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18 महीने बाद 400 फुट ऊंचे टावर से नीचे उतरे गुरजीत सिंह खालसा, संगत ने की जोरदार जयकारे

समाना पिछले 18 महीनों से बेअदबी के मामलों में सख्त कानून की मांग को लेकर 400 फुट ऊंचे टावर पर बैठे गुरजीत सिंह खालसा को जिला प्रशासन ने सेना और फायर सेफ्टी टीम की मदद से सफलतापूर्वक नीचे उतार लिया है। नीचे उतारने के बाद उनका मेडिकल चेकअप कराया गया, जिसमें वे पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। इस दौरान मोर्चा स्थल पर स्थापित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के श्री अखंड पाठ का भोग भी आज डाला गया। साथ ही पंथक विचारों को लेकर मंच से कार्यक्रम जारी है, जो शाम 4 बजे तक चलेगा। गुरजीत सिंह खालसा के सुरक्षित नीचे उतरने पर वहां मौजूद संगतों ने जयकारों के साथ खुशी जाहिर की। बताया जा रहा है कि गुरजीत सिंह खालसा करीब 400 फीट ऊंचे टावर पर बैठकर अपना विरोध जता रहे थे। इतने लंबे समय तक इतनी ऊंचाई पर रहना अपने आप में हैरान करने वाला था। इस दौरान कई बार प्रशासन ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर डटे रहे। उनका कहना था कि जब तक सरकार बेअदबी के मामलों पर सख्त कानून नहीं बनाएगी, तब तक वे नीचे नहीं उतरेंगे। अब पंजाब सरकार द्वारा जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2026 लागू करने के बाद आखिरकार यह धरना खत्म हो गया। इस कानून के लागू होने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने अपनी मांग पूरी मानते हुए टावर से नीचे उतरने का फैसला लिया। शुक्रवार सुबह जिला प्रशासन, पंजाब पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और पूरी सावधानी के साथ उन्हें नीचे उतारा गया। राहत की बात यह रही कि इतने लंबे समय के बाद भी उन्हें सुरक्षित नीचे लाने में टीम सफल रही। नीचे उतरने के बाद गुरजीत सिंह खालसा ने सरकार और प्रशासन का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि उनकी और संगत की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कानून बनाया, जिसके लिए वे आभारी हैं। उन्होंने बताया कि वे 18 महीने 12 दिन बाद टावर से सुरक्षित उतर गए हैं। इस दौरान उन्होंने धार्मिक अंदाज में "वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह" कहकर धन्यवाद किया और कहा कि यह सब गुरु की कृपा से ही संभव हो पाया। इस घटना के साथ ही समाना में चल रहा धर्म युद्ध मोर्चा भी समाप्त हो गया। यह मामला काफी समय से चर्चा में था और अब इसके शांतिपूर्ण अंत से प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।  

