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राजेश अग्रवाल के विभागों के लिए 492 करोड़ रुपये से अधिक का अनुदान पारित

पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री  राजेश अग्रवाल के विभागों के लिए 492 करोड़ रूपए से अधिक की अनुदान मांगे पारित पर्यटन विभाग के बजट में पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 55 प्रतिशत की वृद्धि  पर्यटन विभाग के अंर्तगत तीन नई योजनाओं हेतु कुल 110 करोड़ रूपए का प्रावधान मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन हेतु 100 करोड़, शक्तिपीठ भ्रमण योजना हेतु 5 करोड़, छत्तीसगढ़ युवा दर्शन योजना हेतु 5 करोड़ रूपए का प्रावधान  मुख्यमंत्री जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजना हेतु 3 करोड़ रूपए का प्रावधान, छत्तीसगढ़ राज्य के आम नागरिकों को आईआरसीटीसी के माध्यम से पर्यटन स्थलों के भ्रमण मे 75 प्रतिशत तक सब्सिडी  पर्यटन क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्यों हेतु अनुदान मद के अंर्तगत 100 करोड़ रूपए का प्रावधान  रामलला दर्शन योजना के लिए 36 करोड़ रूपए का प्रावधान शक्तिपीठ परियोजना के अंर्तगत छत्तीसगढ़ के पांच शक्तिपीठों को विकसित किए जाने हेतु 5 करोड़ रूपए का प्रावधान सिरपुर एकीकृत विकास योजना हेतु 10 करोड़ रूपए का प्रावधान, सिरपुर को हेरिटेज स्थल के रूप मंे किया जाएगा विकसित राजकीय मानव संग्रहालय, छत्तीसगढ़ इतिहास संग्रहालय, अभिलेखागार एवं भारत भवन का किया जाएगा निर्माण सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और कलाकारों के प्रोत्साहन पर विशेष जोर मंदिरों के जीर्णाेद्धार और प्रमुख मेलों के आयोजन को मिलेगा प्रोत्साहन रायपुर,  छत्तीसगढ़ विधानसभा में पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व तथा धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान मांगों को सदन में पारित किया गया। विभागीय मंत्री  राजेश अग्रवाल द्वारा प्रस्तुत बजट पर चर्चा के बाद इन विभागों के लिए कुल 492 करोड़ 20 लाख रुपये की अनुदान मांगें पारित की गईं, इसमेें पर्यटन विभाग के लिए 344 करोड़ रूपए, संस्कृति विभाग के लिए 98.20 करोड़ रूपए तथा धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व विभाग के लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।  सदन में बजट भाषण के दौरान मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, प्राकृतिक पर्यटन स्थलों और धार्मिक आस्था से जुड़ी विरासत से है। राज्य सरकार इन तीनों क्षेत्रों को समन्वित रूप से विकसित कर छत्तीसगढ़ को पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से देश के प्रमुख राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इन विभागों के बजट में पर्यटन अधोसंरचना के विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और धार्मिक स्थलों के संवर्धन को प्राथमिकता दी गई है। पर्यटन विभाग मंत्री  अग्रवाल ने बताया कि पर्यटन विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 344 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन के माध्यम से राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों, पर्यटन सर्किटों और पर्यटक सुविधाओं का व्यापक विकास किया जाएगा। इसके लिए इस वर्ष 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे पर्यटन स्थलों की अधोसंरचना, ब्रांडिंग, स्वच्छता, पेयजल और पर्यटक सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए  रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 52 विशेष ट्रेनों के माध्यम से लगभग 44 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को निःशुल्क दर्शन कराया जा चुका है और इसके लिए इस वर्ष 36 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ आस्था पथ (शक्तिपीठ भ्रमण) योजना के माध्यम से राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों को जोड़कर धार्मिक पर्यटन को नई दिशा दी जाएगी। इस योजना हेतु 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।   