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जल संरक्षण को दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान

मुख्यमंत्री  साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री  सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की हुई गहन समीक्षा केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की 31 मई तक 10 लाख जल संरचनाओं का लक्ष्य, जल सुरक्षा को मिलेगा नया आधार डबरी निर्माण से बढ़ेगा भू-जल स्तर, किसानों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल की संयुक्त अध्यक्षता में आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश में “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” अभियान के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री पाटिल इस बैठक में वर्चुअली शामिल हुए और बैठक को संबोधित किया। इस दौरान बिलासपुर, दुर्ग और सूरजपुर जिले के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यों और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जल संकट 21वीं सदी की केवल गंभीर पर्यावरणीय ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और विकासात्मक चुनौती भी बन चुका है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को स्थायी और प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी अनिवार्य है।उन्होंने देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का उल्लेख किया, जिसमें पानी के उपयोग को प्रसाद के समान मानते हुए जल के प्रति संवेदनशील और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन से प्रेरित होकर राज्य सरकार जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के पहले चरण में छत्तीसगढ़ ने देशभर में द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा विभिन्न जिलों को भी अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार मिले। पहले चरण में सामुदायिक भागीदारी के मॉडल पर कार्य करते हुए बड़े पैमाने पर बोरवेल रिचार्ज, रूफटॉप रेनवॉटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, सोक पिट और ओपनवेल रिचार्ज जैसी संरचनाओं का निर्माण किया गया। साय ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 5 क्रिटिकल और 21 सेमी-क्रिटिकल भू-जल ब्लॉक चिन्हित हैं। वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में इनमें से 5 ब्लॉकों में भू-जल निकासी में कमी और भू-जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है, जो जल संरक्षण प्रयासों के सकारात्मक परिणामों का संकेत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अभियान के दूसरे चरण “जल संचय-जन भागीदारी 2.0” के अंतर्गत तकनीक आधारित और अधिक परिणाममूलक रणनीति अपनाई जा रही है। राज्य सरकार ने 31 मई 2026 तक 10 लाख जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने इसे जल सुरक्षा की दिशा में प्रदेश का ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर एक विशेष पहल के तहत 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले चार लाख से अधिक किसानों को अपने खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस कार्य में जिला प्रशासन के साथ-साथ औद्योगिक समूहों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इन डबरियों से भू-जल स्तर में वृद्धि के साथ किसानों को सिंचाई एवं मछली पालन जैसी अतिरिक्त सुविधाएँ मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में सभी जल संरचनाओं की जियोटैगिंग, ग्राम पंचायतों के वॉटर बजट तथा जल सुरक्षा योजनाओं के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही गांवों के युवाओं को “जल मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि अभियान को गति मिल सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल और सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों पर विशेष फोकस रखते हुए सेमी-क्रिटिकल ब्लॉकों में 40 प्रतिशत तथा क्रिटिकल ब्लॉकों में 65 प्रतिशत जल संरक्षण कार्यों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, जल संरचनाओं की रक्षा करने और जल के प्रति जिम्मेदार सोच अपनाने का आह्वान भी किया। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि गत वर्ष जल संरक्षण के प्रयासों में छत्तीसगढ़ देशभर में दूसरे स्थान पर रहा, जो राज्य के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2024 को सूरत से ‘जल संचय जन भागीदारी अभियान’ की शुरुआत की थी और ‘कर्मभूमि से मातृभूमि के लिए जल संचयन में सहयोग’ का आह्वान किया था। इस अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देना है। केंद्रीय मंत्री पाटिल ने प्रदेश के समस्त कलेक्टरों से मनरेगा के तहत जल संचय कार्यों के लिए प्राप्त राशि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने राजनांदगांव प्रवास के दौरान एक महिला सरपंच द्वारा स्वयं के प्रयासों से जल संचयन के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों की प्रशंसा की। इसके साथ ही उन्होंने जल संचय में व्यापक जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो तथा जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव कांताराव और छत्तीसगढ़ के समस्त कलेक्टर वर्चुअली उपस्थित थे।

