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EO Murder Case: सम्राट चौधरी ने घोषित की 25 लाख की मदद, राजकीय सम्मान से होगी अंत्येष्टि

पटना. सुल्तानगंज नगर परिषद में दिनदहाड़े कार्यपालक पदाधिकारी कृष्‍ण भूषण कुमार की हत्‍या पर मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरी संवेदना व्‍यक्‍त की है। उन्‍होंने कहा कि कृष्‍ण भूषण कुमार ने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। शोक संतप्त परिजनों के प्रति इस अपूरणीय क्षति पर गहरी संवेदनाएं प्रकट करते हैं। उनके परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। दिवंगत अधिकारी अंत्‍येष्‍ट‍ि राजकीय सम्मान के साथ सम्पन्न कराई जाएगी।  बता दें कि मंगलवार को भागलपुर जिले के सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में अपराधियों ने कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण की गोली मारकर हत्या कर दी। वे बिहार लोक सेवा आयोग के 59वें बैच के अधिकारी थे। सभापति की हालत गंभीर हमले में नगर परिषद सभापति राजकुमार गुड्डू भी घायल हो गए। उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। मेडिकल डायरेक्टर डॉ. रविशंकर के अनुसार, उन्हें पेट और सिर में गोली लगी है और वे न्यूरो ICU में इलाजरत हैं। इधर घटना के बाद पुलिस एक्‍शन में आई। हत्‍या मामले में पुलिस ने आरोपित का एनकाउंटर कर दिया है।   अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी  इधर घटना के बाद बिहार नगर सेवा संघ ने इस घटना के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी थी।48 घंटे की मोहलत दी थी। संघ के महासचिव अरविंद कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, गृह विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव, बिहार पुलिस प्रमुख (DGP), मानवाधिकार आयोग और लोकायुक्त को पत्र लिखकर अपनी मांगें रखी । कर्तव्यनिष्ठा का परिचय – अत्यंत ही दुःखद घटना में सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी श्री कृष्ण भूषण कुमार जी का असामयिक निधन हो गया। उन्होंने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। शोक संतप्त परिजनों के प्रति इस अपूरणीय क्षति पर गहरी संवेदनाएँ प्रकट… — Samrat Choudhary (@samrat4bjp) April 29, 2026 

