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मुख्यमंत्री साय का ऐलान—अचल संपत्ति रजिस्ट्री पर उपकर खत्म, खर्च में राहत

  जमीन-मकान की रजिस्ट्री होगी अधिक सरल, सुलभ और कम खर्चीली-वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी छत्तीसगढ़ विधानसभा ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 ध्वनिमत से पारित रायपुर,  छत्तीसगढ़ विधानसभा ने छत्तीसगढ़ उपकर (संशोधन) विधेयक, 2026 को आज ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस विधेयक के पारित होने से अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर बाजार मूल्य के आधार पर लगाया जाने वाला 0.60 प्रतिशत उपकर समाप्त हो गया है। वाणिज्यिक कर मंत्री ओ पी चौधरी ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के आम नागरिकों, किसानों, मध्यमवर्गीय परिवारों तथा संपत्ति के क्रय-विक्रय से जुड़े लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।            छत्तीसगढ़ उपकर समाप्त होने से अब संपत्ति पंजीयन की लागत में कमी आएगी। उदाहरण के तौर पर एक करोड़ रुपये के बाजार मूल्य की संपत्ति पर नागरिकों को लगभग 60 हजार रुपये की सीधी बचत होगी, इससे जमीन-मकान की रजिस्ट्री अधिक सुलभ, सरल और कम खर्चीली बनेगी। इस अवसर पर विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत करते हुए मंत्री चौधरी  ने कहा कि यह विधेयक केवल एक विधिक संशोधन नहीं, बल्कि राज्य सरकार की जनहित, लोककल्याण और कर-व्यवस्था में न्यायपूर्ण सुधार के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट मत है कि शासन का उद्देश्य केवल राजस्व अर्जित करना नहीं, बल्कि जनता के जीवन को सरल, सुलभ और सम्मानजनक बनाना है।           वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने सितंबर 2025 में जीएसटी 2.0 के माध्यम से आम जनता के उपयोग की वस्तुओं एवं सेवाओं पर व्यापक कर रियायतें प्रदान कीं, जिससे आम नागरिकों की निर्वाह लागत में कमी आई। इसी क्रम में पंजीयन विभाग में भी अनेक ऐतिहासिक, व्यावहारिक और जनहितकारी सुधार किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम जनता पर आर्थिक बोझ कम करना और सेवाओं को सरल बनाना है। उन्होंने बताया कि स्वतः नामांतरण व्यवस्था आम जनता के लिए अत्यंत राहतकारी सिद्ध हुई है। पंजीयन के बाद तत्काल नामांतरण होने से पक्षकारों को आर्थिक बचत के साथ-साथ महीनों चलने वाली नामांतरण प्रक्रिया से मुक्ति मिली है। मई 2025 से अब तक लगभग डेढ़ लाख दस्तावेजों का स्वतः नामांतरण सफलतापूर्वक किया जा चुका है।           पंजीयन प्रणाली को अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के लिए सुगम मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, जो संपत्ति की सही भौगोलिक स्थिति सुनिश्चित करने में सहायक है। साथ ही, फर्जी व्यक्ति द्वारा पहचान छुपाकर पंजीयन न कराया जा सके, इसके लिए पंजीयन कार्यालयों में आधार आधारित सत्यापन की व्यवस्था भी लागू की गई है। नागरिकों की सुविधा के लिए विभाग द्वारा पंजीयन कार्यालयों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के वीजा ऑफिस की तर्ज पर सर्वसुविधायुक्त बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत नागरिकों को वातानुकूलित प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय, निःशुल्क वाई-फाई तथा क्यू-आधारित त्वरित पंजीयन जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। वर्तमान में 10 पंजीयन कार्यालयों को पीपीपी मोड पर स्मार्ट पंजीयन कार्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसके बाद अन्य कार्यालयों को भी चरणबद्ध रूप से स्मार्ट कार्यालय बनाया जाएगा।          