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पालम में बिल्डिंग में आग लगने से 8 की मौत, घर में कितने लोग थे और कैसे मची आपात स्थिति?

नई दिल्ली  इंदौर के बाद आज दिल्ली में आग ने कोहराम मचाया है. दिल्ली में आज सुबह अग्निकांड ने कई जिंदगियां लील लीं. दिल्ली के पालम इलाके में एक इमारत में भीषण आग लगने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई. इसमें तीन बच्चे शामिल हैं. इस घटना में कई लोग घायल हो गए. आग लगने की यह घटना सुबह करीब 6-7 बजे की है. करीब 30 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर आग बुझाने व राहत कार्य में जुटीं. जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह इलाके में पालम कॉलोनी की गली नंबर 2 में है। दमकल सेवा के मुताबिक, पालम मेट्रो स्टेशन के पास की गली नंबर 2 में मौजूद बिल्डिंग के एक घर में आग लगने की कॉल मिली थी. इसमें कुछ लोग फसने की आशंका भी थी. दमकल की 30 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. इसमें राजेंद्र कश्यप का पूरा परिवार रहता है. परिवार के तकरीबन 15 लोग हैं. राजेंद्र कश्यप मार्केट के प्रधान भी है और यह पूरी बिल्डिंग उनकी ही है। इसके बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर ब्यूटी पार्लर, चूड़ी की दुकान और दूसरे व्यवसाय चलते हैं. ऊपर के फ्लोर में उनके परिवार के लोग रहते हैं. रविवार सुबह 6:30 बजे के आसपास आग लगी. जब बिल्डिंग में आग लगी तब राजेंद्र कश्यप घर पर नहीं थे. इस बिल्डिंग के ऊपर वाले फ्लोर में ही उनका परिवार रहता है। दिल्ली आग पर अधिकारी ने क्या कहा? अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के पालम इलाके में एक बहुमंजिला इमारत में आग लगने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं, और दो अन्य घायल हो गए.  अधिकारियों ने यह भी बताया कि अभी भी कई लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है। पालम में आग कैसे लगी? बताया गया कि आज यानी बुधवार की सुबह 6:30 बजे के आसपास आग लगी थी. आग लगते ही हड़कंप मच गया. आग देखते ही घबरा कर परिवार के कई लोग ऊपर से कूद गए. लेकिन बाकी परिवार के लोग अंदर फस गए. इनमें महिलाएं भी शामिल थीं. फायर ब्रिगेड की टीम जब तक पहुंची, तब तक आज बहुत ज्यादा लग गई थी. आसपास के लोग भी कोशिश कर रहे थे. फिलहाल, इस घटना में आठ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी है. मरने वालों में 3 बच्चे हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. आग की लपटों से बचने की हताश कोशिश में दो लोगों ने इमारत से छलांग लगा दी, जिससे उन्हें चोटें आईं. उन्हें इलाज के लिए पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कहां आग लगी? शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस इमारत में एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चार मंजिलें हैं, साथ ही छत पर एक अस्थायी टिन का शेड भी बना हुआ है. बताया जा रहा है कि बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल का इस्तेमाल कपड़े और कॉस्मेटिक्स के भंडारण के लिए किया जा रहा था, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल का इस्तेमाल रहने के लिए किया जाता था। दिल्ली पुलिस की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई है और बचाव और सुरक्षा कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए इलाके को घेर लिया है. इसके अलावा, घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता और अस्पताल पहुंचाने की सुविधा के लिए सेंट्रलइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज (CATS) की एक एम्बुलेंस और एक मेडिकल टीम को भी मौके पर तैनात किया गया है। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. फिलहाल, उनकी प्राथमिकता आग को पूरी तरह से बुझाना और इमारत के अंदर फंसे किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है. राहत और बचाव कार्य जारी हैं और अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। यह घटना उसी दिन हुई, जब इससे पहले मध्य प्रदेश में भी एक और भीषण आग लगने की खबर आई थी. इंदौर में भी आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई थी. यह आग तब लगी, जब इलेक्ट्रिक कार को रात में चार्जिंग से लगाया गया था. सुबह करीब 4 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लगी और घर में धमाका हुआ।

मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री से की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री से मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल ने की सौजन्य मुलाकात रायपुर – रीवा हवाई सेवा के लिए की मुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित उनके निवास में मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री  साय ने  शुक्ल का शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।                इस दौरान दोनों के मध्य क्षेत्रीय विकास, आपसी समन्वय एवं जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। साथ ही दोनों राज्यों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने पर भी सहमति व्यक्त की गई। उपमुख्यमंत्री  शुक्ल ने बताया कि अब रीवा-रायपुर से सीधे हवाई मार्ग से जुड़ गया है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के साझा प्रयासों से दोनों राज्यों के लोगों को हवाई सेवा की बड़ी सौगात मिली है। उपमुख्यमंत्री  शुक्ला ने इस दिशा में मुख्यमंत्री  साय के प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया और आगे भी दोनों राज्यों के साझा हितों को आगे बढ़ाने की बात कही।        उल्लेखनीय है रायपुर और रीवा के मध्य हवाई सेवा प्रारंभ हो गई है। इससे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के लोगों की यात्रा आसान होगी।         इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, डॉ. हिमांशु द्विवेदी एवं जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का लिया जायजा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का किया निरीक्षण  31 मई तक पूरा करें विश्वविद्यालय का निर्माणः मुख्यमंत्री ऐसा पाठ्यक्रम चलाएं, जो मीरजापुर-सोनभद्र समेत आसपास के युवाओं के लिए रोजगारपरक, नवाचार व कौशलयुक्त होः मुख्यमंत्री   सीएम योगी ने विश्वविद्यालय परिसर में लगाया मौलिश्री का पौधा, वर्षाकाल में वन विभाग के साथ वृहद पौधरोपण अभियान चलाने का निर्देश  लखनऊ/मीरजापुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसर में मौलिश्री का पौधा रोपित किया और विश्वविद्यालय के अकादमिक व प्रशासनिक ब्लॉक का निरीक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने 31 मई तक विश्वविद्यालय का निर्माण पूरा करने, विश्वविद्यालय के अंदर सड़कों का निर्माण करने और परिसर में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गुणवत्ता और समयबद्धता का हर हाल में पालन होना चाहिए।  ऐसा पाठ्यक्रम चलाएं, जो युवाओं को कौशल विकास के साथ ही रोजगार से भी जोड़े मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन से कहा कि यहां ऐसा पाठ्यक्रम चलाएं, जो युवाओं को कौशल विकास के साथ ही रोजगार से भी जोड़े। इसका लाभ मीरजापुर, सोनभद्र समेत आसपास के युवाओं को प्राप्त हो। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए अधियाचन भेजा है। मुख्यमंत्री ने शासन स्तर से इस पर कार्यवाही का निर्देश दिया।  निर्माण कार्य में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं  मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के अकादमिक व प्रशासनिक ब्लॉक का निरीक्षण किया। निर्माण कार्यों का अवलोकन करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसी को समयबद्धता व गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर है। हमारी सरकार ने मां विंध्यवासिनी के नाम पर मीरजापुर के युवाओं के लिए विश्वविद्यालय देकर बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा किया है। इसके निर्माण में हीलाहवाली कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  वर्षाकाल में वन विभाग से समन्वय स्थापित कर वृहद पौधरोपण अभियान चलाएं  मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रांगण में मौलिश्री का पौधा रोपा और विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि आगामी वर्षाकाल में वन विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए बड़ी संख्या में पौधे प्राप्त करें। शिक्षकों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों को साथ लेकर विश्वविद्यालय परिसर व आसपास के क्षेत्रों में वृहद पौधरोपण अभियान चलाएं। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन से हरियाली बढ़ाने को कहा। मुख्यमंत्री के आगमन पर कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने पुष्पगुच्छ व स्मृति चिह्न देकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल, मड़िहान विधायक रमाशंकर पटेल, प्रमुख सचिव (उच्च शिक्षा) महेंद्र अग्रवाल, आयुक्त राजेश प्रकाश, जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, वित्त अधिकारी गिरीश कुमार, कुलसचिव श्री राम नारायण, परीक्षा नियंत्रक महेंद्र कुमार, डिप्टी रजिस्ट्रार सुनील कुमार सरोज आदि मौजूद रहे।

कांग्रेस को असम चुनाव से पहले मिला तगड़ा झटका, सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने छोड़ा पार्टी

