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BJP का देशव्यापी प्रदर्शन: महिला आरक्षण बिल के खिलाफ आज से सड़कों पर उतरेंगे कार्यकर्ता

नई दिल्ली लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पास नहीं हो सका, जिससे केंद्र सरकार को बड़ा झटका लगा। बिल को पारित करने के लिए जरूरी बहुमत से यह 54 वोट पीछे रह गया। कुल 352 सदस्यों की मौजूदगी में 230 वोट इसके खिलाफ पड़े, जिसके चलते विधेयक गिर गया। सरकार ने इस पर विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। अमित शाह ने विपक्ष पर महिलाओं के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया, जबकि भाजपा नेताओं ने इसे “महिला विरोधी रुख” करार दिया। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए संविधान संशोधन बिल पारित नहीं हो सका. ऐसे में बीजेपी की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. अब नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए संविधान संशोधन बिल की हार के विरोध में बाद बीजेपी बड़े स्तर पर प्रदर्शन की तैयारी में है।  बीजेपी महिला सांसदों ने शुक्रवार को मकर द्वार पर 'कांग्रेस पार्टी हाय-हाय के नारे' लगाए. वहीं, अब बीजेपी शनिवार 18 अप्रैल से देशभर में कई प्रदर्शन आयोजित करेगी. इन प्रदर्शनों में एनडीए के सहयोगी दल भी हिस्सा लेंगे।  बता दें कि महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन बिल पारित कराने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी. इस बिल पर कुल 528 वोट पड़े. बिल पारित कराने के लिए सरकार को 352 वोट की जरूरत थी, लेकिन इसके पक्ष में 298 वोट ही पड़े।  संसद के निचले सदन में महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) पास नहीं हो पाया। बिल पारित कराने के लिए जरूरी आंकड़ा, 352 से 54 वोट पीछे रह गई। कुल मौजूद सदस्य 352 में बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े। पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। विपक्षी दल इसे मोदी सरकार की हार के तौर पर देख रही है। वहीं, इस बिल के सदन में पारित न होने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा,"देश की आधी आबादी, 70 करोड़ महिलाओं को धोखा देने और उनका विश्वास खोने के बाद कोई कैसे विजय का जश्न मना सकता है?" उन्होंने आगे लिखा,"विपक्ष का यह जश्न हर उस महिला का अपमान है, जो दशकों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही है। कांग्रेस और उसके सहयोगी कितनी बार महिलाओं के साथ विश्वासघात करेंगे? कई बार विजय जैसी प्रतीत होने वाली अहंकार की खुशी, असलियत में छिपी हुई एक बड़ी पराजय होती है, जिसे कुछ लोग समझ नहीं पाते।" सोशल मीडिया से भड़के जेपी नड्डा पूर्व बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस बिल के पारित न होने पर निराशा जाहिर की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 का पारित नहीं होना कांग्रेस, TMC, DMK, समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन की महिला विरोधी मानसिकता को दिखाता है।  जेपी नड्डा ने दावा किया कि नारी शक्ति का अपमान विपक्ष को बहुत भारी पड़ेगा. उन्होंने कहा, 'ये आक्रोश अब रुकने वाला नहीं है. 2029 के लोकसभा चुनाव से लेकर हर छोटे-बड़े चुनाव तक, देश की बहनें अपने सपनों को रौंदने वालों को कड़ा सबक सिखाएंगी. याद रखिए, शक्ति का ये क्रोध आपके राजनीतिक अंत की शुरुआत है।  अमिता शाह ने विपक्ष को चेताया वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि शुक्रवार को लोकसभा में बहुत अजीब मंजर दिखा. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया. महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है।  अमित शाह ने लिखा, 'मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की ये बात यहां नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी. विपक्ष को महिलाओं का आक्रोश न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा।  देवेंद्र फडणवीस ने भी पोस्ट में लिखा, 'पूरे देश ने विपक्ष का पाखंड देखा. उनके पास हमारी ना रीशक्ति के साथ खड़े होने का ऐतिहासिक अवसर था, लेकिन वो इसमें असफल रहे. उनके लिए महिला सशक्तिकरण केवल भाषणों और नारों तक ही सीमित है. उन्होंने प्रगति की जगह राजनीति को चुना. नारी शक्ति वंदन विधेयक के प्रति उनके विरोध ने ये उजागर कर दिया है कि वो वाकई में किसके हितों की सेवा करते हैं. भारत की महिलाएं देख रही हैं और वो इसे नहीं भूलेंगी।  नितिन नवीन ने क्या कहा? वहीं, इस बिल के पारित न होने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस तथा उसके सहयोगी दलों की कड़ी आलोचना करते हुए शुक्रवार को कहा कि इन दलों ने ’’महिला विरोधी रुख’’ अपनाया और देश की महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत में नवीन ने कहा कि यह दिन ’’सुनहरे अक्षरों में लिखा जा सकता था’’ लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों के ’’घोर विश्वासघात’’ ने सब बेकार कर दिया। उन्होंने कहा,"कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी तथा उनकी टीम के नेतृत्व वाले उसके महिला विरोधी गठबंधन ने देश की आधी आबादी के साथ घोर विश्वासघात किया है।" नवीन ने कहा कि यह विधेयक महिलाओं की अधिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हो सकता था, लेकिन समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सहित विपक्षी दलों ने महिलाओं को उनके ’’उचित अधिकारों एवं हिस्सेदारी’’ से वंचित कर दिया। उन्होंने कहा, ’’इस पूरे घटनाक्रम से कांग्रेस गठबंधन का महिला विरोधी चरित्र पूरी तरह से उजागर हो गया है।’’ भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी और प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया कि यह ’’श्रेय की लड़ाई नहीं’’ बल्कि महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित करने की लड़ाई है। लोकतंत्र के लिए 'काला दिन’: शिवराज सिंह चौहान वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) पर हमला करते हुए 17 अप्रैल को देश की महिलाओं और लोकतंत्र के लिए ’’काला दिन’’ करार दिया। इस बीच, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की गारंटी देने से संबंधित इस विधेयक को न सिर्फ खारिज किया गया, बल्कि चौंकाने वाली बात यह है कि इस … Read more

