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एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप: अमन सहरावत और मुकुल दहिया को फाइनल में हार, भारत को दो रजत

बिश्केक भारतीय पहलवान अमन सहरावत और मुकुल दहिया एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में अपना-अपना फाइनल मुकाबला हार गए और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। ओलंपिक पदक विजेता अमन सहरावत को एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जबकि मुकुल दहिया भी रविवार को अपना फाइनल हार गए जिससे भारत ने 17 पदक (दो स्वर्ण सहित) से अपने अभियान का समापन किया। भारत ने कुल दो स्वर्ण, छह रजत और नौ कांस्य पदक जीते। दोनों ही मुक्केबाज फाइनल में हारे गैर ओलंपिक पुरुषों के फ्रीस्टाइल 61 किग्रा वर्ग में मुकाबला करते हुए अमन को फाइनल में कोरिया के क्वांग म्योंग किम के हाथों 10-13 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद पुरुषों के 86 किग्रा फ्रीस्टाइल फाइनल में मुकुल को ईरान के कामरान जी घासेमपोर के हाथों 0-7 से हार मिली जिससे उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। फिर दिनेश ने 125 किग्रा वर्ग में किर्गिस्तान के अर्स्लानबेक तुरदुबेकोव पर तकनीकी श्रेष्ठता (12-1) से जीत दर्ज करते हुए अपना कांस्य प्लेऑफ मुकाबला जीत लिया। टीम रैंकिंग में ईरान 178 अंकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि भारत 162 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा और जापान 127 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।  

इंस्टाग्राम ने लॉन्च किया नया फीचर, 15 मिनट तक एडिट कर सकेंगे कमेंट

इंस्टाग्राम ने आखिरकार उस फीचर को लॉन्च कर दिया है, जिसका इंतजार लंबे समय हो रहा था. इस न्यू फीचर की मदद से यूजर्स और क्रिएटर्स अपने ही कमेंट को पोस्ट करने के बाद एडिट कर सकेंगे. आमतौर पर पोस्ट पर गलती से कोई गलत कमेंट हो जाता है. इंस्टाग्राम के नए फीचर की मदद से उस गलती को सुधारा जा सकेगा. इसमें यूजर्स टाइपो या फिर अपनी कोई गलती को सुधार सकेंगे. इंस्टाग्राम की तरफ से जारी किया गया फीचर सिर्फ 15 मिनट के लिए काम करेगा. यानी अगर यूजर्स कमेंट करने के 15 मिनट के अंदर कमेंट को एडिट कर पाएंगे.   इंस्टाग्राम एडिट टैग को इसलिए यूज करेगी ताकि उनके प्लेटफॉर्म पर ट्रांस्पेरेंसी बनी रहे. अगर कोई भी यूजर्स अपने कमेंट को एडिट करता है तो बाकी लोगों को ये दिखना चाहिए कि वह कमेंट एडिट किया गया है.   कमेंट अपडेट के लिए मानने पड़ेंगे ये नियम       कमेंट एडिट के लिए 15 मिनट की टाइम लिमिट मिलेगी.       कमेंट को अनलिमिटेड एडिट्स कर पाएंगे.     ए़डिट की सुविधा सिर्फ टेक्स्ट पर लागू है.     कमेंट में फोटो आदि है तो उसे एडिट नहीं कर पाएंगे.     एडिट किए गए कमेंट पर एडिट्स का टैग दिखेगा. कैसे एडिट कर पाएंगे पोस्ट किया कमेंट ? इंस्टाग्राम पोस्ट पर किए जा चुके कमेंट को एडिट करना आसान होगा. इसके लिए यूजर्स को कमेंट पर कुछ देर टैप करके रखना होगा. इसके बाद स्क्रीन पर नया ऑप्शन आएगा, जिसमें एडिट का ऑप्शन भी होगा. उस पर क्लिक करना होगा. इसके गलती गलत कमेंट को एडिट कर सकेंगे. कमेंट एक बार एडिट होने के बाद उस पर एडिटेड टैग नजर आने लगेगा. एक बार एडिट होने के बाद कोई भी यूजर्स ओरिजनल कमेंट को नहीं देख सकेगा, जिसकी जानकारी खुद कंपनी ने शेयर की है.

