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यूपी में शिक्षा पर फोकस: योगी आदित्यनाथ सरकार का मिशन—अब कोई बच्चा नहीं रहेगा स्कूल से बाहर, 1 मई से विशेष अभियान शुरू

श्रमिक बस्तियों से ईंट-भट्ठों तक पहुंचेगी टीम, 6 से 14 आयु वर्ग का 100 प्रतिशत नामांकन लक्ष्य ड्रॉपआउट पर सीधा प्रहार, योगी सरकार ने ‘स्कूल चलो अभियान’ को मिशन मोड में किया लागू ड्रॉपआउट बच्चों को चिह्नित कर मुख्यधारा से जोड़ने पर फोकस, ट्रांजिशन दर बढ़ाने का लक्ष्य लखनऊ योगी सरकार ने शिक्षा के मोर्चे पर बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए ‘स्कूल चलो अभियान’ को उत्तर प्रदेश में मिशन मोड में लागू कर दिया है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अब कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं रहेगा। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे का नामांकन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। पहली मई से प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर श्रमिक बस्तियों, ईंट-भट्ठों और वंचित वर्गों के बच्चों को चिह्नित कर स्कूल से जोड़ा जाएगा। यह अभियान खास तौर पर उन बच्चों पर केंद्रित होगा, जो अब तक शिक्षा की मुख्यधारा से बाहर हैं। दिव्यांग बच्चों के नामांकन को प्राथमिकता देने, आरटीई के अंतर्गत लॉटरी के माध्यम से चयनित पात्र बच्चों का आवंटित विद्यालय में शत-प्रतिशत नामांकन कराने और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में बालिकाओं के प्रवेश को बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार ने ड्रॉपआउट और आउट-ऑफ-स्कूल बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए जमीनी स्तर पर रणनीति तैयार की है। कक्षा 5 से 6, 8 से 9 और 10 से 11 तक 100% ट्रांजिशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों की पढ़ाई बीच में न छूटे और शिक्षा की निरंतरता बनी रहे। जागरूकता अभियान, स्थानीय प्रशासन की सक्रिय भागीदारी और निरंतर मॉनिटरिंग के माध्यम से इस अभियान को प्रभावी बनाने की योजना है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक गांव, वार्ड और बस्ती स्तर पर सर्वे कर बच्चों को चिह्नित किया जाए और उन्हें विद्यालय से जोड़ा जाए। जहां पहले ड्रॉपआउट चिंता का विषय था, अब सरकार घर-घर पहुंचकर हर बच्चे को स्कूल से जोड़ रही है।

राजस्थान पुलिस ने रोहित गोदारा गैंग के शार्प शूटर को पकड़ा, 27 मामले दर्ज

जयपुर  राजस्थान पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के जरिए अहम सफलता हासिल की है। जयपुर में की गई इस कार्रवाई के तहत सुजानगढ़ के चर्चित जेडीजे ज्वैलर्स फायरिंग कांड के मुख्य आरोपी कृष्ण सिंह को तीन साल बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, कृष्ण सिंह कुख्यात रोहित गोदारा और वीरेन्द्र चारण गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है। वह रंगदारी वसूली के लिए फायरिंग और हत्या जैसे गंभीर मामलों में लंबे समय से वांछित था और लगातार फरार चल रहा था। इस कार्रवाई में पुलिस ने एक और बड़े अपराधी लक्ष्मण सिंह को भी दबोचा है, जो 27 मुकदमों में शामिल आदतन अपराधी बताया जा रहा है। वैशाली नगर और मकराना क्षेत्र की पुलिस के लिए वह लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था। एजीटीएफ की इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क और अन्य आपराधिक वारदातों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हुई है। इस पूरे अभियान का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दिनेश एमएन के निर्देशन में किया गया। टीम प्रभारी प्लाटून कमांडेंट सोहन सिंह सहित पुलिस दल के अन्य सदस्यों ने भी इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजस्थान पुलिस ने इस कार्रवाई के जरिए साफ संदेश दिया है कि अपराधी चाहे कहीं भी छिपे हों, कानून के हाथ उनसे ज्यादा दूर नहीं हैं।

गुरुग्राम में हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ, सीएम नायब सैनी और पुष्कर सिंह धामी के साथ युवाओं ने बनाया विश्व रिकॉर्ड

