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झारखंड में स्मार्ट मीटर योजना जारी, रांची में 100% लक्ष्य की तैयारी

 रांची  केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के नियमों में बदलाव करते हुए स्मार्ट मीटरों के लिए प्रीपेड बिलिंग को अनिवार्य नहीं रखा है। अब प्रीपेड सुविधा उपभोक्ताओं के लिए वैकल्पिक हो गई है। संचार नेटवर्क वाले इलाकों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम समय-सीमा के अनुसार जारी रहेगा। केंद्र ने साफ कहा है कि किसी भी उपभोक्ता पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर जबरदस्ती नहीं थोपा जाएगा। इस बीच उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं के विरोध और बिलिंग संबंधी शिकायतों के कारण अप्रैल 2026 में स्मार्ट मीटर लगाने का काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। एक तकनीकी समिति की रिपोर्ट आने तक पुराने मीटर बदलने की प्रक्रिया रोक दी गई है (नए कनेक्शन को छोड़कर)। झारखंड में क्या है स्थिति? झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) रिवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम, विश्व बैंक सहायता प्राप्त झारखंड पावर सिस्टम इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट और राज्य योजनाओं के तहत स्मार्ट मीटर लगाने का काम लगातार आगे बढ़ा रहा है। राज्य में कुल 18.5 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है, जिसमें 13.41 लाख मीटर केंद्र की योजना के तहत शामिल हैं। जुलाई 2025 तक पूरे राज्य में करीब 7.7 लाख स्मार्ट मीटर लग चुके थे। रांची 100 फीसदी लक्ष्य की ओर JBVNL का लक्ष्य है कि राजधानी रांची को पूर्ण रूप से स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाला शहर बनाया जाए। अप्रैल 2026 के अंत तक यहां 100 प्रतिशत स्मार्ट प्रीपेड मीटर का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में शहर में 3.35 लाख से 3.65 लाख स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। इनमें से अधिकांश प्रीपेड मोड में चल रहे हैं। अभी करीब 12,000 मीटर पोस्टपेड मोड में हैं और 13,000 से 16,000 कनेक्शन बाकी हैं। एचईसी क्षेत्र समेत बचे इलाकों में काम तेज गति से चल रहा है। JBVNL अधिकारियों ने बताया कि मीटर लगाना पूरी तरह मुफ्त है। उपभोक्ता मोबाइल ऐप से अपनी बिजली खपत, बैलेंस की जांच और रिचार्ज आसानी से कर सकते हैं। बैलेंस बहुत कम होने पर स्वचालित कटौती का प्रावधान है, इसलिए उपभोक्ताओं को न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की सलाह दी गई है। अनिवार्यता पर केंद्र की नई नीति केंद्र की नई लचीली नीति के बाद झारखंड में भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर पूरी तरह जबरदस्ती अनिवार्य नहीं है। फिर भी JBVNL नए कनेक्शन, खराब मीटर बदलने और संचार सुविधा वाले क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर को प्राथमिकता दे रहा है। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के मार्च 2026 के आदेश में स्मार्ट मीटर और पुराने मीटर के बीच अलग बिजली दर नहीं रखी गई है। कुछ इलाकों में प्रीपेड मोड चुनने वालों को 3 प्रतिशत रिबेट जैसी छूट भी दी जा रही है। स्मार्ट मीटर से लाभ और चुनौतियां स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी कम होने, बिलिंग पारदर्शी बनने और सटीक खपत लेखांकन की उम्मीद है। रांची जैसे शहरों में बिल वसूली की दक्षता बढ़ने के संकेत मिले हैं। लेकिन चुनौतियां भी सामने आई हैं। कुछ उपभोक्ताओं को पुराना बकाया दिखने, बैलेंस संबंधी भ्रम और स्वचालित कटौती की आशंका से परेशानी हुई है। JBVNL इन शिकायतों को प्राथमिकता से सुलझा रहा है और जागरूकता शिविर लगा रहा है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे फर्जी लोगों से सावधान रहें और आधिकारिक सुविधा पोर्टल पर ही आवेदन करें। केंद्र की अप्रैल 2026 की नीति अब राज्यों को ज्यादा लचीलापन दे रही है। यूपी में लगी रोक झारखंड में नहीं है, लेकिन उपभोक्ता शिकायतों को गंभीरता से लेकर सहमति और जागरूकता के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। JBVNL का मुख्य लक्ष्य बिजली घाटा कम करना और बिजली विभाग को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। केंद्र की योजना के तहत राष्ट्रीय लक्ष्य मार्च 2028 तक बढ़ाया गया है। कुछ जगह विरोध के बावजूद झारखंड में यह बदलाव बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है, बशर्ते उपभोक्ताओं के हितों का पूरा ख्याल रखा जाए।