चौधरी ने बताया कि सरकार ने पंजीयन शुल्क निर्धारण की व्यवस्था में सुधार किया है। पहले संपत्ति के पंजीयन में गाइडलाइन मूल्य एवं बाजार मूल्य से जो अधिक होता था, उसी पर शुल्क लिया जाता था। अब इस व्यवस्था को बदलते हुए पंजीयन शुल्क को आपसी लेनदेन की कीमत के बजाय गाइडलाइन मूल्य से जोड़ा गया है, इससे बड़ी संख्या में परिवारों को राहत मिली है। उदाहरण स्वरूप यदि किसी संपत्ति का गाइडलाइन मूल्य 10 लाख रुपये है, लेकिन दस्तावेज में बैंक ऋण आदि के कारण 25 लाख रुपये अंकित हैं, तो अब शुल्क केवल 10 लाख रुपये पर ही लगेगा। इस निर्णय से राज्य सरकार ने लगभग 170 करोड़ रुपये के राजस्व का त्याग किया है।          चौधरी ने बताया कि पहले परिवारजनों के मध्य दान, बंटवारा और हक-त्याग जैसी रजिस्ट्रियों पर बाजार मूल्य का 0.8 प्रतिशत पंजीयन शुल्क लिया जाता था, जिसे सरकार ने घटाकर मात्र 500 रुपये कर दिया है, चाहे संपत्ति का मूल्य कितना भी हो। उदाहरण के तौर पर, एक करोड़ रुपये की संपत्ति के दान पर पहले 80 हजार रुपये शुल्क लगता था, जो अब केवल 500 रुपये रह गया है, इससे सामान्य परिवारों और किसानों को व्यापक राहत मिली है। गाइडलाइन मूल्य निर्धारण में भी व्यापक जनहितकारी सुधार किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी भूमि पर भी अत्यधिक मूल्यांकन की स्थिति को समाप्त करते हुए वर्गमीटर आधारित मूल्यांकन व्यवस्था खत्म कर दी गई है और अब मूल्यांकन हेक्टेयर दर से किया जा रहा है, इससे आम जनता को 300 से 400 करोड़ रुपये तक के लाभ का अनुमान है।           मंत्री चौधरी ने बताया किसरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि पर लागू ढाई गुना मूल्यांकन, शहरों और गाँवों में कई प्रकार के अतिरिक्त मूल्यांकन तथा भूमि पर लगे वृक्षों के अलग मूल्यांकन जैसे प्रावधानों को भी समाप्त किया है, इससे जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ कम हुआ है और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। शहरी मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देते हुए अब फ्लैट का मूल्यांकन सुपर बिल्ट-अप एरिया के बजाय केवल बिल्ट-अप एरिया के आधार पर किए जाने का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही बाउंड्री वॉल, प्लिंथ आदि जैसे कारणों से होने वाले अनावश्यक अतिरिक्त मूल्यांकन को भी समाप्त किया गया है।             चौधरी ने बताया कि किसानों के हित में भी सरकार ने महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पहले दो-फसली भूमि, नकदी फसल, मछली पालन हेतु तालाब जैसी स्थितियों में अतिरिक्त मूल्यांकन कर आर्थिक भार बढ़ा दिया जाता था। अब इन सभी प्रावधानों को समाप्त कर कृषि भूमि के लेनदेन को अधिक सहज, न्यायसंगत और किफायती बनाया गया है। मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ उपकर अधिनियम, 1982 के अंतर्गत स्थावर संपत्ति के अंतरण पर उपकर का प्रावधान किया गया था। वर्ष 2023 में तत्कालीन सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ रोजगार मिशन एवं राजीव गांधी मितान क्लब योजना के वित्तपोषण हेतु स्टांप शुल्क के अतिरिक्त 12 प्रतिशत की दर से उपकर अधिरोपित किया गया था। इसके कारण नागरिकों को संपत्ति के पंजीयन पर बाजार मूल्य का लगभग 0.60 प्रतिशत अतिरिक्त भार वहन करना पड़ रहा था।            वाणिज्यिक कर मंत्री चौधरी ने कहा कि वर्तमान में राजीव गांधी मितान क्लब … Read more

डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी बने सीआईआई मध्य प्रदेश के चेयरमैन

सीआईआई एमपी स्टेट एनुअल मीटिंग 2026 में उद्योग, संस्थागत निर्माण और समावेशी विकास पर हुआ मंथन भोपाल भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा मध्य प्रदेश स्टेट एनुअल मीटिंग 2026 का आयोजन इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में राज्यभर से उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास के भविष्य पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण सीआईआई मध्य प्रदेश के नए नेतृत्व की घोषणा रही। आईसेक्ट लिमिटेड के निदेशक डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी को वर्ष 2026–27 के लिए सीआईआई मध्य प्रदेश का चेयरमैन नियुक्त किया गया है, जबकि कृति न्यूट्रिएंट्स लिमिटेड के निदेशक श्री सौरभ सिंह मेहता को वाइस चेयरमैन नियुक्त किया गया है। शिक्षा, कौशल विकास और उद्योग-सरकार समन्वय के क्षेत्र में अपने व्यापक अनुभव के साथ डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी का नेतृत्व मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास, नवाचार और सहयोगात्मक पहल को नई दिशा देगा। उनके नेतृत्व में सीआईआई एमपी राज्य में नीति संवाद, उद्योग वृद्धि, कौशल विकास और समावेशी आर्थिक प्रगति को गति देने के लिए कार्य करेगा। यह सम्मेलन “India’s Moment: Enterprise, Institution Building and Inclusive Growth” थीम पर आयोजित किया गया, जो विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप है। इस दौरान उद्योग की भूमिका, संस्थागत मजबूती और साझेदारी आधारित विकास मॉडल पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम के पब्लिक सेशन में “Advancing Industry, Powering Growth, Encouraging Collaboration” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें राज्य में औद्योगिक विकास के नए अवसरों और संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण फायरसाइड चैट रहा, जिसमें भारती एंटरप्राइजेज के वाइस चेयरमैन श्री राकेश भारती मित्तल ने “India’s Moment: Enterprise, Institution Building and Inclusive Growth” विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने उद्योग नेतृत्व, संस्थागत विकास और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका पर महत्वपूर्ण दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। यह वार्षिक बैठक इस बात का प्रमाण रही कि मध्य प्रदेश उद्योग, नवाचार और सहयोग के माध्यम से देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने की दिशा में अग्रसर है।

सोना-चांदी में गिरावट के बाद तेजी से रिकवरी, जानें अभी कितने सस्ते हुए हैं

भोपाल सोने और चांदी के बाजार में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। ब्लैक थर्सडे की भारी गिरावट के बाद आज शुक्रवार को दोनों कीमती धातुओं में जोरदार रिकवरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों के चेहरे पर राहत की मुस्कान लौट आई है। आज भारतीय सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना ₹1,47,660 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। यह पिछले दिन के मुकाबले ₹2,737 की तेजी दर्शाता है। हालांकि, सोना अभी भी ₹1.5 लाख के अहम स्तर से नीचे बना हुआ है, जिसे बाजार में खरीदारी का सुनहरा मौका माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर, चांदी ने आज सबसे बड़ा धमाका किया है। चांदी की कीमत ₹2,37,678 प्रति किलो तक पहुंच गई है, जो कल के मुकाबले ₹6,387 महंगी है। खास बात यह है कि चांदी अभी भी अपने ऑल टाइम हाई से करीब ₹1.80 लाख सस्ती मिल रही है, जिससे इंडस्ट्रियल डिमांड में तेजी की उम्मीद और मजबूत हो गई है। बाजार में अचानक क्यों लौटी तेजी? निचले स्तर पर जबरदस्त खरीदारी: कल की भारी गिरावट के बाद निवेशकों ने मौके का फायदा उठाया ग्लोबल टेंशन: खाड़ी देशों में तनाव ने सोने को फिर से सेफ हेवन बना दिया फेड के संकेत: अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद डॉलर-रुपया अस्थिरता: कमजोर रुपये ने घरेलू कीमतों को सपोर्ट दिया एक्सपर्ट्स की राय मार्केट विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव बना रहेगा, तब तक सोना-चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। ऐसे में लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह समय “Buy on Dip” यानी गिरावट पर खरीदारी का बेहतरीन अवसर माना जा रहा है। क्या करें निवेशक? शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है लॉन्ग टर्म के लिए यह खरीदारी का अच्छा मौका हो सकता है निवेश से पहले बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी कुल मिलाकर: गिरावट के बाद सोना-चांदी ने जबरदस्त वापसी की है, लेकिन बाजार अभी भी अस्थिर है — ऐसे में समझदारी से निवेश ही मुनाफे की कुंजी है।

भारती सिंह ने बेटे काजू का किया फेस रिवील, फैंस बोले– हूबहू हर्ष जैसा दिखता है!

