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नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में विपक्षी दलों पर गरजे सीएम योगी

महिला विरोधी हैं कांग्रेस व सपा के कारनामे : मुख्यमंत्री नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में विपक्षी दलों पर गरजे सीएम योगी महिलाओं को नेतृत्व का अधिकार नहीं देना चाहती हैं विपक्षी पार्टियां : मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा, ‘देख सपाई, बिटिया घबराई' गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक को पारित न होने देने वाली कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) सहित सभी विपक्षी दलों पर एक बार फिर जमकर निशाना साधा है। गोरखपुर में विपक्षी दलों पर गरजते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये पार्टियां महिलाओं को नेतृत्व का अधिकार नहीं देना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा का इतिहास और उनके कारनामे महिला विरोधी हैं।  सीएम योगी  योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को महिलाओं का अधिकार बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में जब नया संसद भवन बना तो पीएम ने नए संसद भवन में सबसे पहला अधिनियम नारी शक्ति वंदन का ही पारित कराया। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक के जरिये 2029 के लोकसभा चुनाव से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को कानून बनाने और उसके क्रियान्वयन में भागीदारी का अधिकार देना चाहते हैं लेकिन विधेयक के गिरने पर जश्न मनाने वाले महिला विरोधी विपक्ष को यह मंजूर नहीं है। उन्होंने इसके लिए मुख्य रूप से कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और डीएमके को जिम्मेदार ठहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और सपा के कारनामे शुरू से ही महिला विरोधी रहे हैं। कांग्रेस ने महिलाओं, दलितों, वंचितों, पिछड़ो के अधिकार में हमेशा बाधा डालने का काम किया। जबकि सपा तो घोषित रूप से नारी विरोधी है। सपा के बारे में यह कहा भी जाता है, ‘देख सपाई, बिटिया घबराई।’  पुलिस में 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य किया सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले सपा सरकार में मध्य और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लोगों ने बेटियों को स्कूल भेजना बंद कर दिया था। जबकि आज बेटियां बिना रोकटोक के स्कूल जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 1947 से लेकर 2017 तक यूपी पुलिस में सिर्फ 10 हजार महिलाओं की भर्ती हुई थी, जबकि 2017 के बाद यह संख्या 44 से 45 हजार है। प्रदेश में पुलिस भर्ती होने पर 20 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती को अनिवार्य कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद से नौ लाख से अधिक सरकारी नौकरियों में भर्ती हुई हैं और इनमें पौने दो लाख महिलाएं भर्ती हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई रिवाइवल से 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है, प्रदेश में 21 हजार से अधिक स्टार्टअप शुरू हुए हैं और इनमें आधी भागीदारी महिलाओं की है।  आत्मनिर्भर व विकसित भारत को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी आवश्यक सीएम योगी ने कहा कि आत्मनिर्भर और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी आवश्यक है। पंचायतों और स्थानीय निकायों में महिलाओं को सुनिश्चित प्रतिनिधित्व मिल गया है और उसके परिणाम भी सुखद हैं। राज्य में 54 प्रतिशत ब्लॉक प्रमुख महिलाएं ही हैं। इसी तरह ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों को देखें तो महिलाओं की भागीदारी 50 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। सीएम ने कहा कि अब संसद और विधानसभाओं में भी महिलाओं 33 प्रतिशत आरक्षण देने का अभियान पीएम मोदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिये शुरू किया तो सपा, कांग्रेस जैसे महिला विरोधी दल बहानेबाजी करने और लटकाने-भटकाने पर उतर आए।  बहुत दिनों तक कोई अधिकार से वंचित नहीं कर पाएगा भीषण गर्मी में और उस पर भी कम समय की सूचना पर सम्मेलन में महिलाओं की बड़ी संख्या को देखकर प्रसन्न मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में नारी शक्ति की हिस्सेदारी यह साफ संदेश है कि महिलाओं को उनके अधिकार से बहुत अधिक दिनों तक कोई वंचित नहीं रख सकता। यह नारी शक्ति के द्वारा भीख नहीं मांगी जा रही है, उसका यह स्वतः अधिकार है। जिसको आजादी के बाद से ही लटकाने का प्रयास हो रहा था। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी आबादी के प्रति कृत ज्ञापित करते हुए अभियान प्रारंभ किया है। पीएम मोदी का मानना है कि जहां नारी सशक्त होती है तो वह परिवार अपने आप में समर्थ होता है। जब परिवार समर्थ होता है तो समाज की नींव सुदृढ़ होती है। और, जब समाज की नींव सुदृढ़ होती है तो राष्ट्र शक्तिशाली और समृद्ध होता है। भारत की परंपरा में प्रतिष्ठित है मातृशक्ति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा भारत के इतिहास और इसकी परंपरा में मातृशक्ति सदैव प्रतिष्ठित रही है। माताओं के नाम से जोड़कर भगवान राम को कौशल्यानंदन, प्रभु कृष्ण को यशोदानंदन, भीष्म पितामह को गांगेय, अर्जुन को कौंतेय कहा जाना इसी का प्रमाण है। श्रीराम में शब्द माता सीता के लिए है। सियावर रामचंद्र की जय का जयकारा भी पहले माता सीता का नाम जोड़कर लगाया जाता है। श्रीकृष्ण की धरा मथुरा-वृंदावन में हर संबोधन राधे राधे के नाम से शुरू होता है। काशी में नमः पार्वती पतये का उद्घोष होता है। देवतुल्य नदी गंगा जी को भी मां गंगे कहा जाता है। पशुयोनि में होने के बावजूद गाय को गोमैया कहा जाता है। यह सभी मातृशक्ति के संबोधन से ही जुड़े हुए हैं।  दुनिया दूध गाय का ही पीती है सीएम योगी ने कहा कि दुनिया का कोई भी देश हो, वह गाय को माता भले न माने, लेकिन दूध वह गाय का ही पीता है। हर स्तर पर आगे बढ़ा रहे नारी गरिमा की महत्ता का सम्मान मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी गरिमा और उसकी महत्ता को हर स्तर पर सम्मान देते हुए आगे बढ़ाने का काम देश मे 2014 के बाद पीएम मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ है। पहले बेटी संपत्ति में अपना अधिकार न मांग सके, इसके लिए भ्रूण हत्या की शिकायतें आ रही थीं। प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना, इंद्रधनुष योजना जैसे कार्यक्रमों से महिला और पुरुष अनुपात की भिन्नता तथा भ्रूण हत्या जैसे अभिशाप को रोकने के प्रयास किए। सीएम ने बताया कि प्रदेश में भी महिलाओं के सम्मान में बिटिया के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चलाई। 26 लाख … Read more