हेल्दी और प्रोटीन रिच झालमुड़ी रेसिपी, घर पर बनाएं झटपट स्नैक

प्रधानमंत्री मोदी जो करते हैं, जो पहनते हैं, वो सारी चीजें ट्रेंड बन जाती हैं। इस बार उन्होंने जब बंगाल में रैली के दौरान झालमुड़ी खाई तो देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गई और हर कोई झालमुड़ी के बारे में खोजने लगा। इस आर्टिकल में आपको घर पर झालमुड़ी (झालमुरी) बनाने की 3 रेसिपी बताई जा रही हैं और डाइटिशियन गिन्नी कालरा ने इन रेसिपी में ध्यान रखने वाली सावधानी भी बताई है। झालमुड़ी एक स्वादिष्ट नाश्ता है, जो झटपट बन जाता है और काफी हद तक सेहतमंद भी होता है। इसकी प्रमुख सामग्री मुरमुरे होते हैं, जिन्हें चावल (परबॉयल्ड चावल) को नमक या रेत पर गर्म करके फुलाया जाता है। इसके साथ ताजी सामग्री और पाचन के लिए बेहतरीन भाजा मसाला मिलाया जाता है। जो जीभ को चटपटा स्वाद देते हुए शरीर को स्वास्थ्यवर्धक गुणों की सौगात देता है। 1. कोलकाता वाली झालमुड़ी रेसिपी सामग्री     1 कप मुरमुरा     2 छोटा चम्मच (5mg) सेव     2 छोटा चम्मच चना जोर गरम     1 छोटा चम्मच काले चने     2 छोटा चम्मच कटी हुई प्याज     2 छोटा चम्मच कटा हुआ टमाटर     1 छोटा चम्मच कटा हुआ सूखा नारियल     आधा कटा उबला आलू     2 छोटा चम्मच अचार का सरसों तेल     बारी कटी हुई हरी मिर्च     1 छोटा चम्मच नींबू का रस     1 छोटा चम्मच भाजा मसाला (जीरा, धनिया बीज, हरी इलायची, सौंफ, नमक पीसकर) कोलकाता वाली झालमुड़ी कैसे बनाएं? झालमुड़ी को घर पर बनाना बेहद आसान है। एक बड़े कटोरे में मुरमुरा डालें और फिर एक-एक करके सारी ठोस सामग्री डालें। इसके बाद भाजा मसाला और नींबू रस डालकर अच्छी तरह मिलाएं। फिर ऊपर से अचार वाला सरसों का तेल डालकर एक बार फिर से मिला लें। आपकी कोलकाता के स्वाद वाली झालमुड़ी बनकर तैयार है। 2. हेल्दी झालमुड़ी रेसिपी सामग्री     1 कप मुरमुरा     2 छोटा चम्मच सेव     2 छोटा चम्मच चना जोर गरम     1 छोटा चम्मच स्प्राउट्स     1 छोटा चम्मच उबली मटर     2 छोटा चम्मच कटी हुई प्याज     2 छोटा चम्मच कटा हुआ टमाटर     आधा कटा उबला आलू     2 छोटा चम्मच अचार का सरसों तेल     बारी कटी हुई हरी मिर्च     1 छोटा चम्मच इमली का पानी     1 छोटा चम्मच भाजा मसाला (जीरा, धनिया बीज, हरी इलायची, सौंफ, नमक पीसकर) हेल्दी झालमुड़ी कैसे बनाएं? एक कटोरी में सारी ठोस चीजों को मिलाकर मसाला और इमली का पानी बढ़िया मिक्स करें। इसके बाद अचार का तेल मिलाएं और सर्व करें। 3. प्रोटीन वाली झालमुड़ी रेसिपी झालमुरी बनाने का तरीका सामग्री     1 कप मुरमुरा     2 छोटा चम्मच सेव     2 छोटा चम्मच चना जोर गरम     1 छोटा चम्मच रोस्टेड मूंगफली     1 छोटा चम्मच कटा उबला अंडा     2 छोटा चम्मच कटी हुई प्याज     2 छोटा चम्मच कटा हुआ टमाटर     आधा कटा उबला आलू     2 छोटा चम्मच अचार का सरसों तेल     बारी कटी हुई हरी मिर्च     1 छोटा चम्मच नींबू का रस     1 छोटा चम्मच भाजा मसाला (जीरा, धनिया बीज, हरी इलायची, सौंफ, नमक पीसकर) प्रोटीन रिच झालमुड़ी कैसे बनाएं? एक बर्तन में मुरमुरा, मूंगफली, उबला अंडा समेत सारी ठोस सामग्री डालें। इसके बाद मसाला और नींबू का रस मिलाएं। अंत में अचार का तेल मिलाकर खाएं। डाइटिशियन की सलाह आकाश हेल्थकेयर की हेड डाइटेटिक्स डॉ. गिन्नी कालरा के मुताबिक, झालमुड़ी की ये रेसिपी हेल्दी हैं। हालांकि, आपको ध्यान रखना है कि सरसों का तेल अच्छा है, लेकिन उसकी मात्रा ज्यादा नहीं होनी चाहिए। सरसों का तेल छोटी चम्मच यानी 5ml की मात्रा में इस्तेमाल करना सुरक्षित रहेगा।

दसवीं बोर्ड टॉपर कु. प्रतिभा सोलंकी को एक लाख रुपये का पुरस्कार, सीएम डॉ. यादव ने किया ऐलान