आयुष शेट्टी का शानदार सफर, एशियन चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर रचा इतिहास

निंगबो (चीन)  बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप के मेंस सिंगल्स फाइनल में भारतीय शटलर आयुष शेट्टी को चीन के दूसरी वरीयता प्राप्त शी यू की से हार का सामना करना पड़ा। रविवार को सीधे गेम में शिकस्त के साथ आयुष का सफर उपविजेता के तौर पर समाप्त हुआ। निंगबो ओलंपिक सेंटर में खेले गए फाइनल में विश्व रैंकिंग में 25वें स्थान पर काबिज 20 वर्षीय भारतीय शटलर को मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन यू की के हाथों 8-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, सिल्वर मेडल के साथ आयुष साल 2018 में एचएस प्रणॉय के बाद इस महाद्वीपीय चैंपियनशिप में पोडियम पर जगह बनाने वाले पहले भारतीय मेंस सिंगल्स खिलाड़ी बन गए हैं। आयुष शेट्टी सेमीफाइनल में कुनलावुत विटिडसर्न को हराया था सेमीफाइनल में थाईलैंड के मौजूदा चैंपियन कुनलावुत विटिडसर्न पर मिली जीत के साथ ही, आयुष बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय मेंस सिंगल्स खिलाड़ी (कुल मिलाकर तीसरे खिलाड़ी) बन गए थे। अगर आयुष फाइनल जीतते, तो दिनेश खन्ना की बराबरी कर लेते, जो 1965 में मेंस सिंगल्स चैंपियन बने थे।कर्नाटक के कारकला के पास स्थित एक छोटे से शहर सानूर के रहने वाले यूएस ओपन 2025 के चैंपियन आयुष का यह सफर किसी फिल्मी कहानी के जैसा रहा है, जिन्होंने फाइनल तक पहुंचने के रास्ते में टूर्नामेंट में कई बड़े उलटफेर किए। कुछ ऐसा रहा इस टूर्नामेंट में आयुष का सफर आयुष शेट्टी का दिग्गज खिलाड़ियों को हराने का सिलसिला पहले दौर से ही शुरू हो गया था, जहां उन्होंने ली शी फेंग को चौंकाते हुए मात दी, जो दुनिया के नंबर 7 खिलाड़ी और मौजूदा एशियन गेम्स चैंपियन थे। इसके बाद उन्होंने ची यू जेन पर जीत दर्ज करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। वहां उन्होंने एक और शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड नंबर-4 जोनाथन क्रिस्टी को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-1 कुनलावुत विटिडसर्न को खिताबी रेस से बाहर कर दिया। विमेंस सिंगल्स फाइनल में एन से-यंग ने वांग झीयी को 21-12, 17-12, 21-18 से हराकर एकमात्र बड़ा खिताब भी अपने नाम कर लिया, जो अब तक उनके पास नहीं था। 24 वर्षीय एन से यंग बैडमिंटन इतिहास की पहली विमेंस सिंगल खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने खेल के सभी बड़े खिताबों का करियर स्वीप पूरा किया, उन्होंने ओलंपिक गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप, वर्ल्ड टूर फाइनल्स, ऑल इंग्लैंड ओपन, एशियन गेम्स और एशियन चैंपियनशिप में खिताब अपने नाम किया है। लेखक के बारे मेंराहिल सैयदराहिल सैयद नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वह स्पोर्ट्स सेक्शन के साथ जुड़े हुए हैं। राहिल क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, हॉकी, रेसलिंग, बैडमिंटन आदि सभी प्रकार के खेलों को कवर करते हैं। खेल से जुड़ी किसी भी प्रकार की खबर को दर्शकों तक सबसे पहले पहुंचाना इनकी प्रायोरिटी होती है। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से राहिल फरवरी 2023 में जुड़े थे। संस्थान में अपनी जर्नी के दौरान इन्होंने आईपीएल, 2023 का वनडे वर्ल्ड कप, 2024 का टी20 वर्ल्ड कप और 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी भी कवर की है। इसके अलावा इन्होंने 2024 का यूरो कप, कोपा अमेरिका 2024 और फुटबॉल के अन्य बड़े टूर्नामेंट भी कवर किए हैं। टेनिस में ऑस्ट्रेलिया ओपन, विंबलडन जबकि ओलंपिक 2024 जैसे बड़े इवेंट्स भी कवर कर चुके हैं। पत्रकारिता का अनुभव- 2021 में राहिल ने डिजिटल पत्रकारिता का अपना सफर तेज तरार न्यूज चैनल से शुरू किया था। जहां उन्होंने सभी प्रकार की बीट पर काम किया था, जिसमें क्राइम, मनोरंजन, खेल आदि सभी बीट शामिल थीं। उसके बाद उन्होंने 2022 की शुरुआत में स्पोर्ट्जविकी जॉइन किया था। स्पोर्ट्जविकी में राहिल मुख्य रूप से क्रिकेट पर खबरें बनाते थे। इनको डिजिटल मीडिया में साढ़े चार साल हो गए हैं। राहिल सैयद ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी हॉनर्स किया है। उसके बाद उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से टीवी जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया था