गुवाहाटी   असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका लिया है. असम से कांग्रेस के लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. प्रद्युत बोरदोलोई असम के कांग्रेस सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के काफी करीबी सहयोगी रहे हैं. उन्होंने मंगलवार को अपना इस्तीफा पत्र सौंपा. उनके इस्तीफे वाले पत्र में लिखा है कि वह बहुत दुख के साथ कांग्रेस के सभी पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं. वहीं, असम के लिए कांग्रेस के प्रभारी का कहना है कि वह कांग्रेस में थे और कांग्रेस में ही रहेंगे। प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राइमरी सदस्यता से इस्तीफा देते हुए अपना पत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा. उन्होंने इस्तीफे में लिखा, ‘आज बहुत दुख के साथ मैं इंडियन नेशनल कांग्रेस के सभी पदों, खास अधिकारों और प्राइमरी मेंबरशिप से अपना इस्तीफा दे रहा हूं.’ पत्र में शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने पार्टी से अलविदा कहा। बोरदोलोई असम के डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं. उन्होंने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी. डिब्रूगढ़ एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और चाय उत्पादन क्षेत्र है, जहां भाजपा की मजबूत पकड़ रही है. राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने की संभावना काफी मजबूत है। भाजपा में शामिल होने की अटकलें वे जल्द ही भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं और पार्टी की असम इकाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यह घटना कांग्रेस के लिए असम में बड़ा झटका मानी जा रही है, जहां पार्टी पहले से ही संगठनात्मक कमजोरी और आंतरिक कलह से जूझ रही है। प्रद्युत बोरदोलोई लंबे समय से कांग्रेस के वफादार नेता रहे हैं. वे असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं और 2016 के विधानसभा चुनाव में पार्टी के अभियान में अहम भूमिका निभाई थी। अलग राह की वजह क्या हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में असम में कांग्रेस की लगातार हार और 2021 विधानसभा चुनाव में महज 29 सीटों पर सिमटने से पार्टी के कई नेताओं में असंतोष बढ़ा था. बोरदोलोई ने भी पार्टी की रणनीति, संगठनात्मक ढांचे और केंद्रीय नेतृत्व के फैसलों पर असहमति जताई थी. इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत असंतोष के अलावा असम की बदलती राजनीतिक हवा और भाजपा की बढ़ती ताकत को भी कारण माना जा रहा है। भाजपा 2026 से सत्ता में भाजपा 2016 से लगातार असम की सत्ता में है और 2024 लोकसभा चुनाव में राज्य की 14 में से 9 सीटें जीती थीं. कांग्रेस को महज 3 सीटें मिली थीं. ऐसे में बोरदोलोई जैसे प्रभावशाली नेता का भाजपा में जाना पार्टी को डिब्रूगढ़ और ऊपरी असम में और मजबूती दे सकता है। असम में कब वोटिंग और रिजल्ट बता दें कि असम की कुल 126 विधानसभा सीटों के लिए एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि नतीजे 4 मई को सामने आएंगे।

Farmers Relief Plan: हरियाणा सरकार का वादा—मुआवजा मिलेगा, नहरों का होगा पुनर्निर्माण

