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वैभव सूर्यवंशी की तूफानी बैटिंग पर थरूर बोले- “होश उड़ा देने वाला टैलेंट”

नई दिल्ली  महज पंद्रह साल की उम्र में ही वैभव सूर्यवंशी ने मानो वो मुकाम हासिल कर लिया है, जो बड़े-बड़े क्रिकेटरों को भी नहीं मिल पाता। जी हां, वैभव ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी के दम पर क्रिकेट फैंस को अपना मुरीद बना लिया है। जिस तरह से आईपीएल 2026 के इस सीजन में उनका बल्ला बोल रहा उसकी तारीफ खेल जगत की हस्तियां ही नहीं कर रही, बल्कि राजनीति के दिग्गज भी इस युवा खिलाड़ी के दमखम को जमकर सराह रहे हैं। हम बात कर रहे कांग्रेस सांसद शशि थरूर की जिन्होंने युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी की प्रशंसा में बेहद खास पोस्ट लिखी है। शशि थरूर ने वैभव सूर्यवंशी को सराहा केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद थरूर ने अपनी पोस्ट में वैभव की जबरदस्त बैटिंग को जमकर सराहा है। उन्होंने लिखा- जब भी वह स्ट्राइक लेते हैं, तो बाहर की दुनिया मानो थम सी जाती है: मैं सब कुछ छोड़कर बस उनकी हर गेंद को देखने लगता हूं। थरूर ने ये वैभव की तारीफ में ये पोस्ट गुरुवार देर रात उस समय लिखी जब आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ वैभव ने 26 गेंद में 78 रन बनाकर राजस्थान रॉयल्स को छह विकेट से जीत दिलाई। वैभव ने इस दौरान जिस तरह से गेंद बाउंड्री के पार पहुंचाई उसे देखकर शशि थरूर बेहद उत्साहित नजर आए। 'वह सचमुच होश उड़ा देने वाला है' कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने एक्स पर पोस्ट में लिखा 'अरे! वैभव सूर्यवंशी, अभी-अभी आउट हुए हैं। उन्हें विराट कोहली ने कैच किया। अब तो कुछ और काम शुरू कर ही देना चाहिए, जैसे कि ट्वीट करना!' इसके बाद कांग्रेस नेता ने आगे लिखा कि 'युवा सूर्यवंशी की जबरदस्त तरक्की को देखना सचमुच एक कमाल की बात है। 15 साल के इस अद्भुत खिलाड़ी को क्रीज पर खेलते देखना, खेल के विकास का एक बेहतरीन उदाहरण है। उनके बल्ले की जो जबरदस्त रफ्तार है, साथ ही टाइमिंग और ताकत का जो लगभग जादुई अंदाज़ है, वह सचमुच होश उड़ा देने वाला है।' थरूर बोले- सचमुच बेहद रोमांचक वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते हुए शशि थरूर ने आगे लिखा, 'वह सिर्फ क्रिकेट नहीं खेल रहे हैं; वह असल में नई पीढ़ी के लिए बैटिंग की कला को एक नया रूप दे रहे हैं। जब भी वह स्ट्राइक लेते हैं, तो बाहर की दुनिया मानो थम सी जाती है। मैं सब कुछ छोड़कर बस उनकी हर गेंद को देखने लगता हूं। हम अपनी आँखों के सामने एक दुर्लभ, अपनी पीढ़ी के सबसे बेहतरीन खिलाड़ी को उभरते हुए देख रहे हैं। सचमुच बहुत रोमांचक!#IPL2026' 15 गेंद में अर्धशतक, वैभव बने मैन ऑफ द मैच     आईपीएल 2026 के 16वें मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की भिड़ंत शुक्रवार को बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स के साथ हुई।     इस मैच में 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 15 गेंदों में अर्धशतक लगाया।     उन्होंने अपनी ताबड़तोड़ पारी में कई बड़े रिकॉर्ड्स अपने नाम किए।     वैभव ने मात्र 26 गेंदों पर 7 छक्कों और 8 चौकों की मदद से 78 रनों की पारी खेली।     अपनी टीम को 6 विकेट से जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।     वैभव को उनकी विस्फोटक पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।     वैभव अब ऑरेंज कैप होल्डर भी हैं। उन्होंने सीजन में अब तक खेले 4 मैचों में 200 रन बनाए हैं।  

शनि के नक्षत्र परिवर्तन से बढ़ेगी चुनौतियां, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान

