samacharsecretary.com

प्रॉपर्टी टैक्स की भराई के लिए आखिरी तारीख 31 मई, न चूके!

चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चंडीगढ़ ने शहर के लोगों और प्रॉपर्टी मालिकों से अपील की है कि वे तय समय में टैक्स जमा करके प्रॉपर्टी टैक्स छूट स्कीम का पूरा फायदा उठाएं। कॉर्पोरेशन कमिश्नर अमित कुमार ने कहा कि टैक्स 2026-27 के लिए असेसमेंट ईयर 1 अप्रैल, 2026 से शुरू हो गया है। जो प्रॉपर्टी मालिक तय समय में अपना टैक्स जमा करते हैं, वे इस खास छूट का फायदा उठा सकते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स में मिलेगी छूट रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के मालिकों को 20% और कमर्शियल प्रॉपर्टी के मालिकों को 10% की छूट दी जा रही है। यह छूट 1 अप्रैल, 2026 से 31 मई, 2026 तक टैक्स जमा करने पर लागू होगी, जबकि चेक और डिमांड ड्राफ्ट से पेमेंट सिर्फ 26 मई, 2026 तक ही स्वीकार किए जाएंगे। कहां जाता है टैक्स का पैसा कमिश्नर ने कहा कि टैक्स जल्दी जमा करने से जहां लोगों को ज्यादा से ज्यादा छूट मिलती है, वहीं नगर निगम के फाइनेंशियल रिसोर्स भी मजबूत होते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स निगम के रेवेन्यू का एक बड़ा सोर्स है, जिसका इस्तेमाल शहर में सफाई, सड़क की देखभाल, पानी की सप्लाई और शहरी विकास के कामों जैसी बेसिक सर्विस देने में किया जाता है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि टैक्स जमा करने से पहले ऑफिशियल ई-संपर्क पोर्टल पर अपना अभी का बकाया चेक कर लें और यह पक्का कर लें कि छूट पाने के लिए तय समय के अंदर सभी बकाया चुका दिए गए हैं। 

सरकार का बड़ा तोहफा! अब Group-D स्टाफ को मिलेगा गेहूं खरीदने के लिए Interest-Free Loan

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने ग्रुप-डी के कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने क्लास-4 कर्मचारियों को घरेलू उपयोग के लिए गेहूं खरीदने के लिए बिना ब्याज ऋण देने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि सरकार ने यह फैसला कर्मचारियों के कल्याण के लिए लिया है। यही कारण है कि सरकार ने इन कर्मचारियों को घरेलू उपयोग के लिए गेहूं खरीदने हेतु बिना ब्याज ऋण देने की मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बुधवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि भगवंत मान सरकार ने पात्र ग्रुप-डी कर्मचारियों को विशेष रूप से गेहूं खरीद के लिए न्यूनतम 10,340 रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण प्रदान करने का फैसला किया है। इस राशि की गणना प्रति परिवार औसतन चार क्विंटल गेहूं की खपत को आधार मानकर की गई है। चीमा ने बताया कि कर्मचारी 29 मई 2026 तक सरकारी खजाने से यह ऋण राशि निकाल सकेंगे। इस कल्याणकारी योजना के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 15 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। वहीं, ऋण की वसूली को लेकर वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों पर किसी प्रकार का वित्तीय दबाव न पड़े, इसके लिए ऋण की राशि आठ मासिक किस्तों में वसूल की जाएगी। किस्तों की कटौती जून माह के वेतन से (जो जुलाई में भुगतान किया जाएगा) शुरू होगी और चालू वित्त वर्ष के अंदर पूरी वसूली सुनिश्चित की जाएगी। बता दें कि केंद्र सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले वर्ष से ₹160 अधिक है। पंजाब की मंडियों में वर्तमान बाजार भाव MSP के आसपास ही चल रहा है, औसतन ₹2,585 प्रति क्विंटल के करीब है। कुछ मंडियों में भाव ₹2,500 से ₹2,590 प्रति क्विंटल तक बताए जा रहे हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि हमारी सरकार कर्मचारियों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा और सहायता के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।

समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने के लिए भारत सरकार से चर्चा जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने भारत सरकार से चर्चा जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं के लिये 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया। प्रदेश में गेहूं की अच्छी पैदावार को देखते हुए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन लक्ष्य से अधिक होने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए भारत सरकार से गेहूं उपार्जन के लक्ष्य में वृद्धि करने के लिये चर्चा की गई है। इस संबंध में भारत सरकार से निरंतर संपर्क बनाए हुए है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये 19.04 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया जो कि विगत वर्ष से लगभग 3 लाख अधिक है। प्रदेश में 2 लाख 21 हजार 455 किसानों से 95 लाख 17 हजार 550 क्विंटल गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। इसमें से 75 लाख 57 हजार 580 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले 1 लाख 6 हजार 55 किसानों को समर्थन मूल्य की राशि 1091.33 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की प्रारंभिक अवधि में पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न विषम परिस्थिति के उपरांत भी गेहूं उपार्जन के लिए आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की गई। इसमें नवीन जूट के बारदानों के अतिरिक्त पीपी बेग एवं भर्ती बारदानों की व्यवस्था की गई। वर्तमान में गेहूं उपार्जन के लिये पर्याप्त बारदाना उपलब्ध है। किसानों से राशि 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा रु 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।  

सांसद अमरिंदर राजा वारिंग ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ वेब सीरीज पर रोक लगाने की अपील की

चंडीगढ़  पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने अपकमिंग वेब सीरीज 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। वारिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर इस सीरीज की स्क्रीनिंग और रिलीज पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है।  अपराध का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं- MP अमरिंदर सिंह राजा वारिंग राजा वारिंग ने अपने पत्र में चिंता व्यक्त की है कि यह वेब सीरीज समाज में अपराध का महिमामंडन करती है। उन्होंने तर्क दिया कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन पर आधारित इस तरह की सामग्री न केवल युवाओं को गलत संदेश देती है, बल्कि पंजाब की शांति और सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र में वारिंग ने लिखा कि मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि कृपया सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को इस वेब सीरीज की रिलीज पर रोक लगाने के निर्देश जारी करें। ऐसी सामग्री समाज में हिंसा और अपराधीकरण को बढ़ावा देती है।

हुमायूं कबीर पर हमला, सुवेंदु सरकार को दौड़ाकर पीटा, बंगाल में जगह-जगह हिंसा की वारदातें