मुंबई फेमस कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया ने फाइनली अपने दूसरे बेटे काजू की मुंह दिखाई कर दी है। अभी हाल ही में भारती ने दिसंबर 2025 में दूसरे बेटे को जन्म दिया था जिसका नाम यशवीर रखा है। भारती ने अब तक उसका चेहरा रिवील नहीं किया था। अब अपने नए व्लॉग में भारती ने आखिरकार बेटे का चेहरा फैन्स को दिखाया है। दिसंबर में दूसरी बार मां बनने के बाद से भारती अपने लाडले काजू से अपने फैन्स को कई बार मिलवाया जरूर था लेकिन उसका फेस इससे पहले दिखाया नहीं था। भारती और हर्ष कई दिनों से ये बता रहे थे कि वे जल्द ही अपने बेटे का चेहरा सबके सामने लाने की प्लानिंग कर रहे हैं। भारती और हर्ष ने फेस रिवील करने के लिए एक शानदार पार्टी रखी आखिरकार वो पल आ ही गया जब उन्होंने पहली बार यशवीर का चेहरा दिखाया। अपने हालिया व्लॉग में भारती सिंह और हर्ष लिम्बाचिया ने बेटे यशवीर यानी काजू का फेस दिखाया, जिसका उनके फैंस बेसब्री से इंतजार भी कर रहे थे। भारती और हर्ष ने फेस रिवील करने के लिए एक शानदार पार्टी रखी थी, जहां कुछ मेहमानों को उन्होंने बुला रखा था। लोगों ने कहा- छोटे बेटे की शक्ल हर्ष लिंबाचिया जैसी अपने नए व्लॉग में भारती सिंह ने लिखा है, 'मिलिए हमारे काजू से'। जैसे ही भारती सिंह ने बेटे का चेहरा दिखाया कि लोगों ने बताना शुरू कर दिया कि छोटो बेटे की शक्ल किसपर गई है। पार्टी में मौजूद कुछ लोगों ने कहा कि बेटे की शक्ल भारती पर गई है वहीं यूट्यूब पर कुछ लोगों ने कॉमेंट करके बताया है कि उन्हें उनकी शक्ल हर्ष लिंबाचिया जैसी लग रही है। एक ने पूछा- इतना सस्पेंस तो डेली soap वाले नहीं रखते काफी लोगों ने लिखा है कि काजू दिखने में बिल्कुल हर्ष और अपने दादा जी जैसा है। लोगों ने कहा- गोला भारती की तरह है लेकिन काजू हर्ष जैसा लग रहा। एक ने कहा है- इतना सस्पेंस तो डेली soap वाले नहीं रखते जितना आप ने रखा है।

WhatsApp के नए फीचर से चैटिंग होगी आसान, ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन की टेस्टिंग iOS पर शुरू

