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दुनियाभर में Instagram सेवाएं प्रभावित, ऐप और पोर्टल ठप होने की यूजर्स ने दी जानकारी

नई दिल्ली Instagram की सर्विस अचानक ठप पड़ गईं और बहुत से यूजर्स ने इसको लेकर रिपोर्ट्स भी किया. यूजर्स ने बताया है कि ऐप और पोर्टल दोनों प्रभावित हुए हैं. यूजर्स को फीड एक्सेस करने में प्रॉब्लम आ रही है। आउटेज को ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउन डिटेक्टर पर सैकडों यूजर्स ने रिपोर्ट की और बताया कि उनको इंस्टाग्राम पर प्रॉब्लम हो रही है. बहुत से यूजर्स फीड को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं यानी वह नए पोस्ट आदि को चेक नहीं कर पा रहे है। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, इस आउटेज की शुरुआत सुबह 9 बजे के आसपास हुई है. हालांकि अभी तक कंपनी ने इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी है। अमेरिका में दिखा सबसे ज्यादा असर  Instagram की सर्विस पर असर दुनियाभर में दिखाई दिया है. इसमें सबसे ज्यादा असर अमेरिका में दिखाई दिया. जहां करीब 12 हजार यूजर्स ने रिपोर्ट की है. हालांकि सवा दस के आसपास सर्विस दोबारा पटरी पर लौटने लगी हैं।  भारत में भी दिखा असर  Instagram की सर्विस भारत में भी प्रभावित दिखाई दीं, जहां करीब 1 हजार लोगों ने रिपोर्ट ने की है. यूके में भी इंस्टाग्राम की सर्विस प्रभावित हुई हैं।  एक पॉपुलर ऐप है Instagram  Instagram एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है. इस प्लेटफॉर्म पर यूजर्स फोटो और वीडियो को शेयर करते हैं. साथ ही इंस्टाग्राम पर रील्स आदि को भी पसंद किया जाता है. इस प्लेटफॉर्म सेलिब्रिटी आदि भी मौजूद हैं, जो रेगुलर पोस्ट करते हैं।

होली के बाद भी जारी रहेंगी 28 स्पेशल ट्रेनें, रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर

 समस्तीपुर रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. होली के दौरान चलाई गई होली स्पेशल ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार किया गया है. सहरसा से आनंद विहार, पूर्णिया से आनंद विहार, मुज़फ्फरपुर से आनंद विहार, पटना, नई दिल्ली, दानापुर पुणे सहित 28 ट्रेनों के परिचालन अवधि में विस्तार किया गया है। पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि होली के बाद भी यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए उनकी सुविधा के मद्देनजर पूर्व मध्य रेल के प्रमुख स्टेशनों से देश के विभिन्न शहरों के लिए चलाई जा रही होली स्पेशल ट्रेनों का परिचालन आगे भी जारी रखने का फैसला किया गया है। आइए देखते हैं ट्रेनों की लिस्ट…     गाड़ी संख्या 03293 पटना-नई दिल्ली स्पेशल ट्रेन 16.03.2026 से 30.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.      गाड़ी संख्या 03294 नई दिल्ली-पटना स्पेशल ट्रेन 17.3.2026 से 31.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.      गाड़ी संख्या 03257 दानापुर-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 15.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03258 आनंद विहार-दानापुर स्पेशल ट्रेन 16.03.2026 से 30.03.2026 तक प्रत्येक सोमवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03697 शेखपुरा-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 16.03.2026 से 30.03.2026 तक सोम, मंगल, शुक्र एवं शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03698 आनंद विहार-शेखपुरा स्पेशल ट्रेन 17.03.2026 से 31.03.2026 तक मंगल, बुध, शनि एवं रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 02397 शेखपुरा-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 22.03.2026 एवं 29.03.2026 (रविवार) को चलेगी.     गाड़ी संख्या 02398 आनंद विहार-शेखपुरा स्पेशल ट्रेन 23.03.2026 एवं 30.03.2026 (सोमवार) को चलेगी.     गाड़ी संख्या 01143 लोकमान्य तिलक-दानापुर स्पेशल ट्रेन 10.03.2026 से 31.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 01144 दानापुर-लोकमान्य तिलक स्पेशल ट्रेन 11.03.2026 से 01.04.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 01449 पुणे-दानापुर स्पेशल ट्रेन 10.03.2026 से 31.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 01450 दानापुर-पुणे स्पेशल ट्रेन 12.03.2026 से 02.04.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 05219 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 13.03.2026 से 27.03.2026 तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 05220 मुजफ्फरपुर-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 14.03.2026 से 28.03.2026 तक प्रत्येक शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 04014 आनंद विहार-लौकहा बाजार स्पेशल ट्रेन 10.03.2026 से 15.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 04013 लौकहा बाजार-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 11.03.2026 से 16.03.2026 तक प्रतिदिन चलेगी.     गाड़ी संख्या 05575 सहरसा-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 11.03.2026 से 25.03.2026 तक प्रत्येक बुधवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 05576 आनंद विहार-सहरसा स्पेशल ट्रेन 17.03.2026 से 31.03.2026 तक प्रत्येक मंगलवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 05579 पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल ट्रेन 17.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक मंगल, शुक्र एवं रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 05580 आनंद विहार-पूर्णिया कोर्ट स्पेशल ट्रेन 19.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक गुरु, शुक्र एवं रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 06021 पोत्तनूर-बरौनी स्पेशल ट्रेन 16.03.2026 एवं 23.03.2026 (सोमवार) को चलेगी.     गाड़ी संख्या 06022 बरौनी-पोत्तनूर स्पेशल ट्रेन 19.03.2026 एवं 26.03.2026 (गुरुवार) को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03311 धनबाद-चंडीगढ़ स्पेशल-10.03.2026 से 27.03.2026 तक प्रत्येक मंगल एवं शुक्रवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03312 चंडीगढ़-धनबाद स्पेशल-12.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक गुरुवार एवं रविवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03639 धनबाद-शकूरबस्ती स्पेशल ट्रेन 13.03.2026 से 30.03.2026 तक प्रत्येक सोम एवं शुक्रवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03640 शकूरबस्ती-धनबाद स्पेशल ट्रेन 14.03.2026 से 31.03.2026 तक प्रत्येक मंगल एवं शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03309 धनबाद-दिल्ली स्पेशल ट्रेन 14.03.2026 से 28.03.2026 तक प्रत्येक मंगल एवं शनिवार को चलेगी.     गाड़ी संख्या 03310 दिल्ली-धनबाद स्पेशल ट्रेन 15.03.2026 से 29.03.2026 तक प्रत्येक बुध एवं रविवार को चलेगी.  

भोपाल जाने वाले यात्रियों के लिए खबर, इस रूट की कई ट्रेनें हुईं कैंसिल

भोपाल  देश में रोजाना करोड़ों लोग ट्रेन से सफर करते हैं. यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे हर दिन हजारों ट्रेनें चलाता है, जो लोगों को एक शहर से दूसरे शहर तक पहुंचाती हैं. हालांकि कई बार तकनीकी काम या ट्रैक मेंटेनेंस की वजह से यात्रियों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है. इसी तरह अब भोपाल रूट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक जरूरी अपडेट सामने आया है. रेलवे की ओर से बताया गया है कि गोंदिया स्टेशन पर ट्रैक से जुड़ा जरूरी काम किया जाना है. इस वजह से भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली कुछ ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा. ऐसे में इस रूट से यात्रा करने की योजना बना रहे यात्रियों को पहले से ट्रेन से जुड़ी जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए, ताकि बाद में परेशानी का सामना न करना पड़े। इतने दिन कैंसिल रहेंगी ट्रेनें रेलवे की ओर से ट्रैक से जुड़ा जरूरी काम किया जा रहा है, जिसके कारण इस रूट से गुजरने वाली कुछ ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा. जानकारी के मुताबिक इस काम के लिए 5 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक ब्लॉक लिया गया है. इस दौरान भोपाल मंडल से होकर चलने वाली कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों को अस्थायी रूप से कैंसिल करने का फैसला लिया गया है. ऐसे में जो यात्री इस रूट से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें पहले ही अपनी ट्रेन की स्थिति जांच लेने की सलाह दी जा रही है. रेलवे का कहना है कि यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए यह जानकारी पहले से जारी की जा रही है, ताकि लोग अपनी यात्रा की योजना उसी हिसाब से बना सकें। इन ट्रेनों को किया गया कैंसिल     ट्रेन नंबर 18237 कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस कोरबा से 5 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक के लिए कैंसिल.     ट्रेन नंबर 18238 अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस अमृतसर से 7 अप्रैल से 27 अप्रैल 2026 तक के लिए कैंसिल.     ट्रेन नंबर 12410 हज़रत निजामुद्दीन-रायगढ़ एक्सप्रेस 2, 4, 6, 7, 8, 9, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21 और 22 अप्रैल 2026 को कैंसिल.     ट्रेन नंबर 12409 रायगढ़-हज़रत निजामुद्दीन एक्सप्रेस 4, 6, 8, 9, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23 और 24 अप्रैल 2026 को कैंसिल.     ट्रेन नंबर 12807 विशाखापत्तनम-हज़रत निजामुद्दीन एक्सप्रेस 5, 7, 8, 9, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22 और 23 अप्रैल 2026 को कैंसिल.     ट्रेन नंबर 12808 हज़रत निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस 7, 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24 और 25 अप्रैल 2026 को कैंसिल.  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज दमोह और सागर के कार्यक्रमों में करेंगे शिरकत