होलाष्टक के दौरान इन राशियों पर बढ़ सकता है संकट, बरतें सतर्कता

हिंदू पंचांग के अनुसार होली से आठ दिन पहले होलाष्टक की शुरुआत होती है। धार्मिक मान्यताओं में इस अवधि को मांगलिक कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि इन दिनों ग्रहों की स्थिति उग्र रहती है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। वर्ष 2026 में होलाष्टक का आरंभ 24 फरवरी 2026 से होगा और इसका समापन 3 मार्च 2026 को होलिका दहन के दिन होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस बार होलाष्टक का प्रभाव कुछ राशियों पर अधिक देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं किन 6 राशियों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मेष राशि होलाष्टक का समय मेष राशि के जातकों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में विवाद की स्थिति बन सकती है। पारिवारिक तनाव और दांपत्य जीवन में मतभेद संभव हैं। इस दौरान धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा। पेट से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं, इसलिए खान-पान पर विशेष ध्यान दें। कर्क राशि कर्क राशि वालों को सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। इन आठ दिनों में स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है। करियर से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय टालना बेहतर रहेगा। प्रेम संबंधों में विवाद से बचें, अन्यथा रिश्तों में दूरी आ सकती है। संयम और समझदारी से काम लेना लाभकारी रहेगा। सिंह राशि सिंह राशि के जातकों को इस दौरान लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचना चाहिए। कार्यक्षेत्र में लापरवाही नुकसानदायक साबित हो सकती है। व्यापारियों को जोखिम भरे निवेश से बचना चाहिए। अचानक खर्च बढ़ने से आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। बजट संतुलित रखना जरूरी होगा। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के लिए होलाष्टक के आठ दिन कुछ बाधाएं लेकर आ सकते हैं। कार्यों में रुकावट और आर्थिक तंगी की स्थिति बन सकती है। रिश्तों में भी तनाव संभव है। पार्टनर की भावनाओं को समझना और संवाद बनाए रखना जरूरी रहेगा। धैर्य और संयम से स्थिति संभाली जा सकती है। कुंभ राशि कुंभ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। इस दौरान बड़ा निवेश करने या किसी को धन उधार देने से बचें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें, दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। स्वास्थ्य और वित्त दोनों मामलों में सतर्कता आवश्यक है। मीन राशि मीन राशि के नौकरीपेशा और कारोबारी लोगों को कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। काम में रुकावटें और खर्चों में वृद्धि तनाव का कारण बन सकती है। पारिवारिक जीवन में भी मतभेद संभव हैं। रिश्तों में किसी तीसरे व्यक्ति की दखलअंदाजी से बचें और संवाद बनाए रखें। क्या रखें ध्यान? होलाष्टक में विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य न करें। महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय टालना बेहतर हो सकता है। पूजा-पाठ, दान-पुण्य और संयम से समय बिताना शुभ माना जाता है। होलाष्टक को आध्यात्मिक दृष्टि से आत्मचिंतन और सावधानी का समय माना गया है। हालांकि यह ज्योतिषीय आकलन पर आधारित सामान्य भविष्यफल है, व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणाम भिन्न हो सकते हैं। अतः किसी भी बड़े निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

