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बिरयानी कांड के बाद मुंबई में तरबूज की बिक्री पर रोक, दुकानदारों में खौफ

मुंबई  दक्षिण मुंबई के पाइधोनी इलाके से दिलचस्प खबर सामने आ रही है. यहां बाजार से तरबूज एकदम गायब हो गया है. इसी इलाके में हाल ही में बिरयानी के साथ तरबूज खाने से एक परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी. जिसके बाद जांच के लिए पाइधोनी इलाके में पहुंची खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) टीम पहुंची।  हालांकि इस मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब एफडीए की टीम बाजार में जांच के ल‍िए पहुंची लेक‍िन उसे इलाके में एक भी तरबूज बेचने वाला नहीं मिला और न ही क‍िसी फल की दुकान पर तरबूज म‍िला।  बता दें कि 27 अप्रैल को अब्दुल्लाह डोकड़िया (40), उनकी पत्नी नसीम (35) और बेटियां आयशा (16) व जैनब (13) ने तरबूज और बिरयानी खाने के बाद उल्टी और बेहोशी के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए थे. चारों की कुछ ही घंटों के अंतराल में मौत हो गई थी।  एफडीए अब लैब रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, लेकिन शायद यही डर है कि बाजार में तरबूज बेचने वाले सभी विक्रेता अचानक गायब हो गए हैं. इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है।  इस घटना के बाद तरबूज को लेकर डर का आलम ऐसा था कि जब रविवार शाम 7 बजे एफडीए की टीम पहली बार पाइधोनी बाजार पहुंची, तब तक इलाके से तरबूज पूरी तरह गायब हो चुका था. बाजार में एक भी फल विक्रेता के पास तरबूज नहीं मिला. उसके बाद सोमवार, मंगलवार और बुधवार को भी FDA की टीमें लगातार बाजार में छापेमारी करती रहीं कि किसी के पास तरबूज मिले लेकिन वहां एक भी विक्रेता या तरबूज नहीं मिला।  एक FDA अधिकारी ने कहा, “यह बहुत अजीब मामला है. हमने पहले कभी ऐसा नहीं देखा. हमने पिछले रिकॉर्ड्स भी चेक किए, लेकिन तरबूज या तरबूज-बिरयानी से जुड़ा कोई फूड पॉइजनिंग का केस पहले नहीं मिला।  तरबूज बेचने वाले के गायब होने से रुकी जांच अधिकारियों ने कहा कि इलाके में तरबूज विक्रेता का पता न चल पाने से जांच की एक महत्वपूर्ण दिशा रुक गई है.अगर तरबूज स्थानीय बाजार से खरीदा गया था, तो हो सकता है कि इसे अन्य लोगों ने भी खाया हो लेकिन अब तक ऐसा कोई और केस रिपोर्ट नहीं हुआ है. परिवार के रिश्तेदारों से पूछताछ भी की गई लेकिन यह पता नहीं चल सका कि तरबूज आखिर कहां से खरीदा या लाया गया था।  एफडीए ने लिए 11 सैंपल जांच के बीच एफडीए ने मृतक परिवार के घर से 11 सैंपल इकठ्ठा किए हैं, जिनमें फ्रिज से बचा हुआ तरबूज और बिरयानी, बर्तनों से निकाला गया पुलाव, फ्रीजर से कच्चा चिकन, मसाले, चावल, आधा खाया हुआ खजूर, गिलासों में रखा पानी और मिट्टी का घड़ा शामिल है। फिलहाल लैब रिपोर्ट आने में देरी के चलते जांच आगे बढ़ने में दिक्कत आ रही है. हालांकि एफडीए अब लैब रिजल्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौत की असली वजह का पता  लगाया जा सके। 

