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टी20 वर्ल्ड कप 2026 में मैच फिक्सिंग की संभावना, ICC ने जांच शुरू की, संदिग्ध खिलाड़ी पर नजर

मुंबई  भारत और श्रीलंका की मेजबानी में हुए टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान हुए एक मैच पर फिक्सिंग के आरोप लगे हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी की एंटी-करप्शन यूनिट इसकी जांच कर रही है। बता दें, 2026 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब भारत ने जीता था। फाइनल में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को हराकर लगातार दूसरी बार खिताब पर कब्जा जमाया था। भारत घर पर टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश भी बना था। इस टूर्नामेंट के दौरान जिस मुकाबले पर मैच फिक्सिंग के आरोप लगे हैं वह मैच न्यूजीलैंड वर्सेस कनाडा का है, जो 17 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला गया था। यह घटनाक्रम कनाडा के पब्लिक ब्रॉडकास्टर CBC पर 10 अप्रैल को दिखाई गई 43 मिनट की डॉक्यूमेंट्री के बाद हुआ है, जिसका टाइटल “करप्शन, क्राइम और क्रिकेट” है, जिसमें क्रिकेट कनाडा में गवर्नेंस के मुद्दों से जुड़े कई आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस मैच पर नजर है, वह कनाडा का न्यूजीलैंड के खिलाफ ग्रुप-स्टेज का मैच है। न्यूजीलैंड के लक्ष्य का पीछा करने के पांचवें ओवर पर फोकस है, जिसे कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा ने फेंका, जिन्हें टूर्नामेंट से ठीक तीन हफ्ते पहले कप्तान बनाया गया था। बाजवा ने एक नो-बॉल और एक वाइड से शुरुआत करने के बाद ओवर में 15 रन दिए। न्यूजीलैंड ने 174 रन के टारगेट को 15.1 ओवर में आठ विकेट बाकी रहते हासिल कर लिया, और शुरुआती ब्रेकथ्रू के बाद कोई और विकेट नहीं गंवाया। इस विवादित ओवर के अलावा, ICC कनाडा के पूर्व कोच खुर्रम चौहान से जुड़े एक रिकॉर्डेड टेलीफोन कॉल की भी जांच कर रहा है। चौहान का आरोप है कि क्रिकेट कनाडा के सीनियर बोर्ड के सदस्यों ने उन पर नेशनल टीम के लिए कुछ खास खिलाड़ियों को चुनने का दबाव डाला था। उनका यह भी दावा है कि मैच फिक्स करने की कोशिश की गई थी। ICC की एंटी-करप्शन यूनिट ने डॉक्यूमेंट्री को माना है, लेकिन ऑपरेशनल प्रोसीजर का हवाला देते हुए खास आरोपों पर कमेंट करने से मना कर दिया है। ESPNcricinfo के मुताबिक एफग्रेव ने कहा, “ACU को CBC के ब्रॉडकास्ट किए गए प्रोग्राम के बारे में पता है। अपने तय ऑपरेटिंग प्रोसीजर के हिसाब से, ACU इसमें शामिल किसी भी आरोप की असलियत पर कमेंट करने की हालत में नहीं है। ICC सदस्यों से जुड़े गवर्नेंस मामलों पर ICC अपने स्टैंडर्ड संवैधानिक प्रोसेस के अनुसार, जहां वे उसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं, विचार करता है।”