मच अवेटेड टीज़र रिलीज: ‘टॉक्सिक’ में यश के दमदार अंदाज ने बढ़ाया एक्साइटमेंट

मुंबई ‘केजीएफ’ स्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ का टीजर आज रिलीज हो गया है। इसके साथ ही ‘टॉक्सिक’ की दुनिया से पर्दा हट गया है। फिल्म का पहला लुक सामने आने के बाद जैसी उम्मीद थी, टीजर बिल्कुल वैसा ही है। 1 मिनट 55 सेकंड के टीजर में कुछ भी अलग या नया नजर नहीं आता है। पूरे टीजर में सिर्फ एक्शन ही एक्शन दिखता है, फिल्म की कहानी के बारे में कुछ भी नहीं पता चलता है। टीजर की शुरुआत ही किसी मिशन की तैयारी से होती है, जहां पर बड़ा खतरा होने की बात कही जाती है। पूरे टीजर में सिर्फ यश की झलक ही देखने को मिलती है। फिल्म की बाकी कास्ट अभी भी गायब ही है। हां, 'केजीएफ' और बाकी एक्शन फिल्मों की तरह, यहां भी इतना तय है कि 'टॉक्सिक' में भी एक्शन नेक्स्ट लेवल का देखने को मिलेगा। टीजर में बर्फ से लदे पहाड़ों से लेकर डांस बार तक में सिर्फ एक्शन ही नजर आता है। डबल रोल में दिखेंगे यश? टीजर के अंत में एक सरप्राइज पैकेज दिखता है, जहां एक व्यक्ति फाइट की ट्रेनिंग कर रहा है और काफी खूंखार नजर आ रहा है। हालांकि, इस व्यक्ति की पूरी झलक अभी नहीं दिखाई गई है। लेकिन ऐसी संभावना जताई जा रही है कि फिल्म में यश डबल रोल में नजर आ सकते हैं और टीजर के अंत में दिखने वाला ये शख्स कोई और नहीं बल्कि यश ही हो सकते हैं। छोटे बालों और छोटी दाढ़ी वाले इस इंसान की अभी सिर्फ हल्की सी झलक दिखी है। इसके बाद ये चर्चाएं तेज हैं कि यश की फिल्म में दोहरी भूमिका हो सकती है। गीतू मोहनदास ने किया है निर्देशन गीतू मोहनदास द्वारा निर्देशित ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल ग्रोन अप्स’ में यश प्रमुख भूमिका में नजर आ रहे हैं। इसके अलावा फिल्म में कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मणी वसंत भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगी। ‘टॉक्सिक’ 19 मार्च को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शक इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं जिस तरह का यश का फर्स्ट लुक वीडियो सामने आया था, उसके बाद फिल्म को लेकर लोगों की उत्सुकता और भी बढ़ गई है। बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर 2’ से होगी टक्कर ‘टॉक्सिक’ साल 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। इस फिल्म को लेकर ज्यादा चर्चाएं इसलिए भी हैं क्योंकि बॉक्स ऑफिस पर इसका मुकाबला रणवीर सिंह की मच अवेटेड ‘धुरंधर 2’ से होगा। कई फिल्मों ने धुरंधर के कारण अपनी रिलीज डेट को बदल लिया है, लेकिन यश की टॉक्सिक उसी दिन रिलीज होगी। दोनों ही फिल्में 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही हैं। दोनों ही फिल्मों को लेकर बज बना हुआ है। ऐसे में बॉक्स ऑफिस पर एक तगड़ी टक्कर होने की उम्मीद है।  

प्रियंका गांधी ने असम में खोला BJP के खिलाफ मोर्चा, पेश की 20 सूत्रीय चार्जशीट

असम कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने बृहस्पतिवार को गुवाहाटी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली असम सरकार के खिलाफ 20 सूत्री 'आरोपपत्र' जारी किया, जिसमें राज्य प्रशासन पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने और अल्पसंख्यकों में भय पैदा करने के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है। विपक्षी पार्टी ने विधानसभा चुनावों से पहले यह 'आरोपपत्र' जारी किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि एक दशक के शासनकाल के बावजूद भाजपा सरकार छह आदिवासी समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिलवाने और चाय बागान श्रमिकों की दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 351 रुपये करने के अपने वादे को पूरे करने में विफल रही। असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की उम्मीदवार चयन समिति की अध्यक्ष वाद्रा दो दिवसीय असम दौरे पर हैं। कांग्रेस ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार पर 'व्यापक भ्रष्टाचार' का भी आरोप लगाया। पार्टी ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और उनके करीबी मंत्रियों एव उनके परिवार के सदस्यों पर 'अवैध रूप से संपत्ति जमा करने' का आरोप लगाया।  