छत्तीसगढ़ के कांकेर में एनकाउंटर, सुरक्षाबलों ने मार गिराया बड़े कैडर का आखिरी ACM

कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है. जवानों ने इस मुठभेड़ में बड़े कैडर की एक महिला नक्सली को मार गिराया है. मारी गई महिला माओवादी की पहचान ACM रैंक कमांडर रंगाबोइना भाग्या उर्फ रूपी के रूप में हुई है, जो बस्तर इलाके में बड़े कैडर की आखिरी नक्सली मानी जा रही है. रूपी पर 4 लाख रुपए का ईनाम घोषित है. एसपी निखिल राखेचा ने इसकी पुष्टि की है. जानकारी के मुताबिक, सर्चिंग पर निकलने जवानों पर माचपल्ली के जंगलों में अचानक फायरिंग हुई. जवाबी कार्रवाई में एसीएम रैंक की महिला नक्सली रूपी को ढेर कर दिया गया. रूपी डीकेएसजेडसी सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी. विजय रेड्डी मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 2025 में हुई एक मुठभेड़ में मारा गया था. रूपी बस्तर क्षेत्र के माड़ डिवीजन में में सक्रिय अंतिम तेलुगू माओवादी कैडर थी. साल 2004 यानी 24 साल पहले  माओवादी संगठन के साथ जुड़ी थी. मुठभेड़ स्थल की सर्चिंग के दौरान मृत महिला माओवादी के शव के साथ एक पिस्टल हथियार, गोला-बारूद और अन्य सामग्री बरामद की गई है. इलाके में सुरक्षाबलों ने सर्चिंग जारी है. कांकेर पुलिस अधीक्षक जिला निखिल राखेचा ने बताया कि जिला कांकेर के छोटेबेठिया–परतापुर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में स्थित माचपल्ली–आरामझोरा–हिडूर क्षेत्र के जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की आसूचना के आधार पर पुलिस बल द्वारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था. सर्च अभियान के दौरान पुलिस बल और माओवादियों के बीच माचपल्ली इलाके में मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ के पश्चात सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा एक महिला माओवादी कैडर का शव बरामद किया गया. मुख्यधारा में लौटे नक्सली, बस्तर रेंज IG की अपील बस्तर रेंज आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने कहा कि माओवादी कैडरों के सामने आत्मसमर्पण और पुनर्वास का अवसर देते हुए शासन की ओर से लगातार अपील की जाती रही है, जिसके प्रभाव से विगत महीनों में काफी बड़ी संख्या में माओवादी कैडरों ने पुनर्वास का मार्ग अपनाया है. किंतु रूपी जैसे कुछ कैडरों ने पुनर्वास के मार्ग को छोड़कर हिंसात्मक रास्ता अपनाया, जिसका परिणाम आज उनके अंत के रूप में सामने आया है. आईजीपी बस्तर ने शेष बचे कुछ माओवादी कैडरों से अपील की कि उनके पास अब बहुत सीमित समय शेष है. वे सभी हिंसा के मार्ग को त्यागें और समाज की मुख्यधारा में लौटकर एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत करें.