गर्मी में मसल्स क्रैम्प क्यों होते हैं? जानिए कारण, लक्षण और बचाव के आसान उपाय

मसल्स की अचानक और खुद होने वाली संकुचन-अकड़न को क्रैम्प कहते हैं। इसका एहसास हल्के से लेकर ज्यादा गंभीर तक हो सकता है। महिलाओं में एब्डोमिनल क्रैम्प के ज्यादा मामले देखे जाते हैं, जो कि मेंस्ट्रुएशन से जुड़े होते हैं। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में डिसमेनोरिया कहा जाता है। लेकिन मेंस्ट्रुअल साइकिल के अलावा भी गर्मी में क्रैम्प के पीछे कई कारण हो सकते हैं। डिहाइड्रेशन गर्मी में होने वाले क्रैम्प का सबसे आम कारण डिहाइड्रेशन है। ज्यादा तापमान की वजह से ज्यादा पसीना आता है और शरीर से फ्लूइड तेजी से कम होने लगता है। डिहाइड्रेट होने पर मसल्स में ऐंठन और अकड़न आने का खतरा रहता है। पसीने में पानी के साथ सोडियम, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स भी निकल जाते हैं। ये सारे मिनरल्स मसल्स के फंक्शन में महत्वपूर्ण रोल निभाते हैं और इनका असंतुलन क्रैम्प का सीधा कारण बन सकता है। ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी गर्मी में फिजिकल एक्टिविटी बढ़ने से भी क्रैम्प हो सकते हैं। जो लोग गर्मी के दौरान आउटडोर एक्सरसाइज, ट्रैवल या रिक्रिएशनल एक्टिविटीज ज्यादा करते हैं, उनकी मसल्स में स्ट्रेन आने से थकान हो सकती है। इसके साथ हाइड्रेशन का ध्यान ना रखने से क्रैम्प की संभावना बढ़ जाती है। महिलाओं में मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान हॉर्मोन के अंदर आने वाले उतार-चढ़ाव से क्रैम्प इंटेंस हो जाते हैं और डिहाइड्रेशन की वजह से इसकी गंभीरता बढ़ जाती है। क्रैम्प से बचने के लिए क्या करें? क्रैम्प को घर पर आसानी से मैनेज किया जा सकता है। सबसे पहले आपको बॉडी को हाइड्रेट रखना चाहिए। दिनभर के दौरान पर्याप्त पानी पीने के साथ शरीर में फ्लूइड बैलेंस रहता है और नारियल पानी या ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) पीकर इलेक्ट्रोलाइट्स को पूरा कर सकते हैं। बैलेंस्ड डाइट लेना भी जरूरी है, इसके लिए पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम से भरपूर केला, डेयरी प्रोडक्ट्स, नट्स और हरी पत्तेदार सब्जियां खाएं। तुरंत राहत पाने के लिए क्या करें? क्रैम्प वाली जगह पर गर्म सिकाई करने से मसल्स और दर्द में तुरंत आराम मिलता है, इसके लिए आप हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल का इस्तेमाल कर सकते हैं। खासकर पेट के क्रैम्प में यह उपाय असरदार साबित होता है। मसल्स क्रैम्प को दूर करने के लिए हल्की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज या योगा जैसी हल्की फिजिकल एक्टिविटी से फायदा मिलता है। यह तरीका ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाकर मांसपेशियों की अकड़न दूर करता है। कैफीन का ज्यादा सेवन ना करें, क्योंकि यह डिहाइड्रेशन कर सकता है। ओवर द काउंटर वाली दर्द निवारक दवाओं का बहुत कम सेवन करना चाहिए और अगर यह समस्या लगातार परेशान कर रही है तो खुद इलाज ना करें। ये लक्षण दिखने पर डॉक्टर को दिखाएं? अधिकतर क्रैम्प अस्थाई होते हैं और खतरनाक साबित नहीं होते, लेकिन कुछ लक्षण दिखने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए और तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। अगर घरेलू उपाय आजमाने के बाद भी दर्द लगातार बना हुआ है या गंभीर हो रहा है तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं। महिलाओं को अगर क्रैम्प के साथ हेवी मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग, अनियमित मेंस्ट्रुअल साइकिल हो रही है या दर्द गंभीर हो रहा है तो प्रोफेशनल की मदद लेनी चाहिए। इसके अलावा, क्रैम्प के साथ सूजन, लालिमा, चक्कर आना, उल्टी या बेहोशी जैसी दिक्कतें होने के पीछे कोई छिपी हुई सीरियस प्रोब्लम हो सकती है, जैसे इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, इंफेक्शन या एंडोमेट्रियोसिस जैसी गायनेकोलॉजिकल कंडीशन। गर्मी में क्रैम्प होना आम है और इससे बचना भी आसान है। हाइड्रेशन का ध्यान रखने, बैलेंस्ड डाइट लेने और आसान उपाय आजमाने से इसका खतरा कम किया जा सकता है। अपने शरीर की सुनें और दिक्कत बढ़ने पर इग्नोर करने की जगह डॉक्टर की मदद लें।

परिवहन मंत्री ने PRTC कंडक्टर के परिवार को 40 लाख रुपये की सहायता दी, ड्यूटी के समय हुई थी मृत्यु