दसवीं बोर्ड टॉपर कु. प्रतिभा सोलंकी को प्रोत्साहनस्वरूप मिलेंगे एक लाख रुपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने 10वीं बोर्ड में 500 में 499 अंक लाने पर पन्ना की प्रतिभा सिंह को दी बधाई मुख्यमंत्री निवास पर किया सम्मानित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दसवीं बोर्ड की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली होनहार छात्रा पन्ना की कु. प्रतिभा सिंह सोलंकी को माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं बोर्ड परीक्षा में 500 में से 499 अंक प्राप्त करने पर एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी कु. प्रतिभा और उनके माता-पिता को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बेटी कु. प्रतिभा को सुशासन की प्रतीक लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर माँ की मूर्ति भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट तथा आशीर्वाद प्राप्त करने प्रतिभा, परिजन सहित समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) आईं थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभा को आशीर्वाद देते हुए कहा कि 'प्रतिभा जैसी बेटियां प्रदेश की शान हैं। प्रतिभा की सफलता लाखों बेटियों और अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। बिटिया की उपलब्धि पर पूरे प्रदेश को गर्व है।' मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कु. प्रतिभा और उनके परिजन ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिवादन किया।  

पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई में कोताही नहीं सहेंगे: ऊर्जा मंत्री तोमर का सख्त बयान

पानी की आपूर्ति और साफ-सफाई व्यवस्था में कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे: ऊर्जा मंत्री तोमर ऊर्जा मंत्री शहर की सीवर, सफाई व्यवस्था देखने सुबह 6 बजे विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचे ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने शुक्रवार सुबह 6 बजे उप नगर  के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर पेयजल आपूर्ति तथा सफाई व्यवस्था, सीवर व्यवस्था का औचक निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल आपूर्ति और सफाई व्यवस्था में किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री ने सुबह 6 बजे वाटर सीवरेज पंपिंग स्टेशन पीएचई कॉलोनी में पहुंचकर नगर निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ सीवरेज सफाई व्यवस्था देखी और जरूरी निर्देश दिए । ऊर्जा मंत्री तोमर ने वार्ड 4 के चद्र नगर, ठाकुर मोहल्ला, बार्ड 1 के रामाजी का पुरा, आरआर टॉवर पहुंचकर सीवर व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, सड़क और विद्युत व्यवस्था तथा वार्ड 36 के गेंडे वाली सड़क और शिंदे की छावनी में पहले किये गये निरीक्षण के दौरान दिए निर्देश पर हुई कार्यवाही को देखा। उन्होंने निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर निगम अधिकारियों को तुरंत सफाई व्यवस्था में सुधार करने हेतु निर्देशित किया। सुपर सकर मशीन से सफाई कार्य का निरीक्षण ऊर्जा मंत्री तोमर की पहल पर जनकल्याण समिति द्वारा नगर निगम के सहयोग से उप नगर ग्वालियर में सीवर लाइनों की सफाई के लिए चलाए जा रहे अभियान के निरंतर 7 वें दिवस शुक्रवार को हजीरा चौराहे पर पहुंचकर सुपर सकर मशीन से चल रही सीवर लाइनों की सफाई के काम का भी निरीक्षण किया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि अब आधुनिक तकनीक के माध्यम से सफाई व्यवस्था और अधिक तेज, प्रभावी व सुदृढ़ बनेगी। उन्होंने कहा कि हमने सीवर सफाई के कार्य को अपने हाथ में लिया है और हम इसमें बदलाव लाकर दिखाएंगे। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि स्वच्छता, सुविधा और बेहतर जीवन स्तर बनाना हमारा संकल्प है।  

‘पवन खेड़ा ने निर्दोष महिला को विवादों में घसीटा’, हाईकोर्ट जज ने कस्‍टडी में लेकर पूछताछ का दिया आदेश