 कोलकाता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान ने हिंसक रूप अख्तियार कर लिया है. एक तरफ मतदाता भारी संख्या में पोलिंग बूथों पर पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राज्य के विभिन्न हिस्सों से आगजनी, मारपीट और तोड़फोड़ के गंभीर मामले सामने आ रहे हैं। मुर्शिदाबाद, कूचबिहार, सिलिगुड़ी और मालदा में जमकर बवाल हो रहा है. मुर्शिदाबाद में उपद्रवियों ने हुमायूं कबीर की कार पर लाठी और ईंटों से हमला किया।  मुर्शिदाबाद के नौदा में उस समय हड़कंप मच गया जब AJUP प्रमुख और रेजीनगर से उम्मीदवार हुमायूं कबीर के काफिले पर उपद्रवियों ने ईंटों और लाठियों से हमला कर दिया. इस दौरान टीएमसी और एजेयूपी कार्यकर्ताओं के बीच खूनी झड़प हुई. कबीर की पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई. उन्होंने इस हमले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।  कूचबिहार में केंद्रीय बलों का एक्शन कूचबिहार के तूफानगंज इलाके में मतदान के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई. स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख वहां तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने मोर्चा संभाला. सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज कर और भीड़ को खदेड़कर स्थिति को तितर-बितर किया. आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व मतदाताओं को डराने का प्रयास कर रहे थे, जिसके बाद जवानों को बल प्रयोग करना पड़ा।  मुर्शिदाबाद-कूचबिहार में बवाल दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज (Kumarganj) विधानसभा क्षेत्र से एक बेहद विचलित करने वाली घटना सामने आई है. यहाँ के भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के समर्थकों ने हमला कर दिया. बताया जा रहा है कि सुवेंदु सरकार को सूचना मिली थी कि एक विशेष बूथ पर 'बूथ जैमिंग' की जा रही है. जब वे अपनी टीम के साथ वहां पहुंचे, तो उन पर लाठियों और घूंसों से हमला किया गया. सुवेंदु सरकार ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में टीएमसी के गुंडों ने उन्हें पीटा।  मालदा में हंगामा मालदा के मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र में बालुआचारा हाई स्कूल स्थित मतदान केंद्र के बाहर EVM में खराबी आने के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. चुनाव आयोग के अधिकारी के पहुंचने में देरी होने पर वोटर भड़क गए और उन्होंने अधिकारी को घेर लिया और बंधक सा बना लिया. कई मतदाता अफसर की बांह पकड़कर उन्हें खींचते हुए और उनके साथ हाथापाई करते हुए दिखाई दिए।  तृणमूल कैंप ऑफिस में तोड़फोड़ मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब तृणमूल कांग्रेस के ही दो गुट आपस में भिड़ गए. यह विवाद इतना बढ़ गया कि राज्य के निवर्तमान मंत्री ताज़मुल हुसैन के पैतृक गांव बांगरुआ (बूथ संख्या 200 और 201) में टीएमसी के एक चुनावी कैंप ऑफिस में जमकर तोड़फोड़ की गई।  हरिश्चंद्रपुर-I ब्लॉक पंचायत समिति में टीएमसी के नेता स्वपन अली ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मंत्री ताजमुल हुसैन और उनके समर्थक खुलेआम कांग्रेस पार्टी के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं. स्वपन अली का आरोप है कि मंत्री के ही निर्देश पर उनके समर्थकों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर टीएमसी के कैंप ऑफिस पर हमला किया, पार्टी के झंडे फाड़े और बैनरों को क्षतिग्रस्त कर दिया।  सिलीगुड़ी में भिड़े TMC और बीजेपी कार्यकर्ता भिड़े सिलीगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ स्थित बूथ संख्या 26/237 पर वोटिंग के बीच मतदान केंद्र के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच अचानक बहस शुरू हो गई. देखते ही देखते यह विवाद गरमा गया और दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी।  घटना के वक्त इलाके से बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष भी मौके पर मौजूद थे. केंद्र पर तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवानों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया. सुरक्षा बलों की मुस्तैदी की वजह से प्रिय घटना टल गई और मतदान की प्रक्रिया को फिर से सुचारू रूप से शुरू कराया जा सका।  '5 स्पेशल ट्रेनों से वोटर लाए गए' आसनसोल उत्तर सीट से टीएमसी प्रत्याशी मलय घटक ने दावा किया कि वोटिंग से एक दिन पहले रात में पांच विशेष ट्रेनें राज्य में पहुंची हैं, जिनमें से चार गुजरात और एक मध्य प्रदेश से आई हैं. बिहार से भी बसों के जरिए बाहरी लोगों को लाया गया है. उनकी टीम ने इन बसों और संदिग्ध गतिविधियों के फोटो और अन्य सबूत जुटाए हैं. मामले की शिकायत चुनाव आयुक्त से की गई है।  गाड़ी में EVM मिलने का दावा जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र में ईवीएम को लेकर विवाद हो गया. श्रीपुर इलाके में एक सड़क किनारे ढाबे के पास खड़ी एक गाड़ी में ईवीएम मिलने का आरोप सामने आया है, जिससे चुनावी माहौल गरमा गया. स्थानीय लोगों और विपक्षी नेताओं का कहना था कि 'ऑन इलेक्शन ड्यूटी- जमुरिया AC 279' लिखी गाड़ी में कई रिजर्व EVM रखी हुई थीं, लेकिन मौके पर कोई सुरक्षा कर्मी नहीं था। 

बद्रीनाथ के द्वार खुले वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान के साथ, पूरा धाम गूंज उठा जयकारों से