एलॉन मस्क vs सैम ऑल्टमैन: OpenAI को लेकर कोर्ट में हाई-प्रोफाइल जंग शुरू

दुनिया की सबसे बड़ी टेक लड़ाइयों में से एक अब कोर्ट तक पहुंच चुकी है. दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलॉन मस्क और AI के धुरंधर सैम ऑल्टमैन आमने-सामने हैं. मामला सिर्फ दो बड़े नामों का नहीं है, बल्कि AI की दुनिया का डायरेक्शन तय करने वाली इस लड़ाई पर पूरी दुनिया की नजर है. अमेरिका के कैलिफोर्निया में चल रहे इस हाई-प्रोफाइल ट्रायल में एलॉन मस्क खुद गवाही देने कोर्ट पहुंचे. उन्होंने OpenAI पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मस्क का कहना है कि जिस मकसद से OpenAI की शुरुआत हुई थी, उसे पूरी तरह बदल दिया गया है. यहां तक की चैरिटी लूटने तक का आरोप लगा दिया. एलॉन मस्क ने ये भी बताया है कि उन्होंने ही कंपनी का नाम रखा था. इसके पीछे की कहानी बताई है. कहा है कि Open नाम इसलिए रखा गया था, क्योंकि इसे ओपन सोर्स रखने का मकसद था, गूगल की तरह इसे क्लोज सोर्स नहीं रखना था. कहां से शुरू हुई कहानी यह कहानी 2015 से शुरू होती है, जब एलॉन मस्क और सैम ऑल्टमैन ने मिलकर OpenAI की शुरुआत की थी. उस समय इसे एक नॉन-प्रॉफिट संस्था के तौर पर बनाया गया था. मकसद AI को सुरक्षित और इंसानों के हित में डेवेलेप करना था. मस्क ने इस प्रोजेक्ट को फंड भी किया और इसे एक मानवता के लिए AI पहल बताया गया. लेकिन समय के साथ चीजें बदलने लगीं. अब आरोप क्या हैं एलॉन मस्क का आरोप है कि OpenAI ने अपने असली मकसद से धोखा किया. उनका कहना है कि कंपनी अब एक प्रॉफिट कमाने वाली कंपनी बन गई है, जबकि शुरुआत में इसे गैर-लाभकारी संस्था के रूप में बनाया गया था. मस्क ने कोर्ट में कहा कि उन्हें यह सोचकर इन्वेस्ट करने को कहा गया था कि OpenAI मानवता के लिए काम करेगा, लेकिन बाद में इसे एक बिजनेस में बदल दिया गया. उन्होंने यहां तक कहा कि यह चैरिटी को लूटने जैसा है और कंपनी ने अपने मूल उद्देश्य से पूरी तरह हटकर काम किया. कितना बड़ा है मामला यह सिर्फ एक सामान्य केस नहीं है. एलॉन मस्क इस केस में अरबों डॉलर का मुआवजा मांग रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह रकम 130 अरब डॉलर से भी ज्यादा हो सकती है. अगर कोर्ट एलॉन मस्क के पक्ष में फैसला देता है, तो इससे OpenAI के काम करना का तरीका पूरी तरह से बदल सकता है. यहां तक कि कंपनी को फिर से नॉन-प्रॉफिट मॉडल में वापस लाने की मांग भी की गई है. इस पूरे केस को और बड़ा बनाता है इसमें दांव पर लगी रकम. मस्क ने OpenAI के खिलाफ करीब 100 अरब डॉलर से ज्यादा के नुकसान का दावा किया है. उनका कहना है कि उन्हें जिस मकसद के लिए निवेश करने को कहा गया था, वह पूरी तरह बदल दिया गया और इससे उन्हें भारी नुकसान हुआ. अगर कोर्ट एलॉन मस्क के पक्ष में फैसला देता है, तो यह टेक इंडस्ट्री के इतिहास के सबसे बड़े मामलों में से एक बन सकता है. OpenAI का जवाब क्या है दूसरी तरफ OpenAI और सैम ऑल्टमैन ने इन आरोपों को खारिज किया है. कंपनी का कहना है कि मस्क का असली मकसद प्रतिस्पर्धा है. OpenAI का तर्क है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ में टिके रहने के लिए फंडिंग और प्रॉफिट मॉडल जरूरी था. खासकर गूगल और दूसरी कंपनियों से मुकाबला करने के लिए यह कदम उठाना पड़ा. कंपनी यह भी कह रही है कि मस्क खुद अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी xAI चला रहे हैं, इसलिए यह मामला कंपटीशन से भी जुड़ा हुआ है. कोर्ट में क्या हुआ अब तक ट्रायल के दौरान एलॉन मस्क ने खुद गवाही दी और ओपनAI के शुरुआती दिनों की कहानी बताई. उन्होंने कहा कि OpenAI एक ओपन और सुरक्षित AI बनाने के लिए शुरू किया गया था, उन्होंने गूगल के साथ AI रेस और उस समय के अंदरूनी फैसलों का भी जिक्र किया. वहीं, कोर्ट में यह भी सामने आया कि यह मामला सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि पर्सनल भी बन चुका है. कई रिपोर्ट्स में कहा गया कि यह लड़ाई अब दो नेताओं के बीच की टकराव जैसी दिख रही है. AI की दुनिया पर क्या असर पड़ेगा यह केस सिर्फ मस्क और ऑल्टमैन तक सीमित नहीं है. इसका असर पूरी AI इंडस्ट्री पर पड़ सकता है. अगर मस्क जीतते हैं, तो AI कंपनियों पर ज्यादा नियम और ट्रांसपेरेंसी का दबाव बढ़ सकता है. वहीं अगर OpenAI जीतता है, तो यह साबित होगा कि AI को आगे बढ़ाने के लिए प्रॉफिट मॉडल जरूरी है. दोस्ती से दुश्मनी तक का सफर एलॉन मस्क और सैम ऑल्टमैन कभी साथ काम करते थे. लेकिन आज वही दो लोग कोर्ट में आमने-सामने खड़े हैं. यह लड़ाई सिर्फ पैसे की नहीं है, बल्कि इस बात की है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का फ्यूचर कैसा होगा. क्या यह मानवता के लिए काम करेगा या कंपनियों के मुनाफे के लिए? इस पूरे मामले से एक बात साफ है. AI जितनी तेजी से बढ़ रहा है, उतनी ही तेजी से इसके आसपास विवाद भी बढ़ रहे हैं. एलॉन मस्क और सैम ऑल्टमैन की यह लड़ाई आने वाले समय में यह तय कर सकती है कि AI का रास्ता कौन तय करेगा, टेक्नोलॉजी या बिजनेस.