बाबरी मस्जिद पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

नई दिल्ली. भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शुक्रवार को राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की प्रभावी सुनवाई न हो, इसके लिए कई कोशिशें की गई थीं.  उन्होंने ये बातें वरिष्ठ अधिवक्ता अनिरुद्ध शर्मा और श्रीधर पोटाराजू द्वारा लिखी 'केस फॉर राम- द अनटोल्ड इनसाइडर्स स्टोरी' नामक किताब के मौके पर इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में कही हैं.  'वकीलों ने किया वॉकआउट' मेहता ने कहा कि कभी-कभी अप्रत्यक्ष कोशिशें तो कभी-कभी बहुत ज्यादा स्पष्ट प्रयास किए गए, ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि मामले की सुनवाई न हो. उन्होंने एक घटना का जिक्र किया, जिससे उनके मन में बहुत कड़वाहट पैदा हो गई. उन्होंने कहा, 'जब देरी करने के सभी कोशिशें विफल हो गईं तो  तो दो प्रख्यात वकीलों ने कोर्ट से वॉकआउट कर दिया, ये कुछ ऐसा था जो हमने केवल संसद में सुना था.'  सॉलिसिटर जनरल ने सुनवाई को रोकने के लिए किए गए कथित प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों ने न्यायिक राजनेता का अद्भुत कौशल दिखाया, जिससे ये मामला सही दिशा में आगे बढ़ा. 'हर मामले में टर्निंग पॉइंट था मामला' मेहता ने कहा कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामला कई मायनों में एक महत्वपूर्ण मोड़ था और वरिष्ठ अधिवक्ता अनिरुद्ध शर्मा और श्रीधर पोताराजू द्वारा लिखित पुस्तक पूरे घटनाक्रम की पूरी कहानी बताती है. उन्होंने कहा कि ये सिर्फ तथ्यों का संकलन नहीं है. ये इतिहास नहीं, बल्कि घटनाओं की जीवंत कथा है. ये मामला इतिहास से जुड़ा था और इतिहास बनाने वाला था. कानूनी, सामाजिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक, धार्मिक- हर दृष्टि से ये एक टर्निंग पॉइंट था. उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ताओं अनिरुद्ध शर्मा और श्रीधर पोटाराजू द्वारा लिखी गई ये किताब पूरे क्रम को बयान करती है. इस कार्यक्रम में भारतीय पुरातत्वविद् के के मोहम्मद और वरिष्ठ अधिवक्ता गुरु कृष्ण कुमार ने भी भाग लिया. दरअसल, तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 2019 के ऐतिहासिक फैसले में अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण की सर्वसम्मति से अनुमति दी थी. अदालत ने अपने फैसले में पूरे 2.77 एकड़ भूखंड को मंदिर के लिए आवंटित किया गया और मस्जिद निर्माण के लिए पांच एकड़ अलग प्लॉट दिया गया था.

कृतिका कामरा और गौरव कपूर के घर गूंजेगी शहनाई, मार्च में होगी सादगी भरी शादी और ग्रैंड रिसेप्शन