गुवाहाटी गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बड़ा झटका देते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है. यह फैसला उस मामले में आया है, जिसमें असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा द्वारा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी. मामला कथित तौर पर एक से अधिक पासपोर्ट रखने और दस्तावेजों में गड़बड़ी से जुड़ा है. फैसला सुनाते वक्‍त कोर्ट ने पवन खेड़ा पर सख्‍त टिप्‍पणी करते हुए कहा कि उन्‍होंने एक निर्दोष महिला को राजनीतिक लाभ के लिए विवादों में घसीटा है. जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की सिंगल बेंच ने 21 अप्रैल को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब सुनाया गया है. अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया यह मामला केवल मानहानि का नहीं, बल्कि जालसाजी और फर्जी दस्तावेज रखने जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा हुआ है।  गुवाहाटी हाईकोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि पवन खेड़ा पुलिस जांच से बचने की कोशिश कर रहे हैं और इस मामले में उनकी हिरासत में पूछताछ (कस्टोडियल इंटेरोगेशन) आवश्यक है. अदालत के अनुसार, यह जानना जरूरी है कि कथित रूप से फर्जी दस्तावेज किसने जुटाए और इस पूरे मामले में उनके साथ और कौन लोग शामिल हैं. कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि रिंकी भुइयां शर्मा किसी राजनीतिक पद पर नहीं हैं, इसलिए इस मामले को राजनीतिक बयानबाजी के रूप में नहीं देखा जा सकता. कोर्ट ने कहा कि यदि मामला सीधे मुख्यमंत्री के खिलाफ होता, तो इसे राजनीतिक संदर्भ में देखा जा सकता था, लेकिन यहां एक निर्दोष महिला को राजनीतिक लाभ के लिए विवाद में घसीटा गया है।  पवन खेड़ा साबित नहीं कर सके अपना दावा अपने आदेश में हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि पवन खेड़ा अब तक यह साबित नहीं कर पाए हैं कि शिकायतकर्ता के पास तीन अन्य देशों के पासपोर्ट हैं जैसा कि उन्होंने दावा किया था. अदालत ने यह भी पाया कि इस मामले में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जिससे यह लगे कि खेड़ा को अपमानित करने या नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से आरोप लगाए गए हैं. सुनवाई के दौरान पवन खेड़ा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पैरवी की थी. उन्होंने दलील दी थी कि यह मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है और उनके मुवक्किल के फरार होने की कोई आशंका नहीं है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं है।  एडवोकेट जनरल की जोरदार दलील असम सरकार की ओर से महाधिवक्ता देवजीत सैकिया ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला गंभीर आपराधिक धाराओं से जुड़ा है, जिसमें धोखाधड़ी और जालसाजी शामिल हैं. उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत नहीं दी जानी चाहिए. अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा। 

अजीत डोभाल का मुसलमानों से संदेश- एक ही जहाज के मुसाफिर हैं, डूबेंगे तो साथ डूबेंगे