अप्रैल 2026 में शनि एक अहम ज्योतिषीय बदलाव करने जा रहे हैं, जिसे नक्षत्र पद परिवर्तन कहा जाता है.17 अप्रैल को शाम करीब 4 बजे शनि उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे. शनि पूरे 1 महीने इसी नक्षत्र में रेहेंगे. ज्योतिष में शनि को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है, जो धीरे-धीरे चलते हुए लंबे समय तक असर डालते हैं. ऐसे में उनका यह बदलाव कई राशियों के जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकता है, खासकर करियर, सेहत और रिश्तों पर. जानते हैं वो राशियां कौन सी हैं. मेष राशि मेष राशि के लोगों को इस समय संयम से काम लेने की जरूरत होगी. छोटी-छोटी बातों पर विवाद बढ़ सकते हैं, जिससे रिश्तों में खटास आ सकती है. जल्दबाजी में कोई भी फैसला लेना नुकसानदायक हो सकता है, खासकर कानूनी या व्यापार से जुड़े मामलों में. स्वास्थ्य को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह है. कन्या राशि कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय मेहनत और धैर्य की परीक्षा लेने वाला रहेगा. कार्यक्षेत्र में उम्मीद के मुताबिक सहयोग नहीं मिलेगा, जिससे निराशा हो सकती है. सीनियर और जूनियर दोनों के साथ तालमेल बिगड़ सकता है. आर्थिक मामलों में भी सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत होगी. मीन राशि मीन राशि वालों के लिए यह समय भावनात्मक रूप से थोड़ा भारी रह सकता है. बेवजह की चिंताएं और मानसिक दबाव बढ़ सकते हैं.रिश्तों में जल्दबाजी या गलतफहमी नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए संयम जरूरी है. सेहत के मामले में लापरवाही न करें. क्यों खास है यह गोचर शनि का नक्षत्र पद परिवर्तन साधारण घटना नहीं माना जाता, क्योंकि इसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है. यह बदलाव व्यक्ति के कर्मों के अनुसार फल देता है. इस दौरान धैर्य, संयम और सोच-समझकर फैसले लेना बेहद जरूरी है. बिना सोचे समझे कदम उठाने से नुकसान बढ़ सकता है, जबकि शांत रहकर काम करने से स्थितियां धीरे-धीरे बेहतर हो सकती हैं.

खेतों पर संकट के बादल: मौसम विभाग की चेतावनी, गेहूं की फसल को बड़ा नुकसान संभव

चंडीगढ़. पंजाब समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में इन दिनों मौसम ने अचानक करवट ली है। एक तरफ गेहूं की फसल पूरी तरह पक कर कटाई के लिए तैयार है, तो दूसरी तरफ भारी वर्षा और आंधी-तूफान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी सुनहरी फसल अब भीगने लगी है, जिससे बड़े नुकसान की आशंका बन गई है। खेतीबाड़ी माहिर डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि इस समय बारिश किसानों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि गेहूं का दाना अब पूरी तरह पक चुका होता है और कटाई का समय भी आ गया है। ऐसे में बारिश से दाने की क्वालिटी और पैदावार दोनों पर असर पड़ता है। गेहूं की फसल को नुकसान खेतों में पानी भरने और अंकुरण की समस्या वर्षा के कारण खेतों में पानी भरने की समस्या भी सामने आती है। जहां पानी निकलने की सही सुविधा नहीं होती, वहां फसल लंबे समय तक भीगी रहती है। इससे गेहूं के दानों में अंकुरण हो सकता है, जिससे बाजार में कीमत काफी कम हो जाती है। डॉ. राकेश ने कहा कि लगातार नमी की वजह से अनाज का रंग फीका पड़ जाता है आर वजन भी कम हो जाता है। इससे किसानों को प्रति क्विंटल कम दाम मिलते हैं, जिसका सीधा असर उनकी इनकम पर पड़ता है। उन्होंने सलाह दी कि मौसम साफ होने पर तुरंत कटाई शुरू कर देनी चाहिए। किसान मदन लाल व धर्म चन्द ने कहा कि उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह तैयार है, लेकिन लगातार बारिश की वजह से फसल गिरने का खतरा बन गया है। बारिश की वजह से खेतों में बढ़ी नमी उनके मुताबिक, अगर फसल गिर गई तो कटाई मुश्किल होगी और अनाज भी खराब हो जाएगा, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसी तरह, किसान संगठन ने भी कहा कि बारिश की वजह से खेतों में नमी बढ़ रही है, जिससे बीज अंकुरित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर बीज अंकुरित हुए तो उन्हें बाजार में सही दाम नहीं मिलेगा और सारी मेहनत बेकार हो सकती है।