नायब सिंह सैनी का कुरुक्षेत्र में बड़ा बयान: ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ को बताया प्राथमिकता, विपक्ष पर हमला

कुरुक्षेत्र. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुवि में आयोजित सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र विषय पर आयोजित सेमिनार में संबोधित करते हुए कहा की यह विषय महत्वपूर्ण है। नारी सशक्त होगी तो ही समाज सशक्त बनेगा। इसी धरा पर भगवान श्रीकृष्ण ने सर्व मानवजाति के लिए ज्ञान का कर्म का संदेश दिया था। महाभारत का कारण भी एक नारी का अपमान बना था। यह पावन भूमि हमें संदेश देती है जब न्याय की बात हो तो मौन नहीं बैठना चाहिए, निर्णय लेना जरूरी है। आज नारी सशक्तीकरण के लिए आवाज उठाना जरूरी है। संसद में महिलाओं के अधिकारों को कूचलने का प्रयास किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले गुजरात को मॉडल बनाया। अब भारत का मान सम्मान पूरी दुनिया में गूंज रहा है। विकसित भारत के लिय भी 4 स्तंभों पर काम करने की बात कही थी । इसमे सबसे पहले महिला उसके बाद किसान और तीसरा युवाओं को रखा था। हरियाणा से शुरू हुआ था बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान चौथा गरीब को मजबूत करने की बात कही थी। 2014 में बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान हरियाणा से ही शुरु किया था। आज कई पंचायतों में बेटियों की संख्या ज्यादा है। उन्होने कहा था बेटियां किसी पर निर्भर नहीं, वह आत्मनिर्भर हैं। आज हर क्षेत्र में बेटियां आगे हैं। सेना में, चिकित्सा क्षेत्र में, न्याय के क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने जब नौकरी में सिफारिश को बंद किया तो आज योग्यता के दम पर महिला शक्ति आगे आ रही है। हर 20 किलोमीटर पर बेटियों को एक राजकीय महाविद्यालय बनाया गया है। हमने एक दिन का विशेष सत्र बुलाया था की संसद में विपक्ष ने इसे पास नहीं होने दिया था। इसी को लेकर हमने सत्र बुलाया, लेकिन विपक्ष आया ही नहीं बाहर ही बैठ गए।

दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 2442.04 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद की बैठक लोक कल्याणकारी और विकास कार्यों के लिए 38 हजार 555 करोड़ रूपये की स्वीकृति व्यापारियों के कल्याण के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का निर्णय "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" के लिए 2442.04 करोड़ रूपये की स्वीकृति सड़क निर्माण और आवास अनुरक्षण के लिए 32 हजार 405 करोड़ रूपये की स्वीकृति इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स और सूचना प्रौ‌द्योगिकी संबंधी कार्यों के लिए 1295.52 करोड़ रूपये की स्वीकृति आंगनवाड़ी केन्द्रों और समेकित बाल संरक्षण मिशन वात्सल्य के लिए 2,412 करोड़ रूपये की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई मंत्रि-परिषद की बैठक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास और जन-कल्याण के लिए विभिन्न विभागों की 38 हजार 555 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गई। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के व्यापारियों के कल्याण के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का ऐतिहासिक निर्णय भी लिया है। यह निर्णय प्रदेश के बुनियादी ढांचे, कृषि आत्मनिर्भरता और सामाजिक सुरक्षा को नई ऊंचाई देने के उद्देश्य से लिए गए हैं। बैठक के प्रमुख निर्णयों में 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-2031) के लिए सड़क निर्माण, ग्रामीण मार्गों के उन्नयन और शासकीय आवासों के रखरखाव के लिए सर्वाधिक 32 हजार 405 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" को मंजूरी दी गई, इसमें आगामी 5 वर्षों में 2,442.04 करोड़ रुपये व्यय कर दलहन उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त महिला एवं बाल विकास के अंतर्गत नवीन आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण और 'मिशन वात्सल्य' के सुचारू संचालन के लिए 2,412 करोड़ रुपये तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 1,295 करोड़ 52 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए मंत्रि-परिषद ने 'राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड' के गठन का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जो व्यापारियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और सरकार के साथ सीधे संवाद का सशक्त माध्यम बनेगा। यह पहल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" के लिए 2442.04 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश में "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" की आगामी 5 वर्षों 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 2442 करोड़ 04 लाख रूपये की स्वीकृति दी। योजना के क्रियान्वयन के संबंध में आवश्यक नियम/दिशा-निर्देश जारी करने के लिए किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग को अधिकृत किया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दलहन फसलों में आत्मनिर्भर बनने के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन में से दलहन फसल को पृथक कर "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" 11 अक्टूबर 2025 को प्रारंभ किया गया। भारत सरकार ने केन्द्र प्रायोजित योजना के रूप में नए मिशन "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" को मंजूरी दी है। मिशन का उददेश्य दलहनी फसलों के उत्पादन वृद्धि एवं क्षेत्रफल का विस्तार करना, किसानों के लिए जलवायु-अनुकूल उन्नत बीजों का उत्पादन एवं उपलब्धता बढ़ाना, कटाई के बाद प्रसंस्करण, भंडारण एवं प्रबंधन तकनीकों को प्रोत्साहित करना है। योजना में प्रदेश में "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" क्रियान्वयन से प्रजनक बीज, बीज उत्पादन, बीज वितरण, प्रदर्शन और ट्रेनिंग होगी। साथ ही पोस्ट हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर (प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाई) इकाई विकसित होने से कृषक लाभान्वित होगें तथा दलहनी फसलों के क्षेत्रफल में विस्तार को प्रोत्साहन मिलेगा तथा उत्पादन में वृद्धि होगी। सड़क निर्माण और आवास अनुरक्षण के लिए 32 हजार 405 करोड़ रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़क निर्माण और आवास अनुरक्षण के लिए 32,405 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार सड़क एवं सेतु के संधारण से संबंधित योजना को 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 150 करोड़ रूपये का अनुमोदन दिया गया है। इसी तरह 'एफ' टाईप एवं उससे नीचे की श्रेणी के शासकीय आवासों के अनुरक्षण के लिए 1 हजार 345 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। ग्रामीण सड़कों एवं अन्य जिला मार्गों का निर्माण और उन्नयन के लिए 24 हजार 300 करोड़ रूपये का अनुमोदन सहित सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों से जुड़ी योजना की 16वें वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 की निरंतरता के लिए 610 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गए। इलेक्ट्रॅानिक्स मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स और सूचना प्रौ‌द्योगिकी संबंधी कार्य के लिए 1295 करोड़ 52 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा विज्ञान एवं प्रौ‌द्योगिकी विभाग के अंतर्गत इलेक्ट्रॅानिक्स मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स और सूचना प्रौ‌द्योगिकी संबंधी कार्य से संबंधित योजनाओं की निरंतरता और संचालन के लिए 1295 करोड़ 52 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। स्वीकृति अनुसार आरसीबीसी , डीईजीएस और एनआईसी आदि केन्द्रों के आगामी पांच वर्षों 1 मार्च 2026 से 31 मार्च 2031 तक संचालन के लिए 244 करोड़ 20 लाख रूपये की स्वीकृति दी गई है। ई-दक्ष प्रशिक्षण कार्यक्रम अंतर्गत राज्य के सभी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। मंत्रि-परिषद द्वारा 16वें वित्त आयोग की अवधि के लिए प्रदेश में इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स की स्थापना (EMC 2.0) के लिए 225 करोड़ 32 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी। इसके अंतर्गत भोपाल के बांदीखेड़ी में 209.47 एकड़ क्षेत्र में क्लस्टर की स्थापना की जायेगी। साथ ही सूचना प्रौ‌द्योगिकी निवेश प्रोत्साहन संबंधी योजना की निरंतरता के लिए 300 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों की स्थापना एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र की सहभागिता सुनिश्चित करना तथा राज्य को आईटी एवं आईटीईएस सेवाओं के लिए आकर्षक गंत्वय के रूप में स्थापित करने के लिए पूंजीगत अनुदान कर संबंधी रियायतें, प्रशिक्षण एवं मानव संसाधन विकास तथा आईटी पार्क/ईएमसी (इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स) की स्थापना को बढ़ावा दिये जाने संबंधी कार्य किया जायेगा। इसका संचालन एमपीएसईडीसी के माध्यम से होगा। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में स्टेट वाईड एरिया नेटवर्क की स्थापना (स्वान) और संचालन संबंधी योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता के लिए 526 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। इस योजना का उद्देश्य राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर सभी शासकीय कार्यालयों को आपस में जोड़कर सुगम … Read more