नई दिल्ली भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और भारतीय मुस्लिम समुदाय के चुनिंदा लोगों के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय में बीते 18 अप्रैल को एक मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में मुस्लिम समुदाय से आने वाले अलग-अलग क्षेत्रों के लोग शामिल थे। इस बैठक के दौरान एनएसए ने कहा कि भारत में रहने वाले हिंदू और मुसलमान एक ही जहाज के मुसाफिर की तरह हैं। आपको बता दें कि इस बैठक का उद्देश्य पारंपरिक वोट-बैंक की राजनीति से परे हटकर मुस्लिम समुदाय के विकास, शिक्षा और उद्यमिता के भविष्य पर चर्चा करना था। बैठक में उपस्थित मेहमानों को करीब डेढ़ घंटे तक धैर्यपूर्वक सुनने के बाद अजीत डोभाल ने अंग्रेजी और उर्दू के मिश्रण वाली एक प्रभावशाली स्पीच दी। उनके एक वाक्य ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया। डोभाल ने कहा, "हम (हिंदू और मुसलमान) एक ही जहाज पर सवार हैं। हम या तो साथ तैरेंगे या साथ डूबेंगे!" इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रसिद्ध शिक्षाविद् और व्यवसायी जफर सरेशवाला ने किया। उन्होंने सरकार से समान अवसर की मांग करते हुए कहा, "हम नया भारत का हिस्सा हैं।" बैठक में कौन-कौन हुए शामिल जफर सरेशवाला- शिक्षाविद् और व्यवसायी फारुक पटेल- चेयरमैन, केपी ग्रुप (नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अरबों डॉलर का साम्राज्य) इनामुल राकी- सीएमडी, जर्मन स्टील कंपनी (1 बिलियन डॉलर टर्नओवर) इबरार इराकी- कार्यकारी निदेशक, जर्मन स्टील लिमिटेड जुनैद शरीफ- सीईओ, निटोन वाल्व्स लिमिटेड अल्ताफ सादिकोट- वरिष्ठ पदाधिकारी, दाऊदी बोहरा जमात नईमा खातून- कुलपति, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) समीना शेख- जूम टीवी (मीडिया) सहर भामला- पर्यावरण कार्यकर्ता डॉ. निशात हुसैन- एम्स (AIIMS) की गोल्ड मेडलिस्ट डॉक्टर डॉ. जहीर काजी- अध्यक्ष, अंजुमन-ए-इस्लाम (प्रमुख शैक्षणिक संस्थान) जफर एम. लारी- जीएलएस स्विचगियर्स लिमिटेड हाजी रयामा- कच्छ (गुजरात) से प्रतिनिधित्व कौसर जहां- अध्यक्ष, भारतीय हज समिति अजीत डोभाल की यह पहल दर्शाती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के भीतर हर समुदाय को सशक्त और आत्मविश्वास से भरपूर बनाना भी इसका हिस्सा है। उद्योग जगत से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक फैले इस प्रतिनिधिमंडल ने यह संदेश दिया है कि भारतीय मुस्लिम समुदाय अब केवल राजनीतिक मोहरे के रूप में नहीं, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' के सक्रिय भागीदार के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

सीएम मान का फिनलैंड दौरा, 300 शिक्षकों को ट्रेन-द-ट्रेनर मॉडल से मिला प्रशिक्षण, शिक्षा में आएगा बड़ा बदलाव

चंडीगढ़  पंजाब सरकार और फिनलैंड की टुर्कू यूनिवर्सिटी के बीच स्थापित शैक्षणिक सहयोग ने राज्य के स्कूलों में सकारात्मक बदलाव की नई शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री ने अपने फिनलैंड दौरे के दौरान टुर्कू स्थित कुकुलो-मोइकोइनेन अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन एंड केयर सेंटर का दौरा किया और वहां अपनाई जा रही शिक्षण पद्धतियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस साझेदारी के जरिए वैश्विक शिक्षण तकनीकों को पंजाब के क्लासरूम तक सफलतापूर्वक पहुंचाया जा रहा है, जिससे शिक्षा प्रणाली अधिक प्रभावी, आधुनिक और छात्र-केंद्रित बन रही है। उन्होंने बताया कि यह पहल ‘शिक्षा क्रांति’ को नई दिशा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सीएम मान ने कहा कि फिनलैंड के साथ सहयोग के रचनात्मक परिणाम अब पंजाब के स्कूलों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। पारंपरिक रट्टा आधारित शिक्षा प्रणाली से हटकर अब बच्चों को अधिक आनंदमय, सहभागितापूर्ण और व्यावहारिक तरीके से पढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे सीखने का माहौल अधिक रोचक और प्रभावी बन रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस पहल के तहत ‘ट्रेन-द-ट्रेनर’ मॉडल अपनाया गया है, जिसके माध्यम से लगभग 300 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पंजाब के स्कूल शिक्षा विभाग और स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कोई अल्पकालिक प्रयास नहीं, बल्कि दीर्घकालिक संस्थागत सुधार की दिशा में उठाया गया कदम है, जिसका उद्देश्य प्रारंभिक और बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना है। उन्होंने आगे कहा कि प्रशिक्षण सत्र चंडीगढ़ के साथ-साथ फिनलैंड के टुर्कू और राउमा शहरों में भी आयोजित किए गए हैं। इन सत्रों के दौरान शिक्षकों को कार्यशालाओं, स्कूल विजिट और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के जरिए आधुनिक शिक्षण तकनीकों से अवगत कराया जा रहा है। मई 2026 तक चार चरणों में लगभग 300 शिक्षक इस प्रशिक्षण को पूरा कर लेंगे, जिससे राज्य भर के लाखों विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि शिक्षा को अधिक रोचक और जीवंत बनाने के लिए शिक्षकों को नए-नए प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब शिक्षकों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे विद्यार्थियों की अलग-अलग जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम को ढालने में सक्षम हो रहे हैं। इस पहल की खास बात यह है कि विदेशी मॉडल को सीधे लागू करने के बजाय उसे स्थानीय सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों के अनुरूप ढाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार इस कार्यक्रम को और व्यापक बनाने के लिए 'मास्टर ट्रेनर्स' तैयार करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि राज्य के हर कोने तक इन नई शिक्षण पद्धतियों को पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म और मिश्रित प्रशिक्षण मॉडल भी विकसित किए जा रहे हैं, जिससे शिक्षकों का निरंतर पेशेवर विकास सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सहयोग पंजाब के शिक्षा सुधारों की मजबूत नींव साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस तरह की पहलों से राज्य के विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे, और पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम करेगा।  