चंडीगढ़. हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य सरकार के मंत्रियों ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। विधायकों ने जहां गांवों की मूलभूत सुविधाओं, किसानों की परेशानी, भ्रष्टाचार और इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया, वहीं मंत्रियों के जवाबों में समाधान, योजनाएं और सख्त कार्रवाई का भरोसा नजर आया। जुलाना नगर पालिका के चेयरमैन पर भ्रष्टाचार के आरोपों का मामला सदन में गर्माया तो सरकार ने अपने रुख को लेकर कोई ढिलाई नहीं दिखाई। कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट द्वारा सवाल उठाने के बाद शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल ने बताया कि पहले ही विजिलेंस जांच में एफआइआर दर्ज हो चुकी है। चेयरमैन को उसी दिन सस्पेंड कर दिया गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार ने तुरंत एक्शन लिया है और इस मामले में कांट्रेक्टर पर भी केस दर्ज हुआ है। रेवाड़ी के अकेड़ा और घातल महनियावास गांवों की समस्याएं भाजपा विधायक लक्ष्मण यादव ने उठाई, जिस पर विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने साफ किया कि दोनों गांवों के पास पर्याप्त जमीन नहीं है, जिससे सीवरेज प्लांट लगाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में समाधान के तौर पर दोनों गांवों को मिलाकर ‘महाग्राम’ बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। लोहारू के कांग्रेस विधायक राजबीर सिंह फरटिया के सवाल पर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि 1.57 लाख से ज्यादा किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। 575 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भरपाई हुई है। केवल 601 किसानों का भुगतान तकनीकी कारणों से अटका है। असंध के भाजपा विधायक योगेंद्र सिंह राणा ने क्षेत्र की नहरों का मुद्दा उठाया तो सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने बड़ा रोडमैप सामने रखा। उन्होंने कहा कि 10 नहरों और रजवाहों के पुनर्निर्माण की योजना है। वर्ल्ड बैंक से फंड मिलने की संभावना है। अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से नहरों पर काम होगा। 20 साल पुरानी और 75% क्षतिग्रस्त नहरों पर प्राथमिकता के आधार पर काम होगा। आदमपुर के कांग्रेस विधायक चंद्र प्रकाश के सवाल पर श्रुति चौधरी ने दावा किया कि अधिकतर नहरों में पानी पहुंच रहा है। कुछ सब-माइनर के अंतिम छोर पर समस्या है। इसका समाधान भी चरणबद्ध तरीके से तय किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले मुख्य स्रोत की मरम्मत होगी।

CBSE Guidelines: मूल्यांकन में लापरवाही अब पड़ेगी भारी, शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

लुधियाना. सैंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन (चैकिंग) कार्य में जुटे अध्यापकों के लिए एक बेहद सख्त एडवाइजरी जारी की है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि कॉपियां चैक करने की प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय है और यदि किसी भी शिक्षक ने इससे जुड़ी कोई भी जानकारी, फोटो या निजी राय सोशल मीडिया पर सांझा की, तो इसे पेशेवर आचरण का उल्लंघन मानकर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, बोर्ड के संज्ञान में आया है कि कुछ शिक्षक फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर मूल्यांकन से जुड़ी बातें लिख रहे हैं। कोई शिक्षक कॉपियों में लिखे उत्तरों का मजाक उड़ा रहा है, तो कोई मार्किंग स्कीम को लेकर भ्रामक दावे कर रहा है। सी.बी.एस.ई. ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा है कि ऐसी गैर-जिम्मेदाराना पोस्ट्स से छात्रों और अभिभावकों में बेवजह का तनाव और डर पैदा होता है। बोर्ड ने याद दिलाया है कि इवैल्यूएशन एक संवेदनशील प्रक्रिया है और इसकी गरिमा बनाए रखना हर शिक्षक की जिम्मेदारी है। जेल या सस्पैंशन जैसी कड़ी कार्रवाई होगी बोर्ड ने अपने सर्कुलर में चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अध्यापकों को सस्पैंड किया जा सकता है, उन्हें स्कूल से निकाला जा सकता है या भविष्य में बोर्ड की किसी भी ड्यूटी के लिए हमेशा के लिए बैन (ब्लैकलिस्ट) किया जा सकता है। बोर्ड का मानना है कि परीक्षा प्रणाली की पवित्रता के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अध्यापकों से अपील की गई है कि वे सस्ते प्रचार के बजाय एक सच्चे प्रोफैशनल की तरह व्यवहार करें। प्रिंसिपल्स को निगरानी बढ़ाने के निर्देश सी.बी.एस.ई. ने सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपल्स को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने स्टाफ को इन नियमों के प्रति तुरंत जागरूक करें। प्रिंसिपल्स को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके स्कूल का कोई भी शिक्षक ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल न हो जो बोर्ड की गोपनीयता को भंग करती हो। बोर्ड का यह कदम उन लाखों विद्यार्थियों के हित में है जो परीक्षा के बाद मानसिक दबाव में रहते हैं, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचाया जा सके।

