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हरियाणा में फ्लैट्स की कीमतों में बढ़ोतरी, इन जिलों पर पड़ेगा असर; कैबिनेट बैठक में तय होंगी नई दरें

चंडीगढ़  हरियाणा में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत फ्लैट्स की कीमतों में बढ़ोतरी की जाने वाली है। मंगलवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत फ्लैट्स की नई बढ़ी हुई दरों पर मुहर लगेगी। गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे मेट्रो सिटी में फ्लैट की कीमत में तीन से चार लाख रुपये तक बढ़ने की पूरी संभावना है। जमीन की बढ़ती कीमतों व निर्माण लागत में बढ़ोतरी के चलते हरियाणा सरकार कीमतें बढ़ाने पर विचार कर रही है। जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते बड़ी संख्या में बिल्डर गुरुग्राम व फरीदाबाद जैसे शहरों में अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम से मुंह मोड़ चुके हैं। इसका मुख्य कारण लगातार बढ़ती भूमि कीमतें, निर्माण सामग्री और श्रम लागत है, जिसने योजना को आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इस कदम के बाद शहरों में अफोर्डेबल फ्लैट्स की कीमतों में वृद्धि होगी, लेकिन बिल्डर्स के लिए यह योजना में निवेश करना आसान बनाएगा। अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के समय हुई थी। योजना का उद्देश्य मध्यम वर्ग के परिवारों को किफायती फ्लैट्स उपलब्ध कराना था। मल्टी-स्टोरी फ्लैट्स के निर्माण के लिए पांच एकड़ तक की भूमि पर मंजूरी दी गई थी। इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने इसे जारी रखा। अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार इसे आगे बढ़ा रही है। वर्तमान दरें (2021 और 2023 की नीति के अनुसार)     गुरुग्राम, फरीदाबाद, पंचकूला – 5,000 रुपये प्रति वर्ग फुट     अन्य हाई और मीडियम पोटेंशियल टाउन – 4,500 रुपये प्रति वर्ग फुट     लो पोटेंशियल टाउन – 3,800 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रस्तावित नई दरें     गुरुग्राम: 5,575 रुपये प्रति वर्ग फुट     फरीदाबाद: 5,450 रुपये प्रति वर्ग फुट     अन्य हाई और मीडियम पोटेंशियल टाउन: 5,050 रुपये प्रति वर्ग फुट     लो पोटेंशियल टाउन: 4,250 रुपये प्रति वर्ग फुट संस्थागत साइट्स पर 350 प्रतिशत तक हो सकता एफएआर हरियाणा सरकार ट्रांजिट ओरंटिड डेवलेपमेंट (टीओडी) पालिसी में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है। इस पालिसी के तहत एफएआर (फ्लोर एरिया रेसो) में बढ़ोतरी संभव है। अभी तक टीओडी जोन में संस्थागत साइट्स के लिए 100 से 150 प्रतिशत तक एफएआर है। अब इसे बढ़ाकर 250% से 350% तक करने का प्रस्ताव है। सरल भाषा में कहें तो पहले 1,000 वर्ग मीटर जमीन पर 1,500 वर्ग मीटर तक भवन बन सकता था। अब उसी जमीन पर 2,500 से 3,500 वर्ग मीटर तक भवन बनाया जा सकेगा। यह बढ़ी हुई क्षमता सिर्फ संस्थागत साइट्स पर लागू होगी। संस्थागत साइट्स का अर्थ है स्कूल, कालेज, अस्पताल, आफिस, सरकारी संस्थान। घर, दुकान या माल जैसी वाणिज्यिक निर्माण गतिविधियों के लिए एफएआर बढ़ोतरी लागू नहीं होगी। इसका मतलब यह है कि मेट्रो या रेलवे स्टेशन के पास अब सिर्फ संस्थानिक उपयोग वाली जगह पर ज्यादा निर्माण संभव होगा। मौजूदा भवनों में बदलाव के लिए स्ट्रक्चर सेफ्टी सर्टिफिकेट जरूरी होगा। ग्राउंड कवरेज 40% तक ही सीमित रहेगा। न्यूनतम साइट का आकार एक एकड़ होना चाहिए।