मुंबई  WhatsApp पर चैटिंग करना और भी आसान होने जा रहा है, जिसमें यूजर्स आसानी से दूसरी भाषा में बात करने वाले लोगों से चैट कर पाएंगे. इसके लिए ऑटोमेट्रिक ट्रांसलेशन फीचर पर काम हो रहा है. इसकी जानकारी Wabetainfo ने शेयर की है।  वॉट्सऐप के अपकमिंग फीचर को ट्रैक करने वाले पोर्टल Wabetainfo ने बताया है कि ऐपल के ऑपरेटिंग सिस्टम iOS प्लेटफॉर्म के लिए ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन फीचर पर टेस्टिंग हो रही है।  ट्रांसलेशन फीचर के तहत यूजर्स  21 भाषाओं में से किसी एक का चुनाव करना होगा. इसके बाद अपनी लैंग्वेज के साथ उनको ट्रांसलेट कर सकेंगे. इसके लिए सिर्फ एक टॉगल को ऑन करना होगा, जिसकी जानकारी एक स्क्रीनशॉट्स शेयर करके भी दी है।  वॉट्सऐप का यह फीचर उन लोगों से चैट करने में मददगार साबित होगा, जो आपकी भाषा को नहीं जानते हैं और दूसरी लैंग्वेज में बातचीत करते हैं. उदाहरण के तौर पर समझें तो एक शख्स हिंदी बोलता, समझता और लिख सकता है, जबकि दूसरा शख्स हिंदी ना तो बोल सकता है, ना पढ़ सकता है और ना ही लिख सकता है. ऐसे में वॉट्सऐप उन यूजर्स के लिए यूजफुल साबित होगा।  रिपोर्ट में बताया है कि ट्रांसलेशन के बावजूद एंड टू एंड एनक्रिप्शन सुविधा को मेंटेन करके रखा जाएगा. वॉट्सऐप बीटा के iOS 26.11.10.70 वर्जन टेस्टिंग के लिए उपलब्ध है।  टेस्टिंग वर्जन से पता चला है WhatsApp ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन फीचर पर काम कर रहा है, जो करीब 21 अलग-अलग लैंग्वेज को सपोर्ट करेगा. इसके लिए एक स्क्रीनशॉट्स भी शेयर किया है।  WAbetainfo ने बताया है कि ट्रांसलेशन फीचर ऐसे काम करेगा।  स्क्रीनशॉट्स में दिखाया गया है कि यूजर्स को किसी एक शख्स का चैट ओपन करना होगा. फिर उसके अंदर दिए गए ट्रांसलेशन को ऑन करना होगा, जिसमें लैंग्वेज को सिलेक्ट भी करना होगा के कौन सी भाषा को किस भाषा में ट्रांसलेट करना है।  पॉपुलैरिटी को बनाए रखने के लिए देते हैं नए-नए फीचर्स  WhatsApp अपनी पॉपुलैरिटी को बनाए रखने के लिए लगातार ऐप में नए-नए फीचर्स को शामिल कर रहा है. साथ ही जो फीचर्स पहले से उनको बेहतर करने की दिशा में काम कर रहा है. इस मैसेजिंग ऐप पर एक सिंपल से यूजर इंटरफेस पर ढेरों फीचर्स मिलते हैं.  WhatsApp का iOS पर ऑटोमेटिक ट्रांसलेशन फीचर कितना कारगर साबित होगा, उसका पता तो आने वाले दिनों में ही पता चलेगा. हालांकि टेस्टिंग के बाद इसको स्टेबल वर्जन में कब जारी किया जाएगा, उसकी कोई टाइम लाइन नहीं दी है. 

ईद से पहले सख्ती: 2026 में पूरे देश में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर

नई दिल्ली ईद-उल-फितर के जश्न के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, क्योंकि इस त्योहार से पहले, रमजान के आखिरी दिन नमाज अदा करने के लिए नमाजी इकट्ठा हुए। धर्मगुरुओं ने घोषणा की है कि भारत में ईद-उल-फितर शनिवार को मनाई जाएगी, क्योंकि गुरुवार शाम को चांद नहीं दिखा। हालांकि, केरल में यह त्योहार शुक्रवार को ही मनाया गया। उत्तराखंड में हरदोई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अशोक कुमार मीणा ने कहा कि ईद-उल-फितर त्योहार और चल रही चैत्र नवरात्रि को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। आज की 'अलविदा नमाज' के लिए हम कई जगहों पर फ्लैग मार्च कर रहे हैं और सभी मस्जिदों पर पुलिसकर्मी भी तैनात किए हैं। जिले को सेक्टरों और जोन में बांटा गया है। कहीं भी कोई दिक्कत नहीं है। हम किसी भी तरह के असामाजिक तत्वों पर भी नजर रख रहे हैं। दिल्ली के उत्तम नगर में भी भारी पुलिस तैनाती देखी गई, जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने एक निर्देश जारी कर इलाके की पुलिस और सिविल प्रशासन को ईद के त्योहारों के दौरान सुरक्षित और शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का आदेश दिया। दरअसल, 4 मार्च को होली के जश्न के दौरान 26 साल के तरुण कुमार की हत्या के बाद से इलाके में तनाव बना हुआ है। सुरक्षा उपायों के तहत रूट मार्च करने के बाद, उत्तर प्रदेश के मऊ के एसपी श्री एलमारन जी ने कहा कि हम पूरी गश्त और चेकिंग कर रहे हैं। सिविल वर्दी में तैनात पुलिसकर्मियों के अलावा, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) के जवान भी तैनात किए जाएंगे। हमने जिला और पुलिस, दोनों स्तरों पर सभी के साथ बैठकें की हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे त्योहार के दौरान निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। बिहार के संवेदनशील भागलपुर जिले को ईद, चैती छठ और रामनवमी त्योहारों से पहले अलर्ट पर रखा गया है। विभिन्न सुरक्षा बलों और समितियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने तैयारियों के तहत भागलपुर में एक मॉक ड्रिल की। ​​जिला मजिस्ट्रेट नवल किशोर चौधरी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि मार्च में कई त्योहारों और शहर की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है और स्थिति पर सक्रिय रूप से नजर रख रहा है। हैदराबाद के पुराने शहर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई, क्योंकि अधिकारियों ने मक्का मस्जिद और चारमीनार के आसपास कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए, ताकि ईद-उल-फितर से पहले जुमा-तुल-विदा (ईद से पहले का आखिरी शुक्रवार) की सभा शांतिपूर्ण ढंग से हो सके। कर्नाटक के मंगलुरु में एक मस्जिद में नमाज अदा करने के बाद विधानसभा स्पीकर यूटी खादर फरीद ने कहा कि मैं हर किसी को ईद-उल-फितर की बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं। हर धार्मिक त्योहार का संदेश शांति, हमारी संस्कृति को साझा करना, एकता बनाए रखना, और एक शांतिपूर्ण समाज, एक शांतिपूर्ण देश और एक शांतिपूर्ण दुनिया है। तमिलनाडु के मदुरै और कोयंबटूर में भी विशेष नमाज अदा करने के लिए मुस्लिम नमाजियों की बड़ी भीड़ देखी गई। इस बीच, जब केरल में शुक्रवार को ईद-उल-फितर मनाया जा रहा था, तो सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट और भाजपा नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के उम्मीदवारों ने राज्य में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर, सुबह-सुबह राज्य भर में नमाज स्थलों का दौरा किया।

