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पंजाब में 38 जजों के तबादले, जालंधर सहित नए स्थानों पर होगी जिम्मेदारियों की सौंप

जालंधर  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार आज बड़े स्तर पर न्यायिक अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।जारी सूची के अनुसार जालंधर के जिला एवं सत्र न्यायाधीश निर्भय सिंह गिल का तबादला फतेहगढ़ साहिब किया गया है, जहां वह अब जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालेंगे। उनकी जगह मैडम प्रिया सूद को जालंधर का नया जिला एवं सत्र न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे शहीद भगत सिंह नगर में जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर तैनात थीं। इस तबादला सूची में कुल 38 न्यायिक अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है। इसमें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जसविंदर सिंह को जालंधर की नई स्थापित एनआरआई अदालत में नियुक्त किया गया है। वहीं विनीत कुमार नारंग, जो पहले जालंधर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज के रूप में कार्यरत थे, उन्हें अब गुरदासपुर भेजा गया है। इसके अलावा श्री मुक्तसर साहिब से अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमिता सिंह को जालंधर में फैमिली कोर्ट के प्रिंसिपल जज के रूप में तैनात किया गया है।

फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन को धमकी, जीआरपी ने बम की सूचना पर जांच तेज की

फिरोजपुर  फिरोजपुर छावनी रेलवे स्टेशन को 24 अप्रैल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। जीआरपी ने स्टेशन के प्लेटफार्म और परिसर की गहन चेकिंग की है। शकी व्यक्तियों के सामान की चेकिंग भी की है। बताया जा रहा है कि आई ईमेल में फिरोजपुर, बठिंडा, लुधियाना व अमृतसर रेलवे स्टेशन उड़ाने की बात कही है। खालिस्तान नेशनल आर्मी ने मेल भेज धमकी दी है। जीआरपी के प्रभारी प्रवीण कुमार की अगुवाई में उनकी टीम ने पूरे रेलवे स्टेशन की चेकिंग की है।  चेकिंग के दौरान कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। जीआरपी के अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन के भीतर जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर पैनी नजर रखी जा रही है। सभी टी स्टाल पर कार्य करने वाले व्यक्तियों को संदिग्धों पर नजर रखने को कहा है। एसएचओ प्रवीण कुमार ने कहा कि स्टेशन पर पूरी चौकसी रखी जा रही है। स्टेशन और परिसर की चेकिंग की गई है। थ्री व्हीलर चालकों और वेंडरों को भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना देने की बात कही है। ट्रेनों की भी चेकिंग की जा रही है।

राघव चड्ढा ने AAP से दिया इस्तीफा, BJP में दो तिहाई सांसदों के साथ विलय का किया ऐलान