मुंबई का 243 रन भी न था काफ़ी, हैदराबाद ने 6 विकेट से रौंदा

मुंबई  वानखेड़े स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 243 रनों का विशाल स्कोर डिफेंड न कर पाने के बाद मुंबई इंडियंस (MI) के कप्तान हार्दिक पंड्या बेहद निराश नजर आए। हार के बाद दिए गए बयान में हार्दिक ने हार के कारणों और टीम की स्थिति पर खुलकर बात की। मुंबई इंडियंस ने बोर्ड पर 243 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था, लेकिन सनराइजर्स हैदराबाद ने इस लक्ष्य को 8 गेंद शेष रहते ही हासिल कर लिया। यह आईपीएल इतिहास का चौथा सबसे बड़ा रन-चेज है। मैच के बाद हार्दिक पंड्या ने हार के लिए किसी एक खिलाड़ी को नहीं बल्कि टीम के ओवरऑल प्रदर्शन और खराब गेंदबाजी को मुख्य कारण बताया। ओपनिंग साझेदारी और खराब गेंदबाजी बनी मुजरिम हार्दिक पंड्या ने स्पष्ट किया कि ओस ने मैच में कोई बड़ी भूमिका नहीं निभाई। उन्होंने हार का असली मुजरिम खराब गेंदों को बताया। हार्दिक ने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि ओस की कोई खास भूमिका थी। बात बस इतनी थी कि उन्होंने (अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड) कुछ अच्छे शॉट्स खेले और हमने कुछ बहुत खराब गेंदें फेंकी। उन्हें शानदार शुरुआत मिल गई। हमने वापसी करने की कोशिश की, लेकिन वह काफी नहीं था।' इतना बड़ा स्कोर नहीं बचा पाने के बावजूद हार्दिक ने अपने गेंदबाजों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि वह अपने गेंदबाजों को इस हार का इकलौता दोषी मानकर उन पर दबाव नहीं डालेंगे। हार्दिक के अनुसार, 'मैं अपने गेंदबाजों को दोष नहीं दूंगा। मुझे भरोसा था कि 244 का स्कोर डिफेंड किया जा सकता है, लेकिन आज हमारा एग्जीक्यूशन सही नहीं रहा। एक यूनिट के तौर पर हम वो नहीं कर पाए जिसके लिए मुंबई इंडियंस जानी जाती है।' किस्मत और मौकों का हाथ से निकलना मैच में ट्रेविस हेड का एक कैच छूटना या अपील न करना मुंबई को बहुत भारी पड़ा। इस पर हार्दिक ने कहा कि जब आप मौके भुनाते हैं, तब मोमेंटम बदलता है, लेकिन अगर आप ऐसा नहीं करते तो यह आपको चोट पहुंचाता है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस सीजन में किस्मत और मौके उनके पक्ष में नहीं रहे हैं। फैंस की हूटिंग और वफादारी पर दर्द मैच के दौरान वानखेड़े में विपक्षी टीम के नाम के नारे लगने पर हार्दिक ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा, 'कभी-कभी दुख होता है जब विपक्षी टीम आती है और फैंस उनके नाम के नारे लगाते हैं। हमारे फैंस बहुत वफादार रहे हैं, लेकिन हमें उन्हें एंटरटेन करने और उनका भरोसा फिर से जीतने की जरूरत है।'  

अंश निर्धारण में बहराइच ने मारी बाजी, 99.6% निस्तारण के साथ बना मॉडल जिला

अंश निर्धारण में बहराइच अव्वल, 99.6% निस्तारण के साथ बना मॉडल जिला मुख्यमंत्री योगी के राजस्व सुधार अभियान को मिली गति, जमीनी स्तर पर सक्रियता से हासिल हुई बड़ी उपलब्धि डीएम अक्षय त्रिपाठी के नियमित समीक्षा और जिम्मेदारी तय करने से यह उपलब्धि हासिल हुई लखनऊ  प्रदेश में भूमि संबंधी कार्यों को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए चल रहे योगी सरकार के अंश निर्धारण अभियान में बहराइच जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के नेतृत्व में जिले ने निर्धारित समय सीमा के भीतर 99.6 प्रतिशत मामलों का निस्तारण कर एक नई मिसाल कायम की है। जमीनी स्तर पर सक्रियता बनी सफलता की कुंजी योगी सरकार की प्राथमिकता वाले इस अभियान के तहत बहराइच जिला प्रशासन ने गांव-गांव जाकर अंश निर्धारण की प्रक्रिया को गति दी। राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों एवं भूमिधरों के बीच विवादित हिस्सों का सत्यापन कर रिकॉर्ड को अपडेट किया, जिससे वर्षों से लंबित मामलों का समाधान संभव हो सका। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि नियमित समीक्षा, जिम्मेदारी तय करने और समयबद्ध लक्ष्य निर्धारण के कारण यह उपलब्धि हासिल हुई। प्रशासन की इस सक्रियता से न केवल भूमि विवादों में कमी आएगी, बल्कि विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अधिक सुगम होगी। प्रदेश के लिए बन सकता है रोल मॉडल अंश निर्धारण की प्रक्रिया भूमि प्रबंधन और विकास कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। पहले कई परियोजनाएं इसी कारण अटक जाती थीं, लेकिन अब बहराइच जैसे जिलों के बेहतर प्रदर्शन से यह समस्या दूर होती दिख रही है। बहराइच का यह मॉडल अन्य जिलों में भी लागू किए जाने की दिशा में देखा जा रहा है, जिससे पूरे प्रदेश में भूमि रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और विवादमुक्त बनाया जा सके।

शुभमन गिल की टाइटंस तैयार, लेकिन भुवनेश्वर कुमार-हेजलवुड की जोड़ी बनेगी सबसे बड़ी चुनौती