2026 में आएगा 13वां महीना: अधिकमास से बदलेंगी त्योहारों की तारीखें

 हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल 2026 यानी विक्रम संवत 2083 खास रहने वाला है, क्योंकि इस बार पूरे साल में 12 नहीं बल्कि 13 महीने होंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि ज्येष्ठ मास इस साल दो बार आएगा. यही अतिरिक्त महीना 'अधिक मास' कहलाता है, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस महीने के स्वामी भगवान विष्णु हैं, इसलिए इस समय उनकी पूजा का विशेष महत्व होता है. कब पड़ेगा अधिकमास 2026? पंचांग के अनुसार, साल 2026 में अधिकमास ज्येष्ठ महीने में पड़ेगा. इसकी शुरुआत 17 मई 2026 से होगी और समापन 15 जून 2026 को होगा. इस अतिरिक्त महीने की वजह से आगे आने वाले कई बड़े त्योहारों की तारीखें भी आगे खिसक जाएंगी. जैसे- रक्षाबंधन, जो आमतौर पर अगस्त के मध्य में आता है, 2026 में 28 अगस्त को मनाया जाएगा. दीपावली भी इस बार 8 नवंबर को पड़ेगी अधिकमास क्यों आता है? अधिकमास का सीधा संबंध सूर्य और चंद्र कैलेंडर के अंतर से है. एक सौर वर्ष लगभग 365 दिन का होता है. वहीं चंद्र वर्ष करीब 354 दिन का. हर साल करीब 11 दिनों का फर्क रह जाता है. यही अंतर जब 3 साल में बढ़कर लगभग 32-33 दिन हो जाता है, तब उसे संतुलित करने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है. इसी को अधिक मास कहा जाता है. अधिकमास में क्या करना शुभ माना जाता है? अधिकमास को भक्ति और साधना का विशेष समय माना जाता है. इस दौरान रोजाना भगवान विष्णु की पूजा करना और उनके मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है. साथ ही जप, तप और दान-पुण्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए. जरूरतमंद लोगों की मदद करना और अन्न दान करना भी इस महीने में बहुत पुण्यदायी होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय श्रीमद्भगवद गीता का पाठ करने से भी विशेष फल प्राप्त होता है. इस दौरान ना करें ये काम अधिक मास में कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है. इस दौरान शादी, गृह प्रवेश, नामकरण और मुंडन जैसे मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए. नए बिजनेस या किसी बड़े शुभ काम की शुरुआत भी टालना बेहतर माना जाता है. इसके अलावा मांसाहार और शराब का सेवन करने से बचना चाहिए और किसी गरीब या कमजोर व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए. क्या खास है पुरुषोत्तम मास? अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, क्योंकि इसे भगवान विष्णु को समर्पित माना गया है. मान्यता है कि इस महीने में की गई पूजा और भक्ति का फल कई गुना बढ़कर मिलता है, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है.