चंडीगढ़  राघव चड्डा ने आम आदमी पार्टी को छोड़ दिया है और  भाजपा का दामन थाम लिया है।  राघव चड्डा  ने शुक्रवार को प्रेस कॉफ्रेंस में  आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया और भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। इस दौरान उन्होंने ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की। AAP से इस्तीफा देने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि जिस AAP को मैंने 15 सालों तक अपने खून से सींचा वह अपने मार्ग से हट गई है। अब यह देशहित के लिए नहीं बल्कि अपने निजी फायदों के लिए काम कर रही है। मैं AAP से दूर जा रहा हूं और जनता के पास आ रहा हूं। हम सभी ने मिलकर इस पार्टी को दिल्ली, पंजाब और देश के अन्य राज्यों तक पहुंचाने का प्रयास किया था। राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन से मिलें. राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सांसदों ने बड़ा फैसला लिया है। उनके मुताबिक, वे भारत के संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो जाएंगे।   राघव चड्ढा ने कहा, "राज्यसभा में AAP के 10 सांसद हैं और 2/3 से ज्यादा सांसद इस मुहिम में हमारे साथ हैं… हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, स्वाती मालीवाल और अन्य नेता हमारे साथ हैं।" संदीप पाठक ने भी छोड़ी पार्टी AAP नेता संदीप पाठक ने कहा कि मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था कि ये स्थिति आएगी पर ये आई। 10 साल से इस पार्टी से मैं जुड़ा रहा और आज मैं AAP से अपने रास्ते अलग कर रहा हूं। संदीप पाठक भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। स्वाति मालीवाल भी हुई बीजेपी में शामिल राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वह भी बीजेपी का दामन थाम चुकी है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। अशोक मित्तल ने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया है। राजेंद्र गुप्ता भी बीजेपी में शामिल हुए। 2 अप्रैल को उपनेता पद से हटाए गए थे आम आदमी पार्टी ने बीते 2 अप्रैल को उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उप नेता के पद से हटा दिया था। इस बारे में राज्यसभा सचिवालय को पार्टी की तरफ से पत्र लिखा गया था। इसमें कहा गया था कि चड्ढा को पार्टी के कोटे से बोलने का टाइम न दिया जाए। पार्टी ने उनकी जगह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के अशोक मित्तल को उप नेता बनाया था। हालांकि, मित्तल ने भी आज पार्टी का दाम छोड़ दिया।  आम आदमी पार्टी पर लगाया गंभीर आरोप दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, कि उन्होंने और राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सदस्यों ने फैसला किया है कि वे संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी, जिसे उन्होंने अपने खून-पसीने से खड़ा किया और अपनी जिंदगी के 15 साल दिए, अब अपने सिद्धांतों और मूल्यों से भटक चुकी है। उनके मुताबिक, पार्टी अब देश के हित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रही है। राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से उन्हें लग रहा था कि वह गलत पार्टी में सही व्यक्ति हैं। इसी वजह से उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है और अब वह जनता के और करीब जाने की बात कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने से पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, राजनीति में आने से पहले वह एक प्रैक्टिस करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) थे। उन्होंने बताया कि जब यह मंच बना था, तब इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के लोग जुड़े थे—कुछ वैज्ञानिक थे, तो कुछ शिक्षाविद। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने वालों में एक विश्व स्तर का क्रिकेटर, एक पद्म श्री सम्मान पाने वाला व्यक्ति और एक सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं। इन सभी लोगों ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लक्ष्य के साथ अपना सब कुछ छोड़कर इस पार्टी को बनाया था। राघव चड्ढा ने बताया कि वह इस पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं और पार्टी को अच्छी तरह समझते हैं। उनके अनुसार, उन्होंने और उनके साथियों ने पूरी मेहनत और ईमानदारी से दिल्ली में पार्टी को खड़ा किया, पंजाब में उसे मजबूत बनाया और दूसरे राज्यों में भी फैलाने की कोशिश की। लेकिन अब उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि जिस पार्टी की शुरुआत भ्रष्टाचार खत्म करने के मकसद से हुई थी, वही आज भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों के हाथों में फंस गई है। उनका कहना है कि इसी वजह से जो लोग देश सेवा के इरादे से पार्टी में आए थे, वे अब या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या धीरे-धीरे छोड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रात 9 बजे करेंगे प्रदेशवासियों को संबोधित, महत्वपूर्ण घोषणा की अटकलें तेज

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी 24 अप्रैल की रात 9 बजे सोशल मीडिया पर लाइव रहेंगे। इस दौरान सीएम बेहद अहम विषय को लेकर प्रदेशवासियों से अपनी बात साझा करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर प्रदेशभर में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम से जुड़ने का आग्रह किया है। उनका मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए जिससे शासन और जनता के बीच परस्पर विश्वास को मजबूती मिले।   अहम विषय पर करेंगे चर्चा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक बातचीत नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के विकास, जनकल्याण और आने वाले समय की दिशा तय करने में एक अहम पायदान है। उन्होंने प्रदेशवासियों के विश्वास और स्नेह के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की भागीदारी से ही राज्य निरंतर प्रगति की राह पर आगे बढ़ रहा है। सोशल मीडिया अकाउंट पर किया पोस्ट मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट (एक्स) पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि, “प्रिय प्रदेशवासियों, आज रात 9 बजे मैं सोशल मीडिया पर लाइव आकर एक महत्वपूर्ण विषय को लेकर अपनी बात आप सभी से साझा करूंगा।” मुख्यमंत्री का मानना है कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक बातचीत नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के विकास, जनकल्याण और आने वाले समय की दिशा तय करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री का यह कार्यक्रम उनकी पारदर्शी और संवादात्मक कार्यशैली को दर्शाता है। वे आमजन से जुड़कर उनकी समस्याओं और सुझावों को महत्व देते रहे हैं, जिससे सरकार और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत हुआ है। यह संवाद उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण विस्तार माना जा रहा है। बड़ा ऐलान होने की अटकलें तेज राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का इस तरह से जनता के बीच लाइव आना उनकी पारदर्शी और संवादात्मक कार्यशैली को दर्शाता है। वे आमजन से जुड़कर उनकी समस्याओं और सुझावों को महत्व देते रहे हैं, जिससे सरकार और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत हुआ है। यह संवाद उसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण विस्तार माना जा रहा है।  