नई दिल्ली  आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और गुरुवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में एक हाई-वोल्टेज मुकाबला होने जा रहा है। गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार आमने-सामने होंगे। शुभमन गिल की कप्तानी वाली टाइटंस पिछली हार का हिसाब चुकता करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी, क्योंकि पिछली भिड़ंत में RCB ने 206 रनों के विशाल लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया था। गुजरात टाइटंस के लिए बदले का मौका गुजरात टाइटंस ने पिछले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से करारी शिकस्त देकर अपनी हार का सिलसिला तोड़ दिया है। यह जीत टीम के मनोबल के लिए संजीवनी साबित हुई है। हालांकि, बेंगलुरु के खिलाफ जीत दर्ज करने के लिए उन्हें अपनी पुरानी गलतियों से सीखना होगा। विशेष रूप से, टाइटंस को अपनी सुरक्षित बल्लेबाजी की रणनीति को बदलकर थोड़ा और आक्रामक रुख अपनाना होगा। RCB का विजय रथ, गेंदबाजी और बल्लेबाजी में बेजोड़ संतुलन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस समय शानदार फॉर्म में है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ पिछले मुकाबले में उनके गेंदबाजों ने जो कहर बरपाया, उससे पूरी लीग में खौफ है। पूरी दिल्ली की टीम को मात्र 75 रनों पर समेटकर बेंगलुरु ने अपनी गेंदबाजी की ताकत का लोहा मनवाया है। भुवनेश्वर और हेजलवुड का डबल अटैक बेंगलुरु की सफलता का एक बड़ा श्रेय उनके अनुभवी तेज गेंदबाजों को जाता है। 36 साल के भुवनेश्वर कुमार और 35 साल के जोश हेजलवुड ने साबित कर दिया है कि टी20 क्रिकेट में अनुभव से बढ़कर कुछ नहीं है। पिछले मैच में इन दोनों ने मिलकर सिर्फ 17 रन दिए और 7 महत्वपूर्ण विकेट झटके। टाइटंस के बल्लेबाजों के लिए इस जोड़ी की सटीक लाइन-लेंथ से पार पाना सबसे बड़ी चुनौती होगी। 200 का आंकड़ा अब बच्चों का खेल RCB की बल्लेबाजी इस समय फीयरलेस मोड में है। फिल साल्ट जैसे विस्फोटक खिलाड़ी की गैरमौजूदगी में भी जैकब बेथेल ने टीम के आक्रमण को कमजोर नहीं होने दिया। बेंगलुरु के लिए अब 200 से अधिक का लक्ष्य पीछा करना या बनाना बेहद आसान नजर आ रहा है। उनकी गहराई भरी बल्लेबाजी लाइन-अप किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को तहस-नहस करने की क्षमता रखती है।  

प्रयास विद्यालयों के विद्यार्थियों का सीजी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन

राजधानी के बड़े निजी स्कूलों को टक्कर दिया, प्रदेश का प्रयास विद्यालय प्रयास विद्यालयों के विद्यार्थियों का सीजी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन 10वीं एवं 12वीं में शत-प्रतिशत सफलता, मेरिट सूची में उल्लेखनीय स्थान 10वीं की छात्रा कु. दीपांशी ने 98.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया प्रयास विद्यालयों के 13 विद्यार्थियों ने टॉप-10 में बनाई जगह मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मंत्री रामविचार नेताम ने दी बधाई और शुभकामनाएं छत्तीसगढ़ के ‘प्रयास’ विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सीमित संसाधनों में रचा उत्कृष्टता का इतिहास: प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा रायपुर  छत्तीसगढ़ के आदिम जाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग  एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग द्वारा संचालित ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों ने इस वर्ष छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में अभूतपूर्व सफलता हासिल कर न केवल प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक मिसाल कायम की है। विभाग के निरंतर सहयोग एवं मार्गदर्शन में सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट परिणाम देते हुए बड़े निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर दी है। प्रयास विद्यालयों के 13 बच्चों ने सीजी बोर्ड परीक्षा के टॉप-10 में जगह बनाने में सफलता हासिल की है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुल 17 प्रयास विद्यालय संचालित है। जिसमें नक्सल प्रभावित बच्चों से लेकर सभी वर्गों के बच्चें अध्ययनरत है। प्रयास आवासीय विद्यालय के माध्यम से बच्चों को एक नई हौसला मिला है, जो उनके सपनों को साकार करने में सार्थक हो रही है। बतादें कि प्रयास विद्यालय के माध्यम से बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा दी जाति है। साथ ही उच्चस्तर के कोचिंग संस्थाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं एनआईटी, आईआईटी, नीट, जेईई एवं अन्य राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। प्रयास विद्यालय के इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने, आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब, पिछड़ा वर्ग एवं अल्प कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रयास आवासीय विद्यालयों की अवधारणा की सार्थकता को प्रमाणित करती है। आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु किए गए सतत प्रयास की सराहना की हैं। प्रयास आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की यह उपलब्धि राज्य के लिए गौरव का विषय है तथा यह अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत सिद्ध होगी। प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रयास विद्यालय के बच्चों ने सीजी बोर्ड की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विभाग हमेशा बच्चों के शिक्षा के साथ-साथ नैतिक और व्यवहारिक शिक्षा देने के लिए प्रोत्साहित करती है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे जनजाति बहुल राज्य के लिए यह उपलब्धि न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह दर्शाती है कि सही दिशा, समर्पण और अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी भी बाधा को पार कर सकती है। यह सफलता शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रही है, जिसकी सराहना पूरे देश में हो रही है। प्रमुख सचिव बोरा ने जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बताया कि प्रदेश के 50 मेरिट छात्रों में से 13 विद्यार्थी प्रयास विद्यालय के है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस बात के लिए प्रसन्नता जाहिर करते हुए भविष्य में और बेहतर कार्य करने को कहा। बोरा ने बताया कि हायर सेकेंडरी परीक्षा (कक्षा 12वीं) में प्रयास आवासीय विद्यालय के कुल 128 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। रायपुर स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय, गुडियारी की 19 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। कोरबा जिले की छात्रा कु. रागिनी कंवर ने 95 प्रतिशत अंक अर्जित कर विद्यालय में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जीव विज्ञान विषय में दो छात्राओं द्वारा 100 में 100 अंक अर्जित किया जाना विशेष उपलब्धि है। हाईस्कूल परीक्षा (कक्षा 10वीं) में भी विद्यार्थियों का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। कुल 119 छात्राओं में से 48 छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए। गणित विषय में 6 विद्यार्थियों ने शत-प्रतिशत अंक अर्जित किए। कु. दीपांशी ने 98.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। अनुसूचित जाति वर्ग के प्रयास आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने भी टॉप 10 मेरिट सूची में 97.5 प्रतिशत अंकों के साथ स्थान अर्जित किया। उल्लेखनीय है कि हाईस्कूल परीक्षा की प्रावीण्य सूची में कुल 42 विद्यार्थियों में से 21 विद्यार्थी आदिम जाति विकास विभाग द्वारा संचालित एकलव्य एवं प्रयास आवासीय विद्यालयों के हैं। इनमें प्रयास आवासीय विद्यालय के 11 विद्यार्थियों ने स्थान प्राप्त किया है, जो विभागीय प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