महिला अध्यापकों के लिए राहत भरी खबर: जनगणना ड्यूटी में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश

चंडीगढ़. जनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षकों को आ रही बढ़ती समस्याओं के बीच संयुक्त शिक्षक एसोसिएशन (JTA) और प्रशासन के बीच हुई बैठक से कुछ राहत मिली है। प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए महिला शिक्षकों की सुरक्षा और दोहरी ड्यूटी के मुद्दे पर ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया है, जिससे आने वाले दिनों में शिक्षकों को राहत मिल सकती है। एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को चंडीगढ़ के डीसी निशांत यादव से मुलाकात कर जनगणना ड्यूटी के दौरान शिक्षकों को आने वाली समस्याओं को उठाया। बैठक में महिला शिक्षकों की सुरक्षा, फील्ड में आने वाली दिक्कतें और स्कूल ड्यूटी के साथ दोहरे कार्यभार जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए। प्रशासन ने इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) अमनदीप भट्टी के साथ बैठक में महिला शिक्षकों की सुरक्षा और कार्य परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि इन मुद्दों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। महिला शिक्षकों की सुरक्षा के मद्देनजर फील्ड ड्यूटी के दौरान बीट पुलिस कर्मियों को उनके साथ तैनात किया जाएगा। इसके अलावा वार्ड काउंसिलरों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे प्रत्येक शिक्षक के साथ एक स्थानीय सहायक उपलब्ध कराएं, ताकि फील्ड में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि जनगणना का कार्य स्कूल ड्यूटी के साथ जोड़ना व्यवहारिक नहीं है। इस पर डीसी ने भरोसा दिया कि इस मुद्दे को तुरंत शिक्षा सचिव और जनगणना विभाग के समक्ष उठाया जाएगा।