बिहार समेत 8 राज्यों में साइबर फ्रॉड नेटवर्क पर सीबीआई की सख्त नजर

वैशाली  सीबीआई ने साइबर क्राइम के लिए फर्जी तरीके से सिम की खरीद-बिक्री करने वालों के खिलाफ ऑपरेशन चक्र-5 अभियान शुरू किया है। इसके तहत साइबर फ्रॉड की बड़ी घटनाओं में इस्तेमाल मोबाइल सिम के विक्रेताओं पर अंकुश लगाया जाएगा। इस ऑपरेशन के तहत बिहार, असम, राजस्थान, यूपी, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, झारखंड समेत आठ राज्यों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। वैशाली के कई सिम विक्रेता सीबीआई की रडार पर हैं जिनकी तलाश की जा रही है। चार की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। बिहार में बड़े पैमाने पर फर्जी सिम से सिम बॉक्स डिवाइस संचालित किए जाने के कई मामले पकड़ में आ चुके हैं। इस डिवाइस के जरिए अंतरराष्ट्रीय वीओआईपी कॉल को लोकल वॉइस कॉल में परिवर्तित कर साइबर फ्रॉड किया जाता है। सुपौल, समस्तीपुर समेत कई जिलों में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। इसमें वैशाली इलाके के कई सिम विक्रेता फर्जी नाम पते पर सिम बेचने में चिह्नित हुए हैं। इस तरह के मामलों में सीबीआई बड़े पैमाने पर साइबर फ्रॉड के लिए सिम बेचने और एजेंट को सिम उपलब्ध कराने वाले डीलर आदि को जांच के रडार पर लिया है। इस तरह के सिम का न केवल कॉल करने में बल्कि म्यूल खातों को संचालित करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। फर्जी कंपनियों के नाम पर खोले गए बैंक खातों में देशभर से साइबर फ्रॉड की राशि मंगाकर उसकी निकासी की जा रही है। ऐसे खातों को संचालित करने में मदद पहुंचाने वाले बैंक कर्मियों का भी सुराग सीबीआई ढूंढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार, हाल में हुए कई मामलों में सीबीआई ने असम और बिहार के सिम विक्रेताओं की जांच पड़ताल शुरू की है। वैशाली में कई सिम विक्रेताओं के संबंध में सीबीआई ने जानकारी जुटाई है। आर्थिक अपराध इकाई ने भी चार सिम विक्रेताओं को वैशाली के महुआ इलाके से पूर्व में गिरफ्तार किया था।