पंजाब में होगा एशियाई हॉकी चैंपियनशिप, सीएम भगवंत मान बोले – जालंधर और मोहाली में होंगे मुकाबले

जालंधर  पंजाब में पहली बार हॉकी के इंटरनेशनल मुकाबलों की मेजबानी करेगा। पुरुषों के एशियन चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट की पंजाब मेजबानी करेगा। यह दावा पंजाब के सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस में किया। उन्होंने कहा कि इस मुकाबले में एशियन खेलों की टॉप छह टीमें इसमें खेलेंगी। पूरी उम्मीद है भारत इसमें रहेगा। 26-27 अक्टूबर को पहली बार मैच होगा। सारे मुकाबले मोहाली व जालंधर में होंगे। इससे पहले 1997 में पाकिस्तान के साथ जालंधर में टेस्ट मैच हुआ था। कल सारी चीजों को चेक टीम कर गई है। वहीं, हॉकी की टीम ने हमें ऑफर दिया है कि आप हर साल एक 4 नेशन टूर्नामेंट करवा सकते हैं। इसे वह अपने हॉकी टूर्नामेंट में रख लेंगे। बैडमिंटन अंडर 13 राष्ट्रीय मुकाबलों की मेजबानी पंजाब को 44 साल बाद मिली है। यह मुकाबले जालंधर में होगा। जालंधर व मोहाली में होंगे एशिया कप हॉक मैच खेलों के क्षेत्र का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय बाद पंजाब को एशिया कप हॉकी प्रतियोगिता की मेजबानी मिलने जा रही है। यह मुकाबले जालंधर के बल्टन पार्क मैदान और मोहाली में आयोजित होंगे। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब की खेल परंपरा को नई पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का नया क्रिकेट मैदान बनाया जाएगा। उनका कहना था कि राज्य में खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार निवेश कर रही है और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कृषि और सिंचाई के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार आने से पहले राज्य में नहरों के पानी का उपयोग लगभग 21 से 22 प्रतिशत तक ही सीमित था, जबकि अब यह बढ़कर 70 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसके लिए नहर प्रणाली को मजबूत बनाने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि पिछले चार वर्षों में करीब 65 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए निवेश आकर्षित किया गया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, चैंपियनशिप में भारत, पाकिस्तान, मलेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया और चीन की टीमों के साथ-साथ अन्य क्वालीफाइंग टीमें भी भाग लेंगी। आधे मैच जालंधर में खेले जाएंगे, जबकि शेष मैच मोहाली में होंगे। इस आयोजन से राज्य की खेल संस्कृति को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जालंधर, जो अपने समृद्ध खेल सामग्री उद्योग और हॉकी की विरासत के कारण एक खेल केंद्र के रूप में जाना जाता है, इस टूर्नामेंट की मेजबानी करके एक बार फिर सुर्खियों में आ जाएगा। इस बीच, बर्लटन पार्क में विकास कार्य 78 करोड़ रुपये की लागत वाली एक चल रही खेल केंद्र परियोजना का हिस्सा है। आगामी चैंपियनशिप से न केवल अंतरराष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं के साथ पंजाब के जुड़ाव को पुनर्जीवित करने की उम्मीद है, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरणा मिलने की संभावना है।  

बजट से पहले दिल्ली विधानसभा, मेट्रो और स्पीकर को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा अलर्ट