गुरुग्राम हरियाणा की साइबर सिटी गुरुग्राम रविवार को "विजय पर्व" के अवसर पर भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आई। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक साथ शिरकत की। आयोजन का मुख्य आकर्षण हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ रहा, जिसने आस्था के एक नए विश्व रिकॉर्ड को जन्म दिया। गुरुग्राम में आयोजित इस "विजय पर्व" में देश के विभिन्न कोनों से आए हजारों युवाओं और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि सामूहिक पाठ के दौरान पूरा वातावरण ऊर्जा और सकारात्मकता से ओतप्रोत था। उन्होंने इस अवसर पर देश के कोने-कोने से आए युवाओं का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री सैनी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा: "आदरणीय प्रधानमंत्री जी के सशक्त नेतृत्व में आज विश्वभर में भारतीय संस्कृति की गूंज सुनाई दे रही है। यह आयोजन भारत के बदलते स्वरूप, आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदमों और हमारे युवाओं के भीतर बढ़ते आत्मविश्वास का एक भव्य उत्सव है।" उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और नायब सैनी ने इस कार्यक्रम को भारतीय जड़ों से जुड़ने का एक सशक्त माध्यम बताया। सामूहिक पाठ के माध्यम से न केवल विश्व रिकॉर्ड बना, बल्कि यह संदेश भी दिया गया कि आधुनिकता के दौर में भी भारत का युवा अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत पर गर्व करता है। कार्यक्रम के अंत में दोनों मुख्यमंत्रियों ने उपस्थित जनसमूह के साथ 'विजय पर्व' की खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री सैनी ने सोशल मीडिया के माध्यम से भी इस गौरवशाली पल को साझा करते हुए इसे युवाओं के आत्मविश्वास का प्रतीक बताया। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे ताकि इतने बड़े जनसमूह के बीच सामूहिक पाठ को सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके।

अयोध्या में शिव मंदिर पर 29 अप्रैल को ध्वजारोहण करेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में शाम 5 बजे होगा ध्वजारोहण कार्यक्रम 700 से ज्यादा मेहमान होंगे शामिल, प्रवेश और पार्किंग की व्यवस्था तय लखनऊ/अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर के सभी मंदिरों में देवी-देवताओं के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात मंदिर रामलला, माता अन्नपूर्णा, सूर्यदेव, हनुमान जी और गणेश मंदिरों के शिखरों पर ध्वजारोहण हो चुका है। वहीं अब शिव मंदिर पर ध्वजारोहण की तैयारी है। शिव मंदिर पर ध्वजारोहण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 29 अप्रैल को करेंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चम्पत राय ने बताया कि आगामी वैशाख शुक्ल त्रयोदशी 29 अप्रैल (बुधवार) को शाम 5 बजे शिव मंदिर पर ध्वजारोहण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराया जाएगा। ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद श्रद्धालु मंदिर परिसर में दर्शन कर सकेंगे। इस कार्यक्रम में करीब 700 मेहमान शामिल होंगे। मेहमानों के लिए व्यवस्था आमंत्रित मेहमानों को रंगमहल आश्रम (रामकोट) की ओर से, अमावा राम मंदिर होते हुए रामगुलेला मंदिर बैरियर की ओर से और बिरला धर्मशाला के सामने जगद्गुरु रामानन्दाचार्य द्वार से प्रवेश मिलेगा। वहीं इनके लिए पार्किंग व्यवस्था टेढ़ी बाजार चौराहे पर अरुन्धती भवन पार्किंग, टेढ़ी बाजार से गोकुल भवन की ओर और ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा के पास की गई है। वहीं कार्यक्रम के लिए अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था भी पुख्ता की जा रही है। पुलिस और प्रशासन की टीमें भी सुरक्षा में तैनात रहेंगी। इस दौरान मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया जाएगा।