मुख्यमंत्री साय ने कहा- पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव रख रही है सरकार

पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है हमारी सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा कर गांव के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण मुख्यमंत्री पंचायती राज दिवस के अवसर पर आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में हुए शामिल पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही होगा गांवों का विकास: अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचेगा शासन की योजनाओं का लाभ – मुख्यमंत्री रायपुर डबल इंजन की हमारी सरकार पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाकर विकसित भारत की नींव को मजबूत कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में गांवों के समग्र विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के डीडीयू ऑडिटोरियम में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता से ही गांवों का विकास होगा और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पंचायत प्रतिनिधियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की शुभकामनाएं दीं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत पंचायत प्रतिनिधि के रूप में की थी तथा पंच और सरपंच के दायित्व का निर्वहन किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि के रूप में गांव के विकास को लेकर जो अनुभव प्राप्त होते हैं, वही आगे बढ़ने में सहायक होते हैं। आज हजारों जनप्रतिनिधि पंचायत से अपना सफर शुरू कर देश के उच्च सदनों तक पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने में पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है और जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने से ही प्रभावी नीतियां बनती हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब ग्रामीणों को पक्के मकान मिल रहे हैं, साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से गांवों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से बैंकिंग, बिजली बिल भुगतान, पेंशन और बीमा जैसी सेवाएं अब ग्रामीणों के लिए सहज हो गई हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आई है। महिलाओं के लिए  महतारी सदन का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से कई पूर्ण हो चुके हैं और इनसे महिलाओं को सीधा लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री साय ने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि पंचायतों में संचालित सभी गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें, ताकि गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ सभी विकास कार्य पूर्ण हो सकें। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सफल क्रियान्वयन में पंचायतों की जिम्मेदारी बड़ी है और इसे समयबद्ध रूप से पूरा करने में पंचायत प्रतिनिधियों को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। मुख्यमंत्री साय ने सुशासन तिहार के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से आमजनों की समस्याओं के समाधान के लिए शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से सुशासन तिहार के आयोजन और इसके माध्यम से अपने क्षेत्र की समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना के तहत लंबित बिजली बिलों के भुगतान के लिए विशेष अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिसमें सरचार्ज पूरी तरह माफ किया गया है और अतिरिक्त रियायत का भी प्रावधान है। साय ने प्रतिनिधियों से इसका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों को दिलाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराएगी और सभी प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की अपील की। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की मंशा के अनुरूप अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को पंचायत दिवस की बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त करते हुए विकास कार्यों की लगातार स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों के विकास की जिम्मेदारी के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों पर सामाजिक जिम्मेदारी भी होती है, जिसका वे बखूबी निर्वहन कर रहे हैं। सम्मेलन को सांसद बृजमोहन अग्रवाल, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का किया अवलोकन, मेगा स्वास्थ्य शिविर की विशेष पहल की सराहना मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन के दौरान जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट छांव के अंतर्गत आयोजित मेगा स्वास्थ्य शिविर और विभिन्न प्रोजेक्ट पर आधारित स्टालों का अवलोकन किया। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं से चर्चा की और आजीविका संवर्धन के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन रायपुर द्वारा नवजात शिशुओं में जन्मजात हृदय रोगों की पहचान के लिए प्रोजेक्ट धड़कन, देहदान को प्रोत्साहित करने के लिए प्रोजेक्ट दधीचि, किसानों को नवाचार से जोड़ने के लिए प्रोजेक्ट नैनो, प्रोजेक्ट रचना, प्रोजेक्ट स्मृति पुस्तकालय, प्रोजेक्ट पाई-पाई, ग्लोबल गांव, ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट सिग्नल, मेरा गांव मेरी पहचान, प्रोजेक्ट अजा, प्रोजेक्ट बिजनेस दीदी समेत विभिन्न प्रोजेक्ट के स्टालों का अवलोकन किया और हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र एवं राशि का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने प्रोजेक्ट अजा के तहत बकरी पालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो दीदियों को ई-रिक्शा की चाबी सौंपी। साथ ही प्रोजेक्ट आरोग्यम के कटआउट और प्रोजेक्ट हैंडी के तहत शासन की योजनाओं की संक्षिप्त पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित इन गतिविधियों से आमजनों को हो रहे व्यापक लाभ के लिए उनके प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन समेत त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा को लेकर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिया अहम बयान