  चमोली विश्व प्रसिद्ध चारधाम में शुमार भू बैकुंठ बदरीनाथ धाम के कपाट वैदिक मंत्रोच्चार और विधि विधान से खोल दिए गए हैं. भगवान बदरी विशाल के कपाट सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर 6 महीने के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए. इस मौके पर बदरीनाथ मंदिर को करीब 20 क्विंटल फूलों से सजाया गया. जिससे धाम की छटा देखते ही बन रही है. इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे।  सुबह 6:15 बजे खुले बदरीनाथ धाम के कपाट:बता दें कि गुरुवार यानी 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनों के लिए खोल दिए गए हैं. कपाट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर 'जय बदरी विशाल' के जयकारों से गूंज उठा. इस मौके पर हजारों लोग कपाट खुलने के साक्षी बने. जो भगवान बदरी विशाल के दर्शन और खास पल के साक्षी बन कर खुद को भाग्यशाली मानते दिखे. कपाट खुलते ही भक्तों की लाइन दर्शनों के लिए लग गई हैं. खुद सीएम धामी बदरीनाथ में मौजूद हैं।  आस्था, भक्ति और श्रद्धा से जुड़े चारधाम यात्रा का आगाज:वहीं, अब बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही उत्तराखंड की चारधाम यात्रा 2026 पूरी तरीके से सुचारू हो गई है. गौर हो कि सबसे पहले यानी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खोल दिए गए थे. जिसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट भी खोले गए. इसके साथ ही अब आस्था, भक्ति और श्रद्धा से जुड़ा चारधाम यात्रा का आगाज हो गया है. चारधाम यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह श्रद्धालुओं में देखने को मिल रहा है।  बदरीनाथ धाम में तमाम व्यवस्थाएं जुटाई गई हैं. बदरी केदारनाथ मंदिर समिति से लेकर पुलिस ने सारी व्यवस्थाएं चाक चौबंद की है. ताकि, देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. चमोली एसपी सुरजीत सिंह पंवार ने चारधाम यात्रा ड्यूटी में तैनात पुलिस बल को भीड़ नियंत्रण के साथ यात्रियों के साथ 'अतिथि देवो भवः' एवं उत्तराखंड पुलिस की थीम 'मित्रता, सेवा, सुरक्षा' की भावना के अनुरूप व्यवहार करने को कहा है. ताकि, श्रद्धालु उत्तराखंड से पॉजिटिव अनुभव लेकर लौटें।  क्यों कहा जाता है बदरीनाथ धाम को भू यानी धरती का बैकुंठ?बता दें कि भगवान विष्णु को समर्पित बदरीनाथ धाम चमोली जिले में अलकनंदा नदी तट पर स्थित है. जो हिंदुओं के प्रमुख और अहम तीर्थ स्थलों में ये एक है. यह मंदिर समुद्र तल से करीब 3,133 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद है. जो देश के चारधाम (बदरीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम) के अलावा यह छोटे चारधाम (उत्तराखंड के चारधाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ) में भी से एक है।  बदरीनाथ धाम को भू बैकुंठ यानी धरती का बैकुंठ भी कहा जाता है. यहां मंदिर परिसर में 15 मूर्तियां हैं. जिनमें सबसे प्रमुख भगवान विष्णु की एक मीटर ऊंची काले पत्थर (शालिग्राम) की प्रतिमा है. बदरीनाथ धाम में भगवान विष्णु ध्यान मग्न मुद्रा में विराजमान हैं. जबकि, भगवान विष्णु के प्रतिमा के बगल में कुबेर जी, लक्ष्मी जी और नारायण जी की मूर्तियां है।  बदरीधाम में बदरी नारायण के 5 स्वरूपों की पूजा-अर्चना होती है. भगवान विष्णु के इन 5 रूपों को 'पंच बदरी' के नाम से भी जाना जाता है. बदरीनाथ के मुख्य मंदिर के अलावा अन्य चार बद्रियों के मंदिर भी चमोली जिले में ही स्थित हैं. बदरीनाथ पांचों मंदिरों में से मुख्य एवं अहम है. इसके अलावा योगध्यान बदरी, भविष्य बदरी, वृद्ध बदरी और आदिबदरी शामिल हैं।  दक्षिण भारत से आते हैं बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी: माना जाता है कि भगवान नारायण यानी विष्णु को समर्पित बदरीनाथ मंदिर को आदि गुरु शंकराचार्य ने चारों धाम (बदरीनाथ, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम) में से एक के रूप में स्थापित किया था. यह मंदिर 3 भागों में बंटा हुआ है. जिसमें गर्भगृह, दर्शन मंडप और सभामंडप शामिल हैं. शंकराचार्य व्यवस्था के तहत बदरीनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी दक्षिण भारत के केरल राज्य से आते हैं। 