ईरान के लिए नया संकट: ‘वॉटर वॉर’ के तहत अमेरिका चार इलाकों से करेगा नाकेबंदी

वाशिंगटन पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान की ‘शांति वार्ता’ पटरी से उतरते ही डोनाल्ड ट्रंप का पारा चढ़ गया है. अब ट्रंप ने सीधी धमकी दे डाली है कि अमेरिका खुद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करेगा. यानी जिस होर्मुज को खुलवाने के लिए अब तक वॉशिंगटन ईरान पर दबाव बना रहा था, अब उसी लाइफलाइन को खुद जाम करने की बात कह रहा है।  ट्रंप का ये दांव सीधे ईरान की अर्थव्यवस्था पर चोट करने वाला है. दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तेहरान के लिए लाइफलाइन जैसा है. यहीं से उसका ज्यादातर तेल दुनियाभर में जाता है. अगर ये रास्ता बंद हुआ, तो ईरान की कमाई पर सीधा ताला लग सकता है।  ग्लोबल शिपिंग इंडस्ट्री को डर है कि ट्रंप के फैसले से तेल की कीमतें और बढ़ेंगी, क्योंकि अमेरिका उन सभी ईरानी जहाजों पर भी रोकना शुरू कर सकता है, जिन्हें अब तक बिना रोक-टोक आने दिया जा रहा था. इस बात को लेकर भी चिंता जताई जा रही है कि ईरान से आने वाले कुछ ऐसे जहाज, जो होर्मुज का इस्तेमाल भी नहीं कर रहे थे, उन्हें भी अमेरिका रोक सकता है।  ताजा जानकारी के मुताबिक, अगर अमेरिका ईरानी के समंदर में नाकाबंदी शुरू करता है, तो ईरान के 4 प्रमुख बंदरगाह प्रभावित होंगे: 1. खर्ग (खार्क) द्वीप 2. जास्क टर्मिनल 3. बंदर अब्बास 4. बंदर खुमैनी वैसे अमेरिका और इजरायल के सात जंग शुरू होने के बाद ईरान ने होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया था. लेकिन फिर ईरान ने धीरे-धीरे इसे खोला. कुछ तेल टैंकर्स को 20 लाख डॉलर प्रति जहाज (करीब 18 करोड़ रुपये) तक के शुल्क के बदले में गुजरने की इजाजत भी दी।  ईरान को आर्थिक चोट देने की तैयारी में ट्रंप ये भी सामने आया कि होर्मुज से UAE, ओमान का तेल निकलने में दिक्कत आ रही है. वहीं ईरान युद्ध के दौरान भी इस इलाके से अपने तेल का आवागमन जारी रखे हुए है. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान मार्च तक औसतन 18 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात करने में कामयाब रहा – जो पिछले तीन महीनों की तुलना में लगभग 1 लाख बैरल प्रति दिन ज्यादा है।  ईरान जो तेल बेच रहा है उससे मिल रहे फंड का इस्तेमाल सरकार चलाने और सैन्य अभियानों के लिए हो रहा है. अब होर्मुज स्ट्रेट को बंद करके ट्रंप इसपर डेंट करना चाहते हैं. हालांकि, इससे दुनिया भर में तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है. बता दें कि पाकिस्तान में हुई मीटिंग फेल होने के बाद कच्चा तेल फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।  तेल के दाम और ज्यादा हाई पर न जाएं इसीलिए, अमेरिकी नौसेना ने ईरानी टैंकरों को इस क्षेत्र से गुजरने पर कोई रोक-टोक नहीं लगाई थी. क्योंकि कहीं से भी मार्केट तक पहुंचने वाला कच्चा तेल, तेल की कीमतों को कम से कम कुछ हद तक कंट्रोल में रखने में मदद कर सकता है. इसी वजह से मार्च में अमेरिका ने ईरान को उसके उस तेल को बेचने के लिए एक अस्थायी लाइसेंस दिया था, जो टैंकरों में भरकर समुद्र में पहुंच गया था।  इस फैसले से बड़ी मात्रा (140 मिलियन बैरल) में कच्चा तेल उपलब्ध हो गया था. 140 मिलियन बैरल, जो US Energy Information Administration के अनुसार, पूरी दुनिया की तेल की मांग को लगभग डेढ़ दिन तक पूरा करने के लिए काफी था।  लेकिन, अगर अब ट्रंप स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करेंगे तो इससे तेल और गैस की कीमतों में और भी उछाल आने के पूरे-पूरे चांस बने रहेंगे। 

रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का समापन, गडकरी और शिवराज भी होंगे उपस्थित