भीषण गर्मी में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े   मंत्री के निर्देश पर आंगनबाड़ी के समय में बड़ा बदलाव आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक होंगे संचालित रायपुर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रभाव को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए त्वरित और संवेदनशील निर्णय लिया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के स्पष्ट निर्देश पर ग्रीष्मकाल के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव करते हुए इसे 6 घंटे से घटाकर 4 घंटे कर दिया गया है। निर्देशानुसार 01 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन प्रातः 7:00 बजे से 11:00 बजे तक संचालित होंगे। विशेष रूप से 23 अप्रैल से 30 जून 2026 तक बच्चों की उपस्थिति का समय केवल सुबह 7:00 बजे से 9:00 बजे तक निर्धारित किया गया है, ताकि वे भीषण गर्मी और लू के प्रभाव से सुरक्षित रह सकें। इस निर्धारित अवधि में बच्चों को पूर्व तय समय-सारिणी के अनुसार प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE गतिविधियां) के साथ-साथ पूरक पोषण आहार का नियमित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की शिक्षा और पोषण सेवाओं की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य आवश्यक सेवाएं प्रातः 11:00 बजे तक जारी रहेंगी। इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं अपने निर्धारित जॉब चार्ट के अनुसार शेष कार्यों का निष्पादन करेंगी। साथ ही, गृहभेंट के माध्यम से पोषण परामर्श देने की महत्वपूर्ण सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत कार्यकर्ता केंद्र बंद होने के बाद घर-घर जाकर माताओं को जागरूक करेंगी। बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गर्म हवाओं और उच्च तापमान के बीच बच्चों को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर जवाबदेही तय की जाएगी। इसके साथ ही, सभी जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे इन व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करें और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकों में इसकी प्रगति की नियमित समीक्षा करें, ताकि जमीनी स्तर पर निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 01 जुलाई  से आंगनबाड़ी केंद्र पुनः अपने सामान्य समय प्रातः 9:30 बजे से 3:30 बजे तक (6 घंटे) संचालित होंगे।

पारदर्शी मूल्यांकन में कृष्णा नगर विधायक को मिला सम्मान, 51 हजार रुपये मिलेंगे

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा ने 18 वर्षों के बाद सर्वश्रेष्ठ विधायक का पुरस्कार देने की घोषणा की है। इसके लिए गठित चयन समिति की बैठक विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कृष्णा नगर के विधायक डॉ. अनिल गोयल को सर्वश्रेष्ठ विधायक घोषित किया गया। उन्हें स्मृति चिन्ह और 51 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। शीघ्र ही समारोह आयोजित कर उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। डॉ. गोयल पहली बार कृष्णा नगर से विधायक चुने गए हैं। पारदर्शी अंक प्रणाली के आधार पर किया गया चयन 'सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार' का चयन पारदर्शी अंक प्रणाली के आधार पर किया गया है। कुल मूल्यांकन 100 अंकों पर किया गया है, जिसमें 65 अंक विधानसभा के आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर और 35 अंक चयन समिति द्वारा गुणात्मक मूल्यांकन के आधार पर हैं। विधायक की सक्रियता के लिए कुल 30 अंक निर्धारित मूल्यांकन का सबसे बड़ा हिस्सा, 50 अंक सदन में विभिन्न मुद्दों पर होने वाली चर्चा में सदस्य के योगदान पर केंद्रित है। विभिन्न समितियों में विधायक की सक्रियता के लिए कुल 30 अंक निर्धारित हैं। 20 अंक अनुशासन, आचरण और आधुनिकीकरण (डिजिटल और कागजरहित कार्यप्रणाली) से संबंधित हैं। विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि यह पहल उन सदस्यों को सम्मानित करने के लिए है जो विधायी कार्यों में उत्कृष्टता प्रदर्शित करते हैं और समिति कार्यों में अथक परिश्रम करते हैं। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई चयन समिति की बैठक में पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल, लोकसभा के पूर्व महासचिव पीडीटी आचार्य, दिल्ली सरकार के विधि, न्याय एवं विधायी कार्य विभाग के प्रधान सचिव रितेश सिंह और दिल्ली विधानसभा के सचिव रणजीत सिंह शामिल रहे।  