टेक्सास में फिर हुई फायरिंग, वॉशिंगटन के हमले के बाद दो लोग हुए घायल

 टेक्सास अमेरिका के टेक्सास के मिडलैंड शहर में एक बार के पास रविवार को सुबह-सुबह गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाओं की जांच चल रही है. यह घटना सुबह करीब रविवार को करीब 1 बजकर 30 मिनट की बताई जा रही है. मिल रही जानकारी के मुताबिक मिडलैंड पुलिस डिपार्टमेंट के कुछ ऑफ ड्यूटी पुलिसकर्मी ट्रेडविंड्स और ड्यूविले बुलेवार्ड के पास मौजूद एक बार में ड्यूटी पर थे. इसी दौरान उन्होंने पास ही गोली चलने की आवाज सुनी. मौके पर पहुंचने पर पुलिसकर्मियों को एक हथियारों से लैस व्यक्ति मिला, जिस पर उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चला दी।  घटना में घायल संदिग्ध को तुरंत मिडलैंड मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. इसी दौरान पुलिस ने बताया कि उसी घटना के बाद दो अन्य लोग भी गोली लगने से घायल हो गए थे. उन्हें निजी वाहन से अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई. घटनाओं की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बार के सामने सड़क के दूसरी ओर किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था. इसी झगड़े के दौरान संदिग्ध ने कई राउंड फायरिंग की, जिससे दोनों लोग घायल हो गए. फायरिंग के तुरंत बाद पुलिसकर्मियों ने उसे घेर लिया, जिसके बाद यह मुठभेड़ हुई।  मामले की जांच जारी इस पूरे मामले की जांच अब टेक्सास रेंजर्स की ओर से की जा रही है, खासकर उस हिस्से की जिसमें पुलिस की ओर से की गई गोलीबारी शामिल है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की विस्तृत जांच जारी है और आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही साझा की जाएगी. फिलहाल इलाके में स्थिति सामान्य है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से पुलिस सतर्क बनी हुई है।  एक अन्य घटना में 2 की मौत अमेरिका के कास काउंटी में  सुबह एक अन्य दर्दनाक घटना सामने आई, जहां आग लगने के बाद दो लोगों के शव बरामद किए गए. यह हादसा क्वीन काउंटी के पास एक ट्रक स्टॉप और भारतीय रेस्टोरेंट में हुआ. शेरिफ कार्यालय के मुताबिक रविवार सुबह करीब 5 बजे पुलिस को अमेरिका के हाईवे 59 पर मौजूद पुंज ट्रक स्टॉप एंड इंडियन रेस्तरां में भी आग लगने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पुलिस और फायर विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं. जांच के दौरान इमारत की दूसरी मंजिल से दो लोगों के शव मिले. अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है. फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। 

यूथ फेस्ट-2026: सौरभ द्विवेदी का संदेश—फिटनेस, पॉजिटिविटी और परिवार का साथ

यूथ फेस्ट-2026: सौरभ द्विवेदी का मंत्र—फिट रहें, पॉजिटिव सोचें, परिवार संग आगे बढ़ें संस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य,स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप की रही धूम रायपुर  जिले में आयोजित “यूथ फेस्ट-2026” के अंतर्गत आज शाम एक विशेष प्रेरक सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें देश के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं, विशेषकर छात्र-छात्राओं एवं महिलाओं को जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों पर केंद्रित रहते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया।    गौरतलब है कि “यूथ फेस्ट-2026” के तहत बीते दो दिनों 24-25  को जिले के शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य प्रस्तुतियां, स्टार्टअप, एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट से संबंधित वर्कशॉप, फूड स्टॉल्स, कला एवं संस्कृति से जुड़ी प्रदर्शनियां तथा युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करने वाले अनेक कार्यक्रम शामिल रहे। अंतिम दिवस पर दायरा बैंड (जादू बस्तर) की प्रस्तुति ने आयोजन में सांस्कृतिक रंग भर दिए और दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।    अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में निरंतर सीखना, स्वयं को अपडेट रखना और सकारात्मक सोच बनाए रखना ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने विशेष रूप से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य (मेंटल हेल्थ) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस समय में संतुलित जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है।   सौरभ द्विवेदी ने युवाओं से कहा कि वे बाहरी दुनिया की अनावश्यक आलोचनाओं और भ्रामक बातों से प्रभावित न हों, बल्कि अपने मन की सुनें और परिवार की सलाह को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि परिवार ही व्यक्ति का सबसे बड़ा शुभचिंतक होता है, इसलिए अपने माता-पिता, बहनों और परिवारजनों की चिंता करना और उनका ख्याल रखना हर युवा का दायित्व है।   महिलाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के निर्माण में माताओं और बहनों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, तब समाज और देश की प्रगति को नई गति मिलती है। उन्होंने महिलाओं को घर और कार्य के बीच संतुलन बनाते हुए अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की भी सलाह दी।   उन्होंने युवाओं, महिलाओं एवं बच्चों को अनावश्यक विज्ञापनों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने का संदेश देते हुए कहा कि सही जानकारी, जागरूकता और विवेकपूर्ण निर्णय ही उन्हें सशक्त बनाएंगे। साथ ही उन्होंने सभी से प्रतिदिन कुछ नया सीखने और अपने कौशल को निरंतर निखारने का आह्वान किया। आयोजन के लिए    कार्यक्रम में  महापौर श्री रामू रोह कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा डीएफओ श्री कृष्ण जाधव एवं शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धमतरी के प्राचार्य श्री विनोद पाठक सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापक, गणमान्य नागरिक, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।     युवा फेस्ट-2026 का यह आयोजन युवाओं के सर्वांगीण विकास, उनकी रचनात्मकता को मंच देने और उन्हें सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने की दृष्टि से अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी सिद्ध हुआ।      महापौर श्री रामू रोहरा ने युवा फेस्ट-2026 विभिन्न  प्रतियोगिता में विजय प्रतिभागियों को ट्राफी और प्रशस्ति  पत्र देकर सम्मानित किया ।