बेअदबी कानून को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर कानूनी सवाल

बेअदबी कानून पर कानूनी विवाद: हाईकोर्ट में चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर उठे सवाल बेअदबी कानून को लेकर हाईकोर्ट में दायर की गई चुनौती, उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर कानूनी सवाल बेअदबी कानून में उम्रकैद और राष्ट्रपति की मंजूरी पर सवाल, हाईकोर्ट में चुनौती दायर चंडीगढ़  पंजाब सरकार द्वारा लागू किए गए जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 को लेकर कानूनी विवाद गहरा गया है। इस कानून को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जालंधर निवासी सिमरनजीत सिंह ने जनहित याचिका दाखिल कर इसे असांविधानिक घोषित करने और रद्द करने की मांग की है।  याचिका में कहा गया है कि यह कानून संविधान की मूल भावना और स्थापित आपराधिक न्याय प्रणाली के विपरीत है। खासतौर पर इसके दंडात्मक प्रावधानों और प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई गई हैं। याचिकाकर्ता का तर्क है कि अधिनियम समवर्ती सूची के विषयों को प्रभावित करता है और मौजूदा आपराधिक कानूनों, विशेषकर भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों से टकराव पैदा करता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि ऐसे मामलों में संविधान के अनुच्छेद 254(2) के तहत राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यक होती है, जबकि इस अधिनियम को केवल राज्यपाल की सहमति से लागू कर दिया गया। इसे गंभीर संवैधानिक त्रुटि बताया गया है। धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को कमजोर करने का आरोप अधिनियम पर धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत को कमजोर करने का आरोप भी लगाया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार, इसमें केवल एक धार्मिक ग्रंथ को विशेष सुरक्षा देते हुए कठोर दंड का प्रावधान किया गया है, जबकि अन्य धर्मों के ग्रंथों को शामिल नहीं किया गया, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है। सबसे ज्यादा विवाद अधिनियम की धारा 5(3) को लेकर सामने आया है, जिसमें बेअदबी की साजिश जैसे अपराध के लिए उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। याचिका में इसे अनुपातहीन और मनमाना बताया गया है, क्योंकि इस तरह के अपराध में प्रत्यक्ष हिंसा शामिल नहीं होती। इसके अलावा बेअदबी की परिभाषा को अत्यधिक व्यापक बताते हुए कहा गया है कि इसमें शब्दों, संकेतों और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों को शामिल किया गया है, जिससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। याचिका में अधिनियम के क्रियान्वयन पर तत्काल रोक लगाने की मांग भी की गई है। दलील दी गई है कि यदि बाद में यह कानून असांविधानिक करार दिया जाता है, तो इसके तहत शुरू हुई आपराधिक कार्यवाहियां नागरिकों को अपूरणीय नुकसान पहुंचा सकती हैं। फिलहाल याचिका हाई कोर्ट की रजिस्ट्री में दाखिल हो चुकी है और जल्द ही इसके सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की संभावना है।    