चंडीगढ़  वित्त एवं परिवहन मंत्री हरपाल चीमा ने आज पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (पीआरटीसी) के दिवंगत कंडक्टर रमनदीप सिंह के परिवार के साथ गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें 40 लाख रुपये का बीमा चेक भेंट किया। रमनदीप सिंह ने ड्यूटी के दौरान दुखद रूप से अपनी जान गंवा दी थी। जिला श्री मुक्तसर साहिब के गांव घुमियारा के निवासी रमनदीप सिंह 2 जनवरी 2017 को आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से पीआरटीसी में कंडक्टर के रूप में भर्ती हुए थे। इस अवसर पर मंत्री द्वारा मृतक के पिता प्रगट सिंह को यह चेक सौंपा गया। मंत्री ने कहा कि यह मुआवजा पीआरटीसी और पंजाब एंड सिंध बैंक के बीच हुए बीमा समझौते के तहत निर्धारित कॉर्पोरेट बीमा शर्तों के अनुसार प्रदान किया गया है, जिसका उद्देश्य शोकग्रस्त परिवार को आर्थिक सहायता देना है। उन्होंने यह भी दोहराया कि पंजाब सरकार अप्रत्याशित कार्यस्थल हादसों के मद्देनज़र अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों की भलाई और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस मौके पर पीआरटीसी के चेयरमैन हरपाल जुनेजा, मैनेजिंग डायरेक्टर बिक्रमजीत सिंह शेरगिल तथा पंजाब एंड सिंध बैंक के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे और उन्होंने परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की।  

ओंकारेश्वर में शंकराचार्य प्रकटोत्सव की धूम, मोहन यादव ने मांधाता पर्वत पर किया उद्घाटन

ओंकारेश्वर  देश में एकात्म धाम के रूप में विकसित आचार्य शंकराचार्य की तीर्थस्थली ओंकारेश्वर में आज शुक्रवार से एकात्मक पर्व का शुभारंभ किया गया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने ओंकारेश्वर के मांधाता पर्वत पर स्थित एकात्म धाम पहुंचकर 5 दिवसीय प्रकटोत्सव का शुभारंभ किया. इस अवसर पर उनके साथ जगतगुरु शंकराचार्य सदानंद सरस्वती के अलावा स्वामी शारदानंद सरस्वती एवं सुश्री निवेदिता भिड़े आदि मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के शुभारंभ में पंचांग पूजन और यज्ञ वेदी के पूजन के साथ प्रकटोत्सव का शुभारंभ किया।  ओडिसी नृत्य की होगी प्रस्तुति आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास और संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस आयोजन में अद्वैत वेदांत की समकालीन परंपराओं पर विस्तृत चर्चा की गई. साथ ही अद्वैत एवं Gen-Z जैसे महत्वपूर्ण एवं समसामयिक विषयों पर विस्तृत चर्चा हो रही है. इस दौरान स्वामी ब्रह्मा प्रज्ञानंद सरस्वती शतावधानी ललित द्वितीय एवं विशाल चौरसिया जैसे मर्मज्ञ अद्वैत की व्याख्या करेंगे. इस दौरान जय तीर्थ मेवुडी का शास्त्री गायन और सुवधावराड़ कर के ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति भी होगी।  यह प्रतिमा स्वामी शंकराचार्य के 12 वर्षीय बाल रूप को दर्शाती है, जिसका अनावरण 21 सितंबर 2023 को हुआ था. इसके बाद यहां एक विशाल संग्रहालय जो शंकराचार्य के जीवन दर्शन और भारतीय संस्कृति के गौरव को प्रदर्शित करता है विकसित किया गया है. यहां अद्वैत वेदांत के अध्ययन और अनुसंधान के लिए एक वैश्विक केंद्र भी स्थापित किया गया है. बता दें कि, मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में मई 2025 में आयोजित कैबिनेट में 'अद्वैत लोक' संग्रहालय के निर्माण के लिए 2,195 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।  जागरण का सुंदर संगम इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा-आद्य गुरु शंकराचार्य की पावन स्मृति और अद्वैत वेदांत के सार्वभौमिक संदेश को आम जन तक पहुंचाने के लिए एकात्म धाम, ओंकारेश्वर में आयोजित आचार्य शंकर प्रकटोत्सव  एकात्म पर्व में शामिल होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यह उत्सव भारत की सनातन सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और एकात्म भाव के जागरण का सुंदर संगम है। अद्वैत का संदेश हमें याद दिलाता है कि पूरी सृष्टि एक ही चेतना से भरी हुई है।  अद्वैत दर्शन को नई पीढ़ी से जोड़ने की पहल ‘एकात्म पर्व’ के माध्यम से अद्वैत वेदांत के गूढ़ सिद्धांतों को सरल और आधुनिक तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। खासतौर पर युवाओं को भारतीय दर्शन से जोड़ने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझ सकें। आधुनिकता और अध्यात्म का संगम महोत्सव में अद्वैत दर्शन को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पर्यावरण और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर चर्चा से यह आयोजन नई सोच और आध्यात्मिकता का अनूठा मेल प्रस्तुत कर रहा है।  समापन में युवा शक्ति का सम्मान कार्यक्रम के अंतिम दिन नर्मदा तट पर दीक्षा समारोह आयोजित होगा, जिसमें सैकड़ों युवा ‘शंकरदूत’ के रूप में जुड़ेंगे। साथ ही अद्वैत दर्शन के प्रचार में योगदान देने वालों को सम्मानित किया जाएगा। मांधाता पर्वत पर शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची मूर्ति एकात्म धाम मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में नर्मदा तट पर मांधाता पर्वत पर स्थित एक भव्य आध्यात्मिक केंद्र है, जो अद्वैत वेदांत के दार्शनिक आदि गुरु शंकराचार्य को समर्पित है. यहां आदि गुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची स्टैचू ऑफ वननेस स्थापित की गई है. जो अद्वैत लोक संग्रहालय और अंतरराष्ट्रीय आयुर्वेद वेद संस्थान परिसर में स्थित है। 