नई दिल्ली  दिल्ली का बजट आज यानी मंगलवार को पेश होना है. ऐसे में विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी ने खलबली मचा दी है. जी हां, दिल्ली विधानसभा, दिल्ली विधानसभा मेट्रो और स्पीकर विजेंद्र गुप्ता को बम से उड़ाने की धमकी मिली है. एक अनोन ईमेल के जरिए दिल्ली विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. इस धमकी के बाद हलचल बढ़ गई है. पूरे विधानसभा की सिक्योरिटी चेक कराई जा रही है. अभी तक कोई बम नहीं मिला है।  दरअसल, आज यानी मंगलवार की सुबह 7:49 AM पर स्पीकर विजेंद्र गुप्ता की ईमेल पर एक ईमेल आया. इससे पहले 7:28 AM पर विधानसभा की ईमेल पर धमकी भरा मेल आया. ईमेल में LG तरनजीत संधू, प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, फॉरेन मिनिस्टर जयशंकर, और साथ में दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का भी नाम है. इस धमकी के बाद बजट का समय आधा घंटे बढ़ा दिया गया है।  बम की धमकी मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे और जांच-पड़ताल शुरू कर दी. एक पुलिस सूत्र ने बताया कि हमने परिसर के अंदर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. सूत्र ने आगे बताया कि पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है, जबकि तोड़फोड़-रोधी गहन जांच भी जारी है।  बजट सत्र के माहौल में यह धमकी और गंभीर हो गई. सदन में बजट पेश करने की तैयारी चल रही थी, लेकिन धमकी के कारण कार्यवाही में देरी हुई. स्पीकर कार्यालय ने सत्र का समय आधे घंटे बढ़ा दिया ताकि सुरक्षा जांच पूरी हो सके और सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. विधानसभा परिसर में हलचल मची रही. कई विधायकों ने सदन में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।  बजट सत्र से ठीक पहले आई धमकी ने पूरे प्रशासन को चौकस कर दिया है. दिल्ली विधानसभा के इतिहास में ऐसी धमकियां पहले भी आई हैं, लेकिन इस बार बजट सत्र के संवेदनशील समय पर आने से माहौल और तनावपूर्ण हो गया है. आम जनता और मेट्रो यात्री भी सतर्क हैं. प्रशासन का दावा है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। 

इंदौर में जनगणना के लिए आज से प्रशिक्षण कार्यक्रम, जल्द ही पहुंचेगी टीम आपके घर

इंदौर जनगणना 2027 के सफल और सटीक संचालन के लिए इंदौर जिले में फील्ड ट्रेनर्स के प्रशिक्षण की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किए गए विशेष निर्देशों के पालन में इंदौर जिले में तीन दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम का खाका तैयार किया गया है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य को त्रुटिहीन तरीके से संपन्न कराना है।  दो चरणों में होगा प्रशिक्षण अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम शासकीय होलकर साइंस कॉलेज में आयोजित किया जा रहा है। कॉलेज का परिसर ए.बी. रोड स्थित भंवरकुआं चौराहे के पास है। कार्यक्रम को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहला चरण आज 24 मार्च से शुरू होकर 26 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें मुख्य रूप से नगर निगम एवं बाह्यवृद्धि क्षेत्रों के ट्रेनर्स शामिल होंगे। इसके पश्चात दूसरा चरण 28 मार्च से 30 मार्च 2026 तक आयोजित होगा, जो जिला स्तर के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित किया गया है। हर दिन होंगे तीन बैच प्रशासनिक योजना के अनुसार, इस पूरे कार्यक्रम के दौरान कुल 129 फील्ड ट्रेनर्स को मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इन्हें अलग-अलग बैचों में बांटा गया है। प्रत्येक दिन तीन बैच संचालित होंगे, जिनमें प्रति बैच लगभग 28 प्रतिभागी शामिल होंगे। वहीं, जिला स्तरीय सत्रों के लिए दो बैच बनाए गए हैं, जिनमें 23-23 प्रतिभागियों को बारीकियों से अवगत कराया जाएगा। कॉलेज परिसर में ही की सभी व्यवस्थाएं शिक्षण कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए होलकर साइंस कॉलेज के कक्ष क्रमांक बी-101, बी-102 एवं बी-103 को विशेष रूप से आरक्षित किया गया है। अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी ने कॉलेज प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रशिक्षण स्थल पर सभी मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध हों। इसमें बैठने के लिए टेबल-कुर्सी, तकनीकी सहायता के लिए प्रोजेक्टर और कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ-साथ पेयजल और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। यह प्रशिक्षण जनगणना के राष्ट्रीय मिशन को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। 