आईएएस समिति की सख्ती, हजारीबाग-बोकारो से 7 साल के रिकॉर्ड तलब

रांची झारखंड में ट्रेजरी (कोषागार) के माध्यम से हुए संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और घोटाले की जांच अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है. आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने हजारीबाग और बोकारो के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर जांच की प्रगति की समीक्षा की. समिति ने कड़ा रुख अपनाते हुए दोनों जिलों से पिछले सात वर्षों के वेतन भुगतान और अन्य मदों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. 20 बिंदुओं पर जवाब और अप्रैल 2020 का डेडलाइन जांच टीम ने विशेष रूप से 1 अप्रैल 2020 से 31 मार्च 2026 के बीच हुए तमाम वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड मांगे हैं. समिति ने 20 मुख्य बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की है, जिसमें निकासी का विवरण, स्थापना खर्च, वेतन पंजी, सेवानिवृत्त कर्मियों का डेटा और उस कार्यकाल में तैनात रहे आहरण एवं संवितरण पदाधिकारियों (DDO) की सूची शामिल है. सूत्रों के अनुसार, टीम जल्द ही हजारीबाग और बोकारो का भौतिक दौरा कर फाइलों की जांच करेगी. कुबेर पोर्टल ने खोली पोल, कई जिलों में ‘खतरे की घंटी’ वित्त विभाग की पैनी नजर अब राज्य के उन जिलों पर भी है जहां कुबेर पोर्टल के माध्यम से बड़ी और संदिग्ध निकासी देखी गई है. रामगढ़, रांची, पलामू, गोड्डा, साहेबगंज, देवघर और गिरिडीह जिलों में भी भारी वित्तीय हेराफेरी की आशंका जताई गई है. वित्त विभाग ने इन जिलों के उपायुक्तों को भी आंतरिक जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. वर्तमान में जांच का मुख्य केंद्र हजारीबाग और बोकारो हैं, लेकिन यहां गड़बड़ी पुष्ट होने पर जांच का दायरा पूरे राज्य में बढ़ाया जा सकता है. DDO के रडार पर आने से मचा हड़कंप इस पूरे घोटाले में निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) की भूमिका सबसे ज्यादा संदिग्ध मानी जा रही है. वित्त विभाग का मानना है कि बिना निचले स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत या घोर लापरवाही के वेतन मद में इतनी बड़ी अवैध निकासी संभव नहीं है. स्थापना शाखा और ट्रेजरी के बीच हुए इस ‘खेल’ में शामिल अधिकारियों की पहचान की जा रही है. जांच टीम यह भी देख रही है कि सेवानिवृत्त कर्मियों के नाम पर भी कहीं भुगतान तो नहीं किया गया.

मटकमडीह में बाइक-साइकिल रैली, ग्रामीणों और बच्चों की बड़ी भागीदारी

 सरायकेला सशस्त्र सीमा बल की 26वीं वाहिनी (‘ई’ कंपनी) की ओर से सरायकेला खरसावां जिले के मटकमडीह में भव्य बाइक और साइकिल रैली निकाली गई. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे ‘100 दिवसीय योग काउंटडाउन अभियान’ के अंतर्गत बाइक और साइकिल रैली का आयोजन किया गया. ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की भागीदारी एसएसबी के 26वीं वाहिनी निरीक्षक अमल सेन के नेतृत्व में आयोजित साइकिल रैली की शुरुआत मटकमडीह कैंप से हुई, बंसा मोड़ में समाप्त हुई. इस रैली में जवानों के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीण और स्कूली बच्चों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई. रैली के दौरान प्रतिभागियों द्वारा योग के महत्व, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के संदेश दिए गए. आयोजन का मुख्य उद्देश्य कार्यक्रम में मटकमडीह पंचायत के मुखिया सुखलाल मांझी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय मटकमडीह के शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस में योग के प्रति जागरूकता फैलाना, लोगों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करना तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रति उत्साह का माहौल बनाना था. सशस्त्र सीमा बल द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल फिटनेस को बढ़ावा दिया जा रहा है, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी विकसित की जा रही है.