मंगल और 3 अन्य ग्रह बदलेंगे अपनी चाल, इन राशियों के लिए शुभ संकेत

मई 2026 का महीना ज्योतिष के लिहाज से काफी खास माना जा रहा है. इस दौरान कई बड़े ग्रह अपनी चाल और स्थिति में बदलाव करेंगे, जिससे कई शुभ योग बनेंगे. इन ग्रहों के प्रभाव से कुछ राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं. करियर, धन, पढ़ाई और रिश्तों से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं।  द्रिक पंचांग के मुताबिक, महीने की शुरुआत में यानी 1 मई को बुध मेष राशि में अस्त होंगे, इसके बाद मंगल मेष में प्रवेश करेंगे. फिर, शुक्र मिथुन राशि में जाएंगे. महीने के बीच में सूर्य वृषभ राशि में गोचर करेंगे. साथ ही बुध का वृषभ में उदय और बाद में मिथुन में प्रवेश भी इस समय को और खास बना देगा. इन सभी ग्रहों की चाल मिलकर कुछ राशियों के लिए शुभ समय बना सकती है।  मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए मई का महीना अच्छे अवसर लेकर आ सकता है. नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सफलता मिल सकती है. आपकी मेहनत का फल मिलेगा. कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान बढ़ेगी. इस दौरान धार्मिक यात्रा के योग भी बन सकते हैं. पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है।  वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए यह समय नई शुरुआत का हो सकता है. पढ़ाई से जुड़े लोगों को मनचाहा संस्थान मिल सकता है. व्यापार में भी नए अवसर सामने आएंगे. दोस्तों और करीबियों के साथ रिश्ते बेहतर होंगे. इस महीने यात्रा के भी कई मौके मिल सकते हैं, जो आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे।  सिंह राशि सिंह राशि के लोगों के लिए यह महीना तरक्की के संकेत दे रहा है. लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं. व्यापार में लाभ मिलने की संभावना है. नौकरी में पद और सम्मान दोनों बढ़ सकते हैं. आपकी मेहनत और समझदारी आपको आगे बढ़ने में मदद करेगी।  मकर राशि मकर राशि वालों के लिए मई का महीना सुखद परिणाम लेकर आ सकता है. जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे काम आसान होंगे. प्रेम संबंधों में भी मिठास बनी रहेगी. कोई खास सरप्राइज मिल सकता है. रुके हुए काम पूरे होंगे. कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में भी राहत मिलने के संकेत हैं। 

Railway Bomb Threat: Ambala-Delhi रूट पर अलर्ट, हरियाणा के स्कूलों में दहशत फैलाने वाले ईमेल