अग्रवाल ने कहा कि राज्य में साहसिक पर्यटन और जल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत जलाशयों और प्राकृतिक स्थलों पर जल क्रीड़ा तथा एडवेंचर गतिविधियों के विकास के लिए बजट में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। मंत्री  अग्रवाल ने जानकारी दी कि पर्यटन क्षेत्रों में विभिन्न विकास  कार्यों हेतु  100 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, इसके अंर्तगत भोरमदेव कॉरिडोर का विकास, मयाली-बगीचा के विकास के अंर्तगत जशपुर जिले के मधेश्वर पहाड़ के निकट स्थित मयाली मंे पर्यटक रिसॉर्ट, स्किल डेवलपमेंट सेंटर का विकास एवं बगीचा स्थित कैलाश गुफा में पर्यटन विकास के कार्य कराए जाएंगे। उन्होेंने आगे कहा कि नया रायपुर मंे चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं कन्वेंशन सेेंटर का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर एवं सरगुजा के आदिवासी क्षेत्रों में बस्तर टूरिज्म सर्किट एवं जशपुर टूरिज्म सर्किट के तहत विकास कार्य कराए जाएंगे जिससे छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों का स्वरूप और अधिक निखरकर सामने आएगा।  मंत्री  अग्रवाल ने आगे कहा कि पर्यटन प्रोत्साहन अनुदान मद में 5 करोड़ की वृद्धि कर 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसके अंर्तगत बस्तर, सरगुजा एवं अन्य संभावित पर्यटन क्षेत्रों मंे पर्यटकों के लिए होमस्टे सुविधा एवं सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत राज्य के आर्थिक विकास एवं पर्यटन के विकास के लिए निजी निवेशकों एवं स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। शक्तिपीठ परियोजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के पांच शक्तिपीठों को उत्तराखंड की चारधाम परियोजना की तर्ज पर विकसित करने और जोड़ने का कार्य किया जाना है। इस हेतु बजट मंे 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। सिरपुर को बुद्धिष्ट थीम पर हेरिटेज स्थल के रूप मंे विकसित किया जाएगा, इसके लिए सिरपुर विकास योजना केे तहत 10 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।  छत्तीसगढ़ राज्य के आम नागरिकों को मुख्यमंत्री जन-पर्यटन प्रोत्साहन योजनांर्तगत आईआरसीटीसी के माध्यम से 75 प्रतिशत सब्सिडी मंे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलांे का भ्रमण कराया जाएगा। इस हेतु बजट में 3 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। प्रथम चरण में राजधानी रायपुर से जगदलपुर एवं बारनवापारा-सिरपुर टूर तैयार किया जा रहा है।  पर्यटन विभाग के अंर्तगत नया रायपुर स्थित भारतीय होटल प्रबंधन संस्थान हेतु 4 करोड़ रूपए, स्टेट टूरिज्म अवार्ड हेतु 5 लाख रूपए एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन के प्रचार-प्रसार एवं ब्राडिंग हेतु मेला, उत्सव, प्रर्दशनी अनुदान मद मंे 8.50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इसके माध्यम से टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट तथा स्टेक होल्डर्स से संपर्क कर उन्हें छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के लिए कार्य किए जाने हेतु प्रोत्साहित करने प्रमुख 10 शहरों में रोड शो और बिजनेस मीटिंग का अयोजन किया जाएगा, जिससे राज्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।  संस्कृति एवं पुरातत्व मंत्री  अग्रवाल ने बताया कि संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 98 करोड़ 20 लाख रुपये का बजट प्रावधान किया … Read more