पंजाब में मौसम का अचानक बदलाव, लुधियाना-पठानकोट में बारिश, तापमान में 6 डिग्री की गिरावट

लुधियाना पंजाब-चंडीगढ़ में अचानक तड़के मौसम बदल गया। लुधियाना और पठानकोट में हल्की बारिश के कारण पिछले 10 दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश के साथ आंधी चलने से अधिकतम तापमान में एक ही दिन में 6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के मुताबिक, तापमान सामान्य से 3.6 डिग्री नीचे गिर गया है। सबसे अधिक तापमान 37.6 डिग्री फाजिल्का में दर्ज किया गया। वहीं, आज कुछ जगहों पर बिजली गरजने के साथ बारिश और आंधी का ऑरेंज अलर्ट है। एक मई को छोड़कर तीन मई तक ऐसा ही मौसम रहेगा। इस दौरान लोगों को हीट वेव से राहत मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आज सभी जिलों में बारिश व 14 जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। इनमें गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर शामिल हैं। कई जगह 9 डिग्री गिरा पारा मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक सभी जिलों का तापमान छह डिग्री से लेकर नौ डिग्री तक गिरा है। चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री रहा, जो सामान्य से 3.1 डिग्री कम रहा है। इसमें एक दिन पहले के मुकाबले 6.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। अमृतसर में 34.1 डिग्री के साथ 5.9 डिग्री की गिरावट आई। लुधियाना में 34 डिग्री दर्ज किया गया। इसमें 7 डिग्री की गिरावट आई। पटियाला में 36.5 डिग्री तापमान रहा। इसमें 5.6 डिग्री की कमी आई है। फरीदकोट में 37.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया और यहां 3.8 डिग्री की गिरावट आई। गुरदासपुर में 31.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, इसमें 9 डिग्री की गिरावट आई। फाजिल्का में 37.6 डिग्री, फिरोजपुर में 35.5 डिग्री और होशियारपुर में 32.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। मोहाली में 33 डिग्री के साथ 6.1 डिग्री, पठानकोट में 32.9 डिग्री के साथ 6.2 डिग्री और रोपड़ में 32.2 डिग्री के साथ 6.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। वहीं श्री आनंदपुर साहिब में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, मौसम बदला मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। यह उत्तर भारत के ऊपरी हिस्से में बना हुआ है और इसके असर से पंजाब समेत आसपास के इलाकों में मौसम बदल रहा है। इसके कारण बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इन जिलों में विशेष चेतावनी राज्य के कई जिलों में तेज़ हवाओं और बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। इनमें गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर और रूपनगर शामिल हैं। इन इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। तापमान में आई भारी गिरावट मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, कई जिलों में तापमान 6 से 9 डिग्री तक नीचे आया है। चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। अमृतसर, लुधियाना और पटियाला में भी तापमान में 5 से 7 डिग्री तक की गिरावट देखी गई। फरीदकोट, मोहाली और रूपनगर जैसे इलाकों में भी पारा नीचे गिरा है।  