कलकत्ता हाईकोर्ट का चुनाव आयोग पर हमला, तुगलकी फरमान को लेकर सुनाई तीखी आलोचना

कलकत्ता   पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग के दिन यानी गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग की जमकर क्लास लगाई. हाईकोर्ट ने बुधवार को भी आयोग को फटकार लगाई थी. गुरुवार को हाईकोर्ट ने कोलकाता और दक्षिण 24 परगना में मोटरबाइकों पर 48 घंटे की पाबंदी लगाने के आदेश को तुगलकी फरमान करार देते हुए इसे नागरिक अधिकारों के खिलाफ बताया. गुरुवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस कृष्णा राव ने चुनाव आयोग को फटकार लगाते हुए कहा कि सिर्फ अधिकार होना किसी भी तरह के आदेश लागू करने का आधार नहीं हो सकता. उन्होंने कहा कि अगर आप सब कुछ बंद करना चाहते हैं तो आपातकाल घोषित कर दीजिए, लेकिन इस तरह नागरिकों के अधिकारों पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता. इससे पहले बुधवार को भी हाईकोर्ट ने चुनाव को झटका दिया था. उसने राज्य में आयोग की ओर से करीब 800 लोगों को उपद्रवी करार देने के फैसले को पटल दिया था।   रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग ने 21 अप्रैल को एक अधिसूचना जारी कर 27 अप्रैल शाम 6 बजे से 29 अप्रैल तक मोटरसाइकिलों के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध लगाया था. आदेश के अनुसार इस दौरान बाइक केवल सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ही चलाई जा सकती थी. इसके अलावा पिलियन राइडिंग (पीछे बैठकर सफर) और बाइक रैलियों पर भी रोक लगा दी गई थी. हालांकि मेडिकल इमरजेंसी, पारिवारिक कार्यक्रम और आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई थी  आयोग ने बचाव में कही ये बातें चुनाव आयोग ने अपने आदेश का बचाव करते हुए कहा था कि यह कदम स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने तथा किसी भी तरह की हिंसा, डराने-धमकाने या अवांछित घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है. आयोग का मानना था कि इस तरह के प्रतिबंध से मतदान का माहौल बेहतर और सुरक्षित बनेगा. लेकिन, अदालत इस तर्क से संतुष्ट नहीं था. जस्टिस राव ने सुनवाई के दौरान आयोग के वकील से सवाल किया कि क्या अन्य राज्यों में भी इस तरह के आदेश जारी किए जाते हैं. उन्होंने कहा कि आपके पास पुलिस व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे हैं, फिर इतनी कड़ी पाबंदी की जरूरत क्यों? यह एक असंगत प्रयास है जिससे सब कुछ ठप करने की कोशिश हो रही है  आयोग से हाईकोर्ट के तीखे सवाल अदालत ने यह भी पूछा कि पिछले पांच वर्षों में मोटरसाइकिल चालकों के खिलाफ कितने मामले दर्ज हुए हैं, जिससे यह साबित हो सके कि ऐसा प्रतिबंध आवश्यक था. साथ ही आयोग को निर्देश दिया गया कि वह शुक्रवार तक शपथपत्र (एफिडेविट) दाखिल कर इस फैसले के पीछे की ठोस वजह बताए. हाईकोर्ट की इस सख्ती के बाद राज्यभर में दोपहिया वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है. खासकर कोलकाता के मध्यवर्गीय नागरिकों और गिग इकॉनमी से जुड़े लोगों के लिए यह फैसला बड़ी राहत लेकर आया है।  शहर के कई प्रमुख चौराहों पर बाइक सवारों ने कहा कि अदालत ने वही सवाल उठाए हैं, जो वे अधिसूचना जारी होने के बाद से पूछ रहे थे. विशेषज्ञों का मानना है कि चुनाव के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन इसके लिए ऐसे कदम उठाना जो आम नागरिकों के दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित करें, उचित नहीं है. अदालत ने भी स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन की है, न कि आम जनता पर अत्यधिक प्रतिबंध लगाकर समस्या का समाधान किया जाए।