पुलिस हिरासत में भी बेखौफ हिस्ट्रीशीटर, इंस्टाग्राम पर LIVE आकर किया शोऑफ

बिलासपुर  सकरी थाने के लॉकअप से एक हिस्ट्रीशीटर का इंस्टाग्राम लाइव वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में आरोपी सिगरेट पीते हुए नजर आ रहा है। उसके साथ जेल में तीन अन्य आरोपी भी दिखाई दे रहे हैं। “किंग ऑफ बिलासपुर” बताकर किया लाइव सोमवार दोपहर इंस्टाग्राम के “जय माता दी” पेज पर यह वीडियो पोस्ट किया गया। इसमें हिस्ट्रीशीटर विक्की पांडेय लॉकअप के अंदर से लाइव होकर खुद को “किंग ऑफ बिलासपुर” बताता दिख रहा है। वीडियो में उसने सीसीटीवी कैमरे, लॉकअप के अंदर के दृश्य और थाना प्रभारी के कक्ष तक का नजारा भी दिखाया। सोशल मीडिया पर उठे सवाल दोपहर 12:30 बजे वीडियो पोस्ट होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। लोगों ने सकरी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। कई यूजर्स ने आरोपी को “पुलिस का स्पेशल मेहमान” और “जिगरी दोस्त” तक करार दिया। लॉकअप में मोबाइल और सिगरेट पर सवाल आमतौर पर लॉकअप में आरोपियों की सख्त तलाशी ली जाती है और उन्हें किसी भी प्रतिबंधित वस्तु के साथ नहीं रखा जाता। ऐसे में आरोपी के पास मोबाइल और सिगरेट का होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। यह मामला पुलिस और आरोपी के बीच संभावित मिलीभगत की ओर इशारा कर रहा है। पहले भी सामने आ चुकी हैं घटनाएं लॉकअप में सुरक्षा को लेकर पहले भी कई गंभीर घटनाएं सामने आ चुकी हैं। तीन वर्ष पहले तारबाहर थाने में श्याम मोहदीकर की मौत हुई थी। वहीं, 2016 में मुलमुला थाने में सतीश नोरगे की मौत के मामले में चार पुलिसकर्मी गिरफ्तार हुए थे। 2017 में एक छात्र ने भी लॉकअप में आत्महत्या का प्रयास किया था। पुलिस ने दी सफाई इस मामले में पुलिस अधिकारियों ने वायरल वीडियो को पुराना बताया है। हालांकि, घटना ने एक बार फिर पुलिस की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो दो साल पुराना है। मुझे थाने में आए हुए 5-6 महीने हो चुके हैं और हिस्ट्रीशीटर विक्की को सिविल लाइन थाने में दर्ज एक आपराधिक प्रकरण में सजा हो चुकी है। करीब डेढ़ वर्ष से वह जेल में है। ऐसे में वर्तमान में लॉकअप में वीडियो बनाया जाना संभव नहीं है। वायरल वीडियो पुराना है।     -विजय चौधरी, थाना प्रभारी, सकरी  

कुकरेल शिविर में उमड़ा ग्रामीणों का सैलाब

रायपुर       छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में 'सुशासन तिहार' अब जन-जन की समस्याओं के समाधान का सबसे बड़ा जरिया बन गया है। 01 मई से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत प्रशासन सीधे जनता के बीच पहुँच रहा है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक के कुकरेल में आयोजित 'समाधान शिविर' में प्रशासन की संवेदनशीलता तब दिखी, जब प्राप्त 314 आवेदनों में से 250 से अधिक का निराकरण मौके पर ही कर दिया गया। "जनता को मिले तुरंत राहत"-मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय       ​ मुख्यमंत्री  साय ने सुशासन तिहार को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि शिकायतों का निराकरण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर होना चाहिए। हर आवेदन का रिकॉर्ड ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से रखा जाए। ग्रामीणों को तहसील या जिला मुख्यालय जाने की जरूरत न पड़े, इसलिए अधिकारी खुद गाँव पहुँच रहे हैं।जो आवेदन मौके पर नहीं सुलझ पाए, उन्हें समय-सीमा (Time-limit) के भीतर निराकृत करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। ​शिविर की बड़ी बातें: जनसेवा का महाकुंभ     कुकरेल सहित दरगहन, सलोनी, केरेगांव और भोथापारा जैसे 17 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में अपनी मांगें और समस्याएं लेकर पहुंचे। कुल 314 आवेदनों में से 306 आवेदन विकास कार्यों और व्यक्तिगत मांगों से संबंधित थे, जिनमें से 262 मांगों को तत्काल मंजूरी या प्रक्रिया में लिया गया। जल संसाधन, स्वास्थ्य,राजस्व, कृषि और महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टालों पर हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ सीधे लाभान्वित किया गया।     ​  शिविर का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायतों का निपटारा करना ही नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करना भी है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक सरल और सुलभ हो गई है। प्रशासन प्रत्येक आवेदन के गुणवत्तापूर्ण निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सुशासन तिहार के तहत जिले के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।सुशासन तिहार का यह अभियान 10 जून तक अनवरत जारी रहेगा। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अगले शिविरों की रूपरेखा तैयार कर ली गई है, ताकि 'साय सरकार' के सुशासन का लाभ हर घर तक पहुँच सके।