Corridor Compensation Scam: अभियोजन मंजूरी न मिलने से जांच ठप, कार्रवाई पर ब्रेक

चंडीगढ़. अमृतसर-कोलकाता कारिडोर के लिए अधिग्रहित 1104 एकड़ जमीन के मुआवजे में कथित अनियमितताओं से जुड़े बहुचर्चित केस में पूर्व कांग्रेस विधायक मदन लाल जलालपुर के खिलाफ कार्रवाई फिलहाल ठहर गई है। इस की वजह अभियोजन स्वीकृति का ना मिलना है। विजिलेंस ब्यूरो (वीबी) ने केस में चार्जशीट और सबूत अदालत में पेश करने की तैयारी कर ली थी, लेकिन राज्य सरकार से जरूरी मंजूरी न मिलने के कारण ट्रायल शुरू नहीं हो पा रहा है। वीबी के मुताबिक, केस की एफआईआर 26 मई 2022 को दर्ज हुई थी और 28 फरवरी 2023 को जलालपुर को नामजद किया गया। जांच में भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 409, 465, 467, 468, 471, 120-बी के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(ए) व 13(2) के तहत आरोप जोड़े गए। शुरुआती एफआईआर में थे 27 आरोपित शुरुआती एफआईआर में 27 आरोपित थे, जो जांच बढ़ने के साथ 34 तक पहुंच गए। इनमें सरकारी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और कुछ निजी फर्में भी शामिल हैं। कम से कम 10 फर्मों के खिलाफ भी कार्रवाई दर्ज की गई। जांच एजेंसी के अनुसार, पटियाला के शंभू ब्लॉक के अक्खरी, सेहरा, सेहरी, तख्तुमाजरा और पाबरा गांवों की जमीन कारिडोर के लिए अधिग्रहित की गई थी। इस जमीन के बदले करीब 205 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि पंचायत की लीज होल्ड जमीन के लिए अलग से 97.8 करोड़ रुपये दिए गए। वीबी का आरोप है कि मुआवजे और विकास कार्यों के नाम पर बड़ी रकम की गई। कई परियोजनाएं कागजों में पूरी दिखाईं गईं, जबकि जमीनी स्तर पर काम तय तकनीकी मानकों पर खरा नहीं उतरा। जांच में यह भी सामने आया कि निर्धारित नियमों के तहत कुल फंड का करीब 30 फीसदी ब्लाक डेवलपमेंट एंड पंचायत आफिसर (बीडीपीओ) कार्यालय के सचिव के वेतन खाते में जमा होना था, लेकिन इसमें भी अनियमितताओं के संकेत मिले। रिपोर्ट के अनुसार, शेष राशि का केवल 10% ही वास्तविक विकास पर खर्च हुआ, जबकि करीब 65 करोड़ रुपये कागजी खर्च के तौर पर दिखाए गए। अदालत में 2024 में हुई थी चुनौती पेश अदालत में 2024 के दौरान चुनौती पेश की गई थी, लेकिन अभियोजन स्वीकृति न होने से सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। सूत्रों के अनुसार, पंजाब विधानसभा अध्यक्ष के स्तर से मंजूरी की प्रक्रिया जुड़ी होने के कारण फाइल लंबित है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि जैसे ही मंजूरी मिलेगी, केस को दोबारा गति दी जाएगी। इधर, राज्य में विजिलेंस की कार्रवाई के दायरे में कई बड़े राजनीतिक चेहरे भी हैं। ओम प्रकाश सोनी, कुशलदीप सिंह ढिल्लों, साधु सिंह धर्मसोत, बिक्रम सिंह मजीठिया, सत्कार कौर गेहरी, अमित रतन कोटफट्टा और रमन अरोड़ा जैसे नाम अलग-अलग मामलों में जांच या ट्रायल का सामना कर रहे हैं। ऐसे में जलालपुर केस में देरी ने यह बहस तेज कर दी है कि क्या बड़े मामलों में कानूनी प्रक्रिया ‘मंजूरी’ की शर्त पर ही अटकती रहेगी।

मोहाली के रिलायंस गोदाम में आग से ग्रॉसरी और राशन जल गए, खड़े वाहन भी चपेट में; दमकल की गाड़ियां मौके पर

मोहाली बनूड़ के नजदीक स्थित खेड़ी गांव में रिलायंस के एक गोदाम में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते गोदाम में रखा ग्रॉसरी का सामान, राशन और अन्य जरूरी वस्तुएं जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद गोदाम से ऊंची-ऊंची लपटें उठती दिखीं, जिससे आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। आग ने पास में खड़े एक वाहन को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे वह भी बुरी तरह जल गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दी गईं। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और आग पूरी तरह बुझने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। आग पर काबू पाने के लिए प्रयास जारी घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दी गईं। प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका हालांकि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और आग पूरी तरह बुझने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

Weather Update: बंगाल की खाड़ी की नमी से बदलेगा मौसम, बादल गरजने और बूंदाबांदी की संभावना