रनिंग करते समय लोग कर रहे ये बड़ी गलती, डॉक्टर ने दी सलाह

रनिग ऐसी कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज है जिससे हार्ट के साथ-साथ शरीर के कई मसल्स ट्रेन होते हैं. आजकल काफी सारे ऐसे लोग हैं जिन्हें जिम जाने का समय नहीं मिल पाता तो वे लोग जिम की जगह रनिंग को अपनी डेली एक्टिविटी में शामिल किए हुए हैं. वहीं आजकल फिटनेस का क्रेज भी हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा है तो सुबह-सुबह पार्कों और सड़कों पर दौड़ते लोग आम बात हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह मेहनत आपको फायदे के बजाय नुकसान पहुंचा सकती है? हैदराबाद के एक न्यूरोलॉजिस्ट ने X पर बताया है कि ज्यादातर रनर्स गलत तरीके से ट्रेनिंग कर रहे हैं जिसका नेगेटिव असर भी हो सकता है. तो आइए रनिंग के दौरान लोग कौन सी गलती कर रहे हैं और सही तरीका क्या है, इस बारे में जान लेते हैं. क्या गलती कर रहे हैं लोग? हैदराबाद के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुधीर कुमार ने बताया, हम अक्सर रनिंग के दौरान अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं लेकिन असली फिटनेस तेज दौड़ने में नहीं, बल्कि धीमे दौड़ने में छिपी है. यदि आपकी हर दौड़ आपको थकाकर चूर कर रही है तो आप ट्रेनिंग नहीं बल्कि खुद को थका रहे हैं.' 'फिटनेस की दुनिया में बोला जाता है कि तेज रनिंग करना चाहिए लेकिन फिजियोलॉजिकल यानी फिजिकल साइंस के लिहाज से तेज रनिंग करना सही नहीं है. हाई हार्ट रेट और हर बार रिकॉर्ड तोड़ने की होड़ शरीर पर एक्स्ट्रा दबाव डालती है. असल में परफॉर्मेंस में सुधार तब आता है जब आप अपने शरीर को समझने लगते हैं, न कि उसे हर वक्त लिमिट से पुश करने की कोशिश करते हैं. क्या है 'जोन 2-3' रनिंग का फंडा? डॉ. सुधीर ने समझाया, 'धीमी गति से रनिंग या जो 2-3 रनिंग हमारे माइटोकॉन्ड्रियल एफिशिएंसी को बढ़ाती है. यह हमारे शरीर का असली एंड्योरेंस इंजन है. दरअसल, जब आप धीमी गति से दौड़ते हैं तो आपकी रेस्टिंग हार्ट रेट कम होती है और एरोबिक बेस मजबूत होता है. इससे चोट लगने का खतरा कम हो जाता है और आप ज्यादा लंबे समय तक कंसिस्टेंसी के साथ दौड़ पाते हैं. इसके विपरीत लगातार तेज दौड़ने से थकान बढ़ती है और एक समय के बाद प्रोग्रेस रुक जाती है.' एथलीट्स का सीक्रेट फॉर्मूला यह सिर्फ एक थ्योरी नहीं है, बल्कि दुनिया के टॉप एथलीट्स इसी तरीके से ट्रेनिंग करते हैं. वे अपनी कुल ट्रेनिंग का 70 से 80 फीसदी हिस्सा आसान दौड़ को देते हैं. वे अपनी पूरी ताकत सिर्फ खास मौकों या रेस के लिए बचाकर रखते हैं. डॉ. सुधीर का कहना है कि अगर आप दौड़ते समय आसानी से बातचीत नहीं कर पा रहे हैं तो समझ लीजिए कि आपकी स्पीड जरूरत से अधिक है. हार्ट ट्रेन करें, ईगो को नहीं सोशल मीडिया पर अपनी स्पीड की फोटो-वीडियो दिखाने की होड़ अक्सर लोगों को चोटिल कर देती है. तेज दौड़ना सुनने में अच्छा लगता है लेकिन धीमी दौड़ आपको वास्तव में बेहतर बनाती है. डॉक्टर की सलाह साफ है कि अपने हार्ट को ट्रेन करें, अपने ईगो को नहीं. दौड़ना एक लंबी प्रोसेस है, इसे शॉर्टकट या दिखावे के चक्कर में खराब न करें. सही पेस वही है जिसमें आपका शरीर थके नहीं, बल्कि रिचार्ज महसूस करे.