7 करोड़ कैश मिलने के बाद ED का एक्शन तेज, भुल्लर के 11 ठिकानों पर रेड

चंडीगढ़ रिश्वतखोरी के केस में गिरफ्तार पंजाब के पूर्व DIG हरचरण सिंह भुल्लर के 11 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) तलाशी अभियान चला रही है. यह कार्रवाई सोमवार सुबह शुरू हुई. भुल्लर के चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा और जालंधर में स्थित 11 ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है. ये जगहें आरोपी भुल्लर और उसके साथियों और संदिग्ध बेनामीदारों से जुड़ी हैं. मालूम हो कि डीआईजी भुल्लर को पिछले साल 8 लाख रुपए के रिश्वत से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद उनके ठिकानों पर हुई छापेमारी में 7 करोड़ से ज्यादा रुपए कैश मिले थे।  आज भुल्लर के ठिकानों पर चल रही ईडी की रेड CBI, ACB द्वारा दर्ज किए गए मूल अपराधों से जुड़ी है। इन अपराधों में एक बिचौलिए के ज़रिए किसी आपराधिक मामले को निपटाने के लिए अवैध रिश्वत मांगने के आरोप शामिल हैं, साथ ही आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं ज़्यादा संपत्ति का पता भी चला है।  चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा, जालंधन में चल रही तलाशी मिली जानकारी के अनुसार भुल्लर और उसके करीबियों के चंडीगढ़ में स्थित दो, लुधियाना में स्थित 5, पटियाला में स्थित दो के साथ-साथ नाभा और जालंधर में स्थित एक-एक ठिकानों पर तलाशी ली जा रही है. इन तलाशी अभियानों का मकसद अपराध से हासिल हुई और संपत्ति का पता लगाना, बेनामी संपत्तियों की पहचान करना और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत इकट्ठा करना है।  बताते चले कि पिछले साल चंडीगढ़ में भुल्लर के आवास पर तलाशी के दौरान सीबीआई ने 7.36 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, 2.32 करोड़ रुपये से अधिक के आभूषण, 26 ब्रांडेड घड़ियां और परिवार के सदस्यों के नाम अचल संपत्ति के दस्तावेज बरामद किए थे।  इन 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी ईडी की टीमें पीएमएलए की धारा 17 के तहत कुल 11 जगहों पर तलाशी अभियान चला रही हैं. ये अभियान 5 शहरों में चल रहे हैं।      चंडीगढ़ – 2 ठिकाने     लुधियाना जिला – 5 ठिकाने     पटियाला – 2 ठिकाने     नाभा – 1 ठिकाना     जालंधर – 1 ठिकाना जानकारी के अनुसार ये छापे आरोपी, उसके सहयोगियों और संदिग्ध बेनामी संपत्तियों से जुड़े लोगों के ठिकानों पर मारे जा रहे हैं. इस दौरान मनी ट्रेल और बेनामी संपत्तियों की जांच की जा रही है।  ईडी की कार्रवाई का ये है उद्देश्य     . अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) का पता लगाना     . भुल्लर से संबंधित बेनामी संपत्तियों की पहचान करना     . मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े सबूत जुटाना फिलहाल ईडी की तलाशी की कार्रवाई जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।  सीबीआई ने क्‍यों क‍िया था गि‍रफ्तार  पंजाब पुलिस के पूर्व उप महानिरीक्षक यानी DIG हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत लेने के आरोप में सीबीआई ने पिछले साल गिरफ्तार किया था और वे तभी से जेल में बंद हैं. भुल्लर के साथ बिचौलिए कृष्ण शारदा को भी 8 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में पकड़ा था. हाल ही में भुल्लर ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत मांगी थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी थी।   