अवैध बोर खनन पर सख्ती : तुरकाडीह में कार्रवाई, बोर मशीन जब्त

अवैध बोर खनन पर सख्ती : तुरकाडीह में कार्रवाई, बोर मशीन जब्त बिलासपुर जिले के सकरी तहसील अंतर्गत ग्राम तुरकाडीह में अवैध बोर खनन की सूचना पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बोर मशीन वाहन को जब्त कर लिया। तहसीलदार सकरी, थाना प्रभारी सकरी, थाना स्टाफ, हल्का पटवारी तुरकाडीह एवं थाना कोनी की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर जांच की गई। जांच के दौरान बोर खनन कार्य में संलग्न व्यक्ति द्वारा किसी भी प्रकार की वैध अनुमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इस पर कलेक्टर के 06 अप्रैल 2026 के जारी आदेश के उल्लंघन के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए बोर मशीन को जब्त कर थाना कोनी के सुपुर्द किया गया। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर संजय अग्रवाल ने जिले में गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए 6 अप्रैल 2026 से बोर खनन पर प्रतिबंध लागू किया है। प्रशासन द्वारा इस प्रतिबंध का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है तथा अवैध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

कोच नवल सिंह पर नीरज चोपड़ा और सुमित अंतिल का गंभीर आरोप: मानसिक उत्पीड़न और परिवार को गालियां