योगी सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत और मजबूत नेतृत्व से साकार हुआ सपना

गंगा एक्सप्रेसवे की कहानी, जिसने लिखी विकास की महागाथा योगी सरकार की स्पष्ट नीति, साफ नीयत और मजबूत नेतृत्व से साकार हुआ सपना गंगा एक्सप्रेसवे : कड़ी चुनौतियों के बीच भी नहीं रुकी रफ्तार, निर्धारित समयसीमा में पूरा हुआ सपना लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा देखा गया एक सपना बुधवार को 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के रूप में देश को समर्पित हो गया। यह कहानी सिर्फ एक सड़क बनने की नहीं, बल्कि उस बदलाव की है जहां स्पष्ट नीति, मजबूत इच्छाशक्ति, तकनीक और प्रशासनिक दक्षता ने कच्ची मिट्टी पर विकास की महागाथा लिख दी। गंगा एक्सप्रेसवे की निर्माण यात्रा इस बात का प्रमाण है कि बुलंद इरादों और प्रभावी क्रियान्वयन से कुछ भी संभव है। गंगा एक्सप्रेसवे, निर्णय से निर्माण तक की वह कहानी है, जो उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ की दिशा में नई गति देगी। 2017–2019: सुनियोजित विकास की रूपरेखा वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार के मुखिया के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यभार संभाला और ग्रीनफील्ड, एक्सेस-कंट्रोल्ड गंगा एक्सप्रेसवे विकसित करने का फैसला किया गया। 2018–19 में डीपीआर, भूमि चिन्हांकन और टेक्नो-इकोनॉमिक स्टडी पूरी की गई। यही वह चरण था, जहां प्रदेश के समावेशी विकास तथा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर इस एक्सप्रेसवे की डिजाइन तैयार की गई और इसे अमली जामा पहनाने के लिए डेडिकेटेड टीम तैयार की गई। 2020–2021: नीति से क्रियान्वयन तक वर्ष 2020 गंगा एक्सप्रेसवे के लिए निर्णायक मोड़ साबित हुआ, जब परियोजना को आवश्यक पर्यावरणीय मंजूरियां प्राप्त हुईं और इसके वित्तीय ढांचे को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत अंतिम रूप दिया गया। इससे न केवल निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ, बल्कि परियोजना के समयबद्ध और पेशेवर क्रियान्वयन की मजबूत नींव भी रखी गई। इसके बाद वर्ष 2021 में टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक तरीके से पूरा करते हुए पूरे प्रोजेक्ट को 4 प्रमुख ग्रुप/पैकेज में विभाजित किया गया। इन पैकेजों का कार्यान्वयन देश की अग्रणी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों, आईआरबी, अडानी, एचजी इंफ्रा और एलएंडटी जैसी एजेंसियों को सौंपा गया। यह मल्टी-पैकेज रणनीति परियोजना के लिए गेम चेंजर साबित हुई, क्योंकि इससे अलग-अलग हिस्सों में एक साथ निर्माण कार्य शुरू हो सका। 2021–2025: नींव से निर्माण तक 18 दिसंबर 2021 को प्रधानमंत्री मोदी ने शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया, जिसके साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना ने जमीन पर वास्तविक गति पकड़ी। शिलान्यास के तुरंत बाद 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के अलग-अलग पैकेजों में निर्माण कार्य शुरू किया गया। नतीजतन, जहां पहले ऐसी मेगा परियोजनाएं वर्षों तक खिंच जाती थीं, वहीं इस रणनीतिक योजना के कारण गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण ने अभूतपूर्व गति पकड़ी और यह प्रोजेक्ट समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ने लगा। 2026: सपना बना हकीकत ट्रायल रन, सेफ्टी ऑडिट और अंतिम तकनीकी जांच पूरी होने के बाद 29 अप्रैल 2026 को गंगा एक्सप्रेसवे का भव्य लोकार्पण हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस परियोजना का 18 दिसंबर 2021 को शिलान्यास किया था, उसी का उद्घाटन भी उनके कर-कमलों से संपन्न हुआ, जो समयबद्ध क्रियान्वयन और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।  चुनौतियां आईं, लेकिन रुकी नहीं रफ्तार भूमि अधिग्रहण, पर्यावरणीय संतुलन, कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी और जटिल तकनीकी कार्यों जैसी बड़ी चुनौतियों के बावजूद गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कभी थमा नहीं। लगभग एक लाख किसानों से भूमि अधिग्रहण को पारदर्शी मुआवजा और डीबीटी के माध्यम से तेज और विवाद-मुक्त बनाया गया, वहीं पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए अलाइनमेंट को संतुलित ढंग से विकसित किया गया। कोविड काल में श्रमिकों और सप्लाई चेन की बाधाओं के बीच भी स्थानीय संसाधनों के उपयोग और चरणबद्ध निर्माण रणनीति से कार्य निरंतर चलता रहा। सीएम योगी की सक्रिय निगरानी और प्रतिबद्धता रही निर्णायक इस पूरे प्रोजेक्ट की गति बनाए रखने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सक्रिय निगरानी और प्रतिबद्धता निर्णायक रही। उन्होंने नियमित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकों के माध्यम से हर चरण की प्रगति पर नजर रखी, जबकि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) की सक्रिय भूमिका ने जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को गति दी। ड्रोन सर्वे, डिजिटल ट्रैकिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की गई। परिणामस्वरूप, यह मेगा प्रोजेक्ट न केवल चुनौतियों को पार करता हुआ आगे बढ़ा, बल्कि तय समयसीमा में पूरा होकर प्रभावी प्रशासन और मजबूत नेतृत्व का उदाहरण भी बना।

