसके इस्तेमाल पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एआई से निर्भय होकर देश के हित में काम करने पर जोर दिया है। हमारी सरकार प्रदेश की समृद्धि के लिए सभी चुनौतियों से उबरकर तेज गति से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसमें मध्यप्रदेश भी अपनी बड़ी भूमिका निभा रहा है। मध्यप्रदेश, भारत का 5वां बड़ा राज्य है। राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में एआई की मदद से सही समय पर बीमारियों की पहचान और उनका निदान एवं सुदूर अंचलों तक बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मध्यप्रदेश में नए-नए उद्योग स्थापित करने के लिए हमारे पास पर्याप्त भूमि और पानी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एआई को “नये जमाने की नई वैज्ञानिक विधा” बताते हुए इसके जिम्मेदारीपूर्ण और मानवीय उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई तकनीकी प्रगति के माध्यम के साथ मानव जीवन की गुणवत्ता सुधारने का सशक्त साधन भी है। भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राष्ट्र के लिए यह आवश्यक है कि एआई का विकास और उपयोग भारतीय मानवीय मूल्यों के संरक्षण के साथ हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत में प्रतिभा, संसाधन और दृष्टि, तीनों का अद्वितीय संगम मौजूद है। सही दिशा में एआई का उपयोग कर हम अपने देश को वैश्विक एआई परिदृश्य में अग्रणी भूमिका में ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य इसकी तकनीकी श्रेष्ठता, नैतिकता, पारदर्शिता और समावेशिता में निहित है। यह हम पर है कि हम इसका उपयोग किस तरह, किस दिशा में और किस लक्ष्य के लिए कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा प्रदेश देश के मध्य में स्थित है। हमारे पास पर्याप्त लैंड बैंक है। प्रदेश में एआई आधारित एक बड़ा डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस डेटा सेंटर की स्थापना के लिए हमने बड़े निवेशकों और कम्पनियों को भी आमंत्रित किया है। एआई के जरिए प्रदेश के तकनीकी विकास और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण को गति मिलेगी। प्रदेश के नागरिकों के कल्याण के लिए हम हर सेक्टर में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि प्रधान राज्य है। किसानों और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की भूमिका क्रांतिकारी सिद्ध होगी। किसानों के लिए फसलों में होने वाली बीमारियों की सही समय पर जांच और उपचार करने से उत्पादन में लाभ मिलेगा। बहुफसलीय खेती को बढ़ाने, किसानों को बिजली-पानी और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और आवागमन सुगम बनाने सहित हर सेक्टर में एआई का भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश के बड़े और छोटे शहरों में आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। हमारे युवाओं में टैलेंट की कमी नहीं है। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। एआई के माध्यम से भी लाभ देने पर विचार किया जा रहा है। प्रदेश में एआई सेक्टर के विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट सपोर्ट, इंडस्ट्री में उपयोग, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़कर इंडस्ट्री रिसर्च सेंटर को प्रोत्साहन देकर आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनाने के लिए हम आगे बढ़ेंगे। एआई स्टार्ट-अप को सरकार के साथ काम करने का अवसर देने के लिए भी हम काम कर रहे हैं। एमएसएमई में नए शोध को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मध्यप्रदेश बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होकर नई संभावनाओं की ओर देख रहा है। इस सेक्टर में भी एआई के उपयोग को भविष्य में प्रोत्साहन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा राज्य कृषि क्षेत्र में समृद्ध होता जा रहा है। मध्यप्रदेश गेहूं और धान उत्पादन में अग्रणी है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए फल उद्यान, बागवानी फसलों और जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग हमारे सभी किसानों को एआई का भरपूर लाभ दिलाने में मदद करेगा। प्रदेश सरकार कृषि उत्पादन सहित हर सेक्टर में एआई के उपयोग के लिए तैयार है। एजुकेशन और हेल्थ सेक्टर में भी एआई महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। राज्य में सिकल सेल एनीमिया से लड़ने में भी एआई का लाभ लिया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के प्रदेश में सबसे … Read more

AI समिट में बवाल: यूथ कांग्रेस का अनोखा विरोध, कपड़े उतारकर किया प्रदर्शन, पुलिस ने किया हिरासत में

नई दिल्ली नई दिल्ली में आयोजित इंडिया AI इंपैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक प्रदर्शनकारी शर्टलेस होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। दिल्ली पुलिस ने जुड़े सूत्रों ने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से बताया कि यूथ कांग्रेस के सदस्य होने का दावा करने वाले करीब 10 लोगों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "चार से पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।" जानकारी के मुताबिक प्रदर्शन में शामिल लोग QR-कोड वाले पास का इस्तेमाल कर इवेंट में घुसे थे। फिलहाल हिरासत में लिए गए सभी लोगों को पूछताछ के लिए तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "हम इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सभी जरूरी कानूनी कदम उठाएंगे।" भड़की बीजेपी भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी का नाम लेकर इस घटना पर नाराजगी जताई है। भाजपा के IT सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित मालवीय ने इसे पूरे देश देश के लिए शर्मिंदगी का विषय बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “ऐसे समय में जब भारत एक मशहूर ग्लोबल AI समिट होस्ट कर रहा है, जिसमें टेक्नोलॉजी में अपने इनोवेशन और लीडरशिप को दिखाया जा रहा है, कांग्रेस पार्टी ने इज्जत देने के बजाय हंगामे को चुना।” उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए लिखा, राहुल गांधी की लीडरशिप में, कांग्रेस वर्कर्स ने टॉपलेस होकर समारोह में हंगामा किया, यह काम साफ तौर पर दुनिया के मंच पर भारत को शर्मिंदा करने के लिए किया गया था। जब देश खुद को ग्लोबल टेक्नोलॉजी पावरहाउस के तौर पर बनाने की कोशिश कर रहा है, तो ऐसा बर्ताव सिर्फ उन लोगों के फायदे में है जो भारत को गिरते हुए देखना चाहते हैं। राजनैतिक विरोध एक लोकतांत्रिक हक है, लेकिन भारत की ग्लोबल इमेज को नुकसान पहुंचाना नहीं। भारत इससे बेहतर का हकदार है।”