मध्य प्रदेश में लू का कहर, नर्मदापुरम में तापमान 43 डिग्री, स्कूलों का समय हुआ बदल

भोपाल  मध्य प्रदेश में गर्मी ने अप्रैल में ही अपना विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है. सूरज की तेज तपिश और झुलसाने वाली गर्म हवाओं से जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. गुरुवार को नर्मदापुरम 43 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे गर्म जिला बन गया है, वहीं आज भी एमपी के 20 जिलों में लू का येलो अलर्ट जारी किया गया है. इधर, तेज गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने भी बच्चों को हीट वेव से बचाने के लिए कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल गर्मी से राहत के संकेत नहीं दिए हैं, जिससे आने वाले दिनो में असर और व्यापक हो सकता है। पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। आसमान से बरसती इस आग के बीच नौनिहाल स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे उनका हाल बेहाल है।  नर्मदापुरम में 43 डिग्री, कई शहर 40 के पार गुरुवार को नर्मदापुरम में पारा 43 डिग्री तक पहुंचकर इस सीजन में अधिकतम रिकार्ड बना चुका है. वहीं रतलाम 42.8 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर है. दमोह और मंडला में 42 डिग्री, शाजापुर में 41.8 डिग्री और गुना में 41.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. मलाजखंड, टीकमगढ़ और छिंदवाड़ा में भी पारा 41.5 डिग्री तक पहुंच गया है. उमरिया और श्योपुर 41.4 डिग्री, जबकि धार और खजुराहो 41 डिग्री पर दर्ज किए गए. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहर भी 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुके हैं।  28 जिलों में 40 से 41 डिग्री तापमान दर्ज नर्मदापुरम शहर प्रदेश का सबसे गर्म रहा जहां पारा 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके साथ रतलाम में 42.8 और दमोह मंडला में 42-42 सहित 28 जिलों में 40 से 41 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। जो नार्मल टेंपरेचर से 4 से 5 डिग्री अधिक है।  सीजन में पहली बार भोपाल में पारा 40.5 डिग्री पहुंचा भोपाल में इस दौरान दिन का अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया,जो सीजन का सबसे गर्म दिन था। यहां 10 साल में तीसरी बार 20 अप्रैल से पहले इतनी गर्मी रही। इससे पहले  2016 में 42.6 डिग्री और 2017 में 42.7 डिग्री दर्ज हुआ था। इसके अलावा जबलपुर में 41.4, ग्वालियर में 40.5,इंदौर में 40.1,उज्जैन में 40.7 के करीब तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है, कुछ जिलों में 2-3 तो कुछ में एक से दो डिग्री तापमान बढ़ सकता है,वही हीट वेव चलने से लोगों को और परेशानियां होगी। आज 20 जिलों में लू का खतरा मौसम केंद्र भोपाल ने आज के लिए 20 जिलों में लू की चेतावनी जारी की है. इनमें रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला और बालाघाट जैसे जिले शामिल हैं. मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि, ''उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय तेज जेट स्ट्रीम और चक्रवातीय परिसंचरण की वजह से गर्म हवाओं का असर बढ़ रहा है. आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की आशंका है।   कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने स्कूली बच्चों को राहत देने के लिए अहम कदम उठाए हैं. अनूपपुर और डिंडौरी में स्कूलों का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर दिया गया है. डिंडौरी में यह आदेश नर्सरी से 8वीं तक लागू किया गया है. वहीं इंदौर, छिंदवाड़ा, सागर, देवास और अशोकनगर में भी कलेक्टरों ने स्कूल टाइम घटाने के निर्देश दिए हैं।  कुछ दिन तक राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, ''प्रदेश में मौजूदा मौसम का सिस्टम काफी जटिल बना हुआ है. उत्तर हरियाणा और उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है. इसके साथ ही राजस्थान से मणिपुर तक ट्रफ लाइन गुजर रही है. एक अन्य ट्रफ लाइन मध्य प्रदेश से तमिलनाडु तक फैली हुई है. इन सबके बावजूद गर्मी से तत्काल राहत मिलने के संकेत नहीं हैं. मौसम विभाग के अनुसार 19-20 अप्रैल को कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन इससे तापमान में ज्यादा गिरावट की उम्मीद नहीं है। 