शिलान्यास से उद्घाटन तक: योगी सरकार की तेज़ी से विकास की पहचान

शिलान्यास से लेकर उद्घाटन तक का संकल्प, तेज गति है योगी सरकार की पहचान एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर से उत्तर प्रदेश को मिली नई पहचान योगी सरकार में हर विकास योजना को रिकॉर्ड समय में किया गया पूरा लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य ने यह दिखाया है कि योजनाओं को केवल शुरू करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करना ही असली विकास है। सीएम योगी ने यूपी को ‘कंप्लीट पैकेज मॉडल’ दिया। इसमें परियोजनाओं की परिकल्पना से लेकर उनके पूर्ण होने तक काम कभी नहीं रुकता, चाहे जेवर एयरपोर्ट, गंगा, पूर्वांचल, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे हों या इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी अन्य योजनाएं। ताजा उदाहरण देखा जाए तो गंगा एक्सप्रेसवे हमारे सामने है। 595 किलोमीटर के एक नवनिर्मित गंगा एक्सप्रेसवे का उत्तर प्रदेश में 18 दिसंबर 2021 को शिलान्यास किया गया और 29 अप्रैल 2026 को आज जनता को समर्पित कर दिया गया। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश को 9 वर्षों में बीमारू राज्य की पहचान से बाहर निकाला। उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सड़क, मेट्रो, एयरपोर्ट समेत अन्य तमाम क्षेत्रों में सौगात दी। सीएम योगी के कार्यकाल में सिर्फ योजनाएं बनी ही नहीं बल्कि वह जमीन पर भी उतरीं। उन्होंने योजनाओं का शिलान्यास किया फिर जमीनी स्तर पर इनकी तैयारी, विभागों की जिम्मेदारी, निर्माणाधीन योजनाओं की लगातार निगरानी खुद की और आखिर में उनका लोकार्पण कर प्रदेश की जनता को लाभ पहुंचाया। सीएम योगी के निर्देशन में ही जेवर एयरपोर्ट के पहले फेज का रिकॉर्ड टाइम में उद्घाटन 28 मार्च 2026 को हुआ, जिसका शिलान्यास 25 नवंबर 2021 को किया गया था। यह उत्तर प्रदेश का पांचवां इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते हवाई यातायात के दबाव कम करने का काम कर रहा है। साथ ही सीएम योगी के विजन के चलते ही उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना, जहां 5 अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे बन चुके हैं। पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे समेत लिंक एक्सप्रेस पूरे हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन की ही देन है कि 14 जुलाई 2018 को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास हुआ और 16 नवंबर 2021 को इसका उद्घाटन भी कर दिया गया। इसी क्रम में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की आधारशिला फरवरी 2020 में रखी गई और जुलाई 2022 में इसे जनता को समर्पित किया गया। उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से बाहर निकालने के लिए बुंदेलखंड जैसे तमाम पिछड़े क्षेत्रों सड़क नेटवर्क को बढ़ावा दिया गया। इससे क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति में भी बदलाव हो रहा है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भी मार्च 2019 में शिलान्यास हुआ। यह एक्सप्रेसवे भी लगभग बनकर तैयार है, जिसका लोकार्पण योगी सरकार अगले कुछ महीने में कर सकती है। इससे लखनऊ-कानपुर के बीच की यात्रा का समय लगभग दो घंटे से घटकर 45 मिनट हो जाएगा।  वहीं पूर्वांचल की राह आसान करने वाले गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में पूरा किया गया। इस परियोजना पर काम फरवरी 2020 से शुरू हुआ था। प्रदेश सरकार के दृढ़ संकल्प के चलते इसका जून 2025 में योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन किया। वहीं 115 किलोमीटर लंबे झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को लेकर भी कार्य योजना बनाई जा रही है। अनुमान है कि इस पर 1300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह 63 गांव से होकर गुजरेगा, जिससे विकास की धारा बहेगी। इन्हीं विजन के चलते आज देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। एयरपोर्ट कनेक्टिविटी में शानदार उपलब्धि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल दो एयरपोर्ट संचालित हो रहे थे, जिसमें लखनऊ और वाराणसी का नाम शामिल है। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन ने देश में उत्तर प्रदेश की तस्वीर बदल दी। राज्य 21 एयरपोर्ट का नेटवर्क तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी ने यूपी को 5 इंटरनेशनल एयपोर्ट वाले राज्य के रूप में पहचान दिलाई है। इसका सबसे जीवंत उदाहरण अयोध्या एयरपोर्ट भी है। अयोध्या में फरवरी 2022 से महर्षि वाल्मीकि अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनना शुरू हुआ था। यह रिकॉर्ड समय में बनकर तैयार हुआ और 30 दिसंबर 2023 में उद्घाटन किया गया। दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के लिए 10 मार्च 2024 की तारीख काफी अहम रही। इस दिन एक साथ आजमगढ़, अलीगढ़, चित्रकूट, मुरादाबाद और श्रावस्ती के हवाई अड्डों का उद्घाटन किया गया। सीएम योगी के विजन का नतीजा है कि जहां 2016-17 में महज 59.97 लाख लोगों ने हवाई यात्रा की थी। वहीं 2024-25 में यह संख्या 14 करोड़ से ज्यादा हो गई। हर शहर को मेट्रो देने का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में रैपिड रेल और मेट्रो परियोजनाओं को लेकर भी काफी काम हुआ है। इस तरफ भी योगी सरकार ने पूरा ध्यान दिया है। यूपी के शहरों के अंदर यातायात सुधारने के लिए तेजी से मेट्रो कनेक्टिविटी भी बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में 7 दिसंबर 2020 को आगरा मेट्रो की नींव रखी गई। महज चार साल के अंदर मार्च 2024 में इसका उद्घाटन कर संचालन शुरू किया गया। वहीं 22 फरवरी 2026 को मेरठ मेट्रो का संचालन शुरू हुआ। वहीं योगी सरकार ने गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ और प्रयागराज में भी मेट्रो संचालन की मंशा जाहिर की है। रक्षा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का बढ़ रहा योगदान केंद्र सरकार ने योगी सरकार पर भी भरोसा जताया और नतीजा रहा कि आज यूपी में ब्रह्मोस मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट भी बन चुकी है। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल प्रोडक्शन यूनिट का उद्घाटन मई-जून 2025 में हुआ, जिससे देश में यूपी की अलग छवि बनी है। वहीं वर्ष 2019 में यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) की नींव रखी गई और वर्ष 2023 से इसका संचालन शुरू हुआ। इसके तहत कानपुर में गोला-बारूद और मिसाइल संयंत्र अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस में फरवरी 2024 से काम शुरू हो गया है। रक्षा उत्पादों के निर्माण में उत्तर प्रदेश बड़ी भूमिका निभा रहा है। इन विकास योजनाओं को देखते हुए कहा जा सकता है कि योगी सरकार के ‘कंप्लीट पैकेज मॉडल’ की सफलता के पीछे बदलाव की लाने की इच्छा और प्रशासनिक सुधार महत्वपूर्ण कारण हैं। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है और काम में लापरवाही के लिए सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। इसके साथ ही तकनीक का उपयोग बढ़ाकर परियोजनाओं की निगरानी को और प्रभावी बनाया गया, जिससे सफलता … Read more