ईएफएल कप फाइनल में मैनचेस्टर सिटी की जीत, आर्सेनल को 2-0 से हराया

लंदन   मैनचेस्टर सिटी ने ईएफएल कप फाइनल में आर्सेनल को 2-0 से हराते हुए खिताब को अपने नाम किया। मैनचेस्टर की तरफ से फाइनल में निको ओ'रेली ने दूसरे हाफ में चार मिनट के अंदर दो गोल करते हुए टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। मैनचेस्टर सिटी ने यह 9वीं लीग ट्रॉफी जीती है। सिटी से ज्यादा खिताब अब सिर्फ लिवरपूल के नाम है। पेप गार्डियोला ने मैनचेस्टर सिटी मैनेजर के तौर पर यह मशहूर ट्रॉफी पांच बार जीती है, जो इंग्लिश फुटबॉल में एक रिकॉर्ड है। वह इस प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा सफलता पाने वाले मैनेजर के तौर पर ब्रायन क्लॉ, सर एलेक्स फर्ग्यूसन और जोस मोरिन्हो (जिन्होंने सभी ने चार-चार जीते) से आगे निकल गए हैं। काराबाओ कप सिटी बॉस के तौर पर पेप की पहली ट्रॉफी थी, जिसमें उन्होंने 2018 में आर्सेनल को 3-0 से हराया था।  उन्होंने अब उस विरासत में एक और नाम जोड़ लिया है और 1960 में प्रतियोगिता की शुरुआत के बाद से सबसे सफल मैनेजर बन गए हैं। हाफ टाइम के बाद सिटी ने आर्सेनल के मुकाबले ज्यादा बेहतर खेल दिखाया। मैनचेस्टर सिटी ने आर्सेनल को वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया। आर्सेनल की टीम खिताबी मुकाबले में संघर्ष करती हुई नजर आई, जिसका पूरा फायदा सिटी ने उठाया। पूरे सीजन मैनचेस्टर सिटी की शानदार कप्तानी करने वाले कप्तान बर्नार्डो सिल्वा ने टीम के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने टीम की इस सफलता को सभी के लिए खास पल बताया। उन्होंने कहा, "यह सिटी में सभी के लिए बहुत गर्व का पल है। हमें यह प्रतियोगिता पसंद है और इस सीजन में शानदार प्रदर्शन करने वाले आर्सेनल को हराकर इसे जीतना वाकई खास है। मैनचेस्टर सिटी अब एक इंटरनेशनल ब्रेक पर होगी। टीम अब अपना अगला मुकाबला 4 अप्रैल को एफए कप के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में लिवरपूल के खिलाफ खेलेगी। गार्डियोला की टीम अगले हफ्ते चेल्सी में होने वाले प्रीमियर लीग पर ध्यान देगी। मैनचेस्टर सिटी प्रीमियर लीग टाइटल की दौड़ में बनी हुई है। गार्डियोला की टीम अभी टॉप पर काबिज आर्सेनल से 9 प्वाइंट पीछे है और उन्हें अभी एक मुकाबला खेलना है।

अफ्रीका सीरीज के लिए टीम इंडिया का चयन, अनुष्का शर्मा की एंट्री पर सभी की नजरें

मुंबई भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ अगले महीने होने वाली पांच मैचों की विमेंस टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान 24 मार्च (मंगलवार) को कर दिया. यह टी20 सीरीज साउथ अफ्रीकी धरती पर 17 अप्रैल से शुरू होकर 27 अप्रैल तक खेली जाएगी।  टीम की कमान एक बार फिर अनुभवी कप्तान हरमनप्रीत कौर के हाथों में होंगी, जबकि स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना उप-कप्तान की भूमिका निभाएंगी. बल्लेबाजी विभाग में शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, भारती फुलमाली और उमा छेत्री जैसी खिलाड़ी टीम को मजबूती देंगी।  इस स्क्वॉड की सबसे बड़ी खास बात अनुष्का शर्मा का चयन है, जिन्हें पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है. महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में गुजरात जायंट्स के लिए खेलते हुए अनुष्का ने शानदार प्रदर्शन किया था. दाएं हाथ की बल्लेबाज अनुष्का ने 7 पारियों में 25.28 की औसत से 177 रन बनाए, साथ ही उनका स्ट्राइक रेट 129.19 रहा।  अनुष्का शर्मा कर पाएंगी डेब्यू? हालांकि अनुष्का शर्मा की टीम प्लेऑफ में दिल्ली कैपिटल्स से हारकर फाइनल में नहीं पहुंच पाई थी. लेकिन 22 साल की अनुष्का ने अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा. अनुष्का घरेलू विमेंस क्रिकेट में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करती हैं. अब अनुष्का साउथ अफ्रीका दौरे पर भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू कर सकती हैं।  दीप्ति शर्मा के साथ श्रेयंका पाटिल और श्री चरणी स्पिन विभाग को मजबूत बनाएंगी. वहीं तेज गेंदबाजी डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी रेणुका ठाकुर, अरुंधति रेड्डी और क्रांति गौड़ संभालेंगी. सीरीज के पहले दो मुकाबले 17 और 19 अप्रैल को डरबन में खेले जाएंगे. इसके बाद 22 और 25 अप्रैल को जोहानिसबर्ग में मैच होंगे, जबकि आखिरी मुकाबला 27 अप्रैल को बेनोनी में खेला जाएगा।  भारतीय टीम: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), अरुंधति रेड्डी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, श्री चरणी, श्रेयंका पाटिल, काश्वी गौतम, भारती फुलमाली, उमा छेत्री (विकेटकीपर) और अनुष्का शर्मा। 