12 दिन में संघर्ष तेज, ईरान ने अमेरिकी सैनिकों पर हमला कर दिखाया कॉन्फिडेंस, हॉर्मुज पर कब्ज़ा

तेहरान ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच जारी युद्ध बुधवार को 12वें दिन में प्रवेश कर गया. रात भर पूरे पश्चिम एशिया में हवाई हमले के सायरन, मिसाइल लॉन्च और नए हमलों की खबरें सामने आईं. इजरायल और अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले जारी रखे, जबकि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सहयोगी देशों को निशाना बनाया. हालांकि अब इन हमलों से ज्यादा बड़ा मुद्दा स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज बना हुआ है, जिसने बंद होने से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है।  ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि उसने अपने सैन्य अभियान की 35वीं लहर शुरू कर दी है. इसमें मध्य-पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल के मध्य हिस्सों को निशाना बनाया गया. वहीं इजरायली सेना ने दावा किया कि उसने तेहरान में ईरानी सरकार से जुड़े कई ठिकानों पर एक और बड़ा हमला किया है. उधर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का ईरान के लोगों को सीधा संदेश यह आपके लिए जीवन में एक बार मिलने वाला ऐसा अवसर है जिससे आप अयातुल्लाहशासन को हटाकर अपनी स्वतंत्रता प्राप्त कर सकते हैं. अयातुल्ला अब इस दुनिया में नहीं हैं और मैं जानता हूं कि आप नहीं चाहते कि उनकी जगह कोई दूसरा तानाशाह आ जाए।  स्ट्रैट ऑफ हॉर्मुज पर बढ़ा तनाव, बड़ी मुसीबत अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के 16 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया, जिनमें बारूदी सुरंग बिछाने वाले जहाज भी शामिल थे. हॉर्मुज दुनिया का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है क्योंकि यहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई गुजरती है. रिपोर्टों के मुताबिक ईरान इस जलमार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी कर रहा था. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसके बलों ने इस अहम तेल मार्ग के पास इन जहाजों को निशाना बनाया।  1300 से ज्यादा की हो चुकी है मौत संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक अमेरिका और इजराइल के हमलों में 1300 से ज्यादा नागरिकों की मौत हो चुकी है. रिपोर्टों के अनुसार 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के एक प्राथमिक स्कूल पर हुए हमले में मिले मिसाइल के अवशेष अमेरिकी टॉमहॉक क्रूज मिसाइल के हो सकते हैं. वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने बताया कि ईरान के हमलों में लगभग 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें से 8 की हालत गंभीर बताई जा रही है।  बढ़ रहा है संघर्ष का दायरा     इस युद्ध का असर पूरे पश्चिम एशिया में दिखाई दे रहा है. लेबनान की राजधानी बेरूत के दहिया इलाके में इजरायल ने हवाई हमले किए, जो ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह का गढ़ माना जाता है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मंगलवार को हुए हमलों में कम से कम 95 लोगों की मौत हुई. वहीं हिज्बुल्लाह ने उसी दिन इजरायल पर 30 हमले करने का दावा किया।      खाड़ी देशों में भी हवाई सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए. बहरीन ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से उसने 106 मिसाइल और 176 ड्रोन मार गिराए हैं. कतर ने सात मिसाइल हमलों की पुष्टि की जबकि कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र में पांच ड्रोन घुसने की जानकारी दी।      सऊदी अरब ने चार ड्रोन और 7 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का दावा किया. वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से उसके खिलाफ 1,475 ड्रोन और 260 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं. इससे साफ है कि यह संघर्ष धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में लेता जा रहा है।  इजरायल ने रात में किया हमला, ईरान ने सुबह-सुबह दिया धुआंधार जवाब मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच इजरायल ने तेहरान में हमलों की दूसरी लहर शुरू की. इजरायली सेना ने बताया कि उसने लेबनान की राजधानी बेरूत में भी हवाई हमले किए. बुधवार सुबह ईरान की ओर से ने कहा कि तेहरान के एक रिहायशी इलाके को निशाना बनाया गया. वहीं लेबनान में इजरायली हमले के दौरान रेड क्रॉस की एक एम्बुलेंस पर हमला हुआ, जिसमें एक पैरामेडिक की मौत हो गई. दूसरी ओर ईरान की सेना ने दावा किया कि उसने युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे तेज और भारी ऑपरेशन शुरू किया है. सरकारी मीडिया के अनुसार इस हमले में इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. ईरान की 175 बच्चियों का हत्यारा कौन? ट्रंप की सेक्रेटरी ने क्या कहा व्हाइट हाउस की प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एक पत्रकार ने सवाल किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एक स्कूल पर हमले के मामले में क्यों कहा कि ईरान के पास टॉमहॉक मिसाइल हो सकती है, जबकि ये मिसाइलें केवल अमेरिका और उसके तीन सहयोगी देशों के पास हैं. इस पर व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने जवाब दिया कि राष्ट्रपति को अमेरिकी जनता के सामने अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है और इस पर जांच चल रही है. ईरान ने दागीं सऊदी अरब पर बैलिस्टिक मिसाइलें, 7 को मार गिराया गया ईरान के साथ चल रहे युद्ध के 12वें दिन सऊदी अरब ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने देश की ओर दागी गई सात बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया. सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक ये मिसाइलें देश के विभिन्न इलाकों की ओर बढ़ रही थीं, लेकिन उन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया गया. मंत्रालय ने बताया कि सऊदी सेना लगातार हाई अलर्ट पर है और किसी भी हमले से निपटने के लिए तैयार है. हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते संघर्ष का असर खाड़ी देशों पर भी पड़ रहा है। कई देशों में मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं.  ईरान ने इजरायल में मचाई है भारी तबाही, दिखा नहीं रहे नेतन्याहू: अरागची ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर आरोप लगाया कि वे दुनिया से सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. अरागची ने दावा किया कि ईरान की शक्तिशाली सेना इजरायल के हमलों का मुंहतोड़ जवाब दे रही है, जिसे नेतन्याहू नहीं चाहते कि लोग देखें. उन्होंने दावा किया कि जमीन पर … Read more

विजय शर्मा के मंत्रालयों का बजट मंजूर, पंचायत और ग्रामीण विकास से लेकर विज्ञान प्रौद्योगिकी तक

उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, गृह, जेल, विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का बजट पारित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 16 हज़ार 560 करोड़ रुपए प्रावधानित रायपुर, उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार बनते ही हमने आवासहीन लोगों को प्रतिबद्घ होकर प्रथम बैठक में 18 लाख से अधिक लंबित आवासों के निर्माण को स्वीकृति दी गयी थी। 2 वर्षों में एसईसीसी 2011 एवं आवास प्लस-2018 की सूची के सभी पात्र हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किया जा चुका है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, गृह, जेल, विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग का बजट  विधानसभा में पारित किया गया l          विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के अंतर्गत 33 हजार 255 परिवारों को आवास स्वीकृति दी जा चुकी है एवं 19 हजार 199 आवास पूर्ण भी हो चुके हैं। प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित पात्र परिवारों को पीएम आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत विशेष परियोजना के तहत आवास लाभ प्रदान किए जाने हेतु भारत सरकार द्वारा 15 हजार परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा रहा है।        मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 38 हजार से अधिक परिवारों को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है एवं 15 हजार से अधिक आवास पूर्ण भी हो चुके है। सरकार गठन उपरांत राशि  400 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान भी किया गया, यह राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि कोई भी परिवार आवासहीन न रहे।       भारत सरकार, ग्रामीण विकास मंत्रालय से पीएमजी एसवाई 4 के तहत 774 सड़कों द्वारा 781 बसाहटे लाभान्वित होंगी। जिसके लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 2237.97 करोड़ रुपए एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना के लिए 550 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़कों के नागरिक सूचना पटल पर QR कोड आधरित सूचना स्वप्रकटीकरण बोर्ड लगाकर सड़कों की समस्त जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।     मंत्री  शर्मा ने बताया कि इस बजट में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 4000 करोड़ रुपए एवं  प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना हेतु 4265.00 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के लिए 350 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु बजट प्रावधान 850 करोड़ रुपए किया गया है। ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान हेतु 8.75 करोड़ का प्रावधान किया गया है।  ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के लिए 144 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।      गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि पुलिस विभाग के लिए मुख्य बजट में राजस्व व्यय मद अंतर्गत 7130.48 करोड़ रुपए एवं पूंजीगत परिव्यय मद अंतर्गत 590.53 करोड़ रुपए कुल 7721.01 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पुनर्वास करने वाले वामपंथी उग्रवादी नक्सली कैडर को केन्द्रीय पुनर्वास नीति के तहत् उनके प्रतिस्थापन एवं पुनर्वास के लिये फिक्स डिपाजिट एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिये राशि रूपये 38 करोड़ का बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के मुख्य बजट में वर्तमान में हो रहे आधुनिक किस्म के अपराध एवं साइबर अपराध के मामलों की गहन अनुसंधान एवं रोकथाम हेतु पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर में आधुनिक आई.टी. सेंटर खोले जाने हेतु 06 नवीन पद तथा जिला बालोद, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई, सक्ती, बलरामपुर में कुल 05 साइबर थाना के गठन हेतु 50 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। सरकार द्वारा जिला रायपुर के नगरीय क्षेत्रों में लागू किये गये पुलिस आयुक्त प्रणाली का सुचारू एवं कुशलतापूर्णक संचालन हेतु कुल 67 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पृथक से नवीन पुलिस जिला रायपुर ग्रामीण के रूप में संचालन हेतु कुल 251 नवीन पदों का प्रावधान किया गया हैं। इसी प्रकार राज्य के 06 नवगठित जिलों सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदाबाजार, बालोद, बेमेतरा एवं मुंगेली में पुलिस के महत्त्वपूर्ण कार्य हेतु डीसीबी, डीसीआरबी के 156 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।         प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों के लिए 15 नवीन पुलिस थाना की स्थापना हेतु कुल 975 नवीन पदों एवं 08 पुलिस चौकी को पुलिस थाना में उन्नयन किये जाने हेतु 337 नवीन पद, अत्यधिक कम बल स्वीकृत वाले 21 पुलिस थानों में अतिरिक्त बलवृद्धि किये जाने हेतु कुल 870 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।         प्रदेश में पुलिस प्रशासन को सुदृढ़ किये जाने हेतु नवीन पुलिस महानिरीक्षक रेंज रायपुर एवं राजनांदगांव तथा पुलिस उप महानिरीक्षक रायगढ़ रेंज कार्यालय के लिए कुल 41 नवीन पद तथा प्रदेश के विभिन्न पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में अनुसचिवीय बल के कुल 110 अतिरिक्त नवीन पदों का प्रावधान किया गया है। शासकीय रेल पुलिस रायपुर के थाना/चौकी एवं लाईन में अतिरिक्त बलवृद्धि किये जाने हेतु कुल 150 अतिरिक्त नवीन पदों सहित, जगदलपुर हवाई पट्टी की सुरक्षा हेतु हेतु 40. न्यू स्टेट हैंगर माना रायपुर की सुरक्षा हेतु 40 नवीन पद का प्रावधान किया गया है। राजभवन की सुरक्षा, मुख्यमंत्री निवास सुरक्षा एवं मंत्रालय की सुरक्षा हेतु 250 अतिरिक्त नवीन पद, छसबल की वाहिनियों के अकुशल ट्रेडमेन संवर्ग के 400 नवीन पद, बस्तर फाईटर बल में अतिरिक्त बलवृद्धि (आरक्षक) हेतु 1500 नवीन पद, विशेष आसूचना शाखा मुख्यालय के लिए अनुसचिवीय संवर्ग के 24 नवीन पद, एटीएस विशेष शाखा में आदर्श आतंकवाद निरोधक दस्ता हेतु 325 नवीन पद, प्रदेश के विभिन्न छसबल वाहिनीयों में श्वान दल हेतु 83 नवीन पदों का प्रावधान किया गया है।      मंत्री   शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 440 नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 01 नवीन भारत रक्षित वाहिनी के गठन हेतु 1007 नवीन पद, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल का 01 बटालियन गठन किये जाने हेतु 500 नवीन पद. जिला स्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन हेतु 100 नवीन पद, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय अंतर्गत एस०ओ०जी० (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन हेतु 44 नवीन पद सहित थाना एवं चौकियों की संख्या में वृद्धि करते हुये कुल 5421 नवीन पदों की स्वीकृतियां प्रदान की गई है। सरकार द्वारा विशेष पुलिस बल अंतर्गत … Read more