अपेक्स बैंक के नवनियुक्त प्रशासक महेंद्र सिंह यादव की भव्य पदभार यात्रा संपन्न

भोपाल अपेक्स बैंक के नवनियुक्त प्रशासक महेंद्र सिंह यादव ने आज सांय 5:00 बजे अपेक्स बैंक के सुभाष यादव समन्वय भवन में अपनी विशाल पदभार यात्रा के साथ प्रवेश किया l  आपके साथ मध्य प्रदेश शासन के माननीय सहकारिता तथा खेलकूद व युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, माननीय पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, भोपाल के विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवान दस सबनानी, मध्य प्रदेश सहकारिता प्रकोष्ठ के संयोजक किशनसिंह भटोल, प्रदेश मंत्री श्रीमती राजो मालवीय, प्रवक्ता अजय सिंह यादव, नगर निगम के अध्यक्ष किशन सिंह सूर्यवंशी, पूर्व नगर निगम अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह चौहान, रविंद्र यति सहित विशाल जन समूह ने यात्रा के रूप में पहुंचकर आयोजन को गरिमामयी बनाया . इस पदयात्रा को प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पिछड़ा वर्ग मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने  प्रदेश बी जे पी कार्यालय से रवाना किया. यह यात्रा का लिंक रोड नंबर 1 पर लगभग 20 जगह स्वागत मंचों के माध्यम से स्वागत हुआ, तदुपरान्त अपेक्स बैंक प्रांगण में पहुंची. पदभार ग्रहण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के सहकारिता एवं खेलकूद व युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने महेंद्र सिंह यादव जी को संगठन एवं पार्टी का एक कर्मठ निष्ठावान कार्यकर्ता बताया तथा मध्य प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व व माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का सहकारी साख आंदोलन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह की आकांक्षाओं के अनुरूप मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में निरंतर प्रगति पद पर अग्रसर है एवं महेंद्र सिंह यादव मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रदेश कि सहकारी साख संरचना को और मजबूती प्रदान करेंगे यह मुझे विश्वास है. उन्होंने यादव के सफल कार्यकाल के लिए मंगल कामनाएं दीं. उन्होंने आगे बताया कि हमारी सरकार ने  0% ब्याज पर किसानों के लिए ऋण उपलब्ध कराकर देश के आम सर्वहारा वर्ग की सेवा करने का जो संकल्प लिया है उसमें हम सब सहभागिता करते हुए निरंतर अग्रसर रहेंगे.  समाज कल्याण मंत्री नारायण सिंहअपेक्स बैंक के नवनियुक्त प्रशासक महेंद्र सिंह यादव जी में आज अपराह्न 5:00 बजे अपेक्स बैंक के सुभाष यादव समन्वय भवन में अपनी विशाल पदभार यात्रा को साथ प्रवेश किया आपके साथ मध्य प्रदेश शासन के माननीय सहकारिता तथा खेलकूद्वा युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग मध्य प्रदेश की माननीय पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा भोपाल के विधायक भगवान दास सबनानी रामेश्वर शर्मा मध्य प्रदेश सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रादेशिक अध्यक्ष कृष्ण सिंह भटोल प्रदेश मंत्री राजू मालवीय प्रादेशिक प्रवक्ता अजय सिंह यादव राय जिला अध्यक्ष ग्रामीण नगर निगम के अध्यक्ष किशन सिंह सूर्यवंशी पूर्व नगर निगम अध्यक्ष डॉक्टर सुरजीत सिंह चौहान सहित विशाल जैन समूह ने यात्रा के रूप में पहुंचकर आयोजन को गरिमा में बनाया .  