मुंबई अभिनेत्री कृतिका कामरा और टीवी प्रेजेंटर व क्रिकेट कमेंटेटर गौरव कपूर की जोड़ी काफी पसंद की जाती है। जब से दोनों ने अपना रिलेशन ऑफिशियल किया है, इनकी शादी को लेकर कयास लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि मार्च में यह जोड़ी शादी रचाने वाली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कृतिका और गौरव कपूर 11 मार्च को मुंबई में रजिस्टर मैरिज करने वाले हैं। इसके बाद रिसेप्शन पार्टी का आयोजन भी होगा। कृतिका कामरा और गौरव कपूर की शादी टीवी प्रेजेंटर के मुंबई स्थित आवास पर होगी। रजिस्टर मैरिज बहुत निजी रूप से होगी, जिसमें करीबी दोस्त और परिवार के सदस्य ही शामिल होंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कपल के एक करीबी सोर्स ने कहा, 'कृतिका और गौरव चाहते थे कि उनकी शादी दिखावटी होने के बजाय असली और पर्सनल लगे। हालांकि, वे परंपरा को बहुत महत्व देते हैं। ऐसे में वे यह भी चाहते हैं कि सेलिब्रेशन में दिखें कि वे कौन हैं, वे कितने मिलनसार, जुड़े हुए, एलिगेंट हैं और उनके आस-पास वे लोग हैं, जो सच में उनके लिए मायने रखते हैं'। कब होगा कपल का रिसेप्सन? रजिस्टर मैरिज के बाद कृतिका और गौरव रिसेप्शन पार्टी रखेंगे। कहा जा रहा है कि शादी के अगले दिन यानी 12 मार्च को रिसेप्शन की तैयारी है। कृतिका और गौरव मार्च में अपनी शादी और रिसेप्शन के जश्न में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। वे अभी से तैयारियों में जुट चुके हैं। सेलिब्रेशन में पूरी तरह डूबने के लिए कपल फिलहाल अपने-अपने प्रोफेशनल कमिटमेंट्स पूरे कर रहे हैं। कृतिका और गौरव का वर्क फ्रंट कृतिका और गौरव के रिसेप्शन की शाम को एक पार्टी का आयोजन होगा। इसमें इसमें शान-शौकत के बजाय लग्जरी का तड़का होगा। पार्टी में दोनों के परिवार के सदस्य, करीबी दोस्त और क्रिकेट  व फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज शामिल होंगे। कृतिका के वर्क फ्रंट की बात करें तो इन्होंने हाल ही में इंडिपेंडेंट जॉनर की फिल्म की शूटिंग शुरू की है। इसकी शूटिंग मार्च के पहले हफ्ते तक खत्म होने की उम्मीद है। वहीं, गौरव अपने वर्ल्ड कप के होस्टिंग कमिटमेंट्स के साथ एक बिजी शेड्यूल को मैनेज कर रहे हैं। 