अंबाला. पंजाब और हरियाणा में रेलवे ट्रैकों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। 24 अप्रैल को 8:11 मिनट पर अंबाला से लेकर दिल्ली तक रेलवे ट्रैक पर धमाके करने की धमकी दी गई है। इसके अलावा पंजाब में भी लुधियाना अमृतसर बठिंडा फिरोजपुर में रेलवे ट्रैक उड़ाने की धमकी दी गई है। ईमेल के माध्यम से भेजी गई इस धमकी में हरियाणा के मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और पंजाब के मुख्यमंत्री को भी जान से मारने की धमकी दी गई है। ईमेल में कहा गया है कि 24 अप्रैल को अपने बच्चों को स्कूल में मत भेजो और रेल से सफर मत करो। लुधियाना के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जारी हुआ है। फिलहाल चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल है। धमकी भरा ई-मेल जारी होने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों के ग्रुपस में जानकारी शेयर की और पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया। स्प्रिंग डेल स्कूल ने तो बच्चों की छुट्टी कर दी। फिलहाल स्कूल में पुलिस की ओर से चैकिंग चल रही है। वहीं आज ही बठिंडा के दो प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों—सेंट जेवियर स्कूल और मिलेनियम स्कूल— को बम से उड़ाने की धमकी मिली। इसके साथ ही बठिंडा रेलवे स्टेशन को भी निशाना बनाने की चेतावनी भरा ईमेल सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया और पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया।

हाईकोर्ट का कड़ा कदम: चंडीगढ़ के जज को आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने पर किया सस्पेंड

चंडीगढ़  पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में तैनात एक जज को उनकी कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में सस्पेंड कर दिया है। जज को न सिर्फ सस्पेंड किया गया है, बल्कि उन्हें तुरंत प्रभाव से ट्रांसफर कर हरियाणा भी भेज दिया है। सस्पेंशन के दौरान वह हरियाणा के उसी जिले में रहेंगे। चीफ जस्टिस की ओर से जारी इस आर्डर में कहा गया कि उन्हें पता लगा है कि कुछ दिनों से एक जज की आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही है। इसलिए हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए जज को ही निलंबित कर दिया। खास बात यह है कि यह वही जज हैं, जिनकी आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे डेढ़ करोड़ की रंगदारी मांगी जा रही थी। इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत भी दी थी, पुलिस ने रोहतक के एक वकील मोहित वर्मा को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज की। इससे पहले जज ने पुलिस को शिकायत दी थी कि कुछ समय पहले उनका मोबाइल खो गया था, जिसमें उनके परिवार की तस्वीरें, वीडियो और स्क्रीन रिकार्डिंग थीं। जज का कहना था कि आरोपित ने उनकी वीडियो एडिट या मैनिपुलेट कर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की है। आरोप था कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी जानकारी के अनुसार 18 फरवरी 2026 को जज को एक अज्ञात नंबर से काल और वाट्सएप पर एक वीडियो मिला। जज का आरोप है कि क्लिप में उनकी आपत्तिजनक वीडियो थी। उनका आरोप था कि उस वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी। पुलिस ने जांच शुरू कर दी और रोहतक के वकील मोहित वर्मा को 11 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस को उससे दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए थे।

अमेरिका का ईरानी टैंकर पर धावा, हिंद महासागर में 3 जहाजों की घेराबंदी के बाद तनाव बढ़ा