अजमेर, सीकर और दिल्ली रोड पर छापेमारी में तेल माप में गड़बड़ी का खुलासा

जयपुर  राजस्थान की राजधानी जयपुर में अगर आप भी गाड़ी में पेट्रोल-डीजल डलवाते समय यह सोचते हैं कि तेल कम मिला है, तो आज प्रशासन ने आपकी इसी चिंता पर मुहर लगा दी है. उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा के आदेश पर जयपुर जिले के पेट्रोल पंपों की अचानक चेकिंग की गई. इस दौरान टीम को पता चला कि कुछ पंपों पर मीटर तो सही चल रहा था, लेकिन नोजल से तेल कम निकल रहा था. इस धांधली को देखते हुए विभाग ने तुरंत सख्त एक्शन लिया. हाईवे के इन तीन रास्तों पर हुई छापेमारी प्रशासन की तीन अलग-अलग टीमों ने जयपुर के सबसे व्यस्त रास्तों को निशाना बनाया. अजमेर रोड, सीकर रोड और दिल्ली रोड पर स्थित कुल 15 पेट्रोल पंपों पर टीमें अचानक नाप-तोल की मशीनें लेकर पहुंच गईं. इस औचक निरीक्षण से पंप चलाने वालों के बीच हड़कंप मच गया. अधिकारियों ने बारीकी से चेक किया कि क्या ग्राहकों को उतना ही तेल मिल रहा है जितने पैसे वे दे रहे हैं?   उपभोक्ता मामलात मंत्री श्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार, जयपुर ज़िले में पेट्रोल पंपों की जाँच का, एक व्यापक जाँच अभियान चलाया गया। विधिक माप विज्ञान अधिनियम-2009 एवं राजस्थान विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियम-2011 के अंतर्गत, तीन जाँच दलों ने जयपुर ज़िले में अजमेर रोड, सीकर गड़बड़ी मिलने पर 3 पंपों के नोजल सील जांच के दौरान टीमों ने पाया कि तीन पेट्रोल पंपों पर मीटर में हेराफेरी कर ग्राहकों की जेब काटी जा रही थी. इन पंपों पर तेल की मात्रा तय मानकों से काफी कम पाई गई. मामला साफ होते ही अधिकारियों ने उन तीनों पेट्रोल पंपों के नोजल तुरंत सील कर दिए. इसका मतलब है कि अब ये पंप तब तक तेल नहीं बेच पाएंगे जब तक इनकी मशीनों को दोबारा ठीक कर विभाग से पास नहीं करवा लिया जाता.