Raipur Tragedy: जहरीली गैस से गई 3 सफाईकर्मियों की जान, घटना के बाद मचा बवाल

रायपुर. राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण अस्पताल में मंगलवार की रात दर्दनाक हादसा हो गया. सफाई करने सिवरेज टैंक में उतरे तीन लोगों की मौत हो गई. घटना के बाद अस्पताल के गेट पर मृतकों के परिजन और लोगों की पुलिसकर्मियों के साथ झूमाझटकी हुई. मौके पर जमकर हंगामा हुआ और मृतकों के परिजन भीड़ अंदर घुस आई. मृतकों के परिजन बिलखते नजर आए. जानकारी के मुताबिक, रामकृष्ण हॉस्पिटल के सिवरेज टैंक की सफाई के लिए तीनों मजदूरों को अंदर उतारा गया था. इसी दौरान टैंक में मौजूद जहरीली गैस की वजह से एक-एक कर तीनों की हालत बिगड़ गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई. खर्च बचाने नियमों की अनदेखी का आरोप घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि बिना किसी सुरक्षा उपकरण के मजदूरों को सिवरेज टैंक में उतारा गया. अस्पताल प्रबंधन ने खर्च बचाने के लिए नियमों की अनदेखी की. प्रशिक्षित कर्मचारियों की बजाय सामान्य मजदूरों से सफाई कराई गई. अगर सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था. दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे परिजन दरअसल, सिवरेजटैंक की सफाई बेहद जोखिम भरा काम होता है, जिसे आमतौर पर नगर निगम या प्रशिक्षित टीम द्वारा आधुनिक उपकरणों और सुरक्षा किट के साथ किया जाता है. इसमें गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन मास्क और अन्य सुरक्षा साधनों का उपयोग अनिवार्य होता है. घटना के बाद परिजन दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. वहीं, पुलिस और प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू किए जाने की बात कही जा रही है. अस्पताल में तनाव का माहौल बना हुआ है. बताया जा रहा है कि मृतकों की पहचान गोविंद सेंद्रे, अनमोल मचकन और प्रशांत कुमार के रूप में हुई है, तीनों सिमरन सिटी निवासी हैं.

विमानन नीति-2025 से मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

विमानन नीति-2025 से मध्यप्रदेश में हो रहा हवाई सेवाओं का निरंतर विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा से रायपुर सप्ताह में तीन दिन हवाई सेवा का हुआ शुभारंभ केंद्रीय नागर विमानन मंत्री  नायडू भी वर्चुअली हुए शामिल भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश विमानन नीति 2025 लागू कर देश में हवाई सेवाओं के विस्तार का कार्य व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। नीति के अंतर्गत ही रीवा से रायपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। यही नहीं जबलपुर से कोलकाता और इंदौर से आबूधाबी की उड़ानों की स्वीकृति भी इस नीति के अंतर्गत संभव हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को रीवा से रायपुर अलायन्स एयर की सप्ताह में तीन दिन की उड़ान के शुभारंभ समारोह को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में रीवा एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य होगा जो संपूर्ण विंध्य अंचल के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के विंध्य क्षेत्र का पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से हवाई मार्ग से जुड़ना समृद्धि और संस्कृति के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विंध्यवासियों को रीवा से रायपुर की उड़ान प्रारंभ होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य के विमानन क्षेत्र में ये एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गत 2 वर्ष में चार महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। जहां वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने रीवा में एयरपोर्ट का शुभारंभ किया, वहीं रीवा से दिल्ली विमान सेवा शुरू हुई। इसके बाद गत वर्ष रीवा से इंदौर की विमान सेवा शुरू हुई। आज रीवा से रायपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में आज 8 एयरपोर्ट हैं। शीघ्र ही उज्जैन और शिवपुरी का एयरपोर्ट प्रारंभ होने पर संख्या 10 हो जाएगी। प्रदेश में कुल 20 हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। शहडोल, नीमच, छिंदवाड़ा और मंडला एयरस्ट्रीप रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत एयरपोर्ट के रूप में विकसित होंगी। प्रधानमंत्री  मोदी का कहना है कि हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति भी हवाई यात्रा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री  मोदी के इस मंत्र को प्रदेश में साकार करने के लिए जहां पीएम एयर एंबुलेंस सेवा प्रारंभ की गई वहीं पर्यटन, वन्य जीव अभयारण्य और धार्मिक महत्व के स्थानों तक जाने के लिए भी धार्मिक पर्यटन हेली सेवा प्रारंभ की गई हैं। नागरिक विमानन नीति-2025 में दे रहे हैं सहायता मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में नागरिक विमानन नीति-2025 लागू की गई है। इसमें अंतर्गत घरेलू मार्ग के विकास के लिए 10 लाख रूपए और अंतर्राष्ट्रीय मार्गों के लिए 15 लाख रुपए की सहायता राशि देकर बढ़ावा दिया जा रहा है। माल ढुलाई के कार्य को तेज, सस्ता और सुगम बनाने के लिए एयर कार्गो लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं के लिए भी 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। कृषि उत्पादों के लिए कार्गो क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे विद्यार्थी जो गैर सिम्युलेटर कोर्स कर रहे हैं, उनकी फीस का 60 प्रतिशत व्यय राज्य सरकार करेगी। इससे जहां व्यापार व्यवसाय क्षेत्र को प्रोत्साहन मिल रहा है वहीं संपूर्ण अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा-रायपुर हवाई यात्रा के लिए केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री और मंत्रालय के अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र में हो रहा अच्छा कार्य – केंद्रीय मंत्री  नायडू केंद्रीय नागर विमानन मंत्री  किजारापु राममोहन नायडू ने नई विमान सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में नई दिल्ली से वर्चुअली शामिल होते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में विमानन क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाने के लिए अच्छा कार्य हो रहा है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी ने वर्ष 2024 में रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था और आज विमान यात्रियों को रीवा से रायपुर की विमान सेवा का लाभ मिलना शुरू हो गया है। मध्यप्रदेश में पीएम हेली पर्यटन सेवा और गंभीर रोगियों के उपचार के लिए आपातकालीन व्यवस्था के तौर पर पीएम एयर एम्बुलेंस सेवा का संचालन सराहनीय है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि "वन रूट वन फेयर" के लिए एलाइंस एयर के साथ अनुबंध किया गया है। यह इस तरह का देश में प्रथम अनुबंध है। केंद्रीय मंत्री  नायडू ने कहा कि आशा है मध्यप्रदेश में नए विमानतल और नई हवाई पट्टियों के विकास के कार्य निरंतर होते रहेंगे। रीवा में हवाई सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  राजेंद्र शुक्ल, वरिष्ठ सांसद  विष्णु दत्त शर्मा,  जनार्दन मिश्रा के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। खजुराहो एयरपोर्ट पर भी अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे जो कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़े।  