सीएम योगी देंगे रिंकू सिंह को रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर का नियुक्ति पत्र, आज होगा नियुक्ति का ऐलान

 लखनऊ क्रिकेट के मैदान पर अपने दमदार खेल से पहचान बनाने वाले रिंकू सिंह अब नई भूमिका में नजर आने वाले हैं. उन्हें यूपी में सरकारी नौकरी मिल जाएगी. उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर का नियुक्ति पत्र सौंपने जा रही है, जहां वे खेल के विकास में प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाएंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें यह नई जिम्मेदारी देंगे।  वैसे लखनऊ में आज का दिन खेल जगत के लिए खास होने जा रहा है. रिंकू के अलावा खेल के मैदान पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को भी अब प्रशासनिक जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज के समारोह में क्रिकेट, हॉकी, एथलेटिक्स और पैरालिंपिक जैसे विभिन्न खेलों से जुड़े कुल 14 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र देंगे।  अलीगढ़ की गलियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर तय करने वाले रिंकू सिंह की कहानी अब एक नए मोड़ पर पहुंच रही है. लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट में मेहनत करने के बाद उन्होंने आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई. अब वही रिंकू प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ खेलों के विकास में योगदान देंगे. हाल के दिनों में उनके निजी जीवन में भी काफी उतार-चढ़ाव आए. उनके पिता का निधन हुआ, लेकिन उस कठिन समय में भी उन्होंने खेल से दूरी नहीं बनाई और टीम के साथ जुड़े रहे. उनके इस जज्बे की खेल प्रेमियों ने खुलकर तारीफ की थी. इसी बीच उनकी निजी जिंदगी भी चर्चा में रही. उनकी सगाई सपा सांसद प्रिया सरोज से हो चुकी है और समारोह में कई बड़े राजनीतिक चेहरे शामिल हुए थे, जिनमें अखिलेश यादव भी मौजूद रहे. अब लोगों को उनकी शादी का इंतजार है।  रिंकू सिंह की नौकरी पर हो चुका है विवाद  दरअसल, रिंकू सिंह को जनवरी 2025 में खेल कोटे के तहत बेसिक शिक्षा विभाग में बीएसए बनाने का निर्णय लिया गया था. विशेष नियमावली 2022 के तहत उनका चयन प्रस्तावित था और उन्हें जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश भी दिए गए थे. हालांकि, उस समय उनकी शैक्षिक योग्यता को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके चलते प्रक्रिया पर रोक लग गई थी. अब सरकार ने नई भूमिका तय करते हुए उन्हें खेल विभाग में जिम्मेदारी देने का फैसला किया है।  अन्य खिलाड़ियों को भी बड़ी जिम्मेदारी इस समारोह में सिर्फ रिंकू सिंह ही नहीं, बल्कि कई अन्य खिलाड़ियों को भी अहम पद दिए जाएंगे. हॉकी में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले राजकुमार पाल को उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी बनाया जाएगा. पेरिस पैरालिंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रवीण कुमार को भी डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्ति मिलेगी. उनकी उपलब्धि को देशभर में सराहा गया था और अब उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारी भी दी जा रही है. वहीं, पैरालिंपिक में रजत पदक जीतने वाले अजीत सिंह को जिला पंचायत राज अधिकारी बनाया जाएगा. 200 मीटर रेस में कांस्य पदक जीतने वाली सिमरन को भी इसी विभाग में जिम्मेदारी दी जाएगी. इसके अलावा 100 और 200 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतने वाली प्रतिपाल को खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बनाया जाएगा।  सम्मान और अवॉर्ड भी सरकार की इस पहल का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा खिलाड़ियों का सम्मान है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले 9 खिलाड़ियों को लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई अवॉर्ड से नवाजा जाएगा. यह अवॉर्ड प्रदेश के खेल जगत में एक प्रतिष्ठित पहचान माना जाता है और इसे पाने वाले खिलाड़ियों को आर्थिक प्रोत्साहन के साथ सामाजिक सम्मान भी मिलता है. स्पोर्ट्स अफसरों का कहना है कि इस पूरे आयोजन को केवल नियुक्तियों तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता. यह प्रदेश की खेल नीति का एक अहम संदेश भी देता है कि जो खिलाड़ी मैदान में मेहनत करते हैं, उन्हें भविष्य की सुरक्षा और सम्मान भी मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित किया जा सकेगा. जब खिलाड़ी यह देखेंगे कि उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें स्थायी रोजगार और सम्मान मिल सकता है, तो वे खेल को करियर के रूप में अपनाने के लिए और प्रेरित होंगे। 