सब्जी मंडी पुल प्रकरण: दुष्यंत-दिग्विजय चौटाला से पूछताछ के लिए SIT सक्रिय

हिसार हिसार में पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला-सीआईए इंचार्ज पवन कुमार के विवाद के मामले में एसआईटी इंचार्ज डीएसपी कमलजीत ने पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला को नोटिस जारी कर अपना जवाब देने के लिए बुलाया है। डीएसपी कमलजीत ने इस मामले सीआईए इंचार्ज पवन सहित सभी 6 पुलिस कर्मियों को भी नोटिस दिया है। अभी दुष्यंत चौटाला-दिग्विजय चौटाला ने जांच में शामिल होने के लिए कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। जजपा प्रवक्ता एडवोकेट मनदीप बिश्नोई का कहना है कि पुलिस ने अभी तक शिकायत व एफआईआर की कॉपी उपलब्ध नहीं करवाई है। उसे देखने के बाद ही जवाब दिया जा सकता है। आज दुष्यंत चौटाल कार्यकर्ताओं की बैठक लेने आएंगे। जिसके बाद इस विषय पर भी विमर्श किया जाएगा। एसआईटी इंचार्ज कमलजीत ने कहा कि अभी इस मामले में निष्पक्ष जांच होगी। हमने दोनों पक्षों से साक्ष्य मांगे हैं। उनके बयान भी लेंगे। इसके बाद मौके से जुटाए गए अन्य वीडियो का भी विश्लेषण करेंगे। पूरी जांच के बाद एसपी सिद्धांत जैन को रिपोर्ट सौंपेंगे। यह था मामला गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन के बाद जजपा व इनसो नेताओं पर एफआईआर दर्ज होने के बाद 17 अप्रैल को दुष्यंत चौटाला और उनके भाई दिग्विजय चौटाला मामले के विरोध में गिरफ्तारी देने सिटी थाना पहुंचे थे। इसके बाद एसपी ऑफिस जा रहे थे तो रास्ते में सब्जी मंडी पुल पर सीआईए इंचार्ज पवन कुमार के साथ पुलिस कर्मियों से काफी बहस हुई थी। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया था कि सीआईए इंचार्ज पवन कुमार की गाड़ी से उन्हें सब्जी मंडी पुल पर कुचलने का प्रयास किया। पवन कुमार ने उन्हें हथियार दिखाया। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से एक दूसरे के खिलाफ शिकायत दी ई है। जिसकी जांच के लिए एसपी ने डीएसपी कमलजीत के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी।  