पसंदीदा सीट के लिए अब नहीं देना होगा अतिरिक्त शुल्क, एयरलाइंस ने बदला नियम

 नई दिल्ली भारत में हवाई यात्रियों को जल्द ही छिपे हुए खर्चों से बड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि सरकार ने सीट चुनने पर लगने वाले एक्स्ट्रा चार्ज पर रोक लगाने और सभी एयरलाइंस में यात्रियों के अधिकारों को और मज़बूत करने के लिए कदम उठाए हैं. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइन ऑपरेटरों को निर्देश दिया है कि वे यह तय करें कि किसी भी फ़्लाइट में करीब 60 फीसदी सीटें चुनने के लिए मुफ़्त में उपलब्ध हों. इसका मतलब है कि वेब चेक-इन या सीट सिलेक्शन के दौरान यात्रियों से वसूले जाने वाले एक्स्ट्रा शुल्क पर लगाम लगेगी। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय द्वारा जारी इस आदेश का मकसद हवाई यात्रा को ज्यादा सहज और पारदर्शी बनाना है। कई एयरलाइंस टिकट बुक करने के बाद या वेब चेक-इन के दौरान पसंदीदा सीट चुनने के लिए एक्स्ट्रा चार्ज ले रही थीं. नए निर्देश का मकसद इस तरह एक्टिविटीज पर लगाम लगाना और यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया करवाना है। साथ बैठेंगे एक ही बुकिंग वाले यात्री मंत्रालय ने एयरलाइंस से यह भी तय करने को कहा है कि एक ही PNR पर सफर करने वाले यात्री साथ बैठें और हो सके तो उन्हें आस-पास की सीटें ही अलॉट हों. इससे उन परिवारों और ग्रुप्स को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अक्सर एक-दूसरे के पास सीटें पाने के लिए ज़्यादा पैसे देने पड़ते थे। एयरलाइंस को सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए, खेल के सामान और म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट्स को ले जाने की सुविधा पारदर्शी और यात्री-अनुकूल तरीके से देनी होगी. उनसे यह भी कहा गया है कि वे पालतू जानवरों को ले जाने के बारे में साफ़ नीतियां प्रकाशित करें; यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें यात्रियों के बीच अक्सर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। यात्रियों के अधिकारों और पारदर्शिता पर ज़ोर सरकार ने यात्रियों के अधिकारों का सख्ती से पालन करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया है, खासकर तब जब उड़ान में देरी हो, उड़ान रद्द हो जाए या यात्रियों को बोर्डिंग से रोक दिया जाए. एयरलाइंस को अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप, बुकिंग प्लेटफ़ॉर्म और एयरपोर्ट्स के काउंटरों पर इन अधिकारों को साफ़-साफ़ दिखाना होगा. ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंच स्थापित करने के लिए यात्रियों को उनके अधिकारों के बारे में क्षेत्रीय भाषाओं में भी जानकारी दी जानी चाहिए। भारत का घरेलू एविएशन सेक्टर तेज़ी से बढ़ा है और दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बाज़ार बन गया है. यहां के हवाई अड्डों पर रोज़ाना पांच लाख से ज़्यादा यात्री आते-जाते हैं. ऐसे में मंत्रालय ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि यात्रियों को सुविधाएं देना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. मंत्रालय ने 'UDAN यात्री कैफ़े' जैसी पहलों का ज़िक्र किया है, जहां हवाई अड्डों पर किफ़ायती खाना और मुफ़्त Wi-Fi की सुविधा मिलती है।