युवाओं को मिलेगा देशसेवा का अवसर, आत्मनिर्भरता के नए द्वार भी खुलेंगे – राज्‍यमंत्री गौर

‘शौर्य संकल्प योजना’ पर लगी कैबिनेट की मुहर, पिछड़ा वर्ग के युवाओं को सुरक्षाबलों में भर्ती के लिए तैयार करेगी योजना युवाओं को मिलेगा देशसेवा का अवसर, आत्मनिर्भरता के नए द्वार भी खुलेंगे – राज्‍यमंत्री गौर 45 दिन का आवासीय प्रशिक्षण, मिलेगी छात्रवृत्ति, 4000 युवाओं को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण भोपाल  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग युवा अभ्यर्थियों को सुरक्षाबलों में भर्ती के लिए सक्षम बनाने के लिए “शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना-2026” की शुरुआत करने जा रहा है। इसके जरिए युवाओं को गुणवत्तापूर्ण आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमें शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ सामान्य ज्ञान, गणित, तर्कशक्ति, कंप्यूटर एवं अंग्रेज़ी जैसे विषयों का सैद्धांतिक प्रशिक्षण भी शामिल होगा। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने योजना को कैबिनेट की मंजूरी मिलने पर कहा कि शौर्य संकल्प योजना हमारे युवाओं को केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रसेवा की भावना से भी सशक्त बनाएगी। हमारा उद्देश्य है कि प्रदेश का हर युवा अपनी क्षमता के अनुसार देश की सेवा में योगदान दे सके। मध्यप्रदेश सरकार युवाओं को अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। यह योजना सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी को सशक्त बनाकर पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए नए द्वार खोलेगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी। योजना के प्रारंभिक चरण में 40 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए 4000 युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी। योजना में महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के लिए पृथक-पृथक केंद्र संचालित किए जाएंगे। प्रशिक्षण की अवधि 45 दिन निर्धारित की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही पुरुष अभ्यर्थियों को 1000 रुपये तथा महिला अभ्यर्थियों को 1100 रुपये प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। योजना के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए तथा OBC वर्ग का प्रमाण-पत्र (नॉन-क्रीमीलेयर) आवश्यक होगा। चयन प्रक्रिया में 12वीं के अंकों के आधार पर वरीयता तय की जाएगी। राज्य शासन द्वारा आगामी तीन वर्षों में इस योजना पर लगभग 15 करोड़ रुपये व्यय किए जाने का प्रावधान है, जिसके माध्यम से 12,000 युवाओं को सुरक्षा सेवाओं में रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। यह योजना युवाओं में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन एवं कर्तव्यबोध विकसित करने के साथ उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।  

सच्चा वादा, पक्का काम… मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा – जो कहा, वो पूरा करके दिखाया