Gold और Silver के रेट में गिरावट, निवेशकों के लिए अलर्ट

नई दिल्ली Gold-Silver Prices Today: भारतीय सर्राफा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में आज (मंगलवार) फिर सोना-चांदी की कीमतों में  गिरावट देखने को मिली है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की आधिकारिक वेबसाइट ibjarates.com के मुताबिक, 5 मई 2026 को जारी रेट्स में सोना-चांदी सस्ता हुआ है. ताजा कीमतों की बात करें तो 999 शुद्धता वाले यानी 24 कैरेट सोने का रेट गिरावट के साथ 147557 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गया है. वहीं, चांदी का भाव भी अब 2 लाख 40 हजार रुपये प्रति किलो से नीचे है।  ibjarates.com पर सुबह जारी किए गए रेट्स के मुताबिक, 995 शुद्धता वाले यानी 23 कैरेट सोने का रेट 146966 रुपये प्रति 10 ग्राम है. वहीं, 22 कैरेट सोने का रेट 1 लाख 35 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम है।  05 May 2026 को कितने रुपये सस्ता हुआ 22-24 कैरेट सोना और चांदी?     शुद्धता सोमवार, 4 मई शाम का भाव मंगलवार, 5 मई सुबह का भाव रेट में कितना बदलाव सोना (प्रति 10 ग्राम) 999   (24 कैरेट) 148100 147557  543 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 995   (23 कैरेट) 147507 146966  541 रुपये सस्ता  सोना (प्रति 10 ग्राम) 916  (22 कैरेट)  135660 135162  498 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 750   (18 कैरेट) 111075 110668  407 रुपये सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम) 585    (14 कैरेट) 86638 86321  317 रुपये सस्ता चांदी(प्रति 1 किलो) 999      240120 239502 Advertisement     618 रुपये सस्ती बीते कारोबारी दिन यानी 4 मई को क्या था 22-24 कैरेट सोने का रेट? 24 कैरेट गोल्ड सुबह का रेट- 148357 शाम का रेट-  148100 22 कैरेट गोल्ड सुबह का रेट-  135895 शाम का रेट-  135660 इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम पूरे देश में मान्य होते हैं. केंद्रीय सरकार द्वारा घोषित छुट्टियों के अलावा ibjarates.com पर सोमवार से शुक्रवार रोज सुबह और शाम रेट जारी नहीं किए जाते हैं. गोल्ड-सिल्वर की इन कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होता और ज्वैलरी खरीदने पर मेकिंग चार्ज अलग से देने होते हैं    

बॉक्स ऑफिस क्लैश: ‘है जवानी तो इश्क होना है’ बनाम ‘पेड्डी’, प्रोड्यूसर का रिएक्शन वायरल

बॉक्स ऑफिस पर है जवानी तो इश्क होना है और पेड्डी का क्लैश नेटिजन्स को देखने को मिलेगा. अब प्रोड्यूसर ने इसपर बात की है. है जवानी तो इश्क होना है, 5 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. फिल्म में वरुण धवण, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े जैसे कलाकार हैं. खास बात यह है कि इसकी रिलीज राम चरण और जाह्नवी कपूर की फिल्म पेड्डी के ठीक एक दिन पहले यानी 4 जून को दस्तक दे रही है. दोनों के क्लैश पर निर्माता रमेश तौरानी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. पेड्डी संग है जवानी तो इश्क होना है के क्लैश पर क्या बोले प्रोड्यूसर रमेश तौरानी ने क्लियर कर दिया कि है जवानी तो इश्क होना है की तारीख बदलना संभव नहीं है. उनके मुताबिक साल में 52 हफ्ते होते हैं और हर बार किसी न किसी फिल्म का टकराव होना तय है. उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह फिल्म की रिलीज डेट में अब कोई बदलाव नहीं करने वाले हैं. कई बार बदल चुका है रिलीज डेट दरअसल, इस फिल्म की रिलीज को लेकर पहले भी कई बार बदलाव हो चुका है. फिर 29 अप्रैल को वरुण धवन ने एक नया पोस्टर जारी कर बताया कि फिल्म आखिरकार फिर से 5 जून को ही रिलीज होगी. यह बदलाव तब हुआ जब यश ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उनकी फिल्म ‘टॉक्सिक’ अब 4 जून को रिलीज नहीं होगी. इसके बाद ‘है जवानी तो इश्क होना है’ की टीम ने अपनी पुरानी तारीख पर वापस लौटने का फैसला लिया. पेड्डी की रिलीज डेट भी बदली गई वहीं दूसरी ओर Peddi की रिलीज डेट भी कई बार बदली जा चुकी है. पहले इसे 27 मार्च को रिलीज किया जाना था, फिर इसे 30 अप्रैल कर दिया गया. इसके बाद एक बार फिर इसे आगे बढ़ा दिया गया, लेकिन नई तारीख तय नहीं की गई थी. अब खबरें हैं कि मेकर्स इसे 4 जून को रिलीज करने की तैयारी में हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है.