भोपाल  केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्गमंत्री नितिन गडकरी आज मध्य प्रदेश के एकदिवसीय प्रवास पर आ रहे हैं। वे यहां रायसेन में आयोजित राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव 2026 प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। जनसम्पर्क अधिकारी अनुभा सिंह ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार केन्द्रीय मंत्री गडकरी दोपहर दो बजे भोपाल से प्रस्थान कर दोपहर 02.20 बजे रायसेन स्थित दशहरा मैदान पहुचेंगे तथा यहां राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना की समीक्षा करेंगे। इसके उपरांत उन्नत कृषि महोत्सव प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण में सम्मिलित होंगे। केन्द्रीय मंत्री गडकरी शाम 05.10 बजे रायसेन से भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे। भोपाल से रायसेन पहुंचेंगे गडकरी केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी दोपहर 12 बजे भोपाल से प्रस्थान कर रायसेन के दशहरा मैदान पहुंचेंगे। वे यहां सबसे पहले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे उन्नत कृषि महोत्सव प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस अवसर पर उनके साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। किसानों की समस्याओं को लेकर पहुंचेंगे जीतू पटवारी उन्नत कृषि महोत्सव में मध्य प्रदेश पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने भी आने का ऐलान किया है। वे किसानों की समस्याओं को लेकर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। गौरतलब है कि किसानों को जागरूक करने के लिए यह उन्नत कृषि महोत्सव 11 अप्रैल से रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित किया जा रहा है, जिसका आज सोमवार को अंतिम दिन है।  नहीं जा पा रहे जीतू पटवारी केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में रायसेन में तीन दिवसीय कृषि मेले का आज समापन हो रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी आज इस मेले के समापन में शामिल होंगे। इधर, एमपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी आज रायसेन के इस कृषि मेले में शामिल होकर किसानों की परेशानियां बताने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के कारण वे रायसेन नहीं जा पा रहे है। रायसेन रोड पर आनंद नगर पर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोका गया है। पुलिस के पहरे में पटवारी, नहीं मिली अनुमति पीसीसी चीफ जीतू पटवारी आज सुबह से ही रायसेन जाने की तैयारी में थे। पटवारी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि वे टकराव नहीं बल्कि संवाद चाहते थे। उन्होंने कहा, “मेरा मन कृषि मेले में जाने का है और मैंने पहले ही कहा था कि जब शिवराज जी अनुमति देंगे, तभी जाऊंगा।” पटवारी के मुताबिक, उन्होंने पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी और तय किया था कि अगर अनुमति नहीं मिली तो वे मेले के आखिरी दिन वहां पहुंचेंगे। पटवारी ने बताया कि सुबह उनके पास पुलिस अधिकारियों का फोन आया, जिसमें कहा गया कि सरकार नहीं चाहती कि वे मेले में आएं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें रोकने के लिए रास्तों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे केवल मेले में जाकर खेती की आधुनिकता को समझना चाहते थे, लेकिन सरकार विपक्ष की उपस्थिति से घबरा गई है।  

JJM घोटाले में सुबोध अग्रवाल से ACB की पूछताछ जारी, कोर्ट में रिमांड पर बहस तेज

अजमेर रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल को आज जेजेएम घोटाले के मामले में फिर से कोर्ट में पेश किया गया, जिसमें एसीबी ने उन्हें 960 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के लिए गिरफ्तार किया है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने एसीबी की 5 दिन की रिमांड की मांग पर 3 दिन का रिमांड दिया था. बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए जाने का हवाला देकर इसका विरोध किया था. इस दौरान एसीबी ने करीब 125 सवाल तैयार किए थे, जिन्हें सुबोध अग्रवाल से पूछा गया. सुधांश पंत क‍ा ल‍िया नाम कोर्ट के बाहर मीडिया के सवालों पर सुबोध अग्रवाल ने कहा, "मैंने पूछताछ में पूरा सहयोग किया है, जो भी सवाल मुझसे पूछे गए, मैंने बता दिए. फाइनेंस कमेटी के 37 प्रकरणों में से 4 मेरे हैं, बाकी 33 सुधांश पंत के समय के हैं, जिसमें 600 करोड़ का मामला है. मैंने एसीबी से बार-बार कहा कि जिसमें पैसा नहीं दिया गया उसका नाम ले रहे हो, उसकी जांच कर रहे हैं, जिसमें पैसा देकर गबन हुआ, उसकी जांच नहीं कर रहे." ACB ने 3 दिन की रिमांड मांगी आज एसीबी ने फिर से 3 दिन की रिमांड मांगी. इसका विरोध करते हुए अग्रवाल के वकील ने कहा कि उन्हें रिमांड प्रार्थना पत्र की कॉपी नहीं दी गई, जो कानूनन आरोपी के वकील को दी जानी चाहिए, ताकि बचाव किया जा सके. एसीबी के वकील ने जवाब दिया कि यह केस डायरी का हिस्सा है, इसलिए नहीं दे सकते. कोर्ट ने एसीबी को अपनी बात का समर्थन करने के लिए आदेश या कानूनी प्रावधान पेश करने के लिए 15 मिनट का समय दिया है.