सफलता की मिसाल: पारंपरिक हस्तशिल्प ने बदल दी लोगों की आजीविका

सफलता की कहानी : पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद बना आजीविका का साधन स्व सहायता समूह से जुड़कर कांसाबेल की महिलाओं ने स्वरोजगार की राह अपनाई रायपुर  पारंपरिक कौशल, जैसे मिट्टी के बर्तन, कढ़ाई और लकड़ी का काम, स्थानीय सामग्रियों का उपयोग कर पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों के माध्यम से न केवल रोजगार प्रदान करता है, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करता है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन – बिहान योजना के तहत जशपुर जिले की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की मिसाल गढ़ रही हैं। कांसाबेल विकासखंड के ग्राम सेम्हर कछार की हरियाली स्व-सहायता समूह की 11 महिलाओं ने छिंद कासा से आकर्षक टोकरी और अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद तैयार कर अपनी आजीविका को मजबूत किया है।          समूह की सदस्य मती बालमुनि भगत ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार का अवसर मिला। पहले महिलाएं केवल घरेलू कामकाज तक सीमित थीं, लेकिन अब वे अच्छी कमाई कर रही हैं। यह कार्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी दे रहा है। उन्होंने बताया कि यह न केवल एक व्यवसाय है, बल्कि यह परंपराओं, कौशल और सांस्कृतिक विरासत को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचाता है।            महिलाओं ने बताया कि बिहान योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। समूह के माध्यम से प्रशिक्षण, सहयोग और विपणन सुविधा मिलने से उनका उत्पाद अब स्थानीय हाट-बाजार और मेलों में लोकप्रिय हो चुका है। महिलाएं कहती हैं कि अब वे सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि अपनी पहचान खुद बना रही हैं।        समूह की दीदियों ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं से हम सशक्त और आत्मनिर्भर हो रहे हैं। हम महिलाओं के लिए हस्तशिल्प उत्पाद आय का मुख्य जरिया है, जो लाखों लोगों को, विशेषकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है।

BCCI का ऐलान: 5 ICC ट्रॉफी जीत का जश्न, क्रिकेट सितारों के साथ मनाया जाएगा महा-उत्सव

मुंबई  भारतीय क्रिकेट का इस समय स्वर्णिम युग चल रहा है। पिछले कुछ समय में भारत की टीमों ने आधा दर्जन से ज्यादा आईसीसी टूर्नामेंट जीते हैं। मेंस और वुमेंस क्रिकेट ही नहीं, बल्कि यूथ मेंस और वुमेंस टीम भी आईसीसी ट्रॉफी जीत चुकी हैं। बीते करीब 13-14 महीने में भारत की अलग-अलग टीमों ने 5 आईसीसी खिताब अपने नाम किए हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई भी अपने खिलाड़ियों को सम्मानित करने वाली है। इसकी घोषणा कर दी गई है। रविवार 15 मार्च को, BCCI नई दिल्ली में अपने सालाना NAMAN अवॉर्ड्स आयोजित करेगा। यह इवेंट एयरपोर्ट के पास एक शानदार फाइव स्टार होटल में होगा। यह जगह खास तौर पर उन खिलाड़ियों के लिए ट्रैवल को आसान बनाने के लिए चुनी गई थी जो जल्द ही आने वाले सीजन के लिए अपनी-अपनी IPL फ्रेंचाइजी में शामिल होने के लिए जा रहे हैं। बता दें कि बीसीसीआई पहले ही टी20 विश्व कप 2026 की विजेता टीम के लिए 131 करोड़ रुपये के इनाम की घोषणा कर चुकी है। BCCI के सचिव देवजीत सैकिया ने कन्फर्म किया कि यह सेरेमनी चैंपियंस का एक बड़ा गेट-टुगेदर होगा। उन्होंने बताया, "हम हाल ही के T20 वर्ल्ड कप चैंपियंस सहित सभी ICC टूर्नामेंट विनर्स को उनके कोच के साथ बुलाने का प्लान बना रहे हैं।" जिन पांच टीमों को सम्मानित किया जाएगा। उनमें आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 विनिंग टीम, आईसीसी वुमेंस वनडे वर्ल्ड कप 2025 विनिंग टीम, आईसीसी अंडर 19 मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 विजेता टीम, आईसीसी अंडर 19 वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2025 विजेता टीम और आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 विजेता टीम शामिल है। फैंस इस इवेंट में अपने कुछ पसंदीदा क्रिकेट आइकॉन को देखने की उम्मीद कर सकते हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे लेजेंड्स, जिन्होंने भारत की 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जीत में अहम भूमिका निभाई थी, अगर उनका शेड्यूल इजाज़त देता है तो वे भी इस इवेंट में शामिल हो सकते हैं। रोहित को हाल ही में 2026 T20 वर्ल्ड कप के दौरान टूर्नामेंट के ब्रांड एंबेसडर के तौर पर टीम के लिए चीयर करते हुए देखा गया था। इसके अलावा एमएस धोनी भी इन अवॉर्ड्स की शोभा बढ़ाते हुए दिखाई पड़ सकते हैं। टीमों के खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि कोच भी इस दौरान उपलब्ध रहेंगे।