तेहरान  अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव अब समुद्र के बीच खुली ताकत की लड़ाई में बदलता जा रहा है. ईरान के जहाज चकमा देकर होर्मुज को पार कर रहे हैं. लेकिन अब ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने एशियाई समुद्री इलाकों में ईरान के कम से कम तीन तेल टैंकरों को रोक लिया है और उन्हें उनके रास्ते से हटा दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ये जहाज भारत, मलेशिया और श्रीलंका के आसपास के समुद्री क्षेत्रों में मौजूद थे. अमेरिकी सेना ने इन्हें इंटरसेप्ट कर उनकी दिशा बदल दी, जिससे साफ संकेत मिला कि अमेरिका अब ईरान के तेल व्यापार को पूरी तरह रोकने की रणनीति पर काम कर रहा है।  इन टैंकरों में ‘डीप सी’, ‘सेविन’ और ‘डोरेना’ शामिल हैं. ‘डीप सी’ एक बड़ा सुपरटैंकर है, जो आंशिक रूप से कच्चे तेल से भरा हुआ था और आखिरी बार मलेशिया के तट के पास देखा गया था. वहीं ‘सेविन’ नाम का छोटा टैंकर अपनी क्षमता का करीब 65 प्रतिशत तेल लेकर चल रहा था  भारत के करीब ईरानी जहाज पर अमेरिका का एक्शन रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अहम जहाज ‘डोरेना’ बताया जा रहा है, जो करीब 20 लाख बैरल कच्चे तेल से पूरी तरह भरा हुआ था. यह जहाज चार दिन पहले भारत के दक्षिणी तट के पास देखा गया था, जिसके बाद अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत ने उसे हिंद महासागर में एस्कॉर्ट करते हुए अपनी निगरानी में ले लिया. इसके अलावा ‘डेर्या’ नाम के एक और ईरानी टैंकर को भी रोके जाने की खबर है. यह जहाज भारत में अपना तेल उतार नहीं सका था, क्योंकि ईरानी तेल खरीदने की अमेरिकी छूट खत्म हो चुकी थी।  होर्मुज में अमेरिका ने बनाई दीवार! अमेरिका ने हाल के दिनों में ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी को और कड़ा कर दिया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, अब तक 29 जहाजों को वापस लौटने या दिशा बदलने के लिए मजबूर किया जा चुका है. यह पूरी कार्रवाई ऐसे समय हो रही है जब होर्मुज जलडमरूमध्य पहले ही तनाव का केंद्र बना हुआ है. ईरान ने भारत आ रहे एक जहाज को कब्जे में ले लिया. वहीं ईरान के तेल टैंकर अमेरिका को चकमा देकर होर्मुज से निकल रहे हैं। 

Crop Diversity पर जोर: पंजाब में स्थापित होगा बासमती राइस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य में बासमती चावल के लिए एक हाई लेवल ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य क्रॉप डायवर्सिटी को बढ़ावा देना, किसानों की आय में वृद्धि करना और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को कम करना है। मुख्यमंत्री नीदरलैंड दौरे पर गए हैं, जहां उन्होंने कृषि और उद्योग क्षेत्र की एडवांस टेक्नोलॉजी को करीब से देखा और समझा। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों ने देशहित में लंबे समय तक अपनी उपजाऊ जमीन और जल संसाधनों का अधिक उपयोग किया है, लेकिन अब गेहूं-धान के चक्र से बाहर निकलना समय की मांग है। इस दिशा में क्रॉप डायवर्सिटी को बड़े स्तर पर बढ़ावा देना जरूरी है और इसमें नीदरलैंड महत्वपूर्ण सहयोगी साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने रॉटरडैम में LT Foods की फैसिलिटी का दौरा किया, जहां उन्हें कंपनी के ग्लोबल प्रेजेंस और किसानों के साथ उसके मजबूत संबंधों के बारे में पता चला। उन्होंने सस्टेनेबल फार्मिंग पर जोर देते हुए कहा कि इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के मुताबिक उत्पादन के लिए कीटनाशकों के उपयोग में कमी लाना और बासमती चावल को वैश्विक बाजार में बढ़ावा देना आवश्यक है। कंपनी ने पंजाब में बासमती के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और कम कीटनाशक उपयोग वाली खेती को बढ़ावा देने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने डच कंपनियों और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के बीच रिसर्च और सहयोग को मजबूत करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि घटते मुनाफे के कारण खेती अब कम लाभकारी हो गई है, जिससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह केंद्र बासमती चावल का उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में अहम भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही उन्होंने आल्समीयर स्थित विश्व के सबसे बड़े फूल बाजार का दौरा कर डच मॉडल को पंजाब में अपनाने की इच्छा भी जताई, जिससे कृषि वैल्यू चेन मजबूत होगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नीदरलैंड सरकार के कृषि, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के साथ बैठक में तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देने के लिए सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पंजाब ऑटोमेशन, एआई, ड्रोन और डेटा आधारित क्रॉप मैनेजमेंट जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार है। ग्रीनहाउस खेती को भी उच्च मूल्य वाली फसलों के लिए उपयुक्त बताते हुए उन्होंने इसके विस्तार पर जोर दिया। मुख्यमंत्री मान ने डच कंपनियों को पंजाब में निवेश के लिए आमंत्रित किया और राज्य की औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 तथा फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल जैसी पहल की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंजाब निवेश के लिए तेजी से उभरता हुआ केंद्र बन रहा है। अंत में, भगवंत सिंह मान ने तकनीक आधारित, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर एकीकृत कृषि एवं औद्योगिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