भारत को मिली बड़ी जिम्मेदारी, 2028 विश्व इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की करेगा मेजबानी

नयी दिल्ली भारत 2028 विश्व इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। ये खेल ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित किये जाये। भारत की मेजबानी वाली बोली को विश्व एथलेटिक्स परिषद की गुरुवार को पोलैंड के टोरून में हुई बैठक में मंजूरी दी। इससे पहले जनवरी में वर्ल्ड एथलेटिक्स की टीम ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम कॉम्प्लेक्स के इंडोर स्टेडियम का निरीक्षण किया था। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने जनवरी 2026 में इस चैंपियनशिप के लिए अपनी बोली पेश की थी। इसके तुरंत बाद, उसी महीने वैश्विक एथलेटिक्स संस्था की दो-सदस्यीय टीम ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम परिसर में स्थित इंडोर सुविधा का दौरा किया था। केन्द्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस घटनाक्रम पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, “यह जानकर बहुत खुशी हुई कि ओडिशा का भुवनेश्वर 2028 विश्व एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप की मेज़बानी करेगा।” भारत इस चैंपियनशिप की मेज़बानी करने वाला चौथा एशियाई देश बन जाएगा। जापान (1999), कतर (2010) और चीन (2025) अन्य एशियाई देश हैं जिन्होंने इस प्रतियोगिता की मेजबानी की है।  