सीएम मान का सवाल: परिसीमन के बाद पंजाब में लोकसभा सीटें 13 से बढ़कर 19 हो सकती हैं

चंडीगढ़  केंद्र सरकार के प्रस्तावित परिसीमन कानून के लागू होने पर पंजाब की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नई व्यवस्था के तहत लोकसभा और विधानसभा सीटों में बढ़ोतरी के साथ राजनीतिक समीकरण भी बदलेंगे और दलों को नई रणनीति बनानी पड़ेगी।  अनुमान है कि परिसीमन के बाद पंजाब में लोकसभा सीटों की संख्या 13 से बढ़कर 19 हो सकती है जबकि विधानसभा सीटें 117 से बढ़कर करीब 140 तक पहुंच सकती हैं। इसके चलते नए हलकों का गठन होगा और कई शहर व गांव अपने पुराने क्षेत्रों से बदल जाएंगे जिससे चुनावी गणित पर सीधा असर पड़ेगा। सियासत भी गरमाई इस मुद्दे पर प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि परिसीमन किसी एक पार्टी के फायदे के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि या तो महिला आरक्षण मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के आधार पर लागू किया जाए या सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ाई जाएं। मान ने आरोप लगाया कि जहां भाजपा मजबूत है वहां सीटें बढ़ाने और जहां कमजोर है वहां संख्या कम रखने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि परिसीमन निष्पक्ष होना चाहिए और इसके लिए आगामी जनगणना के आंकड़ों का उपयोग किया जाना चाहिए। आप नेता मनीष सिसोदिया ने भी आरोप लगाया कि विधेयक की आड़ में सीटों की संरचना से छेड़छाड़ की जा रही है जो देश की जनसांख्यिकी के खिलाफ है। वहीं शिअद अध्यक्ष सुखबीर बादल ने कहा कि इस कदम से सत्ता संतुलन हिंदी भाषी राज्यों की ओर झुक सकता है जिससे संघीय ढांचा कमजोर होगा। उन्होंने प्रस्तावित परिसीमन की कड़ी आलोचना की है।  इन बिलों से पंजाब में लोकसभा की करीब 6-7 सीटें बढ़ेंगी और इतनी ही सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हो जाएंगी। हालांकि महिलाओं के लिए रिजर्व सीटों की हर साल रोटेशन भी होगी। परिसीमन क्या है? परिसीमन का अर्थ है लोकसभा या विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा तय करने की प्रक्रिया. ये काम जनसंख्या के आधार पर किया जाता है. इसके लिए अलग से एक आयोग बनता है. इसका नोटिफिकेशन भारत राष्ट्रपति की ओर से जारी किया जाता है. परिसीमन आयोग के आदेशों को किसी कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती है. इसके आदेशों की कॉपी लोकसभा और विधानसभा में रखी जाती है, लेकिन उन्हें इसमें संशोधन करने की परमिशन नहीं होती।  लोकसभा सीटों में होगा 50% का इजाफा गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में भरोसा दिया कि महिला आरक्षण के लागू होने से न तो पुरुषों को और न ही किसी राज्य को कोई नुकसान होगा. इसके तहत लोकसभा की मौजूदा संख्या में 50% का इजाफा होगा. अगर नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 बना रहता है, तो 2029 में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण संभव नहीं होगा, क्योंकि यह अगली जनगणना के आंकड़ों पर आधारित होगा. अब जानिए, किन राज्यों में कितनी बढ़ जाएंगी सीटें? अकेले यूपी-बिहार में होंगी 180 सीटें परिसीमन का सबसे बड़ा फायदा उत्तर प्रदेश और बिहार को होगा. 2011 में यूपी की आबादी देश की कुल आबादी का 16% थी. इस लिहाज से अगर लोकसभा में राज्यों के लिए लोकसभा की सीटें 815 होंगी, तो जनसंख्या के लिहाज से यूपी की 80 सीटों में 40 सीटों का इजाफा होगा. यानी कुल 120 सीटें हो जाएंगी. इसी तरह बिहार में अभी 40 सीटें हैं. परिसीमन के बाद इसमें 20 सीटों का इजाफा होगा और कुल 60 सीटें हो जाएंगी।  गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली गुजरात में अभी लोकसभा की 26 सीटें हैं, जो बढ़कर 39 हो जाएंगी. राजस्थान में 25 सीटें हैं, जो 38 हो जाएंगी. उत्तराखंड में 5 सीटें हैं, जो 8 हो जाएंगी. दिल्ली में 7 लोकसभा सीटें हैं, ये बढ़कर 11 हो सकती हैं. इसके अलावा विधानसभा की सीटों में भी 50% की बढ़ोतरी की जाएगी. इससे विधानसभा की कुल सीटें 4123 से बढ़कर 6186 हो जाएंगी।   