 नई दिल्ली स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा और पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट सुमित अंतिल ने द्रोणाचार्य अवॉर्ड विजेता कोच नवल सिंह पर मानसिक प्रताड़ना और गाली-गलौज के गंभीर आरोप लगाए हैं. सुमित अंतिल ने इस मामले की औपचारिक शिकायत भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) से की है. सुमित अंतिल का आरोप है कि कोच नवल सिंह लगातार उन्हें और नीरज चोपड़ा को मानसिक रूप से परेशान कर रहे थे. उन्होंने दावा किया कि नवल सिंह ने कई बार दोनों खिलाड़ियों के परिवारों को लेकर भी अपशब्द कहे।  सुमित अंतिल ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, 'उन्होंने मुझे और नीरज भाई को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. हमारे परिवारों को लेकर गालियां दीं. वह मानसिक रूप से अस्थिर लगते हैं.' उन्होंने बताया कि नवल सिंह अक्सर अपने गुस्से और गाली-गलौज वाले ऑडियो रिकॉर्ड करते थे और उन्हें खिलाड़ियों के मैनेजरों को भेजते थे, ताकि वह उनके पास पहुंचें. सुमित के मुताबिक यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा था, लेकिन जब मामला ज्यादा बढ़ गया तो उन्होंने शिकायत करने का फैसला किया।  सुमित अंतिल ने आगे कहा, 'हमने लंबे समय तक इस मामले को नजरअंदाज किया, लेकिन जब यह बहुत ज्यादा हो गया तो शिकायत करनी पड़ी. मैंने शिकायत दर्ज कराई और नीरज भाई, नवदीप सिंह और संदीप चौधरी ने भी समर्थन किया.' SAI ने पुष्टि की है कि उसे शिकायत मिली है और मामले को संबंधित फेडरेशन के साथ उठाया जा रहा है. हालांकि SAI ने साफ किया कि नवल सिंह उसके कर्मचारी नहीं हैं. वह फिलहाल भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) के राष्ट्रीय शिविर से जुड़े हुए हैं।  सचिन यादव को ट्रेनिंग देते हैं नवल सिंह SAI के एक अधिकारी ने कहा, सुमित अंतिल की ओर से कोच नवल सिंह के खिलाफ शिकायत मिली है. इस शिकायत का समर्थन नीरज चोपड़ा समेत अन्य खिलाड़ियों ने भी किया है.' नवल सिंह को साल 2015 में द्रोणाचार्य अवॉर्ड मिला था. वह फिलहाल सचिन यादव को ट्रेनिंग दे रहे हैं. सचिन यादव ने पिछले साल वर्ल्ड चैम्पियनशिप में चौथा स्थान हासिल किया था, जबकि चोट से जूझ रहे नीरज चोपड़ा आठवें स्थान पर रहे थे।  सुमित अंतिल ने कहा कि शिकायत करने के बाद भी उन्हें अधिकारियों की तरफ से उम्मीद के मुताबिक प्रतिक्रिया नहीं मिली. उन्होंने कहा, 'अगर हमारे जैसे खिलाड़ियों की बात नहीं सुनी जाएगी, तो बाकी खिलाड़ी क्या उम्मीद करेंगे. शिकायत के बाद अभी तक कोई औपचारिक जवाब भी नहीं मिला है।  उन्होंने यह भी दावा किया कि पहली सुनवाई के दौरान TOPS (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) के अधिकारियों ने समझौता करने की बात कही थी. सुमित के मुताबिक, 'शिकायत किए हुए एक हफ्ता हो गया है. SAI के महानिदेशक और TOPS के CEO को भी बताया गया था, लेकिन पहली सुनवाई में समझौते की बात हुई।  सुमित अंतिल ने नवल सिंह की मंशा पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि शायद कोच चाहते हैं कि नीरज चोपड़ा के मुकाबले सचिन यादव से बेहतर प्रदर्शन करें क्योंकि सचिन उन्हीं के साथ ट्रेनिंग करते हैं. इस पूरे मामले ने भारतीय एथलेटिक्स में खिलाड़ियों और कोचों के रिश्ते को लेकर नई बहस छेड़ दी है। 

संस्थान का अजीब फरमान: ट्रेनिंग के दौरान शादी पर लगी रोक

गोपालगंज बिहार में गोपालगंज के हथुआ में स्थित जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि ट्रेनिंग के दौरान कोई भी छात्रा शादी नहीं कर सकती. यदि कोई छात्रा इस नियम का उल्लंघन करती है, तो उसका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा।  यह आदेश कॉलेज परिसर में नोटिस के रूप में चस्पा किया गया था, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वायरल होते ही इस फरमान को लेकर लोगों में नाराजगी फैल गई और इसे छात्राओं की स्वतंत्रता में हस्तक्षेप बताया जाने लगा।  संस्थान की प्राचार्या मानसी सिंह ने इस आदेश को लेकर सफाई भी दी है. उनका कहना है कि नर्सिंग की पढ़ाई पूरी तरह आवासीय होती है, जहां छात्राएं संस्थान की निगरानी में रहकर प्रशिक्षण लेती हैं।  ऐसे में यदि छात्राएं शादी कर लेती हैं, तो उनकी पढ़ाई और प्रशिक्षण प्रभावित हो सकता है. उन्होंने यह भी दावा किया कि यह नियम कोई नया नहीं है, बल्कि विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत पहले से ही लागू है. नामांकन के समय ही छात्राओं से एक घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं, जिसमें यह शर्त शामिल होती है कि वे प्रशिक्षण के तीन वर्षों के दौरान शादी नहीं करेंगी।  हालांकि, यह तर्क लोगों को रास नहीं आया और मामला तूल पकड़ता चला गया. सोशल मीडिया पर इस आदेश को ‘अजीबोगरीब’ बताते हुए आलोचना की जा रही है. कई लोगों ने इसे छात्राओं के व्यक्तिगत जीवन और अधिकारों में दखल बताया है।  मामले के तूल पकड़ने के बाद जिला प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है. गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने कहा है कि वायरल नोटिस की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. उन्होंने हथुआ एसडीएम को 24 घंटे के भीतर जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. डीएम ने साफ किया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  इधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी इस मामले में सख्त रुख अपनाया गया है. गोपालगंज के सिविल सर्जन डॉ. बीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी मिलने के बाद तुरंत जांच कराई गई. जांच के बाद प्राचार्य द्वारा जारी आदेश को रद्द कर दिया गया है. साथ ही प्राचार्य से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है. उन्होंने कहा कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  सवाल उठ रहे हैं कि क्या किसी छात्रा के निजी जीवन से जुड़े ऐसे फैसलों पर संस्थान रोक लगा सकता है? क्या इस तरह के नियम संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं हैं? फिलहाल प्रशासन जांच में जुटा है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है। 