IPL में RR की मुश्किलें बढ़ीं, 440 वोल्ट का झटका—दिग्गज खिलाड़ी हुआ आउट

जयपुर आईपीएल 2026 से पहले चोटिल खिलाड़ियों की चिंता बढ़ती जा रही है। अब राजस्थान रॉयल्स का स्टार ऑलराउंडर भी इंजरी के चलते पूरे सीजन से बाहर हो सकता है। आईपीएल 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स को बड़ा झटका लगा है। टीम के स्टार इंग्लिश ऑलराउंडर सैम करन चोट के चलते पूरे सीजन से बाहर हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार वह ग्रोइन इंजरी से जूझ रहे हैं, जो पूरी तरह ठीक नहीं हो पाई है। ऐसे में उनका इस सीजन में खेलना काफी मुश्किल माना जा रहा है। वर्ल्ड कप के बाद बढ़ी चिंता सैम करन ने आखिरी बार 5 मार्च को ICC Men’s T20 World Cup 2026 में इंग्लैंड के लिए मैच खेला था। इस मुकाबले के बाद से ही उनकी फिटनेस को लेकर सवाल उठने लगे थे। सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ हार के बाद वह मैदान पर नजर नहीं आए और अब यह साफ हो गया है कि चोट उम्मीद से ज्यादा गंभीर है। बड़े ट्रेड के जरिए टीम में एंट्री आईपीएल 2026 से पहले हुए बड़े ट्रेड में सैम करन चेन्नई सुपर किंग्स से राजस्थान रॉयल्स में शामिल हुए थे। इस डील में रवींद्र जडेजा भी राजस्थान पहुंचे, जबकि संजू सैमसन चेन्नई के साथ जुड़ गए। यह ट्रेड टूर्नामेंट से पहले सबसे चर्चित सौदों में से एक था और फैंस को करन से काफी उम्मीदें थीं। पिछले सीजन का प्रदर्शन रहा साधारण अगर करन के पिछले आईपीएल प्रदर्शन पर नजर डालें तो वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके थे। उन्होंने सीमित मैचों में बल्ले और गेंद दोनों से औसत प्रदर्शन किया। हालांकि, उनकी ऑलराउंड क्षमता को देखते हुए माना जा रहा था कि वह नए सीजन में जोरदार वापसी करेंगे। लेकिन चोट ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया है। टीम संतुलन पर पड़ेगा असर राजस्थान रॉयल्स के लिए यह झटका इसलिए भी बड़ा है क्योंकि करन टीम को बैलेंस देने वाले खिलाड़ी हैं। वह मध्यक्रम में तेजी से रन बनाने के साथ-साथ अहम मौकों पर विकेट लेने की क्षमता रखते हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम को संयोजन बदलना पड़ सकता है। फिलहाल टीम मैनेजमेंट ने उनके रिप्लेसमेंट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन विकल्पों पर विचार जारी है। टीम में रवींद्र जडेजा जैसे अनुभवी ऑलराउंडर मौजूद हैं, वहीं डोनोवन फरेरा भी उपयोगी भूमिका निभा सकते हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि राजस्थान इस कमी को कैसे पूरा करता है और क्या कोई नया खिलाड़ी इस मौके को भुनाकर टीम में अपनी जगह पक्की कर पाता है।  

सेट पर हंसी का धमाका: अर्जुन रामपाल का राकेश बेदी को फनी कमेंट, आदित्य धर बोले- टोकरी खरीद लीजिए