मुरादाबाद और संभल के दूल्हों में टकराव, दुल्हन की पसंद से सुलझा मामला

  मुरादाबाद अमरोहा कोतवाली क्षेत्र के कैलसा बाईपास स्थित एक बैंक्वेट हॉल में रविवार को एक दुल्हन की दो बारातें पहुंचने से अफरा-तफरी मच गई. मुरादाबाद निवासी पहले दूल्हे से मंगनी टूटने के बाद दुल्हन पक्ष ने संभल के दूसरे दूल्हे से उसी तारीख का रिश्ता तय कर लिया था. कार्ड बंटने और तैयारियां पूरी होने के कारण मुरादाबाद वाला दूल्हा भी बारात लेकर पहुंच गया, जिससे मौके पर तनाव और कहासुनी शुरू हो गई. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने तीनों पक्षों की बात सुनी और दुल्हन की रजामंदी के आधार पर संभल वाले दूल्हे के साथ निकाह की रस्म पूरी कराई. मंगनी टूटी पर दूल्हा लेकर आया बारात पूरा मामला मुरादाबाद और संभल के दो दूल्हों के बीच फंसा था. जानकारी के मुताबिक, दुल्हन की मंगनी पहले मुरादाबाद के एक रिश्तेदार से हुई थी, लेकिन बाद में दोनों परिवारों के बीच अनबन हो गई. दुल्हन पक्ष ने इस रिश्ते को खत्म कर संभल के युवक से शादी तय कर ली. चूंकि, पुरानी तारीख के कार्ड बंट चुके थे और तैयारी पूरी थी, इसलिए मुरादाबाद का दूल्हा भी अपना हक जताते हुए बारात लेकर बैंक्वेट हॉल पहुंच गया. पुलिस की मौजूदगी में हुआ निकाह एक ही समय पर दो बारातियों और दो दूल्हों को देखकर माहौल गर्मा गया. दुल्हन पक्ष ने तुरंत पुलिस को फोन कर दिया. मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की और तीनों पक्षों को शांत कराया. आखिरकार दुल्हन की पसंद और रजामंदी को प्राथमिकता दी गई. संभल से आए दूल्हे के साथ निकाह की रस्में सादगी से अदा की गईं और शाम को दुल्हन की रुखसती हुई. मुरादाबाद वाले दूल्हे को अपनी बारात लेकर बिना दुल्हन के ही वापस लौटना पड़ा. बिना कानूनी कार्रवाई के सुलझा विवाद इतना बड़ा ड्रामा होने के बावजूद मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई. तीनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया और पुलिस की मौजूदगी में विवाद निपट गया. फिलहाल, पूरे अमरोहा नगर में इस अनोखी शादी और दो दूल्हों की चर्चा जोरों पर है। लोग इसे फिल्मी सीन की तरह देख रहे हैं, जहां अंत में पुलिस ने दखल देकर मामला शांत कराया और दुल्हन अपने तय दूल्हे के साथ विदा हुई.