अजनाला केस में सांसद अमृतपाल सिंह की 2 दिन के पुलिस रिमांड पर पेशी, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई सुनवाई

अमृतसर खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को अजनाला थाने पर हुए हमले के मामले में अदालत में आज पेशी होगी। क्योंकि अमृत पाल अभी तक का डिब्रूगढ़ जेल में है इस कारण ये पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई जानी है, जिसके लिए प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।  इस मामले से जुड़ी कार्रवाई के तहत पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम असम स्थित डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल पहुंची हुई है, जहां अमृतपाल सिंह को रखा गया था। एनएसए के तहत उनकी नजरबंदी समाप्त होने के बाद अब पुलिस उन्हें इस केस में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए वापस अमृतसर लेकर आ रही है।  अजनाला थाने पर हुए हमले के इस मामले में पहले ही कई सह-आरोपियों को अदालत में पेश किया जा चुका है। अब अमृतपाल सिंह की पेशी के बाद पुलिस अदालत से रिमांड की मांग कर सकती है, ताकि उससे  पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके। 41 लोगों पर दर्ज है मामला इस केस में अमृतपाल सिंह समेत कुल 41 लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर आरोप दर्ज किए गए हैं। इनमें सरकारी कर्मचारियों पर हमला, आपराधिक साजिश, दंगा और हत्या के प्रयास जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इस पूरे प्रकरण में अमृतपाल सिंह को मुख्य आरोपी के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मामले की गंभीरता को देखते हुए सतर्क हैं। अधिकारियों का कहना है कि अमृतपाल सिंह से पूछताछ के बाद जांच को और आगे बढ़ाया जाएगा और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 2023 में हुआ था अजनाला कांड अजनाला कांड फरवरी 2023 में सामने आया था, जब अमृतपाल और उसके समर्थकों ने कथित तौर पर हथियारों के साथ पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए थाने में घुसकर अपने एक साथी को छुड़ाने की कोशिश की थी। इस दौरान पुलिस के साथ झड़प भी हुई थी। इसी मामले में अमृतपाल को मुख्य आरोपित बनाया गया है। उस पर हत्या के प्रयास (धारा 307), सरकारी कर्मचारी पर हमला (धारा 353), आपराधिक साजिश (धारा 120बी), दंगा (धारा 148) और गैरकानूनी जमावड़ा (धारा 149) समेत आर्म्स एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार को एनएसए अवधि खत्म होने के बाद दोबारा गिरफ्तारी की अनुमति दी है। इसके साथ ही अदालत ने सुरक्षा कारणों को देखते हुए ट्रायल की कार्यवाही को वर्चुअल मोड में चलाने की इजाजत भी दी है।  

AAP का बड़ा कदम: दिल्ली में भाजपा को बिना मुकाबले जीत का मौका क्यों दिया?