अक्षय कुमार की ‘भूत बंगला’ और 60 साल पुरानी महमूद की कल्ट फिल्म का कनेक्शन

लंबे इंतजार के बाद अक्षय कुमार और डायरेक्टर प्रियदर्शन की जोड़ी अपनी नई हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'भूत बंगला' के साथ आज यानी 17 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त एक्साइटमेंट है और माना जा रहा है कि यह बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए झंडे गाड़ सकती है. लेकिन इस नई फिल्म के शोर के बीच एक दिलचस्प सच यह भी है कि 'भूत बंगला' नाम बॉलीवुड के लिए नया नहीं है. करीब छह दशक पहले, जब हॉरर और कॉमेडी का मेल भारतीय सिनेमा में शुरुआती दौर में था, तब दिग्गज कॉमेडियन महमूद ने इसी नाम से एक कल्ट क्लासिक फिल्म बनाई थी, जिसने उस दौर के दर्शकों को खूब डराया और हंसाया था. महमूद की 'भूत बंगला' साल 1965 में आई फिल्म 'भूत बंगला' का सारा दारोमदार दिग्गज एक्टर महमूद के कंधों पर था. उन्होंने न सिर्फ इसमें लीड रोल निभाया, बल्कि इस फिल्म की कहानी भी लिखी और इसे प्रोड्यूस भी किया. उस दौर में यह फिल्म अपनी अनोखी कहानी की वजह से काफी चर्चा में रही थी. दिलचस्प बात यह है कि इस फिल्म में महान म्यूजिक डायरेक्टर आरडी बर्मन (पंचम दा) ने भी एक्टिंग की थी. बहुत कम लोग जानते हैं कि यह आरडी बर्मन की बतौर एक्टर डेब्यू फिल्म थी. हालांकि उन्हें एक्टिंग का कोई खास शौक नहीं था, लेकिन महमूद के साथ गहरी दोस्ती होने के कारण वह इस फिल्म का हिस्सा बनने के लिए मान गए थे. एक्टिंग के साथ संगीत का जादू 1965 की इस फिल्म में आरडी बर्मन ने सिर्फ एक्टिंग ही नहीं की, बल्कि फिल्म का यादगार संगीत भी उन्हीं के द्वारा तैयार किया गया था. इस फिल्म में तनुजा और नासिर हुसैन जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आए थे. हालांकि उस जमाने के सटीक बॉक्स ऑफिस कलेक्शन आंकड़े मिलना मुश्किल है, लेकिन फिल्म के गाने और सस्पेंस से भरी कहानी दर्शकों को बेहद पसंद आई थी. आज भी इस फिल्म को एक 'ब्लॉकबस्टर' का दर्जा दिया जाता है और इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि IMDb पर इसे 6.4 की रेटिंग मिली हुई है. फ्री में उठा सकते हैं लुत्फ अगर आप अक्षय कुमार की फिल्म देखने जाने से पहले यह देखना चाहते हैं कि 60 साल पहले की 'भूत बंगला' कैसी थी, तो आपके लिए अच्छी खबर है. यह क्लासिक फिल्म यूट्यूब पर बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध है. 'Sadabahar HD Songs' नाम के चैनल पर इसे पूरी क्वालिटी के साथ देखा जा सकता है. अक्षय और प्रियदर्शन की जोड़ी से बड़ी उम्मीदें अब 16 साल के लंबे अंतराल के बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की सुपरहिट जोड़ी वापस लौटी है. फिल्म 'भूत बंगला' में उनके साथ राजपाल यादव, परेश रावल, असरानी, तबू और वामिका गब्बी जैसे दिग्गज सितारों की फौज है. फैंस को उम्मीद है कि यह फिल्म 'भूल भुलैया' जैसा जादू फिर से बिखेरेगी. अब देखना यह होगा कि क्या अक्षय कुमार की यह नई फिल्म 1965 वाली 'भूत बंगला' की तरह ही यादगार बन पाएगी या नहीं.