हरियाणा के पंचकूला में चुनावी माहौल गर्म, नई वार्डबंदी ने नेताओं की बढ़ाई चुनौती

पंचकूला. पंचकूला नगर निगम चुनाव को लेकर सियासी पारा अब चरम पर पहुंच चुका है। शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सोमवार को जैसे ही चुनाव की तारीखों का ऐलान होगा, राजनीतिक दल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर जाएंगे। इस बार मुकाबला सीधा और बेहद दिलचस्प रहने वाला है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा तारीखों की घोषणा से पहले ही दोनों प्रमुख दलों ने अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। वार्डबंदी पूरी होने के बाद पंचकूला की राजनीतिक बिसात पूरी तरह बदल चुकी है। कई दिग्गज पार्षदों के लिए अपने पुराने वार्ड से चुनाव लड़ना अब संभव नहीं रहा, जिससे अंदरखाने असंतोष भी देखने को मिल रहा है। कई मौजूदा पार्षदों के वार्ड महिला या एससी/बीसी में आरक्षित हो गए हैं , कुछ वार्ड, जो पहले आरक्षित थे, अब जनरल कैटेगरी में आ गए हैं , पुराने नेताओं को अब नए क्षेत्रों में “जमीन तलाशनी” पड़ रही है। मेयर पद पर भी जबरदस्त घमासान तय सिर्फ पार्षद ही नहीं, मेयर पद को लेकर भी दोनों दलों में जबरदस्त खींचतान है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही उम्मीदवारों के चयन में “सर्वे फार्मूला” अपना रही हैं, ताकि जीत की संभावना अधिकतम की जा सके। 11 वार्ड सामान्य के लिए नगर निगम पंचकूला के कुल 20 वार्डों में से 9 वार्ड महिला, एससी और बीसी कैटेगरी के लिए आरक्षित हैं, जबकि 11 वार्ड सामान्य श्रेणी में रखे गए हैं, जहां महिला व पुरुष दोनों चुनाव लड़ सकेंगे। कई पुराने पार्षदों की हिल चुकी है सीट वार्ड नंबर 1 से भाजपा पार्षद रहे नरेंद्र लुबाना और वार्ड नंबर 2 से भाजपा के ही सुरेश कुमार वर्मा का वार्ड महिला आरक्षित है। वहीं पहले महिला आरक्षित रहे वार्ड नंबर 3 और 4 अब सामान्य (जनरल) श्रेणी में आ गए हैं। इन दोनों वार्डों से भाजपा की महिला पार्षद रितु गोयल और सोनिया सूद निर्वाचित थीं। सेक्टर 16, 17 और 18 को मिलाकर बना वार्ड नंबर 6 भी सामान्य श्रेणी में आ गया है। वार्ड नंबर 8 को अनुसूचित जाति का आरक्षण समाप्त कर जनरल कैटेगरी में डाल दिया गया है। वार्ड 12 जोकि पहले महिला आरक्षित था, यहां से ओमवती पूनिया जोकि पहले निर्दलीय और भाजपा में हैं, का वार्ड अब ओपन कैटेगरी में आ चुका है। वार्ड नंबर 15, जहां से पहले कांग्रेस के गौतम प्रसाद पार्षद थे, वह इस बार महिला आरक्षित है। वार्ड नंबर 16, जहां भाजपा के राकेश कुमार वाल्मीकि पार्षद थे, अब अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। वार्ड नंबर 17, जहां से कांग्रेस के अक्षयदीप चौधरी पार्षद थे, अब अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो चुका है। वार्ड नंबर 18, कांग्रेस के पूर्व पार्षद संदीप सिंह सोही का वार्ड, अब पिछड़ा वर्ग बी के लिए आरक्षित हो चुका है। जबकि वार्ड नंबर 19, अब कांग्रेस की पूर्व पार्षद परमजीत कौर का वार्ड, पिछड़ा वर्ग ए के लिए और वहीं वार्ड नंबर 20, जहां से कांग्रेस के सलीम खान पार्षद हैं, को जनरल कैटेगरी में ही रखा गया है। जमीनी स्तर पर शुरू हुआ समीकरणों का खेल वार्डों के नए स्वरूप के साथ ही हर क्षेत्र में जातीय, सामाजिक और स्थानीय मुद्दों के आधार पर समीकरण जोड़े जा रहे हैं। – गांव और शहरी क्षेत्रों का मिश्रण कई वार्डों में निर्णायक भूमिका निभाएगा। – सेक्टर बनाम कालोनी का समीकरण भी चुनावी नतीजों को प्रभावित करेगा। – नए मतदाताओं को साधने के लिए प्रचार की रणनीति बदली जा रही है। पंचकूला नगर निगम के वार्डों का विवरण     वार्ड नंबर 1: सकेतड़ी, भैंसा टिब्बा, एमडीसी सेक्टर-6, सेक्टर-4     वार्ड नंबर 2: एमडीसी सेक्टर-5, सेक्टर-2, 6 (माजरी क्षेत्र)     वार्ड नंबर 3: सेक्टर-7, सेक्टर-8     वार्ड नंबर 4: सेक्टर-9, सेक्टर-10     वार्ड नंबर 5: सेक्टर-15     वार्ड नंबर 6: सेक्टर-16, 17, 18     वार्ड नंबर 7: राजीव कालोनी     वार्ड नंबर 8: इंदिरा कालोनी, बुढनपुर     वार्ड नंबर 9: सेक्टर-19, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2     वार्ड नंबर 10: अभयपुर, सेक्टर-14, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1     वार्ड नंबर 11: सेक्टर-12, 12ए, रैली, रैला गांव     वार्ड नंबर 12: सेक्टर-11, सेक्टर-4, हरिपुर     वार्ड नंबर 13: सेक्टर-4, आधा सेक्टर-21, देवीनगर     वार्ड नंबर 14: महेशपुर, मद्रासी कालोनी, फतेहपुर के पास की सोसायटी, आधा सेक्टर-21     वार्ड नंबर 15: कुंडली, आधा फतेहपुर, आधा सेक्टर-20     वार्ड नंबर 16: चंडी कोटला, बीड़ घग्गर, खड़क मंगौली     वार्ड नंबर 17: आधा खड़ग मंगौली, चैंकी, सेक्टर-23, 24, 25, नग्गल मोगीनंद, नाडा     वार्ड नंबर 18: बाना, मदनपुर, सेक्टर-26, 27, 28     वार्ड नंबर 19: रामगढ़, बिल्ला, जसवंतगढ़, दबकौरी, माणक्या, भानू     वार्ड नंबर 20: कोट, खंगेसरा, टोका, अलीपुर, सुखदर्शनपुर, नग्गल, जलौली, खटौली