केजरीवाल का बड़ा कदम: जस्टिस स्वर्णकांता की कोर्ट में नहीं होंगे पेश, सत्याग्रह शुरू

 नई दिल्ली दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले में निचली अदालत ने बरी कर दिया था. इस फैसले के खिलाफ जांच एजेंसी ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की है. दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी. अब अरविंद केजरीवाल ने यह ऐलान किया है कि वह जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की कोर्ट में पेश नहीं होंगे।  उन्होंने इसे लेकर जस्टिस स्वर्णकांता को पत्र भी लिखा है. अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को पत्र लिखकर कहा है कि वह खुद या वकील के जरिये उनके सामने पेश नहीं होंगे. उन्होंने यह भी कहा है कि मेरी जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है. इसलिए मैंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह की राह पर चलने का फैसला लिया है।  दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा है कि जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले की अपील में सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार रखूंगा. गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बेंच बदलने की अपील की थी. उन्होंने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से यह केस सुनना बंद करने की अपील करते हुए दलील दी थी कि उनके मन में पहले से ही अरविंद केजरीवाल के मन में राय बन चुकी है।  अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस शर्मा के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े अधिवक्ता परिषद के कार्यक्रम में हिस्सा लेने का हवाला देते हुए कहा था कि जज अगर उस विचारधारा की समर्थक है और मैं विरोधी, तो क्या मुझे इंसाफ मिलेगा?  जस्टिस शर्मा के बहिष्कार को बताया सत्याग्रह आखिरकार सत्य की जीत हुई। अदालत ने मुझे निर्दोष बता दिया। अदालत ने कहा कि केजरीवाल निर्दोष है, केजरीवाल ने कोई भ्रष्टाचार किया। कोर्ट ने सीबीआई की जांच पर सवाल खड़ा कर दिया। जांच अधिकारी के खिलाफ जांच का आदेश दिया। सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी। यह केस जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा जी के सामने लगा। तब मेरे मन में बहुत बड़ा सवाल उठा कि क्या मुझे इनके सामने न्याय मिलेगा। इसके कई कारण हैं, लेकिन दो कारण मुख्य हैं, पहला कारण यह है कि आरएसएस की जिस विचारधारा वाली सरकार ने झूठे आरोप लगाकर मुझे जेल में डाला, जज साहिबा ने माना कि उससे जुड़े संगठन के मंचों पर वह जाती रही हैं। मैं और आम आदमी पार्टी उस विचारधारा के घोर विरोधी हैं,ऐसे में क्या मुझे अन्या मिल सकता है। दूसरा कारण हैं हितों का टकराव। कोर्ट में मेरे खिलाफ सीबीआई है, और जस्टिस के दोनों बच्चे केंद्र सरकार के वकीलों के पैनल में हैं। हमारे सामने दूसरी तरफ से वकील हैं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, वह उनके दोनों बच्चों को केस