नई दिल्ली दिल्ली की सत्ता गंवा देने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) राजधानी की 'छोटी सरकार' यानि दिल्ली नगर निगम (MCD) से भी दूर हो चुकी है। पिछले एमसीडी चुनाव में बहुमत हासिल करने वाली 'आप' के हालात इन दिनों ऐसे हैं कि लगातार दूसरे साल पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को बिना लड़े जीत का मौका दे दिया है। पंजाब, गुजरात से गोवा तक में विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने इस साल भी दिल्ली में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है। दोनों पदों के लिए 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। आप के पार्षद और विपक्ष के नेता अंकुश नारंग ने कहा, 'हम प्रयास करते तो संख्याबल जुटा सकते थे। कुछ पार्षद मौजूदा व्यवस्था से नाखुश हैं। लेकिन दूसरे दलों की तरह हॉर्स ट्रेडिंग (वोट खरीद-फरोख्त)करने से फायदा नहीं है।' बुधवार को एक पार्टी की बैठक के बाद यह फैसला लिया गया। पार्टी ने तीन में से केवल एक रिक्त स्टैंडिंग कमिटी के लिए नामांकन दाखिल किया है। पार्टी को उम्मीद है कि इस सीट पर वह जीत हासिल कर सकती है। नारंग ने कहा, 'एक बार फिर हमने भाजपा को ना सिर्फ मेयर बल्कि स्टैंडिंग कमिटी का चेयरमैन बनाने का मौका दिया है, क्योंकि पार्टी किसी भी तरह कमिटी में बहुमत हासिल करने की कोशिश करेगी।'आम आदमी पार्टी ने शालीमार बाग से पार्षद जलज चौधरी को कमिटी के लिए उतारा है। नारंग ने कहा कि चौधरी अनुभवी नेता हैं और लंबे समय से इलाके की समस्याओं को उठाते रहे हैं। मेयर-डिप्टी मेयर और स्टैंडिंग कमिटी के लिए 5 पदों पर चुनाव मेयर और डिप्टी मेयर के अलावा स्टैंडिंग कमिटी के तीन सदस्यों के लिए भी 29 अप्रैल को ही वोटिंग होगी। 31 मार्च को भाजपा के 6 और आप के तीन प्रतिनिधि 18 सदस्यीय समिति से रिटायर हो गए थे। छह सीटों के लिए चुनाव संबंधित जोन में होंगे जहां के प्रतिनिधियों का कार्यकाल खत्म हुआ है, जबकि तीन का निर्वाचन सदन में होगा। शेष 9 सदस्यों में भाजपा के पांच और आप के चार सदस्य हैं। बुधवार को भाजपा ने भी एक बैठक करके आगामी चुनाव पर मंथन किया। मेयर पद के लिए भाजपा ने बेगमपुर से पार्षद जय भगवान यादव, महिपालपुर के इंद्रजीत सहरावत और मौजूदा मेयर राजा इकबाल सिंह पर विचार किया। मैदान में उतरेगी कांग्रेस एक तरफ जहां आम आदमी पार्टी ने मैदान छोड़ने का फैसला किया तो कांग्रेस ताल ठोंकने का दमखम दिखा रही है। कांग्रेस ने मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पदों के लिए उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। सदन में 250 सीटों में से भाजपा के 123 और आम आदमी पार्टी के 100 पार्षद हैं। 15 पार्षद इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी से हैं। यह गुट आप से अलग हुआ था। कांग्रेस के 9 पार्षद हैं जबकि एक फॉर्वर्ड ब्लॉक और एक निर्दलीय है। एक सीट खाली है। क्या है वोटों का समीकरण मेयर और डिप्टी मेयर चुनाव में पार्षदों के अलावा दिल्ली के सांसद और विधायक भी हिस्सा लेते हैं। इस हिसाब से भाजपा के पास 141 वोट हैं जबकि आप के पास 106 का संख्याबल है। कांग्रेस के पास दिल्ली से कोई विधायक या सांसद नहीं है। पिछले साल भी आम आदमी पार्टी ने दोनों पदों के लिए उम्मीदवार नहीं उतारा था। भाजपा को बिना लड़े ही जीत का मौका मिल गया था।

शुभेंदु अधिकारी का बड़ा बयान: बंगाल में बदलाव नहीं हुआ तो सनातन धर्म खत्म हो जाएगा