ट्रंप ने पलटी मारी, अमेरिका ने होर्मुज पर ईरानी मिसाइल भंडार पर गिराया भारी बम

वाशिंगटन  ईरान के साथ जंग में अमेरिका अकेला पड़ चुका है. उसका साथ कोई नहीं दे रहा है. ऐसे में अब अमेरिका ने अकेले ही ईरान से आर-पार की जंग लड़ने की ठान ली है. अमेरिका अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अकेले ईरान के कब्जे से मुक्त कराने में जुट गया है. जी हां, इसी सिलसिले में अमेरिका ने होर्मुज के पास 23 क्विंटल के खतरनाक बमों की बमबारी की है. इस बमबारी का मकसद होर्मुज के पास स्थित ईरानी मिसाइल साइटों को ध्वस्त करना था. ताकि होर्मुज के दरवाजे को समुद्री व्यापार के लिए खोला जा सके. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. इसके मुताबिक, ईरान की इन क्रूज मिसाइलों से होर्मुज से होने वाली अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को खतरा था। दरअसल, अमेरिकी फोर्स ने कई 5000 पाउंड वजन वाले गहराई तक घुसने वाले बम गिराए. यानी अमेरिका ने करीब 23 क्विंटल के बम से ईरान के मिसाइल भंडार पर हमला किया है. ये बम ईरान के मजबूत बनाए गए मिसाइल स्टोरेज और लॉन्च साइटों पर गिराए गए, जो समुद्र किनारे बने थे. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी सफलता की जानकारी दी। यूएस सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ‘कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के समुद्र तट पर स्थित ईरान की मजबूत मिसाइल साइटों पर 5000 पाउंड के कई ‘डीप पेनिट्रेटर’ बमों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया. इन साइटों पर मौजूद ईरान की जहाज-रोधी क्रूज मिसाइलों से इस जलडमरूमध्य में होने वाली अंतर्राष्ट्रीय जहाज़ों की आवाजाही को खतरा था.’ इसका मतलब है कि अमेरिका इस कार्रवाई को सफल मान रहा है। क्यों दुनिया के लिए खास है होर्मुज गौरतलब है कि होर्मुज की खाड़ी दुनिया के लिए बहुत अहम है. यहां से दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल गुजरता है. अगर ये रास्ता बंद हो जाए तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू जाती हैं. अभी इस होर्मुज के कारण पूरी दुनिया में खलबली है. कारण कि पिछले कुछ हफ्तों से ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जंग चल रही है. ईरान ने बदला लेते हुए होर्मुज को बंद कर दिया है. ईरान लगातार होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को टारगेट करने के लिए मिसाइलें, ड्रोन और माइन्स का इस्तेमाल कर रहा है. इस खौफ से ईंधन वाले जहाज पार नहीं कर पा रहे हैं. इससे तेल के टैंकर रुक गए और दुनिया भर में तेल संकट खड़ा हो गया है। होर्मुज के पास ईरानी मिसाइल पर अटैक क्यों? होर्मुज खोलना अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती है. कारण कि ईरान ने भारत समेत एशिया के कुछ देशों को छूट तो दी है, मगर अमेरिका और यूरोप के लिए पूरी तरह से होर्मुज का दरवाजा बंद कर रखा है. ऐसे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लगातार नाटो और अन्य देशों से होर्मुज खोलने में मदद मांग रहे हैं. उन्होंने कहा कि होर्मुज को खुला और सुरक्षित रखने के लिए दूसरे देश भी जहाज भेजें.  