रायपुर. छत्तीसगढ़ के कुछ डिग्री तापमान गिरने के बावजूद लोग गर्मी से परेशान हैं. बंगाल की खाड़ी से निम्न स्तर पर नमी आ रही है. इसके प्रभाव से कुछ स्थानों में हल्की बारिश हुई. अब चिपचिपी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है. नमी के कारण फिलहाल गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. अंधड़ और संभावना भी मौसम विभाग ने जताई है. मंगलवार को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई. सर्वाधिक अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस दुर्ग और  सबसे कम न्यूनतम तापमान  अंबिकापुर में 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इस दौरान अधिकतम तापमान में 2 डिग्री की गिरावट हुई है. संभावना जताई गई है कि आने वाले तीन दिनों में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होगी. मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में उत्तर में स्थित है. एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास बना हुआ है. एक पूर्व पश्चिम द्रोणिका हरियाणा से मणिपुर तक फैला है. दूसरा द्रोणिका उत्तर तेलंगाना से कोमोरिन क्षेत्र तक मौजूद है. वहीं एक प्रति चक्रवात अंदरूनी महाराष्ट्र और उससे लगे कर्नाटक के ऊपर विस्तारित है. उन्होंने बताया कि प्रदेश के दक्षिणी भाग में बंगाल की खाड़ी से, वातावरण के निम्न स्तर पर नमी आ रही है, जिसके कारण प्रदेश के एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है. एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ और वज्रपात के आसार हैं. अधिकतम तापमान में गिरावट का दौर प्रारंभ होने की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? मौसम विभाग ने रायपुर में आज सुबह मौसम साफ रहने की संभावना जताई है, जिसके बाद दोपहर के बाद बादल छाए रह सकते हैं. वहीं अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की आशंका है.

बिजली के उतार-चढ़ाव से बचाव: क्यों जरूरी है पूरे घर के लिए वोल्टेज स्टेबलाइजर

मनोरंजन और सुकून के लिए अधिकतर लोग अपने घरों में टीवी, फ्रिज, AC,कूलर आदि रखते हैं. कुल मिलाकर एक घर में बिजली से चलने वाले सामान की कीमत से कम 2-3 लाख रुपये होती है. ये सब कुछ एक झटके में खराब हो सकता है अगर आप अपने घर में वॉल्टेज कंट्रोल करने के लिए स्टेबलाइजर का यूज नहीं करते हैं. आमतौर पर लोग AC आदि की सुरक्षा के लिए उसमें स्टेबलाइजर का यूज करते हैं. अगर आपके इलाके में बिजली फ्लकचुएट करती है तो पूरे घर के लिए एक वॉल्टेज स्टेबलाइज होना चाहिए. ईकॉमर्स मार्केट और स्थानीय मार्केट में कई स्टेबलाइजर मौजूद हैं, जो पूरे घर के लिए यूज किए जा सकते हैं. यूजर्स अपनी जरूरत के मुताबिक किलोवाट चुन सकते हैं. मार्केट में 5 KVA हेवी ड्यूटी स्टेबलाइजर को भी खरीदा जा सकता है, जिसकी कीमत करीब 10 हजार रुपये है. मार्केट में 3 किलोवाट से 10 किलोवाट तक का स्टेबलाइजर मौजूद घर के लिए स्टेबलाइजर अपनी जरूरत के हिसाब से चुनना चाहिए. मार्केट में 3 किलोवाट से लेकर 10 किलोवाट तक का स्टेबलाइजर आता है. अलग-अलग ब्रांड वारंटी भी देते हैं. बिजली का उतार-चढ़ावा क्या होता है? बिजली विभाग या कंपनी द्वारा बिजली केबल पर एक लिमिट में पावर सप्लाई होती है और कई बार ओवर डिमांड होने पर या किसी खामी की वजह से बिजली में फ्लक्चुएशन देखने को मिलता है, जिसमें वॉल्टेज आउटपुट कम या ज्यादा हो जाता है. वॉल्टेज स्टेबलाइजर कैसे काम करता है? वॉल्टेज स्टेबलाइज, असल में खंबे से आने वाली बिजली को चेक करता है और फिर उसको आगे सप्लाई करता है. यह कम होते वॉल्टेज और बढ़ते वॉल्टेज को सेंस करता है, फिर स्टेबलाइजर के अंदर ट्रांसफॉर्मर और कंट्रोल सर्किट होते हैं जो वोल्टेज को बढ़ाते और घटाने का काम करते हैं. इसको उदाहरण के रूप में समझें तो अगर अगर घर में आने वाली पावर सप्लाई का वोल्टेज 150V तक गिर जाए तो स्टेबलाइजर उसको बढ़ाकर ~220V कर देगा. वहीं, अगर पावर सप्लाई में आने वाले वॉल्टेज 260V तक बढ़ जाए तो फिर स्टेबलाइजर उसे घटाकर ~220V कर देता है.