देते हैं। कितने और कौन से केस मिलेंगे यह तय करते हैं। पैनल में 700 वकील हैं लेकिन जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के बेटे सबसे ज्यादा केस हासिल करने वाले वकीलों में हैं। उनको करोड़ों रुपये फीस में मिले। उनके बच्चों का भविष्य और कमाई तुषार मेहता पर निर्भर है। किसी के मन में स्वभाविक है कि यदि जज साहब के बच्चों का भविष्य वकील तय कर रहा है तो क्या वह उस वकील के खिलाफ फैसला कर पाएंगी। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, बहुत सम्मान करता हूं। जब मेरे खिलाफ गलत साजिश हुई तो न्यायपालिका ने ही न्याय दिया। इसी ने बेल दी। दोषमुक्त करार किया। जब जब देश पर आंच आई न्यायापालिका ने ही बचाया। मैं जस्टिस स्वर्ण कांता का भी बहुत सम्मान करता हूं। मुझे उनसे कोई व्यक्तिगत आपत्ति नहीं है। लेकिन न्याय का बहुत बड़ा सिद्धांत है कि ना सिर्फ न्याय हो बल्कि न्याय होता दिखे। इसलिए मैंने उनसे अपील की थी कि वबह खुद को इस केस से अलग कर लें। लेकिन उन्होंने मेरी दलीलें खारिज कर दीं और कहा कि वह खुद सुनेंगी। मेरे सामने आसान रास्ता है कि मैं उनका आदेश मान लूं और एक बड़ा वकील खड़ा करके अपना केस लड़ूं। लेकिन यह मुद्दा सिर्फ मेरे केस का नहीं आम लोगों के न्यायपालिका पर भरोसे का है। दिविधा के मौके पर बापू ने हमें सत्याग्रह का रास्ता दिया था। अन्याय का सामना करो तो पहला कदम विरोध नहीं बातचीत हो। पूरी विनम्रता से बात रखनी चाहिए। सारी कोशिशों के बाद भी न्याय ना मिले तो अंतरात्मा की बात सूनो। शांति और विनम्रता के साथ सत्याग्रह करना चाहिए, फिर उसके जो भी परिणाम हो। इस पूरे प्रकरण में अन्याय करने वाले के प्रति गुस्सा, नफरत नहीं होना चाहिए। मैंने भी अपनी बात जस्टिस के सामने रखी, उनसे आग्रह किया कि किसी और जज के द्वारा सुन लिया जाए। उन्होंने मेरी प्रार्थना अस्वीकार कर दीं। उन्होंने कहा कि वह खुद को अलग नहीं करेंगी। उनके इस फैसले से मैं असहमत हूं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मेरी आशंका और गहरी हो गई है कि क्या मुझे न्याय मिलेगा। बापू के रास्ते पर चलते हुए मैंने फैसला लिया है कि मैं इस केस में जस्टिस स्वर्ण कांता जी के सामने पेश हूंगा और ना ही कोई वकील जाएगा। वह जो भी फैसला सुनाएंगी, मैं सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए स्वतंत्र हूं। मेरा उनसे कोई व्यक्तिगत विरोध नहीं है। यदि उनके सामने कोई केस लगता है जिसके विरोध में बीजेपी, केंद्र सरकार या तुषार मेहता नहीं हैं तो मैं उनके सामने पेश होऊंगा। आप पूछ सकते हैं कि मैं उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं जा रहा हूं। मैं तैयारी कर रहा हूं। कानून और न्यायपालिका के सम्मान को ध्यान में रखकर एक एक कदम उठाना है। मैं यह कदम अहंकार और विद्रोह में नहीं उठा रहा हूं। कानून को चुनौती देना नहीं है। इसी केस में मैंने हर अदालत में सहयोग दिया है। मैं न्यायपालिका का बहुत सम्मान करता हूं। देश के न्याय व्यवस्था पर लोगों के भरोसे को बढ़ाना।