लेकिन कई सहयोगी देशों ने मना कर दिया. ट्रंप ने नाराजगी जताई और कहा कि अमेरिका अकेले ही ये काम कर सकता है. यहा कारण है कि अब अमेरिका अकेले ही होर्मुज को खुलवाने में जुट गया है. आज का यह एक्शन इसी का नतीजा है। अमेरिका ने गेम पलटना शुरू किया पहले अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर भी हमले किए थे. वहां मिलिट्री टारगेट नष्ट किए गए, लेकिन तेल सुविधाओं को बचाया गया. ट्रंप ने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो तेल सुविधाएं भी निशाना बनाई जा सकती हैं. अब ये नया हमला ट्रंप की रणनीति का हिस्सा लगता है. होर्मुज के पास ईरानी मिसाइल भंडार को तबाह करके ट्रंप ने गेम पलट दिया है. अमेरिका के इस एक्शन से होर्जुम में ईरान का खतरा कम हो जाएगा. ईरान की मिसाइलें नष्ट होने से होर्मुज का दरवाजा फिर से खुलने की उम्मीद बढ़ गई है। अमेरिका ने किस बम से किया अटैक अमेरिका का ये हमला बंकर-बस्टर बमों से किया गया. ये बम जमीन के अंदर घुसकर मजबूत ठिकानों को तबाह कर देते हैं. अमेरिका ने 5000 पाउंड यानी करीब 23 क्विंटल बमों से अटैक किया. ईरान की तरफ से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है. लेकिन ये साफ है कि अमेरिका ईरान की समुद्री ताकत को कमजोर करने पर जोर दे रहा है. अगर अमेरिका का यह दावा सही है तो दुनिया भर के व्यापारियों और तेल कंपनियों को राहत मिल सकती है. अगर होर्मुज खुल गया तो तेल की सप्लाई सामान्य हो जाएगी और कीमतें गिरेंगी. वैसे भी ट्रंप का कहना है कि अमेरिका अपने सहयोगियों के बिना भी इस रास्ते को सुरक्षित रखेगा. बता दें कि 28 फरवरी से ही युद्ध जारी है। क्या है ये बंकर बस्टर बम और क्यों है इसकी इतनी चर्चा? अब सवाल उठता है कि ये बंकर बस्टर बम आखिर बला क्या है? आम भाषा में समझें तो ये ऐसे बम हैं जो जमीन या कंक्रीट की मोटी दीवारों को भेदकर गहराई में छिपे दुश्मनों का काल बन जाते हैं. 2022 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक ऐसे बम की कीमत करीब 2.88 लाख डॉलर होती है. हालांकि, अमेरिका के पास इससे भी बड़े 30,000 पाउंड वाले बम हैं, लेकिन फिलहाल ईरान के इन मिसाइल ठिकानों को मिट्टी में मिलाने के लिए ये 5,000 पाउंड यानी 2200 किलो वाले बम ही काफी थे। पूरी कहानी का दूसरा पहलू ये भी है कि इस जंग के पीछे इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का भी हाथ माना जा रहा है, जो महीनों से अमेरिका को इस रास्ते पर चलने के लिए उकसा रहे थे. लेकिन ट्रंप का कहना है कि यह उनकी अपनी फीलिंग थी कि ईरान से खतरा बढ़ रहा है, इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया. दूसरी तरफ, ईरान आज भी अपनी बात पर अड़ा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ बिजली बनाने जैसे शांतिपूर्ण कामों के लिए है और उसका बम बनाने का कोई इरादा नहीं है। फिलहाल, हालात ये हैं कि पूरी दुनिया की नजरें होर्मुज के इस रास्ते पर टिकी हैं. अमेरिका ने अपनी ताकत दिखाकर ये साफ कर दिया है कि वो पीछे हटने वाला नहीं है. अब देखना ये होगा कि ईरान इस बंकर बस्टर हमले का क्या … Read more