इस भाव पदयात्रा का शुभारंभ प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जी एवं सरकार माननीय सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश शरण जी ने करवाया कराया यह यात्रा लिंक रोड नंबर 1 से लगभग 20 जगह स्वागत मंचों के माध्यम से स्वागत के उपरांत अपेक्स बैंक प्रांगण में पहुंची  अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता जी ने आरंभ में अतिथियों का स्वागत किया एवं के बारे में प्रकाश डाला कार्यक्रम में विश्वास कैलाश सारंगी भगवान दास सबनानी नारायण सिंह कुशवाहा भगवान दास सबनानी ने अपने उद्गार व्यक्त किया  मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री एवं खेलकूद वायु व कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने महेंद्र सिंह यादव जी को संगठन एवं पार्टी का एक कर्मठ विस्थापन कार्तिक कार्यकर्ता बताया तथा मध्य प्रदेश के शीश नेतृत्व व माननीय मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश का सहकारी शाखा आंदोलन माननीय नरेंद्र मोदी जी एवं मनीष अमित शाह जी की आकांक्षाओं के अनुरूप मध्य प्रदेश में डॉक्टर मोहन यादव जी के नेतृत्व में निरंतर प्रगति पद पर अग्रसर होगा एवं महेंद्र सिंह यादव मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहकारी सख्त संरचना को और मजबूती प्रदान करेंगे यह में विश्वास दिलाता हूं उन्होंने यादव के सफल एवं शुद्धिक जीवन की मंगल कामनाएं विधि उन्होंने आगे बताया कि हमारी सरकार ने विकास 0% ब्याज पर किसानों के लिए ऋण उपलब्ध कराकर देश के आम सर्वहारा वर्ग की सेवा करने का जो संकल्प लिया है उसमें हम सब सहभागिता करते हुए निरंतर अग्रसर रहेंगे.  इसलिए अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रदुभन सिंह तोमर भी उपस्थित रहें. समाज कल्याण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने बताया कि महेंद्र यादव जी के साथ उनके लगभग 35 वर्ष पुराना रिश्ता है और मेरे जीवन की शुरुआत भी सहकारिता से ही हुई है निश्चित रूप से यादव अपेक्स बैंक के प्रशासक के रूप में अपने दीघा अनुभवों एवं समर्पित कार्यशैली से अपेक्स बैंक को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रयास करने में सफल होंगे और जन आकांक्षाओं पर खरे उतरेंगे.  इस अवसर पर विधायक भगवान दास सबनानी ने भी महेंद्र सिंह यादव जी के साथ अपनी लगभग तीन दशक की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए उन्हें एक सरल सहज हुआ निष्ठावान व्यक्ति बताया.  पदभार ग्रहण करने के उपरांत महेंद्र सिंह यादव ने अपने उद्बोधन में प्रदेश के नेतृत्व एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त किया और बताया कि मैं स्वयं एक किसान पृष्ठभूमि से संबंध रखता हूं मुझे याद है पूर्ववर्ती सरकारों में जब 18 परसेंट 15% ब्याज दर पर किसानों को बहुत मुश्किल से उपलब्ध हो पाता था और किसान साहूकारों के चंगुल में फंसा रहता था लेकिन 2013 के बाद जब मध्य प्रदेश में हमारी सरकार आई तब हमारी सरकार ने 0% ब्याज पर किसानों को सरल प्रक्रिया से ऋण उपलब्ध कराकर सर्वहारा वर्ग की सेवा का जो बीड़ा उठाया था वह आज पूरे प्रदेश में फली भूत हो रहा है.  कार्यक्रम की शुरू में अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक महोदय ने अतिथियों का स्वागत किया एवं स्वागत उद्बोधन में कहां की दिनांक 14 अप्रैल से मध्य प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर एवं माननीय से सहकारिता मंत्री जी की मार्गदर्शन में प्रदेश में नए 10 लाख सदस्य बनाने का अभियान शुरू हुआ है जिसमें अभी तक 4 लाख सदस्य बन चुके हैं एवं 60000 लोगों ने अंश पूंजी जमा कर … Read more