Madhya Pradesh सरकार का बड़ा तोहफा, 75%+ अंक लाने वाले छात्रों को मिलेगा लैपटॉप अनुदान

भोपाल. प्रदेश में इस साल भी 12वीं की परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वालों की संख्या बढ़ी है। इसका असर मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना पर भी पड़ा है। इस साल इस योजना के तहत करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 26 हजार ज्यादा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल से उन सभी विद्यार्थियों की सूची मांगी है, जिन्होंने 12वीं परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। विभाग द्वारा सूची के सत्यापन के बाद पात्र विद्यार्थियों के खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की जाएगी। जून व जुलाई में विद्यार्थियों को लैपटाप की राशि प्रदान करने की तैयारी है। इस योजना पर इस साल सरकार करीब 302 करोड़ रुपयों से अधिक खर्च करने जा रही है। हर साल बढ़ रहा आंकड़ा वर्ष लैपटॉप पाने वालों की संख्या 2023 – 78000 2024 – 90,000 2025 – 94,500 16 साल पहले शुरू हुई थी योजना मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना की शुरुआत वर्ष 2009-10 में की गई थी। प्रारंभ में इस योजना के तहत केवल 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को ही पात्र माना जाता था। उस समय लाभार्थियों की संख्या करीब 20 से 25 हजार के बीच रहती थी। बाद में इसे घटाकर 70 प्रतिशत किया गया। कुछ वर्षों से 75 प्रतिशत अंक का मानक तय किया गया है। स्कूल टॉपर को स्कूटी मिलती है राज्य सरकार मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए अन्य योजनाएं भी चला रही है। शासकीय स्कूलों में 12वीं कक्षा के टॉपर विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान करने की योजना भी लागू है। इसमें स्कूल स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाला छात्र या छात्रा पात्र होता है। 1.21 लाख विद्यार्थियों को राशि इस बार मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत करीब 1.21 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। मंडल से ऐसे विद्यार्थियों की सूची मांगी गई है। – धर्मेंद्र शर्मा, संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय।

अमेरिकी प्रतिबंधों की आहट, चाबहार प्रोजेक्ट पर भारत के विकल्पों पर मंथन

नई दिल्ली   ईरान के चाबहार पोर्ट और रूस से तेल आयात को लेकर भारत जटिल कूटनीतिक स्थिति का सामना कर रहा है। अमेरिका की ओर से ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों की समयसीमा समाप्त होने के करीब है, जिससे भारत के सामने यह सवाल खड़ा हो गया है कि वह अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को कैसे सुरक्षित रखे। अगर पाबंदियों में छूट नहीं मिलती है तो चाबहार परियोजना में भारत की भूमिका प्रभावित हो सकती है, जो क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए बेहद अहम मानी जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत चाबहार पोर्ट में अपनी भागीदारी को लेकर कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। इनमें अस्थायी रूप से संचालन अधिकार किसी तीसरे पक्ष को सौंपना या निवेश ढांचे में बदलाव करना शामिल हो सकता है, ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों से सीधे टकराव से बचा जा सके। हालांकि, यह भी साफ किया गया है कि भारत इस प्रोजेक्ट से पूरी तरह बाहर निकलने का इरादा नहीं रखता, बल्कि किसी भी तरह अपनी रणनीतिक उपस्थिति बनाए रखना चाहता है। चाबहार पोर्ट भारत के लिए कितना अहम चाबहार पोर्ट भारत के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि यह उसे पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंच मुहैया कराता है। यह बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) का एक प्रमुख हिस्सा माना जाता है, जो भारत के व्यापारिक विस्तार और भू-राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाने में मदद करता है। ऐसे में इस परियोजना से दूरी बनाना भारत के दीर्घकालिक हितों को नुकसान पहुंचा सकता है और क्षेत्र में उसकी भूमिका कमजोर कर सकता है। जानकारों का कहना है कि भारत को अमेरिकी दबाव में आकर चाबहार प्रोजेक्ट से बाहर नहीं निकलना चाहिए। नई दिल्ली की विदेश नीति हमेशा रणनीतिक स्वायत्तता पर आधारित रही है और उसे अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार फैसले लेने चाहिए। अगर भारत इस परियोजना से पीछे हटता है, तो इससे न केवल उसकी विश्वसनीयता प्रभावित होगी बल्कि क्षेत्रीय साझेदारों के साथ उसके संबंध भी कमजोर हो सकते हैं। रूस से तेल की खरीद कितनी जरूरी इसी तरह रूस से तेल खरीद का मुद्दा भी भारत के लिए बेहद अहम है। रूस से मिलने वाला सस्ता कच्चा तेल भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत अमेरिकी दबाव में आकर रूस से तेल खरीद कम करता है, तो इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं। भारत के सामने चुनौती यह है कि वह अमेरिका, ईरान और रूस के बीच संतुलन कैसे बनाए रखे। एक ओर अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी अहम है, वहीं दूसरी ओर ईरान और रूस के साथ आर्थिक व भू-राजनीतिक संबंध भी उतने ही जरूरी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को संतुलित और स्वतंत्र नीति अपनाते हुए अपने दीर्घकालिक हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि वह बदलते वैश्विक हालात में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रख सके।