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह और सागर में आयोजित कार्यक्रम में होंगे शामिल दमोह के हटा में आयोजित होगा महिला सम्मेलन दमोह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को दमोह और सागर जिले में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह जिले के हटा में महिला सशक्तिकरण सम्मेलन में सहभागिता कर 405 करोड़ रूपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। सागर में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय का करेंगे उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसी दिन सागर में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा संयुक्त रूप से युवा संगम वृहद रोजगार मेला भी आयोजित किया जायेगा। रोजगार मेले में निजी क्षेत्र की कंपनियां शामिल होंगी, जो युवाओं को रोजगार से जोडेंगी।  

बीमा कंपनी के अधिकारी एवं अधिवक्तागणों के साथ नेशनल लोक अदालत 14 मार्च को

बीमा कंपनी के अधिकारी एवं अधिवक्तागणों के साथ नेशनल लोक अदालत 14 मार्च को  मंडला ष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च को सम्पूर्ण देश में किया जाना है। इसी तारतम्य में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री कमल जोशी के निर्देशन में एवं सचिव श्री तपन धारगा के मार्गदर्शन में नेशनल लोक अदालत आयोजित की जावेगी।     आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत को सफल बनाने के उद्देश्य से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री कमल जोशी द्वारा समस्त न्यायाधीश, मोटरयान दुर्घटनादावा अधिकरण एवं बीमा कंपनियों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से एवं बीमा कंपनी के अधिवक्तागण एवं आवेदक अधिवक्तागण के साथ प्रीसिटिंग बैठक आयोजित की गई। नेशनल लोक अदालत में मो.दु.दा.अधि. के अधिक से अधिक प्रकरणों को चिन्हित कर उन्हें निराकृत करने में विशेष रूचि दिखाते हुए कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।     बैठक में बीमा कंपनी के अधिवक्ता सुश्री दीप्ती शास्त्री, अधिवक्ता श्री संजय मिश्रा,  अधिवक्ता श्री पी.एल. पटेल, अधिवक्ता श्री एन.के. रजक, अधिवक्ता श्री मुकेश शुक्ला एवं आवेदक की ओर से अधिवक्ता श्री आनंद राय, अधिवक्ता श्री पवन साहू, अधिवक्ता श्री सुरेन्द्र गढ़ेवाल, अधिवक्ता श्री मनोज गुप्ता, अधिवक्ता श्री थानेश्वर तेकाम, अधिवक्ता श्री अमित पटैल उपस्थित रहे।

उपलब्धियों का उत्सव भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों की शुरुआत है : राज्यपाल पटेल