सच्चा वादा पक्का काम… हमने जो कहा, पूरा करके दिखाया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसान समृद्ध होंगे, तभी समृद्ध होगा हमारा प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव का किसानों ने किया अभिनंदन आगर मालवा में 200 करोड़ रुपए के 2 कामों की मंजूरी के लिए माना आभार भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारी धरोहर हैं। ये अन्नदाता ही देश के भाग्य विधाता हैं। सरकार प्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए कृत संकल्पित है। अन्नदाताओं को मजबूत करने के लिए ही हम 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। इसमें सरकार का पूरा फोकस खेती को आधुनिक तकनीक, नवाचार और मूल्य संवर्धन से जोड़ने पर है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल उत्पादन के साथ गौपालन, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी एवं कृषि आधारित उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चा वादा और पक्का काम, यही सरकार का संकल्प है। हमने किसानों से जो वादा किया था, वह पूरा करके भी दिखाया है। उन्होंने कहा कि जब हमारे खेतों से लेकर कारखाने तक समृद्धि आएगी, तभी तो हमारे किसान भी समृद्ध और खुशहाल होंगे। मध्यप्रदेश का समृद्ध किसान ही विकसित भारत@2047 के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में किसानों द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिले, इसके लिए प्रदेश में नदी जोड़ो अभियान एवं नयी सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में आगर-मालवा जिले के लिए 167.21 करोड़ रुपए लागत की आहू मध्यम सिंचाई परियोजना और 24.88 करोड़ रुपए की लागत से हड़ाई तालाब निर्माण को मंजूरी दी गई। करीब 200 करोड़ रुपए की इन दोनों योजनाओं से आगर-मालवा जिले के खेतों तक पानी पहुंचेगा और 4800 हैक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होगी। आगर-मालवा जिले को यह दो सौगातें मिलने पर किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आत्मीय स्वागत कर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर आगर-मालवा जिले के बड़ोद क्षेत्र के कुछ गांवों के अटपटे से नाम बदलने का आश्वासन किया। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द वे स्वयं आगर-मालवा आएंगे और किसानों के बीच जाकर उनसे संवाद करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिल्ली-मुंबई सुपर एक्सप्रेस-वे से जुड़ने के बाद आगर-मालवा को विकास को नए पंख लगे हैं। अब राजस्थान के झालावाड़ से नया हाई-वे भी सीधे उज्जैन के बाबा महाकाल और नलखेड़ा की मां बगुलामुखी धाम को जोड़ेगा। इससे धार्मिक पर्यटन के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं और माल परिवहन में लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार ने उद्यानिकी फलदार पौधों के मूल्यांकन एवं मुआवजा राशि में वृद्धि कर दी है। इसके तहत हमने आगर-मालवा जिले के मशहूर ओडीओपी उत्पाद संतरे की फसल के लिए पूर्व निर्धारित दर 4500 प्रति वृक्ष को बढ़ाकर 17,500 प्रति वृक्ष कर दिया गया है। यह जिले के संतरा उत्पादक किसानों के लिए बड़ी सौगात है। राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना का लाभ सोयाबीन किसानों को दिया है। अब इस योजना में सरसो की फसल को भी शामिल कर किसानों को नई सौगात दी गई है। गेहूं उत्पादक किसानों को 40 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस देकर सरकार 2625 रुपए मूल्य पर खरीदी कर रही है। तुअर की शत-प्रतिशत खरीदी के लिए भी हम प्रतिबद्ध हैं। आगर-मालवा विधायक मधु गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कोना-कोना सिंचाई सुविधाओं से लैस हो रहा है और आगर मालवा जिला भी इससे अछूता नहीं है। कृषि कल्याण वर्ष में जिले के किसानों की समृद्धि के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 200 करोड़ लागत की सिंचाई परियोजना और तालाब विकास कार्यों को मंजूर किया है। उन्होंने औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए निवेशकों को आगर मालवा से ईकाई प्रारंभ करने के लिए आकर्षित किया है। अब जिले में फूड चेन मकेन कंपनी की स्थापना से यहां के हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि आगर मालवा में 18 हजार करोड़ रुपए की लागत से भगवान बैजनाथ धाम का निर्माण किया जा रहा है। आगर मालवा को गोकुल ग्राम, 2 नवीन महाविद्यालय और अनेकों गौशालाओं की सौगात मिली है। अभिनंदन समारोह में जिलाध्यक्ष ओम मालवीय, मेहरबान सिंह सहित आगर-मालवा जिले से बड़ी संख्या में आए किसान बंधु एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।  

भारत को तेल संकट से राहत, सऊदी अरब और UAE से कई टैंकर पहुंचे, सरकार ने क्या कहा?