स्पाइसजेट की नई नाइट फ्लाइट से यात्रियों को बड़ी सुविधा

  जयपुर गुलाबी नगरी जयपुर (Jaipur) से माया नगरी मुंबई (Mumbai) के बीच सफर करने वाले हवाई यात्रियों के लिए आज का दिन नई सहूलियतें लेकर आया है. गुरुवार रात से दोनों शहरों के बीच एक नई फ्लाइट सेवा (New Flight Service Jaipur) का आगाज हो गया है, जिसने जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jaipur International Airport) की कनेक्टिविटी को और भी ज्यादा मजबूत कर दिया है. इस नई सेवा के शुरू होने के साथ ही अब जयपुर और मुंबई के बीच रोजाना संचालित होने वाली उड़ानों की कुल संख्या 11 पहुंच गई है. यानी अब यात्रियों के पास अपनी सुविधा के अनुसार फ्लाइट चुनने के लिए पहले से कहीं अधिक विकल्प मौजूद हैं. स्पाइसजेट की फ्लाइट का नया शेड्यूल इस नई सेवा की कमान स्पाइस जेट एयरलाइंस (SpiceJet) ने संभाली है. कंपनी ने अपनी फ्लाइट संख्या SG-169 और SG-170 को इस रूट पर तैनात किया है, जिसका संचालन गुरुवार रात से प्रभावी हो गया है. शेड्यूल के अनुसार, यह विमान मुंबई से उड़ान भरकर रात 10:35 बजे जयपुर पहुंच गया है. इसके तुरंत बाद, यही विमान जयपुर से अपनी वापसी यात्रा शुरू करता है. इस नई सर्विस के आने से जयपुर एयरपोर्ट पर रात के समय यात्रियों की चहल-पहल और बढ़ने की उम्मीद है. लेट नाइट यात्रियों के लिए वरदान फ्लाइट के समय को लेकर यात्रियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है. जयपुर एयरपोर्ट से यह फ्लाइट रात 11:25 बजे मुंबई के लिए रवाना होती है. यह लेट नाइट स्लॉट विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए डिजाइन किया गया है जो अपने दिन भर के काम या बिजनेस मीटिंग्स निपटाकर रात में सफर करना चाहते हैं. जानकारों का मानना है कि उड़ानों की संख्या 11 तक पहुंचने से न केवल कनेक्टिविटी सुधरी है, बल्कि इससे आने वाले दिनों में किराए में भी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है, जिसका सीधा लाभ आम जनता को होगा.

डाइनिंग टेबल वास्तु टिप्स: इन गलतियों से बचें, वरना हो सकता है नुकसान

अक्सर हम घर की साफ-सफाई और सजावट पर ध्यान तो देते हैं, लेकिन कुछ छोटी आदतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो धीरे-धीरे नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं. खासकर डाइनिंग टेबल जहां पूरा परिवार साथ बैठकर भोजन करता है. वास्तु शास्त्र मानता है कि यहां रखी चीजें सीधे घर की सुख-समृद्धि और आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं. इसीलिए जरूरी है कि डाइनिंग टेबल को हमेशा साफ, सुसंगठित और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रखा जाए. आइए जानते हैं किन चीजों को यहां रखने से बचना चाहिए. दवाइयों को रखें दूर डाइनिंग टेबल पर दवाइयां रखना अशुभ माना जाता है. यह संकेत देता है कि घर में बीमारियों का प्रभाव बढ़ सकता है. कोशिश करें कि दवाइयों को हमेशा किसी अलग और निर्धारित स्थान पर ही रखें, ताकि भोजन के स्थान की ऊर्जा शुद्ध बनी रहे. नुकीली वस्तुओं से बनती है नकारात्मकता चाकू, कैंची या अन्य धारदार चीजों को खाने के बाद टेबल पर छोड़ देना ठीक नहीं माना जाता. वास्तु के अनुसार, ये वस्तुएं तनाव और विवाद को बढ़ावा दे सकती हैं.  इन्हें उपयोग के तुरंत बाद हटा देना बेहतर होता है. जूठे बर्तन और गंदगी से बचें खाना खाने के बाद टेबल पर जूठे बर्तन या बचा हुआ खाना छोड़ना नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है. यह आदत धीरे-धीरे घर की आर्थिक स्थिति और मानसिक शांति को प्रभावित कर सकती है. इसलिए हमेशा टेबल को तुरंत साफ करना चाहिए. बेकार सामान न रखें डाइनिंग टेबल को स्टोर की तरह इस्तेमाल करना सही नहीं है. अखबार, बिल, बैग या अन्य अनावश्यक चीजें यहां रखने से ऊर्जा का प्रवाह बाधित होता है.  टेबल जितनी साफ और खाली होगी, उतना ही सकारात्मक माहौल बना रहेगा. टूटी-फूटी या खराब चीजें हटाएं यदि टेबल पर टूटी प्लेट, क्रैक वाले बर्तन या खराब सजावटी सामान रखा हो, तो यह भी वास्तु दोष पैदा कर सकता है.  ऐसी चीजें घर में रुकावट और आर्थिक नुकसान का संकेत मानी जाती हैं. क्या करें? डाइनिंग टेबल पर ताजे फूल, फल या साफ-सुथरा टेबल कवर रखना शुभ माना जाता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और परिवार के बीच सामंजस्य बना रहता है.