यूपी बोर्ड रिजल्ट आज 4 बजे, योगी सरकार ने पारदर्शिता और समयबद्धता से सेट किया नया उदाहरण

यूपी बोर्ड रिजल्ट आज  4 बजे होगा घोषित, योगी सरकार ने पारदर्शिता और समयबद्धता से रचा नया मानक परीक्षार्थी परिषद की आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर पोर्टल पर देख सकेंगे अपना परिणाम 8033 केंद्रों पर 50 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने दी है परीक्षा, रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ मूल्यांकन 254 मूल्यांकन केंद्रों पर लगभग 2.75 करोड़ उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन मात्र 15 कार्यदिवसों में पूरा किया गया लखनऊ/प्रयागराज  माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं का परिणाम गुरुवार 23 अप्रैल को अपराह्न 4:00 बजे परिषद मुख्यालय, प्रयागराज से घोषित किया जाएगा। परीक्षार्थी अपना परिणाम परिषद की आधिकारिक वेबसाइट और डिजिलॉकर पोर्टल पर देख सकेंगे।परीक्षाफल उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ऑफिशियल वेबसाइट और डिजिलॉकर रिजल्ट पोर्टल पर देखा जा सकेगा, जिससे छात्रों को घर बैठे ही आसान और त्वरित तरीके से परिणाम प्राप्त हो सकेगा। 50 लाख से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा इस वर्ष बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों पर 15 कार्यदिवसों में शांतिपूर्ण एवं नकलविहीन वातावरण में संपन्न कराई गईं। हाईस्कूल में लगभग 26.02 लाख और इंटरमीडिएट में 24.91 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए, जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के व्यापक दायरे को दर्शाता है। रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ मूल्यांकन कार्य परीक्षाओं के सफल आयोजन के बाद 254 मूल्यांकन केंद्रों पर लगभग 2.75 करोड़ उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से 4 अप्रैल के बीच मात्र 15 कार्यदिवसों में पूरा किया गया। इस बार परिणाम को त्रुटिहीन बनाने के लिए प्रधानाचार्यों और वरिष्ठ प्रवक्ताओं को अंकेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके। नकलविहीन और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली फोकस योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, तकनीक आधारित और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार की सख्त निगरानी और प्रभावी व्यवस्थाओं के चलते परीक्षाएं पूरी तरह नकलविहीन और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुईं। परीक्षा से लेकर मूल्यांकन और परिणाम घोषित करने तक की प्रक्रिया में तय समयसीमा का पालन कर नया मानक स्थापित किया गया है। छात्रों के लिए स्क्रूटनी और कंपार्टमेंट की सुविधा माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने परीक्षार्थियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि परिणाम के बाद यदि किसी छात्र को अपने अंकों को लेकर संतोष न हो, तो उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। बोर्ड के द्वारा स्क्रूटनी और कंपार्टमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों का मनोबल बनाए रखें और उन्हें सकारात्मक सहयोग दें।

ड्रग्स के खिलाफ पंजाब का मेगा एक्शन: 41,850 केस दर्ज, 60,000 अरेस्ट, करोड़ों की हेरोइन बरामद