मुंबई  अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से भारत सहित कई देशों में ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस बीच अब भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक UAE से दो LPG कैरियर और सऊदी अरब से एक कच्चे तेल का कैरियर भारत के बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं ताकि देश में ऊर्जा आपूर्ति की कमी को पूरा किया जा सके। वहीं नौसेना प्रमुख दिनेश त्रिपाठी ने बढ़ते हुए शिपिंग संकट के चलते ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के अपने आधिकारिक दौरे को रद्द कर दिया है। जानकारी के मुताबिक भारतीय झंडे वाले जहाज पाइन गैस और जग वसंत लगभग एक साथ ही चल रहे थे। दोनों जहाज सोमवार सुबह 6 बजे UAE के बंदरगाहों से भारत के लिए रवाना हुए। ईरान ने इन दोनों LPG जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की मंजूरी भी दे दी है। वहीं ओमान की खाड़ी में भारतीय नौसेना के युद्धपोत इन LPG जहाजों को 24 घंटे तक सुरक्षा दे रहे हैं। जहाज में कितना LPG? बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेस में बताया कि दोनों जहाज पर लगभग 92,000 टन एलपीजी है। उन्होंने कहा, ''यात्रा शुरू हो चुकी है।'’ शिपिंग मंत्रालय के अनुसार जग वसंत के 26 मार्च को कांडला बंदरगाह पहुंचने की संभावना है, जबकि पाइन गैस 28 मार्च को न्यू मैंगलोर पहुंच सकता है। इन जहाजों पर क्रमशः 33 और 27 भारतीय नाविक भी सवार हैं। सऊदी से आ रहा तेल टैंकर इसके अलावा, MT Kallista नाम का एक कच्चे तेल का कैरियर सऊदी अरब के यान्बू बंदरगाह पर तेल भर रहा है और मंगलवार को जेद्दा बंदरगाह होते हुए भारत के पारादीप बंदरगाह के लिए रवाना होगा। पेट्रोलियम मंत्रालय के समन्वय से, पनामा के झंडे वाले यह जहाज भी अदन की खाड़ी से गुजरेगा और भारतीय नौसेना इसकी हिफाजत करेगी। भारतीय टैंकरों ने ईरान को दी फीस? भले ही रिपोर्ट्स में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर ईरान द्वारा मोटी फीस लिए जाने की खबरें थीं, लेकिन भारत ने अपने LPG टैंकरों को गुजरने की अनुमति देने के लिए ईरान को कोई पैसा नहीं दिया है। भारत में ईरानी दूतावास ने सोमवार को ऐसी रिपोर्टों का खंडन किया है। इस बीच केंद्र सरकार ने भारतीय नौसेना से कहा है कि वह भारतीय झंडे वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओमान की खाड़ी और अदन की खाड़ी के आसपास अपने कोलकाता-श्रेणी के विध्वंसक जहाजों को तैनात करे। वहीं भारतीय झंडे वाले सभी जहाज़ों के कप्तानों से लगातार संपर्क किया जा रहा है, ताकि उन्हें बताया जा सके कि भारत संकट के समय उनके साथ खड़ा है। कितने टैंकर फंसे? बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध कुल मिलाकर लगभग 500 टैंकर जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। इनमें 108 कच्चे तेल के टैंकर, 166 तेल उत्पाद टैंकर, 104 रासायनिक/उत्पाद टैंकर, 52 रासायनिक टैंकर और 53 अन्य प्रकार के टैंकर शामिल हैं। विश्लेषकों का कहना है कि ईरान संभवत: सत्यापन के बाद चुनिंदा जहाजों को जलडमरूमध्य से जाने की अनुमति दे सकता है।