हिसार-सिरसा हाईवे पर किसानों का धरना, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

हिसार संयुक्त किसान मोर्चा ने नेशनल हाइवे जाम कर दिया है। जाम के बाद किसान धरना देकर विरोध जता रहे हैं। फसल खरीद को लेकर किसान विरोधी फैसलों के विरोध में किसानों ने शनिवार को सुबह 11 से 3 बजे तक लांधड़ी चिकनवास टोल के पास रोड़ जाम का एलान किया है। जाम से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने 250 कर्मचारियों को तैनात किया है। हिसार- सिरसा हाइवे पर वाहनों को बरवाला रुट पर डायवर्ट किया गया है। संयुक्त किसान मोर्चा संयोजक सरदानंद की अगुवाई में जाम का एलान किया गया है। उन्होंने कहा कि फसल खरीद को लेकर की थोंपी गई शर्तों को किसी सूरत में नहीं मानेंगे। गेट पास और बायोमेट्रिक की जबरदस्ती बंद की जाए। किसान सरकार के नए खरीद नियमों के खिलाफ हैं। गेट पास , बायोमेट्रिक, ट्रैक्टर नाम प्लेट को लेकर किसानों को बहुत दिक्कतें आएंगी। मंडियों के बाहर लंबी लाइनें लग जाएंगी। जब सरकार के पास किसान का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के जरिए पूरा ब्योरा है तो अब जबरदस्ती की शर्त लगाकर क्यों परेशान किया जा रहा है। सरकार कागजी जाल में फंसा कर उसे कुचल रही है। किसान एक ट्राली के साथ बायोमीट्रिक लगाने मंडी में आए या अपनी बची हुई फसल को बचाने का काम करे। किसान अपनी जमीन किसी को बटाई पर देता है, वह किराए पर किसी तीसरे व्यक्ति का ट्रैक्टर लेकर आता है तो तीनों का मिलान कैसे होगा। किसान नेता शमशेर नंबरदार ने बताया कि संयुक्त मोर्चा के आदेश अनुसार अगला फैसला लिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने बताया कि पुलिस के करीब 200 कर्मचारी लांधड़ी व मय्यड़ टोल पर तैनात किए गए हैं। एनएच पर मय्यड़ से अग्रोहा के बीच सभी प्रमुख चौक पर पुलिस बल तैनात है। फायर ब्रिगेड , एंबलुेंस को भी अलर्ट पर रखा गया है। एक इंस्पेक्टर के साथ 71 पुलिस कर्मियों को रिजर्व में रखा गया है। किसी तरह की शिकायत मिलने पर यह रिजर्व टीम तुरंत मौके पर भेजी जाएगी। चिकनवास, अग्रोहा चौक पर भी पुलिस बल तैनात रहेगा। शहर में पुलिस के नाके लगाए गए हैं। 75 हजार रुपये प्रति एकड़ ठेके पर ली थी जमीन वहीं, शुक्रवार को सिरसा के गांव मीरपुर में 26 एकड़ गेहूं की फसल आग लगने से पूरी तरह नष्ट हो गई। प्रभावित किसान वीरेंद्र कुमार, ललित मोहन और अमित चंद का आरोप है कि शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे रेलवे ट्रैक से गुजर रही ट्रेन से किसी व्यक्ति द्वारा बीड़ी या जलती वस्तु फेंकने के कारण आग लगी। तेज हवा के चलते आग तेजी से खेतों में फैल गई और देखते ही देखते पकी फसल को चपेट में ले लिया। सूचना के बाद दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और किसानों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक 26 एकड़ फसल जलकर राख हो चुकी थी। महिलाओं ने बताया कि यह जमीन उन्होंने 75 हजार रुपये प्रति एकड़ ठेके पर ली थी। चार एकड़ फसल ही बच पाई है। उन्होंने सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है।  

सूखे से राहत की बड़ी पहल: सिकासार जल से जुड़ेगा महासमुंद, 3400 करोड़ की परियोजना मंजूर