चंडीगढ़ पंजाब में नशे और संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान ने एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत राज्य सरकार ने नशा तस्करों और गैंगस्टरों पर कड़ा शिकंजा कसा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस अभियान के 414 दिन पूरे हो चुके हैं, जिसमें पुलिस ने करीब 59,631 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। वहीं, ‘गैंगस्टर विरोधी अभियान’ के तहत 22,389 अपराधियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है। भारी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी पुलिस की कार्रवाई में अब तक 2569 किलोग्राम हेरोइन, 4599 किलोग्राम कोकीन सहित बड़ी मात्रा में अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। हाल ही में एक दिन में ही 79 तस्करों को गिरफ्तार कर उनसे ड्रग मनी और हेरोइन बरामद की गई। गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ‘गैंगस्टरों पर वार’ अभियान के तहत एक ही दिन में 564 स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 245 गिरफ्तारियां हुईं। सरकार का दावा है कि अब तक 22,000 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हेल्पलाइन से बढ़ी जनता की भागीदारी सरकार ने जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 भी जारी किया है, जहां लोग गुप्त रूप से सूचना साझा कर रहे हैं। जनता के सहयोग से सफलता अधिकारियों के अनुसार, गांव रक्षा समितियों (VDC) और आम जनता के सहयोग से इस अभियान में सफलता दर 80 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है। इस दौरान हजारों युवाओं को नशा मुक्ति केंद्रों से जोड़कर पुनर्वास भी किया गया है। हाई-टेक पुलिसिंग और सख्त नीति सरकार ने पंजाब पुलिस को आधुनिक हथियारों, तकनीक और संसाधनों से लैस किया है। साथ ही पुलिस को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त कर पूरी स्वतंत्रता दी गई है, ताकि वह बिना किसी दबाव के कार्रवाई कर सके। सरकार का दावा है कि इस सख्त अभियान से पंजाब में नशा और अपराध नेटवर्क को बड़ी चोट पहुंची है और राज्य में सुरक्षित भविष्य की नई उम्मीद जगी है।

Ludhiana Bomb Threat: स्कूलों को मिला धमकी भरा ईमेल, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

लुधियाना. लुधियाना के स्कूलों को एक बार फिर से बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल जारी हुआ है। फिलहाल चार स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इनमें स्प्रिंग डेल पब्लिक स्कूल, पौदार इंटरनेशनल स्कूल, मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल, बीआरएस नगर का डीएवी पब्लिक स्कूल शामिल है। धमकी भरा ई-मेल जारी होने के बाद स्कूलों ने अभिभावकों के ग्रुपस में जानकारी शेयर की और पुलिस प्रशासन को भी सूचित कर दिया। स्प्रिंग डेल स्कूल ने तो बच्चों की छुट्टी कर दी। फिलहाल स्कूल में पुलिस की ओर से चैकिंग चल रही है। इससे पहले भी मिल चुकी है धमकी इससे पहले 10 मार्च को भी लुधियाना के कुछ स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी, जिससे हड़कंप मच गया था। सुबह करीब 7 बजे ई-मेल के जरिए सीबीएसई से संबंधित 3 स्कूलों को धमकी भरा संदेश मिला था, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई थी। धमकी भरा मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी थी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं थी और स्कूल परिसरों की गहन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया था। गत दिवस वीरवार की सुबह सबसे पहली मेल शेरपुर स्थित सिप्रंग डेल पब्लिक स्कूल में आई। स्कूल की आधिकारिक मेल पर मेल आई कि 23 से चौबीस तारीख के बीच में स्कूल के अंदर ब्लास्ट होगा। इसके अलावा उसने मेल में बाकी के तीन स्कूलों के नाम भी दिए है और रेलवे ट्रैक के बारे में भी जानकारी दी है कि जहां धमाका करने की धमकी दी है। स्कूल प्रशासन ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस के उच्चाधिकारियों को दी। जिसके बाद स्कूल में आनन फानन में छुट्टी कर दी गई और बच्चों के परिवार वालों को सूचना भेज दी कि वह जल्द से जल्द बच्चों को ले जाए। स्कूल में भगदड़ मच गई कि आखिर ऐसा क्या हुआ है कि स्कूल की तरफ से एक दम से छुट्टी कर दी गई। इसी दौरान पुलिस की टीम भी वहां आ गई तो लोगों को पता चला कि स्कूल में बम रखे जाने की धमकी है। बम स्कवायड की टीमों के साथ साथ पुलिस टीम पहुंची। स्कूल का कोना कोना छान मारा गया, लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके अलावा पुलिस की टीमें बाकी के तीन स्कूलों में भी चेकिंग करने में लगी है और सिप्रंग डेल पब्लिक स्कूल और उसके आस-पास का एरिया भी जांचा जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी के बाद चेकिंग की गई थी। मगर कुछ नहीं मिला है। बाकी चेक किया जा रहा है कि मेल कहां से आई थी और मेल भेजने वाला कौन है।