उपलब्धियों के उत्सव से शुरू होती भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियाँ : राज्यपाल  पटेल गरीब और वंचितों का जीवन बेहतर बनाने में ज्ञान से करें सहयोग भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने युवाओं से कहा कि आज का समारोह उनके जीवन की उपलब्धियों का उत्सव तो है, लेकिन यह उनके भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों की शुरुआत भी है। उन्होंने युवाओं से अपेक्षा की कि वे संवेदना, सेवा और सहयोग के पथ पर निरंतर अग्रसर रहें और अपने हौसले तथा हुनर से गरीब, वंचित और जरूरतमंदों का जीवन बेहतर बनाने में योगदान दें। गरीब बस्तियों में जाकर जरूरतमंदों की मदद को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और अपने ज्ञान को सार्थकता प्रदान करें। राज्यपाल  पटेल ने  स्वशासी संस्थान टेक्नोक्रेट्स ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (टी.आई.टी.) के वार्षिक ‘प्लेसमेंट डे’ समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल  पटेल ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उनका स्मृति-चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया गया।राज्यपाल  पटेल ने समारोह में प्लेसमेंट प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और हायरिंग कम्पनियों के प्रतिनिधियों को सम्मानित भी किया। राज्यपाल  पटेल ने ‘प्लेसमेंट डे’ के अवसर पर रोजगार प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों, उनके गुरुजनों और अभिभावकों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी युवाओं को विकसित भारत का कर्णधार मानते हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्टार्टअप, कौशल विकास और डिजिटल इंडिया जैसे अभिनव कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं की प्रतिभा को नए पंख मिले हैं। उन्होंने वैश्विक मानकों और अपेक्षाओं के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने के प्रयासों के लिए टी.आई.टी. ग्रुप से जुड़े सभी सहयोगियों को साधुवाद दिया। पूर्व मंत्री एवं विधायक  अजय विश्नोई ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने सामान्य हवा और हीलियम से भरे गुब्बारों के प्रसंग के माध्यम से विद्यार्थियों को ज्ञान की शक्ति का महत्व बताया। उन्होंने असफलता को सफलता में बदलने के लिए स्वयं की कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम को बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. एस.के. जैन, संस्थान की अध्यक्ष मती साधना करसोलिया और विभिन्न कंपनियों के कैंपस हायरिंग प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर संस्थान के मुख्य संरक्षक  रामराज करसोलिया भी मंचासीन थे।  

8 करोड़ की अफीम खेती मामले में बड़ी कार्रवाई, भाजपा नेता के भाई की दुकान तोड़ी गई

 दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए समोदा गांव में बुलडोजर चलाया. इस अभियान के दौरान उस दुकान को ध्वस्त कर दिया गया, जिसे अधिकारियों ने सरकारी जमीन पर बना अवैध निर्माण बताया है. यह दुकान उस व्यक्ति की थी, जिसके भाई को हाल ही में अफीम की खेती के मामले में गिरफ्तार किया गया है. प्रशासन की इस कार्रवाई ने इलाके में काफी चर्चा पैदा कर दी है. जैसे ही बुलडोजर मौके पर पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां इकट्ठा हो गए और पूरी कार्रवाई को देखने लगे. इस पूरे मामले का संबंध भाजपा किसान मोर्चा के नेता विजय ताम्रकार से जुड़ा बताया जा रहा है, जिन्हें कुछ दिन पहले पुलिस ने अफीम की खेती के आरोप में गिरफ्तार किया था। मक्के के खेत में मिली करोड़ों की अफीम जानकारी के मुताबिक 7 मार्च को पुलिस और नारकोटिक्स से जुड़ी एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक खेत में छापा मारा था. जांच के दौरान मक्के की फसल के बीच अफीम के पौधे पाए गए. जांच में सामने आया कि खेत में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही थी. अधिकारियों के अनुसार बरामद फसल की अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई. इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े नेता विजय ताम्रकार को दो अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। भाई की दुकान पर चला बुलडोजर इसी घटनाक्रम के बीच प्रशासन ने समोदा गांव में एक और कार्रवाई की. अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार नेता के भाई बृजेश ताम्रकार गांव में करीब 32 डिसमिल सरकारी जमीन पर दुकान चलाते थे. जिला प्रशासन को लंबे समय से इस जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं. जांच के बाद पाया गया कि यह दुकान सरकारी भूमि पर बनाई गई है. इसके बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया और मंगलवार को बुलडोजर की मदद से इस निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया. कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही. इस अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त तहसीलदार ने किया. उन्होंने बताया कि प्रशासन ने सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ही यह कदम उठाया है. अवैध निर्माण को हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया और कुछ ही समय में पूरी संरचना को गिरा दिया गया. अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई अतिक्रमण हटाने के अभियान का हिस्सा थी और इसका उद्देश्य सरकारी जमीन को मुक्त कराना था। पहले ही जारी हो चुका था बेदखली आदेश प्रशासन के मुताबिक इस मामले में स्थानीय अदालत पहले ही बेदखली का आदेश जारी कर चुकी थी. इसके बावजूद लंबे समय तक कब्जा नहीं हटाया गया. गांव के लोगों और ग्राम प्रधान ने कई बार प्रशासन को लिखित शिकायत देकर बताया था कि सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण किया गया है. इन शिकायतों के आधार पर जांच की गई और अंततः अदालत से बेदखली वारंट जारी होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई को अंजाम दिया। बुलडोजर कार्रवाई देखने जुटे ग्रामीण मंगलवार को जब प्रशासन की टीम समोदा गांव पहुंची, तो वहां बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया. जैसे ही बुलडोजर ने अवैध निर्माण को गिराना शुरू किया, गांव के लोग आसपास इकट्ठा होने लगे. कई लोग पूरे घटनाक्रम को देखने के लिए मौके पर मौजूद रहे. हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिससे कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हुई. अधिकारियों का कहना है कि जिले में सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों को लेकर प्रशासन गंभीर है. राजस्व विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कई जगहों पर अवैध कब्जों की शिकायतें मिल रही हैं और उन्हें हटाने के लिए चरणबद्ध तरीके से अभियान चलाया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण मिलेगा, वहां इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष ने उठाए सवाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं. विपक्षी दल कांग्रेस ने अफीम की खेती के मामले को लेकर राज्य सरकार की आलोचना की है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर अफीम की खेती होना प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. उन्होंने मामले की गहन जांच की मांग भी की है. हालांकि सरकार की ओर से इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। कानून व्यवस्था पर प्रशासन का जोर प्रशासन का कहना है कि अवैध गतिविधियों और सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में सरकारी भूमि की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है. इसी के तहत जहां भी अवैध कब्जे की शिकायत मिलेगी, वहां जांच कर कार्रवाई की जाएगी. समोदा गांव में हुई यह कार्रवाई इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है. एक तरफ अफीम की करोड़ों की खेती का खुलासा और दूसरी तरफ उससे जुड़े व्यक्ति के परिवार की अवैध दुकान पर बुलडोजर चलने की घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं. प्रशासन के अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कार्रवाई केवल एक मामले तक सीमित नहीं है. जिले में जहां-जहां सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें हैं, वहां जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में भी अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा और अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे. इस बीच पुलिस अफीम की खेती से जुड़े मामले की भी जांच आगे बढ़ा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध गतिविधि में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

जबरन कब्जे पर क्या कहते हैं संयुक्त राष्ट्र के कानून?