तेल और गैस की कीमतों में गिरावट: होर्मुज खुलने से 11% कमी, नया संकट?

नई दिल्‍ली हार्मुज खुलने के ऐलान के बाद इंटरनेशनल मार्केट में भारी उलटफेर देखने को मिला है, जहां कल तक कच्‍चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बने हुए थे. वहीं अब इसकी कीमत अचानक से सस्‍ती हो चुकी हैं. मार्केट समय के दौरान इसकी कीमत 86 डॉलर के करीब चुकी थीं. हालांकि कुछ देर बाद तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर आ गईं।  दरअसल, ईरान ने कहा कि जबतक सीजफायर लागू है, तबतक कमर्शियल जहाजों से होर्मुज से गुजरने की मंजूरी रहेगी. वहीं ट्रंप ने भी कहा कि अब ईरान कभी भी होर्मुज को बंद नहीं करेगा. ईरान ने सहमति जताई है. इस खबर के आते ही तेल-गैस की कीमतें तेजी से गिरें।  11 फीसदी तक सस्‍ता हुआ तेल ब्रेंट क्रूड वायदा रात में 10.42 डॉलर या 10.48% गिरकर 88.97 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, सत्र के दौरान यह 86.09 डॉलर के निचले स्तर पर भी पहुंचा था. WTI क्रूड वायदा 11.48 डॉलर या 12.12% गिरकर 83.21 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो 80.56 डॉलर तक पहुंच गया था. हालांकि, कारोबार बंद होने तक क्रूड ऑयल 90.38 डॉलर पर पहुंच गया. तेल की कीमतों में एक दिन में यह सबसे बड़ी गिरावट रही।  गैस की कीमतों पर भी असर  खबर आते ही गैस की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली. एलएनजी की की कीमत 2.624 डॉलर आ गईं. हालांकि ईरानी राष्‍ट्रपति की ओर से अपडेट आने के बाद यह वायदा बाजार में 2.674 डॉलर पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि नेचुरल गैस की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।  होर्मुज को लेकर फिर बना संकट?  शनिवार की सुबह ईरान के सांसद अध्‍यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने कहा कि होर्मुज को अमेरिका के इशारे पर नहीं, बल्कि ईरान के नियम के आधार पर संचालित किया जाएगा. साथ ही उन्‍होंने कहा कि अगर अमेरिका ईरानी पोर्ट पर प्रतिबंध लगाकर रखता है तो होर्मुज बंद कर दिया जाएगा. उन्‍होंने ट्रंप के बयानों की आलोचना की. इस खबर के बाद सोमवार को तेल की कीमतों पर असर दिखाई दे सकता है. तेल-गैस की कीमतों में फिर से तेजी दिख सकती हैं।  बाजार में क्‍या होगा असर?  स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से अमेरिकी बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली. अमेरिकी बाजार 2 फीसदी से ज्‍यादा चढ़ गया. वहीं भारतीय बाजार का इंडिकेटर गिफ्ट निफ्टी भी शानदार तेजी का संकेत दे रहा है. सोमवार को भारतीय बाजार में करीब 300 अंकों का गैपअप देखने को मिल सकता है। 

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए राज्य सरकार ने शुरू किया ऑनलाइन प्रशिक्षण

अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने राज्य सरकार ने उठाये कदम, दिया ऑनलाइन प्रशिक्षण विशेषज्ञों ने संबद्ध अधिकारियों को दिया ऑनलाइन प्रशिक्षण भोपाल आगामी अक्षय तृतीया 20 अप्रैल के अवसर पर होने वाले बाल विवाहों की संभावनाओं को पूरी तरह से रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। विभाग द्वारा 'बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006' के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये प्रदेश भर के नामित बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों के लिए एक दिवसीय विशेष ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम, शुक्रवार को संचालनालय महिला बाल विकास भोपाल में हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र को सुदृढ़ करना और सूचना मिलते ही वैधानिक प्रक्रियाओं को गति देना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की किशोर न्याय समिति के वरिष्ठ सलाहकार एवं अधिवक्ता श्री गुरमुख सिंह लाम्बा तथा यूनिसेफ, मध्यप्रदेश के बाल संरक्षण अधिकारी श्री गोविंद बेनीवाल उपस्थित रहे। विषय विशेषज्ञों ने बाल विवाह प्रतिषेध कानून की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों को संविधान प्रदत्त उनकी शक्तियों और कर्तव्यों का बोध कराया। वरिष्ठ सलाहकार श्री लाम्बा ने कानूनी प्रावधानों के तहत त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया, वहीं श्री बेनीवाल ने सामाजिक दृष्टिकोण और प्रशासनिक तालमेल के महत्व को रेखांकित किया। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को विस्तृत रूप से बताया गया कि बाल विवाह की सूचना प्राप्त होते ही किस प्रकार निषेधाज्ञा जारी करवाई जाए और यदि विवाह संपन्न हो चुका हो, तो उसे शून्य घोषित कराने की विधिक प्रक्रिया क्या होनी चाहिए। विशेषज्ञों ने पुलिस और जिला प्रशासन के साथ मिलकर की जाने वाली त्वरित कार्रवाइयों और जिला मजिस्ट्रेट द्वारा की जाने वाली विभिन्न वैधानिक प्रक्रियाओं के बारे में भी ओरिएंटेशन किया। प्रशिक्षण में अधिकारियों ने फील्ड में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों और चुनौतियों को साझा किया, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान करते हुए मार्गदर्शन प्रदान किया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अक्षय तृतीया के दौरान निगरानी तंत्र को अत्यंत संवेदनशील और सक्रिय रखा जाएगा जिससे किसी भी मासूम का भविष्य असुरक्षित न हो। इस महत्वपूर्ण ऑनलाइन प्रशिक्षण में विभाग के राज्य और जिला कार्यालयों के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने सामूहिक रूप से प्रदेश को बाल विवाह मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया।  