गारियाबंद. सिकासार जलाशय के अतिरिक्त जल से आने वाले दिनों में महासमुंद जिले का सूखा दूर होगा। सीकासार-कोडार जलाशय नहर लिंक परियोजना के लिए 3400 करोड़ की मंजूरी मिली है। डेम से डेम को जोड़ने वाली इस पहली परियोजना से अतिरिक्त 25 हजार हेक्टेयर रकबे को सिंचाई सुविधा मिलेगी। भाजपा सरकार ने सीकासार कोडार जलाशय नहर लिंक परियोजना के लिए 3400 करोड़ की मंजूरी दे दिया है। परियोजना को वर्ष 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मंजूरी के बाद सिंचाई विभाग ने टेंडर की प्रकिया शुरू कर दी है। कई मायने में यह परियोजना भाजपा सरकार की सबसे अलग-थलग और अहम योजना मानी जा रही है। विभाग के ईई एसके बर्मन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में टेंडर कॉल की तैयारी की जा रही है।कार्य किसी अनुभवी और पारंगत ठेका कम्पनी को ही दी जाए इसकी तैयारी विभाग कर रही है। 79,650 परिवार होंगे लाभान्वित सिकासार जलाशय के प्रमुख नहरों से अब तक गरियाबंद और मगररोड क्षेत्र के 101 गांव में रवि और खरीफ़ मिलकर 58 हजार हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा दी जाती थी। लेकिन नई परियोजना से अतिरिक्त 178 गांव में सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक क्षेत्र के लिए पानी की सप्लाई होगी। 41780 एसटी और 6145 एससी परिवार समेत कुल 79650 परिवार इससे लाभान्वित होंगे। परियोजना में बागबाहरा और झलप क्षेत्र के कई असिंचित रकबा तक न केवल सिंचाई सुविधा मिलेगी, बल्कि वाटर लेबल रिचार्ज कर पेयजल संकट को भी दूर किया जाना योजना का मकसद होगा। भूमिगत स्टील पाइप से जुड़ेंगे जलाशय यह पहली परियोजना है, जिसमें इंजीनियरिंग के नए तकनीकी मापदंडों का भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा। 88 किमी लंबे भूमिगत स्टील पाइप से सीकासार बैराज का अनुपयुक्त जल सीधे कोडार पहुंचेगा, सोखने और वाष्पीकरण का प्रभाव से 25 फीसदी तक नष्ट होने वाला जल सुरक्षित हो जाएगा।विभाग का दावा है कि इस पद्धति से 30 से 35 मिलियन घन मीटर पानी की बचत होगी जिससे अतिरिक्त सिंचाई या जल संचय किया जाएगा। यही वजह है कोडार के अलावा प्रोजेक्ट में केशवा जलाशय के सूखे को दूर किया जाएगा। स्काडा तकनीकी से गांवों में पहुंचेगा पानी डेम टू डेम जोड़ने की पहली परियोजना में सेंसर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है।जिन गांव से पाइप लाइन गुजरेगी वहां प्रत्येक गांव के लिए एक आउट लेट भी होगा।जरूरत के मुताबिक इस आउटलेट में पानी ओटोमेटिक होगा।इसे इंजीनियरों ने स्काडा तकनीकी से कंट्रोल करेंगे।कमांड रूम में सेंसर टेक्नोलॉजी इसकी मॉनिटरिंग करेगा। नवाचार की जिद से मिली सफलता संभाग में कार्यपालन अभियंता एसके बर्मन महासमुंद में सेवा देने के बाद गरियाबंद में 4 साल से सेवा से रहे हैं। इन्होंने बांध को बांध से जोड़ने पर विचार किया, और 2022 में इसे बड़े अफसरों के सामने प्रस्तुत किया. सिंचाई विभाग के सचिव राजेश टोप्पो को भी योजना रास आ गई। तकनीकी में नवाचार था, ऐसे में इसकी सर्वे की मंजूरी 2023 में मिल गई। बर्मन ने बताया कि वर्तमान में 58 हजार हेक्टेयर को पर्याय सिंचाई सुविधा देने के अलावा सिकासार का प्रवाह व्यर्थ जा रहा था। द्वितीय चरण की भी शुरू हो गई है तैयारी नदी को नदी से, नहर को नहर से जोड़ने की परियोजना चल रहे थे, इसी कॉन्सेप्ट पर हमने बांध को बांध से जोड़ने की योजना का प्रारूप सरकार के समक्ष रखी, ड्रोन और आधुनिक लिडार सर्वे के अलावा, जिसकी कई चरणों के परीक्षण और दूरदर्शिता को देखते हुए सरकार ने मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि द्वितीय चरण में सिकासार को अमानाला और सोन नदी से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल की रिहाई, काफिले के साथ निकला जेल से