पटना का कुख्यात गैंगस्टर भोला सिंह गिरफ्तार, फर्जी पहचान से रह रहा था गुजरात में

पटना  बिहार के मोस्ट वांटेड क्रिमिनल भोला सिंह को CBI की टीम ने गुजरात से दबोच लिया है। सूरत से गिरफ्तार भोला सिंह पटना जिले के पंडारक का रहने वाला है। वो अपना नाम बदल कर सूरत में रह रहा था। उसकी गिरफ्तारी अपहरण के 12 साल पुराने मामले में हुई है। बिहार का वांटेड भोला सिंह गिरफ्तार भोला सिंह को बिहार अलग-अलग थानों की पुलिस भी ढूंढ रही थी। उस पर इन थानों में 11 केस दर्ज हैं। भोला सिंह किडनैपिंग, मर्डर समेत कई बडे़ अपराधों का आरोपी है। बिहार पुलिस अब भोला सिंह को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। उधर सीबीआई के अनुसार कोलकाता के दो लोग 14 जुलाई 2014 को ही गायब हुए थे। पुलिस जांच के बाद कोलकाता हाईकोर्ट के ऑर्डर के बाद CBI ने इस केस में भोला सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी। 11 साल से फरार भोला को CBI ने दबोचा भोला सिंह इस केस में 11 साल से फरार था। 2015 में सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की थी और तभी से भोला सिंह अंडरग्राउंड हो गया था। भोला सिंह ने सूरत में अमित शर्मा के नाम से फर्जी आईडी बनवा ली थी और सूरत जाकर भूमिगत हो गया था। सीबीआई ने इसी बीच टेक्निकल सर्विलांस के साथ मुखबिरों का जाल बिछाया तो उसके ठिकाने का पता चल गया। इसके बाद ट्रैप लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई के गिरफ्तार किए जाने के बाद भोला सिंह को कोलकाता पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है।     कभी मोकामा विधायक अनंत सिंह के लिए काम करता था भोला सिंह     अनंत सिंह के साथ NTPC में भोला सिंह करता था ठेकेदारी     15 साल पहले अनंत सिंह से हुआ विवाद तो हो गया अलग     बाद में भोला के भाई मुकेश ने अनंत सिंह के साथ कर ली थी सुलह CRPF कमांडो की ट्रेनिंग ले रखी है भोला ने पटना जिले से सटे पंडारक का रहने वाला भोला सिंह CRPF में भी भर्ती हुआ था और कमांडो की ट्रेनिंग भी ली थी। इसके बाद एक बाहुबली के साथ भोला सिंह ने अपराध की दुनिया में कदम रख दिया। कई बड़ी वारदातों को अंजाम देने के बाद भोला सिंह फरार हो गया था। उस वक्त पुलिस ने भोला और उसके भाई मुकेश पर 3 लाख रुपयों का इनाम भी रखा था। बाद में मुकेश सिंह ने आत्मसमर्पण कर बेल ले ली थी। 3 लेयर सिक्योरिटी में रहता था गैंगस्टर भोला सिंह गैंगस्टर भोला सिंह अपनी सुरक्षा को लेकर भी हद से ज्यादा सतर्क रहता था। उसने अपने लिए 3 लेयर सिक्योरिटी बनाई थी, जिसमें कुख्यात शूटर उसकी सुरक्षा करते थे। भोला सिंह ने साल 2008 में अनंत सिंह के रिश्तेदार विवेका पहलवान के भाई कॉन्ट्रैक्टर संजय सिंह की हत्या की थी। 2010 में उसकी दुश्मनी उसी बाहुबली के साथ हो गई, जिसके साथ उसने काम शुरू किया था। तब 2 करोड़ रुपयों के विवाद में भोला बाहुबली के खिलाफ हो गया था। पटना में ही 2013 में उसने खुलेआम कुख्यात राजीव सिंह को गोलियों से भून मौत के घाट उतार दिया था