नागिन 7 में बड़ी गलती: लाइव एपिसोड में दिखी ब्लू स्क्रीन, मचा बवाल

एकता कपूर की मशहूर फ्रेंचाइजी 'नागिन' का 7वां सीजन इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है, लेकिन इस बार वजह शो की कहानी नहीं बल्कि एक बड़ी तकनीकी लापरवाही है. प्रियंका चाहर चौधरी के लीड रोल वाले इस शो के लेटेस्ट एपिसोड में कुछ ऐसा हुआ, जिसने दर्शकों को सिर पकड़ने पर मजबूर कर दिया. दरअसल, एपिसोड के दौरान एक एक्शन सीन में मेकर्स बैकग्राउंड से 'ब्लू स्क्रीन' (क्रोमा) एडिट करना ही भूल गए. यह विजुअल सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया, जिसके बाद शो की प्रोडक्शन क्वालिटी और एडिटिंग टीम पर सवाल उठने लगे. अब इस पूरे विवाद पर खुद एकता कपूर ने अपनी रिएक्शन दिया है और बताया है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई. लाइव एपिसोड में दिखी नीली स्क्रीन रविवार को जब 'नागिन 7' का ताजा एपिसोड टेलीकास्ट हुआ, तो दर्शक तब हैरान रह गए जब एक सीन में अहाना (प्रियंका चाहर चौधरी) अपने दुश्मनों से लड़ती नजर आ रही थीं, लेकिन उनके पीछे कोई बैकग्राउंड नहीं बल्कि शूटिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली 'ब्लू स्क्रीन' (क्रोमा) साफ दिख रही थी. इतना ही नहीं, सीन में वे तार और सेटअप भी नजर आ रहे थे, जिनकी मदद से एक्टर्स को हवा में लटकाया जाता है. इंटरनेट पर एक यूजर ने इसका स्क्रीनशॉट और वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि उसे लगा शायद उसके ऐप में कोई गड़बड़ है, लेकिन बाद में समझ आया कि मेकर्स ने एडिटिंग के बिना ही कच्चा फुटेज एयर कर दिया है. सोशल मीडिया पर उड़ा मजाक इस भारी चूक के बाद सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई. रेडिट और ट्विटर पर यूजर्स ने शो का जमकर मजाक उड़ाया. एक यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा, 'शायद वे यह दिखाना चाहते थे कि वे एडिटिंग में मेहनत करते हैं और सब कुछ एआई के भरोसे नहीं छोड़ते.' वहीं एक अन्य यूजर ने मजे लेते हुए कहा कि लगता है एडिटर काम करते-करते सो गए थे या शायद उनके 'जेमिनी' की फ्री लिमिट खत्म हो गई होगी, इसलिए सीन अधूरा रह गया. कुछ लोगों ने तो यहां तक कह दिया कि नागिन इस बार दुश्मनों से नहीं बल्कि 'अवतार' फिल्म की दुनिया से मिलने चली गई है. एकता कपूर ने स्वीकारी गलती लगातार हो रही ट्रोलिंग के बाद एकता कपूर ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है.एकता कपूर ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट रीशेयर किया है जिसमें एक यूजर ने लिखा कि नागिन का ब्लू स्क्रीन मिस्टेक देखकर एकता मैम थाईलैंड से सीधे ऑफिस गईं. इस पोस्ट को रीशेयर करते हुए एकता कपूर ने कैप्शन में लिखा, 'बिल्कुल.' नागिन में AI के इस्तेमाल पर एकता मार्च में, एकता कपूर ने नागिन 7 के एपिसोड में AI के ज्यादा इस्तेमाल के लिए ट्रोलिंग पर बात की थी. अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में, एकता ने कहा था, 'मुझे अपने AI एपिसोड के लिए बहुत नफरत मिल रही है.' यह शो इंडियन टेलीविजन की सबसे लंबे समय से चल रही फ्रेंचाइजी में से एक का सातवां सीजन है. हालांकि ये सीजन जल्द ही खत्म होने वाला है.