मेडिटेरियन डाइट क्या है और क्यों मानी जाती है सबसे हेल्दी लाइफस्टाइल

पिछले कुछ वर्षों में मेडिटेरियन डाइट (भूमध्यसागरीय आहार) काफी पॉपुलर हो गई है और इसे खाने के सबसे हेल्दी तरीकों में गिना जाता है। यह डाइट मेडिटेरियन सी (भूमध्य सागर) को घेरे हुए देशों के लोगों के खाने की पारंपारिक आदतों से प्रेरित होकर बनी है। यह देश यूरोप, एशिया और अफ्रीका के महाद्वीप के अंदर आते हैं। बतौर डाइटिशियन मैं इस बात पर जोर देती हूं कि यह डाइट केवल खाने से जुड़ी नहीं है, बल्कि यह न्यूट्रिशन, फिजिकल एक्टिविटी और माइंडफुल ईटिंग के बीच संतुलन से बनी संपूर्ण जीवनशैली है। स्वास्थ्य को हर तरह से फायदा पहुंचाने की वजह से हेल्थ एक्सपर्ट इसे फॉलो करने की काफी सलाह देते हैं। जैसा कि आप देख रहे हैं कि मोटापा, डायबिटीज और हार्ट डिजीज जैसी लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां बढ़ती जा रही हैं तो ऐसे माहौल में इस डाइटरी पैटर्न को फॉलो करने पर लंबे समय तक स्वास्थ्य को बेहतर रखा जा सकता है। मेडिटेरियन डाइट क्यों है इतनी खास?     मेडिटेरियन डाइट की सबसे बड़ी खासियत दिल को फायदा पहुंचाना है। यह हेल्दी फैट्स देने वाले ऑलिव ऑयल, नट्स और सीड्स से भरी होती है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) लेवल को घटाते हैं। लगातार हो रही रिसर्च बताती हैं कि इस डाइट को फॉलो करने वाले लोगों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम होता है।     यह डाइट वेट मैनेज करने में काफी मदद करती है। यह कैलोरी कम करने की जगह पोषण से भरे साबुत फूड्स का सेवन बढ़ाने पर जोर देती है, जो लंबे समय तक आपकी भूख को शांत रखते हैं। यह प्राकृतिक रूप से ओवरईटिंग से बचाते हैं और वेट लॉस में मदद करते हैं।     मेडिटेरियन डाइट मेटाबॉलिक हेल्थ सुधारने में मदद करती है। यह ब्लड शुगर को रेगुलेट रखने में मदद करती है, जिस कारण टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए बढ़िया विकल्प है। फल, सब्जियां और साबुत अनाज के हाई फाइबर से डायजेशन और गट हेल्थ बेहतर बनता है।     इस डाइट में एंटी-इंफ्लामेटरी इफेक्ट होते हैं। इसके अंदर एंटीऑक्सीडेंट्स और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो इंफ्लामेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस घटाने में मदद करते हैं। बता दें कि कैंसर और अल्जाइमर डिजीज जैसी क्रोनिक बीमारियों के पीछे इंफ्लामेशन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को जिम्मेदार देखा जाता है। एक्सपर्ट क्या कहते हैं? एक सीनियर डाइटिशियन ने मेडिटेरियन डाइट को लंबे समय तक स्वस्थ रहने और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित डाइटरी पैटर्न में से एक बताया है। यह साबुत फूड्स, हेल्दी फैट्स और लीन प्रोटीन पर जोर देती है, जो हार्ट हेल्थ, मेटाबॉलिक बैलेंस और रिप्रोडक्टिव वेलनेस को सपोर्ट करती है। यह पुरुषों में शुक्राणुओं की गुणवत्ता और महिलाओं में हॉर्मोनल बैलेंस को भी सपोर्ट करती है। मेडिटेरियन डाइट में क्या खाते हैं? इस डाइट की सबसे बड़ी खासियत इसकी फ्लैक्सिबिलिटी है। यह किसी भी फूड ग्रुप को वर्जित नहीं करती, बल्कि हेल्दी ऑप्शन अपनाने पर जोर देती है। 1. फल और सब्जियां ताजे फूड इस डाइट की बुनियाद हैं। टमाटर, पालक, ब्रोकली, संतरा, सेब और बेरीज जैसे फूड्स विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। 2. साबुत अनाज ओट्स, ब्राउन राइस, क्विनोआ और व्होल व्हीट ब्रेड जैसे साबुत अनाज लंबे समय तक एनर्जी देने का काम करते हैं और ब्लड शुगर लेवल स्टेबल रखते हैं। 3. हेल्दी फैट्स इस डाइट में फैट्स का प्राइमरी सोर्स ऑलिव ऑयल होता है। इस तेल के अंदर दिल के लिए फायदेमंद मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स होते हैं। बादाम और अखरोट जैसे नट्स और सीड्स भी इस डाइट का अभिन्न हिस्सा हैं। 4. लीन प्रोटीन इस डाइट में मछली और सीफूड का नियमित सेवन शामिल होता है। खासतौर से सैल्मन, सार्डिन जैसी फैटी फिश शामिल होती हैं, जो ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरी होती हैं। इसके अलावा, पॉल्ट्री, अंडे और दाल व छोले जैसे प्लांट बेस्ड प्रोटीन फूड भी शामिल होते हैं। 5. मॉडरेशन में डेयरी प्रोडक्ट्स दही, चीज़, योगर्ट जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स मॉडरेशन अमाउंट में खा सकते हैं। यह अपने प्राकृतिक रूप में या कम से कम प्रोसेस्ड होने चाहिए। 6. मसाले और जड़ी-बूटी नमक का अत्यधिक इस्तेमाल करने की जगह लहसुन, तुलसी, ओरेगैनो, रोजमेरी जैसे मसालों और जड़ी-बूटियों को फ्लेवर बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। 7. कम मात्रा में रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड्स मेडिटेरियन डाइट में रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन बहुत ध्यान से करना चाहिए। इस आदत से अनहेल्दी फैट्स और एडिटिव्स को कम करने में मदद मिलती है।