आदित्य धर की इस साल की मोस्ट अवेटे फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' ने रिलीज होते ही हर जगह धूम मचा दी है। फिल्म में भले ही रणवीर सिंह हैं लेकिन कई सीन में राकेश बेदी ने भी लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है। अब फिल्म में उन्हें देखने के बाद हर कोई राकेश बेदी को फिल्म का असली 'धुरंधर' कह रहा है। राकेश बेदी से उनकी ही टीम के लोग कहते नजर आए- आप तो सबको खा गए सर। राकेश बेदी ने एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में वो फिल्म देखने के लिए निकलते नजर आ रहे हैं। वहीं फिल्म देखने के बाद वो कहते दिख रहे हैं, 'फिल्म खत्म हो गई, अब कुछ खिलाओ।' जिसपर अर्जुन रामपाल उनसे कहते हैं- आप तो सबको खा गए सर, अब और कितना खाओगे। आदित्य धर उस महिला से जिन्हें शुरुआत से था उनपर भरोसा वहीं इस वीडियो में आदित्य धर उस महिला से मिलवाते दिख रहे हैं, जिनका इस फिल्म के पीछे सबसे बड़ा सपोर्ट रहा है। आदित्य धर कहते हैं, 'जिन्होंने मुझपर भरोसा किया शुरुआत से वो ज्योति हैं।' इसी के साथ उनके लिए जमकर तालियां बजीं। हालांकि, ज्योति कहती हैं, 'आदित्य उनमें से हैं जिनके रास्ते में काफी उठा-पटक आए लेकिन हमेशा वो मुस्कुराते रहे।' राकेश बेदी को 'हुकुम का इक्का' बता रहे लोग सोशल मीडिया पर उनकी तारीफों के पुल बंधे हुए हैं और कई यूजर्स राकेश बेदी को 'हुकुम का इक्का' बता रहे हैं। शुक्रवार को राकेश ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर हालिया इंटरव्यू वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने निर्देशक आदित्य धर के साथ हुई एक मजेदार बातचीत का जिक्र किया। इसमें राकेश ने बताया कि फिल्म रिलीज के पहले आदित्य ने उनसे कहा था कि उन्हें कुछ बक्से खरीद लेने चाहिए। 'आदित्य ने मुझसे कहा था कि सर आप कुछ टोकरी खरीद लीजिए' एक्टर वीडियो में कहते हैं, 'असल में, फिल्म की स्क्रिप्ट इतनी जबरदस्त थी कि आदित्य ने मुझसे कहा था कि सर आप कुछ टोकरी खरीद लीजिए, मुझे इतनी तारीफ मिलने वाली हैं, कहां रखेंगे इतने सारे प्राइज। मतलब कि फिल्म की स्क्रिप्ट बहुत पावरफुल थी। सभी के रोल बहुत अच्छे थे, तो हमें ऐसे अंदाजा तो था कि फिल्म चलेगी, लेकिन इस कदर इसका क्रेज बढ़ेगा, ये नहीं पता था।' 'आदित्य ने वह लूज बॉल दी और मैंने छक्का मारा है' राकेश ने आगे अपनी मन की बात को शेयर करते हुए कहा, 'मैंने एक बार आदित्य से कहा था कि मुझे महसूस हो रहा है कि मैं पिछले कई सालों से क्रिकेट बल्ला लिए क्रीज पर खड़ा हूं और मैं एक लूज बॉल का इंतजार कर रहा हूं। अगर मुझे कोई लूज बॉल मिली तो मैं उस पर छक्का मार दूंगा, तो मुझे लग रहा है कि आदित्य ने वह लूज बॉल दी और मैंने छक्का मारा है।' जमील का किरदार एक करप्ट पॉलिटिशियन का फिल्म ‘धुरंधर’ में राकेश बेदी ने एक पाकिस्तानी राजनेता जमील जमाली का किरदार निभाया था। जमील का किरदार एक करप्ट पॉलिटिशियन का था, जिसके तार अपराधियों के साथ जाकर जुड़ते थे। राकेश बेदी ने इस किरदार को कभी मजाकिया तो कभी गंभीर तरीके से निभाया। पहले पार्ट में यह किरदार दर्शकों को बस एक साइड कैरेक्टर लगता है, लेकिन ‘धुरंधर 2’ में राकेश बेदी का किरदार जमील जमाली चौंकाता है। जब उसकी असल पहचान सामने आती है तो दर्शक हैरान हो जाते हैं।

किसानों पर प्रयोग से बचें: CM मान बोले—पहले खुद जांचें, फिर खेतों में लागू करें

लुधियाना. लुधियाना में आयोजित किसान मेले के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कृषि वैज्ञानिकों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि किसान को प्रयोगशाला न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी नई किस्म या तकनीक को किसानों तक पहुंचाने से पहले उसका पूरी तरह परीक्षण किया जाना चाहिए। यह बात उन्होंने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान बार-बार यह शिकायत करते हैं कि उनकी खेती पर सीधे प्रयोग किए जाते हैं, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि पहले खुद परीक्षण करें और परिणाम सामने आने के बाद ही किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करें। अब जिम्मेदारी होगी तय मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ किसानों ने विश्वविद्यालय से बीज लेकर बोए, लेकिन उनकी फसल में कीट लग गया और पूरी फसल खराब हो गई। जब किसान शिकायत लेकर पहुंचे तो जवाब मिला कि विश्वविद्यालय की फसल भी प्रभावित हुई है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे बहाने अब नहीं चलेंगे और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खेती के तरीके तेजी से बदल रहे हैं और अब आधुनिक तकनीक के साथ खेती को जोड़ने की जरूरत है। सरकार खेती को उन्नत बनाने के लिए नई तकनीकों को अपनाने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है, जिससे खेती के काम आसान होंगे और उत्पादन में सुधार आएगा। कृषि विश्वविद्यालय का ढांचा मजबूत किया जाएगा – मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय का ढांचा और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक धन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने विश्वविद्यालय को किसानों के लिए ज्ञान का केंद्र बताते हुए कहा कि यहां से नई किस्म के बीज, खेती के तरीके और दवाइयों की जानकारी मिलती है, जिसका लाभ अब किसान घर बैठे भी ले सकते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब का किसान नई तकनीक को अपनाकर एक बार फिर देश में अग्रणी भूमिका निभाएगा।