हिसार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल 11 साल 4 माह 24 दिन बाद शुक्रवार को मुस्कराते हुए जेल से बाहर निकला। परिवार के लोग उसे लेने गाड़ियों के काफिले के साथ हिसार सेंट्रल जेल 2 पहुंचे। बदन पर सफेद कुर्ता-पायजामा, पैरों में ब्रांडेड शूज और चेहरे पर हल्की मुस्कान लिए सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल ने देशद्रोह मामले में शुक्रवार को 11 साल 5 महीने बाद जेल से बाहर कदम रखा। एहतियात के तौर पर पुलिस ने जेल के आसपास कड़े सुरक्षा प्रबंध किए। इस वजह से ज्यादा लोग नहीं जुटे। कुछ लोग आए थे जो रोड के दोनों और व्यवस्थित तरीके से खड़े रहे और दूर से ही रामपाल को प्रणाम किया। जेल से बाहर आने के तीन मिनट में रामपाल लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ सोनीपत के लिए रवाना हो गया। शाम पांच बजकर 5 मिनट पर जैसे ही रामपाल जेल से बाहर आया गेट पर तैनात संतरी ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया। इससे पहले सुबह करीब 10 बजे केस नंबर 428 में रामपाल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी हुई। छह पुलिसकर्मियों और एक तहसीलदार की गवाही दर्ज की गई। अदालत ने सुनवाई अगली तारीख 16 मई तय की है। दोपहर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनदीप मित्तल की अदालत में जमानती बॉन्ड भरवाने की प्रक्रिया शुरू हुई। रामपाल की ओर से मिर्जापुर निवासी धर्मपाल और सतबीर बतौर जमानती अदालत में पेश हुए। वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र सिंह नैन और सचिन दास की मौजूदगी में शाम करीब 4:30 बजे तक बेल बॉन्ड संंबधी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद हाईकोर्ट से मिली जमानत आदेश की कॉपी जेल प्रशासन को सौंपी। रिहाई से पहले जेल परिसर में ही रामपाल के साथ बंद अनुयायी बबीता और मनोज के भी बेल बॉन्ड जमा करवाए गए। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल 11 साल 4 माह 24 दिन बाद शुक्रवार को मुस्कराते हुए जेल से बाहर निकला। परिवार के लोग उसे लेने गाड़ियों के काफिले के साथ हिसार सेंट्रल जेल 2 पहुंचे। शाम 5 बजकर 5 मिनट पर जेल से बाहर आते ही रामपाल सफेद रंग की फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार होकर सोनीपत स्थित पैतृक गांव धनाना रवाना हो गया। देशद्रोह के मामले में जेल में बंद रामपाल को हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल को सशर्त जमानत दी थी। रामपाल को लेने के लिए दोपहर बाद 3.10 बजे परिजन वकीलों के साथ सेंट्रल जेल 2 पहुंचे। वकील सचिन दास व एमएस नैन ने देशद्रोह और हत्या के मामले में एक-एक लाख रुपये के बेल बॉन्ड की प्रति और जमानत के आदेश की कॉपी जेल प्रशासन को सौंपी। करीब पौने दो घंटे तक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रामपाल जेल से बाहर आया और मुख्य गेट के पास ही खड़ी गाड़ी में सवार हो गया। इसके बाद गाड़ियों का काफिला सोनीपत के लिए रवाना हो गया। काफिले में डिफेंडर, फॉर्च्यूनर गाड़ियां शामिल रहीं। हरियाणा पुलिस की एक गाड़ी काफिले को एस्कॉर्ट कर रही थी। हमें न्याय मिला, अनुयायियों के लिए दिवाली जैसी खुशी जेल परिसर के बाहर रामपाल के भतीजे युद्धवीर ने बताया कि हमें बहुत लंबे समय बाद न्याय मिला है। धनाना से एक किलोमीटर पहले रामपाल का भव्य स्वागत किया जाएगा। उनका जेल से बाहर आना लाखों अनुयायियों के लिए दिवाली जैसी खुशी है।  