घर पर बनाएं डायमंड फेशियल ग्लो मास्क, ओट्स और बादाम से पाएँ नेचुरल चमकदार स्किन

 हर कोई चाहता है कि उसकी स्किन साफ, सॉफ्ट और ग्लोइंग दिखे लेकिन कोई जरूरी नहीं कि इसके लिए हर बार पार्लर जाना जरूरी नहीं है. आपकी किचन में मौजूद कुछ चीजें भी ग्लोइंग स्किन पाने में आपकी मदद कर सकती हैं. आज हम आपको घर पर नेचुरल चीजों से  डायमंड फेशियल ग्लो मास्क बनाना बताएंगे जो स्किन से जुड़ीं समस्याओं को कम कर चेहरे पर नेचुरल ग्लो लाने में मदद करेगा. इस फेस मास्क को घर पर बनाना और लगाना दोनों ही बेहद आसान है. तो आइए जानते हैं घर पर डायमंड फेशियल ग्लो मास्क कैसे बना सकते हैं और इसे लगाने का सही तरीका क्या है. डायमंड फेशियल ग्लो मास्क घर पर कैसे बनाएं ? डायमंड फेशियल ग्लो मास्क बनाने के लिए 1 चम्मच ओट्स, 1 चम्मच चिया सीड्स, 1 चम्मच चावल 4 बादाम एक आउल में निकाल लें. इसके बाद इसमें पर्याप्त मात्रा में दूध डालें और इन्हें रातभर के लिए भिगोकर रख दें. फिर अगली सुबह इन सभी चीजों को अच्छे से पीसकर एक स्मूद पेस्ट बना लें. इस फेस पैक का इस्तेमाल कैसे करें? तैयार किए गए पेस्ट को चेहरे पर लगाने से पहले अच्छी तरह से साफ कर लें. फिर चेहरा सुखने के बाद इस पेस्ट को स्किन पर समान रूप से लगाएं. इसे 15 से 20 मिनट तक चेहरे पर लगा रहने दें, ताकि यह स्किन में अच्छे से एब्जॉर्ब हो जाए. जब यह थोड़ा सूख जाए तो हल्के हाथों से मसाज करते हुए इसे हटाएं और फिर साफ पानी से चेहरा धो लें. इस फेस मास्क के क्या फायदे हैं? डायमंड फेशियल ग्लो मास्क स्किन के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है. इसमें मौजूद ओट्स, चिया सीड्स, चावल और बादाम स्किन को गहराई से साफ करने में मदद करते हैं और डेड स्किन को हटाते हैं, जिससे चेहरा साफ और स्मूद नजर आता है. दूध चेहरे को नमी देता है और उसे सॉफ्ट बनाता है. इस फेस मास्क के रेगुलर इस्तेमाल से स्किन को पोषण मिलता है, दाग-धब्बे हल्के होते हैं और चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है. साथ ही, यह स्किन को फ्रेश और हेल्दी दिखाने में भी मदद करता है, जिससे चेहरा ज्यादा दमकता हुआ नजर आता है.  

4 लाख 88 हजार किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का हुआ उपार्जन

4 लाख 88 हजार किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का हुआ उपार्जन बड़े एवं मध्यम श्रेणी के 1.60 लाख किसानों ने स्लॉट कराये बुक भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि प्रदेश में 4 लाख 88 हजार 270 किसानों से 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जा चुका है। समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय करने वाले किसानों को 2548 करोड़ रुपये से अधिक के भुगतान किए गए हैं। उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रो पर प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन, प्रति उपार्जन केन्द्र किया गया। तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है। सभी जिलों में लघु सीमांत के साथ ही मध्यम एवं बड़े किसानों के लिए स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। बड़े एवं मध्यम वर्ग के एक लाख 60 हजार किसानों ने स्लॉट बुक कराया है। पूरे प्रदेश में स्लॉ्ट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई तक की गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा। अभी तक प्रदेश मे समर्थन मूल्य् पर गेहूं उपार्जन के लिये 9.60 लाख किसानों द्वारा 57.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्यूंटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।