कलकत्ता  पश्चिम बंगाल की 152 विधानसभा सीटों पर आज पहले चरण में मतदान चल रहा है। बंगाल में दो राउंड में वोटिंग होनी है और अगले राउंड का मतदान 29 अप्रैल को होगा। राज्य के नेता विपक्ष और भाजपा के सीनियर लीडर शुभेंदु अधिकारी ने भी मतदान किया और इस दौरान मीडिया वालों से बात करते हुए हिंदू कार्ड भी चल दिया। उन्होंने कहा कि इस बार परिवर्तन होगा। यही नहीं इसके आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि यदि बंगाल में इस बार बदलाव नहीं हुआ तो फिर सनातन बंगाल में खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अच्छा काम कर रहे हैं। फिर भी हर जगह कुछ गुंडे घूम रहे हैं। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि हमारे पोलिंग एजेंट को ही अरेस्ट कर लिया गया है। इस मामले में सख्त ऐक्शन तुरंत लिया जाना चाहिए। शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में अपना वोट डाला। इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से किए इंतजामों की तारीफ की। उन्होंने जनता से बढ़-चढ़कर मतदान करने और शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैं शांतिपूर्ण मतदान की प्रार्थना करता हूं। मुझे उम्मीद है कि इस बार टीएमसी ज्यादा व्यवधान नहीं पहुंचा पाएगी। मतदान से पहले की रात बहुत महत्वपूर्ण होती है। हम चुनाव आयोग और केंद्रीय सुरक्षा बलों का धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने व्यवस्था को बनाए रखने में बड़ा सहयोग दिया। नंदीग्राम वही विधानसभा सीट है, जहां से 2021 में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराकर चुनाव जीता था। इस बार ममता बनर्जी ने भबानीपुर से चुनाव लड़ा है और शुभेंदु अधिकारी वहां से भी मैदान में उतरे हैं। उन्होंने एक बार फिर से यह संदेश देने की कोशिश की है कि ममता बनर्जी को वही टक्कर दे सकते हैं अथवा हरा भी सकते हैं। नंदीग्राम में पहले राउंड में ही मतदान हो रहा है तो वहीं भबानीपुर सीट पर दूसरे चरण में वोटिंग होगी। ममता का बांग्ला कार्ड बनाम भाजपा का हिंदू कार्ड भाजपा को उम्मीद है कि इस बार वह सत्ता हासिल कर सकती है। वहीं ममता बनर्जी लगातार बांग्ला कार्ड चल रही हैं, जबकि भाजपा हिंदू कार्ड के सहारे चुनावी वैतरणी पार करना चाहती है। पहले भी ममता बनर्जी बांग्ला कार्ड चलती रही हैं। इस बार उन्होंने यह आरोप मढ़ दिया है कि यदि भाजपा सत्ता में आई तो फिर बंगालियों का अंडा और मछली खाना मुश्किल हो जाएगा। इसके बाद से हालात ऐसे बन गए हैं कि भाजपा के नेता कई जगहों पर मछली खा रहे हैं और इसकी तस्वीरें जारी कर रहे हैं।