संयुक्त राष्ट्र दुनियाभर में अभी दो जंगे चल रही हैं, जिनकी चर्चा हर जगह हो रही है। इसमें पहला युद्ध तो अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हो रहा है, जबकि दूसरा रूस-यूक्रेन के बीच चल रहा है। रूस-यूक्रेन जंग फरवरी 2022 से ही जारी है। इस युद्ध में रूस ने यूक्रेन के कई हिस्सों को कब्जाया है, जिसमें डोनेट्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया जैसी जगहें शामिल हैं। इसके अलावा वह 2014 से ही क्रीमिया पर कब्जा करके बैठा है, जो कभी यूक्रेन का हिस्सा हुआ करता था। ये तो बस एक ताजा उदाहरण है, जिसमें किसी देश ने दूसरे देश के हिस्सों को कब्जाया है। अगर इतिहास उठाकर देखें तो ऐसे कई उदाहरण मिलेंगे, जहां किसी देश ने पहले दूसरे मुल्क के खिलाफ जंग छेड़ दी। फिर उस मुल्क के किसी हिस्से को कब्जा लिया। ईरान के साथ चल रही अमेरिका-इजरायल की जंग में भी ऐसा होने की संभावना जताई जा रही है। अब यहां सवाल उठता है कि क्या कोई देश ऐसा कर सकता है? क्या किसी देश को दूसरे मुल्क की जमीन पर जबरन कब्जा करने का अधिकार है? संयुक्त राष्ट्र के नियम इस संबंध में क्या कहते हैं? अगर आप इंटरनेशनल रिलेशन के स्टूडेंट हैं या फिर सरकारी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो फिर आपको इसका जवाब भी मालूम होना चाहिए। देश कब्जाने को लेकर UN के नियम क्या हैं? संयुक्त राष्ट्र (UN) एक ऐसी संस्था है, जिसका प्रमुख काम दुनिया में शांति बनाए रखना है, ताकि युद्ध की संभावना पैदा ना हो। मगर फिर भी कई देशों के बीच युद्ध होते रहते हैं। UN के 193 सदस्य देश हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र चार्टर का पालन करना होता है। इस चार्टर को आप UN का संविधान मान सकते हैं, जिसमें बताया गया है कि किसी देश को क्या करना है और क्या नहीं करना है। इसी चार्टर में इस बात की भी जानकारी दी गई है कि क्या कोई देश दूसरे देश के किसी हिस्से पर कब्जा कर सकता है या नहीं। UN चार्टर के आर्टिकल 2 में इस बारे में विस्तार से बात की गई है। इस आर्टिकल में 7 प्वाइंट्स हैं, जिसमें आर्टिकल 2(4) में कब्जे से संबंधित बातें हैं। आर्टिकल 2(4) में कहा गया है, 'सभी सदस्य देश अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों में किसी भी मुल्क की क्षेत्रीय अखंडता या राजनीतिक स्वतंत्रता के विरुद्ध बल प्रयोग या धमकी से परहेज करेंगे, या किसी भी अन्य ऐसे तरीके से परहेज करेंगे जो संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों के साथ मेल नहीं खाता हो।' आसान भाषा में कहें तो इस आर्टिकल में कहा गया है कि दूसरे देशों पर ना तो हमला करें और ना ही उन्हें धमकी दें। यहां जिस क्षेत्रीय अखंडता को बनाए रखने की बात हुई है, उसका मतलब है कि किसी देश की ना तो जमीन कब्जाई जाए और ना ही उसके बॉर्डर चेंज किए जाएं। कुल मिलाकर शांति से रहें और युद्ध ना करें। जमीन कब्जाने के बाद क्या नियम लागू होते हैं? हालांकि, ऐसा देखने को मिलता है कि भले ही हर देश UN चार्टर पर साइन कर दे, लेकिन वह इसके नियमों का पालन नहीं करता है। जैसे रूस का ही उदाहरण लेते हैं, उसने UN के नियमों का पालन नहीं किया और यूक्रेन के कई हिस्सों को कब्जा लिया। अब यहां सवाल उठता है कि अगर कोई देश ऐसा कर देता है, तो फिर उसे कब्जे वाली जगह पर किन नियमों का पालन करना चाहिए। 12 अगस्त, 1949 को अपनाई गई चौथी जिनेवा संधि में इस बारे में विस्तार से बात हुई है। ये संधि युद्ध के समय और कब्जे वाले क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा के लिए समर्पित है। इसमें कहा गया है कि कब्जे वाले इलाके में उन सभी लोगों की सुरक्षा करनी चाहिए, जो सेना के सदस्य नहीं हैं। कब्जे वाले इलाके में रहने वाले सभी लोगों के साथ मानवीय व्यवहार किया जाना चाहिए। उनके साथ मारपीट या उन्हें टॉर्चर नहीं किया जा सकता है। कब्जाने वाले देश को इस बात की इजाजत नहीं है कि वह लोगों को भगाए या उन्हें डिपोर्ट करे। उसे इस बात की भी इजाजत नहीं है कि वह कब्जे वाले इलाके में अपने देश के नागरिकों को बसा सके। सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि कब्जा वाले इलाके में खाना और दवाएं पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उसी की है।

10 साल बाद रायपुर को मिल सकता है IPL का तोहफा: RCB के मैचों के साथ स्टेडियम में होंगे बड़े बदलाव