CGWB की ररिपोर्ट- पंजाब में कई इलाकों के कुओं का बढ़ा जल स्तर

नई दिल्ली/चंडीगढ़. पंजाब में भूजल स्तर को लेकर केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) के ताजा आंकड़ों ने मिली-जुली तस्वीर पेश की है। पिछले दस वर्षों के दौरान राज्य में निगरानी किए गए करीब 57 प्रतिशत कुओं में भूजल स्तर बढ़ा है, जबकि 43 प्रतिशत कुओं में गिरावट दर्ज की गई है। यह जानकारी सोमवार को जल शक्ति मंत्रालय ने संसद में साझा की। मंत्रालय के अनुसार जिन इलाकों में जलस्तर बढ़ा है, वहां ज्यादातर मामलों में बढ़ोतरी 0 से 2 मीटर के बीच दर्ज की गई है। यह आंकड़े CGWB द्वारा भूजल स्तर में दीर्घकालिक उतार-चढ़ाव का आकलन करने के लिए एकत्र किए गए थे। राज्यसभा में सांसद संत बलबीर सिंह के सवाल के जवाब में जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने बताया कि देश के कई हिस्सों में भूजल स्तर गिरने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। इनमें अत्यधिक दोहन, वनों की कटाई, सिंचाई के अक्षम तरीके और क्षेत्र विशेष की भू-वैज्ञानिक परिस्थितियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर-पश्चिमी राज्यों, खासकर पंजाब में, सालाना पुनर्भरण क्षमता से अधिक भूजल निकासी के कारण जल स्तर पर दबाव बढ़ा है। हालांकि मंत्री ने यह भी बताया कि भूजल की पूर्ति कई प्राकृतिक और कृत्रिम स्रोतों से होती रहती है। इनमें बारिश, सिंचाई से लौटने वाला पानी, नहरों का रिसाव और सतही जल स्रोतों से होने वाला रिचार्ज शामिल है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पानी राज्य का विषय है, इसलिए इसके संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े अधिकतर कदम राज्य सरकारें ही योजना बनाकर लागू करती हैं। केंद्र सरकार इन प्रयासों को तकनीकी सहयोग और आंशिक वित्तीय सहायता देकर मजबूत करती है। भूजल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने नेशनल एक्विफर मैपिंग एंड मैनेजमेंट प्रोग्राम (NAQUIM) शुरू किया है। इसके तहत पंजाब में 50,369 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का अध्ययन किया गया है और तैयार किए गए एक्विफर मैप तथा प्रबंधन योजनाएं राज्य एजेंसियों को सौंप दी गई हैं। इसके अलावा NAQUIM 2.0 के तहत लुधियाना और संगरूर जिलों के उन क्षेत्रों में विशेष अध्ययन किया गया है जहां पानी की गुणवत्ता खराब है या भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है। इसका उद्देश्य भूजल प्रबंधन के लिए अधिक सटीक वैज्ञानिक जानकारी जुटाना है। पंजाब में भूजल पुनर्भरण बढ़ाने के लिए 45,592 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करते हुए कृत्रिम रिचार्ज की मास्टर प्लान भी तैयार की गई है और इसे राज्य सरकार के साथ साझा किया गया है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि भूजल के उपयोग को नियंत्रित करने के लिए एक मॉडल कानून राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजा गया है। अब तक पंजाब सहित 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने इसे अपनाकर लागू कर दिया है। इसके साथ ही CGWB समय-समय पर भूजल संरक्षण, प्रदूषण रोकने और दूषित पानी के सुरक्षित उपयोग को लेकर जागरूकता कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित करता है। पंजाब में अब तक 41 जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें 6,000 से अधिक लोग शामिल हुए। भूजल की गुणवत्ता पर निगरानी मजबूत करने के लिए CGWB ने नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी लागू किया है। इसके तहत संवेदनशील इलाकों में अधिक बार और घनी सैंपलिंग की जा रही है। जून 2024 से रासायनिक परीक्षणों के नतीजे हर पखवाड़े राज्य सरकार के साथ साझा किए जा रहे हैं।