सही दवा, शुद्ध आहार अभियान में बड़ी कार्रवाई: एक्सपायरी खाद्य सामग्री नष्ट, दवा दुकानों की सघन जांच

सही दवा, शुद्ध आहार अभियान में बड़ी कार्रवाई: एक्सपायरी खाद्य सामग्री नष्ट, दवा दुकानों की सघन जांच मनेन्द्रगढ़/एमसीबी जिले में आमजन को सुरक्षित खाद्य सामग्री और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “सही दवा, शुद्ध आहार यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देश और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में मनेंद्रगढ़, झगराखांड और खोंगापानी क्षेत्र में सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने विभिन्न दुकानों की जांच कर स्वच्छता, गुणवत्ता और लाइसेंस से जुड़े मानकों की पड़ताल की। मनेंद्रगढ़ स्थित मोहनलाल साहू की जलजीरा दुकान में एक्सपायरी विनेगर सिरप मिलने पर उसे मौके पर ही नष्ट कराया गया और संचालक को सख्त चेतावनी दी गई। वहीं प्रांशु गुप्ता की चाट दुकान में प्रतिबंधित खाद्य रंग के उपयोग पर करीब 5 किलो चाट नष्ट कराई गई। अभियान के तहत गन्ना रस और आइसक्रीम विक्रेताओं पर भी विशेष निगरानी रखी गई। कई दुकानों में अस्वच्छ बर्फ और गंदे आइस बॉक्स पाए जाने पर उन्हें हटवाकर साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए। डेयरी प्रतिष्ठानों की जांच में जया डेयरी और सिंह डेयरी से पनीर, दही और दूध के नमूने परीक्षण के लिए लिए गए, जबकि कृष्णा डेयरी द्वारा पंजीयन प्रस्तुत नहीं करने पर 3 दिनों के भीतर लाइसेंस जमा करने के निर्देश दिए गए। वहीं औषधि शाखा की टीम ने 14 दवा दुकानों का निरीक्षण किया, जिसमें संदेह के आधार पर 2 दवाओं के नमूने जांच के लिए भेजे गए। 3 प्रतिष्ठानों में नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस की प्रक्रिया शुरू की गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह 15 दिवसीय विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य जहां नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करना है, वहीं आम जनता को सुरक्षित भोजन और गुणवत्तापूर्ण दवाओं के प्रति जागरूक बनाना भी है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे खाद्य सामग्री और दवाएं खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, वैधता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

पद्म पुरस्कार 2027 के लिए नामांकन शुरू, गुमनाम नायकों को मिलेगा मंच

पद्म पुरस्कार 2027 के लिए नामांकन शुरू, गुमनाम नायकों को मिलेगा मंच मनेन्द्रगढ़/एमसीबी भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस 2027 पर घोषित होने वाले पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री के लिए नामांकन प्रक्रिया 15 मार्च 2026 से आधिकारिक पोर्टल पर शुरू कर दी है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2027 निर्धारित की गई है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण, वनांचल और शहरी क्षेत्रों में कार्यरत ‘गुमनाम नायकों’ को राष्ट्रीय पहचान दिलाना है। समाज सेवा, शिक्षा, कला, खेल, चिकित्सा, विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों के नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के प्रेरणादायी व्यक्तित्वों को आगे लाकर नामांकन के लिए प्रोत्साहित करें। आवेदन प्रक्रिया में सहयोग के लिए जिला स्तर पर सहायता भी उपलब्ध रहेगी।