रायपुर करीब एक दशक बाद राजधानी रायपुर में एक बार फिर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का रोमांच देखने को मिलेगा। नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में इस बार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के दो मुकाबले आयोजित करने की तैयारी चल रही है। फ्रेंचाइजी ने इस स्टेडियम को अपना होम ग्राउंड बनाया है, जिससे रायपुर के क्रिकेट प्रेमियों को लंबे समय बाद आईपीएल का लाइव रोमांच देखने का मौका मिल सकता है। चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस से हो सकते हैं मुकाबले जानकारी के अनुसार, इन मुकाबलों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अपने मैच चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के खिलाफ आयोजित कराने की तैयारी में है। यदि ऐसा होता है तो दर्शकों को एक ही मैदान पर विराट कोहली, एमएस धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिल सकता है। वीआईपी गैलरी और स्क्रीन में होंगे बदलाव इन संभावित मुकाबलों को देखते हुए स्टेडियम में सुविधाओं को बेहतर बनाने की कवायद भी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि वीआईपी गैलरी को पहले से अधिक आधुनिक बनाया जाएगा। वहीं दर्शकों के अनुभव को बेहतर करने के लिए स्टेडियम में लगी बड़ी स्क्रीन में भी बदलाव किए जाने की योजना है। गोल्ड और सिल्वर सीटों को बनाया जाएगा लग्जरी इसके अलावा गोल्ड और सिल्वर श्रेणी की सीटों को भी अधिक लग्जरी बनाने का प्रस्ताव है, ताकि दर्शकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। स्टेडियम की अपर गैलरी में लगी दोनों स्क्रीन को हटाने की भी योजना है। इन स्क्रीन के हटने से करीब 1500 अतिरिक्त सीटों की व्यवस्था हो सकेगी। नई जगह पर बड़ी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिनसे दर्शकों को मैच के रोमांचक पलों को स्लो मोशन में देखने की सुविधा मिलेगी। प्लेटिनम बॉक्स में भी किया जाएगा बदलाव रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के विशेषज्ञों ने स्टेडियम के प्लेटिनम बॉक्स में लगे ग्लास बदलने की भी सिफारिश की है। लगभग 700 दर्शक क्षमता वाले इस बॉक्स को आमतौर पर वीवीआईपी मेहमानों के लिए आरक्षित रखा जाता है, इसलिए इसमें अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। टीमों की प्रैक्टिस के लिए बनेगी अलग पिच छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, टीमों की प्रैक्टिस के लिए स्टेडियम के बाहर अलग से एक पिच भी तैयार की जाएगी। साथ ही फ्रेंचाइजी का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही रायपुर का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा ले सकता है। करीब 50 हजार से अधिक दर्शक क्षमता वाले इस स्टेडियम में मैचों के आयोजन को लेकर फ्रेंचाइजी ने यहां की सुविधाओं और रायपुर के स्टार होटल्स का भी सर्वे किया है। यदि सभी तैयारियां समय पर पूरी हो जाती हैं तो रायपुर के क्रिकेट प्रेमियों को लंबे इंतजार के बाद आईपीएल के हाई वोल्टेज मुकाबले देखने का मौका मिल सकता है।