Regular DGP नियुक्ति का पंजाब सरकार से फिर मांगा पैनल

चंडीगढ़. पंजाब में नियमित पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने एक बार फिर राज्य सरकार को पत्र लिखकर योग्य अधिकारियों का पैनल भेजने को कहा है। आयोग ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि निर्धारित समय सीमा के भीतर पंजाब सरकार की ओर से जवाब नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार, UPSC के सचिव शशि रंजन कुमार ने पंजाब के मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा को पत्र लिखकर मामले की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने और संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द योग्य अधिकारियों का पैनल भेजने के निर्देश देने को कहा है। यह पत्र 5 मार्च को भेजा गया बताया जा रहा है। दरअसल, 18 फरवरी को भी UPSC ने पंजाब सरकार को पत्र लिखते हुए कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार डीजीपी पद के लिए रिक्ति 5 फरवरी 2026 से मानी जाएगी। आयोग ने राज्य सरकार से दस दिनों के भीतर प्रस्ताव और योग्य अधिकारियों की सूची भेजने को कहा था। आयोग ने चेतावनी भी दी थी कि अगर समय पर पैनल नहीं भेजा गया तो वह आदेश के पालन के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है। इससे पहले 5 फरवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने उन राज्यों पर सख्त टिप्पणी की थी जो लंबे समय तक कार्यवाहक डीजीपी के सहारे काम चला रहे हैं। अदालत ने UPSC को ऐसे राज्यों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। पंजाब में मार्च 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद जुलाई 2022 में 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव यादव को कई वरिष्ठ अधिकारियों को दरकिनार करते हुए कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया था। वह पिछले करीब तीन साल आठ महीने से इस पद पर बने हुए हैं। इसी बीच, सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय प्रक्रिया से अलग रास्ता अपनाने के लिए जून 2023 में पंजाब विधानसभा ने पंजाब पुलिस (संशोधन) विधेयक 2023 पारित किया था। इसमें डीजीपी के चयन के लिए राज्य सरकार के नियंत्रण वाली सात सदस्यीय समिति बनाने का प्रावधान रखा गया था। हालांकि यह विधेयक राज्यपाल के जरिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था और अभी लंबित बताया जा रहा है। UPSC की प्रक्रिया के अनुसार, राज्य सरकार योग्य अधिकारियों का पैनल भेजती है। इसके बाद आयोग वरिष्ठता, अनुभव और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर तीन नामों का चयन करता है, जिनमें से राज्य सरकार एक अधिकारी को डीजीपी नियुक्त करती है।

पंजाब के 3.34 लाख परिवारों को 31 मार्च से पहले मिलेगा अनाज

लुधियाना. खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विभिन्न टीमों द्वारा कंट्रोलर सरताज सिंह चीमा की अगुवाई में ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ से संबंधित 75 फीसदी परिवारों को उनके हिस्से का अनाज बांटने का काम निपटा लिया गया है। सरकार द्वारा योजना से जुड़े प्रत्येक परिवार तक गेहूं का लाभ पहुंचाने के लिए 31 मार्च तक की आखिरी तारीख निर्धारित की गई है। खाद्य सप्लाई विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक जिले भर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की विभिन्न टीमों द्वारा 10 मार्च तक 3,34000 परिवारों को उनके हिस्से के फ्री गेहूं का कोटा जारी कर दिया गया है। मौजूदा समय दौरान बाकी रहते अन्य परिवारों को राशन डिपुओं के मार्फत गेहूं बांटने का काम युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक लुधियाना जिले में ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ से जुड़े राशन कार्ड धारकों की संख्या 4,40,672 बताई जा रही है जिसमें लाभपात्र परिवारों के कुल 16,62,310 सदस्य मैंबर दर्ज हैं। उक्त परिवारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा 25,159 मीट्रिक टन गेहूं का कोटा जारी किया गया है। यहां इस बात का जिक्र करना भी अनिवार्य होगा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा मौजूदा समय दौरान योजना से जुड़े लाभ पात्र परिवारों में 1 जनवरी से लेकर 31 मार्च तक के 3 महीने की फ्री गेहूं बांटी जा रही है जिसमें राशन कार्ड में दर्ज प्रत्येक सदस्य को प्रति महीने की 5 किलोग्राम गेहूं के हिसाब से 3 महीने की 15 किलो फ्री गेहूं का लाभ दिया जा रहा है। गेहूं का दाना-दाना गरीब परिवारों की अमानत : कंट्रोलर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कंट्रोलर सरताज सिंह चीमा ने राशन कार्ड धारकों को अपील की है कि वह 31 मार्च से पहले ही अपने नजदीकी राशन डिपो से गेहूं प्राप्त कर लें ताकि बाद में उन्हें किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े क्योंकि सरकारी नियमों के मुताबिक 31 मार्च के बाद उक्त परिवारों को गेहूं का लाभ नहीं मिल सकेगा। गेहूं का दाना-दाना योजना से जुड़े गरीब परिवारों की अमानत है जिसमें किसी भी तरह की लापरवाही या फिर हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