अहमदाबाद में गिल का शाही प्रदर्शन: 86 रन से KKR की धज्जियां उड़ाईं

अहमदाबाद अहमदाबाद में एक बार फिर शुभमन गिल का बल्ला जमकर बोला और गुजरात टाइटन्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 5 विकेट से हराकर आईपीएल 2026 में अहम जीत दर्ज की. शुक्रवार को आई इस जीत के साथ गुजरात की टीम पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर पहुंच गई, जबकि कोलकाता की टीम छह मैचों के बाद भी जीत का खाता नहीं खोल सकी।  गिल का अहमदाबाद से खास रिश्ता इस मैच में भी देखने को मिला. उन्होंने 50 गेंदों पर 86 रन की पारी खेली और इस मैदान पर टी20 में अपनी 27 पारियों में 10वीं बार 50 से ज्यादा का स्कोर बनाया. अहमदाबाद में उनके नाम अब 1369 रन हो चुके हैं, जहां उनका औसत 59.52 और स्ट्राइक रेट 165.53 का है, जिसमें 4 शतक और 6 अर्धशतक शामिल हैं।  मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स ने 20 ओवर में 180 रन बनाए. टीम की ओर से कैमरन  ग्रीन ने 55 गेंदों पर 79 रन की पारी खेली, जबकि रोवमैन पॉवेल ने 20 गेंदों में 27 रन जोड़े. गुजरात की ओर से कगिसो रबाडा ने 3 विकेट लेकर अहम योगदान दिया, जबकि मोहम्मद सिराज ने 2 विकेट झटके।  181 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटन्स की शुरुआत मजबूत रही और टीम ने आखिरकार 19.4 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया. शुभमन गिल ने 86 रन की पारी खेली, जबकि जोस बटलर ने 15 गेंदों में 25 रन का योगदान दिया. कोलकाता की ओर से वरुण चक्रवर्ती ने 2 विकेट लिए, लेकिन वह टीम को जीत नहीं दिला सके।  गुजरात ने यह मैच आखिरी ओवर में जीतकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया, हालांकि एक समय टीम काफी आसान स्थिति में नजर आ रही थी. इस हार के साथ KKR की लगातार छठी हार दर्ज हुई और टीम अब भी जीत की तलाश में है।  शुभमन गिल, T20 @अहमदाबाद  पारी: 27 रन: 1369 औसत: 59.52 SR: 165.53 शतक/पचास: 4/6 आख‍िरी ओवर्स में ब‍िखरी कोलकाता की टीम  आखिरी ओवरों में KKR की पारी बिखर गई.15वें ओवर में टीम 147/4 पर थी, लेकिन 19वें ओवर तक 173/9 हो गई. कैमरन  ग्रीन अंत तक टिके रहे, लेकिन आखिरी दो ओवरों में वह तेजी से रन नहीं बना सके और नौ गेंदों में सिर्फ तीन रन ही जोड़ पाए. पारी की आखिरी गेंद पर राशिद खान ने उन्हें आउट कर दिया. KKR ने 20 ओवर में 180 रन बनाए।  गुजरात की हुई धाकड़ शुरुआत 181 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटन्स  की शुरुआत बेहद आक्रामक रही. शुभमन गिल ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और शानदार शॉट्स खेले. साई सुदर्शन ने भी उनका अच्छा साथ दिया और दोनों ने मिलकर टीम को पांच ओवर में ही 50 के पार पहुंचा दिया. पावरप्ले में गुजरात का स्कोर 70 से ज्यादा हो गया. हालांकि, छठे ओवर में सुनील नरेन ने सुदर्शन को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा।  बटलर का वरुण ने किया श‍िकार  इसके बाद जोस बटलर ने तेज 25 रन बनाकर रन गति बनाए रखी. उन्होंने एक ओवर में दो चौके और एक छक्का भी लगाया. लेकिन वरुण चक्रवर्ती ने एक बार फिर बटलर को अपना शिकार बनाया. यह 11 टी20 मुकाबलों में सातवीं बार था जब वरुण ने बटलर को आउट किया. इसी ओवर में वॉशिंगटन सुंदर भी आउट हो गए, जिससे मैच में थोड़ी टक्कर देखने को मिली।  ट‍िके रहे शुभमन ग‍िल  शुभमन गिल एक छोर संभाले रहे और शानदार बल्लेबाजी करते हुए टीम को जीत के करीब ले गए. उन्होंने टायगी की गेंद पर शानदार पुल शॉट में छक्का लगाया और अपना स्कोर 80 के पार पहुंचाया. लेकिन जब मैच रोमांचक मोड़ पर था, तब कैमरन  ग्रीन ने डीप बैकवर्ड पॉइंट से शानदार कैच लेकर गिल को आउट कर दिया, जिससे कोलकाता को वापसी की उम्मीद जगी।  ग्लेन फ‍िल‍िप्स ने मारे दो चौके मैच हुआ रोमांचक  ग्लेन फिलिप्स ने 18वें ओवर में दो चौके लगाकर मुकाबला लगभग खत्म कर दिया. आखिरी ओवर में गुजरात को जीत के लिए 5 रन चाहिए थे. वैभव अरोड़ा ने फिलिप्स को आउट कर थोड़ी देर के लिए रोमांच बढ़ाया, लेकिन शाहरुख खान ने संयम दिखाते हुए दो रन लेकर टीम को दो गेंद पहले जीत दिला दी. गुजरात ने 19.4 ओवर में 181 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।  कैमरन ग्रीन हुए इंजर्ड  मैच के बाद अजिंक्य रहाणे ने बताया कि कैमरन  ग्रीन क्रैम्प्स से जूझ रहे थे, इसी वजह से वह फील्ड पर बार-बार अंदर-बाहर हो रहे थे और उन्होंने गेंदबाजी भी नहीं की. अब कोलकाता नाइट राइडर्स को अपने अगले मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स का सामना करना है, जो 19 अप्रैल को ईडन गार्डन्स में खेला जाएगा. वहीं, गुजरात टाइटन्स 20 अप्रैल को मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैदान में उतरेगी। 

डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में मुख्यमंत्री ने क्रिएटर्स को दी नई पहचान दिखाने की चुनौती

डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में मुख्यमंत्री का आह्वान: क्रिएटर्स दिखाएं बदलते छत्तीसगढ़ की नई पहचान रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में देशभर से आए कंटेंट क्रिएटर्स का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल एक राज्य नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और प्रकृति का संगम है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह भूमि भगवान श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या के मायके के रूप में जानी जाती है। वनवास के 14 वर्षों में से अधिकांश समय भगवान श्रीराम ने यहीं व्यतीत किया, जिसके प्रमाण आज भी प्रदेश के विभिन्न स्थलों पर मिलते हैं। उन्होंने माता शबरी की भक्ति, दंडकारण्य और अबूझमाड़ जैसे ऐतिहासिक-आध्यात्मिक स्थलों का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को रेखांकित किया। उन्होंने संत गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को याद करते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा की यह परंपरा आज भी प्रदेश की आत्मा में समाहित है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कभी नक्सलवाद से प्रभावित रहा छत्तीसगढ़ आज तेजी से बदल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के परिणामस्वरूप प्रदेश अब नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में निर्णायक सफलता हासिल कर चुका है। उन्होंने बताया कि पहले जहां प्रदेश का बड़ा हिस्सा नक्सल प्रभावित था, वहीं अब विकास की मुख्यधारा गांव-गांव तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग को प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन की अपार संभावनाओं से परिपूर्ण बताते हुए कहा कि यहां के जलप्रपात, घने वन, संस्कृति और जनजातीय जीवन देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूनेस्को द्वारा बस्तर के धुड़मारास गांव को विश्व के 20 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों में शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से आग्रह किया कि वे अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए बस्तर और छत्तीसगढ़ की सकारात्मक छवि देश-दुनिया तक पहुंचाएं। मुख्यमंत्री साय ने उदाहरण देते हुए बताया कि बस्तर के दिव्यांग बालक मड्डा राम का वीडियो वायरल होने पर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर द्वारा उन्हें क्रिकेट किट भेजी गई—यह सोशल मीडिया की ताकत का प्रमाण है। प्रदेश में विकास कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति के तहत पिछले दो वर्षों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही, “छत्तीसगढ़ विजन 2047” के माध्यम से राज्य को विकसित बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “नियद नेल्ला नार योजना” के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, राशन, वनाधिकार पट्टा और दूरसंचार जैसी मूलभूत सुविधाएं सुदूर गांवों तक पहुंचाई गई हैं। बस्तर ओलंपिक और सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। डिजिटल युग पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया विजन का प्रभाव आज गांव-गांव में दिखाई दे रहा है, जहां आम नागरिक भी डिजिटल भुगतान कर रहा है। उन्होंने क्रिएटर्स से इस परिवर्तन को और आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि नक्सलवाद की छाया से बाहर निकलकर उभरता नया छत्तीसगढ़ आज देश के सामने एक सकारात्मक और प्रेरक उदाहरण के रूप में स्थापित हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र को कभी केवल संघर्ष और चुनौतियों के संदर्भ में देखा जाता था, वही आज विकास, शांति और संभावनाओं की नई कहानी लिख रहा है। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से अपील करते हुए कहा कि वे पूर्वाग्रहों से परे जाकर छत्तीसगढ़ को समझें और यहां हो रहे वास्तविक परिवर्तन, जनजीवन में आए सकारात्मक बदलाव, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास की नई गति को अपने मंचों के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल माध्यम केवल अभिव्यक्ति का साधन नहीं, बल्कि धारणा निर्माण की सबसे प्रभावशाली शक्ति बन चुका है, ऐसे में क्रिएटर्स की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे सच्चाई और सकारात्मकता पर आधारित कंटेंट प्रस्तुत कर समाज में नई सोच और विश्वास का संचार करें। इस अवसर पर विधायक किरण सिंह देव, मुख्यमंत्री के सलाहकार आर. कृष्णा दास, डॉ. गुरु पासवान, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव एवं जनसंपर्क आयुक्त रजत बंसल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में लिया भाग

बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रदेश के विकास में बंगाली समाज की अहम भूमिका – मुख्यमंत्री साय रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय  मुख्यमंत्री निवास में आयोजित बंगाली समाज के नववर्ष मिलन समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने समाज के सभी लोगों को बंगाली नववर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में बंगाली समाज का सदैव महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विशेष रूप से मत्स्य पालन एवं उन्नत कृषि के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बंगाली समाज की बड़ी भूमिका रही है। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं में भी समाज के लोग उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पश्चिम बंगाल की भूमि सदैव महान विभूतियों की जन्मस्थली रही है, जहां रविंद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे महापुरुषों ने जन्म लिया। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद अपने युवाकाल में लंबे समय तक रायपुर में रहे। उनके निवास स्थल को सरकार विरासत के रूप में संरक्षित कर रही है तथा राजधानी का विमानतल उनके सम्मान में स्वामी विवेकानंद विमानतल के नाम से जाना जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बंगाली समाज की अहम भूमिका रहेगी।  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी इस अवसर पर बंगाली नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बंगाल का इतिहास अत्यंत समृद्ध रहा है। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस, मेघनाद साहा, स्वामी विवेकानंद और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी महान विभूतियों का स्मरण करते हुए इस विरासत को सहेजने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में विधायक किरण सिंह देव ने भी समाज के प्रतिनिधियों को नववर्ष की बधाई दी। इस अवसर पर अखिलेश सोनी, प्रबल प्रताप जूदेव, पूर्व न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी, प्रवीण सेन, विवेक वर्धन सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राजस्थान में ‘बहू-बेटी’ का फर्क खत्म, नौकरी पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश

जयपुर राजस्थान में अब अनुकंपा नियुक्ति को लेकर 'बहू और बेटी' के बीच का कानूनी फर्क खत्म हो गया है. हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक आदेश में स्पष्ट कर दिया कि ससुर की मौत के बाद उनकी बहू भी उतनी ही हकदार है, जितनी एक बेटी होती है. जस्टिस रवि चिरानियां की एकल पीठ ने सुंदरी देवी की याचिका पर फैसला सुनाते हुए विभाग की उन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया, जो बहू को परिवार का हिस्सा मानने से कतरा रही थीं. कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग की सुस्ती और आपत्तियों पर सख्त नाराजगी जताते हुए साफ कहा कि बहू को नौकरी से रोकना कानून की मूल भावना के खिलाफ है. डिवीजन बेंच के फैसले का दिया हवाला सुनवाई के समय अदालत ने सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली को आइना दिखाया. कोर्ट ने याद दिलाया कि साल 2023 में ही डिवीजन बेंच यह तय कर चुकी है कि बहू को बेटी के समान ही माना जाए. जब कानूनी रूप से बहू अनुकंपा नियुक्ति के लिए पूरी तरह योग्य है, तो विभाग का तकनीकी अड़ंगे लगाना समझ से परे है. हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब न्यायपालिका पहले ही इस मुद्दे पर स्थिति साफ कर चुकी है, तो प्रशासन को इसमें नई आपत्ति करने का कोई अधिकार नहीं है. बेटे की बीमारी और मौत ने बढ़ाई मुश्किलें इस मामले के पीछे एक परिवार के संघर्ष की लंबी कहानी है. याचिकाकर्ता के वकील आरसी गौतम ने कोर्ट को बताया कि सुंदरी देवी के ससुर सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) में तैनात थे और 19 नवंबर 2016 को ड्यूटी के दौरान ही उनकी मौत हो गई. उस समय मृतक के इकलौते बेटे यानी सुंदरी के पति एक गंभीर हादसे का शिकार होकर बिस्तर पर थे. ऐसे में बहू ने ही परिवार को संभालने के लिए अनुकंपा नियुक्ति का आवेदन किया, जिसे विभाग ने ठंडे बस्ते में डाल दिया. इस बीच 25 मई 2020 को सुंदरी के पति का भी निधन हो गया, जिससे पूरे परिवार के गुजर-बसर का संकट खड़ा हो गया. 30 दिन की नियुक्ति पत्र सौंपने के आदेश हाईकोर्ट ने सुंदरी देवी के हक में फैसला देते हुए पीडब्ल्यूडी विभाग को अल्टीमेटम दिया है. अदालत ने कहा कि विभाग बिना किसी बहानेबाजी के अगले 30 दिनों में याचिकाकर्ता को नियुक्ति पत्र सौंपे. कोर्ट ने कड़ी हिदायत दी है कि अब किसी भी तरह की तकनीकी अड़चन नहीं आनी चाहिए और प्रक्रिया में एक दिन की भी देरी बर्दाश्त नहीं होगी. 45 दिन में पेश करनी होगी रिपोर्ट अदालत ने इस मामले में सीधे अधिकारियों की जवाबदेही तय की है. कोर्ट ने आदेश दिया कि 45 दिनों के भीतर इस फैसले पर अमल की रिपोर्ट (Compliance Report) पेश की जाए. जस्टिस चिरानियां ने सख्त चेतावनी दी कि यदि आदेश लागू करने में लापरवाही हुई, तो जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कोर्ट की अवमानना (Contempt of Court) की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी. इस फैसले ने उन हजारों महिलाओं के लिए उम्मीद जगाई है जो ससुराल में रहकर पूरे परिवार का सहारा बनी हुई हैं.