हरियाणा में पशुओं की गैस एनेस्थीसिया और अल्ट्रासाउंड मशीन आएंगी

हिसार. हरियाणा के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में पशुओं के पॉलिक्लिनिक एवं अस्पतालों के लिए आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी ताकि पशुपालकों के पशुधन का सस्ते में ईलाज हो सके। उन्होंने बताया कि आज हाई पावर्ड परचेज कमेटी में गैस एनेस्थीसिया मशीन , अल्ट्रासाउंड मशीन, ब्लड टेस्ट उपकरण तथा “बायो सेफ्टी लैब्स लेवल – 2” स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। राणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कमेटी के सदस्य हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा भी उपस्थित थे। इनके अलावा , पशुपालन एवं डेयरी विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया , महानिदेशक डॉ प्रेम सिंह , संयुक्त निदेशक डॉ सुखदेव राठी , आपूर्ति एवं निपटान विभाग के महानिदेशकपंकज , वित्त विभाग के विशेष सचिव डॉ जय इंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राणा ने बताया कि हाई पावर्ड परचेज कमेटी में प्रदेश में पशुओं के लाज के लिए स्थापित पॉलीक्लिनिकों हेतु गैस एनेस्थीसिया मशीन खरीदने की मंजूरी दी गई है। इससे डॉक्टरों को पशुओं की सर्जरी करने में सुविधा होगी। उन्होंने बताया कि पशुओं के इलाज (सर्जरी) में गैस एनेस्थीसिया मशीन इंजेक्टेबल की तुलना में अधिक सुरक्षित है, जो सटीक खुराक, तेज़ रिकवरी और बेहतर नियंत्रण प्रदान करती है। यह ऑक्सीजन के साथ मिलकर काम करती है, जिससे पशुओं के हृदय और अन्य अंगों पर दबाव कम पड़ता है। यह प्रणाली दर्द प्रबंधन और छोटे-बड़े जानवरों के लिए अत्यंत विश्वसनीय है। उन्होंने आगे बताया कि हिसार , रायपुररानी तथा सोनीपत में “बायो सेफ्टी लैब्स लेवल – 2” स्थापित की जाएंगी। पशुओं में मध्यम जोखिम वाली बीमारियों की जांच के लिए उक्त लैब का उपयोग किया जाता है। यह लैब मानव/पशु स्वास्थ्य के लिए मध्यम-जोखिम वाले संक्रामक एजेंटों के परीक्षण के लिए होती है, इसमें विशेष पीपीई , बायोसेफ्टी कैबिनेट (BSC), और कीटाणुशोधन (Autoclave) की सुविधा होती है, जो श्वसन या त्वचा के संपर्क से संक्रमण रोकती है। उन्होंने बताया कि “बायो सेफ्टी लैब्स लेवल – 2” में पशुओं से इंसानों में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की जांच की जाती है ताकि इंसान बीमार पशुओं के सम्पर्क में आकर संक्रमित न हों और वे सुरक्षित रह सकें। राणा ने यह भी बताया कि पशुओं के ईलाज के लिए अल्ट्रासाउंड मशीने भी खरीदी जाएंगी। पशु चिकित्सा में प्रयुक्त होने वाली ये अल्ट्रासाउंड मशीन जानवरों के आंतरिक अंगों, ऊतकों और गर्भावस्था का गैर-आक्रामक (non-invasive) और विकिरण-मुक्त निदान करने के लिए एक अच्छी तकनीक है। यह तकनीक पालतू जानवरों (कुत्ते, बिल्ली) से लेकर पशुधन (गाय, भैंस, भेड़) में ट्यूमर, पेट की बीमारियों और प्रजनन संबंधी समस्याओं का सही पता लगाने में सहायक है। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार डॉक्टर को बीमार पशु के खून की जांच करवाने की जरुरत पड़ती है। अभी तक यह टेस्ट सुविधा लुवास यूनिवर्सिटी हिसार में ही उपलब्ध थी। आज की मीटिंग में पशुओं के खून टेस्ट के लिए उपकरण खरीदने की भी स्वीकृति दे दी गई है। अब सरकारी अस्पतालों में आने वाले बीमार पशुओं के ब्लड टेस्ट फ्री में किये जाएंगे और पशुओं का जल्द ईलाज करने में आसानी होगी। पशु पालन एवं डेयरी मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि किसी भी पशुपालक या किसान का आर्थिक आधार पशु होते हैं जिनसे वे अपना परिवार चलाने के अलावा अतिरिक्त आमदनी कमाने का जरिया भी मानते हैं। राज्य सरकार अपने प्रदेश के पशु पालकों को समृद्ध बनाने के लिए हर आवश्यक कदम उठा रही है।

‘अब नहीं तो कभी नहीं’—ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ओमान कप्तान जतिंदर सिंह का बड़ा बयान