जब आशा भोसले ने विरासत-ए-खालसा उद्घाटन में किया शबद गायन, सिख संगत हुई भावविभोर

रूपनगर/चंडीगढ़. विख्यात गायिका आशा भोसले अपने जीवन में चाहे मात्र एक बार ही जिला रूपनगर के आनंदपुर साहिब क्षेत्र में आई थीं, लेकिन उनके आनंदपुर साहिब दौरे की यादें आज भी आनंदपुर वासियों के दिलों में ताजी हैं। भोसले 2001 के दौरान उस वक्त आनंदपुर साहिब की धरती पर आई थीं, जब पंजाब में स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल के नेतृत्व वाली शिअद-भाजपा गठबंधन वाली सरकार थी। उन दिनों आनंदपुर साहिब में विरासत-ए-खालसा का निर्माण युद्ध स्तर पर करवाया जा रहा था, क्योंकि 2002 में विधानसभा चुनाव आने वाला था। उस वक्त तत्कालीन बादल सरकार द्वारा आनन-फानन में विरासत ए खालसा के पहले फेज के उद्घाटन की घोषणा कर दी गई । नवंबर 2001 में विरासत-ए-खालसा के पहले फेज का उद्घाटन भी कर दिया गया। पंजाब सरकार ने विशेष निमंत्रण पर बुलाई थी उद्घाटन के वक्त पांचों तख्तों के जत्थेदारों के साथ श्री श्री रविशंकर सहित अनेकों संत व हस्तियां आनंदपुर साहिब पहुंची थीं, जिनमें विख्यात गायिका भोसले भी शामिल थीं, जिन्हें पंजाब सरकार द्वारा विशेष निमंत्रण पर बुलाया गया था। उस वक्त को यादगार बनाने के लिए आशा भोसले द्वारा एक मात्र हारमोनियम तथा तबले की संगत में मेरे साहेब मेरे साहेब तू निमानिमानी, अरदास करी प्रभु अपने आगे सुन सुन जीवां तेरी बाणी शबद का गायन करते हुए उन पलों को यादगार बना दिया था। आशा भोसले ने धरती पर टेका था माथा  उस वक्त उनका कहना था कि आज वो इस धरती पर आकर खुद को धन्य समझ रही हैं, जिस धरती पर दशमेश पिता ने खालसा पंथ की स्थापना की तथा जिस धरती पर सिख पंथ के पांच महान तख्तों में से एक तख्त श्री केसगढ़ साहिब है। उस वक्त आशा भोसले ने इस धरती पर माथा भी टेका था। आज आशा भोसले चाहे इस संसार को अलविदा कह गई हैं, लेकिन उनकी आनंदपुर साहिब से जुड़ी मात्र कुछ घंटे की यादें हमेशा ताजा रहेंगी।