जामनगर एयरपोर्ट पर सितारों की खास मुलाकात वायरल

10 अप्रैल को अनंत अंबानी ने धूमधाम से अपना जन्मदिन सेलिब्रेट किया. अनंत अंबानी के जन्मदिन के लिए बॉलीवुड सेलेब्स जामनगर पहुंचे थे. 11 अप्रैल की सुबह सेलेब्स जामनगर से मुंबई के लिए रवाना हुए. जामनगर एयरपोर्ट से सोशल मीडिया पर कई वीडियोज सामने आ रहे हैं. वीडियो में रणवीर सिंह और सलमान खान व्हीलचेयर क्रिकेटर भीमा खुंटी से मिलते नजर आ रहे हैं. क्रिकेटर से मिले सलमान-रणवीर व्हीलचेयर क्रिकेटर भीमा खुंटी ने इंस्टाग्राम पर रणवीर सिंह और सलमान खान संग मुलाकात का वीडियो शेयर किया है. वो जामनगर एयरपोर्ट पर उनसे मिले, और दोनों स्टार्स ने खुशी-खुशी ऑटोग्राफ दिए. रणवीर के साथ वीडियो शेयर करते हुए भीमा ने धुरंधर स्टार की तारीफ की और लिखा, धुरंधर रणवीर सिंह के साथ. कभी-कभी जिंदगी ऐसे पल देती है जो कभी भूलते नहीं. आज ऐसा ही दिन था. रणवीर सिंह से मिलने का मौका मिला. जिंदगी में बहुत लोगों से मिला हूं, लेकिन आज जो सादगी, विनम्रता और सम्मान मिला. वो सच में खास था. सुपरस्टार बनना तो एक बात है, लेकिन सच्चा इंसान बनना ही असली स्टार बनाता है.ये पल हमेशा याद रहेगा. रणवीर सिंह के अलावा वो सलमान खान से भी मिले. उन्होंने दबंग खान की तारीफ में लिखा कि सलमान खान के साथ. सपने लिमिट्स नहीं देखते वो हिम्मत देखते हैं. क्रिकेट फील्ड से सलमान खान से मिलना तक भीमा खुंटी के लिए गर्व का पल रहा.    

यूपी में मौसम बदला, गर्मी के साथ धूल भरी हवाओं का दौर

लखनऊ यूपी में आंधी, बारिश, ओलों का दौर खत्म हुआ। अब धूल भरी सतही हवाओं का जोर है। यह हवाएं आंखों की किरकिरी बन रही हैं। सावधानी नहीं बरती गई तो आंखों की पुतलियों को नुकसान हो सकता है। शहरों में फिलहाल चल रहीं सतही हवाओं की तासीर दरअसल ठंडी है। इसलिए यह तापमान को अधिक बढ़ने से रोक रही है। लेकिन निर्माण कार्यों के चलते शहरों में खुदी सड़कें, निर्माण से उड़ रही धूल, वाहनों के जाम से बढ़ा उत्सर्जन हवा में अति सूक्ष्म धूल और रसायनों के कणों को बढ़ा रहा है। यही हवाएं आंखों में चुभ रही हैं। विशेषकर खुले में पैदल निकलने वाले और दोपहिया वाहन चलाने वालों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। हाल यह कि वाहन चालकों की आंखों में कीचड़ बन रहा है। 33.2 डिग्री रहा दिन का तापमान शुक्रवार को अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री कम होकर 17.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 62 दर्ज किया गया। रात का तापमान कम होने के कारण अभी शाम और रात को मौसम नम है। आने वाले दिनों में ऐसा नहीं रहेगा। 12 तक चलेगा हवाओं का सितम मौसम विभाग के मुताबिक 12 अप्रैल तक सतही हवाओं का दौर रहेगा। इसके बाद आसमान साफ होगा और तेज गर्मी की शुरूआत होगी। 16 अप्रैल तक दिन का तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। जबकि रात का पारा 20 से लेकर 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। बरतें सावधानी आखों को पूरी तरह से ढंकने वाला चश्मा लगाना चाहिए खुले में निकलने, दोपहिया चलाने पर लगाना बहुत जरूरी  दोपहिया चालक हेलमेट के ग्लास को बंद करके ड्राइव करें  आखों में कुछ भी गिरने, जलन होने पर मलना नहीं चाहिए  तत्काल साफ या चलते पानी से आखों को धोना चाहिए  लाल होने, खुजली पर डाक्टर से पूछकर ही आईड्राप डालें पांच दिनों में पांच डिग्री तक बढ़ेगा पारा लगातार चार दिनों से दिन में धूप और फिर शाम को हो रही बारिश के बाद शुक्रवार को मौसम पूरी तरह बदल गया। दिन में तेज धूप रही। अन्य दिनों की तरह बादल नहीं होने के कारण धूप का असर भी ज्यादा रहा। जानकारी के अनुसार, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 5 दिनों में अधिकतम तापमान में 5-6 डिग्री की वृद्धि हो सकती है। यानी एक बार फिर 40 के आसपास पहुंच जाएगा। फिलहाल अगले 5 दिनों में किसी तरह के बारिश होने की उम्मीद नहीं है।

रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ बनी ब्लॉकबस्टर, सारा अर्जुन ने उज्जैन में किए बाबा महाकाल के दर्शन

आदित्य धर की फिल्म 'धुरंधर 2: द रिवेंज' इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर कामयाबी के नए झंडे गाड़ रही है. रणवीर सिंह स्टारर इस फिल्म की जबरदस्त सफलता ने युवा एक्ट्रेस सारा अर्जुन को रातों-रात फिल्म इंडस्ट्री का नया चमकता सितारा बना दिया है. इस बड़ी कामयाबी के बाद सारा अर्जुन बाबा महाकाल के दरबार में पहुंचीं. दरअसल शनिवार का दिन सारा अर्जुन के लिए बेहद खास रहा. वह अपनी मां का जन्मदिन मनाने के लिए विशेष रूप से उज्जैन पहुंचीं. इस मौके पर उन्होंने विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में माथा टेका और पूजा-अर्चना की. सोशल मीडिया पर एक्ट्रेस की कई तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. जिसमें वह पूरी तरह भक्ति के रंग में डूबी नजर आ रही हैं. अपनी इस मंदिर यात्रा के दौरान सारा अर्जुन ने पारंपरिक गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी, जिसमें वह बेहद हमेशा की तरह खूबसूरत लग रही थीं. उन्होंने मंदिर की प्रसिद्ध 'भस्म आरती' में भी हिस्सा लिया. न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) से बात करते हुए उन्होंने शेयर किया कि मंदिर के अंदर का माहौल इतना शांत और दिव्य था कि वह पूरी तरह अभिभूत हो गईं. सारा अर्जुन ने क्या कहा? जब सारा से उनकी प्रार्थना के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने भगवान से अच्छी सेहत, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी है. उन्होंने कहा, 'जब आप मंदिर में होते हैं, तो आप दुनिया की दूसरी चीजों के बारे में नहीं सोच पाते मैंने कुछ खास नहीं मांगा, बस परिवार की अच्छी सेहत और जीवन में सफलता की प्रार्थना की.' अगले प्रोजेक्ट पर दिया जवाब 'धुरंधर' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म देने के बाद अब सबकी नजरें सारा के अगले प्रोजेक्ट पर हैं. जब पत्रकारों ने उनसे उनके फ्यूचर प्लान और अगली फिल्म के बारे में सवाल किया, तो सारा ने मुस्कुराते हुए आसमान की तरफ इशारा कर दिया. इस पर जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने सब कुछ महाकाल के भरोसे छोड़ दिया है, तो उन्होंने सिर हिलाते हुए  'जी' कहा. धुरंधर की धुआंधार कलेक्शन जारी 'धुरंधर: द रिवेंज' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी मज़बूत पकड़ बनाए रखी है और चौथे हफ्ते में भी इसकी सफलता का सिलसिला जारी है. ट्रेड वेबसाइट Sacnilk के अनुसार, रणवीर-सारा की इस फिल्म ने दुनिया भर में कुल 1,671.26 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन किया है. इसमें से 1,263.26 करोड़ रुपये भारतीय बाजार से आए हैं, जबकि विदेशों से इसकी कमाई 408 करोड़ रुपये रही है. अब यह फिल्म, वीकेंड के अंत तक दुनिया भर में 1,700 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है. यह दुनिया भर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म के तौर पर 'पुष्पा 2: द रूल' (1,742 करोड़ रुपये) को पीछे छोड़ने के करीब पहुंच रही है. कौन हैं सारा अर्जुन? बता दें कि सारा अर्जुन मशहूर साउथ एक्टर राज अर्जुन की बेटी हैं. सारा ने अपने करियर की शुरुआत महज एक टॉडलर (नन्हीं बच्ची) के तौर पर की थी और 6 साल की उम्र से पहले ही वह 100 से ज्यादा विज्ञापनों में नजर आ चुकी थीं. उन्हें घर-घर में पहचान 'क्लिनिक प्लस' के विज्ञापन से मिली थी. इसके बाद उन्होंने तमिल फिल्म 'देइवा थिरुमगल' और मणिरत्नम की 'पोन्नियिन सेलवन' में ऐश्वर्या राय के बचपन का किरदार निभाकर अपनी एक्टिंग का लोहा मनवाया. अब मात्र 20 साल की उम्र में रणवीर सिंह के साथ 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी की दोनों फिल्मों (2025 और 2026) में काम करके उन्होंने बॉलीवुड में अपनी एक अलग जगह बना ली है.