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया और ओमान के बीच टी20 विश्व कप 2026 का आखिरी मुकाबला शुक्रवार को पाल्लेकेले में खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया और ओमान की टीमें जारी टी20 विश्व कप से बाहर हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया ने जारी टूर्नामेंट में दो, जबकि ओमान ने तीन मुकाबले गंवाए हैं। 2009 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया की टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई है। मुकाबले से पहले ओमान के कप्तान जतिंदर सिंह ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया इस समय अच्छा नहीं कर रही है और उन्हें हराने का सबसे अच्छा समय है। ओमान के कप्तान जतिंदर सिंह ने कहा, ''ये मौका है और हमारे खिलाड़ी तैयार हैं। क्योंकि टी20 में मोमेंटम और महत्वपूर्ण क्षणों का खेल है। अगर आप, मुझे लगता है, उन क्षणों को सही तरीके से खेलते हैं, तो उस खास दिन पर आप कुछ भी कर सकते हैं। इस समय ऑस्ट्रेलिया भी अभी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है। उन्हें हराने का सही समय है।'' उन्होंने आगे कहा, ''वो भी टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं। इसलिए कैंप में माहौल यह है कि लड़के वाकई बहुत पॉजिटिव हैं क्योंकि हमने बेहतर क्रिकेट खेलने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से चीजें हमारे पक्ष में नहीं रहीं। लेकिन मुझे विश्वास है कि लड़के अगले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच का इंतजार कर रहे हैं और वहां अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में छह वनडे और एक टी20 अंतरराष्ट्रीय विश्व कप खिताब जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया की टीम मंगलवार को कैंडी में जिम्बाब्वे और आयरलैंड के बीच मैच बारिश के कारण रद्द होने के बाद अगले दौर में जगह बनाने की दौड़ से बाहर हो गई। इस मैच के रद्द हो जाने से जिम्बाब्वे को एक महत्वपूर्ण अंक मिला जिससे उसने श्रीलंका के साथ ग्रुप बी से सुपर आठ में प्रवेश कर लिया। कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के चोटिल होने से अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका के खिलाफ बल्लेबाजी में कुछ दम दिखाया लेकिन उसके गेंदबाज फिर से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए। उसे इससे पहले जिम्बाब्वे के खिलाफ उलटफेर का शिकार होना पड़ा था। यही कारण है कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने टीम के स्वदेश लौटने पर उसके प्रदर्शन की गहन समीक्षा करने का फैसला किया है।

श्रमिकों के आर्थिक और सामाजिक उत्थान के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देने श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का आयोजन

श्रमिकों के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नवीन लेबर कोड एक ऐतिहासिक निर्णय : योगेश दत्त मिश्रा 1242 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं में तहत एक करोड़ से अधिक धनराशि वितरित रायपुर, राज्य शासन द्वारा श्रमिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं के विषय में जागरूक करने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय बलौदाबाजार  स्थित जिला ऑडिटोरियम में  गुरुवार को श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का आयोजन किया गया।कार्यकम में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को 1 करोड़ 4 लाख से अधिक की राशि  डीबीटी के माध्यम से श्रमिक एवं उनके परिवार के खाते में आतंरित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा  ने कहा कि राज्य शासन द्वारा श्रमिकों और उनके परिवार को खुशहाल बनाने के लिए 31 से अधिक कार्यक्रम और योजनाएँ संचालित हैं,जिनकी जानकारी सभी श्रमिक भाइयों और बहनों को होना ज़रूरी है तभी वे इन योजनाओं का लाभ ले सकेंगे। श्रमिक जन संवाद सम्मेलन का यही उद्देश्य है। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ज़्यादा से ज़्यादा श्रमिक भाई बहनों तक योजनाओं का लाभ पहुँचाने ऐसे कार्यकम सार्थक भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्रम कल्याण मंडलके अध्यक्ष  श्री योगेश दत्त मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा श्रमिकों के हितों के लिए क्रांतिकारी कदम उठाते हुए चार नए लेबर कोड लागू करने का निर्णय लिया गया है जो निश्चित रूप से श्रमिकों और उनके परिवारों को आर्थिक और सामाजिक रूप से सबल करने की दिशा में बड़ा कदम है।उन्होंने कहा देश की आबादी का 45 प्रतिशत असंगठित क्षेत्र के मजदूर हैं जिनके आर्थिक और सामाजिक विकास के बिना देश का विकास संभव नहीं है इसी लिहाज से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।उन्होंने देश में लागू चार नए लेबर कोड (श्रम संहिताओं)मजदूरी संहिता, 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य स्थितियों या ओएसएच संहिता 2020 और औद्योगिक संबंध संहिता 2020 के लाभ के बारे में विस्तार से बताया। नए श्रम कानूनों के मुताबिक देश भर में राष्ट्रीय न्यूनतम वेतन  तय किया जाएगा।एक बार घोषित होने के बाद राज्य इससे कम वेतन तय नहीं कर सकते।मजदूरों और उनके परिवारों की सुरक्षा और इलाज की व्यवस्था ,भविष्य निधि ,आदि के बारे में बताया। उन्होंने कार्यक्रम में आए जन प्रतिनिधियों और श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि आप सभी अपना नैतिक दायित्व समझते हुए ज़्यादा से ज़्यादा श्रमिकों को विभागीय योजनाओं का लाभ लेने हेतु प्रेरित और जागरूक करें तभी हम विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की संकल्पना को साकार कर सकेंगे। नगर पालिका अध्यक्ष श्री अशोक जैन  ने कहा विकास और निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाले श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य शासन लगातार प्रयासरत है । कार्यक्रम में विभिन योजनाओं में हितग्राहियों से बातचीत कर उनका अनुभव भी जाना कंचन वर्मा ने बताया कि उन्हें नोनी सुरक्षा का लाभ मिला है,जिसके कारण वो अपने कॉलेज की पढ़ाई कर पा रही हैं। सियान सहायता योजना के हितग्राही भगवान दत्त ने बताया कि 60 वर्ष  की आयु  पूरी करने पर उन्हें 20 हज़ार रुपये मिले जिससे उनको काफ़ी मदद मिली।इसी तरह दीप्ति विश्वकर्मा ने बताया उन्हें नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिला है। सभी हितग्राहियों ने छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यकम में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत जिले की 113 महिलाओं को 20-20 हज़ार की राशि प्रदान की गई इस प्रकार योजना के तहत कुल 22.60 लाख रुपये प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना के तहत 918 बच्चों को 19.43 लाख, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना के तहत 97 बुजुर्ग श्रमिकों को 19.40 लाख,मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना के तहत 89 बालिकाओं को 17.80 लाख, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 14 लाख, छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मण्डल अंतर्गत असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 11 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की । श्रमिक जन संवाद सम्मेलन में कुल 1242 श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं में तहत एक करोड़ चार लाख तेइस हजार की धनराशि वितरित की गई। जिले में एक लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत 4 लाख अधिक हैं,अब तक श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदाय की जा चुकी है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल , जनपद पंचायत अध्यक्ष सुलोचना यादव भारत स्काउट गाइड के राज्य उपाध्यक्ष विजय केशरवानी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि,श्रम विभाग के अधिकारी -कर्मचारी और श्रमिकगण उपस्थित थे।