क्या 2026 में बदल गए किरायेदारी कानून? मकान खाली कराने के दावों का फैक्ट चेक

नई दिल्ली 'नए रेंट नियम 2026' वाला एक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 'भारत का नया किराया कानून 2026' के दावे के साथ शेयर किए गए ऐसे पोस्ट में किराएदारों और मकान मालिकों से संबंधित नियमों को लेकर कई बड़े सनसनीखेज बदलाव के दावे किए गए हैं। वायरल पोस्ट के अनुसार किराया कानूनों में सरकार ने बहुत ज्यादा परिवर्तन कर दिया है। इसमें किराया, एडवांस और मकान खाली कराने के लिए नई वैद्यानिक प्रक्रिया में संशोधन की बात कही गई है। नए रेंट नियम 2026 के दावे से कंफ्यूजन ऑनलाइन तेजी से फैलने की वजह से ऐसे पोस्ट ने किराएदारों और मकान मालिकों में बहुत ही ज्यादा कंफ्यूजन पैदा कर दिया है। अलबत्ता,शेयर किए जा रहे तथ्यों में तकनीकी तौर पर कुछ सही हैं, लेकिन उनके पीछे की सच्चाई पूरी तरह से अलग है। 'नए रेंट नियम 2026' वाले पोस्ट में दावा     पहला तो वायरल पोस्ट के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि नया किराया नियम इसी साल लागू हुआ है।     इसे इस तरह से बताने की कोशिश की गई है कि ये नियम एकसाथ पूरे देश में लागू हैं।     डिपॉजिट के तौर पर मकान मालिक दो महीने से ज्यादा का किराया नहीं ले सकता।     बिना कानूनी प्रक्रिया का पालन किए किराएदारों को नहीं निकाला जा सकता।     रेंट एग्रीमेंट डिजिटली स्टैंप्ड होना जरूरी है और 60 दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन आवश्यक है।     12 महीने में सिर्फ एक बार किराया बढ़ सकता है, इसके लिए 90 दिनों की पूर्व सूचना जरूरी है।     मकान मालिक को प्रॉपर्टी में दाखिल होने से 24 घंटे पहले नोटिस देना होगा।     अगर 30 दिनों के भीतर जरूरी मरम्मत नहीं करवाए जाते हैं तो किराएदार उसे खुद ही करवा सकता है और किराए से उसमें लगा खर्च काट सकता है।     ताला बदलना, पानी/बिजली काटना या किराएदारों को धमकाना दंडनीय है।     कुछ रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अगर किराया, संपत्ति को नुकसान या एग्रीमेंट को लेकर कोई विवाद होता है, तो इसका निपटारा किराया अदालत या ट्रिब्यूनल के द्वारा 60 दिन के अंदर किया जाएगा।   'रेंट नियम 2026' जैसा कोई नियम नहीं बनाया गया है। अलबत्ता इनके कुछ प्रावधान मॉडल टेनेंसी एक्ट(MTA) 2021 में शामिल हैं।     केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी के बाद सरकार ने इसे एक गाइडलाइन नियमावली की तरह जारी किया था।     राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसके आधार पर अपने किराया नियम तैयार करने थे।     भारत में आवासीय और किराया संबंधी कानून राज्य सरकारों के अधीन आते हैं।     यानी किराया से संबंधित नियावली तैयार करने या उसमें संशोधन का अधिकार राज्य सरकारों के पास है। मॉडल टेनेंसी एक्ट पर केंद्र सरकार का स्टैंड     दिसंबर, 2021 में तत्कालीन आवास और शहरी मामलों के राज्यमंत्री कौशल किशोर ने एक सवाल के जवाब में लोकसभा में कहा था कि लैंड और कोलोनाइजेशन राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।     उन्होंने केंद्र शासित प्रदेशों को लेकर भी ये बताया था कि उन्हें सलाह दी गई है कि वह या तो मॉडल टेनेंसी एक्ट के आधार पर नया कानून लागू करें या फिर अपने मौजूदा किराया नियावली में संशोधन करें। मॉडल टेनेंसी एक्ट को किन राज्यों ने अपनाया     राज्यसभा में पिछले साल अगस्त तक की दी गई जानकारी के अनुसार कुछ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने मॉडल टेनेंसी एक्ट के आधार पर नियम तैयार किए हैं।     असम, अरुणाचल प्रदेश जैसे राज्य और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव और लक्षद्वीप जैसे केंद्र शासित प्रदेश इनमें शामिल हैं।     केंद्र की ओर से यह भी कहा गया कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों से कहा गया है कि वह मॉडल टेनेंसी एक्ट के ताजा स्वरूप के अनुरूप अपने किराया कानूनों में बदलाव करें। इन राज्यों ने इसके पुराने ड्राफ्ट के आधार पर इसे नोटिफाई कर लिया था। मॉडल टेनेंसी एक्ट को लेकर विवाद     रेंटल एग्रीमेंट के दौरान 'आधार' डिटेल उपलब्ध करवाने के प्रावधान पर सवाल उठाए गए हैं और इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के विपरीत बताया जाता है।     इस कानून के तहत रेंट एग्रीमेंट के डिजिटल रजिस्ट्रेशन का यह कहकर विरोध होता है कि इससे किराएदार और मकान मालिक दोनों के निजी डेटा एक्सपोज होने का खतरा है।