106 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता

रायपुर  भारत में नक्सलवाद को खत्म करने की कोशिश में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में कुल 106 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन सभी पर कुल 3.95 करोड़ रुपए का इनाम था। इन सभी नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में सक्रिय थे। बीजापुर के 37, नारायणपुर के 4, बस्तर के 16, कांकेर से 3 और सुकमा से 18, दंतेवाड़ा से 30 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन सभी के सिर पर कुल लगभग 4 करोड़ रुपए का इनाम था और ये नक्सली अलग-अलग रैंक पर तैनात थे।  छत्तीसगढ़ में 3.95 करोड़ रुपये के इनामी 106 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें बीजापुर और दंतेवाड़ा के 67 नक्सली भी शामिल हैं। रैंक की बात करें तो बीजापुर में डीवीसीएम रैंक के तहत दो नक्सली, पीपीसीएम रैंक में 4, एसीएम में 9 और पीएम रैंक वाले 22 नक्सलियो ने सरेंडर किया है। कुल 37 नक्सलियों पर 106 लाख रुपये का इनाम रखा गया था। नारायणपुर में डीवीसीएम रैंक के तहत एक नक्सली, सीवाईपीसीएम का एक, पीपीसीएम का एक और पीएम रैंक वाले दो नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर 22 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।  बस्तर में डीवीसीएम रैंक का 1, पीपीसीएम के पांच, एसीएम के तीन और पीएम रैंक वाले सात नक्सलियों ने सरेंडर किया है। कुल 16 नक्सलियों पर 99 लाख रुपये का इनाम है। कांकेर में डीवीसीएम रैंक का एक, एसीएम और पीएम रैंक में एक एक नक्सली ने सरेंडर किया है। कुल तीन नक्सलियों पर 14 लाख रुपये का इनाम रखा गया था।  सुकमा में सीवाईपीसीएम रैंक वाले दो, पीपीसीएम रैंक में छह, एसीएम में पांच पीएम रैंक में 18 नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इन सभी पर 85 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। दंतेवाड़ा में डीवीसीएम का एक, पीपीसीएम में दो, एसीएम में पांच और पीएम रैंक में 22 नक्सलियों का सरेंडर हुआ है। इन पर 69 लाख रुपये का इनाम था।  क्या है सरकार का लक्ष्य बता दें कि भारत सरकार ने साल 2026 में देश से नक्सलवाद को खत्म करने का लक्ष्य रखा है। इस दौरान पिछले कुछ महीनों सैकड़ों नक्सलियों को एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया और इस दौरान हजारों नक्सलियों ने सरेंडर भी किया है। सरेंडर करने की इसी कड़ी में बुधवार को 106 नक्सलियों ने सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर दिया।  

जंग के माहौल में सोना-चांदी सस्ता, MCX पर गोल्ड फिसलकर ₹1.63 लाख के नीचे

इंदौर  अंतरराष्ट्रीय बुलियन कीमतों में सुस्ती के बीच बुधवार को Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर सोना और चांदी की कीमतें गिरावट के साथ खुलीं। अप्रैल फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए Gold का MCX रेट 0.09% गिरकर ₹1,63,149 प्रति 10 ग्राम पर खुला, जबकि पिछला बंद ₹1,63,303 था। इसके बाद बिकवाली का दबाव बढ़ा और सोने की कीमत 0.43% गिरकर ₹1,62,600 तक पहुंच गई। मई फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट के लिए Silver की MCX कीमत 0.31% गिरकर ₹2,76,988 प्रति किलोग्राम पर खुली, जबकि पिछला बंद ₹2,77,850 था। चांदी की कीमत ₹2,850 (लगभग 1.02%) गिरकर ₹2,75,000 प्रति किलोग्राम के स्तर तक आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी के वायदा भाव में गिरावट दर्ज की गई। COMEX पर सोना आज 5,194 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 5,242.10 डॉलर प्रति औंस था। खबर लिखे जाने तक सोना 22.50 डॉलर की गिरावट के साथ करीब 5,219.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता देखा गया। इस साल अब तक सोने ने 5,586.20 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर भी छुआ है। वहीं चांदी की बात करें तो COMEX पर चांदी का वायदा भाव 88.50 डॉलर प्रति औंस पर खुला, जबकि पिछला बंद भाव 89.59 डॉलर था। कारोबार के दौरान यह करीब 0.82 डॉलर की गिरावट के साथ 88.77 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रही थी। इस साल चांदी ने 121.79 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर छू लिया है।  स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.4% बढ़कर $5,213.99 प्रति औंस हो गई जबकि अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ़्यूचर्स 0.4% गिरकर $5,221.80 हो गए। स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.6% बढ़कर $88.89 प्रति औंस हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद डॉलर दबाव में आया जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध खत्म होने के करीब हो सकता है। एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड करीब 1% बढ़कर 5,145 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया जबकि स्पॉट सिल्वर की कीमतों में लगभग 4% की तेज उछाल दर्ज की गई और यह 87.9 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। ऐसे में निवेशकों की नजर आज सोना-चांदी की कीमतों और वैश्विक संकेतों पर बनी हुई है। पढ़ें भारत में आज सोने का भाव कितना है?  दुनिया की छह बड़ी मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी मुद्रा की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 98.85 पर आ गया है,जो कि सोमवार को 99 के ऊपर था। इसके अलावा, सोने और चांदी में तेजी की एक वजह वैश्विक अस्थिरता को माना जा रहा है।  हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान "बहुत जल्द" समाप्त हो जाएगा। ट्रंप ने जीत को उस बिंदु के रूप में परिभाषित किया है जब तेहरान के पास ऐसे हथियार विकसित करने की क्षमता नहीं रह जाएगी जो अमेरिका, इजरायल या उसके सहयोगियों के लिए खतरा बन सकें।  वहीं, ईरान ने भी ट्रंप के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ईरानी के सरकारी मीडिया पर कहा कि यह वाशिंगटन नहीं, तेहरान तय करेगा कि संघर्ष कब समाप्त करना है। इससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता और बढ़ गई है, जिससे सोने और चांदी में खरीदारी को बढ़ावा मिला है।