भीषण आग में फंसे छात्र! हैदराबाद कोचिंग सेंटर से 90 की जान बची

हैदराबाद तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आज सुबह एक कोचिंग सेंटर में आग लग गई। जानकारी के अनुसार, यह अमीरपेट स्थित मैत्रीवनम नाम के एक अपार्टमेंट में आग लगी, इस दौरान कुछ छात्र अंदर फंस गए थे, लेकिन दो दमकल गाड़ियां और बचाव दल मौके पर पहुंचे और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल, आग पर काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत में बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है, जिससे इमारत से भारी धुआं निकल रहा था। अधिकारियों ने बताया कि तीन दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया। घनी आबादी वाला अमीरपेट इलाका सॉफ्टवेयर कोर्स कराने वाले कई कोचिंग सेंटरों का घर है। वहीं इस घटना के बाद हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने एक्स पर एक पोस्ट में यातायात को लेकर चेतावनी जारी की है। जिसमें लिखा गया- आग लगने की घटना का प्रभाव, मैत्रीवनम जंक्शन के पास आग लगने की घटना और भारी यातायात के कारण, एसआर नगर रोड और मैत्रीवनम जंक्शन से सत्यम थिएटर रोड की ओर वाहनों की आवाजाही धीमी है। यातायात कर्मी मौके पर मौजूद हैं और यातायात को नियंत्रित करने के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं के साथ समन्वय कर रहे हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि प्रभावित मार्ग से बचें, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ड्यूटी पर तैनात यातायात अधिकारियों के साथ सहयोग करें, असुविधा के लिए खेद है और आपसे धैर्य रखने का अनुरोध है।