दिल्ली: IRS अफसर की बेटी और नौकर के बीच बड़ा विवाद, चाबी वाली गलती बनी मुसीबत

नई दिल्ली दिल्ली में बुधवार सुबह एक IRS अधिकारी के घर जिस खौफनाक घटना को अंजाम दिया, उसने राजधानी ही नहीं पूरे देश को चिंता में डाल दिया है। खासकर उन लोगों को जो अपने दैनिक कामकाज के लिए घरेलू सहायकों की मदद लेते हैं। कुछ समय पहले काम से निकाले गए एक नौकर ने ना सिर्फ अधिकारी के घर में लूटपाट की, बल्कि उनकी 22 साल की होनहार बेटी की जान ले ली। आशंका यह भी है कि उसने गला घोंटने से पहले पीड़िता पर यौन हमला भी किया। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आईआरएस अधिकारी जिम जाते हुए चाबी को उसी जगह रख गए थे, जहां वह पहले रखते थे। पुराने नौकर को हटाने के बाद उन्होंने इसकी जगह नहीं बदली थी। पुलिस की शुरुआती जांच और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ से पता चला कि उसने पीड़िता को काबू करने के लिए पहले उसके सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया और फिर चार्जर केबल से उसका गला घोंट दिया। द्वारका के एक होटल में करीब 12 घंटे बाद गिरफ्तार हुए आरोपी नौकर को आईआरएस अधिकारी ने डेढ़ महीने पहले काम से हटा दिया था। पैसों के लेनदेन में गड़बड़ी करने पर उसे हटाया गया था। जुए और उधार में फंस चुका आरोपी राहुल मीणा खौफनाक घटना को अंजाम देने के बाद घर से 2.5 लाख रुपये कैश और कुछ गहने लेकर फरार हो गया था। जॉइंट सीपी विजय कुमार ने कहा कि आरोपी के खिलाफ रेप, हत्या और लूट जैसे आरोपों में बीएनएस की कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जानता था सारे भेद जिस समय घटना को अंजाम दिया गया, आईआरएस अधिकारी अपनी पत्नी के साथ सुबह 6 बजे के आसपास ही जिम और वॉकिंग के लिए निकल गए थे। जॉइंट सीपी ने बताया, 'पीड़िता के माता-पिता जिम के लिए निकल गए थे। उन्होंने हर दिन की तरह एक अतिरिक्त चाबी फ्लैट के बाहर रख दी थी। नया नौकर आमतौर पर 6.30 बजे से 7 बजे तक आता था। राहुल को इस बात की जानकारी थी कि चाबी बाहर कहां रखी रहती है।' जानता था कहां रखी होती है जाबी, टाइमिंग की भी जानकारी आरोपी यह भी जानता था कि आईआरएस अधिकारी और उनकी पत्नी किस समय बाहर होते हैं और बेटी घर पर अकेली होती है। एक दिन पहले ही अलवर में महिला से रेप करके रात में ही दिल्ली पहुंचा नौकर सुबह-सुबह दूसरी वारदात को अंजाम देने के लिए अमर कॉलोनी पहुंच गया था। अधिकारी ने कहा, 'अफसर और उनकी पत्नी के घर से निकलने के बाद राहुल वहां पहुंचा। उसने चाबी उठाई और ताला खोलकर घर के अंदर दाखिल हो गया। अंदर पढ़ाई कर रही पीड़िता को धमकाते हुए उसने अलमारी का पासकोड पूछा। इनकार करने पर उसने मारपीट की। पासकोड लेकर अलमारी खोली और कैश-गहने लिए।' इसके बाद उसने लड़की की गला घोंटकर हत्या कर दी। जब बाहर निकलते समय रोका गया था नौकर परिजनों ने बताया कि जब वे करीब 8 बजे वापस आए तो बेटी को खून से लथपथ और अचेत पाया। वे तुरंत उसे लेकर फोर्टिस अस्पताल पहुंचे, जहां मृत घोषित किया गया। वहीं, से पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। आरोपी घर के अंदर करीब 40 मिनट तक रहा। सीसीटीवी फुटेज में वह करीब 6.39 बजे घर में दाखिल होता गदिखा। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने कपड़े भी बदले। 7 बजकर 22 मिनट पर वह घर से बाहर निकलते दिखा। घर के बाहर गाड़ी साफ करते हुए एक सहायक ने उसे रोका भी और पूछा कि वह कैसे आया है। उसने आरोपी से रुकने और कुछ खाकर जाने को कहा। लेकिन आरोपी ने कहा कि उसे किसी जरूरी काम से तुरंत जाना है और वह चला गया। कैसे हत्यारे तक पहुंची पुलिस पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद कई टीमों का गठन किया। 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच के जरिए पुलिस द्वारका के उस होटल तक पहुंची जहां आरोपी छिपा हुआ था। गुरुवार को उसे अदालत में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर लेगी और आगे की पूछताछ से उसके मकसद का पता लगाएगी। पुलिस के मुताबिक, अफसर ने एक जानकार के कहने पर करीब एक साल पहले काम पर रखा था। लेकिन जब उन्हें उसके जुए की लत का पता चला तो काम से हटा दिया था।